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नई दिल्ली।हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता असरानी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. यह जानकारी उनके भतीजे अशोक असरानी ने दी. एक वक्त था जब वो कॉमेडी रोल का दूसरा नाम बन गए थे. असरानी का कॉमेडी रोल में अमूल्य योगदान रहा है. वो मूल रूप से जयपुर के रहने वाले थे. असरानी सेंट जेवियर्स स्कूल जयपुर से पढ़े थे
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नई दिल्ली। जैसलमेर में भारत-पाक सीमा पर दीपावली इस बार भी देशभक्ति और सुरक्षा के संदेश के साथ मनाई गई। दीपों की रोशनी से सजी सीमा चौकियों पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान न केवल त्योहार की खुशियों में शामिल हुए, बल्कि पूरे देश को यह संदेश भी दिया कि वे हर समय देश की सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। यह दीपावली जैसलमेर सेक्टर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार मनाई गई, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी पहले से कहीं ज्यादा कड़ी रही।
रविवार को सीमा पर बीएसएफ जवान पूरी तरह अलर्ट मोड में तैनात रहे। दीपावाली के मौके पर जवानों ने चौकियों को दीयों, रंगोली और तिरंगे रंगों की सजावाट की। उन्होंने आपस में मिठाइयां बांटीं, देशभक्ति के गीत गाए और एक-दूसरे को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। एक महिला जवान ने बताया, “हमारा परिवार घर पर दीपावली मना रहा है, लेकिन हम यहां देश की सुरक्षा में डटे हैं ताकि देशवासी निश्चिंत होकर त्योहार मना सकें।” एक अन्य जवान ने कहा, “हमारे लिए दीपावली का मतलब है चौकसी, सुरक्षा और फर्ज निभाना। जब तक हम सीमा पर तैनात हैं, देशवासी चैन से सो सकते हैं।” बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से सीमा पर चौकसी और भी बढ़ा दी गई है। किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए पूरे सेक्टर में जवानों को अलर्ट रखा गया है। त्योहारों पर सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। -
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के कारसेवकपुरम में दीपोत्सव मिलन कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में दीपोत्सव ने अयोध्या को नई वैश्विक पहचान दी है। उन्होंने लोगों से समाज में एकता बनाए रखने, विभाजनकारी तत्वों के प्रति सतर्क रहने और सामुदायिक भावना के साथ त्योहार मनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या का प्रकाश पूरी दुनिया तक फैल सकता है। हमें उत्साह और जोश के साथ काम करना है, लेकिन समाज और राष्ट्र के लिए विनाशकारी तत्वों के प्रति सतर्क भी रहना है। यह जिम्मेदारी अब राम जन्मभूमि आंदोलन और भव्य श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद और बढ़ गई है।”इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अयोध्या के स्वच्छता कार्यकर्ताओं के एक कॉलोनी का दौरा किया और वहां मिठाइयां वितरित कीं। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि आत्मा में आशा का प्रतीक और समाज में सौहार्द्र का संदेश है। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि पटाखे जलाते समय सावधानी बरतें और दीपावली जिम्मेदारी से मनाएं। मुख्यमंत्री ने लिखा, “दीपावली के अवसर पर मैं सभी बहनों और भाइयों को शुभकामनाएं देता हूं। यह पर्व सत्य की अटल विजय और सदाचार का प्रतीक है। भगवान श्रीराम और माता जानकी की कृपा से सभी के घरों और दिलों में प्रकाश फैले।”इस दौरान अयोध्या ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपनी पहचान बनाई। सरयू नदी के किनारे 26 लाख से अधिक दीयों को जलाकर सबसे बड़ी सरयू आरती का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और अयोध्या जिला प्रशासन ने सहयोग किया। दीयों को सही तरीके से गिनने और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए 30,000 से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने दीपावली को जीवन में समृद्धि, खुशी और सकारात्मकता का पर्व बताया, जबकि अमित शाह ने सभी की स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। दीपावली पांच दिवसीय त्योहार है, जिसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज शामिल हैं। इस दौरान लोग भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।- -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “दीपावली के अवसर पर शुभकामनाएं। यह प्रकाश पर्व हमारे जीवन को सद्भाव, खुशी और समृद्धि से आलोकित करे। चारों ओर सकारात्मकता की भावना बनी रहे।”
त्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दीपावली की बधाई दी और कहा कि यह पर्व “सत्य की शाश्वत विजय का पवित्र प्रतीक” है। उन्होंने कहा, “सत्य, धर्म और सकारात्मकता की शाश्वत विजय के पवित्र प्रतीक दीपावली के भव्य पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। दीपों का यह पर्व केवल दीप जलाने की परंपरा नहीं, बल्कि आत्मा में आशा की किरण, समाज में समरसता की स्पंदन और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का संकल्प है। प्रभु श्रीराम और माता जानकी की कृपा से हमारे घर ही नहीं, हमारे हृदय भी आलोकित हों और हर जीवन में आस्था, उत्साह और उमंग का दीप प्रज्वलित हो, यही मेरी प्रार्थना है। जय जय सियाराम।”स्वदेशी उत्पाद खरीदने की अपीलप्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों से ‘स्वदेशी’ उत्पादों को खरीदने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में हमें 140 करोड़ भारतीयों की मेहनत, रचनात्मकता और नवाचार का उत्सव मनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “भारतीय उत्पाद खरीदें और गर्व से कहें—यह स्वदेशी है! आपने क्या खरीदा, यह सोशल मीडिया पर जरूर साझा करें, ताकि दूसरों को भी प्रेरणा मिले।”राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सोमवार को देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए सभी से अपील की कि वे जरूरतमंदों की सहायता करें और त्योहार को सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाएं। -
नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सफाई और आराम को ध्यान में रखते हुए एक नई योजना शुरू की है। इस योजना को बीते गुरुवार को पायलट प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च किया गया है। इसके तहत अब AC कोच में सफर करने वाले लोगों को ब्लैंकेट कवर दिए जाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि यह कदम यात्रा को ज्यादा सुरक्षित, साफ और आरामदायक बनाने के लिए उठाया गया है। इसको लेकर पहले से यात्रियों की कई शिकायतें आ रही थीं। ब्लैंकेट को चादर और तकिए के कवर जितनी बार नहीं धोया जाता था। मंत्री ने बताया कि रेलवे में ब्लैंकेट सालों से इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन लोगों के मन में हमेशा शक रहता था। इस शक को दूर करने के लिए अब ब्लैंकेट कवर दिए जा रहे हैं। ये कवर प्रिंटेड होंगे और सभी AC क्लास में इसकी सुविधा मिलेगी। इसकी शुरुआत जयपुर-असरवा एक्सप्रेस से हो रही है, अगर यह कामयाब रहा, तो पूरे देश की ट्रेनों में इसे लागू किया जाएगा।रेलवे ने बयान जारी कर कहा कि यह नई व्यवस्था सफाई को बढ़ावा देगी और साथ ही यूनिफॉर्मिटी आएगी। इससे यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा। मंत्री ने लॉन्च के दौरान कहा कि यह यात्रियों की पुरानी मांग पूरी कर रहा है। अब ब्लैंकेट ज्यादा साफ-सुथरे रहेंगे।
ब्लैंकेट कितनी बार धोए जाते हैं?
पिछले साल नवंबर में रेल मंत्री ने लोकसभा में इस बारे में जानकारी दी। कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदोरा ने सवाल पूछा था कि क्या ब्लैंकेट महीने में सिर्फ एक बार धोए जाते हैं? जबकि यात्री बेडिंग के लिए पैसे देते हैं और सफाई की उम्मीद करते हैं। वैष्णव ने लिखित जवाब में कहा कि ब्लैंकेट कम से कम महीने में एक बार जरूर धोए जाते हैं।इसके अलावा उन्होंने रेलवे में इस्तेमाल होने वाले नए ब्लैंकेट की खासियतें भी बताईं। उन्होंने कहा कि ये हल्के होते हैं और इन्हें धोना आसान है। यात्रियों को अच्छी गर्माहट देते हैं। कुल मिलाकर सफर आरामदायक बनाते हैं। मंत्री ने और भी कई कदमों का जिक्र किया। इसके अलावा रेलवे ने नए लिनेन सेट खरीदे हैं। ये BIS मानकों के मुताबिक बेहतर क्वालिटी के हैं। मशीनीकृत लॉन्ड्रीज लगाई गई हैं, इससे लिनेन साफ-सुथरा रहता है। इसके अलावा बेडरोल की पैकेजिंग पर्यावरण के अनुकूल की गई है। स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, लोडिंग और अनलोडिंग के लिए बेहतर सिस्टम अपनाया गया है। स्टेशनों और ट्रेनों में यह सब सुविधाजनक तरीके से होता है। रेलवे का कहना है कि ये सब बदलाव यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिए हैं। अब ब्लैंकेट कवर से सफाई का स्तर और ऊपर जाएगा। जयपुर-असरवा एक्सप्रेस में यह ट्रायल चल रहा है। रेलवे देखेगा कि यात्री क्या फीडबैक देते हैं और अगर अच्छा रिस्पॉन्स मिला, तो जल्दी ही अन्य ट्रेनों में भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे यात्रियों को अब ब्लैंकेट की सफाई पर शक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे मंत्री ने कहा कि रेलवे लगातार ऐसे बदलाव ला रहा है जिससे रेल यात्रियों के लिए सफर भरोसेमंद बने।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को गोवा में स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना के जवानों के बीच दीपावली मनाते हुए कहा कि भारत अब नक्सल-माओवादी आतंक से लगभग मुक्ति के कगार पर है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की बहादुरी और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि जिन इलाकों में कभी भय और हिंसा का बोलबाला था, आज वहां विकास की रोशनी फैल रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले देश के लगभग 125 जिले नक्सली हिंसा से प्रभावित थे, लेकिन बीते दस वर्षों के लगातार प्रयासों से यह संख्या घटकर सिर्फ 11 जिलों तक रह गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से भी वास्तव में प्रभाव वाले क्षेत्र अब केवल तीन जिलों तक सीमित हैं। उन्होंने कहा “आज पहली बार देश के 100 से अधिक जिले पूरी तरह माओवादी आतंक से मुक्त हो चुके हैं और खुली हवा में सांस ले रहे हैं।प्रधानमंत्री ने बताया कि जिन इलाकों में कभी माओवादी सड़कों को ब्लॉक कर देते थे, स्कूल और अस्पताल और विकास कार्य रोक देते थे-आज वहां नई सड़कें बन रही हैं, उद्योग स्थापित हो रहे हैं, और बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब ये क्षेत्र भय और उत्पीड़न से बाहर निकलकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।पीएम मोदी ने इस अवसर पर सुरक्षाबलों की वीरता को याद करते हुए कहा कि नौसेना के जवानों के लिए तो मौत से खेलना सामान्य बात है, लेकिन पुलिसकर्मी, जो केवल डंडे लेकर जनता की सेवा करते हैं, उन्होंने भी नक्सलवाद के खिलाफ असाधारण साहस दिखाया है। उन्होंने कहा, “मैं हमारे पुलिस बल के उन जवानों को सलाम करता हूं, जिन्होंने अपने पैर खो दिए लेकिन हिम्मत नहीं हारी, जिनके हाथ कट गए लेकिन उनका जज्बा बरकरार रहा। उन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और देश को नक्सली आतंक से मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई।”प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार पुलिस बल ने इतनी बड़ी चुनौती का सामना किया है और पिछले दस वर्षों में उन्होंने 50 वर्षों से चले आ रहे इस संकट को समाप्त करने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा “मुझे विश्वास है कि वे पूरी तरह सफल होंगे। नक्सलवाद को खत्म करने में वे 90 प्रतिशत सफलता पहले ही हासिल कर चुके हैं। पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वह लगातार 11 वर्षों से हर दीपावली भारत के वीर जवानों के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सशस्त्र बल, पुलिस और अर्धसैनिक बल देश की असली ताकत हैं, जिनकी बदौलत आज भारत विकास और सुरक्षा दोनों में नई ऊंचाइयां छू रहा है। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने समुद्र में फंसे तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के 30 से अधिक मछुआरों के लिए सैटेलाइट फोन सेवा फिर से शुरू कर दी है। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने इनमारसैट सैटेलाइट फोन सेवाओं को बहाल किया है, जिससे समुद्र में फंसे मछुआरों को अब संपर्क में रहने में मदद मिलेगी।
सीतारमण ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह जानकर खुशी हुई कि @BSNLCorporate और @DoT_India के हस्तक्षेप के बाद 30 से अधिक मछुआरों के लिए सैटेलाइट फोन सेवा बहाल कर दी गई है। निजी ऑपरेटर ने कई उपयोगकर्ताओं के लिए अस्थायी रूप से कनेक्टिविटी शुरू कर दी है, जिससे गहरे समुद्र में मौजूद लोगों से संपर्क संभव हो गया है।”उन्होंने बताया कि मौसम अलर्ट अब अधिकांश मछुआरों तक पहुंच चुका है और वे सुरक्षित रूप से तट पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। सीतारमण ने कहा कि बीएसएनएल और दूरसंचार विभाग निजी ऑपरेटर के साथ मिलकर बाकी मछुआरों के लिए भी जल्द सेवा बहाल करने पर काम कर रहे हैं। सीतारमण ने इस जानकारी को कन्याकुमारी के वल्लविलई गांव स्थित सेंट मेरी चर्च के फादर थॉमस को भी दिया। उन्होंने कहा, “मेरे कार्यालय ने फादर थॉमस को सूचित किया है कि फोन सेवा बहाल हो गई है, जिस पर उन्होंने राहत और आभार व्यक्त किया।”इससे पहले रविवार को वित्त मंत्री ने बताया था कि केंद्र सरकार समुद्र में खराब मौसम के कारण फंसे मछुआरों के लिए सैटेलाइट फोन सेवा बहाल करने पर काम कर रही है। उन्होंने फादर थॉमस से बात कर मछुआरों की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी और कहा था कि यह मुद्दा भाजपा के मछुआरा प्रकोष्ठ द्वारा सबसे पहले उठाया गया था। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सलाह दी है कि मछुआरे 21 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य अरब सागर, लक्षद्वीप, कोमोरिन क्षेत्र और कर्नाटक, केरल तथा दक्षिण तमिलनाडु तटों के पास समुद्र में न जाएं। इसके अलावा, 22 और 23 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम और पूर्व-मध्य अरब सागर में भी मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। - नयी दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नागरिकों से स्वदेशी उत्पाद खरीदकर और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत का जश्न मनाकर त्योहार मनाने का आग्रह किया। मोदी ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, आइए इस त्योहारी मौसम को 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत, रचनात्मकता और नवाचार का जश्न मनाकर मनाएं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, आइए, हम भारतीय उत्पाद खरीदें और कहें - गर्व से कहो यह स्वदेशी है। उन्होंने नागरिकों से यह आग्रह भी किया कि वे त्योहारों के मौसम में अपनी खरीदारी सोशल मीडिया पर साझा करें। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आपने जो भी खरीदा है, उसे सोशल मीडिया पर भी साझा करें। इस तरह आप दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेंगे
- नयी दिल्ली/ सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नेपाल और चीन से लगती सीमाओं सहित मध्य क्षेत्र में भारत की सैन्य तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जनरल द्विवेदी ने रविवार को संपन्न हुए क्षेत्र के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान पिथौरागढ़ और आसपास के इलाकों में कई ऊंचाई वाली अग्रिम चौकियों का दौरा किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सेना प्रमुख ने परिचालन स्थिति का आकलन करने, सैनिकों को प्रेरित करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए मध्य क्षेत्र में अग्रिम चौकियों का दौरा किया। सेना ने कहा कि जनरल द्विवेदी ने जारी क्षमता वृद्धि कार्यक्रमों की समीक्षा की जिनमें उन्नत निगरानी प्रणालियों, विशेषज्ञ गतिशील प्लेटफार्म, अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के एकीकरण, टोही परिसंपत्तियों के अनुकूलन और संबद्ध सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय शामिल है। सेना ने बिना अधिक विस्तार से बताए कहा कि सेना प्रमुख ने चुनौतीपूर्ण इलाकों में पेशेवर दृष्टिकोण, अनुशासन और नये उपकरणों के अभिनव उपयोग की सराहना की।सेना के अनुसार, सेना प्रमुख ने सैनिकों के साथ बातचीत में, चरम जलवायु परिस्थितियों और उबड़-खाबड़ इलाकों में उनके साहस और कर्तव्य के प्रति अडिग समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने उभरती सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए भारतीय सेना की "पूर्ण तैयारी" की फिर से पुष्टि की। जनरल द्विवेदी ने भूतपूर्व सैनिकों और स्थानीय समुदायों से भी मुलाकात की। उन्होंने कुमाऊं क्षेत्र के सामरिक महत्व पर जोर देते हुए स्थानीय समुदायों की सराहना की और कुमाऊं रेजिमेंट की गौरवशाली विरासत का उल्लेख किया।
- अयोध्या/ उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक नगरी अयोध्या में रविवार को दो विश्व कीर्तिमान बनाए गए। भव्य दीपोत्सव समारोह के दौरान एक साथ 26 लाख 17 हजार 215 दीप प्रज्ज्वलित किये गये और 2,128 लोगों ने एक साथ सरयू आरती की। यह दोनों ही उपलब्धियां विश्व रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' के प्रतिनिधियों ने ड्रोन से की गई दीयों की गणना की पुष्टि के बाद इस उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा की। बयान के अनुसार, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और प्रमुख सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति) अमृत अभिजात ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के सम्मान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गिनीज प्रमाण पत्र प्रदान किया। पहला गिनीज पुरस्कार उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग, अयोध्या जिला प्रशासन और डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय द्वारा सबसे बड़ी संख्या में तेल के दीये जलाने के लिए दिया गया। बयान के अनुसार, दूसरा गिनीज पुरस्कार सर्वाधिक लोगों (2128) द्वारा एक साथ आरती करने के लिए दिया गया। यह पुरस्कार पर्यटन विभाग, अयोध्या जिला प्रशासन, अयोध्या और सरयू आरती समिति, अयोध्या को प्राप्त हुआ। बयान के मुताबिक, 2017 में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी थी तब सरयू नदी के घाटों पर जलाए जाने वाले दीयों की संख्या 1.71 लाख थी और इसके बाद हर साल यह संख्या लगातार बढ़ती रही है। इसमें कहा गया है कि साल 2018 में 3.01 लाख, 2019 में 4.04 लाख, 2020 में 6.06 लाख, 2021 में 9.41 लाख, 2022 में 15.76 लाख, 2023 में 22.23 लाख और 2024 में यह संख्या 25.12 लाख थी। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में दीपोत्सव प्रकाश के उत्सव से बढ़ाकर गौरव और अस्मिता का उत्सव बन गया है। आज पूरी दुनिया अयोध्या को रामराज्य के जीवंत स्वरूप के रूप में देख रही है - जहां आस्था, अनुशासन और विकास एक साथ चमकते हैं। उन्होंने कहा, "यहां जलाया गया प्रत्येक दीया विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की भावना को प्रतिबिम्बित करता है।
- सूरत/ गुजरात के सूरत रेलवे स्टेशन पर पिछले कुछ दिनों से अभूतपूर्व भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि इस शहर में काम करने वाले अधिकांश लोग दिवाली और छठ से पहले अपने गृहनगर जा रहे हैं। त्योहारों के दौरान आने वाली भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने कई विशेष टेन चलाई हैं। पश्चिम रेलवे ने रविवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि उसने त्योहारी सीजन के लिए लगभग 75 जोड़ी विशेष रेलगाड़ियां अधिसूचित की हैं, जो यात्रियों को ले जाने के लिए 2,400 से अधिक चक्कर लगा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे के जवान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं। सूरत रेलवे स्टेशन पर लोगों को 1.5 किलोमीटर तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। पश्चिम रेलवे ने विज्ञप्ति में कहा, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष ट्रेन चलाई जा रही हैं।'' उन्होंने बताया कि उधना और सूरत से लगभग 40 जोड़ी त्योहार विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं।पश्चिम रेलवे ने विज्ञप्ति में कहा, रविवार को छह नियमित ट्रेन के अलावा, छह अनारक्षित विशेष ट्रेन सहित 15 विशेष ट्रेन चलाई जा रही हैं। इसके अलावा उधना से जयनगर के लिए तीन अनारक्षित विशेष ट्रेन भी अधिसूचित की गई हैं।'' विज्ञप्ति में कहा गया है कि शनिवार को सूरत/उधना से विभिन्न ट्रेनों के माध्यम से 22,800 से अधिक यात्री रवाना हुए जबकि रविवार दोपहर तक सूरत या उधना से 20,000 से अधिक लोग ट्रेन में सवार हुए।
- गाजीपुर/ गाजीपुर जिले के करंडा क्षेत्र में रविवार को गंगा नदी में नहाने गईं तीन लड़कियों की डूबने से मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने करंडा थाना क्षेत्र के रमजानपुर गांव की रहने वाली पूनम यादव (19), रोली यादव (16) और खुशी यादव (14) अमवा घाट पर नहाते समय गंगा नदी में डूब गईं। तीनों के शव पानी से निकाल लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि रमजानपुर गांव की ये लड़कियां रविवार सुबह गंगा घाट पर नहाने के लिए पहुंची थीं और नहाते समय एक लड़की गहरे पानी में डूबने लगी तो उसे बचाने की कोशिश में बाकी दो लड़कियां भी गहरे पानी में चली गईं और वे भी डूब गयीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से लड़कियों की तलाश शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि पूनम यादव और रोली यादव के शव पहले बरामद किए गए। बाद में खुशी यादव का शव भी बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- लेह/ लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे लकरुक ने रविवार को कहा कि लद्दाख के प्रतिनिधियों ने 22 अक्टूबर को दिल्ली में उप-समिति के साथ बैठक के लिए गृह मंत्रालय का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। इससे केंद्र के साथ बातचीत को लेकर महीनों से जारी गतिरोध समाप्त हो गया है।लकरुक ने यहां संवाददाताओं को बताया कि एलएबी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के तीन-तीन प्रतिनिधि, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान और उनके वकील वार्ता में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि वार्ता के दौरान संविधान की छठी अनुसूची के तहत केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य का दर्जा और सुरक्षा उपायों की उनकी प्राथमिक मांग पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। एलएबी ने 29 सितंबर को घोषणा की थी कि वह 24 सितंबर को लेह में व्यापक हिंसा के दौरान चार प्रदर्शनकारियों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने के बाद छह अक्टूबर को होने वाली गृह मंत्रालय की उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ वार्ता से दूर रहेगी। लगभग चार महीने की देरी के बाद, केंद्र ने 20 सितंबर को एलएबी और केडीए को निमंत्रण दिया था, जो अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और केंद्र के साथ बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच वार्ता का अंतिम दौर मई में हुआ था।लकरुक ने कहा, गृह मंत्रालय ने हमें सूचित किया है कि उप-समिति की बैठक 22 अक्टूबर को निर्धारित है और एलएबी तथा केडीए दोनों को इसमें आमंत्रित किया गया है। हम भारत सरकार द्वारा हमें आमंत्रित करने के निर्णय का स्वागत करते हैं और वार्ता के सकारात्मक परिणाम की उम्मीद करते हैं।'' लेह में 24 सितंबर को तब व्यापक हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जब लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांगों पर केंद्र के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एलएबी द्वारा बंद का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पों में चार लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे, जबकि दंगों में कथित संलिप्तता के लिए 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। आंदोलन का मुख्य चेहरा, कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी कठोर एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। एनएसए के तहत अधिकतम हिरासत अवधि 12 महीने है, हालांकि इसे पहले भी रद्द किया जा सकता है।एलएबी ने चार व्यक्तियों की मौत की न्यायिक जांच, सभी हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की रिहाई और हिंसा के पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा देने समेत अनुकूल माहौल बनाने की मांग की है। केंद्र ने शुक्रवार को 24 सितंबर की झड़पों की उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की घोषणा की, जिससे आंदोलनकारी समूहों की प्रमुख मांग पूरी हो गई। वार्ता के नए दौर में सार्थक नतीजा मिलने का विश्वास व्यक्त करते हुए लकरुक ने कहा कि शीर्ष निकाय के अध्यक्ष और पूर्व सांसद थुपस्तान छेवांग उनके प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जबकि केडीए का नेतृत्व सह-अध्यक्ष कमर अली अखून और असगर अली करबलाई तथा प्रमुख सदस्य सज्जाद करगली करेंगे। लकरुक ने कहा कि वह, अंजुमन इमामिया के अध्यक्ष अशरफ अली बरचा और एलएबी के कानूनी सलाहकार भी लद्दाख के सांसद के साथ वार्ता में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह वार्ता गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ अगले दौर की चर्चा का मार्ग प्रशस्त करेगी।
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नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को दिवाली की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी से सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्ण और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने का आह्वान किया। मुर्मू ने कहा कि यह त्योहार वंचितों और जरूरतमंदों की मदद करने और उनके जीवन में खुशियां लाने का भी अवसर है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक दिवाली बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पूरे देश में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाने वाला दिवाली का पावन अवसर आपसी स्नेह और भाईचारे का संदेश देता है। इस दिन श्रद्धालु धन और समृद्धि की देवी देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं।'' उन्होंने कहा कि खुशी का यह त्योहार आत्मचिंतन और आत्मसुधार का भी अवसर है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, मैं सभी से सुरक्षित, जिम्मेदारीपूर्वक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से दिवाली मनाने का आग्रह करती हूं। यह दिवाली सभी के लिए खुशी, शांति और समृद्धि लाए।'' उन्होंने भारत और दुनिया भर में सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। -
हैदराबाद. तेलंगाना के निजामाबाद शहर में एक व्यक्ति ने खुद को थाने ले जाते समय 42 वर्षीय कांस्टेबल की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। घटना 17 अक्टूबर को रात 8:30 से नौ बजे के बीच हुई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी शेख रियाज (24) ने एक मामले में पकड़े जाने के बाद दोपहिया वाहन पर निजामाबाद शहर के थाने ले जाते समय कांस्टेबल ई. प्रमोद की छाती पर चाकू से हमला किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि प्रमोद की बाद में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि कांस्टेबल की बाइक का पीछा कर रहे एक उप-निरीक्षक की उंगलियों पर भी आरोपी ने हमला किया, जिससे उसकी उंगलियों में चोट लग गई। कांस्टेबल की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए, तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने निजामाबाद पुलिस आयुक्त को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजीपी ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मल्टी जोन-I एस चंद्रशेखर रेड्डी को निजामाबाद जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है। रेड्डी ने आईजीपी से कांस्टेबल के परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने का भी अनुरोध किया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि डीजीपी ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तलाशी अभियान शुरू करने और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए हैं। निज़ामाबाद के पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य ने संवाददाताओं को बताया कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास जारी हैं और इसके लिए आठ टीम बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग घायल कांस्टेबल को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस की मदद करने के बजाय तस्वीरें खींच रहे थे। उन्होंने कहा, " हमारे उप-निरीक्षक ने घायल कांस्टेबल को अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो-रिक्शा वालों से अनुरोध किया, तब भी लोग नहीं रुके।" प्रमोद निजामाबाद पुलिस आयुक्तालय की एक शाखा सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) में कार्यरत थे। आयुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है और उनकी हर संभव मदद करेगा। पुलिस ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। -
फतेहगढ़ साहिब (पंजाब). पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास शनिवार सुबह अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रेलवे बोर्ड के अनुसार, इस घटना में एक महिला को मामूली चोटें आई हैं। घटना के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। आग सुबह करीब साढ़े सात बजे उस समय लगी जब ट्रेन (संख्या 12204) अमृतसर से आ रही थी।
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन के एक एसी कोच में धुआं देखा गया।
अधिकारी ने बताया कि एक यात्री ने ट्रेन रोकने के लिए चेन (अलार्म चेन खींचने की प्रणाली) खींची जिसके बाद यात्रियों को डिब्बे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि आग ने डिब्बे (जी-19) को जल्द ही अपनी चपेट में ले लिया। दो अन्य डिब्बों को भी मामूली नुकसान हुआ। जीआरपी अधिकारी ने बताया कि तीनों डिब्बों को ट्रेन के बाकी हिस्सों से अलग कर दिया गया और दमकल गाड़ियों को तुरंत बुलाया गया। रेलवे बोर्ड ने बताया कि घटना में एक महिला को मामूली चोटें लगी हैं।
जीआरपी सरहिंद के थाना प्रभारी रतन लाल ने बताया कि 32 वर्षीय महिला को कुछ चोटें आई हैं और उसे फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल ले जाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही रेलवे प्राधिकारियों ने प्रभावित डिब्बे के यात्रियों को अन्य डिब्बों में स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने बताया कि ट्रेन शीघ्र ही अपने गंतव्य के लिए रवाना होगी। -
नयी दिल्ली. सरकारी स्वामित्व वाली एनएचएआई ने शनिवार को कहा कि फास्टैग वार्षिक पास अब राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए किसी को भी उपहार में दिया जा सकता है। इसके लिए ऐप पर 'पास जोड़ें' विकल्प पर क्लिक करते उस व्यक्ति का वाहन नंबर और संपर्क विवरण जोड़ना होगा, जिसे वे फास्टैग वार्षिक पास उपहार में देना चाहते हैं। एनएचएआई ने एक बयान में कहा कि ओटीपी सत्यापन के बाद उस वाहन से जुड़े फास्टैग पर वार्षिक पास सक्रिय हो जाएगा। फास्टैग वार्षिक पास राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को एक सुविधाजनक और किफायती यात्रा विकल्प देता है और यह भारत में लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर लागू है। वार्षिक पास एक साल के लिए वैध है और इस दौरान 200 टोल प्लाजा पार किया जा सकता है। इसके लिए 3,000 रुपये का एकमुश्त शुल्क भुगतान करना होगा और फास्टैग को बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी। यह पास वैध फास्टैग वाले सभी गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए लागू है। राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से एकमुश्त शुल्क का भुगतान करने के बाद, वाहन से जुड़े मौजूदा फास्टैग पर वार्षिक पास दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है।
- लखनऊ । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि अब पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ‘ब्रह्मोस' मिसाइल की पहुंच में है। सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ लखनऊ स्थित ‘ब्रह्मोस एयरोस्पेस' इकाई में निर्मित ‘ब्रह्मोस' मिसाइल की पहली खेप के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध कर दिया है कि अब जीत हमारे लिए कोई छोटा-मोटा इंसीडेंट (घटना) नहीं रहा, बल्कि यह हमारी आदत बन चुकी है। अब हमें इस आदत को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और भी मजबूत करने का संकल्प लेना होगा।'' राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में जब ‘ब्रह्मोस' का नाम लिया जाता है तो लोगों को इसकी तकनीकी विशेषताएं भले न पता हों, लेकिन बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक के मन में मिसाइल की छवि के साथ-साथ विश्वसनीयता स्वाभाविक रूप से आ जाती है।उन्होंने कहा, ‘‘अब सबको भरोसा है कि हमारे विरोधी ‘ब्रह्मोस' से नहीं बच पाएंगे। जहां तक पाकिस्तान की बात है, उसकी एक-एक इंच जमीन अब ब्रह्मोस की पहुंच मे है।'' रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर में जो कुछ हुआ, वह सिर्फ एक ‘ट्रेलर' (नमूना) था। लेकिन उसने ही पाकिस्तान को यह एहसास दिला दिया कि अगर भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है, तो समय आने पर वह...।'' सिंह ने अपने भाषण में उपरोक्त पंक्ति पूरी नहीं, बल्कि वहां मौजूद लोगों से कहा, ‘‘अब मुझे आगे बोलने की कोई जरूरत नहीं है-आप खुद समझदार हैं।'' राजनाथ सिंह ने कहा कि देश और दुनिया की उम्मीदें भारत के लिए एक बड़ा अवसर हैं। उन्होंने कहा कि जब देशवासियों को यह विश्वास होता है कि हमारे पास ‘ब्रह्मोस' जैसा हथियार है, तो यह उन्हें सुरक्षा का भरोसा देता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें (मिसाइल) एक ओर परंपरागत चीज है तो दूसरी ओर आधुनिक सिस्टम है। यह लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। यह वायुसेना, नौसेना और थलसेना-तीनों ही सेनाओं का भरोसा है। यह एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अपने सपनों को साकार करने की ताकत रखता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसी विश्वास ने हमें ऑपरेशन सिंदूर में ताकत दी, जहां ‘ब्रह्मोस' एक सामान्य सिस्टम नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का सबसे बड़ा ‘प्रैक्टिकल प्रूफ' (व्यावहारिक प्रमाण) साबित हुआ है।'' राजनाथ सिंह ने दोहराया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने ब्रह्मोस को केवल एक परीक्षण (ट्रायल) नहीं, बल्कि एक व्यवहारिक और सफल सैन्य प्रणाली के रूप में स्थापित कर दिया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों से लेकर सामान्य नागरिकों तक, बड़े शहरों से लेकर छोटे गांवों तक, और शिक्षित से लेकर कम शिक्षित नागरिकों तक, सभी में ‘ब्रह्मोस' की ताकत को लेकर व्यापक विश्वास है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि आज लखनऊ में ब्रह्मोस की अत्याधुनिक बूस्टर इमारत का लोकार्पण हो रहा है। अभी थोड़ी ही देर पहले इसी प्रांगण में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण करने का भी मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ।'' उन्होंने कहा, ‘‘रुद्राक्ष को हम रूद्र, यानी भगवान महादेव का अंश मानते हैं। मेरी महादेव से यही प्रार्थना है कि उनका आशीर्वाद इस अत्याधुनिक सुविधा पर और हम सभी देशवासियों पर सदैव बना रहे।'' राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ अब केवल तहजीब का शहर नहीं रहा, बल्कि तकनीक और उद्योग का एक उभरता केंद्र बन चुका है। रक्षा निर्माण के क्षेत्र में लखनऊ अब देश के मानचित्र पर एक प्रमुख गढ़ के रूप में स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। अनुमान है कि इस इकाई से प्रतिवर्ष लगभग 100 मिसाइल सिस्टम थलसेना, वायुसेना और नौसेना को उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में इस इकाई का टर्नओवर लगभग 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है, जो 500 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व उत्पन्न करेगा। ब्रह्मोस की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ब्रह्मोस केवल एक मिसाइल नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती हुई स्वदेशी रक्षा शक्ति का प्रतीक है।'' मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम सब जानते हैं कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़े हुए कानून-व्यवस्था से होती थी। लोग भय के वातावरण में रहते थे और निवेशक यहां आने से कतराते थे। परंतु आज, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनके दृढ़ नेतृत्व और नीतिगत निर्णयों ने प्रदेश में विश्वास बहाल किया है।'' रक्षा मंत्री ने कहा कि आज हम धनतेरस का पर्व मना रहे हैं और इसी शुभ दिन पर चार ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘एक तरह से हम कह सकते हैं कि आज लक्ष्मी जी की कृपा न केवल सुरक्षा क्षेत्र पर, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी समान रूप से बरस रही है।'' उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक माह में ‘ब्रह्मोस' टीम ने दो देशों के साथ लगभग 4,000 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के लिखे एक लेख साझा किया, जिसमें उन्होंने पुनर्जीवित जलमार्गों को लेकर अपने दृष्टिकोण और विकसित भारत की ओर उनके बढ़ते कदमों पर प्रकाश डाला है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की नदियां केवल विरासत का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि प्रगति के राजमार्ग हैं।
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी के हवाले से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लिखा, “भारत की नदियां केवल विरासत का प्रतीक नहीं हैं, वे प्रगति के राजमार्ग हैं! केंद्रीय मंत्री श्री @sarbanandsonwal ने पुनर्जीवित जलमार्गों के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया और बताया कि वे कैसे विकसित भारत की ओर अग्रसर हैं। पिछले कुछ वर्षों में लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को किस प्रकार मजबूत किया गया है, यह जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।”सोनोवाल ने अपने लेख में लिखा, “एक समय था जब भारत की नदियां न केवल पवित्र थीं, बल्कि परिवहन का एक व्यावहारिक साधन भी थीं-जब ट्रकों के पक्की सड़कों पर राज करने से बहुत पहले, पटना या डिब्रूगढ़ से कोलकाता तक माल तैरता था। भारत की नदियां ही पहले राजमार्ग थीं, जिनकी धाराएं अनाज, नमक और कहानियां ढोती थीं। समय के साथ, जब स्टील की पटरियों और डामर सड़कों ने उनकी जगह ले ली, तो नदियां केवल वादे बनकर रह गईं।”उन्होंने कहा कि आज, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के सहयोग से, भारत की नदियों की पुनः खोज, पुनर्कल्पना और कायाकल्प किया जा रहा है -इस बार, यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली परिणाम-संचालित और नेकनीयत सरकार द्वारा संस्थागत वित्त पोषण के माध्यम से संभव हो पाया है।केद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत में 14,500 किलोमीटर से अधिक नौगम्य जलमार्ग हैं, और 111 को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है, जबकि 2014 तक केवल पांच ही राष्ट्रीय जलमार्ग थे। अब 32 चालू हैं। यह बदलाव, 10 गुना बड़ा, केवल नए मानचित्रों के बारे में नहीं है, यह अनेक प्रकार की कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण द्वारा आकार दिए गए लॉजिस्टिक्स दर्शन को पुनर्जीवित करने के बारे में है।सोनोवाल ने कहा, “इसके स्पष्ट लाभ हैं, कम ईंधन, कम उत्सर्जन और माल का किफायती परिवहन। हमें बस नदी का सम्मान करना है-समझदारी से ड्रेजिंग करनी है, उसे सुरक्षित दिशा में ले जाना है और भौतिक विज्ञान को भारी काम करने देना है।”दरअसल, इस लेख में 2013-14 में 18 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 145 मिलियन टन तक माल ढुलाई की आशाजनक तस्वीर पेश की गई है। इसी के चलते सरकार ने 2030 तक 200 मिलियन टन और 2047 तक 250 मिलियन टन माल ढुलाई का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।सोनोवाल ने आगे कहा कि नदी पर्यटन तेज़ी से बढ़ रहा है-एक दशक पहले सिर्फ़ पांच जहाज़ों से बढ़कर आज 13 जलमार्गों पर 25 क्रूज़ हो गए हैं। एक साल में गंगा, ब्रह्मपुत्र और केरल के बैकवाटर्स इस मामले में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, क्योंकि वाराणसी, कोलकाता, पटना, डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी के टर्मिनलों को इलेक्ट्रिक शोर लिंक और 24 घंटे नेविगेशन सुविधाओं से लैस किया जा रहा है ताकि नदी पार करना आरामदायक और टिकाऊ दोनों हो सके। -
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ शनिवार को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरोजिनी नगर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट से तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच का फ्लैग ऑफ करेंगे। यह दिन न केवल उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि भारत की रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस, जो विश्व की सबसे तेज और घातक सटीक प्रहार क्षमता वाली ‘ब्रह्मोस’ सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली की निर्माता है, ने लखनऊ की नई इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा से मिसाइल सिस्टम की पहली खेप सफलतापूर्वक तैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक यूनिट 11 मई को उद्घाटन के बाद पूरी तरह संचालन में आई थी। यहां मिसाइल इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और अंतिम गुणवत्ता परीक्षण की सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। सफल परीक्षण के बाद मिसाइलें भारतीय सशस्त्र बलों के लिए तैनाती के लिए तैयार की जाती हैं।कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री बूस्टर भवन का उद्घाटन करेंगे तथा बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखेंगे। इसी क्रम में एयरफ्रेम और एवियोनिक्स, वारहेड भवन में पीडीआई (प्री डिस्पैच इंस्पेक्शन) तथा ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रेजेंटेशन किया जाएगा। इसके अलावा इस अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम, स्टोरेज ट्रॉली प्रदर्शन, जीएसटी बिल प्रस्तुतीकरण और मोबाइल ऑटोनमस लॉन्चर का प्रदर्शन भी आयोजित होगा। कार्यक्रम के दौरान डीजी (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक और जीएसटी बिल सौंपेंगे, जिससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा।ब्रह्मोस मिसाइलों के उत्पादन से उत्तर प्रदेश को निरंतर जीएसटी आय प्राप्त होगी और उच्च कौशल वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सरोजिनी नगर के भटगांव स्थित अत्याधुनिक ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यहां मिसाइलों के असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग का कार्य उच्च तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाता है। इस यूनिट से पहली खेप के रवाना होने के साथ ही प्रदेश ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के अभियान में एक सशक्त साझेदार बन गया है।लखनऊ ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की पहली ऐसी सुविधा है, जहां मिसाइल सिस्टम के निर्माण से लेकर अंतिम परीक्षण तक की पूरी प्रक्रिया देश में ही की जाती है। यह परियोजना न केवल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार के नए अवसर भी सृजित कर रही है।एक अधिकारी ने बताया कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने भारतीय सशस्त्र बलों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता में तेजी से विस्तार किया है। लखनऊ का यह मैन्युफैक्चरिंग सेंटर न केवल भारतीय सेना की आवश्यकताओं को समयबद्ध रूप से पूरा करेगा, बल्कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजार की मांगों को भी पूरा करने में सक्षम होगा।लखनऊ में स्थापित यह समर्पित ब्रह्मोस यूनिट उत्तर प्रदेश को भारत के अगले एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहां विकसित की जा रही अत्याधुनिक तकनीक भविष्य में ब्रह्मोस एयरोस्पेस को और भी उन्नत वेरिएंट के मिसाइल सिस्टम विकसित करने में मदद करेंगी। -
झांसी (उत्तर प्रदेश). रेलवे के मंडल मुख्यालय से नगदी संग्रह कर बैंक में जमा करने निकला सीएमएस इन्फो सिस्टम लिमिटेड का एक कर्मचारी करीब69 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। इस संबंध में नवाबाद थाना में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। कंपनी के ग्वालियर प्रबंधक गौरव गर्ग की शिकायत पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अंशुल साहू, निवासी प्रेमनगर (कसाईबाबा), 10 से 12 अक्टूबर तक की नगदी रेलवे स्टेशन से एकत्र कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, स्टेशन शाखा में जमा करने निकला था। लेकिन वह बैंक नहीं पहुंचा और 69,78,642 रुपये लेकर फरार हो गया। गौरव गर्ग ने आरोपी कर्मचारी की पहचान से जुड़े दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं।
थाना नवाबाद के प्रभारी जे.पी. पाल ने बताया कि आरोपी अंशुल साहू के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, "आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" - अयोध्या (उप्र)/ अयोध्या में आगामी दीपोत्सव को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर है। अधिकारियों और होटल मालिकों ने बृहस्पतिवार को बताया कि राम मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन ‘स्लॉट' 29 अक्टूबर तक लगभग पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। पिछले आठ वर्षों में अयोध्या का दीपोत्सव विश्व प्रसिद्ध आयोजन बन चुका है। सरयू नदी के किनारे और प्रमुख मंदिरों में लाखों दीप जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, ‘‘इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में ऑनलाइन बुकिंग हुई हैं। बुकिंग खुलने के कुछ ही घंटों में हजारों पास बुक हो गए। ‘राम दरबार' दर्शन के लिए ऑनलाइन ‘स्लॉट' 29 नवंबर तक पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। ऑनलाइन पास की अगली बुकिंग 29 अक्टूबर की आधी रात को फिर से शुरू होगी।'' ट्रस्ट ने बताया कि रामलला और राजा राम दरबार के दर्शन को आसान और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिदिन करीब 300 ऑनलाइन और 3,000 ऑफलाइन वीआईपी पास जारी किए जा रहे हैं। इसने बताया कि इन पासों में सुबह और शाम की आरती के स्लॉट शामिल होते हैं। वीआईपी दर्शन की बढ़ती मांग के कारण ट्रस्ट कार्यालय व हेल्पलाइन पर कॉल करने व पूछताछ करने वालों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। आतिथ्य क्षेत्र में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अयोध्या के अधिकांश होटल दीपोत्सव सप्ताह के लिए पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। विशेष रूप से 18 और 19 अक्टूबर की बुकिंग पूरी तरह से भर गई है। एक स्थानीय होटल मालिक विशाल गंजूर ने बताया, ‘‘लोग रोजाना बुकिंग के लिए हमसे पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन इस महीने के अंत तक हमारे सभी कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं।" भगवान राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाने वाला दीपोत्सव हर वर्ष अयोध्या का प्रमुख पर्व होता है। इस बार देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। दिवाली, अयोध्या के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि रामायण के अनुसार यही वह दिन था जब भगवान राम, देवी सीता और लक्ष्मण वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटे थे। यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। हर वर्ष की तरह, इस बार भी अयोध्या शहर को अनगिनत मिट्टी के दीयों से रोशन किया जाएगा, जो भगवान राम के स्वागत की पौराणिक कथा को जीवंत करता है। इस वर्ष दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी और दीपोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। पूरा शहर भव्य लाइटिंग, विषय आधारित सजावट और रामायण के दृश्यों पर आधारित सांस्कृतिक झांकियों से सजाया जा रहा है।
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नयी दिल्ली. दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अपने जनसंपर्क और सोशल मीडिया प्रबंधन के लिए पहली बार एक बाहरी एजेंसी को नियुक्त करने का फैसला किया है। संस्थान ने एक आधिकारिक आदेश में कहा कि एजेंसी को एम्स दिल्ली में “अभिलेखागार संग्रहालय” के अवस्थापन और रखरखाव में सहयोग की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। यह आदेश 14 अक्टूबर को जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि एजेंसी की नियुक्ति के लिए निविदा सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल पर जारी की जाएगी और नियुक्ति प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी हो जाएगी। आदेश में कहा गया है, ‘‘पारंपरिक एवं डिजिटल मंच के माध्यम से संस्थागत संचार को मजबूत करने, जन सहभागिता बढ़ाने और विश्वसनीय जानकारी का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित करने की जरूरत के लिहाज से यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली एम्स में व्यापक जनसंपर्क तथा सोशल मीडिया प्रबंधन सेवाओं के लिए एक विशेष एजेंसी की नियुक्ति की जाए।'' आदेश के मुताबिक, एजेंसी मीडिया संबंधों, प्रेस विज्ञप्तियों और सार्वजनिक सूचना अभियानों को “तैयार करने और क्रियान्वित करने” के लिए संस्थान के मीडिया प्रकोष्ठ के साथ समन्वय करेगी। आदेश के अनुसार, एजेंसी सभी प्रमुख सोशल मीडिया मंचों पर संस्थान की उपस्थिति का प्रबंधन करेगी और दिल्ली एम्स के बारे में डिजिटल भावनाओं की निगरानी करते हुए ‘उच्च-गुणवत्ता, समयबद्ध सामग्री एवं सक्रिय सहभागिता' सुनिश्चित करेगी। आदेश में कहा गया है कि एजेंसी नियमित अपडेट के अलावा, प्रमुख संस्थागत घोषणाओं, संकट संचार सहायता और जन स्वास्थ्य सलाह का भी समन्वय करेगी। संस्थान ने अपने आदेश में कहा कि एजेंसी सभी मीडिया और संचार गतिविधियों का विश्लेषण एवं प्रभावी आकलन भी करेगी। एम्स ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग तथा राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ), क्यूएस रैंकिंग आदि जैसे सर्वेक्षणों के लिए समय पर एवं संगठित तरीके से डेटा उपलब्ध कराने के महत्व को स्वीकार किया है। उसने कहा कि विविध स्रोतों से एकत्रित डेटा की सटीकता और सही प्रारूप का अनुपालन भी महत्वपूर्ण है।
संस्थान ने कहा, ‘‘हालांकि, एम्स के अध्यापक और अधिकारी उपयुक्त डेटा के संग्रह में मार्गदर्शन कर सकते हैं, लेकिन वे आमतौर पर अपने नियमित कार्यों में अत्यधिक व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण डेटा जमा करने की समय-सीमा अक्सर चूक जाती है।'' एम्स ने कहा कि इसलिए एजेंसी आवश्यकतानुसार इन गतिविधियों के लिए डेटा संग्रह और मिलान में सहायता और समन्वय करेगी। -
मुंबई. मुंबई में जालसाजों ने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर 72 वर्षीय एक व्यवसायी को ‘डिजिटल अरेस्ट' का शिकार बनाया तथा उनसे कथित तौर पर 58 करोड़ रुपये ठग लिए। एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि 58 करोड़ रुपये की यह ठगी ‘डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े मामले में किसी व्यक्ति से की गई सबसे बड़ी ठगी में से एक हो सकती है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर रहे महाराष्ट्र साइबर विभाग ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ‘डिजिटल अरेस्ट' तेजी से बढ़ता साइबर अपराध है, जिसमें जालसाज खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी या सरकारी एजेंसियों का कर्मचारी बताते हैं और ऑडियो/वीडियो कॉल के जरिये पीड़ितों को ऑनलाइन बंधक बनाकर तथा डरा-धमकाकर पैसे देने का दबाव बनाते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा मामले में जालसाजों ने ईडी और सीबीआई कर्मियों के रूप में 19 अगस्त से आठ अक्टूबर के बीच व्यवसायी से संपर्क किया और दावा किया कि उनका नाम धन शोधन एक मामले में सामने आया है। अधिकारी के मुताबिक, जालसाजों ने व्यवसायी और उनकी पत्नी को वीडियो कॉल के जरिये ‘डिजिटल अरेस्ट' कर डराया-धमकाया तथा अपने बताए बैंक खातों में पैसा जमा करने को कहा। अधिकारी के अनुसार, पीड़ित व्यवसायी ने लगभग दो महीने के भीतर आरटीजीएस के माध्यम से कई बैंक खातों में 58 करोड़ रुपये अंतरित किए। उन्होंने बताया कि व्यवसायी को जब एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने साइबर पुलिस से शिकायत की। अधिकारी ने बताया कि साइबर विभाग ने घटना के सिलसिले में पिछले हफ्ते भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने वित्तीय लेनदेन का विश्लेषण किया और पाया कि पैसा कम से कम 18 बैंक खातों में अंतरित किया गया था। अधिकारी के मुताबिक, साइबर पुलिस ने तुरंत बैंक से संपर्क कर संबंधित खातों में अंतरित की गई राशि को ‘फ्रीज' करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया हैl
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पुणे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा कि इस मिशन के दौरान सशस्त्र बलों द्वारा इस्तेमाल किए गए अधिकतर उपकरण स्वदेशी थे। सिंह ने कहा कि भारत ने अब ‘‘उस बाधा को तोड़ दिया है'' जो आजादी के बाद से बनी हुई थी और सरकार ने देश के भीतर हथियारों के निर्माण को जोर शोर से बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में रक्षा उत्पादन 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 तक घरेलू रक्षा विनिर्माण को तीन लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना और रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। केंद्रीय मंत्री ने पुणे में ‘सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी' के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। शुरुआती दौर में यह मुश्किल था क्योंकि हम पूरी व्यवस्था को बदलने की कोशिश कर रहे थे। आजादी के बाद से हम हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर थे। हमारे लिए विदेशों से रक्षा उपकरण खरीदना एक जरूरत बन गई थी और स्वदेशी उत्पादन लगभग न के बराबर था।'' मंत्री ने कहा कि भारत ने अब ‘‘उस बाधा को तोड़ दिया है'' जो आजादी के बाद से बनी हुई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने देश में ही हथियारों के निर्माण को जोर शोर से बढ़ावा दिया है। यह बिल्कुल भी आसान नहीं था क्योंकि देश रक्षा खरीद के मामले में एक सुविधाजनक स्थिति में पहुंच गया था। हम दूसरे देशों से हथियार खरीदने के आदी हो गए थे।'' सिंह ने कहा कि न तो घरेलू स्तर पर हथियारों का उत्पादन करने की ‘‘राजनीतिक इच्छाशक्ति'' थी और न ही रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कोई कानूनी ढांचा था। रक्षा मंत्री ने बताया कि देश के युवाओं में इस क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने की प्रेरणा का भी अभाव था। उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति हमारे लिए अनुकूल नहीं बल्कि प्रतिकूल थी। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी हम रुके नहीं। हमने रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव कदम उठाए और आज उन प्रयासों के स्पष्ट परिणाम सामने आ रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी देखी होगी। ऑपरेशन सिंदूर भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का सबसे बेहतरीन उदाहरण है क्योंकि सशस्त्र बलों द्वारा इस्तेमाल किए गए अधिकतर उपकरण स्वदेशी थे।'' पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस वर्ष मई में नियंत्रण रेखा के पार और पाकिस्तान के भीतर आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘‘करिश्माई नेतृत्व'' स्पष्ट तौर पर उभरकर सामने आया था। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम' यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, की अवधारणा को बढ़ावा देता रहा है और यह एकमात्र देश है जो इस संदेश का प्रसार करता है। हम जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करते।' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन पड़ोसी देश के आतंकवादियों ने पहलगाम में भारतीय नागरिकों का धर्म पूछकर उनकी हत्या कर दी। फिर भी भारतीय सशस्त्र बलों का संयम देखिए, जब हमने उन्हें मारा तो वह धर्म के आधार पर नहीं बल्कि उनके कर्मों के आधार पर मारा।'' उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में रक्षा उत्पादन 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें निजी क्षेत्र का योगदान 33,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 2029 तक घरेलू रक्षा विनिर्माण को तीन लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना और साथ ही रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।'' सिंह ने वर्तमान समय में कौशल के महत्व पर जोर दिया और कहा कि युवा वैश्विक परिवर्तन के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस निरंतर बदलती दुनिया में जहां हर दिन नयी तकनीकें उभरती हैं और पुरानी चीजों की जगह ले रही हैं, ऐसे में कौशल ही सबसे जरूरी है। वर्तमान परिदृश्य में केवल कौशल होना ही काफी नहीं है, उस कौशल को आजमाने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा कि ज्ञान का वास्तविक जीवन में उपयोग किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा, ‘‘भारत को एक युवा राष्ट्र होने का फायदा है और अगर हमारे युवाओं के पास सही कौशल है, तो भारत को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अगर कौशल का साथ मिले तो हमारा जनसांख्यिकीय लाभांश और भी मजबूत हो जाएगा।'' मंत्री ने बताया कि 2014 के बाद भारत ‘‘नए भारत'' के दृष्टिकोण की ओर बढ़ा और प्रधानमंत्री मोदी लगातार स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसी पहलों की बात करते रहे। सिंह ने कहा, ‘‘उन्होंने (प्रधानमंत्री ने) समझा कि अगर भारत को आत्मनिर्भर बनना है, तो उसके युवाओं को कुशल होना होगा। 2014 में सत्ता में आने के बाद हमने एक समर्पित मंत्रालय की स्थापना करके कौशल विकास को बढ़ावा दिया।'' महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी दीक्षांत समारोह में उपस्थित थे।

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