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- नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 13 से 17 जुलाई तक स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड का दौरा करेंगे। यहां केंद्रीय मंत्री एक उच्च स्तरीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह यात्रा व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पूरे यूरोप में आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।इस प्रतिनिधिमंडल में उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रत्न और आभूषण, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा और डिजाइन सहित विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी भारतीय कंपनियां शामिल हैं।13 जुलाई को स्पेन की अपनी यात्रा के दौरान, केंद्रीय मंत्री गोयल द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने और प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वे स्पेन सरकार के प्रथम वाइस-प्रेसिडेंट और अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं व्यवसाय मंत्री कार्लोस कुएर्पो कैबलेरो; उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहर; और विदेश मामलों, यूरोपीय संघ एवं सहयोग मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ब्यूनो के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वे भारत के निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करने और व्यापार-से-व्यापार साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख स्पेनिश कंपनियों और उद्योग संघों के साथ एक भारत-स्पेन व्यापार गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे।इस दौरान केंद्रीय मंत्री स्पेन के चैंबर ऑफ कॉमर्स, सीईओई और आईसीईएक्स स्पेन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट के साथ एक बिजनेस राउंडटेबल में भाग लेंगे। इस सत्र में भारतीय और स्पेनिश उद्योग जगत के नेता ऑटोमोटिव, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन क्षेत्रों में अवसरों का पता लगाने के लिए एक साथ आएंगे।इबरड्रोला, एक्सियोना, सीएएफ, टैल्गो, गेस्टैम्प और इंद्रा जैसी स्पेनिश कंपनियों की भारत में पहले से ही मजबूत उपस्थिति है, जबकि टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और एलएंडटी जैसी भारतीय कंपनियां डिजिटलीकरण और उद्योग 4.0 को बढ़ावा देने के लिए स्पेन में अपने परिचालन का विस्तार कर रही हैं। यह यात्रा स्पेन-भारत द्विपक्षीय वर्ष 2026 के साथ भी मिलती है, जो राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, जिसमें व्यापार-से-व्यापार साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।वहीं केंद्रीय मंत्री 14 और 15 जुलाई को बेल्जियम में एंटवर्प बंदरगाह और एंटवर्प विश्व हीरा केंद्र का दौरा करेंगे। एंटवर्प बंदरगाह का दौरा यूरोप के प्रमुख लॉजिस्टिक हब की जानकारी प्रदान करेगा और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, ग्रीन लॉजिस्टिक्स और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करेगा। एंटवर्प विश्व हीरा केंद्र का दौरा वैश्विक हीरा मूल्य श्रृंखला, प्रमाणन, जिम्मेदार सोर्सिंग और भारत के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के लिए अवसरों पर प्रकाश डालेगा।केंद्रीय मंत्री थैल्स ग्रुप के एलेन क्वेवरिन और सिलॉक्स ग्रुप के जीन-क्रिस्टोफ बोगार्ट के साथ सीईओ स्तर की बैठक भी करेंगे। थैल्स एयरोस्पेस, रक्षा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल पहचान के क्षेत्र में एक वैश्विक अग्रणी कंपनी है, जिसकी भारत में महत्वपूर्ण साझेदारियां हैं, जबकि सिलॉक्स एक विशेष रसायन और पुनर्चक्रण समूह है, जिसका गुजरात में प्रमुख परिचालन है और बैटरी पुनर्चक्रण और सतत विनिर्माण में सहयोग है।भारत-ईयू बिजनेस राउंडटेबल और ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) प्लेनरी में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के अवसरों, व्यापार सुगमता, टिकाऊ प्रौद्योगिकियों और सरल आपूर्ति श्रृंखलाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।ब्रसेल्स की अपनी यात्रा के दौरान, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल विदेश मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के साथ मिलकर तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। भारत-ईयू टीटीसी व्यापार, विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और आर्थिक सुरक्षा पर सहयोग के लिए सर्वोच्च संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करता है।टीटीसी के दौरान, मंत्री यूरोपीय संघ के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे, जिनमें यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और बेल्जियम के प्रधानमंत्री शामिल हैं। वे बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री और रोजगार, अर्थव्यवस्था और कृषि मंत्री महामहिम श्री डेविड क्लारिनवाल और व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए यूरोपीय आयुक्त मारोस शेफकोविच से द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। साथ ही केंद्रीय मंत्री गोयल भारत-बेल्जियम व्यापार गोलमेज सम्मेलन के माध्यम से उद्योग जगत के नेताओं से भी जुड़ेंगे और प्रमुख यूरोपीय कंपनियों के साथ बातचीत करेंगे।इसके बाद केंद्रीय मंत्री गोयल 16 और 17 जुलाई को फिनलैंड के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर वहां का दौरा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य नवाचार, उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और औद्योगिक अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है। मंत्री फिनलैंड के आर्थिक मामलों के मंत्री डॉ. सकारी पुइस्तो के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और डिजिटलीकरण, स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और चक्रीय अर्थव्यवस्था में कार्यरत फिनिश कंपनियों के साथ भारत-फिनलैंड व्यापार गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे। संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के लिए सीआईआई और बिजनेस फिनलैंड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे।इस दौरान केंद्रीय मंत्री नोकिया कॉर्पोरेशन, वीटीटी रिसर्च सेंटर, कोने कॉर्पोरेशन और केम्पी ग्रुप सहित फिनलैंड की अग्रणी कंपनियों और नवाचार संस्थानों का दौरा करेंगे, ताकि दूरसंचार अवसंरचना, 6जी अनुसंधान, स्मार्ट मोबिलिटी, उन्नत विनिर्माण, औद्योगिक मशीनरी, ईवी चार्जिंग अवसंरचना, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों, सतत गतिशीलता, औद्योगिक नवाचार और निवेश में सहयोग के अवसरों का पता लगाया जा सके।भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल में बोरोसिल रिन्यूएबल्स, मदरसन ग्रुप, ट्रिविट्रॉन हेल्थकेयर, हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स और नेक्कंती सीफूड्स जैसी कंपनियां शामिल होंगी, जो एआई और स्वच्छ प्रौद्योगिकी से लेकर रत्न और आभूषण, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा और डिजाइन तक के क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड में, यह दौरा उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और स्थिरता, डिजिटल और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों, रत्न और आभूषण, और खाद्य और उपभोक्ता उद्योगों के प्रमुख विषयों पर प्रकाश डालेगा।भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर यह यात्रा हो रही है, जब दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस संदर्भ में, केंद्रीय मंत्री गोयल की यात्रा इस साझा दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत की अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक, यूरोपीय संघ के साथ अपने संबंधों को गहरा करने और एक महत्वाकांक्षी, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को आगे बढ़ाने की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, सतत विकास और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार प्रणाली में योगदान देता है।इस यात्रा से व्यापार और निवेश को बढ़ावा देकर, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और उन्नत विनिर्माण में सहयोग को मजबूत करके, व्यवसायों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच घनिष्ठ साझेदारी को बढ़ावा देकर और नवाचार, विनिर्माण और स्थिरता के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करके यूरोप के साथ भारत की भागीदारी को नई गति मिलने की भी आशा है।
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नई दिल्ली। श्री अमरनाथ यात्रा (एसएएनजेवाई)-2026 को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जम्मू पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सुरक्षा तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में जम्मू जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) भीम सेन टूटी (आईपीएस) ने आईजी सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कठुआ और सांबा जिलों में यात्रा सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया।
आईजीपी जम्मू ने लखनपुर, कठुआ और सांबा में यात्रा मार्ग, सुरक्षा तैनाती, निगरानी व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। इस दौरान सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करने, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।लखनपुर में आईजीपी ने लखनपुर रिसेप्शन सेंटर का दौरा कर वहां तैनात सुरक्षा बलों की स्थिति, यात्रियों की जांच प्रक्रिया, तलाशी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इसके बाद, उन्होंने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कठुआ के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक; सीआरपीएफ की 121वीं बटालियन और बीएसएफ की 159वीं बटालियन के कमांडिंग अधिकारी; एडीसी कठुआ; एसपी ऑपरेशन; अतिरिक्त एसपी सहित एसएएनजेवाई ड्यूटी में तैनात विभिन्न जोनल अधिकारियों; और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। आईजीपी ने अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी बनाए रखने, पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने और श्रद्धालुओं को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।इससे पहले सांबा जिला पुलिस कार्यालय में भी उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता आईजीपी जम्मू जोन भीम सेन टूटी और आईजी सीआरपीएफ जम्मू सेक्टर अमोल वी. होमकर (आईपीएस) ने की। बैठक में डीआईजी जेएसके रेंज श्रीधर पाटिल, डीआईजी सीआरपीएफ अवधेश पाठक, सांबा के एसएसपी अनुज कुमार सहित सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सांबा जिले में यात्रा सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा, सीमा क्षेत्र निगरानी, प्रवेश बिंदुओं की सुरक्षा, लंगर स्थलों, ठहरने के स्थानों, क्विक रिस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी), निगरानी प्रणाली और यात्रा काफिले की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। -
विदेशी मुद्रा जमा अभियान पर होगी चर्चा
नयी दिल्ली. देश में विदेशी मुद्रा जमा का प्रवाह बढ़ाने और बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगी। इस बैठक में विदेशी मुद्रा प्रवासी (बी) यानी (एफसीएनआर)-बी जमा, विदेशी मुद्रा बॉन्ड तथा बाह्य वाणिज्यिक कर्ज (ईसीबी) के माध्यम से विदेशी पूंजी जुटाने के मामले में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने प्रवासी भारतीयों (एनआरआई), विदेश में रहने वाले भारतीयों (ओसीआई) तथा भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) से अधिक विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करने के लिए तीन से पांच वर्ष की अवधि वाली नई एफसीएनआर (बी) जमा पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा को 30 सितंबर, 2026 तक हटा दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब एफसीएनआर (बी) जमा के शुद्ध प्रवाह में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में जहां इन जमाओं के माध्यम से 7.1 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध प्रवाह हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह घटकर केवल 94.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर रह गया। सूत्रों ने बताया कि बैठक में आईडीबीआई बैंक सहित विभिन्न सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुख भाग लेंगे। वित्त मंत्री विदेशी मुद्रा जमा जुटाने के प्रयासों के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों में कर्ज का प्रवाह बढ़ाने पर भी जोर दे सकती हैं। केंद्रीय बैंक ने बैंकों के लिए तीन से पांच वर्ष की अवधि वाले एफसीएनआर (बी) जमा पर रियायती विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इससे बैंकों की विदेशी मुद्रा जोखिम की 'हेजिंग' की लागत कम होगी और वे अधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) को ईसीबी के लिए भी 30 सितंबर, 2026 तक रियायती विदेशी मुद्रा अदला-बदली सुविधा प्रदान की गई है। आमतौर पर ये उपक्रम हर वर्ष लगभग 10–12 अरब अमेरिकी डॉलर ईसीबी जुटाते हैं। मौजूदा रियायत और लगभग तीन प्रतिशत लागत लाभ के कारण कई उपक्रम अपने कर्ज कार्यक्रमों को समय से पहले पूरा करने की योजना बना सकते हैं। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह रियायती सुविधा सार्वजनिक उपक्रमों को वैश्विक बाजारों से कम लागत पर धन जुटाने में मदद करेगी। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2025-26 में ईसीबी लगभग 30 प्रतिशत घटकर 42.9 अरब अमेरिकी डॉलर पर आ गया था। इस पहल से कुल ईसीबी और विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (एफसीसीबी) प्रवाह में फिर से तेजी आने की संभावना है।
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नयी दिल्ली. भारत में पढ़ाई करने के लिए आने वाले विदेशी छात्रों में सबसे अधिक संख्या नेपाल के विद्यार्थियों की है और कर्नाटक विदेशी छात्रों का सबसे पसंदीदा राज्य है। शिक्षा मंत्रालय के एक सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है। वर्ष 2023-24 के लिए अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) के अनुसार, इस शैक्षणिक वर्ष में भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों में 173 देशों के छात्रों ने पढ़ाई की। देश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कुल 58,134 विदेशी छात्रों ने दाखिला लिया था। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण के तहत देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों से वेब आधारित 'डेटा कैप्चर फॉर्मेट' (डीसीएफ) के जरिये विस्तृत जानकारी एकत्र की जाती है। संस्थान छात्रों के नामांकन, शिक्षकों एवं कर्मचारियों, बुनियादी ढांचे और परीक्षा परिणामों समेत अन्य विवरण सर्वेक्षण के पोर्टल पर अपलोड करते हैं। यह सर्वेक्षण भारत में उच्च शिक्षा से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है और इससे इस क्षेत्र में नीतियां बनाने, योजनाएं तैयार करने तथा उनकी निगरानी करने में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। वर्ष 2023-24 में विदेशी छात्रों में सबसे अधिक 24.1 प्रतिशत छात्र नेपाल से थे। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से सात प्रतिशत, अमेरिका से 5.9 प्रतिशत, बांग्लादेश से 5.9 प्रतिशत, नाइजीरिया से 5.5 प्रतिशत और जिम्बाब्वे से चार प्रतिशत छात्र भारत आए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक विदेशी छात्रों के लिए सबसे पसंदीदा राज्य रहा, जहां उच्च शिक्षण संस्थानों में 7,914 विदेशी छात्रों ने दाखिला लिया। इसके बाद पंजाब का स्थान रहा जहां 7,902 विदेशी छात्रों ने पढ़ाई की। महाराष्ट्र में 6,190, उत्तर प्रदेश में 5,953 और तमिलनाडु में 5,694 विदेशी छात्रों ने पढ़ाई की। विदेशी छात्रों में सबसे अधिक 73.6 प्रतिशत ने स्नातक पाठ्यक्रमों जबकि 16.8 प्रतिशत छात्रों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया। कुल 42,779 विदेशी विद्यार्थियों ने स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया। इनमें 27,849 छात्र और 14,930 छात्राएं थीं। इसके अलावा, 9,845 छात्रों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया और अपेक्षाकृत कम संख्या में विदेशी छात्रों ने डिप्लोमा, पीएचडी, प्रमाणपत्र और एकीकृत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई की। भारत में विदेशी छात्रों की संख्या 2019-20 के 48,898 से बढ़कर 2023-24 में 58,134 हो गई। पांच वर्षों में इसमें 9,236 यानी 18.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान छात्र और छात्राओं दोनों की संख्या बढ़ी। छात्रों की संख्या 32,386 से बढ़कर 37,295 हो गई, जबकि छात्राओं की संख्या 16,512 से बढ़कर 20,839 हो गई। शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में लेबनान, बुर्किना फासो, मंगोलिया, मेक्सिको, कजाखस्तान, बेलारूस और चिली समेत कई अन्य देशों के छात्र भी भारत में पढ़ाई करने आए। शिक्षा मंत्रालय ने विदेशी छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से 2018 में 'स्टडी इन इंडिया' कार्यक्रम शुरू किया था।
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नयी दिल्ली. विदेशों में होने वाली भारतीय शादियों के लिए 2025 में श्रीलंका सबसे तेजी से उभरते गंतव्य के रूप में सामने आया है और इसकी लोकप्रियता में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद वर्ष 2026 में भारतीय जोड़ों के अपनी विशेष समारोह की योजनाओं में बड़ी कटौती करने की संभावना कम है। शादी की योजना बनाने वाले मंच 'वेडमीगुड' की 'डेस्टिनेशन वेडिंग रिपोर्ट 2026' के अनुसार, आसान पहुंच, भारत से नजदीकी, शानदार आतिथ्य सुविधाओं और यादगार अनुभवों वाले आयोजनों के कारण श्रीलंका तेजी से एक प्रमुख विवाह गंतव्य के रूप में उभर रहा है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आने वाले वर्षों में श्रीलंका में भारतीय शादियों की बुकिंग में सालाना 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, थाईलैंड अब भी भारतीयों के लिए सबसे लोकप्रिय विदेशी विवाह गंतव्य बना हुआ है। वर्ष 2025 में वहां करीब 25 लाख पर्यटक पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। यह रिपोर्ट 'वेडमीगुड' के उपभोक्ता और उद्योग नेटवर्क के माध्यम से किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। इसमें करीब 2.5 लाख उपभोक्ताओं और लगभग 24,000 शादी उद्योग से जुड़े पेशेवरों एवं सेवा प्रदाताओं को शामिल किया गया। शांगरी-ला कोलंबो और शांगरी-ला हंबनटोटा की क्षेत्रीय संचार निदेशक चेरंका मेंडिस ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि श्रीलंका अब केवल एक उभरता हुआ विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि भारतीय जोड़ों के लिए एक प्रमुख कम दूरी वाले लक्जरी विवाह गंतव्य के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। वेडमीगुड के अनुसार, श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, श्रीलंका आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या वर्ष 2023 में 3,02,844 थी, जो 2024 में बढ़कर 4,16,974 हो गई और वर्ष 2025 में यह संख्या 5,30,000 से अधिक पहुंच गई। वेडमीगुड के अनुसार, श्रीलंका और थाईलैंड के अलावा इंडोनेशिया का बाली, वियतनाम और मलेशिया भारतीय शादियों के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्य रहे। भारत में विवाह आयोजनों के लिए देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश, शिमला और जिम कॉर्बेट प्रमुख पांच स्थानों में शामिल रहे। इनके बाद उदयपुर, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर और गोवा का स्थान रहा।
- जम्मू. जम्मू जिले के बाहरी इलाके में हुई एक दुखद घटना में मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली एक लड़की समेत तीन बच्चे डूब गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अखनूर के जौरिया इलाके के धनवाल गांव में नहाने के लिए कथित तौर पर तालाब में उतरे बच्चे डूब गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान चांद (12), अभिषेक (11) और भगवान सहाय (8) के तौर पर हुई है।अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने तीनों के शव तालाब से बाहर निकाल लिये हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों के माता-पिता गांव में एक ईंट भट्ठे में काम करते हैं।
- अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर में दान में 'वित्तीय हेराफेरी' पर शनिवार को दुख जाहिर करते हुए कहा कि यह एक तरह का कलंक है और इससे हर कोई बहुत अपमानित महसूस कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।मिश्रा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में 'दान में गबन' पर कहा, ''यह घटना राम मंदिर पर एक तरह का कलंक है। इसे लेकर हम सभी न केवल क्षमाप्रार्थी हैं बल्कि शर्मिंदा और निराशा भी महसूस कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा,''यह मंदिर प्रबंधन से जुड़ा मामला है। व्यवस्था में सुधार होगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।'' मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के तहत कठोर सजा दिलाई जाएगी। राम मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की मांग उठाने में सबसे आगे रहे मिश्रा ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए सीईओ की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है और अंतिम निर्णय वही समिति करेगी। ऐसी अटकलें हैं कि ट्रस्ट एक महिला सीईओ की नियुक्ति के लिए तैयार हो सकता है लेकिन मिश्रा ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, "आप जानते हैं, एक (सेवानिवृत्त) न्यायाधीश सीईओ की नियुक्ति के लिए समिति का नेतृत्व कर रहे हैं। यह अपनी सिफारिशें ट्रस्ट को सौंपेंगे, जो इस मुद्दे पर फैसला करेगा।" मिश्रा शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की।चढ़ावे की कथित चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करने के बाद ट्रस्ट मंदिर प्रबंधन प्रणाली में सुधार के उपायों पर निर्णय लेने के लिए 22 जुलाई को फिर से बैठक करेगा। मिश्रा ने कहा कि उन्हें 22 जुलाई की बैठक के (एजेंडे) बारे में कोई जानकारी नहीं है।मिश्रा ने पत्रकारों से कहा मैंने निर्माण कार्य का जायजा लिया। एक स्मारक के रूप में विकसित किये जा रहे पुराने मंदिर का काम लगभग पूरा हो चुका है। बस उस लौ की व्यवस्था बाकी है जो 24 घंटे जलती रहेगी।'' उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का आखिरी चरण 30 जुलाई तक पूरा हो जाएगा।मिश्रा ने यह भी कहा कि कुछ अन्य परियोजनाएं, जैसे चार किलोमीटर लंबी चहारदीवारी का निर्माण और मंदिर परिसर के बाहर ऑडिटोरियम का कार्य, नवंबर-दिसंबर तक पूरे हो सकती हैं। उन्होंने राम कथा संग्रहालय को लेकर बताया कि संग्रहालय की 20 गैलरी की 'स्टोरी लाइन' तैयार हो चुकी है और अब तकनीकी प्रस्तुति, 'डिजिटल इंस्टॉलेशन' और वीडियो सामग्री को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि आधुनिक एवं आकर्षक संग्रहालय श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यादगार अनुभव प्रदान कर सके। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन भी शुक्रवार को हुई समिति की बैठक में शामिल हुए।मिश्रा ने अयोध्या मंदिर को 'अनोखा' बताते हुए कहा कि यह एक लंबे आंदोलन का नतीजा है।उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, यह जगह राम लला के दर्शन का एक अनोखा अनुभव देती है- ऐसा अनुभव जो दुनिया में बेजोड़ है। सभी मंदिर हमारी पूजा और श्रद्धा के पात्र हैं लेकिन राम लला का मंदिर अनोखा है। यह एक लंबे आंदोलन का नतीजा है।" मिश्रा ने भगवान राम की उनके 'मूल निवास' में 'वापसी' का स्वागत किया और कहा, "यह अपने आप में एक शानदार मंदिर है। निश्चिंत रहें, यहां आने वाले भक्तों की संख्या कभी कम नहीं होगी। सनातन धर्म का हर अनुयायी निश्चित रूप से कम से कम एक बार इस जगह पर आना चाहेगा।"
- बनिहाल/जम्मू. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रामबन जिले में अमरनाथ यात्रा कर रहे तीन श्रद्धालुओं का एक बैग बरामद कर उन्हें सौंप दिया जिसमें 1.32 लाख रुपये नकद और कुछ जरूरी दस्तावेज थे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। महाराष्ट्र के ये श्रद्धालु बनिहाल में यात्री शिविर में पहुंचने से पहले टैक्सी में अपनी सीट के नीचे बैग भूल गए थे। उन्हें रविवार को दक्षिण कश्मीर में अमरनाथ गुफा मंदिर के लिए आगे बढ़ना था। अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने पर, बनिहाल के थाना प्रभारी आशिक हुसैन लोन की अगुवाई में एक टीम ने सोपोर पुलिस के साथ मिलकर टैक्सी और उसके चालक का पता लगाया। उन्होंने बताया कि उचित जांच-पड़ताल के बाद बरामद नकदी और दस्तावेज श्रद्धालुओं को सौंप दिए गए। सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धालुओं ने तुरंत कार्रवाई करने के लिए पुलिस के प्रति आभार जताया।
- नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को ब्रिक्स देशों से ऐसी परिवहन प्रणाली बनाने के लिए और ज्यादा सहयोग करने का आह्वान किया जो टिकाऊ, मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि इस समूह की सामूहिक ताकत नवोन्मेष, साझेदारी और साझा जिम्मेदारी के जरिए वैश्विक गतिशीलता के भविष्य को आकार देने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए गडकरी ने बैठक को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच परिवहन सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, जिसका विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" है, 'वसुधैव कुटुंबकम' के शाश्वत दर्शन से प्रेरित एक जन-केंद्रित, "मानवता सर्वोपरि" दृष्टिकोण को दर्शाती है। गडकरी ने ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत संबंधों का आह्वान करते हुए कहा, "ब्रिक्स विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। यह स्वच्छ, सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक कुशल परिवहन प्रणालियों के विकास का नेतृत्व करने के साथ-साथ सतत आर्थिक विकास और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने में सक्षम है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अवसंरचना वित्तपोषण, भीड़-भाड़, उत्सर्जन, सड़क सुरक्षा और अंतिम छोर तक पहुंच से जुड़ी आम चुनौतियों के लिए सामूहिक समाधान की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक परिवहन, वैकल्पिक ईंधन, डिजिटल परिवहन प्रणालियों और सतत मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने, क्षमता विकास, तकनीकी सहयोग और संयुक्त अनुसंधान के माध्यम से सहयोग को और गहरा करने की भारत की तत्परता दोहराई। बैठक के परिणामों पर भरोसा व्यक्त करते हुए गडकरी ने कहा कि विचार-विमर्श से ब्रिक्स परिवहन सहयोग और मजबूत होगा तथा व्यावहारिक, नवोन्मेषी और जन-केंद्रित परिवहन समाधानों में योगदान मिलेगा। उन्होंने ब्रिक्स देशों से समावेशी विकास को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने, पर्यावरण की रक्षा करने और सभी के लिए अधिक सतत और समृद्ध भविष्य में योगदान देने वाली परिवहन प्रणालियों के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों - ब्राजील, रूस, इंडोनेशिया, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
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चेन्नई/ वियतनाम घूमने गए दक्षिण भारत के मोबाइल फोन कंपनी के कारोबारी सहयोगियों की यात्रा शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जहां नाव पलटने की घटना में 15 भारतीयों की मौत हो गई। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद भी मृतकों में शामिल हैं।
मजीद के एक रिश्तेदार ने बताया, उन्होंने सुबह अपनी नन्हीं सी पोती का चेहरा वीडियो कॉल पर देखा और पत्नी व बेटे से बात की। किसी को नहीं पता था कि यह परिवार से उनकी आखिरी बातचीत होगी।'' अब्दुल्ला एक मोबाइल फोन कंपनी के चैनल पार्टनर थे। कंपनी ने अपने बिजनेस सहयोगियों के लिए यह विदेश यात्रा प्रायोजित की थी। हनोई में भारतीय दूतावास के अनुसार, वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से तमिलनाडु के दस लोगों और आंध्र प्रदेश व केरल के क्रमशः तीन और दो लोगों की मौत हो गई। दक्षिणी राज्यों की सरकारों ने कहा कि वे शव को जल्द से जल्द अपने-अपने राज्यों में लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया। नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और स्थानीय चालक दल के चार सदस्य शामिल थे। इक्कीस लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है, जो अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, कोरल रीफ और द्वीप पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। अब्दुल्ला के रिश्तेदार ने कहा, वह सामान्यतः यात्रा पर नहीं जाते थे। पहले उन्होंने अपने बेटे को भेजने का विचार किया था, लेकिन अंततः स्वयं चले गए। वह 9 जुलाई को वियतनाम गए थे और 13 जुलाई को लौटने वाले थे।'' शनिवार सुबह उन्होंने बेटे से कारोबार के संबंध में बात की और पत्नी को बताया कि वे एक ऐसे द्वीप पर जा रहे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि वापस आने के बाद फोन करेंगे। उन्होंने अपनी नवजात पोती को वीडियो कॉल पर देखा। वही उनके परिवार से आखिरी संवाद साबित हुआ। मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की सरकारों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के साथ मिलकर मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कार्य कर रही हैं। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों की पहचान भी जारी कर दी है। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक न्यूज़ीलैंड यात्रा के दौरान शनिवार को भारत और न्यूज़ीलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक पहुंचाते हुए रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, पर्यटन, खेल, संस्कृति और वैज्ञानिक अनुसंधान समेत विभिन्न क्षेत्रों में 10 समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने ‘इंडिया-न्यूज़ीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप एंड रोडमैप-2030’ को भी अपनाया, जिसके तहत सहयोग को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया। दोनों देशों ने समुद्री सहयोग (Maritime Cooperation) पर समझौता ज्ञापन (MoA) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संवाद, सूचना साझा करने, समन्वय और संयुक्त गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। हाइड्रोग्राफी और नौवहन मानचित्रण पर भी समझौते हुए, जिनके तहत हाइड्रोग्राफिक डेटा साझा करने, संयुक्त नौवहन चार्ट तैयार करने और क्षमता निर्माण पर सहयोग किया जाएगा। इसके अलावा भारतीय नौसेना और न्यूज़ीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच म्यूचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट अरेंजमेंट (MLSA) पर भी सहमति बनी।भारत और न्यूज़ीलैंड ने आतंकवाद से मुकाबले के लिए संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group on Counter-Terrorism) गठित करने का फैसला किया। इसके तहत आतंकवाद विरोधी सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वय को मजबूत किया जाएगा। वहीं, भारत की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और न्यूज़ीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच हुए समझौते के तहत भूकंप, सुनामी, तटीय आपदाओं, नीति संवाद और क्षमता निर्माण पर मिलकर काम किया जाएगा।दोनों देशों ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करने पर सहमति जताई। पर्यटन सहयोग समझौते के तहत दोनों देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और आर्थिक व सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। भारत और न्यूज़ीलैंड ने संयुक्त खेल कार्ययोजना (Joint Action Plan on Sport) को अपनाया। इसके तहत उच्च प्रदर्शन वाले खेल, खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा और खिलाड़ियों के विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा सांस्कृतिक सहयोग और समुद्री विरासत संरक्षण के तहत गुजरात के लोथल स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) और न्यूज़ीलैंड मैरीटाइम म्यूज़ियम के बीच सहयोग स्थापित करने पर सहमति बनी।दोनों देशों ने आधिकारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देते हुए रोडमैप-2030 अपनाया। इसके तहत अगले चार वर्षों में व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन, खेल, संस्कृति, कृषि प्रौद्योगिकी, जन-से-जन संपर्क और बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा दी जाएगी। हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के आधार पर वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 7 अरब न्यूज़ीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया गया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग शुरू करने पर सहमति बनी। न्यूज़ीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) के तहत समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देने और अवैध, अनियंत्रित एवं अनियमित (IUU) मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए सहयोग बढ़ाने की घोषणा की। वहीं, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में न्यूज़ीलैंड ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस में शामिल होने का ऐलान किया।कृषि उत्पादकता साझेदारी के तहत दोनों देशों ने कीवीफ्रूट एक्शन प्लान लॉन्च किया। साथ ही नागालैंड और उत्तराखंड में कीवीफ्रूट के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में गोवा स्थित नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (NCPOR) और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी के बीच अंटार्कटिका अनुसंधान पर सहयोग स्थापित किया गया। इसके अलावा निफ्टेम-कुंडली (NIFTEM) और मैसी यूनिवर्सिटी के बीच शोध, छात्र आदान-प्रदान और शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौता किया गया।
- 0- भारतीय रेलवे ने इसे बनाने के लिए 175 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी0- अवसंरचना संवर्धन की यह पहल मौजूदा परिसंपत्तियों को अनुकूलित करने, बेड़े का विस्तार करने और रखरखाव क्षमता को बढ़ाने के लिए हैनई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने लोकोमोटिव रखरखाव अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के अंतर्गत रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर (एचएचपी) डीजल शेड में 250 थ्री फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं बनाने के उद्देश्य से 175 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है।होमिंग का तात्पर्य किसी लोकोमोटिव को एक निर्दिष्ट लोकोमोटिव शेड में जगह देने से है, जो उसके प्राथमिक रखरखाव केंद्र के रूप में कार्य करता है। होमिंग शेड की सुविधा लोकोमोटिव के निर्धारित रखरखाव, सुरक्षा निरीक्षण, मरम्मत और समग्र देखभाल के लिए होती है ताकि उसका सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित हो सके।यह परियोजना भारतीय रेलवे द्वारा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े के तेजी से विस्तार और पूरे नेटवर्क में माल ढुलाई तथा यात्री परिचालन में वृद्धि के अनुरूप रखरखाव बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों के तहत स्वीकृत की गई है।इन अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं से भारतीय रेलवे को रायपुर डिपो में मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी, साथ ही भविष्य में तकनीकी विस्तार के लिए आवश्यक स्थान भी उपलब्ध होगा।
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नई दिल्ली। संचार मंत्रालय के डाक विभाग (DoP) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने शुक्रवार को नई दल्ली में देशभर के 5.68 लाख से अधिक गांवों में मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण भारत में दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन करना, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और डिजिटल इंडिया अभियान को गति देना है।
एमओयू के तहत डाक विभाग के 1.40 लाख से अधिक ग्रामीण शाखा डाकघरों के नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा। ग्रामीण डाक सेवक (GDS) अपनी नियमित डाक वितरण गतिविधियों के दौरान ट्राई द्वारा विकसित एंड्रॉयड आधारित मोबाइल ऐप के जरिए मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता का सर्वे करेंगे। इस सर्वे में भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल सहित प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क का आकलन किया जाएगा।यह सर्वे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गांवों को कवर करेगा। इससे मोबाइल नेटवर्क के प्रदर्शन से जुड़े विश्वसनीय जमीनी आंकड़े उपलब्ध होंगे, जिनके आधार पर दूरसंचार सेवाओं की कमियों की पहचान, नेटवर्क अवसंरचना को मजबूत करने और साक्ष्य आधारित नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक-केन्द्रित सेवाएं एवं ग्रामीण व्यवसाय) मनीषा बंसल बादल ने कहा कि डाक विभाग ने अपनी व्यापक पहुंच और लोगों के विश्वास के बल पर विभिन्न सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर नागरिक-केन्द्रित सेवाओं का विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि ट्राई के साथ यह साझेदारी मजबूत और विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना तैयार करने के साथ ‘डिजिटल इंडिया’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और सशक्त करेगी। ट्राई के प्रधान सलाहकार (एनएसएल) अरुण अग्रवाल ने कहा कि डाक विभाग के व्यापक फील्ड नेटवर्क के जरिए जमीनी स्तर पर नेटवर्क प्रदर्शन का व्यवस्थित और विश्वसनीय आकलन संभव होगा। इससे तथ्य आधारित नियामकीय निर्णय लेने और उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।एक वर्ष की इस साझेदारी के तहत डाक विभाग देशव्यापी फील्ड सर्वे करेगा, जबकि ट्राई मोबाइल ऐप, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और केंद्रीकृत निगरानी उपलब्ध कराएगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल संपर्क की कमियों की पहचान कर उनका समाधान करने और डिजिटल रूप से सशक्त एवं समावेशी भारत के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। -
नई दिल्ली। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA)’ राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान की छठी वर्षगांठ पर 18 अगस्त 2026 को देशभर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का लक्ष्य ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से 12 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प का नेतृत्व करने की संभावना है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव (मादक पदार्थ निवारण) डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी में उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने देशव्यापी संकल्प कार्यक्रम की कार्ययोजना और समन्वित रणनीति पर चर्चा की।बैठक में अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और अन्य हितधारकों को अभियान से जोड़ने की रणनीति पर विचार किया गया। रेल, रक्षा, पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), आयुष मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, राजस्व विभाग, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों, सोशल इन्फ्लुएंसर्स, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और क्षेत्रीय इकाइयों में संकल्प समारोह आयोजित करने पर सहमति बनी। बैठक में सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा प्रतिभागियों की संख्या और जन-जागरूकता गतिविधियों की निगरानी के लिए एक समान रिपोर्टिंग तंत्र विकसित करने पर भी चर्चा की गई। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।मंत्रालय ने नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। साथ ही नागरिकों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में पंजीकरण कराने और नशे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवी भावना विकसित करने पर भी जोर दिया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 15 अगस्त 2020 को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की शुरुआत की थी। पहले यह अभियान 272 संवेदनशील जिलों में शुरू किया गया था, जो अब पूरे देश में फैल चुका है। अब तक अभियान के माध्यम से 29.26 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। इनमें 11.17 करोड़ से अधिक युवा, 7.90 करोड़ महिलाएं तथा 28.30 लाख से अधिक लोगों का उपचार एवं पुनर्वास शामिल है। देशभर के 21.34 लाख से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि यह अभियान स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित युवा शक्ति के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जो विभिन्न एजेंसियों और संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर नशामुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने इसे साक्ष्य-आधारित राष्ट्रीय अभियान बताया, जबकि राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि यह अभियान युवाओं, महिलाओं और समुदाय की भागीदारी के माध्यम से नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। - श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में अत्यधिक गरीबी में जीवन व्यतीत करने वाले परिवारों की पहचान करने के लिए पहली बार केंद्र-शासित प्रदेश ऐसे परिवारों की गिनती करेगा। इसका मकसद समावेशी शासन को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि कल्याणकारी योजनाएं सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचें। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को योजना, विकास और निगरानी विभाग (पीडी एवं एमडी) की एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मकसद केंद्र-शासित प्रदेश में अत्यधिक गरीब परिवारों की प्रस्तावित परिवार-स्तर की गणना का प्रत्यक्ष जायजा लेना था। ये ऐसे गरीब परिवार होते हैं जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के मामले में अभाव का सामना करते हैं।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि परिवारों की प्रस्तावित गिनती विकास यात्रा में अगला तार्किक कदम है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद उन परिवारों की पहचान करना है जो कई तरह की सुविधाओं से वंचित हैं। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक रूप से मान्य और प्रौद्योगिकी पर आधारित डेटाबेस बनाना है जिससे सरकारी विभाग अधिक सटीकता से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकें, विभागों के बीच बेहतर तालमेल हो सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पीछे न छूटे। डुल्लू ने कहा कि यह प्रस्तावित कवायद डेटा-आधारित शासन, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में पहला कदम है। इससे पूरे जम्मू कश्मीर में सुविधाओं से वंचित इलाकों की पहचान करने और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए एक संस्थागत ढांचा तैयार होगा। उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि वे नियोजन विभाग के साथ मिलकर मानव संसाधन की जरूरतों का आकलन करें।
मुख्य सचिव ने विभाग को इन संसाधनों के लिए दक्षता निर्माण कार्यक्रम तैयार करने का भी निर्देश दिया ताकि केंद्र शासित प्रदेश में जनगणना के दो चरणों (जिसमें जम्मू कश्मीर की खानाबदोश आबादी भी शामिल है) के पूरा होने के बाद यह कवायद शुरू की जा सके। नियोजन, विकास एवं निगरानी विभाग की आयुक्त सचिव आर. एलिस वाज द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में एक वैज्ञानिक ढांचा तैयार किया गया है। इसके तहत सरकारी नियमों के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के मामले में कई तरह की सुविधाओं से वंचित परिवारों की पहचान की जाएगी। वाज ने कहा कि यह प्रस्ताव नीति आयोग द्वारा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से तैयार किए गए राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) ढांचे पर आधारित है जिसे जम्मू कश्मीर में गरीब परिवारों की पहचान के लिए तैयार किया गया है। - नई दिल्ली। श्री अमरनाथ जी यात्रा पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी है। 3 जुलाई 2026 से शुरू हुई यात्रा के लिए अब तक 1.60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए हैं। शुक्रवार को 8,796 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ।अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह नौवां जत्था भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 3,350 यात्री एक सुरक्षा काफिले में तड़के 2:42 बजे जम्मू से बालटाल बेस कैंप के लिए निकले, जबकि 5,346 तीर्थयात्रियों वाला दूसरा सुरक्षा काफिला सुबह 3:24 बजे नुनवान बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। यात्रियों में 6,426 पुरुष, 2,042 महिलाएं, 228 साधु, 10 बच्चे और 33 विदेशी नागरिक शामिल हैं। काफिले के लिए कुल 354 वाहन लगाए गए थे, जिनमें 175 बसें, 70 मीडियम मोटर वाहन, 106 लाइट मोटर वाहन और तीन दोपहिया वाहन शामिल थे। इनमें से 173 वाहन बालटाल रूट के लिए और 181 वाहन पहलगाम रूट के लिए तय किए गए थे।उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके में पंथा चौक यात्री कैंप का दौरा किया। उन्होंने कहा, “पिछले सप्ताह के आंकड़े बताते हैं कि इस साल श्री अमरनाथ जी यात्रा में पिछले साल की तुलना में अधिक श्रद्धालु आए हैं। यह बढ़ोतरी न सिर्फ हमारी आध्यात्मिक विरासत के लिए एक आशीर्वाद है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।” उपराज्यपाल ने कहा, “मैं चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर के बेहतरीन हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद पूरे देश में पहुंचें और यह अनूठी विरासत हर श्रद्धालु के घर में जगह बनाए। इससे हमारे कारीगरों का सम्मान होगा और ‘एक जिला एक उत्पाद’ अभियान की भावना भी मजबूत होगी, जिससे आस्था, संस्कृति और समृद्धि एक साथ जुड़ेंगे।” उन्होंने जिला प्रशासन, सभी संबंधित विभागों, श्राइन बोर्ड, पुलिस, सुरक्षा बलों और अन्य संबंधित लोगों के मिलकर किए गए प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान भीड़ को ठीक से संभालने, बिना किसी परेशानी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और तीर्थयात्रियों को समय पर जानकारी देने के लिए आपस में अच्छा तालमेल और सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। बता दें कि अमरनाथ यात्रा-2026 का समापन 28 अगस्त को होगा, जिस दिन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन का त्योहार है। श्रद्धालु कश्मीर 3880 मीटर ऊंचे बाबा बर्फानी मंदिर तक पारंपरिक पहलगाम मार्ग या छोटे बालटाल रास्ते से पैदल यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोग गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगाते हैं, जबकि बालटाल रास्ते का इस्तेमाल करने वाले लोग दर्शन करने के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके योगदान की सराहना करते हुए शुभेच्छाएं व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत को मजबूत, सुरक्षित और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनकी गहरी समझ प्रशंसनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राजनाथ सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना की। वहीं, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने उन्हें भाजपा परिवार का वरिष्ठ सदस्य और लोकप्रिय जननेता बताते हुए शुभकामनाएं दीं।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनाथ सिंह को प्रखर वक्ता और जनप्रिय राजनेता बताते हुए कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने उनके उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना की।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजनाथ सिंह का नेतृत्व राष्ट्र की सुरक्षा, सामर्थ्य और गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रेरणादायी रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनके श्रेष्ठ स्वास्थ्य और कीर्तिमय जीवन की कामना की। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और संकल्प से भारत का रक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार सशक्त हो रहा है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य आधुनिकीकरण में राजनाथ सिंह के योगदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया। -
जम्मू. थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अग्रिम इलाकों का दौरा किया और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति, अभियानगत तैयारियों तथा सैनिकों की युद्ध तत्परता की समीक्षा की। अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये गए हैं और पदभार संभालने के बाद पुंछ के अग्रिम क्षेत्रों की उनकी यह पहली यात्रा है। अधिकारियों ने बताया कि सेनाध्यक्ष ने नगरोटा स्थित 'व्हाइट नाइट कॉर्प्स' मुख्यालय का दौरा किया, जहां वरिष्ठ कमांडरों ने उन्हें जम्मू क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और उसकी टुकड़ियों की अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद जनरल सेठ ने पुंछ जिले में अग्रिम इलाकों का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था तथा अभियानगत तैयारियों की समीक्षा की। सेनाध्यक्ष ने पुंछ ब्रिगेड मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की, जहां उन्हें सैनिकों की तैनाती, मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य और अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। शीर्ष अधिकारियों ने समग्र सुरक्षा स्थिति और उभरती चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सैनिकों की तैयारियों के बारे में सेनाध्यक्ष को अवगत कराया। जनरल सेठ मंगलवार से जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। इस दौरे पर उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की तथा कश्मीर में सुरक्षा की समग्र स्थिति के बारे में समीक्षा की।
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जम्मू. जम्मू कश्मीर में वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच 8,150 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू में भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही दो जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से कुल 52,816 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से कश्मीर के लिए रवाना हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को रवाना हुए श्रद्धालुओं के जत्थे में 6,095 पुरुष, 2,037 महिलाएं, 15 बच्चे और तीन ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं। श्रद्धालु दो समूहों में रवाना हुए। 3,445 श्रद्धालु 168 वाहनों में बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए जबकि 4,705 श्रद्धालु 166 वाहनों में पारंपरिक पहलगाम मार्ग की दिशा में आगे बढ़े। जम्मू कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की। इस अब तक 1.45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर में भगवान शिव के हिमलिंगम के दर्शन किए हैं। अमरनाथ की 57 दिनों की यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के त्योहार पर संपन्न होगी।
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस वर्ष अब तक अमरनाथ यात्रा में पिछले साल की तुलना में अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या केंद्रशासित प्रदेश में पर्यटन के लिए भी सकारात्मक संकेत है। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को फर्जी पंजीकरण में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। सिन्हा ने श्रीनगर के पंथा चौक स्थित यात्रा 'ट्रांजिट कैंप' और यात्री निवास का दौरा कर वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और श्रद्धालुओं से बातचीत कर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भगवान शिव के प्रत्येक श्रद्धालु को चौबीसों घंटे आवश्यक सहायता और देखभाल उपलब्ध हो। सिन्हा ने कहा, ''पिछले एक सप्ताह के आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की यह बढ़ती संख्या न केवल हमारी आध्यात्मिक विरासत के लिए शुभ संकेत है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के लिए भी सकारात्मक है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।'' सिन्हा ने कहा कि वह चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के समृद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पाद देशभर में पहुंचें और अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के घरों में भी अपनी जगह बनाएं। उन्होंने कहा, ''इससे हमारे कारीगरों का सम्मान होगा और 'एक जिला, एक उत्पाद' अभियान को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही आस्था, संस्कृति और समृद्धि के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।'' उपराज्यपाल ने विभिन्न विभागों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवास, स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं के संबंध में की गई तैयारियों की भी समीक्षा की।
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नयी दिल्ली/ भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक को अपना उम्मीदवार घोषित किया। ये तीनों नेता कुछ घंटे पहले ही तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। तृणमूल के इन तीनों पूर्व सांसदों ने हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था और आज पार्टी भी छोड़ दी। उनके इस्तीफे से खाली हुई तीनों सीटों पर निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की है। भाजपा ने बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक को राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। एक अन्य अधिसूचना में भाजपा ने गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी अपने उम्मीदवार की घोषणा की। पार्टी ने इस सीट से सतीशभाई गोविंदभाई पटेल को उम्मीदवार बनाया है। राज्यसभा उपचुनाव 24 जुलाई को होगा और मतगणना भी उसी दिन होगी।
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नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत, रक्षा क्षमताओं और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के रक्षा प्लेटफॉर्म की क्षमता और विश्वसनीयता को पहचान रही है, जिसकी झलक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत के डिफेंस प्लेटफॉर्म की कैपेबिलिटी और क्रेडिबिलिटी दुनिया देख रही है। आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो देखा ही होगा। धमाके आतंकियों के अड्डों पर हो रहे थे और गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी।” उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है और उसकी रक्षा क्षमताओं पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
30 हजार से अधिक भारतीय मूल के लोगों की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने चंद्रयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा, “आपने देखा है कि भारत ने मून के साउथ पोल पर चंद्रयान उतारा है। दुनिया में कोई और देश ऐसा नहीं कर पाया। भारत अब अपना गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है। भारत अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और देश के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से तक इसकी पहुंच बन चुकी है। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन, वैक्सीन मैत्री, वैश्विक संकटों के दौरान राहत अभियानों और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि टाटा समूह ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट के जरिए उपग्रह प्रक्षेपित करने की दिशा में काम कर रहा है, जो दोनों देशों के तकनीकी सहयोग का नया उदाहरण है।प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि मेलबर्न में कई ऐसे इलाके हैं जिन्हें लोग ‘लिटिल इंडिया’ या ‘मिनी इंडिया’ के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे नाम कोई भी हो, इन स्थानों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक साफ दिखाई देती है। उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की मजबूती का श्रेय प्रवासी भारतीयों को देते हुए कहा, “इन रिश्तों को मजबूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका मेरी नहीं, बल्कि आप सभी की है।” उन्होंने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत कड़ी बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि देश में विशेष रूप से बेटियों के लिए खेलों के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों का भी जिक्र किया। वहीं, ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होती व्यापक रणनीतिक साझेदारी और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे होते संबंधों का प्रतीक बनकर उभरा। -
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में गुरुवार को भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेलबर्न ने सचमुच सबका दिल जीत लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि मेलबर्न में हुए कम्युनिटी प्रोग्राम में प्रधानमंत्री अल्बानीज़ की मौजूदगी ने इसे और भी खास बना दिया। उनका भाषण शानदार था, जिसमें भारत-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता और हमारी साझेदारी को वे कितना महत्व देते हैं, यह साफ झलकता था।
पीएम मोदी ने कहा, “मैं अपने मित्र और भारत के मित्र प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ का भी बहुत आभारी हूं। आप सिडनी में हमारे साथ थे और आज आप यहां मेलबर्न में भी भारतीय समुदाय के साथ शामिल हुए हैं; एक तरह से, यह सफर पूरा हो गया है।”उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम वाले शहर अहमदाबाद से लेकर मशहूर स्टेडियम वाले शहर मेलबर्न तक हम दोनों जगहों पर साथ रहे हैं। हम सबने देखा है कि जब भी प्रधानमंत्री अल्बानीज़ बोलते हैं, तो वे भारतीयों का दिल और दिमाग जीत लेते हैं। आपने सिडनी में ज़बरदस्त छाप छोड़ी और यहां भी आपने सबका दिल जीत लिया है।भारतीय समुदाय को संबोधित करने के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्पोर्ट्स सेक्टर हम दोनों देशों की साझेदारी को अधिक मजबूती प्रदान करता है। स्पोर्ट्स की दुनिया में ऑस्ट्रेलिया अपने आप में एक ब्रांड है। खेलो इंडिया मिशन केवल एक स्पोर्ट्स पॉलिसी नहीं है। इस मिशन के तहत भारत के रिमोट इलाकों में भी स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है… 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स भारत होस्ट कर रहा है। भारत 2036 में ओलंपिक खेलों को होस्ट करने का भी दावेदार है। वहीं, सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, धन्यवाद मेलबर्न ! धन्यवाद ऑस्ट्रेलिया! आज का दिन ज़बरदस्त था। -
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया का “सच्चा और अपना प्रिय मित्र” बताते हुए कहा कि मेलबर्न में भारतीय नेता की मेजबानी करना उनके लिए सम्मान की बात है। भारतीय समुदाय के लिए आयोजित भव्य कार्यक्रम ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ में अल्बनीज ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मेलबर्न के प्रसिद्ध मार्वल स्टेडियम में गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग मौजूद रहे। अल्बनीज ने कहा कि इस स्टेडियम ने वर्षों में कई यादगार कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन भारतीय समुदाय का यह आयोजन सबसे खास और महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी, मेरे मित्र, शानदार मेलबर्न में आपका स्वागत है। ऑस्ट्रेलिया के सच्चे मित्र और मेरे बेहद प्रिय मित्र के रूप में आपकी मेजबानी करना मेरे लिए सम्मान की बात है।”उन्होंने कहा कि स्टेडियम में मौजूद लोगों की ऊर्जा भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की भावना को दर्शाती है। यह उत्साह और सकारात्मकता दोनों देशों और उनके लोगों के बीच मजबूत होते संबंधों को आगे बढ़ाने वाली शक्ति है।अल्बनीज ने भारत की अपनी यात्राओं को याद करते हुए कहा कि उन्हें दो बार भारत जाने का अवसर मिला और हर यात्रा ने उन्हें देश की विविधता, सुंदरता और लोगों की गर्मजोशी से प्रभावित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2023 में गुजरात यात्रा के दौरान किए गए स्वागत को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने उनका भारत में स्वागत किया था, तब दोनों नेताओं ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रथ की सवारी की थी। उन्होंने कहा कि गुजरात में 2023 के दौरान दोनों देशों के लोगों के बीच जो आत्मीयता उन्होंने महसूस की थी, वही भावना मेलबर्न में मौजूद भारतीय समुदाय के बीच भी दिखाई दे रही है।अल्बनीज ने कहा कि यह अवसर दोनों देशों के लोगों को जोड़ने वाले रिश्ते, आपसी सम्मान, मजबूत दोस्ती और भारत से जुड़े 10 लाख से अधिक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के योगदान का उत्सव है।उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोग राष्ट्रीय संकट और जरूरत के समय सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, छोटे व्यवसायों और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भारतीय छात्रों के योगदान का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत से आने वाले विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा व्यवस्था और समाज को समृद्ध बना रहे हैं। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच “जीवंत पुल” बताते हुए कहा कि उनकी संस्कृति, मेहनत और देश के प्रति समर्पण ने ऑस्ट्रेलिया को और मजबूत, बेहतर तथा अधिक विविध बनाया है। अल्बनीज ने कहा कि भारतीय समुदाय की वजह से ऑस्ट्रेलिया एक अधिक समृद्ध और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र बना है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच यह रिश्ता केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित है। ( -
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से उनके देश के व्यवसायों को नई गति मिलेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पीएम लक्सन ने लिखा, “हमारे व्यापार समझौते से न्यूजीलैंड के बिजनेस में तेजी आने वाली है और हम भारत को जो कुछ भी निर्यात करते हैं, उसका 57 प्रतिशत पहले दिन से ही टैरिफ मुक्त होगा।”यह महत्वपूर्ण टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी न्यूजीलैंड यात्रा से ठीक पहले आई है।
ज्ञात हो, प्रधानमंत्री मोदी 10-11 जुलाई को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर न्यूजीलैंड जाएंगे। यह लगभग 40 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। यह दौरा पीएम लक्सन के निमंत्रण पर हो रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि मार्च 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में जो गति आई है, इस दौरे से उसे और मजबूती मिलेगी। उन्होंने आर्थिक, व्यापारिक और वाणिज्यिक संबंधों को और बढ़ाने पर चर्चा करने का संकल्प व्यक्त किया।इस साल 27 अप्रैल को भारत और न्यूजीलैंड ने FTA को अंतिम रूप दिया था। पीएम लक्सन ने इसे “पीढ़ी में एक बार मिलने वाला मौका” बताया और भारतीय बाजार के विशाल स्केल व पोटेंशियल पर जोर दिया। लक्सन ने कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड को भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह पर करीब से जोड़ देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रवासी भारतीयों की सराहना की और कहा कि वे न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करने के लिए उत्सुक हैं, जिन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया है। यह FTA दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है। पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इस समझौते को और गति देने पर चर्चा होने की उम्मीद है। (



























