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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ भाषा का प्रयोग करने वाले भाषण को पढ़ने से इनकार करने के बाद कर्नाटक में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज सुबह 11 बजे विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने, भाषण में केंद्र-विरोधी कठोर शब्दों पर आपत्ति जताते हुए भाषण देने से असहमति जताई।
राज्यपाल का क्या है कहना?राज्यपाल का कहना है कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ कानून के विरोध में इस्तेमाल की गई भाषा अतिरंजित है और उससे द्वेष की भावना झलकती है। उन्होंने सरकार द्वारा तैयार लगभग 100 अनुच्छेदों वाले भाषण में से 11 अनुच्छेदों को आपत्तिजनक बताया है और स्पष्ट किया है कि इन्हें हटाए जाने पर ही वे भाषण देंगे। इस संबंध में राज्य सरकार को संदेश भी भेजा गया है।यह विवाद अब बना एक संवैधानिक टकरावहालांकि, राज्य सरकार ने राज्यपाल की आपत्तियों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में अनुच्छेदों को हटाया नहीं जाएगा और राज्यपाल को सरकार द्वारा तैयार किया गया भाषण ही पढ़ना होगा। इस घटनाक्रम के चलते संयुक्त सत्र में राज्यपाल की उपस्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में गहरी उत्सुकता बनी हुई है। राज्य में यह विवाद अब एक संवैधानिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी सहायता को मंजूरी दे दी है। यह 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी वित्तीय सेवा विभाग द्वारा सिडबी में तीन चरणों में निवेश की जाएगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2025–26 में 3,000 करोड़ रुपए का निवेश 31.03.2025 के बुक वैल्यू पर प्रति शेयर 568.65 रुपए किया जाएगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026–27 और 2027–28 में क्रमशः 1,000 करोड़ रुपए, 1,000 करोड़ रुपए की राशि संबंधित पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की 31 मार्च की बुक वैल्यू पर निवेश की जाएगी।
इसकी जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि आज मंत्रिमंडल द्वारा लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया (एसआईडीबीआई) को इक्विटी सहायता प्रदान करने से संबंधित निर्णय से अनगिनत लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ होगा और इस प्रकार एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान मिलेगा।5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी निवेश के बाद वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले एमएसएमई की संख्या वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में 76.26 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक 102 लाख (अर्थात लगभग 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थी जोड़े जाएंगे) होने की उम्मीद है। एमएसएमई मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों (30.09.2025 तक) के अनुसार, 6.90 करोड़ एमएसएमई (अर्थात प्रति एमएसएमई औसतन 4.37 व्यक्तियों का रोजगार सृजन) द्वारा कुल 30.16 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है।इस औसत को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2027–28 के अंत तक अनुमानित 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थियों के जुड़ने से लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार के सृजन का अनुमान है।निर्देशित ऋण पर विशेष ध्यान तथा आगामी पांच वर्षों में पोर्टफोलियो में अपेक्षित वृद्धि के कारण, सिडबी की बैलेंस शीट पर जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इस वृद्धि के चलते पूंजी-जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) के समान स्तर को बनाए रखने के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी।इसके अतिरिक्त, ऋण प्रवाह को बढ़ाने के उद्देश्य से सिडबी द्वारा विकसित किए जा रहे डिजिटल एवं डिजिटल रूप से सक्षम, संपार्श्विक-मुक्त वाले ऋण उत्पाद तथा स्टार्ट-अप्स को प्रदान किया जा रहा उद्यम ऋण भी जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में वृद्धि करेगा, जिसके परिणामस्वरूप स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने के लिए और अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी।अधिदेशित (निर्धारित) स्तर से काफी ऊपर स्वस्थ सीआरएआर को बनाए रखना क्रेडिट रेटिंग की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त शेयर पूंजी के निवेश से स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने में सिडबी को लाभ होगा। इस अतिरिक्त पूंजी निवेश से सिडबी को उचित ब्याज दरों पर संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रतिस्पर्धी लागत पर ऋण प्रवाह में वृद्धि हो सकेगी।प्रस्तावित इक्विटी पूंजी का चरणबद्ध अथवा क्रमिक निवेश अगले तीन वर्षों में उच्च दबाव परिदृश्य के अंतर्गत सीआरएआर को 10.50 प्रतिशत से ऊपर तथा पिलर-1 और पिलर-2 के अंतर्गत 14.50 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने में सिडबी को सक्षम बनाएगा। - नयी दिल्ली ।”भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को दावा किया कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को क्रमशः पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हराकर पहली बार अपनी सरकार बनाएगी। एक बयान में पार्टी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी की राज्य इकाइयों द्वारा प्रस्तुत जमीनी रिपोर्टों के आधार पर, उसे आगामी चुनावों में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार और तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन सरकार को सत्ता से बेदखल करने का पूरा भरोसा है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि बैठक में नवीन ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में भाजपा की अब तक की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इन सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाजपा अध्यक्ष के समक्ष अपनी-अपनी “तैयारी रिपोर्ट” प्रस्तुत की। सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया।”उन्होंने कहा, “प्रदेश भाजपा अध्यक्षों और राज्य प्रभारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर, यह विश्वासपूर्वक कहा जा सकता है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी जनता के आशीर्वाद से पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।” सिंह ने कहा कि बैठक में राज्य इकाइयों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर, भाजपा असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में भी इस बार भाजपा-राजग सरकार बनेगी।”भाजपा नेता ने कहा, “पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सत्ता में वापसी की पूरी संभावना है, वहीं केरल में भी आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के बहुत मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।” राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन ने नयी जिम्मेदारियां संभालने के एक दिन बाद बुधवार को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली रणनीति बैठक की और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की।
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पुरी/ ओडिशा के पुरी स्थित 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर को बम हमले की धमकी एक सोशल मीडिया पोस्ट से मिलने के बाद मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस ऑनलाइन पोस्ट के संबंध में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को सामने आए फेसबुक संदेश में बीजू जनता दल (बीजद) के राज्यसभा सदस्य सुभाषीश खुंटिया और तीर्थ नगरी पुरी के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर हमले की धमकी भी दी गई थी। अधिकारी के अनुसार, जिस महिला के अकाउंट से यह पोस्ट की गई थी, उसने इसमें किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और दावा किया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके नाम से फर्जी यूजर आईडी बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश की होगी। महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए पकड़ा है।
पुरी के साइबर पुलिस थाने में इस संबंध में एक मामला दर्ज करके आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “मंदिर परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस बीच, सांसद खुंटिया ने कहा कि उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर पुरी के पुलिस अधीक्षक से बात की है। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से धमकी वाली एक कॉल आयी थी। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन नवीन ने लोगों, खासकर युवाओं से राजनीति में आने की मंगलवार को अपील की, ताकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जा सके। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके काम का उचित सम्मान मिलने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि भाजपा में हर किसी के प्रयासों पर नजर है। भाजपा मुख्यालय में पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपने नाम की घोषणा के बाद नवीन ने एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने, "सनातन परंपराओं और आस्था" की रक्षा करने और देश को जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से बचाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने का आह्वान किया था। मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूं कि राजनीति से दूर रहना समाधान नहीं, बल्कि सक्रिय योगदान देना ही समाधान है।" नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के भारत को विकसित देश बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए युवाओं को आगे आकर "सकारात्मक राजनीति" में भाग लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं युवाओं को यह भी बताना चाहूंगा कि राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं है। राजनीति सौ मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि मैराथन है, जहां गति नहीं बल्कि सहनशक्ति की परीक्षा होती है। आगे आइए और अपनी जड़ों को मजबूत रखते हुए इस राजनीतिक मैदान पर काम कीजिए।" उन्होंने कहा, "आज संकल्प लेने का समय है। आज मैं न केवल एक पद ग्रहण कर रहा हूं, बल्कि पार्टी की विचारधारा और परंपराओं तथा एक राष्ट्रवादी आंदोलन को भी अपना रहा हूं।" ‘संगठन पर्व' के समापन के बाद, जिसमें बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी के विभिन्न पदों के लिए चुनाव हुए, मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में नवीन (45) को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। वह बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और 14 दिसंबर को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने से पहले राज्य सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री रह चुके हैं। भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ और मंडल स्तर पर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “भाजपा की निगरानी व्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह हर छोटी से छोटी बात पर नजर रख सकती है और एक दिन आपको उस मुकाम तक पहुंचाएगी, जिसके आप हकदार हैं।” भाजपा के नए अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आगामी चुनावों से पहले राज्यों में "जनसांख्यिकीय परिवर्तनों" पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारण वहां चीजें किस प्रकार बदल गई हैं, जो हमारे सामने एक चुनौती है। लेकिन मुझे विश्वास है कि भाजपा कार्यकर्ता अपनी पूरी ताकत और संघर्ष तथा कड़ी मेहनत से इन पांच राज्यों में मजबूत नेतृत्व प्रदान करेंगे।” नवीन ने हाल में तमिलनाडु में ‘कार्तिगई दीपम' विवाद का जिक्र करते हुए द्रमुक, कांग्रेस और ‘इंडिया' गठबंधन की अन्य विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हाल में हमने देखा कि विपक्षी दलों ने कार्तिगई दीपम (तमिलनाडु में पारंपरिक दीपक प्रज्ज्वलन) को रोकने और (मदुरै उच्च न्यायालय के) न्यायाधीश पर महाभियोग चलाने के प्रयास किए। सोमनाथ और संभीमन पर्व मनाने की बात आने पर भी विपक्षी दलों को आपत्ति रहती है।" भाजपा प्रमुख ने कहा, “ऐसी ताकतों को हराना जरूरी है, जो हमारी परंपराओं में बाधा डालने की कोशिश करती हैं, राम सेतु के अस्तित्व को नकारती हैं और कार्तिगई दीपम का विरोध करती हैं। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने होंगे कि इस तरह की ताकतों को भारतीय राजनीति में कोई जगह न मिले।” भाजपा अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिस प्रकार प्रधान सेवक के रूप में राष्ट्र की सेवा की है, वह सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। नवीन ने कहा कि उनके कार्यकाल में सर्वांगीण और समावेशी विकास की परिकल्पना को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जमीनी स्तर पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी का मूल मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' पूरे देश में गूंज उठा है और लोग इससे जुड़ाव महसूस करते हैं।" नवीन ने कहा कि भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष जे पी नड्डा के कार्यकाल के दौरान, पार्टी ने उनके नेतृत्व में "अभूतपूर्व विस्तार" देखा। उन्होंने कहा, “कोविड महामारी के दौरान जब विपक्षी नेता अपने घरों में छिपे हुए थे, तब भाजपा कार्यकर्ता नड्डा के आह्वान पर मरीजों की सेवा में हर पल तत्पर रहे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन के कारण ही देश इस कठिन दौर से उबरकर आगे बढ़ सका। नवीन ने पूर्व भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी के कार्यकाल की भी सराहना की, जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच पर बैठे थे। नवीन ने कहा कि पार्टी अपने सभी पूर्ववर्तियों और कार्यकर्ताओं के बलिदान और योगदान के कारण दुनिया के सबसे बड़े और सबसे मजबूत राजनीतिक संगठन के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा, “जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब वह बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का भी ध्यान रखते थे।” नवीन ने कहा कि भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रवाद के आदर्शों को बढ़ावा देने और भारत माता के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी आज जिस मुकाम पर पहुंची है, वह उनके "तपस्या और बलिदान" का ही परिणाम है।
नवीन ने कहा, भाजपा कोई साधारण पार्टी नहीं है। हम ‘देश पहले, पार्टी बाद में और खुद सबसे आखिर में' के विचार के साथ काम करते हैं। प्रधानमंत्री और हमारे संस्थापक नेताओं ने हम सभी को देश को सबसे ऊपर रखने की सोच से जोड़ा है।'' उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि अपने सभी प्रयासों में देश को सबसे पहले रखें और अपने नेताओं के संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लें।” -
भुवनेश्वर. उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 23 जनवरी को ओडिशा का एक दिवसीय दौरा करेंगे। इस दौरान वह कटक में स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मस्थल पर उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कटक में नेताजी जन्मस्थान संग्रहालय का दौरा करने के अलावा उपराष्ट्रपति जिला संस्कृति भवन का भी उद्घाटन करेंगे। नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक में हुआ था। मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपराष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में विशेष निर्देश दिए। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, राधाकृष्णन शुक्रवार को सुबह करीबी आठ बजकर 50 मिनट पर भुवनेश्वर में बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और सीधे सड़क मार्ग से कटक के लिए रवाना होंगे। वह वहां सुबह नौ बजकर 35 मिनट पर पहुंचेंगे। उपराष्ट्रपति भुवनेश्वर लौटेंगे और लोक भवन (पूर्व में राजभवन) में दोपहर का भोजन करेंगे, जिसके बाद वह अपराह्न दो बजे तक कोलकाता के लिए रवाना हो जाएंगे।
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नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के शहरों रोहतक, मानेसर, पानीपत और करनाल में वायु प्रदूषण कम करने के लिए बनाए गए एक्शन प्लान की गहन समीक्षा की। उन्होंने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें इन शहरों की वायु गुणवत्ता सुधारने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री ने पीएम10 कणों के लगातार ऊंचे स्तर को लेकर गहरी चिंता जताई। साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन की समस्याओं पर भी ध्यान दिया, खासकर निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) कचरे की समस्या पर, जो औद्योगिक इलाकों में सबसे ज्यादा देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को जल्द हल करने के लिए फंडिंग और मंजूरी से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ जल्द ही एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि एनसीआर के सभी शहरों को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के दायरे में लाया जाना चाहिए, ताकि एक समान तरीके से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास हो सकें।बैठक में अधिकारियों ने प्रस्तुति दी, जिसकी समीक्षा के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘स्थापना की सहमति’ (सीटीई) और ‘संचालन की सहमति’ (सीटीओ) वाली और बिना अनुमति वाली सभी औद्योगिक इकाइयों का पूरा डेटा इकट्ठा किया जाए। एनसीआर के सभी जिला मजिस्ट्रेटों और कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि वे सीटीओ/सीटीई अनुमतियों, बिजली कनेक्शन और जीएसटी पंजीकरण वाली औद्योगिक इकाइयों की जानकारी एकत्र करें। इन आंकड़ों को मिलाकर अवैध और नियमों का पालन न करने वाली फैक्टरियों की पहचान की जाए, खासकर ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना के मामले में।वायु गुणवत्ता की रीयल-टाइम निगरानी मजबूत करने के लिए समीर ऐप से जुड़े स्वचालित निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों (सीएएक्यूएमएस) की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया गया। भूपेंद्र यादव ने उन लोगों और संगठनों में जागरूकता फैलाने पर बल दिया जिनकी गतिविधियां प्रदूषण बढ़ाती हैं। उन्होंने छोटे शहरों में सड़क की चौड़ाई और यात्रियों की संख्या के हिसाब से सही आकार के इलेक्ट्रिक सार्वजनिक वाहन उपलब्ध कराने की बात कही। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।सड़कों की सफाई के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और छोटी सड़कों के लिए हैंडहेल्ड वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल इलेक्ट्रिक या सीएनजी आधारित मशीनें ही ऑपरेशनल खर्च मॉडल के तहत खरीदी जाएं। धूल नियंत्रण के लिए खुले स्थानों और फुटपाथों पर स्थानीय प्रजाति की झाड़ियां लगाने तथा गड्ढों की तुरंत मरम्मत करने के आदेश दिए गए।ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सभी शहरों में अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन योजनाएं बनाने को कहा गया। निर्माण और विध्वंस कचरे के लिए 5 किलोमीटर के ग्रिड में संग्रह केंद्र स्थापित करने और उन्हें निकटतम प्रोसेसिंग यूनिट से जोड़ने के निर्देश दिए गए।मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे जिम्मेदारी लें, स्थानीय लोगों को शामिल करें और नवाचारी लेकिन व्यावहारिक समाधान अपनाकर जमीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व दिखाएं। बैठक से निकले सभी एक्शन पॉइंट्स को संकलित किया जाएगा और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) द्वारा इनकी रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी। लक्ष्य है कि 2026 तक एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में कम से कम 15-20 प्रतिशत की कमी लाई जाए। इसके लिए नियमित अंतराल पर लक्ष्य-आधारित कार्रवाई और जवाबदेही तय की जाएगी।बैठक में सीएक्यूएम के चेयरमैन, पर्यावरण मंत्रालय, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, एनएचएआई, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा संबंधित शहरों के आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट शामिल हुए। -
नई दिल्ली। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उद्घाटन की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को यात्रियों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और इसकी टिकट बुकिंग खुलने के कुछ ही घंटों के अंदर पूरी भर गई। यह जानकारी रेल मंत्रालय की ओर से मंगलवार को दी गई। देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कामाख्या और हावड़ा के बीच चलेगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 17 जनवरी 2026 को हरी झंडी दिखाई गई थी।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “कामाख्या (केवाईक्यू) और हावड़ा (एचडब्ल्यूएच) के बीच चलने वाली वंदे भारत शयनयान रेलगाड़ी (रेलगाड़ी संख्या 27576) की पहली व्यावसायिक यात्रा को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। पीआरएस और अन्य साइटों के माध्यम से टिकट बुकिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर सभी सीटें बुक हो गईं।”रेल मंत्रालय के मुताबिक, पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 22 जनवरी 2026 से कामाख्या से और 23 जनवरी 2026 से हावड़ा से अपनी पहली व्यावसायिक यात्रा शुरू करेगी। इस नई रेल सेवा के लिए टिकट बुकिंग 19 जनवरी 2026 को सुबह 8:00 बजे शुरू हुई। 24 घंटे से भी कम समय में सभी श्रेणियों के टिकट पूरी तरह बिक गए, जो इस प्रीमियम सेमी-हाई-स्पीड रेल सेवा के प्रति जनता के जबरदस्त उत्साह को दर्शाता है।रेलवे ने बयान में आगे कहा, “अपनी पहली ही व्यावसायिक यात्रा में मिली इस शानदार प्रतिक्रिया से यात्रियों की तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक रेल यात्रा विकल्पों के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट दिखाई देती है। कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत शयनयान रेलगाड़ी से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है, जो आधुनिक सुविधाएं, बेहतर यात्रा समय और विश्व स्तरीय रात्रिकालीन यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।”इसके अतिरिक्त, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को नौ नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू करने का ऐलान किया है, इनमें कामाख्या -रोहतक, हावड़ा- आंनद विहार टर्मिनल, बेंगलुरु-अलीपुरद्वार, अलीपुरद्वार-मुंबई और गोमती नगर-डिब्रूगढ़ जैसे रूट्स शामिल हैं। -
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने पिछले 13 महीनों में 1,000 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी की है। इसकी जानकारी एम्स की ओर से मंगलवार को दी गई।
एम्स के सर्जिकल डिपार्टमेंट में रोबोटिक सर्जरी एक साल से भी ज्यादा समय पहले शुरू की गई थी ताकि मुश्किल सर्जिकल चुनौतियों का सामना किया जा सके।एम्स ने एक बयान में कहा कि इस लेटेस्ट सर्जिकल रोबोट ने अब तक कई सर्जरी की है, जिनमें पैंक्रियाटिक ड्यूओडेनेक्टॉमी, गैस्ट्रेक्टोमी, एसोफेगेक्टॉमी, कोलेक्टॉमी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मैलिग्नेंसी के लिए एंटीरियर रिसेक्शन, किडनी ट्रांसप्लांटेशन, और एंडोक्राइन ट्यूमर के लिए थायरॉइड, पैराथायरॉइड, एड्रेनल और पैंक्रियास का मिनिमली इनवेसिव रिसेक्शन जैसे हेपेटोबिलरी प्रोसिजर शामिल हैं।दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रोपॉलिटन शहरों के प्राइवेट अस्पतालों ने पिछले दस सालों में यूरोलॉजी और गायनेकोलॉजी जैसी स्पेशलिटी में रोबोटिक सिस्टम अपनाए हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में, खासकर जनरल सर्जरी के लिए, इन्हें अपनाना काफी कम रहा है। एम्स पब्लिक हेल्थकेयर सेटअप में एडवांस्ड रोबोटिक कैपेबिलिटी लाकर इस कमी को पूरा कर रहा है, और यह पक्का कर रहा है कि अलग-अलग सोशियो-इकोनॉमिक बैकग्राउंड के मरीजों को इस टेक्नोलॉजी का फायदा मिले।डिपार्टमेंट के हेड प्रोफेसर सुनील चुंबर ने कहा कि एम्स एक एकेडमिक इंस्टीट्यूट है। डिपार्टमेंट में सौ से ज्यादा सर्जिकल रेजिडेंट अपनी सर्जिकल ट्रेनिंग ले रहे होते हैं। सिस्टम के सफल इंस्टॉलेशन से हमारे रेजिडेंट डॉक्टरों को अपनी रेजिडेंसी पीरियड के दौरान इस लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर ट्रेनिंग लेने का पूरा मौका मिलेगा। इसने हमारे ट्रेनिंग करिकुलम को दुनिया के किसी भी जाने-माने मेडिकल इंस्टीट्यूट के बराबर कर दिया है।उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के कई फायदे हैं, जिसमें खून का कम बहना, हॉस्पिटल में कम समय रहना और मरीजों का जल्दी ठीक होना शामिल है।एम्स के सर्जरी डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. मोहित जोशी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह एक नई तरह की टेक्नोलॉजी है और एम्स, जो भारत का नंबर वन इंस्टीट्यूट है, देश में कहीं भी होने वाली किसी भी नई टेक्नोलॉजी या तरक्की में हमेशा सबसे आगे रहता है।उन्होंने कहा कि हमारा अनुभव बहुत अच्छा रहा है, क्योंकि हमारे डिपार्टमेंट के लगभग सभी सर्जन रोबोटिक सर्जरी में ट्रेंड हैं और एक्टिव रूप से सर्जरी कर रहे हैं, क्योंकि हमारे डिपार्टमेंट के पास अपना सर्जिकल रोबोट है, इसलिए हमारे पास रोबोटिक प्रोसिजर के लिए खास तौर पर एक डेडिकेटेड ओटी है। -
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की सुरक्षा बढ़ाई गई है। नितिन नबीन को ‘जेड’ कैटेगरी की सिक्योरिटी दी गई है। इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के कमांडो उन्हें सुरक्षा देंगे।
भाजपा ने मंगलवार को नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की औपचारिक घोषणा की। इस अवसर पर भाजपा कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नव नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का अभिनंदन किया।नितिन नबीन ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जेपी नड्डा की जगह ली है। वे भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। इस सबसे बड़े पद पर पहुंचने वाले वे पार्टी के सबसे कम उम्र के नेता हैं। इससे पहले, 14 दिसंबर 2025 को 45 वर्षीय नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया था।उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने से पहले दिल्ली स्थित झंडेवालान देवी मंदिर और वाल्मीकि मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए। इसके अलावा, दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचकर श्रद्धापूर्वक मत्था टेका।नवीन नबीन बिहार विधानसभा के पांच बार सदस्य रह चुके हैं और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री रहे हैं। उन्हें उनकी लगातार संगठनात्मक कुशलता और प्रशासनिक अनुभव के लिए व्यापक रूप से पहचाना जाता है। 23 मई 1980 को झारखंड के रांची में जन्मे नबीन ने कम उम्र में ही चुनावी राजनीति में कदम रखा और पहली बार 2006 में पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा के लिए चुने गए।2010 से नितिन नबीन लगातार बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने जा रहे हैं। उन्होंने 2010, 2015, 2020 और 2025 में जीत हासिल की। इस तरह वे पांच बार विधायक बने। उन्होंने बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में सड़क निर्माण, शहरी विकास और आवास और कानून जैसे प्रमुख विभागों का भी कार्यभार संभाला है। ( -
सहारनपुर (उप्र). सहारनपुर जिले के सरसावा थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी से मंगलवार की सुबह एक दंपति समेत परिवार के पांच शवों को पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि थाना सरसावा क्षेत्र की कौशिक विहार कॉलोनी में एक मकान के एक कमरे में अमीन के पद पर कार्यरत अशोक राठी (40), उसकी पत्नी अजिंता (37), मां विद्यावती (70), पुत्र कार्तिक (16) और देव (13) के शव बरामद हुए। अमीन के पास से तीन पिस्टल भी मिली हैं। सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आशीष तिवारी ने बताया कि आज सुबह ही पुलिस को यह जानकारी मिली कि सरसावा की कौशिक विहार कॉलोनी में एक अमीन सहित उनके परिवारजनों के कुल पांच शव उन्हीं के मकान के एक कमरे में मिले हैं। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मृतकों के शव एक ही कमरे में पाये गये। उन्होंने बताया कि अशोक राठी के शव के बगल में तीन लोडेड पिस्टलें भी मिलीं। अमीन के पद पर कार्यरत रहे अशोक राठी सहित सभी के सिर पर गोली लगी है। तिवारी ने बताया कि गोली बहुत पास से मारी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा अशोक राठी सहित उसके पारिवारिक परिवेश की जानकारी ली जा रही है और पूरे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौके से बरामद तीनों पिस्टल देशी हैं और वह लाइसेंसी हैं या नहीं, इसकी जांच कराई जा रही है। एसएसपी ने अब तक की छानबीन के हवाले से बताया कि अशोक राठी को अपने पिता की मौत के बाद उनकी जगह मृतक आश्रित श्रेणी में अमीन की नौकरी मिली थी और वह नकुड़ तहसील में अमीन के पद पर कार्यरत था। उसके दोनों बेटे दसवीं और 11वीं कक्षा में पढ़ रहे थे। पुलिस ने अमीन अशोक राठी के घर को सील कर दिया है ताकि किसी भी स्तर पर जांच प्रभावित न हो पाये। एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव बरामद होने की सूचना मिलते ही सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह, एसएसपी आशीष तिवारी, एसपी देहात सागर जैन सहित फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा जा रहा है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अवैध प्रवासन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए मंगलवार को कहा कि ऐसे लोगों की पहचान करके उन्हें उनके संबंधित देशों में वापस भेजा जाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में नितिन नवीन (45) को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किए जाने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने शहरी नक्सलियों और जनसंख्या असंतुलन को भी देश के सामने महत्वपूर्ण चुनौतियों के रूप में बताया। मोदी ने कहा कि कुछ अमीर और ताकतवर देश, जो खुद को दुनिया का मालिक समझते हैं, अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें देश से निकाल रहे हैं, और कोई उनके काम पर सवाल नहीं उठा रहा। प्रधानमंत्री ने कहा, "ये देश लोकतंत्र का झंडा लहराते हैं और खुद को दुनिया का मालिक समझते हैं। दुनिया भर में कोई भी अवैध प्रवासियों को स्वीकार नहीं करता। यह आवश्यक है कि उनकी पहचान की जाए और उन्हें उनके देशों में वापस भेजा जाए।" मोदी ने कहा, "भारत कभी भी अवैध प्रवासियों को अपने लोगों और गरीबों से संबंधित सेवाओं को लूटने की अनुमति नहीं देगा।" प्रधानमंत्री ने कुछ राजनीतिक दलों पर वोट बैंक की राजनीति के हित में अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने और उन्हें पनाह देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हमें उनका पर्दाफाश करना होगा और उन्हें जनता के सामने बेनकाब करना होगा।" मोदी ने कहा, "एक और बड़ी चुनौती शहरी नक्सलियों की है जो वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ा रहे हैं।"
मोदी ने दावा किया कि जो लोग उनके या सरकार के बारे में, भले ही कभी-कभार ही सही, सकारात्मक बोलते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है और चुप करा दिया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "अगर वे साल में एक या दो बार भी मोदी के बारे में कुछ सकारात्मक ट्वीट करते हैं, या टीवी पर कुछ सकारात्मक कहते हैं, या अखबार में कुछ सकारात्मक लिखते हैं, तो कुछ उन्हें इतना निशाना बनाते हैं कि उनका पीछा किया जाता है और उन्हें अछूत बना दिया जाता है...यही शहरी नक्सलियों का तरीका है।" मोदी ने कहा कि वर्षों तक भाजपा को अलग-थलग रखा गया और उसे अछूत समझा गया। उन्होंने दावा किया कि अब देश इन हथकंडों को पहचान रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "शहरी नक्सली लगातार भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। हमें अपने संगठन और विचारधारा की ताकत से इस गठजोड़ को हराना होगा।" -
लखनऊ. लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक लगती है। पीठासीन अधिकारियों के 86वें अखिल भारतीय सम्मेलन के दूसरे दिन यहां विधानभवन के मंडप (जहां सत्र की कार्यवाही संचालित होती है) में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि इस विधानसभा में पहले भी आना हुआ है और उत्तर प्रदेश की विधानसभा जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक लगती है। बिरला ने कहा कि प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने देश और दुनिया की सबसे बड़ी विधानसभा में लोकतांत्रिक मूल्यों, श्रेष्ठ परंपराओं, अच्छी परिपाटियों को लागू किया। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा के विशेष योग्यता धारक जनप्रतिनिधियों, डॉक्टर, इंजीनियर, सनदी लेखाकार आदि, के अनुभवों का महाना ने पेशेवरों के अलग-अलग समूह बनाकर लाभ उठाया। सम्मेलन में उप्र विधानसभा के बदलाव से संबंधित दिखाई गई 13 मिनट की एक लघु फिल्म की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “उप्र विधानसभा ने महिलाओं और युवाओं के अलग- अलग सत्र आयोजित किये, ताकि महिलाओं की भागीदारी राजनीति में बढ़े और उसकी प्रेरणा सभी राज्य की महिलाओं को मिले। युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र में बढ़ाने के लिए युवा संवाद और युवा चर्चा जैसे सत्र आयोजित करने जैसे अच्छे प्रयास किये गये।” लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी विधानसभा की श्रेष्ठ परिपाटी, परंपराएं, नियमों में बदलाव, लोकतंत्र में भागीदारी, नये प्रयोग प्रेरणादायी होते हैं और निश्चित रूप से हम इसीलिए चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने अपने छह साल के कार्यकाल में बदलती लोकतांत्रिक विधानसभाओं का स्वरूप देखा है। विधानसभाओं में पहले गया और उसके तीन-चार साल बाद गया...सभी माननीय अध्यक्षों ने बदलाव किया और समाज की सक्रिय भागीदारी के लिए बहुत प्रयास किये।” बिरला ने कहा कि स्थायी समिति की बैठक में इस पर चर्चा भी हुई और मुझे आशा है कि आप बहुमूल्य सुझाव देंगे तो उसके लिए एक समिति बनाकर शीघ्र ही इसी सत्र के अंदर राज्यों की विधानसभाओं व लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का और विश्वास बनाने, चर्चाओं और संवाद के सकारात्मक परिणाम के लिए प्रयास करेंगे। इसके पहले उप्र विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने अतिथियों का स्वागत किया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने दूसरे दिन सम्मेलन की शुरुआत कराई। इस अवसर पर अपने संबोधन में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा, “लोकतंत्र का सबसे सशक्त आधार जनता का अटूट विश्वास होता है। यह विश्वास रातों रात निर्मित नहीं होता और न ही वह किसी एक चुनावी सफलता के परिणाम से परिलक्षित होता है। यह निरंतर व्यवहार, सतत संवाद और अटूट उत्तरदायित्व की परिणति है।” देवनानी ने कहा, “हम सदन में बैठते हैं तो हमें संविधान के ट्रस्टी के रूप में व्यवहार करना चाहिए क्योंकि हमारे हाथ में जो शक्ति है वह जनता द्वारा दी गई पवित्र धरोहर है। जब हम जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही की बात करते हैं तो हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि विधायिका कोई स्वायत्त सत्ता केंद्र नहीं है बल्कि जनता की आकांक्षाओं और अभिलाषाओं का एक दर्पण है।” उन्होंने कहा, “सदन की सर्वश्रेष्ठता इस बात से तय नहीं होती कि वहां बहुमत कितना प्रभावी है बल्कि वह इस बात से तय होती है कि वहां अल्पमत की आवाज को कितना सम्मान और महत्व दिया जाता है।” असहमति के स्वर को महत्व देने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि जनता हमसे अपेक्षा करती है कि हम शासन के हर निर्णय की समीक्षा करें और एक एक पैसा जनकल्याण में खर्च हो, यह विधायिका की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारियों की भूमिका रेफरी या अंपायर से ज्यादा संरक्षक के रूप में होती है।
मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र तोमर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों और उप्र विधानसभा अध्यक्ष महाना के नये प्रयोगों की सराहना करते हुए कहा कि आज निश्चित रूप से हम सबके लिए प्रसन्नता का क्षण है कि जब उप्र के इस ऐतिहासिक विधान भवन में हम लोग अपनी बात रखने के लिए एकत्र हुए हैं। तोमर ने कहा कि बिरला जी जबसे लोकसभा अध्यक्ष बने हैं, तब से लगातार राज्यों की विधानसभा की सक्रियता, क्षमता, संपर्क बढ़े और लोकसभा से सम्बद्ध रखते हुए अपने राज्य के विधानमंडलों में कीर्तिमान बनाएं, इसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम ही है। उन्होंने चुनावी विसंगतियों की ओर इशारा करते हुए कहा, “आजकल चुनावों की ऐसी स्थिति हो गई है कि किसी भी प्रकार से चुनावों में टिकट प्राप्त हो, टिकट मिले तो किसी प्रकार से जीतें, जीतने के लिए किसी भी सीमा पर जाना पड़े...। स्वाभाविक रूप से चुनाव होंगे तो जो भी लड़ेगा जीतने के लिए लड़ेगा, लेकिन उसमें भी अर्न्तमापदंड स्थापित होंगे तो हम लोकतंत्र को और भी खूबसूरत बना सकेंगे। जवाबदेही को और ज्यादा सुनिश्चित करने में सफल हो सकेंगे।” त्रिपुरा विधानसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष राम प्रसाद पॉल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के संबलपुर जिले में स्थित हीराकुड जलाशय में सर्दी के इस मौसम में 4.21 लाख से अधिक पक्षी पहुंचे और यह पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। हीराकुड वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ अंशु प्रज्ञान दास ने मंगलवार को बताया कि छत्तीसगढ़ सीमा तक फैले 5.72 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित जलाशय में की गई पक्षियों की गणना के दौरान पांच नई प्रजातियों सहित 128 प्रजातियों के कुल 4,21,763 पक्षियों की संख्या दर्ज की गयी। उन्होंने कहा कि पक्षियों की तीन सबसे अधिक संख्या वाली प्रजातियां टफ्टेड डक (71,273), लेसर व्हिसलिंग डक (60,987) और कॉमन कूट (51,665) थीं। दास ने बताया कि गणना के दौरान देखी गई पांच नई प्रजातियां रड्डी क्रेक, ग्रेटर पेंटेड-स्नाइप, पेंटेड स्टॉर्क, लिटिल गल और सैंडरलिंग थीं। हर साल कैस्पियन सागर, बैकाल झील, अरल सागर, मंगोलिया, मध्य और दक्षिणपूर्व एशिया और हिमालय से हजारों पक्षी नवंबर से मार्च तक हीराकुड जलाशय में पहुंचते हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले शीतकाल में जलाशय में 122 प्रजातियों के 3.77 लाख से अधिक पक्षी आए थे। इसी प्रकार 2024 में 113 प्रजातियों के 3.42 लाख से अधिक पक्षी आए।
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों की भावनाओं से जुड़ने वाला ही बड़ा बन सकता है। कार्यकर्ता के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के देशसेवा के काम को करते हुए देखा है। उनसे सीखा है कि जो व्यक्ति खुद को लोगों की भावनाओं से जुड़ने वाला बना सकता है, वही बड़ा शख्स बनता है। भाजपा में राजनीति पदभार नहीं उत्तरदायित्व है।
नितिन नबीन ने पीएम मोदी के साथ एक कार्यक्रम में बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ”मुझे याद है कि जब मैंने पहली बार गुजरात के आणंद में आपके साथ एक कार्यक्रम में भाग लिया था। उस वक्त मैंने सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान आपको प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यान से सुनते हुए देखा था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद, जब आपने अपने कक्ष में हमसे बात की तो आपने बड़ी भावुकता से समझाया कि गुजरात से इतने सारे लोग क्यों आए थे। उस दिन मुझे समझ आया कि एक व्यक्ति तभी महान बनता है, जब वह जनता की भावनाओं से जुड़ता है।”उन्होंने कहा कि यदि आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है, तो इसकी वजह हमारा प्रेरणादायी नेतृत्व है, हमारी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की मेहनत है। वो कार्यकर्ता, जो अनवरत काम करता है, जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी भारत का ध्वज झुकने नहीं देता है, जो सीना ठोककर कहता है, तेरा वैभव अमर रहे माँ।नबीन ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु की एक पहाड़ी पर पवित्र कार्तिगै दीपम पर्व को रोकने की कोशिश की गयी। यह कोई एकमात्र घटना नहीं है; विपक्ष ने और भी कई बातों को रोकने की साजिश रची है। एक न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने का प्रयास किया गया। सोमनाथ में गौरव पर्व को मनाने से विपक्षी दलों के लोगों को असहजता होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी परंपराओं को रोकने की कोशिश करने वाली शक्तियों का सामना करना आवश्यक है। सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि राम सेतु के अस्तित्व से इनकार करने वाले और कार्तिगै दीपम पर्व का विरोध करने वालों के लिए भारतीय राजनीति में कोई स्थान न हो।नबीन ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने जा रहे हैं और इन राज्यों की जनसांख्यिकी पर व्यापक चर्चा हो रही है। बदलती जनसांख्यिकी वहां की स्थिति को बदल रही है और यह हमारे लिए एक चुनौती है लेकिन पूरा भरोसा है कि भाजपा कार्यकर्ता अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत के बल पर पार्टी को इन सभी पांचों राज्यों में सफलता दिलाएंगे।उल्लेखनीय है कि 1980 में जन्में नितिन नबीन ने अपनी राजनीतिक यात्रा की नींव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कड़े अनुशासन और अटूट राष्ट्रभक्ति से रखी। बीते दो दशकों में उन्होंने अपनी मेहनत और दूरदर्शिता से भाजपा संगठन में एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक का सफर तय किया है। वर्ष 2006 में उन्होंने पटना पश्चिम से पहली बार विधायक बनकर जनसेवा का संकल्प लिया और बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए पथ निर्माण और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अभूतपूर्व सुधार किए। -
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित 45 वर्षीय नितिन नबीन पार्टी के अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव के निर्वाचन अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे उनके निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा की। वे जगत प्रकाश नड्डा के स्थान पर अध्यक्ष बने हैं।
नितिन नबीन दिग्गज भाजपा नेता नवीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं। नितिन नबीन पटना की बांकीपुर सीट से पांचवीं बार विधायक हैं। वर्ष 2006 में उन्होंने पहली बार उपचुनाव में जीत हासिल की थी। उन्होंने 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा कुमारी को 51,936 मतों के अंतर से हराया था।नितिन नबीन को विगत 14 दिसंबर को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था और अब वे निर्वाचन के बाद पूर्णकालिक अध्यक्ष बने हैं। वे बिहार विधानसभा के पांच बार सदस्य रह चुके हैं और बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। पार्टी के बीच उनको संगठनात्मक कुशलता और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है।नितिन नबीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता थे। उनके निधन के बाद जब उपचुनाव हुआ, तब जनता ने उसी परिवार के बेटे पर भरोसा जताया। यही वह क्षण था जहां नितिन नबीन की राजनीतिक यात्रा शुरू हुई। उसके बाद जो हुआ, वह बिहार की राजनीति का एक चमकता हुआ अध्याय बन गया। बांकीपुर सीट से वह लगातार जीत रहे हैं।नबीन का जन्म 23 मई 1980 को अविभाजित बिहार के रांची (अब झारखंड) में हुआ था। उनके माता-पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और पटना पश्चिम से बिहार विधानसभा के चार बार विधायक रहे थे। उनकी माता मीरा सिन्हा थीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेंट माइकल हाई स्कूल, पटना से पूरी हुई, जहां से उन्होंने 1996 में सीबीएसई की 10वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने सीएसकेएम पब्लिक स्कूल, नई दिल्ली से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की और 1998 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। उनका विवाह दीपमाला श्रीवास्तव से हुआ है और उनके एक बेटा और एक बेटी हैं।नितिन नबीन ने बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में सड़क निर्माण, शहरी विकास एवं आवास और कानून जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार भी संभाला है। उनकी पहचान बिहार में पथ निर्माण मंत्री के रूप में एक युवा, ऊर्जावान और काम करने वाले नेता की बनी है लेकिन यह भी उतना ही सच है कि राजनीति के इस लंबे सफर में उनका पहला कदम विरासत की ताकत से उठाया गया था, जहां पिता की पहचान ने बेटे को राजनीति की भीड़ में अलग खड़ा कर दिया।नितिन नबीन युवा ऊर्जा, आधुनिक सोच और सक्रिय नेतृत्व का उदाहरण हैं। उनको इस बात का श्रेय भी दिया जाता है कि उन्होंने अपने क्षेत्र को शहरी विकास की नई धाराओं से जोड़ने का प्रयास किया है। चाहे सड़कें हों, बिजली, जलापूर्ति या ट्रैफिक व्यवस्था, हर मुद्दे पर उन्होंने सतत निगरानी रखी।अपने विधायी करियर के साथ-साथ, उन्होंने पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहां उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नेतृत्व के पद संभाले हैं। उन्हें सिक्किम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गयीं। नितिन युवा हैं, राजनीति में उन्हें लम्बे सफर के लिए तैयार किया जा रहा है। नितिन के अध्यक्ष बनने से बिहार भाजपा में भी यह साफ संदेश केंद्रीय नेतृत्व ने दिया है कि जो चुपचाप रहकर संगठन का काम पूरी निष्ठा-ईमानदारी के साथ करेगा उस पर ही भाजपा भरोसा करेगी। -
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को नितिन नबीन के रूप में अब तक का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मिला है। मंगलवार को नितिन नबीन औपचारिक रूप से भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। इस मौके पर ‘मोदी स्टोरी’ के तहत उनसे जुड़ा एक अनुभव साझा किया गया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले संगठनात्मक संस्कारों को याद किया।
‘मोदी स्टोरी’ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा पोस्ट में लिखा गया कि भाजपा एक ऐसा संगठन है, जहां कार्यकर्ता को सबसे आगे रखा जाता है। सामान्य कार्यकर्ताओं को भी देश के नेतृत्व के लिए तैयार करना पार्टी की संगठनात्मक परंपरा रही है और नितिन नबीन का राष्ट्रीय दायित्व संभालना इसी संस्कार का सशक्त प्रमाण है।एक्स पर साझा किए गए वीडियो में नितिन नबीन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्होंने कार्यकर्ताओं से जुड़ाव बनाए रखने, संवाद कायम रखने और संगठन की जड़ों को मजबूत करने का महत्व सीखा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता भाजपा की मूल पहचान है।नितिन नबीन ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि बिहार में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के दौरान पटना में एक बड़ी रैली का आयोजन हुआ था। उस समय भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पटना पहुंचे थे और प्रोटोकॉल के तहत उनका स्वागत एयरपोर्ट पर किया जा रहा था।उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एयरपोर्ट पहुंचे, तो स्वागत के दौरान उन्होंने पूछा कि बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद हैं या नहीं। हां में जवाब मिलने पर पीएम मोदी ने कहा कि वह कार्यकर्ताओं से मिलते हुए आगे बढ़ेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पैदल चलकर बाहर आए, कार्यकर्ताओं का अभिनंदन स्वीकार किया और सभी का अभिवादन किया।नितिन नबीन ने कहा कि यह एक छोटा सा प्रसंग था, लेकिन इससे प्रधानमंत्री मोदी के भीतर कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान का भाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो गाड़ी में बैठकर हाथ हिलाते हुए भी निकल सकते थे, लेकिन उन्होंने खुद पैदल चलकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया।नितिन नबीन के अनुसार, यही अनुभव उनके लिए प्रेरणा बना और उन्होंने संगठन में कार्यकर्ता केंद्रित सोच और मजबूत जमीनी जुड़ाव के महत्व को गहराई से समझा। -
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में नितिन नबीन ने आज मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला। वह इस पद को संभालने वाले सबसे कम उम्र के नेता बन गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी समेत कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी।
कुमारस्वामी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “नितिन नबीन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने पर हार्दिक बधाई। उनकी संगठनात्मक क्षमता, राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन के प्रति प्रतिबद्धता एनडीए गठबंधन को मजबूत करेगी और राष्ट्रीय राजनीति में सकारात्मक योगदान देगी।”उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दमदार नेतृत्व में एनडीए एक मजबूत और स्थिर गठबंधन के तौर पर उभरा है, जो विकास, सुशासन और लोगों की आकांक्षाओं के लिए समर्पित है। नितिन नबीन एनडीए गठबंधन को और मजबूत करने, सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और विकसित भारत के लिए हमारे सामूहिक विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”भाजपा सांसद रवि किशन ने लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने पर नितिन नबीन को हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में आपका यह कार्यकाल पार्टी को नई गति प्रदान करते हुए राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। आपका कार्यकाल सफल, प्रेरक और स्मरणीय रहे, यही मंगलकामना है।”यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने पर नितिन नबीन को हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं। मुझे पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में आपका यह कार्यकाल पार्टी को नई गति प्रदान करते हुए राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। आपका कार्यकाल सफल, प्रेरक और स्मरणीय रहे- यही मंगलकामना है।”भाजपा बिहार के प्रदेश मंत्री संतोष रंजन राय ने लिखा, “एक निष्ठावान कार्यकर्ता का राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचना संगठन की आंतरिक लोकतंत्र की जीत है। नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाई। आपके साथ का अनुभव और आपका संघर्ष हमें सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं। - नयी दिल्ली. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने सोमवार को 'विकसित भारत' के निर्माण में देश के युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि इस यात्रा में वे इसके "अभिनेता, निर्माता, निर्देशक और कई बार दर्शक भी" होंगे। यहां राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट की एक सभा को संबोधित करते हुए, त्रिपाठी ने कड़ी मेहनत और लगन के महत्व पर जोर देने के लिए टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर का उदाहरण दिया और साहस के महत्व को समझाने के लिए 1971 के युद्ध में सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के शौर्य और बलिदान को याद किया। नौसेना प्रमुख ने इससे पहले दिन में दिल्ली छावनी में एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर का दौरा किया। अपने संबोधन में उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान नागरिक सुरक्षा प्रयासों में लगभग एनसीसी के 72,000 कैडेटों द्वारा किए गए अनुकरणीय योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कोर द्वारा अपनाए गए नए और अभिनव प्रशिक्षण उपायों की सराहना की, जिनमें ड्रोन संचालन और साइबर जागरूकता से संबंधित पहल शामिल हैं। एडमिरल ने युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को विकसित करने में एनसीसी की अहम भूमिका को भी रेखांकित किया। नौसेना प्रमुख ने युवाओं से आत्म-अनुशासन और टीम वर्क के मूल्यों को आत्मसात करने का आग्रह किया और जोर देकर कहा कि केवल "व्यक्तिगत उत्कृष्टता" से कोई संगठन या राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता। एडमिरल ने कहा, "यदि आप इस टीम भावना और युवा ऊर्जा को एकता और उद्देश्य के साथ जोड़ सकते हैं, तो यह 2047 तक विकसित भारत बनने के हमारे राष्ट्र के लक्ष्य में एक प्रेरक शक्ति बन जाएगी।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा वर्ग की है, इसलिए 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उन्हें आगे आना होगा। उस समय तक उनमें से अधिकांश की उम्र 37-40 साल होगी। नौसेना प्रमुख ने कहा, "इसलिए, अगर मैं 'विकसित भारत' के निर्माण को एक फिल्म के निर्माण के समान देखूं तो आप इस यात्रा में इसके अभिनेता, अभिनेत्री, निर्माता, निर्देशक और कई बार इसके दर्शक भी होंगे।" उन्होंने कहा कि आपको व्यक्तिगत लाभों से ऊपर उठना होगा। उन्होंने यह भी कहा, "इसमें मेरा क्या फायदा है?" वाली मानसिकता को अपने शब्दकोश से बाहर कर देना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने एनसीसी कैडेट के रूप में अपने दिनों को याद किया और प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चैयनित होने पर कैडेटों को बधाई दी। उन्होंने कैडेटों के शानदार टर्नआउट सटीक ड्रिल, बैंड प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना की । उन्होंने पुनीत सागर अभियान जैसी पहलों, अखिल भारतीय नौसैनिक शिविर जैसे विशेष प्रशिक्षण शिविरों, सीमैनशिप, नौकायन और याचिंग के व्यावहारिक अनुभव, जहाजों से जुड़ाव, विदेशी तैनाती और भारतीय नौसेना के जहाजों, पनडुब्बियों एवं तटों के शैक्षिक दौरों के माध्यम से एनसीसी कैडेटों के प्रशिक्षण को समर्थन देने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता दोहराई। त्रिपाठी ने कैडेटों से एकता, अनुशासन और ईमानदारी के एनसीसी लोकाचार को बनाए रखने तथा राष्ट्र को समर्पित जीवन जीने का आग्रह किया।
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नयी दिल्ली । नितिन नवीन सोमवार को निर्विरोध भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। वह इस पद पर आसीन होने वाले अब तक के सबसे युवा नेता हैं। बिहार के पांच बार के विधायक नवीन, पार्टी के शीर्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे, जिनके समर्थन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए। मंगलवार को नवीन को औपचारिक रूप से भाजपा अध्यक्ष घोषित किया जाएगा। वह जेपी नड्डा का स्थान लेंगे, जो 2020 से लंबे समय से अध्यक्ष पद पर हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण ने एक बयान में कहा, “मैं यह घोषणा करता हूं कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नाम, श्री नितिन नवीन का नाम, प्रस्तावित किया गया है।” एक बयान में उन्होंने कहा कि नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के पक्ष में नामांकन पत्रों के 37 सेट दाखिल किए गए और सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी सहित कई वरिष्ठ नेता भी प्रस्ताव रखने वालों में शामिल हैं। नामांकन पत्रों के 37 सेटों में से 36 पार्टी की राज्य इकाइयों द्वारा दाखिल किए गए थे और एक सेट भाजपा संसदीय दल द्वारा प्रस्तुत किया गया था। इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष नड्डा, वरिष्ठ मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, किरेन रीजीजू, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नायब सैनी, प्रमोद सावंत, पेमा खांडू और पुष्कर सिंह धामी उपस्थित थे। लक्ष्मण ने कहा कि कार्यक्रम के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नामांकन की प्रक्रिया सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे के बीच पूरी हो गई। उन्होंने एक बयान में कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन के पक्ष में कुल 37 नामांकन पत्र प्राप्त हुए। जांच करने पर सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप में विधिवत भरे हुए और वैध पाए गए।” उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया 36 राज्यों में से 30 राज्यों के अध्यक्षों के चुनाव के बाद शुरू की गई, जो कि न्यूनतम 50 प्रतिशत राज्यों का चुनाव पूरा करने के लिए आवश्यक संख्या से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की अधिसूचना जारी कर 16 जनवरी को मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई थी।
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में हुई थी और उसी वर्ष नवीन का जन्म भी हुआ था। नवीन ने 2006 में अपने पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा, जो भाजपा विधायक थे। बिहार सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास एवं आवास मंत्री रह चुके नवीन को दिसंबर में भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। - नयी दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान को अपने गृह राज्य गुजरात से संबंधित एक नक्काशीदार लकड़ी का झूला और एक पश्मीना शॉल भेंट किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मोदी ने यहां लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर अल नाह्यान और उनकी माता शेख फातिमा बिन्त मुबारक अल कतबी का स्वागत किया। मोदी और अल नाह्यान प्रधानमंत्री आवास में गेंदे के फूलों से सजी दीवार के सामने रखे गए पारंपरिक और हाथ से नक्काशी किए गए लकड़ी के झूले पर बैठे। नक्काशीदार लकड़ी का झूला अधिकतर गुजराती परिवारों के घरों का एक अभिन्न अंग है।अधिकारियों ने कहा, ‘‘गुजराती संस्कृति में, झूला एकजुटता, संवाद और पीढ़ियों के बीच बंधन का प्रतीक है। यह उपहार यूएई द्वारा 2026 को ‘परिवार वर्ष' घोषित करने के साथ भी गहराई से मेल खाता है।'' मोदी ने अल नाह्यान को तेलंगाना में बने एक अलंकृत चांदी के डिब्बे में कश्मीर की पश्मीना शॉल भेंट की, जो भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा का प्रतीक है। मोदी ने अल नाह्यान की मां को भी चांदी के डिब्बे में एक पश्मीना शॉल भेंट की। अधिकारियों ने बताया, ‘‘अल नाह्यान की मां को चांदी के डिब्बे में कश्मीरी केसर भी भेंट किया गया। कश्मीर घाटी में उगाया जाने वाला केसर अपने गहरे लाल रंग और सुगंध के लिए प्रसिद्ध है।''
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नयी दिल्ली. अंतरिक्ष क्षेत्र का स्टार्टअप गैलेक्सीआई अपनी तरह के पहले उपग्रह को प्रक्षेपित करने की तैयारी में है जो ‘ऑप्टिकल' और ‘रडार सेंसर' से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर पृथ्वी की तस्वीरें तैयार करेगा। इन तस्वीरों का उपयोग रक्षा से लेकर कृषि तक कई क्षेत्रों में किया जा सकेगा।
स्टार्टअप की इस वर्ष की पहली तिमाही में ‘मिशन दृष्टि' नामक बहु-संवेदी पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को प्रक्षेपित करने और 2030 तक इसे 10 उपग्रहों के एक समूह में विस्तारित करने की योजना है। गैलेक्सीआई के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुयश सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘मिशन दृष्टि वैश्विक स्तर पर पहला ऐसा उपग्रह है, जिसमें एक ही प्लेटफॉर्म पर रडार सेंसिंग और ऑप्टिकल इमेजिंग को एकीकृत किया गया है। इसके साथ ही यह भारत का निजी तौर पर विकसित सबसे बड़ा उपग्रह भी है।'' सिंह ने बताया कि गैलेक्सीआई अगले कुछ वर्षों में दो और उपग्रह तैनात करने की योजना बना रहा है और दशक के अंत तक छह-सात अतिरिक्त उपग्रह जोड़कर कुल संख्या 2030 तक 10 करने का लक्ष्य है। इससे बड़े पैमाने पर लगभग तुरंत डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा। जहां मल्टी-स्पेक्ट्रल ऑप्टिकल कैमरा पृथ्वी की तस्वीरें लेता है, वहीं कृत्रिम अपर्चर रडार बादलों के बीच भी अवलोकन संभव बनाता है, जिससे हर मौसम में पृथ्वी की निगरानी हो सकती है। गैलेक्सीआई ने अपनी ‘सिंकफ्यूस्ड ऑप्टोएसएआर' प्रौद्योगिकी को पेटेंट कराया हुआ है जो दोनों सेंसर के डेटा को एकीकृत कर हर मौसम में पृथ्वी की उपयोगी तस्वीरें तैयारी करती है जिनका कई क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है। सिंह ने कहा, ‘‘आज स्पष्ट रूप से निरंतर, भरोसेमंद और बहु-खुफिया सूचना की मांग है, जो पर्यावरणीय बाधाओं के बावजूद लगातार काम करती रहे।'' - नागपुर. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को नागपुर में कहा कि युद्ध बहुत जटिल हो गए हैं और अब ये केवल सीमाओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा, व्यापार, शुल्क, आपूर्ति शृंखला, प्रौद्योगिकी और सूचना भी इनके नए आयामों का हिस्सा हैं। यहां सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में मध्यम क्षमता वाले गोला-बारूद संयंत्र के उद्घाटन समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब रक्षा उत्पादन केवल सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित था और निजी क्षेत्र की भागीदारी के बारे में किसी ने कभी सोचा भी नहीं था। इस अवसर पर, सिंह ने सोलर समूह द्वारा निर्मित ‘गाइडेड पिनाका रॉकेट' की पहली खेप को आर्मेनिया के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के पास क्षमता और संभावना तो थी, लेकिन उसकी भागीदारी उस स्तर पर नहीं थी जितनी होनी चाहिए थी। सिंह ने कहा कि जब देश ‘आत्मनिर्भरता' की दिशा में कदम बढ़ा रहा था तब निजी क्षेत्र के रक्षा उत्पादन को लेकर चुनौतियां और संदेह थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने नीतियों में बदलाव लाकर और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर इस क्षेत्र के लिए द्वार खोल दिए, क्योंकि सरकार को निजी क्षेत्र की क्षमता पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, ‘‘इससे गुणवत्ता में सुधार, समयबद्ध कार्य निष्पादन में वृद्धि और उत्पादकता एवं वितरण में भी तेजी आई है। हमारे रक्षा तंत्र में काफी सुधार हुआ है। निजी रक्षा क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और प्रौद्योगिकी आधारित दृष्टिकोण का विकास जिस प्रकार हुआ है वह अत्यंत सराहनीय है।'' केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अनुसंधान एवं विकास के मामले में निजी क्षेत्र अब सार्वजनिक क्षेत्र से आगे निकल चुका है। सिंह ने कहा कि भारत एक प्रमुख हथियार निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गोला-बारूद की आपूर्ति में कमी महसूस की गई, लेकिन सरकार इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लेकर आई है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई पिनाका मिसाइलों और नागास्त्र ड्रोन जैसी विभिन्न रक्षा उत्पादन क्षमताओं के लिए सोलर समूह की सराहना की। सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि भारत गोला-बारूद उत्पादन का वैश्विक केंद्र बने। उन्होंने कहा, ‘‘युद्ध बहुत जटिल होते जा रहे हैं और उनकी तीव्रता भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में युद्ध की तैयारी युद्धस्तर पर होनी चाहिए। युद्ध का स्वरूप बहुत तेजी से बदल रहा है। नए तरीके सामने आ रहे हैं जो पारंपरिक युद्ध में कभी नहीं थे।'' रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘युद्ध अब सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। ऊर्जा, व्यापार, शुल्क, आपूर्ति श्रृंखला, प्रौद्योगिकी और सूचना अब संघर्ष के नए आयाम बन गए हैं।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन बदलावों के मद्देनजर, देश की सीमा सुरक्षा, हथियारों, हार्डवेयर और रक्षा औद्योगिक विनिर्माण को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। सिंह ने कहा, “युद्ध का स्वरूप चाहे जो भी हो, इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता एक मजबूत रक्षा औद्योगिक आधार निजी क्षेत्र द्वारा अनुसंधान और विकास तथा उत्पादन है। सरकार चाहती है कि रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निजी क्षेत्र का योगदान उत्पादन का कम से कम 50 प्रतिशत हो।” सिंह ने बताया कि घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 के 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है, जिसमें निजी क्षेत्र का योगदान 30,000 करोड़ रुपये है। सिंह ने कहा कि रक्षा निर्यात 10 साल पहले मात्र 1000 करोड़ रुपये का था, लेकिन अब यह बढ़कर 25,000 करोड़ रुपये का हो गया है और सरकार का लक्ष्य 2029 से 2030 तक इसे 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। उन्होंने सोलर ग्रुप द्वारा विकसित की जा रही भार्गवास्त्र ड्रोन-रोधी प्रणाली की भी प्रशंसा की जो सूक्ष्म मिसाइलों पर आधारित एक शक्तिशाली प्रणाली है और जिसका सफल परीक्षण हो चुका है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि मध्यम क्षमता वाला गोला-बारूद (23 मिलीमीटर से 40 मिलीमीटर) पैदल सेना, बख्तरबंद वाहनों, नौसैनिक तोप प्रणालियों और विमानों में लगाई जाने वाली युद्ध सामग्री की रीढ़ है तथा वर्तमान में इस महत्वपूर्ण गोला-बारूद का एक बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है। नागपुर दौरे के दौरान सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से उनके आवास पर मुलाकात की।
- नौ लोगों की मौत, 80 घायललातेहार/गुमला. झारखंड के लातेहार जिले में रविवार को बारात ले जा रही एक बस के पलट जाने से उसमें सवार कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 80 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह हादसा महुआडांड़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओरसा बंगलाधारा घाटी में हुआ।पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने कहा, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर बस लातेहार के महुआडांड़ आ रही थी। बस पलट गई और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में से चार महिलाएं शामिल हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।'' वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि लातेहार के अस्पताल में इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई जबकि गुमला सदर अस्पताल में भी दो लोगों की मौत हुई। गुमला के सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि नौ घायलों को यहां के सदर अस्पताल में रेफर किया गया था जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में लातेहार के उपायुक्त को घायलों को उचित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का निर्देश दिया। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) विपिन कुमार दुबे ने बताया कि 60 घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और 20 से अधिक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘गंभीर हालत वाले 32 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा जा रहा है।'' दुबे ने बताया कि मृतकों की पहचान रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि लातेहार अस्पताल में जिस महिला की मौत हुई, उसकी पहचान की जा रही है। बस चालक विकास पाठक ने बताया कि बस में करीब 90 यात्री सवार थे।उसने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बस के ब्रेक फेल हो गए। हैंडब्रेक का इस्तेमाल करके और इंजन बंद करके गाड़ी रोकने की कोशिश करने के बावजूद, मैं उस पर नियंत्रण नहीं पा सका और अंततः बस पलट गई।''
- मालदा/सिंगूर/ पश्चिम बंगाल में होने वाले अहम विधानसभा चुनाव से पहले जैसे-जैसे चुनावी विमर्श जोर पकड़ रहा है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी दो रैलियों में तृणमूल कांग्रेस सरकार को निशाना बनाकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीति को और धार देने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने अपनी इन रैलियों में घुसपैठ तथा कानून व्यवस्था को भाजपा के मुख्य चुनावी मुद्दों के रूप में सामने रखा। पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव को तृणमूल कांग्रेस के ‘‘महाजंगल राज'' और भाजपा के शासन मॉडल के बीच की लड़ाई के रूप में पेश करते हुए मोदी ने सत्तारूढ़ पार्टी पर चुनावी लाभ के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देकर ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़'' करने का आरोप लगाया और कहा कि केवल भाजपा ही व्यवस्था बहाल कर सकती है, विकास को पुनर्जीवित कर सकती है तथा राज्य की सीमाओं को सुरक्षित कर सकती है। शनिवार को मालदा जिले में और रविवार को हुगली जिले के सिंगूर में हुई दोनों रैलियों में, मोदी ने बार-बार घुसपैठ का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान अवैध प्रवासन फला-फूला है। भाजपा ने राज्य में चुनाव से पहले अपनी रणनीति को और धार देने का काम किया है जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी है। मोदी का बंगाल दौरा शनिवार को सरकारी कार्यक्रमों और राजनीतिक संदेशों के मिले-जुले रूप के साथ शुरू हुआ। मालदा रैली को संबोधित करने से पहले उन्होंने लगभग 3,250 करोड़ रुपये की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की शुरुआत की और हावड़ा एवं गुवाहाटी के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर केंद्र सरकार के विकास के वादे को रेखांकित किया। हालांकि, रैली में सारा ध्यान निर्णायक रूप से घुसपैठ पर केंद्रित हो गया।उत्तर बंगाल के मुस्लिम बहुल जिले में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि अवैध प्रवासन ने बंगाल की जनसांख्यिकी को बदल दिया है, दंगों को बढ़ावा दिया है और यह तृणमूल कांग्रेस के ‘‘संरक्षण एवं गिरोह राज'' के तहत फल-फूल रहा है। मोदी ने कहा, ‘‘बंगाल के लिए घुसपैठ एक बहुत बड़ी चुनौती है''। उन्होंने दावा किया कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘लोग मुझे बताते हैं कि कई जगहों पर भाषा और बोलने के लहजे में अंतर उभरने लगा है। घुसपैठियों की बढ़ती आबादी के कारण मालदा और मुर्शिदाबाद समेत कई इलाकों में दंगे होने लगे हैं।'' घुसपैठियों और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच गठबंधन का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर ‘‘गुंडागर्दी'' और ‘‘गरीबों को धमकाने तथा डराने'' की राजनीति का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने घुसपैठियों और सताए गए शरणार्थियों, विशेष रूप से मतुआ और नामशूद्र समुदायों के बीच एक राजनीतिक अंतर करने की भी कोशिश की, जो 2019 से भाजपा का एक प्रमुख समर्थक आधार रहे हैं। मतदाता सूचियों को लेकर जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की पृष्ठभूमि में उन्होंने शरणार्थी बहुल क्षेत्रों के लोगों को पुन: आश्वस्त किया, जिनके बीच एसआईआर के कारण चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘यह मोदी की गारंटी है कि पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न से भागकर आए मतुआ और नामशूद्र परिवारों सहित वास्तविक शरणार्थियों को डरने की जरूरत नहीं है। संविधान उन्हें यहां रहने का अधिकार देता है और सीएए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है।''






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