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- - पोस्टर, कोलाज, पेंटिंग और राखियों में नजर आई देशभक्ति और सावन की हरियाली, प्राचार्य ने स्कूल स्टाफ ने जमकर की प्रशंसारायपुर। रंगों से बच्चों को काफी लगाव होता है। हर कोई कैनवास पर अपनी भावनाओं को उकेरने को आतुर रहता है। ऐसे में संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में बच्चों के लए राखी, पोस्टर और कोलाज मेकिंग स्पर्धा का आयोजन किया गया। इसमें सभी कक्षाओं के बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। बच्चों की राखी, जहां बहनों का प्यार दिखा, वहीं पोस्टर में हरियाली और देशभक्ति नजर आई। प्राचार्य मनीष गोवर्धन और उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने बच्चों के टैलेंट की जमकर प्रशंसा की और उनका खूब उत्साहवर्धन किया।शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि छठवीं से आठवीं के बच्चों के लिए राखी मेकिंग कंपटीशन और नौवीं से 12वीं के बच्चों के लिए पोस्टर और कोलाज मेकिंग कंपटीशन का आयोजन किया गया। इसमें सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। पोस्टर व कोलाज मेकिंग कंपटीशन का विषय था 'स्वर्णिम भारत'। सभी बच्चों ने इस विषय को साकार करते हुए बेहतरीन कोलाज बनाए। राखी मेकिंग कंपटीशन की इंचार्ज अध्यापिका प्रतीक्षा महादेवकर और सुमन क्षत्रिय थीं। पोस्टर मेकिंग और कॉलाज मेकिंग कंपटीशन की इंचार्ज टीचर सरिता पांडे व निकिता यादव को बनाया गया था।
- -गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की-उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हेतु कार्ययोजना बनाने तथा शिक्षकों की कमी वाले शालाओं में मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति करने के निर्देशबालोद। जिले में शिक्षा गुणवत्ता की सुधार सुनिश्चित कर विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी पांचों विकासखण्ड के हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर शिक्षा विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की है। अलग अलग दिवसों में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक की अंतिम कड़ी में आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हमारे देश के भावी भविष्य नौनिहाल विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना शासन के विशेष प्राथमिकता में शामिल है। शासन के इसी मंशा के अनुरूप हमारे सभी प्राचार्य एवं शिक्षकगण शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हेतु पूरी लगन, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। कलेक्टर ने कहा कि अच्छी शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक एवं विद्यार्थियों का अधिकार भी है। इसलिए शिक्षा जैसे अत्यंत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे, डीएमसी श्री अवन कुमार जांगड़े, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में गुण्डरदेही विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने हेतु की जा रही कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु उन्हें गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने गुण्डरदेही विकासखण्ड के हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूल के प्राचार्यों को उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हेतु कार्ययोजना बनाकर अध्ययन-अध्यापन का कार्य सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों की कमी वाले शालाओं में मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्कूलवार गुण्डरदेही विकासखण्ड के हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विगत दो वर्षों के परीक्षा परिणामों की तुलना करते हुए शिक्षा सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों से परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के साथ-साथ कमजोर बच्चों की स्थिति में सुधार तथा मेधावी बच्चों का प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने सभी प्राचार्यों से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, कमजोर बच्चों की स्थिति में सुधार तथा विद्यालय के परीक्षा परिणाम को और अधिक बेहतर बनाने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिन विषयों का परीक्षा परिणाम संतोषप्रद नही रहा उन विषयों के शिक्षकों को तलब कर उसका कारण पूछा। कलेक्टर ने प्राचार्यों और शिक्षकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम खराब या संतोषप्रद नही होने पर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रीमती मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षकों के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्कूलवार जून एवं जुलाई माह में विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम नही होना चाहिए। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम होने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी। कलेक्टर ने विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं परीक्षा परिणाम में सुधार लाने हेतु पालकों के साथ नियमित रूप से बैठक आयोजित कर उन्हें समझाईश देने को कहा। इसके अलावा उन्होंने प्राचार्यों एवं शिक्षकों को पालकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने प्रतिमाह बच्चों के मासिक टेस्ट के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी प्राचार्य एवं शिक्षकों को प्रतिमाह अनिवार्य रूप से मासिक टेस्ट लेने तथा खराब परिणाम आने पर संबंधित शिक्षक के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति तथा अध्यापन कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने तथा समय पर पाठ्यक्रम को पूरा कराने हेतु शिक्षकों को निर्धारित समयावधि में अपने कार्यों का संपादन करना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को किसी भी शिक्षक-शिक्षिकाओं का 15 दिन से अधिक का संतान पालन अवकाश स्वीकृत नही करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों को संतान पालन हेतु 15 दिन से अधिक की अवकाश के लिए आवेदन प्राप्त होने पर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से शिक्षकों के रिक्त पदों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में विषय शिक्षक उपलब्ध नही है वैकल्पिक व्यवस्था के रूप मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कलेक्टर ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को कलस्टरवार प्रत्येक स्कूलों का जांच करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरबसपुर में प्राचार्यं एवं शिक्षकों के विशेष प्रयासों से शिक्षा सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों में हुए बेहतरीन सुधारों की भूरी भूरी सराहना करते हुए इसके लिए संस्था के प्राचार्य एवं शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होने विकासखण्ड के अन्य प्राचार्यों एवं शिक्षकों को भी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरबसपुर के माॅडल को अपने स्कूलों में अपनाने की सलाह दी।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को विद्यालय के मेधावी बच्चों का चयन कर इनके परीक्षा परिणाम को और अधिक बेहतर बनाने के उपाय सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर श्रीमती मिश्रा ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित विद्यार्थियों को आरबीएस (राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम) के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क इलाज कराए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को इन बच्चों को चिन्हित कर समय पर इन्हें मदद उपलब्ध कराने हेतु तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों को नशापान से दूर रखने की समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशापान से दूर रखना हम सभी का सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को गत 30 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सहभागिता निभाने के लिए हृदय से धन्यवाद भी ज्ञापित किया।
- बालोद। आदर्श ग्राम हिवरे बाजार (महाराष्ट्र) में 18 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय 'आनंदी कुटुम्ब समृद्ध ग्राम' कार्यक्रम में बालोद जिले की दो महिला सरपंचों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच श्रीमती पार्वती मंडावी और ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम ने राष्ट्रीय मंच पर जिले के ग्रामीण विकास और महिला स्वावलंबन के अनुभवों को साझा कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।राष्ट्रीय मंच पर साझा किए नवाचार के अनुभवकार्यक्रम के दौरान परिवार व समाज में महिलाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक समृद्धि और ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को सुरक्षित व बेहतर बनाने पर गहन मंथन हुआ। दोनों महिला जनप्रतिनिधियों ने पद्मश्री पोपटराव पवार तथा आत्मीयता यूनिवर्सिटी (राजकोट) के चेयरमैन स्वामी त्यागवल्लभ जी की गरिमामयी उपस्थिति में मंच साझा किया। उन्होंने न केवल अपने गांव के विकास मॉडल की प्रस्तुति दी, बल्कि देश भर से आए प्रतिभागियों के प्रश्नों के सटीक उत्तर भी दिए।श्रीमती पार्वती मंडावी (सरपंच, गुजरा): उन्होंने स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनके समूह द्वारा व्यापक स्तर पर आम के वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने अपनी समूह की अन्य बहनों को भी हिवरे बाजार के विकास मॉडल का अध्ययन भ्रमण कराने की इच्छा जताई।श्रीमती पिलेश्वरी नेताम (सरपंच, दुधली): उन्होंने शासन द्वारा संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए बताया कि इससे युवाओं और युवतियों को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं। यह पहल महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।प्रशासनिक मार्गदर्शन से मिली नई पहचानकलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन के चलते जिले के पंचायत प्रतिनिधि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। हिवरे बाजार में दोनों महिला सरपंचों की इस सहभागिता को जिले में पंचायती राज और महिला नेतृत्व की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
- -20 से 22 अगस्त तक दस्तावेजों का होगा परीक्षण-स्पाॅट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग 25 अगस्त से प्रारंभ होगीरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश हेतु संचालित ऑनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत चयनित अभ्यर्थियों को पीएटी परीक्षा की प्रावीण्य सूची के आधार पर प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन कर दिया गया है। कल 20 अगस्त से 22 अगस्त तक कृषि महाविद्यालय रायपुर में प्रातः 8 बजे से शाम 5ः30 तक दस्तावेजों का परीक्षण किया जायेगा। चयनित अभ्यर्थियों को उन्हें आबंटित प्रोविजनल सीट सुरक्षित करने हेतु 20 से 23 अगस्त तक ऑनलाईन फीस जमा करना होगा।काउंसलिंग समिति की अध्यक्ष डाॅ. आरती गुहे अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रायपुर ने बताया कि सीट आबंटन के पश्चात यदि चयनित अभ्यर्थी किसी कारण से सीट सुरक्षित नहीं कर पाता है और आगामी चरण की काउंसलिंग में भाग लेना चाहता है तो इस हेतु ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें अभी तक कोई सीट आबंटित नहीं हुई है, उन्हें भी स्पाॅट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग के लिए 20 से 24 अगस्त, 2026 तक (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यदि अभ्यर्थी सीट सुरक्षित करने के पश्चात सीट निरस्त करना चाहता है और आगे किसी भी प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहता है तो इस हेतु 20 से 24 अगस्त, 2026 तक, 2026 तक (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य सीट निरस्त करना होगा। आबंटित एवं रिक्त सीटों की जानकारी 25 अगस्त, 2026 को उपलब्ध कराई जाएगी। स्पाॅट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों की सूची 25 अगस्त, 2026 को विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर अपलोड की जाएगी। स्पाॅट काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन 31 अगस्त से 01 सितम्बर, 2026 के मध्य किया जाएगा। तत्काल दस्तावेज परीक्षण एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु 31 अगस्त से 01 सितम्बर, 2026 तक अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालय, रायपुर में उपस्थित होना होगा। कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट, महाविद्यालय आबंटन, तत्काल दस्तावेज एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालय रायपुर में 02 सितम्बर, 2026 को उपस्थित होना पडे़गा। इच्छुक अभ्यर्थी काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- - नौ माह से राशन से वंचित हितग्राही, ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिला राशन- जनदर्शन में प्राप्त हुए 115 आवेदनदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर श्री सोनल डेविड भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 115 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राप्त अनेक आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में जामुल के लवकुश नगर वार्ड निवासी ने बीपीएल राशन कार्ड में नाम दर्ज होने के बावजूद पिछले नौ माह से राशन नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 से लगातार उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है। शासन के निर्देशानुसार ई-केवायसी की प्रक्रिया भी कई बार पूरी कराई गई, इसके बावजूद पोर्टल पर नाम प्रदर्शित होने के बाद भी राशन का आबंटन नहीं किया जा रहा है। लंबे समय से राशन नहीं मिलने के कारण परिवार को आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को नियमानुसार परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम खेदामारा (नवातरिया) थाना जामुल के किसानों ने सिंचाई के पानी का रास्ता बाधित किए जाने की शिकायत की। किसानों ने बताया कि अवैध प्लाटिंग एवं मकान निर्माण के चलते नहर से करीब 400 एकड़ कृषि भूमि तक पहुंचने वाला पानी के रास्ते को बंद कर दिया गया है इससे लगभग 30 किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है। भवन निर्माण से पहले संबंधित व्यक्ति को नहर से सिंचाई के लिए आने वाले पानी के निकासी हेतु नाली निर्माण की व्यवस्था करने को कहा गया था, किन्तु उक्त सिंचाई मार्ग को बंद कर दिया गया, जिसके कारण कृषि कार्य बाधित हो रहा है। किसानों ने नाली निर्माण कर सिंचाई व्यवस्था बहाल कराने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम पंचायत सोरम तहसील पाटन निवासी ने शासकीय तालाब को निस्तारी के लिए सुरक्षित रखे जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सरपंच द्वारा बिना कोई प्रस्ताव पारित किए मछली पालन के लिए अनुमति दे दी गई है। इससे तालाब का पानी दूषित हो रहा है और ग्रामीणों को निस्तारी में परेशानी हो रही है।
- - पाटन क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा व सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन संवेदनशीलदुर्ग / जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और बच्चों की सुरक्षा व बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में तत्परता से त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं। जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत हाल ही में सोनपुर मिडिल स्कूल भवन के प्लास्टर झड़ने की घटना तथा करेला व केसरा में आंगनबाड़ी भवनों की आवश्यकता संबंधी समाचारों एवं जन-अपेक्षाओं को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के अनुमोदन पश्चात् जिला पंचायत दुर्ग द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत पाटन के प्रस्ताव पर त्वरित स्वीकृति प्रदान करते हुए विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (व्हीबीजीरामजी) योजना तथा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से कुल 28.38 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जारी आदेश के तहत ग्राम सोनपुर में विद्यार्थियों की सुविधा एवं अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता को देखते हुए 5.00 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष (शेड निर्माण) की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, ग्राम केसरा एवं करेला में 11.69-11.69 लाख रुपये की लागत से नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे बच्चों व ग्रामीणों को शीघ्र ही आधुनिक व सुरक्षित भवन की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग दुबे के निर्देशानुसार उक्त सभी निर्माण कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध सीमा के भीतर पूर्ण कराए जाएंगे। प्रशासन की इस त्वरित व संवेदनशील पहल से जर्जर भवनों की समस्या का स्थाई समाधान होगा, साथ ही स्थानीय ग्रामीणों व जॉब कार्डधारी श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
- -किसानों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिलाने और अधिकाधिक पौधरोपण के दिए निर्देश-जरहाभाठा छात्रावास परिसर पीपीपी मॉडल पर मल्टी स्टोरी भवन के रूप में विकसित होगाबिलासपुर / आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज बिलासपुर में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ उनके लाभ को अधिक से अधिक किसानों, ग्रामीणों और हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।मंत्री श्री नेताम ने कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और उनके माध्यम से किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी केवल कागजों तक सीमित न रहे। योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने के साथ उन्हें योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ और परिणाम भी दिखाया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इनसे जुड़कर अपनी आय और उत्पादन में वृद्धि कर सकें।उन्होंने उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए किसानों को अधिकाधिक पौधरोपण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फलदार एवं उपयोगी पौधों के रोपण को बढ़ावा देकर किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए विभागीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को पौधे उपलब्ध कराने तथा रोपण के बाद उनकी देखभाल के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने पर भी जोर दिया।बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत छात्रावासों में प्रवेश की स्थिति की भी जानकारी ली गई। मंत्री श्री नेताम ने छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं तथा विद्यार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जरहाभाठा स्थित विभागीय छात्रावास परिसर को मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के रूप में विकसित करने की जानकारी दी। यह भवन पीपीपी मॉडल के माध्यम से विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।मंत्री श्री नेताम ने मत्स्य विभाग सहित सभी विभागों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा किसानों एवं हितग्राहियों से सतत संवाद बनाए रखने को कहा।उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और परिणामपरक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें।
- -कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण सर्वे और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश-खरीफ फसलों की ऑनलाइन गिरदावरी 30 सितंबर तक, करीब 2097 सर्वेयर जुटेबिलासपुर / एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का कार्य बिलासपुर जिले में प्रारंभ हो गया है। जिले के 708 ग्रामों में से 703 ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम शुरू किया जा चुका है। तकनीकी कारणों से 5 ग्रामों में सर्वे मैनुअल आधार पर होगा। सर्वे का कार्य 17 अगस्त से प्रारंभ हुआ है जो कि 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने कहा कि आगामी धान खरीदी की प्रक्रिया में डीसीएस सर्वे के आंकड़ों का उपयोग किया जाना है, इसलिए सर्वे की शुद्धता एवं गुणवत्ता को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत खरीफ फसलों की गिरदावरी मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में जाकर ऑनलाइन की जाएगी। तकनीकी कारणों से जहां डिजिटल सर्वे संभव नहीं होगा, वहां मैन्युअल गिरदावरी की जाएगी। सर्वे कार्य का सत्यापन राजस्व निरीक्षक द्वारा तथा सुपरविजन पटवारी द्वारा किया जाएगा। यथासंभव मौके पर किसानों का फोटो भी लिया जाएगा, ताकि सर्वेक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रामाणिक एवं पारदर्शी बनाया जा सके।सर्वेयर द्वारा किए गए कार्यों का मौके पर अनिवार्य सत्यापन भी किया जाएगा। इसके तहत पटवारी द्वारा 10 प्रतिशत, राजस्व निरीक्षक द्वारा 5 प्रतिशत तथा तहसीलदार द्वारा 2 प्रतिशत सर्वे कार्य का मौके पर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। कलेक्टर ने इस प्रक्रिया का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि डिजिटल सर्वे में दर्ज फसल एवं अन्य विवरणों की शुद्धता सुनिश्चित हो सके।डीसीएस सर्वे का कार्य स्थानीय ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कराया जा रहा है। इसके लिए न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण होना तथा एंड्रॉयड वर्जन 9 या उससे अधिक वर्जन वाला स्वयं का मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्टिविटी होना आवश्यक है। मोबाइल संचालन की जानकारी रखने वाले स्थानीय युवाओं को सर्वेयर के रूप में जोड़ा गया है। जिले में लगभग 2097 सर्वेयर नियुक्त किए जा चुके हैं और उनके द्वारा सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।सर्वेयर द्वारा दर्ज जानकारी के सही तरीके से अपलोड एवं स्वीकृत होने के बाद उन्हें प्रति खसरा 10 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा।डीसीएस सर्वे के सुचारू संचालन के लिए जिले के सभी तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। संबंधित मैदानी अमले को सर्वे की प्रक्रिया, मोबाइल एप के उपयोग, सत्यापन तथा गुणवत्तापूर्ण सर्वे के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।आगामी धान खरीदी की प्रक्रिया में डिजिटल क्रॉप सर्वे से प्राप्त जानकारी का उपयोग किया जाना है। ऐसे में खेत, खसरा और फसल से संबंधित जानकारी का सही एवं प्रमाणिक रूप से दर्ज होना बेहद महत्वपूर्ण है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सर्वेयरों तथा संबंधित विभागीय मैदानी अमले को किसानों के खेतों में पहुंचकर वास्तविक फसल का सर्वे करने, जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करने तथा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को आगामी धान खरीदी में किसी प्रकार की परेशानी न हो और फसल संबंधी अभिलेखों में पारदर्शिता बनी रहे।
- बिलासपुर / जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिले के 5 पीएमश्री विद्यालयों में 31 मार्च 2027 तक अंशकालिक स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन के तहत प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद पात्र एवं अपात्र आवेदकों की सूची जारी की गई है।पात्र एवं अपात्र आवेदकों की सूची का अवलोकन जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, जिला पंचायत भवन, द्वितीय तल, बिलासपुर तथा जिले की वेबसाइट डबल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट बिलासपुर डॉट जीओवी डॉट इन पर किया जा सकता है।जारी सूची के संबंध में आवेदक 20 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक कार्यालयीन दिवस एवं समय में लिखित दावा-आपत्ति उचित दस्तावेजों के साथ जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, जिला पंचायत भवन, द्वितीय तल, बिलासपुर में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित अवधि के बाद प्राप्त होने वाली दावा-आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- -प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की-बायोमेट्रिक अटेंडेंस और ई-ऑफिस का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश-जैविक खेती और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर दिया जोरबिलासपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने बुधवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य हासिल करने से नहीं, बल्कि आम लोगों और हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने से तय होती है। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि आमतौर पर सरकारी योजनाओं को पूरा करते समय हम भौतिक और वित्तीय लक्ष्य पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, जबकि लोगों को उससे मिलने वाली सुविधा और सुशासन कई बार उपेक्षित रह जाता है। समय बदल रहा है और अब इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं पर काम करते समय स्वयं को केवल विभागीय दायरे तक सीमित न रखें, बल्कि लोगों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास करें कि योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त फीडबैक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार का अवसर मिलता है।प्रभारी सचिव ने सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को अपने कार्यों का स्व-मूल्यांकन करने और आम लोगों के साथ विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस की भी समीक्षा की और सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इसका अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर निर्धारित समय में कार्य करें तो कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और देर रात तक कार्यालय में बैठने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने समस्त शासकीय पत्राचार ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए।कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों द्वारा नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग भी बढ़ रहा है। श्री पिंगुआ ने जिले में बीज उत्पादन को बढ़ावा देकर बीज के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने की प्रगति की भी जानकारी ली।पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 14 गोधामों को मंजूरी मिल चुकी है। प्रत्येक गोधाम में 200 पशुओं को रखने की क्षमता है। हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए श्री पिंगुआ ने कहा कि केवल निःशुल्क सामग्री अथवा सहायता उपलब्ध कराना योजनाओं का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए। योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव दिखाई देना चाहिए।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रभारी सचिव ने जिले में मलेरिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक मलेरिया के 61 पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिनमें से तीन का उपचार चल रहा है और शेष मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए मितानिनों के पास आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने सभी ग्रामों में भू-जल संरक्षण के लिए इंजेक्शन वेल निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। प्रभारी सचिव ने कहा कि इन संरचनाओं का प्रभाव आगामी गर्मी के मौसम में भू-जल संरक्षण के रूप में दिखाई देना चाहिए।स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरित किए जा चुके हैं। मध्यान्ह भोजन योजना की 67 प्रतिशत उपलब्धि को प्रभारी सचिव ने अपर्याप्त बताते हुए इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के नियमित पर्यवेक्षण और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।प्रभारी सचिव ने शहर के बीच से प्रवाहित अरपा नदी के जीर्णोद्धार एवं पुनरुद्धार के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की स्थिति को कम करने के लिए किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की तथा प्रभावी एवं दीर्घकालिक समाधान पर जोर दिया।बैठक में सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में अब तक करीब 11 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। सर्वाधिक शिकायतें बिजली, राजस्व और नगर निगम से संबंधित हैं। प्रभारी सचिव ने लंबित आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।श्री पिंगुआ ने वीबी रामजी योजना के ग्रामीण विकास के लिए बेहतर उपयोग पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि जिले के साढ़े चार सौ से अधिक ग्रामों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।प्रभारी सचिव ने शहर में लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का जिले में पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
- दुर्ग / आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) भिलाई में विगत दिवस नव प्रवेशित प्रशिक्षणार्थियों के लिए दो दिवसीय ‘नव कौशल पथ-नई राह, नया हुनर’ इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों को संस्थान के नियम-अनुशासन, प्लेसमेंट, अप्रेंटिसशिप, डिप्लोमा में लेटरल एंट्री, ओजेटी एवं सीबीटी परीक्षा प्रक्रिया की जानकारी दी गई।आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था भिलाई से प्राप्त जानकारी अनुसार करियर गाइडेंस एवं जॉब मार्केट ओरिएंटेशन के दौरान विशेषज्ञों ने बदलते रोजगार बाजार, प्रभावी बायोडाटा-सीवी, संचार एवं साक्षात्कार कौशल तथा आवश्यक सॉफ्ट स्किल्स पर मार्गदर्शन दिया। पूर्व सफल प्रशिक्षणार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर सोनल डेविड सहित रोजगार विभाग, उद्योग एवं एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम प्राचार्य टी.एस. तवर के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- -ग्राम पंचायतों में रोजगार और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में वीबीजी रामजी के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह ने मुक्तिधाम, बालिका शौचालय एवं डिफंक्ट बोरवेल से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि इन कार्यों की सात दिवस के भीतर लक्ष्य के अनुसार स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि स्वीकृति के बाद कार्यों को तत्काल प्रारंभ कराया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को समय पर मिल सके। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में वीबीजी रामजी के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने तथा श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध मानव संसाधन का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यों में गति लाई जाए। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार कर पांच दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।बैठक में कलेक्टर ने वीबी जी रामजी के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रस्तावित कार्यों की पंचायतवार स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित हो और स्वीकृत कार्य निर्धारित समय में धरातल पर दिखाई दें।प्रधानमंत्री आवास योजना की भी हुई समीक्षाबैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री लंगेह ने स्वीकृत सभी आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कर निर्माण कार्य पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से आवास निर्माण की नियमित निगरानी करने और हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा, ताकि पात्र परिवारों को समय पर पक्का आवास मिल सके।कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री अनुपमा आनंद, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं सहायक परियोजना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुमरदा में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 80 गंभीर, अति गंभीर तथा मध्यम श्रेणी के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई। बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण कर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर के सफल आयोजन में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम एवं एम्स रायपुर के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का विशेष सहयोग रहा। इसके साथ ही जन औषधि केंद्र छुरिया के सहयोग से बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक परामर्श एवं उपचार संबंधी सेवाएं प्रदान की गईं। विभागीय टीम द्वारा बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई तथा जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराई गई। शिविर के माध्यम से गंभीर एवं कुपोषण की श्रेणी में आने वाले बच्चों की समय पर पहचान, स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यक उपचार एवं पोषण संबंधी सेवाएं सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम, मेडिकल ऑफिसर एवं फार्मासिस्ट उपस्थित थे।
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- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से मिली प्रेरणा
- प्रतिदिन औसतन 10 यूनिट बिजली का उत्पादन
राजनांदगांव । जिले के ग्राम पुरैना निवासी श्री भोलानाथ वर्मा ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है। सोलर प्लांट लगने के बाद वे बिजली के उपभोक्ता होने के साथ-साथ बिजली का उत्पादन करने वाले उत्पादक भी बन गए हैं। बरसात के दिनों में भी उनके सोलर प्लांट से प्रतिदिन औसतन लगभग 10 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। श्री भोलानाथ वर्मा ने बताया कि उनके घर की बिजली खपत सोलर प्लांट से होने वाले उत्पादन की तुलना में कम है। इससे उन्हें बिजली बिल में राहत मिल रही है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल बिजली के उपभोक्ता थे, लेकिन सोलर प्लांट लगाने के बाद अब वे बिजली का उत्पादन कर उसका उपयोग करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर एक तरह से उत्पादक की भूमिका भी निभा रहे हैं।
श्री भोलानाथ वर्मा ने कहा कि सौर ऊर्जा स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का माध्यम है। सोलर ऊर्जा को अपनाने से प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और इसका सकारात्मक प्रभाव मिट्टी, कृषि एवं फसल उत्पादन पर भी पड़ेगा। उन्होंने सौर ऊर्जा को भविष्य की जरूरत बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसे अपनाने की अपील की। श्री वर्मा ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 1 लाख 8 हजार रूपए की अनुदान राशि का प्रावधान है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रूपए तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रूपए की सहायता राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दी जा रही यह महत्वपूर्ण सहायता आम लोगों के लिए सौर ऊर्जा अपनाने का बेहतर अवसर है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने घरों को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा से जोड़ें। उन्होंने सोलर प्लांट लगाने में सहायता राशि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस योजना से आम नागरिकों को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिल रहा है। - - सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ा नागरिकों का रूझान, बिजली बिल में राहत के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा जिलाराजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में राजनांदगांव जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 5 हजार सौर कनेक्शन पूर्ण कर लिए हैं। योजना के माध्यम से जिले के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इससे जहां घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिल रही है, वहीं स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर जिले को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अपने घर की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को केंद्र एवं राज्य शासन की ओर से अनुदान एवं प्रोत्साहन का लाभ दिया जा रहा है। शासन की इस पहल से जिले में नागरिकों का रूफटॉप सोलर के प्रति रूझान लगातार बढ़ रहा है।जिले के 5 हजार परिवारों तक पहुंचा सौर ऊर्जा का लाभ -राजनांदगांव जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ग्राम पंचायतों, नगरीय क्षेत्रों तथा विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को योजना के लाभ, आवेदन प्रक्रिया, सोलर संयंत्र की उपयोगिता तथा अनुदान की जानकारी दी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने योजना के तहत आवेदन कर अपने घरों पर सोलर संयंत्र स्थापित कराए हैं। जिले में 5 हजार सोलर कनेक्शन पूर्ण होना सौर ऊर्जा को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। योजना से लाभान्वित परिवार अपनी घरेलू बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे पारंपरिक विद्युत स्रोतों पर निर्भरता कम होने के साथ बिजली खर्च में भी कमी आ रही है।केंद्र और राज्य शासन से मिल रहा अनुदान -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत हितग्राहियों को सोलर संयंत्र की क्षमता के अनुसार केंद्र शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भी पात्र हितग्राहियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जा रहा है। केंद्र एवं राज्य शासन से मिलने वाली सहायता के माध्यम से हितग्राहियों को कम लागत में अपने घर पर सोलर संयंत्र स्थापित करने का अवसर मिल रहा है। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद कई परिवारों के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। वहीं, सौर संयंत्र से घरेलू खपत से अधिक बिजली उत्पादित होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की सुविधा का भी लाभ मिल रहा है। इस प्रकार योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता बिजली का उपयोग करने के साथ उसके उत्पादन में भी सहभागी बन रहे हैं।बिजली उपभोक्ता के साथ उत्पादक भी बन रहे नागरिक -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके माध्यम से घरेलू बिजली उपभोक्ता बिजली उत्पादक की भूमिका में भी आ रहे हैं। घर की छत पर स्थापित सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं के लिए किया जाता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जा रहा है। इससे घरेलू स्तर पर ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सौर ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।जनजागरूकता से योजना को मिल रही गति -जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा मैदानी स्तर पर योजना की प्रगति की समीक्षा की जा रही है तथा लंबित आवेदनों, सोलर संयंत्र स्थापना और अनुदान भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जिले में सूर्य सभा सहित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को योजना के लाभ और प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। इन प्रयासों से नागरिकों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ा है। नागरिकों को यह भी बताया जा रहा है कि सौर ऊर्जा बिजली बिल में कमी लाने के साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल विकल्प है।स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में मजबूत पहल -प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 5 हजार सोलर कनेक्शन पूर्ण होना राजनांदगांव जिले में स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। आने वाले समय में सौर ऊर्जा से जुडऩे वाले परिवारों की संख्या बढऩे के साथ बिजली की बचत, घरेलू अर्थव्यवस्था में राहत और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। घरों की छतों पर स्थापित हो रहे सोलर संयंत्र राजनांदगांव जिले को स्वच्छ, हरित और ऊर्जा आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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- राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में राजस्व कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के साथ ही प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए सर्वे कार्य को सही एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने कहा। उन्होंने नक्शा बटांकन कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। कम प्रगति वाली तहसीलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की और कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्वामित्व योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आगामी 20 दिवस में योजना के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिले में अब तक कुल 352 ग्रामों के अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष ग्रामों में अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्वामित्व योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने पर लाल बहादुर नगर तहसीलदार श्री नीलकंठ जनबंधु, डोंगरगढ़ नायब तहसीलदार श्रीमती झरना राजपूत एवं श्री चिराग रामटेके के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का अधिकार अभिलेख प्राप्त होगा और इससे संपत्ति संबंधी विवादों के निराकरण में भी सहायता मिलेगी।
कलेक्टर ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने कहा। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने, अनावश्यक विलंब से बचने तथा राजस्व कार्यों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नजूल अधिकारी श्री प्रकाश टंडन सहित जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे। -
- शिविर में 49 ग्रामीणों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण
राजनांदगांव । जिला प्रशासन राजनांदगांव एवं बाल्को मेडिकल सेंटर नवा रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजनांदगांव विकासख्ंाड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुकुलदैहान में सुरक्षा चक्र के तहत नि:शुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया गया। शिविर में मुख के कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर सहित अन्य प्रकार के कैंसरों की जांच की गई। शिविर में 49 लोगों से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जिसमें 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 31 एवं 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के 18 लोगों शामिल हुए। जांच के दौरान शरीर कोई असामान्य लक्षण, गांठ, असाध्य लक्षण दिखाई देने पर कैंसर जांच किया गया। शिविर में 19 मरीजों का मैमोग्राफी, 14 मरीजों का पैप स्मीयर, 3 मरीजों का रिफ्यूज फॉर मैमोग्राफी, 4 मरीजों का लो डेंसिटी ब्रेस्ट, 5 मरीजों का पहले ओर मैमोग्राफी परीक्षण, 2 मरीजों का ब्रेस्ट लंप सस्पेेक्टेड किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पटेल एवं शिविर प्रबंधक श्री विजेन्द्र साहु द्वारा सेवाएं दी गई। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार, जिला एनसीडी सलाहकार डॉ. विकास राठौर, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उषा विंध्यराज, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री शेखर नागवंशी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी श्री आनंद बंसोड़, बीईटीओ श्री हेमन्त ठाकुर, सुपरवाइजर श्री कौशल शर्मा एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। -
- जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, युवाओं एवं नागरिकों ने फोटो प्रदर्शनी की प्रशंसा की
- जनसंपर्क विभाग की पत्रिका छत्तीसगढ़ जनमन एवं शासन की योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट्स तथा किताबों का किया गया नि:शुल्क वितरण
राजनांदगांव । जनसंपर्क विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा, वंदे मातरम् एवं भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस थीम पर नगर पालिक निगम राजनांदगांव के टाऊन हाल में विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। फोटो प्रदर्शनी में वंदेमातरम् का उद्घोष करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की गाथा एवं उपलब्धियों को संजोया गया। अध्यक्ष नगर पालिक निगम राजनांदगांव श्री पारस वर्मा ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि वन्देमातरम् पर आधारित यह प्रदर्शनी बहुत अच्छी है। प्रदर्शनी के माध्यम से वन्देमातरम् एवं राष्ट्र ध्वज तिरंगे के गौरवशाली इतिहास एवं इसके विकास को जानने का अवसर मिला। पार्षद श्री अरूण साहू ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रशंसा की। पूर्व पार्षद श्री किशुन यदु ने कहा कि तिरंगे के इतिहास और स्वरूप में हुए बदलावों के बारे में जानने का अवसर मिला। श्री संतोष निर्मलकर ने कहा कि फोटो प्रदर्शनी देखकर अच्छा लगा। प्रदर्शनी के माध्यम से आमजनों को वन्देमातरम् एवं राष्ट्र ध्वज तिरंगे के इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिला है। फोटो प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग की पत्रिका छत्तीसगढ़ जनमन एवं शासन की योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट्स एवं किताबों का नि:शुल्क वितरण किया गया। ग्राम गठुला निवासी श्रीमती दुर्गा बाई ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट्स एवं किताबें नि:शुल्क प्राप्त कीं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से वंदे मातरम् एवं राष्ट्रध्वज तिरंगे के बारे में रोचक जानकारी मिली। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं एवं राज्य के विभिन्न स्थलों की जानकारी भी प्राप्त हुई।
उल्लेखनीय है कि विशेष फोटो प्रदर्शनी में हर घर तिरंगा अभियान के तहत वंदेमातरम् की भावना का आह्वान करते हुए देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साहस एवं बलिदान का स्मरण करते हुए वंदेमातरम् के गौरवशाली 150 वर्षों की झांकी प्रस्तुत की गई है। प्रदर्शनी में जानकारी देते हुए बताया गया कि कलकत्ता ध्वज जिसे वंदेमातरम् ध्वज के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई रूपों में बनाया गया और संस्करण में वंदेमातरम् अंकित किया गया। देश का भाग्य बदलने वाले वीर गीत वंदेमातरम् की रचना 7 नवम्बर 1875 को अक्षय नवमी को हुई थी। आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष एवं देशवासियों में आजादी के लिए अलख जगाने वाले राष्ट्रगीत वंदेमातरम् की अक्षुण्य कथा को फोटो प्रदर्शनी मेें सहेजा गया। फोटो प्रदर्शनी में हर घर तिरंगा अभियान तथा वंदेमातरम् के उत्साह एवं ऊर्जा को चिर स्मरणीय बनाएं रखने के लिए सेल्फी जोन भी बनाया गया, जहां नागरिक अपनी सेल्फी ली। विशेष फोटो प्रदर्शनी का पार्षद श्री शिव वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम सहित अन्य पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, युवाओं एवं नागरिकों ने अवलोकन किया और प्रदर्शनी की प्रशंसा की। -
दृश्य संवाद 2026 : तस्वीरों में उतरा छत्तीसगढ़, फोटो जर्नलिस्टों का हुआ सम्मान
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटो प्रदर्शनी का मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ
रायपुर। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ का शुभारंभ आज स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। प्रदर्शनी में रायपुर के प्रेस फोटो जर्नलिस्टों के साथ-साथ प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी में तस्वीरों के जरिए प्रकृति, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा तथा जनसरोकार से जुड़े विषयों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
चार कैटेगरी में आयोजित प्रदर्शनी की ‘प्रकृति एवं पर्यावरण’ कैटेगरी में प्रदर्शित तस्वीरों ने प्रदर्शनी स्थल पर प्राकृतिक सौंदर्य को साकार कर दिया। वहीं ‘संस्कृति एवं परंपरा’ कैटेगरी की तस्वीरों में छत्तीसगढ़ की लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की महक महसूस की जा सकती है। ‘समाचार एवं जनसरोकार’ कैटेगरी में फोटो जर्नलिस्टों की नजर से महत्वपूर्ण घटनाओं और सामाजिक सरोकारों को एक क्लिक में जीवंत रूप दिया गया है।
इस वर्ष रायपुर प्रेस क्लब ने प्रदर्शनी को और व्यापक स्वरूप देते हुए प्रेस क्लब के गैर सदस्य प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों के लिए भी ओपन कैटेगरी में भागीदारी का अवसर दिया। इस श्रेणी में 35 से अधिक प्रतिभागियों की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं।
फोटोग्राफी चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी वाला काम : श्याम बिहारी जायसवाल
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फोटो जर्नलिस्टों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल कैमरे से तस्वीर खींचने का काम नहीं, बल्कि एक पल को इतिहास के लिए सुरक्षित कर देने की कला और जिम्मेदारी है। खासतौर पर फोटो जर्नलिज्म में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं। फोटो जर्नलिस्ट को घटनास्थल पर मौजूद रहकर बेहद कम समय में यह तय करना होता है कि कौन-सा क्षण महत्वपूर्ण है और उसे किस एंगल से कैमरे में कैद किया जाए।
उन्होंने कहा कि एक अच्छी तस्वीर के पीछे तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, सही समय की पहचान, सही एंगल और परिस्थितियों को समझने की दृष्टि भी जरूरी है। कई बार पत्रकार घटना को शब्दों में विस्तार से बताते हैं, लेकिन एक तस्वीर वही बात एक क्षण में लोगों तक पहुंचा देती है। यही फोटो जर्नलिज्म की ताकत है।
मंत्री ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस पर इस तरह की प्रदर्शनी का आयोजन सराहनीय पहल है। इससे वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्टों के अनुभव नई पीढ़ी तक पहुंचेंगे और युवा तथा शौकिया फोटोग्राफरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने सभी फोटो जर्नलिस्टों और फोटोग्राफरों को विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुभकामनाएं दीं।
वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी ने साझा किए अनुभव
इस अवसर पर वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी ने फोटोग्राफी से जुड़े अपने लंबे अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि फोटो जर्नलिज्म में कई बार ऐसी परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, जहां न समय का इंतजार किया जा सकता है और न ही दोबारा मौका मिलता है। घटनास्थल पर मौजूद रहकर सही क्षण को पहचानना और उसे कैमरे में कैद करना ही फोटो जर्नलिस्ट की सबसे बड़ी चुनौती और उसकी पहचान है। उन्होंने इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की योजनाओं से संबंधित तस्वीरों को भी शामिल कर प्रदर्शनी को विस्तार देने का सुझाव रखा ,
तस्वीर पत्रकारिता की अधूरी खबर को पूरा करती है : मोहन तिवारी
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने सभी फोटो जर्नलिस्टों और फोटोग्राफरों को विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘दृश्य संवाद’ केवल एक फोटो प्रदर्शनी नहीं, बल्कि तस्वीरों के माध्यम से समाज और समय से संवाद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता, फोटो जर्नलिस्ट साथियों के बिना अधूरी है। खबर को जीवंतता और प्रभाव देने में एक तस्वीर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त तस्वीर के लिए कई बार लंबे कैप्शन की जरूरत नहीं होती। बिना किसी कैप्शन के भी तस्वीर अपने आप में पूरी खबर कहने की ताकत रखती है। फोटो जर्नलिस्ट जिस क्षण को कैमरे में कैद करता है, वह आने वाले समय में उस घटना का दस्तावेज बन जाता है। उन्होंने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब आने वाले वर्षों में भी विश्व फोटोग्राफी दिवस पर इस तरह की प्रदर्शनी और फोटो जर्नलिस्ट गतिविधियों की परंपरा को आगे बढ़ाएगा।
होटल सेलिब्रेशन की ओर से विशेष सम्मान
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर होटल सेलिब्रेशन की ओर से रायपुर प्रेस क्लब को स्नेह और सम्मान के रूप में आकर्षक केक भेंट किया गया। होटल संचालक कवलजीत हीरा ने फोटोग्राफरों के लिए विशेष घोषणा करते हुए कहा कि ‘प्रकृति एवं वन्यप्राणी’ श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले फोटोग्राफर को 1+1 यानी दो लोगों के लिए कान्हा में एक दिन के ठहरने और भोजन की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी, राजकुमार चतुर्वेदी, नरेंद्र बंगाले, प्रदीप डडसेना, पंकज चौहान, फोटो जर्नलिस्ट प्रकोष्ठ के संयोजक दीपक पांडे,, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र निगम,दीपेंद्र सोनी, रमन हलवाई, जय गोस्वामी , सागर फारीकार, पंकज सिंह,विजय देवांगन मनोज देवांगन विनय घाटगे ,हेमंत गोस्वामी किशन लोखंडे त्रिलोचन मानिकपुरी,राजेश सोनकर
सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ फोटो प्रदर्शनी में दर्शक इन तस्वीरों का अवलोकन कर सकेंगे, घासीदास संग्रहालय आर्ट गैलरी में फोटोग्राफी की दृष्टि से छत्तीसगढ़ की प्रकृति, संस्कृति, समाज और घटनाक्रम को एक अलग नजरिए से देख सकेंगे। - -45 अन्वेषण परियोजनाओं को दिया गया अंतिम रूपरायपुर / छत्तीसगढ़ की राजधानी में राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (SGPB) की 26वीं बैठक खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद की अध्यक्षता में रायपुर स्थित पुराना सर्किट हाउस में भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (SGPB) की 26वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन्वेषण कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खनिज खोज कार्यक्रमों व प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान विशेष सचिव एवं संचालक भौमिकी-खनिकर्म श्री रजत बंसल और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के उप महानिदेशक श्री अमित धरवाड़कर सहित प्रमुख केंद्रीय, राज्य एजेंसियों व निजी उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।राज्य में कुल 45 नई व जारी अन्वेषण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया है। इनमें 35 क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लॉक, 4 डीप-सीटेड (गहन स्तर) खनिज ब्लॉक तथा 6 बल्क मिनरल परियोजनाएं शामिल हैं।GSI की प्रमुख भूमिका महत्वपूर्ण है, इनमें से 25 अन्वेषण परियोजनाओं का संचालन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (रायपुर इकाई) द्वारा किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर तथा 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क के संसाधनों की पहचान व स्थापना की गई। उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की चार अन्वेषण परियोजनाएं चालू वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेंगी। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म द्वारा राज्य में 11 अन्वेषण प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया है। इनमें 1 ग्रेफाइट, 2 चूना पत्थर, 4 लौह अयस्क, 2 ग्लॉकोनाइट, 1 आरईई एवं रेयर मेटल्स तथा 1 बॉक्साइट एवं एल्युमिनस लेटराइट युक्त महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉक शामिल हैं।सचिव श्री पी. दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को खनन रॉयल्टी एवं राजस्व से लगभग 16,738 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत एनपीईए की 9 अन्वेषण परियोजनाएं चालू वर्ष में भी जारी रहेंगी। इससे राज्य में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों के अन्वेषण को निरंतर गति मिलने के साथ-साथ राज्य के खनिज संसाधन आधार को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी। विशेष सचिव श्री रजत बंसल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025 26 के दौरान संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ द्वारा 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर संसाधन तथा 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क संसाधन स्थापित किए गए हैं। उन्होंने इसे राज्य में खनिज अन्वेषण गतिविधियों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में लिथियम, ग्रेफाइट, टिन-टैंटलम-नियोबियम, आरईई (REE) एवं रेयर मेटल्स, ग्लॉकोनाइट और बॉक्साइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के ब्लॉकों को शामिल किया गया है।बैठक में दक्षिण बस्तर क्षेत्र में खनिज अन्वेषण को तेज करने तथा अधिक गहराई में मौजूद (Deep-seated) खनिजों के सटीक आकलन के लिए उन्नत तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया गया।इस अवसर पर GSI द्वारा छत्तीसगढ़ के पांच जिलों के खनिज संसाधन मानचित्र खनिज साधन विभाग को सौंपे गए। बैठक में खनिज खोज की संभावनाओं को बढ़ाने, विभिन्न केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और राज्य में खनिज-आधारित उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार एक मजबूत रोडमैप तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में प्रमुख भूवैज्ञानिक एवं खनिज क्षेत्र से संबंधित केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय संस्थाओं और शासकीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, भारतीय खान ब्यूरो, परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च, केंद्रीय भूजल बोर्ड, सीएमपीडीआईएल, एमओआईएल, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन शामिल थे। इसके अतिरिक्त सीजीसीओएसटी, अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों तथा उद्योग जगत से जिंदल स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, मां कुदरगढ़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड, डेक्कन गोल्ड एवं माइकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों तथा डीजीएम की एमसीटीए टीम ने भी बैठक में भाग लिया।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में बुधवार को 'सहयोग केंद्र' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर आवेदनों पर सार्थक व समाधानकारी पहल की।सहयोग केंद्र में 100 से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान 40 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री श्री चौधरी ने आवेदन के तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को इन आवेदनों के त्वरित व पारदर्शी निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान भाजपा प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी एवं सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने विशेष रूप से मौजूद रहे।
- -विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह ने किया सम्मानितरायपुर। प्रदेश के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ दिनेश मिश्र को राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में चिकित्सा एवं समाजसेवा में दीर्घ कालीन योगदान के लिए लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया . पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने डॉ. दिनेश मिश्र को एवार्ड देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम में बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर, राजेश मूणत पूर्व मंत्री एवं विधायक रायपुर, पुरन्दर मिश्रा, विधायक, मोतीलाल साहू विधायक, मीनल चौबे महापौर रायपुर, डॉ विद्याकांत त्रिवेदी, डॉ उपेन्द त्रिवेदी, डॉ . उत्कर्ष त्रिवेदी उपस्थित रहे.डॉ दिनेश मिश्र सन् 1995 से प्रदेश में सामाजिक अंधविश्वास एवं कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चला रहे हैं डॉ मिश्र के प्रयासों से प्रदेश में टोनही प्रताड़ना के विरोध में कानून बना .वे प्रताड़ित महिलाओं के कल्याण, पुनर्वास के लिए भी प्रयत्नशील हैं साथ ही सामाजिक बहिष्कार से पीड़ित परिवारों के लिए कार्य कर रहे है साथ ही इस संबंध में कानून बनाने किए संघर्षरत हैं.डॉ दिनेश मिश्र पिछले 30 वर्षों से जादू टोने के संदेह में महिला प्रताड़ना, डायन (टोनही)प्रताड़ना, उनके मानवाधिकार विभिन्न अंधविश्वासो और सामाजिक कुरीतियों तथा महिला के खिलाफ लगातार कार्य कर रहे है जिसके तहत देश भर में 5 हजार से अधिक सभाएं कर चुके है स्कूल,कॉलेजो ,सामाजिक संगठनों के साथ कार्यशालाओं में 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर चुके हैडॉ दिनेश मिश्र ने2016 में यूनाइटेड नेशन्स द्वारा जिनेवा में डायन के संदेह में महिला प्रताड़ना और मानव अधिकार विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला व्याख्यान, साथ 2014 में बेल्जियम ब्रसेल्स में आयोजित संगोष्ठी में व्याख्यान, अनेक विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दे चुके हैं .छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश ,आसाम आंध्रप्रदेश ,ओडिसा,झारखण्ड ,महाराष्ट्र ,दिल्ली,हरियाणा,राजस्थान ,बिहार ,उत्तरप्रदेश ,कर्नाटक,में अभियान संचालित कर चुके हैछत्तीसगढ़ में जादू टोने के आरोप में महिला प्रताड़ना टोनही प्रताड़ना के खिलाफ जन जागरण तथा प्रदेश में कानून बनाने केलिए किये गए कार्यो केलिए राज्य अलंकरण पण्डित रविशंकर शुक्ल सम्मान 2006 मे, देश भर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं अंधविश्वास निर्मूलन के लिए किए गए कार्यों के लिये 2007 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा नेशनल एवार्ड प्रदान किया जा चुका है वहीछत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा 2006 में महिला उत्पीड़न के लिए किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है.
- -वन मंत्री केदार कश्यप ने किया 24.38 लाख रूपए की लागत से तैयार वुडन ब्रिज का लोकार्पणरायपुर ।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कोनी में बने बिलासा ताल में हाल ही में एक आकर्षक नवनिर्मित वुडन ब्रिज (लकड़ी का पुल) से पर्यटन स्थल की सुंदरता और आकर्षण में काफी वृद्धि हुई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बिलासपुर के बिलासा ताल में 24.38 लाख रुपए की लागत से तैयार वुडन ब्रिज का लोकार्पण किया। प्राकृतिक और मनोरम वातावरण के बीच बनाए गए इस आकर्षक ब्रिज से बिलासा ताल की सुंदरता बढ़ी है। यह ब्रिज पर्यटकों और शहरवासियों के लिए नया आकर्षण बनेगा।बिलासा ताल के प्राकृतिक परिवेश और पर्यटन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वुडन ब्रिज का निर्माण किया गया है। इसके माध्यम से पर्यटकों को ताल परिसर में घूमने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। ब्रिज के आसपास का क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।वुडन ब्रिज के निर्माण से बिलासा ताल की पर्यटन सुविधाओं में एक नया आयाम जुड़ा है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा बढ़ने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय नागरिकों के लिए भी यह स्थान मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का बेहतर विकल्प बनेगा।बिलासा ताल में विकसित यह वुडन ब्रिज प्रकृति और पर्यटन विकास के सुंदर समन्वय का उदाहरण है। शासन द्वारा पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और प्राकृतिक स्थलों को आकर्षक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं।लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पीसीसीएफ श्री अरुण पाण्डेय, सीसीएफ श्री मनोज पांडे, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, वन मंडलाधिकारी श्री नीरज सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, श्री मोहित जायसवाल सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- -नई सहकारी समितियों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश-सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कामकाज की समीक्षा कीरायपुर। सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक कृषि साख समितियां (PACS) का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है, ब्याज मुक्त या कम ब्याज पर फसल ऋण समय पर मिलते हैं और किसानों को डिजिटल सेवाएं आसानी से मिलने लगती हैं। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सभाकक्ष में बैठक लेकर जिला सहकारी बैंक के कामकाज एवं किसानों के हित में संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।मंत्री श्री केदार कश्यप ने सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के साथ किसानों को समय पर ऋण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के हित में संचालित केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा। बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती रजनी साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मिश्रा, नोडल अधिकारी श्री आशीष दुबे सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि पांच जिलों में नई 47 सहकारी समितियां खोली गई हैं, जिनमें अकेले बिलासपुर जिले में 16 समितियां शामिल हैं। उन्होंने इन समितियों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय स्तर पर सहकारिता से जुड़ी सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि नई समितियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में किसानों को 73,207.17 लाख रुपये का नगद ऋण तथा 17,273.35 लाख रुपये का वस्तु ऋण वितरित किया गया है। इस प्रकार किसानों को 904 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंत्री श्री कश्यप ने ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने तथा सहकारी बैंक की सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।बैठक में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। कुछ समितियों में डेटा एंट्री का कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। इस पर मंत्री श्री कश्यप ने 31 अगस्त तक सभी पैक्स में डेटा एंट्री एवं कंप्यूटराइजेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मंत्री श्री कश्यप ने ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी केंद्रों में आईडी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में अन्न भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। योजना का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने अधूरे गोदामों की जानकारी ली। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित अधिकारियों को अधूरे निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इनका उपयोग किसानों और सहकारी समितियों के हित में किया जा सके। मंत्री श्री कश्यप ने किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार और अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें कृषि कार्यों के लिए समय पर ऋण सुविधा मिल सके।बैठक में ऋण वितरण समितियों की स्थिति, वर्तमान एवं लंबित अल्पकालीन कृषि ऋण, ब्याज अनुदान, माइक्रो एटीएम की उपलब्धता एवं संचालन तथा सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। मंत्री श्री कश्यप ने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा किसानों को सहकारिता विभाग की सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- -आत्मसमर्पण और पुनर्वास से बदली जिंदगी, अब सब इंस्पेक्टर बनकर संभाल रहे सुरक्षा की जिम्मेदारी-चेन्नई के मीडिया प्रतिनिधियों ने डीआरजी और एसटीएफ जवानों से जाना नक्सल मुक्त बीजापुर का बदलावरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ विकास और पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन का अवसर देने के प्रयासों से अनेक जिंदगियां बदल रही हैं। बीजापुर के डीआरजी में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अर्जुन की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है। अर्जुन ने बताया कि माओवादी हिंसा के दौर में ग्रामीण परिवारों पर संगठन से जुड़ने का दबाव रहता था। इसी भय और दबाव के कारण उन्हें भी बचपन में माओवादी संगठन में शामिल होना पड़ा। समय के साथ उन्होंने माओवादी गतिविधियों और हिंसक विचारधारा को करीब से देखा और उनका मोहभंग हो गया।इसके बाद उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुनर्वास का लाभ मिलने के बाद उन्हें पुलिस विभाग में सेवा का अवसर मिला।अर्जुन ने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें नई जिंदगी शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने पुलिस विभाग में जिम्मेदारी संभाली और अपनी मेहनत तथा बेहतर कार्य के बल पर आगे बढ़ते गए। शुरुआत में उन्होंने गोपनीय सैनिक के रूप में सेवा की और बाद में पदोन्नति प्राप्त करते हुए सब इंस्पेक्टर बने।आज अर्जुन उसी क्षेत्र में पुलिस की वर्दी पहनकर कानून और संविधान की रक्षा तथा आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनका जीवन बताता है कि सही अवसर और पुनर्वास का सहारा मिलने पर हिंसा के रास्ते से लौटकर सम्मानजनक जीवन की शुरुआत की जा सकती है।पीआईबी के डायरेक्टर श्री अरुण कुमार पी. के नेतृत्व में चेन्नई से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने 17 अगस्त को बीजापुर प्रवास के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों से चर्चा की। इस दौरान जवानों ने बस्तर में माओवाद के प्रभाव, नक्सली हिंसा, सुरक्षा अभियानों, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास तथा नक्सल मुक्त बीजापुर में हो रहे बदलावों के बारे में अपने अनुभव साझा किए।डीएसपी श्री विनीत साहू ने मीडिया प्रतिनिधियों को नक्सल विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों के सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति में केवल सुरक्षा कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों का विश्वास मजबूत करना, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास को प्रोत्साहित करना और विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी शामिल है।डीआरजी और एसटीएफ के जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभाई है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ अब विकास कार्यों को भी गति मिल रही है।31 मार्च 2026 के बाद नक्सल मुक्त बीजापुर में बदलाव की नई तस्वीर सामने आ रही है। जिन क्षेत्रों में कभी माओवादी हिंसा के कारण सामान्य जनजीवन और विकास कार्य प्रभावित होते थे, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिल रही है।सुरक्षा बलों के जवानों ने बताया कि आज ग्रामीणों में विश्वास बढ़ रहा है और विकास गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। यह बदलाव सुरक्षा, पुनर्वास और विकास के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।अर्जुन की कहानी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की मानवीय तस्वीर सामने लाती है। जिस व्यक्ति को कभी परिस्थितियों और दबाव के कारण माओवादी संगठन से जुड़ना पड़ा, वही आज पुलिस की वर्दी पहनकर कानून, संविधान और समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास की नीति के माध्यम से लोगों को हिंसा छोड़कर विकास और सम्मान की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। अर्जुन का सफर इसी बदलाव का प्रेरक उदाहरण है। माओवाद के साये से निकलकर वर्दी की जिम्मेदारी तक पहुंचने का सफर।



























