- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर/खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन बेमेतरा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देवकर तहसील के ग्राम गाड़ाडीह में अवैध रूप से भंडारित 585 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम सील कर दिया। जब्त उर्वरकों में बायो पोटाश और बायो ऑर्गेनिक फास्फेट शामिल हैं।कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने छापेमारी के दौरान करीब 29.25 मीट्रिक टन उर्वरक का अवैध भंडारण पकड़ा। अधिकारियों ने बताया कि उर्वरकों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अमानक उर्वरकों के कारोबार पर सख्त नजर रखी जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि दोषियों के विरूद्ध तत्परता से कार्यवाही की जा सके। जिला प्रशासन ने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही है।
- खरीफ सीजन 2026रायपुर/खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर कृषि विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संयुक्त संचालक कृषि ने बेमेतरा जिले के कृषि अधिकारियों की बैठक लेकर बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता सहित विभिन्न तैयारियों की समीक्षा की।संयुक्त संचालक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने खरीफ फसलों के रकबा विस्तार, उन्नत कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों के किसानों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने, मौसम आधारित कृषि सलाह उपलब्ध कराने और कृषि संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे और आधुनिक खेती पद्धतियों के प्रति किसानों को लगातार जागरूक किया जाए।बैठक में खरीफ सीजन के लिए बीज एवं उर्वरक भंडारण, उपलब्ध संसाधनों और किसानों के हित में किए जाने वाले कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जिले में खरीफ सीजन के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
- -20.93 करोड़ की लागत से बनने वाली टंकी से 2500 घरों को मिलेगा पानी-चार वार्डों में 2 किमी राइजिंग मेन पाइपलाइन और 25 किमी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन भी बिछाई जाएगीरायपुर. ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के खम्हारडीह में बहुप्रतीक्षित 2500 किलोलीटर क्षमता के पानी टंकी के निर्माण का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना से करीब 20 करोड़ 93 लाख रुपए की लागत से बनने वाली इस पानी टंकी से शहर के 2500 घरों को पानी मिलेगा। इसके लिए चार वार्डों, वार्ड क्रमाकं-9, 10, 30 और 31 में 25 किमी डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन और 2 किमी राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसके निर्माण से इन चारों वार्डों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। विधायकगण श्री सुनील सोनी और श्री पुरंदर मिश्रा तथा महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का प्राथमिक दायित्व है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महापौर श्रीमती मीनल चौबे के नेतृत्व में रायपुर के सभी क्षेत्रों का तेजी से विकास किया जा रहा है। रायपुर को राजधानी के अनुरूप सजाया और संवारा जा रहा है। रायपुर के चारों विधायक और महापौर शहर के विकास और जनसुविधाएं बढ़ाने लगातार सक्रियता से विकास एवं निर्माण कार्य स्वीकृत करवा रहे हैं।विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने खम्हारडीह में नई पानी टंकी के निर्माण का अपना वादा आज पूर्ण कर दिया है। पूर्ववर्ती सरकार ने जितना काम 5 वर्षों में नहीं किया, श्री विष्णु देव साय की सरकार ने उससे कहीं अधिक कार्य अपने ढाई साल के कार्यकाल में कर दिखाया है। वहीं महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि आज का दिन खम्हारडीह में जल समस्या के स्थायी निदान के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इसके लिए केवल राशि ही नहीं दी है, बल्कि उन्होंने यहां के लोगों को जलापूर्ति का साधन दे दिया है। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर नगर निगम में जल कार्य विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष सीमा साहू, जोन-3 अध्यक्ष श्रीमती साधना प्रमोद साहू, एमआईसी सदस्यगण श्री महेन्द्र खोडियार, श्रीमती संजना संतोष हियाल, श्री अवतार भारती बागल, श्री अमर गिदवानी, जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल और श्री रमेश सिंह ठाकुर सहित अनेक पार्षदगण भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचनरायपुर /नक्सलवाद का दंश झेलते-झेलते बस्तर चार दशकों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब नक्सलवाद की समाप्ति के साथ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया था। अब परिस्थितियां बदल रही हैं और एक नए, विकसित तथा समृद्ध बस्तर के निर्माण का अवसर प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे आमजन को मूलभूत सुविधाओं सहित सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पूर्व ही यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। उनके नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया गया।उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व समाज में विश्वास और उत्साह का संचार करता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में माओवाद के विरुद्ध सामूहिक संकल्प विकसित हुआ। सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा, आम जनता खुलकर माओवाद के विरोध में सामने आई और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। इस संघर्ष में लेखकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह बस्तर आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री राजीव रंजन प्रसाद और सुश्री रचना नायडू ने यह पुस्तक ऐसे समय में लिखी है, जब माओवाद की समाप्ति हो चुकी है। इस दृष्टि से यह पुस्तक और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। समय के साथ स्मृतियां धुंधली हो जाती हैं और घाव भरने लगते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि माओवाद के कठिन दौर और उससे मुक्ति के संघर्ष को दस्तावेज़ी रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख सकें।उन्होंने कहा कि जब भावी पीढ़ियां इस विषय पर लिखी पुस्तकों को पढ़ेंगी, तब उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि माओवाद से मुक्ति के लिए समाज और सुरक्षा बलों ने कितना कठिन संघर्ष किया तथा कितने जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह पुस्तक उन्हें यह भी बताएगी कि हिंसा किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती और लोगों का विश्वास केवल संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही जीता जा सकता है।मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि लेखकों ने अत्यंत गंभीर और व्यापक शोध किया है। उन्होंने बस्तर समाज के विभिन्न वर्गों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सलवाद को निकट से देखने और झेलने वाले लोगों से संवाद कर महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन किया है। पुस्तक यह उजागर करती है कि किस प्रकार माओवादी नेतृत्व ने अपने कैडर का विस्तार किया और अनेक परिवारों पर संगठन में सदस्य भेजने का दबाव बनाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखकों ने अपने शोध में जिन पूर्व नक्सलियों से बातचीत की, उनमें लगभग 80 प्रतिशत लोग अशिक्षित या केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षित पाए गए। जिस आयु में उनके हाथों में कलम होनी चाहिए थी, उस आयु में उन्हें हथियार थमा दिए गए। माओवाद ने एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित रखा, उन्हें परिवार और समाज से दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि श्री राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर पर पहले भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें माओवाद का वास्तविक चेहरा उजागर करने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का भी प्रभावी चित्रण किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब बस्तर के नवनिर्माण का समय है। राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए शासकीय योजनाओं का लाभ सैचुरेशन मोड में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप स्थापित थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो शासकीय सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे।उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता के माध्यम से बस्तर को अग्रणी संभाग बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजातीय परिवारों को गाय अथवा भैंस उपलब्ध कराकर कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए बस्तर में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से यहां की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद और सुश्री रचना नायडू को इस महत्वपूर्ण कृति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक को बताया वर्षों की मेहनत का परिणामविधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक वर्षों की मेहनत और गहन अध्ययन का परिणाम है। यह पुस्तक किसी वातानुकूलित कक्ष में बैठकर नहीं लिखी गई, बल्कि बस्तर के दूरस्थ जंगलों तक पहुंचकर, आत्मसमर्पित नक्सलियों से संवाद कर और जमीनी वास्तविकताओं को समझकर तैयार की गई है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा - माओवाद पेट से नहीं, दिमाग से आया थाउप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद किसी आर्थिक आवश्यकता से नहीं, बल्कि एक विचारधारा के रूप में आया था। इसका उद्देश्य बंदूक की नली के बल पर सत्ता स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि आज वे बंदूकें वापस रखवाई जा चुकी हैं और समाज सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।इस दौरान उन्होंने बाबा नागार्जुन की कविता का उल्लेख भी किया। श्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद बस्तर में मेलों, मड़इयों और साप्ताहिक बाजारों में फिर से रौनक लौट आई है। देवगुड़ियों में पूजा-पाठ पुनः प्रारंभ हो गया है। राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के लिए बेहतर पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है तथा इसके लिए पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने भी पुस्तक के लेखक श्री राजीव रंजन प्रसाद एवं सुश्री रचना नायडू को बधाई और शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में साहित्य, मीडिया, समाज सेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
- -रायपुर प्रेस क्लब के प्रस्ताव पर रामकृष्ण प्रबंधन ने दी सहमति-रायपुर प्रेस क्लब में स्वास्थ्य शिविर का ‘आभार एवं समापन समारोह’ संपन्न-डॉ. संदीप दवे की बड़ी घोषणा: पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए स्वास्थ्य जाँच शिविर अब 30 जून तक बढ़ा-अस्पताल की ओपीडी और निशुल्क दवाइयों के साथ हॉस्पिटल चार्ज में हमेशा मिलेगी भारी छूटरायपुर ।: छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के तत्वावधान में रायपुर प्रेस क्लब के सम्मानित सदस्यों, पत्रकार साथियों एवं उनके परिजनों के लिए आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का "आभार एवं समापन समारोह" आज रविवार को रायपुर प्रेस क्लब, मोती बाग में गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ।रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल, रायपुर द्वारा आयोजित इस शिविर के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप दवे उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सतीश थोरानी ने की। इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकारगण मौजूद थे।शिविर की अवधि 30 जून तक बढ़ी, कूपन धारकों को राहतसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. संदीप दवे ने पत्रकारों की सामाजिक सहभागिता और उनके कठिन कार्य परिवेश की सराहना की। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पत्रकारों और उनके परिवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर की अवधि को अब 30 जून 2026 तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। पूर्व में पत्रकारों को जारी किए गए कूपन के माध्यम से वे इस विस्तारित अवधि तक अपनी निशुल्क जाँचें करवा सकेंगे।पत्रकारों के लिए हमेशा रहेगी विशेष छूटडॉ. संदीप दवे ने पत्रकार जगत को एक और बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि शिविर समाप्त होने के बाद भी रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल में पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए विशेष रियायतें जारी रहेंगी। इसके तहत:नि:शुल्क ओपीडी (OPD) की सुविधा मिलेगी।दवाइयों पर 10% की छूट प्रदान की जाएगी।हॉस्पिटल चार्ज (अस्पताल के अन्य शुल्कों) में 30% की स्थायी छूट हमेशा लागू रहेगी।कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने इस मानवीय पहल के लिए रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉ. संदीप दवे का आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि इस शिविर से सैकड़ों पत्रकार परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिला है और भविष्य में मिलने वाली छूट से उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।समारोह के अंत में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सफल आयोजन के लिए सभी सम्माननीय अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा एवं राधा कृष्ण सुंदरानी के अलावा कार्यक्रम संयोजक अमर गीदवानी, के साथ कार्यक्रम समन्वयक अनिल जोतसिंघानी और चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रमुख पदाधिकारी गण मौजूद रहे एवं कार्यक्रम में प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा भारतीय, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े के साथ वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा ,प्रशांत शर्मा, संदीप पुराणिक, ताहिर हैदरी, प्रदीप दुबे, विजय शर्मा , विद्या भूषण सिन्हा, रमेश पांडेय, प्रत्यूष शर्मा एवं पत्रकारगण उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के समापन समारोह में हुए शामिल-24 राज्यों के 810 खिलाड़ी हुए शामिल, मध्यप्रदेश बना ओवरआल चैंपियनरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय में आयोजित 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पुरस्कार प्रदान किए। विगत 12 जून से प्रारंभ इस चैंपियनशिप में देश के 24 राज्यों के 810 खिलाड़ियों तथा करीब 400 अधिकारियों, खेल संघों के पदाधिकारियों और सपोर्टिंग स्टॉफ ने भागीदारी की। चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश ओवरऑल चैंपियन बना। केरलम और ओड़िशा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब भी समापन समारोह में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समापन समारोह में खिलाड़ियों और विभिन्न राज्यों से आए कयाकिंग-कैनोइंग संघों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी इस खेल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में राज्य के लिए पदक जीत कर ला रहे हैं। राज्य में कयाकिंग-कैनोइंग को और आगे बढ़ाने सरकार हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। भारत सरकार 2047 तक विकसित भारत के साथ ही देश को दुनिया की पांच बड़ी खेल शक्तियों में शामिल करने रोडमैप बनाकर काम कर रही है। ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा पदक जीते, इसके लिए योजना बनाकर काम कर रही है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आज खेलों का महत्व केवल खेल तक ही सीमित नहीं है। यह नौजवानों के विकास और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने का बड़ा माध्यम है। देश के वातावरण को बदलने के लिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं को खेल के मैदान में लाना पड़ेगा। खेल के मैदान से सब कुछ मिलता है। मान-सम्मान, धन-दौलत, शोहरत... ये सब खेल के मैदान से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो खेलेगा वही खिलेगा, इसलिए आप खूब खेलें, खूब आगे बढ़ें। उन्होंने नवा रायपुर में इस चैंपियनशिप के शानदार आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद तीन दिनों तक यहां अच्छा आयोजन हुआ है। देशभर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि खेल अब एक अच्छा करियर भी हो गया है। खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार लगातार सुविधाओं व अधोसंरचनाओं को मजबूत कर रही है। इससे बड़ी संख्या में युवा खेलों को अपना रहे हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के सभी विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।नवा रायपुर के सेंध जलाशय में 36वें नेशनल कैनो स्प्रिंट चैंपियनशिप के तहत महिला एवं पुरूष वर्ग में जूनियर और सब-जूनियर स्तर पर कयाकिंग-कैनोइंग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ प्रदेश कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बलदेव सिंह भाटिया, सचिव श्री प्रशांत रघुवंशी, एशियन कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रशांत कुशवाहा, उत्तराखंड कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के डॉ. डी.के. सिंह और ओड़िशा कयाकिंग-कैनोइंग एसोसिएशन के श्री विपिन दास सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी (राछा) स्थित सत्य निजनाम बोध संस्थान में आयोजित सत्य निजनाम सत्संग सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर संस्थान के सदस्यों ने पुष्पवर्षा एवं गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने परमपूज्य सद्गुरु सत्य कबड्डीदास जी एवं पूजनीया गुरुमाता सत्य लीला देवी जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया तथा आश्रम परिसर में लाल चंदन का पौधा रोपा।सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सत्य निजनाम बोध संस्थान आध्यात्म और नशामुक्ति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। आध्यात्मिक मूल्यों से ही स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नशामुक्ति को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। राज्य सरकार नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई कर रही है तथा जनजागरूकता के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को निरंतर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण बना है। अब इन क्षेत्रों में सड़क, दूरसंचार, राशन वितरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076, अटल डिजिटल सेवा केंद्र और अन्य नागरिक सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सत्य निजनाम बोध संस्थान के अनुयायी उपस्थित थे।
- -बोदरी में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती समारोह में हुए शामिल, 42 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास-सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्कूल उन्नयन और तालाब सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएंरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अधोसंरचना विकास की आधारशिला है और इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे बाबा का संपूर्ण जीवन समाज सुधार, स्वच्छता और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छुआछूत, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत मिशन, संत गाडगे बाबा के स्वच्छता और जनजागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये तथा संत गाडगे भवन निर्माण हेतु 25 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 60 लाख रुपये और वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने धमनी-चकरभाठा मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन, बोदरी में एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाने में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- बालोद । बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम रेंगनी निवासी श्रीमती उमा बाई और उनके परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना किसी वरदान से कम नहीं रही। कभी उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां बरसात के दिनों में छत से लगातार पानी टपकता रहता था। बारिश के चार महीने पूरा परिवार डर और परेशानी के बीच जीवन बिताता था। रातों की नींद और दिन का सुकून दोनों छिन जाता था। बरसात शुरू होने से पहले हर साल खपरैल और दीवारों की मरम्मत करानी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता था।परिवार का सपना था कि उनका भी एक पक्का मकान हो, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह सपना पूरा होना मुश्किल लग रहा था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर आई। वर्ष 2024-25 में उनका आवास स्वीकृत हुआ और मकान निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि मिली। इसके बाद धीरे-धीरे उनका पक्का मकान तैयार हो गया। अब परिवार सुरक्षित और निश्चिंत होकर अपने नए घर में रह रहा है।श्रीमती उमा बाई ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना ने उनके परिवार का वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। अब उन्हें बारिश के मौसम का डर नहीं सताता और पूरा परिवार खुशहाल जीवन जी रहा है।
- -कलेक्टर-एसएसपी ने रक्तदाताओं का बढ़ाया उत्साहबिलासपुर /भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा बिलासपुर द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जल संसाधन विभाग परिसर स्थित प्रार्थना सभा कक्ष में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 28 यूनिट रक्तदान किया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि “रक्तदान एक ऐसा महादान है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। स्वस्थ व्यक्ति को स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में रक्तदान ही मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है। युवाओं को आगे आकर रक्तदान के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनना चाहिए। कलेक्टर एवं एसएसपी ने शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया तथा रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उनके योगदान की सराहना की।कार्यक्रम के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने भी रक्तदान किया तथा लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। रक्तदान शिविर के सफल संचालन में जिला चिकित्सालय बिलासपुर एवं श्री राम ब्लड बैंक की टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉससोसाइटी के अध्यक्ष श्री बी.एल. गोयल, श्री सुनील सोन्थलिया, डॉ. राजू अवस्थी, श्री सौरभ सक्सेना, श्री अमरजीत दुआ, श्री आदित्य पांडे, श्री लक्ष्मी नारायण मिश्रा, श्री सुशील राजपूत, श्री मनीष मिश्रा, श्रीमती ममता लहरे, श्रीमती पूजा नौरीश सहित अन्य लोगों ने अपना सहयोग प्रदान किया।
- -वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई, कलेक्टर ने सराहा खिलाड़ियों का प्रदर्शन-'खेलो इंडिया' से मिला मंच, राष्ट्रीय स्तर पर चमकी प्रतिभारायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की महिला खिलाड़ियों (शारदा और पूजा) ने पहले 'खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स' के महिला फुटबॉल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड) जीता है l छत्तीसगढ़ की टीम ने रोमांचक फाइनल में झारखंड को हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की lसुकमा जिले की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जिले के दूरस्थ गांवों से आने वाली फुटबॉल खिलाड़ी शारदा प्रधानी (ग्राम चिपुरपाल) और पूजा माड़वी (ग्राम कोलईगुड़ा, कोंटा) ने प्रथम नेशनल ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर नई उपलब्धि हासिल की है। वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी है।उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर में आयोजित 'खेलो इंडिया' योजना के तहत आयोजित इस प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की विजेता फुटबॉल टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं। टीम ने सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश को हराने के बाद फाइनल मुकाबले में झारखंड को पराजित कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खिलाड़ियों की सफलता में खेलो इंडिया फुटबॉल कोच श्री शिवेंद्र ठाकुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।शारदा और पूजा वर्तमान में आवासीय खेल अकादमी रायपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। स्वर्ण पदक जीतने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने कलेक्टर श्री अमित कुमार से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान कलेक्टर ने उनकी पढ़ाई, प्रशिक्षण और खेल संबंधी अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें जिला प्रशासन की ओर से बधाई दी। साथ ही उन्होंने 'विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना' के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। यह सहयोग खिलाड़ियों को आगे बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा। जिला प्रशासन द्वारा खेल प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहन दिए जाने का ही परिणाम है कि सुकमा जैसे दूरस्थ जिले की बेटियां राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। शारदा और पूजा की सफलता जिले के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी श्री विरुपाक्ष पौराणिक भी उपस्थित थे।
- रायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के एशिया कप विजेता सदस्य अवि मानिकपुरी ने सौजन्य मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नवा रायपुर में अपने निवास कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान अवि को अंडर-18 एशिया कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अवि को आगे भी अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।श्री साव ने कहा कि अवि मानिकपुरी की उपलब्धि राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय टीम में स्थान बनाया है।बिलासपुर के रहने वाले अवि मानिकपुरी भारत के उभरते हॉकी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिसमें अवि मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्री साव से अवि की मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव श्री अमिताभ मानिकपुरी और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री मृणाल चौबे भी मौजूद थे।
- -वन विकास निगम की कार्यशाला में मिली आधुनिक कृषि की जानकारी-कम पानी और कम भूमि में अधिक उत्पादन पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शनरायपुर। हाइड्रोपोनिक्स एक उन्नत कृषि तकनीक है, जिसमें मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता। पौधों को सीधे पानी और उसमें घुले आवश्यक पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है। यह तकनीक पारंपरिक खेती की तुलना में कम जगह और कम पानी में अधिक व तेजी से फसल उगाने में बेहद कारगर है।छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “हाइड्रोपोनिक्स नवाचार एवं न्यूट्रिशन फील्ड तकनीक भविष्य की रणनीति” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों की जानकारी देना तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करना था। कार्यशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं प्रोफेसर डॉ. मुर्तजा हसन तथा हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से कम भूमि और कम पानी में नियंत्रित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन किया जा सकता है।डॉ. मुर्तजा हसन ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य की आवश्यकता बन रही हैं। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पोषण सुरक्षा, अधिक उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने हाइड्रोपोनिक प्रणाली की स्थापना, पोषक तत्व प्रबंधन, उपयुक्त फसल चयन और व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी आसानी से अपनाई जा सकती है तथा युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है।कार्यशाला में निगम के अधिकारी-कर्मचारी, कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ तथा अन्य प्रतिभागी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अधिकारियों ने विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश में नवाचार आधारित विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- रायपुर । राज्य शासन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के 18 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। इनमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर राजस्व निरीक्षक, स्वास्थ्य निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक और सहायक ग्रेड-2 शामिल हैं ।विभाग ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती किरण पटेल और सहायक राजस्व निरीक्षक श्री राजेश तिवारी का निलंबन समाप्त करते हुए आगामी आदेश पर्यंत क्रमशः बम्हनीडीह नगर पंचायत और खैरागढ़ नगर पालिका में पदस्थ किया है। यद्यपि दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच जारी रहेगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने स्थानांतरित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर 7 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान स्थान से वेतन आहरित नहीं होगा। इसके उल्लंघन पर नियंत्रण अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।


- -युवा खिलाडि़यों की उपलब्धियां बढ़ा रही हैं छत्तीसगढ़ का गौरव - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम के एशिया कप विजेता सदस्य श्री अवि मानिकपुरी ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अवि मानिकपुरी को अंडर-18 एशिया कप में भारत की ऐतिहासिक विजय में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अवि मानिकपुरी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इसी समर्पण और लगन के साथ आगे बढ़ते रहें तथा आने वाले समय में भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अवि की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि अवसर और संकल्प मिलने पर छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाडि़यों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास और खिलाडि़यों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयासों से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के नए अवसर मिल रहे हैं।उल्लेखनीय है कि बिलासपुर निवासी अवि मानिकपुरी भारत के उभरते हुए हॉकी खिलाडि़यों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिसमें अवि मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी, महासचिव डॉ. मनीष श्रीवास्तव तथा अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री मृणाल चौबे उपस्थित थे।
- -विश्व रक्तदाता दिवस पर राज्यपाल ने रक्तदाताओं का किया सम्मानरायपुर । मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है दूसरे के जीवन की रक्षा करना और यह अपने ही रक्त के एक बूंद से हो सके तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। रक्त का दान सबसे बड़ा दान होता है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज प्रदेश के स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उक्त बातें कहीं।विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करने के लिए लोकभवन में समारोह आयोजित किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के अध्यक्ष राज्यपाल श्री डेका ने सर्वाधिक रक्तदान करने वाले प्रदेश के 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संगठनों और संस्थाओं के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर लोकभवन में रेडक्रॉस द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित अन्य लोगांे ने उत्सव पूर्वक रक्तदान किया।कार्यक्रम को संबोधित करने हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और यह केवल स्वस्थ व्यक्ति के स्वैच्छिक दान से ही उपलब्ध हो सकता है। राज्यपाल ने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर तथा दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोगों में जो सेवा भाव है वह दूसरी जगह देखने को नहीं मिलती। रक्तदाताओं ने वर्षो से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर अनेक लोगों को नया जीवन दिया है। ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढि़यों के लिए उदाहरण है। राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यो की भी सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षो से जरूरत मंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन श्री तोमन साहू ने स्वागत उदबोधन दिया तथा छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष श्री रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष श्री संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमेन श्री अशोक अग्रवाल रेडक्रॉस के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता तथा सहयोगी, संस्थानों तथा संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।
- -आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर बेहतर उत्पादन की ओर बढ़ रहे किसानरायपुर ।राज्य सरकार द्वारा किसानों को उन्नत एवं आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। नैनो उर्वरकों के उपयोग से किसान कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं और कृषि को अधिक लाभकारी बना रहे हैं।सूरजपुर जिले के ग्राम ऊँचडीह के बैगापारा निवासी किसान श्री देवराज सिंह इसका एक प्रेरक उदाहरण हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया के सफल उपयोग से अपनी खेती में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए हैं।करीब 2.50 एकड़ कृषि भूमि में खेती करने वाले श्री देवराज सिंह पिछले दो वर्षों से धान एवं सब्जी फसलों में नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उनका अनुभव है कि नैनो यूरिया के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर होती है तथा उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है। धान की फसल में अच्छी गुणवत्ता वाली और वजनदार बालियां प्राप्त हो रही हैं, वहीं सब्जी फसलों में भी संतोषजनक परिणाम मिले हैं।उन्होंने बताया कि प्रदेश में सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रय केंद्रों के माध्यम से नैनो यूरिया, नैनो डीएपी सहित विभिन्न उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसानों को समय पर कृषि आदान प्राप्त हो रहे हैं। इससे खेती-किसानी के कार्यों में सुविधा और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।श्री देवराज सिंह के अनुसार नैनो यूरिया का उपयोग पारंपरिक दानेदार यूरिया की तुलना में अधिक सुविधाजनक है। दूरस्थ खेतों तक बड़ी मात्रा में उर्वरक पहुंचाने की चुनौती को नैनो यूरिया ने काफी हद तक आसान बनाया है। इसकी छोटी बोतल को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है तथा स्प्रे के माध्यम से फसलों पर उपयोग किया जा सकता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने और नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से फसलों की गुणवत्ता में सुधार, बेहतर उत्पादन और खेती की लागत प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
- -जन्मजात हृदय रोग से पीडि़त बच्चों की होगी स्क्रीनिंग, जरूरतमंदों का निःशुल्क उपचार एवं सर्जरी भीरायपुर। बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर द्वारा 15 जून 2026 को जिला अस्पताल जशपुर में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में प्रातः 9 बजे से बच्चों के हृदय संबंधी रोगों की निःशुल्क जांच की जाएगी।एसईसीएल के सीएसआर कार्यक्रम “धड़कन” के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित इस शिविर में ऐसे बच्चों की विशेष जांच की जाएगी, जिन्हें सांस लेने में परेशानी, वजन नहीं बढ़ना, बार-बार सर्दी-खांसी या निमोनिया होना, स्तनपान के दौरान अत्यधिक पसीना आना, तेज धड़कन या शरीर में नीलापन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों का परीक्षण एवं आवश्यक जांच पूरी तरह निःशुल्क की जाएगी। जांच के दौरान जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित पाए जाने वाले बच्चों को चिन्हांकित कर उनका उपचार एवं आवश्यक सर्जरी रायपुर स्थित श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल में एसईसीएल के सहयोग से पूर्णतः निःशुल्क कराई जाएगी। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले के अभिभावकों से अपील की है कि ऐसे लक्षण वाले बच्चों को शिविर में लाकर स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ अवश्य दिलाएं, ताकि समय रहते उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
- -सिंधी संस्कृति के संरक्षण और युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने पर हुई चर्चारायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से शनिवार को रायपुर स्थित उनके शासकीय निवास पर छत्तीसगढ़ सिंधी अकादमी की नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीमती सुषमा जेठानी ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान सिंधी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं के संरक्षण-संवर्धन और समाज के सर्वांगीण विकास में अकादमी की भूमिका पर सार्थक चर्चा हुई।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि सिंधी समाज ने मेहनत, उद्यमशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों से प्रदेश एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज की गौरवशाली परंपराओं, भाषा, साहित्य, लोककला और सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सिंधी अकादमी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हैस उन्होंने विश्वास जताया कि श्रीमती सुषमा जेठानी के नेतृत्व में अकादमी समाज की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाएगी। विभिन्न रचनात्मक एवं जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान देगी।भेंट के दौरान सिंधी समाज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने, साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने श्रीमती सुषमा जेठानी को अकादमी के अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनके सफल और प्रभावी कार्यकाल की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में अकादमी नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगी और प्रदेश में सिंधी संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए उल्लेखनीय कार्य करेगी।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में जारी वर्कशॉप में वरिष्ठ शिक्षिका ने नई शिक्षा पद्धति के बारे में दी व्यवहारिक जानकारीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में वर्कशॉप लेने की अगली कड़ी में केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत्त और लायंस क्लब की सदस्य मधु यादव ने शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धति के बारे में व्यवहारिक जानकारी दी। मधु ने सबसे पहले शिक्षकों से यह जानने का प्रयास किया कि उन्होंने शिक्षक बनना क्यों चुना? शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ अपने परिवार और अपने ऊपर भी ध्यान दे सकती हैं? उन्होंने बताया कि एक विद्यार्थी जब पढ़ता हो, तो वह जल्दी भूल जाता है। जब आप उसे समझाते हो, तो उसे काफी कुछ ध्यान रहता है, लेकिन जब आप उसे अपने साथ इंवॉल्व करते हो, तो उसे सब कुछ याद रहता है। इसीलिए विद्यार्थियों को अपने साथ विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से शिक्षण में इंवॉल्व कीजिए।मधु यादव ने एलएसआरडब्ल्यू और वीएआरके, दोनों ही पद्धति को बड़े विस्तार से समझाया। उन्होंने समझाया कि एलएसआरडब्ल्यू स्किल्स के माध्यम से किसी भी भाषा जैसे हिंदी, अंग्रेजी को सीखने और उसमें निपुणता हासिल करने के चार मूलभूत कौशल होते हैं। ये हैं लिसनिंग यानी सुनना, स्पीकिंग यानी भाषण, रीडिंग यानी पठन और राइटिंग यानी लेखन। भाषा को सीखने का क्रम भी यही होता है।वीएआरके पद्धति के बारे में मधु यादव ने जानकारी दी कि यह एक प्रचलित लर्निंग मॉडल यानी अधिगम शैली है। इसमें वी यानी विजुअल (दृश्य) होता है। इस शैली के लोग चित्रों, चार्ट, रेखाचित्रों और वीडियो के माध्यम से सबसे अच्छा सीखते हैं। ए का आशय ओरल अथवा ऑडिटरी (श्रवण) होता है। ऐसे लोग सुनकर, व्याख्यान अटैंड करके और समूह चर्चाओं में भाग लेकर सबसे जल्दी सीखते हैं। आर अर्थात रीड/राइट (पढ़ना व लिखना) है। इसमें उन्हें लिखी हुई सामग्री, किताबों, नोट्स और सूचियों के माध्यम से जानकारी को समझने में आसानी होती है। मधु के मुताबिक के अर्थात काइस्थेटिक (गतिज/अनुभव): इस शैली के लोग व्यावहारिक अनुभव, छूकर और करके सीखने में विश्वास रखते हैं।वरिष्ठ शिक्षिका मधु ने शिक्षकों को समझाया कि सबसे पहले एक रीडिंग कॉर्नर बनाएं। दूसरा बिन्दू क्लास रूम की सेटिंग चेंज करके बच्चों को यू शेप में बैठाएं। इससे हर बच्चे तक वह पहुंच सके। वर्कशॉप में अतिथि वक्ता मधु यादव का स्वागत वरिष्ठ शिक्षिका चित्रा जाउलेकर ने और स्मृति चिन्ह सुदेवी बिस्वास ने दिया। कार्यक्रम का संचालन अपर्णा आठले ने किया।
- 0- महाराष्ट्र मंडल की डायटिशियन आस्था काले ने भोजन को लेकर महिलाओं को दिए महत्वपूर्ण टिप्सरायपुर। आज हम सभी अपनी सेहत को लेकर सावधान तो हैं, लेकिन कहीं न कहीं हमारी डाइट इस प्रयास में रोड़ा बनकर खड़ी हो रही है। चाहकर भी कम इससे जीत नहीं पाते। हमें खाने में रोटी और चावल तो चाहिए ही चाहिए। फिर ऐसे में मोटापा कम करना भी एक बड़ा टास्क हो जाता है। ऐसे में हमें मल्टीग्रेन आटा, ब्राउन राइस, रागी, मिलेट्स जैसे उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए, ताकि हमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिल सके। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल में महिलाओं की बैठक में इस आशय के विचार मंडल की आजीवन सभासद, योग- व्यायाम की प्रशिक्षिका व डायटिशियन आस्था काले ने कहीं।आस्था ने कहा कि आमतौर पर लोग जरूरी फाइबर और कैलोरी की जानकारी रखे बिना ही गेहूं की रोटी को सफेद चावल से हेल्दी मानने लगते हैं। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन किया जाए, तो चावल और रोटी भी बैलेंस्ड डाइट में शामिल होता है। मोटापा बढ़ने की वजह खराब भोजन प्रणाली, अनहेल्दी लाइफ स्टाइल होती है। चावल और रोटी की ओवरइटिंग (जरूरत से ज्यादा भोजन करना) मोटापा बढ़ा सकता है। गेंहू की रोटी में चावल के मुकाबले ज्यादा फाइबर होता है। भूख को कम करने में यही फाइबर आपकी मदद करता है।डायटिशियन आस्था काले के अनुसार कई लोग रोटी अत्यधिक घी, मक्खन, तेल या कैलोरी से भरी साइड डिश के साथ खाते हैं, जिससे टोटल कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। इस वजह से ज्यादा मात्रा में रोटी खाने से भी मोटापा बढ़ता है, या फिर अगर आपने रोटी को व्होल व्हीट की जगह रिफाइंड फ्लोर से बनाया हो तो भी। ओवरइटिंग (जरूरत से ज्यादा भोजन करना) में चाहे गेहूं की रोटी हो या फिर सफेद चावल, वो चर्बी बढ़ा सकता है। अक्सर लोग किसी एक फूड को मोटापे के लिए जिम्मेदार ठहरा देते हैं, लेकिन आमतौर पर मोटापा अत्यधिक कैलोरी, लो फिजिकल एक्टिविटी, खराब नींद, तनाव और खाने की अस्वस्थ आदतों की वजह से होता है।आस्था के मुताबिक हमारे जीवन में एक विडंबना यह भी है कि जब कभी किसी स्वास्थ्य परीक्षण में हमारा उच्च रक्तदाब, मधुमेह जैसी बीमारियों का पता चलता है, तब हमारा अपनी जीवनशैली में 'लो फिजिकल एक्टिविटी' की ओर ध्यान जाता है। जबकि हम युवावस्था से ही नियमित रूप से मार्निंग- इवनिंग वॉक, साइकिलिंग, दौड सहित विभिन्न शरीरिक गतिविधियों में भाग लें तो न तो बीमारियां हमें घेरेंगी और न ही शरीर पर मोटापा हावी होगा। यदि हमने अभी तक शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया, तो कम से कम अब हम मार्निंग- इवनिंग वॉक, साइकिलिंग, दौड़ जैसी गतिविधियां शुरू करें। याद रहे लो फिजिकल एक्टिविटी से बचने का कोई शार्टकट नहीं है।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में किशोर वैभव निर्देशित 70 मिनट के यह नाटक शाम सात बजे होगा शुरूरायपुर। नाट्य संस्था ‘रंगभूमि’ के सहयोग से युवा निर्देशक किशोर वैभव द्वारा निर्देशित हिंदी नाटक ‘कथा’ का मंचन रविवार, 14 जून को महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर किया जाएगा। 70 मिनट का यह नाटक शाम सात बजे शुरू होगा।आचार्य रंजन मोड़क ने बताया कि किशोर वैभव का यह नाटक सांस्कृतिक टीम ‘रंगभूमि’ के सहयोग से मंचित किया जाएगा। ‘कथा’ कथासरित्सागर पर आधारित है। कथासरित्सागर संस्कृत कथा साहित्य का उत्कृष्ट और शिरोमणि ग्रंथ है। कश्मीरी पंडित सोमदेव भट्ट की यह अमर कृति 11वीं शताब्दी में रची गई। यह कहानियों का एक विशाल सागर है, जो भारतीय इतिहास की गौरवशाली धरोहर है। इसमें 124 तरंगों में 21,388 पद द्वारा मिथक, इतिहास, यथार्थ, सच्चाई और इंद्रजाल का ऐसा अनूठा संगम किया गया है, जो दूसरी जगह दुर्लभ है।आचार्य मोड़क ने बताया कि इस नाटक में सूत्रधार हेमंत यादव होंगे। वहीं निलेश पटेल, अक्षदा मातुरकर, सुमन आरोही, आदित्य दास, आस्था जांगड़े, विजय शर्मा सहित अन्य कई कलाकार मंच पर नजर आएंगे। वहीं विन्यास संयोजन की भूमिका लोकेश साहू, स्वप्निल हुद्दार व संत फरिकार ने निभाई है। रंगसाधकों की सहयोग राशि से कथा का मंचन किया जाएगा।
- बालोद. मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित छाया चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करने हेतु बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। उल्लेखनीय है कि देश में मोदी सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा नगर पालिका परिषद कार्यालय बालोद के परिसर में स्थित पुराना टाउन हाॅल में 12 से 14 जून तक 03 दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी के अंतर्गत छायाचित्र एवं एलईडी स्क्रीन के माध्यम से देश में मोदी सरकार के 12 वर्षों के सफलतम कार्यकाल के दौरान सफलतापूर्वक क्रियान्वित किए जा रहे लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, किसान सम्मान निधि योजना, डिजिटल इंडिया, विकसित भारत संकल्प आदि की सजीव प्रस्तुतिकरण किया जा रहा है। इस दौरान आगन्तुकों को जनसंपर्क विभाग की मासिक पत्रिका ’जनमन’ का भी वितरण किया जा रहा है।
- 0- कम लागत में अच्छा उत्पादन से किसान संतुष्टरायपुर. कृषि में नई तकनीकों का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम जवईबांधा के किसान श्री मुकेश कुमार साहू ने नैनो डीएपी के उपयोग से फसल की गुणवत्ता में सुधार और खेती की लागत को कम करने का अनुभव साझा किया है।करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर खेती करने वाले कृषक मुकेश ने बताया कि उन्होंने पिछले खरीफ सीजन में धान की फसल पर नैनो डीएपी का छिड़काव किया था। इसके बाद फसल का उत्पादन बेहतर हुई और धान की गुणवत्ता में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की तैयारियों के दौरान सहकारी समिति से उन्हें समय पर बीज और उर्वरक प्राप्त हो गए, जिससे खेती के कार्य बिना किसी बाधा के पूरे किए जा सके।कृषक श्री मुकेश साहू ने कहा कि आधुनिक नैनो उर्वरक खेती को अधिक किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी नैनो डीएपी का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इसके परिणाम स्वयं देखकर उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
- 0- आर्थिक संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक का तय किया सफरबिलासपुर. जिले के जनपद पंचायत कोटा के ग्राम पंचायत लिटिया (बेडापाठ) की निवासी श्रीमती प्रेम वर्षा की कहानी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक उदाहरण है। एक समय था जब उनका परिवार सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवनयापन कर रहा था। परिवार की आय मुख्यतः कृषि और मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के बारे में जानकारी मिली, जिसने उनके जीवन में बदलाव की नई राह दिखाई।वर्ष 2024 में वे अन्य महिलाओं के साथ मिलकर दीप महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं और समूह की सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने महुआ लड्डू निर्माण गतिविधि को आजीविका का माध्यम बनाया। प्रारंभ में पूंजी की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन समूह से प्राप्त सीआईएफ के 60 हजार रूपए की राशि की सहायता से उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत की। मेहनत, लगन और समूह के सहयोग से उन्होंने अपने कार्य को निरंतर आगे बढ़ाया तथा बाद में ऋण प्राप्त कर व्यवसाय का विस्तार भी किया। समूह से जुड़ने के बाद उनकी कुल वार्षिक आय लगभग 1 लाख 20 हजार रूपये हो गई है। बिहान योजना से आज दीदी प्रेम वर्षा लखपति दीदी बन गई है। महुआ लड्डू निर्माण गतिविधि शुरू करने के बाद उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। आज वे नियमित रूप से महुआ लड्डू का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे समय पर ऋण की किश्तें भी चुका रही हैं और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवसाय का संचालन कर रही हैं।श्रीमती प्रेम वर्षा की सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, सामूहिक प्रयास और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग किसी भी महिला के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। आज वे अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। उनकी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और समूह की शक्ति के बल पर आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सकती है। उनकी यह यात्रा ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि अवसर मिलने पर वे न केवल अपने परिवार की स्थिति बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान स्थापित कर सकती हैं।


























.jpg)
