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रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बारिश के पानी से भरे एक निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में तीन नाबालिग बहनें डूब गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना शुक्रवार को गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के तमारा गांव में हुई। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान जान्हवी (6), तन्वी (7) और सुहानी (9) रजक के रूप में हुई है। गोविंदगढ़ थाना प्रभारी शिव अग्रवाल ने बताया, "तीनों बहनें शाम को नाग पंचमी के अवसर पर मिट्टी की मूर्तियों को जलाशय में विसर्जित करने के लिए घर से निकली थीं। पास में ही सेप्टिक टैंक बनाने के लिए गड्ढा खोदा गया था, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था। तीनों बहनें उसमें फिसल गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई।" अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों को जब इस घटना के बारे में पता चला, तो वे मौके पर पहुंचे और तीनों बहनों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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नयी दिल्ली. पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में एक आवासीय सोसायटी के अंदर स्थित 'प्रॉपर्टी डीलर' के कार्यालय में शनिवार दोपहर आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें दोपहर दो बजकर तीन मिनट पर आग लगने की सूचना मिली जिसके बाद दमकल की तीन गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। यह कार्यालय 'मयूर विहार फेज-3' में बहुमंजिला 'आशीर्वाद अपार्टमेंट' के भूतल पर स्थित था। अधिकारी ने बताया कि आग पर 45 मिनट के भीतर काबू पा लिया गया और इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि संदेह है कि आग 'शॉर्ट सर्किट' के कारण लगी थी। - पुरी (ओडिशा) ।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को जगन्नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की।सेवादारों के अनुसार, आरएसएस प्रमुख ने मंदिर के अंदर करीब आधा घंटा बिताया और पुजारियों से बातचीत की। सिंह द्वार पर मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।भागवत ने बाद में गोवर्धन पीठ में पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, उनकी चर्चा के विषयों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।तय कार्यक्रम के अनुसार, भागवत 10 और 11 अगस्त को आरएसएस की प्रांत सेवा प्रमुख बैठक में शामिल होंगे और संगठन की गतिविधियों और इसकी आगामी योजनाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वह सोमवार तक पुरी में रहेंगे। सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव और प्रवाती परीदा ने उत्कल बिपन्न सहायता समिति (यूबीएसएस) कार्यालय में भागवत से मुलाकात की। भागवत ने यहीं रात्रि विश्राम किया था।
- नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्ता ने शनिवार को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड-कॉलर ऑफ द ऑर्डर ऑफ तिमोर-लेस्ते' से सम्मानित किया।राष्ट्रपति कार्यालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि मुर्मू (66) को सामाजिक सेवा में उनकी उपलब्धियों और शिक्षा, सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति उनके समर्पण के लिए इस सम्मान से नवाजा गया।राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह सम्मान भारत और तिमोर-लेस्ते के बीच दोस्ती का प्रतिबिंब है।मुर्मू तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत शनिवार को दक्षिण-एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली पहुंचीं। इससे पहले उन्होंने न्यूजीलैंड और फिजी की यात्रा की थी।मुर्मू तिमोर-लेस्ते की यात्रा करने वाली भारत की पहली प्रधानमंत्री हैं।राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, हवाई अड्डे पर होर्ता ने मुर्मू का गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे के बाहर बच्चे उनका अभिनंदन करते नजर आए। डिली में राष्ट्रपति भवन में मुर्मू का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर अपने समकक्ष होर्ता के साथ व्यापक चर्चा की।उन्होंने कहा, “भारत और तिमोर-लेस्ते मधुर एवं दोस्ताना संबंध साझा करते हैं, जो लोकतंत्र तथा बहुलवाद के मूल्यों के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। मुझे विश्वास है कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे।”मुर्मू ने कहा, “मैंने सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल, कृषि, क्षमता निर्माण एवं अन्य क्षेत्रों में भारत तथा तिमोर-लेस्ते के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर राष्ट्रपति रामोस-होर्ता के साथ व्यापक चर्चा की।” दोनों नेताओं ने तिमोर-लेस्ते के अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर भी बात की।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केरल के वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित इलाकों का शनिवार को हवाई सर्वेक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला, मुंडक्कई और पुंचिरीमट्टम गांवों की स्थिति का जायजा लिया। वह पूर्वाह्न करीब 11.15 बजे वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिये कन्नूर हवाई अड्डे से वायनाड के लिए रवाना हुए थे।
अधिकारियों के मुताबिक, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केंद्रीय पर्यटन तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी भी प्रधानमंत्री के साथ वायनाड पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, हवाई सर्वेक्षण के बाद मोदी का हेलीकॉप्टर कलपेट्टा में एसकेएमजे हायर सेकेंडरी स्कूल में उतरेगा, जहां से वह सड़क मार्ग से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना होंगे।प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केरल सरकार ने आपदाग्रस्त क्षेत्र में पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 226 लोगों की मौत हो गई थी। क्षेत्र में कई लोग अब भी लापता हैं। -
भुवनेश्वर. ओडिशा की भाजपा सरकार ने चालू वित्तवर्ष में राज्य में कोई नई शराब की दुकान नहीं खोलने का फैसला किया है, आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। हरिचंदन ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘मौजूदा आबकारी नीति को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए, हमने फैसला किया है कि इस वित्तवर्ष में राज्य में कोई नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी।'' उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है, उन्होंने कहा कि आबकारी नीति में कुछ बदलाव किए गए हैं, जो अगले आठ महीनों तक लागू रहेंगे। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार एक नई आबकारी नीति लाएगी। खनिज संसाधनों के बाद, ओडिशा सरकार के लिए शराब की बिक्री राजस्व का प्रमुख स्रोत है। आबकारी राजस्व वर्ष 2013-14 के 1,780.29 करोड़ रुपये से कई गुना बढ़कर वर्ष 2022-23 तक 6,455.06 करोड़ रुपये हो गया है।
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अगरतला. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पड़ोसी देश में उथल-पुथल के बीच बांग्लादेश में फंसे 17 भारतीय सड़क निर्माण श्रमिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया है। इन लोगों को बांग्लादेश में अखौरा से किशोरगंज तक 52 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क के निर्माण के लिए एएफसीओएनएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नियुक्त किया गया था। उन्हें त्रिपुरा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के माध्यम से वापस लाया गया। बांग्लादेश में अशांति के कारण कंपनी के कर्मचारी रामरेल स्थित अपने शिविर में फंसे हुए थे। बीएसएफ की त्रिपुरा स्थित यूनिट के एक प्रवक्ता ने कहा कि कुल 17 श्रमिक उस तरफ से एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) अखौरा की ओर आ रहे थे और बुधवार रात को उनके सुरक्षित आगमन की सुविधा के लिए बीएसएफ से अनुरोध किया गया था। बीएसएफ ने नोडल अधिकारी स्तर पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ ‘तत्काल' संपर्क स्थापित किया। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों बलों के सहयोग से इन्हें आईसीपी तक पहुंचाया गया जहां सीमा शुल्क और आव्रजन संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद उन्हें देर रात अगरतला स्थित आईसीपी पर बीएसएफ को सौंप दिया गया।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में पांच पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि भारतीय राजस्व सेवा के सभी पांच अधिकारियों को चार वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। आदेश के अनुसार जिन अधिकारियों को शामिल किया गया है उनमें सृष्टि चौधरी, सव्यसाची कुमार और सोनावाने पंकज राजाराम (आयकर अधिकारी) और नवीन कुमार सोनी और राठौड़ क्रूनाल चिमनभाई (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर अधिकारी) हैं।
- शाहजहांपुर (उप्र) जिले में कथित रूप से खाने को लेकर हुए विवाद के बाद पत्नी ने ईंट से कुचल-कुचलकर अपने पति की हत्या कर दी । पुलिस ने यह जानकारी दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महिला अपने पति के सिर का मांस निकाल कर फेंकती नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है।पुलिस अधीक्षक (एसपी) अशोक कुमार मीणा ने बृहस्पतिवार को बताया कि रोजा थानाक्षेत्र के हथौड़ा गांव में सतपाल (45) का आज अपनी पत्नी से खाने को लेकर कुछ विवाद हो गया जिसके बाद उसने डंडे से पत्नी की पिटाई कर दी । मीणा ने बताया कि दोनों के मध्य हुई मारपीट में आरोपी पत्नी ने पति के सिर पर ईंट मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार ने बताया कि सत्यपाल आज जब घर पहुंचा तो उसने आरोपी पत्नी से खाना मांगा, आरोपी पत्नी ने कहा कि खिचड़ी बनी है जबकि पति ने मांस बनाने को कहा । संजय कुमार के अनुसार आरोपी पत्नी ने बताया कि पति कुछ कमाता नहीं है, ऐसे में उसने मांस बनाने में असमर्थता जता दी। संजय कुमार ने बताया कि इसके बाद सतपाल अपनी पत्नी गायत्री देवी को डंडे से पीटने लगा, रोज-रोज की मार-पीट से तंग आ चुकी आरोपी पत्नी गायत्री देवी ने उसके सिर पर ईंट से प्रहार कर दिया और जब तक उसकी मौत नहीं हो गई वह लगातार प्रहार करती रही।
- बिजनौर (उत्तरप्रदेश ) । कई लोगों की ट्रेन के नीचे आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आती है. लेकिन उत्तरप्रदेश के बिजनौर में एक ऐसी घटना सामने आई है. जिसके बाद पुलिस भी हैरान रह गई है. दरअसल एक व्यक्ति शराब के नशे में ट्रेन की पटरियों पर लेट गया था. उसको किसी ने देख लिया और पुलिस को सुचना दी की व्यक्ति ने ट्रेन के नीचे आत्महत्या कर ली है. लेकिन जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो देखकर दंग रह गई, क्योंकि व्यक्ति जिंदा था. युवक ने जमकर शराब पी रखी थी. जानकारी के मुताबिक़ उसके ऊपर से ट्रेन गुजर गई, लेकिन वो बच गया. इस घटना के बाद पुलिस ने व्यक्ति के परिजनों को सुचना दी और व्यक्ति को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. जानकारी के मुताबिक़ व्यक्ति हरियाणा के होटल में काम करता है. व्यक्ति का नाम अमर बहादुर है और वो नेपाल का रहनेवाला है. पुलिस को ये व्यक्ति बिजनौर में सेंट मैरीज के रेलवे गेट के पास मिला.
- नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ लेने वाले मोहम्मद यूनुस को शुभकामनाएं दीं और देश में जल्द ही स्थिति सामान्य होने तथा हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई. नोबेल पुरस्कार से सम्मानित यूनुस (84) ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' में आयोजित समारोह में यूनुस को पद की शपथ दिलाई.नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को लेकर सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने और भारत पहुंचने के बाद मंगलवार को यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया था.पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को दी बधाईपीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस को नयी जिम्मेदारी संभालने के लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं. हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी और हिंदुओं व अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.” उन्होंने कहा, “भारत शांति, सुरक्षा व विकास के लिए दोनों देशों के लोगों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बांग्लादेश के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक लोक सभा में पेश किया। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने जहां इसे संविधान विरोधी बताया और मुसलमानों को निशाना बनाने के मकसद से लाने का आरोप लगाया। वहीं सत्ताधारी राजग गठबंधन में महत्त्वपूर्ण घटक तेदेपा और जदयू ने इसका समर्थन किया। यह विधेयक बाद में दोनों सदनों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया।लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति बनाने के लिए वह सभी दलों के नेताओं से बात करेंगे। 18वीं लोक सभा में पहली बार किसी विधेयक को जेपीसी के पास भेजा गया है।लोक सभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश करने वाले केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि इसमें प्रस्तावित संशोधन 1995 के वक्फ कानून की कमियों को दूर करेगा और वक्फ बोर्ड को बंधनों से मुक्त करेगा। अभी कई मामलों को देखकर ऐसा लगता है कि यह माफिया की गिरफ्त में पहुंच गया है।वक्फ (संशोधन) विधेयक में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर ‘एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995’ करने का भी प्रावधान है, जिसके जरिये सरकार का इरादा पूरी व्यवस्था में सुधार करने का है, ताकि आम मुसलमानों को न्याय मिल सके और यह उनके हित में काम कर सके। रीजीजू ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों में हितधारकों को इसके आदेशों को उच्च अदालतों में चुनौती देने की शक्ति प्रदान करता है, जिसका प्रावधान वक्फ कानून (1995) में नहीं था।अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रीजीजू ने कहा कि विधेयक में किसी की धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है तथा संविधान के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, ‘वक्फ संशोधन पहली बार सदन में पेश नहीं किया गया है। आजादी के बाद सबसे पहले 1954 में यह विधेयक लाया गया। इसके बाद कई संशोधन किए गए।’रीजीजू ने कहा कि व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद यह संशोधन विधेयक लाया गया है जिससे मुस्लिम महिलाओं और बच्चों का कल्याण होगा। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय बनी सच्चर समिति और एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का उल्लेख किया और कहा कि इनकी सिफारिशों के आधार पर यह विधेयक लाया गया। वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 वक्फ बोर्ड में मुस्लिम महिलाओं और गैर मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक को लोक सभा में पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान और संघवाद पर हमला है तथा अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक संविधान पर हमला है। उन्होंने सवाल किया, ‘उच्चतम न्यायालय के आदेश से अयोध्या में मंदिर बोर्ड का गठन किया गया। क्या कोई गैर हिंदू इसका सदस्य हो सकता है। फिर वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम सदस्य की बात क्यों की जा रही है?’समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह बहुत सोची समझी राजनीति के तहत हो रहा है। विधेयक में सारी ताकत जिला अधिकारी को देने की बात कही गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह सरकार दरगाह, मस्जिद और वक्फ संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेना चाहती है।उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार मुसलमानों की दुश्मन है, उसका सबूत यह विधेयक है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सदन में संविधान की धज्जियां उड़ाने का काम किया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि ‘डीएम राज’ लाकर वक्फ संपत्तियों को तितर-बितर करने की साजिश हो रही है। प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दोनों गुटों-अशरद मदनी व महमूद मदनी और जमात-ए-इस्लामी हिंद ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप’ करार दिया तथा सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
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भुवनेश्वर.ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए राज्य के 30 जिलों में से 20 में नए जिलाधिकारी नियुक्त किए हैं। जिन नौकरशाहों को नयी जिम्मेदारी दी गई है, वे सभी बीजू जनता दल (बीजद) के कार्यकाल में नियुक्त किए गए थे। भाजपा जून में राज्य में सत्ता में आई। प्रशासन एवं लोक शिकायत विभाग की ओर से बुधवार रात जारी अधिसूचना के अनुसार, गजपति के जिलाधिकारी स्मृति रंजन प्रधान को केंद्रपाड़ा में स्थानांतरित कर दिया गया है। वर्ष 2015 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी पारुल पटवारी को रायगढ़ का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि अमृत ऋतुराज कंधमाल जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सिद्धेश्वर बलिराम बोंदर को संबलपुर का, दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे को कटक का, हेमा कांता साय को मयूरभंज का, पी अन्वेषा रेड्डी को जाजपुर का, आशीष ईश्वर पाटिल को मल्कानगिरी का और सोमेश कुमार उपाध्याय को ढेंकनाल का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। दिलीप राउतराय को भद्रक का जिलाधिकारी बनाया गया है जबकि बिजय कुमार दाश गजपति के जिलाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अन्य नए जिलाधिकारियों में शुभंकर महापात्र (नबरंगपुर), सूर्यवंशी मयूर विकास (बालासोर), जे सोनल (जगतसिंहपुर), पवार सचिन प्रकाश (कालाहांडी), अक्षय सुनील अग्रवाल (नयागढ़), मनोज सत्यवान महाजन (सुंदरगढ़), कबींद्र कुमार साहू (देवगढ़) मधुसूदन दास (नुआपाड़ा) और सुब्रत कुमार पांडा (बौध) शामिल हैं। वर्ष 2014 बैच की आईएएस अधिकारी स्वधा देव सिंह को पंचायती राज एवं पेयजल विभाग का अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। आईएएस अधिकारी बिजय केतन उपाध्याय को ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग का निदेशक नियुक्त किया गया है। वह ओडिशा परिबार के निदेशक का पद भी संभालेंगे। आशीष ठाकरे को ओडिशा राजस्व बोर्ड का सचिव बनाया गया है, जबकि कमल लोचन मिश्रा ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ओएसडीएमए) के नए कार्यकारी निदेशक होंगे। निखिल पवन कल्याण को मृदा संरक्षण एवं ‘वाटरशेड डेवलपमेंट' निदेशक नियुक्त किया गया।
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नयी दिल्ली. बेंगलुरु स्थित एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर उन सात विजेताओं में शामिल हैं जिन्हें विकिमीडिया परियोजनाओं में उनके ‘‘महत्वपूर्ण योगदान'' के लिए सम्मानित किया गया है। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। विकिमीडिया सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है जो विकिपीडिया के संचालन में मदद करता है। एक बयान में कहा गया कि वार्षिक ‘विकिमीडियन ऑफ द ईयर' पुरस्कार विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स द्वारा प्रदान किया गया। विकीमेनिया 2024, वार्षिक रूप से आयोजित होने वाले सम्मेलन का 19वां संस्करण है। यह विकिपीडिया और अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं तथा उन्हें संभव बनाने वाले स्वयंसेवकों (विकिमीडियन) का सम्मान करता है। यह सम्मेलन इस सप्ताह सात-10 अगस्त तक पोलैंड के कैटोविस में आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम के तहत विकिपीडिया के संस्थापक ने उन असाधारण व्यक्तियों और समुदायों को वार्षिक ‘विकिमीडियन ऑफ द ईयर' पुरस्कार प्रदान किए, जिन्होंने विकिमीडिया परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा विश्व भर के लोगों को विश्वसनीय ज्ञान उपलब्ध कराने में मदद की है। बयान में कहा गया, ‘‘इस साल इस पुरस्कार के सात विजेताओं में से एक, बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिद्धार्थ वी पी को मीडियाविकी में उनके योगदान के लिए ‘वर्ष का तकनीकी योगदानकर्ता' का खिताब दिया गया है। मीडियाविकी एक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है जो विकिपीडिया और कई अन्य विकिमीडिया परियोजनाओं के संचालन में मदद करता है। यह दूसरी बार है जब इस पुरस्कार का विजेता भारत से चुना गया है।'' बयान में कहा गया कि 2021 में जय प्रकाश को भारतीय प्रायद्वीप के समुदायों को तकनीकी सहायता देने के लिए सम्मानित किया गया था जिसमें ‘बग्स' को ठीक करना, नए उपकरण बनाना और तकनीकी संपर्क पहल का नेतृत्व करना शामिल था। बयान के अनुसार, सिद्धार्थ एक दशक से अधिक समय से विकिमीडिया परियोजनाओं में तकनीकी स्वयंसेवक रहे हैं और उनके सहकर्मी स्क्रिप्ट, बॉट्स और उपकरणों पर उनके काम की बहुत सराहना करते हैं, जो परियोजनाओं के सुचारू संचालन में योगदान में मदद करते हैं।
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नयी दिल्ली. बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के कार्यभार संभालने की संभावना के बीच भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि बांग्लादेश के लोगों का हित उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। भारत ने बांग्लादेश में जल्द कानून-व्यवस्था बहाल होने की भी उम्मीद जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘जहां तक भारत का सवाल है, बांग्लादेश के लोगों के हित हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।'' उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति अभी लगातार बदल रही है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत से कब जाएंगी, इस बारे में सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमें उनकी योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।'' बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की खबरों के बारे में सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत स्थिति पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश में भारतीय मिशन, वहां तैनात कर्मियों और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के संपर्क में है।
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नयी दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस से पहले हर घर तिरंगा अभियान आयोजित करने के आह्वान के बाद भाजपा अगले सप्ताह पूरे देश में इसे शुरू करेगी। गत 28 जुलाई को अपने मासिक ‘मन की बात' रेडियो प्रसारण में मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान के बारे में बात की और लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेल्फी ‘हर घर तिरंगा डॉट कॉम' वेबसाइट पर अपलोड करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज के हर वर्ग में लोकप्रिय हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने एक बयान में कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जुलाई में अपने मन की बात कार्यक्रम के 112वें संस्करण में हर घर तिरंगा अभियान को राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया था।” उन्होंने कहा कि भाजपा 11 अगस्त से 13 अगस्त तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तिरंगा यात्रा निकालेगी। चुघ ने बताया कि 12, 13 और 14 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। चुघ ने बताया कि 14 अगस्त को सभी जिलों में मौन जुलूस निकालकर विभाजन स्मृति दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 13, 14 और 15 अगस्त को सभी घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे ‘‘पूरा देश केसरिया, सफेद और हरे रंग के सागर में बदल जाएगा।'' चुघ ने कहा कि भाजपा पदाधिकारी, नेता और जनप्रतिनिधि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि तिरंगा देश भर के प्रत्येक बूथ तक पहुंचे। उन्होंने कहा, “भाजपा 2022 से पूरे देश के लोगों के साथ मिलकर हर घर तिरंगा अभियान को बड़े जोश और उत्साह के साथ मना रही है। इस अभियान में एक बार फिर देश भर के नागरिकों की व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी।” भाजपा ने अभियान के लिए “व्यापक तैयारियां” की हैं और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सभी पदाधिकारियों को इसकी सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- कोलकाता। बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री व दिग्गज वामपंथी नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य का गुरुवार को निधन हो गया। 80 साल की उम्र में सुबह 8.20 बजे कोलकाता स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। इसकी वजह से उन्हें कई बार अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। उनके निधन की सूचना सामने आते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर छा गई है। उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने उनकी मौत की पुष्टि की।दस साल तक रहे सीएमबंगाल में वाम मोर्चा के 34 साल के शासन के दौरान बुद्धदेव भट्टाचार्य दूसरे और आखिरी सीपीएम मुख्यमंत्री थे। माकपा नेता वर्ष 2000 से 2011 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। भट्टाचार्य ने 2015 में सीपीआई (एम) के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति से इस्तीफा दे दिया था और 2018 में पार्टी के राज्य सचिवालय की सदस्यता भी छोड़ दी थी।राजकीय सम्मान के साथ विदा होंगे बुद्धदेव भट्टाचार्य: ममता बनर्जीबुद्धदेव भट्टाचार्य के निधन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा," मुख्यमंत्री श्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के आकस्मिक निधन से स्तब्ध और दुखी हूं। मैं उन्हें पिछले कई दशकों से जानती हूं और पिछले कुछ वर्षों में जब वे बीमार थे तो मैंने उनसे कई बार मुलाकात की। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं सीपीआई(एम) पार्टी के सदस्यों और उनके सभी अनुयायियों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। हमने पहले ही यह निर्णय ले लिया है कि हम उनकी अंतिम यात्रा और संस्कार के दौरान उन्हें पूरा सम्मान और औपचारिक सम्मान देंगे।शुक्रवार को होगा अंतिम संस्कारमाकपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने बताया कि शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शुक्रवार शाम 4:00 बजे माकपा के प्रदेश मुख्यालय अलीमुद्दीन स्ट्रीट से उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी।
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को जिला न्यायाधीशों को दी जा रही बहुत कम पेंशन से संबंधित मुद्दों का केंद्र से जल्द से जल्द समाधान करने को कहा।प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा, ‘हम जिला न्यायपालिका के संरक्षक होने के नाते आपसे (अटार्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से) आग्रह करते हैं कि आप न्यायमित्र के साथ बैठकर कोई रास्ता निकालें।’
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इनमें से कुछ मामले ‘बहुत पेचीदा’ हैं। उन्होंने कैंसर से पीड़ित एक जिला न्यायाधीश के मामले का उल्लेख किया और कहा कि पेंशन से संबंधित शिकायतों को उठाते हुए जिला न्यायाधीशों द्वारा उच्चतम न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की जा रही हैं। पीठ में न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। पीठ ने कहा, ‘जिला न्यायाधीशों को केवल 15,000 रुपये पेंशन मिल रही है। जिला न्यायाधीश उच्च न्यायालयों में आते हैं और आमतौर पर उन्हें 56 और 57 वर्ष की आयु में उच्च न्यायालयों में पदोन्नत किया जाता है और वे 30,000 रुपये प्रति माह पेंशन को लेकर सेवानिवृत्त होते हैं।’ - बेंगलुरु.पृथ्वी अवलोकन उपग्रह-8 (ईओएस-8) के 15 अगस्त को प्रक्षेपित किये जाने की संभावना है। इसरो के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि ईओएस-8 को लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी)-डी3 से प्रक्षेपित किया जाएगा।उन्होंने बताया, “इसे संभवतः 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया जाएगा।” इसरो ने एक बयान में बताया कि ईओएस-8 अभियान के प्राथमिक उद्देश्यों में सूक्ष्म उपग्रह का डिजाइन तैयार करना और पेलोड उपकरण बनाना तथा भविष्य के उपग्रहों के लिए आवश्यक नयी प्रौद्योगिकियों को शामिल करना है।
- नयी दिल्ली. सरकार ने ‘नमामि गंगे' कार्यक्रम 2.0 के तहत चार प्रमुख परियोजनाएं पूरी कर ली हैं और उनका संचालन शुरू कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के आसपास शुरू की गई यह पहल प्रदूषण रोकने और नदी की पारिस्थितिक स्थिति में सुधार करने के लिए चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुल 920 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार इन परियोजनाओं के जरिये 145 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) मलजल शोधन क्षमता बढ़ेगी, सीवर नेटवर्क में वृद्धि होगी तथा अनेक नालों को बीच में ही रोक दिया जाएगा। जल शक्ति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा निर्धारित कड़े उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिए तैयार किए गए इन प्रयासों से गंगा और उसकी सहायक नदियों के जल की गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार होने की उम्मीद है। बिहार के मुंगेर में 366 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य सीवर नेटवर्क में सुधार करना और 30 एमएलडी क्षमता वाला मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करना है। इस व्यापक पहल में 175 किलोमीटर सीवर नेटवर्क का विकास शामिल है।उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में 129 करोड़ रुपये की लागत वाली एक परियोजना गंगा में प्रदूषण कम करने के लिए मलजल को रोकने, उसकी दिशा को मोड़ने और उसका शोधन करने पर केंद्रित है। अब चालू हो चुकी इस पहल के तहत नौ नालों को रोका गया है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में अब 153 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत से मलजल को रोकने, उसकी दिशा को मोड़ने और उसका शोधन करने की परियोजना शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश के बरेली में 271 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मलजल को रोकने, उसकी दिशा मोड़ने और मलजल शोधन कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना स्थापित की गई .
- श्रीनगर. निर्वाचन आयोग केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के संबंध में चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को राजनीतिक दलों से मुलाकात करेगा। जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मंगलवार को विभिन्न राजनीतिक दलों को पत्र जारी कर उन्हें निर्वाचन आयोग के साथ बैठक के लिए आमंत्रित किया। राजनीतिक दलों को आयोग के साथ बैठक के लिए अलग-अलग समय दिया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए 8-10 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगा। केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कराने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई 30 सितंबर की समय सीमा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। कुमार के साथ चुनाव आयुक्त- ज्ञानेश कुमार और एस एस संधू भी होंगे।राजनीतिक दलों से मिलने के अलावा आयोग मुख्य निर्वाचन अधिकारी और केंद्रीय बलों के समन्वयक के साथ भी स्थिति की समीक्षा करेगा। आयोग सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ तैयारियों की समीक्षा भी करेगा। दस अगस्त को आयोग प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक के लिए जम्मू का दौरा करेगा।संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और 2019 में तत्कालीन राज्य जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद से जम्मू-कश्मीर में पहले विधानसभा चुनाव होंगे।
- नयी दिल्ली. भारत के 84 प्रतिशत से अधिक जिलों के भीषण उष्ण लहर से प्रभावित होने की संभावना है और 70 फीसदी जिलों में अत्यधिक वर्षा की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। एक नये विश्लेषण में यह कहा गया है। स्वतंत्र विकास संगठन आईपीई ग्लोबल लिमिटेड और एस्री इंडिया टेक्नोलॉजिस द्वारा तैयार की गई ‘गर्म होते जलवायु में मानसून का प्रबंधन' रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में मानसून (जून-सितंबर) के दौरान गर्मियों जैसी स्थिति बनी हुई है। आईपीई ग्लोबल लिमिटेड में जलवायु परिवर्तन और ‘सस्टैनबिलिटी प्रैक्टिस' के प्रमुख और अध्ययन के लेखक अविनाश मोहंती ने कहा कि उनका विश्लेषण संकेत देता है कि 2036 तक 10 में आठ भारतीय प्रतिकूल मौसमी घटनाओं से प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि, उद्योग और व्यापक अवसंरचना परियोजनाओं को जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं से बचाने के लिए अति-विस्तृत जोखिम आकलन को अपनाना और जलवायु-जोखिम वेधशालाओं की स्थापना करना शीर्ष राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। रिपोर्ट कहती है कि 2012-22 के दशक में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा उष्ण लहर से सर्वाधिक प्रभावित पांच राज्य थे। इसमें कहा गया है कि तटीय क्षेत्रों के 74 प्रतिशत जिले, मैदानी क्षेत्रों के 71 फीसदी जिले तथा पहाड़ी क्षेत्रों के 65 प्रतिशत जिले भीषण उष्ण लहर से प्रभावित रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, मैदानी और पहाड़ी जिलों में 2013-22 के दशक के दौरान उष्ण लहर दिनों की संख्या में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि तटीय जिलों में 30 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस दशक (2013-22) में पिछले दो दशकों की तुलना में कम उष्ण लहर दिवस दर्ज किए गए। इस अवधि में 2015 में सबसे ज्यादा भीषण गर्मी पड़ी थी जो 1998 के बाद दूसरी सबसे घातक वर्ष था।विश्लेषण से पता चला कि मार्च-मई के बीच की अवधि और उसके बाद जून-सितंबर के बीच की अवधि के दौरान, मैदानी इलाकों के जिलों में अधिकतम उष्ण लहर दिवस दर्ज किए गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2013 से 10 वर्षों में भारत में भीषण और तापघात के कारण 10,635 लोगों की जान गई। इस अवधि में सबसे ज्यादा 2203 मौतें आंध्र प्रदेश में हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 1,485, तेलंगाना में 1,172, पंजाब में 1,030, बिहार में 938, महाराष्ट्र में 867, ओडिशा में 609, झारखंड में 517, हरियाणा में 461, पश्चिम बंगाल में 357, राजस्थान में 345, गुजरात में 263 और मध्य प्रदेश में 213 लोगों की मौत हुई। दिल्ली में इस दौरान भीषण गर्मी से 13 लोगों की मौत हुई। इस 2013-22 के बीच की अवधि में सबसे ज्यादा मौतें 2015 में दर्ज की गईं जब 1908 लोगों की मौत हुई थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, इस साल गर्मी में भारत में 536 उष्ण लहर दिवस दर्ज किए गए जो 14 वर्षों में सबसे अधिक है। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में 1901 के बाद सबसे गर्म जून दर्ज किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2024 में तापघात के 41,789 संदिग्ध मामले सामने आए और गर्मी के चलते 143 लोगों की मौतें दर्ज की गईं।
- मुंबई. सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से लिए गए कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए तीन लाख रुपये तक के अल्पकालिक कर्ज के लिए ब्याज सहायता योजना जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत किसानों को सात प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर ऋण मिलता है। समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को तीन प्रतिशत वार्षिक की अतिरिक्त ब्याज सहायता प्रदान की जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा, ‘‘इसका यह भी अर्थ है कि उपरोक्त अनुसार समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान चार प्रतिशत सालाना की दर से अल्पकालिक फसल ऋण और या पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन आदि सहित संबद्ध गतिविधियों के लिए अल्पकालिक ऋण मिलेगा।'' एक परिपत्र में, केंद्रीय बैंक ने कहा कि ऋण देने वाली संस्थाओं को ब्याज सहायता की दर 2024-25 के लिए 1.5 प्रतिशत होगी। रिजर्व बैंक ने कहा कि किसानों की घबराहटपूर्ण बिक्री को हतोत्साहित करने और उन्हें अपने उत्पादों को गोदामों में संग्रहीत करने को प्रोत्साहित करने के लिए केसीसी के तहत ब्याज छूट का लाभ फसल की कटाई के बाद छह महीने तक की अवधि के लिए छोटे और सीमांत किसानों को उपलब्ध होगा। रिजर्व बैंक परिपत्र में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए, उस वर्ष के लिए लागू ब्याज छूट दर पुनर्गठित ऋण राशि पर पहले वर्ष के लिए बैंकों को उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे पुनर्गठित कर्ज पर दूसरे वर्ष से सामान्य ब्याज दर लागू होगी।
- नयी दिल्ली.उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या को सीमित करने के लिये कोई व्यवस्था नहीं होने को रेखांकित करते हुये राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राज्य के पर्यावरण विभाग के सचिव से पूछा है कि दुर्घटना की स्थिति में किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। एनजीटी केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, यमुनोत्री और गोमुख के तीर्थमार्गों पर घोड़ों का मल और उनके शवों सहित कचरे को फेंकने के बारे में एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि 10 मई 2022 के राज्य सरकार के परिपत्र के अनुसार बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या क्रमशः 16,000, 13,000, 8,000 और 5,000 निर्धारित की गई थी। पीठ ने कहा कि 21 अप्रैल 2023 के परिपत्र द्वारा तीर्थयात्रियों की संख्या तय करने वाले पहले के परिपत्र को वापस ले लिया गया था। पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल हैं। अधिकरण ने 31 जुलाई के अपने आदेश में कहा, “ अधिकरण के समक्ष यह निर्विवाद है कि आज की स्थिति में श्री बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मार्गों पर तीर्थयात्रियों के लिए अस्थायी आधार पर भी कोई वहन क्षमता निर्धारित नहीं है तथा उन मार्गों पर तीर्थयात्रियों की संख्या के संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं है।” फैसले में कहा गया है कि राज्य सरकार के वकील के अनुसार, चारों तीर्थस्थलों की वहन क्षमता के बारे में रिपोर्ट प्राप्त करने में एक वर्ष का समय लगेगा और इस पृष्ठभूमि में याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि तीर्थयात्रियों की अनियंत्रित संख्या के कारण दुर्घटना हो सकती है और किसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। एनजीटी ने कहा, “ इन परिस्थितियों में, हम (राज्य के) पर्यावरण विभाग के सचिव को सुनवाई की अगली तारीख (12 सितंबर) पर ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित होने और तीर्थयात्रियों की सिमित संख्या के अभाव में किसी भी असामयिक दुर्घटना के बारे में आवेदक के अधिवक्ता की दलीलों के संबंध में अपना रुख बताने का निर्देश देते हैं।” पीठ ने कहा कि पर्यावरण सचिव यह भी बताएं कि ऐसे मामले में नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी और इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
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रायपुर। मंदिर हसौद मशीनरी डिवीज़न में जिंदल संस्थापक चेयरमैन श्री ओपी जिंदल की जयंती मनाई गई। श्री ओ पी जिंदल जिन्हें प्यार और सम्मान से बाउजी पुकारा जाता हैं, वह एक दूरदृष्टा थे। श्री ओपी जिंदल की जीवनी उनकी दूरदर्शिता और राष्ट्र के लिए देखे गए सपनो की याद ताज़ा कराता हैं, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया। बाउजी ने अपने कर्मयोग से अनगिनत व्यक्तियों को राष्ट्र निर्माण में सामूहिक योगदान करने के लिए प्रेरित किया उनकी दूरदर्शिता का केंद्र बिंदु एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत था जो पुरे गर्व और स्वाभिमान के साथ विकसित औद्योंगिक राष्ट्र की कतार में खड़ा हो। बाउजी के दूरदर्शी आदर्श और सिद्धांत जेएसपी के लिए निरंतर प्रेणा के स्त्रोत हैं जो हमे न सिर्फ राष्ट्र के निर्माण बल्कि समुदायों के सशक्तिकरण का हौसला भी देते हैं।
बाउजी एक जन्मजात इंजीनियर थे उन्होंने स्वदेशी तकनीक पर आधारित जिंदल इंडिया नामक एक पाइप मिल की स्थापना की जिसे आज जिंदल इंडस्ट्रीज के नाम से जाता हैं 1970 में उन्होंने जिंदल स्ट्रिप्स लिमिटेड की स्थपना की और शुरू से ही अनुसन्धान पर ध्यान दिया बाउजी की मौलिक सोच, बदलाव लाने का उनका जूनून और इन सबसे बढ़कर भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किये गए उनके प्रयास ने उन्हें मशीनों से बात करने वाले शख्सियत के रूप में विश्व विख्यात कर दिया। उनका जन्म भले ही हरियाणा में हुआ हो लेकिन पूरा भारत उनकी कर्मभूमि था।
ओपी जिंदल ग्रुप जैसे विशाल औद्योगिक समूह के संस्थापक और अग्रणी राजनेता होने के बावजूद बाउजी ने कभी भी अपने कार्यालय का दरवाजा बंद नहीं रखा आम हो या खास सभी के लिए उनके दरवाजे २४ घंटे खुले रहे। बाउजी ने राजनीति में आकर जनसेवा की एक नई परिभाषा प्रस्तुत की शिक्षा स्वास्थ और लोगो की सम्पन्नता के लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया ।
वे तीन बार हिसार के विधायक रहे उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से ओपी जिंदल ग्रुप जैसे विशाल औद्योगिक समूह की स्थापना कर राष्ट्र के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्ही के सिद्धांतो और विचारो को जिवंत कर मंदिर हसौद स्तिथ मशीनरी डिवीज़न में उनकी 94 वी जयंती मनाई गयी जहा सुबह भजन कीर्तन के साथ कार्यक्रम की शरुआत की गयी बाउजी को याद कर मशीनरी डिवीज़न स्तिथ हेरिटेज पार्क में कारखाने के कर्मचारियों द्वारा बाउजी की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित किये गए साथ ही इस अवसर पर कैंसर जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर व वृक्षारोपण का आयोजन किया गया तथा माना स्तिथ वृद्धाश्रम में भोजन फल एवं वस्त्रो का वितरण किया गया इस उपलक्ष्य में मशीनरी डिवीज़न के अधिकारी सहित कर्मचारी मौजूद रहे सभी ने बाउजी को श्रद्धासुमन अर्पित किया।



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