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- नई दिल्ली। स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों ने कहा है कि गर्भवती महिला बच्चे को जन्म देने के बाद कभी भी कोविड-19 टीका लगवा सकती हंै। विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकरण की मंजूरी देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें संक्रमण से बचाया जा सके। सरकार ने स्तनपान कराने वाली मांओं के टीकाकरण को हाल में मंजूरी दी है।नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी. के. पॉल ने हाल में स्पष्ट किया था कि बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं का भी टीकाकरण कराया जा सकता है। उन्होंने कहा था, इस तरह की खबरें थीं कि टीका लगवाने वाली माताओं को कुछ दिनों के लिए अपने बच्चों को स्तनपान नहीं कराना चाहिए लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि स्तनपान नहीं रोकना चाहिए और इसे जारी रखना चाहिए। किसी भी हालत में एक घंटे के लिए भी स्तनपान नहीं रोका जाना चाहिए।'' इस बीच, दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल और विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय में 'कम्युनिटी मेडिसिन' विभाग में प्रोफेसर डॉ. खान आमिर मारूफ ने कहा कि टीकाकरण करा चुकी मां के स्तनपान कराने से नवजात शिशु को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, ''प्रसव के बाद टीकाकरण में देरी करने का कोई कारण नहीं है।''उन्होंने कहा कि स्तनपान कराने वाली मां को टीकाकरण के मद्देनजर कोई विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता नहीं है और उन्हें केवल वे सावधानियां बरतनी हैं, जो आम लोगों को बरतनी चाहिए। फोर्टिस ला फाम, रोजवॉक अस्पताल और अपोलो क्रैडल रॉयल में वरिष्ठ सलाहकार, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ लवलीना नादिर ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान भी टीकाकरण कराया जा सकता है। उन्होंने कहा, ''कोरोना वायरस से संक्रमित होने का यह अर्थ नहीं है कि प्रसव ऑपरेशन के जरिए ही होगा, लेकिन संक्रमण की वजह से मां के बीमार होने के कारण समय से पूर्व प्रसव और ऑपरेशन के जरिए प्रसव की संभावना बढ़ जाती है। यदि कोई महिला संक्रमण के बाद ठीक हो चुकी है, तो उसे संक्रमण से उबरने के तीन महीने बाद ही टीकाकरण कराना चाहिए।'' नादिर ने कहा कि यदि मरीज ने पहली खुराक ले ली है और इसके बाद उसके गर्भवती होने का पता चलता है, तो उसे इसकी वजह से गर्भपात कराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, ''गर्भवती होने से सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित होने का खतरा बढ़ता नहीं है, लेकिन संक्रमित गर्भवती महिला का उपचार उस महिला की तुलना में जटिल है, जो गर्भवती नहीं है।'' विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि उन्हें संक्रमण से बचाया जा सके। मारूफ ने कहा कि सरकारी दिशा-निर्देशों में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की अभी कोई सलाह नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, ''इसका कारण यह है कि कोविड-19 टीकों का गर्भवती महिलाओं पर परीक्षण नहीं किया गया है और उनकी सुरक्षा एवं टीके के उन पर असरदार होने संबंधी आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गाइनकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया ने गर्भवती महिलाओं के भी टीकाकरण की सलाह दी है, क्योंकि इस वैश्विक महामारी में संक्रमित होने और मौत होने का खतरा अधिक है।'' उन्होंने कहा, ''यह खतरा टीकों के दुष्प्रभावों से अधिक खतरनाक प्रतीत होता है।''खाद्य और पोषण सुरक्षा गठबंधन (सीएफएनएस), नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक डॉ सुजीत रंजन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशानुसार गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करानी वाली मांओं का भी टीकाकरण हो सकता है, लेकिन भारत में गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण अभी विचाराधीन विषय है। फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गाइनकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष एवं इनफर्टिलिटी सेंटर ऑफ रेनबो आईवीएफ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने भी गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की सलाह दी।
- नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में एक और हफ्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ाने की रविवार को घोषणा करते हुए कहा कि अगर कोविड-19 के मामलों में कमी जारी रहती है तो 31 मई से चरणबद्ध तरीके से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में दिल्ली में करीब 1,600 और लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए तथा संक्रमण दर गिरकर 2.5 फीसदी रह गई।केजरीवाल ने कहा, मैंने कई लोगों से सलाह-मशविरा किया और आम राय एक और हफ्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में थी। इसलिए दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि लॉकडाउन 31 मई की सुबह पांच बजे तक के लिए बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की आवश्यकता इसलिए है कि इतने संघर्ष के बाद जो कामयाबी हासिल की है वह गंवा न दी जाए। उन्होंने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए टीका निर्माताओं से बात कर रहे हैं कि दिल्ली में टीके उपलब्ध हों और उनकी सरकार इसके लिए कितना भी पैसा खर्च करने के लिए तैयार है।
- नोएडा (उप्र)। एसटीएफ ने शनिवार शाम को एक सूचना के आधार पर एटीएम/डेबिट कार्ड की चिप बदलकर फर्जीवाड़ा करके विभिन्न बैंकों से पैसा निकालने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 10 लाख 30 हजार रुपये नकद, ग्राहकों की डिटेल सहित 45 एटीएम/ डेबिट कार्ड की चिप, विभिन्न बैंकों के 15 एटीएम कार्ड, 30 एटीएम कार्ड बिना चिप वाले और मोबाइल फोन आदि बरामद किया है। पश्चिमी यूपी एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक कुलदीप नारायण ने बताया कि एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा व उनकी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में शनिवार को छापा मारा। वहां से पुलिस ने संजय यादव निवासी खोड़ा कॉलोनी तथा हर्ष शर्मा निवासी दिल्ली को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार आरोपी संजय यादव एक कंपनी में कूरियर पहुंचाने का काम करता था। यह कंपनी विभिन्न बैंकों के ग्राहकों का एटीएम कार्ड उनके यहां पहुंचाती है। नारायण ने बताया कि कूरियर पहुंचाने के दौरान उसकी दोस्तीआरोपी कुलदीप निवासी खोड़ा कॉलोनी से हुई। उसके बाद आरोपियों संजय व कुलदीप में मित्रता हो गई। दोनों आरोपियों ने ही ग्राहकों के एटीएम कार्ड से चिप निकालकर, असली एटीएम कार्ड में फर्जी चिप लगाकर पैसे निकालने का अपराध शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी संजय यादव के साथ गिरफ्तार आरोपी हर्ष शर्मा भी कूरियर कंपनी में काम कर रहा था। वह भी इनके गैंग में शामिल था। उन्होंने बताया कि इस गैंग के सरगना आरोपी मोहित समेत अन्य की तलाश की जा रही है।-
- कोलकाता । यहां स्थित एक अस्पताल में 32 वर्षीय एक महिला की म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) के कारण मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि शहर के हरिदेवपुर की रहनेवाली शम्पा चक्रवर्ती को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद राजकीय शंभूनाथ पंडित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह महिला की ‘ब्लैक फंगस' के कारण मौत हो गई।स्वास्थ्य विभाग ने ‘ब्लैक फंगस' मामलों से निपटने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की है।अधिकारी ने बताया कि अभी राज्य में पांच मरीज इस बीमारी का इलाज करा रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी मरीज पड़ोसी राज्य बिहार और झारखंड से हैं। हम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।''-file photo
- कानपुर। रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में एक माह पहले गिरफ्तार सचिन कुमार पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया गया है। कानपुर के पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने बताया कि एक माह पहले रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के लिए गिरफ्तार किए गए हरियाणा के आरोपी सचिन कुमार पर रासुका लगाया गया है।आरोपी सचिन के पास से बरामद इंजेक्शन जांच के बाद नकली पाये गये थे। एक माह पहले उत्तर प्रदेश एसटीएफ ओर पुलिस ने रेमडेसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारीके आरोप में तीन लोगों को गिरफतार किया था ।
- बरेली । जिले के कस्बा फरीदपुर में शादी समारोह के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में दुल्हन की दस वर्षीय मौसेरी बहन को गोली लग गई, जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान शुक्रवार देर रात मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक, बरेली के फरीदपुर के भुता रोड की नई कॉलोनी में एक लड़की की शादी थी। यहां शाहजहांपुर से बारात आई थी, जिसमें द्वारचार के दौरान कुछ लोग फायरिंग कर रहे थे। सूत्रों ने बताया कि इस हर्ष फायरिंग में बदायूं जिले के मूसाझाग के पिपरिया गांव से आई दुल्हन की मौसेरी बहन (10) को गोली लग गई और उसे उपचार के लिए फरीदपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बरेली के लिए रेफर कर दिया जहां शुक्रवार की रात उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।फरीदपुर थाने के निरीक्षक सुरेंद्र सिंह पचौरी ने शनिवार को बताया कि हर्ष फायरिंग में बच्ची की गोली लगने की जानकारी मिली है। इस मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय मंत्री सबनंदा गौड़ा ने शनिवार को कहा कि देश में म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एम्फोटेरिसिन-बी की और 23,680 शीशियां वितरित की है। गौड़ा ने बताया कि देश में ब्लैक फंगस के अबतक 8,848 मामले दर्ज किये गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस खास दवा का वितरण किया गया है। रसायन और उर्वरक मंत्री गौड़ा ने ट्वीट कर कहा, कई राज्यों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामलों में वृद्धि की समीक्षा के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एम्फोटेरिसिन-बी की कुल 23,680 अतिरिक्त शीशियां आवंटित की गई हैं।'' उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना को 75 प्रतिशत दवा वितरित की गई है। म्यूकोरमाइकोसिस को ब्लैक फंगस भी कहा रहा है जो कोरोना संक्रमण से पीड़ित या ठिक होने वाले लोगों के नाक, आंख, साइनस तथा कुछ मामलों में मस्तिष्क को भी नुकसान पहुंचा रहा है। देश में डॉक्टर कोविड-19 के रोगियों और हाल ही में ठीक हुए लोगों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामलों की संख्या की जांच कर रहे हैं। उनका मानना है कि स्टेरॉयड के उपयोग से म्यूकोरमाइकोसिस हो सकता है। स्टेरॉयड गंभीर रूप से बीमार कोविड रोगियों के लिए एक जीवन रक्षक उपचार माना जाता है हालांकि इसके कुछ दुष्प्रमाण भी सामने आ रहे हैं।
- नयी दिल्ली। नामी मुक्केबाज मैरी कॉम और भारतीय बॉक्सिंग दल के 30 अन्य सदस्यों के साथ दिल्ली से दुबई गए स्पाइसजेट के एक विमान को करीब 45 मिनट तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। ईंधन के लिए आपात स्थिति घोषित करने के बाद यह विमान शनिवार सुबह दुबई हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया। सूत्रों ने इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) मामले की जांच कर रहा है।सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 संबंधी पाबंदियों के कारण स्पाइसजेट ने इन मुक्केबाजों को दुबई ले जाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार से विशेष अनुमति ली थी। ये मुक्केबाज 24 मई से एक जून के बीच आयोजित होने वाली एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2021 में हिस्सा लेने गए हैं। उन्होंने बताया कि दुबई हवाई अड्डे पर वायु यातायात नियंत्रण में कुछ भ्रम के कारण विमान को यूएई के हवाई क्षेत्र में करीब 45 मिनट तक चक्कर काटना पड़ा कि विमान को उतरने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं। इसके बाद ईंधन के लिए आपात स्थिति की घोषणा की गयी। उड़ान एस जी 142 में 31 मुक्केबाज और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। विमान ने देर रात दो बजकर 20 मिनट पर दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान भरी और यह छह बजकर 20 मिनट पर दुबई हवाई अड्डा पहुंचा। छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम भी इस विमान में सवार थीं। यूएई ने 25 अप्रैल से यूएईए के नागरिकों को छोड़कर भारत से आने वाले सभी यात्रियों पर रोक लगा दी है।मामले में स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय मुक्केबाजों का एक दल स्पाइसजेट के विमान से आज दिल्ली से दुबई गया। विमान सुरक्षित दुबई पहुंच गया है। विमान और यात्रियों के सभी दस्तावेज तैयार किए गए थे।'' बयान में कहा गया, ‘‘एयर बबल समझौते के तहत यह नियमित उड़ान थी और इसी विमान से यात्री दुबई से भारत आएंगे।'' भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने बयान जारी करके यूएई में भारतीय राजदूत को उनकी सहायता के लिए धन्यवाद दिया लेकिन यह नहीं बताया कि विमान की लैंडिंग में विलंब क्यों हुआ। बयान के अनुसार, ‘‘भारतीय दल दुबई में उतरने के बाद होटल पहुंच गया है। दो दौर के आरटी-पीसीआर परीक्षण हुए है- एक हवाई अड्डे पर और दूसरा होटल में। सभी जरूरी स्वीकृति के साथ भारतीय टीम स्पाइसजेट के विमान से सुरक्षित माहौल में पहुंची थी।' बयान में कहा गया, ‘‘भारतीय मुक्केबाजी महासंघ भारतीय दूतावास और राजदूत पवन कपूर का आभारी है जिनकी मदद से दल का 2021 एएसबीसी एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लेना सुनिश्चित हुआ। हम एशियाई मुक्केबाजी परिसंघ और यूएई सरकार के भी आभारी हैं।'' भारत की 10 सदस्यीय महिला टीम की अगुआई मैरी कॉम कर रही हैं जबकि टीम में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी अन्य तीन मुक्केबाजों सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा) और पूजा रानी (75 किग्रा) को भी जगह मिली है।
- चित्रकूट (उप्र) । चित्रकूट जिले के भरतकूप थानाक्षेत्र अंतर्गत सुदिनपुर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम एक पिकअप जीप और वैन के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि चार अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। चित्रकूट जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित मित्तल ने बताया कि शनिवार शाम करीब छह बजे झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुदिनपुर गांव के पास यह दुर्घटना हुई। उन्होंने बताया कि अभी तक मृतकों और घायलों की पहचान नहीं हो पाई है, उनकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। एसपी ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है।लखनऊ में सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, चित्रकूट में हुई मार्ग दुर्घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंच पीड़ितों की यथासंभव सहायता करने के निर्देश दिये हैं। योगी ने घायलों को बेहतर चिकित्सा दिलाने के भी निर्देश दिये हैं।
- नयी दिल्ली । राष्ट्रीय महिला आयोग ने झारखंड सरकार से कहा है कि वह उस अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर को मदद मुहैया कराए, जो वित्तीय संकट के कारण ईंट के भट्टे में मजदूरी करने पर मजबूर है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि फुटबॉल खिलाड़ी संगीता कुमारी की स्थिति देश के लिए शार्मिंदगी का विषय है और ऐसे में राज्य सरकार को इस मुद्दे का प्राथमिकता के आधार पर निदान करना चाहिए। महिला आयोग ने कहा, ‘‘संगीता ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत दुनिया में झारखंड का भी प्रतिनिधित्व किया।'' रेखा शर्मा के पत्र की एक प्रति अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के प्रमुख को भी भेजी गई है।
- नयी दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रविवार को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों व सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक होगी जिसमें 12वीं बोर्ड की लंबित परीक्षाओं एवं पेशेवर पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चर्चा होगी। शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को यह जानकारी दी । कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के मद्देनजर 12वीं बोर्ड की परीक्षा स्थगित कर दी गई थी।निशंक ने ट्वीट किया कि 23 मई 2021 को पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर यह बैठक डिजिटल माध्यम से होगी जिसमें उनके (निशंक के) अलावा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल होंगे । इस बैठक में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्री, सचिव हिस्सा लेंगे । शिक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस बैठक में 12वीं बोर्ड की लंबित परीक्षाओं एवं पेशेवर पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चर्चा होगी और इसमें परीक्षा आयोजित करने के विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जायेगा । वहीं, सीबीएसई के सूत्रों के अनुसार, इसके तहत जिन संभावित विकल्पों पर विचार किया जा सकता है, उनमें कागज-कलम आधारित लिखित प्रारूप में केवल मुख्य विषयों की परीक्षा लेना, विभिन्न राज्यों एवं जिलों में कोविड-19 की स्थिति के अनुरूप दो चरणों में परीक्षा आयोजित करना अथवा परीक्षा रद्द करना एवं वैकल्पिक मूल्यांकन योजना के तहत परिणाम घोषित करना शामिल है । बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हालांकि कहा है कि अभी कुछ भी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है और सभी पक्षकारों के सुझावों पर विचार करने के बाद शिक्षा मंत्रालय अंतिम फैसला करेगा। वहीं, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश को लिखे पत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय तथा सीबीएसई छात्रों एवं शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा आयोजित करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है । इसमें कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग भी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिये परीक्षा की तिथियों को अंतिम रूप देने के लिये विचार विमर्श कर रहा है । कोविड-19 महामारी के कारण शिक्षा क्षेत्र पर काफी प्रभाव पड़ा है खास तौर पर परीक्षा और प्रवेश परीक्षाओं पर इसका असर पड़ा है । पत्र में कहा गया है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए, लगभग सभी राज्य शिक्षा बोर्डों, सीबीएसई और आईसीएसई ने अपनी बारहवीं कक्षा की परीक्षा, 2021 को स्थगित कर दिया है। इसी तरह, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और अन्य राष्ट्रीय परीक्षा आयोजित करने वाले संस्थानों ने भी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनी प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। निशंक ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं के आयोजन से पूरे देश में राज्य बोर्ड परीक्षाओं और अन्य प्रवेश परीक्षाओं पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में छात्रों के बीच उत्पन्न अनिश्चितता को कम करने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के सुझावों के आधार पर देश भर के सभी छात्रों के हित में बारहवीं कक्षा की सीबीएसई परीक्षा के बारे में विचार किया जाए। निशंक ने ट्विटर के माध्यम से सभी हितधारकों- छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य लोगों से भी सुझाव मांगे हैं। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई बैठक में किया गया था। ये परीक्षाएं 4 मई से 14 जून के बीच होनी थीं। कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, लगभग सभी राज्य शिक्षा बोर्डों, सीबीएसई और आईसीएसई ने अपनी बारहवीं कक्षा की परीक्षा, 2021 को स्थगित कर दिया है। छात्रों एवं अभिभावकों का एक बड़ा वर्ग बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहा है हालांकि स्कूलों के प्रचार्यो की परीक्षा के विकल्पों को लेकर अलग अलग राय है। इसके अलावा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिये नीट प्रवेश परीक्षा एवं कुछ अन्य परीक्षा स्थगित की।
- नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे अब तक देश के विभिन्न राज्यों को 884 टैंकरों में लगभग 14,500 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। रेलवे ने शनिवार को इस बारे में बताया। रेलवे ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत अब तक 224 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है और विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाई गई है। इसके अलावा आठ ऑक्सीजन एक्सप्रेस 35 टैंकरों में 563 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन लेकर निर्धारित राज्यों में पहुंचने के लिए रास्ते में है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा अब तक देश के विभिन्न राज्यों में ऑक्सीजन की दैनिक आपूर्ति 800 मीट्रिक टन से अधिक हो गई है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा अब तक 13 राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई हैं। इनमें उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश शामिल हैं। एक बयान में कहा गया कि अब तक महाराष्ट्र में 614 मीट्रिक टन ऑक्सीजन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3463 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 566 मीट्रिक टन, दिल्ली में 4278 मीट्रिक टन, हरियाणा में 1698 मीट्रिक टन, राजस्थान में 98 मीट्रिक टन, कर्नाटक में 943 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 769 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 571 मीट्रिक टन, पंजाब में 153 मीट्रिक टन, केरल में 246 मीट्रिक टन और तेलंगाना में 772 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा चुकी है। रेलवे ने ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए नए मार्गों को भी चिन्हित किया है और आपात स्थिति में राज्यों की तरफ से आने वाली किसी भी तरह की मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। तरल चिकित्सा ऑक्सीजन के लिए भारतीय रेलवे को टैंकर राज्य की तरफ से उपलब्ध कराये जाते हैं। ऑक्सीजन एक्सप्रेस की शुरुआत 28 दिन पहले 24 अप्रैल को हुई थी और पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस 126 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ महाराष्ट्र पहुंची थी। भारतीय रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस चिकित्सकीय ऑक्सीजन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार काम में जुटी है। पश्चिम में हापा, वडोदरा और मुंद्रा से तो पूरब में राऊरकेला, दुर्गापुर, टाटानगर और अंगुल से ऑक्सीजन लेकर उसकी आपूर्ति उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में की जा रही है।
- शाहजहांपुर ।उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के एक गांव में तीन बच्चियों की कथित रूप से पेट दर्द की शिकायत के बाद मौत हो गई। इसके बाद गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम से ग्रामीणों ने कोविड जांच कराने से मना कर दिया। शाहजहांपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसपी गौतम ने शनिवार को बताया कि थाना जलालाबाद अंतर्गत लाराबर पुर गांव में तीन बच्चियों की मौत की सूचना मिली। इसके बाद जलालाबाद से डॉ रूपम गुप्ता के नेतृत्व में गई टीम से जानकारी मिली कि गांव की पंछी (16), नेहा (15) तथा अंशिका (6) की इलाज के दौरान पेट दर्द के चलते मौत हो गई। जलालाबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ रूपम गुप्ता ने बताया कि वह गांव में टीम के साथ गए थे तथा उनके साथ एक कोविड टीम भी थी परंतु गांव में किसी ने भी जांच नहीं कराई और काफी प्रयास के बाद भी लोगों ने जांच कराने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि उक्त तीनों बच्चियों के पेट में दर्द की शिकायत हुई और इसके बाद वह प्राइवेट डॉक्टरों के यहां ले गए और शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉ रूपक ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कोविड जांच कराने से मना कर रहे हैं तथा जब गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है तो गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या घटकर 35 से 40 रह गई है। पहले काफी ज्यादा मरीज उपचार के लिए आते थे।-File photo
- नयी दिल्ली । भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोविड-19 के कारण अनाथ हो चुके बच्चों के लिए कल्याणकारी योजना आरंभ करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत 30 मई को होनी चाहिए क्योंकि उसी दिन मोदी सरकार के सत्ता में आने के सात साल पूरे हो रहे हैं। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लिखे एक पत्र में नड्डा ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के चलते उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर सातवीं वर्षगांठ के मौके पर कोई समारोह का आयोजन नहीं किया जाना चाहिए और उसकी जगह सरकारें कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना ने देश व समाज पर गहरी चोट पहुंचाई है और इसके चलते कुछ बच्चों ने अपने परिजनों को खो दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि ऐसे बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी सरकार की है और उसे इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। नड्डा ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि जरूरतों, परिस्थितियों ओर राज्यों की परंपरा के अनुसार वह योजना का मसौदा तैयार करें। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में राज्यों को जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अपने परिजनों को गंवा चुके बच्चों के साथ खड़ा होना और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए सभी प्रकार की सहायता करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है...विचार है कि सभी भाजपा शासित राज्य एक साथ कार्यकम की शुरुआत करें जब केंद्र की भाजपा नीत सरकार के सत्ता में सात साल पूरे हों।'' वर्तमान में भाजपा के 12 मुख्यमंत्री हैं जो विभिन्न राज्यों में सत्ता की बागडोर संभाले हुए हैं।पिछले साल भी कोरोना के कारण लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से भाजपा ने मोदी सरकार की छठी वर्षगांठ व्यापक स्तर पर नहीं मनाया था। नड्डा ने कहा कि विश्व ने कोरोना जैसा संकट शताब्दी में नहीं आया है और इस वैश्विक महामारी से ना सिर्फ भारत बल्कि पूरा विश्व प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना ने कई चुनौतियां पैदा की है और भारत मुस्तैदी से इनका सामना कर रहा है।
- मुंबई। 'ताउते' चक्रवात के कारण समुद्र में डूबे पी305 बजरे पर मौजूद नौ और वाराप्रदा नौका के 11 कर्मियों का कुछ पता नहीं चल पाने के बाद नौसेना ने दोनों वाहनों के मलबे की तलाश में शनिवार जल के अंदर खोज अभियान शुरू किया। नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि आज छह शव और मिलने के बाद पी305 दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 66 हो गई। इसके अलावा नौसेना ने मुंबई के तट के निकट बजरे और वाराप्रदा नौका के खोज एवं बचाव अभियानों (एसएआर) को गति देने के लिये विशेष गोताखोर टीमों को तैनात किया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ''अब तक 66 शव मिल चुके हैं। एसएआर अभियान पूरी रात जारी रहे। विशेष टीमों और उपकरणों के जरिये पी305 और नौका की तलाश जारी है। '' प्रवक्ता ने कहा, “पी305 बजे और वाराप्रदा नौका के लापता चालक दल को खोजने के लिये जारी अभियानों को गति देने के वास्ते आज सुबह विशेष गोताखोरों की टीमें आईएनएस मकर और आईएनएस तारासा में सवार होकर मुंबई से रवाना हुईं।'' एक अधिकारी ने कहा, ''नौसेना और तटरक्षक बल बजरे के नौ और वाराप्रदा के 11 कर्मियों की तलाश में जुटे हैं क्योंकि ताउते चक्रवात के बेहद कमजोर पड़ने के चलते और अधिक लोगों के जिंदा बचे होने की उम्मीद है। '' पी305 बजरे पर मौजूद 261 कर्मियों में से अब तक 186 को बचाया जा चुका है। 66 की मौत हो चुकी है जबकि नौ कर्मी लापता हैं। वाराप्रदा में सवार 13 लोगों में से दो को बचा लिया गया है। पी305 में दुर्घटना में मारे गए आधे से अधिक कर्मियों की पहचान करने के लिये संघर्ष कर रही पुलिस ने शवों का डीएनए कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। मुंबई पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि नौसेना अब तक बरामद किये जा चुके शव शहर की पुलिस को सौंप चुकी है। गौरतलब है कि पी305 बजरा चक्रवात के दौरान सोमवार शाम मुंबई के तट के निकट डूब गया था। डूबने से पहले बजरा चक्रवात में फंस गया था।
- नई दिल्ली। मध्य-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर एक कम दवाब का क्षेत्र बन गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह रविवार को और गहरा जाएगा तथा सोमवार तक इसके चक्रवाती तूफान में बदलने और 26 मई की शाम तक उत्तरी ओडिसा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों से टकराने की संभावना है। तटों से टकराने से पहले यह और तेज होकर भीषण चक्रवात बन सकता है। तूफान की संभावना को देखते हुए ओडिसा के तटवर्ती जिलों में राहत शिविरों के लिए स्थलों की पहचान शुरू कर दी गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना तैयार की जा रही है।राज्य के विशेष राहत आयुक्त ने बताया कि राहत शिविरों के लिए खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और बिजली का बैकअप सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में शरण लेने वालों के बीच कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और मास्क वितरित किए जाएंगे।कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने केन्द्र और राज्य सरकारों तथा संबंधित एजेंसिंयों के साथ बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान यास से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। श्री गौबा ने समीक्षा बैठक में कहा कि सभी उपाय समय रहते कर लिए जाने चाहिए जिससे जान-माल की कम से कम हानि हो। उन्होंने तूफान से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों से लोगों को जल्दी से जल्दी निकालने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी नौकाओँ और जहाजों का जल्दी से जल्दी तटों पर लौटना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। श्री गौबा ने कहा कि कोविड रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और कोविड अस्पतालों और देखभाल केन्द्रों के काम काज में बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों से देश के अन्य भागों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखने के कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली, दूरसंचार तथा अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं को बहाल करने की भी तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ सहयोग बना कर काम करने का निर्देश भी दिया।भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक ने समिति को चक्रवात की मौजूदा स्थिति के बारे में बताया। इसके बुधवार शाम तक पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तट पर पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से तटीय जिलों में 155 से 165 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और भारी बरसात होगी।संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों ने समिति को चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए किए गए उपायों से अवगत कराया। निचले इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है। खाद्यान्न, पेयजल और आवश्यक वस्तुओं के भण्डारण का प्रबंध कर लिया गया है तथा बिजली, दूरसंचार और अन्य सेवाओं को बनाए रखने के उपाय किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 65 दल तैनात किए हैं और 20 को तैयार रखा गया है। बचाव और राहत कार्य के लिए सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के दलों को पोत तथा विमानों के साथ तैनात किया गया है। अस्पतालों और कोविड देखभाल केन्द्रों के कामकाज को सामान्य बनाए रखने के उपाय किए गए हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन के उत्पादन तथा देशभर में इसकी आपूर्ति के भी प्रबंध किए गए हैं।समीक्षा बैठक में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, अंडमान-निकोबार तथा पुद्दुचेरी के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में गृह, बिजली, जहाजरानी, दूरसंचार, तेल और प्राकृतिक गैस, नागरिक उड्डयन और मछली पालन मंत्रालय के सचिव तथा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सचिव, आईडीएस के प्रमुख और तटरक्षक बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक भी मौजूद थे।
- नई दिल्ली। रसायन और उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौडा ने कहा है कि विभिन्न राज्यों में म्यूकरमायकोसिस की बढ़ती संख्या की विस्तृत समीक्षा के बाद सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में आज 23 हजार 680 अतिरिक्त एम्फोटेरिसिन-बी की खुराक भेजी गई हैं। श्री गौडा ने ट्वीट में कहा है कि यह आवंटन रोगियों की संख्या को देखकर किया गया है। देशभर में लगभग आठ हजार 848 मरीज इस बीमारी से पीडि़त हैं।--
- बरेली (उप्र)। जिले के थाना शाही के गांव सीहोर में गन्ने के खेत से एक युवती की लाश मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि प्रेम प्रसंग के कारण पिता ने बेटी का कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर उसकी लाश फेंक दी थी।पुलिस के मुताबिक युवती की शिनाख्त रामपुर जिले के थाना मिलक के पुराना जगतपुर मोहल्ला निवासी हरस्वरूप की बेटी किरन (18) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को युवती का शव गन्ने के खेत में मिलने की सूचना ग्राम प्रधान ने पुलिस को दी। थाना शाही के प्रभारी अश्वनी कुमार और थाना शीशगढ़ के प्रभारी योगेश यादव के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस ने शव को गन्ने के खेत से बाहर निकाला।पुलिस के मुताबिक लाश करीब दो दिन पुरानी लग रही थी। मृतक लड़की के गले पर निशान थे और उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी। पुलिस ने बाद में शव की पहचान कराई तो पता चला कि युवती का नाम किरन है। बरेली के पुलिस अधीक्षक (देहात) राजकुमार अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि इस मामले में युवती के आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी पिता ने हत्या की बात कबूल करते हुए कहा कि उसकी बेटी का प्रेम प्रसंग पड़ोसी गांव मुझैना थाना कैमरी के एक युवक के साथ चल रहा था। इस कारण उसने गला दबाकर अपनी बेटी की हत्या कर दी और लाश को गन्ने के खेत में फेंक दिया।
- भोपाल। देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार केसवानी का शुक्रवार को भोपाल में निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। अप्रैल के पहले हफ्ते में उन्हें कोरोना हुआ था। हालांकि 21 अप्रैल को उनकी कोरोना निगेटिव आ गई थी। पिछले 10-12 दिन से वो वेंटिलेटर पर थे।राजकुमार केसवानी भोपाल गैस त्रासदी को दुनिया के सामने लाने वाले पहले पत्रकार थे और इसी गैस कांड की रिपोर्टिंग ने उन्हें दुनियाभर में मशहूर किया। न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए भी उन्होंने गैस त्रासदी की इंवेस्टिगेटिव सिरीज की थी। वे दैनिक भास्कर में लगातार कई दशकों से मशहूर कॉलम 'आपस की बातÓ लिख रहे थे। वे 2003 में दैनिक भास्कर इंदौर के रेसिडेंट एडिटर बने थे और उसके बाद 2004 से 2010 तक भास्कर की मैगजीन रसरंग के संपादक भी रहे। वे 50 साल की पत्रकारिता में वे विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े रहे।सीएम भूपेश बघेल, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जताया शोकराजकुमार केसवानी के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया- पत्रकार, लेखक, कवि, फि़ल्मी इतिहास व गीत संगीत के जानकार और न जाने क्या क्या एक साथ थे राजकुमार केसवानी। उनका निधन एक प्रतिभावान और ज़िंदादिल इनसान का चले जाना है। ईश्वर उनके परिवार को शक्ति दे। ओम शांति।वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने ट्वीट में लिखा-समाज व जनहित से जुड़े मामलों पर बेबाकी से कलम चलाने वाले पत्रकार श्री राजकुमार केसवानी जी को हमने आज खो दिया। उन्हें भोपाल त्रासदी में सुरक्षा चूक की ओर हादसे से पूर्व ध्यान आकर्षित करने के लिए जाना जाता है। पत्रकारिता जगत के लिए यह अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि!---
- नई दिल्ली। केन्द्र ने राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को परामर्श जारी कर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और इस महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों सहित समाज के संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा है। संक्रमण की इस नई लहर की चुनौतियों से निपटने के लिए मंत्रालय ने समाज के संवेदनशील समूहों विशेषकर अनाथ बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों तथा अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के सदस्यों के लिए मौजूदा सुविधाओं की तत्काल समीक्षा करने को कहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस समीक्षा में पुलिसकर्मियों, विभिन्न एजेंसियों और विभागों के साथ सामाजिक संगठनों के साथ तालमेल को भी शामिल करना होगा।परामर्श में मंत्रालय ने राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित करने और इसे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जारी एक सौ सात करोड़ रूपये का भी उल्लेख किया। इस हेल्प डैस्क से वकीलों, मनोवैज्ञानिकों और गैर सरकारी संगठनों को भी जोडा गया है जो आवश्यक सहायता, पुनर्वास तथा संक्रमितों के पंजीकरण और निगरानी संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। राज्योंं और केन्द्रशासित प्रदेशों को प्रत्येक जिले में मानव तस्करी रोधी इकाई स्थापित करने और उसे मजबूत करने के लिए भी सौ करोड रूपये दिए गए हैं। परामर्श में कहा गया है कि मौजूदा कोविड महामारी में, जहां कुछ बच्चे माता पिता को खो चुके हैं, इन इकाइयों का महत्व और बढ़ जाता है। राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों से मानव तस्करी की रोकथाम के लिये पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
- बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं में शुक्रवार देर रात दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक कार और पिकअप के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार संभल के बहजोई में रहने वाले गौरव कार से अपनी ससुराल बिसौली के मोहल्ला मौर्य कॉलोनी आए थे। उनके साथ उनकी मां मीरा (48), बहनोई सुमित (23) भी थे। गौरव ने अपनी ससुराल से पत्नी संध्या (22) और सास सर्वेश (45) को लेकर निकले। कार कपिल (24) नाम का ड्राइवर चला रहा था। उनकी कार मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाइवे पर थी। बिसौली कोतवाली इलाके में चंदौसी की ओर से तेज रफ्तार से आ रही पिकअप ने कार में टक्कर मार दी। घटना में गौरव और उनकी मां मीरा, सर्वेश और ड्राइवर कपिल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं संध्या और सुमित गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर कोहराम मच गया। आसपास लोग दौड़े और लोगों के कार से निकालने का प्रयास किया। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी और लोगों को निकालने में परेशानी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन मंगवाई, फिर शवों और घायलों को बाहर निकाला गया।सीएम ने जताया शोकबदायूं में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया। वरिष्ठ अधिकारियों को मौक़े पर जाकर पीडि़तों की हर यथासंभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं। वहीं घायलों को बेहतर चिकित्सा दिलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- पटना (बिहार)। पटना जिले के मोकामा से शुक्रवार को दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है। मोकामा नगर थाना क्षेत्र में एक पिता द्वारा कथित तौर पर अपने दो मासूम बच्चों को कुल्हाड़ी से काट कर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पिता ने खुद को पुलिस के सामने समर्पण कर दिया। फिलहाल दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।पुलिस के मुताबिक, पटना के मोकामा थाना अंतर्गत कनाहीपुर प्रखंड में आरोपी पिता ने अपने दो बच्चों की कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी। आरोपी चंदन महतो अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था साथ ही उसका मानना था कि घर में रहने वाले दोनों बच्चे उसके नहीं हंै। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ था। जिसके बाद अपने दोनों बच्चों को छोड़ कर उसकी पत्नी अपने पिता के घर चली गई। जिसके बाद बीती रात आरोपी चंदन महतो ने आक्रोश में आकर दोनों बच्चों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। बच्चों की हत्या के बाद हथियार के साथ आरोपी ने खुद को मोकामा थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। घटना की सूचना आरोपी चंदन की पत्नी को दे दी गई है।एसपी अम्बरीष राहुल ने बताया कि आरोपी चंदन का अपनी पत्नी से आए दिन विवाद होता था। बार बार की लड़ाई से तंग आकर पत्नी अपने मायके चली गई थी। जिसके बाद आरोपी ने ऐसा कदम उठाया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और आरोपी चंदन को गिरफ्तार कर लिया है।--
- नई दिल्ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा है कि कोविड महामारी की दूसरी लहर से खरीफ फसल पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। आकाशवाणी समाचार से विशेष साक्षात्कार में डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि देश में लगातार चौथे वर्ष सामान्य मॉनसून रहेगा।डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है लेकिन पहली तिमाही में वृद्धि दर सकारात्मक होगी। उपाध्यक्ष ने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम में तेजी आएगी। डॉक्टर राजीव कुमार ने कहा कि जून के बाद आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वर्ष के अंत तक इसमें सकारात्मक बदलावा आएगा।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं चिपको आंदोलन के नेता सुंदरलाल बहुगुणा के निधन पर शोक जताया और इसे देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान बताया।प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, सुंदरलाल बहुगुणाजी का निधन हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है। प्रकृति के साथ तालमेल कर रहने की हमारे सदियों पुराने लोकाचार का उन्होंने प्रकटीकरण किया। उनकी सदाशयता और जज्बे की भावना को कभी भूला नहीं जा सकता। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ है।सुंदरलाल बहुगुणा का शुक्रवार को ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे और पिछले दिनों कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे।
- ऋषिकेश। मशहूर पर्यावरणविद और चिपको आंदोलन के प्रणेता रहे सुंदर लाल बहुगुणा का निधन हो गया। ऋषिकेश एम्स में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि डायबिटीज के साथ वह कोविड निमोनिया से पीडि़त थे। उत्तराखंड बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया पर श्रद्धाजंलि दी।बहुगुणा की उम्र 94 वर्ष थी। कुछ देर पहले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फोन पर उनकी तबीयत की जानकारी ली थी। कोरोना संक्रमित होने के बाद 8 मई को सुंदर लाल बहुगुणा एम्स ऋषिकेश में भर्ती हुए थे। गुरुवार को डॉक्टरों की टीम ने इलेक्ट्रोलाइट्स और लीवर फंक्शन टेस्ट समेत ब्लड शुगर की जांच और निगरानी की सलाह दी थी।चिपको आंदोलन सबसे बड़ी उपलब्धिहिमालय के रक्षक सुंदरलाल बहुगुणा की सबसे बड़ी उपलब्धि चिपको आंदोलन थी। वह गांधी के पक्के अनुयायी थे और जीवन का एकमात्र लक्ष्य पर्यावरण की सुरक्षा था। उनका जन्म 9 जनवरी, 1927 को उत्तराखंड के टिहरी में हुआ था। सुंदरलाल ने 13 वर्ष की उम्र में राजनीतिक करियर शुरू किया था। 1956 में शादी होने के बाद राजनीतिक जीवन से उन्होंने संन्यास ले लिया। उसके बाद उन्होंने गांव में रहने का फैसला किया और पहाडिय़ों में एक आश्रम खोला। बाद में उन्होंने टिहरी के आसपास के इलाके में शराब के खिलाफ मोर्चा खोला। 1960 के दशक में उन्होंने अपना ध्यान वन और पेड़ की सुरक्षा पर केंद्रित किया।पर्यावरण सुरक्षा के लिए 1970 में शुरू हुआ आंदोलन पूरे भारत में फैलने लगा। चिपको आंदोलन उसी का एक हिस्सा था। गढ़वाल हिमालय में पेड़ों के काटने को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन बढ़ रहे थे। 26 मार्च, 1974 को चमोली जिला की ग्रामीण महिलाएं उस समय पेड़ से चिपककर खड़ी हो गईं जब ठेकेदार के आदमी पेड़ काटने के लिए आए। यह विरोध प्रदर्शन तुरंत पूरे देश में फैल गए।1980 की शुरुआत में बहुगुणा ने हिमालय की 5,000 किलोमीटर की यात्रा की। उन्होंने यात्रा के दौरान गांवों का दौरा किया और लोगों के बीच पर्यावरण सुरक्षा का संदेश फैलाया। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से भेंट की और इंदिरा गांधी से 15 सालों तक के लिए पेड़ों के काटने पर रोक लगाने का आग्रह किया। इसके बाद पेड़ों के काटने पर 15 साल के लिए रोक लगा दी गई।टिहरी बांध के खिलाफ किया था आंदोलनबहुगुणा ने टिहरी बांधी के खिलाफ आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कई बार भूख हड़ताल की। तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी.नरसिंहा राव के शासनकाल के दौरान उन्होंने डेढ़ महीने तक भूख हड़ताल की थी। सालों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद 2004 में बांध पर फिर से काम शुरू किया गया।


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