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- - माता पिता की मृत्यु के बाद भी होंगी पेंशन की हक़दारनई दिल्ली। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा है कि तलाकशुदा बेटियों को पारिवारिक पेंशन मिलने के नियमों में ढील दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी बेटी का अंतिम रूप से तलाक न भी हुआ हो, लेकिन उसने अपने पेंशनधारक माता या पिता के जीवित रहते हुये ही तलाक की याचिका दायर की हो तो भी वह पारिवारिक पेंशन लेने की हकदार होगी।पेंशन और पेंशन धारक कल्याण विभाग के कुछ महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि पहले के नियमों से तलाकशुदा बेटियों को पारिवारिक पेंशन तभी मिलती थी जब पेंशनधारक के जीवित रहते ही तलाक हो गया हो। उन्होंने कहा कि नये सर्कुलर से न केवल पेंशन लेने वालों का जीवन आसान होगा बल्कि समाज में तलाकशुदा बेटियों को सम्मान और समान अधिकार सुनिश्चित होगा।डॉ. सिंह ने कहा कि किसी भी दिव्यांग बालक या उसके भाई-बहन को दिव्यांग प्रमाण-पत्र पेंशन धारक माता-पिता के निधन के बाद जारी होने पर भी पारिवारिक पेंशन दिये जाने के आदेश जारी कर दिये गए हैं, लेकिन दिव्यांगता माता-पिता के निधन से पहले की होनी चाहिए। इसी तरह दिव्यांग पेंशन धारकों का जीवन आसान बनाने के लिए सहायक का परिचर भत्ता प्रति महीने साढ़े चार हजार से बढ़ाकर 6 हजार 700 रुपये कर दिया गया है।---
- नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सामान- मोटर वाहन नियमावली में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है। सूचना प्रौद्योगिकी पोर्टल के जरिए वाहनों के कागजात के रखरखाव की व्यवस्था लागू करने के लिए यह संशोधन किए गए हैं। अधिसूचना पहली अक्टूबर से प्रभावी होगी।मंत्रालय ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के इस्तेमाल और ई-निगरानी से देश में यातायात नियमों को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा। इससे वाहन चालकों की परेशानी दूर होगी और नागरिकों के लिए सडक परिवहन सुगम होगा। इन संशोधनों के तहत सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने की जरूरत पूरी करने के लिए चालान और पोर्टल की परिभाषा शामिल की गई है। इससे इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कानून लागू करने की व्यवस्था और सुदृढ़ होगी।लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा अवैध ठहराए गए या रद्द किए गए ड्राइविंग लाइसेंस का ब्योरा पोर्टल पर उपलब्ध होगा। ऐसा रिकार्ड नियमित आधार पर पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह रिकार्ड का रखरखाव इलेक्ट्रानिक रूप से हो सकेगा और वाहन चालक के व्यवहार की निगरानी रखी जा सकेगी। मंत्रालय ने कहा कि इलेक्ट्रानिक के साथ व्यक्तिगत रूप से प्रमाणपत्र जमा कराने और प्राप्त करने, ऐसे कागजात की वैधता और इन्हें जारी करने तथा निरीक्षण करने की मुहर और अधिकारी की पहचान भी दर्ज की जाएगी।
- नई दिल्ली। देश में कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर बढ़कर 82.46 प्रतिशत हो गई है और 49 लाख से अधिक व्यक्ति कोरोना से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। आज 88 हजार 6 सौ नए मरीज़ों का पता चलने के साथ ही देश में संक्रमित व्यक्तियों की कुल संख्या 60 लाख के करीब पहुंच गई है।स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की कुल संख्या 59 लाख 92 हजार पांच सौ 32 पर पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में 1 हजार 124 लोगों की कोरोना से मृत्यु होने के साथ ही मृतकों की कुल संख्या 94 हजार 503 हो गई है। कोविड-19 से मृत्युदर 1.58 प्रतिशत दर्ज हुई है।देशभर में अभी तक कुल 49 लाख 41 हजार 627 मरीज़ कोविड से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 9 लाख 56 हजार 402 रोगियों का उपचार चल रहा है, जो कुल संक्रमित व्यक्तियों का 15.96 प्रतिशत हैं।भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद - आईसीएमआर के अनुसार कल देश में 9 लाख 87 हजार आठ सौ 61 नमूनों की जांच की गई। इन्हें मिलाकर अभी तक कुल 7 करोड़ 12 लाख 57 हजार 836 नमूनों की कोविड जांच की जा चुकी हैं।
- नई दिल्ली। केन्द्र ने पंजाब और हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की जल्दी खरीद करने का आदेश दिया है। इस कदम का उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनके उत्पाद बेचने की सुविधा प्रदान करना है। धान की कटाई शुरू हो चुकी है और यह पंजाब तथा हरियाणा की मंडियों में पहुंच रहा है। इसीलिये सरकार ने भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से खरीद प्रकिया शुरू करने पर जोर दिया है। अन्य राज्यों में धान की खरीद पहली अक्तूबर से शुरू होगी। भारतीय खाद्य निगम सहित अन्य एजेंसियां खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए तैयार है।सरकार कुल धान का 31 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा और पंजाब से खरीदने की योजना बना रही है। सरकार खरीफ फसलों की खरीद के मौसम में पंजाब से 113 लाख टन और हरियाणा से 44 लाख टन चावल खरीदेगी। वर्ष 2020-2021 खरीफ मौसम के लिए देश में 495 दशमलव तीन सात लाख टन चावल खरीद का लक्ष्य रखा गया है।---
- नई दिल्ली। पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह का आज निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर लगते ही राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़े गई। प्रधानमंत्री सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया ट्वीटर के माध्यम से जसंवत सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा-वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, उत्कृष्ट सांसद, असाधारण जननेता और बुद्धिजीवी श्री जसवंत सिंह के निधन से बहुत दु:ख हुआ। उन्होंने अनेक कठिन भूमिकाओं को सहजता और धैर्य के साथ निभाया। उनके परिवार, मित्रों और सहयोगियों के प्रति मेरी शोक-संवेदना।वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जसवंत के बेटे मानवेंद्र से फोन पर बात की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, जसवंत सिंह जी ने पहले एक सैनिक के रूप में देश की सेवा की, फिर राजनीति के साथ लंबे वक्त तक जुड़े रहकर। अटल की सरकार में, उन्होंने महत्वपूर्ण विभाग संभाले और वित्त, रक्षा तथा विदेश मामलों के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी। उनके निधन से दुखी हूं। उन्हें राजनीति और समाज के विषयों पर अनूठे नजरिए के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने बीजेपी को मजबूत करने में भी योगदान दिया। मैं हमेशा हम दोनों के बीच हुई बातचीत याद रखूंगा।
वहीं केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अपने ट्वीट में कहा- पूर्व रक्षा एवं विदेश मंत्री जसवंत सिंह जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ। जसवंत सिंह जी अटल जी के सहयोगी रहे। प्रशासन का उनका अनुभव वाजपेयी सरकार में देखने को मिला। ईश्वर उनकी दिवंगत आत्मा को शांति दे और उनके परिवारजनों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे.. ओम शांति।भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने अपने ट्वीट में कहा- पूर्व केन्द्रीय मंत्री व वरिष्ठ नेता मेजर जसवंत सिंह जसोल जी के निधन का दुखद समाचार मिला। विभिन्न पदों पर रहते हुए राष्ट्र की सुरक्षा व सेवा के प्रति उनके जज्बे को नहीं भुलाया जा सकता। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को शांति व परिजनों को संबल प्रदान करें। ओम शांति॥ - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और श्रीलंका के बीच बौद्ध धर्म से सम्बंधित सम्पर्कों को बढ़ावा देने के लिए डेढ़ करोड डॉलर की अनुदान सहायता की घोषणा की है। शनिवार दोपहर बाद मीडिया को सम्बोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हिन्द महासागर क्षेत्र, अमित नारंग ने कहा कि इस अनुदान सहायता से दोनों देशों के लोगों के बीच बौद्ध धर्म से संबंधित क्षेत्रों में व्यक्तिगत स्तर पर सम्बंध बढ़ाने में मदद मिलेगी।श्री मोदी और श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय शिखर बैठक का भी आयोजन किया। दोनों नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी कि भारत, श्रीलंका से पहली उड़ान से पवित्र बौद्ध तीर्थ स्थल कुशीनगर आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। बौद्ध तीर्थ यात्रियों के लिए कुशीनगर के महत्व को देखते हुए यहां के हवाई अड्डे को हाल में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में मान्यता दी गई है। दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत थे कि भारत और श्रीलंका को आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों का पता लगाना चाहिए।दोनों नेताओं में इस बात को लेकर भी सहमति बनी कि भारत और श्रीलंका के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंध बहुत ही विशिष्ट हैं तथा इन्हें और मजबूत किया जाना चाहिए। श्री राजपक्षा ने जाफऩा सांस्कृति केन्द्र का जिक्र करते हुए बताया कि यह भारत की सहायता से पूरी की जा रही अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है जिसका काम पूरा होने को है। श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने परियोजना के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वहां आने का निमंत्रण दिया।भारत और श्रीलंका में उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियाजनाओं को 2020 से पांच वर्ष के लिए और बढ़ाने के समझौता ज्ञापन को लेकर भी सहमति बनी है। दोनों नेता इस बात को लेकर सहमत थे कि श्रीलंका में भारत की सफल आवासीय परियोजना को जारी रखा जाना चाहिए और इसके लिए उन्होंने बागानी क्षेत्र में दस हजार मकानों के निर्माण के कार्य को तेज करने संबंधी निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को देने पर सहमति व्यक्त की। संयुक्त सचिव ने बताया कि बातचीत मित्रतापूर्ण, खुले और सदभावपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। दोनों नेताओं ने कोविड-19 से उत्पन्न चुनौतियों के आर्थिक पहलुओं पर भी चर्चा की।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका की नयी सरकार का आह्वान किया कि वह अखंड श्रीलंका के दायरे में तमिल लोगों की समानता, न्याय, शांति और गरिमा की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए वहां के संविधान में दिए गए सुलाह-सफाई के प्रावधानों पर अमल करे। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि श्रीलंका में शांति और सुलाह-सफाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संविधान के 13 वें संशोधन पर अमल करना आवश्यक है।----
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र में सुधार समय की आवश्यकता है। आज शाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए श्री मोदी ने सवाल किया कि भारत को कब तक इस विश्वसंस्था के निर्णायक ढांचे से अलग रखा जाएगा? उन्होंने कहा कि विश्व में आमूल परिर्वतन आ चुका है और अब दुनिया वह नहीं रह गई है जो 1945 में थी। उन्होंने कहा कि तब से तीसरा विश्व युद्ध, हालांकि नहीं हुआ है लेकिन कई लड़ाइयां, गृहयुद्ध और आतंकवादी हमलों ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है।श्री मोदी ने सवाल किया कि कोरोना महामारी के खिलाफ साझा युद्ध में संयुक्त राष्ट्र कहां है? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इस लड़ाई का कारगर जवाब कहां है? प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों ने संयुक्त राष्ट्र ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन ऐसे भी अनेक उदाहरण सामने आए हैं जिन से उसके कार्यों पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता महसूस होती है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को इस बात का गर्व है कि वह संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग संयुक्त राष्ट्र में सुधार की प्रक्रिया के पूरा होने का लम्बे समय से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सुधार प्रक्रिया के किसी तार्किक परिणति तक पहुंचने को लेकर भारत के लोगों की चिंता भी व्यक्त की।श्री मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में शहीद होने वाले सैनिकों में सबसे अधिक संख्या भारत के सैनिकों की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय, संयुक्त राष्ट्र में भारत की और बड़ी भूमिका की अपेक्षा करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने हमेशा मानवता के हित के लिए कार्य किया है और अपने निजी हितों को महत्व नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि चाहे अपने पड़ोसियों को तरजीह देने की हमारी नेहबरहुड फस्ट की नीति हो या अपने पूर्वी पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुदृढ़ करने की एक्ट ईस्ट नीति या समूचे क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के बारे में हमारी अवधारणा अथवा हिन्द प्रशांत क्षेत्र के बारे में हमारी सोच, भारत ने हमेशा मानवता की बेहतरी के लिए यह कार्य किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अन्य देशों से साझेदारी हमेशा सिद्धांतों से निर्देशित रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक देश के प्रति भारत की मित्रता किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं है।प्रधानमंत्री ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान भी भारत की दवा कम्पनियों ने दुनिया के डेढ़ सौ से भी अधिक देशों को जरूरी दवाओं की सप्लाई जारी रखी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुनिया के टीकों का उत्पादन करने वाले सबसे बड़े देश के रूप में भारत की टीका उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग समूची मानवता को कोविड के प्रकोप से मुक्त कराने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले साल जनवरी से भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य की भूमिका भी निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के लिए हमेशा अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा देश आत्मनिर्भर भारत की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है और आत्मनिर्भर भारत समूची विश्व अर्थव्यवस्था की ताकत को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि देश में महिला उद्यमिता और नेतृत्व को बढ़ावा देने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारतीय महिलाएं दुनिया की सबसे बड़ी सूक्ष्मवित योजनाओं की सबसे बड़ी लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि देश में कानूनी सुधार करते समय उभयलिंगियों के अधिकारों की भी सुरक्षा की जा रही है।
- नई दिल्ली। सरकार के ई-संजीवनी ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) मंच ने इस साल अप्रैल में शुरू होने के बाद से चार लाख टेलीफोन-परामर्श उपलब्ध कराये हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।इस योजना के तहत कोविड-19 महामारी के बीच रोगियों को टेलीफोन पर चिकित्सकों द्वारा परामर्श उपलब्ध कराया गया। इसमें सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्य तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश हैं, जहां क्रमश: 1 लाख 33 हजार 167 और 1 लाख 124 बार रोगियों को परामर्श दिया गया। ई-संजीवनी और ई-संजीवनी ओपीडी मंचों के जरिये जिन अन्य राज्यों में सर्वाधिक परामर्श प्रदान किये गये, उनमें हिमाचल प्रदेश (36 हजार 527), केरल (33 हजार 340), आंध्र प्रदेश (31 हजार 34), उत्तराखंड (11 हजार 526), गुजरात (8 हजार 914), मध्य प्रदेश (8 हजार 904), कर्नाटक (7 हजार 684) और महाराष्ट्र (7 हजार 103) शामिल हैं। इस सेवा के उपयोग के रूझानों से यह प्रदर्शित होता है कि विल्लुपुरम जैसे तमिलनाडु के छोटे से जिले में इस सेवा के उपयोग में खासी वृद्धि दर्ज की गई। विल्लुपुरम में 16,000 से अधिक परामर्श दर्ज किये गये। लाभार्थियों द्वारा प्राप्त किये गये टेलीफोन-पर- परामर्श (टेली-कंसल्टेशन) सेवाओं के संदर्भ में यह जिला शीर्ष स्थान पर है। राष्ट्रीय स्तर पर ई-संजीवनी मंच का उपयोग 26 राज्यों द्वारा किया जा रहा है और विभिन्न राज्य सरकारों के स्वास्थ्य विभाग के 12,000 से अधिक चिकित्सक इस पर उपलब्ध हैं। उनकी सेवाएं देश के 510 जिलों के लोगों द्वारा मांगी जा रही है। आखिरी एक लाख परामर्श 18 दिनों की अवधि में दर्ज किये गये, जबकि प्रथम एक लाख परामर्श के लिये करीब तीन महीने लगे थे। बयान में कहा गया है कि ई-संजीवनी ओपीडी सेवा के जरिये कोविड-19 के प्रसार को रोकने में मदद मिली है क्योंकि इससे सामाजिक मेल-जोल से दूरी सुनिश्चित हुई और साथ ही गैर कोविड आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। करीब 20 प्रतिशत से अधिक रोगियों ने ई-संजीवनी के जरिये एक बार से अधिक स्वास्थ्य सेवाएं मांगी।
- नई दिल्ली। एल आदिमूलम को देश में समाचारपत्रों, पत्रिकाओं और जर्नलों के प्रकाशकों की शीर्ष संस्था इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है।आदिमूलम (हेल्थ एंड द एंटीसेप्टिक प्रकाशन) को शुक्रवार को बेंगलुरु में हुई इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (आईएनएस) की 81वीं वार्षिक आम सभा में अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। आईएनएस ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2020-21 के लिये डीडी पुरकायस्थ (आनंद बाजार पत्रिका) डिप्टी प्रेसीडेंट, मोहित जैन (इकोनॉमिक टाइम्स) उपाध्यक्ष और राकेश शर्मा (आज समाज) मानद कोषाध्यक्ष होंगे। आदिमूलम, मिड-डे के शैलेष गुप्ता की जगह लेंगे। आदिमूलम राष्ट्रीय तमिल दैनिक दिनामलार के परिवार से आते हैं। वह आईएनएस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आर लक्ष्मीपति के पुत्र हैं। बयान में कहा गया कि मेरी पॉल सोसाइटी की महासचिव होंगी।
- नई दिल्ली। राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल प्राधिकरण ने विनिर्माताओं के स्तर पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन का मूल्य 15 रूपये 22 पैसे प्रति घनमीटर तय करने का निर्णय किया है। इसमें जीएसटी शामिल नहीं होगा।प्राधिकरण के अनुसार, कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के कारण देश में ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है। प्राधिकरण ने कहा कि मूल्य सीमा न होने के कारण विनिर्माताओं ने सिलेंडर भरवाने वालों के लिए दाम बढ़ा दिए थे। कोविड के कारण सिलेंडरों के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति कुल खपत का 10 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई है। प्राधिकरण ने कहा है कि देश में चिकित्सा ऑक्सीजन निरंतर उपलब्ध कराने के लिए मूल्य नियंत्रण करना अनिवार्य है।रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने कहा है कि चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग में चार गुना बढ़ोत्तरी हुई है जो प्रतिदिन 750 मीट्रिक टन से बढ़कर 28 सौ मीट्रिक टन हो गई।----
- नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय पदाधिकारियों की नई टीम की घोषणा हो गई है।इस बार बीजेपी की नई टीम में सभी राज्यों से युवाओं और महिलाओं को मौका दिया गया है। जेपी नड्डा के अध्यक्ष बनने के बाद ये पहला बड़ा बदलाव होगा । नई टीम में कई नए चेहरे को जगह दी गई है तो वहीं कई दिग्गज बाहर हो गए है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को नई टीम में फिर से जगह मिली हैं। देखें सूची....



- नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच चौथा नौसैनिक अभ्यास आज से उत्तरी अरब सागर में शुरू हो रहा है। दोनों देशों की नौसेना के बीच यह अभ्यास हर दो वर्ष पर किया जाता है। तीन दिन के इस गहन अभ्यास से दोनों देशों की नौसेना के बीच सहयोग और मैत्रीपूर्ण संबंध और मजबूत होंगे। अभ्यास के दौरान अत्याधुनिक तरीके से समुद्री अभियानों को संयुक्त रूप से अंजाम देने का प्रयोग किया जाएगा। इनमें गोले बरसाने, हैलिकॉप्टर अभियान और कम्प्लेक्स सरफेस, पनडुब्बीरोधी और युद्ध कौशल अभ्यास शामिल हैं। कोविड संक्रमण के बीच यह अभ्यास विशेष एहतियाती उपायों के साथ हो रहा है।स्वदेश में विकसित स्टील्थ डेस्ट्रायर चेन्नई, तेग श्रेणी के स्टील्थ प्रशिक्षण युद्धपोत तरकश और फ्लीट टैंकर दीपक इस अभ्यास में हिस्सा लेंगे। पश्चिमी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन भारतीय नौसेना का नेतृत्व करेंगे।इस अभ्यास में समुद्री निगरानी के लिए लंबी दूरी के पी एट आई विमान, एकीकृत हेलिकॉप्टर और युद्धक विमान भी हिस्सा लेंगे।
- नई दिल्ली। देश में 25 मई 2020 से घरेलू उड़ानें बहाल होने के बाद संचालित की गई कुल 1 लाख 8 हजार 210 उड़ानों के जरिए अब तक एक करोड़ से अधिक लोग यात्रा कर चुके हैं। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू विमानन सेवा अब कोविड-19 से पूर्व की स्थिति में लौट रही है। उन्होंने सभी हितधारकों को आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में इस बड़ी उपलब्धि को प्राप्त करने के लिए बधाई दी।श्री पुरी ने कहा कि 24 सितंबर, 2020 को एक दिन में घरेलू उड़ानों से प्रस्थान करने वाले यात्रियों की कुल संख्या 1 लाख 19 हजार 702 और वापसी यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 1 लाख 21 हजार 126 थीं। इस दौरान प्रस्थान करने वाली कुल उड़ानों की संख्या 1393 जबकि आगमन वाली उड़ानों की संख्या 1394 रही। इसके साथ ही एक दिन में कुल 2787 उड़ानें संचालित की गईं। इसके अलावा, देश भर के हवाई अड्डों पर आने-जाने वाले कुल यात्रियों की संख्या एक दिन में 2 लाख 40 हजार 828 रही। कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर घरेलू यात्री उड़ानों का संचालन 25 मार्च 2020 से पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इन्हें 25 मई 2020 से दोबारा बहाल कर दिया गया है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम में देश विदेश के लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। मासिक रेडियो कार्यक्रम की यह 69-वीं कड़ी होगी।इस कार्यक्रम का आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क पर प्रसारण होगा। इसके साथ ही यह कार्यक्रम आकाशवाणी समाचार की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट न्यूज ऑन ए आई आर डॉट कॉम तथा न्यूज ऑन ए आई आर मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध रहेगा। आकाशवाणी, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना तथा प्रसारण मंत्रालय के यू-ट्यूब चैनलों पर भी इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। मन की बात कार्यक्रम हिन्दी में प्रसारण के तुरंत बाद क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा जिसे रात आठ बजे फिर से सुना जा सकता है।
- नई दिल्ली। सरकार ने कहा कि कोविड-19 महामारी का खरीफ फसलों के बुआई क्षेत्र में हो रही बढ़ोतरी पर कोई असर नहीं पडा है। कृषि मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा है कि चालू खरीफ मौसम में एक हजार 116 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसल बोई गई हैं जबकि पिछले साल इसी अवधि में एक हजार 66 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी।सरकार द्वारा किसानों को समय पर बीज, कीटनाशक, उर्वरक, मशीनरी और ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से लॉकडाउन के दौरान बडे क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई संभव हो पाई है। मंत्रालय ने कहा है कि इसका श्रेय किसानों को जाता है जिन्होंने समय पर कृषि गतिविधियां शुरू की, टेक्नोलॉजी को अपनाया और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया।इस साल चार सौ सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुआई की जा चुकी है जबकि पिछले साल 385 लाख हेक्टेयर में ही इसकी बुआई हुई थी। दलहनों की बुआई 139 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में हुई है जबकि पिछले साल 133 लाख हेक्टेयर में दलहनी फसलें बोई गई थीं। मंत्रालय ने कहा है कि 24 सितंबर तक देशभर में नौ सौ 28 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी थी जबकि सामान्य वर्षा का स्तर 854 मिलीमीटर है।----
- नई दिल्ली। सरकार ने बैटरी चालित गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए छह सौ 70 विद्युत बसों और दो सौ 41 चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दी है।फास्टर एडोप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हिकल इन इंडिया योजना- फेम के दूसरे चरण में महाराष्?ट्र, गोवा, गुजरात और चंडीगढ के लिए बसें, जबकि मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, गुजरात और पोर्ट ब्लेयर के लिए चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दी गई है। एक ट्वीट में भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि यह निर्णय डीजल पर निर्भरता कम करने और सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। फेम योजना भारत में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढावा देने के लिए लागू की गई थीं। इस योजना का दूसरा चरण पिछले वर्ष लागू किया गया और इसका बजट दस हजार करोड रुपये है।----
- नई दिल्ली। देश में चिकित्सा शिक्षा और व्यवसाय के शीर्ष नियामक के तौर पर, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग आज से अस्तित्व में आ गया है। यह भारतीय चिकित्सा परिषद का स्थान लेगा।राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग बनने से 26 सितम्बर 2018 को भारतीय चिकित्सा परिषद को अतिक्रमित करने वाले संचालक बोर्ड को भंग कर दिया गया है और लगभग 64 वर्ष पुराने भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम को समाप्त कर दिया गया है। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ईएनटी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. सुरेश चन्द्र शर्मा को तीन वर्ष के लिए आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बडे सुधारों के प्रावधान वाले राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम को राष्ट्रपति ने पिछले वर्ष आठ अगस्त को मंजूरी दी थी। इस आयोग में एक अध्यक्ष, दस पदेन सदस्य और 22 अंशकालिक सदस्य हैं। (प्रतिकात्मक फोटो)
- नई दिल्ली। बिहार में 28 अक्तूबर से तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होगा। मतगणना 10 नबंवर को होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज नई दिल्ली में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 28 अक्तूबर को 71, दूसरे चरण में तीन नवंबर को 94 सीटों और तीसरे चरण में 7 नवंबर को 78 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।श्री अरोड़ा ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और त्योहारों के मद्देनजर 243 सदस्यों की राज्य विधानसभा के चुनाव कम चरणों में कराने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि मतदान की अवधि एक घंटा बढ़ाकर शाम 6 बजे तक कर दी गई है। अंतिम एक घंटा कोविड रोगियों के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण जीवन के सभी पहलुओं में परिवर्तन हुए हैं। इसलिए राज्य विधानसभा के चुनाव भी नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत कराए जाएंगे।श्री अरोड़ा ने बताया कि कोविड महामारी के मद्देनजर सात लाख हैंड सेनेटाइजर प्वाइंट, 46 लाख मास्क, 6 लाख पीपीई किट, 6 लाख 70 हजार फेसशील्ड और 23 लाख जोड़ी दस्तानों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जनसभाओं और अन्य गतिविधियों में सुरक्षित दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन करना होगा।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी-एमसीसी के दिशा-निर्देशों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के संबंध में सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वाले व्यक्तियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के समय के बारे में कुछ राज्यों की आपत्तियों पर 29 सितंबर को चर्चा के बाद लोकसभा की एक और विधानसभा की 64 सीटों पर उपचुनाव के बारे में फैसला किया जाएगा।
- नई दिल्ली। सरकार ने कोविड की मार झेल रही कंपनियों को बचाने के लिए दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता-2016 को तीन और महीनों के लिए स्थगित कर दिया है।एक अधिसूचना में कहा गया है कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता की धारा 7, 9 और 10 को पहले 6 महीने के लिये स्थगित किया गया था जिसे 25 सितम्बर से और 3 महीने के लिये बढ़ा दिया गया है।
- नई दिल्ली। केंद्र ने पांच राज्यों को खुले बाजार से 9,913 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी दे दी। कोविड-19 संकट के कारण राजस्व में कमी के बीच व्यय जरूरतों को पूरा करने के लिये राज्यों को यह अनुमति दी गयी है। ये राज्य हैं...आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, कर्नाटक और त्रिपुरा हैं।एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन राज्यों को एक देश एक राशन कार्ड व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर सुधार शर्तों का सफलतापूर्वक पालन करने के बाद यह मंजूरी दी गयी है। वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला व्यय विभाग ने कर्नाटक के लिये 4,509 करोड़ रुपये, तेलंगाना के लिये 2,508 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश के 2,525 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कर्ज लेने को मंजूरी दी है। गोवा को 223 करोड़ रुपये और त्रिपुरा को 148 करोड़ रुपये बाजार से कर्ज लेने की मंजूरी दी गयी है।कोविड-19 संकट को देखते हुए केंद्र ने मई में राज्यों को वित्त वर्ष 2020-21 के लिये सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2 प्रतिशत तक अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दी थी। यह कर्ज की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गयी थी। इसके तहत सभी राज्य कुल मिलाकर 4,27,302 करोड़ रुपये तक जुटा सकते हैं। कुल 2 प्रतिशत में से केवल 0.5 प्रतिशत बिना किसी शर्त के है। उसके बाद राज्यों को राज्य स्तर पर चार सुधारों को लागू करना होगा। इसमें प्रत्येक सुधार के लिये भारांश जीएसडीपी का 0.25 प्रतिशत रखा गया। यानी इसके आधार पर प्रत्येक सुधार के लिये 0.25 प्रतिशत की दर से कर्ज जुटाने की अनुमति होगी। ये चार सुधार हैं...एक देश एक राशन कार्ड व्यवस्था, कारोबार सुगमता में सुधार, शहरी स्थानीय निकाय/ उपयोगी सेवाओं में सुधार तथा वितरण कंपनियों के निजीकरण के जरिये बिजली क्षेत्र में सुधार। शेष एक प्रतिशत कर्ज सीमा दो किस्तों... 0.50 प्रतिशत-0.50 प्रतिशत... में जारी की जाएगी। पहले किस्त की अनुमति बिना किसी शर्त के सभी राज्यों को तुंरत मिलेगी। वहीं 0.50 प्रतिशत की दूसरे किस्त की अनुमति कम-से-कम उक्त सुधारों में से तीन को लागू करने पर मिलेगी। भारत सरकार पहले ही जून 2020 में खुले बाजार से कर्ज (ओएमबी) के जरिये 0.50 प्रतिशत की अनुमति दे चुकी है। इससे राज्यों के पास 1,06,830 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उपलब्ध हुई है। राज्यों के लिये 2020-21 के लिये शुद्ध रूप से 6.41 लाख करोड़ रुपये (3 प्रतिशत) कर्ज की सीमा तय है।
- नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सरकार द्वारा सात मई को वंदे भारत मिशन शुरू करने के बाद से अब तक 15.42 लाख भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस वार्ता में बताया कि वंदे भारत मिशन का छठा चरण एक सितंबर से शुरू हुआ है। 22 सितंबर तक भारत के 24 हवाई अड्डों पर 4 देशों से 630 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तथा142 फीडर उड़ानें परिचालित हुई जिसके माध्यम से 1 लाख 24 हजार लोगों को लाया गया । उन्होंने कहा, इस मिशन के शुरू होने के बाद से 23 सितंबर तक वंदे भारत मिशन के तहत लगभग 15.42 लाख भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है । श्रीवास्तव ने कहा कि वह बताना चाहते हैं कि सभी आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिये 8 अगस्त से एयर सुविधा प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। इस प्लेटफार्म के माध्यम से वंदे भारत मिशन के तहत आने वाले यात्रियों को संस्थागत पृथकवास से छूट देने की व्यवस्था की गई है। यह सेवा यात्रियों की बहुप्रतिक्षित मांग के मद्देनजर उपलब्ध करायी गई है जिसमें वे आरटी पीसीआर रिपोर्ट के आधार पर संस्थागत पृथकवास से छूट की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वंदे भारत मिशन का छठा चरण 30 सितंबर तक जारी रहेगा ।---
- नई दिल्ली।. नागर विमानन मंत्रालय ने विमानन कंपनियों को घरेलू यात्री उड़ानों के लिए सामान की सीमा तय करने की अनुमति दे दी है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी सामने आई।कोरोना वायरस महामारी के कारण दो महीने के अंतराल के बाद जब 25 मई को घरेलू यात्री उड़ान सेवा बहाल हुई तब मंत्रालय ने कहा था कि प्रत्येक यात्री को केवल एक चेक-इन बैग और हाथ से उठाने लायक एक बैग लेकर विमान में जाने की अनुमति होगी। मंत्रालय ने 23 सितंबर, 2020 को जारी एक आदेश में कहा कि विमानन कंपनियां अपनी नीति के तहत सामान की सीमा तय कर सकती हैं। कोविड-19 की स्थिति से पहले जितनी संख्या में घरेलू उड़ानें परिचालित होती थीं, वर्तमान में उसके 60 प्रतिशत से अधिक उड़ानों के परिचालन की अनुमति नहीं दी गई है।
- नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर ने बताया कि भारतीय रेलवे ने रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर शोध कार्यों को जारी रखने के लिए संस्थान के साथ समझौता अवधि का विस्तार किया है। समझौता ज्ञापन (एमओयू), आईआईटी-कानपुर में रेलवे शोध केन्द्र (सीआरआर) के जरिये विद्युत रेल इंजन, लोकोमोटिव नियंत्रण और संचार प्रणालियों, ट्रैक्शन इंस्टॉलेशन और ड्राइवर इंटरफेस सिस्टम के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में अनुसंधान की सुविधा प्रदान करेगा।आईआईटी-कानपुर ने एक बयान में कहा, आईआईटी-कानपुर, गुरुवार को भारतीय रेलवे के साथ अपने एमओयू के विस्तार की घोषणा करता है ताकि रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और रेलवे शोध केन्द्र (सीआरआर) के माध्यम से अपनी वैज्ञानिक संपत्तियों के कुशल उपयोग के लिए अत्याधुनिक सहयोगपूर्ण शोध को प्रोत्साहन दिया जा सके। आईआईटी कानपुर के निदेशक अभय करंदीकर ने कहा, भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर नेटवर्क, इंटरनेट, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, और इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकों के उत्पादक उपयोग के माध्यम से रेल प्रणाली को आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- पलक्कड़,। मलयालम के मशहूर कवि अक्कीतम अच्युतन नंबूदिरी को उनके कुमारानाल्लूर स्थित आवास पर आयोजित किए गए एक विशेष कार्यक्रम में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह देश का साहित्य का सर्वोच्च पुरस्कार है। राज्य के संस्कृति मंत्री ए के बालन ने अक्कीतम को यह पुरस्कार दिया।मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। विजयन ने कहा कि अक्कीतम का लेखन केरलवासियों के लिए मलयालम भाषा की कहावत बन गया है। मलयालम साहित्य के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले अक्कीतम छठे लेखक हैं। ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा पिछले साल नवंबर में की गई थी, लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन के चलते पुरस्कार सौंपने के कार्यक्रम में देरी हुई।
- चंडीगढ़। पंजाब के मोहाली के डेरा बस्सी इलाके में दो मंजिला एक व्यावसायिक इमारत गिरने से 3 मजदूरों सहित 4 व्यक्तियों की मौत हो गई। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में चार व्यक्तियों की मौत हो गई है।इससे पहले तीन श्रमिकों के शव मलबे से निकाले गए थे जबकि इमारत के मालिक हरदेव सिंह (72) को अस्पताल ले जाया गया था। उसे सिर में चोट आयी थी। इमारत के मालिक की चंडीगढ़ में स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई।मोहाली के उपायुक्त गिरीश दयालन ने गुरुवार को बताया कि अन्य मृतकों की पहचान गोपी (60), राजू (46) और रमेश (45) के रूप में की गई है। बचाव अभियान चार घंटे चला और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम को मलबे के नीचे फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मीरा मल्ली मोहल्ले में स्थित दो मंजिला इमारत सुबह करीब साढ़े नौ बजे गिर गई। इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गए हैं और डेरा बस्सी के एसडीएम कुलदीप बावा को 10 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।

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