मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने समर्पित भाव से करें कार्य - कलेक्टर
- कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की ली बैठक
- हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के पश्चात चिन्हांकित 16 मरीजों का चल रहा नि:शुल्क उपचार
- चिरायु योजना के तहत 15 बच्चों का हृदय रोग संबंधी बीमारियों का हुआ नि:शुल्क सफलतापूर्वक ऑपरेशन, 33 बच्चों का लिया जा रहा नियमित फॉलोअप
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले में बाल एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए समर्पित एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सक्रियता एवं ईमानदारी से कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में किसी भी गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु की मृत्यु न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। कलेक्टर ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाए तथा इस कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी, आवश्यक दवाइयों एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल के माध्यम से प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग कर समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिले में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष इसी समय मातृ मृत्यु 5 हुई थी जबकि इस वर्ष 2 मातृ मृत्यु है। इसी तरह पिछले वर्ष 53 शिशु मृत्यु हुई थी जो इस वर्ष घटकर 44 हुई है। इस विशेष अभियान से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।
कलेक्टर ने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा करते हुए इसे तेज गति से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 4 हजार 887 किशोरी बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर स्कूलवार रोस्टर तैयार करने तथा इस माह के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में चिन्हांकित ब्रेस्ट कैंसर मरीजों के उपचार एवं स्क्रीनिंग की जानकारी लेते हुए मरीजों के परिजनों से नियमित फॉलोअप करने तथा स्वास्थ्य में सुधार की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। 1826 ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के पश्चात लक्षण की पहचान होने पर 16 मरीजों को तत्काल ईलाज के लिए रेफर किया गया। वर्तमान में बालको कैंसर हॉस्पिटल में नि:शुल्क उपचार चल रहा है और मरीजों के परिजनों से नियमित फालोअप लिया जा रहा है।
कलेक्टर ने चिरायु योजना के अंतर्गत चिन्हांकित बच्चों के उपचार की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बच्चों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके। चिरायु योजना के तहत 48 बच्चों का चिन्हांकन किया गया। जिसमें से 15 बच्चों का हृदय रोग संबंधी बीमारियों का नि:शुल्क सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो गया है तथा 33 बच्चों का चिरायु टीम द्वारा नियमित फॉलोअप लिया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी चिकित्सालयों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बेहतर हाइजीन बनाए रखना आवश्यक है, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संयुक्त संविदा भर्ती प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ एक माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी विस्तार होगा तथा इसका लाभ जिले के नागरिकों को मिलेगा। कलेक्टर ने टीबी एवं कुष्ठ रोग की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की जांच कर मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके और इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो। उन्होंने सभी राष्ट्रीय कार्यक्रम की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, संयुक्त संचालक मेडिकल कालेज डॉ. अतुल देशकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद एवं स्वास्थ्य विभाग के समस्त बीएमओ, बीपीएम, सलाहकार उपस्थित थे।












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