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- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला सहकारी बैंक ने की कार्रवाईरायपुर / सुशासन तिहार 2026 के दौरान आमजन की शिकायतों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। कोरिया जिले की जिल्दा समिति, खड़गंवा में खाद वितरण से जुड़े गबन प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी कोरिया श्री कल्लु प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।खाद वितरण में अनियमितता और गबन की शिकायतें सामने आने के बाद मामले की समीक्षा की गई। जांच में कार्यवाही के प्रति गंभीर लापरवाही उजागर होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आज श्री कल्लु प्रसाद मिश्रा, सहायक लेखापाल (प्रभारी शाखा प्रबंधक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शाखा बैकुंठपुर, जिला कोरिया निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि शिकायत सामने आते ही प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम जनता में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है।
- -कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित-मुख्यमंत्री ने सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले में पेयजल की समस्या और स्कूल परीक्षा परिणाम को लेकर जतायी नाराजगी-सुशासन तिहार में सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आज सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का मुआयाना किया। इस दौरान शिविर में वह ग्रामीणों आत्मीयता से मिले एवं धैर्य से उनकी समस्याएं सुनीं।मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों जिलों में सुशासन तिहार का जायजा लेने के बाद चिरमिरी में जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में उक्त तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूली परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर एक ओर जहां गहरी नाराजगी जतायी, वहीं कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रूख से सभी लोग सकते में आ गए।मुख्यमंत्री श्री साय का सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से अपनत्वभाव से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाना, बच्चों का अन्नप्रासन और उनका नामकरण करना, एक ओर जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व का परिचायक है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामले में अधिकारियों पर नाराजगी और निलंबन की कार्यवाही सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।मुख्यमंत्री ने श्री साय ने समीक्षा बैठक के दौरान उक्त तीनों जिलों में पेयजल की समस्या के मामले में कलेक्टरों को हर-हाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल की कमी है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना, कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी तरह की कोताही पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के शालेय परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जतायी और कलेक्टरों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के साथ ही स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हो सके।मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और हितग्राही के परेशान होने की शिकायत मिली तो, इसके लिए भी कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने उक्त तीनों जिलों के अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से ली। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
- -नई अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशें उद्यमी- वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी-राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का भव्य शुभारंभरायपुर /विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल किया जाना इस क्षेत्र के समेकित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, इससे क्षेत्रीय प्रगति और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी देश या राज्य को आगे बढ़ाने में अर्थव्यवस्था और उद्यमिता की सबसे बड़ी भूमिका होती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज राजनांदगांव के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्यक्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिली है।वित्त मंत्री ने आर्थिक उदारीकरण और जीएसटी के फायदे को रेखांकित करते हुए कहा कि एक देश-एक कर व्यवस्था से व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी हुई हैं। उन्होंने उद्यमियों से शासन की औद्योगिक नीति का लाभ उठाने और भविष्य के उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन एनर्जी, बायोफ्यूल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की भविष्य में व्यापक संभावनाएं हैं। औद्योगिक सब्सिडी के लिए उद्योगों के लंबित लगभग 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी के भुगतान हेतु सरकार ने 468 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया है। उद्योग आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में श्जॉब पार्कश् की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में समाज सेवा और व्यापार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए श्री नंदलाल राठी, श्री टीकमदास साहू, श्रीमती हीना बेन रायचा, श्री शेखर बोथरा, श्री उन्नति पंजवानी और गुरबचन कौर सावलानी को व्यापारी-उद्यमी सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थोरानी, समाजसेवी श्री खूबचंद पारख, चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजनांदगांव के अध्यक्ष श्री कमलेश बैद, श्री ज्ञानचंद बाफना और श्री अरुण डुलानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में पद्मश्री फूलबासन यादव सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यापारी, उद्योगपति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राजनांदगांव से वाहनों को किया रवाना-बेड़े में 18 डायल-112, 3 हाईवे पेट्रोलिंग और 1 फॉरेंसिक वाहन सहित कुल 22 अत्याधुनिक गाड़ियां शामिल-नया ध्येय वाक्यः “एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायता... डायल 112 - एक्के नम्बर, सब्बो बर”रायपुर / आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजनांदगांव में आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ सेवा के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आपातकालीन सेवाओं का आधुनिकीकरण नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। “एक नंबर, अनेक माध्यम, त्वरित सहायता” की सोच पर आधारित डायल-112 सेवा प्रदेशवासियों को किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू और मदद उपलब्ध कराने का सबसे सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इन आधुनिक तकनीक-आधारित वाहनों से पुलिस की रिस्पॉन्स टाइमिंग बेहतर होगी और कानून व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112’ सेवा के विस्तार के तहत कुल 22 आधुनिक वाहनों को बेड़े में शामिल किया गया है, जिनका वर्गीकरण इस प्रकार है। डायल-112 वाहन 18 (त्वरित आपातकालीन रिस्पॉन्स के लिए), हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के लिए 03 (राजमार्गों पर दुर्घटनाओं और सुरक्षा की निगरानी के लिए), फॉरेंसिक वाहन 01 (घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए) ये सभी वाहन नवीनतम जीपीएस (ळच्ै), उन्नत संचार प्रणालियों और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं। इससे कंट्रोल रूम को रियल-टाइम लोकेशन मिलेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना पर पुलिस बल बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच सकेगा। इन नए हाई-टेक वाहनों के सड़कों पर उतरने से न केवल आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद आपातकालीन चिकित्सा व सुरक्षा सहायता मिल सकेगी। स्थानीय स्तर पर छत्तीसगढ़ी स्लोगन एक्के नम्बर, सब्बो बर के साथ इस सेवा को लेकर नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इन वाहनों के संचालन से कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित एवं बेहतर आपातकालीन सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
- -’भगवताटोला से भैंसबोड तक बनेगी 2.40 किमी पक्की सड़क’-’चिर परिचित अंदाज में उप मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठे, समस्याएं सुनी, अनेक विकास कार्यों की घोषणा की’-’उप मुख्यमंत्री ने 35 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के साथ सड़क, सोलर आटा चक्की, शौचालय, सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की’रायपुर। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम भगवताटोला से भैंसबोर्ड मार्ग पर अब सफर आसान और तेज होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गुरुवार को ग्राम बबई में विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 4.36 करोड़ रूपए से अधिक की लागत बनने वाले 2.40 किमी सड़क पुल पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों का वर्षों पुराना इंतजार खत्म किया। यह सड़क मार्ग क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ ग्रामीणों के आवागमन को आसान और सुगम बनाएगा। इस दौरान साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, श्री नितेश अग्रवाल, श्री लाला राम साहू, श्री भूखन साहू, श्री परदेशी पटेल, श्री जलेश्वर वर्मा, श्री लेख चंद पटेल सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने चिर परिचित अंदाज में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से आत्मीय चर्चा की, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मांगों पर तत्काल विकास कार्यों की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने महामाया मंदिर में कक्ष निर्माण के लिए 2 लाख, भगवता टोला में सामुदायिक भवन के लिए 6.5 लाख, सामुदायिक शौचालय निर्माण, समतलीकरण के लिए 2.5 लाख, बबई में मुरमीकरण के लिए 2 लाख रुपए, भैंसबोड में रंग मंच के लिए 4 लाख, पचरी निर्माण के लिए 3 लाख, ग्राम नरोधी में मुरमीकरण के लिए 4 लाख, सिंगारपुर में सामुदायिक भवन के लिए 6.5 लाख, ग्राम धनगांव में मुख्यमंत्री ग्रामसड़क योजना के तहत पक्की सड़क, मरार समाज के सामुदायिक भवन कक्ष के लिए 5 लाख और महिला स्व सहायता समूह द्वारा मांग पर सोलर आटा चक्की बनाने की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, आवास, किसान हित और महिला सशक्तिकरण से जुड़े काम तेजी से किए जा रहे हैं, जिससे गांवों की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 1 हजार रुपए की राशि दी जा रही है, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है। साथ ही सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति देकर बड़ा फैसला लिया गया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिल सके। महतारी वंदन से अब तक 27 किस्तों के माध्यम से हर हितग्राही माता बहनों के खाते में 27 हजार की राशि पहुंच चुकी है। इस दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा में सड़क व अन्य निर्माण पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।साजा विधायक श्री ईश्वर साहू ने कहा कि आज 4 करोड़ 36 लाख रुपए के लागत के विकास कार्यों के भूमिपूजन की सभी को बधाई दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी को छत्तीसगढ़ सरकार पूरा कर रही है। सरकार समर्थन मूल्य में धान की खरीदी कर रही है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1 हजार रुपए महिलाओं के खाते में डाले जा रहे है। किसानों को बोनस राशि का भुगतान एक मुश्त किया गया है। मोदी जी के सभी वादे को पूरा किया गया है। प्रदेश के सभी जिले में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है जहाँ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पहुंच रहे है और वहां का निरीक्षण कर रहे है साथ ही अनेक विकास कार्यों की सौगात भी दे रहे है।
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-सेवा सेतु पोर्टल पर मिलेगी 441 शासकीय सेवाएं
राजनांदगांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप राज्य शासन द्वारा सुशासन और डिजिटल गवर्नेस को बढ़ावा देने के लिए सेवा सेतु पोर्टल की शुरूआत की गई है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासकीय सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है। कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों एवं दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों से अपने छोटे-छोटे कार्यों के प्रमाण पत्रों, राजस्व कार्यों और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय आने के बजाय सेवा सेतु पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।
सहायक प्रबंधक जिला ई-गवर्नेस सोसायटी राजनांदगांव श्री आशीष स्वर्णकार ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध हो पाएगा। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विभिन्न शासकीय विभागों की कुल 441 जन-कल्याणकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राजस्व मामले, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, नाम परिवर्तन हेतु राजपत्र प्रकाशन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी, बाधारहित एवं समयबद्ध बनाना है। पोर्टल के माध्यम से आवेदक अपने आवेदनों की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। हर सेवा के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है। जिससे आम जनता के काम बिना किसी देरी के पूरे होंगे। छत्तीसगढ़ में पहले ईडिस्ट्रिक परियोजना के माध्यम से केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थी। समय की आवश्यकता को देखते हुए इसका उन्नत संस्करण सेवा सेतु विकसित किया गया है। जिसमें अब 441 सेवाएं जोड़ी जा चुकी है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी है।
राज्य शासन की यह डिजिटल पहल विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों और कामों के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने नजदीकी सेवा सेतु केन्द्र या स्वयं के मोबाइल और कम्प्यूटर के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल का लाभ उठा सकेंगे। राज्य शासन इस पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। जिससे नागरिकों के समय और धन दोनों की बचत होगी। हर सेवा के लिए एक समय-सीमा तय की गई है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जिसका लक्ष्य जिले के अंतिम व्यक्ति तक इस डिजिटल सुविधा का लाभ पहुंचाना है। -
- बास्केटबाल, क्रिकेट, टेनिस, स्नूकर, बिलियर्डस, शतरंज जैसे खेलों के लिए स्टेडियम का किया जा रहा अच्छा उपयोग
- दिग्विजय स्टेडियम को सक्रिय करने एवं खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कहा
- राजनांदगांव जिला शतरंज खेल के हब के रूप में होगा विकसित
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह गुरुवार को दिग्विजय स्टेडियम समिति के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिग्विजय स्टेडियम समिति के सचिव श्री रमेश पटेल एवं सहसचिव श्री योगेश बागड़ी को पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम में बास्केटबाल, क्रिकेट, टेनिस, स्नूकर, बिलियर्डस, शतरंज जैसे खेलों के लिए स्टेडियम का अच्छा उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले को शतरंज के खेल के हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। दिग्विजय स्टेडियम के समतलीकरण एवं निर्माण के लिए 15 लाख रूपए तथा विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 14 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 29 लाख रूपए के कार्यों की मांग की गई है, जो एक सप्ताह में स्वीकृत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी वित्तीय मुद्दों को लेकर जिला स्तरीय व्यापारी महाअधिवेशन शामिल हुए। उन्होंने स्टेट कैपिटल रीजन में राजनांदगांव जिले को शामिल करने की एतिहासिक घोषणा की है। जिसमें जिले के भविष्य की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि विगत ढाई साल में जिले में विकास कार्य तेजी से हो रहे है। अब तक मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ढाई हजार करोड़ रूपए की राशि राजनांदगांव के विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की है। उन्होंने स्टेडियम को सक्रिय करने एवं खेल गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कहा।
महापौर श्री मधुसूदन यादव ने दोनों पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद सक्रियता से खेल गतिविधियों को सुध ली है और आगे भी खेल गतिविधियां जारी रहेगी। इससे सभी खेल प्रेमियों को लाभ मिलेगा।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि खेल, युवा एवं समाज हम सभी का भविष्य है। जिले में बहुत से बेहतरीन खिलाड़ी आगे आए हंै, जिन्होंने शहर का नाम रौशन किया है। एक खिलाड़ी शहरी के नाम की परिभाषा बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों में ऊर्जा लगाएं और उन्हें खेलों के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे नशे की ओर नहीं जाए। एक हॉबी के रूप में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय एस्टोटर्फ हॉकी स्टेडियम की टेंडर लगी हुई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की दूरदर्शिता से दिग्विजय स्टेडियम के निर्माण के साथ ही यह भी व्यवस्था की गई है कि स्टेडियम के मेंटेनेंस के लिए फंड जनरेट होता रहे। इसके लिए दुकाने किराए पर दी गई है। नवागांव में 8 करोड़ रूपए की लागत से एथलेटिक ट्रेक बनेगा। बैटमिंटन कोर्ट का भी अनुमोदन हो गया है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री योगेश्वर दत्त मिश्रा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री किरण वैष्णव, राजगामी संपदा अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, राजगामी संपदा के उपाध्यक्ष श्री मनोज निर्वाणी, श्री खूबचंद पारख, श्री संतोष अग्रवाल, श्री कोमल राजपूत, श्री कोमल सिंह जंघेल, श्री सौरभ कोठारी, श्री नरेश डाकलिया, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । तहसीलदार राजनांदगांव श्री प्यारेलाल नाग ने ग्राम बघेरा और झुराडबरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग एवं बिना अनुमति निर्माण कार्य किए जाने के संबंध में पटवारी हल्का नंबर 18 श्री धनसिंग कोमरे को कारण बताओ सूचना जारी किया है। तहसीलदार राजनांदगांव के नेतृत्व में राजस्व टीम द्वारा ग्राम बघेरा एवं झुराडबरी क्षेत्र के विभिन्न खसरों का निरीक्षण कर अवैध संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान खसरा नंबर 492/2, 493/2, 494, 415, 505/2, 500/1, 510/1, 510/4, 511/1, 512/1, 505/3, 510/3, 503/1, 510/2, 511/3, 502/1, 504/3, 513/1, 513/2, 513/3, 500, 415/1, 410/2, 410/5, 344/1, 316/1, 334/1, 334/2, 334/3, 335/1, 335/2, 336, 337, 339/1, 340, 342, 343/1, 343/2, 345/1 एवं 345/2 की भूमि पर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अवैध प्लाटिंग, बाउंड्रीवाल, गेट, तार फेंसिंग तथा मकान निर्माण कार्य किया जाना पाया गया। राजस्व अमले द्वारा मौके पर अवैध संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की गई। जांच में यह भी पाया गया कि उक्त निर्माण कार्य विगत 2 से 3 वर्षों से किए गए थे, जिसके संबंध में आपके द्वारा पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई थी। उक्त कृत्य पदीय दायित्वों के विरूद्ध है। पटवारी हल्का नंबर 18 श्री धनसिंग कोमरे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 2 दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अथवा लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा शासकीय महाविद्यालय डोंगरगांव को आबंटित खसरा नंबर 488/2 रकबा 2.473 हेक्टेयर भूमि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर के पास कालेज के कम्पाउण्ड में खेल मैदान में अवैध रूप से भण्डारित 14 हाईवा (10 चक्का) रेत पाया गया। कालेज के प्राचार्य एवं अन्य व्यक्तियों से पूछताछ करने पर इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं होना बताया गया। अवैध रूप से भण्डारित रेत को शिवनाथ नदी खुज्जी पुल के पास पुन: नदी में डाल दिया गया। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- -अवैध खनन पर निगरानी होगी और सशक्त: शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी-जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज संसाधनों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, नागरिकों से सीधा संवाद तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “खनन सूचना केंद्र (Mining Information Center)” की स्थापना की गई है।प्रदेश में खनिजों से संबंधित गतिविधियों, शिकायतों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए संचालनालय, भूविज्ञान एवं खनिकर्म द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। इस माध्यम से आम नागरिक अवैध खनन, अवैध परिवहन, खनिज संबंधी अनियमितताओं अथवा अन्य शिकायतों की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे समयबद्ध कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की “जीरो टॉलरेंस” नीति के अनुरूप स्थापित यह सूचना केंद्र पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। अब खनन गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र उपलब्ध होगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।खनन सूचना केंद्र का संचालन कार्यालयीन समयानुसार प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक किया जाएगा। प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त संचालक (खनिज प्रशासन) स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खनिज संपदा का संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, राजस्व संवर्धन तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जनसहभागिता और तकनीकी समन्वय के माध्यम से ही संभव है। “खनन सूचना केंद्र” इस दिशा में शासन की जवाबदेह, संवेदनशील और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।
- -तेंदू, सतालू, चार और लीची का लिया स्वाद, पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक के ग्राम कुशहा में आकस्मिक प्रवास के दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। आम और पीपल के पेड़ों की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थानीय फल तेंदू, सतालू, चार और लीची का स्वाद लिया तथा ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से बिजली, पानी, शिक्षा, राशन, आवास और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में सुशासन तिहार के अंतर्गत क्लस्टरवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां अधिकारियों द्वारा समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं है, उनका निराकरण एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।ग्रामीणों ने पेयजल और मोबाइल नेटवर्क की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए तथा जल्द ही मोबाइल टॉवर स्थापना की दिशा में पहल करने की बात कही।मुख्यमंत्री ने स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर एवं स्टाफ की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना तथा राशन वितरण व्यवस्था की जानकारी भी ग्रामीणों से प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें समय पर राशन और तेंदूपत्ता बिक्री का पारिश्रमिक मिल रहा है।चौपाल में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क एवं पुलिया निर्माण तथा गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल खोलने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- : सुशासन तिहार में ग्रामीणों की मांग पर तांदुला जलाशय से नदी और नहरों में छोड़ा गया पानीबालोद । भीषण गर्मी और पेयजल की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों की मांग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तांदुला जलाशय से नदी और स्थानीय नहरों में पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे ग्राम गुरेदा एवं आसपास के कई ग्रामीणों को निस्तारी की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। विगत 18 मई 2026 को ग्राम गुरेदा में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में ग्राम गुरेदा सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे थे। ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के कारण हो रही पानी की किल्लत का हवाला देते हुए तांदुला नदी में पानी छोड़ने के लिए आवेदन सौंपा था। ग्रामीणों की समस्या के त्वरित निराकरण हेतु दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर और कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही जल संसाधन विभाग के अधिकारी को तांदुला जलाशय से पानी छोड़ने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में निस्तार और पानी उपलब्ध हो सके। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयुष देवांग ने बताया कि निर्देश के परिपालन में तत्परता दिखाते हुए, 20 मई 2026 को तांदुला जलाशय से पानी छोड़ना प्रारंभ कर दिया गया है। इससे तांदुला नदी में स्केप के माध्यम से तथा गुण्डरदेही वितरक शाखा नहर के जरिए भी पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन के इस त्वरित फैसले और जल संसाधन विभाग की मुस्तैदी से क्षेत्र के ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त करते हुए प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
- दुर्ग / भारत के सर्वाेच्च न्यायालय एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्देशों के अनुपालन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि 2026 के दौरान प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन एवं ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए “वर्क फ्रॉम होम” तथा “वाहन पूलिंग” व्यवस्था लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है।इस संबंध में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देशानुसार मुख्यालय में उपलब्ध वरिष्ठ न्यायाधीश चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में समस्त न्यायिक अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वाेच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा जारी परिपत्रों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रति सप्ताह अधिकतम दो दिवस “वर्क फ्रॉम होम” की अनुमति प्रदान कर सकते हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक कार्य दिवस में कार्यालय एवं न्यायालय में न्यूनतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से बनी रहे, जिससे न्यायालयीन कार्य प्रभावित न हो।प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्क फ्रॉम होम की अनुमति प्राप्त कर्मचारियों को कार्यालयीन समय में घर से कार्य करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्यालय अथवा न्यायालय में उपस्थित होने हेतु दूरभाष के माध्यम से उपलब्ध रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।इसके अतिरिक्त, ईंधन की बचत एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समस्त न्यायिक अधिकारियों को वाहन पूलिंग व्यवस्था अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम जिला न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शासकीय वाहनों के उपयोग में वाहन पूलिंग व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों ने इन निर्देशों का पूर्णतः पालन करने पर सहमति व्यक्त की। यह व्यवस्था ग्रीष्मकालीन अवकाश अवधि 2026 के लिए तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं-चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री मुरली मनोहर सोनी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।
- -विभागीय सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की, अधिक दक्षता व ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने कहारायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्ल्यूडी मुख्यालय 'निर्माण भवन' में आयोजित बैठक में विभाग के कार्यों में जनहित और तकनीकी दक्षता पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक दक्षता और ज्यादा गति से काम करने नए तकनीकी उपकरणों, डिजिटलीकरण और सॉफ्टवेयर्स का उपयोग करने को कहा।विभागीय सचिव श्री बंसल ने बैठक में सभी टेंडर प्रक्रियाओं को पूरी पारदर्शिता और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग के साथ ही जनहित एवं तकनीकी दक्षता का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आधुनिक जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तकनीक के माध्यम से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग, मैपिंग और प्रोजेक्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने विभागीय सचिव को टेंडर प्रक्रिया के तहत कार्य आबंटन, निर्माण कार्यों की बिलिंग प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली के बारे में भी बताया।बैठक में प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया की प्रगति तथा आगामी परियोजनाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों और ठेकेदारों के कार्य निष्पादन, विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं तथा भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए तकनीकी व्यवस्थाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली के बारे में भी पूछा। श्री बंसल ने रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की भी जानकारी ली।
- -रामानुजनगर-पटना समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं: रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान है, जिसके माध्यम से शासन और प्रशासन स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँचकर उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं का निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के बीच जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझे और यह सुनिश्चित करे कि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वाँ जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण भाई-बहन नंगे पैर जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा रहता था, लेकिन चरण पादुका योजना के माध्यम से अब उन्हें राहत और सुरक्षा मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि मिलने की जानकारी भी ली और बताया कि लगभग 70 लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएँ घर बैठे उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहाँ नागरिक टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगे और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल समाधान शिविर 31 जून तक आयोजित किए जाएंगे तथा लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह भी किया। धान बुवाई के मौसम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम निर्माण, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा नगर पालिका सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा।कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री किसान श्री रघुनंदन सिंह के निवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने हितग्राहियों के साथ सरई पत्ते से बने दोने-पत्तल में परोसे गए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का आत्मीयता से स्वाद लिया। मिट्टी के चूल्हे पर बनी कोयलार भाजी, कोचई पत्ते से बना ईढ़र और आम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन से अपने गहरे जुड़ाव का संदेश दिया।
- - बस्तर के वनांचल में विकास की बड़ी छलांग-15वें वित्त, डीएमएफ, बस्तर विकास प्राधिकरण और विधायक निधि समेत विभिन्न मदों से संवर रही सुदूर अंचलों की सूरतरायपुर ।छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के सुदूर और वनांचल क्षेत्र अंतागढ़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। अंदरूनी क्षेत्रों की तस्वीर बदलने और ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत शासकीय मदों से बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा और अधोसंरचना निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है। क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए चलाए जा रहे इस महा-अभियान में 15वें वित्त, जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ), परियोजना मद, बस्तर विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण, मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना, गौण खनिज मद, अधोसंरचना पर्यावरण निधि और विधायक निधि जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट का आपसी समन्वय के साथ उपयोग किया जा रहा है। शासन की इस चौतरफा पहल से जहां एक ओर सुदूर वनांचल में सड़कों, पुल-पुलिया और पेयजल का नेटवर्क मजबूत हो रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए गरीबों को अपने पक्के मकान की सौगात मिल रही है।दूरस्थ अंचलों में आवागमन को सुगम और बारहमासी बनाने के लिए नदी-नालों पर आरसीसी पुलिया और सीसी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिसके तहत बड़ेपिंजोड़ी के हुर्रापिंजोड़ी, बड़ेतेवड़ा के कोहचूर, बैहासाल्हेभाट, मण्डागांव, मंगतासाल्हेभाट, मातला-ब, भैंसासुर, सुरेवाही, ताड़ोकी, जेठेगांव और अर्रा जैसी अनेक पंचायतों में निर्माण कार्य तेज गति से प्रगति पर हैं। ग्रामीण युवाओं को डिजिटल और आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़ेपिंजोड़ी तथा तालाबेड़ा के हायर सेकण्डरी स्कूलों में कंप्यूटर लैब की स्थापना की जा रही है, जबकि उसेली और आमाबेड़ा जैसी प्रमुख पंचायतों में 'अटल डिजिटल सेवा केंद्र भवन' तथा बड़ेतोपाल में नवीन पंचायत भवन का निर्माण कर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए आमाबेड़ा व टेमरूपानी के उप स्वास्थ्य केंद्रों में अहाता, शौचालय तथा इंटरलाकिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है।ग्रामीणों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'हर घर जल' के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिसके लिए एड़ानार, बोड़ागांव, बोंदानार, बुलावण्ड, बैहासाल्हेभाट, कोलियारी, कोदागांव, कोतकुड़, मंगतासाल्हेभाट, आमागांव और अर्रा सहित दर्जनों गांवों में बोर खनन के साथ पानी टंकी एवं मोटर पंप स्थापना का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सुदूर गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भैंसासुर, गुमझीर और तुमसनार में आधुनिक वॉटर फिल्टर लगाए जा रहे हैं, जबकि बण्डापाल, बेलोण्डी, अमोड़ी, लामकन्हार और कलगांव में स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए व्यापक स्तर पर डस्टबीन खरीदी के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिविरासत, लोक आस्था और जनजातीय परंपराओं को सहेजने के लिए भी शासन द्वारा विशेष बजट आवंटित किया गया है। इसके तहत एड़ानार,मण्डागांव, आमोड़ी, कोसरोण्डा और ताड़ोकी के कचवर में देवगुड़ी का निर्माण किया जा रहा है, तथा हिन्दूबिनापाल में प्रसिद्ध गढ़मावली माता मंदिर एवं दंतेश्वरी मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार, मरम्मत और संरक्षण-संवर्धन का कार्य पूरी श्रद्धा के साथ कराया जा रहा है। सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पंचायतों में महिला स्व-सहायता समूहों हेतु टीन शेड, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए रंगमंच, गांवों में उचित मूल्य की दुकानों के लिए पीडीएस भवनों, साप्ताहिक बाजारों में शेड निर्माण और राहगीरों के लिए रेन बसेरा का निर्माण कराया जा रहा है।बुनियादी विकास के इन कार्यों के साथ-साथ अंतागढ़ विकासखण्ड में जरूरतमंदों को पक्की छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रिकॉर्ड संख्या में मकान स्वीकृत किए गए हैं। क्षेत्र की देवगांव पंचायत में सर्वाधिक 178 आवास, गोडरी में 177, सरण्डी में 158, बुलावण्ड में 156, टेमरूपानी में 116, बण्डापाल में 118 और भैंसगांव में 111 पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं। इसी तरह करमरी में 103, भैंसासुर में 100, ताड़ोकी व आमाबेड़ा में 104-104, आमागांव व मासबरस में 95-95, एड़ानार में 92, अर्रा में 89, तथा कोदागांव, तुमसनार व नवागांव में 87-87 परिवारों के सपनों के घर को मंजूरी मिली है। विकासखण्ड की अन्य लघु पंचायतों जैसे बड़ेपिंजोड़ी, उसेली और कलगांव में 84-84 आवास, मुल्ले में 81, बड़ेतोपाल में 37, कोलियारी में 35, कढ़ाईखोदरा में 31, तालाबेड़ा में 20 और पुलपाड़ में 19 आवासों का निर्माण कराया जा रहा है। शासन के इन समन्वित और चौतरफा विकास कार्यों से अंतागढ़ के वनांचल क्षेत्रों में न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों का जीवन स्तर भी पहले से कहीं अधिक सुगम और समृद्ध हो रहा है।
- -2700 प्रतिभागियों ने भेजे 3000 से अधिक लोगो डिज़ाइनरायपुर /छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता को प्रदेश सहित देशभर से शानदार प्रतिसाद प्राप्त हुआ है। प्रतियोगिता के तहत निर्धारित अंतिम तिथि 20 मई 2026 तक लगभग 2700 प्रतिभागियों द्वारा ई-मेल के माध्यम से 3000 से अधिक लोगो डिज़ाइन भेजे गए हैं।उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल” का नाम परिवर्तित कर “छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल” किया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत विधेयक को विधानसभा से पारित होने तथा राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद 24 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया।मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि नाम परिवर्तन के साथ मंडल के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया है। अब मंडल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क, पुल एवं अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों का भी क्रियान्वयन करेगा। साथ ही राज्य के बाहर भी अधोसंरचना परियोजनाओं में कार्य करने के अवसर मिलने से मंडल की कार्यक्षमता एवं आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।इसी क्रम में 12 मई 2026 को आयोजित समय-सीमा बैठक में मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण द्वारा मंडल के नए स्वरूप एवं विस्तारित कार्यक्षेत्र को प्रतिबिंबित करने के लिए नए लोगो डिजाइन हेतु प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। प्रतियोगिता में आमजन, कलाकारों, डिजाइनरों एवं संस्थाओं से नए नाम और उसकी अवधारणा के अनुरूप लोगो डिज़ाइन आमंत्रित किए गए थे।प्रतिभागियों को अपने डिजाइन कॉन्सेप्ट सहित CDR, PDF, PNG एवं JPEG फॉर्मेट में ई-मेल के माध्यम से प्रविष्टियां भेजने का अवसर दिया गया था।मंडल द्वारा चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। प्राप्त प्रविष्टियों की स्क्रूटनी एवं चयन प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी। इसके लिए मंडल द्वारा 5 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति तकनीकी परीक्षण के पश्चात अंतिम चयन हेतु अनुशंसा करेगी। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मंडल का नया लोगो सार्वजनिक किया जाएगा तथा चयनित लोगो के रचनाकार को 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
- -नीति आयोग समर्थित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत वर्चुअल रियलिटी और आधुनिक तकनीक से होगा शिक्षणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी। इस अवसर पर विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में कृषि आदानों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में टीम द्वारा सरायपाली एवं महासमुंद विकासखण्ड में औचक निरीक्षण किया गया।सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद एवं तहसीलदार श्रीधर पंडा के नेतृत्व में ओम फर्टिलाइज़र प्रतिष्ठान में भौतिक सत्यापन किए जाने पर स्टॉक में 298 बोरी कम पाई गई। अनियमितता पाए जाने पर भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक को जप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव कृषि विभाग को प्रेषित किया जा रहा है। इसी तरह महासमुंद में गत दिवस तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल के नेतृत्व में बग्गा कृषि सेवा केंद्र के दुकान एवं गोदाम तथा मार्कफेड खाद गोदाम तुमाडबरी का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद एवं उर्वरकों के भंडारण, वितरण तथा अभिलेखों का परीक्षण किया गया। प्रशासन द्वारा किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि उर्वरक उपलब्ध कराने एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।
- -धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल-राजस्व मंत्री के हाथों मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलरायपुर । जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है।ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा।शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,नया राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा।इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है। पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।
- -धमतरी के पीपरछेड़ी समाधान शिविर में मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मौके पर किया जनसमस्याओं का त्वरित निराकरणरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं।इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।इस अवसर पर उनके साथ विधायक श्री ओंकार साहू, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।
- - 'जनजाति गरिमा उत्सव' का शंखनाद-कलेक्टर ने कमान संभाली; 18 से 25 मई तक लगेंगे विशेष संतृप्तिकरण शिविर-अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा योजनाओं का लाभरायपुर ।छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी। इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।"कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से वंचित न रहे।
- - ’जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ’-’अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ’रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।
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बिलासपुर में 2 पोकलेन, 1 जेसीबी मशीन सहित 20 वाहन जब्त
बिलासपुर / कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश एवं उप संचालक खनिज के मार्गदर्शन में जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज अमले ने विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाकर 2 पोकलेन मशीन, 1 जेसीबी मशीन तथा 20 वाहनों को जब्त किया है।उप संचालक खनिज प्रशासन श्री किशोर गोलघाटे ने बताया कि ग्राम महमंद (सीपत क्षेत्र) में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान बिना वैध अभिवहन पास के रेत परिवहन करते पाए जाने पर दो हाईवा वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की गई। इनमें से एक वाहन को जांच चौकी लावर लाया गया, जबकि दूसरे वाहन का चालक वाहन को सड़क के बीच छोड़कर चाबी लेकर फरार हो गया। वाहन मालिक को तत्काल सूचना दी गई, लेकिन उसके उपस्थित नहीं होने पर संबंधित वाहन स्वामी के खिलाफ थाना तोरवा में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।खनिज विभाग द्वारा 7 मई से 20 मई 2026 तक चकरभाठा, बोदरी, सकरी, बेलगहना, रतनखण्डी, करहीकछार, सलका, पोड़ी, महमंद, लालखदान, मंगला, मस्तूरी, चौरमट्टी एवं लखराम सहित विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना वैध दस्तावेज के खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध रेत परिवहन के 14, मुरूम के 1, चूनापत्थर के 2 तथा मिट्टी-ईंट के 3 प्रकरण दर्ज किए गए।कार्रवाई के तहत 12 हाईवा, 7 ट्रैक्टर और 1 माजदा वाहन जब्त कर थाना सकरी, चकरभाठा, कोटा, सरकण्डा तथा जांच चौकी लावर में सुरक्षित रखा गया है। वहीं स्वीकृत क्षेत्र के बाहर रेत उत्खनन करते पाए जाने पर ग्राम सोढ़खुर्द एवं करहीकछार से 2 पोकलेन मशीनें तथा मुरूम के अवैध उत्खनन में संलिप्त एक जेसीबी मशीन को चौरमट्टी क्षेत्र से जब्त किया गया है। खनिज विभाग ने बताया कि जिले में रेत, मुरूम एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम को भी लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

















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