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- -लापरवाही के कारण जलभराव की समस्या, अनुबंध के अनुसार मार्च 2024 तक निर्माण हो जाना था-एसटीपी प्रारम्भ होते तक तालाब किनारे एसटीपी के समीप तालाब में गन्दगी नहीं जाने देने तत्काल जाली लगवाने के दिए निर्देशरायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे पर्यावरण प्रेमी एनजीओ ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के अनुरोध पर एनजीओ द्वारा स्थानीय निवासियों और रायपुर नगर पालिक निगम, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महाराजबन्द तालाब में लगातार चलाये जा रहे तालाब की श्रमदान से सफाई के महाभियान का निरीक्षण करने रायपुर नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, जोन 6 अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद श्री प्रमोद कुमार साहू सहित रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सी ओ ओ सुश्री ऋचा चंद्राकर, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा, श्री दिनेश सिंहा, सहायक अभियंता श्री अजय श्रीवास्तव, उप अभियंता सर्वश्री राहुल थोरानी, शुभम तिवारी, योगेन्द्र साहू जोन स्वास्थ्य अधिकारी सर्वश्री वीरेन्द्र चंद्राकर, संदीप वर्मा, श्री अदिव्य हजारी सहित अन्य सम्बंधित रायपुर नगर निगम और रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों, पूर्व पार्षद श्रीमती सरिता वर्मा, ग्रीन आर्मी के श्री अमिताभ दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की उपस्थिति में किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने महाराजबंध की श्रमदान से सफाई का महाभियान चलाने के ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर की टीम ki सराहना की और कहा कि ऐसे सफाई महाभियान में सभी नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है, जिससे शहर के तालाबों को स्वच्छ और सुन्दर जनसहभागिता से मिलकर बनाया जा सके.महापौर ने सम्बंधित जोन स्वास्थ्य अधिकारी को नागरिकों द्वारा श्रमदान कर तालाब से बाहर निकाले गए कचरे को तत्काल सड़क के किनारे से हटाए जाने की व्यवस्था देने निर्देश दिए हैँ.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सम्बंधित अधिकारियों को कार्य तत्काल गतिमान कर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैँ और 3 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट महाराजबन्द तालाब में प्रारम्भ होते तक तालाब किनारे एसटीपी के समीप जाली तत्काल लगवाने के निर्देश दिए हैँ, ताकि गन्दगी तालाब के भीतर ना जाने पाए. महापौर ने सम्बंधित जोन 4 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी को प्रगतिरत एसटीपी के समीप महाराजबंध तालाब की विशेष सफाई अभियान चलाकर शीघ्र करवाने के निर्देश दिए हैँ.
- -बुड़दी, गगपल्ली और किस्टाराम के अस्पतालों को केंद्र सरकार से मिली मान्यतारायपुर। सुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों ने आज एक नया इतिहास रच दिया है। सुकमा ज़िले के घोर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुड़दी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गगपल्ली और आयुष्मान आरोग्य मंदिर किस्टाराम को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स(NQAS) प्रमाण पत्र से नवाजा गया है। यह उपलब्धि केवल एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासन 'अंतिम व्यक्ति' तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को सिद्ध कर रहा है।कठिन चुनौतियों के बीच 'क्वालिटी' का कीर्तिमानसुकमा जैसे संवेदनशील ज़िले में, जहाँ भौगोलिक परिस्थितियाँ और सुरक्षा की चुनौतियाँ अक्सर बाधा बनती हैं, वहां के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इन केंद्रों ने सेवा प्रावधान, मरीज के अधिकार और संक्रमण नियंत्रण जैसे 8 कड़े मानकों पर 70% से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता साबित की है।प्रशासन की रणनीति और सफलता के सूत्रज़िला प्रशासन ने इन केंद्रों में बुनियादी ढाँचे और नैदानिक देखभाल को बेहतर बनाने के लिए नियद नेल्लानार के अंतर्गत विशेष कार्ययोजना तैयार की गई थी जिसमेंसतत मॉनिटरिंग- दुर्गम क्षेत्रों में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।संक्रमण नियंत्रण- अस्पतालों में स्वच्छता और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी गई।रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण- मरीजों को न केवल उपचार मिले, बल्कि उनके अधिकारों और सम्मान का भी पूरा ध्यान रखा गया।कलेक्टर ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धिकलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि सुकमा जिले के 3 स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS सर्टिफिकेट मिलना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना यह दर्शाता है कि प्रशासन की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य के जरिए विकास को गति देना है।क्या है NQAS और इससे क्या बदलेगाNQAS सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बनाया गया एक सख्त फ्रेमवर्क है। इस प्रमाणन के बाद अब इन केंद्रों को भारत सरकार की ओर से वित्तीय प्रोत्साहन भी मिलेगा। इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के और अधिक विस्तार और रखरखाव के लिए किया जाएगा, जिससे भविष्य में स्थानीय ग्रामीणों को और भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
- रायपुर ।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछले दो वर्षों में समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए व्यापक एवं प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं तथा उभयलिंगी व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास और आर्थिक सशक्तिकरण हेतु योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत 22 लाख से अधिक हितग्राहियों को पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जिनमें से अधिकांश को डीबीटी के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए यूडीआईडी कार्ड, छात्रवृत्ति, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, विवाह प्रोत्साहन योजना और विशेष शिक्षण संस्थानों के माध्यम से हजारों दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से अब तक लाखों वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, विधवाओं एवं परित्यक्त महिलाओं को निःशुल्क तीर्थ यात्रा कराई गई है।प्रेस वार्ता में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि नशामुक्ति, उभयलिंगी व्यक्तियों के सशक्तिकरण, वृद्धाश्रम संचालन, मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के पुनर्वास तथा ‘सियान हेल्पलाईन’ जैसी पहलों से समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और समाज कल्याण विभाग की योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं।
- रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक और ठोस बदलाव लाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 69 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। योजना का सामाजिक प्रभाव यह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अब पारिवारिक और आर्थिक निर्णयों में स्वतंत्र भूमिका निभा रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। 19 लाख से अधिक हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों की भागीदारी से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित हुआ है।महिला सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से हजारों महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान की गई है। बाल संरक्षण सेवाओं, दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और न्यायिक प्रकरणों के निराकरण में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, नई नियुक्तियों, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और ई-भर्ती पोर्टल जैसी पहलों से विभागीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हजारों बेटियों के विवाह गरिमामय ढंग से संपन्न कराए गए हैं।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित, सशक्त और समावेशी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
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- आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर
राजनांदगांव । जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं के उन्नयन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान वय वंदना कार्ड और आयुष्मान कार्ड में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान वय वंदना कार्ड निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 100.20 प्रतिशत बना कर उपलब्धि के साथ जिला राज्य में सर्वप्रथम शत प्रतिशत पंजीयन करने वाला जिला है। इसी तरह आयुष्मान कार्ड पंजीयन लक्ष्य के विरूद्ध 98.42 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में प्रथम स्थान पर है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने में राज्य में जिला राजनांदगांव प्रथम स्थान पर है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले के कुल 25 हजार 88 वरिष्ठ 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 25 हजार 138 पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड हेतु पंजीयन किया गया है जो कि निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 100.20 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिला राज्य में सर्वप्रथम शत प्रतिशत पंजीयन करने वाला जिला है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड पंजीयन का लक्ष्य कुल 9 लाख 52 हजार 546 के विरूद्ध 9 लाख 37 हजार 461 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड पंजीयन किया गया है जो कि निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध 98.42 प्रतिशत है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी पात्र हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रूपए तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदाय करने का प्रावधान है। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख तक का मुफ्त, कैशलेस और पेपरलेस इलाज प्रदान किया जा रहा है। शासन की एक बड़ी स्वास्थ्य बीमा पहल है जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करती है। - -छोटेडोंगर में शिक्षा, सड़क और वन अधोसंरचना को मिलेगी नई गति-सुशासन एक्सप्रेस व विभागीय शिविरों से ग्रामीणों को मिला योजनाओं का सीधा लाभरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य तथा बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप की अध्यक्षता में जिले के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान छोटेडोंगर में भूमिपूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग, वन विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कुल 6 करोड़ 3 लाख 97 हजार रूपए की लागत वाले सात महत्वपूर्ण विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।मंत्री श्री कश्यप के द्वारा किए गए भूमिपूजन कार्यों में विकासखंड नारायणपुर अंतर्गत धौड़ाई में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपये, चिपरेल नगर वन परियोजना के लिए 89 लाख 22 हजार रुपये तथा नवीन विश्रामगृह निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 1 लाख रुपए शामिल हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुकड़ाझोर-आकाबेड़ा मार्ग से ताड़ोनार तक सड़क निर्माण के लिए 85 लाख 93 हजार रूपए, कस्तुरमेटा-मोहंदी मार्ग से ब्रेहबेड़ा तक सड़क निर्माण हेतु 63 लाख 78 हजार रूपए, कस्तुरमेटा-मोहंदी मार्ग से मलकाल तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 97 लाख 25 हजार रुपए तथा कस्तुरमेटा-मोहंदी मार्ग से मोहंदी गांव तक सड़क निर्माण हेतु 45 लाख 63 हजार रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और निश्चित ही यह क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश का एक समृद्ध एवं मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि ओरछा से नारायणपुर तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य तीन चरणों में पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए टेंडर निरस्त किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने छोटेडोंगर के हायर सेकेंडरी स्कूल में शेड निर्माण कराए जाने की भी घोषणा की।बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को क्षेत्र में जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू कर विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ मद की राशि का उपयोग कर क्षेत्रीय विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में किए जा रहे कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मोदी की गारंटी के तहत संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल एवं सुशासन एक्सप्रेस शिविर का वन मंत्री एवं सांसद द्वारा अवलोकन किया गया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग द्वारा स्व-सहायता समूह की महिलाओं को किट वितरण किया गया तथा भारत माता स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। खाद्य एवं पोषण सुरक्षा (दलहन) योजना अंतर्गत किसानों को मसूर बीज मिनीकिट का वितरण किया गया। इसके साथ ही आय, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र तथा किसान किताब का वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा सहायक उपकरण वितरित किए गए। निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय छोटेडोंगर के विद्यार्थियों को साइकिलें प्रदान की गईं। वहीं सुशासन एक्सप्रेस शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम एवं छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जनपद अध्यक्ष श्री नरेश कोर्राम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लता कोर्राम, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -कवर्धा प्रीमियर लीग : अंतिम गेंद तक चले रोमांचक मुकाबले में वार्ड नंबर 08 ने जीता खिताब-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर जिले में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तर्ज पर हुआ भव्य आयोजन-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम बरेंडा में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा कीरायपुर ।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर आयोजित कवर्धा प्रीमियर लीग का फाइनल मुकाबला कवर्धा के वार्ड नंबर 08 एवं ग्राम सारी के मध्य कवर्धा के करपात्री स्टेडियम में खेला गया। यह मुकाबला दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक रहा, जिसमें अंतिम गेंद पर खेल का परिणाम तय हुआ। फाइनल मैच में वार्ड नंबर 08 की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्राम सारी को 101 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए ग्राम सारी की टीम को वार्ड नंबर 08 के गेंदबाजों ने अपने शानदार गेंदबाजी और अनुशासित खेल द्वारा परास्त कर टीम विजेता बनी और वार्ड नंबर 08 ने कवर्धा प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम किया। इस अवसर पर तीसरे स्थान के लिए ग्राम बरेंडा एवं कवर्धा के वार्ड नंबर 09 के मध्य मुकाबला खेला गया, जिसमें ग्राम बरेंडा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कर तीसरे स्थान प्राप्त किया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने फाइनल मुकाबले से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना कर मैच का शुभारंभ किया। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल भावना के साथ खेलने का संदेश दिया। मैच के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी क्रिकेट में हांथ आजमाया और नगर पालिका अध्यक्ष एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष की गेंदों पर आकर्षक लंबे शॉट लगाया, जिससे मैदान में मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम बरेंडा में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की।उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी प्रतिभाओं को बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, ताकि युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कवर्धा प्रीमियर लीग में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों, आयोजकों एवं खेल प्रेमियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस आयोजन ने जिले में खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। उन्होंने खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, समर्पण और खेल भावना की विशेष रूप से सराहना की। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा, मंच और प्रोत्साहन प्रदान किया जाता रहेगा, ताकि कवर्धा जिले से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभर सकें।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कवर्धा प्रीमियर लीग के समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कवर्धा वार्ड नंबर 08 की टीम को 1 लाख 11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि एवं आकर्षक शील्ड प्रदान की गई। वहीं, प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल करने वाली ग्राम सारी की टीम को 51 हजार रुपए एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली ग्राम बरेंडा की टीम को 31 हजार रुपए की पुरस्कार राशि एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने बेस्ट बाॅलर, बेस्ट बैट्समैन, मैन ऑफ द सीरिज खिलाड़ियों को भी शील्ड मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी विजेता एवं सहभागी टीमों को बधाई देते हुए कहा कि कवर्धा प्रीमियर लीग जैसे आयोजनों से जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है तथा युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों के अनुशासन, मेहनत और खेल भावना की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की बात कही।कवर्धा विधायक एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कवर्धा प्रीमियर लीग का आयोजन कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के सात मंडलों में किया गया। प्रत्येक मंडल में अलग-अलग स्तर पर टूर्नामेंट आयोजित हुए, इसमें ग्रामीण अंचलों के साथ-साथ सुदूर वनांचल की अनेक टीमों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रत्येक मंडल से 4-4 शीर्ष टीमें चयनित होकर सुपर-28 लीग में पहुंचीं। इस लीग में कवर्धा शहर मंडल की 4 टीमें भी शामिल रहीं। इस प्रकार पूरे टूर्नामेंट में कुल 226 टीमों ने भाग लिया, जबकि 4500 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया। सुपर-28 लीग चरण के सभी मुकाबले कवर्धा के स्वामी करपात्री मैदान में अत्याधुनिक फ्लड लाइट व्यवस्था के बीच खेले गए। यह आयोजन कबीरधाम जिले के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट सिद्ध हुआ, जिसने खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह का संचार किया।
- -उपमुख्यमंत्री घड़ी चौक रायपुर में आयोजित माता शाकम्बरी की जयंती समारोह में हुए शामिल-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा एवं मरार पटेल समाज के प्रतिनिधियों ने लोगों को निःशुल्क सब्जियों का किया वितरणरायपुर। माता शाकम्बरी जयंती के अवसर पर सोमवार को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा रायपुर के घड़ी चौक में आयोजित जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता शाकम्बरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की और पटेल समाज के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर उन्होंने लोगों को सब्जियों का निःशुल्क वितरण भी किया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि मरार पटेल समाज एक उद्यमी, संगठित और सुव्यवस्थित समाज है। अपने श्रम और उद्यम के आधार पर उनकी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि समाज के श्रम को बाड़ी में उत्पादन से लेकर देश के बड़े बड़े बाजारों तक उनके उत्पादों को पहुंचा कर उचित प्रतिफल दिलाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा शाकम्बरी बोर्ड का गठन किया गया था। जिसका बहुत अच्छा परिणाम हमें प्राप्त हुआ है।उन्होंने कहा कि मरार पटेल समाज में सहकारिता की भावना हर व्यक्ति में विद्यमान है। जन जन और हर मन में स्वाभाविकता से बसे इस सहकारिता के भाव के साथ हमें आगे बढ़ना है और समाज एवं प्रदेश के विकास के लिए कार्य करना है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने माता शाकम्बरी से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता की कृपा से सभी के घरों में धन-धान्य की वर्षा हो, खेत-खलिहान लहलहाते रहें, सभी नागरिक स्वस्थ और सुखी रहें तथा राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर गांव, गरीब, किसान और श्रमिक के उत्थान के लिए सतत प्रयास कर रही है।इस अवसर पर राज्य मरार पटेल समाज के अध्यक्ष श्री शंकर पटेल, श्री राम कुमार पटेल, श्री अशोक पटेल, श्री परदेशी पटेल, श्री केके पाटिल, श्री ब्रम्हदेव पटेल, श्री राजेन्द्र पटेल, श्री मोतीराम पटेल, श्री प्रमोद पटेल, श्री बाकीराम पटेल, श्री ईश्वर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 समिति के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब उपस्थित थे।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया। इस अवसर पर श्री के.के. भारद्वाज, डॉ. संदीप जैन, श्री नरेंद्र लोधी, श्री गोविंद वर्मा, श्री पुष्कर साहू, श्री संतोष लोधी, श्री अशोक चंद्राकर, श्री देवनाथ साहु, श्री राकेश सोनकर, श्री हीरामन कोसले, श्री विक्रम परमार, श्री चंद्रशेखर साहू, श्री गणेश राम साहू, दूजे राम धीवर उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – यह पहल ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाकर सतत आजीविका के अवसर करेगी सृजितरायपुर ।ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण एवं विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर को STREE (महिलाओं की आर्थिक वृद्धि को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के माध्यम से कौशल विकास) परियोजना स्वीकृत की है। इस परियोजना की स्वीकृति का हस्ताक्षर समारोह 4 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री जितेंद्र सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही।यह पहल एनआईटी रायपुर की कंपनी एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की A2K+ योजना के अंतर्गत महिलाओं के लिए प्रौद्योगिकी विकास एवं उपयोग कार्यक्रम (TDUPW) के तहत समर्थित इस परियोजना के लिए 36 माह की अवधि हेतु 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस परियोजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना करना है, जिसके माध्यम से तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।परियोजना को धमतरी जिला प्रशासन से श्री अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला पंचायत, डॉ. शैलेंद्र सिंह, सहायक निदेशक, CSSDA एवं जिला अधिकारी, तथा श्री जय वर्मा, DPM, CGSRLM शामिल हैं, जो स्थानीय समन्वय एवं व्यापक जनपहुंच सुनिश्चित करेंगे।एनआईटी रायपुर की ओर से इस परियोजना का मार्गदर्शन निदेशक डॉ. एन. वी. रामना राव द्वारा किया जा रहा है।परियोजना का नेतृत्व डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक एवं प्रधान अन्वेषक कर रहे हैं। उनके साथ श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव एवं सह-प्रधान अन्वेषक एवं प्रभारी अधिकारी, NITRRFIE के रूप में जुड़े हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग की ओर से डॉ. विपिन शुक्ला, वैज्ञानिक-जी एवं सलाहकार तथा A2K+ के प्रमुख, तथा डॉ. वंदना कालिया, वैज्ञानिक ‘एफ’ इस परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।समारोह में डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक, एनआईटी रायपुर एवं STREE परियोजना के प्रधान अन्वेषक उपस्थित थे, जो शिक्षा जगत, सरकार एवं जिला प्रशासन के बीच सुदृढ़ सहयोग का प्रतीक है।STREE परियोजना ग्रामीण महिलाओं के समग्र कौशल विकास पर केंद्रित रहेगी। इसके अंतर्गत कोसा (कोकून) रेशम से फाइबर निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण, आधुनिक बुनाई तकनीकें, उत्पाद डिजाइन एवं विकास, उद्यमिता विकास कार्यक्रम तथा बाजार संपर्क सहायता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल विशेष रूप से हाशिये पर बसे एवं कृषि-आधारित समुदायों को लक्षित करती है, जिसका उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों का सृजन और सतत आजीविका के नए अवसर प्रदान करना है।एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि –“केंद्रीय मंत्री श्री जितेंद्र सिंह की विशिष्ट उपस्थिति में STREE परियोजना की स्वीकृति का समारोह समावेशी नवाचार और महिला सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में एनआईटी रायपुर के लिए एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। STREE परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए सतत और स्केलेबल समाधान बनाने हेतु अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को जमीनी स्तर के विकास के साथ एकीकृत करने की हमारी दृष्टि को साकार करती है।”मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि “STREE (Skill Development through Technological Resources for Empowering Economic Growth of Women) परियोजना का एनआईटी रायपुर को स्वीकृत होना छत्तीसगढ़, विशेषकर धमतरी जिले की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना तथा अगले तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को कोसा रेशम फाइबर निष्कर्षण, आधुनिक बुनाई, उत्पाद डिजाइन, उद्यमिता और बाजार संपर्क जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर यह पहल महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों और सतत आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देगी। यह परियोजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नेतृत्व में विकास और समावेशी प्रगति की हमारी दृष्टि के अनुरूप है।”
- उत्तर बस्तर कांकेर/खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में ‘खेलो इंडिया‘ ट्राइबल गेम्स के लिए चयन ट्रायल 6 से 8 जनवरी को रायपुर और बिलासपुर में किया जाएगा। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु वैन को कांकेर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इसके लिए जिले के अधिकाधिक युवक-युवतियों को पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।जिला खेल अधिकारी ने बताया कि ‘खेलो इंडिया‘ ट्राइबल गेम्स में हिस्सा लेने के लिए क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से किया जा सकता है। ऑनलाइन पंजीयन, ट्रायल स्थल पर ऑफलाइन पंजीयन भी होगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी जनजातीय खिलाड़ी इसमें भाग ले सकते हैं। चयन ट्रायल में हिस्सा लेने हेतु अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड की मूल कॉपी के साथ उपस्थित होना होगा। देश में पहली बार छत्तीसगढ़ की मेजबानी में हो रहे है। यह भी बताया गया कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में राज्य की ओर से खेलने वाली टीमों के चयन के लिए ट्रायल 6 जनवरी से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में आयोजित किए जा रहे हैं।सात खेल विधाओं में किया जाएगा ट्रायलइस संबंध में बताया गया कि नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इसमें भागीदारी के लिए वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के खिलाड़ियों का ट्रायल रायपुर में आयोजित किया गया है। वहीं तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के खिलाड़ियों के ट्रायल बिलासपुर में होंगे। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी अपना ऑनलाइन पंजीयन क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से कर सकते हैं। सभी ट्रायल स्थलों पर ऑफलाइन पंजीयन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाड़ी ही चयन ट्रायल में भाग लेने के पात्र होंगे। महिला एवं पुरूष दोनों वर्गों में पात्र खिलाड़ियों के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने ट्रायल में हिस्सा लेने पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों से अपने अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र और आधार कॉर्ड/स्थानीय प्रमाण पत्र की मूल कॉपी साथ लाने कहा है। रायपुर में वेट-लिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल और हॉकी के ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में 6 जनवरी को सवेरे 9 बजे से वेट-लिफ्टिंग, 7 जनवरी को सवेरे 9 बजे से कुश्ती तथा 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे नौ बजे से फुटबॉल के लिए ट्रायल होंगे। इसी प्रकार 7 जनवरी और 8 जनवरी को सवेरे 09 बजे से रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों का ट्रायल होगा। बिलासपुर में 7 से 8 जनवरी तक एथलेटिक्स, तीरंदाजी एवं तैराकी खेलो के लिए चयन ट्रायल होंगे।
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रायपुर। केन्द्रीय सहकारी बैंक शाखा चंदखुरी के अंतर्गत आने वाले सोसायटी व धान उपार्जन केन्द्र खौली में समर्थन मूल्य पर बीते 52 दिनों के भीतर अब तक खरीदे गये धान का प्रभावी परिवहन नहीं होने से लगभग 60 हजार कट्टा धान जाम हो गया है जबकि अभी खरीदी हेतु 25 दिन बाकी हैं । उठाव न होने पर जहां खरीदी लड़खड़ाने की आंशका है वहीं सूखत आने से सोसायटी को आर्थिक क्षति भी होने की संभावना है ।
इस उपार्जन केन्द्र में 2 ग्राम खौली व कठिया का धान खरीदा जा रहा है । धान खरीदी की शुरुआत बीते 14 नवंबर से शुरू किया गया है और खरीदी की अंतिम तिथि आसन्न 31 जनवरी है । अभी तक खरीदे गये धान का उठाव नहीं के बराबर होने से धान जाम हो गया है । धान रखने के लिये निर्मित चबूतरे क्षमता के अनुरूप धान के स्टेक से लबालब हो गये हैं और अब धान रखने जगह की किल्लत हो रही है । आज सोमवार को इस केंद्र का मुआयना करने के बाद किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने यह जानकारी दी । उन्होंने बतलाया कि खरीदी केंद्र में मौजूद सोसायटी के अध्यक्ष शंकर वर्मा ने शासन - प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करा दिया जा जल्द से जल्द उठाव कराने का आग्रह कर दिये जाने की भी जानकारी दी ताकि खरीदी में व्यवधान न आवे व सूखती की वजह से होने वाले नुकसान की भरपायी से सोसायटी को बचाया जा सके ।
- ’जिले में अब तक 92505 किसानों से 445876 मीट्रिक टन धान खरीदी’बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी ने शुक्रवार को खाद्य, सहकारिता,कृषि एवं अन्य सम्बंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने समिति एवं उपार्जन केंद्रों से तेजी से धान उठाव करने एवं बिचौलियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिये।कलेक्टर ने कहा कि उपार्जन केंदो से शीघ्र धान उठाव कराएं ताकि जाम की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने ट्रांसपोर्टर से प्रतिदिन 200 ट्रक धान उठाव के लिये लगाने तथा जो मिलर धान उठाव में रूचि नहीं ले रहे उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। सहकारिता एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को धान खरीदी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिये बिचौलियों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिये।बताया गया कि जिले के सभी 166 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी जारी है एवं अब तक 92505 किसानों से 445876 मेट्रिक टन धान खरीदी एवं 163617मीट्रिक टन का उठाव किया गया है।
- शासन की योजना बनी सहारारायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हर परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास देने के विज़न के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ज़मीनी स्तर पर लोगों की ज़िंदगी बदल रही है। इसी का जीवंत उदाहरण हैं नगर पंचायत फरसगांव, जिला कोंडागांव के वार्ड क्रमांक 4 निवासी श्री हेमचंद नाग, जिन्होंने इस योजना के माध्यम से अपने पिता श्री तिरकू राम नाग को पक्का मकान उपहार में दिया।हेमचंद नाग ने बताया कि उनका पुराना मकान बांस और मिट्टी से बना हुआ था, जो बरसात के दिनों में बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाता था। कमजोर दीवार के कारण परिवार के सभी सदस्यों पिता, पत्नी और दो बच्चों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। हालात ऐसे हो गए थे कि सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें अपने पिता को कुछ समय के लिए भाई के घर भेजना पड़ा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुँचाने की नीति के तहत, वार्ड स्तर पर जानकारी के दौरान हेमचंद नाग को योजना से जोड़ा गया। नगर पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से आवास स्वीकृत हुआ और 29 वर्गमीटर क्षेत्रफल का पक्का मकान 3.05 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ।गृह प्रवेश के शुभ अवसर पर हेमचंद नाग ने सबसे पहले अपने पिता के हाथों विधिवत पूजा करवाई और भावनाओं के साथ यह पक्का मकान उन्हें समर्पित किया। नया घर देखकर पिता भावुक हो उठे। हेमचंद नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का विज़न केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास पहुँचाना है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए पार्षद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर पंचायत के समस्त कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा दुर्ग जिले के विकासखण्ड-पाटन की बटंग रोड के पास बडे़ नाला में ग्राम नारधी में स्टापडेम कम रपटा निर्माण कार्य के लिए 3 करोड़ 67 लाख 3 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत योजना से निस्तारी, भू-जल संवर्धन, पेयजल आवागमन एवं किसानों द्वारा स्वयं के साधन से 40 हेक्टेयर में खरीफ एवं 20 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसलों की सिंचाई होगी। सिंचाई योजना के निर्माण कार्य को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 08 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।
- *कुछ नए कामों की मिली है स्वीकृति,जो नहीं जुड़े थे**आज सकरी में होने वाला था विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम**जल्द ही दूसरी तिथि होगी निर्धारित*बिलासपुर/ आज सकरी में आयोजित भूमिपूजन और लोकार्पण का कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया गया है। विधानसभा क्षेत्र में कुछ नए कामों की भी मिली है स्वीकृति जो उक्त कार्यक्रम में नहीं जुड़ पाया था,इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि स्वीकृत हुए नए कार्यों को भी जोड़कर एक साथ बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा,जिसके लिए शीघ्र ही दूसरी तिथि निर्धारित की जाएगी। विदित है कि नगर पालिक निगम एवं अन्य विभागों के जन कल्याणकारी कार्यों का आज बचन बाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सकरी में लोकार्पण और भूमिपूजन का कार्यक्रम रखा गया था।
- शिक्षा विभाग ने जारी किया जीपीएस लोकेशन से जुड़ा अहम निर्देशजगदलपुर/ बस्तर जिले की शासकीय शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को अब पूरी तरह से हाईटेक किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि अब से शासकीय स्कूलों में उपस्थिति राज्य शासन द्वारा तैयार किए गए विद्या समीक्षा केंद्र मोबाइल ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्रतिदिन की उपस्थिति का डेटा शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र को भेजना है, जहां इसकी नियमित समीक्षा की जा सकेगी।इस नई व्यवस्था को लागू करते हुए विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी निर्देश भी दिया है, जिसकी अनदेखी करने पर शिक्षकों की उपस्थिति मान्य नहीं होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को यह मोबाइल ऐप विद्यालय परिसर में पहुंचने के बाद ही अपने फोन में इंस्टॉल और पंजीकृत करना होगा। दरअसल, पंजीकरण के समय ऐप जीपीएस तकनीक का उपयोग कर विद्यालय की लोकेशन को सेव कर लेता है। यदि कोई शिक्षक विद्यालय से बाहर रहकर या घर से ऐप को इंस्टॉल या रजिस्टर करने का प्रयास करता है, तो सर्वर में पहले से मौजूद विद्यालय की लोकेशन और शिक्षक की वर्तमान लोकेशन आपस में मेल नहीं खाएगी। ऐसी स्थिति में लोकेशन मैच न होने के कारण शिक्षक अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाएंगे, इसलिए सभी को विद्यालय में उपस्थित होकर ही इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी गई है।
- जगदलपुर/कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवार को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। कलेक्टर द्वारा दरभा तहसील के ग्राम निलेगोदी बोदेनार निवासी महेश कवासी की मृत्यु सांप काटने से पिता श्री देवलु को, तहसील तोकापाल के ग्राम करेंगा निवासी तेटकू की मृत्यु पानी में डूबने से पत्नि श्रीमती जाना बघेल को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है।
- स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर का छत्तीसगढ़ में पहला सफल उपचाररायपुर / पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। गर्दन की मुख्य धमनी कैरोटिड आर्टरी के अपने आप फट जाने जैसी अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा स्थिति में हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने समय रहते जटिल सर्जरी कर 40 वर्षीय मरीज की जान बचा ली। यह मामला न केवल छत्तीसगढ़ में पहली बार सामने आया है, बल्कि अब तक विश्व मेडिकल जर्नल में ऐसे केवल 10 ही प्रकरण दर्ज हैं।ब्रश करते समय अचानक रप्चर (फटी) हुई गर्दन की धमनीरायपुर निवासी 40 वर्षीय मरीज जब सुबह घर पर दांत साफ कर रहा था, तभी अचानक उसके गले में तेज दर्द हुआ और देखते ही देखते पूरे गर्दन में सूजन आ गई। कुछ ही क्षणों में मरीज बेहोश हो गया। परिजन उसे तत्काल अम्बेडकर अस्पताल के आपातकालीन विभाग लेकर गए।सीटी एंजियोग्राफी जाँच से पता चला दुर्लभ केसगर्दन के नसों की सीटी एंजियोग्राफी जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मरीज की दायीं कैरोटिड आर्टरी फट चुकी है और उसके चारों ओर गुब्बारानुमा संरचना बन गई है, जिसे कैरोटिड आर्टरी स्यूडोएन्युरिज्म (Carotid Artery Pseudoaneurysm) कहा जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मरीज को तत्काल हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में में डॉ कृष्ण कांत साहू के पास भेजा गया।50 से 60% सफलता दर वाली सर्जरी, हर पल था जोखिम भरायह ऑपरेशन अत्यंत जोखिमपूर्ण था। गर्दन में खून के अत्यधिक जमाव के कारण धमनी को पहचानना बेहद कठिन था। जरा सी चूक से मरीज की जान जा सकती थी या ऑपरेशन के दौरान मस्तिष्क में खून का थक्का पहुंचने से लकवा या ब्रेन डेड होने का खतरा था। मरीज और परिजनों को सभी जोखिमों की जानकारी देकर सर्जरी की सहमति ली गई।बोवाइन पेरिकार्डियम पैच से की गई धमनी की मरम्मतलगभग कई घंटे चले इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में बोवाइन पेरिकार्डियम पैच की सहायता से फटी हुई कैरोटिड आर्टरी को अत्यंत सावधानीपूर्वक रिपेयर किया गया। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और राहत की बात यह रही कि मरीज को किसी भी प्रकार का लकवा नहीं हुआ। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।स्वतः कैरोटिड आर्टरी का फटना अत्यंत दुर्लभसामान्यतः कैरोटिड आर्टरी के फटने की घटनाएं एथेरोस्क्लेरोसिस, ट्रॉमा, कनेक्टिव टिश्यू डिसऑर्डर,संक्रमण या ट्यूमर से ग्रस्त मरीजों में देखी जाती हैं, लेकिन यह मरीज पूरी तरह स्वस्थ था। अपने आप कैरोटिड आर्टरी का फटना (Spontaneous Carotid Artery Rupture) चिकित्सा जगत में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।क्या होती है कैरोटिड आर्टरीकैरोटिड आर्टरी गर्दन के दोनों ओर स्थित प्रमुख धमनी होती है, जो हृदय से मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह सुनिश्चित करती है। इसके क्षतिग्रस्त होने पर मरीज की जान को तत्काल खतरा होता है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस दुर्लभ मामले की सफल सर्जरी एवं अभूतपूर्व सफलता पर चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संतोष सोनकर सहित हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
- कोरबा. जिले में रविवार को अलग-अलग सड़क हादसों में एक महिला और उसकी बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह दुर्घटना दर्री शहर में उस समय हुई, जब दोपहिया वाहन चला रही महिला और उसकी बेटी को एक वाहन ने टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि पीड़ित महिलाएं सब्जियां खरीदने के बाद घर लौट रही थीं।इस घटना से क्रोधित होकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। एक अलग घटना में, राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर बागदेवा गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर ट्रक ने नीलादास मानिकपुरी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। अधिकारी ने कहा, "घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। उन्हें शांत करने के प्रयास जारी हैं।
- -डिजिटल अपराधों पर सख्त नियंत्रण और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को मिली मजबूतीरायपुर। कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध निर्णायक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने रविवार को पूरे राजनांदगांव रेंज एवं जिले के प्रथम साइबर थाने का शुभारंभ किया। इस थाने को कवर्धा के पुराने पुलिस लाइन में स्थापित किया गया है, इस थाने के जिले में स्थापना को जिले की कानून-व्यवस्था एवं डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज का युग डिजिटल है और शासन से लेकर आम नागरिक तक ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है, जिससे आम नागरिक, महिलाएं, वरिष्ठजन और युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना आम जनता को त्वरित न्याय, सुरक्षा और भरोसा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराधों में समय सबसे अहम होता है। यदि शुरुआती घंटों में सही कार्रवाई हो जाए तो ठगी की राशि रोकी जा सकती है और अपराधियों तक शीघ्र पहुंचा जा सकता है। साइबर थाना के माध्यम से शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, ऑनलाइन फ्रॉड की राशि को समय रहते होल्ड करना, डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह थाना न केवल अपराध नियंत्रण का केंद्र बनेगा, बल्कि नागरिकों में डिजिटल जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाएगा।कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि साइबर थाना में एक निरीक्षक प्रभारी सहित कुल 30 प्रशिक्षित अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए उप पुलिस अधीक्षक स्तर के राजपत्रित अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे साइबर अपराधों की विवेचना उच्च गुणवत्ता और पेशेवर तरीके से की जा सके।पुलिस अधीक्षक ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले में साइबर तकनीक के माध्यम से 112 ऑनलाइन ठगी मामलों में लगभग 50 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए हैं। इसके साथ ही सीईआईआर पोर्टल की सहायता से 872 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए गए हैं, जो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की इस पहल से कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित विवेचना और डिजिटल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।उन्होंने बताया कि गंभीर अपराधों की विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग कर आरोपियों तक शीघ्र पहुंच बनाई गई है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में विशेष संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल, डीएसपी श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी श्री आशीष शुक्ला, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप सहित अन्य पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- रायपुर ।सामाजिक सद्भाव, समानता और जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में सरकार द्वारा संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना आज वास्तविक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के युवा दम्पत्ति अभिषेक आदिले और बबीता देवांगन की कहानी समाज में नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव का संदेश देती है।कोरबा के आदिले चौक, पुरानी बस्ती के निवासी अभिषेक आदिले हैं और जो अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, तथा जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम चोरिया, तहसील सारागांव की रहने वाली 20 वर्षीया बबीता देवांगन, जो अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से हैं, ने सामाजिक बाधाओं को दूर करते हुए अंतर्जातीय विवाह किया। दोनों परिवारों ने इस रिश्ते का सम्मान किया और समाज में एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।अंतर्जातीय विवाह करने वाले दम्पत्तियों को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के अंतर्गत इस दम्पत्ति को कुल 2.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोरबा द्वारा इस राशि में से 1.00 लाख रुपए दम्पत्ति के संयुक्त बैंक खाते में प्रदान कर दिए गए हैं, जबकि शेष 1.50 लाख रुपए उनके उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष की सावधि जमा के रूप में निवेश किए गए हैं। यह आर्थिक सहायता उनके नए जीवन की शुरुआत को सरल बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार दोनों ही सामाजिक समरसता को मजबूत करने, जातीय भेदभाव को समाप्त करने और युवाओं को रूढ़िवादी सोच से मुक्त कर समानता के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। शासन द्वारा संचालित यह योजना समाज को अधिक संवेदनशील, एकजुट और प्रगतिशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश भी है, जिससे प्रेम, सम्मान और समानता की भावना को बल मिलता है।अभिषेक और बबीता की यह पहल केवल एक विवाह का संस्कार नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की नींव है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि यदि विश्वास और साहस हो तो जाति-पाति की दीवारें स्वयं ढह जाती हैं और मानवीय मूल्य ही समाज की असली पहचान बनते हैं। शासन की योजना से मिली सहायता ने उनकी नई यात्रा को सुरक्षित और स्थिर बनाया, जबकि उनकी आपसी समझ और दृढ़ता इस कहानी को और अधिक प्रेरक बनाती है।चार साल पहले शादी के बंधन में बंधे अभिषेक–बबीता की सफलता से स्पष्ट होता है कि सरकारी योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं जब समाज के लोग उन्हें अपनाकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री निवास कार्यालय रायपुर में 08 जनवरी गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके। file photo
- -जल्द खुलेंगे पर्यटन के नए द्वाररायपुर। छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी कड़ी में अब कांगेर घाटी में एक और अनोखी प्राकृतिक स्थलाकृति सामने आई है, जिसे “ग्रीन केव” (ग्रीन गुफा) नाम दिया गया है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और वन्य धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया है कि ग्रीन गुफा के पर्यटन मानचित्र में शामिल होने से कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को गति प्राप्त होगी और शीघ्र ही पर्यटक इस अद्भुत गुफा की प्राकृतिक खूबसूरती का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। वन विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण किए जाने के बाद शीघ्र ही इस गुफा को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है।उल्लेखनीय है कि यह ग्रीन गुफा कोटुमसर परिसर के कंपार्टमेंट क्रमांक 85 में स्थित है। गुफा की दीवारों और छत से लटकती चूने की आकृतियों (स्टैलेक्टाइट्स) पर हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतें पाई जाती हैं, जिसके कारण इसे “ग्रीन केव” नाम दिया गया है। चूना पत्थर और शैल से निर्मित यह गुफा कांगेर घाटी की दुर्लभ और विशिष्ट गुफाओं में से एक मानी जा रही है।ग्रीन गुफा तक पहुंचने का मार्ग बड़े-बड़े पत्थरों से होकर गुजरता है। गुफा में प्रवेश करते ही सूक्ष्मजीवी जमाव से ढकी हरी दीवारें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। आगे बढ़ने पर एक विशाल कक्ष दिखाई देता है, जहां से भीतर की ओर चमकदार और विशाल स्टैलेक्टाइट्स तथा फ्लो-स्टोन (बहते पानी से बनी पत्थर की परतें) देखने को मिलती हैं, जो गुफा की प्राकृतिक भव्यता को और भी बढ़ा देती हैं।घने जंगलों के मध्य स्थित यह गुफा अपनी अनोखी संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रही है। वन विभाग द्वारा गुफा की सुरक्षा एवं नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहुंच मार्ग, पैदल पथ तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कार्य प्रगति पर है। वन विभाग द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवासन तथा प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री अरुण पांडे का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।











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