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- मुम्बई। दक्षिण मुम्बई के कल्बादेवी क्षेत्र में बिना हेल्मेट लगाए दोपहिया वाहन से जा रही एक महिला ने रोके जाने पर यातायात पुलिस के एक जवान की कथित रूप से पिटाई कर दी। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। मुम्बई। दक्षिण मुम्बई के कल्बादेवी क्षेत्र में बिना हेल्मेट लगाए दोपहिया वाहन से जा रही एक महिला ने रोके जाने पर यातायात पुलिस के एक जवान की कथित रूप से पिटाई कर दी। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने ट्वीट किया कि संबंधित महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि यह मुम्बई पुलिस के सम्मान का विषय है। उन्होंने इसे महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख को भी टैग किया। अधिकारी ने बताया कि कल्बादेवी के कॉटन एक्सचेंज नाका पर शुक्रवार को यातायात पुलिस के कांस्टेबल एकनाथ पारठे ने एक दो-दोपहिया वाहन को रोका जिसकी पिछली सीट पर एक महिला बिना हेल्मेट लगाए बैठी थी । उन्होंने बताया कि जुर्माने को लेकर बहस छिड़ गयी और महिला कांस्टेबल से कथित रूप से मार-पीट करने लगी। वीडियो में महिला यह दावा करती हुई नजर आ रही है कि कांस्टेबल ने उसके साथ गाली-गलौज की जबकि कांस्टेबल इसका खंडन करते हुए दिख रहा है। जब पारठे के साथ कथित रूप से मार-पीट की जा रही थी, उसी बीच भीड़ वहां जुट गयी और कुछ लोगों ने मोबाइल फोन पर इस घटना की रिकार्डिंग कर ली। अधिकारी के अनुसार बाद में महिला पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचीं और फिर आरोपियों--साद्विका रमाकांत तिवारी (30) एवं उसके साथी मोहसिन खान (26) को लोकमान्य तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भादंसं की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बीच पुलिस ने एक बयान जारी करके कहा कि पारठे बड़ी शालीनता से आरोपियों के साथ पेश आये थे। विज्ञप्ति के अनुसार संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) यशस्वी यादव ने आरोपी महिला द्वारा मारपीट एवं गाली-गलौज किये जाने के बाद भी अपना धैर्य नहीं गंवाने को लेकर कांस्टेबल की प्रशंसा की।
- पटना। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने हाल में बनाये गए कृषि संबधी तीन कानून का विरोध करते हुए शनिवार को कहा कि यह किसान, उपभोक्ता विरोधी है और पूंजीपतियों के लिये हैं और अनुबंध कृषि के माध्यम से सरकार किसानों की सारी जमीन हड़प लेना चाहती है जिससे किसान अपने ही खेत में मजदूर बनकर रह जाएगा।श्री बघेल ने कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन कानूनों का विरोध करते संवाददाताओं से कहा, ''ये कानून किसानों के लिए नहीं बल्कि पूंजीपतियों के लिए है। यह आम उपभोक्ताओं के खिलाफ है, किसान विरोधी है। ये किसान विरोधी ही नहीं आम उपभोक्ता विरोधी भी है ।'' उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार कहती है कि एफसीआई की भूमिका सीमित कर देनी चाहिए, न्यूनतम समर्थन मूल्य बंद कर देनी चाहिए, सार्वजनिक विमरण प्रणाली (जिससे गरीब को राशन मिलता है) को बंद कर देना चाहिए। बघेल ने कहा, '' ये सारी व्यवस्थाएं केवल पूँजीपतियों को लाभ देने के लिए की जा रही हैं।''उन्होंने दावा किया कि जो कानून इन्होंने बनाए, दरअसल यह सब शांता कुमार की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है, जिसमें कहा गया कि जो राज्य अनाज पर बोनस दे उसके यहां से एफसीआई अनाज नहीं खरीदेगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कहा गया है कि मंडी समाप्त होंगे, पैन कार्डधारी अनाज खरीद सकेंगे, मंडी लाइसेंस की जरूरत नहीं और 1955 में नेहरू जी के बनाए कानून आवश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया, ''यह सरकार अनुबंध कृषि (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) के माध्यम से किसानों की सारी जमीन हड़प लेना चाहती है, जिससे किसान अपने ही खेत में मजदूर बनकर रह जाएगा।'' भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 3 काले कानूनों के बारे में कहा है कि कुछ राजनीतिक दल दलालों के पक्ष में बात कर रहे हैं जबकि दलालों का बढ़ावा देने और संरक्षण देने का काम उनकी ही सरकार कर रही है । उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पूंजीपतियों के लिए बनी सरकार है और आप (प्रधानमंत्री) विपक्ष पर आरोप मत लगाइए। बघेल ने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन आपने नहीं बनाए लेकिन आप उन्हें बेचने का काम जरूर कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि कृषि राज्य का विषय है और क्या ये कानून बनाते समय किसानों या राज्य सरकारों से पूछा गया ? उन्होंने प्याज की कीमत 70 रूपये से 80 रूपये होने का भी जिक्र किया।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने बिहार में शराबबंदी की नीति पर भी तंज किया और कहा कि कोई भी कानून हो, उसकी प्रतिपूर्ति को लेकर समय समय पर समीक्षा की जानी चाहिए । उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी का पालन हो रहा है या नहीं और तस्करी से घर घर पहुंच रहा है, इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है । बिहार में कांग्रेस का चुनाव प्रचार करने आए बघेल ने आरोप लगाया कि 70 के दशक में इंदिरा जी ने जो जमीन गरीबों को दी, उनपर भाजपा की नजर है। उन्होंने कहा कि जो मजदूर बिहार वापस आए थे, वे फिर से बाहर जा रहे हैं क्योंकि बिहार में रोजगार नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, ''लॉकडाउन में लाखों लोग सड़कों पर थे, अकेले बिहार में 30 लाख से अधिक लोग वापस आए। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कहते रहे कि हम रोजगार देंगे किसी को बाहर जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन बिहार वापस आए सभी लोग फिर से पंजाब जाने को बाध्य हो गए ।'' सत्तारूढ़ राजग गठबंधन पर निशाना साधते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा, '' यदि राजग का गठबंधन है तो इससे चिराग को बाहर क्यों नहीं किया गया? कल प्रधानमंत्री जी ने एक भी शब्द उनके बारे में क्यों नहीं कहा? '' उन्होंने कहा, '' अपने ही साथी को ठगने का काम ये लोग कर रहे हैं। ये गठबंधन नहीं ठगबंधन है।
- मथुरा। वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर के पट रविवार से भक्तों के लिए फिर खोल दिए गए हैं, लेकिन अपने आराध्य की एक झलक पाने के इच्छुक दर्शनार्थियों को पहले मंदिर की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा और उसके अनुसार दी गई तिथि एवं समय पर पहुंचना होगा।इससे पूर्व मंदिर के प्रशासक एवं मामले की सुनवाई कर रहे सिविल जज (कनिष्ठ वर्ग) के न्यायाधीश गजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को यह कहते हुए कोई नया आदेश जारी करने से इंकार कर दिया कि भले ही कुछ दिक्कतों के चलते मंदिर प्रबंधन ने उनके पिछले आदेश पर दो दिन खोलकर 19 अक्तूबर से मंदिर में दर्शन कराना बंद कर दिया हो, किंतु उनका वह आदेश अब भी लागू है। इस पर जिला प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन के बीच हुई बैठक में कुछ ऐहतियात के साथ मंदिर दुबारा खोलने का निर्णय ले लिया गया। जिसके लिए शनिवार की शाम पुलिस, प्रशासन व मंदिर के अधिकारी अचूक व्यवस्था बनाने में जुटे दिखे। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. गौरव ग्रोवर भी व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे।आज सुबह आठ बजे से भक्तों को मंदिर में प्रवेश शुरू हो गया है। अदालत द्वारा 15 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार ही मंदिर में दर्शन की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने कहा, "बाहर आने वाले हर श्रद्धालु को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा, जबकि स्थानीय दर्शनार्थी के लिए पहचान पत्र के तौर आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा।" उन्होंने बताया, "ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए 24 अक्तूबर से ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। दर्शन के इच्छुक श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कर दर्शन करने मंदिर आ सकते हैं। एक दिन में कुल 500 श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश मिलेगा। श्रद्धालु सुबह 8:00 से 12:00 बजे तक और शाम को 5:30 से 9:30 तक ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे।" मंदिर प्रबंधक के अनुसार यह प्रक्रिया प्रयोग के तौर पर एक सप्ताह के लिए प्रारंभ की जा रही है, अगर यह प्रकिया सफल रहती है तो आगे भी जारी रहेगी।
- अयोध्या। अयोध्या की रामलीला के आयोजकों का कहना है कि विभिन्न माध्यमों पर इसके प्रसारण को देखने वालों की संख्या दस करोड़ के पार पहुंच गई है। नौ दिवसीय रामलीला का प्रसारण यहां सरयू नदी के किनारे स्थित लक्ष्मण किला मंदिर से किया जा रहा है।इसमें फिल्मी सितारे और अभिनेता से नेता बने कलाकार अभिनय कर रहे हैं।रामलीला का प्रसारण उर्दू समेत 14 भाषाओं में किया जा रहा है। रामलीला के निर्देशक सुभाष मलिक ने कहा कि दूरदर्शन, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर दिखाई जा रही रामलीला ने एक और कीर्तिमान रचते दिया है क्योंकि इसके दर्शकों की संख्या दस करोड़ पार कर गई है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि प्रसारण समाप्त होने तक यह संख्या दोगुनी हो जाएगी।कोविड-19 के नियमों के कारण लोगों को आयोजन स्थल पर आकर रामलीला देखने की अनुमति नहीं है।यह रामलीला 17 अक्टूबर को शुरू हुई थी और 25 अक्टूबर को रावण दहन के साथ इसका समापन होगा। सुभाष मलिक ने कहा, ''इसके लिए सौ फुट लंबे रावण का पुतला बनाया जा रहा है।'' उन्होंने कहा, ''हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस अवसर पर मुख्य अतिथि बनने के लिए आमंत्रण भेजा है।
- यहां आज भी दामाद के रुप में पूजे जाते हैं दशानन, मान्यता ऐसीकि रावण के दाहिने पैर में कुसुम बांधने से होती है मनोकामना पूरीमंदसौर। देश के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को दशहरे के मौके पर रावण का पुतला दहन किया जाएगा, लेकिन मंदसौर में रावण पुतला दहन की परंपरा अन्य स्थानों से अलग है। मंदसौर में मंदोदरी को बेटी और रावण को दामाद माना जाता है। दशहरे के दिन मंदसौर के नामदेव समाज द्वारा सुबह खानपुरा स्थित 41 फीट ऊंची नौ मुखी रावण की प्रतिमा पर पूजा अर्चना कर क्षमा मांगकर, शाम को युद्ध के लिए आमंत्रित कर गोधूलि बेला में रावण का पुतला दहन किया जाता है। लोगो की ऐसी मान्यता है कि खासकर दशहरे के दिन रावण की प्रतिमा के दाएं पैर में कुसुम (लच्छा) बांधकर मन्नत मांगने से वो पूरी हो जाती है। मन्नत पूरी होने पर रावण प्रतिमा के सामने गुलगुले (मीठे भजिए) प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाते हैं। मंदसौर नामदेव समाज के सचिव राजेश मेड़तवाल बताते हैं कि मालवा क्षेत्र में ससुराल में महिलाएं दामाद के सामने घंूघट निकालती हैं।200 साल पहले स्थापना नौ सिर में एक गधे का भीनामदेव समाज के सचिव राजेश मेड़तवाल बताते हैं कि मंदसौर के खानपुरा स्थित प्रतिमा को लगभग 200 वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था। अभी जो प्रतिमा दिखाई दे रही है ये आज से 35 वर्ष पूर्व की है। इससे पूर्व में इससे भी ऊंची प्रतिमा थी जो इस प्रतिमा से भी 10 फीट ऊंची थी। लेकिन उस प्रतिमा पर बिजली गिर गई और वह क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब यहां 41 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है। वे बताते हैं कि रावण के एक मुख्य सिर के साथ दोनों तरफ चार चार सिर लगे हैं, इसके अलावा मुख्य सिर के ऊपर एक सिर गधे के रूप में रख दिया है, मान्यता है कि जब सीता मैया का अपहरण किया था तब रावण कि बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी, ये सिर वही भ्रष्ट बुद्धि को दर्शाता है।ये भी दावा...मेरठ में भी रावण की ससुरालमेरठ में भी रावण की ससुराल का दावा किया जाता रहा है। यहां के लोग रावण की पत्नी मंदोदरी को मेरठ की रहने वाली बताते हैं। मेरठ का प्राचीन नाम मयदन्त का खेड़ा था। यह मय दानव की राजधानी थी। मय दानव की पुत्री का ही नाम मंदोदरी था। मंदोदरी का विवाह रावण से हुआ था। इसलिए मेरठ को रावण की ससुराल कहा जाता है। ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव को रावण का जन्म स्थान माना जाता है। बिसरख गांव मातम में डूबा रहता है। यहां कोई जश्न नहीं मनाया जाता। अब यहां एक मंदिर है जो रावण को समर्पित है।
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नई दिल्ली। दशहरे में महज एक दिन रह गया है और करण ‘रावण वाला' खाली फुटपाथ को एकटक देख रहा है। इस त्योहार के मौसम में बहुत कम काम मिलने की निराशा उसके चेहरे पर साफ झलक रही है। पास से गुजर रही कारों पर बिना नजर डाले, बड़ी सफाई से बांस को आकार दे रहे करण ने बीते समय की चर्चा छेड़ते हुए कहा, यहां से एक किलोमीटर तक इतने पुतले होते थे कि आपको पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने वाले करण जैसे सैकड़ों कलाकार इस मौसम में पूरे वर्ष की कमाई कर लेते थे। लेकिन इस वर्ष कोविड-19 संक्रमण के डर से लोग त्योहार में भी बाहर निकलने से बच रहे हैं और इस महामारी ने पूरे त्योहारी मौसम का रंग उड़ा दिया है।
पश्चिमी दिल्ली में टैगोर गार्डन मेट्रो स्टेशन के समीप नजफगढ़ रोड के पास का यह इलाका साल के इस समय में पुतले बनाने लोगों द्वारा बांस के पुतलों को अंतिम शक्ल देने और खरीददारों की भीड़ से भर रहता था। लेकिन इस बार इस इलाके में केवल तीन या चार पुतला निर्माता पुतलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। रंग-बिरंगे बांस और कागज के पुतले शहर भर में रामलीला आयोजकों को 1,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक के दामों में बेचे जाते हैं। हालांकि ज्यादातर आयोजकों ने ज्यादा भीड़ नहीं जुटने की आशंका और सख्त सरकारी नियमों के कारण इस साल दशहरा नहीं मनाने का फैसला किया। इस बार महामारी से व्यवसाय प्रभावित हुआ है लेकिन पिछले कई वर्षों में सरकार द्वारा जारी सख्त नियमों ने भी इसे काफी क्षति पहुंचायी है। साल के अन्य महीनों में इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले 52 वर्षीय करण ने कहा,पिछले दो-तीन वर्षों में उन्होंने हमारे काम को पूरी तरह से मार डाला है। पहले उन्होंने हमें पुतले बनाने और बेचने के लिए जगह देने से मना कर दिया और फिर उन्होंने पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया और अब यह बीमारी आ गई।” पुतलों को रंगने वाले पेंटर शम्मी ने कहा कि जब उन्होंने इस साल पुतले बनाने का जोखिम उठाने का फैसला किया तो उन्होंने सब कुछ भाग्य पर छोड़ दिया । उन्होंने कहा, “बाजार बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। हमें पिछले दो-तीन साल पहले की तुलना में केवल 10 प्रतिशत कारोबार मिला है। इस वर्ष मैंने केवल 10 बड़े और 10 छोटे रावण के पुतले बनाए हैं।” पेंटर ने गर्व से कहा कि कुछ साल पहले तक उन्हें अयोध्या से रावण बनाने के आर्डर मिल जाते थे। अब वह स्कूलों, जिम और घरों में वॉल पेंटिंग बनाने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे अलग दिन थे जब हम केवल दशहरे की कमाई पर वर्ष भर काट लेते थे। अब मैं एक महीने भी खाली नहीं बैठ सकता। नजफगढ़ रोड से बाहर निकलने पर एक संकरी गली में पुतला निर्माताओं के घर हैं। वहीं नीले रंग का तीन फुट ऊंचा रावण का पुतला एक घर के सामने खड़ा नजर आता है। लेकिन यह इस बात का एक नमूना मात्र है कि अंदर क्या रखा है।
न्यू इंडिया रावण वाले की कार्यशाला घर के भीतर ही है और यहां कारीगर पिछले 80 वर्ष से बड़ी मेहनत से पुतले तैयार करते रहे हैं। इनके पुतले कनाडा और आस्ट्रेलिया तक भेजे गये हैं। ऐसे ही एक कारीगर 45 वर्षीय अजय सारस्वत ने कहा, अब हम यह काम केवल इसलिए करते हैं क्योंकि हम इसके अलावा कुछ और नहीं कर सकते। सारस्वत के दादा ने ' रावण वाले बाबा ' से पुतले बनाने की कला सीखी और इस क्षेत्र को पुतला बाजार के रूप में स्थापित किया था। अजय के भतीजे अमित सारस्वत ने कहा कि पुतले बनाने के इस काम ने परिवार की चार पीढ़ियों को आजीविका दी लेकिन इस व्यवसाय से अब यह पीढ़ी नहीं चल सकती। अमित ने कहा, यह सब हम जानते हैं और मैं नहीं चाहता कि मेरे बच्चे यह काम शुरू करें। अजय की पत्नी दीपा ने भी इस बात पर हामी भरी। उसने स्मार्टफोन पर म्यूजिक वीडियो देखने में व्यस्त अपने छह साल के बेटे की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘यह उस पर निर्भर करता है कि वह क्या करना चाहता है। उसे गाना गाना पसंद है। अगर वह एक गायक बनना चाहेगा तो हम उसे समर्थन देंगे।
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मथुरा। दशहरे के अवसर पर देश भर में बुराई का प्रतीक माने जाने वाले रावण का पुतला जलाया जाता है, लेकिन भगवान कृष्ण की नगरी में एक वर्ग ऐसा भी है जो रावण का पुतला जलाने का विरोध करता है और उस दिन रावण की पूजा अर्चना करता है। ब्राह्मण समाज के सारस्वत गोत्र के लोगों ने रावण के प्रति अपनी आस्था दर्शाने के लिए लंकेश भक्त मंडल का गठन कर रखा है जो पिछले दो दशक से रावण के पुतले दहन करने का विरोध करता आ रहा है। लंकेश भक्त मंडल के संयोजक ओमवीर सारस्वत का कहना है कि संगठन के लोग हर वर्ष दशहरे के मौके पर मथुरा के सदर क्षेत्र में यमुना किनारे स्थित एक शिव मंदिर में रावण की पूजा करते हैं। इस वर्ष भी लंकेश भक्त मंडल के सदस्य रविवार को दोपहर बारह बजे रावण की पूजा करेंगे। उन्होंने कहा कि महाराज रावण भगवान महादेव के परम भक्त थे और बहुत ही विद्वान थे, इसीलिए वे लोग उनका नमन करते हैं। प्रकांड विद्वान होने के नाते किसी को भी उनका पुतला दहन नहीं करना चाहिए, इसीलिए वे उनके पुतले जलाए जाने का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करना किसी भी विद्वान के अनादर के समान है और एक ब्राह्मण के मामले में तो यह ‘ब्रह्महत्या' सरीखी है। उन्होंने कहा कि वैसे भी हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार मृत व्यक्ति का पुतला दहन करना अपमान करने समान है जिसकी कानून भी इजाजत नहीं देता। सारस्वत ने कहा कि हमारे संविधान में भी किसी की भी धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाना दंडनीय अपराध है, समाज का एक वर्ग दशानन के पुतले दहन कर दूसरे वर्ग की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाता है और इसे रोका जाना चाहिए।
- भोपाल। कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए लगाये गये प्रतिबंधों के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने एक नवंबर से जेलों में कैदियों की उनके परिजनों से मुलाकात की सुविधा फिर से शुरु करने की स्वीकृति प्रदान की है।उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस बीमारी से बचाव के लिए राज्य सरकार ने 21 अगस्त 2020 को जेलों में बंदियों की परिजनों से मुलाकात को 31 अक्टूबर तक प्रतिबंधित कर दिया था। शासन द्वारा जारी एक परिपत्र के अनुसार बंदियों की परिजनों से मुलाकात के दौरान कोरोना वायरस से बचाव संबंधी राज्य सरकार के निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। इस बीच प्रदेश के गृह एवं जेल मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रतिबंध के दौरान जेलों में शुरु की गयी वीडियो कॉल सुविधा एक नवंबर र के बाद भी जारी रहेगी।
- मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पत्नी द्वारा मायके से लौटने से इनकार करने पर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली।न्यू मंडी पुलिस थाने के प्रभारी योगेश शर्मा ने शनिवार को बताया कि मुकेश (35) की पत्नी पारिवारिक विवाद के बाद मायके चली गई थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मुकेश पत्नी को लाने ससुराल गया था लेकिन पत्नी ने आने से मना कर दिया जिसके बाद उसने जहर खा लिया। पुलिस ने बताया कि मुकेश को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। (प्रतिकात्मक फोटो)--
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह 11 बजे आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार साझा करेंगे। इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की यह 70 वीं कड़ी होगी। इसे आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क से प्रसारित किया जाएगा। यह प्रसारण newsonair.com और newsonair मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध रहेगा। इसका आकाशवाणी, डीडी न्यूज, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर भी सीधा प्रसारण किया जायेगा।हिन्दी प्रसारण के तुरंत बाद आकाशवाणी से यह कार्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा। क्षेत्रीय भाषाओं में इसे रात आठ बजे फिर सुना जा सकता है।
- नई दिल्ली। सरकार ने भारत तिब्बत बार्डर पुलिस -आईटीबीपी को सीमा पर चौकसी बढ़ाने के उद्देश्य से 47 अतिरिक्त सीमा चौकियां स्थापित करने की अनुमति दे दी है। गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आईटीबीपी के 59वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए कहा कि सरकार ने इस बल को और अधिक सक्षम और आधुनिक बनाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं।श्री रेड्डी ने कहा कि वर्तमान सरकार आईटीबीपी को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के अलावा यह बल जम्मू कश्मीर में आतंकवाद और छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई के अलावा विदेश में शांति मिशनों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर बल के सैनिकों और उनके परिवारजनों को शुभकामनाएं दी हैं। एक ट्वीट में श्री सिंह ने कहा कि आईटीबीपी एक असाधारण बल है, जो सीमाओं की सुरक्षा में तैनात है। उन्होंने कहा कि यह बल अपनी दृढ़ता, धैर्य और साहस के लिए जाना जाता है।----
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नासिक। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विनायकदादा पाटिल का नासिक के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। पाटिल के पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। वह कुछ समय से बीमार थे। सूत्रों ने बताया कि पाटिल ने शुक्रवार रात अंतिम सांस ली। उन्होंने कहा कि पहले पाटिल का मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले उन्हें नासिक ले जाया गया था। शुक्रवार को उन्हें गुर्दा संबंधी रोग के इलाज के लिये नासिक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के करीबी माने जाने वाले पाटिल राज्य के उद्योग, सांस्कृतिक मामलों, युवा एवं खेल मंत्री रह चुके थे। उन्हें कृषि तथा वानिकी क्षेत्र और देशभर में जटरोफा की पैदावार में उनके योगदान के लिये जाना जाता है। 'कुसुमगराज' के नाम से मशहूर मराठी साहित्यकार दिवंगत वी वी शिरवाडकर ने पाटिल को 'वनाधिपति' की उपाधि दी थी। पाटिल के परिवार में दो बेटियां, दामाद और नाती-नातिन हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पाटिल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि एक समय सरपंच रहे पाटिल महाराष्ट्र के मंत्री तक बने। उन्होंने राज्य और किसानों के कल्याण के लिये काफी काम किया।
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जयपुर। राजस्थान के भिवाड़ी में भाई द्वारा अपनी बहन की जमीन पर पटक-पटक हत्या किए जाने की खबर है। पुलिस ने बताया कि बहन अपने पसंद के लड़के से शादी करना चाहती थी।
थाना प्रभारी सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि रेवाड़ी के सूंदरोज निवासी बनवारीलाल भिवाड़ी के सांथलका में रहते हैं। वे गांव गए थे। घर में बेटी पूनम (22) और आरोपी बेटा पवन (24) ही थे। तभी दोनों में झगड़ा हुआ। भाई-बहन में झगड़ा हुआ और आरोपी पवन ने पूनम का सिर जमीन पर पटक-पटकर उसकी हत्या कर दी।
थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि आरोपी पवन की भिवाड़ी के मंशा चौक पर एसी रिपेयरिंग की दुकान है। उसकी दुकान पर नूंह इलाके का विष्णु भी काम करता था। एक ही समाज से होने के कारण वह पूनम के संपर्क में आ गया। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन विष्णु के परिजन तैयार नहीं थे। इसके बाद विष्णु ने आरोपी पवन की दुकान की नौकरी छोड़ दी। पूनम के परिजन भी दूसरा रिश्ता देखने लगे, लेकिन पूनम विष्णु से शादी की जिद पर अड़ी थी। इसी बात पर घर में तनाव चल रहा था। पुलिस ने बताया कि घटना के समय परिजन किसी कार्यक्रम में गए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी पवन ने रात दो बजे परिजनों को फोन कर कहा कि बहन की हत्या कर दी है, लेकिन किसी ने विश्वास नहीं किया। शुक्रवार दोपहर उनके दूध वाले की सूचना पर पुलिस पहुंची। तब तक आरोपी शव के साथ घर में ही था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पवन को गिरफ्तार कर लिया है। -
जहानाबाद। राष्ट्रीय राजमार्ग 139 पर मधुबन के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक पर सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मेहंदीया थाने की पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। पुलिस के अनुसार तीनों युवक पिपरा बांग्ला गांव के रहने वाले थे, जो बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे। तभी मधुबन के समीप अज्ञात वाहन ने तीनों को टक्कर मार दी। जिससे तीनों की मौके पर मौत हो गई। तीनों मृतक की पहचान पिपरा बंगला गांव निवासी टिंकू कुमार, गणेश मिस्त्री, जितेंद्र कुमार के रूप में की गई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने सदर थाने को फोन पर सूचना घटना की सूचना दी। -
घटना के 19 घंटे बाद ही 4 आरोपी हिरासत में
भोपाल। भोपाल के कोहेफिजा इलाके में शुक्रवार तड़के 4 बजे चार बदमाशों ने एक व्यापारी के साथ मारपीट की और कार व मोबाइल लूट लिया। इतना ही नहीं आरोपी व्यापारी को मारते हुए घर में ही ले गए और उनकी पत्नी को भी बंधक बना लिया। इसके बाद व्यापारी की कार और मोबाइल लेकर फरार हो गए। एएसपी रामसनेही मिश्रा ने घटना की पुष्टि की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार व्यापारी ने कोहेफिजा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया। एएसपी रामसनेही मिश्रा ने बताया कि कोहेफिजा निवासी 52 वर्षीय प्रणव नागपाल व्यापारी हैं। आरोपियों ने घटना को अंजाम तब दिया जब वे सुबह टहलने के लिए घर से निकल रहे थे। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों द्वारा लूटी गई कार और मोबाइल इंदौर रोड पर भैंसाखेड़ी के आगे से बरामद कर लिया गया। कार यहां लावारिस हालत में खड़ी थी।
पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज और बताए गए हुलिए के आधार शुक्रवार देर रात 11 बजे यानी 19 घंटे बाद आरोपी रवि गुप्ता (27), अतुल वर्मा (26), आरोपी रवि पटेल और आरोपी शरद पांडे (24) को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने लूटपाट के इरादे से वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। -
कर्मचारियों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग का एरियर
40 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों को एडवांस
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने आने वाले त्योहारों के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का बकाया एरियर देना का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी कर्मचारियों को मंगलवार को सातवें वेतन आयोग के एरियर की तीसरी किश्त देने का ऐलान किया।
मध्य प्रदेश सरकार ने आने वाले त्योहारों के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का बकाया एरियर देना का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी कर्मचारियों को मंगलवार को सातवें वेतन आयोग के एरियर की तीसरी किश्त देने का ऐलान किया।
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, मेरे कर्मचारी भाई-बहनों, आपको बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने कोविड-19 की चुनौती से लडऩे में हरसंभव सहयोग दिया। अर्थव्यवस्था कठिन दौर से गुजर रही थी और इसलिए सातवें वेतन आयोग के एरियर की तीसरी किश्त हम नहीं दे पाए थे; लेकिन अब हमने इसे देने का फैसला किया है।
सीएम शिवराज ने ट्वीट पर लिखा है कि हमने यह भी तय किया है कि जिन कर्मचारियों का वेतन 40 हजार रुपए मासिक से कम है, उनको अब 10 हजार रुपये त्योहार एडवांस दिया जायेगा। यह त्योहार एडवांस आप 31 मार्च तक कभी भी ले सकते हैं। मैंने पहले ही कहा था अस्थाई रूप से एरियर और इंक्रीमेंट रोके गए हैं, लेकिन इसकी एक-एक पाई सभी कर्मचारी भाई-बहनों की दी जायेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों को आने वाले पर्वों की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आप अपने आने वाले त्योहारों को हर्ष और उल्लास के साथ मनाएं। आप सभी को दुर्गोत्सव, दशहरा, दीपावली की अग्रिम बधाई, शुभकामनाएं।
- नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि उसने प्याज की कीमतें कम करने और देश भर में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं।नई दिल्ली में शुक्रवार को संवाददाताओं को जानकारी देते हुए उपभोक्ता मामलों की सचिव लीला नंदन ने कहा कि 31 दिसम्बर तक व्यापारियों के लिए प्याज के भंडारण की सीमा तय कर दी गई है। थोक विक्रेता 25 मीट्रिक टन प्याज का भंडारण कर सकते है जबकि खुदरा व्यापारियों को दो मीट्रिक टन का भंडार रखने की इजाजत होगी। बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने पिछले महीने की 14 तारीख को प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी थी, ताकि खरीफ मौसम में नया प्?याज आने तक घरेलू उपभोक्ताओं को इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि प्याज की खुदरा कीमतों में कुछ नर्मी दिखाई दी थी लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र-प्रदेश और मध्य-प्रदेश के प्याज उगाने वाले जि़लों में हाल की भारी वर्षा से खरीफ की फसल के खराब होने की आशंकाओं के कारण कीमतों में बढ़ोतरी दिखाई दी है।उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने रबी मौसम के एक लाख मीट्रिक टन के सुरक्षित भंडार में से प्याज उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षित भंडार से सितम्बर के दूसरे पखवाड़े से प्याज की आपूर्ति शुरू हो गई थी और यह कार्य सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। बड़ी मंडियों के अलावा केंद्रीय भंडारों, सफल, राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता परिसंघ--एनसीसीएफ, नाफेड और राज्य सरकारों के सहकारी संगठनों के माध्यम से भी प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने बताया कि खुले बाजार में प्याज की बिक्री की जा रही है और कीमतें कम करने के लिए इसकी आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। खरीफ के मौसम में 37 लाख मीट्रिक टन प्याज के मंडियों में पहुंचने की संभावना है जिससे इसकी उपलब्धता में सुधार होगा। सरकार ने प्याज का आयात बढाऩे के लिए भी कदम उठाए हैं। भारतीय दूतावासों को आयात बढ़ाने के लिए व्यापारियों से सम्पर्क बनाने को कहा गया है। इस तरह के आयातित प्याज को भारतीय बंदरगाहों में पहुंचने पर फ्यूमिगेशन के जरिए जीवाणु मुक्त करने के बाद ही बिक्री के लिए जारी किया जाएगा। सरकार ने मांग और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए एमएमटीसी के माध्यम से प्याज के आयात का भी फैसला किया है। उपभोक्ता मामलों की सचिव ने यह भी बताया कि प्याज की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कानून के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
- नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले में बिसरख थाना क्षेत्र के चिपयाना गांव में रहने वाली एक महिला तथा उसके प्रेमी ने एक साथ पंखे से फंदा लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।पुलिस उपायुक्त (जोन द्वितीय) हरिश चंदर ने बताया कि बिसरख थाना क्षेत्र के चिपयाना गांव में रहने वाले अनुज (32 वर्ष) का वहीं पर रहने वाली कविता नामक एक विवाहिता के साथ प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन महिला के परिवार वाले इसका विरोध कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस बात से परेशान महिला और उसके प्रेमी ने एक साथ पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। चंदर ने बताया कि महिला अपने पुरुष मित्र अनुज के घर पहुंची। वहीं पर दोनों ने खुदकुशी की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने गुरुवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है, कि वे समाज की बाधाओं से परेशान हैं, इस वजह से मौत को गले लगा रहे हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। (प्रतिकात्मक फोटो)
- नई दिल्ली। देश ने कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। दो महीने के अंतराल के बाद फिर से देश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 7 लाख से कम हो गई है। देश में इस समय कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 6 लाख 95 हजार पांच सौ नौ है, जो कुल मामलों का 9 प्रतिशत से भी कम है।देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या भी काफी बढ़ी है। अब तक 70 लाख लोग इससे ठीक हो चुके हैं। सक्रिय मामलों और ठीक हुए मामलों के बीच अंतर भी लगातार बढ़ रहा है। ठीक हुए मामले सक्रिय मामलों से लगभग दस गुणा ज्यादा हैं।पिछले 24 घंटों के दौरान करीब 74 हजार लोग कोरोना से ठीक हुए, जबकि 54 हजार नए मामले सामने आए। कोरोना से ठीक होने वालों की दर 89 प्रतिशत से अधिक हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि सभी के मिलेजुले प्रयासों से मृत्यु दर भी कम होकर लगभग डेढ़ प्रतिशत रह गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान 690 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, जिनमें से 81 प्रतिशत घटनाएं सिर्फ 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक ही सीमित थीं। देश ने 10 करोड़ कोविड जांच का भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान 14 लाख 42 हजार मामलों की जांच की गई।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- सीबीएसई ने चेहरा पहचान प्रणाली शुरू की है जिसके माध्यम से कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थी अपने डिजिटल शैक्षिक दस्तावेज डाउनलोड कर पाएंगे। इस कम्प्यूटर एप्लिकेशन में पहले से ही सुरक्षित डिजिटल इमेज का चेहरे से मिलान हो पाएगा। इसी तरह से डाटाबेस में पहले से ही सुरक्षित विद्यार्थी की इमेज का सीबीएसई के प्रवेश पत्र पर लगे फोटोग्राफ से मिलान हो सकेगा। फोटो का मिलान सफल होने पर प्रमाण पत्र विद्यार्थियों को ई-मेल कर दिये जाएंगे। यह एप्लिकेशन “Parniaam Manjusha” और https://digilocker.gov.in/cbse-certificate.htmll के Digi Locker पर उपलब्ध है और इसमें वर्ष 2020 के सभी रिकार्ड मिलेंगे।सीबीएसई ने डिजी लॉकर में 12 करोड़ डिजिटल शैक्षिक रिकार्ड डाले हैं जिसे कोई भी विद्यार्थी खोल सकता है और अपनी मार्कशीट, पास और माइग्रेशन सर्टिफिकेट देख सकता है। इस नई चेहरा पहचान प्रणाली से विदेशी विद्यार्थियों को काफी मदद मिलेगी। इस प्रणाली से उन विद्यार्थियों को भी फायदा होगा जो आधार कार्ड या गलत मोबाइल नंबरों से डिजी लॉकर खोल नहीं पाते हैं।
- नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश में विशाखापतनम के नौसेना डॉकयार्ड में आयोजित समारोह में पनडुब्बी भेदी युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती को भारतीय नौसेना में शामिल किया। ये पोत किसी रडार की पकड़ में नहीं आएगा।भारतीय नौसेना में ऐसे चार पनडुब्बी भेदी युद्धपोतों को शामिल करने के क्रम में ये चौथा युद्धपोत है। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड में निर्मित कामोर्टा किस्म के पनडुब्बी भेदी युद्धपोत के डिजाइन पर ही इस युद्धपोत का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने आईएनएस कवरत्ती को राष्ट्र को समर्पित किया। लक्षद्वीप समुह की राजधानी कवरत्ती के नाम पर इस युद्धपोत का नाम रखा गया है।रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि इस युद्धपोत के निर्माण में स्वदेशी प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है जो आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय उद्देश्य का प्रतीक है। इस युद्धपोत के निर्माण में आधुनिक साजोसामान और कार्यप्रणाली का इस्तेमाल किया गया है जिससे वह परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध में भी पूरी तरह सक्षम सिद्ध होगा।मंत्रालय के अनुसार युद्धपोत में लगे हथियार और सेंसर भी देश में ही तैयार किए गए हैं जिससे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में राष्ट्र की क्षमता प्रदर्शित होती है। ये पोत पूर्वी नौसेना कमान के अंतर्गत पूर्वी बेड़े का एक अभिन्न अंग होगा। पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इनचीफ वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड के सेवानिवृत्त अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रेयर एडमिरल वी. के. सक्सैना और अऩ्य अधिकारी भी आईएऩएस कवरत्ती को नौसेना में शामिल करने के समारोह में उपस्थित थे।
- श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के सिविल सेवा नियमन नियमों में संशोधन कर प्रशासन को सरकारी कर्मचारियों को 22 साल सेवा पूरी करने या 48 साल उम्र हो जाने पर किसी भी समय सेवानिवृत्त करने की अनुमति प्रदान की गयी है।एक अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों को तीन महीने के नोटिस या नोटिस के बदले तीन महीने का वेतन और भत्ता दिए जाने के बाद सेवानिवृत्त किया जा सकता है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आदेश पर प्रशासन ने जम्मू कश्मीर सिविल सेवा नियमन के 226(2) खंड में कुछ नियमों को शामिल किया है। अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी की है । अधिसूचना में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के प्रावधानों के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर सिविल सेवा नियमन के खंड 226 (2) में कुछ नए नियमों को जोड़ा है । नियमन 226 (2) (ए) के तहत अगर सरकार को जनहित में जरूरी लगता है तो वह इन नियमों की अनुसूची दो में शामिल पद पर तैनात किसी कर्मचारी को 22 साल सेवा पूरी करने या 48 साल उम्र हो जाने पर सेवानिवृत्त कर सकती है । अधिकारी ने कहा कि कर्मचारी को सेवानिवृत्ति की तारीख से सेवा के आधार पर इन नियमों के तहत मान्य पेंशन लाभ की अनुमति होगी। अधिसूचना में आगे कहा गया है कि प्रशासनिक विभाग को 22 साल सेवा पूरी करने वाले या 48 साल के होने वाले कर्मचारियों का रजिस्टर बनाना होगा । संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा नामित अधिकारी हर साल की शुरुआत में इस रजिस्टर की जांच करेंगे और समीक्षा करेंगे।
- जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने किसान आंदोलन के कारण 12 त्योहार स्पेशल ट्रेनों को रद्द किया है। वहीं डिब्रुगढ-लालगढ-डिब्रुगढ रेलसेवा का मार्ग परिवर्तन किया गया है।उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुनील बेनीवाल ने बताया कि किसान आंदोलन के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा संचालित ट्रनें शुरुआती स्टेशन से रद्द की गई हैं। एक बयान में उन्होंने बताया कि जम्मूतवी-अजमेर को 22 अक्टूबर से 4 नवम्बर तक, अजमेर-जम्मूतवी 23 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक, बाड़मेर-ऋषिकेष, ऋषिकेष-बाड़मेर, दिल्ली-बठिण्डा, बठिण्डा -दिल्ली, श्रीगंगानगर-दिल्ली, दिल्ली-श्रीगंगानगर, अजमेर-अमृतसर, अमृतसर-अजमेर, अजमेर-अमृतसर को रद्द किया गया है। इसके साथ ही डिब्रुगढ-लालगढ़ रेलसेवा तीन नवम्बर तक डिब्रुगढ से प्रस्थान करेगी वह रेलसेवा परिवर्तित मार्ग वाया रोहतक-भिवानी -हिसार-सादुलपुर-हनुमानगढ होकर चलेगी। वहीं लालगढ-डिब्रुगढ रेलसेवा चार नवम्बर तक लालगढ से चलेगी और परिवर्तित मार्ग वाया हनुमानगढ़-सादुलपुर-हिसार-भिवानी-रोहतक होकर जाएगी।
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आरोपी मां गिरफ्तार
पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अंधविश्वास के चलते देवी मां को खुश करने के लिए एक महिला ने अपने 24 वर्षीय बेटे की सोये में कुल्हाडी से गले पर वार कर बृहस्पतिवार तड़के कथित रूप से बलि चढ़ा दी। यह घटना पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कोहनी गांव में हुई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पन्ना कोतवाली थाना प्रभारी अरुण सोनी ने बताया, आज तड़के करीब साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि कोहनी गांव में आरोपी सुनिया बाई लोधी (लगभग 50 साल उम्र) ने अपने बेटे द्वारका लोधी (24) के गले पर कुल्हाडी से वार कर हत्या कर दी है। उन्होंने कहा कि आरोपी सुनिया बाई को लगभग पिछले दो साल से कुछ दैवीय प्रभाव होने का अहसास होता था और ऐसी घटना आज रात में भी हुई थी। इसी भाव के आने की दशा में कुल्हाडी से उसने अपने बेटे द्वारका लोधी के गले पर कुल्हाडी से वार कर हत्या कर दी। सोनी ने बताया कि कानूनी कार्रवाई कर शव का पोस्टमॉर्टम करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। सोनी ने बताया कि पुलिस ने वारदात में उपयोग की गई कुल्हाड़ी भी जब्त कर ली है। सोनी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है। -
वारंगल। तेलंगाना के महबूबाबाद में फिरैाती के लिए अपहृत पत्रकार के नौ साल के बेटे की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि बच्चे के पिता को जानने वाले आरोपी 23 वर्षीय मैकेनिक ने बच्चे का 18 अक्टूबर को अपहरण किया और उसी दिन गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को पहाड़ी पर ले जाकर जला दिया। उन्होंने बताया कि अपहणकर्ता आरोपी को भय था कि बच्चे को छोड़ने पर वह उसकी पहचान उजाकर कर देगा, इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने इंटरनेट के जरिये बच्चे के परिवार को फोन कर 45 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ता आरोपी कम समय में अमीर बनना चाहता था और ऐशो-आराम की जिंदगी बसर करना चाहता था। पुलिस ने बताया कि बच्चे के पिता द्वारा हाल में संपत्ति खरीदे जाने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने पैसे कमाने के लिए अपहरण की योजना बनाई और अपराध को अंजाम दिया।
महबूबाबाद जिले के पुलिस अधीक्षक कोटी रेड्डी ने बताया कि योजना के तहत आरोपी 18 अक्टूबर को पीड़ित के घर गया और बच्चे को बुलाया। चूंकि आरोपी बच्चे के पिता का जानकार था इसलिए बच्चा उसके साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर चला गया। उन्होंने बताया कि बाद में पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए इलाके के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और आरोपी को बच्चों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने की तस्वीर दिखी जिसके आधार पर मैकेनिक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।








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