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- नयी दिल्ली। दूरसंचार विभाग (डॉट) ने नियामक ट्राई की पांच साल पुरानी सिफारिश के आधार पर वोडाफोन आइडिया पर 2,000 करोड़ रुपये और भारती एयरटेल पर 1,050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बताया जा रहा है कि दूरसंचार विभाग ने जुर्माना देने के लिए दूरसंचार परिचालकों को तीन सप्ताह का समय दिया है।इस बारे में भारती एयरटेल के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम एक नए परिचालक को पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट के प्रावधानों से संबंधित 2016 की ट्राई की सिफारिशों के आधार पर मनमानी और अनुचित मांग से बहुत निराश हैं। ये आरोप बेबुनियाद हैं।’’उन्होने कहा, ‘‘भारती एयरटेल अनुपालन के उच्च मानकों को बनाए रखने में गर्व महसूस करती है और हमेशा देश के कानून का पालन करती है। हम मांग को चुनौती देंगे और हमारे पास उपलब्ध कानूनी विकल्पों को आगे बढ़ाएंगे।’’भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अक्टूबर 2016 में रिलायंस जियो को इंटर-कनेक्टिविटी से इनकार करने के लिए एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया पर कुल 3,050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी।नियामक ने उस समय यह कहते हुए दूरसंचार लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश नहीं की थी, क्योंकि इससे उपभोक्ता को काफी असुविधा हो सकती है।ट्राई की सिफारिश रिलायंस जियो की शिकायत पर आई थी। जियो ने कहा था कि उसके नेटवर्क पर 75 प्रतिशत से अधिक कॉल नहीं लग रही थीं, क्योंकि पर्याप्त संख्या में इंटरफेस (पीओआई) जारी नहीं किए जा रहे थे। दूरसंचार विभाग की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था डिजिटल संचार आयोग ने जुलाई 2019 में इस जुर्माने को मंजूरी दी थी।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सितंबर में 1.17 लाख करोड़ रुपये रहा, जो लगातार तीसरे महीने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2021 का राजस्व संग्रह सितंबर 2020 के संग्रह से 23 प्रतिशत अधिक है।वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘सितंबर 2021 में जमा सकल जीएसटी राजस्व 1,17,010 करोड़ रुपये है, जिसमें सीजीएसटी 20,578 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 26,767 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 60,911 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्रित 29,555 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 8,754 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 623 करोड़ रुपये सहित) है।’’सीजीएसटी का अर्थ केंद्रीय वस्तु और सेवा कर, एसजीएसटी का अर्थ राज्य वस्तु और सेवा कर तथा आईजीएसटी का अर्थ एकीकृत वस्तु और सेवा कर है।सितंबर के दौरान वस्तुओं के आयात से राजस्व 30 प्रतिशत अधिक रहा और घरेलू लेनदेन (सेवाओं के आयात सहित) से राजस्व पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक था।एक आधिकारिक बयान के मुताबिक सितम्बर 2021 में नियमित निपटान के बाद केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा अर्जित कुल राजस्व सीजीएसटी के लिए 49,390 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 50,907 करोड़ रुपये है।चालू वर्ष की दूसरी तिमाही में औसत मासिक सकल जीएसटी संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये र हा है जो इसी वर्ष की पहली तिमाही में हुए औसत मासिक संग्रह 1.10 लाख करोड़ की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक है, जो अर्थव्यवस्था में सुधार को दर्शाता है। बयान में कहा गया कि आर्थिक वृद्धि और कर चोरी रोकने के लिए किए गए उपायों, विशेष रूप से फर्जी बिल बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई से जीएसटी संग्रह बढ़ा।वित्त मंत्रालय ने कहा कि राजस्व में यह सकारात्मक रुझान आगे जारी रहेंगे और चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अधिक राजस्व मिलेगा।शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के पार्टनर रजत बोस ने कहा कि जीएसटी संग्रह में उछाल आर्थिक सुधार का एक अच्छा संकेतक है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सत्र के शुरू होते ही जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि 22,000 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा उपकर जारी करने से राज्यों के नकदी प्रवाह की स्थिति में सुधार होगा।
- नयी दिल्ली। सिविल इंजीनियरिंग कंपनी जेएमसी प्रोजेक्ट्स को 1,849 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के एक बयान में कहा गया है कि प्रमुख जेएमसी प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड (जेएमसी) को 1,849 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं में, भारत में 857 करोड़ रुपये की बिल्डिंग और फैक्टरी की नयी परियोजनाएं और मालदीव में 992 करोड़ रुपये की सामाजिक आवास परियोजनाएं शामिल हैं। जेएमसी प्रोजेक्ट्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक एसके त्रिपाठी ने कहा, हम बी एंड एफ (बिल्डिंग एवं फैक्टरी) व्यवसाय में नए ऑर्डर मिलने से खुश हैं क्योंकि हम अपने ग्राहक आधार का अधिक विस्तार करेंगे और भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति में विविधता लायेंगे।
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कोलकाता। भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि स्टार्ट अप कंपनियों को ऋण देने के तरीके पर काम कर रहा है, क्योंकि मौजूदा नियम बैंकों को सिर्फ मुनाफे वाले कंपनियों को कर्ज देने की अनुमति देते हैं। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि स्टार्ट अप इकाइयों को अपने कारोबार के संचालन के लिए इक्विटी कोष जुटाना पड़ता है और प्रवर्तकों को अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ती है। इस क्षेत्र के लिए ऋण कोष उपलबध नहीं होता, क्योंकि शुरुआती वर्षों में ये कंपनियां घाटे में रहती हैं। एसबीआई के प्रबंध निदेशक (अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग, प्रौद्योगिकी और अनुषंगी) अश्विनी कुमार तिवारी ने द बंगाल चैंबर की सालाना आम बैठक में कहा, ‘‘हमें स्टार्ट अप के वित्तपोषण के लिए संघर्ष करना पड़ता है। नियम सिर्फ मुनाफे वाली कंपनियों को कर्ज की अनुमति देते हैं।'' उन्होंने कहा कि बैंक अनुषंगी एसबीआई वेंचर्स के जरिये इक्विटी वित्तपोषण कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्ट अप इंडिया पहल का शुभारंभ जनवरी, 2016 में किया था। उसके बाद से सरकार से मान्यता प्राप्त स्टार्ट अप की संख्या 85 गुना बढ़ी है। 2016 में यह संख्या 504 थी जो 2020 में 42,733 पर पहुंच गई। अर्थव्यवस्था पर तिवारी ने कहा कि देश की वृद्धि में मजबूत सुधार के बावजूद महामारी की वजह से यह 2019 से नीचे रहेगी। -
नयी दिल्ली। मैक्स हेल्थकेयर इंस्टिट्यूट लिमिटेड की प्रवर्तक इकाइयों में से एक कयाक इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग ने बुधवार को खुले बाजार के सौदे के जरिये कंपनी के 8.44 करोड़ शेयर 2,956 करोड़ रुपये में बेचे। शेयरों को वेरिटास फंड्स पीएलसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने खरीदा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के पास उपलब्ध थोक सौदे के आंकड़ों के अनुसार, निजी इक्विटी कंपनी केकेआर से संबद्ध कयाक इन्वेस्टमेंट्स ने मैक्स हेल्थकेयर के 8.44 करोड़ शेयरों की बिक्री की। 350 रुपये की औसत कीमत पर 6.02 करोड़ शेयर बेचे गए, जबकि 2.42 करोड़ शेयर 350.13 रुपये पर बेचे गए। इन कीमतों पर, लेनदेन का मूल्य 2,955.74 करोड़ रुपये बैठता है। जून 2021 तक, कयाक इन्वेस्टमेंट्स के पास मैक्स हेल्थकेयर में 47.24 प्रतिशत हिस्सेदारी या 45.63 करोड़ शेयर थे। एनएसई में मैक्स हेल्थकेयर का शेयर 3.77 प्रतिशत टूटकर 355.75 रुपये पर बंद हुआ। - नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी को बांड या डिबेंचर जारी कर 18,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि उसकी 28 सितंबर को हुई सालाना आम बैठक में सूचीबद्ध सभी प्रस्ताव बहुमत के साथ पारित हो गए। एनटीपीसी ने निजी नियोजन के आधार पर बांड/डिबेंचर जारी कर 18,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव किया था। कंपनी ने सालाना आम बैठक के नोटिस में कहा था कि पूंजीगत व्यय की जरूरतों के अलावा कंपनी को कार्यशील पूंजी की जरूरत तथा अन्य सामान्य कंपनी कामकाज के लिए भी कर्ज लेने की जरूरत होगी। इस जरूरत के एक हिस्से को गैर-परिवर्तनीय बांड जारी कर पूरा किया जाएगा। इसके अलावा एनटीपीसी ने कंपनी के कर्ज लेने के अधिकार को दो लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,25,000 करोड़ रुपये करने के लिए भी शेयरधारकों की अनुमति मांगी थी। कंपनी ने कहा था कि भविष्य की निवेश जरूरतों तथा नए कारोबारी क्षेत्र में उतरने की संभावनाओं या किसी अप्रत्याशित निवेश की जरूरत के लिए मौजूदा कर्ज सीमा को बढ़ाने की जरूरत है। इसके अलावा एनटीपीसी ने गुरदीप सिंह को 31 जुलाई, 2025 तक पुन: चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त करने के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगी थी। सिंह को 28 जनवरी, 2016 को पांच साल के लिए कंपनी का सीएमडी नियुक्त किया गया था। 20 सितंबर, 2016 को शेयरधारकों की 40वीं आम बैठक में उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिली थी। बिजली मंत्रालय ने चार फरवरी, 2021 से 31 जुलाई, 2025 तक (उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख) उनका कार्यकाल बढ़ा दिया था। निदेशक मंडल की दो नवंबर, 2020 को हुई बैठक में उनका कार्यकाल बढ़ाने को मंजूरी दी गई थी।
- मुंबई। विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने ‘हॉलिडे बुकिंग' के लिए ऑनलाइन यात्रा मंच ईजमाईट्रिप से हाथ मिलाया है। बुधवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी। विज्ञप्ति के अनुसार इस विशेष साझेदारी के तहत ईजमाईट्रिप स्पाइसजेट के लिए एक हॉलिडे बुकिंग मंच विकसित करेगी, जिससे एयरलाइन के ग्राहकों को हॉलिडे पैकेज बुक करने में मदद मिलेगी। ईजमाईट्रिप ने एक अलग विज्ञप्ति में एक नयी सुविधा शुरू करने की भी घोषणा की, जिसके तहत प्रतीक्षा सूची के ट्रेन टिकट वाले उपयोगकर्ताओं को रियायती हवाई टिकट दिए जाएंगे। इसमें कहा गया कि यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को उनके ट्रेन के टिकट कंफर्म ना होने की स्थिति में आखिरी समय में वैकल्पिक यात्रा विकल्प ढूंढने में मदद करेगी और यह कदम कंपनी द्वारा इस साल यात्रा क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए शुरू की गयी कई पेशकशों के अनुरूप है।
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नयी दिल्ली। टाटा प्रोजेक्ट्स और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड सहित चार कंपनियों ने सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत साझा केंद्रीय सचिवालय के तीन भवनों के निर्माण की खातिर तकनीकी निविदा सौंपी है। यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी। अधिकारी ने बताया कि दो अन्य कंपनियां हैं एलएंडटी कंस्ट्रक्शंस और एनसीसी लिमिटेड।
उन्होंने बताया कि इन कंपनियों की वित्तीय निविदा में हिस्सा लेने की योग्यता की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन चारों कंपनियों द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया पूरी होते ही वित्तीय निविदा जारी की जाएगी। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का कामकाज देख रहे केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने साझा केंद्रीय सचिवालय के तीन भवनों के निर्माण एवं देखरेख की प्राक्कलित राशि में इसी महीने संशोधन किया था। तीनों भवनों के निर्माण एवं देखरेख की प्राक्कलित राशि को 3408 करोड़ रुपये से संशोधित कर 3254 करोड़ रुपये किया गया है। तीनों भवन उस भूभाग पर बनाए जाएंगे जहां वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र स्थित है।
टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड जहां नए संसद भवन को बना रहा है वहीं शपूरजी पैलोनजी एंड कंपनी लिमिटेड सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्विकास का काम कर रहा है जो राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैला है। -
मुंबई। बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को प्रतिभूति बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधारों को मंजूरी दी। इसमें सोने के लिये और सामाजिक क्षेत्र की कंपनियों के लिये अलग शेयर बाजार बनाने, निवेशकों के हितों की रक्षा के लिये निवेशक अधिकार पत्र तथा विलय एवं अधिग्रहण को और अधिक तार्किक बनाने के लिये सूचीबद्धता नियमों में बदलाव शामिल हैं। इन तमाम पहलों का मकसद प्रतिभूति बाजार को मजबूत बनाना है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निदेशक मंडल ने सामाजिक क्षेत्र से जुड़े उपक्रमों के लिये कोष जुटाने का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुये सामाजिक शेयर बाजार (सोशल स्टॉक एक्सचेंज) के ढांचे को मंजूरी दी। निदेशक मंडल की बैठक के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा कि मौजूदा शेयर बाजारों में सामाजिक शेयर बाजार अलग खंड होगा। सामाजिक सेवाओं से जुड़ी कंपनियां इस बाजार में भाग ले सकेंगी। इस श्रेणी में गैर-लाभकारी संगठन (एनपीओ) और लाभ के साथ समाज के स्तर पर भलाई का काम करने वाली कंपनियां आती हैं। सेबी निदेशक मंडल ने स्वर्ण बाजार के गठन की रूपरेखा संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इस बाजार में सोने की खरीद-बिक्री इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद के रूप में की जा सकेगी। शेयर बाजार की तरह काम करने वाले इस एक्सचेंज से मूल्यवान धातु के लिये पारदर्शी घरेलू हाजिर मूल्य तलाशने की व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।
श्री त्यागी ने कहा कि सोने का प्रतिनिधित्व करने वाला साधन इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद (ईजीआर) कहलाएगा और इसे प्रतिभूतियों के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अन्य प्रतिभूति की तरह ईजीआर में कारोबार करने, समाशोधन और निपटान जैसी व्यवस्थायें होंगी। सेबी के बयान के अनुसार कोई भी मान्यता प्राप्त, मौजूदा और नया एक्सचेंज ईजीआर में कारोबार शुरू कर सकता है। ईजीआर के कारोबार को लेकर राशि और इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद को सोने में तब्दील करने के बारे में निर्णय शेयर बाजार सेबी की मंजूरी से कर सकता है। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में सेबी ने अधिक और प्रभावी मतदान के अधिकार से जुड़े शेयरों (एस आर शेयर) के मामले में पात्रता जरूरतों में ढील देने का निर्णय किया। -
नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने मंगलवार को कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी रोकने में वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कोविड महामारी के दौरान डिजिटल धोखाधड़ी बढ़ी हैं। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) द्वारा आयोजित वैश्विक फिनटेक फेस्ट 2021 में शंकर ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था की पहुंच काफी हद तक शहरी और महानगरों में सीमित हैं। इसे पूरे देश में आगे बढ़ाये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘आबादी के एक बड़े हिस्से तक अभी भी बैंक सुविधाओं और स्मार्टफोन की पहुंच नहीं हैं। हमें इन तक पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीकी समाधान की जरूरत है।'' उन्होंने कहा कि आरबीआई ने ‘सैंडबॉक्स' व्यवस्था (सीमित दायरे में उत्पादों का वास्तविक तौर पर परीक्षण) के जरिये कई विकल्पों को चिन्हित किया है। डिप्टी गवर्नर ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां डिजिटल धोखाधड़ी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान डिजिटल धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि धोखाधड़ी करने वाले वित्तीय सेवा उद्योग में सेंध लगाने को लेकर अपने प्रयास तेज कर रहे हैं। शंकर ने कहा, ‘‘...हमें डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराध रोकने पर ध्यान देने की जरूरत है।''
उन्होंने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवप्रवर्तन आर्थिक वृद्धि को गति देने में मदद करें। इसके लिये जरूरी है कि नियामक और अन्य संबंधित पक्ष अपनी-अपनी भूमिका प्रभावी तरीके से निभाएं। -
मुंबई। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने निजी क्षेत्र से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। उन्होंने निजी क्षेत्र की कंपनियों से कहा कि वे भविष्य की हरित कंपनियां बनने के लिए काम करें जिससे उनकी कम लागति पर पूंजी तक पहुंच होगी। कांत ने एसडीजी शिखर बैठक के एक वर्चुअल सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश
के सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निजी क्षेत्र और उद्योग महत्चपूर्ण भागीदार हैं। ‘‘नीतियों को कार्रवाई में बदलने के लिए सरकार को उनके समर्थन की जरूरत है।'' नीति आयोग के सीईओ ने कहा, ‘‘मैं चाहूंगा कि समूचा निजी क्षेत्र सतत विकास लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करे और भविष्य की हरित कंपनियां बने। ये कंपनियां आगे बढ़ेंगी और समृद्ध होंगी। उनका मूल्यांकन बढ़ेगा। उन्हें सस्ती दर पर पूंजी उपलब्ध होगी। वे हरित और डिजिटल बन सकेंगी।'' उन्होंने कहा कि एसडीजी के लक्ष्यों को पाने के लिए भारत को पोषण, महिलाओं की अर्थव्यवस्था में सक्रिय भागीदारी, रोजगार और प्रदूषण घटाने के मोर्चे पर तेजी से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन क्षेत्रों में पहले ही कई पहलें लागू की हैं और उसकी निगरानी और प्रगति की समीक्षा को एक तंत्र स्थापित किया है। -
नयी दिल्ली।भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने ग्राहकों के लिये आधार सत्यापन को लेकर राशि 20 रुपये से कम कर 3 रुपये कर दी है। इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इकाइयां विभिन्न सेवाओं और लाभों के जरिये लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिये उसकी ढांचागत सुविधाओं का लाभ उठायें। एनपीसीआई-आईएएमएआई द्वारा आयोजित वैश्विक फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सौरभ गर्ग ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आधार का लाभ उठाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रति सत्यापन की दर 20 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न एजेंसियां और संस्थान सरकार द्वारा तैयार डिजिटल बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग कर सकें। मान-सम्मान के साथ लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिये इन बुनियादी ढांचों का उपयोग जरूरी है।'' अब तक 99 करोड़ ई-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) के लिये आधार प्रणाली का उपयोग किया गया है। - नयी दिल्ली। सनफ्लावर सीड्स कंपनी ने डायमंड कॉमिक्स के सभी पात्रों की बिक्री के विशेष अधिकार हासिल कर लिए हैं। डायमंड कॉमिक्स में वास्तविक अपराध के मामलों पर आधारित कहानियों के संग्रह के अलावा 25 से अधिक कॉमिक और जादुई पात्र, 15 महानायक (सुपरहीरो), चार जासूसी नायक और 23 पौराणिक पात्र हैं। गुलशन राय द्वारा 1978 में स्थापित डायमंड कॉमिक्स ने चाचा चौधरी, बिल्लू, पिंकी, मोटू-पतलू जैसे मूल भारतीय कॉमिक चरित्र दिए हैं। कंपनी ने हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में फैंटम, मैनड्रेक, सुपरमैन, बैटमैन, स्पाइडर मैन, ही मैन और जेम्स बॉन्ड जैसी विदेशी कॉमिक पुस्तकों का प्रकाशन भी शुरू किया। डायमंड कॉमिक्स के प्रबंध निदेशक राय ने इस गठजोड़ के बारे में कहा, "डायमंड कॉमिक्स हमेशा से अपने पाठकों से जुड़ने और समय के साथ आगे बढ़ने में विश्वास करता रहा है। चाहे यह हमारी बड़ी डिजिटलीकरण परियोजना हो, ओटीटी मंचों के साथ साझेदारी हो या एनीमेशन के क्षेत्र में प्रवेश करना हो, हम इतिहास से जुड़े रहते हैं, लेकिन हम उन बच्चों की तरह चुस्त भी रहते हैं, जो हमारे पाठक हैं। हमें विश्वास है कि इस साझेदारी के साथ हम इन अवसरों का और अधिक उत्साह के साथ लाभ उठा सकेंगे।'' सनफ्लावर सीड्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रीति चतुर्वेदी ने कहा, "हमारा उद्देश्य आधुनिक समय के प्रारूपों और साझेदारी की तलाश करना होगा, ताकि डायमंड कॉमिक्स के प्यारे पात्रों को नई पीढ़ियों के लिए और अधिक सुलभ और विकसित हो रही संवेदनशीलता के अनुरूप बनाया जा सके।
- नयी दिल्ली । यात्री वाहन निर्माता टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने मंगलवार को कहा कि वह लागत में वृद्धि के प्रभाव को आंशिक रूप से दूर करने के लिए एक अक्टूबर से अपने सभी मॉडलों की कीमतों में दो प्रतिशत तक की वृद्धि करेगी। टीकेएम जापान की टोयोटा मोटर कंपनी और किर्लोस्कर समूह के बीच एक संयुक्त उद्यम है। कंपनी घरेलू बाजार में इनोवा क्रिस्टा और फॉर्च्यूनर सहित कई यात्री वाहन बेचती है। टीकेएम ने एक बयान में कहा कि कंपनी एक अक्टूबर, 2021 से अपने मॉडलों की कीमतों में बदलाव करेगी। अगले महीने से वेलफायर को छोड़कर सभी मॉडलों की कीमतें बढ़ायी जाएंगी।कंपनी ने कहा, "इनपुट लागत में वृद्धि को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी है। हालांकि ग्राहकों पर प्रभाव को देखते हुए समग्र मूल्य वृद्धि को कम कर दिया गया है।" पिछले एक साल में इस्पात और कीमती धातुओं जैसी विभिन्न जरूरी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे वाहन निर्माताओं के लिए इनपुट लागत बढ़ गया है। इससे पहले टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी इंडिया जैसी कई कंपनियां अगले महीने से कारों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा कर चुकी हैं।
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नयी दिल्ली। भारत और अमेरिका के सीमा शुल्क विभागों ने एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार का मकसद सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में जल्द मंजूरी से दोनों देशों के निर्यातकों की मदद करना है। अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन एम अजित कुमार और अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के तहत सीमा शुल्क और सीमा संरक्षण के आयुक्त ट्रॉय मिलर ने परस्पर मान्यता करार (एमआरए) पर 22 सितंबर को हस्ताक्षर किए। इसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के अधिकृत आर्थिक परिचालकों (एईओ) को मान्यता देंगे। सीबीआईसी ने एक ट्वीट के जरिये यह जानकारी दी। भारत और अमेरिका के बीच एमआरए को आपूर्ति श्रृंखला तथा व्यापार सुगमता की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके जरिये दोनों देशों के निर्यातकों को दूसरे देश में सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के जरिये मंजूरी तेजी से मिल पाएगी।
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नयी दिल्ली। टिकाऊ उपभोक्ता सामान कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने एलिका पीबी इंडिया में 5.7 करोड़ डॉलर यानी 420 करोड़ रुपये में 38 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए करार किया है। कंपनी ने कहा कि उसने एलिका एस.पी.ए से शेयर खरीद करार किया है। इसके तहत वह एलिका पीबी इंडिया में अतिरिक्त इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे कंपनी में उसकी कुल हिस्सेदारी 87 प्रतिशत हो जाएगी। यह सौदा सितंबर, 2021 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। सौदा पूरा होने के बाद एलिका पीबी इंडिया, व्हर्लपूल ऑफ इंडिया की बहुलांश स्वामित्व वाली अनुषंगी बन जाएगी।
- नई दिल्ली। स्वदेशी ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स इस फेस्टिव सीजन में माइक्रो एसयूवी टाटा पंच लॉन्च करने की तैयारी में है। टाटा पंच को लॉन्च से पहले ही अलग-अलग कलर में देखा जा चुका है। टाटा की H2X कॉन्सेप्ट पर आधारित पंच को कंपनी ने डीलरशिप पर भी भेजना शुरू कर दिया है। खबरों के अनुसार इस कार की सबसे खास बात यह है कि इसे भारत में 5 लाख रुपये से भी कम कीमत में लॉन्च किया जा सकता है।खबरों के अनुसार टाटा पंच को अगले महीने यानी अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में 5 लाख रुपये से भी कम कीमत में लॉन्च किया जा सकता है। टाटा मोटर्स ने हाल ही में इसका टीजर जारी किया, जिसमें डिजाइन समेत कई फीचर्स का खुलासा हुआ है। खबर आ रही है कि टाटा पंच में मल्टीपल राइडिंग मोड्स देखने को मिल सकते हैं, जो कि सस्ती कारों में देखने को नहीं मिलते हैं। लेकिन टाटा मोटर्स पंच की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस धांसू माइक्रो एसयूवी में ऐसे-ऐसे फीचर्स लेकर आ रही है, जो क्रेटा, सेल्टॉस और ब्रेजा के साथ ही टाटा की ही नेक्सॉन और अन्य कारों में दिखते हैं।कार का फ्रंट लुक काफी हद तक टाटा सफारी और टाटा हैरियर से मिलता-जुलता हो सकता है। टाटा पंच में 3 राइडिंग मोड्स होंगे, जो हर टेरेन में लोगों के राइडिंग एक्सपीरियंस को शानदार बनाएंगे, यानी चाहे शहरी सड़क हो या उबड़-खाबड़ रास्ते, सभी जगहों पर टाटा पंच लोगों का खास ख्याल रखेगी। साथ ही हर मोड में लोगों को अलग-अलग माइलेज मिलेगी। अपकमिंग माइक्रो एसयूवी टाटा पंच को दो इंजन ऑप्शन के साथ पेश किया जा सकता है, जो कि 1.2 लीटर 3 सिलिंडर नेचरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन और 1.2 लीटर टर्बोचाज्र्ड पेट्रोल यूनिट होंगे। पंच को 5 स्पीड मैनुअल और एएमटी ट्रांसमिशन ऑप्शन के साथ लॉन्च किया जा सकता है।पिछले दिनों टाटा पंच डुअल टोन कलर ऑप्शन में नजर आई। नई फोटो में गाड़ी को ऑरेंज-ब्लैक के कॉम्बिनेशन में देखा गया। साथ ही इसमें डेटाइम रनिंग लाइट्स और डुअल टोन अलॉय व्हील भी देखने को मिलते हैं, जिससे पता लगता है कि यह एसयूवी का टॉप वेरिएंट हो सकता है। टाटा पंच में प्रोजेक्टर हेडलैंप, ब्लैक बम्पर, अंडरबॉडी और साइड क्लैडिंग दी गई है। कार में स्क्वायर व्हील आर्च, ब्लैक-आउट पिलर और फॉक्स रूफ रेल्स भी हैं। यह कार एक बेहतरीन केबिन के साथ आएगी। डैशबोर्ड पर कई हाइलाइट्स हैं, और एक मोटी क्रोम स्ट्रिप है, जो पूरे डैशबोर्ड पर भी चलती है। नेक्सॉन की तरह डैशबोर्ड पर इंफोटेनमेंट सिस्टम लगा है। इसमें सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कीलेस स्टार्ट-स्टॉप एंड गो, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम वगैरह मिलने की संभावना है। उम्मीद की जा रही है कि इस छोटी एसयूवी की शुरुआती कीमत 5 लाख रुपये के आस-पास हो सकती है।
- नयी दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) के अध्यक्ष एरियल ग्वार्को ने सोमवार को कहा कि देश को अमूल और इफ्को जैसी और अधिक सहकारी समितियों की जरूरत है। ग्वार्को यहां भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) द्वारा आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रहे थे।एनसीयूआई ने ग्वारको के हवाले से एक बयान में कहा, ‘‘भारत में सहकारी समितियों को और अधिक अमूल और इफ्को की जरूरत है।'' ग्वारको ने इन दो सहकारी समितियों के काम की सराहना की जिन्होंने दूध और उर्वरक के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने महामारी के दौरान सहकारी समितियों के अच्छे काम की भी प्रशंसा की। अमूल की सफलता की कहानी पर प्रकाश डालते हुए, इसके प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी ने कहा कि भारतीय सहकारी समितियों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए एकजुट होना चाहिए। एनसीयूआई के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने कहा कि संघ, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में इस क्षेत्र में अधिक जिम्मेदारी लेने को तैयार है। नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स एंड क्रेडिट सोसाइटीज लिमिटेड (एनएएफसीयूबी) के अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता ने कहा कि आईसीए को भारतीय सहकारी समितियों के साथ अधिक आपसी लेनदेन के और कार्यक्रम विकसित किए जाने चाहिए।
- नयी दिल्ली,। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि मौजूदा विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) अगले साल 31 मार्च तक चलती रहेगी। सरकार ने इससे पहले कोविड-19 संकट के कारण एफटीपी 2015-20 को इस साल 30 सितंबर तक बढ़ाया था।विदेश व्यापार नीति आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर तैयार करने के लिए निर्यात बढ़ाने को लेकर दिशानिर्देश उपलब्ध कराती है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, हमने 31 मार्च (2022) तक नीति का विस्तार करने का फैसला किया है ... और (नए) वित्त वर्ष में हम नई नीति के साथ शुरुआत कर सकते हैं।'' गोयल ने उम्मीद जताई कि उस समय तक कोविड-19 की समस्या का समाधान हो जाएगा।सरकार ने इससे पहले 31 मार्च 2020 को कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप और लॉकडाउन के बीच विदेश व्यापार नीति 2015-20 को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया था। इसके बाद अब इसका कार्यकाल एक साल और मार्च 2022 तक के लिये बढ़ा दिया गया है। एफटीपी के तहत सरकार शुल्क मुक्त आयात की अनुमति (डीएफआईए) और निर्यात संवर्धन से जुड़ी पूंजीगत माल (ईपीसीजी) जैसी विभिन्न योजनाओं के जरिए प्रोत्साहन देती है। गोयल ने कहा कि अप्रैल- 21 सितंबर, 2021 की अवधि में देश का निर्यात 185 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा है। उन्होंने कहा कि रुझानों के अनुसार देश चालू वित्त वर्ष में 400 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल कर लेगा। मंत्री ने यह विश्वास भी जताया कि आने वाले वर्षों में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य संभव है। उन्होंने कहा, ‘‘हम हितधारकों के साथ निर्यात को 2,000 अरब अमेरिकी डॉलर (वस्तुओं और सेवाओं) तक ले जाने के लिए एक मसौदे पर काम कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत को व्यापार घाटे से व्यापार अधिशेष की ओर बढ़ने की जरूरत है।गोयल ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर कहा कि भारत में रिकॉर्ड प्रवाह हुआ है और ‘‘हमें उम्मीद है कि यह रुझान जारी रहेगा।'' मंत्री ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हर कोई ईमानदारी से अपना कारोबार चलाए और बढ़ाए। इससे अधिक जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।'' उन्होंने ‘ईज ऑफ लॉजिस्टिक्स पोर्टल' www.easeoflogistics.com शुरुआत भी की।
- नयी दिल्ली। फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाद्य तेलों और अन्य खाद्य उत्पादों का विपणन करने वाली कंपनी अडाणी विल्मर ने सोमवार को कहा कि उसने छह राज्यों में फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत 12 भौतिक स्टोर खोले हैं और उसकी योजना पूरे देश में स्टोर खोलने की है। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘अडाणी विल्मर फॉर्च्यून मार्ट नाम से भौतिक स्टोर खोल रही है, जहां खासतौर से फॉर्च्यून और अन्य अडाणी विल्मर ब्रांड के उत्पादों को बेचा जाएगा।'' अडाणी विल्मर फ्रेंचाइजी मॉडल पर भौतिक स्टोर खोल रही है।अडाणी विल्मर ने अब तक जयपुर, जोधपुर, ललितपुर, गांधीनगर, सूरत, गांधीधाम, जबलपुर, विदिशा, ग्वालियर, खारघर, अकोला और हल्दिया में 12 फॉर्च्यून मार्ट स्टोर खोले हैं। ये स्टोर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में हैं। कंपनी की योजना आगामी तिमाही में भारत के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में फॉर्च्यून मार्ट स्टोर शुरू करने की है। अडाणी के प्रबंध निदेशक और सीईओ अंगशु मलिक ने कहा, ‘‘फॉर्च्यून एक घरेलू नाम और देश में सबसे लोकप्रिय खाद्य ब्रांड बन गया है। फॉर्च्यून मार्ट स्टोर की शुरुआत का मकसद पिछले दो दशकों में फॉर्च्यून द्वारा स्थापित ब्रांड पहचान का लाभ उठाना है।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को निजी क्षेत्र के ऋणदाता आरबीएल बैंक पर नियामकीय अनुपालन में खामियों तथा बैंकिंग नियमन अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। आरबीएल बैंक के निरीक्षण के बाद रिजर्व बैंक ने कुछ नियामकीय निर्देशों तथा बैंकिंग नियमन अधिनियम का अनुपालन नहीं करने का मुद्दा उठाया था। इनमें सहकारी बैंक के नाम पर पांच बचत खाते खोलने और बैंक के निदेशक मंडल की संरचना शामिल है। बाद में केंद्रीय बैंक ने आरबीएल बैंक को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उसके निर्देशों का अनुपालन नहीं करने और बैंकिंग नियमन अधिनियम के प्रावधानों को पूरा नहीं करने के लिए उसपर जुर्माना लगाया जाए। कारण बताओ नोटिस पर आरबीएल बैंक के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान उसकी मौखिक दलीलें सुनने के बाद रिजर्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि इन उल्लंघनों के लिए जुर्माना लगाने का मामला बनता है। रिजर्व बैंक ने एक अन्य बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य सहकारी बैंक लि., श्रीनगर पर भी बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों के लिए उल्लंघन को लेकर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक का सांविधिक तौर पर निरीक्षण नाबार्ड ने 31 मार्च 2019 को उसकी वित्तीय स्थिति को लेकर किया था।
- नई दिल्ली। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ओप्पो ने अपने लेटेस्ट स्मार्टफोन ओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी दिवाली एडिशन को भारत में लॉन्च कर दिया है। ओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी दिवाली एडिशन लगभग रेगुलर ओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी के समान ही है, लेकिन इसे एक नया कलर ऑप्शन मिलता है। इवेंट में कंपनी ने Oppo Enco Buds का नया कलर वेरिएंट और ओप्पो एफ 19 एस के कई सारे वेरिएंट भी लॉन्च किए हैं।ओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी दिवाली एडिशन की कीमत है 41 हजार 990 रुपए और यह 12 जीबी और 256 जीबी अनबिल्ट स्टोरेज के साथ एक स्पेशल मैजेस्टिक गोल्ड कलर ऑप्शन में है।ओप्पो के फ्लैगशिप स्मार्टफोन को भारत में जुलाई में सिंगल 12 जीबी और 256 जीबी स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया था और इसकी कीमत 39 हजार 990 रुपये थी, जो इसके ऑरोरा और स्टेलर ब्लैक कलर वेरिएंट के लिए थी। मैजेस्टिक गोल्ड कलर ऑप्शन आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से खरीदने के लिए उपलब्ध है।डुअल-सिम (नैनो) ओप्पो रेनो 6 प्रो 5 जी भी एनड्रायड 11 पर बेस्ड कलर ओएस 11.1 पर चलाता है। इसमें 6.550 इंच का फुल-एचडी+ (1,080&2,400 पिक्सल)एमोलेड डिस्प्ले है जो 90 एचजी रिफ्रेश रेट के साथ है। यह मीडियाटेक डाइमेंसिटी 1200 प्रोसेसर से लैस है, जिसे 12 जीबी रैम और 256 जीबी ऑनबोर्ड स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है। यह 64-मेगापिक्सल के प्राइमरी सेंसर द्वारा हेडलाइन किए गए क्वाड रियर कैमरा सेटअप को पैक करता है। फोन 4500 एएच बैटरी से लैस है और 65 W SuperVOOC 2.0 फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है।
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नयी दिल्ली। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने सोमवार को कहा कि वह ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी उत्पाद रणनीति के तहत भारत में अपनी मध्यम आकार की सेडान यारिस की बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद कर देगी।कंपनी ने भारतीय बाजार में मई 2018 में यारिस उतारी था। इसकी कीमत 8.75 लाख रुपये से 14.07 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गयी थी। यह सेडान होंडा सिटी, ह्यूंदे वरना और मारुति सुजुकी सियाज के वर्ग में पेश की गयी थी।
हालांकि, लगभग 19,800 इकाइयों की थोक बिक्री के साथ, बाजार में इसे ज्यादा अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। कंपनी ने एक बयान में कहा, "टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 27 सितंबर, 2021 से भारत में यारिस को बंद करने की घोषणा की है। यह कदम उन्नत तकनीकों और उत्पाद की पेशकश के माध्यम से ग्राहकों की लगातार बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए टोयोटा की उत्पाद रणनीति का एक हिस्सा है।" - मुंबई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वित्तीय समावेशन पर विशेष ध्यान देने तथा आर्थिक गतिविधियों के उच्चस्तर के बावजूद देश के कई जिले ऐसे हैं, जहां बैंकिंग सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने रविवार को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) की 74वीं वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इन जिलों में आर्थिक गतिविधियों का स्तर काफी ऊंचा है, लेकिन बैंकिंग उपस्थिति काफी कम है। सीतारमण ने बैंकों से कहा कि वे अपनी मौजूदगी को बढ़ाने के प्रयासों को और बेहतर करें।उन्होंने बैंकों से कहा कि उनके पास विकल्प है कि वे या तो ऐसे जिलों में गली-मोहल्ले के मॉडल के अनुरूप पूर्ण रूप से शाखा खोल सकते हैं या फिर कोई 'आउटपोस्ट' बना सकते हैं जहां लोगों की बैंकिंग जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि कैसे ऊंची आर्थिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों में बैंक नहीं पहुंचे हैं।उल्लेखनीय है कि नीति निर्माता एक दशक से अधिक से वित्तीय समावेशन पर जोर दे रहे हैं। नीति निर्माताओं ने 2,000 से अधिक आबादी वाले प्रत्येक गांव में बैंकिंग उपस्थिति सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया है। कुछ साल पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बैंक शाखा खोलने के नियमों को उदार किया है।सीतारमण ने कहा, ''आज भी कई जिले, यहां तक कि बड़ी पंचायतों वाले जिले ऐसे हैं जहां बैंक नहीं है। कई-कई जिलों में भौतिक रूप से एक बैंकिंग संस्थान नहीं है।'' उन्होंने आईबीए के सदस्यों से कहा कि वे डिजिटल तरीके से सभी जिलों का नक्शा बनाएं और देखें कि किन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का दायरा काफी कम है। वे ऐसे क्षेत्रों में पूर्ण शाखा या आउटपोस्ट के लिए प्रावधान करें। उन्होंने सवाल किया, ''आप आर्थिक गतिविधियों का केंद्र देखें। चाहे वह ग्रामीण पॉकेट हो, लेकिन वहां आर्थिक गतिविधियां काफी मजबूत हों, तो आपको विचार करना होगा कि क्या वहां आपकी उपस्थिति होनी चाहिए।'' वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह डिजिटलीकरण के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि देश के कुछ हिस्सों में गली-मोहल्ले की दुकानों जैसी छोटी बैंक शाखा भी नहीं हैं। उन्होंने एक सांसद का उदाहरण दिया जो कृषि सबंधित व्यापार और थोक गतिविधियों वाले एक क्षेत्र में बैंक शाखा की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मीलों चलना पड़ता है।प्रधानमंत्री जन धन योजना की सराहना करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि लाखों नए खाते खोले गए। उन्होंने अपनी यह इच्छा भी दोहराई कि पूर्वी क्षेत्र को अधिक ऋण मिलना चाहिए। वित्त मंत्री के संबोधन के बाद जारी बयान में एचडीएफसी बैंक ने कहा कि वह अपनी ग्रामीण पहुंच को दोगुना कर अगले दो साल में दो लाख गांवों तक पहुंचाएगा। इसके अलावा बैंक ने अगले छह माह में 2,500 लोगों की नियुक्ति करने की भी घोषणा की। इस बीच, सीतारमण ने कहा कि आगामी राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्गठन कंपनी को 'बैड बैंक' नहीं कहा जाना चाहिए, जैसा अमेरिका में कहा जाता है। उन्होंने कहा कि आज बैंकों का बही-खाता अधिक साफ-सुथरा है। इससे सरकार पर बैंकों के पुनर्पूंजीकरण का बोझ कम होगा। सीतारमण ने कहा कि कि बैंकों को तेज-तर्रार बनने की जरूरत है। उन्हें प्रत्येक इकाई की जरूरत को समझना होगा जिससे 2030 तक 2,000 अरब डॉलर और चालू वित्त वर्ष में 400 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल किया जा सके। वित्त मंत्री ने कहा कि विकास वित्त संस्थान (डीएफआई) के निर्माण के लिए कानूनी रूपरेखा अभी जारी है। उन्होंने कहा कि हमें इस तरह की इकाइयों की निजी क्षेत्र और सरकार समर्थित क्षेत्र दोनों में जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निजी डीएफआई तथा सरकारी डीएफआई के बीच मजबूत प्रतिस्पर्धा होगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ इससे ही परियोजनाओं के लिए ऋण की निचली लागत सुनिश्चित की जा सकेगी। सीतारमण ने महामारी के दौरान जान गंवाने वाले बैंक कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ऐसे कठिन समय में वित्तीय प्रणाली को कायम रखने के उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बैंकों से कहा कि वे आम जनता तक आवश्यक जानकारी पहुंचाने के लिए अपने कॉरपोरेट संचार कामकाज को बेहतर करें।
- नयी दिल्ली। राजस्थान की 'सोजत मेहंदी' को सरकार से भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा मिला है। जीआई दर्जा उत्पाद के निर्माताओं को उच्च मूल्य प्राप्त करने में मदद करता है और कोई अन्य निर्माता अपने उत्पादों के विपणन के लिए इस नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता। राजस्थान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव मुग्धा सिन्हा ने कहा, ‘‘सोजत मेहंदी के लिए जीआई का दर्जा किसानों, एमएसएमई उद्योग, कारीगरों और उपभोक्ताओं के लिए समान रूप से फायदे की बात है। हम इसके हर्बल कॉस्मेटिक और औषधीय उपयोगों को देखते हुए इसका निर्यात बढ़ाने के लिए इसका लाभ उठा सकते हैं।'' एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले कृषि, प्राकृतिक या निर्मित उत्पाद (हस्तशिल्प और औद्योगिक सामान) के लिए एक जीआई दर्जे का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर यह दर्जा नाम, गुणवत्ता और विशिष्टता का आश्वासन देता है, जो मुख्य रूप से इसके मूल स्थान के कारण होता है। दार्जिलिंग की चाय, तिरुपति लड्डू, कांगड़ा पेंटिंग, नागपुर का संतरा और कश्मीर पश्मीना भारत में पंजीकृत जीआई उत्पादों में से हैं। एक बार किसी उत्पाद को भौगोलिक संकेतक का दर्जा मिलने के बाद कोई भी व्यक्ति या कंपनी उस नाम से समान, वस्तु नहीं बेच सकती हैं। यह दस साल के लिए वैध होता है और बाद में इसका नवीकरण भी किया जा सकता है।


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