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- -नारायणपुर के मांझी-चालकी और 'बस्तर पंडुम' विजेताओं ने राष्ट्रपति से की सौजन्य भेंटरायपुर । बस्तर के घने जंगलों, अनूठी सामाजिक व्यवस्था और समृद्ध जनजातीय विरासत की गूंज अब देश के सर्वोच्च मंच राष्ट्रपति भवन तक जा पहुंची है। नारायणपुर जिले के पारंपरिक मांझी-चालकी और 'बस्तर पंडुम' प्रतियोगिता के विजेताओं का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल हाल ही में नई दिल्ली पहुंचा, जहां उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से सौजन्य मुलाकात की। इस आत्मीय भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बस्तर की जीवंत परंपराओं, लोक कलाओं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 30 जुलाई 2026 में राष्ट्रपति भवन का दौरा किया, जिसमें बस्तर पंडुम के विजेता, मांझी-चालकी और पद्मश्री सम्मानित कलाकार शामिल थे। इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत 27 जुलाई को नारायणपुर से हुई थी, जब नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने हरी झंडी दिखाकर इस दल को दिल्ली के लिए रवाना किया था। पूरे जिले के लिए यह एक अत्यंत गर्व का क्षण था। इसके बाद 30 जुलाई को दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में बस्तर की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने का यह सुनहरा अवसर आया।मुलाकात के दौरान बस्तर की कला और परंपरा के प्रमुख ध्वजवाहकों ने अपनी माटी का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 'बस्तर पंडुम' के जनजातीय आभूषण विधा की विजेता मुंगड़ी कोर्राम और सुदनी दुग्गा शामिल थीं, जिन्होंने पारंपरिक आभूषणों के सौंदर्य और उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी साझा की। वहीं, बस्तर की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का नेतृत्व करते हुए एड़का परगना के मांझी राजाराम, करंगाल परगना के मांझी सुधवाराम करंगा, गोटाली परगना के मांझी मंगतू राम ध्रुव, नूरदेश परगना के मांझी गुड्डू पोटाई तथा करंगाल परगना के चालकी सोमारू राम ने बस्तर की पारंपरिक सामाजिक संरचना और रीति-रिवाजों का परिचय दिया।प्रतिनिधिमंडल की इस मुलाकात से न केवल नारायणपुर और समूचा बस्तर संभाग गौरवान्वित महसूस कर रहा है, बल्कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मंचों से जनजातीय कला, परंपराओं और लोक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।
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रायपुर/आज अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल को 149वीं जयन्ती पर राजधानी शहर रायपुर में जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने नगर निगम उद्यान परिसर में स्थित प्रतिमा स्थल के समक्ष और पूर्व केन्द्रीय मन्त्री शहीद पण्डित विद्याचरण शुक्ल को 97वीं जयन्ती पर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के सामने नगर निगम उद्यान परिसर में स्थित मूर्ति स्थल के समक्ष सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 4 के सहयोग से पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा गया.
पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रदेश के पूर्व मन्त्री श्री अमितेष शुक्ल ने अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल को 149वीं जयन्ती एवं पूर्व केन्द्रीय मन्त्री शहीद पण्डित विद्याचरण शुक्ल को 97वीं जयन्ती पर सादर नमन किया. नगर के गणमान्यजनों ने अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल को 149वीं जयन्ती एवं पूर्व केन्द्रीय मन्त्री शहीद पण्डित विद्याचरण शुक्ल को 97वीं जयन्ती पर सादर नमन किया. - 0- जल संरक्षण के साथ 914 मानव दिवस रोजगार का सृजन0- खेत में बना स्थायी जलस्रोत, खरीफ-रबी फसलों की सिंचाई को मिलेगा संबलमुंगेली। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर आजीविका को मजबूत करने की दिशा में विकसित भारत जी-राम-जी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुंगेली जिले में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों का सकारात्मक असर अब किसानों के खेतों में दिखाई देने लगा है। विकासखण्ड पथरिया की ग्राम पंचायत सांवतपुर में हितग्राही श्री ननकू-मन्नू के खेत में निर्मित डबरी इसका प्रेरक उदाहरण है। शिकायत समन्वयक श्री महेश कुमार डाहिरे ने बताया कि डबरी का आकार 23×23 मीटर है। इसके निर्माण के लिए लगभग 02 लाख 99 हजार 174 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। निर्माण कार्य के दौरान 914 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को गांव में ही रोजगार का अवसर मिला। अब यह डबरी केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि किसान के लिए सिंचाई और जल सुरक्षा का स्थायी साधन बन गई है। वर्षा के दौरान इसमें पानी का संचयन होगा, जिसका उपयोग आवश्यकता के अनुसार खरीफ एवं रबी फसलों की सिंचाई में किया जा सकेगा। इससे खेती में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को सिंचाई के लिए बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।डबरी निर्माण ने योजना के दोहरे उद्देश्य को साकार किया है। एक ओर ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, वहीं दूसरी ओर किसान के खेत में ऐसी परिसंपत्ति तैयार हुई जो आने वाले वर्षों तक उपयोगी रहेगी। डबरी में जल संचयन से भू-जल पुनर्भरण, जल संरक्षण और जलवायु अनुकूल कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।जल उपलब्धता बढ़ने से फसल उत्पादन को स्थिरता मिलने के साथ खेती की लागत कम करने में भी मदद मिलेगी। इस प्रकार ग्रामीण रोजगार को कृषि उत्पादकता और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण से जोड़कर गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह कार्य महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना के माध्यम से निर्मित डबरी, खेत तालाब एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला हैं। इससे एक ओर ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलता है, वहीं दूसरी ओर किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा प्राप्त होती है। जिले में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन से जुड़े ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल रावटे ने कहा कि व्यक्तिगत लाभ के डबरी निर्माण जैसे कार्य ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। ग्राम पंचायत सांवतपुर में 914 मानव दिवस का रोजगार सृजन योजना के रोजगार उपलब्ध कराने और स्थायी परिसंपत्ति निर्माण के दोहरे उद्देश्य को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत द्वारा ऐसे कार्यों का गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा विकसित भारत जी-राम-जी के अंतर्गत डबरी, खेत तालाब, मेड़बंदी, वृक्षारोपण एवं अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से वर्षाजल का बेहतर उपयोग, भू-जल पुनर्भरण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूती मिल रही है।
- 0- जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति परखी, ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर समाधान का दिया भरोसागौरेला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शासन की योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक भी प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन लगातार सुदूर वनांचल क्षेत्रों में पहुंचकर जनसमस्याओं का समाधान कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत आमाडोब के दूरस्थ वनांचल स्थित बरलगान पारा का बाइक से दौरा कर स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।दुर्गम मार्ग होने के बावजूद कलेक्टर बाइक से गांव पहुंचे और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार से अवलोकन किया।उन्होंने मलेरिया जांच, हीमोग्लोबिन, रक्तचाप एवं रक्त शर्करा जांच जैसी स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से पहुंचनी चाहिए।कलेक्टर ने ग्रामीणों को मच्छरदानियों का वितरण करते हुए मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुखार आने पर लापरवाही न करें और तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मलेरिया की जांच कराएं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विकसित भारत जन-जन अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल व्यवस्था सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बरलगान पारा निवासी श्री रामसनेही मरावी के घर पहुंचकर योजनाओं का लाभ मिलने की स्थिति की जानकारी ली तथा अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।ग्रामीणों ने बरलगान पारा तक सड़क निर्माण की आवश्यकता से कलेक्टर को अवगत कराया।इस पर कलेक्टर ने सड़क निर्माण की मांग पर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और जनहित से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसका परिणाम है कि अधिकारी स्वयं दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण सुनिश्चित कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद, प्रशिक्षु अधिकारी श्री गौतम पडिभार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, एसडीएम पेंड्रारोड श्री अमित बेक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- सचिव सी.आर. प्रसन्ना ने कोतरा पैक्स का निरीक्षण कर किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के दिए निर्देशरायगढ़। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार सहकारिता व्यवस्था को मजबूत, आधुनिक और किसान हितैषी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में सहकारिता विभाग के सचिव श्री सी.आर. प्रसन्ना ने रायगढ़ जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) कोतरा का औचक निरीक्षण किया और किसानों को दी जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की समीक्षा की। रायगढ़ जिले के निरीक्षण के दौरान श्री प्रसन्ना ने समिति के रिकॉर्ड, भंडारण व्यवस्था, किसानों को मिल रही सेवाओं और सहकारी गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पैक्स को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि किसानों को कृषि से जुड़ी अधिकतर सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।सचिव श्री प्रसन्ना ने विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत रायगढ़ जिले में बन रहे तीन गोदामों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक गोदाम बनने से किसानों की उपज सुरक्षित रहेगी और उन्हें बेहतर कीमत मिलने में मदद मिलेगी। श्री प्रसन्ना ने राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (एनसीडीसी) की योजनाओं के माध्यम से कृषि अधोसंरचना, भंडारण, विपणन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों का विस्तार करने के निर्देश दिए। सभी पैक्स को मल्टी-पर्पज पैक्स के रूप में विकसित कर कृषि आदान वितरण, उपभोक्ता सेवाएं और अन्य जनोपयोगी सेवाओं का केंद्र बनाने पर भी जोर दिया। सचिव श्री प्रसन्ना ने पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की सभी सेवाएं शुरू करने और समिति को जल्द ई-डिस्ट्रिक्ट आईडी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीण नागरिकों को प्रमाण-पत्र और अन्य ऑनलाइन शासकीय सेवाएं अपने गांव के पास ही मिल सकेंगी। सचिव श्री प्रसन्ना ने वीबी-जीराम जी योजना के तहत उपार्जन केंद्रों में अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए पक्के चबूतरों के निर्माण के निर्देश संबंधितों को दिया। साथ ही नेफेड के माध्यम से दलहन और तिलहन की खरीदी में सहकारी समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।सचिव श्री प्रसन्ना ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार सहकारी समितियों को ग्रामीण विकास, कृषि उन्नयन और किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- 0- शंकरगढ़ कार्यशाला में पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग पर दिया गया विशेष प्रशिक्षणबलरामपुर। प्रदेश में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ और गुणवत्तापूर्ण मातृ-शिशु सेवाओं के लक्ष्य को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास गतिविधियों को गति दी जा रही है। इसी क्रम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमाकांत चंद्राकर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा हितग्राहियों तक योजनाओं का बेहतर लाभ सुनिश्चित करना था।कार्यशाला में पूरक पोषण आहार, गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल, बच्चों के जीवन के प्रारंभिक 1000 दिनों का महत्व, वृद्धि मापन, कुपोषण की पहचान एवं प्रबंधन, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, गृह भ्रमण, पोषण ट्रैकर के प्रभावी उपयोग तथा स्वास्थ्य, पंचायत एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रामाकांत चंद्राकर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों से समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने तथा बच्चों, किशोरियों एवं माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा क्षेत्रीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर उनके व्यावहारिक समाधान बताए गए। साथ ही शासन द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों, पोषण संबंधी अभियानों और आईसीडीएस से संबंधित अद्यतन योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री राहुल सिंह, स्वास्थ्य विभाग के विकासखंड स्तरीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता बढ़ाने, पोषण ट्रैकिंग को सुदृढ़ करने तथा बच्चों और माताओं तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य शासन द्वारा पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा सेवाओं को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार निरंतर किया जा रहा है।
- महासमुंद. नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित योजनाओं एवं विशेष अभियानों के सफल क्रियान्वयन के संबंध में जिले के समस्त अधिकार मित्रों की प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में प्राधिकरण की सचिव श्रीमती आफरीन बानों द्वारा जिले में स्थापित लीगल एड क्लीनिक जैसे बाल संप्रेक्षण गृह, संखी वन स्टाप सेंटर, जिला जेल, ग्राम पंचायत लीगल एड क्लीनिक बेमचा तथा पटेवा एवं सभी आरक्षी केंद्रों में पदस्थ अधिकार मित्रों का जिला न्यायालय परिसर स्थित वैकल्पित विवाद समाधान केन्द्र, एडीआर भवन में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।स्टेट प्लान आफ एक्शन के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद कीे सचिव श्रीमती आफरीन बानों द्वारा नालसा द्वारा संचालित एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के संबंध में उपस्थित अधिकार मित्रों को उनके सफल क्रियान्यवन एवं नागरिकों को दी जाने वाली विधिक सलाह एवं सहायता तथा नालसा हेल्प लाईन नंबर 15100 का व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए ताकि विधिक सलाह लेने ना पहुच पाने की स्थिति में उक्त टोल फ्री नंबर में डायल कर प्रतिधारक अधिवक्ता के माध्यम से विधिक सलाह प्रदान की जा सकती है। इसके अलावा उन्होंने प्राधिकरण का उद्देश्य सभी के लिए तक पहुंच सुनिश्चित करना है कि अर्थिक या अन्य अक्षमतओं के कारण कोई भी न्याय से वंचित ना रहे।इसलिए अधिक से अधिक स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम, ग्राम पंचायतों एवं अन्य सामुदायिक स्थानों में जाकर नालसा की योजनाओं से संबंधित विधिक जागरूगता शिविर, कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। नालसा के निर्देशानुसार जागृति योजना अर्थात सरल कानूनी शिक्षा जैसे नुक्कड़ नाटक और सरल हैण्डबुक के जरिए जमीनी स्तर पर नागरिकों में काननी अधिकारों व पारदर्शिता का जागरूकता फौलाना, नालसा संवाद अंतर्गत दूरस्थ वीहड़ क्षेत्रों में निवासरत तथा आदिवासियों तक न्याया की पहुंच को मजबूत करना, नालसा वीर परिवार सहायता योजना के तहत रक्षा और अर्धसैनिक बलों के जवानों तथा उनके आश्रित परिवारों को मुक्त व सक्षम कानूनी सेवाए देना, नालसा डान के तहत नशीली दवाओं के दुष्परिणामों की जानकारी व दुरूपयोग पर अधारित पीड़ितों को परामर्श और नशामुक्ति केन्द्रों तक पहुंच हेतु सहयोग प्रदान करना इसी प्रकार नालसा के मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों को न्याय एवं मुआवजा दिलाने सहयोग प्रदान करना है। इसके अलावा उन्होंने जनचेतना, नेशनल लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर किए जाने वाले प्रकरणों के बारे में जन-जागरूकता, हमर अंगना, वृद्वजनों के लिए करूणा अभियान, बेसहारा बच्चों के लिए अभियान आसरा सहित आमतौर पर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करने संबंधी चर्चा करते हुए उपस्थित अधिकार मित्रों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
- 0- केरसई में निर्मित महतारी सदन बना महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक सहभागिता का केंद्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के केरसई में निर्मित महतारी सदन महिला स्व-सहायता समूहों के लिए सशक्तिकरण का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। इस भवन के निर्माण से महिलाओं को समूह की नियमित बैठकों, आजीविका गतिविधियों तथा सामाजिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और स्थायी स्थान उपलब्ध हुआ है।महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती बबीता गुप्ता ने बताया कि पहले समूह की बैठक आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं होने से काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कभी किसी सदस्य के घर तो कभी खुले स्थान या पेड़ के नीचे बैठक करनी पड़ती थी। विशेष रूप से बारिश और गर्मी के मौसम में बैठकों का संचालन प्रभावित होता था, जिससे समूह की गतिविधियों पर भी असर पड़ता था।उन्होंने बताया कि महतारी सदन बनने के बाद अब सभी सदस्य नियमित रूप से एक ही स्थान पर बैठक कर रही हैं। यहां समूह की बचत, ऋण, आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवस्थित ढंग से चर्चा होती है। इससे समूह का संचालन अधिक प्रभावी होने के साथ महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ी है।श्रीमती बबीता गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्मित महतारी सदन ने महिलाओं की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया है। अब उन्हें बैठकों के लिए स्थान की चिंता नहीं रहती और समूह की सभी गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी सदन महिलाओं के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि संगठन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन गया है। यह केंद्र महिलाओं को संगठित होकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
- 0- मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगी आगे की प्रक्रियारायपुर. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के केराबाहरा गांव में आतंक मचाने वाला एक तेंदुआ 1 अगस्त 2026 की सुबह वन विभाग द्वारा सुरक्षित पकड़ लिया गया। यह तेंदुआ पिछले एक महीने से अधिक समय से लगातार रिहायशी इलाके में आ रहा था और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया और जानवर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल के वन परिक्षेत्र गरियाबंद अंतर्गत ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। वन विभाग की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाल दिया गया।तेंदुए की गतिविधियों पर रखी जा रही थी विशेष निगरानीवनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए ने पहले क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला किया था। इसके अलावा विद्यालय परिसर और आबादी के आसपास भी उसकी मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए।केज ट्रैप और रेस्क्यू टीम की रणनीति रही सफलवनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक श्री वरुण जैन और वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। इस कार्रवाई के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए गए थे।सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानीवन विभाग की लगातार निगरानी और सुनियोजित रणनीति के चलते तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में आ गया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर निगरानी शुरू कर दी। मौके पर भीड़ न जुटे, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाईपकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण में उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।अफवाहों से बचें, वन विभाग को दें तुरंत सूचनावन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। तेंदुए से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम नियमानुसार उठाए जा रहे हैं।
- 0- उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने किया साढे़ 36 लाख रू. के विकास कार्यो का लोकार्पण तथा साढे़ 39 लाख रू. के विकास कार्यो का भूमिपूजनरायपुर. नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 61, 63, 64, 65 एवं 66 केा आज शनिवार को 76 लाख रूपये के विकास कार्यो की सौगात प्राप्त हुई। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री श्री लखनलाल देवंागन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साढे़ 36 लाख रूपये के विकास कार्यो का लोकार्पण किया गया, तो वहीं साढे़ 39 लाख रूपये के विकास कार्यो का भूमिपूजन उनके करकमलों से सम्पन्न हुआ। इस अवसपर पर सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन सहित वार्ड पार्षदगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।नगर पालिक निगम केारबा द्वारा वार्ड क्र. 65 भैरोताल के अंतर्गत 16 लाख 58 हजार रूपये की लागत से शासकीय माध्यमिक शाला में नवीन भवन एवं शौचालय का निर्माण कराया गया है, तो वहीं वार्ड क्र. 66 पंखादफाई अंतर्गत 20 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। आज आयोजित कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत ने इन नवनिर्मित दोनों विकास कार्येा को जनता जनार्दन की सेवा में समर्पित किया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 65 भैरोताल में 11 लाख 50 हजार रूपये की लागत से दुर्गा मंदिर परिसर, छत निर्माण एवं कांक्रीट कार्य, वार्ड क्र. 61 खम्हरिया में संतलाल घर के पास 05 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक मंच निर्माण, वार्ड क्र. 63 कुसमुण्डा प्रोजेक्ट एम.एस. में 01 लाख 81 हजार रूपये की लागत से बालक-बालिका शौचालय निर्माण, वार्ड क्र. 63 अंतर्गत 08 लाख 07 हजार रूपये की लागत से वालबाड़ी अतिरिक्त कक्ष, पी.एस. कुसमुण्डा प्रोजेक्ट निर्माण कार्य, वार्ड क्र. 64 इमलीछापर परसाभांठा में अमरसाय घर के पास 05 लाख रूपये की लागत से मंच निर्माण तथा वार्ड क्र. 65 आनंदनगर नवधा पण्डाल के पास 08 लाख रूपये की लागत से मंच व शेड का निर्माण किया जाना हैं, आज इन सभी विकास कार्यो का भूमिपूजन उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत के हाथों किया गया।छत्तीसगढ़ का हो रहा तेजी से विकासइस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्राप्त हो रहे लगातार मार्गदर्शन में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास कर रही है। उन्होने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 12 वर्षो के कार्यकाल में देश को विकास की नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है तथा उन्ही के मार्गदर्शन में हमारा छत्तीसगढ़ भी लगातार सज संवर रहा है। उन्होने कहा कि 15 वर्षो तक डाॅ.रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे, उन्होने जब छत्तीसगढ़ की कमान संभाली उस समय प्रदेश की स्थिति ठीक नही थी, किन्तु उन्होने छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास किया तथा छत्तीसगढ़ के विकास पुरूष कहलायें। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विगत कुछ वर्षो से प्रदेश का विकास थम गया था किन्तु पिछले ढाई वर्षो से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में विकास को पुनः गति व दिशा दी हैं तथा हमारा छत्तीसगढ़ राज्य नई ऊर्जा के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। एक ओर जहाॅं प्रदेश में उद्योग, धंधे बढ़ रहे हैं, रोजगार बढ़ रहा है, अधोसंरचना विकास के कार्य हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केन्द्र व राज्य सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी व गरीब हितैषी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर गरीब, निर्धन परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठाया जा रहा है।निगम क्षेत्र के विकास के लिये धनराशि की कमी नहींइस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में व्यापक स्तर पर विकास कार्य संपादित हो रहे हैं तथा विकास कार्यो के लिये धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही, उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव के आशीर्वाद से उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन विभिन्न मदों से लगातार नये-नये विकास कार्य स्वीकृत करा रहे हैं तथा विभिन्न मदों के अंतर्गत विगत ढाई वर्षो में निगम क्षेत्र में लगभग 01 हजार करोड़ रूपये के विकास कार्य उनके द्वारा स्वीकृत कराये जा चुके हैं। उन्होने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुये कहा कि आप सबने हमें अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है, अब हमारा दायित्व बनता है कि हम आपकी समस्याओं को त्वरित रूप से दूर करें, आपको सभी मूलभूत सुविधाएं सुगम रूप से उपलब्ध करायें, निश्चित रूप से निगम इसी लक्ष्य को सामने रखकर कार्य कर रहा है।विकास पथ पर लगातार अग्रसर है कोरबाइस अवसर पर सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योेग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के दिशा निर्देशन में कोरबा विकास के पथ पर निरंतर तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है, उनके द्वारा निगम के सभी 67 वार्डो में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केवल जनताजनार्दन की इच्छा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप बडे़ पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि लखनलाल देवांगन जैसे विधायक व मंत्री तथा संजूदेवी राजपूत जैसी महापौर हम सबको प्राप्त हुई है, जिनके कुशल नेतृत्व में कोरबा नितनई उपलब्धियाॅं अर्जित कर रहा है।कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पार्षद प्रेमसाहू, बहत्तर सिंह कंवर, रामाधार पटेल, जनकसिंह राजपूत, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष मनीष मिश्रा, एल्डरमेन दीपक यादव, बांकीमोंगरा के एल्डरमेन जितेन्द्र सिंह, रवीन्द्र अग्रवाल, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री भागवत विश्वकर्मा, वरिष्ठ नेता माधव जायसवाल, रामेश्वर वैष्णव, विजेन्द्र यादव, मनीष अग्रवाल, अनिल यादव, आकाश श्रीवास्तव, हेतराम साहू, अजय कश्यप, बालकृष्ण साहू, श्यामसुंदर राठौर, अमित यादव, लक्ष्य चतुर्वेदी, भूपेन्द्र महंत, कृपाल सिंह, निगम के सहायक अभियंता रमेश सूर्यवंशी, प्रमोद जगत, उप जोन प्रभारी पुखराज यादव, करनभाई पटेल, जयसिंह गभेल आदि के साथ काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।
- 0- बलौदाबाजार के सकरी स्थित मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय वन महोत्सव 2026 का आयोजन0- विद्यार्थियों ने चित्रकला और रंगोली से दिया हरियाली का संदेश, उत्कृष्ट वनसाथी भी हुए सम्मानितरायपुर. पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के संकल्प के साथ शनिवार को बलौदाबाजार के सकरी स्थित मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय 'वन महोत्सव 2026' का गरिमामय आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूली बच्चों और नागरिकों की व्यापक सहभागिता के बीच वृहद पौधारोपण किया गया।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण कर किया गया। अतिथियों ने स्वयं पौधे रोपकर समाज को पर्यावरण सहेजने का प्रेरक संदेश दिया और लगाए गए पौधों की सुरक्षा व देखभाल का संकल्प लिया।पौधा लगाना ही नहीं, उसे सहेजना असली सफलता: राजस्व मंत्रीइस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया 'एक पेड़ मां के नाम' केवल एक संदेश नहीं, बल्कि जन-जन को जोड़ने वाला एक देशव्यापी महाअभियान है। आज के दौर में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हर नागरिक अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए। केवल पौधा लगा देना ही काफी नहीं है, उसे वृक्ष बनने तक सहेजना और नियमित देखभाल करना ही इस अभियान की वास्तविक सार्थकता है।प्रतिभाशाली बच्चे और 'वनसाथी' हुए सम्मानितसमारोह को और अधिक जीवंत बनाने के लिए स्कूली विद्यार्थियों के बीच चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से प्रकृति और वृक्षों के महत्व को बखूबी उकेरा। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।इसी तरह वनों को भीषण दावानल (आग) से सुरक्षित रखने में साहसिक और उल्लेखनीय योगदान देने वाले वनसाथियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इस जिला स्तरीय वन महोत्सव में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर, वनमंडलाधिकारी सहित क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने आमजन से इस हरित अभियान से जुड़ने की अपील की।
- 0- धमतरी में 441 से अधिक ऑनलाइन सेवाओं का मिल रहा सीधा लाभ0- राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने हितग्राहियों को वितरित किए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र0- एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आवेदन की ट्रैकिंग आसान, दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिली मुक्तिरायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की डिजिटल सुशासन नीति से प्रदेश में आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का त्वरित और पारदर्शी लाभ मिलना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में धमतरी जिले में 'सेवा सेतु' पोर्टल के माध्यम से 441 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को अब सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिली है।धमतरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सेवा सेतु पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन जारी किए गए जाति प्रमाण पत्र हितग्राहियों को सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने पारदर्शी और समयबद्ध सेवा वितरण प्रणाली की सराहना की।नागरिक-केंद्रित सोच का प्रभावी उदाहरणराजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित सुशासन सोच का जीवंत उदाहरण है। डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से शासन और आम जनता के बीच की दूरी समाप्त हो रही है, जिससे हर नागरिक तक शासकीय सेवाएं पूरी पारदर्शिता, त्वरित गति और जवाबदेही के साथ पहुँच रही हैं।एक ही छत के नीचे 441 से अधिक शासकीय सेवाएंसेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रमुख विभागों की डिजिटल सेवाएं आम जनता के लिए बेहद सरल बना दी गई हैं। राजस्व एवं प्रमाण पत्र सेवाओं के तहत आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण और भू-अभिलेख से जुड़ी सेवाएं दी जा रही है। सामाजिक एवं नागरिक सेवाओं के तहत विवाह पंजीयन, नाम में संशोधन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। इसी तरह श्रम एवं अन्य विभागों से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है।समय और धन दोनों की बचतसेवा सेतु पोर्टल में नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों के निराकरण की पारदर्शी व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था से जहां आम नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत हो रही है, वहीं पूरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनी है।डिजिटल तकनीक का यह नवाचार छत्तीसगढ़ में सुशासन (Good Governance) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
- 0- वर्षों से बंद पड़ी सुविधाएं हुईं बहाल, श्रीमती आयते को फिर मिलने लगा योजनाओं का लाभरायपुर. राज्य शासन द्वारा नागरिक सेवाओं को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए संचालित आधार सेवा केंद्र अब ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम तोयलंका की निवासी श्रीमती आयते की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है, जिनकी वर्षों पुरानी आधार संबंधी समस्या का समाधान होने से उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ फिर से मिलने लगा है।श्रीमती आयते लंबे समय से आधार कार्ड अपडेट नहीं होने के कारण परेशान थीं। आधार निष्क्रिय होने से उन्हें पेंशन, राशन और अन्य शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाने से वे निराश हो चुकी थीं।इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आधार सेवा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जहां आधार संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाता है। जानकारी मिलते ही वे सेवा केंद्र पहुंचीं और अपनी समस्या अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताई।जांच में पता चला कि लंबे समय से ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उनका आधार निष्क्रिय हो गया था। सेवा केंद्र के कर्मचारियों ने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई और आधार को पुनः सक्रिय कर दिया। पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई।आधार पुनः सक्रिय होने के बाद श्रीमती आयते को अब पेंशन, राशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन और आधार सेवा केंद्र के कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सुविधा ने उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कर दिया और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है।राज्य शासन की मंशा है कि हर नागरिक को बिना अनावश्यक परेशानी के शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिले। आधार सेवा केंद्रों के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक अपडेट, मोबाइल नंबर अपडेट और आधार सक्रियण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हो रही है और डिजिटल सेवाओं पर उनका भरोसा मजबूत हो रहा है।
- 0- समय पर आय प्रमाण-पत्र मिलने से सरिता की उच्च शिक्षा का रास्ता हुआ आसानरायपुर. राज्य सरकार की सुशासन और डिजिटल सेवा व्यवस्था को मजबूत करने वाली सेवा सेतु पहल आज प्रदेश के हजारों परिवारों के लिए भरोसे का माध्यम बनती जा रही है। अब नागरिकों को छोटे-छोटे प्रमाण-पत्रों और शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि एक ही केंद्र पर पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली क्षेत्र से सामने आई है, जहां श्री मुन्ना राम अपनी पुत्री सरिता की उच्च शिक्षा को लेकर चिंतित थे। कॉलेज में प्रवेश के लिए आय प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत थी, लेकिन दस्तावेज समय पर उपलब्ध न होने से उनकी बेटी की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी।परिवार ने सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। केंद्र के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवेदन की त्वरित प्रक्रिया पूरी करते हुए आवश्यक आय प्रमाण-पत्र समय पर जारी कर दिया। दस्तावेज मिलने के बाद सरिता का उच्च शिक्षा में प्रवेश सुनिश्चित हो सका और उसकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सकी।श्री मुन्ना राम ने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की परेशानी होती थी। अब सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर दस्तावेज मिलने से उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित हुआ और परिवार की बड़ी चिंता दूर हो गई।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी व्यवस्था ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए सुशासन का वास्तविक उदाहरण है। यह पहल न केवल प्रशासन को नागरिकों के करीब ला रही है, बल्कि बेटियों की शिक्षा, युवाओं के भविष्य और आम लोगों के आत्मविश्वास को भी नई मजबूती दे रही है।राज्य सरकार द्वारा डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार से यह स्पष्ट हो रहा है कि सुशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक समय पर उनका लाभ पहुंचाना है। सेवा सेतु केंद्र आज प्रदेश में शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, प्रमाण-पत्र, राजस्व और अन्य शासकीय सेवाओं को सरल बनाकर नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
- 0- प्राकृतिक आपदा से फसल की सुरक्षा के लिए समय रहते उठाएं योजना का लाभराजनांदगांव । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 में किसान अपने फसलों का बीमा 14 अगस्त 2026 तक करा सकते हैं। पूर्व में यह तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई थी, जिसमें बढ़ोत्तरी की गई है। जिले के ऋणी एवं अऋणी दोनों श्रेणी के किसान निर्धारित तिथि तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करता है। सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने की स्थिति में योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, उड़द, मूंग, कोदो, कुटकी तथा रागी जैसी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा कराया जा सकता है। योजना का लाभ भू-धारक एवं बटाईदार किसान दोनों ले सकते हैं। खरीफ 2026 के लिए किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है। जिसके तहत धान (सिंचित) 1320 रूपए, धान (असिंचित) 990 रूपए, मक्का 1056 रूपए, सोयाबीन 1100 रूपए, मूंगफली 924 रूपए, अरहर 880 रूपए, उड़द 660 रूपए, मूंग 638 रूपए, कोदो 484 रूपए, कुटकी 484 रूपए, रागी 550 रूपए देय प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है।फसल बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ऋण पुस्तिका (ऋणी किसानों के लिए), स्वघोषणा पत्र अथवा बुवाई प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। किसान अपनी सहकारी समिति, संबंधित बैंक, भारतीय कृषि बीमा कंपनी तथा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से भी फसल बीमा करा सकते हैं। कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी किसानों से फसल बीमा कराने की निर्धारित अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 से पूर्व अनिवार्य रूप से अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ लेने तथा प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में अपनी मेहनत और आय को सुरक्षित करने की अपील की गई है।
- राजनांदगांव। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में वर्षा ऋतु में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए नागरिकों से अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कहीं भी पानी जमा न होने देने, कूलर एवं पानी संग्रहित करने वाले पात्रों की नियमित सफाई करने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने तथा मलेरिया या डेंगू के लक्षण जैसे बुखार आने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की गई है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच हेतु रैपिड डायग्नोस्टिक किट, आवश्यक दवाइयां तथा लार्वीसाइड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है तथा स्वास्थ्य कर्मियों को सतत निगरानी, डेंगू संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन तथा त्वरित कार्रवाई करने कहा गया है। जिले में लगातार फीवर सर्वे, स्वास्थ्य शिविर, मलेरिया एवं डेंगू की जांच, तथा शीघ्र उपचार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिससे संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। जनजागरूकता के लिए जिले में आईईसी एवं बीसीसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को घर एवं आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर, टंकी, गमलों एवं अनुपयोगी पात्रों का पानी नियमित रूप से खाली करने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा बुखार होने पर तत्काल जांच कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए सोर्स रिडक्शन गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।रूके हुए जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियों का छोड़ा जा रहा है। सभी सीएचसी, पीएचसी एवं एसएचसी में लार्वीसाइड उपलब्ध कराकर उसका उपयोग कराया जा रहा है। रूके हुए जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियों का संवर्धन एवं विसर्जन किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार लार्वीसाइड का उपयोग किया जा रहा है। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में लार्वीसाइड उपलब्ध कराया गया है। नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्रों में नियमित मैपिंग के आधार पर फॉगिंग कार्य कराया जा रहा है। जिससे मच्छरों की संख्या को नियंत्रित किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम के समन्वय से संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त रूप से मलेरिया एवं डेंगू नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जागरूकता अभियान अंतर्गत जिले के विद्यालयों में नारा लेखन, भाषण, चित्रकला, रंगोली एवं अन्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव की जानकारी दी जा रही है, ताकि विद्यार्थी अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक कर सकें।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 25 स्वदेशी मलेरिया के मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 15 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जो स्थानीय संक्रमण में कमी का सकारात्मक संकेत है। हालांकि इस वर्ष प्रवासी आबादी में मलेरिया के मामलों की अधिकता देखी गई है, जिसके मद्देनजऱ प्रवासी श्रमिकों एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी, जांच एवं उपचार की व्यवस्था की गई है। वहीं वर्षा ऋतु को देखते हुए डेंगू की रोकथाम हेतु लार्वा सर्वे, कंटेनर सर्वे, सोर्स रिडक्शन एवं जनजागरूकता गतिविधियों को भी विशेष रूप से सुदृढ़ किया गया है। पिछले वर्ष जिले में पात्र हितग्राहियों को मच्छरदानियों का वितरण किया गया था। इस वर्ष भी आवश्यक मैपिंग कर मच्छरदानी वितरण की कार्ययोजना बनाई जा रही है। साथ ही राज्य शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त होते ही चिन्हित क्षेत्रों में पाइरेथ्रम स्प्रे का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा।
- राजनांदगांव। मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा द्वारा जिला न्यायालय राजनांदगांव का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता संघ के सदस्यों तथा न्यायालयीन कर्मचारियों से संवाद किया। अपने प्रवास के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जिला न्यायालय परिसर स्थित विभिन्न न्यायालय कक्षों, सेंट्रल प्रोसेस अनुभाग, सर्वर, लीगल एंड डिफेंस सिस्टम, अभिलेखागार, मालखाना, लेखा अनुभाग, ग्रंथालय, डिजिटलीकरण एवं स्कैनिंग केन्द्र, पीडि़ता विश्राम कक्ष, किलकारी कक्ष सहित विभिन्न अनुभागों का सघन अवलोकन कर वहां उपलब्ध आधारभूत अधोसंरचना का जायजा लिया। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालयीन कार्यों में कार्यक्षमता, जवाबदेही, पत्रावलियों के रखरखाव और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पेपरलेस कार्यप्रणाली व आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल देते हुए न्यायिक व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि जुडिशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और न्याय प्रणाली में नई तकनीकी को शामिल करने के हमेशा से पक्षधर रहे हैं। पदभार संभालने के बाद से ही वे लगातार प्रदेश के दूरस्थ व जिला न्यायालयों का दौरा कर जमीनी हकीकतों का जायजा ले रहे हंै। उनके इसी विजन के कारण आज राज्य में अदालतों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण को एक नई गति मिली है, जिससे न्याय व्यवस्था अधिक नागरिक केंद्रित हो रही है। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर राजनांदगांव में मौलश्री पौधा का रोपण भी किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, ज्वाइंट रजिस्ट्रार-कम-प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी, प्रोटोकॉल अधिकारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजनांदगांव, जिले के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण, जिला कलेक्टर, लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस अधीक्षक तथा न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- 0- राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026 का शुभारंभरायपुर। वाणिज्य उद्योग, श्रम एवं आबकारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन शनिवार को जिला कुडो संघ द्वारा मंगल भवन, कटघोरा में आयोजित राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई प्रतिभाशाली बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना केवल उन्हें स्वयं की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना नहीं है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, साहस और नेतृत्व क्षमता का विकास करना भी है। जब हमारी बेटियाँ आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनती हैं, तभी एक सुरक्षित, सशक्त और विकसित समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में खेल अधोसंरचना के विकास, प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि भारत सरकार भी खेलो इंडिया जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और खिलाड़ियों को बेहतर मंच प्रदान करने का कार्य कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के खिलाड़ियों को नई पहचान और बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ आज खेल, शिक्षा, कला और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उन्हें उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराकर देश के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी एवं जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर प्रतिभागियों को जीवन की हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना करने, अनुशासित जीवन जीने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री देवांगन ने जिला कुडो संघ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर बेटियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। इस अवसर पर पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, पार्षद श्री जनक राजपूत, कुडो कराते संघ की अध्यक्ष सुश्री सीता रजक सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- 0- घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली प्रवास के दौरान किया दूरभाष पर संपर्क, मुख्यमंत्री की 20-20 लाख रुपये की सहायता घोषणा पर जताया आभार0- कहा- आतंकियों को उनके कायराना कृत्य का मिलेगा मुंहतोड़ जवाबरायपुर जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दीपक रात्रे एवं भूपेन्द्र की निर्मम हत्या की सूचना मिलते ही उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान तत्काल दोनों दिवंगतों के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाते हुए इस कठिन समय में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्री शर्मा ने अधिकारियों को भी आवश्यक समन्वय एवं हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक में डाल दिया है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या मानवता के विरुद्ध जघन्य अपराध है। आतंकवाद के ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश आतंकवाद के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और इस नृशंस हमले में शामिल आतंकियों को उनके अपराध की कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि आतंकियों को उनके कृत्य का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा और इस हमले का बदला अवश्य लिया जाएगा। श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह संवेदनशील निर्णय शोक संतप्त परिवारों को कठिन समय में संबल प्रदान करेगा तथा राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। वे पीड़ित परिवारों के साथ रहकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
- 0- प्राचीन काल से कुंभकार समाज का महत्वपूर्ण योगदान, लोगों के सुख-दुख के रहे साथी : साव0- पीएम विश्वकर्मा योजना और छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड से शिल्पकारों की तरक्की, समाज की नई पीढ़ी को बढ़ा रहे आगे : उप मुख्यमंत्रीरायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज बिलासपुर के पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित राजा दक्ष प्रजापति जयंती (सर्व कुम्हार समाज) एवं सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कुम्हार समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन काल से कुंभकार समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। रचना और निर्माण में कारीगरों को महारत हासिल है। विभिन्न ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थानों की खुदाई में मिट्टी के बर्तन मिले हैं। इससे पता चलता है कि प्राचीन सभ्यता में भी कुंभकारों का महत्वपूर्ण स्थान रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि सामाजिक रीति-रिवाजों में कुंभकार की अहम भूमिका रहती है। सुख और दुख के कार्यों में मिट्टी के बर्तन उपयोग होते हैं। समय के साथ कुंभकार समाज भी अपनी योग्यता और मेहनत से आगे बढ़ रहा है। श्री साव ने बताया कि मोदी सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना शिल्पकारों की तरक्की लेकर आई है। यह योजना शिल्पकार समाज की उन्नति के लिए बनाई गई है। इसका लाभ उठाकर समाज के लोग सक्षम बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी कुम्हार समाज के कल्याण के लिए माटीकला बोर्ड का गठन किया है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आधुनिक युग में फिर से मिट्टी के बर्तनों का उपयोग बढ़ा है। बर्तनों को आधुनिक रूप देकर बड़े होटलों में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऑनलाइन और ई-कॉमर्स से मिट्टी के बर्तन खूब बिक रहे हैं। विधायकगण सर्वश्री धरमलाल कौशिक जी, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव और सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, समाज के अध्यक्ष श्री किशन प्रजापति, बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी और श्री दीपक सिंह सहित अनेक सामाजिक पदाधिकारी तथा गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -राज्यपाल ने जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दी उपाधियांरायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को विवेक, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जनकल्याण के लिए उपयोग में लाना है। एक शिक्षित व्यक्ति की पहचान उसके प्रमाण-पत्रों से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसके योगदान से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।राज्यपाल श्री डेका रायगढ़ स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा स्कूल ऑफ साइंस के 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण, 28 को रजत तथा 29 विद्यार्थियों को कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर है। ऐसे समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उन्हें ऐसे युवा तैयार करने होंगे जो ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की प्रवृत्ति और सामाजिक सरोकारों को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की सच्ची सार्थकता केवल उपाधि प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उस ज्ञान को समझदारी, दूरदर्शिता और नैतिक साहस के साथ जीवन में उतारने में है। आपका ज्ञान तभी पूर्ण होगा, जब वह समाज और मानवता के कल्याण में उपयोगी बने। जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले युवा अपने ज्ञान, प्रतिभा और संस्कारों के बल पर देश के विकास तथा समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।समारोह में जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद श्री नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल, जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री देबोज्योति रॉय, कुलपति डॉ.आर.डी. पाटीदार विशेष रूप से उपस्थित थे।
- रायपुर / प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपये की कर हस्तांतरण राशि जारी करने का निर्णय सहकारी संघवाद की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला है।:उन्होंने कहा कि कर हस्तांतरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 3,602 करोड़ रुपये की अग्रिम कर हिस्सेदारी प्राप्त हुई है। यह राशि राज्य में अधोसंरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्यों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। समय पर कर हस्तांतरण से राज्यों की वित्तीय क्षमता मजबूत होती है, जिससे विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आती है और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए समृद्ध और विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा करेंगे अध्यक्षता-डिजिटल तकनीकों के समावेश से न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम-अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली, अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली तथा डिजिटल न्यायिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होगा मंथनरायपुर। न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अधिक सशक्त, सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आगामी 2 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल, वीआईपी रोड में ’नवीन आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाना’ विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीकों के समावेश के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव तथा न्यायमूर्ति श्री चंद्रवंशी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के अन्य न्यायाधीशगण भी कार्यक्रम में सहभागी होंगे। राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायिक सेवा के अधिकारीगण, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक सहित पुलिस एवं न्यायिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। कार्यशाला न्यायपालिका, पुलिस एवं अभियोजन तंत्र के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ नवीन तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।कार्यशाला के दौरान अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस), अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस), डिजिटल न्यायिक समन्वय, नवीन आपराधिक कानूनों के अंतर्गत तकनीकी एकीकरण तथा न्याय एवं पुलिस व्यवस्था के डिजिटलीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा। इन विषयों के संबंध में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) एवं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वरिष्ठ अधिकारी विषय विशेषज्ञ के रूप में तकनीकी प्रशिक्षण एवं विस्तृत प्रस्तुतीकरण देंगे। यह राज्य स्तरीय कार्यशाला न्यायपालिका, पुलिस एवं अभियोजन तंत्र के मध्य समन्वित डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नागरिकों को त्वरित, सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को अग्रिम कर हस्तांतरण के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि राज्यों की विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय से पहले कर हिस्सेदारी उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की संवेदनशील, दूरदर्शी और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अग्रिम कर हस्तांतरण के रूप में ₹3,602 करोड़ की राशि प्राप्त होने से प्रदेश में अधोसंरचना विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी। इससे सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी और विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और समन्वय की भावना ही विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर राज्यों को सशक्त बनाने तथा उनकी वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रभावी निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार का निरंतर सहयोग विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।
- -दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि देगी छत्तीसगढ़ सरकार-पीड़ित परिवारों के साथ लगातार मौजूद हैं छत्तीसगढ़ के अधिकारीरायपुर । दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए त्वरित कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता से अतिरिक्त होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जम्मू-कश्मीर रवाना किया गया, जो घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों के साथ समन्वय और आवश्यक व्यवस्थाओं में जुटे हैं मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीड़ित परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।जम्मू-कश्मीर पहुंचे अधिकारियों ने वहां के प्रशासन से समन्वय स्थापित कर राहत एवं सहायता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की अंतरिम सहायता प्रदान की गई है तथा 14-14 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि भी शीघ्र प्रदान की जाएगी।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक दोनों परिवार सुरक्षित अपने गृह जिले नहीं पहुंच जाते, तब तक राज्य सरकार के अधिकारी उनके साथ रहकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार दोनों शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


























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