कलेक्टर ने मोतिमपुर एवं अंजोरा ढ़ाबा समूह जल प्रदाय योजनाओं का किया निरीक्षण
*- आगामी एक माह के भीतर शिवनाथ नदी का शुद्ध पेयजल पहुंचेगा 103 गांवों के हर घर*
*- मोतिमपुर के 53 गांव और अंजोरा ढ़ाबा के अंतर्गत 50 गांव होंगे लाभान्वित*
दुर्ग/ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज धमधा विकासखंड के मोतिमपुर तथा दुर्ग विकासखंड के अंजोरा ढ़ाबा समूह जल प्रदाय योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट (फिल्टर) प्लांट तथा संपूर्ण जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आगामी एक माह के भीतर दोनों योजनाओं से नियमित जलापूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में चल रही ट्रायल रन एवं टेस्टिंग प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने प्लांट में शिवनाथ नदी के पानी के शुद्धिकरण की पूरी प्रक्रिया को देखा तथा जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रगति की जानकारी ली। दोनों परियोजनाओं में शिवनाथ नदी से इंटेकवेल के माध्यम से पानी लाकर फिल्टर प्लांट तक पहुंचाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में नदी का पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच रहा है, जहां उसका शुद्धिकरण किया जा रहा है। इसके बाद शुद्ध पेयजल को पाइपलाइन के माध्यम से गांवों में निर्मित टंकियों तक पहुंचाया जाएगा और वहां से प्रत्येक घर में नल कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
धमधा विकासखंड के मोतिमपुर में शिवनाथ नदी पर इंटेकवेल तथा गोबरानवा में 6.5 एमएलडी क्षमता के आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है। इस योजना से 53 गांवों को शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति मिलेगी। वहीं दुर्ग विकासखंड की अंजोरा ढ़ाबा समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत भेड़सर-गनियारी शिवनाथ नदी से पानी लाकर 8.5 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जा रहा है, जिससे 50 गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। दोनों योजनाओं के तहत पाइपलाइन, जल टंकियों एवं गांवों तक पेयजल पहुंचाने की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं। आगामी एक माह के भीतर दोनों योजनाओं से कुल 103 गांवों के घर-घर शिवनाथ नदी का शुद्ध पेयजल पहुंचने लगेगा, जिससे ग्रामीणों की बोरवेल और भू-जल पर निर्भरता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने कार्यपालन अभियंता श्री उत्कर्ष पाण्डेय को निर्देशित किया कि शेष तकनीकी परीक्षण एवं आवश्यक औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए दोनों योजनाओं से नियमित जलापूर्ति प्रारंभ की जाए, ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ मिल सके।











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