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कुवैत सिटी. युवा निशानेबाज रेजा ढिल्लों ने शनिवार को यहां शॉटगन के लिए एशियाई ओलंपिक क्वालीफिकेशन में महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत के लिए पेरिस खेलों का 18वां कोटा हासिल किया। ढिल्लों (19 वर्ष) छह महिलाओं के फाइनल में आगे चल रही थीं लेकिन फिर वह दो-तीन निशाने चूककर चीन की जिनमेई गाओ से पिछड़ गयीं। गाओ ने 60 शॉट के फाइनल में 56 निशाने लगाकर पहला स्थान हासिल किया जबकि ढिल्लों 52 हिट के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहीं। गाओ और ढिल्लों दोनों ने पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल किया।
ढिल्लों के साथ हमवतन निशानेबाज महेश्वरी चौहान ने 43 निशाने लगाकर कांस्य पदक जीता।
वहीं भारतीय निशानेबाज गनेमत सेखों 30 अंक से चौथे स्थान पर रहीं।
ढिल्लों छह में से छह निशाने के साथ शीर्ष पर थीं। उन्होंने फाइनल में 14 हिट तक बढ़त बनाये रखी और दो अंक से गाओ से आगे रहीं। लेकिन ढिल्लों दो निशाने चूक गयीं और गाओ ने बढ़त बना ली। भारतीय निशानेबाज फिर चूक गयीं और चीनी खिलाड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी। फिर दो भारतीय निशानेबाज ढिल्लों और चौहान के बीच रजत पदक के लिए कशमकश चल रही थी। लेकिन ढिल्लों बाजी मारकर चौहान से आगे निकलकर स्वर्ण पदक के लिए कोशिश कर रही थीं। और चौहान ने कांस्य पदक प्राप्त किया।
स्वर्ण पदक के मुकाबले में ढिल्लों दो बार चूकीं और गाओ ने तीन अंक की बढ़त से पहला स्थान प्राप्त किया। इससे पहले सेखों ने क्वालीफिकेशन में 117 के स्कोर से दूसरे स्थान से, चौहान 115 अंक के साथ तीसरे स्थान से और ढिल्लों ने छठे स्थान से फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। -
दुबई. इंग्लैंड की सू रेडफर्न आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच आगामी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय श्रृंखला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा नियुक्त पहली महिला तटस्थ अंपायर होंगी। सभी आईसीसी महिला चैम्पियनशिप श्रृंखला और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिये आईसीसी के एक तटस्थ अंपायर नियुक्त करने के फैसले के बाद रेडफर्न की नियुक्ति की गयी है। इससे महिलाओं के विकास के साथ मैच के संचालन में कुछ तटस्थता सुनिश्चित की जा सकेगी। आईसीसी महिला चैम्पियनशिप के दौरान सात तटस्थ महिला अंपायर होंगी जिनका मैच के दिन का भुगतान आईसीसी के एलीट पैनल अंपायरों के समान ही होगा। आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक वसीम खान इसे बड़ा विकास मानते हैं क्योंकि इससे महिला अंपायरों के लिये अधिक मौके उपलब्ध होंगे। रेडफर्न ने अपनी नियुक्ति पर कहा, ‘‘यह महिला क्रिकेट और महिला क्रिकेट अधिकारियों दोनों के लिए निर्णायक क्षण है। मैं आईसीसी और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहूंगी और ऐसी ही और नियुक्तियों की उम्मीद करती हूं। '' रेडफर्न ने 1995 से 1999 के बीच इंग्लैंड के लिए छह टेस्ट और 15 वनडे मैच खेले हैं। इसमें भारत में 1997 विश्व कप के चार मैच शामिल थे। वह 2016 से अंपायरों के आईसीसी डेवलपमेंट पैनल में हैं। वह आईसीसी के दो महिला क्रिकेट विश्व कप (2017,2022) और तीन आईसीसी महिला टी20 विश्व कप (2018, 2022, 2024) में अंपायरिंग कर चुकी हैं। आईसीसी ने कहा कि वह आईसीसी महिला चैम्पियनशिप श्रृंखला में तटस्थ अंपायरों की भूमिका के लिए महिला अधिकारियों को प्राथमिकता देगा।
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बेंगलुरु। भारत ने बुधवार को यहां कप्तान रोहित शर्मा के नाबाद शतक के बावजूद दूसरे सुपर ओवर के रोमांच तक पहुंचे तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अफगानिस्तान को हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 3-0 से सूपड़ा साफ किया। कप्तान रोहित शर्मा ने संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए नाबाद शतक जमाया जिसकी मदद से भारत ने शीर्षक्रम की नाकामी से उबरते हुए चार विकेट पर 212 रन बनाये । जवाब में अफगानिस्तान ने रहमनुल्लाह गुरबाज (50), कप्तान इब्राहिम जदरान (50) और गुलबदीन नईब (नाबाद 55 रन) के अर्धशतकों से निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 212 रन बनाये जिससे स्कोर टाई हुआ और मुकाबला सुपर ओवर में पहुंचा। पहले सुपर ओवर में मुकेश कुमार गेंदबाजी करने आये जिसमें अफगानिस्तान ने एक विकेट पर 16 रन बनाये। भारत ने रोहित के दो छक्कों से एक विकेट गंवाकर 16 रन बना लिये और स्कोर फिर टाई हो गया। इससे फिर दूसरा सुपर ओवर खेला गया। इसमें रोहित पांचवीं गेंद पर रिटायर्ड हो गये थे। दूसरे सुपर ओवर में भारतीय टीम ने रोहित के एक छक्के और एक चौके से पांच गेंद में दो विकेट गंवाकर 11 रन बनाये। इसमें रोहित रन आउट हुए और फरीद अहमद ने रिंकू सिंह को आउट किया। रवि बिश्नोई दूसरा सुपर करने उतरे और उनकी तीन गेंद में अफगानिस्तान ने एक रन पर दो विकेट गंवा दिये जिससे भारत मैच जीत गया। इससे पहले रोहित ने 69 गेंद में 11 चौकों और आठ छक्कों की मदद से नाबाद 121 रन बनाये । वहीं रिंकू ने 39 गेंद में 69 रन की नाबाद पारी खेली जिसमें दो चौके और छह छक्के शामिल थे । दोनों ने पांचवें विकेट की अटूट साझेदारी में 190 रन बनाये । भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए एक समय पर चार विकेट 22 रन पर गंवा दिये थे । इसके बाद रोहित और रिंकू ने शुरूआत में संभलकर खेलते हुए पारी को संभाला और फिर हाथ खोलने शुरू किये । रोहित ने अफगानिस्तान के स्पिनरों को रिवर्स स्वीप भी लगाई जो आम तौर पर उनके बल्ले से देखने को नहीं मिलती । लेग स्पिनर कैस अहमद को रिवर्स स्वीप लगाकर ही उन्होंने टी20 क्रिकेट में अक्टूबर 2022 के बाद पहला अर्धशतक पूरा किया । उन्होंने अपनी पारी में दर्शनीय पूल शॉट भी लगाये । रोहित ने अपना शतक 63 गेंद में पूरा किया जो 2018 में लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 111 रन के बाद उनका पहला टी20 शतक है । रोहित ने टी20 में अपना सर्वोच्च स्कोर भी बनाया । इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 118 रन था जो श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 2017 में इंदौर में लगाया था । दूसरे छोर से रिंकू ने उनका बखूबी साथ निभाया । उन्होंने सलीम को स्क्वेयर लेग पर फ्लिक के साथ छक्का जड़ा और टी20 में दूसरा अर्धशतक पूरा किया । पहली गेंद से ही आक्रामक खेलने के इरादे से उतरने वाली भारतीय टीम को इस रणनीति का कभी कभी खामियाजा भी भुगतना पड़ता है । यशस्वी जायसवाल आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे जिन्हें बायें हाथ के तेज गेंदबाज फरीद अहमद ने पवेलियन भेजा । डीप में मोहम्मद नबी ने उनका कैच लपका । विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के घरेलू मैदान पर उतरे तो दर्शकों ने जबर्दस्त तालियों के साथ उनका स्वागत किया । वह हालांकि एक ही गेंद खेल पाये और अहमद ने उन्हें इब्राहिम जदरान के हाथों लपकवाया । विकेटकीपर जितेश शर्मा की जगह आये संजू सैमसन भी खाता नहीं खोल सके । वह अजमतुल्लाह उमरजई की गेंद पर नबी को कैच देकर लौटे । फॉर्म में चल रहे शिवम दुबे ने विकेट के पीछे रहमानुल्लाह गुरबाज को कैच थमाया । अहमद ने पहले स्पैल में तीन ओवर में दस रन देकर तीन विकेट लिये। पावरप्ले में भारत ने 30 रन बनाकर चार विकेट गंवा दिये । पहले दो मैचों में नाकाम रहे रोहित सही समय पर फॉर्म में लौटे और भारत ने बाकी 14 ओवर में 182 रन जोड़े जिनमें से 93 आखिरी पांच ओवर में बने ।
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नई दिल्ली। पेरिस ओलंपिक में जगह बनाने से केवल एक जीत दूर खड़ी भारतीय महिला हॉकी टीम को एफआईएच ओलंपिक क्वालीफायर्स में अपने से अधिक रैंकिंग के जर्मनी के खिलाफ गुरुवार को यहां होने वाले सेमीफाइनल में सफलता हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा।भारतीय टीम टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में अमेरिका से 0-1 से हार गई थी लेकिन इसके बाद उसने न्यूजीलैंड और इटली को हराकर पूल बी में दूसरे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
भारत ने पिछले दो मैच में खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया और सविता पूनिया की अगुवाई वाली टीम जर्मनी के खिलाफ भी इसी तरह का खेल जारी रखने की कोशिश करेगी। इस टूर्नामेंट में शीर्ष पर रहने वाली तीन टीम इस साल होने वाले ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेंगी।इस तरह से गुरुवार को जीत दर्ज करने पर भारतीय टीम का पेरिस का टिकट पक्का हो जाएगा। अगर भारतीय टीम इस मैच को जीतने में नाकाम रहती है तो उसे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का एक और मौका मिलेगा।सेमीफाइनल में हारने वाली टीमों के बीच तीसरे और चौथे स्थान के लिए शुक्रवार को मैच खेला जाएगा जिसमें जीत दर्ज करने वाली टीम ओलंपिक में जगह बनाएगी। भारतीय टीम को हालांकि जर्मनी के खिलाफ सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरना होगा। पिछले दो मैच में भारतीय रक्षापंक्ति ने शानदार प्रदर्शन किया।भारतीय रक्षापंक्ति में कप्तान सविता के अलावा उदिता, मोनिका और निक्की प्रधान ने अच्छा खेल दिखाया है। मध्य पंक्ति ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। सलीमा टेटे अपनी तेज दौड़ से विरोधी टीमों को परेशान करती रही हैं जबकि नेहा गोयल ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इन दोनों ने अग्रिम पंक्ति के लिए अच्छे मौके बनाए हैंजर्मनी अभी विश्व रैंकिंग में पांचवें जबकि भारत छठे नंबर परअग्रिम पंक्ति में लालरेम्सियामी, संगीता कुमारी, ब्यूटी डुंग डुंग और नवनीत कौर भी अपने बेहतरीन प्रदर्शन से टीम की उम्मीदों पर खरी उतरी हैं। भारत के लिए पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलना बड़ा मसला रहा है लेकिन इटली के खिलाफ पिछले मैच में उदिता ने पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किए। लेकिन जर्मनी की मजबूत टीम के खिलाफ केवल उदिता का प्रयास ही पर्याप्त नहीं होगा।जहां तक जर्मनी का सवाल है तो वह पूल ए में सात अंक लेकर शीर्ष पर रहा। जापान के भी इतने ही अंक थे लेकिन जर्मनी का गोल अंतर बेहतर था। जर्मनी अभी विश्व रैंकिंग में पांचवें जबकि भारत छठे नंबर पर है।भारतीय टीम ने 2006 के बाद जर्मनी से सात मैच खेले हैं जिनमें से दो में उसे जीत मिली जबकि पांच मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा। लेकिन वर्तमान समय में हॉकी में रैंकिंग और अतीत के परिणाम केवल संख्या हैं और दोनों टीम एक दूसरे को कड़ी टक्कर देने में सक्षम हैं।भारतीय कोच यानिक शोपमैन ने कहा,‘‘हम जर्मनी की टीम को अच्छी तरह से जानते हैं। हमने पिछली गर्मियों में और हाल में स्पेन में उनसे मैच खेले थे। उसके पास कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं लेकिन अगर हम अपने खेल पर ध्यान देते हैं तो उन्हें हरा सकते हैं।’’ एक अन्य सेमीफाइनल में अमेरिका का सामना जापान से होगा। -
नयी दिल्ली. भारतीय खिलाड़ी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर मंगलवार से यहां शुरू हो रहे इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में चमक बिखेरने की कोशिश करेंगे जिसमें सभी की निगाहें सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर टिकी रहेंगी। सात्विक और चिराग ने 2023 में छह खिताब जीते थे जबकि हाल में वह मलेशिया सुपर 1000 टूर्नामेंट में उपविजेता रहे थे। इससे उनसे अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। भारतीय बैडमिंटन संघ का यह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट पिछले साल सुपर 750 वर्ग में रखा गया था लेकिन तब भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था और कोई भी दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाया था। इससे पहले 2022 में सात्विक और चिराग ने पुरुष युगल जबकि लक्ष्य सेन ने पुरुष एकल का खिताब जीता था। भारतीय खिलाड़ी अब पिछले साल के लचर प्रदर्शन को भूल कर उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। सात्विक और चिराग मलेशिया ओपन के फाइनल के संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार गए थे लेकिन वह घरेलू धरती पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सात्विक ने कहा,‘‘हम अपने देश में अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। इस टूर्नामेंट के बाद हमारी जीत दर्ज करने की भूख बढ़ी है और हम अपने घरेलू दर्शकों के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।'' पिछले साल सात्विक के चोटिल होने के कारण भारतीय जोड़ी को दूसरे दौर के मैच से पहले हटना पड़ा था, लेकिन इस बार वे पूरी तरह से फिट हैं। पहले दौर में उनका मुकाबला दुनिया के 25वें नंबर के फैंग जेन ली और फैंग चिह ली से होगा। सात्विक और चिराग जहां खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेंगे वहीं पुरुष एकल में एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत पर निगाहें टिकी रहेंगी विशेषकर तब जबकि ओलंपिक में दो बार की पदक विजेता पीवी सिंधू घुटने की चोट के कारण इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रही हैं। मलेशिया में खराब प्रदर्शन करने वाले प्रणय और लक्ष्य को जल्द लय हासिल करनी होगी जबकि पिछले सप्ताह पहले दौर में जोनाथन क्रिस्टी को हराने वाले श्रीकांत उस जीत से प्रेरणा लेने की कोशिश करेंगे। प्रणय और लक्ष्य मलेशिया ओपन के पहले दौर में हार गए थे। इंडिया ओपन में वह क्रमशः चीनी ताइपे के चोउ टीएन चेन और प्रियांशु राजावत के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। श्रीकांत ओलंपिक क्वालीफिकेशन को ध्यान में रखते हुए अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। पहले दौर में उनका सामना हांगकांग के ली चेउक यियू से होगा। प्रणय अभी विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर पर हैं और ओलंपिक क्वालीफिकेशन की दौड़ में सबसे आगे हैं। दूसरे स्थान की दौड़ में श्रीकांत और लक्ष्य हैं जिनकी विश्व रैंकिंग अभी क्रमशः 24 और 17 है। महिला युगल में भी ओलंपिक में जगह बनाने की दौड़ काफी कड़ी हो गई है। इसके लिए अश्विनी पोनप्पा और तनीषा क्रैस्टो तथा राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली दौड़ में हैं। अश्विनी और तनीषा पहले दौर में थाईलैंड की राविंडा प्राजोंगजई और जोंगकोलफान कितिथाराकुल से भिड़ेंगी जबकि त्रीसा और गायत्री का सामना जापान की चौथी वरीयता प्राप्त नामी मत्सुयामा और चिहारू शिदा से होगा। महिला युगल में भारत की दो ओर जोड़ियां नजर आएंगी। अश्विनी भट के और शिखा गौतम तथा श्वेतपर्णा पांडा और रुतापर्णा पांडा को रिजर्व खिलाड़ियों के बीच से ड्रॉ में जगह दी गई है। पुरुष युगल में भी एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला तथा कृष्ण प्रसाद गारगा और साई प्रतीक की जोड़ियों को टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला है। कुछ खिलाड़ियों के हटने से ओडिशा सुपर 100 चैंपियन सतीश कुमार करुणाकरन और आकर्षी कश्यप को भी क्रमश: पुरुष और महिला एकल में खेलने का मौका मिल रहा है। सतीश पहले दौर में जापान के ताकुमा ओबायाशी से भिड़ेंगे जबकि आकर्षी को पहले दौर में चीन की ओलंपिक चैंपियन चेन यू फेई का सामना करना है।
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जकार्ता. भारतीय निशानेबाजों ने रविवार को यहां एशिया ओलंपिक क्वालीफायर में स्वर्ण पदक जीतना जारी रखा जिसमें योगेश सिंह ने अमित कुमार और ओम प्रकाश के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल करने से पहले पुरुष 25 मीटर व्यक्तिगत स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में भी सोने का पदक जीता। कुवैत सिटी में शॉटगन के ओलंपिक क्वालीफायर में कम से कम दो महिला ट्रैप निशानेबाज पहले दिन के क्वालीफिकेशन के बाद सोमवार को शीर्ष छह फाइनल्स में जगह बनाने के लिए अच्छी स्थिति में थीं। योगेश ने 572 अंक से स्टैंडर्ड पिस्टल स्वर्ण पदक जीता और फिर अमित (565) और प्रकाश (553) के साथ जोड़ी बनाकर टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक भी जीत लिया। इससे भारत के 14 स्वर्ण और 10 रजत से कुल 32 पदक हो गये हैं। इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में यह देश का सबसे शानदार प्रदर्शन है।
शॉटगन क्वालीफिकेशन में श्रेयसी सिंह दो राउंड के बाद दूसरे और भाव्या त्रिपाठी तीन राउंड के बाद शीर्ष छह में शामिल थीं। मनीषा कीर 11वें स्थान पर थीं। सोमवार को ट्रैप क्वालीफिकेशन राउंड और फाइनल होगा जिसमें दो दो पेरिस ओलंपिक कोटे दांव पर लगे होंगे। भारत के पास प्रत्येक स्पर्धा में एक एक कोटा हासिल करने का मौका होगा। -
कराची। पाकिस्तान के पूर्व टीम निदेशक मिकी आर्थर ने स्वीकार किया कि पिछले साल वनडे विश्व कप के दौरान अहमदाबाद में भारत के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान माहौल बेहद पर प्रतिकूल था और यह उनके कार्यकाल के सबसे कठिन क्षणों में से एक था। पाकिस्तान विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रहा था जिसके बाद आर्थर अपने पद से हट गए थे और उनकी जगह पूर्व ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज को टीम निदेशक नियुक्त किया गया। आर्थर ने ‘विजडन' से कहा,‘‘पाकिस्तान को किसी तरह का समर्थन नहीं मिल रहा था और यह बेहद मुश्किल था। पाकिस्तान की टीम अगर वास्तव में किसी चीज से प्रेरित होती है तो वह मैदानों और होटलों में मिलने वाला अविश्वसनीय समर्थन है। '' उन्होंने कहा,‘‘लेकिन यहां ऐसा कतई नहीं था और विश्व कप जैसी प्रतियोगिता में यह विशेषकर खिलाड़ियों के लिए काफी मुश्किल था। जैसी कि आप कल्पना कर सकते हैं अहमदाबाद में परिस्थितियां बेहद प्रतिकूल थी। हमें इसकी उम्मीद थी और इसका श्रेय हमारे खिलाड़ियों को जाता है कि उन्होंने कभी इसको लेकर शिकायत नहीं की।'' आर्थर ने कहा,‘‘उन्होंने अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया लेकिन आखिर में प्रेरणा भी अपनी भूमिका निभाती है जबकि आपको कहीं से भी समर्थन नहीं मिल रहा हो।'' विश्व कप में पाकिस्तान का अभियान मैदान के बाहर से जुड़े विवादों से भी घिरा रहा जिसमें तत्कालीन कप्तान बाबर आजम की व्हाट्सएप पर की गई बातचीत लीक होना भी शामिल है। आर्थर ने हालांकि कहा कि टीम बाहर की बातों से कभी प्रभावित नहीं हुई। उन्होंने कहा,‘‘पाकिस्तान को लेकर बाहर जितनी बातें की जा रही थी वह अविश्वसनीय थी। आपको केवल अपना ट्विटर देखने की जरूरत थी जिससे पता चल जाता है की टीम को लेकर बाहर कितनी बातें की जा रही है जबकि इनमें कुछ भी सच्चाई नहीं थी।
- नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज शॉन मार्श ने क्रिकेट करियर पर विराम लगाने की घोषणा कर दी है. इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके इस धुरंधर ने सभी फॉर्मेट से को छोड़ने का फैसला लिया है. ऑस्ट्रेलिया की टी20 लीग बिग बैश में टीम के प्लेऑफ में जगह ना बना पाने के बाद उन्होंने यह घोषणा की. मार्श बिग बैश लीग में मेलबर्न रेनेगेड्स का हिस्सा हैं.ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एरोन फिंच के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद शॉन मार्श ने भी अब अपने शानदार करियर पर विराम लगाने का फैसला लिया है. 40 साल के इस बैटर ने साथी खिलाड़ी फिंच की विदाई वाले मुकाबले में 64 रन की पारी खेली थी. टीम ने मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ इस मुकाबले में 6 विकेट की जीत दर्ज की थी. मार्श की टीम इस बिग बैश लीग के सीजन में अच्छा खेल नहीं दिखा पाई और अंक तालिका में इस वक्त 8 टीमों में से 7वें नंबर है. प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने के बाद मार्श ने अपने संन्यास की घोषणा कीमेलबर्न रेनेगेड्स की टीम ने बिग बैश लीग के इस सीजन में 9 मैच खेलकर महज 2 जीत ही दर्ज की है. 6 में टीम को हार मिली है जबकि उसका एक मुकाबला बेनतीजा रहा. 5 अंकों के साथ इस वक्त टीम 8 टीमों में 7वें स्थान पर है. इस सीजन में टीम का एक मुकाबला बाकी है. हालांकि 17 जनवरी के मुकाबले से अंक तालिका पर ज्यादा कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला.शॉन मार्श का इस सीजन प्रदर्शनमौजूदा बिग बैश सीजन की बात करें तो पांच मुकाबले खेलकर मार्श ने 45.25 की औसत के साथ कुल 181 रन बनाए. इसमें उनके नाम तीन अर्धशतकीय पारी शामिल रही. आखिरी मुकाबले में उनके बल्ले से 64 रन की पारी देखने को मिली. कुछ दिन पहले ही उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट को भी अलविदा कहा था. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मार्श ने जनवरी 2019 में भारत के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर आखिरी मैच खेला था.आईपीएल में जीता था ऑरेंज कैपऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज बल्लेबाज ने आईपीएल में भी अपनी छाप छोड़ी. साल 2008 में जब पहली बार टूर्नामेंट खेला गया था तो उन्होंने ऑरेंज कैप पर कब्जा जमाया था. आईपीएल के इस सीजन में मार्श ने सबसे ज्यादा रन बनाए थे. पंजाब किंग्स (तब किंग्स इलेवन पंजाब) की टीम के लिए इस बैटर ने 616 रन बनाए थे.मार्श का इंटरनेशनल करियरशॉन मार्श ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत वेस्टइंडीज के दौरे पर टी20 और वनडे सीरीज से किया था. इस बैटर ने अपनी टीम के लिए कुल 38 टेस्ट, 73 वनडे और 15 टी20 मुकाबले खेले. मार्श ने टेस्ट में 2265, वनडे में 2773 जबकि टी20 इंटरनेशनल में कुल 255 रन बनाए. 40 साल के शॉन मार्श ने कुल 13 शतक और 25 अर्धशतक हैं.
- मैनचेस्टर (इंग्लैंड), ।स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हॉलैंड पांव की चोट के कारण मैनचेस्टर सिटी की तरफ से इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल प्रतियोगिता में न्यूकैसल के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाएंगे और उनके जनवरी के आखिर तक बाहर रहने की संभावना है। नार्वे का यह स्ट्राइकर चोटिल होने के कारण सभी प्रतियोगिताओं में पिछले आठ मैच में नहीं खेल पाया है। इसके बावजूद वह प्रीमियर लीग में 14 गोल करके सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। हॉलैंड ने मैनचेस्टर सिटी की 6 दिसंबर को एस्टन विला के हाथों 1-0 से हार के बाद कोई मैच नहीं खेला है। मैनचेस्टर सिटी के मुख्य कोच पेप गार्डियोला ने कहा,‘‘उम्मीद है कि वह इस महीने के आखिर तक खेलने के लिए फिट हो जाएगा। उसकी हड्डी में चोट लगी है और इसे ठीक होने में समय लगता है। किसी भी चोट के लिए आप अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर सकते हैं लेकिन इनमें समय लगता है।'' तेईस वर्षीय हॉलैंड ने अभ्यास शुरू कर दिया है। उन्होंने चैंपियंस लीग में भी पांच गोल किए थे।
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कुआलालंपुर। एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने शनिवार को कोरिया की विश्व चैंपियन सेओ सेउंग जे और कांग मिन ह्युकडिश की जोड़ी को को सीधे गेम में हराकर मलेशिया ओपन सुपर 1000 पुरुष युगल फाइनल में प्रवेश किया। विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज भारतीय जोड़ी ने सत्र के अपने पहले टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में दूसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। सात्विक और चिराग की जोड़ी ने इस करीबी मुकाबले का पहला गेम 21-18 से जीता । दूसरे गेम में कोरिया की जोड़ी के पास छह गेम प्वाइंट लेकिन भारतीय जोड़ी ने लगातार आठ अंक जुटा कर इस गेम को 22-20 से जीतने के साथ फाइनल का टिकट पक्का किया। सात्विक और चिराग इस तरह अपने दूसरे सुपर 1000 खिताब से केवल एक कदम दूर है। उन्होंने इस स्तर का अपना पहला खिताब पिछले साल जून में इंडोनेशियाई ओपन में जीता था। भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया ओपन में भी इसी कोरियाई जोड़ी को हराया था। विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज कांग मिन और सेओ सेउंग के खिलाफ चार मैचों की भारतीय सात्विक और चिराग की जोड़ी की यह तीसरी जीत है। क्वार्टर फाइनल में एकतरफा जीत से उत्साहित भारतीय जोड़ी ने इस मुकाबले में भी 9-5 की बढ़त के साथ अच्छी शुरुआत की। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद शटल को दो बार कोर्ट के बाहर खेल दिया और कोरियाई की जोड़ी ने कुछ चतुराई भरी खेल से लगातार चार अंक बनाये। चिराग ने इसके बाद हैरतअंगेज शॉट खेलकर कोरिया के खिलाड़ियों को चौंका दिया। भारतीय जोड़ी एक बार फिर से चार अंक (17-13) की बढ़त बनाने में सफल रही। भारतीय जोड़ी के पास इसके बाद चार गेम प्वाइंट थे और सेओ तथा कांग की जोड़ी ने अपने रक्षण के स्तर को ऊंचा किया। सात्विक और चिराग की जोड़ी तीसरे प्रयास में अंक हासिल कर पहला गेम जीत लिया। सेओ और कांग ने दूसरे गेम में सतर्क शुरुआत करने के बाद अपना दबदबा बनाना शुरू किया। इस जोड़ी ने 9-4 और फिर कुछ शानदार रैली के दम पर 11-6 की बढ़त के साथ भारतीय जोड़ी को परेशान किया। पहले गेम में सेओ बेहतर खिलाड़ी लगे तो वही दूसरे गे में कांग ने ज्यादा प्रभावित किया। कोरिया की टीम 17-11 से आगे थी और सात्विक तथा चिराग इस गेम में वापसी का की कोशिश कर रहे थे। सात्विक और चिराग ने 14-20 से पिछड़ने के बाद शानदार मानसिक माजबूती दिखाई जिससे कोरियाई जोड़ी ने कई बार शटल को नेट पर खेल दिया। उन्होंने सही समय पर लय हासिल कर लगातार आठ अंक जुटा कर कोरिया की जोड़ी को हैरत में डालते हुए मैच जीत लिया। सात्विक और चिराग सबसे सफल भारत की पुरुष युगल जोड़ी है। इस जोड़ी ने एशियाई खेलों के बैडमिंटन में अपना और देश का पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा एशियाई चैंपियनशिप और इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 का खिताब भी जीता है।
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अल रेयान (कतर). भारत ने शनिवार को यहां एएफसी एशियाई कप फुटबॉल टूर्नामेंट के शुरूआती ग्रुप मैच में 50वें मिनट तक मजबूत आस्ट्रेलियाई टीम को गोल नहीं करने दिया लेकिन अंत में उसे 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। आस्ट्रेलिया के लिए ग्रुप बी के इस मैच में जैक्सन इरविन ने 50वें और जोर्डन ब्रोस ने 73वें मिनट में गोल दागा। भारत 18 जनवरी को दूसरे मैच में उज्बेकिस्तान से भिड़ेगा।
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नई दिल्ली। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने घोषणा की है कि उनका मंत्रालय अगले दो महीनों में खेलो इंडिया योजना के तहत देश भर में एक हजार खेलो इंडिया केंद्र स्थापित करेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा परिकल्पित खेल महोत्सव, खासदार क्रीड़ा महोत्सव के छठे संस्करण का उद्घाटन आज श्री ठाकुर ने नागपुर के यशवंत स्टेडियम में किया। इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुख्य रूप से मौजूद रहे। खेलों के लिए बजट आवंटन पर जोर देते हुए खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पहले खेल बजट सिर्फ 800 करोड़ रुपये का था, अब केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर 3200 करोड़ रुपये यानी चार गुना कर दिया है।
श्री अनुराग ठाकुर ने देश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ साल पहले देश में खेल के अनुकूल माहौल नहीं था लेकिन अब भारत ने एशियाई खेलों में पदकों का शतक पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया है। महाराष्ट्र के पारंपरिक खेल जैसे मल्लखंब (मल्लखंब) के साथ-साथ देश के अन्य पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय और खेलो इंडिया खेलों का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने और ओलंपिक में भी इन खेलों को स्थान दिलाने के प्रयास किये जायेंगे।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से इस खेल महोत्सव में प्रतिभागियों की संख्या बढ़ रही है। इस महोत्सव के पीछे एक ही उद्देश्य है कि नागपुर क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर जाकर अच्छे खिलाड़ी बनेंगे और उनके प्रदर्शन से देश का नाम रोशन होगानागपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा परिकल्पित इस 17 दिवसीय खेल महाकुंभ में 60 खेल शामिल होंगे जो नागपुर शहर के 66 मैदानों पर खेले जाएंगे। इस खेल महोत्सव में 1.35 करोड़ रुपये से अधिक के पुरस्कार भी बांटे जायेंगे।इस खेल आयोजन में भाग लेने वाले सभी एथलीटों को एक वर्ष की अवधि के लिए 2 लाख रुपये का बीमा कवर भी दिया जाएगा। इस उद्घाटन समारोह के अवसर पर इस खेल महोत्सव के आयोजक, पदाधिकारी, स्थानीय जन-प्रतिनिधि, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ, खेल टीमों के प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। - रांची. भारतीय महिला हॉकी टीम की मुख्य कोच यानेके शॉपमैन ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि उनकी टीम ने हांगझोउ एशियाई खेलों के जरिये पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने का मौका गंवा दिया लेकिन अब उन्हें यकीन है कि शनिवार से शुरू हो रहे ओलंपिक क्वालीफायर के जरिये वह पेरिस का टिकट कटायेंगे । पिछले साल हांगझोउ एशियाई खेलों के जरिये सीधे ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूकी भारतीय टीम यहां क्वालीफाइंग टूर्नामेंट खेलेगी । यहां 13 से 19 जनवरी तक होने वाले क्वालीफायर में भाग ले रही आठ में से शीर्ष तीन टीमें पेरिस ओलंपिक खेलेंगी । शॉपमैन ने कहा ,‘‘ हम एशियाई खेलों में चूक गए लेकिन अतीत को भुलाकर यहां अच्छा खेलेंगे । हमें पहले से बेहतर खेलना होगा और ऐसा करने पर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर सकते हैं ।'' भारत पूल बी में अमेरिका के खिलाफ शनिवार को अपने अभियान का आगाज करेगा। इसके बाद 14 जनवरी को न्यूजीलैंड और 16 जनवरी को इटली से खेलना है । नॉकआउट मैच 18 और 19 जनवरी को होंगे। कोच ने कहा ,‘‘ अमेरिका खतरनाक टीम है । हमने उनके खिलाफ खेला है हालांकि पिछला प्रदर्शन और रैंकिंग यहां मायने नहीं रखती । हमारी टीम अच्छी है और हम टूर्नामेंट के लिये तैयार हैं ।'' कप्तान सविता पूनिया ने कहा कि उनकी टीम आक्रामक हॉकी खेलेगी ।उन्होने कहा ,‘‘ हमारी ताकत आक्रामक हॉकी है हालांकि हम डिफेंस में भी अच्छे हैं । हम इन मैचों में आक्रामक खेल दिखायेंगे । हमारा फोकस दूसरी टीमों के बारे में सोचने की बजाय अपनी ताकत पर होगा ।''
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नयी दिल्ली. हॉकी इंडिया ने 22 जनवरी से दक्षिण अफ्रीका में होने वाले चार देशों के टूर्नामेंट के लिये भारत की 26 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है जिसमें जूनियर स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को भी मौका मिला है । पेरिस ओलंपिक की तैयारी के लिये महत्वपूर्ण माने जा रहे इस टूर्नामेंट में तोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारत का सामना फ्रांस, नीदरलैंड और मेजबान दक्षिण अफ्रीका से होगा । टीम की कमान हरमनप्रीत सिंह के हाथ में ही होगी जबकि एफआईएच वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाले हार्दिक सिंह उपकप्तान होंगे । जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा अराइजीत सिंह हुंडल और बॉबी सिंह धामी पहली बार सीनियर स्तर पर खेलेंगे । गोलकीपिंग में पवन को कृशन पाठक और पी आर श्रीजेश के साथ मौका दिया गया है । पिछले टूर्नामेंट से ब्रेक पर रहे अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह की भी वापसी हुई है । मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने इस दौरे के बारे में कहा ,‘‘ओलंपिक सत्र की शुरूआत दक्षिण अफ्रीका दौरे से करने को लेकर हम काफी उत्साहित है जहां हमें बेहतरीन टीमों से खेलने का मौका मिलेगा ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ हमने बड़ी टीम चुनी है ताकि सभी खिलाड़ियों को मौका मिल सके और एफआईएच प्रो लीग से पहले मैं सभी को मैच हालात में खेलते देख सकूं । दो जूनियर खिलाड़ी भी चुने गए हैं जिन पर नजरें रहेंगी ।'' भारतीय टीम 22 और 24 जनवरी को फ्रांस से (दोपहर 2.30 से), 26 जनवरी को दक्षिण अफ्रीका से (रात 9. 30 से) और 28 जनवरी को नीदरलैंड से (दोपहर दो बजे से) खेलेगी । भारतीय टीम :
गोलकीपर : पी आर श्रीजेश, कृशन पाठक और पवन
डिफेंडर : जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, अमित रोहिदास, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), वरूण कुमार, सुमित, संजय, रबिचंद्र सिंह मोइरांगथम मिडफील्डर : विवेक सागर प्रसाद, नीलाकांता शर्मा, राजकुमार पाल, शमशेर सिंह, विष्णुकांत सिंह, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह फॉरवर्ड : मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, गुरजंत सिंह, ललित उपाध्याय, आकाशदीप सिंह, अराइजीत सिंह हुंडल, बॉबी सिंह धामी । -
मोहाली. मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने बुधवार को स्वीकार किया कि भारतीय खिलाड़ियों को टी20 विश्व कप से पहले एक समूह के रूप में खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलेंगे और उन्होंने कहा कि जून में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से पहले उन्हें मानसिक रूप से लचीला बने रहने की जरूरत है। अफगानिस्तान के खिलाफ गुरुवार से यहां शुरू होने वाली तीन मैच की टी20 श्रृंखला विश्व कप से पहले भारत की अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला होगी। उस संदर्भ में द्रविड़ ने कहा कि टीम चयन के लिए प्रबंधन को आईपीएल 2024 पर भी थोड़ा निर्भर रहना होगा। द्रविड़ ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘पिछले टी20 अंतरराष्ट्रीय विश्व कप (2022) के बाद हमने एकदिवसीय विश्व कप को प्राथमिकता दी लेकिन उसके बाद हमारे पास उतने अधिक टी20 मैच नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह टी20 विश्व कप इस मायने में थोड़ा अलग है कि इसकी तैयारी के लिए बहुत अधिक समय नहीं है। हमें उपलब्ध क्रिकेट पर और थोड़ा-बहुत आईपीएल पर भी निर्भर रहना होगा।'' द्रविड़ ने खिलाड़ियों के उन परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाने की आवश्यकता पर जोर दिया जहां उन्हें सामूहिक रूप से खेलने का समय नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा, ‘‘शायद हमें एक साथ खेलने के बहुत अधिक मौके नहीं मिलें इसलिए हमें इसके आसपास काम करना होगा। आपको बस सामंजस्य बैठाने और लचीला होने की जरूरत है। एकदिवसीय विश्व कप से पहले हमारी अच्छी तैयारी थी। यहां तक कि पिछले टी20 विश्व कप से पहले भी हमने एक समूह के रूप में एक साथ कई मैच खेले थे। इस बार शायद हमारे पास उतने मैच नहीं होंगे लेकिन यह सब आगे बढ़ते हुए खुद को ढालने के बारे में है।” कुछ प्रमुख खिलाड़ी जैसे तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैच की टी20 श्रृंखला नहीं खेलेंगे। द्रविड़ ने कहा कि जितनी क्रिकेट खेली जा रही है उसे देखते हुए खिलाड़ियों को आराम देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों के लिए हर समय खेलना असंभव है, खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो तीनों प्रारूप खेल रहे हैं। हमें जो महत्वपूर्ण है उसे प्राथमिकता देनी होगी।'' भारत के मुख्य कोच ने कहा, ‘‘इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की घरेलू श्रृंखला को ध्यान में रखते हुए बुमराह, सिराज और जडेजा इस श्रृंखला में नहीं खेल रहे। पिछले दो वर्षों में हम लगातार थोड़ा बहुत रोटेशन करते रहे हैं।
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मेलबर्न. विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज नोवाक जोकोविच और इगा स्वियातेक को अपेक्षा के अनुरूप साल के पहले ग्रैंड स्लैम आस्ट्रेलियाई ओपन में शीर्ष वरीयता दी गई है । टूर्नामेंट रविवार से यहां खेला जायेगा ।
टूर्नामेंट में महिला और पुरूष वर्ग में वरीयता पाने वाले शीर्ष दस खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है ।
पुरूष :
1 . नोवाक जोकोविच
2 . कार्लोस अलकाराज
3 . दानिल मेदवेदेव
4 . यानिक सिनेर
5 . आंद्रेइ रूबलेव
6 . अलेक्जेंडर ज्वेरेव
7 . स्टेफानोस सिटसिपास
8 . होल्गर रूने
9 . हुबर्ट हुरकाज
10 . एलेक्स डि मिनौर
महिला :
1 . इगा स्वियातेक
2 . एरिना सबालेंका
3 . एलेना रिबाकिना
4 . कोको गॉ
5 . जेसिका पेगुला
6 . ओंस जबाउर
7 . मरकेटा वोंड्रोसोवा
8 . मारिया सक्कारी
9 . बारबोरा क्रेइसिकोवा
10 . बीट्रिज हदाद माइया -
मोहाली. अफगानिस्तान की टीम भारत के खिलाफ गुरुवार से यहां शुरू हो रही टी20 श्रृंखला में अपने ‘ट्रंप कार्ड' राशिद खान के बिना ही खेलेगी लेकिन कप्तान इब्राहिम जदरान को टीम से अपने मजबूत प्रारूप में अच्छे प्रदर्शन उम्मीद है। वनडे विश्व कप के बाद नवंबर में राशिद ने पीठ की सर्जरी करायी थी, उन्हें टीम में शामिल किया गया था लेकिन वह ‘रिहैबिलिटेशन' के कारण तीनों मैच में उपलब्ध नहीं हो पायेंगे। जदरान ने मैच पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘वह पूरी तरह से फिट नहीं है। वह ‘रिहैबिलिटेशन' कर रहा है। हमें श्रृंखला में उसकी कमी खलेगी। राशिद की अनुपस्थिति में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर हमें भरोसा है। '' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास काफी खिलाड़ी हैं जैसे मुजीब जदरान जो काफी क्रिकेट खेल चुके हैं। हमें उन पर पूरा भरोसा है। राशिद के बिना हमें परेशानी होगी लेकिन हमें किसी भी तरह के हालात के लिए तैयार रहना चाहिए। '' भारत में वनडे विश्व कप में अफगानिस्तान का प्रदर्शन सुर्खियों में रहा था। टीम लीग चरण में गत चैम्पियन इंग्लैंड और पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल की दौड़ में बनी हुई थी। अफगानिस्तान की पारी का आागज करने वाले जदरान वनडे विश्व कप के प्रदर्शन के बाद केवल एक दिन के लिए ही घर जा सके थे लेकिन वह जानते हैं कि इसके बाद प्रशंसकों की उम्मीदें भी काफी बढ़ चुकी हैं। जदरान ने कहा, ‘‘मैं केवल एक दिन के लिए घर गया था लेकिन साथी खिलाड़ियों ने बताया कि सभी लोग बहुत खुश थे। देशवासी अब हमसे काफी उम्मीद लगाते हैं। अफगानिस्तान के लोगों को सिर्फ यही चीज खुशी दे रही है। '' उन्होंने कहा, ‘‘भारत से उसकी सरजमीं पर भिड़ना बहुत मुश्किल है लेकिन हम यहां जीतने के लिए और अपना कौशल दिखाने आये हैं। हमारी टी20 टीम में काफी अच्छे खिलाड़ी हैं और हम इस प्रारूप में काफी अच्छे भी है जिससे मुझे पूरा भरोसा है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे। '' इस श्रृंखला से अफगानिस्तान को टी20 विश्व कप की तैयारियों में मदद मिलेगी और उन्हें लगता है कि टीम को बल्लेबाजी विभाग में सुधार करना चाहिए। जदरान ने कहा, ‘‘हमारे पास दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर मौजूद है, हमारे पास तेज गेंदबाज भी हैं लेकिन हमारा लक्ष्य बल्लेबाजी में सुधार करना है। '' वह टी20 विश्व कप से पहले अपना स्ट्राइक रेट भी सुधारना चाहते हैं। उनका 27 मैच में 103 का स्ट्राइक रेट है। जदरान के रहमानुल्लाह गुरबाज के साथ पारी का आगाज करने की उम्मीद है।
कप्तान ने कहा, ‘‘मैं वनडे में टीम में ‘एंकर' की भूमिका निभाता हूं। टी20 में मेरा लक्ष्य स्ट्राइक रेट में सुधार करने का है लेकिन यह भी हालात पर निर्भर करता है। जब टीम को जरूरत हो तो आपको भी आकर्षक शॉट खेलने में सक्षम होना चाहिए। मैं इस पर काम कर रहा हूं। अगर मैं अपना स्ट्राइक रेट बढ़ा सकूं तो यह टीम के लिए अच्छा होगा। -
जकार्ता. रुद्रांक्ष पाटिल और मेहुली घोष की जोड़ी ने मंगलवार को यहां 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा जीतकर भारत को निशानेबाजी एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में पांचवां स्वर्ण पदक दिलाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में शेन युफान और झू मिंगशुआई की चीन की जोड़ी को 16-10 से हराया।
रुद्रांक्ष और मेहुली की जोड़ी क्वालीफिकेशन में कुल 631.3 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। युफान और मिंगशुआई ने 632.3 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। रिदम सांगवान और अर्जुन सिंह चीमा की जोड़ी को हालांकि 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में थू विन्ह ट्रिनह और कुआंग हुइ फाम की वियतनाम की जोड़ी के हाथों शिकस्त के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। रिदम और अर्जुन की जोड़ी क्वालीफिकेशन में 582 अंक के साथ शीर्ष पर रही थी। वियतनाम की जोड़ी ने 580 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। फाइनल में हालांकि वियतनाम की जोड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब जीतने में सफल रही। भारत के अर्जुन बाबुता और इलावेनिल वालारिवान की जोड़ी 629 . 0 अंक लेकर छठे स्थान पररही ।
जूनियर मिश्रित टीम एयर राइफल वर्ग में ईशा टकसाले और उमामहेश मेडिनेनी की जोड़ी ने चीन के चू जिकिंग और पेन बोवेन को 17 . 11 से हराकर स्वर्ण पदक जीता । इसी स्पर्धा में अभिनव साव और अन्वी राठौड़ ने स्थानीय खिलाड़ियों पी स्टीवन फारेल सावेरियो और एम पुत्री फाडिलाह को 16 . 10 से हराया । सोमवार को युवा निशानेबाजों वरूण तोमर और ईशा सिंह ने पुरुष और महिला 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए भारत के लिए दो ओलंपिक कोटा हासिल किए थे। ये दोनों स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की क्रमश: पुरुष और महिला टीम का भी हिस्सा थे। इन दोनों के क्वालीफाई करने के साथ पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारतीय निशानेबाजों की संख्या 15 हो गई है जो तोक्यो खेलों में देश के सबसे बड़े निशानेबाजी दल की बराबरी है। - नयी दिल्ली। भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया गया जहां क्रिकेटर मोहम्मद शमी तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पहुंचे।बैडमिंटन खिलाड़ियों चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को 2023 में शानदार प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया। उन्होंने 2023 में एशियाई खेलों में अपना और बैडमिंटन में देश का पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा एशियाई चैंपियनशिप और इंडोनेशिया ओपन सुपर 1000 का खिताब भी जीता।यह पुरुष जोड़ी वर्तमान में मलेशिया ओपन सुपर 1000 में खेल रही है और इसलिए समारोह में शामिल नहीं हुई।हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आम तौर पर 29 अगस्त को होने वाले खेल पुरस्कार समारोह को पिछले साल 23 सितंबर से आठ अक्टूबर तक हुए हांगझोउ एशियाई खेलों के कारण स्थगित कर दिया गया था।राष्ट्रपति भवन में समारोह में 26 खिलाड़ियों और पैरा खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।पिछले साल दुनिया की नंबर एक जोड़ी बनने वाले चिराग और सात्विक की नजरें पेरिस ओलंपिक पर टिकी हैं। फिलहाल दूसरी विश्व रैंकिंग पर काबिज इस जोड़ी का इस साल होने वाले पेरिस खेलों के लिए क्वालीफाई करना लगभग तय है।टखने की चोट से उबर रहे शमी सम्मान हासिल करने के लिए समारोह में मौजूद थे। उन्होंने पिछले साल एकदिवसीय विश्व कप में सात मैच में 24 विकेट चटकाए थे और भारत को फाइनल में जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।शमी ने सोमवार रात को खेल मंत्रालय द्वारा इस साल के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार विजेताओं के लिए आयोजित समारोह के दौरान कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य जहां तक संभव हो खुद को फिट रखना है क्योंकि अगले दो टूर्नामेंट और श्रृंखलाएं बड़ी हैं। मैं फिटनेस पर ध्यान दूंगा।’’हाल में शतरंज ग्रैंडमास्टर बनीं आर वैशाली को भी अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह स्टार ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद की बड़ी बहन हैं।कोनेरू हम्पी और द्रोणावल्ली हरिका के बाद ग्रैंडमास्टर बनने वाली वैशाली देश की तीसरी महिला खिलाड़ी हैं।युवा स्टार पिस्टल निशानेबाज 19 वर्षीय ईशा सिंह भी जकार्ता में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में हिस्सा लेने के कारण समारोह के लिए नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने सोमवार को 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में व्यक्तिगत और टीम स्वर्ण जीतकर पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार के लिए चुने गए अन्य दिग्गज खिलाड़ियों में पूर्व जूनियर विश्व चैंपियन और पिछले साल सीनियर चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता पहलवान अंतिम पंघाल, पिछले साल विश्व चैंपियनशिप के कांस्य विजेता मुक्केबाज मोहम्मद हुसामुद्दीन और पैरा तीरंदाज शीतल देवी शामिल थे।हांगझोउ एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली शीतल के फोकोमेलिया नामक एक दुर्लभ स्थिति के कारण दोनों हाथ नहीं हैं और वह दोनों हाथों के बिना तीरंदाजी करने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाज हैं। इस वर्ष द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं में शतरंज कोच आरबी रमेश भी शामिल हैं जिन्होंने प्रज्ञानानंदा को तैयार किया है।खेल रत्न विजेताओं को 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है जबकि अर्जुन और द्रोणाचार्य पुरस्कार में 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है।2023 के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार विजेता इस प्रकार हैं:-2023 के लिए मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार: चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (बैडमिंटन)।-अर्जुन पुरस्कार: ओजस प्रवीण देवताले (तीरंदाजी), अदिति गोपीचंद स्वामी (तीरंदाजी), मुरली श्रीशंकर (एथलेटिक्स), पारुल चौधरी (एथलेटिक्स), मोहम्मद हुसामुद्दीन (मुक्केबाजी), आर वैशाली (शतरंज), मोहम्मद शमी (क्रिकेट), अनुश अग्रवाल ( घुड़सवारी), दिव्यकृति सिंह (घुड़सवारी ड्रेसेज), दीक्षा डागर (गोल्फ), कृष्ण बहादुर पाठक (हॉकी), सुशीला चानू (हॉकी), पवन कुमार (कबड्डी), रितु नेगी (कबड्डी), नसरीन (खो-खो), पिंकी ( लॉन बॉल्स), ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर (निशानेबाजी), ईशा सिंह (निशानेबाजी), हरिंदर पाल सिंह संधू (स्क्वाश), अयहिका मुखर्जी (टेबल टेनिस), सुनील कुमार (कुश्ती), अंतिम पंघाल (कुश्ती), नाओरेम रोशिबिना देवी (वुशु), शीतल देवी (पैरा तीरंदाजी), इलूरी अजय कुमार रेड्डी (दृष्टिबाधित क्रिकेट), प्राची यादव (पैरा कैनोइंग)।-उत्कृष्ट प्रशिक्षकों के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी): ललित कुमार (कुश्ती), आरबी रमेश (शतरंज), महावीर प्रसाद सैनी (पैरा एथलेटिक्स), शिवेंद्र सिंह (हॉकी), गणेश प्रभाकर देवरुखकर (मल्लखंभ)।-उत्कृष्ट प्रशिक्षकों के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार (जीवन पर्यंत श्रेणी): जसकीरत सिंह ग्रेवाल (गोल्फ), भास्करन ई (कबड्डी), जयंत कुमार पुशीलाल (टेबल टेनिस)।-जीवन पर्यंत उपलब्धि के लिए ध्यानचंद पुरस्कार: मंजूषा कंवर (बैडमिंटन), विनीत कुमार शर्मा (हॉकी), कविता सेल्वराज (कबड्डी)।-मौलाना अबुल कलाम आजाद (एमएकेए) ट्रॉफी 2023: गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर (समग्र विजेता विश्वविद्यालय), लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, पंजाब (प्रथम रनर अप), कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र (द्वितीय रनर अप)।
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नयी दिल्ली. जकार्ता में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर्स में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली ईशा सिंह के पिता सचिन सिंह ने कहा कि व्यवस्थित प्रशिक्षण और अनुशासन उनकी बेटी की सफलता की कुंजी है। उन्नीस वर्षीय ईशा के लिए सोमवार का दिन यादगार बन गया। उन्होंने व्यक्तिगत के अलावा टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक भी जीता। ईशा ने जब भारत के लिए पेरिस ओलंपिक का 15वां कोटा हासिल किया तो उनके पिता सचिन भी जकार्ता की रेंज में उपस्थित थे। सचिन ने कहा,‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत गौरव से अधिक उसने कोटा हासिल करके देश का गौरव बढ़ाया है।'' उन्होंने कहा,‘‘ जब वह 13 वर्ष की थी तब से हमने उसके करियर के लिए बहुत सावधानी से योजना बनाई थी। हमें पूरा विश्वास था कि वह जल्द ही पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करेगी। उसके व्यवस्थित प्रशिक्षण और अनुशासन ने इसे सुनिश्चित किया। वह 2019 से लगभग हर प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम का हिस्सा रही। इससे पता चलता है कि उसने निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया।'' ईशा ने पिछले साल एशियाई खेलों में टीम स्पर्धा के स्वर्ण सहित कुल चार पदक जीते थे।
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नयी दिल्ली. उभरते हुए निशानेबाज वरुण तोमर हमेशा से अपने रिश्ते के भाई ओलंपिक निशानेबाज सौरभ चौधरी के नक्शेकदम पर चलना चाहते थे और 20 साल के इस निशानेबाज ने सोमवार को जकार्ता एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया। तोमर शुरुआत से कई बार के विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता और 2018 एशियाई खेलों के चैंपियन सौरभ के साथ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में उनकी घरेलू रेंज में अभ्यास करते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वर्ण पदक उन्हें 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। तोमर ने बताया, ‘‘ मैंने अपने रिश्ते के बड़े भाई सौरभ को देखकर सात साल पहले निशानेबाजी शुरू की थी। वह मेरी प्रेरणा रहे हैं, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही सफलता हासिल की थी। मैं हमेशा उनके जैसा बनना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करना चाहता था।'' जूनियर विश्व चैंपियनशिप में टीम स्पर्धा के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता वरुण ने कहा, ‘‘ मैंने सौरभ से एक साल बाद निशानेबाजी शुरू की और हम दोनों के पास शुरुआत में बागपत के बेनोली गांव में एक ही कोच (अमित श्योराण) थे।।'' बागपत के गढ़ी कांगरान गांव के रहने वाले वरुण प्रतियोगिता के शुरुआती दिन व्यक्तिगत और टीम दोनों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए 14वां ओलंपिक कोटा हासिल किया। बीस साल के तोमर ने फाइनल में 239.6 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि उनके हमवतन अर्जुन चीमा ने 237.3 अंक के साथ रजत पदक जीता। मंगोलिया के देवाखु एंखताइवान (217.2) ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे पहले तोमर (586), अर्जुन (579) और उज्जवल मलिक (575) की भारतीय टीम कुल 1740 अंक के साथ टीम स्पर्धा में शीर्ष पर रही थी। ईरान और कोरिया ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते। किसान परिवार से आने वाले तोमर ने कहा, ‘‘ मुझे मार्गदर्शन देने के लिए सौरभ जैसा कोई मौजूद था, इससे मुझे काफी मदद मिली। सौरभ के अलावा मेरे परिवार में कोई भी निशानेबाज नहीं है।'' वरुण को लगभग सात साल के प्रशिक्षण के बाद पिछले साल सफलता मिली। उन्होंने भोपाल और काहिरा में विश्व कप में व्यक्तिगत कांस्य पदक जीते। इसके बाद उनका चयन राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में प्रशिक्षण (कर्णी सिंह निशानेबाजी परिसर) के लिए हुआ। वह अब भारतीय सेना में कार्यरत हैं।
राष्ट्रीय राइफल कोच दीपक दुबे ने कहा, ‘‘मैंने हमेशा वरुण के शांत स्वभाव की सराहना की है। वह सौरभ की तरह ही है। वह निशानेबाजी परिसर में किसी के साथ बहुत कम बातचीत करता है। वह अभ्यास में कोई कोताही नहीं बरतता है।'' दुबे ने कहा, ‘‘वह अभी जूनियर खिलाड़ी की तरह है लेकिन उसके खेल में तेजी से सुधार हो रहा है। पिछले साल दो विश्व कप में सफलता और आज व्यक्तिगत स्वर्ण पदक इस बात का संकेत है कि उसकी तकनीक और जज्बे में कोई कमी नहीं है। -
रांची. अटैकिंग मिडफील्डर नवनीत कौर ने सोमवार को कहा कि भारतीय महिला टीम लगातार तीसरी बार ओलंपिक कोटा हासिल करने को लेकर आश्वस्त है और यहां की परिस्थितियों की जानकारी आठ टीम के हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर से पहले मेजबान टीम को अच्छी स्थिति में रखेगी। सविता पूनिया के नेतृत्व में भारतीय टीम ने पिछले साल नवंबर में यहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंधा एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। मेजबान टीम ने फाइनल में जापान को 4-0 से हराकर प्रतियोगिता में अपना लगातार दूसरा खिताब जीता था।
नवनीत ने हॉकी इंडिया की विज्ञप्ति में कहा, ‘‘रांची में जल्दी पहुंचने से हमें मुख्य पिच (मैदान) पर कुछ सत्र अभ्यास का मौका मिला और इससे हमें मौसम के अनुकूल ढलने में भी मदद मिली।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भी इस स्थल पर खेल चुके हैं इसलिए हम पिच से अच्छी तरह वाकिफ हैं।'' तोक्यो ओलंपिक खेलों में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम ने परिस्थितियों को समझने के लिए लगभग एक सप्ताह बिताया। भारतीय टीम ने खूंटी जिले के कुछ और स्थलों पर भी प्रशिक्षण लिया। नवनीत ने कहा, ‘‘हमने खूंटी जिले में भी जाकर प्रशिक्षण लिया जो हमारे कुछ साथियों का घर है और उन बच्चों के चेहरे पर उत्साह देखना अविश्वसनीय था जो हमारी हौसलाअफजाई करने आए थे।'' भारत को पूल बी में रखा गया है और वह अपना अभियान शनिवार को अमेरिका के खिलाफ शुरू करेगा और इसके अगले दिन न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। एक दिन के आराम के बाद 16 जनवरी को भारत का मुकाबला इटली से होगा। पूल ए में विश्व नंबर पांच जर्मनी, एशियाई खेलों के पूर्व चैंपियन जापान, चिली और चेक गणराज्य को जगह मिली है। प्रत्येक पूल से शीर्ष दो टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी और शीर्ष तीन में रहने वाली टीमों को पेरिस ओलंपिक 2024 में जगह मिलेगी। सेमीफाइनल 18 जनवरी को होंगे जबकि फाइनल और कांस्य पदक का प्ले ऑफ मुकाबला 19 जनवरी को होगा।
यह टूर्नामेंट शुरुआत में से चीन में होना था लेकिन चीन की महिलाओं के पेरिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के बाद हॉकी इंडिया ने एफआईएच से प्रतियोगिता को भारत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था।
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जकार्ता. भारतीय निशानेबाजों ने सोमवार को यहां एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। वरूण तोमर (586), अर्जुन सिंह चीमा (579) और उज्जवल मलिक (575) की भारतीय टीम कुल 1740 अंक के साथ शीर्ष पर रही। ईरान और कोरिया ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते। वरूण और अर्जुन ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई।
इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पेरिस ओलंपिक के लिए कुल 16 कोटा स्थान दांव पर लगे हैं। पुरुषों और महिलाओं के लिए 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में चार कोटा हैं जिसमें से अधिकतम तीन भारतीय निशानेबाजों को मिल सकते हैं। ईशा सिंह, रिदम सांगवान और सुरभि राव महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में उतरेंगी जहां भारत को अभी पेरिस खेलों का कोटा हासिल करना है। इस प्रतियोगिता में 26 देशों के लगभग 385 निशानेबाज पेरिस कोटा हासिल करने के अलावा 256 पदक (84 स्वर्ण, 84 रजत और 88 कांस्य पदक) जीतने के लिए जकार्ता की सेनायन निशानेबाजी रेंज में चुनौती पेश करेंगे। भारत पहले ही राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं में 13 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल कर चुका है। राइफल में जहां सभी कोटा स्थान सुरक्षित हो गए हैं वहीं पिस्टल में तीन कोटा हासिल हुए हैं। -
जकार्ता. भारत के उभरते हुए निशानेबाज वरूण तोमर ने सोमवार को यहां एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर की पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए 14वां ओलंपिक कोटा हासिल किया। भारत ने इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के पहले दिन टीम स्वर्ण पदक सहित कुल तीन पदक के साथ अपने अभियान का आगाज किया। बीस साल के तोमर ने फाइनल में 239.6 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि उनके हमवतन अर्जुन चीमा ने 237.3 अंक के साथ रजत पदक जीता। मंगोलिया के देवाखु एंखताइवान (217.2) ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इससे पहले तोमर (586), अर्जुन (579) और उज्जवल मलिक (575) की भारतीय टीम कुल 1740 अंक के साथ टीम स्पर्धा में शीर्ष पर रही थी। ईरान और कोरिया ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते। इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पेरिस ओलंपिक के लिए कुल 16 कोटा स्थान दांव पर लगे हैं। पुरुषों और महिलाओं के लिए 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में चार कोटा हैं जिसमें से अधिकतम तीन भारतीय निशानेबाजों को मिल सकते हैं। ईशा सिंह, रिदम सांगवान और सुरभि राव महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में उतरेंगी जहां भारत को अभी पेरिस खेलों का कोटा हासिल करना है। इस प्रतियोगिता में 26 देशों के लगभग 385 निशानेबाज पेरिस कोटा हासिल करने के अलावा 256 पदक (84 स्वर्ण, 84 रजत और 88 कांस्य पदक) जीतने के लिए जकार्ता की सेनायन निशानेबाजी रेंज में चुनौती पेश करेंगे। भारत इस प्रतियोगिता से पहले राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं में 13 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल कर चुका है। राइफल में जहां सभी कोटा स्थान सुरक्षित हो गए हैं वहीं पिस्टल में तीन कोटा हासिल हुए हैं।
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कोलकाता. तीरंदाज अदिति स्वामी के माता-पिता अपनी बेटी के अर्जुन पुरस्कार समारोह में शामिल होने के लिए सोमवार सुबह को कड़ाके की सर्दी के बीच दिल्ली पहुंचने के बाद ‘सूट (कार्यक्रम के लिए औपचारिक पोशाक)' ढूंढने के लिए पालिका बाजार गये। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक समारोह में वार्षिक राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रदान करेंगी।। दिल्ली पहुंचने के बाद महाराष्ट्र के सतारा की इस तीरंदाज के पिता गोपीचंद और माता शैला स्वामी को एहसास हुआ कि वे राष्ट्रपति की उपस्थिति में राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में पहनने के लिए बिना औपचारिक पोशाक के आए हैं। ऐसे में वे अपने जीवन के ‘सबसे खास दिन' के लिए औपचारिक कपड़े खरीदने के लिए कनॉट प्लेस के पालिका बाजार पहुंचे। गोपीचंद ने बताया, ‘‘हम अपने सामान्य कपड़ों के साथ आए हैं लेकिन यहां आने के बाद अदिति ने मुझसे कहा कि हमें इस अवसर के लिए कुछ औपचारिक पोशाक चाहिये।'' सतारा में कन्हेर गांव के प्राथमिक विद्यालय के गणित के शिक्षक गोपीचंद ने कहा, ‘‘हमारे बच्चे को राष्ट्रपति से अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करते देखना हमारे लिए गर्व का एक अद्वितीय क्षण होगा। यह एक माता-पिता के लिए सबसे यादगार पल होगा। इसके लिए हमें तैयार रहना चाहिए।'' अदिति पिछले साल सबसे कम उम्र की विश्व तीरंदाजी चैम्पियन बनी थी। इसके बाद से उनकी जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आये। अदिति की अब तक के सफर पर गौरवान्वित होते हुए गोपीचंद ने कहा, ‘‘ विश्व कप पदक, विश्व चैंपियन, एशियाई खेलों के पदक और अब अर्जुन पुरस्कार। हमने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी तेजी से आगे बढ़ेगी। जिंदगी तेजी से आगे बढ़ रही है और हम यहां राष्ट्रपति भवन के निमंत्रण पर आए हैं। यह एक सपने जैसा लगता है।'' अदिति को 2023 के लिए विश्व खेलों के साल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया है। विजेता का फैसला बुधवार से शुरू होने वाले सार्वजनिक मतदान से किया जाएगा। यह मतदान जनवरी के आखिर तक चलेगा लेकिन 22 जनवरी को शुरुआती कट ऑफ के बाद मुकाबले में शीर्ष 10 खिलाड़ी ही रहेंगे।


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