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- नयी दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) ने भारत और ब्रिटेन के बीच संचालित होने वाली विशेष उड़ानों की सीमा 16 अगस्त से प्रति सप्ताह 30 से बढ़ाकर 60 कर दी है। मंत्रालय का यह फैसला केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के सचिव संजीव गुप्ता द्वारा ट्विटर पर शिकायत किए जाने के पांच दिन बाद आया है। गुप्ता ने शिकायत की थी कि 26 अगस्त के लिए ‘ब्रिटिश एयरवेज‘, ‘एअर इंडिया' और ‘विस्तारा' की दिल्ली-लंदन उड़ानों की ‘इकोनॉमी-क्लास' की एक टीकट की कीमत 1.2 लाख रुपये से 3.95 लाख रुपये की आ रही है। गुप्ता की शिकायत के बाद, ‘विस्तारा' ने रविवार को कहा था कि मूल्य निर्धारण हमेशा आपूर्ति और मांग पर निर्भर करता है। एमओसीए ने बृहस्पतिवार को कहा कि उड़ानों की बढ़ी हुई सीमा ‘‘ 16 अगस्त 2021 से लागू होगी और यह अगले आदेश तक या निर्धारित अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं के सामान्य रूप से बहाल होने तक जारी रहेगी।'' उसने कहा, ‘‘ भारतीय वाहकों के लिए अभी तक उपलब्ध प्रति सप्ताह 30 उड़ानों में से 26 उड़ाने ‘एअर इंडिया' की और शेष चार उड़ानें ‘विस्तारा' की हैं।'' कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण पिछले साल 23 मार्च से भारत में निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। भारत, ब्रिटेन सहित 28 देशों के साथ ‘एयर बबल' व्यवस्था के तहत जुलाई 2020 से सीमित विशेष अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानें संचालित कर रहा है।-file photo
- नई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा कई क्षेत्रों में कब्जा करने के बीच भारत ने गुरुवार को कहा कि अफगानिस्तान की स्थिति चिंता का विषय है और वह वहां समग्र एवं तत्काल संघर्ष विराम की उम्मीद करता है । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यह बात कही । उन्होंने कहा, हम अफगानिस्तान में सभी पक्षकारों से सम्पर्क में है और इस युद्धग्रस्त देश में जमीनी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं । उन्होंने कहा कि भारत दोहा में अफगानिस्तान के मुद्दे पर क्षेत्रीय सम्मेलन में कतर के निमंत्रण पर हिस्सा ले रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, अफगानिस्तान में स्थिति चिंता का विषय है। यह स्थिति तेजी से उभरती है । हम वहां समग्र एवं तत्काल संघर्ष विराम की उम्मीद करते हैं । प्रवक्ता ने कहा, हम चाहते हैं कि वहां (अफगानिस्तान) में शांति हो ताकि वहां दीर्घकालिक विकास हो सके । बागची ने कहा कि सभी पक्षकारों को इस दृष्टि से काम करना चाहिए ताकि अफगान-नेतृत्व वाली, अफगान-स्वामित्व वाली और अफगान-नियंत्रित व्यवस्था हो। अफगानिस्तान के संबंध में भारतीय उच्चायोग के परामर्श के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह परामर्श वहां भारतीय नागरिकों के लिये जारी किये गए थे ।उल्लेखनीय है कि नए परामर्श में काबुल में भारतीय दूतावास ने अफगानिस्तान में काम कर रही भारतीय कंपनियों को देश से हवाई यात्रा सेवाओं को बंद करने से पहले अपने भारतीय कर्मचारियों को परियोजना स्थलों से तुरंत वापस लाने की सलाह दी थी।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को को कहा कि पिछले सात सालों में स्वयं सहायता समूहों में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और इस दौरान उन्होंने ऋण की राशि लौटाने में अभूतपूर्व काम किया है, जिसकी वजह से डूबत ऋण का प्रतिशत नौ से घटकर आज दो से ढाई प्रतिशत के बीच रह गया है।‘‘आत्मनिर्भर नारी-शक्ति से संवाद’’ नाम से आयोजित एक कार्यक्रम में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं-सहायता समूहों की महिला सदस्यों के साथ संवाद के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह बात कही।इस अवसर पर उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सफलता की कहानी के संक्षिप्त विवरण तथा कम व छोटी जोत वाली खेती से आजीविका पर एक पुस्तिका भी जारी की। साथ ही उन्होंने चार लाख स्व-सहायता समूहों को 1,625 करोड़ रुपये की सहायता राशि और पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएमएफएमई) के तहत आने वाले 7,500 स्व-सहायता समूहों को 25 करोड़ रुपये की आरंभिक धनराशि भी जारी की। पीएमएफएमई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजना है।इसी तरह प्रधानमंत्री ने मिशन के तहत आने वाले 75 एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को 4.13 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश भर में लगभग 70 लाख स्वयं सहायता समूह हैं, जिनसे लगभग आठ करोड़ बहनें जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पिछले छह-सात सालों के दौरान स्वयं सहायता समूहों में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और तीन गुना बहनों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह और दीन दयाल अंत्योदय योजना ग्रामीण भारत में नयी क्रांति ला रही हैं और यह स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों से संभव हुआ है।प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अनेक वर्षों तक महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की कोशिश ही नहीं की गई।उन्होंने कहा, ‘‘आज 42 करोड़ जनधन खाते हैं और इनमें 55 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं। अब उन्हें रसोई के डिब्बे में पैसे नहीं रखने पड़ते बल्कि उनके पैसे सीधे बैंक के खाते में जमा हो रहे हैं। हमने बैंक खाते भी खोले और ऋण लेना भी आसान किया।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले सात सालों में स्वयं सहायता समूहों ने ऋण वापसी को लेकर बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था कि इस ऋण का नौ प्रतिशत डूबत ऋण हो जाया करता था...राशि वापस ही नहीं हो पाती थी... अब यह घटकर दो-ढाई प्रतिशत रह गयी है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए अब उन्हें 20 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘पहले यह राशि 10 लाख रुपए थी जो अब दोगुनी कर दी गई है।’’उन्होंने कहा कि आज आत्मनिर्भर भारत अभियान को देश की आत्मनिर्भर नारी शक्ति नयी ताकत दे रही है और इससे उन्हें भी प्रेरणा मिल रही है।उन्होंने महिलाओं की सराहना करते हुए कहा, ‘‘संवाद के दौरान मैं उनका आत्मविश्वास अनुभव कर रहा था। उनके अंदर आगे बढ़ने की ललक और कुछ करने का जज्बा है जो हम सबके लिए प्रेरक हैं। इससे हमें देश में चल रहे नारी शक्ति के सशक्त आंदेालन की झलक मिलती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जिस प्रकार से महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से देशवासियों की सेवा की, वह अभूतपूर्व है। मास्क और सेनेटाइजर बनाना हो, जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाना हो या जागरूकता का काम हो, हर प्रकार से इन समूहों का योगदान अतुलनीय रहा है।इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री गिरिराज सिंह, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और फग्गन सिंह कुलस्ते, पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे।ज्ञात हो कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के गरीब ग्रामीण परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ना है। यह क्रमबद्ध तरीके से किया जाता है और गांव के गरीबों को लंबे समय तक सहायता दी जाती है ताकि वे अन्य तरह से भी अपनी आजीविका प्राप्त कर सकें, अपनी आय और जीवन के स्तर में सुधार ला सकें।
- जींद। हरियाणा में जींद के जुलाना स्थित गौशाला के पास स्थित तालाब में डूबने से छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस के मुताबिक, छह वर्षीय केशव मंगलवार को अपने पिता अनिल के साथ तालाब में भैंसों को पानी पिलाने के लिए गया हुआ था। कुछ भैंस तालाब से जल्दी निकल गईं और कुछ भैंस तालाब में ही रह गईं। अनिल तालाब से निकली भैंसों को लेकर घर आ गया और केशव को वहीं छोड़ आया ताकि दूसरी भैसों को साथ ले आए। पुलिस के मुताबिक, अचानक बच्चे का पांव फिसल गया और वह पानी में डूब गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे की मशक्त के बाद केशव के शव को तालाब से निकाला जा सका।-file photo
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बुधवार को एक बस और अन्य वाहनों के भूस्खलन की चपेट में आने से दस लोगों की मौत हो गई तथा 13 अन्य को बचा लिया गया जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। किन्नौर जिला उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि मलबे से अब तक दस शव निकाले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे कई अन्य लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान जारी है। राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि किन्नौर जिले में निचार तहसील अंतर्गत निगुलसारी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या पांच पर चौरा गांव में दोपहर के समय भूस्खलन और पहाड़ से पत्थर गिरने की घटना हुई। उन्होंने कहा कि एक यात्री वाहन, एक टाटा सूमो के मलबे में दबे होने का पता चला और उसमें आठ लोग मृत पाए गए। मोख्ता ने कहा कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस, जो दुर्घटना के समय रिकांग पियो से शिमला होते हुए हरिद्वार जा रही थी, अभी भी यात्रियों के साथ मलबे में दबी हुई है। अधिकारियों ने कहा कि एक कार आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एक अन्य पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि बचाव दल क्रेन की मदद से उन्हें मलबे से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पत्थर गिरने से एक ट्रक नदी किनारे लुढ़क गया और चालक का शव बरामद कर लिया गया है।इससे पहले, भावनगर के थानाप्रभारी ने कहा कि लगभग 25 से 30 लोग मलबे में दबे हुए हैं।राज्य के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मरने वालों में पांच महिलाएं और एक बच्चा शामिल है।मोख्ता ने बताया कि मृतकों में से दो की पहचान शिमला जिले के रामपुर के कैया गांव निवासी रोहित कुमार (25) और हमीरपुर जिले के सुजानपुर के झोल गांव निवासी विजय कुमार (32) के रूप में हुई है। एसएचओ ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नूरपुर से एनडीआरएफ को तलाशी एवं बचाव अभियान चलाने के लिए बुलाया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय पुलिस के सदस्य, होमगार्ड, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, त्वरित प्रतिक्रिया दल (पुलिस) और चिकित्सा दल सहित खोज और बचाव दल घटना स्थल पर हैं। उन्होंने कहा कि दस एम्बुलेंस, चार अर्थ मूवर, आईटीबीपी की 17वीं बटालियन के 52 जवान, पुलिस के 30 जवान और एनडीआरएफ के 27 जवान बचाव अभियान में लगे हुए हैं। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य विधानसभा को बताया कि ऐसी खबरें हैं कि मलबे के नीचे 50-60 लोगों के फंसे होने की आशंका है, लेकिन सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे बात की है और अब तक की सर्वोच्च प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बचाने और उन्हें सर्वोत्तम संभव उपचार प्रदान करना है। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ठाकुर से बात की।प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किन्नौर में हुए भूस्खलन के चलते बनी स्थिति पर बात की। प्रधानमंत्री ने जारी बचाव अभियानों में हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।'' केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी भूस्खलन के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए ठाकुर से बात की। गृह मंत्री ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को राहत एवं बचाव कार्यों में हिमाचल प्रदेश सरकार को हरसंभव मदद देने का निर्देश दिया। ठाकुर ने विधानसभा को यह भी बताया कि सेना के एक अधिकारी ने उनसे बात की और मदद की पेशकश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान के लिए एक हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन तब हुआ जब उस समय इलाके में बारिश नहीं हुई थी।
- नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को कहा कि वह कश्मीर में आतंकवादी हिंसा के चलते अपने घरों से पलायन कर गये कश्मीरी पंडितों की पैतृक संपत्ति को बहाल करने के प्रयास कर रही है तथा अभी तक नौ संपत्तियों को उनके उचित एवं वास्तविक स्वामियों को वापस कर दिया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर विस्थापित अचल संपत्ति (संरक्षण, सुरक्षा एवं मजबूरी में बिक्री का निषेध) कानून 1997 के तहत राज्य के संबंधित जिलों के जिलाधीश विस्थापितों की अचल संपत्ति के कानूनी संरक्षक होते हैं और अतिक्रमण होने की स्थिति उन संपत्तियों को खाली करवाने के लिए स्वत: आधार पर भी कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापित लोग ऐसे मामलों में जिलाधीशों से अनुरोध कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संपत्ति को उसके उचित एवं वास्तविक स्वामी को लौटाने के मामले में जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी के अनुसार नौ संपत्तियों को लौटा दिया गया है।
- तिरुपति (आंध्र प्रदेश)। वाईएसआर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वाई वी सुब्बारेड्डी ने बुधवार को एक बार फिर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में शपथ ली। टीटीडी बोर्ड, यहां भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन देखने वाली संस्था है।सुब्बारेड्डी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी के मामा हैं। वे पहले भी दो साल तक टीटीडी बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि दो महीने के अंतराल के बाद राज्य सरकार ने सुब्बारेड्डी को फिर से बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया। टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी केएस जवाहर रेड्डी ने सुब्बारेड्डी को मंदिर के भीतर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। अधिकारी ने कहा कि टीटीडी बोर्ड के अन्य सदस्यों को जल्दी ही नियुक्त किया जाएगा।
- मुंबई। मानसून की वर्षा के असमान वितरण से खरीफ बुवाई प्रभावित होने की संभावना है, जो पिछले साल की तुलना में एक प्रतिशत कम रह सकती है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। क्रिसिल रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘हमारे विचार में, कुल खरीफ बुवाई साल- दर- साल आधार पर एक प्रतिशत कम रहने की उम्मीद है।'' इसमें कहा गया है, ‘‘आठ अगस्त तक संचयी बुवाई साल- दर- साल दो प्रतिशत कम थी,जो पिछले साल बुवाई बढ़ने और पिछले पांच वर्षों के औसत से तीन प्रतिशत अधिक होने के कारण हुई थी।''रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जून के अंत से जुलाई के मध्य तक रुकने के बाद 12 जुलाई को वर्षा के दीर्घावधि औसत (एलपीए) में सात प्रतिशत की कमी को और घटाकर आठ अगस्त तक केवल चार प्रतिशत कर दिया। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि शेष मौसम में मानसून सामान्य रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय कृषि काफी हद तक वर्षा पर निर्भर है, इस साल कभी-बंद कभी मानसून ठीक रहने की वजह से, खरीफ के लिए बहुप्रतीक्षित तिलहन (मूंगफली और सोयाबीन) की जगह किसान मक्का और धान की बुवाई की ओर गये हैं।
- अहमदाबाद। गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक कारोबारी के दस्तावेजों की मंजूरी से जुड़े 3.5 लाख रुपये के रिश्वत मामले में राजकोट से राज्य के दो जीएसटी अधिकारियों और एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।राजकोट के कारोबारी ने हाल में एसीबी से संपर्क किया था और आरोप लगाया था कि राज्य के कर अधिकारी (श्रेणी-दो) आरोपी विक्रम कनारा और कर निरीक्षक (श्रेणी-तीन) आरोपी अजय मेहता ने दस्तावेज जांच के उद्देश्य से उनके दो ट्रकों को रोका जो माल आपूर्ति के लिए राजकोट से बामनबोरो औद्योगिक क्षेत्र जा रहे थे। एसीबी ने बताया कि कारोबारी और उनके सहयोगी ने सामान का मूल बिल दिखाया फिर भी आरोपियों ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कानून के तहत ट्रक को कब्जे में लेने की चेतावनी दी। आरोपियों ने दावा किया कि ई-वे बिल और माल का चालान दोनों ही फर्जी हैं। एजेंसी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने बिचौलिए मनसुख हीरपारा के माध्यम से कथित रूप से आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में आरोपी चार लाख रुपये रिश्वत पर तैयार हो गए और ट्रकों को जाने दिया। पहली किस्त के तौर पर शिकायकर्ता से 50 हजार रुपये रकम ली गयी। बाद में रकम के लिए दबाव बनाए जाने पर कारोबारी ने राजकोट में एसीबी कार्यालय से संपर्क किया और एक औपचारिक शिकायत दी, जिसके आधार पर मंगलवार को एक वाणिज्यिक परिसर में आरोपियों को पकडऩे की कार्रवाई की गई। एसीबी ने कहा कि आरोपी हीरपारा को कथित तौर पर 3.5 लाख रुपये नकदी लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया, अन्य दो आरोपियों को भी बाद में गिरफ्तार किया गया।
- आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 के अंतर्गत लागू की गई दो दिन की साप्ताहिक बंदी को खत्म कर अब उसे एक दिन का लॉकडाउन कर दिया गया है, जिससे आगरा में शनिवार को भी पर्यटकों के दीदार के लिए ताजमहल खुलेगा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में साप्ताहिक लॉकडाउन शनिवार-रविवार का था, जिसे अब प्रदेश सरकार ने केवल रविवार का कर दिया है। इसके साथ ही अब पर्यटक शनिवार को भी ताजमहल का दीदार कर सकेंगे।
- बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक कथित लुटेरे को पकडऩे गई टीम पर हमला करने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस की टीम ने सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चंदरू गांव में लूटपाट के मामले में वांछित आरोपी फुरकान को उसके घर पर पकड़ लिया । इसी दौरान तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर हमला किया और आरोपी को लेकर भाग निकले। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा, ''सात-आठ लोग पीछे से आए और आरोपी को पुलिस से छुड़ाकर ले गए।'' उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक हमलावर को पकड़ लिया जबकि आरोपी फुरकान समेत अन्य लोग भाग निकलने में कामयाब रहे। पुलिस ने कहा कि हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और उन्हें पकडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
- लेह। केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख इस साल 24 से 28 सितम्बर के बीच लेह में पहला 'द हिमालयन फिल्म उत्सव' (टीएचएफएफ) 2021 आयोजित करेगा। सूचना सचिव पद्मा आंगमो ने बताया कि पांच दिवसीय उत्सव का लक्ष्य संवादात्मक एवं प्रदर्शन मंच तैयार करना है, ताकि महत्वाकांक्षी स्थानीय फिल्म निर्माताओं को बढ़ावा दिया जा सके और लद्दाख को फिल्म निर्माण के लिए आकर्षक स्थल के रूप में प्रदर्शित किया जा सके।केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत फिल्म समारोह निदेशालय के सहयोग से लेह द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सूचना सचिव ने बताया कि महोत्सव के दौरान हिमालयी राज्यों जैसे असम, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख की लोकप्रिय फिल्मों के अलावा भारतीय दृश्य पटल की चयनित फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। आंगमो ने कहा, ''भारत के हिमालय क्षेत्र में प्रतिभाशाली फिल्म निर्माताओं को पहचानने के लिए लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों के लिए एक प्रतियोगिता सत्र भी होगा, ताकि क्षेत्र के फिल्म बनाने वाले समुदाय से जुड़ा जा सके और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा सके।
- नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को अपने कार्यकाल के चार साल पूरा कर लिये। आधिकारिक बयान के मुताबिक, उप राष्ट्रपति के सचिवालय ने एक पुस्तिका जारी की जिसमें श्री नायडू के पिछले चार साल के कई कार्यक्रमों को स्थान दिया गया है। इस ई-बुक को कई भाषाओं में जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि राज्यसभा के सभापति के तौर पर श्री नायडू देश में संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। श्री नायडू ने 11 अगस्त, 2017 को उप राष्ट्रपति का पदभार संभाला था।बयान के अनुसार, श्री नायडू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ मिलकर कोविड महामारी के दौरान संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रबंध किये। इसका नतीजा रहा कि साल 2020-21 (बजट सत्र तक) में सदन का कामकाज 95.82 प्रतिशत रहा जो 2017-18 में 48.17 प्रतिशत था। इसमें कहा गया है कि साल 2020-21 के दौरान राज्यसभा में 44 विधेयक पारित किये गए जो पिछले चार साल में सर्वाधिक था। इसके अलावा इसी अवधि में राज्यसभा की आठ समिति 74 रिपोर्ट सौंपी और यह भी पिछले चार वर्षों में सर्वाधिक है। बयान के मुताबिक, पिछले एक साल में श्री नायडू ने 53 व्याख्यान दिए, 23 पुस्तकों का विमोचन किया, 21 संस्थानों का दौरा किया, सात दीक्षांत समारोहों को संबोधित किया, चार पुरस्कार समारोहों में शामिल हुए और तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि कोरोना महामारी के दौरान उप राष्ट्रपति ने फेसबुक पोस्ट एवं लेखों के माध्यम से लोगों के बीच आशा और संयम का संदेश पहुंचाया। श्री नायडू उन कुछ प्रमुख लोगों में शामिल थे जिन्होंने सबसे पहले कोविड का टीका लिया और लोगों से टीका लगवाने का आग्रह किया।
- नोएडा (उप्र)। जनपद गौतमबुद्ध नगर में थाना बादलपुर क्षेत्र के छपरौला गांव के पास बुधवार सुबह एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना बादलपुर के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मूल रूप से जनपद बुलंदशहर का रहने वाला मनोज कुमार (20) बादलपुर क्षेत्र की चिरंजी विहार कॉलोनी में रहता था। वह यहां एक कंपनी मे काम करता था। सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह मनोज रेलवे की पटरी पार कर रहा था, तभी वह ट्रेन की चपेट में आ गया। उन्होंने बताया कि इस घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।-file photo
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बुधवार को हुए भूस्खलन में एक बस और अन्य वाहनों के चपेट में आ जाने से दो लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। राज्य आपदा प्रबंधन बल के निदेशक कुमार मोखता ने बताया कि बचाव अभियान के शुरुआती घंटों में कम से कम 10 लोगों को घायल अवस्था में मलबे में से निकाला गया और पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही बताया कि दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन किन्नौर के चौरा गांव में दोपहर से ठीक पहले हुआ। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य विधानसभा को बताया कि ऐसी खबरें हैं कि मलबे के नीचे 50 से 60 लोग दबे हुए हैं लेकिन सही संख्या मालूम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, " प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किन्नौर में हुए भूस्खलन के चलते बनी स्थिति पर बात की। प्रधानमंत्री ने जारी बचाव अभियानों में हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।" केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी भूस्खलन के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात की। गृह मंत्री ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को राहत एवं बचाव कार्यों में हिमाचल प्रदेश सरकार को हरसंभव मदद देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि गृह मंत्री ने उनसे बात की है और फिलहाल शीर्ष प्राथमिकता मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने और उन्हें बेहतर इलाज देने की है।
- मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बंबई उच्च न्यायालय को बुधवार को बताया कि शहर में बिस्तर से उठने में अक्षम 1,317 लोगों का अब तक उनके घर जाकर कोविड रोधी टीकाकरण किया गया है और प्रतिकूल प्रभाव का कोई मामला सामने नहीं आया है। महानगर में घर-घर जाकर लोगों का टीकाकरण करने का अभियान पायलट परियोजना के रूप में 30 जुलाई को शुरू हुआ था। बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी मंगला गोमारे ने उच्च न्यायालय में दायर एक शपथपत्र में कहा, ''घर-घर जाकर टीकाकरण करने के अभियान के दौरान नौ अगस्त 2021 तक बिस्तर से उठने में अक्षम 1,317 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है और प्रतिकूल प्रभाव का कोई मामला सामने नहीं आया है।'' शपथपत्र एक जनहित याचिका के जवाब में दायर किया गया जिसमें 75 साल से अधिक उम्र के लोगों, दिव्यांगों, बिस्तर या व्हीलचेयर का सहारा लेने वाले लोगों का कोविड रोधी टीकाकरण उनके घर जाकर करने का केंद्र को निर्देश देने का आग्रह किया गया है।अधिवक्ताओं-डी कपाडिय़ा और कुणाल तिवारी द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि ऐसे लोग टीकाकरण केंद्रों पर जाने में असमर्थ होंगे। केंद्र ने टीकों की बर्बादी और प्रतिकूल प्रभाव के जोखिम के आधार पर पूर्व में घर-घर जाकर टीकाकरण करने में असमर्थता व्यक्त की थी। महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने कहा था कि वह यह अभियान शुरू करेगी और उसने इसके लिए एक नीति भी बनाई थी। मुंबई में यह अभियान अंतत: पायलट परियोजना के रूप में शुरू हो गया। बीएमसी के शपथपत्र में कहा गया है कि बिस्तर से उठने में अक्षम 4,889 लोगों ने नौ अगस्त तक घर में टीकाकरण कराने के लिए पंजीकरण कराया। इसने कहा कि एक गैर सरकारी संगठन की मदद से 30 जुलाई को एक पायलट चरण में यहां 37 लोगों को उनके घर जाकर कोविड रोधी टीका लगाया गया। बीएमसी ने शपथपत्र में कहा है कि दो अगस्त 2021 से शहर के सभी 24 वार्ड में गृह टीकाकरण जारी है।
- कोलकाता। रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ को 18 अगस्त से श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए प्रतिदिन लगभग पांच घंटे खोला जाएगा। मठ के प्रवक्ता के अनुसार कोविड-19 की स्थिति में सुधार के मद्देनजर, 18 अगस्त से मठ प्रतिदिन सुबह आठ बजे से 11 बजे तक तथा शाम चार बजे से पौने पांच बजे तक खोला जाएगा। पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के चलते बेलूर मठ को 22 अप्रैल से बंद कर दिया गया था। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 24 जुलाई को मठ खोला गया था। प्रवक्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक लेने का प्रमाण पत्र और पहचान पत्र, प्रवेश द्वार पर दिखाना होगा जिसके बाद उन्हें मठ में प्रवेश दिया जाएगा। टीके का प्रमाण पत्र नहीं होने की स्थिति में पिछले 72 घंटे में जांच का कोविड निगेटिव प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
- नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में अब तक दी गई कोविड-19 रोधी टीकों की कुल खुराक 52 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। भारत को अपने कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत 10 करोड़ खुराक का आंकड़ा छूने में 85 दिन लगे थे। इसके बाद 20 करोड़ का आंकड़ा पार करने में 45 दिन लगे और 30 करोड़ तक पहुंचने में 29 दिन और लगे। देश को 30 करोड़ से 40 करोड़ तक पहुंचने में 24 दिन लगे और फिर छह अगस्त को 50 करोड़ टीकाकरण को पार करने में 20 दिन और लगे थे। नौ अगस्त को यह आंकड़ा 51 करोड़ को पार कर गया।देश भर में टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों (एचसीडब्ल्यू) को टीका लगाया गया था और दो फरवरी से अग्रिम मोर्चे के कर्मियों (एफएलडब्ल्यू) का टीकाकरण शुरू किया गया था। कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष से अधिक आयु के अन्य रोगों से ग्रसित लोगों के लिए शुरू हुआ था। भारत ने एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया। इसके बाद, सरकार ने एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू कर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का निर्णय लिया।-file photo
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उद्योग जगत से देश में विनिर्माण को गति देने और 'ब्रांड इंडिया' को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार हमेशा उनकी समस्याओं को दूर करने के लिये उनके साथ खड़ी है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की सालाना बैठक को 'ऑनलाइन' संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था फिर से तेजी से आगे बढ़ रही है और विभिन्न क्षेत्रों में नये अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्योग जगत से देश में विनिर्माण को गति देने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, ''हमें आपकी (उद्योग) भागीदारी के साथ ब्रांड इंडिया को आगे बढ़ाना है, मैं आपके लिये हमेशा खड़ा रहा हूं और खड़ा रहूंगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कारोबार सुगमता के लिये सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रही है और महामारी के दौरान भी हमने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा, ''हमने हाल में कंपनी कानून में बदलाव कर कई प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाया... श्रम सुधारों पर ध्यान दिया जा रहा है।'' मोदी ने कहा, ''हमने संसद के मौजूदा सत्र में... अतीत की गलतियों को सुधारते हुए पूर्व तिथि से कर लगाने के कानून को समाप्त किया। इससे उद्योग के बीच भरोसा बढ़ेगा।'' उन्होंने कहा कि भारत में आज प्रतिस्पर्धी कर व्यवस्था है, कारोबार सुगमता में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सुधारों का ही नतीजा है कि देश में रिकार्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''हम सुधारों को बाध्यता के तहत नहीं बल्कि एक भरोसे और मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि देश में आज हर क्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ रहा है। स्टार्टअप देश की पहचान बन रहे हैं और आज देश में 60 'यूनिकार्न' हैं। इनमें से 21 तो पिछले कुछ माह के दौरान ही इस स्तर पर पहुंचे हैं। मोदी ने कहा कि भारत में आर्थिक वृद्धि को गति देने के शानदार अवसर हैं और उद्योग जगत को इसका लाभ उठाना चाहिए।
- औरंगाबाद। इतिहासकारों ने बुधवार को सरकारी एजेंसियों से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में स्थित प्राचीन स्मारकों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढिय़ों को ये विरासत संरचनाएं देखने को मिल सकें। इतिहासकारों ने यहां स्वामी रामानंद तीर्थ अनुसंधान संस्थान में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस मांग का एक ज्ञापन संभागीय आयुक्त को देंगे। मराठवाड़ा क्षेत्र में आठ जिले शामिल हैं- औरंगाबाद, परभणी, बीड, लातूर, हिंगोली, नांदेड़, जालना और उस्मानाबाद। डॉ प्रभाकर देव ने कहा, ''यदि हम मराठवाड़ा के प्राचीन इतिहास को सीखना चाहते हैं, तो सरकार को यहां के स्मारकों के संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए और उनका विस्तृत अध्ययन करना चाहिए। इन स्थानों की पहचान किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा संरक्षित स्मारकों के रूप में नहीं की गई है।'' डा. दुलारी कुरैशी ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों की ओर से उदासीनता के कारण कई ऐतिहासिक कृतियों का नुकसान हो रहा है। नांदेड़ के रहने वाले विशेषज्ञ सुरेश जोंधले ने दावा किया कि राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा नांदेड़ में स्मारकों पर तैनात कर्मचारियों को शायद ही कभी वहां देखा गया हो। उन्होंने कहा, ''मराठवाड़ा के विभिन्न गांवों में लोग प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए पहल कर रहे हैं और अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं। सरकार को इन स्मारकों पर गौर करना चाहिए और पर्यटन की दृष्टि से ऐसे बिंदुओं को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।'' मल्हारीकांत देशमुख ने कहा कि जिस तरह महाराष्ट्र में किलों के संरक्षण के लिए पर्याप्त धनराशि निर्धारित की गई है, उसी तरह मंदिरों और अन्य स्मारकों को भी इसके लिए पर्याप्त आवंटन मिलना चाहिए। जिला कलेक्ट्रेट द्वारा परभणी में शुरू किए गए तीन महीने के लंबे सर्वेक्षण के बारे में बात करते हुए, लक्ष्मीकांत सोनवतकर ने कहा, ''इससे पहले, केवल 13 गांव थे जिनमें स्मारक थे, जो इस साल की शुरुआत में किए गए सर्वेक्षण के बाद 41 हो गए।'' बीड के सतीश सालुंके ने कहा, ''हमारे पास योद्धा महिलाओं की मूर्तियों के साथ कंकलेश्वर का मंदिर है, जो दुर्लभ है। बीड के धारूर किले में जल प्रबंधन का अध्ययन करने लायक है। राशि आवंटित करते समय, सरकार को उस स्मारक के ऐतिहासिक मूल्य की जांच करनी चाहिए। स्थानीय इतिहास अकादमिक पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए।
- नोएडा (उप्र)। जनपद गौतमबुद्ध नगर में कथित अवैध संबंध के शक में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को गोली मारकर घायल कर दिया। सेक्टर-24 पुलिस ने पत्नी की हत्या करने के प्रयास के आरोपी को बुधवार दोपहर को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचाराधीन महिला की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त देसी तमंचा भी बरामद कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसे शक था कि उसकी पत्नी के किसी से अवैध संबंध हैं। अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) रणविजय सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के चौड़ा गांव में रहने वाले कैब चालक आरोपी उपेंद्र निवासी जनपद सिवान (बिहार) ने अपनी 44 वर्षीय पत्नी को मंगलवार रात को गोली मार दी। उन्होंने बताया कि महिला को गंभीर हालत में नोएडा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहां से उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। अपर उपायुक्त ने बताया कि महिला के सिर में गोली लगी है। file photo
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार 12 अगस्त को दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों के साथ संवाद करेंगे।प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को यह जानकारी दी। 'आत्मनिर्भर नारी-शक्ति से संवाद' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के जरिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सफलता की कहानी का संक्षिप्त विवरण तथा कम व छोटी जोत वाली खेती से पैदा होने वाली आजीविका पर एक पुस्तिका भी जारी करेंगे। पीएमओ ने बताया कि इस अवसर पर मोदी चार लाख स्व-सहायता समूहों को 1,625 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी जारी करेंगे। पीएमओ ने कहा, ''इसके अलावा वह पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएमएफएमई) के तहत आने वाले 7,500 स्व-सहायता समूहों को 25 करोड़ रुपये की आरंभिक धनराशि भी जारी करेंगे।'' पीएमएफएमई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजना है।इसी तरह मिशन के तहत आने वाले 75 एफपीओ (किसान उत्पादक संगठनों) को प्रधानमंत्री 4.13 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री गिरिराज सिंह, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और फग्गन सिंह कुलस्ते, पंचायत राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल भी उपस्थित रहेंगे।ज्ञात हो कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के गरीब ग्रामीण परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोडऩा है। यह क्रमबद्ध तरीके से किया जाता है और गांव के गरीबों को लंबे समय तक सहायता दी जाती है ताकि वे अन्य तरह से भी अपनी आजीविका प्राप्त कर सकें, अपनी आय और जीवन के स्तर में सुधार ला सकें। पीएमओ ने कहा कि मिशन की कई पहलों को कार्यान्वित किया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलायें प्रशिक्षित होकर अपने समुदाय की अगुआ बन गई हैं, जैसे कृषि सखी, पशु सखी, बैंक सखी, बीमा सखी, बैंक संवाद सखी, आदि। पीएमओ के मुताबिक मिशन स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को शक्तिसम्पन्न भी बना रहा है। मिशन घरेलू हिंसा, महिला शिक्षा और लैंगिक मुद्दों, पोषण, स्वच्छता, स्वास्थ्य आदि से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक बना रहा है और उनकी समझ व व्यवहार को विकसित कर रहा है।
- मुजफ्फरनगर (उप्र)। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक मकान में रखे पटाखों में विस्फोट होने से एक महिला की मौत हो गई और एक बच्चा समेत दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओ पी सिंह ने बताया कि काजीपाड़ा इलाके के शौकत और मुनव्वर नामक दो व्यक्तियों ने पटाखों के निर्माण के लिए लाइसेंस ले रखा है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने पटाखों को मकान में रखा था जिसमें आग लग गई। घटना में मुनव्वर की पत्नी खुशनुमा (30) की मौत हो गई और उसकी सास नूर जहां तथा एक बच्चा घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मामले में जांच जारी है। file photo
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मुंबई। ऑनलाइन क्लास के दौरान पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिए जाने से नाराज एक मां ने कथित रूप से अपने साढ़े तीन साल के बेटे की तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसे पश्चाताप हुआ तो उसने फांसी लगा ली।
सहायक पुलिस आयुक्त सोहेल शेख ने बताया कि घटना पाथर्डी फाटा इलाके के साईं सिद्धि अपार्टमेंट की है। सोमवार रात करीब 9:30 बजे 30 साल की शिखा सागर पाठक का शव फंदे से लटका मिला। मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा कि इन दोनों मौतों के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। दोनों की लाश कमरे के अंदर थी। कमरा बाहर से बंद था और बच्चे की नाक से खून बह रहा था। सहायक पुलिस आयुक्त सोहेल शेख ने बताया कि महिला के माता-पिता ने भी अपने नाती की हत्या किए जाने की पुष्टि की है।
मामले की जांच कर रहे सहायक पुलिस आयुक्त सोहेल शेख ने बताया कि शिखा ने सोमवार शाम 5 बजे के आसपास तकिये से मुंह दबा कर अपने बेटे की हत्या की थी। इस मामले में हत्या और आत्महत्या का केस दर्ज किया गया है। - मुंबई। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम देश के शीर्ष खेल पुरस्कार खेल रत्न से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद, महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को समाज की मदद करने वाले सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संगठनों को सम्मानित करने के लिए उनके नाम पर एक पुरस्कार की स्थापना की। राज्य सरकार में कांग्रेस एक घटक दल है। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह पुरस्कार 1984 से 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी के भारत में आईटी क्षेत्र को प्रोत्साहन देने में योगदान को सम्मानित करने के लिए है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह पुरस्कार हर साल दिवंगत कांग्रेस नेता की जयंती 20 अगस्त को प्रदान किया जाएगा, लेकिन इस साल प्राप्तकर्ता का चयन 30 अक्टूबर तक किया जाएगा। पुरस्कार के लिए संगठनों के चयन के लिए रूपरेखा तय करने के लिए महाराष्ट्र सूचना और प्रौद्योगिकी निगम नोडल एजेंसी होगी। राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा के साथ महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार में शामिल है।






















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