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- -महिला पत्रकारों ने नारी शक्ति वंदन के संकल्प को महिला सशक्तिकरण की ओर बताया ऐतिहासिक कदमरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में पत्रकार श्रीमती नीरा साहू द्वारा गुजरात यात्रा पर लिखी गई पुस्तक ‘अविस्मरणीय यात्रा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती साहू को उनकी उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र एवं शासकीय संकल्प के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और अधिकारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पत्रकारों की दृष्टि को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा-वृत्तांत पर्यटन प्रेमियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगा।इस अवसर पर सुश्री निशा द्विवेदी, सुश्री चित्रा पटेल, सुश्री लवलीना शर्मा, जनसंपर्क विभाग की उप संचालक डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक सुश्री संगीता लकड़ा एवं सुश्री आमना खातून सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- रायपुर । दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना भूमिहीन परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं को भी मजबूती मिल रही है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कन्हाईबंद की निवासी श्रीमती सावित्री यादव इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में उनका जीवन अत्यंत कठिन परिस्थितियों में व्यतीत हो रहा था। भूमिहीन होने के कारण उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था और वे पूर्णतः मजदूरी कार्य पर निर्भर थीं। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण एवं अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण हेतु प्रभावी एवं संवेदनशील पहल की जा रही है। साथ ही श्रमवीरों एवं भूमिहीन कृषि मजदूरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाएं उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता था, लेकिन योजना के तहत प्राप्त होने वाली वार्षिक सहायता राशि ने उनके जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। अब वे इस राशि का उपयोग घरेलू खर्चों एवं अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। श्रीमती सावित्री यादव ने कहा कि यह योजना उनके जैसे भूमिहीन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास एवं सुरक्षा की भावना भी विकसित की है।
- रायपुर।छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित वर्ष 2026 के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम में रायपुर जिले के प्रयास आवासीय विद्यालयों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन विद्यालयों के कुल 8 विद्यार्थियों ने राज्य की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया, जिससे जिले का नाम गौरवान्वित हुआ है।प्रमुख रूप से दीपांशि बौद्ध ने कक्षा 10वीं में प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल कर विशेष उपलब्धि मेरिट सूची में स्थान दर्ज की। इसके अलावा अन्य सफल विद्यार्थियों में आदित्य बसु, विशाल यादव, कोमल कुमार पटेल, दिव्यांश साहू, तोषण दास साहू, हिमांशु कश्यप तथा भारती जैसे नाम शामिल हैं। रायपुर जिले में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय सड्डू (बालक), गुढ़ियारी (बालिका), नवीन गुढ़ियारी (अनुसूचित जाति बालिका) एवं ओबीसी सड्डू (बालक) के विद्यार्थियों ने अनुशासन, मेहनत और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन के बल पर यह सफलता हासिल की है। इन परिणामों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रयास विद्यालय राज्य में शैक्षणिक उत्कृष्टता के मजबूत केंद्र बन चुके हैं और आने वाले समय में भी इसी प्रकार बेहतर परिणाम देते रहेंगे।
- -22 पावर प्लांटों के अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और इमरजेंसी प्लान की गहन समीक्षारायपुर । राज्य में औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उद्देश्य से संचालनालय, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा नवा रायपुर स्थित इन्द्रावती भवन में पावर प्लांट प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बुधवार 29 अप्रैल को प्रातः 11 बजे कॉन्फ्रेंस हॉल क्रमांक-2, तृतीय तल में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 22 पावर प्लांटों के यूनिट हेड एवं सेफ्टी ऑफिसर उपस्थित रहे।बैठक में विगत वर्षों में घटित औद्योगिक दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान कारखानों द्वारा अपनाई जा रही मानक संचालन प्रक्रिया, सुरक्षित कार्य पद्धति, जोखिम प्रबंधन उपायों और कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के प्रयासों की विस्तार से समीक्षा की गई।संचालनालय के अधिकारियों ने विशेष रूप से श्रमिकों को प्रदान किए जाने वाले सुरक्षा प्रशिक्षण, नियमित सुपरविजन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक पावर प्लांट में ऑन-साइट इमरजेंसी प्लान की तैयारी, उसकी समय-समय पर समीक्षा तथा मॉकड्रिल के आयोजन की स्थिति का भी आंकलन किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।प्रभारी संचालक ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि औद्योगिक सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कारखाना प्रबंधन को निर्देशित किया कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। निर्देशों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।उन्होंने यह भी कहा कि “शून्य दुर्घटना” केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक औद्योगिक इकाई की जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय, सतत प्रशिक्षण और सुरक्षा के प्रति जागरूकता आवश्यक है। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि सुरक्षा ऑडिट को नियमित बनाया जाए और संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। बैठक के अंत में सभी पावर प्लांट प्रबंधन से अपेक्षा की गई कि वे सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें, ताकि श्रमिकों के जीवन की रक्षा के साथ-साथ औद्योगिक उत्पादन भी निर्बाध रूप से जारी रह सके।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि भगवान बुद्ध ने प्रेम, करूणा एवं अहिंसा की भावना को सर्वाेपरि मानते हुए पूरे विश्व को नई राह दिखाई। उन्होंने कहा कि आज भी भगवान बुद्ध की शिक्षा प्रासंगिक है। इस समय आवश्यकता है कि समाज में सामाजिक सद्भाव और बंधुत्व कायम रखने के लिए उनके आदर्शों को अपनाते हुए उनके बताए हुए रास्ते पर चलें।
- 1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष-छगन लोन्हारे, उप संचालक जंनसंपर्करायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते 02 साल 04 माह में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव के सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उन्हें उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 भोजन केन्द्र संचालित है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 5 रूपये में गरम भोजन, दाल चावल, सब्जी, आचार प्रदाय किया जा रहा है, जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी।उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 76 करोड़ 38 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।
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-सदन का ऐतिहासिक सत्र सुनने विधानसभा पहुंची थी मिस इंडिया छत्तीसगढ़
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज विधानसभा में मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 सुश्री अनुष्का सोन ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर सुश्री अनुष्का ने मुख्यमंत्री को नारी सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर विशेष सत्र आयोजित करना एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।सुश्री अनुष्का ने बताया कि वे आज विधानसभा की ऐतिहासिक कार्यवाही को सुनने विशेष रूप से पहुंची थीं और इस अनुभव को उन्होंने अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखना उनके लिए एक नई सीख रही, जिससे वे समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए और अधिक प्रोत्साहित कर सकेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं, जो एक सशक्त और जागरूक समाज की पहचान है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल महिलाओं के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगी तथा उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे आने के लिए प्रेरित करेंगी।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बेटियां शिक्षा, कला, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सुश्री अनुष्का सोन को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरक बनें। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा उपस्थित थे। - -राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर जताया आभाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित कार्यालय में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा के नेतृत्व में महिला प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।इस अवसर पर महिला प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विधानसभा में आयोजित विशेष सत्र तथा इस संबंध में पारित शासकीय संकल्प के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पहल महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा।महिला प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं के उत्थान हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में महिला सशक्तिकरण को और अधिक गति मिलेगी तथा महिलाओं की भागीदारी सभी क्षेत्रों में सुदृढ़ होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन जैसी ऐतिहासिक पहल समाज में समानता और न्याय के नए आयाम स्थापित करेंगे।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की महिलाएं विकास यात्रा की सशक्त सहभागी हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी है।मुख्यमंत्री ने महिला प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
- 0- बीएमओ शहरी डॉ. पंकज किशोर मिश्रा ने ग्रहण की सदस्यतारायपुर। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के समक्ष स्वास्थ्य विभाग के खण्ड चिकित्सा अधिकारी शहरी रायुपर डॉ. पंकज किशोर मिश्रा ने रेडक्रॉस सोसाइटी में संरक्षक सदस्य के रूप में सदस्यता ली। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सदस्यता राशि ग्रहण की। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानव समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है।संस्था से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता प्रदान की जाती है, जिसमें संरक्षक सदस्य के लिए 25,000 रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12,000 रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1,000 रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर रेडक्रॉस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।--
- 0- मौके पर ही आवेदन का समाधान करने का करें प्रयास :- कलेक्टर डॉ गौरव सिंह0- गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के दिए निर्देशरायपुर। सुशासन तिहार की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े आवेदनों का अधिकतम निराकरण शिविर स्थल पर ही सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हो रहे ‘सुशासन तिहार’ के लिए ज़िले भर में शिविरों के आयोजन हेतु स्थल एवं समय निर्धारित कर दिए गए हैं तथा प्रत्येक शिविर के लिए नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ब्लॉक स्तर पर भी अधिकारियों को शिविर संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि शिविरों का संचालन व्यवस्थित और प्रभावी हो तथा आवेदन करने की प्रक्रिया सरल और सहज बनी रहे।डॉ. सिंह ने निर्देशित किया कि यथासंभव मौके पर ही प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाए और निराकरण की गुणवत्ता (क्वालिटी डिस्पोजल) सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र से प्राप्त प्रत्येक आवेदन को स्वयं पढ़ें और निराकरण होने या न होने की स्थिति में उसका विस्तृत कारण दर्ज करें। कलेक्टर ने जिला एवं सब-डिवीजन स्तर के अधिकारियों की शिविरों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नोडल अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शिविर का सुचारू संचालन एवं जनप्रतिनिधियों तक समय पर सूचना पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी होगी।
- रायपुर. श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में एमसीएच कालीबाड़ी में 04, मंदिरहसौद में 05 आज दिनांक में कुल 09 प्रसुताओं को 45 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।--
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती के नेतृत्व में “प्रोजेक्ट सेकंड इनिंग” के अंतर्गत प्राचार्यों की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, केन्द्री परिसर में किया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन जिले के 220 प्राचार्यों सहित समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसीसी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन अभनपुर के श्री महेश मिश्रा ने फिल्म ‘शोले’ के उदाहरण के माध्यम से नेतृत्व और प्रबंधन के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए प्रभावी लीडरशिप के लिए टीम वर्क की महत्ता पर प्रकाश डाला।संस्थान के प्राचार्य श्री आर.के. मिश्रा ने एसआईसीटी के अंतर्गत विद्यार्थियों से संवाद बढ़ाने और प्रेरणा के माध्यम से शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ करने पर जोर दिया। वहीं सेवानिवृत्त उप संचालक श्री आशुतोष चावरे ने “स्कूल के आईना” विषय पर 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए ब्लूप्रिंट आधारित रणनीति साझा की।सेवानिवृत्त अपर संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने अकादमिक लीडरशिप, टीम बिल्डिंग, साझा लक्ष्य, विश्वास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। सहायक संचालक श्रीमती नीलम शर्मा ने विभागीय जांच एवं सूचना के अधिकार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।डीएमसी समग्र शिक्षा श्री अरुण शर्मा ने जनगणना पोर्टल में प्रविष्टि की प्रक्रिया समझाई, जबकि सहायक संचालक श्री अशोक नारायण बंजारा ने सिविल सेवा आचरण नियम 1965, अपील नियम 1966 एवं शिक्षा के अधिकार संबंधी प्रावधानों के अध्ययन पर जोर दिया।कार्यशाला के समापन की घोषणा विकासखंड शिक्षा अधिकारी अभनपुर श्रीमती धनेश्वरी साहू द्वारा की गई। इस कार्यशाला के माध्यम से प्राचार्यों को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, नेतृत्व कौशल विकास एवं प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्राप्त हुए।--
- 0- सुप्रसिद्ध डायटिशन डॉ. अभया जोगलेकर ने बताया कई हफ्ते रहने वाले भीषण गर्मी में अपने आपको कैसे रखें सेहतमंदरायपुर। सुप्रसिद्ध डायटिशियन डॉ. अभया जोगलेकर ने जोर देकर कहा कि इस गर्मी केवल भोजन ही न करें, बल्कि 'सात्विक’ आहार अपनाएं, जो न केवल आपके शरीर को पोषण दे, बल्कि मन को भी शांत भी रखे। भीषण गर्मी और बढ़ता तापमान हमारी ऊर्जा सोख लेता है। इसके साथ ही हमारी पाचन क्रिया और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालता है। आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि 'जैसा अन्न, वैसा मन और तन'। जब सूर्य का ताप अपने चरम पर हो, तब सही आहार ही हमारा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनता है।समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में डॉ. जोगलेकर ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए आहार की ‘सात्विक’ (SATVIK) मार्गदर्शिका उन बुनियादी सिद्धांतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो हर उम्र के व्यक्ति, चाहे वे बच्चे हों, बुजुर्ग हों या गर्भवती महिलाएं… को हाइड्रेटेड, ऊर्जावान और स्वस्थ रखने में मदद करती है।बद्री प्रसाद लोधी स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय की प्राचार्य और वरिष्ठ डायटिशियन डॉ. अभया जोगलेकर ने सात्विक शब्द की अंग्रेजी में स्पेलिंग लिखकर प्रत्येक अल्फाबेट का अर्थ समझाया। उन्होंने बताया कि एस का आशय सीजनल (मौसमी) से है। तेज गर्मी के दौरान स्थानीय और मौसमी फलों व सब्जियों का चुनाव करना चाहिए। हमारे यहां अभी लाल भाजी, चौलाई, चेच, अमाड़ी, पालक, मेथी, गोल, खेड़ा, प्याज, कांदा भाजी बाजार में आ रहे हैं। अतः इन सब्जियों का पर्याप्त सेवन करें। इस मौसम में पाई जाने वाली गंगा इमली, ताजी इमली का भी सेवन करें।डॉ. जोगलेकर के अनुसार ए अर्थात एक्विअस (जलयुक्त) होता है। मतलब ग्रीष्मकाल में ऐसे खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो जैसे खीरा, तरबूज, ककड़ी, खीरा, तरोई, लौकी। साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पीयें। प्यास लगने का इंतज़ार न करें, क्योंकि गर्मी के दिनों में पसीने की अधिकता से शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी को पूरा करने के लिए सादे पानी के अलावा एल्कलाइन वाटर (खीरे, पुदीना नींबू, धनिया पत्ती से बना), नारियल पानी, नींबू पानी, शिकंजी, छाछ, लस्सी और ताजे फलों का रस, गन्ने का रस (हायजिनिक) बेहतरीन विकल्प हैं। स्थानीय फल, बेल से निर्मित शरबत पीयें, जो पेट को ठंडा रखता है। दोपहर के समय बुजुर्गों को चने का सत्तू, जौ का सत्तू या गोंद कतीरा का शरबत देना फायदेमंद होता है। यह लू से बचाने में मदद भी करता है।प्राचार्य डॉ. जोगलेकर ने टी का आशय टेंपर्ट यानी संतुलित तासीर का खाद्य बताया। उन्होंने कहा कि गर्मियों में पाचन शक्ति थोड़ी धीमी हो जाती है, इसलिए मसालेदार भारी और तैलीय भोजन के बजाय हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें। अत्यधिक गर्म तासीर वाले मसालों और कैफीन (चाय, काफी) से बचें। इनके स्थान पर पुदीना, सौंफ और हरा धनिया जैसे ठंडे तासीर वाले मसालों का उपयोग करें।उनके मुताबिक वी का अर्थ वाइटिलाइजितंग (ऊर्जादायक) से है। इसके तहत उन्होंने हल्का और ताज़ा भोजन लेकर शरीर को सक्रिय बनाए रखने का सुझाव दिया। डॉ. जोगलेकर ने आई से इम्यून बूस्टर अर्थात रोग प्रतिरोधक को जोड़ा। इसमें विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लेने का सुझाव दिया गया। इसके अंतर्गत नींबू की शिकंजी, बीटरुट की कांजी, बासी, बोरे, अंबलि, वेज स्मूदी, नारियल पानी को उन्होंने श्रेष्ठ कहा।वरिष्ठ नागरिकों को उन्होंने के का आशय काइंड टू गट (पाचन अनुकूल) बताया। डॉ. अभया जोगलेकर ने दैनिक आहार में प्रोबायोटिक्स (दही, छाछ) को शामिल करने कहा, इससे शरीर ठंडा रहता है। साथ ही पेट के स्वास्थ (गट हेल्थ) के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने उपस्थित बुजुर्गों से एक बार में बहुत अधिक खाने के बजाय थोड़े-थोड़े अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाने (स्माल मील्स) कहा।सियान गुड़ी में डॉ. जोगलेकर का पूरा संबोधन वरिष्ठ नागरिकों पर केंद्रीत था। उन्होंने बुजुर्गों से कहा कि ग्रीष्म ऋतु में आप लोगों को विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। उम्र के साथ आपको प्यास का अनुभव कम हो सकता है, इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ग्लूकोज या ओआरएस लेते रहें, ताकि शरीर इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बना रहे। गर्म मौसम के अनुरूप ही आपको आहार में दलिया, खिचड़ी या सूप जैसी नरम चीजों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि इन्हें चबाने और पचाने में आसानी हो। गेंहू की रोटी के स्थान पर ज्वार की रोटी का सेवन जरूर करें।महाराष्ट्र मंडल की वरिष्ठ सभासद डॉ. अभया ने बुजुर्गों की मांसपेशियों की मजबूती के लिए दालें, पनीर या सोयाबीन का सेवन कराने का सुझाव तो दिया, लेकिन जोर देकर कहा कि ये सब कम तेल-मसाले में बने हों। इसी तरह यदि वे उच्च रक्तचाप या मधुमेह से जूझ रहे हैं, तो पेय पदार्थों में नमक और चीनी की मात्रा का विशेष ध्यान रखें। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए जामुन, आम (सीमित मात्रा में) और हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करना चाहिए।--
- बालोद. जिला खनि अधिकारी श्री प्रवीण चन्द्राकर ने बताया कि ग्राम बघमरा में रेत खदान में अवैध उत्खनन के संबंध में मौका जांच कराया गया। जांच के दौरान उपस्थित वार्ड नं. 01 के पार्षद श्री पोषण निषाद व अन्य ग्रामीणजन मौजूद रहे। इस दौरान रेत का उत्खनन पूर्णतः बंद पाया गया। पार्षद द्वारा बताया गया कि रेत के अवैध उत्खनन की जानकारी उन्हें नहीं है। बीच-बीच में गांव वाले घर बनाने के लिए रेत का उत्खनन, परिवहन किया जाता है। खनिज विभाग द्वारा पार्षद श्री पोषण निषाद को अवगत कराया गया कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति द्वारा रेत उत्खनन, परिवहन कर ग्राम से बाहर बेचा जाता है या व्यवसायिक उपयोग किया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल विभाग दें, जिससे त्वरित कार्यवाही की जा सके।--
- 0- डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर के नेतृत्व में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम के द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों में दबिश देकर गुणवत्ता जांच की गईबालोद,. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिले में खाद्य एवं औषधि पदार्थों की गुणवत्ता जांच हेतु राजस्व खाद्य एवं औषधि प्रसाधन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के ’सही दवा शुद्ध आहार, छत्तीसगढ़ का यही आधार’ की थीम पर जिले में जनस्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ करने के उद्देश्य से 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक विशेष 15 दिवसीय जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत मंगलवार 28 अप्रैल को डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर के नेतृत्व में जिला मुख्यालय बालोद के खाद्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर वहाँ उपलब्ध खाद्य एवं औषधि पदार्थों की गुणवत्ता जांच की गई। इसके अंतर्गत अधिकारियों ने कैलाश स्टोर्स, गोविंद जनरल स्टोर्स, पूजा श्रृंगार जवाहर मार्केट बालोद, नमो कलेक्शन, मरारापारा, जय कलेक्शन, अग्रवाल सलेक्शन, बटरफ्लाई स्टोर, नारायग डेली नीड्स, आहुजा कलेक्शन एवं 04 औषधि प्रतिष्ठानों टुवानी मेडिसीन सेंटर, जैन मेडिकल स्टोर्स, साहू मेडिकल स्टोर्स, हर्ष मेडिकल स्टोर्स में सौंदर्य प्रसाधन सामाग्री के संबंध में संयुक्त निरीक्षण किया गया एवं 02 प्रसाधन सामाग्री का नमूना संकलित किया गया।इसी प्रकार खाद्य शाखा से न्यू बस स्टैण्ड बालोद स्थित गंगोत्री डेली नीडस, प्रकाश होटल, ठाकुर पान पैलेस, अशोका बिरयानी, साहू जलेबी एवं विक्की भोजनालय खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों को नोटिस भी दिया गया। इस दौरान फर्म मेसर्स गंगोत्री डेली नीड्स में कालातीत सामग्रियां पाई गयी। अधिकारियों ने कालातीत ब्रेड को मौके पर ही नष्ट कराया। अधिकारियों की टीम के द्वारा जिला मुख्यालय बालोद के पुरानी चैपाटी स्थित स्वरूप चाट कॉर्नर, यादव मुंगेडी, मनीष चाट, पुष्पाबाई गन्ना रस एवं घड़ी चैक स्थित गंगा मैय्या फल वाटिका, नमो चाय नाश्ता, छत्तीसगढ़ साहू होटल, देव फल भण्डार, आयुष पान पैलेस, तथा कलाकेन्द्र के पास बालोद स्थित नमन फ्रूट सेंटर, माता रानी कुल्फी, देव सोडा, कृष्णा मोमोस सेंटर, लोकेश डिकेश चाट जिग जेग फास्ट फुड का निरीक्षण कर खाद्य अनुज्ञप्ति बनाने एवं साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए।
- 0- आयोजित प्रशिक्षण में प्रभारी अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स को जनगणना के प्रथम चरण के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के कार्यों को सफलतापूर्वक संपादित करने हेेतु जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज संयुक्त जिला कार्यालय के आॅडिटोरियम में सभी प्रभारी अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स की बैठक आयोजित कर 01 मई से 30 मई तक आयोजित होने वाली जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों के गणना कार्य के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। इस दौरान आम नागरिकों को आॅनलाईन स्वगणना पत्र की जानकारी भरने के संबंध में भी जानकारी देने को कहा गया। इस मौके पर अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा, डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जनगणना कार्य में लगे अधिकारीगण उपस्थित थे।--
- बालोद. अपर कलेक्टर ने जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पद्म पुरस्कार 2027 के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अनुशंसाए आमंत्रित करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है। अपर कलेक्टर ने बताया कि शासन की मंशानुरूप राज्य, जिले के सुदूर वनांचलों, ग्रामीण क्षेत्रों और नगरीय क्षेत्रों से समाज के उन अनछुए और गुमनाम नायकों की पहचान करना है, जो समाज सेवा, कला, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया जा सके। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस वर्ष 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाल पद्म पुरस्कार पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री के लिए नामांकन की प्रक्रिया 15 मार्च 2026 से प्रारंभ हो चुकी है।
- 0- बालोद जिले में हायर सेकण्डरी का परीक्षा परिणाम 77.79 प्रतिशत एवं हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम 65.94 प्रतिशत रहाबालोद. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आज जारी किए गए कक्षा 10वीं एवं 12वीं के बोर्ड परीक्षा के परिणामों के अंतर्गत बालोद जिले का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट एवं सराहनीय रहा है। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के हायर सेकण्डरी बोर्ड परीक्षा का परिणाम 77.79 प्रतिशत एवं हाई स्कूल बोर्ड का परीक्षा परिणाम 65.94 प्रतिशत रहा है। हायर सेकण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अर्जुंदा के कक्षा 12वीं के विद्यार्थी जीत गजेन्द्र ने 95 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान अर्जित किया है। इसी तरह हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के अंतर्गत ब्लेज एकेडमी उमरादाह की छात्रा कुमारी वंशिक शर्मा ने 97.17 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान अर्जित किया है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी किए गए हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल परीक्षा परिणामों के अंतर्गत जिले के विद्यार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। श्रीमती मिश्रा ने कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं की परीक्षा में जिला स्तरीय टाॅप टेन में जगह बनाने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा उत्कृष्ट अंक अर्जित कर अपने संस्थान, गुरूजनों एवं अपने माता-पिता का नाम रोशन करने वाले सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने जिले के विद्यार्थियों को अपने मेहनत एवं साधना को निरंतर जारी रखते हुए जीवन में उपलब्धि हासिल कर अपने माता, पिता, संस्थान एवं अपने गुरूजनों का नाम रोशन करने को कहा।जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने बताया कि हायर सेकण्डरी बोर्ड परीक्षा के अंतर्गत बालोद जिले के कक्षा 12वीं के नियमित, स्वाध्यायी एवं पत्राचार के विद्यार्थियों को मिलाकर 3608 बालक एवं 5174 बालिका सहित कुल 8782 विद्यार्थियों में से 3584 बालक एवं 5161 बालिका सहित कुल 8745 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा विभिन्न कारणों से 04 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम निरस्त एवं रोका गया था। इसमें से 3580 बालक एवं 5161 बालिका सहित कुल 8741 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है। जिसमें 1247 बालक एवं 2524 बालिका सहित कुल 3771 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में तथा 1297 बालक एवं 1599 बालिका सहित कुल 2896 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में एवं 91 बालक एवं 42 बालिका सहित कुल 133 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। इसके साथ ही 516 बालक एवं 606 बालिका सहित कुल 1122 परीक्षार्थी का परीक्षा परिणाम पूरक आया है। इसी तरह 429 बालक एवं 390 बालिका सहित कुल 819 विद्यार्थी हायर सेकण्डरी परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं। इस तरह से 2635 बालक एवं 4165 बालिका सहित जिले के कुल 6800 विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। इसके साथ ही हायर सेकण्डरी बोर्ड परीक्षा में 73.60 प्रतिशत बालक एवं 80.70 प्रतिशत बालिका सहित जिले के कुल 77.79 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं।इसी तरह हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा के अंतर्गत बालोद जिले के कक्षा 10वीं के नियमित, स्वाध्यायी एवं पत्राचार के विद्यार्थियों को मिलाकर 4694 बालक एवं 5857 बालिका सहित कुल 10551 विद्यार्थियों में से 4612 बालक एवं 5814 बालिका सहित कुल 10426 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा विभिन्न कारणों से 10 बालक एवं 02 बालिका सहित कुल 12 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम निरस्त एवं रोका गया था। इसमें से 4602 बालक एवं 5812 बालिका सहित कुल 10414 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है। जिसमें 1305 बालक एवं 2631 बालिका सहित कुल 3936 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में तथा 1358 बालक एवं 1442 बालिका सहित कुल 2800 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में एवं 93 बालक एवं 38 बालिका सहित कुल 131 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। इसके साथ ही 453 बालक एवं 574 बालिका सहित कुल 1027 परीक्षार्थी का परीक्षा परिणाम पूरक आया है। इसी तरह 1393 बालक एवं 1127 बालिका सहित कुल 2520 विद्यार्थी हाई स्कूल परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं। इस तरह से 2756 बालक एवं 4111 बालिका सहित जिले के कुल 6867 विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं। इसके साथ ही हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा में 59.88 प्रतिशत बालक एवं 70.73 प्रतिशत बालिका सहित जिले के कुल 65.94 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं।हायर सेकण्डरी परीक्षा में जीत गजेन्द्र एवं हाई स्कूल परीक्षा परिणाम के अंतर्गत वंशिका शर्मा ने बनाया जिले के टाॅप टेन में प्रथम स्थानहायर सेकण्डरी परीक्षा परिणाम के अंतर्गत जिले के टाॅप टेन में स्थान अर्जित करने वाले विद्यार्थियों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अर्जुंदा के विद्यार्थी जीत गजेन्द्र ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान बनाया है। इसी तरह नेताजी सुभाष चंद्र बोस अर्जुंदा के विद्यार्थी रूद्र कुमार यादव ने 94.60 अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट माध्यम विद्यालय कुसुमकसा की छात्रा खुशी विश्वकर्मा ने 93.80 अंक अर्जित कर तृतीय स्थान, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरदफोड़ की छात्रा नीलम देवांगन ने 93.60 अंक अर्जित कर चतुर्थ स्थान, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बालोद की छात्रा कुमारी डाॅली साहू ने 93.20 अंक अर्जित कर पांचवा स्थान, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोरर की छात्रा कुमारी प्राची पटेल ने 93 प्रतिशत अंक अर्जित कर छटवां स्थान, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कलंगपुर की छात्रा पायल ने 92.80 अंक अर्जित कर सातवां स्थान, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय अछोली की छात्रा चंचल साहू एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोरकापार के छात्र गौरव ने संयुक्त रूप से 92.60 अंक अर्जित कर जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में आठवां स्थान बनाया है। इसी तरह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा ज के छात्र गोपेश्वर देशमुख एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कंवर के छात्र वेदांशु कुमार ने संयुक्त रूप से 92.40 अर्जित कर नौवां स्थान बनाया है। इसी तरह स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय झलमला की छात्रा कुमारी हर्षिता मेहता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुंडेरा के छात्र तुषार डोंगरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कंवर की छात्रा कुमारी उरमी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय गुरूर की छात्रा योगिता और महावीर इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्र दिव्यांक साहू ने संयुक्त रूप से 92.20 अंक अर्जित कर जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में दसवां स्थान बनाया है।इसी तरह हाई स्कूल परीक्षा परिणाम अंतर्गत ब्लेज एकेडमी उमरादाह की छात्रा कुमारी वंशिक शर्मा ने 97.17 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिला स्तरीय प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान बनाया है। इसी तरह प्रयास शासकीय रेसिडेंसियल स्कूल पिनकापार के छात्र तिव्यांशु एवं नरगिश बांधव ने संयुक्त रूप से 97 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिला स्तरीय टाॅप टेन सूची में द्वितीय स्थान में जगह बनाया है। इसी तरह स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अर्जुंदा के विद्यार्थी यश कुमार साहू ने 96.83 प्रतिशत अर्जित कर तीसरा स्थान, प्रयास शासकीय रेसिडेंसियल स्कूल पिनकापार के अर्जित पटेल ने 96.33 प्रतिशत अर्जित कर चर्तुथ स्थान, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवारीकला की छात्रा कुमारी कृतिका एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तमोरा की छात्रा आयुषी ने संयुक्त रूप से 95.83 अर्जित कर पांचवां स्थान बनाया है। इसी तरह स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय अर्जुंदा की छात्रा समृद्धि, तेलिना देवांगन तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुंडेरा की छात्रा दीपिका साहू एवं लिंगेश्वर पब्लिक स्कूल सनौद की छात्रा तृप्ति देवांगन सहित कुल 04 छात्राओं ने संयुक्त रूप से 95.50 प्रतिशत अर्जित छटवां स्थान बनाया है। इसी तरह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बघमरा के छात्रा नीलिमा देवांगन, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनेली की छात्रा खुशबू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिचलगोंदी के छात्र शिवम निषाद, प्रयास आवासीय विद्यालय पिनकापार के छात्र टेकेन्द्र एवं गीत शील ने 95.17 अंक अर्जित कर सातवां स्थान बनाया है। प्रयास आवासीय विद्यालय पिनकापार के छात्र मुकेश कुमार ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर आठवां स्थान, प्रयास आवासीय विद्यालय पिनकापार के छात्र जोशी ने 94.83 अंक अर्जित कर नौवां स्थान एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कसहीकला की छात्रा यामिनी हिरवानी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय गुण्डरदेही के छात्र निखिल साहू एवं लिंगेश्वर पब्लिक स्कूल सनौद के छात्र चिरंजीवी ने 94.67 अंक अर्जित कर दसवां स्थान बनाया है।---
- बिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा के निर्देशन में जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में एक दिवसीय स्काउटर एवं गाइडर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य संगठन की नई योजनाओं, सदस्यता वृद्धि, युवा कार्यक्रमों तथा नवीन दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान करना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य मुख्यालय आयुक्त स्काउट श्री रविश गुप्ता जी, अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला शिक्षा अधिकारी स्काउट श्री विजय कुमार टांडे, विशिष्ट अतिथि सयुक्त राज्य सचिव बीना यादव कार्यशाला में मुख्य रूप से श्री शैलेन्द्र मिश्रा (राज्य मुख्यालय आयुक्त स्काउट एवं शिविर संचालक),मो. शादिक शेख (राज्य समन्वयक मेंबरशिप ग्रोथ),सहायक राज्य आयुक्त स्काउट श्री विजय कुमार यादव, सहायक राज्य आयुक्त स्काउट श्री विजय कुमार यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री डीगम्बर सिंह कौशिक, जिला संगठन आयुक्त गाइड उतरा मानिकपुरी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को संगठन की गतिविधियों एवं भविष्य की योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम के दौरान नवीन राज्य पुरस्कार योजना,न्यू यूथ प्रोग्राम एवं ग्रोथ, वारंट चार्टर की जानकारी, बीएसजी इवेंट्स की जानकारी, नवीन बैज एवं उपलब्धियों तथा यूनिफॉर्म संबंधी दिशा-निर्देशों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में बिलासपुर से 30, कोरबा 24, जांजगीर चांपा 07 स्टॉप एवं रोवर्स -रेंजर्स समिल्लित करके 80 के संख्या में उपस्थित स्काउटर एवं गाइडर ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने हेतु अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का वातावरण अनुशासन, सीखने और संगठनात्मक विकास की भावना से परिपूर्ण रहा। यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई, जिससे उन्हें भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की नवीन कार्यप्रणाली एवं योजनाओं को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
- 0- लोक निर्माण विभाग द्वारा 13 नए पुलों के निर्माण को मंजूरी, हो सकेगा बारहमासी आवागमनबिलासपुर. लोक निर्माण विभाग ने दूरस्थ गांवों और वनांचलों में भी पूरे सालभर आवागमन सुनिश्चित करने कांकेर जिले में 13 नए उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण की मंजूरी दी है। इनके निर्माण से दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को भी बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी। बारिश के दिनों में उन्हें नदी-नालों को पार करने का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा। विभाग द्वारा स्वीकृत इन पुलों में कोयलीबेड़ा विकासखण्ड का बेचाघाट पुल भी शामिल है। नक्सल प्रभावित होने के कारण पहले इस पुल का निर्माण नहीं हो पा रहा था, जो कि अब प्रगति पर है।लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग कांकेर के कार्यपालन अभियंता श्री राजेन्द्र सोनकर ने बताया कि राज्य शासन द्वारा कांकेर जिले में 13 नए उच्च स्तरीय पुल स्वीकृत किए गए हैं। रावघाट में मेढकी नदी पर 5 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है। सोनपुर-नारायणपुर मार्ग में कोटरी नदी पर बेचाघाट में 15 करोड़ 52 रुपए की लागत से पुल का निर्माण हो रहा है। भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ मार्ग में खंडी नदी पर 6 करोड़ 18 लाख रुपए तथा कांकेर-देवरी मार्ग में चिनार नदी पर 8 करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से पुल निर्माण का कार्य प्रगति पर है।राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा अंतागढ़-बेड़मा मार्ग में निर्गुण नाला पर पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 82 लाख रुपए, चारामा के पास सिरसिदा नाला में पुल निर्माण के लिए 9 करोड़ रुपए, कोरर के पास जंजालीपारा में पुल निर्माण के लिए 4 करोड़ 23 लाख रुपए, संबलपुर से सिलपट मार्ग में संबलपुर नाला में पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 87 लाख रुपए, चारामा विकासखण्ड के टांहकापार में महानदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के लिए 28 करोड़ 7 लाख रुपए, ईच्छापुर-घोटिया मार्ग में दूध नदी पर पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ 53 लाख रुपए और ताड़ोकी में निब्रा (मेढकी) नदी पर पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ 13 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी कार्यों के लिए निविदा प्रक्रियाधीन है।कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के छोटेबेठिया के बेलगाल में 4 करोड़ 10 लाख रुपए और भानुप्रतापपुर-पखांजूर मार्ग में पासंगी नाला पर 5 करोड़ 74 लाख रुपए की लागत के पुलों के निर्माण भी स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों पुलों के निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।--
- 0- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद स्वीकृति आदेश जारीबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कबीरधाम जिले के इंदौरी नगर पंचायत में तीन कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें इंदौरी में मांगलिक भवन और दुकानों के निर्माण तथा मुक्तिधाम का उन्नयन कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने इंदौरी नगर पंचायत में दुकानों तथा मांगलिक भवन के निर्माण के लिए 45-45 लाख रुपए मंजूर किए हैं। विभाग ने मुक्तिधाम के उन्नयन के लिए दस लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तीनों कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।--
- 0- सही दवा-शुद्ध आहार के तहत स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन के निर्देशबिलासपुर. “सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में 15 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत आज बिलासपुर शहर के विभिन्न पनीर, दही एवं दूध विक्रेता प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया गया।निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तेलीपारा स्थित जैन लस्सी से लस्सी का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया। साथ ही अन्य विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।अधिकारियों ने विक्रेताओं को दुकान एवं खाद्य सामग्री की साफ-सफाई बनाए रखने, हैंड ग्लव्स एवं हेड कवर पहनने, खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री विक्रय करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। टीम ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा।--
- 0- सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के अंतर्गत अभियानदुर्ग. राज्य शासन द्वारा 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक सही दवा-शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार थीम के अंतर्गत 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किये जाने हेतु प्रत्येक जिले में कार्यरत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।औषधि शाखा द्वारा जांच अभियान के आज तीसरे दिवस में संचालित मेसर्स विशी मेडिकोज एण्ड कॉसमेटिक्स महाराजा चौक, मेसर्स मेडप्लस फार्मेसी, महाराजा चौक, मेसर्स सिटी मेडिकोज, सुपेला, भिलाई, मेसर्स मेडप्लस फार्मेसी, सुपेला, भिलाई, मेसर्स अल्का मेडिकल हॉल, सिरसा रोड, सुपेला भिलाई का निरीक्षण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 नियमावली 1945 के तहत् किया गया एवं सभी फर्मों के क्रय-विक्रय रिकार्ड की जांच की गई एवं सख्त निर्देश दिये गए कि उनके द्वारा कास्मेटिक सामान का क्रय अधिकृत विक्रेताओं/एजेंसी से बिल के माध्यम से किया जाए, साथ ही मेसर्स अपोलो फार्मेसी बोरसी एवं मेसर्स विवेकानंद फार्मेसी, पदमनाभपुर में फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाए गए, जिस पर नियमानुसार, अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। कुल 07 मेडिकल फर्मों का निरीक्षण किया गया। भविष्य में भी इस तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।इसी प्रकार खाद्य शाखा द्वारा जांच अभियान में विभिन्न क्षेत्रों में संचालित डेयरी प्रोडक्ट्स दुध, दही, पनीर, लस्सी, छाछ आदि विक्रेता फर्मों की जांच / निरीक्षण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत् किया जा रहा है, जिसमें संचालकों को उचित साफ-सफाई के साथ व्यवसाय संचालित किये जाने का निर्देश दिया गया। रिसाली क्षेत्र में संचालित सीवान दुध डेयरी, संगम डेयरी, शुभम डेयरी, आनंद डेयरी एवं गोकुल डेयरी, धनोरा, आदि फर्मों का निरीक्षण किया गया। नियमों का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जिले की ऐसी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को ’बाल विवाह मुक्त’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जहाँ पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के कुल 300 ग्राम पंचायतों में से केवल 3 पंचायतों (दुर्ग विकासखण्ड की खोपली व डूमरडीह और धमधा विकासखण्ड की नंदनी खुदिनी) को छोड़कर शेष 297 ग्राम पंचायतों ने बाल विवाह मुक्त होने संबंधी दस्तावेज़ प्रस्तुत किए हैं। इसी प्रकार, जिले के 11 नगरीय निकायों में से भिलाई नगर निगम को छोड़कर शेष 10 नगरीय निकायों में भी पिछले दो वर्षों से बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। इन सभी निकायों और पंचायतों को आधिकारिक तौर पर बाल विवाह मुक्त घोषित कर प्रमाण पत्र जारी किया जाना प्रस्तावित है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सूचित किया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्थान को इस घोषणा के संबंध में कोई आपत्ति हो या किसी बाल विवाह के प्रकरण की जानकारी हो, तो वे विज्ञप्ति प्रकाशित होने के 07 दिनों के भीतर अपने लिखित प्रमाणों के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पांच बिल्डिंग परिसर, दुर्ग में कार्यालयीन समय (पूर्वान्ह 10.00 से शाम 5.30 बजे तक) में अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- दुर्ग. पशु चिकित्सा सेवायें, शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र अंजोरा, जिला दुर्ग द्वारा केन्द्रीय वीर्य संग्रहालय के संचालन हेतु संग्रहालय में हिमीकृत वीर्य मात्राओं के उत्पादन के लिए आवश्यक ’टीबीएस फ्रेंच मिनि (0.25 एमएल) स्ट्रॉज’ के क्रय की प्रक्रिया शुरू की गई है। शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र अंजोरा के उप संचालक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सामग्री के क्रय हेतु मेसर्स आई.एम.वी. इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम (हरियाणा) द्वारा प्रोपायटरी सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया गया है, जो कि उक्त सामग्री की प्रोपायटरी फर्म है।विभाग द्वारा इस संबंध में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। क्रय प्रक्रिया के संबंध में यदि किसी व्यक्ति या संस्था को कोई दावा अथवा आपत्ति हो, तो वे इस सूचना के प्रकाशन के 30 दिवस की समयावधि के भीतर अपनी दावा आपत्ति उप-संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें, शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, अंजोरा, जिला दुर्ग (छ.ग.) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि की समाप्ति के पश्चात प्राप्त होने वाली किसी भी प्रकार की दावा-आपत्ति मान्य नहीं की जाएगी।



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