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- - अब तक 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने दिया डिजिटल फीडबैकरायपुर, । स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत प्रदेशभर में उपभोक्ताओं की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिल रही है। सप्ताहभर में ही 50 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने मोर बिजली ऐप के माध्यम से अपना फीडबैक दर्ज कराया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की सुविधाओं को समझ रहे हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहे हैं।इस अभियान में बस्तर से लेकर सरगुजा तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई है। ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटकों, सोशल मीडिया संवाद और डिजिटल माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उपभोक्ताओं की बढ़ती सहभागिता स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली के प्रति विश्वास और तकनीक आधारित पारदर्शी विद्युत सेवाओं की स्वीकार्यता को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अतिरिक्त महाप्रबंधक श्री उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मोर बिजली एप के माध्यम से फीडबैक दर्ज कर रहे हैं। रायपुर शहर से सर्वाधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं। भिलाई सिटी वेस्ट संभाग से सबसे अधिक दो हजार फीडबैक मिले हैं। जोन में बिलासपुर के बसंत विहार तथा सकरी वितरण केंद्र से सबसे अधिक फीडबैक दर्ज किए गए हैं। यह पखवाड़ा 23 फरवरी तक चलेगा।श्री मिश्रा ने बताया कि स्मार्ट मीटर से विद्युत आपूर्ति की निगरानी एवं प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं को रियल टाइम विद्युत उपभोग की जानकारी, सटीक एवं पारदर्शी बिलिंग, ओवरलोड की त्वरित पहचान तथा ऊर्जा संरक्षण की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो रही है।स्मार्ट मीटर पखवाड़ा के तहत उपभोक्ताओं के फीडबैक भी लिये जा रहे हैं, जिसमें काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आईं हैं। डीडीनगर रायपुर की उपभोक्ता श्रीमती सुधा उपाध्याय ने फीडबैक फार्म में बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद हमारे मोबाइल में मोर बिजली एप के जरिए हर आधे घंटे के अंतराल में हो रही खपत को देख सकते हैं। इससे मुझे अपने घर में यह पता लगा कि किस समय खपत अधिक हो रही है और उसके आधार पर अनावश्यक चल रहे बिजली उपकरणों को बंद करके बिजली बिल घटाया जा सकता है।श्यामनगर के सोनू चंद्राकर का कहना है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह निःशुल्क लगाया गया है, इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होता। बंजारी नगर के श्री गुरुचरण साहू ने बताया कि इसे लगाने से समय पर रीडिंग का पता लग जाता है। समय पर बिजली बिल मिल जाता है। इसे लगाने में फायदा है।जशपुर के बाघऱकोना गांव के रोमानुस एक्का ने अपने फीडबैक में बताया कि इससे प्रतिदिन की बिजली खपत की जानकारी मिल जा रही है, जिससे बिजली की बचत करने का मौका मेरे हाथ में आ गया है। जशपुर के विकास गुप्ता बताते हैं कि उन्हें स्मार्ट मीटर अच्छा लगा। इसे लगाने में कोई परेशानी नहीं है। रीडिंग के लिए मीटर रीडर के समय पर नहीं आने की समस्या नहीं रहेगी
- -धर्मांतरण की साजिश कर्ताओं के मुंह पर करारा तमाचा है सुप्रीम कोर्ट का आदेश - विकास मरकामरायपुर। आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के चेयरमेन विकास मरकाम ने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 28 अक्टूबर 2025 के निर्णय को बरकरार रखने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे बस्तर से लेकर सरगुजा तक के करोड़ों आदिवासियों की सांस्कृतिक पहचान, परंपरा और स्वाभिमान की महाविजय बताया है।विकास मरकाम ने जारी बयान में कहा कि माननीय न्यायालय के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि पेसा (PESA) कानून के तहत हमारी ग्राम सभाएं केवल नाम की नहीं, बल्कि 'स्वशासन' की असली शक्ति रखती हैं। ग्राम सभाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और रीति-रिवाजों की रक्षा करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है।धर्मांतरण की साजिश कर्ताओं पर करारा प्रहार करते हुए मरकाम ने कहा कि "लंबे समय से बाहरी तत्वों और मिशनरी ताकतों द्वारा हमारे भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों का धर्मांतरण कराकर हमारी मूल संस्कृति को नष्ट करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा था। जब ग्राम सभाओं ने अपनी परंपरा बचाने के लिए सूचना बोर्ड लगाए, तो कुछ लोगों ने इसे असंवैधानिक बताने की कोशिश की। लेकिन आज सत्य की जीत हुई है। न्यायालय ने माना है कि अपनी संस्कृति को बचाने के लिए उठाए गए एहतियाती कदम पूरी तरह वैध हैं।"भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मरकाम ने कहा कि प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार और देश की मोदी सरकार आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनकी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने न्यायालय में आदिवासियों के पक्ष को जिस मजबूती से रखा, यह उसी का परिणाम है। मरकाम ने अंत में कहा, "यह निर्णय उन ताकतों के मुंह पर तमाचा है जो आदिवासियों को उनकी जड़ों से काटकर समाज को बांटना चाहते थे। अब छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज अपनी ग्राम सभाओं के माध्यम से अपनी परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन और भी गर्व के साथ करेगा।"
- - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में इंग्लिश टीचर सुनिधि रोकडे ने बच्चों को दिए टिप्सरायपुर। अंग्रेजी विषय की मार्गदर्शन कार्यशाला में शिक्षिका सुनिधि रोकड़े ने बच्चों से कहा कि ग्रामर में टेंस, एक्टिव-पैसिव वॉइस, डायरेक्ट- इनडायरेक्ट स्पीच और आर्टिकल का नियमित अभ्यास करें और अपनी वोकैब्यलेरी का विस्तार करें। ऐसा करना अंग्रेजी में अच्छे नंबर लाने का आधार बनता है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं को बोर्ड परीक्षा 20 और 21 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। ऐसे में संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के विषय विशेषज्ञों की ओर से बच्चों को परीक्षा को लेकर मार्गदर्शन देने की प्रक्रिया जारी है।सुनिधि ने कहा कि अंग्रेजी की तैयारी के लिए पाठों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उन्हें अच्छी तरह समझें। पाठ में आए कठिन शब्दों को चुनकर अलग से लिखें। उन शब्दों को बार-बार लिखकर अभ्यास करें। लंबे उत्तरों को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि लिख- लिखकर याद करें। कठिन और लंबे शब्दों की वर्तनी (स्पेलिंग) को रेखांकित करें और उनका विशेष अभ्यास करें।सुनिधि ने कहा कि लेखन खंड की तैयारी के लिए विभिन्न प्रारूपों जैसे पत्र, सूचना, अनुच्छेद, लेख आदि को अच्छी तरह सीखें और अलग-अलग विषयों पर उनका अभ्यास करें। व्याकरण की तैयारी करते समय नियमों की एक सारणी या चार्ट अपनी कॉपी में बनाएं और उसे प्रतिदिन पढ़ें। प्रतिदिन 15–20 मिनट व्याकरण के लिए अवश्य दें।सुनिधि ने बताया कि पत्र, रिपोर्ट, आर्टिकल और निबंध के सही फॉर्मेट का अभ्यास करें। अच्छे नंबर पाने के लिए फॉर्मेट का सही होना बहुत जरूरी है। पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों और सैंपल पेपर को तीन घंटे की समय सीमा में हल करें।
- -एएसपी यातायात ने व्यापारियों की बैठक बुलाकर अतिक्रमण हटाने कानून व्यवस्था बनाये रखने प्रशासन को आवश्यक सहयोग देने की अपील कीरायपुर - आज रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला एवं रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार एएसपी यातायात श्री विवेक शुक्ला ने नगर निगम रायपुर जोन 5 अंतर्गत सुन्दर नगर और रायपुरा मुख्य मार्ग के व्यापारियों के साथ नगर निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग एवं यातायात पुलिस प्रशासन के अधिकारियों सहित मिलकर बैठक की एवं व्यापारियो से आम नागरिको को हो रही असुविधा की जानकारी देकर विस्तार से अवगत कराया। बैठक में जनहित मे जनसुविधा हेतु मार्ग से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने आवश्यक सहयोग नगरहित में देने की अपील व्यापारियो से अधिकारियों द्वारा की गई। अधिकारियों ने व्यापारियो को नगर निगम क्षेत्र में नियमो के अंतर्गत स्वेच्छा से सडक मार्ग से अपने अतिक्रमण हटाने की समझाईश दी अन्यथा की स्थिति में नागरिको को असुविधा होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने की जानकारी व्यापारियों को दी गई ।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे और सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने लोगों की समस्याओं को सुना। लोगों ने कलेक्टर से मिलकर व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए।जनदर्शन में आज बोदरी तहसील के ग्राम बोडसरा के छात्र दीपेश कुमार ने राजस्व रिकॉर्ड में हुई त्रुटि को लेकर कलेक्टर से सुधार की मांग की है। आवेदक का कहना है कि पुराने मिसल रिकॉर्ड में नाम की गलती के कारण उसका जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। त्रुटि के कारण राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उसे शैक्षणिक और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने मामले को एसडीओ बिल्हा को सौंपा। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शासकीय तालाब के आने जाने के निस्तारी रास्ते पर सुखराम यादव द्वारा किये गये अवैध निर्माण कार्य को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम तेंदुवा के सुखराम यादव द्वारा निस्तारी रास्ते पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया है। जिससे ग्रामीणों को तालाब आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीएम को उक्त प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है। नहरपारा लिटिया के कैलाश प्रसाद साहू ने कलेक्टर से मुलाकात कर किसान सम्मान निधि की राशि प्रदान करने गुहार लगाई। मामले को उप संचालक कृषि देखेंगे।शहर के वार्ड क्रमांक 36 बसंत भाई पटेल नगर के वासियों ने वार्ड में सीसी रोड, नाली, बिजली पोल एवं पानी पाईप लाईन लगाने की मांग की है। वार्ड वासियों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कच्चे सड़क की वजह से पानी भराव एवं गदंगी की स्थिति निर्मित हो जाती है। जिससे स्कूली बच्चों सहित आमजनों को भी काफी परेशानियां होती है। कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम को इस पर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। सकरी तहसील के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कोपरा में तालाब निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र में तालाब निर्माण के लिए खसरा नंबर 81 और 82 की जमीन ग्राम सभा से स्वीकृत है। कुछ लोगों ने इस प्रस्तावित जमीन पर खेत बनाना शुरू कर दिया है और ट्रैक्टर से लगातार जुताई का काम जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरपंच द्वारा इस कार्य को रुकवाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से उसी जमीन पर खेती शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित लोगों द्वारा किए जा रहे कब्जे और खेती के कार्य को तुरंत रोका जाए तथा प्रस्तावित तालाब की जमीन को सुरक्षित रखा जाए। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।जनदर्शन में राजस्व अभिलेखों में नाम सुधार, पुराने मिसल अभिलेख में त्रुटि संशोधन तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। कुछ आवेदकों ने आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने, किसान सम्मान निधि नहीं मिलने तथा बैंक एवं वित्तीय संस्था से संबंधित बकाया भुगतान की समस्याएं भी रखीं। इसके अलावा दुकान का जप्त सामान या राशि वापस दिलाने एवं आवास ऋण से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुई। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया।
- -वैचारिक अधिष्ठान के लिए प्रशिक्षण जरूरी : पटेलरायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मंगलवार को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ प्रांतीय कार्यशाला आहूत की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ के पश्चिम-मध्य क्षेत्रीय संयोजक के. सी. पटेल ने कहा कि भाजपा केवल एक चुनावी मशीन नहीं, बल्कि एक विचारधारा आधारित संगठन है। इस प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाना और उन्हें सरकार की जनहितकारी योजनाओं का सजग प्रहरी बनाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के कौशल विकास और वैचारिक प्रबोधन के लिए इस महाभियान की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि आगामी 7 मार्च से 14 अप्रैल तक देश के सभी ग्रामीण और शहरी मंडलों में अभ्यास वर्ग आयोजित किए जाएंगे। यह प्रत्येक वर्ग एक रात और दो दिन (कुल 24 घंटे) का होगा। मंडल स्तर के प्रशिक्षण के समापन के बाद 15 अप्रैल से जिलास्तरीय अभ्यास वर्ग शुरू होंगे। इस बार के प्रशिक्षण मॉड्यूल को बेहद आधुनिक और व्यापक बनाया गया है।प्रशिक्षण से कार्यकर्ता सदैव और प्रखर व प्रवीण होते हैं : किरण देवभारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि भाजपा एक विचार आधारित संगठन है, जहां कार्यकर्ता ही शक्ति का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं को नीति, सिद्धांत, संगठनात्मक संरचना और जनसेवा के संस्कारों से समृद्ध किया जाए, ताकि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से कार्यकर्ता प्रखर एवं प्रवीण होते हैं और भाजपा कार्यकर्ता हमेशा कर्मष्ठ, निष्ठावान एवं परिश्रमी होते है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष रूप से 7 प्रमुख विषयों का चयन किया गया है, जिनमें वैचारिक अधिष्ठान के तहत भाजपा से हमारा जुड़ाव और हमारी विचारधारा, जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक के गौरवशाली सफर पर चर्चा, भाजपा कार्यकर्ता की आदर्श कार्य-पद्धति, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की रणनीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सोशल मीडिया और आईटी का प्रभावी उपयोग और कार्यकर्ताओं की प्रतिभा और रुचि को निखारने के लिए रात्रिकालीन सांस्कृतिक सत्र। जिलास्तरीय वर्गों में 11 अलग-अलग विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।प्रशिक्षण हमारा आधारभूत कार्यक्रम : जम्वालभाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ की प्रांतीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से कार्यकर्ता प्रखर होते है। विषय के अच्छे जानकार बनते है। भाजपा में प्रशिक्षिति कार्यकर्ता संगठन एवं सरकार के कार्यों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते है। उन्होंने संवाद करते हुए सभी पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ाया और संगठनात्मक अनुशासन व समर्पण को सर्वाेपरि रखने का संदेश दिया।पंच परिवर्तन समाजिक जीवन का दर्शन : सायप्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि यह प्रशिक्षण महा अभियान मंडल स्तर तक आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य वैचारिक रूप से दृढ़, संगठनात्मक रूप से सक्षम और समाज सेवा के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है। भारतीय जनता पार्टी का यह संकल्प है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जाए। यह प्रशिक्षण वर्ग केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भाजपा की उस सांगठनिक शक्ति को और अधिक धार देने का माध्यम है, जो तकनीक और विचार के संगम से विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेगी।इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, सहित प्रशिक्षण टोली के प्रदेश संयोजक डॉ. अवधेश जैन, अभियान टोली के सदस्य एवं प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन, श्रीमती शताब्दी पांडेय सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में प्रदेश सरकार के मंत्री लगतार कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों से मुलाकात उनके आवेदनों का निराकरण कर रहे हैं। सहयोग केन्द्र में आवेदनों निराकरण से कार्यकर्ताओं एवं आमजनों में भारी उत्साह है। आगामी 18 फरवरी को प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा सहयोग केंद्र में उपस्थित रहेंगे। उनके साथ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश लाटिया उपस्थित रहेंगे। इसके अगले दिन 19 फरवरी को प्रदेश की महिला व बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहयोग केंद्र में समस्याएँ सुनकर समाधान करेंगीं। उनके साथ प्रदेश भाजपा मंत्री हर्षिता पाण्डेय उपस्थित रहेंगीं।
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*- बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की हो कारगर पहल*
*- संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक संपन्न*दुर्ग/ संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए गन्ने एवं मिलेट्स फसलों की पैदावारी हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले में गन्ने की फसल पर जोर दिया जाए, वहीं संभाग अंतर्गत पाहड़ी क्षेत्रों के जिलों में मिलेट्स फसलों की पैदावारी पर जोर दिया जाए। उन्होंने संयुक्त संचालक कृषि को गन्ने की पैदावारी के लिए शासन स्तर पर कृषकों को अनुदान राशि हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। श्री राठौर ने संभाग अंतर्गत जिलों में रबी धान की फसल के बदले दहलन-तिलहन फसलों की क्षेत्राच्छादन में बढ़ोतरी करने निर्देशित किया। खाद के भंडारण के साथ ही अग्रिम उठाव हेतु अभियान प्रारंभ किया जाए। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक में उक्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने बेहतर प्रबंध किया जाए। जिलों में उड़नदस्ता टीम गठित कर, टीम द्वारा नकल के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। बोर्ड परीक्षा का संचालन बेहतर ढंग से हो। केन्द्राध्यक्षों को परीक्षा के संबंध में आवश्यक सावधानियां बरतने के कड़े निर्देश दिये जाए।संभाग आयुक्त श्री राठौर ने सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य संचालित करने पर जोर देते हुए अवगत कराया कि आगामी 24 फरवरी को ई-ऑफिस पर विशेष प्रशिक्षण बीआईटी दुर्ग में आयोजित की जा रही है। उक्त प्रशिक्षण में अधिकारी सम्मिलित होना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशानुसार प्रदेश की सभी पंचायतों को एक प्राथमिक सहकरी समिति को जोड़ना है। दुर्ग संभाग में अब तक 1330 पंचायतों को समितियों द्वारा कवर्ड किया गया है। उन्होंने संयुक्त आयुक्त सहकारी समितियां को अनकवर्ड ग्राम पंचायतों में भी पैक्स, दुग्ध, मत्स्य एवं वनोपज समितियों से जोड़ने हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। इस दौरान संभाग आयुक्त श्री राठौर ने विभागवार समय-सीमा प्रकरणों की भी समीक्षा की। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुमलाल यादव, उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर सहित समस्त विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - -सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा: वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति, 543 विकास कार्यों को मंजूरीरायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है।बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान प्रदर्शनी में दिखा माटी से जुड़ावरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का एक आत्मीय और सहज रूप उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़कर पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान और जुड़ाव का सशक्त संदेश दिया।अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ परिसर में स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड निवासी शिल्पकार श्री देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय उनके स्टॉल पर पहुंचे और कुछ देर तक उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। शिल्पकार की सहमति से उन्होंने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देखकर स्वयं शिल्पकार भी आश्चर्यचकित रह गए, वहीं उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस क्षण का स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक शिल्प, कारीगरों और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय कला और हुनर को नई पहचान और बाजार मिल सके।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर श्री चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही जिंदगी : मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कोरिया प्रवास के दौरान कोरिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में 105 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब इन परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलने के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल ईंधन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरणइस अवसर पर स्व-रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 6 आजीविका दीदियों को पिंक ई-रिक्शा (ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस) प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 स्वच्छता दीदियों को गार्बेज रिक्शा भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, और इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
- -मुख्यमंत्री ने झुमका जलाशय में बोटिंग और वाटर स्पोर्ट सुविधाओं का किया अवलोकन, ओपन थिएटर का किया लोकार्पणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -4 हजार से अधिक व्यक्तियों को मिला पुनर्वास लाभरायपुर ।प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं।ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं। उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
- -विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि की गई वितरितरायपुर ।श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा की अध्यक्षता में ऑडिटोरियम जांजगीर में आज श्रमिक जन संवाद/श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियो को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 1 करोड़ 37 लाख 2 हजार 294 रुपये की राशि वितरित की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि श्रमिकों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रमों से श्रमिकों में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक पात्र हितग्राही योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रमिकों को योजनाओं से सीधे जोडने और संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री चुन्नीलाल साहू, श्री नंदकुमार चौधरी, श्री विकास शर्मा, श्री पंकज अग्रवाल, श्री अनिल शर्मा, श्री हितेश यादव, श्री पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती इंद्रावती जांगड़े, श्री संजय शर्मा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और श्रमिक उपस्थित थे।
- -एक माह में 1628.60 लाख रुपये अंतरितरायपुर। सरगुजा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले में स्वीकृत कुल 1,02,210 आवासों में से 80,296 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जो 50 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि को दर्शाता है। इस माह 1,781 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। निर्माण कार्यों को गति देने के लिए हितग्राहियों को किश्तों की राशि आधार आधारित डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में समय-सीमा के भीतर अंतरित की जा रही है।वित्तीय वर्ष 2024-26 में स्वीकृत 36,306 आवासों में से 18,782 आवास पूर्ण हो चुके हैं। योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को 1.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृति, प्लिंथ एवं पूर्णता चरण में जियो-टैग आधारित सत्यापन के पश्चात प्रदान की जाती है। अब तक 35,125 हितग्राहियों को प्रथम किश्त (40,000 रुपये), 23,419 को द्वितीय किश्त (55,000 रुपये) तथा 10,367 हितग्राहियों को तृतीय किश्त (25,000 रुपये) जारी की जा चुकी है।विगत एक माह में 1,634 आवास पूर्ण करते हुए 1,349.05 लाख रुपये की राशि जारी की गई। साथ ही कुल मिलाकर 1,628.60 लाख रुपये हितग्राहियों के खातों में अंतरित किए गए। इसके अतिरिक्त मनरेगा के अंतर्गत 90 मानव-दिवस का मजदूरी भुगतान तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण उपरांत 12,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जा रही है।पीएम जनमन योजना के तहत जिले में 2,565 पहाड़ी कोरवा हितग्राहियों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 1,385 आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रति हितग्राही 2.00 लाख रुपये की सहायता राशि चार चरणों में जारी की जाती है। विगत एक माह में 73 जनमन आवास पूर्ण हुए तथा 217 लाख रुपये की राशि जारी की गई।मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में 1,024 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 214 आवास पूर्ण हो चुके हैं। पिछले एक माह में 74 आवास पूर्ण करते हुए 62.55 लाख रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई है।आवास निर्माण में प्रगति सुनिश्चित करने के लिए 45 आवास मित्रों एवं 218 रोजगार सहायकों को कुल 61.97 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। वर्तमान में जिले में किसी भी हितग्राही की किश्त भुगतान हेतु लंबित नहीं है, जो प्रशासन की पारदर्शी एवं सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाता है। आवास निर्माण से संबंधित किसी भी समस्या या सुझाव के लिए हितग्राही राज्य शासन द्वारा जारी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -सालाना लगभग 2.50 लाख रुपए की हो रही आमदनी, गांव की महिलाओं के लिए बनी प्रेरणास्रोतरायपुर। अपने दुकान में सौंदर्य प्रसाधन से लेकर घरेलू सामान का विक्रय करती प्रीति गुप्ता महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। उनके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास झलकता है। वह उत्साह से बताती है कि मुद्रा लोन की मदद से वह अपना व्यापार खड़ा कर पाई है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति ने बताया कि उन्हें 01 लाख रुपए मुद्रा लोन के रूप में मिला था। आज वह अपने व्यापार से सालाना लगभग 2.50 लाख रुपए तक कमाई कर पाती है।जशपुर जिला के विकासखंड बगीचा के ग्राम बुढाडांड की रहने वाली प्रीति गुप्ता ने मुद्रा लोन लेकर दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान की शुरुआत की। प्रारंभ में छोटे स्तर पर दुकान संचालित करने वाली प्रीति ने धीरे-धीरे ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए दुकान का विस्तार किया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में गिनी जाती है। सौंदर्य प्रसाधन से लेकर हर जरूरत का सामान उनकी दुकान में उपलब्ध है। मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता एवं मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज वे प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख का शुद्ध लाभ कमा रही हैं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास, परिश्रम और बिहान योजना के सहयोग से लखपति दीदी बनने का सपना साकार किया है। प्रीति गुप्ता, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की वजह से आज मेरे जैसी कितनी महिलाएं आत्मनिर्भर हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि बिहान ने मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। प्रीति गुप्ता आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं, जो अपनी मेहनत और संकल्प से आर्थिक स्वतंत्रता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (मुख्यतः छत्तीसगढ़ में सक्रिय) युवाओं और श्रमिकों को विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की राज्य स्तरीय पहल है। यह योजना 18-50 वर्ष के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों, ग्रामीण युवाओं और दिव्यांगजनों को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सहायता और प्रमाण-पत्र देती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा उन्हें रोजगार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।छत्तीसगढ के राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम टेड़ेसरा निवासी श्री हर्ष साहू ने डोमेस्टिक डाटा एण्ट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्हें निजी संस्था टेक्नोटास्क में रोजगार प्राप्त हुआ। श्री साहू ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी ज्ञान एवं व्यवहारिक दक्षता के कारण उन्हें रोजगार हासिल करने में सफलता मिली। वर्तमान में वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत जिला कौशल विकास प्राधिकरण, राजनांदगांव द्वारा जिले के युवाओं को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में प्रभावी सिद्ध हो रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीकी दक्षता एवं व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त कर युवा निजी संस्थानों में रोजगार अर्जित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।इसी प्रकार ग्राम अंजोरा (ख), जिला दुर्ग निवासी सुश्री आकांक्षा कुशवाहा ने भी डोमेस्टिक डाटा एण्ट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण प्राप्त कर टेक्नोटास्क में रोजगार प्राप्त किया है। वहीं ग्राम थनौद, जिला दुर्ग के श्री आशीष कुमार पटेल ने प्रशिक्षण उपरांत वायडी फूड प्रोडक्ट में रोजगार प्राप्त किया है। वे भी अपने परिवार की आर्थिक उन्नति में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
- -विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वाररायपुर ।कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं।प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।
- -छत्तीसगढ़ योग आयोग एवं श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय शिक्षक एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभरायपुर ।योग भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक परंपरा है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने गहन शोध एवं अनुभव के आधार पर विकसित किया है। जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के स्वाभाविक व्यवहार का अध्ययन कर विभिन्न योग आसनों की रचना की गई, जो आज भी मानव जीवन को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।यह बात छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कही। वे श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी रायपुर में आयोग एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।अध्यक्ष श्री सिन्हा ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नियमित योगाभ्यास अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है, जिसे योग के माध्यम से सहज रूप में प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रसेवा एवं राष्ट्रप्रेम को जीवन का सर्वोच्च आदर्श बताते हुए भावी शिक्षकों से स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, शाल एवं पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात भारतीय परंपरा के अनुरूप मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।उक्त सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र संकाय अंतर्गत संचालित बी.एड. तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत 289 विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी शिक्षकों को योग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें विद्यालय स्तर पर योग शिक्षण हेतु सक्षम बनाना है।इस अवसर पर आर्य समाज बैजनाथपारा रायपुर के प्राचार्य श्री योगीराज साहू, प्रति-कुलाधिपति प्रो. शुभाशीष भट्टाचार्य, कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान, लेखा अधिकारी श्री गौरव देवांगन, परिवीक्षा अधिकारी श्री रविकांत कुंभकार, अधिष्ठाता शिक्षा संकाय प्रो. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति साहू सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1340 घर हुए रोशन, हजारों को मिल रही बिजली बिल में राहतरायपुर। भारत जैसे देश में सूरज की रोशनी बहुत है इसलिए यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश के हर कोने तक सस्ती और साफ़ बिजली पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है । छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों द्वारा वेंडर चयन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना सफलतापूर्वक की जा चुकी है तथा 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि वितरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उपयोग कर सकेंगें और केंद्र एवं राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप स्थापना अब आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बन गई है। अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर पैसा कमाने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन पोर्टल से आसान आवेदन प्रक्रिया आसान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजनांदगांव जिले में केवल इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए तथा 96 इंस्टॉलेशन पूर्ण किए गए। यह आंकड़े जिले में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाते हैं।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत के रूप में मिल रहा है। बड़ी संख्या में परिवारों के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है। कई घरों में बिल शून्य या नकारात्मक तक आ रहे हैं। शासन की इस पहल से जहां परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, वहीं वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा योजना का लाभ पात्र परिवारों तक शीघ्र एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण एवं मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण तथा उपभोक्ताओं को सतत मार्गदर्शन और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं।
- -दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले पहुंचकर योजनाओं का किया निरीक्षण, पशुपालकों से की चर्चा-प्रदेश में पशुधन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन कि सराहना कीरायपुर। भारत सरकार द्वारा नियुक्त केन्द्रीय पर्यवेक्षकों का दल 09 से 14 फरवरी तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहा। इस दौरान वे पशुधन विकास विभाग के केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं की छत्तीसगढ़ प्रगति की जानकारी ली केंद्रीय पर्यवेक्षकों को दल दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया और पशुपालकों से चर्चा की। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के दल ने छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की सराहना की।केंद्रीय दल प्रवास के प्रथम चरण में संचालनालय स्तर पर आयोजित ब्रीफिंग सत्र में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारियों द्वारा योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके पश्चात दल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर प्रशिक्षण गतिविधियों, प्रयोगशालाओं एवं पशु प्रजनन प्रक्षेत्रों का अवलोकन किया। बालोद जिले के गुण्डरदेही एवं डौंडी विकासखंड में बिहान योजना से जुड़ी पशु सखियों से कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई।उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित बकरी पालन इकाइयों, हैचरी यूनिटों तथा दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से संवाद किया गया। दुर्ग स्थित दुग्ध संघ संयंत्र में दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। साथ ही पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी इकाइयों में उपलब्ध दवाइयों व उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रवास के दौरान बालोद जिले में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले में भी दल ने सहभागिता की।राष्ट्रीय गोकुल मिशन अंतर्गत टीम ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग का भ्रमण किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही मैत्री एवं एवीएफओ रिफ्रेशर ट्रेनिंग संस्थान तथा शासकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र स्थित ई.टी.टी.-आई.वी.एफ. प्रयोगशाला का निरीक्षण किया गया। जिला बालोद के विकासखंड गुण्डरदेही एवं डौंडी में बिहान अंतर्गत कार्यरत 35 पशु सखियों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। नेशनल लाइवस्टॉक मिशन अंतर्गत ग्राम भरदा (दुर्ग) में श्री देवनाथ देशमुख, नवागांव (बेमेतरा) में श्रीमती मनीषा राजपूत तथा बालोद जिले के ग्राम गब्दी एवं बरही में संचालित बकरी इकाइयों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली गई। इसके अलावा बेमेतरा जिले के ग्राम खर्रा एवं सुरहोली स्थित स्काईलार्क हैचरी तथा बालोद जिले की एबीस हैचरी यूनिट का भी निरीक्षण किया गया।नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट अंतर्गत टीम ने उरला (दुर्ग) स्थित छत्तीसगढ़ सहकारी दुग्ध महासंघ प्लांट का भ्रमण कर दुग्ध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, घी एवं मक्खन निर्माण इकाई का अवलोकन कर जानकारी ली। बालोद जिले के अर्जुंदा तथा बेमेतरा जिले के सरदा एवं मौली भाठा स्थित दुग्ध संकलन केंद्रों का निरीक्षण कर पशुपालकों से चर्चा की गई।इसी तरह लाइवस्टॉक हेल्थ एवं डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत बेमेतरा जिले में कोल्ड केबिनेट एवं शीत श्रृंखला उपकरणों का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सालयों एवं मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट में उपलब्ध दवाईयों, टीकाकरण सामग्री एवं उपकरणों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। ग्राम बोहारडीह (बेमेतरा) के उन्नत पशुपालक श्री मानसिंह वर्मा के डेयरी फार्म का भी अवलोकन किया गया। दौरे के दौरान जिला बालोद के ग्राम भेंगारी में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेला में केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की टीम शामिल हुई। टीम ने पशुपालकों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ एवं पशुपालन गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
- - 18 फरवरी से चित्रकोट महोत्सव-2026 का होगा भव्य आयोजन-एशिया के नियाग्रा चित्रकोट में बिखरेगी बस्तर की सांस्कृतिक छटारायपुर। विश्व प्रसिद्ध और एशिया के नियाग्रा के नाम से विख्यात चित्रकोट जलप्रपात के तट पर आगामी 18 फरवरी से दो दिवसीय चित्रकोट महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन होने जा रहा है। राज्य शासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से आयोजित इस भव्य महोत्सव का उद्घाटन 18 फरवरी को संध्या 4 बजे चित्रकोट जलप्रपात ग्राउंड में होगा। यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर चमकाने का सुनहरा अवसर साबित होगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन मंत्री श्री केदार कश्यप रहेंगे, जबकि अध्यक्षता बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप करेंगे। अति विशिष्ट अतिथियों में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव और चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल शामिल होंगे। दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल, जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी शिरकत करेंगे। नगर निगम जगदलपुर के महापौर श्री संजय पांडेय, छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेजेस कॉर्पाेरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत बस्तर के उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी, केंद्रीय मर्यादित बैंक बस्तर के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप तथा चित्रकोट के सरपंच श्री भंवर मौर्य भी इस गरिमामयी समारोह में उपस्थित रहेंगे।संस्कृति, कला और खेल का अनोखा संगममहोत्सव बस्तर की लोक संस्कृति को जीवंत रूप से प्रदर्शित करेगा। स्थानीय लोक कलाकारों की मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुतियां, स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसी रोमांचक खेल प्रतियोगिताएं इसकी मुख्य आकर्षण होंगी। चित्रकोट जलप्रपात के मनमोहक परिवेश में आयोजित यह उत्सव पर्यटकों को बस्तर की जनजातीय परंपराओं, नृत्य-गीत और हस्तशिल्प से रूबरू कराएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का पर्यटन मानचित्र और मजबूत बनेगा। आयोजन समिति ने सभी नागरिकों कोे इस सांस्कृतिक उत्सव में सादर आमंत्रित किया है।
- -मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजनारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों के बेहतरी के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इसी क्रम में श्रम विभाग के अधीन संचालित छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत “मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना“ तहत पंजीकृत श्रमिक के मृत्यु उपरांत उनके वैध उत्तराधिकारी, नामिनी को योजनांतर्गत देय हितलाभ एक लाख रुपये का लाभ दिया जा रहा है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में विभाग द्वारा एक सतत अभियान चलाकर इस योजना के अंतर्गत पीड़ित परिवारों के घर पहुच जाँच कर उनको लाभ दिलाया जा रहा है। निर्माण श्रमिक, असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार को दुःख की घड़ी में आर्थिक सहायता प्रदान करना इस योजना का उद्देश्य है।अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम सोनसायटोला के पंजीकृत श्रमिक स्व. श्री शम्भू राम के मृत्यु उपरांत यह राशि उनके उत्तराधिकारी फिरंतिन बाई को उनके खाते में हस्तांतरित की गयी। योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर 1 लाख रूपए, कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख रूपए कार्यस्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यंगता होने पर 2 लाख 50 हजार रूपए एवं अपंजीकृत निर्माण श्रमिक की कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 1 लाख रूपए की अनुदान राशि प्रदान किया जाता है। योजना अंतर्गत निर्माण श्रमिक का हिताधिकारी के रूप में भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार न्यूनतम 90 दिवस पूर्व का पंजीयन होना अनिवार्य है। आवेदन के स्वीकृति उपरांत योजना की राशि डी.बी.टी के माध्यम से नामिनी, वैध उत्तराधिकारी के खाते में स्थानांतरित की जाती है। इस योजना का लाभ लेने हेतु योजना के तहत् ऑनलाईन आवेदन करते समय पंजीयन प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी, आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक, पंजीकृत श्रमिक एवं नामिनी का आधार कार्ड एवं पूर्ण स्थायी पता के संबंध में प्रमाण पत्र, मोबाईल नंबर, मृत्यु प्रमाण पत्र तथा स्थायी दिव्यांगता होने पर डॉक्टर द्वारा जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र इत्यादि मंडल द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशानुसार अपलोड करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने पंचायत स्तर पर पंजीयन एवं नवीनीकरण का कार्य सतत् रूप से शिविरों के माध्यम से किया जा रहा है, इसका उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
- -गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन में आई तेजी,पदस्थापना से अब तक 16 सफल ऑपरेशनरायपुर। जिला अस्पताल बलौदा बाज़ार में नए जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ क़ादिर बेग की पदस्थापना से अस्पताल की क्षमताओं में इज़ाफ़ा हुआ है । अस्पताल में अब हर्निया, हाइड्रोसिल,बवासीर,फिमोसिस,सेलुलाइटिसब्रेस्ट एबिस,फाइब्रोडेमा,लिम्फोमा,सिबेशियस सिस्ट जैसी गंभीर बीमारियों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है ।जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के अनुसार उक्त ऑपरेशन निःशुल्क किये जा रहे हैं साथ ही आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान कार्ड का भी उपयोग किया जाता है । भर्ती मरीज को भोजन नाश्ता भी दिया जाता है। सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि,उक्त ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थित अनुसार कुछ दिन भर्ती किया जाता है बाद में छुट्टी हो जाती है। सर्जन की पदस्थापना से अब तक 16 ऐसे ऑपरेशन किये जा चुके हैं। सेलुलाइटिस का उपचार करा चुके भाटापारा निवासी 45 वर्षीय अनिता के परिजनों ने बताया कि,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल रिफर किया गया था।उसके बाद वहां ऑपरेशन किया गया।इसमें आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला। एक हफ्ते भर्ती रहे उसके बाद छुट्टी हो गई। अभी स्थिति ठीक हैं ।
- -शिक्षा नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नई दिशा-सचिव डॉ. भारती दासन-शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ—उच्च शिक्षा, कौशल और रोजगार को जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा तयरायपुर । छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य पर केंद्रित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आज रायपुर के कोर्टयार्ड मैरियट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने किया। इस आयोजन का संचालन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा रहा।‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। मंत्री ने संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप ढालने पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम माध्यम बताया गया।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों, संस्थागत सशक्तीकरण और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।इस अवसर पर एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास का समेकित मॉडल विकसित हो सके।‘कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और ‘स्वयं प्लस – आईआईटी मद्रास’ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र तथा क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को उन्नत कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (LUC) के साथ भी एमओयू किया। इस सहयोग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी, छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध पहल और वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देना है।शिक्षा संवाद 2026 में दिनभर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।








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