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-भविष्य के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता पर कलेक्टर का जोर, उद्योगों से किया ठोस पहल का आह्वान
-जल संकट से बचाव के लिए अभी से तैयारी जरूरी : कलेक्टर संजय अग्रवाल-बिलासपुर में जल संरक्षण और एस डब्ल्यू एम रूल्स 2026 पर मंथन, उद्योगों और पंचायतों को दिए अहम निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में बढ़ते जल संकट की आशंका को देखते हुए जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर गंभीर पहल करने की अपील की है। उन्होंने उद्योगों, पंचायतों और नगरीय निकायों से वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के नगरीय एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों में चिन्हित समस्त औद्योगिक इकाइयों की बैठक लेकर भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की। बैठक में जलशक्ति मंत्रालय से संबद्ध विशेषज्ञ सुदीप्त मोहन शर्मा और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बैठक में उद्योग प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से चेक डैम और जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में जल संकट की स्थिति को देखते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्री-मानसून अवधि में नदियों एवं जल स्रोतों में जल स्तर घटने के कारण कई स्थानों पर सूखे जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे नए बोर खनन पर रोक लगानी पड़ती है।बैठक में जल संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों जैसे रिचार्ज पिट, पोखरा गहरीकरण, चेक डैम, स्टॉप डैम, बोल्डर बंधान तथा तालाब निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि इन कार्यों से लगभग 40 मीटर तक जल रिचार्ज संभव होता है, जबकि गहरे इंजेक्शन बोरवेल 200 मीटर तक भूजल स्तर को रिचार्ज करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने उद्योगों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन संरचनाएं विकसित करने और परिसर के आसपास फ्रैक्चर जोन में पर्याप्त जल संरक्षण कार्य कराने को कहा। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्रों में जल मापन हेतु पीजीओमीटर अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए, जिससे भूजल स्तर और जल उपयोगिता की वास्तविक जानकारी प्राप्त हो सके और उसके आधार पर जल संरक्षण संबंधी योजनाएं बनाई जा सकें। बैठक में भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय से जुड़े विशेषज्ञ श्री सुदीप्त मोहन शर्मा ने भी जल संरक्षण संबंधी प्रयासों की सराहना करते हुए भू-जल एवं वर्षा जल के वैज्ञानिक उपयोग पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत लागू किए जा रहे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन रूल्स 2026 की जानकारी भी दी गई।अधिकारियों ने बताया कि नियमों के तहत घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, खाद निर्माण, रीसाइक्लिंग तथा एमआरएफ सेंटर विकसित करने जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही प्लास्टिक और अन्य विशेष कचरे के पृथक प्रबंधन तथा स्वच्छता जन जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत, जनपद पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्योग विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। - रायपुर- रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा और यातायात एसपी श्री अजय कुमार के निर्देशानुसार एएसपी यातायात श्री विवेक शुक्ला,नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे , कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह, जोन 3 सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, , उप अभियंता नगर निवेश श्री अक्षय भारद्वाज सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता की टीम, नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग और जोन 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा राजधानी शहर नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत जोन क्रमांक 3 क्षेत्र अंतर्गत तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव मार्ग में टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत राजधानी शहर के प्रमुख मार्ग में स्वच्छता को लेकर जनजागरण के व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से मरीन ड्राइव में सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी दुकानदारों को स्पष्ट हिदायत दी गयी है कि वे किसी भी हालत में कचरा तेलीबाँधा तालाब में ना डालें, कचरा मिक्स ना देवें, बल्कि अनिवार्य रूप से पृथक - पृथक कचरा सफाई मित्र को देवें, साथ ही कचरा पृथक - पृथक रखने अनिवार्य रूप से अपनी दुकान में डस्टबिन पृथक - पृथक रखें और पृथक - पृथक कचरा सफाई मित्र को देवें, अन्यथा की स्थिति में व्यवस्था सुधारने कड़ी कार्यवाही की जाएगी, इस स्थिति के निर्मित होने पर सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए जनहितकारी टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत जोन क्रमांक 3 अंतर्गत तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव डंगनिया मुख्य मार्ग में लगभग 15 ठेलों,गुमटियों के संचालकों के मध्य स्वच्छता को लेकर जनजागरुकता अभियान चलाया गया।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे स्वच्छता जनजागरण अभियान से राजधानी शहर रायपुर के विभिन्न प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भिन्न मुख्य मार्गो का यातायात निरन्तर सुगम और सुव्यवस्थित हो रहा है और इससे आमजनों को यातायात जाम की समस्या से मुक्ति सहित लगातार त्वरित राहत प्राप्त हो रही है।
- - केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके की मौजूदगी में रायपुर में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्ररायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न केंद्रीय विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल द्वारा आयोजित रोजगार मेले में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। रायपुर में यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें भारतीय रेलवे के 200, डाक विभाग के 34, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 7, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के 5 तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के 11 अभ्यर्थी शामिल रहे। कुल 803 चयनित अभ्यर्थियों में से 257 अभ्यर्थी कार्यक्रम में उपस्थित होकर नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का सशक्त भागीदार बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार मेला अभियान युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।रायपुर के कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और यही ऊर्जा अमृतकाल में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को शासकीय सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
- -बिलासपुर में 14 केंद्रों पर 4870 परीक्षार्थी होंगे शामिलबिलासपुर । संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को बिलासपुर जिले में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली में सामान्य अध्ययन का प्रथम प्रश्न पत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक परीक्षा ली जाएगी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 14 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4870 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों में बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा गया है।जिला प्रशासन ने परीक्षा संचालन में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो सके।
- बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज मुंगेली जिले का दौरा कर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने निर्माणाधीन लोरमी बायपास सड़क का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को इसे समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने मुंगेली सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने नगरीय निकायों तथा अन्य विभागों से समन्वय के साथ सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब सड़कों में पैच-वर्क कराने भी कहा।श्री बंसल ने सुगम यातायात को शासन की प्राथमिकता बताते हुए गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुंगेली के कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप, अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री शरद सतपथी, आर.के. खामरा और श्री नीतिश तिवारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि से हटाए जाएगा अतिक्रमण-तहसीलदार द्वारा सभी 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का जारी किया गया नोटिसबालोद। बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी को उसके वास्तविक स्वरूप में वापस लाने प्रशासन द्वारा निरंतर ही कार्य किया जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिला मुख्यालय के समीप ग्राम सिवनी और देउरतराई क्षेत्र में तांदुला नदी के तट पर किए गए अवैध कब्जे पर कार्यवाही की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार तांदुला नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। बालोद तहसीलदार द्वारा सभी 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया है। कुछ महीने पहले इस क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगी होने के कारण अवैध कब्जा हटाने की इस मुहिम को रोक दिया गया था। अब चूंकि धान की फसल कट चुकी है, प्रशासन पुनः अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर रहा है। राजस्व विभाग की जांच में सामने आया है कि अधिकांश अतिक्रमणकारियों के पास अन्य जगहों पर भी जमीन है, और वे किराना दुकान, सेलून आदि व्यवसाय चलाते हैं। कुछ लोगों द्वारा इस अवैध कब्जे वाली भूमि को दूसरों को रेगहा पर दिए जाने की जानकारी भी मिली है। ड्रोन सर्वे से पता चला है कि 220 मीटर चौड़ी तांदुला नदी कई जगहों पर सिकुड़कर मात्र 80-90 मीटर चौड़ी ही रह गई है। अवैध कब्जा हटाने का यह कदम तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन का मुख्य संकल्प तांदुला नदी को उसके पुराने और वास्तविक स्वरूप में वापस लाना है, जो इस त्वरित कार्रवाई से साकार होता दिख रहा है।
- -समितियां हुई सक्रिय , बैठकों का दौर शुरूरायपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जा रहे “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को भव्य, व्यवस्थित एवं सार्थक बनाने के उद्देश्य से रायपुर प्रेस क्लब ने विभिन्न समितियों का गठन करते हुए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। सभी समितियों के संयोजकों एवं सहसंयोजकों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया गया है।यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसके संघर्ष, मूल्यों, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर केंद्रित रहेगा। उत्सव के दौरान पत्रकारिता की बदलती परिस्थितियों, मीडिया की विश्वसनीयता, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका तथा डिजिटल दौर की चुनौतियों और संभावनाओं पर व्यापक मंथन किया जाएगा।“पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” का शुभारंभ सत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न होगा। इस अवसर पर शासन से जुड़े मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि भी शामिल होंगे।आयोजन का दूसरा सत्र हिंदी प्रिंट मीडिया के 200 वर्षों के इतिहास, उसकी वैचारिक यात्रा, सामाजिक प्रभाव और लोकतांत्रिक योगदान पर केंद्रित रहेगा, जिसमें देश एवं प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और विषय विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।वहीं तीसरा सत्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं न्यू मीडिया की संभावनाओं, चुनौतियों, बदलती तकनीक, सोशल मीडिया के प्रभाव तथा पत्रकारिता के भविष्य पर आधारित होगा। इस सत्र में राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के प्रतिष्ठित पत्रकार, मीडिया विशेषज्ञ और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्व अपने अनुभव एवं विचार रखेंगे।रायपुर प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, परंपराओं और जनसरोकारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आयोजन में प्रदेशभर के पत्रकारों, मीडिया संस्थानों, युवा पत्रकारों एवं पत्रकारिता से जुड़े विविध वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है।आयोजन को सफल बनाने के लिए गठित विभिन्न समितियों के संयोजक एवं सहसंयोजक निम्नानुसार हैं :-प्रकाश शर्मा - संयोजक, संरक्षण मंडल / सलाहकार समितिअनिल द्विवेदी - संयोजक, मुख्य आयोजन संचालन एवं समन्वय समितिदिनेश तिवारी - संयोजक, मीडिया एवं प्रचार प्रसार समितिअनिरुद्ध दुबे - सहसंयोजक, मीडिया एवं प्रचार प्रसार समितिप्रदीप दुबे - सह संयोजक, मीडिया एवं प्रचार प्रसार समितिराजेंद्र निगम - संयोजक, आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति ( समय सारणी , अतिथि प्रबंधन स्थल व्यवस्था )मनीष वोरा - सहसंयोजक,आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति ( समय सारणी ,अतिथि प्रबंधन स्थल व्यवस्था )अंशुमन शर्मा - सहसंयोजक,आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति (समय सारणी,अतिथि प्रबंधन स्थल व्यवस्था )शंकर चंद्राकर -संयोजक, आवास एवं अतिथि सत्कार समितिरविंद्र ठेंगड़ी -संयोजक, स्वागत एवं पंजीयन समितिअतुल श्रीवास्तव -संयोजक, तकनीकी एवं आईटी समितिदीपक पाण्डेय - संयोजक, प्रदर्शनी एवं आयोजन चित्रण समितिसंदीप तिवारी - संयोजक, सांस्कृतिक आयोजन एवं रचनात्मक कार्य समितिशुभम वर्मा - संयोजक, डॉक्यूमेंट्री एवं प्रशासन समितिअंशुमान शर्मा - संयोजक, व्याख्यान सत्र प्रबंधन समिति/ लेक्चर सेशन कमेटीअंकिता शर्मा -संयोजक, सोशल मीडिया कैंपेन कमेटीनीतेश गर्ग- सह संयोजक, सोशल मीडिया कैंपेन कमेटीव्यास पाठक -संयोजक, ड्राफ्ट एवं आर्काइव समितिगौरव शर्मा (जू.)- लोगो एवं ब्रांडिंग समितिज्योति ठाकुर -संयोजक, मंच एवं कार्यक्रम संचालन समितियशवंत धोटे, जनसंपर्क एवं शासकीय समन्वय समितिअविनाश चौबे -संयोजक , इवेंट ऑर्गेनाइजिंग कमिटीसनत तिवारी -संयोजक, कार्यक्रम प्रबंधन समितिप्रदीप चंद्रवंशी -संयोजक , भोजन एवं कैटरिंग समितिनिवेदिता साहू -संयोजिका, सजावट एवं सौंदर्य करण समितिविनय त्रिवेदी -सहसंयोजक, सजावट एवं सौंदर्य करण समितिनवीन जैन - संयोजक, व्यवस्था एवं संसाधन कमेटीसत्यप्रकाश सिंह - संयोजक, रिसर्च एवं कंटेंट कमेटीगौरव शुक्ला - सहसंयोजक, रिसर्च एवं कंटेंट कमेटीकुलदीप शर्मा - संयोजक, आमंत्रण एवं अतिथि प्रबंधन समितिरायपुर प्रेस क्लब ने सभी पत्रकार साथियों, मीडिया संस्थानों एवं समाज के प्रबुद्धजनों से आयोजन में सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग का आग्रह किया है, ताकि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा को गौरव और गरिमा के साथ यादगार बनाया जा सके।
- निर्धारित समयावधि सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक सभी अधिकारी-कर्मचारी शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का किया निष्ठापूर्वक निर्वहनबालोद/राज्य सरकार द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संजारी में गुरूवार 21 मई को जनसमस्या निवारण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। डौण्डीलोहारा अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि 21 मई को ग्राम संजारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान निर्धारित समयावधि तक अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया गया। उन्होंने बताया कि 21 मई को सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे शिविर स्थल में उपस्थित होकर अपने कार्यों का सुचारू संपादन प्रारंभ कर दिया था। जनसमस्या निवारण शिविर में विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया के अलावा जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चुन्नी मानकर एवं श्रीमती प्रभा मानकर एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस दौरान हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि जनसमस्या निवारण शिविर में पंजीयन कांउटर में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा निर्धारित अवधि दोपहर 03 बजे तक शिविर में उपस्थित आम नागरिकों से मांग, शिकायतों एवं अन्य आवेदन प्राप्त किया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में आम नागरिकों से कुल 352 आवेदन प्राप्त किया गया। श्री बघेल ने बताया कि निर्धारित तिथि 03 बजे के बाद जनसमस्या निवारण शिविर का समापन किया गया। शिविर में कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, उपसंचालक समाज कल्याण विभाग, जिला जनसंपर्क अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि गुरूवार 21 मई को ही गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राहुद में भी जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन होने से कुछ विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के स्थान पर इनके प्रतिनिधि के रूप में संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी शिविर में उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन किया। श्री बघेल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सुबह 10 से दोपहर 03 बजे तक ग्राम संजारी में सफलतापूर्वक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
- परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानकी और नकद फसलों पर दे रहे हैं जोरचाय, नाशपाती, लीची, स्ट्रॉबेरी के बाद अब सेब की खेती में आजमा रहे हैं हाथरायपुर/ पुर हमेशा फसल विविधताओं के लिए जाना जाता रहा है। यहां के किसान परंपरागत फसलों के साथ उद्यानकी और नकद फसलों पर भी जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर में उद्यानिकी फसलों के लिए अनुकूल वातावरण को देखते हुए किसानों को उद्यानिकी और नगद फसलों के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर स्थानीय जिला प्रशासन, नाबार्ड और उद्यानिकी विभाग द्वारा इस दिशा में विशेष प्रयास किया जा रहा है। किसानों को उद्यानिकी फसलों के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन समन्वित प्रयासों से पिछले दो-ढाई सालों में यहाँ के किसान परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानिकी एवं नगदी फसलों में रुचि लेने लगे हैं। जशपुर के किसान अब चाय, लीची, स्ट्राबेरी, नाशपाती के साथ सेब के बगान भी तैयार कर रहे हैं।जशपुर के किसान खेती में बना रहे हैं अलग पहचानजिला प्रशासन, उद्यानिकी विभाग, रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी (READS) व नाबार्ड के समन्वित प्रयासों से जशपुर ने फलोत्पादन व बागवानी में नई पहचान बनाई है। इन पहलों से स्थानीय किसानों की आय सुदृढ़ हुई है। कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।जशपुर में सेब उत्पादन वर्ष 2023 में आरंभ हुआ। सेब खेती अब लगभग 410 एकड़ में विस्तारित है, जिसमें लगभग 410 किसान सेब की खेती कर रहे हैं। जिले के मनोर व बगीचा विकासखंड तथा शैला, छतौरी, करदना व छिछली जैसे पंचायतों में लगाए गए सेब के वृक्षों ने इस वर्ष उत्कृष्ट गुणवत्ता व आकार के फल दिए हैं। । स्थानीय किसान बताते हैं कि जशपुर के सेब स्वाद और गुणवत्ता के लिहाज से कश्मीर व हिमाचल के सेबों के समकक्ष हैं। रूरल डेव्हलपमेंट एंड डेव्हलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता ने बताया कि जशपुर जिले के 410 किसानों ने अपने 1-1 एकड़ जमीन पर सेब की खेती कर रहे हैं।इसी तरह जिले में नाशपाती के बाग लगभग 3,500 एकड़ में फैले हुए हैं, जहाँ 3,500 से अधिक किसान नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई, गीधा आदि लाखों में नाशपाती की खेती हो रही है। यहीं से नाशपाती पैक कर दिल्ली, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा सहित दूसरे राज्यों में भेजी जाती है। नाशपाती का वार्षिक उत्पादन लगभग 1,75,000 क्विंटल तक पहुँच चुका है। किसानों को नाशपाती से प्रति एकड़ वार्षिक आमदनी लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये मिल रहा है।उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार पहुँच जैसी योजनाएँ हैं, जिनसे किसान आत्मनिर्भर बने हैं और नई फसल विविधिकरण के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त कर रहे हैं।जशपुर में चाय की खेती पहले से होती आ रही है और यहां की चाय पत्ती की गुणवत्ता अच्छी है। अब जशपुर में सेब व नाशपाती उत्पादन के सफल विकास से जशपुर न केवल नए बाजारों के रूप में स्थापित हुआ है बल्कि स्थानीय किसानों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। भविष्य में इन फसलों का दायरा और विस्तारित करने की योजना है।
- निगम जोन 1 क्षेत्र में होटल पैराडाइज से गोंदवारा अंडर ब्रिज तक अभियानरायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता श्री शरद देशमुख, उपअभियंता सुश्री अंकिता सोनवर्षा सहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 1 नगर निवेश विभाग द्वारा नगर निगम जोन 1 क्षेत्र के अंतर्गत होटल पैराडाइज से लेकर गोंदवारा अंडरब्रिज तक जनहित में जनसुविधा हेतु नागरिकों को सुगम यातायात देने अभियान चलाकर मार्ग को कब्जामुक्त करवाते हुए नागरिकों को सुगम और सुव्यवस्थित यातायात उपलब्ध करवाया गया. अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन 1 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा होटल पैराडाइज से लेकर गोंदवारा अंडरब्रिज के मध्य लगभग 20 अवैध कब्जे हटाए गए और लगभग 15 अवैध पाटे तोड़कर सफाई की बाधा जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से दूर करते हुए नागरिकों को त्वरित राहत पहुंचायी गयी.
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ दींरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने उन्हें बधाई और अनंत शुभकामनाएँ दी हैं। श्री देव ने उनके सुदीर्घ, उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना की है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि श्री नवीन का सम्पूर्ण राजनीतिक जीवन शुचिता, समर्पण और अथक परिश्रम का प्रतीक है। छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत कर बिहार सरकार में मंत्री और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों को उन्होंने बेहद कुशलता से निभाया है। श्री देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रभारी के रूप में श्री नवीन का मार्गदर्शन हमारे लिए अमूल्य निधि है। उनके कुशल रणनीतिक कौशल, जमीनी पकड़ और ऊर्जावान नेतृत्व के बदौलत ही छत्तीसगढ़ में भाजपा ने संगठन स्तर पर अभूतपूर्व मजबूती हासिल की है। उनके दिशा-निर्देशों में प्रदेश के कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जिसने राज्य में वैचारिक विजय और लोक-कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने में मील का पत्थर स्थापित किया है। श्री देव ने कहा कि संगठन के प्रति श्री नवीन की निष्ठा और हर कार्यकर्ता से सीधा संवाद करने की उनकी सहज शैली हम सभी को निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करती है। छत्तीसगढ़ भाजपा परिवार ईश्वर से प्रार्थना करता है कि उन्हें दीर्घायु प्रदान करें और उनका मार्गदर्शन हमें सदैव मिलता रहे। श्री नवीन के जन्मदिन के इस शुभ अवसर पर भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों एवं छत्तीसगढ़ के समस्त ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें अपनी आत्मीय शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
- -स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेशरायपुर /अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी। वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों नेहस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।
- -डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षारायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए। यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव श्री रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर श्री ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक श्री यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री डी.के. गवली, डीजीएम श्री ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक श्री मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक श्री युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक श्री दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम श्री अरुण पुरोहित, श्री एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- दुर्ग / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन में बाल संप्रेक्षण गृह दुर्ग में निवासरत बालकों को कक्षा 7वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही थी। बच्चों को अध्ययन सामग्री एवं शिक्षकों की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। कठिन पारिवारिक, सामाजिक एवं मानसिक परिस्थितियों के बावजूद बच्चों ने हार नहीं मानी और निरंतर अध्ययन जारी रखा।इन बच्चों की मेहनत एवं लगन यह संदेश देती है कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। अनुशासन एवं नियमित अध्ययन से बच्चों में आत्मविश्वास का विकास हुआ है तथा यह सिद्ध हुआ है कि सतत् प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।बच्चों की इस सफलता ने यह प्रमाणित किया है कि यदि प्रत्येक बच्चे को उचित अवसर एवं सकारात्मक वातावरण मिले, तो वह नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकता है। परीक्षा की तिथि निकट आने पर बालकों को परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति हेतु आवेदन किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बच्चों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 7 बच्चों को परीक्षा में सम्मिलित होने अनुमति प्रदान की गई थी, जिसमें से 6 बच्चों ने सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण की। बच्चों की इस उपलब्धि से संस्था में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है। शिक्षा प्राप्त कर बालक अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं तथा खेल, कला, संगीत एवं अन्य गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा का विकास कर सकते हैं। साथ ही वे समाज के अन्य जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर सकते हैं, आत्मनिर्भर बनकर समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं तथा कंप्यूटर, तकनीकी एवं नवाचार आधारित प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार के नए अवसर भी हासिल कर सकते हैं। बच्चों की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा जीवन को बदलने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे अन्य बच्चों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता एवं गंभीरता बढ़ेगी।
- -बहुत जल्द शुरू होने वाली है सीएम हेल्पलाइन सेवा- हर शिकायत का समाधान जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें- कलेक्टरबिलासपुर /प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की जा रही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा के प्रभावी संचालन के लिए शुक्रवार को जल संसाधन परिसर स्थित प्रार्थना सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए, जबकि जनपद स्तरीय अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल तथा अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री अशोक चौबे द्वारा प्रदान किया गया।प्रशिक्षण के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली, शिकायतों के पंजीयन, समय-सीमा में निराकरण, विभागीय जवाबदेही, मॉनिटरिंग व्यवस्था एवं शिकायतकर्ता फीडबैक प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि योजना अभी टेस्टिंग मोड में है। मुख्यमंत्री जल्द इस सेवा को आम जनता को समर्पित करेंगे। अधिकारियों को बताया गया कि शिकायतकर्ता का फीडबैक इस पूरी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होगा तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण पर विशेष ध्यान देना होगा।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन की महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है, जिसके माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ लिया जाए ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके। कलेक्टर ने अधिकारियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और प्राप्त जानकारी का व्यवहारिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि ऐसा हो जिससे शिकायतकर्ता को वास्तविक संतुष्टि मिले और शासन के प्रति उसका विश्वास और मजबूत हो। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा शुरू होने से आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया और अधिक सुलभ एवं प्रभावी हो सकेगी।
- - सूखे कुओं का भी होगा सर्वे, जलदूत एप में जोड़ा गया नया पैरामीटर- बोरवेल के वाटर लेवल की भी होगी जांच, 25 मई से 15 जून तक चलेगा विशेष अभियानदुर्ग / भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिले में अब गांवों के कुओं और बोरवेल की जल स्थिति का वैज्ञानिक सर्वे किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 25 मई से 15 जून तक “जलदूत” मोबाइल एप के माध्यम से विशेष प्री-मानसून भूजल सर्वे अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत चयनित खुले कुओं एवं बोरवेल में उपलब्ध पानी की गहराई मापकर उसका डिजिटल डेटा ऑनलाइन एप में दर्ज किया जाएगा।जिला प्रशासन द्वारा तकनीकी अमले को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतों में जलदूत एप के माध्यम से बोरवेल के वाटर लेवल की भी जांच सुनिश्चित की जाए। सर्वे के दौरान जलस्तर मापन की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल की वास्तविक स्थिति का सटीक आंकलन हो सके। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल की उपलब्धता, जलस्तर में गिरावट और जल संकट की संभावित स्थिति का आकलन करना है। जलदूत एप के माध्यम से एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर भविष्य में जल संरक्षण संरचनाओं की योजना, वर्षा जल संचयन कार्यों की प्राथमिकता तय करने तथा जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिलेगी।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इस बार भूजल स्तर मापन की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और एकरूप बनाया गया है। सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि कुओं की माप केवल मेजरिंग टेप के माध्यम से ही की जाए, ताकि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने बताया कि इस बार ऐसे सूखे कुएं, जिनमें पानी उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी सर्वे में शामिल किया जाएगा। इन मामलों में जलस्तर के स्थान पर कुएं की कुल गहराई दर्ज की जाएगी। इसके लिए मंत्रालय ने प्री-मानसून 2026 सर्वे में “कुएं की कुल गहराई” नामक नया पैरामीटर जलदूत मोबाइल एप में जोड़ा है। इससे भूजल संरचना, जल उपलब्धता तथा जलस्तर में होने वाले बदलावों का अधिक विस्तृत विश्लेषण किया जा सकेगा।अभियान के तहत वर्ष में दो बार डेटा संग्रह किया जाएगा। पहली बार बारिश पूर्व यानी प्री-मानसून अवधि में तथा दूसरी बार बारिश के बाद पोस्ट-मानसून अवधि में कुओं का जलस्तर मापा जाएगा। इससे वर्षा के बाद भूजल स्तर में हुए सुधार का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को अभियान की तैयारी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
- दुर्ग। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अभिजीत सिंह ने छ.ग. राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 26(1)(2) के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को दी गई अधिकारिता के तहत सोना बेवरेज्स प्राइवेट लिमिटेड ग्रोथ सेंटर रसमड़ा जिला दुर्ग को एक वर्ष की अवधि के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया है। उक्त संरक्षित क्षेत्र में विधि द्वारा अधिकृत व्यक्तियों एवं आवेदक द्वारा प्रवेश के लिए अधिकृत व्यक्तियों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिषिद्ध रहेगा। यह आदेश जारी होने की तिथि से एक वर्ष अथवा अन्य आदेश तक के लिए, जो भी पहले हो तक की अवधि के लिए लागू रहेगा। इस आदेश में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकेगा।
- -हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ के बेजोड़ मंचन के अलावा विविध प्रस्तुतियों से भव्य होगा छत्रपति शिवाजी राज्याभिषेक दिवस समारोहरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में छह जून को एक भव्य समारोह में छत्रपति शिवाजी महाराज की सिंहासन पर बैठी खूबसूरत प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। इस मौके पर संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर करीब 75 मिनट के हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ का मंचन किया जाएगा। इसके अलावा शिवाजी महाराज से संबंधित विविध प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रथम नागरिक राज्यपाल डेका का मागदर्शन भी मिलेगा।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि शुक्रवार को अपरान्ह लोक भवन में राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर उन्हें छह जून को शाम 06:30 बजे आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल के प्रतिनिधि मंडल के इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए छह जून को कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दे दी। उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा भी इस अवसर पर उपस्थित थे. प्रति वर्षानुसार होने वाला यह कार्यक्रम इस बार शिवाजी महाराज की सिंहासन पर बैठी प्रतिमा के अनावरण के कारण विशेष हो गया है। बताते चलें कि चौबे कॉलोनी स्थित मंडल भवन के लॉन एरिया में शिवाजी महाराज की प्रतिमा प्रतिष्ठित की जाएगी।उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार इस मौके पर अभिषेक बक्षी निर्देशित हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ का मंचन भी प्रस्तावित है। 25 से अधिक कलाकारों वाले इस नाटक के मंचन के अलावा श्रावणी मुकादम शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व व जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। इधर शिवाजी महाराज की मां जिजाऊ बाई के आत्मचिंतन पर वरिष्ठ रंगसाधक अपर्णा कालेले का अभिनय देखने को मिलेगा। समारोह के अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष अजय काले महाराष्ट्र मंडल के जारी प्रकल्पों की जानकारी देते हुए भावी योजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने के लिए अभी से विविध समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। लोक भवन में राज्यपाल से मिलने वालों में रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा, अध्यक्ष काले व उपाध्यक्ष गीता दलाल सहित सचिव चेतन गोविंद दंडवते, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी शामिल रहे।
- -किसानों को वितरण का कार्य लगातार जारी, कृषक अपनी आवश्कतानुसार उचित उर्वरक समूह का चुनाव कर क्रय कर सकते हैं उर्वरकबालोद। जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन द्वारा खाद-उर्वरकों के भंडारण और वितरण की तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चंद्राकर ने बताया कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में 46,300 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र 21,770 मी.टन, कुल 68,070 मीट्रिक टन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसके विरूद्ध 33,164 मीट्रिक टन (72 प्रतिशत), निजी क्षेत्रों में 6,181 मीट्रिक .टन (28 प्रतिशत) उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है एवं जिले में 41,469 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता है। कृषकों द्वारा अब तक 21,614 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया गया है तथा सहकारी क्षेत्र में 15,107 मीट्रिक टन, निजी क्षेत्र में 2,623 मीट्रिक टन, कुल 17,730 मीट्रिक टन उर्वरक विक्रय केन्द्रों में शेष है। गतवर्ष इसी अवधि में सहकारी क्षेत्रों में उर्वरकों का भण्डारण 23,700 मीट्रिक टन था, इस खरीफ वर्ष में 33,164 मीट्रिक टन है, जो गतवर्ष की तुलना में 9,464 मीट्रिक टन अधिक है। जिले के सभी सहकारी समितियों में समस्त प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण है। जिन समितियों में डी.ए.पी. की मांग अधिक है तथा पूर्ति कम है वहां पर वैकल्पिक उर्वरक के रूप में एन.पी.के. एवं एस.एस.पी. का भण्डारण किया गया है तथा वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। कृषक अपनी आवश्कतानुरूप उचित उर्वरक समूह का चुनाव कर उर्वरक क्रय कर सकते हैं। जिले में उर्वरक भण्डारण एवं वितरण का कार्य लगातार जारी है।
- -निर्धारित समयावधि सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक सभी अधिकारी-कर्मचारी शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का किया निष्ठापूर्वक निर्वहनबालोद । राज्य सरकार द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संजारी में जनसमस्या निवारण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। डौण्डीलोहारा अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि 21 मई को ग्राम संजारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान निर्धारित समयावधि तक अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया गया। उन्होंने बताया कि 21 मई को सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे शिविर स्थल में उपस्थित होकर अपने कार्यों का सुचारू संपादन प्रारंभ कर दिया था। जनसमस्या निवारण शिविर में विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया के अलावा जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चुन्नी मानकर एवं श्रीमती प्रभा मानकर एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस दौरान हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि जनसमस्या निवारण शिविर में पंजीयन कांउटर में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा निर्धारित अवधि दोपहर 03 बजे तक शिविर में उपस्थित आम नागरिकों से मांग, शिकायतों एवं अन्य आवेदन प्राप्त किया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में आम नागरिकों से कुल 352 आवेदन प्राप्त किया गया। श्री बघेल ने बताया कि निर्धारित तिथि 03 बजे के बाद जनसमस्या निवारण शिविर का समापन किया गया। शिविर में कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, उपसंचालक समाज कल्याण विभाग, जिला जनसंपर्क अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि गुरूवार 21 मई को ही गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राहुद में भी जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन होने से कुछ विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के स्थान पर इनके प्रतिनिधि के रूप में संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी शिविर में उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन किया। श्री बघेल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सुबह 10 से दोपहर 03 बजे तक ग्राम संजारी में सफलतापूर्वक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
- -गिरते भू-स्तर को देखते हुए हितग्राहियों से संवाद कर जल संचय के दिए निर्देशबालोद । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने शुक्रवार को जिले में ग्रामीण विकास योजनाओ की जमीनी हकीकत जानने बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा, रानीतराई एवं सांकरा (ज) एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी का सघन दौरा किया। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत निर्मित ट्रेन्च एवं अन्य कार्य, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण अंतर्गत गांवो में स्वच्छता प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्मित कचरा संग्रहण शेड एवं मैजिक पीठ तथा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत लंबित एवं निर्माणाधीन कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण पूरा कराने को कहा। इसके साथ ही श्री चंद्रवंशी ने ग्रामीणों को अपने ग्रामो को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने हेतु अपील भी की।सीईओ श्री चंद्रवंशी ने गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जल संचय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवासांे एवं अन्य निर्माण कार्यों में जन सहयोग, जन-भागीदारी के माध्यम से रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण अनिवार्य रूप से करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत हितग्राहियों के आवासो के निकट वृक्षारोपण करने प्रोत्साहित करने हुए जल संचय तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस दौरान सहायक परियोजना अधिकारी, मनरेगा, पीएम आवास, एनआरएलएम, एसबीएम एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बालोद, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, विकासखण्ड समन्वयक एवं तकनीकी सहायक, जनपद पचांयत बालोद एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से किया गया लाभान्वितरायपुर / आमजनों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत विकासखंड अभनपुर के ग्राम पंचायत टेकारी में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विधायक अभनपुर श्री इन्द्रकुमार साहू, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री रवि सिंह एवं जनपद सीईओ श्री दीपक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।शिविर में मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड निर्माण, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, आवास हितग्राहियों को आवास की चाबी वितरण जैसे कार्य किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल एवं ट्राईसाइकिल वितरित की गई।शिविर में कुल 1766 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1201 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अवैध खनन और बिना अनुमति बोर खनन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में तहसीलदार प्रकाश साहू के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने पिछले दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध गतिविधियों में संलिप्त 8 वाहनों को जब्त किया।तहसीलदार प्रकाश साहू के। नेतृत्व में बुधवार देर रात लगभग 11 बजे ग्राम बसिया क्षेत्र में बिना अनुमति बोर खनन किए जाने की सूचना पर राजस्व अमले ने दबिश दी। मौके पर अवैध रूप से बोर खनन करते पाए जाने पर दो वाहनों को जब्त कर थाना प्रभारी सिरगिट्टी की सुपुर्दगी में सौंपा गया। इसी प्रकार तिफरा क्षेत्र में अवैध बोर खनन की शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो अन्य बोर मशीनों को जब्त किया। सभी जब्त वाहनों को नियमानुसार सिरगिट्टी थाना के सुपुर्द किया गया है। वहीं खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत निरीक्षण के दौरान मुरूम और गिट्टी का बिना रॉयल्टी परिवहन करते पाए जाने पर चार हाइवा वाहनों को भी जब्त किया गया। इन वाहनों को सिरगिट्टी एवं तोरवा थाना पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया है।राजस्व विभाग की टीम में तहसील कार्यालय के पटवारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन तथा बिना अनुमति बोर खनन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- बिलासपुर / जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाते हुए अवैध रूप से रेत उत्खनन और परिवहन कर रहे 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहनों को जब्त किया।खनिज अमले द्वारा सेलर, चोरहादेवरी, अकलतरी, गढ़वट, सरवनदेवरी, खैरखुंडी, रतनपुर, लोखंडी तथा तुरकाडीह सहित अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सेलर क्षेत्र में खनिज रेत का परिवहन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। वहीं गढ़वट क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा लोखंडी क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहन को जब्त किया गया। जब्त किए गए सभी तीनों वाहनों को पुलिस थाना रतनपुर एवं थाना कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। इन वाहनों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में रेत उत्खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम, जिसमें खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग शामिल हैं, को भी नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- -अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 02 चैन माउंटेन सील, 03 हाईवा और 04 ट्रैक्टर भी जप्तरायपुर। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप खनिज साधन विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग का मैदानी अमला सक्रियता के साथ निगरानी एवं जांच अभियान संचालित कर रहा है।इसी क्रम में सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 22 मई 2026 को प्रातः महासमुंद जिले में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में 02 चैन माउंटेन मशीनें अवैध रेत उत्खनन में संलग्न पाई गईं। वहीं 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टर रेत परिवहन करते हुए पाए गए।जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन, चैन माउंटेन मशीनों से खनन तथा हाईवा एवं ट्रैक्टरों से परिवहन के संबंध में कोई वैध अनुमति, आदेश, अभिवाहन पास अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस दौरान मौके पर ही अवैध रेत खनन कार्य बंद कराया गया तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत दोनों मशीनों को जप्त कर सील किया गया। आगामी आदेश तक मशीनों को खदान मुंशी के सुपुर्द किया गया है। साथ ही संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी कर तामील कराया गया।इसके अतिरिक्त 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टरों को जप्त कर समीपस्थ पुलिस थाना साकरा की अभिरक्षा में थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।














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