75 साल की उम्र में नाना पाटेकर का निधन
मुंबई। हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार और एक्टर नाना पाटेकर का आज 75 की उम्र में निधन हो गया है. नाना पाटेकर की मृत्यु गोवा में कार्डियक अटैक के कारण हुई है. बड़े पर्दे पर अलग-अलग किरदारों में जान डालने वाले नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक तक फिल्मों में काम किया है. वहीं उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर अच्छी खासी संपत्ति बनाई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 50 करोड़ रुपये से 80 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है. इसके अलावा अब नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद उनकी संपत्ति, घर, जमीन और गाड़ियों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.
नाना पाटेकर की संपत्ति को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल नेटवर्थ करीब 50 करोड़ रुपये थी, वहीं कुछ जगह यह आंकड़ा 80 करोड़ रुपये तक बताया गया है. फिल्मों की बात करें तो नाना पाटेकर एक फिल्म के लिए करीब 2 से 3 करोड़ रुपये तक फीस लेते थे. उनकी संपत्ति में उनकी मुंबई, गोवा और पुणे की प्रॉपर्टी भी शामिल है.
नाना पाटेकर का मुंबई वाला घर उनकी सादगी की सबसे बड़ी मिसाल माना जाता है. वह लंबे समय तक अंधेरी में करीब 750 वर्ग फुट के एक बेडरूम वाले फ्लैट में रहे. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घर को उन्होंने कई दशक पहले करीब 1.1 लाख रुपये में खरीदा था. आज इसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है. नाना अपनी मां के साथ भी इसी घर में रहे थे. मां के निधन के बाद भी उन्होंने इस घर को छोड़कर कोई बड़ा और आलीशान घर नहीं बनाया.
मुंबई के अलावा नाना पाटेकर का गोवा में भी एक घर था. वह अक्सर मुंबई, गोवा और पुणे के बीच समय बिताते थे. गोवा वाला घर उनके मुंबई के फ्लैट से ज्यादा आधुनिक और बड़ा बताया जाता है. इसी गोवा वाले घर में उनकी मौत की खबर सामने आई है. उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे घर में बेहोशी की हालत में पाया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया.
नाना पाटेकर के पास पुणे के खड़कवासला इलाके में करीब 27 एकड़ में फैला फार्महाउस भी बताया जाता है. इस जमीन पर खेती की जाती थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां गेहूं और धान उगाया जाता था और इसकी कमाई का हिस्सा खेत में काम करने वाले लोगों और स्थानीय किसानों को भी दिया जाता था. फार्महाउस के अलावा पुणे के लॉ कॉलेज रोड पर भी उनका एक घर बताया जाता है.
कार की बात करें तो नाना पाटेकर महंगी और चमकदार कारों का बड़ा काफिला रखने के बजाय काम की गाड़ियों को पसंद करते थे. उनके पास Mahindra Jeep CJ4, Mahindra Scorpio और Audi Q7 जैसी गाड़ियां थीं. इन गाड़ियों की पसंद से भी उनके साधारण जीवन का अंदाजा लगाया जा सकता है.
नाना पाटेकर की पहली फिल्म
नाना पाटेकर ने साल 1978 में फिल्म गमन से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने परिंदा, क्रांतिवीर, वेलकम और नटसम्राट जैसी फिल्मों में यादगार काम किया और नई पहचान बनाई. अपने लंबे करियर में उन्होंने तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार फिल्मफेयर पुरस्कार और दो महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार जीते थे. साल 2013 में उन्हें सिनेमा और कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था.





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