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नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के प्रशासन ने एक समिति गठित की है, जो चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद करने और कर्मचारियों को खरीद संबंधी गतिविधियों से मुक्त करने के लिए किसी सरकारी एजेंसी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) की सेवा लेगी। हाल ही में जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, 10 सदस्यीय समिति खरीद सहायता एजेंसी के तौर पर किसी सरकारी एजेंसी या पीएसयू की सेवा लेने के फायदों और तौर-तरीकों की पड़ताल करेगी। एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि आमतौर पर भंडारण और खरीद का काम एक जैसे कर्मचारी ही संभालते हैं, जो सुशासन के अनुसार नहीं है। ज्ञापन में डॉ. श्रीनिवास के हवाले से कहा गया है कि आमतौर पर बाहर से भर्ती किए गए कर्मचारी खरीद प्रक्रिया को संभालते हैं, जो उचित नहीं है। भंडार कर्मियों की संख्या सीमित है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर खरीद का काम प्रशासनिक कैडर के कर्मी संभालते हैं, जो खरीद के मामलों में औपचारिक रूप से प्रशिक्षित नहीं होते हैं। एम्स प्रशासन ने बताया कि कुछ मामलों में कुछ विभागों और भंडार गृहों में खरीद संसाधनों की कमी के कारण खरीद प्रक्रिया दो साल से लंबित है।
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नयी दिल्ली. देश में बिजली की खपत मार्च, 2023 में 0.74 प्रतिशत घटकर 127.52 अरब यूनिट (बीयू) रह गई। यह 31 माह में पहली मौका है जबकि बिजली की खपत घटी है। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। बिजली की खपत में कमी का प्रमुख कारण देश में पश्चिमी विक्षोभ से भारी बारिश और मार्च में तापमान कम रहना है। इससे पहले अगस्त, 2020 में बिजली की खपत में गिरावट आई थी। उस समय बिजली की खपत अगस्त, 2019 के 111.52 अरब यूनिट से दो प्रतिशत से अधिक घटकर 109.21 अरब यूनिट रह गई थी। इस दौरान कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन प्रतिबंधों के कारण बिजली की खपत में कमी आई थी। विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि आर्थिक गतिविधियों में और सुधार के साथ-साथ तापमान चढ़ने से अप्रैल में बिजली की मांग और खपत बढ़ेगी। आंकड़ों के अनुसार, बिजली की खपत मार्च, 2022 में 128.47 अरब यूनिट (बीयू) थी। यह मार्च, 2021 में 120.63 अरब यूनिट थी। वहीं मार्च, 2020 में यह 98.95 अरब यूनिट रही थी। आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च, 2023 में अधिकतम बिजली की मांग यानी एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति बढ़कर 209.01 गीगावॉट हो गई। मार्च, 2022 में अधिकतम बिजली की मांग 199.43 गीगावॉट और मार्च, 2021 में 185.89 गीगावॉट थी। वहीं महामारी से पहले मार्च, 2020 में बिजली की अधिकतम मांग 170.16 गीगावॉट थी।
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मुजफ्फरनगर (उप्र). मुजफ्फरनगर जिले के खतौली थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर टैंकर और कार की टक्कर में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गयी और दो अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। खतौली थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर खतौली बाईपास के पास शनिवार शाम एक कार के एक टैंकर से टकरा जाने से एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान राजेश देवी (55), सोहनवीर (30) और अंकुर (25) के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि यह घटना उस समय हुई, जब ये लोग कार से मेरठ से मुजफ्फरनगर आ रहे थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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नयी दिल्ली. डॉ. (श्रीमती) सुदेश धनखड़ को आज वनस्थली विद्यापीठ में आयोजित एक दीक्षांत समारोह में भूजल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गयी। उनकी पीएचडी का विषय था - "राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भूजल संसाधन और सिंचित कृषि की संवहनीयता का आकलन" और डॉक्टरेट की यह उपाधि महामहिम राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा उन्हें प्रदान की गयी। सुदेश धनखड़ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की धर्मपत्नी हैं। उन्होंने सितंबर, 2013 में वनस्थली विद्यापीठ में पीएचडी के लिए अपना नामांकन कराया था और 14 मार्च, 2022 को अपनी पीएचडी पूरी कर ली। इस गंभीर शोध के लिए उन्होंने झुंझुनूं जिले से रियल टाइम आंकड़े एकत्रित और समेकित किये जोकि एक लंबी और समय लेने वाली प्रक्रिया थी। राजस्थान में जन्मी श्रीमती धनखड़ जल संरक्षण के मुद्दे पर लगातार कार्य करती रही हैं। इसके साथ ही महिला-सशक्तिकरण और भोजन की बर्बादी रोकने जैसे विषयों पर भी वे काम कर रही हैं। इस संबंध में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डॉ. धनखड़ ने पीयूसी से लेकर पीएचडी तक अपनी पूरी पढ़ाई वनस्थली विद्यापीठ से ही की है। उन्होंने वनस्थली विद्यापीठ में 1973 में प्री यूनिवर्सिटी कोर्स (पीयूसी) में प्रवेश लिया था और उसके बाद 1979 में विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर किया। उनके पीएचडी शोध की थीम थी: ‘सतत विकास'।
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नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का निधन 2 अप्रैल को जामनगर में हो गया। वह 88 साल के थे। वह काफी समय से बीमार थे। हर कोई क्रिकेट में उनके योगदान को याद कर रहा है। उन्होंने करीब 13 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। वह दर्शकों की मांग पर छक्का मारने के लिए मशहूर थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व क्रिकेटर सलीम दुर्रानी के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। पीएम मोदी ने पूर्व क्रिकेटर को अपने आप में एक संस्था बताया। प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में भारत के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत को दिलाई यादगार जीत
सलीम दुर्रानी ने भारत को टेस्ट में कई यादगार जीत दिलाईं। साल 1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता और मद्रास टेस्ट में टीम इंडिया को जिताने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तब उन्होंने कोलकाता टेस्ट में 8 और मद्रास (चेन्नई) टेस्ट में 10 विकेट लिए थे। करीब 10 साल बाद उन्होंने एक ऐसी ही यादगार जीत भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में दिलाई थी। उस मुकाबले में उन्होंने क्लाइव लॉयड और गैरी सोबर्स के विकेट झटके थे।
सलीम दुर्रानी का क्रिकेट करियर
सलीम दुर्रानी ने जनवरी 1960 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। वह करीब 13 साल तक भारत के लिए खेले। इस दौरान उन्होंने 29 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट में उनके नाम 1202 रन दर्ज हैं। क्रिकेट के सबसे बड़े प्रारूप में उनके नाम एक शतक और 7 अर्धशतक हैं। टेस्ट में उनका हाईएस्ट स्कोर 104 रन रहा। इसके अलावा फस्र्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 8545 रन बनाए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सलीम दुर्रानी के 14 शतक और 45 अर्धशतक लगाए। फस्र्ट क्लास क्रिकेट में उनका हाईएस्ट स्कोर 137 रन नॉट आउट रहा। - जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रसिद्ध लक्खी मेलों में जाने वाले श्रद्धालुओं को रोडवेज बसों के किराए में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। यह छूट एक अप्रैल से प्रभावी हो गई। एक सरकारी बयान के अनुसार अब राज्य के 14 जिलों के मेलों में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने पर आधा किराया ही लगेगा। यह रियायती सुविधा एक अप्रैल, 2023 से लागू कर दी गई है। इसके अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किराया राशि में 50 प्रतिशत छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राजस्थान रोडवेज की साधारण एवं एक्सप्रेस बसों में मेला अवधि के दौरान किराये में छूट मिलेगी। इसके तहत अजमेर में पुष्कर मेला और दरगाह उर्स, करौली में कैलादेवी मेला, भरतपुर में झील का बाडा, जैसलमेर में श्रीरामदेवरा मेला, सीकर में खाटूश्याम जी, चूरू में सालासर बालाजी, हनुमानगढ़ में गोगामेड़ी, डूंगरपुर में बेणेश्वर धाम, सवाईमाधोपुर में रणथम्भौर गणेश जी, टोंक में डिग्गी कल्याण जी, अलवर में भर्तृहरि/पाण्डूपोल, श्रीगंगानगर में बुडढ़ा जोहड़ गुरूद्वारा, बीकानेर में फाल्गुन (मुकाम) एवं चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ-जलझूलनी एकादशी मेलों के लिए छूट का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट 2023-24 में छूट के संबंध में घोषणा की गई थी। इस स्वीकृति से राज्य सरकार पर लगभग 12 करोड़ रुपए का वार्षिक वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।
- सतना (मप्र) । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को आदिवासी रानी दुर्गावती की वीरता का महिमामंडन करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र की रक्षा एवं सम्मान को सर्वोपरि रखा और कितने ही बार विदेशी आक्रांताओं को नाकों चने चबा दिए। उन्होंने कहा,‘‘ हमें रानी दुर्गावती के जीवन से सीख लेनी चाहिए और व्यक्तिगत छोटे स्वार्थों के लिए देश को आहत करने के बारे में कभी नहीं सोचना चाहिए।'' भागवत ने सतना जिले के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र मझगवां स्थित दीनदयाल शोध संस्थान के महर्षि वाल्मीकि परिसर में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘रानी दुर्गावती का शौर्य एवं पराक्रम प्रसिद्ध है। कितने ही बार विदेशी आक्रांताओं को उन्होंने नाकों चने चबा दिए। घर के अंदर भेदिया नहीं होता तो वह कभी हारती नहीं। उनका स्मरण करते समय हम सबको यह सबक सीखनी चाहिए कि अपने छोटे स्वार्थों के कारण देश हित को धक्का लगाने की प्रवृत्ति हम लोगों में कभी न पनपे। इसकी हमको चिंता करनी पड़ेगी।'' भागवत ने आगे कहा, ‘‘रानी दुर्गावती कभी भी दूसरों की वीरता के कारण नहीं हारी। उनके साथ विश्वासघात हुआ। किसके द्वारा हुआ? अपने लोगों द्वारा ही हुआ।'' उन्होंने कहा कि जो लोग 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा थे, उन्होंने रानी दुर्गावती के साहस और सर्वोच्च बलिदान से प्रेरणा ली। रानी दुर्गावती 1550 से 1564 तक तत्कालीन गोंडवाना साम्राज्य की शासक रही। उन्हें मुगलों के खिलाफ अपने राज्य की रक्षा करने के लिए याद किया जाता है। अपनी सेना का नेतृत्व करते हुए उन्हें युद्ध के मैदान में मुगलों से लड़ते हुए चोटें आईं। उसे युद्ध के मैदान को छोड़ने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया और एक खंजर निकाला और 24 जून, 1564 को मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में खुद को मार डाला। रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों से जुड़ी अनेक हृदयस्पर्शी बातों को उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती के विषय में उनकी शौर्य गाथा और उनके पराक्रम से सभी परिचित हैं। दीनदयाल शोध संस्थान के इस परिसर में उनकी प्रतिमा लगाने से उनकी छवि जनमानस में निरंतर उभरती रहेगी और लोग उनकी सद्प्रेरणा से सदैव प्रेरित होते रहेंगे। उन्होंने रानी दुर्गावती के कौशल को बताते हुए कहा कि वह प्रजाप्रिय एवं प्रजा की हितैषी तथा न्याय पालक थीं। उन्होंने अपनी प्रजा के कल्याण एवं प्रजा के हित में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। इस अवसर पर भागवत ने महर्षि वाल्मीकि परिसर में जनजातीय गौरव एवं पोषक अनाजों पर लगाई गई आकर्षक प्रदर्शनी को भी देखा।
- मुंबई । आर्थिक निगरानी से जुड़ी संस्था सीएमआईई ने कहा है कि भारत में बेरोजगारी दर मार्च में तीन महीने के उच्चतम स्तर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। 'सेंटर फॉर मॉनिटरिंग ऑफ इंडियन इकॉनमी' (सीएमआईई) की तरफ से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च में बेरोजगारी दर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई जो बीते तीन महीनों का उच्चतम स्तर है। इसके पहले बेरोजगारी दर दिसंबर, 2022 में 8.30 प्रतिशत हो गई थी, लेकिन जनवरी में यह घटकर 7.14 प्रतिशत पर आ गई थी। लेकिन यह फरवरी में फिर से बढ़कर 7.45 प्रतिशत के आंकड़े पर पहुंच गई। आंकड़ों के अनुसार, मार्च में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8.4 प्रतिशत जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 7.5 प्रतिशत रही। सीएमआईई के प्रबंध निदेशक महेश व्यास ने कहा, “देश का मानव संसाधन बाजार की स्थिति मार्च, 2023 में और खराब हो गई। बेरोजगारी दर फरवरी के 7.5 प्रतिशत से बढ़कर मार्च में 7.8 प्रतिशत हो गई।” राज्यों की बात करें तो हरियाणा में सबसे ज्यादा 26.8 प्रतिशत बेरोजगारी रही जबकि 26.4 प्रतिशत के साथ राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा। जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर 23.1 प्रतिशत, सिक्किम में 20.7 प्रतिशत, बिहार में 17.6 प्रतिशत और झारखंड में 17.5 प्रतिशत है। सबसे कम बेरोजगारी दर उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में 0.8-0.8 प्रतिशत है, जिसके बाद पुडुचेरी में 1.5 प्रतिशत, गुजरात में 1.8 प्रतिशत, कर्नाटक में 2.3 प्रतिशत और मेघालय व ओडिशा में 2.6-2.6 प्रतिशत रही।
- अमरोहा (उप्र। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक ले जाएं। सिंह ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के पीआरआई प्रतिनिधियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी की जन-केंद्रित पहलों और कार्यक्रमों के सबसे महत्वपूर्ण संदेशवाहक बन सकते हैं, क्योंकि वे जमीनी स्तर के लोगों के सीधे संपर्क में हैं। कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा, "मोदी (सरकार) के तहत पंचायतों को लगातार सशक्त किया जा रहा है।"केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीआरआई प्रतिनिधि निर्वाचित प्रतिनिध होते हैं और वे यह जानते हैं कि समाज के सबसे निचले तबके में सबसे ज्यादा जरूरतमंद कौन हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वोट बैंक को ध्यान में रखे बिना लाभ उनतक पहुंचे। उन्होंने कहा कि मोदी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के प्रतीक हैं, जो किसी वंशवाद की राजनीति से मुक्त है, क्योंकि वह (प्रधानमंत्री) खुद जमीनी स्तर से उठे हैं। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का पीआरआई और जमीनी स्तर के लोकतंत्र में विश्वास इस तथ्य से स्पष्ट होता है कि उनके हस्तक्षेप के कारण जम्मू और कश्मीर जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव 70 वर्षों के बाद पहली बार हुए। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सिंह ने विकास कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की जरूरत पर बल दिया और गुणवत्ता से समझौता किए बिना परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मई 2014 में जब मोदी ने सत्ता संभाली तो देश की लगभग आधी आबादी शौचालय, आवास, टीकाकरण, बिजली कनेक्शन और बैंक खातों जैसी सुविधाओं से वंचित थी। सिंह ने कहा कि 'सबका प्रयास' के साथ केंद्र पिछले आठ वर्षों के दौरान कई योजनाओं को 100 प्रतिशत सफल बनाने के करीब ले जाने में सक्षम रहा है। बयान में कहा गया है कि अमृतकाल के अगले 25 वर्षों में भारत को दुनिया में अग्रणी देश बनाने का एक नया संकल्प लिया गया है। सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने कई मौकों पर दोहराया है कि केंद्रीय योजनाओं में से किसी के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
- मुंबई। यहां की एक विशेष अदालत ने धोखाधड़ी के लगभग 19 साल पुराने मामले में तीन बैंक कर्मियों को दोषी करार देते हुए कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी अर्थव्यवस्था को ‘जबरदस्त नुकसान' पहुंचाती है और देश के समग्र विकास को बाधित करती है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश डी.पी. सिंगडे ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत देना बैंक के तीन अधिकारियों श्रीकांत पडाले (51), विजय नायर (46) और वी राधाकृष्णन को दोषी करार दिया। अदालत ने इस मामले में 30 मार्च को फैसला सुनाया जिसकी प्रति शनिवार को उपलब्ध हुई।तीन बैंक कर्मियों के अलावा अदालत ने 49 वर्षीय नर्गिस दिवेंत्री को भी दोषी करार दिया और सभी को दो-दो साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी अधिकारियों ने एक निजी व्यक्ति के साथ मिलकर धोखाधड़ी की आपराधिक साजिश रची और 2003 में देना बैंक के कालबादेवी शाखा को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कुछ निजी पक्षकारों को ऋण सुविधा प्रदान की जिसकी वजह से बैंक को 2.35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
- नयी दिल्ली। मेटा के स्वामित्व वाले ऐप ‘व्हाट्सएप' ने फरवरी में 45 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया, जो उससे पिछले महीने में प्रतिबंधित खातों की संख्या से काफी अधिक है। व्हाट्सएप ने अपनी मासिक रिपोर्ट यह जानकारी दी है। व्हाट्सएप ने जनवरी में 29 लाख, दिसंबर में 36 लाख और नवंबर में 37 लाख खातों पर प्रतिबंध लगाया था। ऐप के दुरुपयोग को रोकने के लिए इन खातों पर पाबंदी लगाई गई। व्हाट्सएप के एक प्रवक्ता ने कहा, "नवीनतम मासिक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाट्सएप ने फरवरी के महीने में 45 लाख से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगाया।" किसी भारतीय खाते की पहचान +91 फोन नंबर के माध्यम से की जाती है।शनिवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है, "एक फरवरी, 2023 से 28 फरवरी, 2023 के बीच 4,597,400 व्हाट्सएप खातों पर प्रतिबंध लगाया गया।”
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नयी दिल्ली ।' केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कहा कि भारत ने वित्तवर्ष 2022-23 में अपने कोयला उत्पादन में 98 करोड़ 22.1 लाख टन की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। मंत्री ने एक बयान में कहा, देश में कोयले का 98.2 करोड़ टन का कुल उत्पादन, वित्तवर्ष 2021-22 में उत्पादित 77 करोड़ 82.1 लाख टन से 14.65 प्रतिशत अधिक है। जोशी ने कहा, ‘‘कोयला क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। मैं रिकॉर्ड वृद्धि के लिए सभी कोयला योद्धाओं और अंशधारकों को बधाई देता हूं। कड़े लक्ष्यों के बावजूद, कोल इंडिा लिमिटेड, एससीसीएल, निजी एवं वाणिज्यिक खानों ने वित्तवर्ष 2023 में 98.2 करोड़ टन से अधिक कोयले का उत्पादन किया है।'' उन्होंने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड ने वित्तवर्ष 2023 के अपने वित्तीय लक्ष्य को पार कर जबरदस्त काम किया है और 70 करोड़ 32 लाख टन कोयले का उत्पादन किया है, जो 2021-22 में 62 करोड़ 26.3 लाख टन से 12.94 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) ने एक साल पहले के छह करोड़ 50.2 लाख टन के मुकाबले इस बार छह करोड़ 71.4 लाख टन कोयले का उत्पादन किया, जिसमें 3.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। निजी और वाणिज्यिक खान उत्पादकों ने पिछले वित्तीय वर्ष में नौ करोड़ 5.6 लाख टन से 34.59 प्रतिशत अधिक 12 करोड़ 18.8 लाख टन कोयले का उत्पादन किया। उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के विकास में कोयला क्षेत्र का योगदान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के उत्थान को शक्ति दे रहा है और हम देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करना जारी रखेंगे।''
- नयी दिल्ली। भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 में सर्वाधिक 15,920 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों (हार्डवेयर) का निर्यात किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि को ‘मेक इन इंडिया' के प्रति उत्साह का परिणाम बताया। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत का रक्षा निर्यात 2016-17 के 1,521 करोड़ रुपये के मुकाबले 10 गुना बढ़कर 15,920 करोड़ रुपये हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ट्वीट किया है, ‘‘भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2022-23 में अभी तक के सर्वाधित स्तर 15,920 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह देश के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।'' उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व में हमारा रक्षा निर्यात तेजी से बढ़ता रहेगा।'' वहीं एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि को भारत की प्रतिभा और ‘मेक इन इंडिया' के प्रति उत्साह का नतीजा बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों हुए सुधार के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। हमारी सरकार भारत को रक्षा उत्पाद का ‘हब' बनाने का समर्थन करती रहेगी।'' रक्षा मंत्रालय भारत, मुख्य रूप से ड्रोनियर-228 विमानों, 155 एमएम एडवांस्ड टोड आर्टिनरी गन्स (एटीएजी) (तोप), ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम्स, राडार, सिमुलेटर, माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल्स, आर्मर्ड व्हीकल्स, पिनाक रॉकेट और लॉन्चर, एम्युनिशन, थर्मल इमेजर, बॉडी आर्मर, सिस्टम, लाइन रिप्लेसिएबिल यूनिट्स और एवियॉनिक्स और स्मॉल आर्म्स के भाग और घटकों जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स का निर्यात करने पर ध्यान केन्द्रीत कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दुनिया में एलसीए-तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, एयरक्राफ्ट कैरियर, एमआरओ गतिवधियों की मांग बढ़ रही है। भारत फिलहाल 85 से ज्यादा देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है।मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारतीय उद्योग ने वर्तमान में रक्षा उत्पादों का निर्यात करने वाली 100 कंपनियों के साथ डिजाइन और विकास की अपनी क्षमता दुनिया को दिखाई है। बढ़ता रक्षा निर्यात और एयरो इंडिया 2023 में 104 देशों की भागीदारी भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमताओं का प्रमाण है।'' आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2020-21 में 8,434 करोड़ रुपये, 2019-20 में 9,115 करोड़ रुपये और 2018-19 में 10,745 करोड़ रुपये के सैन्य हार्डवेयर का निर्यात किया था। 2017-18 में देश का कुल रक्षा निर्यात 4,682 करोड़ रुपये और 2016-17 में 1,521 करोड़ रुपये का था। केंद्र सरकार ने 2024-25 तक 1,75,000 करोड़ रुपये के रक्षा हार्डवेयर के उत्पादन के साथ ही रक्षा निर्यात को 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने पिछले 5-6 वर्षों के दौरान कई नीतिगत पहल की हैं और सुधार किए हैं। ऑनलाइन निर्यात की व्यवस्था के साथ देरी को कम करने और कारोबारी सुगमता के साथ निर्यात प्रक्रियाओं को सरल और उद्योग के अनुकूल बना दिया गया है।'' बयान के अनुसार, ‘‘सरकार ने प्रौद्योगिकी/ बड़े प्लेटफॉर्म्स और और उपकरणों के अंगों और घटकों के निर्यात/ हस्तांतरण के लिए तीन ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंग (ओजीईएल) अधिसूचित किए हैं।'' ओजीईएल एक बार में दिया जाने वाला निर्यात लाइसेंस है, जो ओजीईएल की वैधता के दौरान निर्यात अधिकार की मांग किए बिना ओजीईएल में उल्लिखित विशिष्ट वस्तुओं में से निर्दिष्ट वस्तुओं के निर्यात करने की अनुमति देता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘‘विभिन्न देशों से प्राप्त निर्यात के अनुरोधों को वास्तविक समय के आधार पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत भारतीय रक्षा निर्यातकों तक पहुंचाया जाता है, ताकि वे निर्यात अवसरों पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो सकें।''
- गुरुग्राम। गुरुग्राम के सदर बाजार में शनिवार को छह से अधिक किताबों की दुकानों पर मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते की छापेमारी के बाद एनसीईआरटी की नकली पाठ्यपुस्तकें बड़ी संख्या में जब्त की गईं। पुलिस को मौके पर बुलाया गया और शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। छापेमारी दल के साथ गए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के अधिकारी अमिताभ कुमार के अनुसार, पिछले कई दिनों से एनसीईआरटी के अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी कि परिषद द्वारा स्कूलों को भेजी जा रही किताबों में कुछ विषयों में अंतर है। शिकायत के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते के अधिकारियों से बात की।कुमार ने कहा, “इसके बाद मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और किताबों की दुकानों की निगरानी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते और एनसीईआरटी की टीमों ने अलग-अलग दुकानों से किताबें भी खरीदी हैं जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इसके बाद टीम ने शनिवार को छापा मारकर परिषद द्वारा जारी नहीं की गई एनसीईआरटी की कथित किताबों को जब्त कर लिया।
- बेंगलुरु। रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरआरआई) के शोधकर्ताओं ने ‘क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन' (क्यूकेडी) का इस्तेमाल करते हुए स्थिर स्रोत और गतिमान प्राप्तकर्ता के बीच स्थापित सुरक्षित संचार का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है। आरआरआई द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि यह सफल प्रदर्शन भविष्य में जमीन से उपग्रह आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। बयान में कहा गया है, ‘‘वैज्ञानिकों का कहना है कि ये परिणाम भारत को विशेष रूप से रक्षा और रणनीतिक उद्देश्यों के लिए सुरक्षित संचार साधन तैयार करने में मदद कर सकते हैं, साइबर सुरक्षा को बढ़ा सकते हैं और ऑनलाइन लेनदेन को आज की तुलना में अधिक सुरक्षित बना सकते हैं।''
- कोलकाता । रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के उपाध्यक्ष स्वामी प्रभानंद का शनिवार को कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 91 साल के थे।रामकृष्ण मिशन ने एक बयान में बताया कि स्वामी प्रभानंद बीते छह महीने से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।बयान में कहा गया है, “हमें यह घोषणा करते हुए बेहद दुख हो रहा है कि रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के उपाध्यक्ष श्रद्धेय स्वामी प्रभानंदजी महाराज का सेवा प्रतिष्ठान, कोलकाता में शनिवार शाम 6.50 बजे निधन हो गया।”बयान के मुताबिक, स्वामी प्रभानंद के पार्थिव देह को रविवार रात आठ बजे तक बेलूर मठ में रखा जाएगा, ताकि भक्त और प्रशंसक दिवंगत आत्मा के अंतिम दर्शन कर सकें।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वामी प्रभानंद के निधन पर शोक व्यक्त किया।उन्होंने ट्विटर पर कहा, “स्वामी प्रभानंद का जीवन और शिक्षा आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके भक्तों को इस कठिन समय में शक्ति मिले।’’मिशन ने कहा कि स्वामी प्रभानंद के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रात नौ बजे से शुरू होगी।बयान के मुताबिक, स्वामी प्रभानंद का जन्म 17 अक्टूबर 1931 को अखौरा में हुआ था, जो अब बांग्लादेश का हिस्सा है। इसमें बताया गया है कि स्वामी प्रभानंद 1958 में नरेंद्रपुर केंद्र में रामकृष्ण मिशन से जुड़े और 1966 में उन्होंने स्वामी वीरेश्वरानंदजी महाराज से ‘संन्यास दीक्षा’ प्राप्त की।
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भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भोपाल स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को यहां हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस असवर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉलिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है, ‘भोपाल-नयी दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस का हरी झंडी दिखाकर प्रसन्नता हुई। हमारा प्रयास रेलवे सेक्टर में बदलाव लाना और नागरिकों के लिए यात्रा को सुगम बनाना है।'' आयोजन से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने शाम करीब चार बजे भोपाल स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-एक से वंदे-भारत एक्सप्रेस ट्रेन को झंडी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने ट्रेन में सवार यात्रियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। यह ट्रेन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन (नई दिल्ली) के बीच चलेगी।'' उन्होंने बताया कि यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन रविवार से शुक्रवार तक (शनिवार को छोड़कर) चलेगी। उन्होंने बताया, ‘‘यह ट्रेन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से सुबह 05:40 बजे रवाना होगी और उसी दिन दोपहर में 13:10 बजे हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके डेढ़ घंटे बाद यह ट्रेन हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से दोपहर 14:40 बजे वापस रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होगी और रात 22:10 बजे रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।'' अधिकारी ने बताया कि इस वंदे भारत ट्रेन के तीन स्टॉपेज हैं... वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन, ग्वालियर रेलवे स्टेशन और आगरा छावनी। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट के अनुसार, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाने के लिए एसी चेयर कार में प्रति व्यक्ति किराया 1,735 रुपये होगा, जबकि एक्जिक्यूटिव चेयर कार में प्रति व्यक्ति किराया 3,185 रुपये होगा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेन का नंबर 20171/20172 रहेगा और इसे रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस के नाम से जाना जाएगा। यात्री तीन अप्रैल से इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। अधिकारी ने बताया, ‘‘यह देश की 11वीं वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। स्वदेशी में डिजाइन वंदे भारत एक्सप्रेस उत्कृष्ट यात्रा सुविधाओं से लैस है। यह ट्रेन कवच (टक्कर-रोधी प्रणाली) एवं अत्याधुनिक आग नियंत्रण प्रणाली से युक्त है। इसमें टच-फ्री सुविधाओं के साथ बायो वैक्यूम शौचालय भी है।'' उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इस ट्रेन के डिब्बों में सीसीटीवी और गार्ड व चालकों से बात करने की सुविधा है। सूचना व मनोरंजन के लिए प्रत्येक कोच में ‘यात्री सूचना और मनोरंजन प्रणाली' (पैसेंजर इन्फॉर्मेशन एंड इन्फोटनमेंट सिस्टम) लगी हुई है। अधिकारी ने बताया कि इसमें 180 डिग्री घूमने वाली सीटें हैं और स्लाइडिंग फुट स्टेप्स के साथ स्वचालित दरवाजे हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, दिव्यांगजनों के अनुकूल शौचालय, सीट हैंडल और ब्रेल लिपि में सीट नंबर भी हैं।
- नई दिल्ली।. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को कहा कि उत्तरपश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों तथा प्रायद्वीपीय क्षेत्र को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल से जून तक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। उसने कहा कि इस दौरान मध्य, पूर्वी और उत्तरपश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी रहने का अनुमान है।अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगाIMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने एक डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में ज्यादा गर्मी पड़ने की आशंका है।’ IMD ने कहा, ‘2023 में गर्मी के मौसम (अप्रैल से जून) के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और उत्तरपश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।’न्यूनतम तापमान सामान्य या उससे अधिक रहने की संभावनाउन्होंने बताया कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और उत्तरपश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे कम रह सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि पूर्वोत्तर और उत्तरपश्चिमी भारत तथा प्रायद्वीपीय क्षेत्र के दूरदराज हिस्सों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या उससे अधिक रहने की संभावना है।अप्रैल में सामान्य बारिश होने की संभावनामौसम विभाग ने कहा कि भारत में अप्रैल में सामान्य बारिश होने की संभावना है। उसने कहा कि उत्तरपश्चिमी, मध्य और प्रायद्वीपीय क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है जबकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश की संभावना है।
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नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि इस साल फरवरी में एक करोड़ नौ लाख 70 हजार से अधिक मोबाइल नंबर आधार से जोड़े गए थे। यह जनवरी माह की तुलना में 93 प्रतिशत से अधिक है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण लोगों को जनकल्याण सेवाओं का लाभ उठाने और विभिन्न सेवाओं तक पहुंच बनाने के लिए आधार को मोबाइल नंबर से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। लगभग 1700 केंद्रीय और राज्य समाज कल्याण की योजनाएं और सुशासन योजनाओं को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के लिए आधार को अधिसूचित किया गया है।
देश में सभी क्षेत्रों में आधार को अपनाने में बढ़ोतरी हो रही है। आधार प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को मजबूत करने और लोगों के लिए जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जो आधार 10 साल पहले जारी किए गए थे और कभी भी अपडेट नहीं किए गए उन्हें दस्तावेज़ अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। -
नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भगवान राम भारत की पहचान हैं, केवल पत्थर या लकड़ी की मूर्ति भर नहीं हैं। सिंह ने कहा कि सरकार अस्पताल बनाएगी, स्कूल बनाएगी, उद्योग लगाएगी और साथ में मंदिर भी बनाएगी।
वह यहां आयोजित एक कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे।राम नवमी के अवसर पर उन्होंने कहा, ‘‘जब राम मंदिर निर्माण की बात आई तो कई लोगों ने इस बारे में अपनी राय देनी शुरू कर दी। कुछ लोगों की राय थी कि उस जगह अस्पताल बनाया जाए, तो कुछ ने कहा कि एक स्कूल बनाया जा सकता है। कुछ ने तो यह तक सुझाया कि कोई उद्योग लगाया जा सकता है। ये वे लोग थे जिन्होंने भगवान राम को कभी समझा नहीं और उन्हें मन से कभी आत्मसात नहीं किया।'' रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘भगवान राम केवल पत्थर, लकड़ी या मिट्टी की मूर्ति नहीं हैं, वह हमारी संस्कृति और आस्था का केंद्र हैं। भगवान राम हमारी और हमारे देश की पहचान हैं।'' सिंह ने कहा, ‘‘हम अस्पताल, स्कूल बनाएंगे, उद्योग लगाएंगे और हम मंदिर भी बनाएंगे।''उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि केंद्र के प्रयासों के कारण ही पूर्वोत्तर आज दिल्ली और लोगों के दिल के करीब आ गया है। सिंह ने कहा कि आज उत्तर पूर्व में अभूतपूर्व शांति है जिसकी वजह से क्षेत्र के अनेक हिस्सों से ‘सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम' (अफस्पा) हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' केवल नारा नहीं बल्कि जन आंदोलन बन गया है।सिंह ने कहा, ‘‘मैं रक्षा मंत्री के रूप में कह सकता हूं कि आज महिलाएं सशस्त्र बलों में शामिल होकर उसे और मजबूती प्रदान कर रही हैं। वे लड़ाकू पायलट के रूप में लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं। हाल में, मैंने तोपखानों में महिलाओं को शामिल करने को मंजूरी दी।'' उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में महिलाओं के शामिल होने के साथ हम मिलकर महिला सशक्तीकरण और सशस्त्र बलों को मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। -
अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के जाकिर नगर में रोंगटे खड़े कर देने वाली एक वारदात में एक युवक ने अपने माता-पिता की कथित तौर पर कैंची से ताबड़तोड़ प्रहार करके हत्या कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बृहस्पतिवार को बताया कि कुवारसी थाना क्षेत्र स्थित जाकिर नगर कॉलोनी में आरोपी गुलामुद्दीन नामक 24 वर्षीय युवक ने अपने पिता इसहाक (62) और सौतेली मां शहजादी बेगम (57) की बुधवार देर रात कैंची से ताबड़तोड़ प्रहार करके हत्या कर दी। वारदात का एक कथित वीडियो भी सामने आया है।
नैथानी के मुताबिक, दंपति की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और हत्यारोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। नैथानी ने बताया कि आरोपी गुलामुद्दीन का अपने माता-पिता से पिछले कुछ दिनों से अक्सर झगड़ा होता था। उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है। पड़ोसियों के मुताबिक, आरोपी गुलामुद्दीन को शक था कि उसकी सौतेली मां शहजादी बेगम उसे जहर देकर मार डालने की योजना बना रही है, जिसे लेकर उनके बीच अक्सर झगड़ा होता था। उन्होंने बताया कि बुधवार रात को भी आरोपी गुलामुद्दीन और शहजादी बेगम के बीच झगड़ा हुआ था।बहरहाल, पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की जांच कर रही है। -
नई दिल्ली। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा है कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर आधारित है जिसमें निहित संदेश पूरी दुनिया में प्रतिध्वनित होता है। श्री मुरलीधरन ने केरल के कुमारकोम में दूसरी शेरपा बैठक के पूर्ण सत्र में अपनी विशेष टिप्पणी में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हरित विकास, डिजीटल व्यवस्था की बुनियादी सुविधाएं, समावेशी, लचीली और तेज रफतार वृद्धि और महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास जी-20 की प्राथमिकताएं हैं और संगठन के सभी सदस्य देशों ने इन पर सहमति व्यक्त की है। विदेश राज्य मंत्री ने आशा व्यक्त की, कि बैठक में भाग ले रहे प्रतिनिधियों को अब तक किए गए कार्यो और तय लक्ष्यों को प्राप्त करने की रूपरेखा पर जानकारी मिल पायेगी।
बाद में पूर्ण सत्र से अलग संवाददाताओं से बातचीत में श्री मुरलीधरन ने कहा कि पहले से तय कार्यक्रमों के अलावा जी-20 के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार की राउन्ड टेबल, आपदा जोखिम में कमी और स्टार्टअप पर बैठक का भी कार्यक्रम है। मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार की बैठक में विज्ञान और प्रौदयोगिकी के क्षेत्र के मुददों और चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की जायेगी जबकि आपदा जोखिम में कमी से जुडी बैठक में जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुददों पर विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा कि देश में अब तक 27 शहरों में 46 बैठकें हो चुकी हैं। -
नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत निर्यात बढ़ाने के लिए अगले चार महीने में बड़े पैमाने पर वैश्विक प्रयास शुरू करेगा। आज नई दिल्ली में विदेश व्यापार नीति 2023-28 की घोषणा करते हुए श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि 2030 तक देश का निर्यात दो ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेश व्यापार नीति 2023 से ई-कॉमर्स निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा और 2030 तक यह दो सौ से तीन सौ बिलियन डॉलर का हो जाएगा। श्री गोयल ने कहा कि पहले वित्त वर्ष 2023 तक कुल निर्यात साढ़े सात सौ बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य था, पर अब यह सात सौ 65 से सात सौ 70 बिलियन डॉलर रहेगा। विदेश व्यापार नीति भारतीय रुपये में भी व्यापार को प्रोत्साहन देगी।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एकीकृत शुल्क लागू करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड की सराहना की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ट्वीट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे ऊर्जा और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार बताया है। श्री पुरी ने अपने ट्वीट संदेशों में बताया था कि शुल्क की इस प्रणाली से वन नेशन, वन ग्रिड, वन टैरिफ के मॉडल को लागू करने में मदद मिलेगी और दूर दराज के इलाकों में भी गैस के बाजार को बढ़ावा मिलेगा। श्री पुरी ने कहा कि एकीकृत शुल्क प्रणाली देश भर में आर्थिक विकास के उद्देश्य से लागू की गई है।
एक अन्य ट्वीट में श्री मोदी ने राष्ट्रीय इंटर कॉलेज क्रॉसवर्ड एक्पीडिशन 2023 आयोजित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं खास कर क्रॉसवर्ड का शौक करने वालों की इसमें दिलचस्पी बढ़ेगी। - ठाणे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुंबई-गोवा राजमार्ग का काम इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा, जिससे राज्य के कोंकण क्षेत्र में विकास को बड़ी गति मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने पलास्पे-इंदुपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य मार्गों को पक्का करने के लिए पनवेल में आयोजित ‘भूमि पूजन' समारोह के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की समस्याओं, भूमि अधिग्रहण, मंजूरियों जैसे मुद्दों के कारण राज्य के कोंकण क्षेत्र में कई काम रुके हुए हैं। इस दौरान गडकरी ने 13,000 करोड़ रुपये की लागत से मोरबे-करंजदे सड़क के निर्माण की भी घोषणा की। यह सड़क जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह से होकर जाएगी और मुंबई तथा दिल्ली के बीच की दूरी को घटाकर 12 घंटे कर देगी। उन्होंने कहा कि 1,200 करोड़ रुपये से कालम्बोली जंक्शन और 1,200 करोड़ रुपये से पगोडे जंक्शन पर भी काम जल्द ही शुरू होगा। उन्होंने कहा कि काफी समय से रुके हुए मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग का काम इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा, जिससे कोंकण क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। गडकरी ने कहा, ‘‘मुंबई-गोवा राजमार्ग, महाराष्ट्र के कोंकण में 66 पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। इससे विकास को बहुत बढ़ावा मिलेगा। यह फलों के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र से फलों और अन्य उत्पादों का जल्द परिवहन भी सुनिश्चित करेगा।'






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