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- नयी दिल्ली। दिल्ली के वजीराबाद इलाके में लूट की झूठी कहानी बनाकर नियोक्ता के पांच लाख रुपये हड़पने के आरोप में 34 वर्षीय युवक और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक हैदरपुर का निवासी है और उसने अपने साथ के साथ मिलकर उसके साथ लूट होने की झूठी शिकायत पुलिस को दी। सोमवार को वजीराबाद पुलिस को इलाके में लूट की सूचना मिली, जिसमें आरोपी दीपक ने बताया कि वह अपने नियोक्ता राजीव बंसल के निर्देश पर पांच लाख रुपये एकत्र कर जा रहा था, इसी दौरान बुराड़ी फ्लाईओवर के पास मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने उस पर मिर्च पाउउर फेंककर मोबाइल फोन और पांच लाख रुपये लूट लिए। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि जांच के दौरान पाया गया कि ना तो आरोपी दीपक के कपड़ों पर और ना ही वारदात स्थल पर मिर्च पाउडर मिला। उन्होंने कहा कि आरोपी बार-बार अपना बयान बदल रहा था। बाद में पूछताछ के दौरान आरोपी दीपक ने खुलासा किया कि वह अपना व्यवसाय शुरू करना चाहता था जिसके लिए उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ी। उपायुक्त ने बताया कि आरोपी दीपक और उसके साथी को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन और 4,92,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों को तब तक मास्क पहनना जारी रखना चाहिए, जब तक कि विशेषज्ञ कहें कि इसे पहनने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी देने के दौरान पूछे गए उस सवाल के जवाब में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह बात कही, जिसमें उन देशों में मास्क पहनना स्वैच्छिक किया गया है जहां 75 फीसदी से अधिक आबादी को कोविड-रोधी टीका दिया जा चुका है। ठाकुर ने अब तक टीके की खुराक नहीं लेने वाले पात्र लोगों से जल्द से जल्द टीका लगवाने की अपील की ताकि वायरस से बचाव हो सके। उन्होंने कहा कि महामारी के मद्देनजर आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर निर्णय लिए गए। मंत्री ने कहा कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन और थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ धोने जैसे उपाय महामारी से मुकाबला करने में मददगार साबित हुए। ठाकुर ने कहा, जब ऐसा महसूस किया जाएगा कि मास्क पहनने की जरूरत नहीं है तो विशेषज्ञ आपको इस बारे में बताएंगे। लेकिन, जब तक वे ऐसा नहीं कहते, तब तक मास्क अवश्य पहनें।
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हत्याकांड में बड़ा खुलासा, पत्नी ने ही करवा दी हत्या...!
इंदौर। इंदौर के पोलोग्राउंड में 13 अक्टूबर की सुबह आकाश मेडकिया की हत्या की मास्टरमाइंड उसी की पत्नी आरोपी वर्तिका निकली। यह जानकारीसीएसपी निहित उपाध्याय ने दी।
सीएसपी निहित उपाध्याय के अनुसार मर्डर केस की शुरुआती जांच पारिवारिक विवाद, लूट और कर्ज की लेनदेन जैसे एंगल पर केंद्रित थी। लेकिन, इसी बीच पुलिस के हाथ आरोपी वर्तिका और अमलतास हॉस्पिटल (देवास) में नर्सिंग हेड आरोपी डॉ. मनीष शर्मा के बीच हुई चैटिंग लग गई। पुलिस ने कडिय़ां जोड़ीं और ब्लाइंड मर्डर के किरदार एक-एक कर सामने आ गए। मामला लव ट्रायंगल का निकला। उज्जैन में बचपन की दोस्ती के बाद आरोपी वर्तिका ने आकाश से शादी की। देवास में नर्सिंग हैड से अफेयर हो गया और इंदौर में पति की हत्या करा दी। आरोपी वर्तिका, आरोपी मनीष को मिलाकर 5 आरोपी जेल में हैं।
सीएसपी निहित उपाध्याय ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि उज्जैन के फाजलपुरा में रहने वाली आरोपी वर्तिका और आकाश नर्सरी क्लास से साथ में पढ़े। दोनों के घर आसपास ही थे। एक-दूसरे को बचपन से ही चाहने लगे। परिवार राजी नहीं था, इसके बाद भी दोनों ने परिवार को मनाकर साल 2020 में शादी की। आकाश ने उज्जैन में प्रिंटिंग का काम शुरू किया, लेकिन कोरोना काल में कारोबार में मंदी आ गई और कर्ज होने पर उज्जैन छोडऩा पड़ा। डेढ़ साल पहले ही आकाश, पत्नी, भाई और मां को लेकर इंदौर आ गया। यहां वह कॉल सेंटर में जॉब करने लगा। अभी वह वर्क फ्रॉम होम था।
सीएसपी निहित उपाध्याय ने बताया कि आरोपी वर्तिका की बुआ देवास में रहती हैं। वहां अमलतास हॉस्पिटल में काम करती हैं। आरोपी वर्तिका ने उनसे बात की तो उन्होंने आरोपी वर्तिका की अपने हॉस्पिटल में उसको जॉब दिला दी। 17 हजार की तनख्वाह की नौकरी मिलने पर परिवार के लोग खुश थे। कर्ज की वजह से भी पति ने आरोपी वर्तिका को न नहीं कहा। आरोपी वर्तिका इंदौर से देवास अपडाउन करने लगी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आरोपी वर्तिका ने देवास से 15 दिन में एक बार इंदौर आने लगी। उसका तर्क था कि उसका काम बढ़ गया है, इसलिए वह देवास में रहेगी। उसे अस्पताल ने क्वार्टर दिया है। पर, हकीकत कुछ और थी। अस्पताल के नर्सिंग हेड आरोपी मनीष शर्मा से उसकी नजदीकी बढ़ चुकी थी।
सीएसपी निहित उपाध्याय ने बताया कि 2 अगस्त, 2021 को जब आरोपी वर्तिका देवास से इंदौर लौट आई, तब पति आकाश ने मनीष और उसके बीच हुई चैटिंग देख ली। दोनों में तब झगड़ा भी हुआ था। इसी केस के बाद मर्डर की प्लानिंग रची गई। -
हिसार। उकलाना के बुढाखेड़ा गांव के खेतों में 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान फतेहाबाद के सनियाना वासी विकास के रूप में हुई है। मृतक विकास का अपने मालिक आरोपी उग्रसैन के खेतों में कपास की फसल से शव मिला है। पुलिस ने जांच के बाद खुलासा किया कि विकास, आरोपी उग्रसैन के पास मुनीमी का काम करता था और उसका आरोपी मालिक की चचेरी बहन के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी के कारण विकास की हत्या की गई है।
पुलिस ने इस मामले में मृतक के बड़े भाई विक्रांत के बयान के आधार पर आरोपी उग्रसैन, उसके भाई आरोपी बंशी, आरोपी राधेश्याम और आरोपी भतीजे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक पिछले कुछ दिनों से अपने घर से गायब था। पुलिस को विकास के शव के पास से एक प्लास्टिक की शीशी में सल्फास का घोल, जेब में सल्फास का बन्द पैकेट, कुछ पैसे, एक छोटा चाकू, एक माचिस की डिब्बी, तीन टिकट वा राजु का आधार कार्ड मिला है।
पुलिस के अनुसार विक्रांत ने बताया कि उसका छोटा भाई विकास अविवाहित था। पिछले पांच-छह साल से आरोपी उग्रसैन की दुकान पर मुनीमी का काम करता था। इसी दौरान उसका आरोपी उग्रसैन की भतीजी के साथ प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया था और दोनों शादी करने के लिए भी तैयार थे, लेकिन आरोपी उग्रसैन व उसके भाई इसके सख्त खिलाफ थे।
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि 18 अक्टूबर को उनकी आपस में एक पंचायत भी हुई थी जिसमें लड़की के परिवारवालों ने कहा था कि विकास के फोन में कुछ तस्वीरें हैं वो डिलीट करवा देना अन्यथा अंजाम ठीक नहीं होगा। विक्रांत ने विकास के घर आने पर फोटो व वीडियो डिलीट करवाने की बात भी कही थी। इसके बाद बुधवार शाम को उनके पास फोन आया कि विकास का शव आरोपी उग्रसैन के खेतों में कपास की फसल में पड़ा हुआ है। जब परिवार ने आकर देखा तो वहां पर विकास का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ था। विक्रांत के अनुसार उसके भाई की आरोपी उग्रसैन व उसके आरोपी भाईयों व आरोपी भतीजों ने मिलकर हत्या की है और शव को खेतों में फेंक दिया है। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। -
गिरिडीह। तिसरी के पकडिय़ा हीर गांव के पास डोभा से संदिग्ध परिस्थिति में 60 साल की बड़की टुडू का शव बरामद किया गया। वह तिसरी के मलुकचल की रहने वाली है।
एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने अनुमंडल कार्यालय स्थित अपने कक्ष में बताया कि मारपीट के एक मामले में मृतक बड़की टुडू के पति मंझिला मरांडी व उसके पुत्र अनिल मरांडी जेल चला गया है। इसके बाद इसी थाना क्षेत्र के पंडरिया गांव के लखन बेसरा का उसके घर पर आना-जाना शुरू हो गया। आरोपी बहू लीलावती सोरेन के साथ आरोपी लखन बेसरा के अवैध संबंध की जानकारी सास बड़की को हुई। वह उसका विरोध करने लगी। इस प्रेम प्रसंग के रास्ते में रोड़ा बनने से सास को हटाने के लिए आरोपी बहू अपने आरोपी प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रची। इसके बाद 14 अक्टूबर की देर रात दोनों ने मिलकर सास की हत्या कर दी। साथ ही साक्ष्य छुपाने की नीयत से बड़की के शव को एक बड़ा पत्थर में बांधकर डोभा में डाल दिया। एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने बताया कि आरोपित महिला दो बच्चों की मां है जबकि उसका प्रेमी अविवाहित है।
एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने बताया कि प्रेसवार्ता के बाद दोनों आरोपितों को चिकित्सीय जांच कराते हुए न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। जहां से न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। प्रेसवार्ता में तिसरी इंस्पेक्टर परमेश्वर लेयांगी व थाना प्रभारी पीकू प्रसाद मौजूद थे। -
मुजफ्फरपुर। सदर थाना के एक मोहल्ले में पत्नी ने पति को जान से मारने की नीयत से छत से धकेल दिया। इसमें पति गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसके सीने में चोट लगी है। दांत भी टूट गए। परिजनों व बच्चों की मदद से उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति देखते हुए डॉक्टर ने एसकेएमसीएच रेफर कर दिया।
थानेदार सत्येंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को पीडि़त ने सदर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें पत्नी पर अवैध संबंध व हत्या की नीयत से छत से धक्का देने का आरोप लगाया है। पुलिस को पीडि़त ने बताया कि वह रविवार की शाम करीब छह बजे छत पर टहल रहा था। इस बीच उसकी पत्नी वहां पर पहुंची। दुव्र्यवहार करते हुए छत से धक्का दे दिया। इसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीडि़त ने बताया कि उसकी पत्नी का संबंध एक युवक के साथ है। उसकी पत्नी कई बार उस युवक के साथ घर छोड़कर भाग चुकी है। युवक उसकी पत्नी को बहलाता-फुसलाता है। वहीं, थानेदार सत्येंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि पति गंभीर रूप से जख्मी है। पति के आवेदन पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। -
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं तथा केंद्रीय मंत्रियों ने बुधवार को समाप्त हुई दो दिवसीय बैठक में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा की। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस बैठक का आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में आरएसएस का प्रतिनिधित्व इसके संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल और अरुण कुमार, इसकी प्रचार शाखा के प्रमुख सुनील आंबेकर तथा अन्य ने किया। इसके अलावा विद्या भारती, भारतीय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, भारतीय शिक्षा मंडल सहित विभिन्न आरएसएस-संबद्ध संगठनों और एबीवीपी के नेता भी बैठक में शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक बैठक में भाजपा का प्रतिनिधित्व इसके समन्वयक वी सतीश, महासचिव सी टी रवि और संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश ने किया। बैठक में नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विशेष रूप से छात्र दृष्टिकोण से विस्तृत चर्चा की गई जिसमें आरएसएस की विचारधारा की ओर झुकाव रखने वाले विभिन्न शिक्षाविद भी उपस्थित थे। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कैबिनेट में उनके सहयोगी राजीव चंद्रशेखर और जितेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद थे। बैठक में कौशल विकास और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं पर भी चर्चा हुई। -
जयपुर। राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई में शिकायतकर्ताओं को पूर्ण सहयोग दिये जाने के लिए एक करोड़ रूपये के कोष के गठन की स्वीकृति प्रदान की है। गृह विभाग की ओर से बजट घोषणा के अनुरूप एक करोड़ रुपये के कोष की शुरुआत के संबंध में बुधवार को आदेश जारी किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा ‘ट्रैप'' के समय आरोपी को दी जाने वाली रिश्वत की राशि कार्रवाई के बाद अदालत की संपत्ति होने के कारण जमा करवा दी जाती है। मामला अदालत में विचाराधीन रहने के कारण लंबे समय तक यह राशि शिकायतकर्ता को नहीं मिल पाती है। आदेश के अनुसार अब शिकायतकर्ता द्वारा ‘ट्रैप'' की कार्रवाई के समय दी जाने वाली रिश्वत राशि को नवगठित कोष से वापस किया जायेगा। इस कोष से रकम वापसी के लिये वे शिकायतकर्ता पात्र होंगे जिनका अनुमोदन ब्यूरो मुख्यालय स्तर पर गठित कमेटी द्वारा किया जायेगा और सक्षम स्वीकृति जारी की जायेगी। -
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम साफ होने के साथ ही केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की तीर्थयात्रा बुधवार को फिर से शुरू हो गई। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने कहा कि हालांकि बद्रीनाथ की यात्रा अभी शुरू नहीं हो सकी क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग का पीपलकोटी-जोशीनाथ-बद्रीनाथ हिस्सा कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। जैसे ही बारिश रुकी और मौसम में सुधार हुआ, केदारनाथ के रास्ते में अलग-अलग पड़ावों पर इंतजार कर रहे तीर्थयात्री मंदिर के दर्शन के लिए सोनप्रयाग पहुंचने लगे। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी बुधवार को केदारनाथ मंदिर में पवित्र शिवलिंग के दर्शन करने वाले 4,475 भक्तों में शामिल थे। गौड़ ने कहा कि कुल 1,433 तीर्थयात्रियों ने गंगोत्री की यात्रा की जबकि 2,444 तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री की यात्रा की। गौरतलब है कि उत्तराखंड में 17 से 19 अक्टूबर तक भारी बारिश की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए 18 अक्टूबर को चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। -
नयी दिल्ली। कोविड-19 से बचाव के लिए देश में जारी टीकाकरण के तहत दी गई खुराकों की संख्या 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को टीकाकरण के लिए पात्र लोगों से बिना देरी टीका लगवाने और भारत की ऐतहासिक टीकाकरण यात्रा में योगदान देने की अपील की। भारत में टीकाकरण के तहत 100 करोड़ खुराक दिए जाने का जश्न मनाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। देश में 100 करोड़ खुराक दिए जाने के अवसर पर मांडविया लाल किले से गायक कैलाश खेर का गीत और ऑडियो-विजुअल फिल्म जारी करेंगे। मांडविया ने ट्वीट किया, ‘‘देश वैक्सीन शतक बनाने के करीब है। इस स्वर्णिम अवसर के सहभागी बनने के लिए देशवासियों से मेरी अपील है कि जिनका टीकाकरण बाकी है वो तत्काल टीका लगवाकर, भारत की इस ऐतिहासिक स्वर्णिम टीकाकरण यात्रा में अपना योगदान दें।'' स्पाइसजेट 100 करोड़ खुराक की उपलब्धि हासिल होने पर बृहस्पतिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर विशेष वर्दी जारी करेगी। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और स्पाइसजेट के मुख्य प्रबंध निदेशक अजय सिंह मौजूद रहेंगे। मांडविया ने इससे पहले कहा था कि जब भारत टीके की 100 करोड़ खुराक लगाने की उपलब्धि प्राप्त करेगा तक इसकी घोषणा विमानों, पोतों, मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर की जाएगी। यह उपलब्धि प्राप्त करने की खुशी शहर में केंद्र सरकार के अस्पतालों में भी मनाई जाएगी। बुधवार शाम सवा सात बजे तक कोविन पोर्टल से प्राप्त जानकारी के मुताबिक देश में टीके की 99.54 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। करीब 75 प्रतिशत वयस्कों को टीके की कम से कम एक खुराक लग चुकी है जबकि 31 प्रतिशत आबादी को दोनों खुराक लग चुकी है। मांडविया ने कहा, ‘‘टीके की 100 करोड़ खुराक लगाने के बाद हम मिशन के तहत सुनिश्चित करेंगे कि जिन्हें पहली खुराक लग चुकी हैं उन्हें दूसरी खुराक भी लगे ताकि कोविड-19 से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।'' केंद्र ने कहा कि जिन गांवों में शत प्रतिशत टीकाकरण हो चुका हैं उन्हें 100 करोड़ खुराक लगाने की उपलब्धि मनाने के लिए इस अभियान में अहम स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा में पोस्टर बैनर लगाने चाहिए। -
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वैश्विक तेल और गैस कंपनियों को भारत आने और यहां तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में संभावना तलाशने को आमंत्रित किया। उन्होंने क्षेत्र में सरकार की ओर से किये गये सुधारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। तेल और गैस क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और विशेषज्ञों से सालाना बातचीत में उन्होंने कहा कि हम भारत को तेल और गैस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। उद्योग प्रमुखों ने ऊर्जा पहुंच, ऊर्जा को सस्ता बनाने तथा ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में सुधार को लेकर सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों की सराहना की। आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने तेल और गैस क्षेत्र में पिछले सात साल में किये गये सुधारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें खोज और लाइसेंस नीति, गैस विपणन, कोयला खानों से मिथेन निकालने (कोल बेड मिथेन), कोयले से गैस बनाने और भारतीय गैस एक्सचेंज में हाल के सुधार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत को तेल और गैस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये ऐसे सुधार जारी रहेंगे।
खोज और उत्पादन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि अब ध्यान राजस्व के बजाय उत्पादन को अधिकतम करने पर है। प्रधानमंत्री ने कच्चे तेल के लिये भंडारण सुविधाओं की जरूरत के बारे में बात की।
देश में प्राकृतिक गैस की बढ़ती मांग के बारे में बात करते हुए उन्होंने पाइपलाइन, सिटी गैस वितरण और एलएनजी रिगैसिफिकेशन टर्मिनल समेत मौजूदा और संभावित गैस बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2016 से इन बैठकों में जो सुझाव मिलते रहे हैं, उनसे तेल एवं गैस क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों को समझने में मदद मिली है। मोदी ने कहा कि भारत खुलेपन, उम्मीदों और अवसरों की भूमि है तथा नए विचारों, दृष्टिकोणों और नवोन्मेष से भरा हुआ है। बयान के अनुसार, ‘‘उन्होंने भारत के साथ तेल एवं गैस क्षेत्र में भागीदारी को लेकर उद्योग प्रमुखों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया।'' बातचीत में रोसनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन, सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर, बीपी के सीईओ बर्नार्ड लूनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी और वेदांता के प्रमुख अनिल अग्रवाल समेत दुनिया के अन्य उद्योग प्रमुख शामिल हुए। बयान के अनुसार, ‘‘मुख्य कार्यपालक अधिकारियों ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी को तेजी से अपना रहा है और वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। -
नयी दिल्ली। एक नवीनतम अध्ययन में दावा किया गया है कि उसके अध्ययन में शामिल केवल 60 प्रतिशत गर्भवर्ती महिलाएं ही पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में तीन वक्त का खाना खा सकती थीं जो महामारी के दौरान सबसे अधिक असुरक्षित आबादी के बीच भोजन की पर्याप्त उपलब्धता का अभाव प्रतिबिंबित करता है। यूनीसेफ इंडिया द्वारा भारतीय मानव विकास संस्थान (आईएचडी) की साझेदारी में किए गए अध्ययन में करीब छह हजार परिवारों ने हिस्सा लिया। अध्ययन के दौरान मई से दिसंबर 2020 के बीच चार चरणों में आंकड़े एकत्र किए गए जिनमें सात राज्य- आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश- के 12 जिलों से प्रतिभागियों को चुना गया। यह अध्ययन ‘‘सबसे असुरक्षित आबादी पर कोविड-19 का सामाजिक आर्थिक असर का आकलन- समुदाय आधारित निगरानी के जरिये'' शीर्षक से किया गया। इसमें पाया गया महामारी के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पर्याप्त भोजन का जुगाड़ करना सबसे बड़ी चुनौती थी। अध्ययन में कहा गया, ‘‘पांच में से केवल तीन महिला (60 प्रतिशत) प्रतिभागी तीन वक्त का खाना खा सकती थी जो सबसे असुरक्षित आबादी पर भोजन की उपलब्धता को लेकर दबाव को प्रतिबिंबित करता है।भोजन की अनुपलब्धता अजन्में बच्चे के पोषण को भी बुरी तरह से प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश के जलौन, ललितपुर और आगरा जिले से प्राप्त नमूने इस संदर्भ में सबसे खराब रहे।'' अध्ययन के मुताबिक एक तिहाई प्रतिभागियों ने लॉकडाउन से पूर्व के मुकबाले पिछले साल दिसंबर में आवश्यक खाद्य सामग्री जैसे सब्जी, दूध, फल और अंडे पर कम व्यय किया। अध्ययन में कहा गया, ‘‘इस कमी से बहुत संभव है कि इन प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री के सेवन में भी कमी आई और आशंका है कि इसका दुष्प्रभाव बच्चे के विकास पर भी पड़ा होगा।'' अध्ययन में रेखांकित किया गया है कि ग्रामीण समुदायों ने इस संदर्भ में अपने शहरी समकक्षों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि जून और जुलाई के बाद स्थिति में सुधार आया ।
अध्ययन के मुताबिक घर लौटे परिवार (लॉकडाउन के बाद अपने पैतृक गांवों पहुंचे परिवार) और महिला मुखिया वाले परिवार सामान्य परिवारों के मुकाबले बेरोजगार व्यक्ति और भोजन की उपलब्धता के संदर्भ में अधिक असुक्षित रहे। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘छोटे बच्चे वाले परिवारों और घर लौटै परिवारों में खाने की कमी अधिक रही जो संकेत करता है कि घर लौटे परिवारों के बच्चों के विकास पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ा़। -
जयपुर । राजस्थान के चूरू जिले के सालासर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक निजी स्कूल के शिक्षक ने कथित रूप से एक छात्र की बुरी तरह पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। थानाधिकारी संदीप विश्नोई ने बताया कि कोलासर गांव का रहने वाला 13 वर्षीय छात्र गणेश एक निजी विद्यालय में 7वीं कक्षा में पढ़ता था। छात्र द्वारा गृहकार्य नहीं किये जाने पर आरोपी शिक्षक ने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि छात्र के पिता की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक मनोज (35) को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और किशोर न्याय (बालाकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने छात्र की मौत पर दुख जताते हुए अधिकारियों को मामले की जांच करने के निर्देश दिये हैं। डोटासरा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘चूरू के सालासर के कोलासर गांव में आज एक निजी स्कूल के शिक्षक की पिटाई से 7वीं कक्षा के बच्चे की मौत होने का दुःखद समाचार मिला। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को पकड़ कर जांच शुरू कर दी है। मामले की पूरी जांच होने तक स्कूल की मान्यता निलंबित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। -
जयपुर। इनवेस्ट राजस्थान-2022' सम्मेलन जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 24 और 25 जनवरी 2022 को होगा। इस दो दिन के सम्मेलन में दुनिया भर से निवेशकों को बुलाया जाएगा। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बताया कि जनवरी में होने वाले 'इनवेस्ट राजस्थान-2022' शिखर सम्मेलन से राज्य में निवेश के माहौल को बढ़ावा मिलेगा। आर्य बुधवार को यहां सम्मेलन के लिए उद्योग विभाग द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं, इसे ध्यान में रखते हुए निवेश के लिए घरेलू व विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार, पर्यटन के नए अवसरों को बढ़ावा मिले। बैठक में उद्योग सचिव आशुतोष पेडणेकर ने कहा कि सम्मेलन में प्रवासी राजस्थानी, घरेलू व विदेशी निवेशकों की भागीदारी से निवेश बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री और मंत्री रोड शो कर निवेशकों को सम्मेलन के लिए आमंत्रित करेंगे। - नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार अगले छह-आठ महीनों में सभी वाहन विनिर्माताओं से यूरो-छह उत्सर्जन मानदंडों के तहत फ्लेक्स-ईंधन इंजन बनाने के लिए कहेगी। फ्लेक्स-ईंधन या लचीला ईंधन, गैसोलीन और मेथनॉल या एथनॉल के संयोजन से बना एक वैकल्पिक ईंधन है।एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने आगे कहा कि अगले 15 वर्षों में भारतीय वाहन उद्योग 15 लाख करोड़ रुपये का होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम यूरो-छह उत्सर्जन मानदंडों के तहत फ्लेक्स-ईंधन इंजन के निर्माण की अनुमति देने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा देने की योजना बना रहे थे ... लेकिन अब मुझे लगता है कि हम सभी वाहन विनिर्माताओं से अगले 6-8 महीनों में यूरो-छह उत्सर्जन मानदंडों के तहत फ्लेक्स-ईंधन इंजन (जो एक से अधिक ईंधन पर चल सकता है) बनाने के लिए कहेंगे।'' गडकरी ने दावा किया कि सभी वाहन विनिर्माताओं के लिए फ्लेक्स-ईंधन इंजन बनाना अनिवार्य होने के बाद वाहनों की लागत नहीं बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत हरित हाइड्रोजन का निर्यात करने में सक्षम होगा।
- नयी दिल्ली। एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की कंपनी रोल्स रॉयस ने बुधवार को कहा कि वह भारतीय नौसेना के 'फ्लीट ऑफ द फ्यूचर' के लिए इलेक्ट्रिक युद्धपोतों के विकास के लिए उसके साथ साझेदारी करने को इच्छुक है। रोल्स रॉयस ने एक बयान में कहा कि कंपनी भारतीय नौसेना के ग्राहकों को ब्रिटेन के आगामी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप टूर के तहत भारत की नौसेना आधुनिकीकरण आवश्यकताओं के लिए अनुकूलित बिजली और प्रणोदन समाधान के डिजाइन, निर्माण और वितरित करने की अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। रोल्स-रॉयस के अध्यक्ष (भारत और दक्षिण एशिया), किशोर जयरामन ने कहा कि कैरियर स्ट्राइक ग्रुप टूर कंपनी के लिए नौसेना बिजली और प्रणोदन में दशकों के नवाचार के परिणामों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि भारत ने अपने भविष्य के बेड़े की कल्पना की है, देश के रक्षा आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करने की हमारी प्रतिबद्धता हमेशा की तरह दृढ़ है।'
- नयी दिल्ली। एक नवीनतम अध्ययन में दावा किया गया है कि उसके अध्ययन में शामिल केवल 60 प्रतिशत गर्भवर्ती महिलाएं ही पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में तीन वक्त का खाना खा सकती थीं जो महामारी के दौरान सबसे अधिक असुरक्षित आबादी के बीच भोजन की पर्याप्त उपलब्धता का अभाव प्रतिबिंबित करता है। यूनीसेफ इंडिया द्वारा भारतीय मानव विकास संस्थान (आईएचडी) की साझेदारी में किए गए अध्ययन में करीब छह हजार परिवारों ने हिस्सा लिया। अध्ययन के दौरान मई से दिसंबर 2020 के बीच चार चरणों में आंकड़े एकत्र किए गए जिनमें सात राज्य- आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश- के 12 जिलों से प्रतिभागियों को चुना गया। यह अध्ययन ‘‘सबसे असुरक्षित आबादी पर कोविड-19 का सामाजिक आर्थिक असर का आकलन- समुदाय आधारित निगरानी के जरिये'' शीर्षक से किया गया। इसमें पाया गया महामारी के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पर्याप्त भोजन का जुगाड़ करना सबसे बड़ी चुनौती थी। अध्ययन में कहा गया, ‘‘पांच में से केवल तीन महिला (60 प्रतिशत) प्रतिभागी तीन वक्त का खाना खा सकती थी जो सबसे असुरक्षित आबादी पर भोजन की उपलब्धता को लेकर दबाव को प्रतिबिंबित करता है।भोजन की अनुपलब्धता अजन्में बच्चे के पोषण को भी बुरी तरह से प्रभावित किया। उत्तर प्रदेश के जलौन, ललितपुर और आगरा जिले से प्राप्त नमूने इस संदर्भ में सबसे खराब रहे।'' अध्ययन के मुताबिक एक तिहाई प्रतिभागियों ने लॉकडाउन से पूर्व के मुकबाले पिछले साल दिसंबर में आवश्यक खाद्य सामग्री जैसे सब्जी, दूध, फल और अंडे पर कम व्यय किया। अध्ययन में कहा गया, ‘‘इस कमी से बहुत संभव है कि इन प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री के सेवन में भी कमी आई और आशंका है कि इसका दुष्प्रभाव बच्चे के विकास पर भी पड़ा होगा।'' अध्ययन में रेखांकित किया गया है कि ग्रामीण समुदायों ने इस संदर्भ में अपने शहरी समकक्षों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि जून और जुलाई के बाद स्थिति में सुधार आया ।अध्ययन के मुताबिक घर लौटे परिवार (लॉकडाउन के बाद अपने पैतृक गांवों पहुंचे परिवार) और महिला मुखिया वाले परिवार सामान्य परिवारों के मुकाबले बेरोजगार व्यक्ति और भोजन की उपलब्धता के संदर्भ में अधिक असुक्षित रहे। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘छोटे बच्चे वाले परिवारों और घर लौटै परिवारों में खाने की कमी अधिक रही जो संकेत करता है कि घर लौटे परिवारों के बच्चों के विकास पर अधिक दुष्प्रभाव पड़ा़।'
- नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत आनुवंशिक रूप से परिष्कृत (जीएम) चावल का निर्यात नहीं करता है क्योंकि देश में ऐसी फसल की कोई व्यावसायिक किस्म नहीं है और इसकी खेती भी यहां प्रतिबंधित है। वाणिज्य मंत्रालय का स्पष्टीकरण भारत से कथित जीएम चावल से जुड़ी खाद्य वस्तुओं के निर्यात की खेप को वापस लेने के संबंध में एक रिपोर्ट के बाद आया है। मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जा सकता है कि भारत में जीएम चावल की कोई व्यावसायिक किस्म नहीं है, वास्तव में भारत में चावल की वाणिज्यिक जीएम खेती प्रतिबंधित है। भारत से जीएम चावल के निर्यात का कोई सवाल ही नहीं है।'' मंत्रालय ने इस विशेष घटना, जिसके बारे में यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा रैपिड अलर्ट के माध्यम से रिपोर्ट किया गया था, के संदर्भ में आगे कहा, जीएमओ संदूषण चावल के आटे में पाए जाने का संदेह है जिसे यूरोपीय संघ में प्रसंस्कृत किया गया था और वे स्वयं संदूषण के सटीक स्रोत के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं। विभाग ने कहा कि भारत से निर्यात किया गया टूटा सफेद चावल यूरोपीय संघ में वास्तविक प्रसंस्करणकर्ता तक पहुंचने से पहले कई हाथों से गुजर चुका था। निर्यातक ने पुष्टि की है कि निर्यातित चावल गैर-जीएम फसल था। विभाग ने कहा, ‘‘चूंकि, भारत में जीएम की कोई व्यावसायिक किस्म नहीं है, निर्यात खेप को भेजने के पहले यथोचित परीक्षण भी किया गया था। भारत द्वारा निर्यात किए गए सफेद चावल के कारण जीएमओ संदूषण की संभावना संभव नहीं है।'' मंत्रालय ने कहा कि भारत सख्ती के साथ गैर-जीएम चावल का निर्यात कर रहा है।बयान में कहा गया है कि भारत में ‘जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रेजल कमेटी' (जीईएसी) के विशेषज्ञ और आईएआरआई के कृषि विशेषज्ञ और साथ ही अन्य चावल विशेषज्ञ, इस मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन इस बात की फिर से पुष्टि कर रहे हैं कि देश में वाणिज्यिक जीएम किस्म के चावल नहीं उगाए जाते हैं।
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनल को देश में इनमारसैट के ग्लोबल एक्सप्रेस (जीएक्स) मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवाओं की पेशकश को लेकर लाइसेंस मिला है। इससे इनमारसैट टर्मिनल का उपयोग कर एयरलाइन के लिये उड़ानों के दौरान तथा समुद्री जहाजों को उच्च गति की संपर्क सुविधा दी जा सकेगी। ब्रिटेन की मोबाइल सैटेलाइट संचार कंपनी इनमारसैट ने बुधवार को यह घोषणा की।इनमारसैट इंडिया के प्रबंध निदेशक गौतम शर्मा ने कहा कि स्पाइसजेट लि. और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया पहले ही नई जीएक्स सेवाओं के लिये समझौते कर चुकी हैं। इससे 50 एमबीपीएस की क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। शर्मा के अनुसार, जीएक्स सेवा की शुरुआत के साथ भारतीय घरेलू एयरलाइंस और अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां देश के ऊपर से उड़ान के दौरान उच्च गति की संपर्क सुविधा प्रदान कर सकेंगी। साथ ही यात्री इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे, सोशल मीडिया मंचों का उपयोग कर सकेंगे और ई-मेल आसानी से भेज सकेंगे। इतना ही नहीं वे उड़ान के दौरान ऐप के जरिये कॉल भी कर सकेंगे। इनमारसेट द्वारा जारी बयान में स्पाइसजेट ने कहा कि वह इस साल के अंत तक नये बोइंग 737 मैक्स विमान पेश करने के साथ अपने यात्रियों को महत्वपूर्ण संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने को उत्सुक है।बयान के अनुसार बीएसएनएल को दूरसंचार विभाग से मिले उड़ान और समुद्री संपर्क लाइसेंस (आईएफएमसी) के तहत जीएक्स सेवाएं सभी भारतीय ग्राहकों के लिये उपलब्ध होंगी। यह घोषणा महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसका मतलब है कि भारतीय विमानन कंपनियां देश और विदेश में उड़ान के दौरान संपर्क सुविधा के लिये जीएक्स का उपयोग कर सकेंगी। साथ ही इससे भारतीय समुद्र क्षेत्र में काम करने वाली देश की वाणिज्यिक कंपनियां जहाजों के बेहतर संचालन और चालक दल से जुड़ी कल्याण सेवाओं के लिए अपने जहाजों में डिजिटलीकरण को बढ़ाने में सक्षम होंगी।बीएसएनएल (भारत संचार निगम लि.) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने कहा कि इस सेवा के लिये शुल्क का निर्धारण अभी नहीं किया गया है। यह पूछे जाने पर कि ये सेवाएं कब शुरू होंगी, उन्होंने कहा, ''हमारी तरफ से बीएसएनएल नवंबर से इन सेवाओं के साथ पूरी तरह से तैयार होगी।'' बीएसएनएल को मिले लाइसेंस के तहत जीएक्स सेवाएं सरकार और अन्य उपयोगकर्ताओं को पेश की जाएंगी। ग्राहकों तथा भागीदारों के लिये सेवाओं की पेशकश चरणबद्ध तरीके से होगी।
- कोटा । राजस्थान के कोटा जिले के मोरपा गांव में जमीन विवाद को लेकर बुधवार सुबह कुछ लोगों ने 62 वर्षीय एक व्यक्ति की लाठियों से पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। मृतक के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने गांव के 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। मृतक की पहचान कोटा जिले के कैथून थाना के अंतर्गत मोरपा गांव निवासी राजाराम मीणा के रूप में हुई है।इलाके के क्षेत्राधिकारी नेत्रपाल सिंह के मुताबिक बुधवार तड़के लाठियों से लैस करीब 10 लोग राजाराम मीणा के घर में घुस आए और उसे बुरी तरह से पीटकर वहां से फरार हो गए। राजाराम को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम के बाद उसका शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया। पुलिस जांच से पता चला है कि राजाराम को लगभग आठ साल पहले प्रतिद्वंद्वी समूह के एक परिवार के सदस्य की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और हाल ही में वह अपनी सजा की अवधि पूरी करने के बाद जेल से बाहर आया था। पुलिस राजाराम की हत्या में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने का प्रयास कर रही है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि भारत को किसी पर हमले के लिये नहीं बल्कि स्वयं की रक्षा के लिये वैश्विक शक्ति बनने की जरूरत है। उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक विस्तारवादी शक्ति नहीं है और छोटे पड़ोसियों पर हमला करने का इरादा नहीं रखता है। गडकरी ने कहा, ‘‘हमें भारत को वैश्विक शक्ति बनाने की जरूरत है...हमें शक्तिशाली बनने की जरूरत है अैर यह किसी पर हमले के लिये नहीं है।'' मंत्री ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘हम गरीब आबादी के साथ धनी देश हैं। हमें समृद्ध आबादी के साथ समृद्ध देश बनने के लिये काम करने की जरूरत है।'' गडकरी ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने ब्रिटिश साम्राज्य को हिलाकर रख दिया था और उनका जीवन तथा कार्य आज भी लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि भारत की नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली अतीत के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है।
- उत्तरकाशी। हिमाचल प्रदेश में चितकुल की यात्रा पर गए आठ ट्रेकर और उनके साथ गए तीन रसोइये लापता हो गए हैं। एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि ग्यारह लोगों का दल उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हर्सिल होते हुए चितकुल की यात्रा पर गया था। टीम में कोलकाता के सात और दिल्ली का एक पर्यटक शामिल था। यह टीम 11 अक्टूबर को हर्सिल से चितकुल के लिए रवाना हुई थी और उसे 19 अक्टूबर को वहां पहुंचना था। पटवाल ने कहा कि जब यह टीम मंगलवार को चितकुल नहीं पहुंची, तो चिंतित ट्रेक आयोजकों ने उत्तरकाशी जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय को सूचित किया। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ की एक टीम हेलीकॉप्टर से लापता ट्रेकर्स का पता लगाने और उन्हें बचाने की तैयारी कर रही है। टीम के सदस्यों की पहचान दिल्ली की अनीता रावत (38) और कोलकाता के निवासियों मिथुन दारी (31), तन्मय तिवारी (30), विकास मकल (33) सौरव घोष (34) सावियन दास (28), रिचर्ड मंडल (30) और सुकेन मांझी (43) के रूप में हुई है। खाना पकाने वाले कर्मचारियों की पहचान देवेंद्र (37), ज्ञान चंद्र (33) और उपेंद्र (32) के रूप में हुई है। सभी उत्तरकाशी के पुरोला के रहने वाले हैं।
- नयी दिल्ली। विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले कम से कम 52 प्रतिशत विद्यार्थी विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के मुकाबले विशिष्ट पाठ्यक्रमों को तरजीह दे रहे हैं। एक नवीनतम अध्ययन में यह जानकारी दी गई है। वैश्विक वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी वेस्टर्न यूनियन द्वारा नीलसन आईक्यू द्वारा कराए गए अध्ययन के नतीजों के मुताबिक अब 64 प्रतिशत विद्यार्थी उन देशों और विश्वविद्यालयों को पढ़ाई के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं जहां पर प्रवेश परीक्षा या अंग्रेजी में पांरगत होने की अनिवार्यता नहीं है। अध्ययन में कहा गया, ‘‘विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों में आश्चर्य करने वाली परिपाटी देखने को मिल रही है, अब अधिकतर (52 प्रतिशत) विद्यार्थी चुनाव के लिए विशिष्ट पाठ्यक्रम को प्राथमिकता दे रहे हैं, बजाय के विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा को। विद्यार्थी उन पाठ्यक्रमों में प्रवेश चाहते हैं जो हटकर हैं लेकिन धीरे-धीरे महत्व प्राप्त कर रहे हैं और इसके लिए वे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के समूहों से परे देख रहे हैं जो इस तरह के पाठ्यक्रमों की पेशकश नहीं करते।'' अध्ययन में कहा गया,‘‘ इसका संबंध बाधा से भी है, परीक्षा उत्तीर्ण करना विद्यार्थियों (64 प्रतिशत के लिए) की सबसे बड़ी बाधा है, जिससे वे उन देशों और विश्वविद्यालयों को चुन रहे हैं जहां पर प्रवेश परीक्षा नहीं होती और अंग्रेजी में पारंगत होना अनिवार्य नहीं है। धन संबंधी चिंता खासतौर पर वित्त और वित्तीय योजना अहम बाधा है जो विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों ने व्यक्त की और बताया कि पूरी प्रक्रिया को तय करने में यह अहम भूमिका निभाती है।'' ‘‘एजेुकेशन ओवरसीज- ऐन इवोलविंग जर्नी' शीर्षक से किए गए अध्ययन में करीब आधे (45 प्रतिशत) विद्यार्थियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता ‘आत्म निर्भरता' और ‘अपनी शर्तों पर जीने'' का अवसर विदेश में पढ़ाई की प्रेरणा देते हैं। अध्ययन के मुताबिक, ‘‘पूर्व की परिपाटी के विपरीत अब प्रत्येक पांच विद्यार्थी में से एक (22 प्रतिशत) अध्ययन के लिए आयरलैंड, तुर्की और स्पेन जैसे गैर पारंपरिक स्थानों को प्राथमिकता दे रहा है। पारंपरिक पाठ्यक्रमों के मुकबाले डाटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमता, डिजिटल विपणन, साइबर सुरक्षा, नैतिक हैकिंग और इकोटेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता प्राथमिकता बन रही है और करीब 52 प्रतिशत विद्यार्थी इन विषयों की विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक हैं।'' अध्ययन के मुताबिक, ‘‘महामारी की वजह से शुरू हुई हाइब्रिड पढ़ाई (ऑनलाइन और ऑफलाइन) मुख्य धारा में आ गई है और अब 46 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। विद्यार्थी अब नौकरी और बेहतर शिक्षा के बजाय अन्य संस्कृतियों को जानने (43 प्रतिशत) के लिए यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं।'' गौरतलब है यह अध्ययन 807 लोगों के जवाब पर आधारित हैं जिनमें 12 शहरों के विद्यार्थी, उनके माता-पिता, दादा-दादी और करियर परामर्शदाता शामिल हैं। यह सर्वेक्षण जनवरी से जून महीने के बीच किया गया।
- देहरादून। उत्तराखंड में नैनीताल जिले की उफनती गोला नदी में फंसे एक हाथी के संघर्ष ने सभी लोगों ध्यान खींचा। वायरल हुए एक वीडियो में नदी में फंसा हाथी निकलने के लिए प्रयास करता नजर आया। उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद सोशल मीडिया पर मंगलवार को वायरल हुए वीडियो में हाथी नदी के पानी में दिखाई दे रहा है जो अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से फंस गया। असहाय हाथी नदी से निकलने के लिए तैरने के लिए संघर्ष कर रहा था और इस दौरान नदी के किनारे पर लोगों की भीड़ लग गई जो अपने मोबाइल फोन में इस घटना को कैद करने लगे। मुख्य वन्यजीव वार्डन जे एस सुहाग ने कहा, '' नदी में हाथी के फंसे होने की सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया। हालांकि, वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही हाथी तैरकर किनारे पर आ गया था।'' उन्होंने कहा कि नैनीताल और आसपास के क्षेत्र के वनकर्मियों को सतर्क रहने को कहा गया है ताकि अगर कहीं भी किसी जानवर के फंसे होने की जानकारी मिलने पर तत्काल बचाव अभियान चलाया जा सके। तिराई पूर्व के संभागीय वन अधिकारी संदीप ने कहा कि हाथी हलदू चौर और देवरामपुरा के बीच नदी में फंस गया था। उन्होंने कहा कि बाद में हाथी को सुरक्षित वन में पहुंचाया गया।
- देहरादून/नयी दिल्ली। उत्तराखंड में प्रशासन ने पिछले दो दिनों से जारी बारिश के कारण हुए नुकसान का बुधवार को जायजा लिया और राहत एवं पुनर्वास कार्य तेज किया। राज्य में रविवार रात से जारी वर्षा जनित आपदा से अब तक कम से कम 46 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 अन्य लापता हैं। प्रशासन ने बुधवार को कई स्थानों पर सड़क पर यातायात की बहाली सुनिश्चित की। हालांकि, दूर-दराज के गांवों में अभी भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। राज्य का कुमाऊं क्षेत्र बारिश से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है जिससे घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, कुछ पुल बह गए और मलबे में कई लोग फंसे हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने कहा कि उसने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 1,300 से ज्यादा लोगों को बचाकर निकाला है और बचाव दल की टीमों की संख्या बढ़ाकर 15 से 17 कर दी है। एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने कहा, “अब तक एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने उधम सिंह नगर और नैनीताल से 1,300 से ज्यादा लोगों को निकाला है। वे उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भी वितरित कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि उधम सिंह नगर में छह, उत्तरकाशी और चमोली में दो-दो तथा देहरादून, चम्पावत, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में एक-एक टीम को तैनात किया गया है। बुधवार सुबह से मौसम साफ रहा लेकिन प्रशासन को मलबे में दबे लोगों को बचाकर निकालने, सड़कों पर यातायात बहाली और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुमाऊं के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए। भारी बारिश के कारण बेहाल नैनीताल में बुधवार को हालात सामान्य होते दिखे। भारी बारिश के कारण सड़के अवरुद्ध होने से जहां नैनीताल का उत्तराखंड के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया था, वहीं पर्यटक भी होटलों में कैद रहने को मजबूर हो गए थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में हालात का जायजा लेने के लिए बुधवार शाम को राजधानी देहरादून का दौरा कर सकते हैं। गोला नदी में उफान के चलते नैनीताल में काठगोदाम रेलवे की पटरियों को नुकसान पहुंचा है। जिले में अब तक कम से कम 29 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि काठगोदाम में क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत में चार या पांच दिन लग सकते हैं। नैनीताल में बुधवार सुबह हालात सामान्य हुए और बारिश थमने से पर्यटक बाजार में शॉपिंग करने और पर्यटन के लिए निकले। शहर में टैक्सियां आम दिनों की तरह चलती दिखाई दीं। उत्तर प्रदेश से आए एक पर्यटक ने कहा, ''मंगलवार को लगातार बारिश होने के कारण हम अपने होटल में ही बंद रहने को मजबूर हुए।'' बुधवार सुबह तक सड़क से पानी लगभग पूरी तरह हट चुका था। नैनी झील के उफना जाने से पानी सड़कों पर आ गया था और जलभराव से चलना मुश्किल हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि शहर में बारिश के कारण प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति और फोन सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। हालांकि, दूर-दराज के गांवों में अभी आपूर्ति प्रभावित है। नैनीताल के जिलाधिकारी धीरज गर्बियाल ने कहा कि मौसम में सुधार के साथ ही दिन के दौरान राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के प्रयास किए गए। वहीं, नैनीताल से जुड़ने वाले हल्द्वानी और कालाडूंगी मार्ग को आंशिक रूप से यातायात के लिए खोल दिया गया है। इन मार्गों से सोमवार को पूरी तरह जबकि मंगलवार को आंशिक तौर पर संपर्क टूट गया था। कुछ स्थानों पर भूस्खलन की आशंका के चलते नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर केवल हल्के वाहनों की आवाजाही बहाल की गई है।

















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