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शरीर के इन अंगों में रहता है दर्द? कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का हो सकता है संकेत
आमतौर पर शरीर में होने वाले दर्द को हम सभी सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, कुछ दर्दनिवारक गोलियों से आमतौर पर इसमें राहत भी मिल जाती है। पर आपकी यह आदत गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। जी हां, शरीर के कुछ हिस्सों में लगातार रहने वाला दर्द, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर संकेत हो सकता है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि शरीर में होने वाले दर्द की समस्या कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का संकेत भी हो सकती है, ऐसे में इसे नजरअंदाज करना हृदय रोग की गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल मोमनुमा रक्त में पाया जाने वाला एक पदार्थ है। स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण के लिए शरीर को कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण रक्त वाहिकाओं में वसायुक्त जमाव हो सकता है, जिससे हृदय का सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है।  जानते हैं कि किन हिस्सों में दर्द को कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत माना जा सकता है?
जबड़ों में दर्द और असुविधा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जबड़ों में होने वाले दर्द की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए, यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में जबड़े में तेज दर्द या कसाव जैसी असुविधा होती है। आमतौर पर यह दर्द ज्यादातर एनजाइना से जुड़ा होता है। एनजाइना वह स्थिति है जिसमें रक्त का हृदय तक सही से प्रवाह न होने के कारण दर्द की समस्या हो सकती है।
हाथों में दर्द की समस्या
शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण हाथों में भी दर्द की समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण यह समस्या होना सामान्य है, यह ऐसी स्थिति है जिसमें धमनियों के अंदर 'प्लाक' बनने लगता है। इस वजह से शरीर के अंगों में रक्त का संचार प्रभावित हो जाता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हाथों में दर्द होता सकता है, ऐसे लक्षणों पर लोगों को विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (पीएडी)
रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से खून के संचार में रुकावट की समस्या होती है, जिसके कारण शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द हो सकता है। जब यह स्थिति गंभीर रूप ले लेती है तो इसे  पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (पीएडी) कहा जाता है। इस स्थिति में हाथों और पैर, दोनों में तेज दर्द की समस्या हो सकती है। कुछ स्थितियों में इस वजह से चलने और दौड़ने जैसी गतिविधियों में भी दिक्कत होने लगती है। पीएडी अंगों की क्षति का भी कारण बन सकता है। 

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