भविष्य के युद्ध मनोवैज्ञानिक तरीके से लड़े जाएंगे : सीडीएस
शिरडी. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कहा कि भविष्य के युद्ध बहु-क्षेत्रीय होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक रक्षा विनिर्माण इकाई के उद्घाटन के अवसर पर जनरल चौहान ने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल जनशक्ति, पारंपरिक हथियारों या प्लेटफॉर्म-केंद्रित अभियानों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन, रोबोटिक्स, साइबर प्रणालियां, स्वायत्त प्लेटफॉर्म, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, सटीक मारक क्षमता वाले हथियार और सूचना प्रभुत्व भविष्य के युद्धों को निर्णायक आकार देंगे। जनरल चौहान ने कहा कि प्रौद्योगिकी, गति और नवाचार आने वाले दिनों में अभियानों की सफलता के लिए महत्वपूर्ण निर्धारक तत्व होंगे। उन्होंने कहा, "भविष्य के युद्ध बहु-क्षेत्रीय होंगे, जहां लड़ाइयां भूमि, समुद्र, वायु और साइबर क्षेत्र के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीके से भी लड़ी जाएंगी।" जनरल चौहान ने कहा कि भविष्य में युद्धक्षेत्र भौगोलिक स्थान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सूचना नेटवर्क, डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और साइबर बुनियादी ढांचे तक फैलेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी देश नवाचार करता है, तेजी से उत्पादन करता है और जिसकी सशस्त्र सेनाएं तेजी से अनुकूलन करती हैं, उसे रणनीतिक बढ़त हासिल होगी।


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