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बिलासपुर/बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 588.6 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 450.9 मि.मी. से 137.7 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 759.2 मि.मी. बेलगहना तहसील में और सबसे कम बारिश 433.8 मि.मी. कोटा में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिलासपुर तहसील में 713.1 मि.मी., बिल्हा तहसील में 553.7 मि.मी., मस्तूरी में 600.2 मि.मी.,तखतपुर में 625.2 मि.मी., सीपत में 599.2 मि.मी., बोदरी में 529.9 मि.मी., बेलतरा में 481 मि.मी., रतनपुर में 571.1 मि.मी., सकरी में 620 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 576.2 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।
- रायपुर। 47वीं अखिल भारतीय विद्युत ब्रिज प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी की टीम ने 3 पदक हासिल किये। विद्युत कर्मियों ने आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में आयोजित दो दिवसीय (22 जुलाई - 23 जुलाई) ब्रिज प्रतियोगिता मे मास्टर्स प्लेयर (पेयर) श्रेणी मे रजत पदक,टीम इवेंट श्रेणी में कांस्य एवं प्रोग्रेसिव श्रेणी में भी कांस्य पदक हासिल करनें मे सफल हुये। इस तरह तीनों श्रेणियों मे राष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त करने पर पाॅवर कंपनी अध्यक्ष (डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन) डाॅ रोहित यादव ने खिलाड़ियों को बधाई दी।इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी के केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के पदाधिकारीगण अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (जनरेशन) श्री एस ़के कटियार, एवं महासचिव श्री एम ़ एस चैहान ने टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस स्पर्धा में श्री देवलाल साहू, श्री पंकज चैधरी, श्री अमित देवांगन, श्री शिवेश मिश्रा,श्री दिनेश कुमार देवांगन, श्री हरीश कुमार चैहान ने भाग लिया। कप्तान एवं कोच श्री पंकज चैधरी ने इस सफलता का श्रेय कंपनी प्रबंधन एवं केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद को दिया। टीम के मैनेजर श्री प्रशांत कुमार उराॅव थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार को सशक्त मंच देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए “CM आईटी फेलोशिप कार्यक्रम” की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह कार्यक्रम राज्य के तकनीकी रूप से दक्ष और होनहार युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT-NR) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस जैसे भविष्यगामी विषयों में M.Tech करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह पाठ्यक्रम डिजिटल इंडिया मिशन और नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया है। इस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों की पूरी ट्यूशन फीस राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी, साथ ही उन्हें ₹50,000 प्रतिमाह की फेलोशिप भी प्रदान की जाएगी। पाठ्यक्रम के दौरान युवा विद्यार्थियों को AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, हेल्थटेक, एजुटेक, राजस्व प्रणाली और ई-गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकारी प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा। प्रदेश सरकार ने युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने हेतु iiitnr.ac.in पोर्टल पर जाकर आवेदन करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल राज्य के तकनीकी परिदृश्य को नई ऊंचाइयाँ देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को डिजिटल युग में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगा।
- -जिला अस्पताल कवर्धा में शुरू हुई सीटी स्कैन मशीन, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत-मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सशक्त हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था : स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवालरायपुर। कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में 25 जुलाई का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा एवं उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों के फलस्वरूप जिला अस्पताल कवर्धा में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन की सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा का लोकार्पण आज शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधिवत रूप से सीटी स्कैन यूनिट का उद्घाटन किया।स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने का कार्य किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की सक्रियता और सजगता से कबीरधाम जैसे जिले में भी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन यूनिट शुरू होने से अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय की बचत और खर्च में भारी राहत मिलेगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह सुविधा कबीरधाम जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पहले मरीजों को रायपुर, बिलासपुर या दुर्ग-भिलाई जैसे बड़े शहरों के निजी जांच केंद्रों पर महंगी जांच करवानी पड़ती थी। अब जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह यूनिट लगभग 4 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित की गई है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है।श्री शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले में 38 नए चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाएं सुलभ होंगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जनसेवा और स्वस्थ सामाज की मजबूत नींव की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंदरवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंदरवंशी, जिला पंचायत सभापति श्री रामनकुमार भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।
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*'नियद नेल्ला नार' बना सुशासन का जीवंत प्रमाण: जहाँ कभी बंदूकें थीं, वहाँ अब किताबें हैं – बस्तर में भय से विश्वास की ओर बढ़ती नई सुबह*
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के वे सुदूरवर्ती गाँव, जो वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहे, आज नई उम्मीदों और उजालों की ओर अग्रसर हैं। जहाँ कभी बिजली, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब वही गाँव प्रगति के रास्ते पर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस बदलाव की नींव मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जन सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप 15 फरवरी 2024 को 'नियद नेल्लानार – आपका आदर्श ग्राम योजना' के रूप में रखी गई। यह योजना उन क्षेत्रों तक शासन की संवेदनशील और सक्रिय पहुँच सुनिश्चित करने का क्रांतिकारी प्रयास है, जहाँ अब तक केवल उपेक्षा और प्रतीक्षा का सन्नाटा था।मुख्यमंत्री श्री साय का स्पष्ट मानना रहा है कि केवल सुरक्षा शिविर स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं, जब तक वहाँ शासन की संवेदनशील उपस्थिति और समग्र विकास की किरण नहीं पहुँचे। इसी सोच के साथ बस्तर के पाँच नक्सल प्रभावित जिलों—सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कांकेर—में 54 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए। इन शिविरों के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 327 गाँवों को चिन्हित कर यह निर्णय लिया गया कि इन सभी को शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ते हुए एक नया विकास मॉडल प्रस्तुत किया जाएगा।इस पहल के साथ ही गाँवों में बदलाव की हवा बहने लगी है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने 31 नए प्राथमिक विद्यालयों की स्वीकृति दी, जिनमें से 13 स्कूलों में कक्षाएँ शुरू हो चुकी हैं। 185 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 107 पहले ही प्रारंभ हो चुके हैं, जिससे बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिलने लगी है। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में 20 उप-स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए, जिनमें से 16 स्वास्थ्य केंद्र प्रारम्भ हो चुके हैं। ये वही गाँव हैं जहाँ पहले एक सामान्य दवा के लिए भी लोगों को मीलों जंगल पार करना पड़ता था।मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में संचार और संपर्क साधनों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पहले जहाँ मोबाइल सिग्नल का नामोनिशान नहीं था, वहाँ अब 119 मोबाइल टावरों की योजना बनी और 43 टावर कार्यशील हो चुके हैं। 144 हाई मास्ट लाइट्स की मंजूरी दी गई, जिनमें से 92 गाँवों में अब रात के अंधेरे में उजियारा फैलने लगा है। सड़क और पुल निर्माण के लिए 173 योजनाएँ बनाई गईं, जिनमें से 116 को स्वीकृति मिल चुकी है और 26 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। यह विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भावनात्मक जुड़ाव और पहचान का सशक्त माध्यम बन चुका है। आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 70,954 लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं, 46,172 वृद्धजनों को आयु प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं और 11,133 नागरिकों का मतदाता पंजीकरण हुआ है, जिससे वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदार बन पाए हैं। 46,172 लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी कर मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 12,232 मकानों का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से 5,984 परिवारों को स्वीकृति मिल चुकी है। किसान सम्मान निधि योजना के तहत 4,677 किसानों को सहायता राशि प्रदान की गई है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 6,460 घरों में व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए हैं। रसोई को धुएँ से मुक्त करने के उद्देश्य से 18,983 महिलाओं को उज्ज्वला और गौ-गैस योजना के तहत गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। 30 गाँवों में डीटीएच कनेक्शन भी दिए गए हैं, जिससे ये गाँव अब सूचना और मनोरंजन के मुख्य प्रवाह से जुड़ चुके हैं।यह परिवर्तन मात्र योजनाओं का संकलन नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच एक नए भरोसे का रिश्ता है, जिसकी बुनियाद सहभागिता और पारदर्शिता पर टिकी है। वर्षों तक शासन से कटे रहे लोग अब स्वयं विकास की निगरानी में सहभागी बन रहे हैं। अब ग्रामीण स्वयं आंगनबाड़ी की उपस्थिति पंजी, राशन दुकान की गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे हैं। यह वही बस्तर है, जो भय से विश्वास और उपेक्षा से भागीदारी की ओर बढ़ चला है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस दूरदर्शिता ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि सुशासन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन से आता है। 'नियद नेल्लानार' केवल एक योजना नहीं, बल्कि यह बस्तर के पुनर्जागरण की यात्रा है—एक ऐसी यात्रा जिसमें बंदूक की जगह अब किताबें हैं, अंधेरे की जगह उजियारा है और असहमति की जगह अब सहभागी लोकतंत्र की भावना है। -
मौके पर अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा समय पर कार्यालय नही पहुँचने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के दिए निर्देश
कार्यालय को व्यवस्थित रखने तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिला कोषालय अधिकारी, खनिज शाखा, समग्र शिक्षा आदि कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि आज सुबह 10 बजे कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के द्वारा संयुक्त जिला कार्यालय के विभिन्न कक्षों के निरीक्षण के दौरान जिला खनिज अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी साहू, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री अनुराग त्रिवेदी, जिला कोषालय अधिकारी श्री मुकुंद भारद्वाज, जिला आबकारी अधिकारी श्री योगेश्वर कुमार द्विवेदी, सहायक खाद्य अधिकारी श्रीमती श्रद्धा दिल्लीवार सहित जिला कोषालय अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 02 टिकेश्वर निषाद, श्री गिरधर, श्री फगवाराम एवं भृत्य श्रीमती द्रोपदी बाई सोनसर्वे के अलावा खाद्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ श्री दिनेश मण्डावी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित उन सभी अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषप्रद नही पाए जाने पर इन सभी अधिकारी-कर्मचारियों का 01 दिन का वेतन कटौती करते हुए इनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने खनिज अधिकारी कार्यालय के भू-अभिलेख शाखा, आदिम जाति कल्याण, जनसंपर्क, खाद्य, जिला योजना एवं सांख्यिकी, अंत्यावसायी, जिला हथकरघा, जिला कोषालय, आबकारी, जिल खनिज एवं न्यास संस्थान, महिला एवं बाल विकास विभाग, निर्वाचन, समग्र शिक्षा, क्रेडा, श्रम, अपर कलेक्टर कक्ष, नाजिर शाखा, स्थापना शाखा एवं प्रतिलिपि शाखा सहित जिला कार्यालय सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज उनके निरीक्षण के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों के अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी का सुबह 10 बजे से कार्यालयीन अवधि शाम 05.30 बजे तक कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य है। श्रीमती मिश्रा ने समय पर कार्यालय नही पहुँचने वाले तथा अपने कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी। इस दौरान कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा कार्यालय के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यालय में उपस्थिति के उपरांत कार्यालयीन कार्य से बाहर जाने की जानकारी दी गई। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कार्यालय अधीक्षक को इन अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति का मिलान कर इसकी पुष्टि कराने को कहा।इस दौरान उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों एवं मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों की टेबल, कुर्सी के अलावा दस्तावेज आदि को व्यवस्थित कर कार्यालय के गरिमा के अनुरूप बेहतर एवं सुव्यस्थित स्वरूप में रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यालयों में साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अपने-अपने कार्यालयों के अलावा कार्यालय के सामने स्थित बरामदे का भी नियमित रूप से साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बरामदे एवं कक्ष आदि में हरे-भरे गमले इत्यादि रखवाने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुँचकर निर्धारित समयावधि तक कार्यालय में उपस्थित रहकर पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा। -
बालोद/कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 14 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास ने बताया कि इसके अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केंद्र सुखरी क्रमांक 2, कांेगनी क्रमांक 2 एवं मोखा क्रमांक 1 में 01-01 आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदिका को 8वीं उत्तीर्ण तथा उक्त आंगनबाड़ी केन्द्र के ग्राम पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि आवेदिका 14 अगस्त 2025 को शाम 05 बजे तक एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही में कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर या पंजीकृत डाक के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही से प्राप्त की जा सकती है।
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बिलासपुर/"टीबी मुक्त भारत अभियान" के तहत सराहनीय पहल करते हुए जैन समाज के प्रमुख समाजसेवी श्री सुगम जैन (श्रीजी भक्त मंडल, अध्यक्ष) द्वारा जिला अस्पताल में उपचाररत 24 टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी श्री सुगम जैन ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की और उन्हें पोषण किट भेंट किया। इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पोषण किट में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आहार सामग्री जैसे फल, सूखे मेवे, पौष्टिक बिस्किट, दलिया, एवं अन्य सुपाच्य वस्तुएं शामिल थीं। श्री जैन ने कहा कि यह सेवा कार्य उनके धार्मिक दायित्व और सामाजिक कर्तव्यों का हिस्सा है।जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी ने श्री सुगम जैन के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक सहयोग से ही ' टीबी मुक्त भारत' का सपना साकार हो सकता है। डॉ बांधी ने इस अवसर पर कहा कि यह सेवा कार्य न केवल मरीजों के पोषण स्तर में सुधार लाने में सहायक होगा,बल्कि समाज को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी) आशीष सिंह, सुपरवाइजर मानमलाल मारमती, जय सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जनभागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न जागरूकता और पोषण सहयोग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। -
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गांव पहुँचकर प्रदान किया प्रमाण पत्र
कवर्धा।टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले ग्राम जिंदा को छत्तीसगढ़ का पहला टीबी मुक्त ग्राम होने का ऐतिहासिक उपलब्धि मिला है।इस उपलब्धि को मान्यता प्रदान करते हुए आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ग्राम जिंदा पहुँचकर ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया।कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए टीबी मुक्त भारत अभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गंभीरता से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी जिसे पहले एक गंभीर बीमारी माना जाता था, अब आधुनिक चिकित्सा, टीकों, दवाइयों और जनसहभागिता के चलते नियंत्रण और समाप्ति की दिशा में है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि उसमें समाज की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले में 84 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना इसी सामाजिक सहभागिता और प्रशासनिक सक्रियता का प्रमाण है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम जिंदा को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गांव प्रदेश के लिए एक प्रेरणा बन गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम जिंदा की सक्रियता, सजगता और सामूहिक प्रयासों के चलते यह संभव हो सका है। उन्होंने जानकारी दी कि कबीरधाम जिले की कुल 84 ग्राम पंचायतें अब तक टीबी मुक्त हो चुकी हैं, जो कि प्रदेश ही नहीं, देश के लिए भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में नए हितग्रहियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। -
शहीद कौशल यादव का 26वें शहादत दिवस पर उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने महापौर श्रीमती मीनल चौबे, दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़, यादव समाज पदाधिकारियों सहित किया सादर नमन
रायपुर/भारत माता के सच्चे सपूत छत्तीसगढ़ महतारी के लाल शहीद कौशल यादव की राजधानी शहर रायपुर के शहीद कौशल यादव चौक काली माता मंदिर के सामने अगले एक माह के भीतर रायपुर नगर पालिक निगम के माध्यम से भव्य मूर्ति चौक का सौंदर्गीकरण करते हुए स्थापित की जायेगी। इस संदर्भ की घोषणा आज नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग और जोन क्रमांक 4 द्वारा काली माता मंदिर के सामने शहीद कौशल यादव चौक पर शहीद दिवस पर शहीद कौशल यादव के 26 वें शहादत दिवस पर राज्य के उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने मंच से की।उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे से अनुरोध किया एवं रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप को मंच से निर्देश दिया कि अगले एक माह के भीतर शहीद कौशल यादव चौक कालीमाता मंदिर के सामने रायपुर नगर पालिक निगम के माध्यम से शहीद कौशल यादव की पुण्य मधुर स्मृतियां चिरस्थायी बनाने चौक का सौंदर्यीकरण करते हुए शहीद कौशल यादव की भव्य मूर्ति चौक पर सादर ससम्मान स्थापित किया जाना सुनिश्चित किया जाये। उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव ने कहा कि इसके लिए जितनी राशि की आवश्यकता होगी, वह राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के माध्यम से रायपुर नगर पालिक निगम को तत्काल उपलब्ध करवा दी जाएगी। भारत माता के सच्चे सपूत एवं छत्तीसगढ़ महतारी के लाल छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र शहीद कौशल यादव की शहादत की पुण्य मधुर स्मृतियां चिरस्थायी बनाने भव्य मूर्ति स्थापना और चौक के सौंदर्यीकरण का कार्य शीघ्र रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा शहीद कौशल यादव चौक में किया जाये।शहीद कौशल यादव के 26 वें शहादत दिवस शहीद दिवस पर रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग एवं जोन क्रमांक 4 द्वारा रखे गये पुष्पांजलि आयोजन में उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने कहा कि 25 जुलाई 1999 में कारगिल युद्ध में भारत माता के सच्चे सपूत और छत्तीसगढ़ महतारी के लाल राष्ट्र की सेवा करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए इसके पूर्व शहीद कौशल यादव ने दुश्मन देश पाकिस्तान के 12 घुसपैठिये आंतकवादियों को मौत की नींद सुला दिया और भारत की कारगिल विजय की नींव वीर गति को प्राप्त होने के पूर्व रख दी। कारगिल युद्ध के बाद से भारतीय सेना की युद्ध कौशल क्षमता लगातार बढ रही है, एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर इसका जीवंत प्रमाण है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने दुश्मन देश पाकिस्तान के 9 आंतकी केन्द्रो को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए पाकिस्तान की सेना और आतंकवादियों को सबक सिखलाया।उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र शहीद कौशल यादव नौजवानों के प्रेरणास्त्रोत हैँ। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगर निगम रायपुर के तत्कालीन सभापति राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव एवं रायपुर नगर निगम के तत्कालीन महापौर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी की शहीद कौशल यादव की शहादत को नमन करने काली माता मंदिर के सामने चौक का नामकरण शहीद कौशल यादव चौक रायपुर नगर निगम के माध्यम से करने एवं शहीद कौशल यादव की पुण्य मधुर स्मृतियां चिरस्थायी रखने शहीद की मूर्ति चौक में स्थापित करने और सौंदर्याकरण करने का निर्णय त्वरित रूप से लेने के तत्कालीन कार्य की सराहना की। उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव ने लिए गए निर्णय का यह कार्य शीघ्र एक माह के भीतर पूर्ण करवाने महापौर श्रीमती मीनल चौबे से अनुरोध किया एवं इस हेतु मंच से नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप को निर्देश दिये।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि शहीद कौशल यादव यादव समाज के सच्चे सपूत हैँ। शहीद कौशल यादव ना यादव समाज के, बल्कि समूचे राष्ट्र के गौरव सपूत हैँ। शहीद कौशल यादव की कारगिल युद्ध में देश सेवा करते हुए दी गयी शहादत का नागरिक युगों- युगों तक ससम्मान स्मरण करते रहेंगे। शहीद कौशल यादव ने वीरता पूर्वक युद्ध करते हुए दुश्मन देश पाकिस्तान की सेना की सबक सिखलाने का अद्भुत कार्य किया। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि शहीद कौशल यादव छत्तीसगढ़ राज्य के यादव समाज के गौरव हैँ। शहीद किसी समाज विशेष के नहीं होते हैँ, बल्कि वे पूरे राष्ट्र के गौरव पुरूष होते हैँ। श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि शहीद कौशल यादव चौक पर शहीद कौशल यादव की भव्य मूर्ति लगने से यहां से निकलने वाले प्रत्येक नागरिक को शहीद कौशल यादव के जीवन में राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणाशक्ति सहज प्राप्त हो सकेगी।उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जोन 4 अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 5 अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, एमआईसी सदस्य प्रतिनिधि श्री संतोष संजना निहाल, प्रदेश यादव समाज अध्यक्ष श्री सुधीर यादव, प्रदेश यादव समाज महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती ममता यादव,यादव समाज के पदाधिकारी श्री रोहित यादव, श्री अनुप यादव, श्री जनक यादव सहित बडी संख्या में नगर के विशिष्टजनों, गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवकों, आमजनों, रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरूण ध्रुव, सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, उप अभियंता श्री हिमांशु चंद्राकर, निगम अधिकारियों, कर्मचारियों ने भारत माता के सच्चे सपूत छत्तीसगढ़ महतारी के लाल छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र शहीद कौशल यादव का उनके 26 वें शहादत दिवस पर शहीद कौशल यादव चौक काली माता मंदिर के सामने पहुंचकर सादर ससम्मान नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण करते हुए आदरांजलि अर्पित की। -
रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोनो की टीमो द्वारा अभियान चलाकर जोन क्षेत्र के विभिन्न मुख्य मार्गो में मॉनिटरिंग करके सड़को पर आवारा पशुओ की धरपकड़ कर उन्हें गौठानो में काउकेचर वाहन से भेजे जाने की कार्यवाही प्रतिदिन निरंतर प्रगति पर है।
नगर निगम जोन 6 द्वारा लालपुर जैनम कॉलोनी क्षेत्र के सड़क मार्ग से 6 आवारा पशुओं की धरपकड़ कर काऊ कैचर वाहन की सहायता से गोकुल नगर गौठान भेजा गया. वहीं जोन 4 द्वारा वार्ड 44 में लाखेनगर मार्ग में 2 आवारा पशुओं, पुरानी बस्ती मुख्य मार्ग में 3 आवारा पशुओं, वार्ड, 45 में बूढ़ापारा मुख्य मार्ग में 1 आवारा पशु को धरपकड़ कर गौठान भेजा गया। आवारा मवेशियों की धरपकड़ का अभियान निरंतर जारी रहेगा। -
- सावधानी रखकर बीमारियों से बचे
- हरेली में रात्रि भ्रमणरायपुर /अंधविश्वास, पाखंड व सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए कार्यरत संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा हरियाली के प्रतीक हरेली अमावस्या की रात को ग्रामीणजनों के मन से टोनही, भूत-प्रेत का खौफ हटाने के लिए समिति ने गांवों मे रात्रि भ्रमण कर ग्रामीणजनों से संपर्क किया,,समिति के दल ने रात्रि 11.00 बजे से रात्रि 3.00 बजे तक अमलेश्वर , कपसदा, मोहदा ,झीठ पठारीडीह, कन्हेरा , कंडारका, पिरदा, भालेसर, हरदी, उरला, ग्रामों का दौरा किया। रात्रि में महादेवघाट,नदी तट ,तालाब,श्मशान घाट पर भी गए.कहीं कहीं ग्रामीणों ने जादू-टोना, झाडफ़ूंक पर विश्वास होने की बात स्वीकार की। लेकिन किसी ने भी कोई अविश्वसनीय चमत्कारिक घटना की जानकारी नहीं दी। समिति के दल में शामिल डॉ दिनेश,मिश्र डॉ.शैलेश जाधव, ज्ञानचंद विश्वकर्मा, डॉ प्रवीण देवांगन, प्रियांशु पांडे डॉ अश्विनी साहू, डॉ अनुज साहू, ने अनेक ग्रामीणों से चर्चा की. सबेरे झीठ के सरपंच श्री रूपेन्द्र (राजू )साहू, अमलेश्वर के पार्षद डोमन यादव श्रीमती मालती गिरधर साहू, अमलेश्वरडीह के सेवाराम साहू, फौजी जवान राजकुमार साहू सहित अनेक ग्रामीणों से चर्चा की, किताबें भेंट की,डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा ग्रामीण अंचल में हरियाली अमावस्या (हरेली) के संबंध में काफी अलग अलग मान्यताएं हैं अनेक स्थानों पर इसे जादू-टोने से जोड़कर भी देखा जाता है, कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि इस दिन, रात्रि में विशेष साधना से जादुई सिद्वियां प्राप्त की जाती है जबकि वास्तव में यह सब परिकल्पनाएं ही हैं, जादू - टोने का कोई अस्तित्व नहीं है तथा कोई महिला टोनही नहीं होती। फिर भी अंधविश्वास के कारण महिला प्रताड़ना की अनेक घटनाएं सामने आती हैं ,पिछले सप्ताह ही दुर्ग, रायगढ़,बस्तर , सरगुजा से ऐसी घटनाएं सामने आई है. पहले जब बीमारियों व प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में जानकारी नहीं थी तब यह विश्वास किया जाता था कि मानव व पशु को होने वाली बीमारियां जादू-टोने से होती है। बुरी नजर लगने से, देखने से लोग बीमार हो जाते है तथा इन्हें बचाव के लिए गांव, घर को तंत्र-मंत्र से बांध देना चाहिए तथा ऐसे में कई बार विशेष महिलाओं पर जादू-टोना करने का आरोप लग जाता है वास्तव में सावन माह में बरसात होने से वातावरण का तापमान अनियमित रहता है, उमस, नमी के कारण बीमारियों को फैलाने वाले कारक बैक्टीरिया,फंगस वायरस अनुकूल वातावरण पाकर काफी बढ़ जाते हैं, वही दूसरी ओर गंदगी, प्रदूषित पीने के पानी, भोज्य पदार्थ के दूषित होने, मक्खियां, मच्छरो के बढने से बीमारियां एकदम से बढ़ने लगती हैं जिससे गांव, गांव में आंत्रशोध, पीलिया, वायरल फिवर,डेंगू, मलेरिया के मरीज बढ़ जाते है तथा यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया हो तो पूरी बस्ती ही मौसमी संक्रामक रोगों की शिकार हो जाती है। वहीं हाल फसलों व पशुओं का भी होता है, इन मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पीने का पानी साफ हो, भोज्य पदार्थ दूषित न हो, गंदगी न हो, मक्खिंया, मच्छर न बढ़े,जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने से लोग पशु कोरोना तथा अन्य संक्रमणों व बीमारियों से बचे रह सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र से घर, गांव बांधने की आवश्यकता नहीं है। साफ-सफाई अधिक आवश्यक है, इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इन मौसमी बीमारियों से संक्रमित हो तो उसे फौरन चिकित्सकों के पास ले जाये, संर्प दंश व जहरीले कीड़े के काटने पर भी चिकित्सकों के पास पहुंचे। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, पानी को छानकर, उबालकर पीने, प्रदूषित भोजन का उपयोग न करने तथा गंदगी न जमा होने देने जैसी बातों पर लोग ध्यान देंगे तथा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहेंगे तो तंत्र-मंत्र से बांधनें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीमारियों खुद-ब-खुद नजदीक नहीं फटकेंगी, मक्खिंया व मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से अधिक खतरनाक है।डॉ. मिश्र ने कहा ग्रामीणजनों से अपील है कि वे अपने गांव में अंधविश्वास न फैलने दे तथा ध्यान रखें कि गांव में कोई महिला को जादूटोने के आरोप में प्रताडि़त न किया जाये। कोई भी नारी टोनही नही होती. ग्रामीणों ने आश्वस्त किया कि उनके गांव में कभी भी किसी महिला को टोनही के नाम पर प्रताडि़त नहीं किया जावेगा तथा ध्यान रखेंगे कि आसपास में ऐसी कोई घटना न हो। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि यह माना जाता है कि हरेली की रात टोनही बरती (जलती हुई) दिखाई देती है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि यह सब सुनी सुनायी बातें हैंै। समिति को कोई भी ऐसा प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला जिसने ऐसी कोई चमत्कारिक घटना देखी हो। लेकिन रात्रि में लोग खौफजदा रहते है और घर से बाहर निकलने में डरते है। ग्रामीण टोनही के अस्तित्व पर या उसके कारगुजारियों पर चर्चा जरूर करते हैं पर यह नहीं बता पाते कि किसी ने हरेली के रात वास्तव में कुछ करते हुए देखा।डॉ. मिश्र ने कहा कि सुनी सुनायी बातों के आधार पर अफवाहें एवं भ्रम फैलता है, वास्तव में ऐसा कुछ भी चमत्कार न हुआ है और न संभव है। इसलिये किसी भी को ग्रामीण को कथित जादू-टोने अथवा टोनही भ्रम व भय में नहीं पडना चाहिए। - -मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों से मिली स्वीकृति-स्थानीय युवाओं को कैरियर बनाने में मिलेगी मदद--मुख्यमंत्री से एयर एनसीसी के छात्रों ने की मुलाकातरायपुर, / छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी। श्री साय के प्रयासों से यह जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं। इस अवसर पर विंग कमांडर श्री विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रनउल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं।प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसरवर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।
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-क्लबहाउस में एस्पो प्रदर्शनी तथा परिसर में आनंदमेला आयोजित किया गया-गेड़ी दौड़ तथा नारियल फेंक प्रतियोगिता भी रखी गईटी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक में गुरुवार को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार रिमझिम फुहारों के बीच बड़े उत्साह से मनाया गया। कॉलोनीवासी अपने-अपने घरों में सुबह ही हरियाली का प्रतीक नीम के पत्ते लगाए हुए थे। शाम को क्लबहाउस में एस्पो प्रदर्शनी तथा परिसर में आनंदमेला आयोजित किया गया। इस मौके पर गेड़ी दौड़ तथा नारियल फेंक प्रतियोगिता भी रखी गई। पारंपरिक और उल्लास भरे माहौल में मनाए गए इस पर्व में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। गेड़ी को लेकर बच्चों में अच्छा खासा उत्साह देखने को मिला, उन्हें गेड़ी पर चढ़कर चलने के लिए मचलते हुए देखा गया। उनके लिए यह अनुभव रोमांचकारी और बिल्कुल नया था।पूर्व एल्डरमैन कीर्तिलता वर्मा तथा अधिवक्ता रेखा सिंह की अगुवाई में हरेली पर्व की शुरुआत कृषि यंत्रों एवं उपकरणों की पूजा से हुई। एस्पो प्रदर्शनी महिलाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी, जिसमें नेल पॉलिश, ज्वेलरी, ऑर्गेनिक कैंडल, कान्हा जी की पोशाक, राखियां, नमकीन, फ्लोर-बर्तन क्लीनर, साड़ियां, सलवार सूट सहित विभिन्न प्रकार के फैशन डिजाइन वाले कपड़ों और सौंदर्य प्रसाधनों को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी में कॉलोनी के साथ-साथ, दुर्ग, नांदगांव, नेहरू नगर, पद्मनाभ पुर तथा सूर्य विहार के स्टॉल लगे थे। आनंद मेले में स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। लोगों ने पारंपरिक व्यंजन मुंगेड़ी, फरा, अइरसा तथा चौसेल का लुत्फ लिया। इसके अलावा खाने का शौक फरमाने वालों ने खास तौर पर बने पापड़, पाव भाजी, चाट, दोसा, मिर्ची भजिया, कटलेट और सांबर वड़ा का स्वाद भी लिया।इस अवसर पर गेड़ी दौड़ का रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जिसमें पुरुष वर्ग में अनिल गवेल प्रथम स्थान पर रहे, जबकि प्रदीप वर्मा द्वितीय और बलराम साहू तृतीय रहे। वहीं कोई प्रतिस्पर्धी न होने से बालक वर्ग में रितेश निषाद और बालिका वर्ग में गंगा साहू को विजेता घोषित किया गया। उधर नारियल फेंक प्रतियोगिता में महिला वर्ग में रूपाली फर्स्ट, नारायणी सेकंड और रेखा सिंह थर्ड रहीं दूसरी ओर पुरुष वर्ग में अनिल गवेल पहले स्थान पर रहे, जबकि जोगाराव तथा राकेश बोरकर दूसरे और तीसरे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रहे। पर्व को आयोजित कराने में धनेश्वरी शर्मा, पम्मी साहू, योगिता देवांगन तथा सुनीता चंद्राकर की सक्रिय भूमिका रही। - रायपुर । छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय ने बीते बुधवार को विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी और कोकड़ी का भ्रमण कर वहां संचालित ग्रामोद्योग द्वारा संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान श्री पांडेय ने हथकरघा, माटीकला, रेशम धागाकरण सहित विभिन्न पारंपरिक एवं लघु उद्योगों के संचालन को देखा और सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नवाचार और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामोद्योग द्वारा किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताया।श्री पांडेय ने कहा कि ग्रामोद्योग से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक ग्रामोद्योग इकाई स्थापित हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूती मिलेगी।निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग रायपुर के उप संचालक श्री पंकज अग्रवाल, पंचायत विभाग धमतरी के उप संचालक, जनपद पंचायत कुरूद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को ग्राम स्तर पर चल रही गतिविधियों, समूहों की भागीदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उत्पाद विपणन की जानकारी दी।श्री पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तर्ज पर इकाइयां विकसित की जाएं और स्व-सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आने वाले समय में धमतरी जिले में कई नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना की संभावना जताई, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा।यह निरीक्षण न केवल वर्तमान कार्यों की समीक्षा का अवसर रहा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
- 0- आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सुविधाओं का स्थानीय स्तर पर मिल रहा लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा की अनुरूप मुंगेली जिला डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुंगेली जिले के तीनों विकासखण्डों की 30 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना होने से ग्रामीणों को काफी सुविधा मिल रही हैं। पहले आय, जाति, निवास आदि कार्यों के लिए च्वाईस सेंटर, लोक सेवा केन्द्र के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब ग्रामीणों को उनके घर के पास ही सभी सुविधाएं मिलने लगी है। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई है।भटगॉव के युवा लेखराम साहू ने बताया कि पहले पैसे जमा या निकासी के लिए 20 किलोमीटर दूर मुंगेली जाना पड़ता था, लेकिन अब ये सुविधा केन्द्र खुलने से यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। इससे ग्रामीणों को समय, मेहनत और यात्रा खर्च की बचत हो रही है। इसी तरह डिजिटल सेवा का लाभ लेने पहुंची गंगा साहू ने भी शासन की इस पहल की सराहना की। गंगा साहू ने कहा कि यह पहल ग्रामीण स्वावलंबन और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में मददगार कदम है। इस पहल ने न सिर्फ आर्थिक रूप से गाँवों को मज़बूत किया, बल्कि युवाओं को स्वरोज़गार के अवसर भी दिए। डिजिटल सेवाओं के जरिये शासन की मुख्यधारा अब अंतिम छोर तक पहुँच रही है, जिससे स्थानीय जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शुरू हुए थे एडीएसकेइस वर्ष 24 अपै्रल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर शासन द्वारा जिले के तीनों विकासखण्डों में पहले चरण मे 10-10 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया गया है। इन केन्द्रों में आमजनों को बैंकिंग, बीमा, पेंशन, बिजली बिल भुगतान, रेलवे टिकट, छात्रवृत्ति, और जन्म-मृत्यु सहित जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज़ों सहित खाता खोलने की सुविधा दी जा रही है। इससे गाँव के लोग पंचायत स्तर पर ही ज़रूरी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
- महासमुंद/ नवोदय विद्यालय समिति द्वारा कक्षा 6वीं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश हेतु आवेदन प्रक्रिया जारी है। इच्छुक अभिभावक एवं विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाने का यह सुनहरा अवसर उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए है जो गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं ।आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई 2025 तक है।प्रवेश परीक्षा तिथि 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी का जन्म 1 मई 2014 से 31 जुलाई 2016 के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही, विद्यार्थी वर्तमान में किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 5वीं में अध्ययनरत होना चाहिए।अभिभावकों से अनुरोध है कि वे समय रहते आवेदन करें ताकि उनके बच्चे इस प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पा सकें।
- 0- युवा संसद 2025: युवाओं में संसदीय जागरूकता बढ़ाने की पहल0- 20 अगस्त से संकूल स्तर पर होगा आयोजनरायपुर / आयुक्त रायपुर संभाग श्री महादेव कावरे ने आयुक्त कार्यालय में छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय कार्य विभाग द्वारा आयोजित युवा संसद 2025 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली और उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की तैयारी को पूर्ण कर लिया जाए | यह युवा संसद कार्यक्रम का ब्लॉक/ विकासखंड स्तरीय, जिला स्तरीय चयन होने के बाद संभाग स्तरीय आयोजन किया जाएगा | इसकी कार्ययोजना बना ली जाए।इस युवा संसद 2025 का आयोजन 20 अगस्त से प्रारंभ होगा और अक्टूबर में समापन होगा। पहले संकुल स्तर उसके बाद विकासखंड स्तर में होगा।सितम्बर में जिला स्तर में होगा। अक्टूबर में यह संभाग स्तर में आयोजित होगा। इसमें स्कूल के विद्यार्थी भाग लेंगे, एक टीम में 50 सदस्य होंगे। युवा संसद को आयोजित करने का उद्देश्य युवाओं में संसदीय प्रणाली की समझ विकसित करना है।यह युवा संसद कार्यक्रम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छात्रों को शिक्षा एवं शासकीय कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी देने का एक सशक्त माध्यम है । इस युवा संसद का आयोजन हर वर्ष किया जाता है ।बैठक में संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग रायपुर संभाग, उपायुक्त (विकास) रायपुर, उपसंचालक शिक्षा विभाग रायपुर संभाग, जिला शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि रायपुर, सहायक संचालक शिक्षा विभाग रायपुर संभाग उपस्थित रहें ।
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0- रायपुर जिले में बनाए गए 90 परीक्षा केंद्र, प्रातः 10:30 को मुख्य द्वार होगा बंद
0- अभ्यर्थी निर्देशों का अनिवार्यतः करें पालन
रायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल व्यापम रायपुर द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 का आयोजन 27 जुलाई 2025 को रविवार को किया जाएगा | जिले में परीक्षा के लिए कुल 90 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं | अभ्यार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश :- परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (Frisking) एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा।चूंकि यह परीक्षा प्रातः 11.00 बजे से प्रारंभ हो रहा है अतः मुख्य द्वार प्रातः 10.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। परीक्षा में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जायेगी। - 0- 22 कृषकों के साथ स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी हुईं शामिलरायपुर। मशरूम का उत्पादन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का एक अच्छा साधन है। इसे साल भर एक छोटे से कमरे के माध्यम में थोड़ा सा समय देकर आसानी से किया जा सकता है। यही कारण है कि किसान विशेषकर महिला किसानों में मशरूम उत्पादन के प्रति विशेष रूचि देखी जाती है। इसी दृष्टि से कृषि विज्ञान केन्द्र, रायगढ़ में मशरूम उत्पादन पर एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।प्रशिक्षण में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ.बी.एस. राजपूत ने बताया कि धान फसल के अवशेषों का उपयोग करते हुए मशरूम उत्पादन किया जा सकता है। इससे कृषक अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। यह एक अत्यधिक लाभकारी व्यवसाय है, जिससे कम लागत से अधिक मुनाफा अर्जित किया जा सकता है।प्रशिक्षण में महिलाएं किसान, स्व-सहायता समूह की महिलाएं सहित कुल 22 किसान शामिल हुए। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ.मनीषा चौधरी, वैज्ञानिक (आहार एवं पोषण) ने मशरूम के पोषण मूल्य एवं औषधीय महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न प्रकार के मशरूम उत्पादन की तकनीक एवं मशरूम बीज उत्पादन के प्रायोगिक विधि के साथ-साथ वीडियो और चल-चित्र के माध्यम से जानकारी दी। प्रगतिशील मशरूम उत्पादक किसान श्री गोपाल पटेल के साथ प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया गया। उन्होंने मशरूम उत्पादन की चुनौतियों और इसके व्यापारिक लाभों के बारे में अपने अनुभव साझा किए।
- -बस्तर रेंज में ₹2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें शीर्ष माओवादी नेता SZCM रामन्ना ईरपा भी शामिल-डबल इंजन सरकार की सुशासन, सुरक्षा और पुनर्वास की नीति का ऐतिहासिक परिणामरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर में नक्सलवाद की रात अब ढल रही है और विकास की नई सुबह का उदय हो चुका है। डबल इंजन सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों का यह परिणाम है कि आज बस्तर रेंज में ₹2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। इनमें ₹25 लाख के इनामी एसजेडसीएम (SZCM) रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश का आत्मसमर्पण शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक ही दिन में बीजापुर से 25, दंतेवाड़ा से 15, कांकेर से 13, नारायणपुर से 8 और सुकमा से 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर वे अब हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हुए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 18 महीनों में कुल 1,570 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। यह हमारे शासन की पारदर्शी नीतियों, नागरिक-हितैषी कार्यप्रणाली और पुनर्वास के प्रति ईमानदारीपूर्ण दृष्टिकोण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के दूरस्थ और अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ सुरक्षा और विकास का कार्य कर रही है। सड़कों का विस्तार, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुँचाया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी नीति बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। हम आत्मसमर्पण कर रहे नक्सलियों के भविष्य को संवारने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
- -परंपरा और तकनीक के अद्भुत समन्वय की मिसाल बनीं चित्ररेखा, भावना और रूचि साहूरायपुर । सावन अमावस्या के अवसर पर जब पूरे छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार की पारंपरिक गूंज सुनाई दी, तब बालोद जिले ने इस पर्व को एक नवीन पहचान दी। इस वर्ष हरेली तिहार न केवल पारंपरिक कृषि उपकरणों की पूजा का प्रतीक रहा, बल्कि यहां की ड्रोन दीदियों ने आधुनिक तकनीक का समावेश कर इस पर्व को नई ऊंचाई दी।जहां हरेली तिहार परंपरा, प्रकृति और कृषि जीवन के प्रति सम्मान का पर्व है, वहीं बालोद की तीन प्रेरणादायक महिलाएं- श्रीमती चित्ररेखा साहू, श्रीमती भावना साहू और सुश्री रूचि साहू ने इस अवसर पर तकनीक और संस्कृति के संगम की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। ‘ड्रोन दीदी’ योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित इन महिलाओं ने अपने ड्रोन यंत्रों की पारंपरिक विधि से पूजा की, जैसे किसान अपने बैलों को सजाकर तिलक करते हैं, वैसे ही इन दीदियों ने ड्रोन को धूप-दीप दिखाकर नारियल और गुड़ के चीले का भोग अर्पित किया। यह दृश्य न केवल भावनात्मक था, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी देता है कि आधुनिक तकनीक तभी सार्थक है, जब वह हमारी परंपरा और जीवन-मूल्यों का सम्मान करे।चित्ररेखा साहू कहती हैं कि ड्रोन अब हमारा कृषि यंत्र है। इसे पूजना हमारी परंपरा का विस्तार है। तकनीक को अपनाकर भी हम प्रकृति से जुड़ाव बनाए रख सकते हैं। भावना साहू का मानना है कि ड्रोन तकनीक से खेती सरल हो गई है। हम चाहती हैं कि जिले के हर किसान को इसकी शक्ति का लाभ मिले। रूचि साहू ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर खेत तक ड्रोन पहुँचे और किसान का जीवन अधिक सुलभ बने। इन तीनों ड्रोन दीदियों ने इस अवसर पर भारत सरकार की ‘ड्रोन शक्ति’ पहल तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे तकनीकी प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।हरेली तिहार के इस पावन अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा यह संकल्प लिया कि वे आगे भी परंपरा और तकनीक के इस सुंदर समन्वय को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य निरंतर करती रहेंगी।
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रायपुर। बस्तर संभाग के पांच जिलों में गुरुवार को 66 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से 49 पर कुल 2.27 करोड़ रुपये का इनाम था।
अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र के बीजापुर जिले में 25, दंतेवाड़ा में 15, कांकेर में 13, नारायणपुर में आठ और सुकमा में पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 27 महिलाएं भी शामिल हैं।अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का कहना है कि वे ‘खोखली' माओवादी विचारधारा, निर्दोष आदिवासियों पर किए जा रहे अत्याचारों और प्रतिबंधित संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेदों से निराश हैं। नक्सलियों ने कहा कि वे राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लनार' (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं, जिसका उद्देश्य दूरदराज के गांवों में विकास कार्यों को सुगम बनाना है। बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि बीजापुर में आत्मसमर्पण करने वाले 25 लोगों में से 23 पर कुल 1.15 करोड़ रुपये का इनाम था। यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में उड़ीसा राज्य समिति के सदस्य व माओवादियों की विशेष जोनल समिति के सदस्य रमन्ना इरपा (37) शामिल हैं, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम है। उन्होंने बताया कि वहीं इरपा की पत्नी रामे कलमू (30) ने भी आत्मसमर्पण किया है और उस पर आठ लाख रुपये का इनाम था। अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सुक्कू कलमू उर्फ विनोद (38), बबलू माडवी उर्फ जग्गू (30), कोसी मड़कम (28) और रीना वंजाम (180 पर भी आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था।दंतेवाड़ा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 15 नक्सलियों में से पांच पर 17 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि जून 2020 में शुरू किए गए ‘लोन वर्राटू' (स्थानीय गोंडी बोली में गढ़ा गया शब्द जिसका अर्थ है अपने घर/गांव लौटना) अभियान के तहत अब तक जिले में 254 इनामी नक्सलियों सहित 1020 नक्सली हथियार डाल चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 15 नक्सलियों में संभागीय समिति सदस्य बुधराम उर्फ लालू कुहराम और उसकी पत्नी कमली उर्फ मोती पोतावी शामिल हैं, जिन पर क्रमशः आठ लाख रुपये और पांच लाख रुपये का इनाम था। बस्तर क्षेत्र के कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला ने बताया कि कांकेर में सभी 13 नक्सलियों पर कुल 62 लाख रुपये का इनाम था।नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि जिले में आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और इन कुल 33 लाख रुपये का इनाम है। गुरिया ने बताया कि इन नक्सलियों में से माओवादियों के उत्तर ब्यूरो तकनीकी दल के प्रभारी वट्टी गंगा उर्फ मुकेश (44) पर आठ लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी गई है और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्लानार' और राज्य सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कई माओवादी हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई हैं। -
-अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों के द्वारा दी जाएगी प्रस्तुतियां
-त्रिनिदाद एवं टोबेगो की विख्यात कलाकार होंगी कार्यक्रम में शामिलखैरागढ़.। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में 25 जुलाई को श्रुति मंडल (पाक्षिक कार्यक्रम) का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम कुलपति प्रो. लवली शर्मा की अध्यक्षता में होगा वहीं मुख्य अतिथि के रूप में रानी राजश्री देवी नुआपाड़ा, ओडिशा शामिल होंगी। विश्वविद्यालय के कैंपस-2 स्थित डॉ. नरेंद्र देव वर्मा प्रेक्षागृह में शाम 5:00 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। उक्त कार्यक्रम में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विदेशी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। सर्वप्रथम डॉ. साधना रहटगांवकर रायपुर के द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी तथा द्वितीय प्रस्तुति सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सुसान मोहिप के द्वारा कथक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। त्रिनिदाद एवं टोबेगो देश की निवासी सुसान मोहिप एक प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना है जिन्होंने कई मनमोहक प्रस्तुतियां दे चुकी है। उक्त कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में हारमोनियम एवं गायन सहयोग पर राणा मोहिप (त्रिनिदाद एवं टोबेगो), तबले पर पं. अवध सिंह ठाकुर, सारंगी पर उस्ताद शफ़ीक़ हसैन तथा बांसुरी पर इस विश्वविद्यालय के सुप्रसिद्ध कलाकार डॉ. बिहारी लाल तारम संगत करेंगे। - -पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी गईकांकेर। जिला पुलिस बल और बीएसएफ द्वारा नक्सलियों के विरूद्ध चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत मिलिट्री कंपनी नम्बर 01 कमांडर सहित 13 इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर 62 लाख का इनाम घोषित था। यह सभी नक्सली कांकेर जिले के रावघाट/परतापुर एरिया कमेटी एवं माड़ डिवीजन में सक्रिय थे। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुर्नवास नीति के तहत 50-50 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी गई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण ऐलीसेला ने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि बदलाव की एक सशक्त पहल एवं शासन की आत्मसमर्पण एंव पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर तथा नक्सलियों के खोखली विचारधारा, उनके शोषण, अत्याचार, हिंसा से तंग आकर सीपीआई माओवादी संगठन उत्तर बस्तर डिवीजन के अंतर्गत परतापुर, रावघाट एरिया कमेटी एवं माड़ डिवीजन में सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर शासन की इनामी पालिसी के तहत् उक्त 01 माओवादी सदस्य पर 10 लाख, 04 माओवादी सदस्य पर 08 लाख, 03 माओवादी सदस्या पर 05 लाख एवं 05 माओवादी सदस्यों पर 01-01 लाख रुपए, इस प्रकार कुल-62 लाख रुपए का इनाम घोषित थौ। इन्हें आत्मसमर्पण करने पर प्रोत्साहन राशि 50-50 हजार रुपये प्रदान की गई है।

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