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- गुरुग्राम (हरियाणा)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को द्वारका एक्सप्रेसवे के 19 किलोमीटर लंबे हरियाणा खंड का उद्घाटन किया, जिससे यातायात सुगम बनेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर दिल्ली तथा गुरुग्राम के बीच यातायात जाम कम तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। द्वारका एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 29 किलोमीटर है, जिसमें से 18.9 किमी का हिस्सा हरियाणा में पड़ता है, जबकि शेष 10.1 किमी दिल्ली में है। नौ मार्च, 2019 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और नितिन गडकरी ने द्वारका एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक सभा को संबोधित किया और कहा कि यह दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा के अनुभव को हमेशा के लिए बदल देगा और इससे न केवल वाहनों बल्कि क्षेत्र के लोगों के जीवन का ‘‘गियर'' भी बदल जाएगा। उन्होंने कहा "द्वारका एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का उद्घाटन और 112 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आरंभ देश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर है। द्वारका एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।" प्रधानमंत्री ने लंबे समय से लंबित कई ऐसी परियोजनाओं का उल्लेख किया जिन्हें वर्तमान सरकार द्वारा पूरा किया गया है जैसे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (2008 में घोषित) 2018 में पूरा हुआ। इसी प्रकार द्वारका एक्सप्रेस-वे भी पिछले 20 साल से अटका हुआ था। उन्होंने कहा “आज हमारी सरकार जिस काम का शिलान्यास करती है, उसे समय पर पूरा करने के लिए उतनी ही मेहनत करती है और तब हम ये नहीं देखते हैं कि चुनाव हैं या नहीं। मोदी ने कहा, ‘‘आज आप देख लीजिए…देश के गांवों को लाखों किलोमीटर ऑप्टिक फाइबर केबल्स से जोड़ा गया है।'' प्रधानमंत्री ने यहां रोड शो भी किया।उन्होंने कहा एक्सप्रेसवे के निर्माण से ग्रामीण भारत के लिए बहुत सारे अवसर खुलते हैं, जिसका द्वारका एक्सप्रेसवे अपने आप में एक बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने द्वारका एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे सहित बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा किया है। उन्होंने कहा "मेट्रो लाइनों के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के निर्माण के साथ-साथ इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात को आसान करना और प्रदूषण को कम करना है।" प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अच्छी सड़कों के विकास से दो-पहिया और चार-पहिया ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा "एक्सप्रेसवे के निर्माण से औद्योगिक गलियारों के विकास में भी मदद मिलती है जिससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होते हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार 9000 किलोमीटर उच्च गति-पहुंच नियंत्रित राजमार्गों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिनमें से 4,000 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे, अतीत में, वह क्षेत्र जहां अब एक्सप्रेसवे बनाया गया है, असुरक्षित माना जाता था, लोग सूर्यास्त के बाद वहां जाने से बचते थे, लेकिन आज यह क्षेत्र जहां अब एक्सप्रेसवे बनाया गया है, यह कारपोरेट जगत के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। आठ लेन वाले द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण केंद्र की 60,000 करोड़ रुपये की राजमार्ग विकास योजना के तहत 9,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। द्वारका एक्सप्रेसवे का 19 किलोमीटर लंबा ‘हरियाणा खंड' लगभग 4,100 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इस खंड के तहत दो पैकेज शामिल हैं। पहले पैकेज के तहत दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से बसई रेल-ओवर-ब्रिज (आरओबी) तक की 10.2 किलोमीटर लंबी सड़क आती है। दूसरे पैकेज के तहत बसई रेल-ओवर-ब्रिज से खेड़की दौला तक 8.7 किमी लंबी सड़क आती है। यह दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और गुरुग्राम बाईपास से सीधा संपर्क भी प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित थे। गडकरी ने कहा कि द्वारका एक्सप्रेसवे एक अत्याधुनिक परियोजना है। उन्होंने कहा "सरकार ने द्वारका एक्सप्रेसवे के ठेके देने में अनुमान के मुकाबले निर्माण लागत में 20 प्रतिशत की बचत की।" उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में सड़कों, राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 65,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं हैं। उन्होंने कहा इनमें से 35,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और बाकी दिसंबर तक पूरी हो जाएंगी। गडकरी ने कहा कि एक्सप्रेसवे का डिज़ाइन यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी दुकान या घर इसके मार्ग पर अतिक्रमण न करें। एक बार पूरी तरह से चालू होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे पिछले छह वर्ष में एनसीआर में चालू होने वाला पांचवां एक्सप्रेसवे होगा। इसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा किया जा रहा है।
- नयी दिल्ली । सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड में 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी है। मंत्री ने रविवार को ‘ऑनलाइन' माध्यम से परियोजनाओं का शिलान्यास किया।आधिकारिक बयान के अनुसार, परियोजनाओं में तुपुदाना से कुंडियाबारटोली खंड (खूंटी बाईपास सहित) को चार-लेन बनाना और बेरो से खूंटी खंड का चौड़ीकरण और उन्नत करना शामिल है। बेरो से खूंटी खंड के चौड़ीकरण से यातायात सुगम होगा और आसपास के क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।खूंटी बाईपास के चार-लेन बनने से स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचना आसान हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी संवेदनाएं और योजनाएं जमीन से जुड़े अनुभवों से निकली हैं जो नारी शक्ति के जीवन को आसान बना रही हैं और उनका तीसरा कार्यकाल नारी शक्ति के उत्कर्ष का नया अध्याय लिखेगा। प्रधानमंत्री ने राजधानी दिल्ली के पूसा स्थित राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 'सशक्त नारी-विकसित भारत' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि जब भी वह महिलाओं के कल्याण की बात करते हैं, विपक्षी दल उसे उन्हें गाली देने के अवसर के रूप में उपयोग करता है। इस अवसर पर उन्होंने ‘नमो ड्रोन दीदियों' की ओर से कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग का प्रदर्शन देखा और 1,000 से अधिक ‘नमो ड्रोन दीदियों' को ड्रोन सौंपे। कार्यक्रम के दौरान कुछ ‘ड्रोन दीदियों' से संवाद करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मोदी की संवेदनाएं और मोदी की योजनाएं जमीन से जुड़े जीवन के अनुभवों से निकली हैं। बचपन में जो अपने घर में देखा, अपने आस-पड़ोस में देखा, फिर देश के गांव-गांव में अनेक परिवारों के साथ रहकर जो अनुभव किया, वही आज मोदी की संवेदनाओं और योजनाओं में झलकता है।'' उन्होंने कहा कि इसलिए ये योजनाएं नारी शक्ति के जीवन को आसान बनाती हैं और उनकी मुश्किलें कम करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ अपने परिवार के लिए सोचने वाले, परिवारवादी नेताओं को ये बात कतई समझ नहीं आ सकती है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक करोड़ से ज्यादा बहनें पिछले दिनों अलग-अलग योजनाओं और प्रयासों के कारण ‘लखपति दीदी' बन चुकी हैं। मोदी ने कहा कि यह आंकड़ा छोटा नहीं है और उनका लक्ष्य अब तीन करोड़ ‘लखपति दीदी' के आंकड़े को पार करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा तीसरा कार्यकाल नारी शक्ति के उत्कर्ष का नया अध्याय लिखेगा।''इस आयोजन के समय देशभर में 11 अलग-अलग जगहों से भी ‘नमो ड्रोन दीदियों' ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन ‘लखपति दीदियों' को सम्मानित भी किया, जिन्होंने दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से सफलता प्राप्त की है और वे अन्य स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों के उत्थान के लिए मददगार बन रही हैं तथा उन्हें प्रेरित कर रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को रियायती ब्याज दरों पर लगभग 8,000 करोड़ रुपये का ऋण भी प्रदान किया। ये ऋण बैंकों की ओर से प्रत्येक जिले में बनाए गए बैंक संपर्क शिविरों के माध्यम से दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हर बार जब मैं आपके कल्याण की बात करता हूं, कांग्रेस इसे मुझे गाली देने के अवसर के रूप में उपयोग करती है। परिवारवादी पार्टियां कभी भी आपके संघर्षों से जुड़ नहीं सकतीं।'' मोदी ने कहा कि 2014 से उन्होंने ऐसी योजनाएं बनाने की कोशिश की है जो महिलाओं के जीवन के हर पड़ाव में उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा, ‘‘प्रसव पूर्व देखभाल से लेकर वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच बनाने तक, हमने महिलाओं की सभी जरूरतों का ध्यान रखा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज देश की हर महिला, हर बहन, हर बेटी को ये बताना चाहता हूं। जब-जब मैंने लाल किले से आपके सशक्तीकरण की बात की तो दुर्भाग्य से कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों ने मेरा मजाक उड़ाया, मेरा अपमान किया।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश या कोई भी समाज नारी शक्ति की गरिमा बढ़ाते हुए और उनके लिए नए अवसर बनाते हुए ही आगे बढ़ सकता है। पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन दुर्भाग्य से देश में पहले जो सरकारें रहीं, उनके लिए आप सभी महिलाओं का जीवन, आपकी मुश्किलें कभी प्राथमिकता नहीं रहीं और आपको आपके नसीब पर छोड़ दिया गया था।'' उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने एक दो योजनाएं शुरू करने को ही महिला सशक्तीकरण का नाम दे दिया था लेकिन मोदी ने इस राजनीतिक सोच को ही बदल दिया। अपने अनुभवों का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि अगर महिलाओं को थोड़ा अवसर और थोड़ा सहारा मिल जाए तो फिर उनको सहारे की जरूरत नहीं रहती है, वे खुद लोगों का सहारा बन जाती हैं। प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' के कार्यान्वयन में बढ़-चढ़कर शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि जहां भी स्वयं सहायता समूह के सदस्य पहल करेंगे, उन्हें योजना में प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि विगत 10 वर्षों में जिस तरह भारत में महिला स्वयं सहायता समूहों का विस्तार हुआ है, वह अपने आप में एक अध्ययन का विषय है। उन्होंने कहा, ‘‘इन महिला स्वयं सहायता समूहों ने भारत में नारी सशक्तीकरण का नया इतिहास रच दिया है।''प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले सालों में देश में ड्रोन प्रौद्योगिकी का बहुत विस्तार होने वाला है।उन्होंने कहा, ‘‘छोटी-छोटी मात्रा में दूध-सब्ज़ी और दूसरे उत्पाद अगर नज़दीक के मार्केट तक पहुंचाना हैं तो ड्रोन एक सशक्त माध्यम बनने वाला है। दवाओं की आपूर्ति हो, चिकित्सा जांच के नमूनों की डिलीवरी हो, इसमें भी ड्रोन बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। यानी नमो ड्रोन दीदी योजना से जो बहनें ड्रोन पायलट बन रही हैं, उनके लिए भविष्य में अनगिनत संभावनाओं के द्वार खुलने जा रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि जिन महिलाओं के सपनों को सीमित कर दिया गया था, आज वे राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका का विस्तार कर रही हैं और आज गांव-देहात में नए-नए अवसर बन रहे हैं, नए-नए पद बने हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, डॉ मनसुख मांडविया और गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे।
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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में तैनात किए जाने वाले पर्यवेक्षकों की आज नई दिल्ली में एक बैठक की। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्तक राजीव कुमार ने पर्यवेक्षकों से निष्पकक्ष, स्वदतंत्र और प्रलोभन मुक्तु चुनाव कराने के लिए सभी को समान अवसर देने का निर्देश दिया। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा तथा भारतीय राजस्वर सेवा और अन्यप केन्द्री य सेवाओं से लिए गए दो हजार एक सौ वरिष्ठभ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा् लिया। श्री कुमार ने कहा कि पर्यवेक्षकों को निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधि बताया तथा आशा व्यक्तत की कि वे पेशेवर तरीके से काम करेंगे तथा उम्मीेदवारों सहित सभी संबंधित कक्षों के लिए सेवा सुलभ कराएंगें। उन्होंने पर्यवेक्षकों से मतदान केन्द्रों का दौरा करने तथा संवेदनशील इलाकों की स्थिति के बारे में जानकारी देने को कहा।
श्री कुमार ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने सभी परिपत्रों को दोबारा तैयार किया है तथा मेन्युअल और पुस्तिकाओं का अद्तन कर उसे आयोग की बेवसाईट पर डाल दिया है। -
अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के लिए कानपुर से आये एक नाबालिग समेत तीन युवकों की रविवार सुबह सरयू नदी में डूबने से मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया है। अयोध्या के अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि कानपुर के रहने वाले रवि मिश्रा (20), प्रियांशु सिंह (16) और हर्षित अवस्थी (18) राम मंदिर में दर्शन के लिए अयोध्या आए थे। उन्होंने बताया कि दर्शन से पहले सभी दोस्त सरयू नदी में नहाने चले गये।
अधिकारी ने बताया कि नदी में डुबकी लगाते समय प्रियांशु डूबने लगा तभी रवि ने उसे बचाने की कोशिश की और फिर उसके बाद हर्षित भी पानी में कूद गया। उन्होंने बताया कि एक-एक कर तीनों युवक गहरे पानी में चले गए।
सिंह ने बताया कि उनकी चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने उन्हें नदी से बाहर निकाला और अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि राम मंदिर दर्शन के लिए कानपुर से आये छह युवक सामान्य स्नान घाट पर जाने के बजाय राम कथा पार्क के निकट श्मशान घाट के बगल में स्थित नदी तट पर स्नान करने चले गये, जहां यह घटना घटी। उन्होंने बताया कि तीनों मृतकों के शवों को अयोध्या के सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा गया है और इनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।2 -
जौनपुर . जिले के गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र में बिहार से प्रयागराज जा रही कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गयी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय पाल शर्मा ने बताया कि बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले गजाधर शर्मा अपने परिवार के नौ सदस्यों के साथ कार से अपने पुत्र चंदन शर्मा की शादी के लिए लड़की देखने प्रयागराज जा रहे थे। एसपी ने बताया कि शनिवार और रविवार की दरमियानी रात लगभग ढाई बजे जब उनकी कार जौनपुर-केराकत मार्ग पर पहुंची तभी जौनपुर की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार लगभग 10 मीटर तक घिसटती चली गई और उसके परखच्चे उड़ गए। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने छह को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। तीन लोगों की हालत नाजुक है और उन्हें इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया है। घटना के बाद ट्रक चालक और खलासी मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में मरने वालों की शिनाख्त गजाधर शर्मा (60), उनके पुत्र अनीश शर्मा (35), जवाहर शर्मा (57) तथा उनके 17 वर्षीय पुत्र, सोनम (34) और रिंकू (32) के रूप में की गयी है। सभी बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले थे। एसपी ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। -
मुंबई. महाराष्ट्र के बीड जिले में शनिवार सुबह रेल की पटरी पर 42 वर्षीय एक पुलिस अधिकारी का शव मिला। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान पुणे अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से जुड़े निरीक्षक सुभाष भीमराव दुधल के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि इस बात का संदेह है कि दुधल ने शुक्रवार रात परली वैजनाथ रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। जीआरपी अधिकारी ने बताया कि शव दो टुकड़ों में कटा हुआ मिला। दुधल की जेब से एक हस्ताक्षरित नोट मिला, जिसमें लिखा था कि वह पारिवारिक मुद्दों के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। पुलिस को अभी तक इस बात का कोई सुराग नहीं मिला है कि दुधल ने पुणे से 300 किलोमीटर से अधिक दूर परली की यात्रा क्यों की। जीआरपी अधिकारी ने कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच जारी है।
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नयी दिल्ली. आगामी आम चुनावों में सीट जीतने को लेकर भाजपा के लक्ष्य और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बीच संबंध होने की बात पहली बार स्वीकार करते हुए, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी 370 सीट जीतती है तो यह जम्मू कश्मीर को देश के शेष हिस्से के साथ एकीकृत करने में मदद करने संबंधी मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले के प्रति उपयुक्त सम्मान होगा। केंद्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त कर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था, और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों--जम्मू कश्मीर और लद्दाख--के रूप में विभाजित कर दिया था। वाणिज्य मंत्री गोयल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 370 सीट और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए 400 सीट का लक्ष्य मोदी सरकार के पिछले 10 वर्षों में सुशासन के दृढ़ विश्वास के कारण निर्धारित किया गया है, न कि अति आत्मविश्वास और अहंकार की वजह से। उन्होंने कहा कि आम चुनाव के नतीजे आश्चर्यचकित करने वाले हो सकते हैं और भाजपा और राजग की सीट संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। गोयल ने इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की कि बीजू जनता दल, राजग का हिस्सा होगा या नहीं, लेकिन उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा का हिस्सा बनने के लिए सभी समान विचारों और सकारात्मक सोच वाली पार्टियों का स्वागत किया। भाजपा द्वारा आगामी चुनावों में तय किये गये लक्ष्य के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं, लेकिन मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि हमारा लक्ष्य राजग के लिए 400 सीट और भाजपा के लिए 370 सीट का है, जो सरकार द्वारा लिये गये उस सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में एक (अनुच्छेद 370 को निरस्त करने संबंधी फैसला) के प्रति उपयुक्त सम्मान होगा, जिसे संसद का पूर्ण समर्थन मिला था।'' उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी माना है कि अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से सही था।
गोयल ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से केंद्र शासित प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री की कश्मीर की हालिया यात्रा के बारे में भी बात की।
गोयल ने कहा, ‘‘मोदी सरकार द्वारा लिये गये ऐतिहासिक फैसलों के कारण हम भाजपा के लिए 370 सीट का लक्ष्य रखने के लिए प्रोत्साहित हुए हैं। हमें अति आत्मविश्वास नहीं है। हमें अपनी जीत को लेकर अहंकार भी नहीं है। हमारा इसे लेकर दृढ़ विश्वास है क्योंकि हमने देश के लिए बहुत उल्लेखनीय काम किये हैं।'' भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मोदी सरकार पिछले 10 वर्षों में अपने कार्यकाल के दौरान देश की प्रगति यात्रा में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत को प्रगति, विकास और समावेशी विकास के पथ पर ले गये हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या राजग में बीजू जनता दल शामिल होगा, भाजपा नेता ने कहा कि एक दो दिन में यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-कौन सी पार्टियां राजग का हिस्सा हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि राजग सकारात्मक सोच वाली बेहतर पार्टियों का एक समावेशी गठबंधन है और सभी अच्छी पार्टियों को भारत को महाशक्ति बनाने की इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही लोकसभा चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा करने की उम्मीद है और आम चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है। भाजपा ने 2019 के चुनाव में 303 सीट पर जीत दर्ज की थी।
सत्तारूढ़ भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए जारी 195 उम्मीदवारों की पहली सूची में 34 केंद्रीय मंत्रियों के नाम शामिल किए हैं। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार प्याज से लेकर टमाटर और दालों जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने किसी भी अस्थायी बढ़ोतरी के कुछ दिनों के भीतर दरों को नियंत्रित करने के मोदी सरकार के पिछले रिकॉर्ड का हवाला दिया। गोयल के पास खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय भी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय करना जारी रखेगी कि "हमारी नारी-शक्ति" के घरेलू बजट पर कोई तनाव न हो। केंद्रीय मंत्री ने आम चुनावों से पहले खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण को लेकर सरकार की रणनीति के संबंध में एक सवाल के जवाब में कहा, "हम इस पर काबू पाने में सफल रहेंगे... और मैं लोगों को आश्वस्त कर सकता हूं कि यह सरकार भारत की महिलाओं की परवाह करती है।" उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खाद्य मुद्रास्फीति से लड़ने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष में लगभग 28,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। गोयल ने कहा, "हम अपनी बहनों और माताओं के साथ आगे भी खड़े रहेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हम उन्हें तनाव न दें... हम यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं कि हम अपनी नारी-शक्ति का सम्मान करते हैं और इस बात का सम्मान करते हैं कि उन्हें अच्छा घरेलू बजट मिलना चाहिए।" चुनाव आयोग जल्द ही आम चुनाव की घोषणा कर सकता है। लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया गंभीर मुद्रास्फीति का सामना कर रही थी, दुनिया के विकसित देशों में 40 साल की उच्च मुद्रास्फीति थी, तब भारत मुद्रास्फीति के मामले में काफी बेहतर स्थिति में था। -
गुना.मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक श्मशान घाट में जलती चिता के पास जादू टोना करने के आरोप में पुलिस ने दो तांत्रिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि जिस व्यक्ति का शव चिता पर था, उसके भाई और दोस्तों ने शुक्रवार रात दोनों तांत्रिकों को पकड़ लिया जबकि उनका एक साथी मौके से भाग गया। शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) श्वेता गुप्ता ने कहा कि अश्विनी केवट नाम के 29 वर्षीय व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिवार ने शुक्रवार को गोपालपुरा के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अश्विनी केवट के भाई निखिल केवट और उनके दोस्त आकाश रघुवंशी शुक्रवार की रात चिता पर सामान चढ़ाने के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तब उन्होंने तीन तांत्रिकों को जलती हुई चिता पर जादू-टोना करते देखा। उन्होंने शिकायतकर्ता के हवाले से कहा, जादू-टोना में इस्तेमाल की जाने वाली एक बोतल और चिता की राख मौके पर मिली। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों ने अन्य लोगों की मदद से दो तांत्रिकों को पकड़ लिया, जबकि एक अन्य तांत्रिक मौके से भाग गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
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नयी दिल्ली. चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने 2024 के लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की संभावित घोषणा से कुछ दिन पहले शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। गोयल का कार्यकाल पांच दिसंबर 2027 तक था और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद वह अगले साल फरवरी में संभवत: सीईसी का पदभार संभालते। कानून मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, गोयल का इस्तीफा शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया जो आज से ही प्रभावी हो गया। हालांकि, तत्काल यह पता नहीं चला पाया है कि गोयल ने इस्तीफा क्यों दिया?
सेवानिवृत्त नौकरशाह गोयल पंजाब कैडर के 1985-बैच के आईएएस अधिकारी थे। वह नवंबर 2022 में निर्वाचन आयोग में शामिल हुए थे। फरवरी में अनूप पांडे की सेवानिवृत्ति और गोयल के इस्तीफे के बाद, तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में अब केवल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर बने नए कानून के अनुसार, कानून मंत्री की अध्यक्षता में दो केंद्रीय सचिवों वाली एक खोज समिति पांच नामों का चयन करेगी। फिर एक चयन समिति नाम को अंतिम रूप देगी। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति में उनके (प्रधानमंत्री) द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता या सदन में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता शामिल होते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
अशोक लवासा ने अगस्त 2020 में चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले लोकसभा चुनावों में आचार संहिता उल्लंघन संबंधी निर्णयों पर असहमति जताई थी। -
ईटानगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले पांच साल में पूर्वोत्तर भारत में जिस तरह का विकास कार्य किया है, उसे करने में कांग्रेस को 20 साल लग जाते। प्रधानमंत्री क्षेत्र में 55,600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करने के बाद अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में ‘विकसित भारत विकसित पूर्वोत्तर' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने कहा, ‘‘दक्षिण एशिया और पूर्वी एशिया के साथ भारत के व्यापार, पर्यटन और अन्य संबंधों में पूर्वोत्तर एक मजबूत कड़ी बनेगा। आज यहां 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूर्वोत्तर में पिछले पांच साल में जो किया है, उसे करने में कांग्रेस को 20 साल लग जाते।'' उन्होंने कहा कि दिनभर में राज्य के 35,000 गरीब परिवारों को पक्का घर मिल गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश आने वाला कोई भी व्यक्ति स्पष्ट रूप से देख सकता है कि ‘‘मोदी की गारंटी'' क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पूर्वोत्तर देख रहा है कि मोदी की गारंटी कैसे काम कर रही है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं, तब विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के नेता उन पर ‘‘हमला कर'' रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘आजादी से लेकर 2014 तक पूर्वोत्तर में 10,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बने, जबकि पिछले 10 साल में 6,000 किलोमीटर से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग बने हैं। हमने एक दशक में लगभग उतना ही काम किया है जितना सात दशकों में हुआ था।'' उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने 2019 में विकास परियोजनाओं की नींव रखी, तो कुछ लोगों की राय थी कि मैंने ‘चुनाव' के लिए ऐसा किया। लेकिन देखिये, यह मैंने आपके लिए किया है, चुनाव के लिए नहीं। समय, साल या महीना कोई भी हो, मेरा काम लोगों के लिए है।'' मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष रूप से ‘मिशन पाम ऑयल' शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर और अरुणाचल प्रदेश कई विकास कार्यों में देश में शीर्ष पर हैं।
मोदी ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सेला सुरंग का शनिवार को उद्घाटन किया जो अरुणाचल प्रदेश के तवांग तक हर मौसम में संपर्क सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि 2019 में सेला सुरंग की नींव रखे जाने के बाद इस परियोजना का उद्घाटन ‘‘मोदी की गारंटी का प्रमाण'' है। प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2019 में इस परियोजना की नींव रखी थी।
मोदी ने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने सोचा था कि मैंने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग की नींव चुनावी एजेंडे के तौर पर रखी, लेकिन वे आज गलत साबित हुए।'' करीब 825 करोड़ रुपये की लागत से बनी सेला सुरंग इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है। एक अधिकारी ने बताया कि इस सुरंग का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 13,000 फुट की ऊंचाई पर किया है। यह अरुणाचल प्रदेश में बालीपारा-चारीद्वार-तवांग रोड पर सेला दर्रे से गुजरते हुए तवांग तक हर मौसम में संपर्क उपलब्ध कराएगी। यह क्षेत्र में न केवल तेज और अधिक सुगम परिवहन मार्ग उपलब्ध कराएगी बल्कि चीन के साथ लगी सीमा के समीप स्थित होने के कारण देश के लिए सामरिक महत्व की भी है। मोदी ने उनके परिवार को लेकर सवाल उठा रहे विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरा पूर्वोत्तर और पूरा देश उनका परिवार है। मोदी ने कहा, ‘‘विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए देश के हर परिवार को स्वच्छ पेयजल, घर, गैस कनेक्शन, बिजली और इंटरनेट की सुविधा सुनिश्चित करना मेरी प्राथमिकताएं होंगी।'' पूर्वोत्तर के लोग क्षेत्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा शुरू की गई विकास गतिविधियों को देख रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘मेरे तीसरे कार्यकाल में मेरा जोर पर्यटन क्षेत्र, होम-स्टे (पर्यटकों के लिए स्थानीय लोगों के घर में रुकने की सुविधा) और बेरोजगार युवाओं के लिए स्टार्ट-अप पर होगा और मैं उन लोगों को पूर्ण समर्थन की गारंटी देता हूं जो ऐसे उद्यम शुरू करना चाहते हैं। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किशोर मकवाना को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनीएससी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक आदेश से यह जानकारी मिली। मकवाना भाजपा की गुजरात इकाई के प्रवक्ता हैं। वह पत्रकार और स्तंभकार भी हैं।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति ने एनसीएससी में अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति के वारंट को मंजूरी दे दी और उस पर हस्ताक्षर किए हैं।'' पिछले साल, भाजपा नेता विजय सांपला ने एनसीएससी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद अरुण हलदार ने कार्यवाहक अध्यक्ष का पद संभाला था। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बच्चों को अपनी मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा के लिए शनिवार को जनजातीय भाषाओं सहित भारतीय गैर-अनुसूचित भाषाओं में 52 लघु पाठ्यपुस्तकें जारी की। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय गैर-अनुसूचित भाषाओं में 52 लघु पाठ्यपुस्तकें युवा शिक्षार्थियों के लिए एक परिवर्तनकारी कदम बनने जा रही हैं, विशेष रूप से बच्चों की शुरुआती शिक्षा के लिए, जो उन्हें उनकी मातृभाषा, स्थानीय भाषा में शिक्षा तक पहुंच प्रदान करेगा।'' प्रधान ने कहा, ‘‘यह बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक यात्रा शुरू करेगा। यह गहरी समझ, निरंतर सीखने और स्वदेशी संस्कृति से जुड़ाव के साथ शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में बड़ी सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।'' छात्रों को किसी विषय से परिचित कराने के लिए लघु पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर के सहयोग से तैयार की गई हैं। गैर-अनुसूचित भाषाएं भारत में बोली जाने वाली अन्य सभी भाषाओं को संदर्भित करती हैं जिन्हें आधिकारिक मान्यता नहीं दी गई है। मंत्री ने कहा, ‘‘भारतीय भाषाओं में 52 प्रारंभिक पाठ्यपुस्तकों ने एक नयी सभ्यता के पुनर्जागरण की शुरुआत का मार्ग तैयार किया है। ये पहल एक निर्बाध और भविष्यवादी शिक्षण परिदृश्य तैयार करेगी, भारतीय भाषाओं में सीखने को बढ़ावा देगी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के दृष्टिकोण को साकार करेगी और स्कूली शिक्षा को समग्र रूप से बदल देगी।'' उन्होंने कहा कि यह पहल एनईपी-2020 के अनुरूप, सभी स्तरों पर शिक्षा में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों के अनुरूप है। मंत्री ने शिक्षकों और शिक्षार्थियों के सशक्तीकरण तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक समावेशी, नवीन और तर्कसंगत बनाने के उद्देश्य से उत्कृष्टता के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक, परामर्श के लिए राष्ट्रीय मिशन की भी घोषणा की। राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र का राज्य इकाइयों और 200 टीवी डीटीएच चैनलों के साथ एकीकरण का भी निर्णय लिया गया है।
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सिलीगुड़ी(पश्चिम बंगाल) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार एवं वंशवादी राजनीति के मुद्दे पर शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधा और कहा कि विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन में शामिल टीएमसी तथा कांग्रेस जैसी पार्टियों को केवल अपने परिवारों के विकास की चिंता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सिलीगुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी नीत पार्टी को हराने का आह्वान किया और कहा, पश्चिम बंगाल से भ्रष्ट टीएमसी सरकार को अपदस्थ करने का मार्ग लोकसभा चुनावों से खुलेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देश की माताओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते देखा है। यही कारण है कि मैं स्वच्छता, मुफ्त बिजली, बैंक खाते और नल से जल पर जोर देता हूं ताकि हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान बन सके। लेकिन यहां पहले वाम मोर्चा और फिर टीएमसी सरकार ने राज्य के लोगों की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज किया। मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस राज्य के लोगों को लूट रही है और इसने मनरेगा के तहत केंद्र से भेजी गई केंद्रीय निधि को लूटने के लिए फर्जी रोजगार कार्ड बनाए। विपक्षी दलों की वंशवादी राजनीति पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘टीएमसी को केवल अपने भतीजे की, जबकि कांग्रेस को केवल राजपरिवार की चिंता है।''
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सिलीगुड़ी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तरी पश्चिम बंगाल में 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शनिवार को लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने इस महीने राज्य की अपनी तीसरी यात्रा के दौरान क्षेत्र के सबसे बड़े शहर सिलीगुड़ी में एक कार्यक्रम में परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में राज्यपाल सीवी आनंद बोस भी मौजूद थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद पूर्वी भारत की उपेक्षा की गई लेकिन उनकी सरकार इसे देश का विकास इंजन मानती है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में, बंगाल, विशेषकर उत्तरी बंगाल का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है।'' एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने रेलवे लाइन विद्युतीकरण की कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिससे उत्तरी पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों के लोगों को फायदा मिलेगा। इसमें कहा गया है कि इन रेलवे लाइन में एकलाखी-बालुरघाट खंड, बारसोई-राधिकापुर खंड, रानीनगर जलपाईगुड़ी-हल्दीबाड़ी खंड, बागडोगरा के माध्यम से सिलीगुड़ी-अलुआबाड़ी खंड, और सिलीगुड़ी-सिवोक-अलीपुरद्वार जंक्शन-समुक्तला खंड शामिल हैं। बयान के अनुसार इन परियोजनाओं से रेल संपर्क में सुधार होगा, माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में 3,100 करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। ये चार-लेन घोषपुकुर-धूपगुड़ी खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर चार-लेन का इस्लामपुर बाईपास हैं। घोषपुकुर-धूपगुड़ी खंड उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का हिस्सा है, जो पूर्वी भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। इस महीने अपनी पहली दो यात्राओं के दौरान, प्रधानमंत्री ने दक्षिणी पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों - हुगली, नदिया और उत्तर 24 परगना का दौरा किया था और इन जिलों को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का गढ़ माना जाता है।
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जोरहाट (असम) .प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी असम के जोरहाट में ‘अहोम सेनापति' लचित बोड़फूकन के समाधि स्थल पर उनकी 125 फुट ऊंची कांसे की प्रतिमा का शनिवार को अनावरण किया। इस ‘स्टैच्यू ऑफ वेलर' (वीरता की प्रतिमा) की ऊंचाई 84 फुट है और इसे 41 फुट की चौकी पर स्थापित किया गया है। इससे यह संरचना 125 फुट ऊंची हो गयी है। प्रधानमंत्री ने टोक के समीप होलोंगापार में लचित बोड़फूकन मैदाम डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट में इस प्रतिमा का अनावरण किया। 16.5 एकड़ से अधिक के इस क्षेत्र का विकास एक पर्यटक स्थल के रूप में किया जा रहा है जो क्षेत्र के इतिहास को दर्शाता है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने फरवरी 2022 में इस प्रतिमा की नींव रखी थी। लचित बोड़फूकन अहोम साम्राज्य (1228-1826) के एक महान सेनापति थे।
उन्हें 1671 की ‘‘सरायघाट की लड़ाई' में उनके नेतृत्व के लिए जाना जाता है जिसमें राजा रामसिंह-प्रथम के नेतृत्व में असम को वापस हासिल करने के लिए शक्तिशाली मुगल सेना के प्रयास को विफल कर दिया गया था। उनका बीमारी के कारण 49 वर्ष की आयु में एक साल बाद निधन हो गया था और उन्हें अहोम के शाही परिवार के लिए बने होलोंगापार के इस ‘मैदाम' में दफनाया गया था, जहां स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। अनुभवी मूर्तिकार व पद्म भूषण से सम्मानित राम वनजी सुतार को इस प्रतिमा के निर्माण का काम सौंपा गया। यह प्रतिमा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सुतार के स्टूडियो में बनायी गयी। सुतार ने गुजरात में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का भी निर्माण किया था। सरदार पटेल को समर्पित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया। यह 182 मीटर की ऊंचाई वाली दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। लचित बोड़फूकन की प्रतिमा के कुछ हिस्से पिछले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश से असम लाए गए और उन्हें यहां जोड़ा गया। होलोंगापार में अहोम वंश के 600 साल के शासन के इतिहास को दर्शाने वाले एक प्रदर्शनी स्थल का निर्माण किया जा रहा है जबकि राज्य के समकालीन इतिहास को दर्शाने वाला एक अन्य प्रदर्शनी स्थल तैयार किया जा रहा है। 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक सभागार भी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि इस परियोजना पर कुल लागत 214 करोड़ रुपये आएगी। - ईटानगर ।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले पांच साल में पूर्वोत्तर भारत में जिस तरह का विकास कार्य किया है, उसे करने में कांग्रेस को 20 साल लग जाते। प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में एक जनसभा में कहा, ‘‘दक्षिण एशिया और पूर्वी एशिया के साथ भारत के व्यापार, पर्यटन और अन्य संबंधों में पूर्वोत्तर एक मजबूत कड़ी बनेगा। आज यहां 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूर्वोत्तर में पिछले पांच साल में जो किया है, उसे करने में कांग्रेस को 20 साल लग जाते।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश आने वाला कोई भी व्यक्ति स्पष्ट रूप से देख सकता है कि ‘‘मोदी की गारंटी'' क्या है। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पूर्वोत्तर देख रहा है कि मोदी की गारंटी कैसे काम कर रही है।''प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं, तब विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के नेता उन पर ‘‘हमला कर'' रहे हैं। मोदी ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सेला सुरंग का शनिवार को उद्घाटन किया जो अरुणाचल प्रदेश के तवांग तक हर मौसम में संपर्क सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि 2019 में सेला सुरंग की नींव रखे जाने के बाद इस परियोजना का उद्घाटन ‘‘मोदी की गारंटी का प्रमाण'' है। प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2019 में इस परियोजना की नींव रखी थी।मोदी ने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने सोचा था कि मैंने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग की नींव चुनावी एजेंडे के तौर पर रखी, लेकिन वे आज गलत साबित हुए।'' करीब 825 करोड़ रुपये की लागत से बनी सेला सुरंग इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है। एक अधिकारी ने बताया कि इस सुरंग का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 13,000 फुट की ऊंचाई पर किया है। यह अरुणाचल प्रदेश में बालीपारा-चारीद्वार-तवांग रोड पर सेला दर्रे से गुजरते हुए तवांग तक हर मौसम में संपर्क उपलब्ध कराएगी। यह क्षेत्र में न केवल तेज और अधिक सुगम परिवहन मार्ग उपलब्ध कराएगी बल्कि चीन के साथ लगी सीमा के समीप स्थित होने के कारण देश के लिए सामरिक महत्व की भी है। मोदी ने उनके परिवार को लेकर सवाल उठा रहे विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरा पूर्वोत्तर और पूरा देश उनका परिवार है। मोदी ने कहा, ‘‘विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए देश के हर परिवार को स्वच्छ पेयजल, घर, गैस कनेक्शन, बिजली और इंटरनेट की सुविधा सुनिश्चित करना मेरी प्राथमिकताएं होंगी।'' पूर्वोत्तर के लोग क्षेत्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा शुरू की गई विकास गतिविधियों को देख रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘मेरे तीसरे कार्यकाल में मेरा जोर पर्यटन क्षेत्र, होम-स्टे (पर्यटकों के लिए स्थानीय लोगों के घर में रुकने की सुविधा) और बेरोजगार युवाओं के लिए स्टार्ट-अप पर होगा और मैं उन लोगों को पूर्ण समर्थन की गारंटी देता हूं जो ऐसे उद्यम शुरू करना चाहते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य देश की तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है।
- जोरहाट। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर दशकों तक पूर्वोत्तर की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि विकसित भारत के उद्देश्य को पूरा करने के लिए क्षेत्र का विकास महत्वपूर्ण है। मोदी ने असम में 17,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद यहां मेलेंग मेतेली पोथार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि विरासत और विकास ‘‘डबल इंजन सरकार का मंत्र'' है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की ‘‘असंवेदनशील और अनियोजित संरक्षण रणनीति'' के कारण यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पशुओं का शिकार हुआ। उन्होंने कहा कि 2013 में लगभग 27 गैंडे मारे गए थे लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की नीतियों के कारण 2022 में अवैध शिकार की ऐसी घटनाओं की संख्या शून्य हो गई।
- काजीरंगा (असम) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार सुबह असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य में हाथी की सवारी की और जीप सफारी का आनंद लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थल की अपनी पहली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उद्यान में दो घंटे बिताए।इस दौरान मोदी ने संरक्षण के प्रयासों में अग्रणी महिला वन रक्षकों की टीम ‘वन दुर्गा’ की सदस्यों, महावतों और वन अधिकारियों से बातचीत की।मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘काजीरंगा गैंडों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां बड़ी संख्या में हाथी और कई अन्य प्रजातियां भी हैं।’’प्रधानमंत्री ने सबसे पहले उद्यान के मध्य कोहोरा रेंज के मिहिमुख क्षेत्र में हाथी की सवारी की।अधिकारी ने बताया कि जंगल छलावरण पोशाक, जैकेट और टोपी पहने मोदी ‘प्रद्युम्न’ नामक हाथी पर सवार हुए, जिसके महावत का नाम राजू है। मोदी डैगलैंड और फोलियोमारी क्षेत्र के सफारी मार्ग से गुजरे। उनके पीछे 16 हाथियों का काफिला था।काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में उन्होंने तीन हाथियों - लाखीमाई, प्रद्युम्न और फूलमती को गन्ना खिलाया।इसके बाद प्रधानमंत्री ने इसी वन क्षेत्र में जीप सफारी की और वह अभयारण्य का नजारा देखने के लिए ‘दफलांग वॉच टॉवर’ पर रुके।अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के काफिले के रास्ते से एक बाघ गुजरा। उन्होंने बताया कि मोदी ने जंगल में एक सींग वाले गैंडे, जंगली भैंस, हिरण और कई पक्षियों को देखा।काजीरंगा दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने जंगल और वन्यजीवों की कई तस्वीरें लीं।इस दौरान उनके साथ काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान निदेशक सोनाली घोष भी थीं। अन्य वरिष्ठ वन अधिकारी और सुरक्षाकर्मी भी वहां मौजूद रहे।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महिला वन रक्षकों की टीम वन दुर्गा के साथ बातचीत की, जो संरक्षण प्रयासों में अग्रणी हैं और हमारे जंगलों एवं वन्यजीवों की बहादुरी से रक्षा कर रही हैं। हमारी प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा के प्रति उनका समर्पण और साहस वास्तव में प्रेरणादायक है।’’प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मध्य कोहोरा रेंज में आम पर्यटकों के लिए जीप और हाथी सफारी सात मार्च से बंद है और पर्यटक 10 मार्च से फिर से सफारी का आनंद ले सकेंगे।प्रधानमंत्री राज्य के दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार शाम को काजीरंगा पहुंचे थे।मोदी दोपहर में जोरहाट लौटेंगे और महान अहोम सेनापति लचित बोरफुकन की 125 फुट ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ वेलर’ (बहादुरी की प्रतिमा) का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद मोदी जोरहाट के मेलेंग मेतेली पोथार जाएंगे, जहां वह लगभग 18,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय और राज्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री जनसभा को भी संबोधित करेंगे ।
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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस को झटका देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी और पूर्व विधायकों सहित कई अन्य लोग शनिवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। पचौरी, राजूखेड़ी और अन्य नेता सुबह पार्टी के राज्य मुख्यालय में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।
कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय शुक्ला, अर्जुन पलिया, विशाल पटेल भी उन नेताओं में शामिल थे, जो सत्तारूढ़ दल में शामिल हुए। गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले पचौरी केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री (रक्षा उत्पादन और आपूर्ति) रह चुके हैं। वह कांग्रेस के चार बार राज्यसभा सदस्य भी रहे चुके हैं।पचौरी पहले कांग्रेस में कई प्रमुख पदों पर रहे थे, जिसमें पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष का पद भी शामिल था। वह युवा कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष भी रहे।प्रमुख आदिवासी नेता राजूखेड़ी को कांग्रेस के टिकट पर धार (अनुसूचित जनजाति) लोकसभा सीट से तीन बार – 1998, 1999 और 2009 में सांसद चुना गया था। कांग्रेस में शामिल होने से पहले, वह 1990 में भाजपा विधायक के रूप में चुने गए थे। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि वर्ष 2025-26 तक 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय हो जायेंगे। आज नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री मुंडा ने कहा कि इनमें से 401 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में दस हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और जल्द ही दस हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। श्री मुंडा ने कहा कि सेमी कंडक्टर क्षेत्र में जनजातीय विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु के साथ समन्वय किया गया है।
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- राजनांदगांव से भूपेश बघेल, रायपुर से विकास उपाध्याय, महासमुन्द से ताम्रध्वज साहू, कोरबा से ज्योत्सना महंत , दुर्ग से राजेन्द्र साहू और कोरबा से डॉ. शिवकुमार डहरिया कांग्रेस उम्मीदवार
नई दिल्ली। कांग्रेस ने लोक सभा चुनावों के लिए अपने 39 उम्मीदवारों की पहली सूची शुक्रवार की शाम जारी की। इस सूची में पार्टी नेता राहुल गांधी सहित 17 मौजूदा सांसदों का नाम शामिल है। राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस सूची से यह अंदाजा मिलता है कि पार्टी का अपने दिग्गज नेताओं को चुनाव क्षेत्र में उतारने का इरादा है।कांग्रेस द्वारा जारी इन 39 उम्मीदवारों में छत्तीसगढ़ की 11 सीट में से छह सीट के लिए उम्मीदवार, कर्नाटक के 7 उम्मीदवार (कुल सीट 28) और केरल के 16 उम्मीदवार के नाम शामिल हैं। कांग्रेस ने राजनांदगांव से भूपेश बघेल, रायपुर से विकास उपाध्याय, महासमुन्द से ताम्रध्वज साहू, कोरबा से ज्योत्सना महंत , दुर्ग से राजेन्द्र साहू और कोरबा से डॉ. शिवकुमार डहरिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। शेष 5 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है।
कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल केरल की अलप्पुझा सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह राज्य की 20 लोक सभा सीट में से एकमात्र ऐसी सीट है जिसे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने 2019 के लोक सभा चुनाव में गंवा दिया था।
वेणुगोपाल ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य केरल की सभी 20 सीट पर पर जीत दर्ज करना है।’ वह फिलहाल राज्य सभा के सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 2026 में खत्म होगा।कांग्रेस ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य की राजनंदगांव सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसी राज्य के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद से चुनाव लड़ेंगे। तिरुवनंतपुरम से तीन बार सांसद रहे शशि थरूर को इस बार इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर चुनौती देंगे।केरल के पत्तनमतिट्टा सीट से कांग्रेस के तीन बार सांसद रहे एंटो एंटनी इसी सीट से फिर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने कांग्रेस नेता, पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी के बेटे अनिल को इस सीट से उतारा है और केरल के वित्त मंत्री थॉमस आइजक इस सीट के लिए माकपा के उम्मीदवार होंगे।वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सहित ‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों के साथ अपने मतभेद सुलझाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा की सीटों को ज्यादा से ज्यादा घटाने के मकसद से काम कर रही है और यह इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपने हितों का बलिदान करने के लिए भी तैयार है। वेणुगोपाल ने कहा, ‘हम अपने सहयोगियों से इसी स्तर की प्रतिबद्धता की उम्मीद कर रहे हैं।’कांग्रेस,ने कहा कि 39 उम्मीदवारों में से 15 ‘सामान्य’ श्रेणी के हैं और बाकी 24 उम्मीदवार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक हैं। पार्टी ने कहा कि इसके करीब एक दर्जन उम्मीदवार 50 वर्ष से कम उम्र के हैं।इसमें लक्षद्वीप के मोहम्मद हमदुल्ला सईद का नाम भी शामिल है। कर्नाटक में डी के सुरेश अपनी मौजूदा बेंगलूरु ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ेंगे। सुरेश तीन बार सांसद रह चुके हैं और वह 2019 के चुनाव में राज्य से कांग्रेस के एकमात्र सांसद थे। सुरेश, कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के भाई हैं। वर्ष 2019 में राहुल गांधी ने अमेठी से भी चुनाव लड़ा था जहां से वह 2004 से सांसद रहे थे। लेकिन 2019 के चुनाव में भाजपा की स्मृति इरानी ने उन्हें अमेठी से हरा दिया। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश से किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। प्रियंका गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने की अटकलें लगाईं जा रही हैं। - भोपाल. वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अगले दो साल तक चुनाव नहीं लड़ेंगी और इसके बजाय गंगा नदी के पुनरुद्धार के लिए काम करेंगी। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी। उनकी यह घोषणा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची घोषित किये जाने के कुछ दिनों बाद आई है। इस सूची में भारती का नाम नहीं है। उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "22 जनवरी को, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान, मैंने अशोक सिंघल, (विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) के दृढ़ संकल्प को देखा, जिन्होंने पवित्र मंदिर के निर्माण के लिए काम किया था। उस दिन, मैंने पवित्र गंगा (पुनरुद्धार) का काम पूरा करने का फैसला किया।” मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री भारती ने कहा, "मैं दो साल तक चुनाव नहीं लड़ूंगी। मैंने 24 जनवरी (जनवरी) को भाजपा के संगठन महासचिव बी एल संतोष को यह बता दिया था। परसों मैंने अपना निर्णय सार्वजनिक करने के लिए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा को ईमेल किया था।'' भारती ने कहा, "गंगा जी मेरी मां हैं। मैंने गंगा के लिए सरकार और पार्टी से समर्थन का अनुरोध किया है।" भारती नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री थीं। उन्होंने कहा कि चूंकि (चुनाव नहीं लड़ने के) उनके फैसले के बारे में जनता को नहीं बताया गया, इसलिए उन्होंने इस बारे में मीडिया से बात करने का फैसला किया। पिछले कुछ वर्षों के दौरान, भारती ने कहा था कि वह 2024 का आम चुनाव लड़ेंगी।सांसद रहते हुए भी गंगा के लिए काम करने के बारे में पूछे जाने उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं हो सकता। मैं अपनी संसद सीट को बहुत गंभीरता से लेती हूं। मैं हमेशा झांसी के लोगों के लिए उपलब्ध हूं, जिसका मैं प्रतिनिधित्व करती हूं।" उन्होंने कहा, "मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगी। मैं वंचितों के लिए काम करना चाहती हूं।"लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची में, भाजपा ने भोपाल की मौजूदा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम हटा दिया है और उनकी जगह आलोक शर्मा को मौका दिया है। ठाकुर के बारे में पूछे जाने पर, भारती ने केवल इतना कहा कि उनके मन में ठाकुर के लिए बहुत सम्मान और आदर है, जिन्होंने जेल में अत्यधिक यातना सही थी। ठाकुर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं। भारती के मुताबिक, देश में मोदी लहर कायम है और आम चुनाव में भाजपा की आंधी चलने वाली है।
- नयी दिल्ली. आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि बड़े और मजबूत बहुपक्षीय विकास बैंक तेजी से जटिल होती दुनिया में भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की जटिल मांगों का प्रभावी समाधान करने में मदद करेंगे। सेठ ने ‘भविष्य के लिए तैयार भारत के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) के साथ रणनीतिक जुड़ाव की सुविधा' विषय पर आयोजित एक सेमिनार में कहा, ‘‘जो बड़ा काम किया जाना है वह बुनियादी ढांचे को लेकर है। मुझे याद है कि विश्व बैंक ने दो साल पहले 'इंडिया एट 100' के लिए एक अध्ययन किया था... आवश्यक बुनियादी ढांचे का 75 प्रतिशत अभी बनाया जाना बाकी है...।'' उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही, हम सीमित संसाधनों वाली दुनिया में रह रहे हैं। निश्चित रूप से, कुछ संसाधन सीमापार हैं और कुछ संसाधन भारत की सीमाओं के भीतर हैं। उनकी अपनी सीमाएं हैं। इसीलिए, हमें खुद को व्यवस्थित करने के अधिक कुशल तरीके खोजने पर विचार करना होगा।'' एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा कि जहां तक विभिन्न क्षेत्रों के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का सवाल है, उत्पादकता और दक्षता में सुधार की जरूरत है। इससे पहले, आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) में अतिरिक्त सचिव मनीषा सिन्हा ने विभिन्न पक्षों की भागीदारी के लिए रूपरेखा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में भारत में बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं (ईएपी) की ताकत, अवसरों और चुनौतियों की बात कही और वित्तपोषण के मामले में नवोन्मेष तथा निजी क्षेत्रों की बड़ी भागीदारी के साथ बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी) से भारत की अपेक्षाओं को स्पष्ट किया। सेमिनार के दौरान चर्चा एमडीबी के साथ रणनीतिक जुड़ाव को सुविधाजनक बनाने, विकास वित्तपोषण के सहयोगी मॉडल की खोज करने और परिवर्तनकारी विकास के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने पर केंद्रित रही।

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