देवी गोंधळ के साथ भक्तिमय हुआ मराठी मेला
- नागपुर से आई पारंपरिक लोक गायकों की टीम
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित मराठी सोहळा (मेला) में आयोजित देवी गोंधळ ने समूचे आयोजन को भक्तिमय कर दिया। सभासद देवी की भक्ति में डूबे नजर आए। मंडल के सचिव और आचार्य चेतन दंडवते व सहसचिव अजय पोतदार ने पूरे विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ यजमानों से देवी की पूजा अर्चना करवाई। इस अवसर पर नागपुर से आए पारंपरिक लोक गायक श्रीकांत सालुंके व साथियों ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया।
आचार्य चेतन दंडवते ने बताया कि मराठी मेले के दौरान 11 यजमानों ने अपनी कुलदेवी की पूजा- अर्चना की। इस अवसर पर नागपुर से आए पारंपरिक गायकों ने गोंधळ प्रस्तुत किया। वे सभी गोंधळ में मुख्य रूप से उपयोग में होने वाले संबळ (संभल), तुणतुणे, टाळ, झांज और डिमडी जैसे वाद्य यंत्रों के साथ आए थे। इन वाद्ययंत्रों के स्वर ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। छत्तीसगढ़ में निवासरत ज्यादातर मराठी परिवारों की कुलदेवी तुलजापुर की मां तुलजा भवानी, माहुरगढ़ की रेणुका माता और कोल्हापुर की महालक्ष्मी हैं। इसके अलावा अंबा बाई और सप्तश्रृंगी देवी की पूजा भी की गई। नागपुर से आए लोक कलाकारों ने गणपति वंदना से देवी भक्ति गीतों के श्रृंखला की शुरुआत की। इसके बाद गीतों के माध्यम से देवी का आह्वान और देवी की आराधना की।
आचार्य दंडवते ने बताया कि आज हुई पूजा में संध्या- श्याम सुंदर खंगन, आकांक्षा- अतुल गद्रे, वंदना- प्रसन्न निमोणकर, जयश्री- अनिल नानोटी, अभिलाषा- विजय पंडित, अरुणिमा- समीर तनखीवाले, अमृता- अनिल भांडगे, शारदा- शरद डांगे, विशाखा- वसंत जोशी, अर्चना- शेखर मराठे और अर्पिता- अरुण जोशी शामिल हुए।












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