- Home
- देश
- धान खरीदी के लिए जरूरत 5.25 लाख गठानों की, स्वीकृत हुए 2.14 लाख गठान, अब तक मिले मात्र 86 हजार 856 हीमुख्यमंत्री ने लिखा- यदि समय पर बारदाने नहीं मिले तो राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति हो सकती है निर्मितरायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा 12 नवंबर 2021 को जारी प्लान के अनुसार नये जूट बारदानों की समयानुसार आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। श्री बघेल ने अपने पत्र में कहा है कि प्लान के अनुसार छत्तीसगढ़ को 2.14 लाख गठान नये जूट बारदाने जूट कमिश्नर कोलकाता के माध्यम से क्रय करने की अनुमति प्राप्त हुई है। इसके विरुद्ध राज्य को अभी तक मात्र 86,856 गठान नये जूट बारदाने प्राप्त हुए हैं, जो प्लान अनुसार अपेक्षित मात्रा से काफी कम है। राज्य को धान खरीदी के लिए 5.25 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता है। जूट कमिश्नर द्वारा प्लान के अनुसार यदि समयानुसार शतप्रतिशत बारदानों की आपूर्ति नहीं की जाती है तो राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है।प्रधानमंत्री श्री मोदी को लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य 01 दिसंबर, 2021 से प्रारंभ होना संभावित है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर राज्य में किसानों से 105 लाख टन धान उपार्जन होना अनुमानित है, जिसके लिए 5.25 लाख गठान बारदाने की आवश्यकता होगी। इसमें से 2.14 लाख गठान नये जूट बारदाने जूट कमिश्नर कोलकाता के माध्यम से क्रय करने की अनुमति खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 12 नवंबर 2021 को जारी पत्र के द्वारा दी गई है। इसके अनुसार माह अगस्त हेतु 0.19 लाख गठान, सितंबर हेतु 0.32 लाख गठान, अक्टूबर हेतु 0.72 लाख गठान, नवंबर हेतु 0.15 लाख गठान एवं दिसंबर हेतु 0.76 लाख गठान नये जूट बारदाने की माहवार आपूर्ति किये जाने का शेड्यूल जारी किया गया है।श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी समिति विपणन संघ मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा 2.14 लाख गठान जूट बारदाने क्रय करने के लिये इंडेन्ट जारी किये गये है, इसके विरुद्ध राज्य को अभी तक मात्र 86,856 गठान नये जूट बारदाने ही प्राप्त हुए हैं, जो प्लान अनुसार अपेक्षित मात्रा से काफी कम है। जूट कमिश्नर के माध्यम से राज्य को प्राप्त होने वाले उक्त समस्त नये जूट बारदानों की शत-प्रतिशत आपूर्ति हेतु राज्य स्तर से निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य द्वारा किये जा रहे सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद जूट कमिश्नर द्वारा आपूर्ति किये जा रहे बारदानों की गति में संतोषप्रद प्रगति परिलक्षित नहीं हुई है। श्री बघेल ने प्रधानमंत्री को बताया है कि विगत वर्ष में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु प्रतिदिन औसतन 10 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता हो रही थी। ऐसी स्थिति में यदि जूट कमिश्नर कोलकाता द्वारा आपूर्ति कार्ययोजना के अनुरूप शत-प्रतिशत बारदानों की आपूर्ति नियत समय पर नहीं की जाती है, तो धान खरीदी अवधि के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।श्री बघेल ने पत्र में उल्लेख किया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा 61.65 लाख टन चावल केन्द्रीय पूल अंतर्गत लिये जाने की अनुमति प्रदान की गई है, राज्य में केन्द्रीय पूल की आवश्यकता 16 लाख टन के अतिरिक्त शेष 45.65 लाख टन चावल केन्द्रीय पूल अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम में जमा कराया जाना है, जिसके लिए भी नये जूट बारदाने की प्लान अनुसार निरंतर आपूर्ति की जरूरत है ।श्री बघेल ने प्रधानमंत्री से उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा 12 नवंबर 2021 के पत्र में जारी प्लान के अनुसार नये जूट बारदाने की समयानुसार आपूर्ति किये जाने के लिए खाद्य विभाग भारत सरकार एवं जूट कमिश्नर कोलकाता को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
- राजनांदगांव जिले के निवेशकों को 2 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि ऑनलाइन वापस की गईराजनांदगांव में अब तक 9 करोड़ 78 लाख रूपए वितरितरायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनादगांव जिले के चिटफंड निवेशकों को 2 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि ऑनलाइन उनके खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में चिटफंड कंपनियों के निवेशकों को राशि उनके खाते में वापस लौटने के साथ ही मुख्यमंत्री ने निवेशकों को उनकी राशि वापस मिलने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जो अपने राज्य के निवेशकों को जिनके साथ चिटफंड कंपनियों ने धोखाधड़ी की है, उनकी राशि वापस लौटा रहा है। इसके लिए चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी प्रॉपर्टी की कुर्की और नीलामी कर उससे प्राप्त होने वाली राशि निवेशकों वापस दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। उनके ऊपर प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। उनकी प्रॉपर्टी को चिन्हित कर कुर्की और नीलामी की कार्रवाई की प्रक्रिया सतत जारी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षको को चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही और वसूली का अभियान तेजी से संचालित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजनादगांव जिले में इससे पहले 16 हजार 796 निवेशकों को 7 करोड़ 32 लाख रुपए की राशि वापस लौटाई जा चुकी है। आज 2 करोड़ 46 लाख रुपए की राशि वापस की गई है। इसको मिलाकर अब तक राजनांदगांव जिले में चिटफंड के निवेशकों को 9 करोड़ 78 लाख रुपए वापस लौटाये जा चुके है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी के शिकार हुए निवेशकों को न्याय दिलाना है। इसके लिए शासन प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। निवेशकों को उनकी राशि वापस लौटाने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।इस अवसर पर कलेक्टर राजनादगांव तारण प्रकाश सिन्हा ने बताया कि राजनंदगांव जिले में चिटफंड कंपनी के निवेशकों से 3 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। 462 चिटफंड कंपनियों का विवरण तैयार किया गया हैं। उन्होंने बताया कि चिटफंड कंपनी शुभ साईं इंडिया लिमिटेड की डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम घोटिया में 10 एकड़ जमीन कुर्क की गई है। उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित अंतिम आदेश के तहत मटिया गांव में 3 एकड़ तथा हरडूआ में आधा एकड़ जमीन की नीलामी की कार्रवाई दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में की जाएगी, और इससे प्राप्त होने वाली राशि चिटफंड कंपनी के निवेशकों को वापस लौटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई जारी है।इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण ने बताया कि चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध 31 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें से 27 मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं । एक प्रकरण में चिटफंड कंपनी के दो डायरेक्टरों को सजा भी मिली है। कुल 61 डायरेक्टर गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि चिटफंड कंपनियों की 17 प्रॉपर्टी चिन्हित की गई है, जिनकी कुर्की व नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। राशि वापसी के ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़ीं निवेशक श्रीमती शारदा बाई ने बताया कि उन्होंने चिटफंड कंपनी में 5 लाख रुपये का निवेश वर्ष 2010 में किया था। उनकी पूरी राशि डूब गई थी। श्रीमती शारदा बाई ने राशि वापस मिलने पर प्रसन्नता जताते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। खैरागढ़ के श्री पुन्नू राम ने बताया कि उन्होंने चिटफंड कंपनी में 50 हजार रूपए का निवेश किया था। कंपनी ने राशि 3 गुना वापस कर लौटाने की बात कही थी। श्री महरु राम ने बताया कि उसने 3 लाख चिटफंड कंपनी में वर्ष 2014 में जमा किए थे, उनकी पूरी जमा पूंजी डूब गई थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्हें 90 हजार रुपए वापस मिले थे। आज 30 हजार रुपए वापस उनके खाते में आए हैं। श्री हरिराम ने बताया कि उसने भी चिटफंड कंपनी में 2 लाख 16 हजार रुपए का निवेश किया था, परंतु चिटफंड कंपनी के भाग जाने की वजह से उनकी पूरी राशि डूबत में चली गई थी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर डूबत राशि उन्हें वापस मिल रही है। पहले उन्हें 65 हजार और आज दूसरी बार 21 हजार रूपए की राशि वापस मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति इसके लिए आभार जताया।---
- मऊ (उप्र) । मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के गोठा पावर हाउस के पास ट्रक की धुलाई करा रहे एक चालक की सोमवार की शाम गोली मारकर कथित तौर पर हत्या कर दी गई।थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि घोसी कोतवाली क्षेत्र के मानिकपुर आसना का निवासी संजय यादव (26) ट्रक चलाता था। वह शाम को गोठा बाजार के पावर हाउस के पास ट्रक की धुलाई कराने गया था। करीब सात बजे चार पहिया वाहन से आए दो व्यक्तियों ने संजय को सीने में गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर लोग इकट्ठा हो गये। घायल संजय को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट पहुंचाया गया वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। थानाध्यक्ष सिंह ने बताया कि वारदात के बाद हमलावर दोहरीघाट की तरफ भाग गए। घटना की वजह का पता नहीं चल सका। मामले की जांच की जा रही है ।
- यह सुविधा वाले प्रदेश के 17 में से 8 अस्पताल इन दोनों संभागों केपिछले डेढ़ वर्षों में 820 मरीजों की कीमोथेरेपी, 2809 लोगों में कैंसर की जांचकोरोना काल में जब परिवहन सुविधाएं बंद थीं तो स्थानीय स्तर पर मौजूद इस सुविधा ने कैंसर के मरीजों को दी थी बड़ी राहतचरणबद्ध रूप से प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में शुरू होगी सुविधारायपुर. प्रदेश के 17 जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी की सुविधा विकसित कर ली गई है। डे-केयर कीमोथेरेपी (Day-Care Chemotherapy) की सुविधा वाले इन 17 अस्पतालों में से आठ बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल में हैं। इससे प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और आदिवासी अंचलों के कैंसर मरीजों को एक जरूरी सुविधा मिल रही है। कोरोना काल में लॉक-डाउन के चलते जब सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं बंद थीं, उस समय अलग-अलग जिलों में संचालित, स्थानीय स्तर पर मौजूद इस सुविधा ने कैंसर के मरीजों को बड़ी राहत दी थी। निःशुल्क कीमोथेरेपी की सुविधा ने कैंसर के इलाज में होने वाले बड़े खर्च की चिंता से भी मरीजों को मुक्त किया है। सुदूर बस्तर संभाग के चार जिला अस्पतालों दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बस्तर और कांकेर तथा सरगुजा संभाग के बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिला अस्पतालों में मरीजों की निःशुल्क कीमोथेरेपी हो रही है। बालोद, बेमेतरा, बिलासपुर, गरियाबंद, जांजगीर, कोरबा, मुंगेली, रायपुर और धमतरी के जिला अस्पतालों में भी यह सुविधा शुरू की जा चुकी है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में चरणबद्ध रूप से कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के ‘दीर्घायु वार्ड’ योजना के अंतर्गत प्रदेश के 17 जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी सुविधा संचालित की जा रही है। इन अस्पतालों में पिछले डेढ़ वर्षों में 820 कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी की गई है। जगदलपुर जिला अस्पताल में 341, जशपुर में 294, अंबिकापुर में 78, कांकेर और सूरजपुर में 24-24, रायपुर में 17, नारायणपुर में 13, जांजगीर और धमतरी में दस-दस, बेमेतरा में चार, बिलासपुर और दंतेवाड़ा में दो-दो तथा बलरामपुर जिला अस्पताल में एक मरीज की कीमोथेरेपी इस दौरान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी पहल पर राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा दूर-दराज के इलाकों में भी अच्छी चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने नई-नई सुविधाएं शुरू की जा रही हैं।कीमोथेरेपी के साथ ही जिला अस्पतालों में कैंसर की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। बीते डेढ़ वर्षों में कीमोथेरेपी सुविधा वाले 17 जिला अस्पतालों में 2809 व्यक्तियों में कैंसर की जांच की गई है। इस दौरान जगदलपुर जिला अस्पताल में 1260, धमतरी में 456, जशपुर में 311, रायपुर में 242, सूरजपुर में 237, जांजगीर में 102, कांकेर में 65, बिलासपुर में 47, बेमेतरा में 31, बलरामपुर में 23, बालोद और अंबिकापुर में दस-दस, दंतेवाड़ा में सात और गरियाबंद जिला अस्पताल में चार लोगों में कैंसर की स्क्रीनिंग की गई है।
- श्रीनगर। कश्मीर में शीत लहर की स्थिति बनी हुई है तथा मंगलवार को पारा और नीचे चल गया। श्रीनगर में सोमवार की रात तापमान शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया और इस मौसम की अब तक की यह सबसे सर्द रात रही।मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में पिछली कुछ रातों से तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है और ज्यादातर स्थानों पर इस मौसम के सामान्य तापमान की अपेक्षा पारा दो से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया जा रहा है।अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम में तापमान कल रात शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो कि कश्मीर में सबसे ठंडा स्थान रहा।उन्होंने बताया कि श्रीनगर में कल रात तापमान शून्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो कि रविवार रात दर्ज शून्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस तापमान से नीचे है।उन्होंने बताया कि वहीं बारामूला जिले के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में तापमान शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में पारा शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। काजीगुंड में तापमान शून्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस नीचे, कोकेरनाग में तापमान शून्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया।मौसम विभाग ने बताया कि इस महीने के अंत तक मौसम के शुष्क लेकिन सर्द बने रहने का अनुमान है। विभाग ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के क्षेत्रों में 25 नवंबर को हल्की बर्फबारी की 40 से 50 फीसदी संभावना है।
- अहमदाबाद। सशस्त्र बलों और अन्य सुरक्षा संगठनों का चार दिवसीय बहु-एजेंसी अभ्यास सोमवार को गुजरात में संपन्न हुआ। इस अभ्यास में उभरते खतरों से निपटने के लिए व्यापक समन्वय और उनके बीच परिचालन डेटा साझा करना शामिल था । एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल, सीमा सुरक्षा बल और गुजरात सुरक्षा तंत्र ने गुजरात के कच्छ प्रायद्वीप के क्रीक सेक्टर में आयोजित इस अभ्यास में हिस्सा लिया। बयान में कहा गया है कि यह अभ्यास सागर शक्ति 19 से 22 नवंबर के बीच आयोजित किया गया । यह राजस्थान और गुजरात के प्रशिक्षण क्षेत्रों में चल रहे दक्षिण शक्ति अभ्यास का हिस्सा है । पत्र सूचना कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पुलिस, मरीन पुलिस और मत्स्य विभाग समेत गुजरात की एजेंसियों ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया । इसमें कहा गया है, अभ्यास में तीनों आयामों में एक साथ एकीकृत तरीके से बलों द्वारा सैनिकों और युद्धाभ्यास को सम्मिलित करना शामिल था । इस अभ्यास में शामिल होने वाली एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शिरकत की।
- नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारतमाला के चरण एक और दो के अंतर्गत 65 हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार 2025 तक दो लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के लिए तेज़ी से काम कर रही है। श्री गडकरी भारत-एट-दा-रेट-सेवेंटी-फाइव, भारत का सशक्तीकरण : कल के लिए आज कार्यक्रम के वार्षिक सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।श्री गडकरी ने कहा कि हरित राजमार्ग अभियान के अंतर्गत सरकार उन राजमार्गों पर वृक्षारोपण करा रही है जहां स्थानीय समुदायों, किसानों, गैर-सरकारी संगठनों और निजी क्षेत्र की बड़ी भागीदारी की संभावना है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में निवेश का फायदा लेने के लिए निजी क्षेत्र लॉजिस्टिक पार्क, स्मार्ट शहर और औद्योगिक पार्क के निर्माण में निवेश कर सकता है।
- पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले में रविवार को एक कार, एक ट्रक में जा घुसी जिसमें दो वर्षीय एक बच्चे सहित चार लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस ने दी। एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना जिले में बोईसर के अवंडानी गांव में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर हुई। मनोर थाने के अधिकारी ने बताया, ‘‘कार में दस से अधिक लोग यात्रा कर रहे थे जब यह पीछे से ट्रक में जा घुसी। इसमें दो वर्षीय एक बच्चे सहित चार लोगों की मौत हो गई। कार सवार छह अन्य लोग घायल हो गए।'' उन्होंने बताया कि कार सवार लोग लोनावला के पास एकविरा देवी मंदिर में पूजा करने के बाद पालघर के डांडी के लिए लौट रहे थे।
- अमरावती। आंध्र प्रदेश में पेन्ना नदी में बाढ़ आने की वजह से सैकड़ों वाहन और यात्री फंस गए हैं, अहम राजमार्गों पर यातायात बंद कर दिया है और दक्षिणी हिस्से को देश के अन्य भागों से जोड़ने वाले रेल मार्ग के प्रभावित होने से 100 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। बाढ़ के पानी में से कुछ और शव मिले हैं। इसके बाद प्रदेश में अलग अलग जिलों में बारिश से संबंधित घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है। आंध्र प्रदेश में चेन्नई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग -16, आंध्र प्रदेश में नेल्लोर और विजयवाड़ा के बीच यातायात के लिए कट गया और चेन्नई ग्रैंड ट्रंक रेल मार्ग भी कट गया है, जो देश के दक्षिणी और पूर्वी और उत्तरी भागों को जोड़ने के लिए अहम रेल मार्ग है। दक्षिण मध्य रेलवे ने बताया कि नेल्लोर के पास पादुगुपाडु में रेल की पटरियों को हुए नुकसान के कारण 100 से अधिक एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया और 29 ट्रेनों के मार्गों में बदलाव किया गया है। चेयेरू नदी पर अन्नामय्या परियोजना के मिट्टी के बांध के टूटने के कारण अचानक आई बाढ़ की वजह से अकेले कडप्पा जिले में, कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों एकड़ में फैली फसल नष्ट हो गई, मवेशी बह गए और गांवों में कई घर मलबे में तब्दील हो गए हैं। कडप्पा शहर में, एक इमारत की दूसरी मंजिल पर फंसी एक महिला और उसके बच्चे को पुलिस और दमकल कर्मियों ने समय पर बचा लिया, जिसके कुछ समय बाद ही तीन मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। वेलिगल्लु जलाशय से निकलने वाले बाढ़ के पानी के कारण पापग्नि नदी पर बना एक पुल गिर गया, जिससे कडप्पा और अनंतपुरमू जिलों के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि एसपीएस नेल्लोर जिले के सोमसिला जलाशय से दो लाख क्यूसेक से अधिक बाढ़ का पानी बह गया है, जिससे सैलाब आ गया। बस सेवा बाधित होने से सैकड़ों यात्री नेल्लोर आरटीसी बस स्टॉप पर फंस गए हैं।
- जींद। हरियाणा के जींद जिले में अलग अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गयी । संबंधित थाना पुलिस ने मृतकों के परिजनों की शिकायतों पर फरार वाहन चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि नगूरां गांव निवासी अनंतराम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके छोटे भाई चंद्रहास की बाइक को टक्कर मार दी जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गयी । अंनतराम की शिकायत पर फरार अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि एक अन्य हादसे में राजा राम की मौत हो गयी । पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है ।
- पुडुकोट्टाई।तमिलनाडु के पुडुकोट्टाई में रविवार को बकरी चोर गिरोह ने विशेष उप निरीक्षक (एसएसआई) भूमिनाथन की उस समय हत्या कर दी, जब वह चोरों को पकड़ने के लिए उनका पीछा कर रहे थे। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, रात्रि गश्त पर तैनात भूमिनाथन ने दो पहिया वाहन पर बकरी चुराकर ले जा रहे चोरों के पुलिस जांच चौकी पर नहीं रूकने पर उनका पीछा किया। पुलिस ने बताया कि काफी दूर तक पीछा करने के बाद एसएसआई ने चोरों को कीरानुर पुलिस थाना क्षेत्र में दबोच लिया और इसी दौरान एक बदमाश ने धारदार हथियार से भूमिनाथन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। भूमिनाथन द्वारा चोरों का पीछा करने की घटना इलाके के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई जोकि बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस बीच, एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पुलिसकर्मी की मौत पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आश्रित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि बदमाशों को पकड़ने के लिए चार टीम बनाई गई हैं।
- सीधी (मप्र)। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के संजय बाघ अभयारण्य से लापता हुई एक बाघिन को सिंगरौली जिले में शिकारियों ने कथित तौर पर बिजली का झटका देकर मार डाला। मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वन विभाग के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। संजय बाघ अभयारण्य के क्षेत्र संचालक वाई. पी. सिंह ने बताया कि बाघिन टी-30 की लोकेशन पांच नवंबर को तकरीबन पांच किलोमीटर दूर सिंगरौली जिले के पश्चिम सरई वन परिक्षेत्र के बंजारी गांव के समीप मिली। उन्होंने कहा कि पांच नवंबर की रात साढ़े 11 बजे के बाद बाघिन की स्थिति का पता नहीं चला। सिंह ने बताया कि बंजारी गांव के समीप जंगल में शनिवार सुबह एक गड्ढे में बाघिन की खाल के छोटे-छोटे टुकड़े व बाल मिले और इससे थोड़ी दूर पर खून से सने जूट के दो बोरे व जली हुई कॉलर आई.डी. भी मिली। उन्होंने कहा कि इस मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिये गये आरोपियों कि निशानदेही पर रविवार को बाघिन का क्षत-विक्षत शव गोपद नदी में गोताखोरों की मदद से बरामद किया गया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के तहत शव का पंचनामा बनाकर अवशेषों की जांच के लिए नमूना हैदराबाद भेजा जाएगा। सिंह ने बताया कि बाघिन को करंट लगाकर मारे जाने के सबूत मिले हैं। शिकार करने वाले गिरोह में 12 लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिये सिंगरौली जिले के वन कर्मियों सहित पुलिस बल कि सहायता ली जा रही है।
- जम्मू।कुमार अजवानी 61 साल की उम्र में 76 दिनों की अवधि में जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक कुल 4,444 किलोमीटर की दूरी दौड़कर तय करने वाले हैं और अपनी उम्र के पहले भारतीय के रूप में विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास कर रहे हैं। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि अजवानी का मिशन दिव्यांग सैनिकों के लिए जागरूकता फैलाना और धन जुटाना है। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण विभाग जम्मू कश्मीर ने 19 नवंबर को उधमपुर जिले के पटनीटॉप हिल रिसॉर्ट से अजवानी के शुरू हुए यात्रा अभियान के तीसरे दिन सैनिक भवन में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर गुरमीत सिंह शान ने बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों की मौजूदगी में अजवानी को राज्य सैनिक बोर्ड के कार्यालय से रवाना किया। अधिकारियों ने कहा कि अजवानी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘टीम एफएबी फाउंडेशन' के संस्थापक-निदेशक हैं,जिसे धावकों के एक समूह ने फिटनेस और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया था। ‘आत्मनिर्भर भारत रन' नाम के इस अभियान के जरिए अजवानी का प्रयास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आदिवासी स्कूलों के उन्नयन तथा ‘‘एक भारत और एकजुट भारत'' के संदेश को भी प्रसारित करना है। अजवानी पहले भी विभिन्न जगहों पर दौड़ में शामिल हो चुके हैं और जुटाए गए धन के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद करते हैं।
- गोपेश्वर । उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ क्षेत्र में एक भालू के हमले में एक महिला की मौत हो गयी । एक माह के भीतर क्षेत्र में भालू के हमले की यह दूसरी घटना है । घटना घाट क्षेत्र के योग गांव में शनिवार को हुई जहां 60 साल की आशा देवी समीप के जंगल में रोज की तरह घास और लकडी लेने गयी थी और शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन की तो एक स्थान पर खून से लथपथ उनका शव पड़ा मिला । सूचना मिलने पर वनकर्मी और राजस्व पुलिस की मदद से रविवार को शव को जंगल से पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया । दरीनाथ के वन प्रभागीय वनाधिकारी ए सिंह ने बताया कि एक महीने के भीतर भालू के हमले से मौत की यह दूसरी घटना है। उन्होंने कहा कि इन दिनों भालुओं की सक्रियता बढ़ने के कारण मानवों से उनका आमना—सामना होने पर हिंसक वारदातें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को जंगल में जाने पर एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है ।-file photo
- तिरुपति (आंध्र प्रदेश),। आंध्र प्रदेश में चित्तूर जिला प्रशासन ने रविवार शाम को सार्वजनिक चेतावनी जारी करके लोगों को 16 गांवों को तुरंत खाली करने के लिए कहा है क्योंकि यहां से 14 किलोमीटर दूर रामचंद्र मंडल स्थित 'रायलचेरुवु' नामक 500 साल पुराने विशालकाय जलाशय के बांध में कुछ मामूली दरारें आ गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि हाल ही में हुई बारिश के कारण, सबसे पुराने जलाशय में अब पहली बार पूरी क्षमता से पानी भरा था और छोटी-मोटी दरारें आने लगीं। विशेष अधिकारी पीएस प्रद्युम्न, चित्तूर के जिला कलेक्टर एम हरिनारायणण, तिरुपति के पुलिस अधीक्षक वेंकट अप्पला नायडू के साथ राजस्व और सिंचाई अधिकारियों ने जलाशय का दौरा किया और किसी भी खतरे को टालने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल जलाशय के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं है, हालांकि, एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को गांवों को तीन दिनों के लिए तुरंत खाली कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपने कीमती सामान के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों या पास के इंजीनियरिंग कॉलेजों में चले जाना चाहिए जो उनके लिए तैयार किए गए हैं।
- मुंबई। मुंबई यातायात पुलिस के एक अभियान के दौरान 100 से अधिक लोगों को उनकी मोटरसाइकिल के साइलेंसर तंत्र से छेड़छाड़ और पटाखे जैसी आवाज निकालने के लिए दंडित किया गया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले 25 दिन से चल रहे अभियान में बांद्रा में बड़ी संख्या में लोगों को दंडित किया गया। उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक साइलेंसर हटा दिए गए हैं और उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा।
- गाजियाबाद। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के नियोजित 166 आधार सेवा केंद्रों में से अब तक 58 केंद्र काम करना शुरू कर चुके हैं। निवासी इन आधार सेवा केंद्रों (एएसके) में आधार नामांकन और पते में बदलाव जैसी सेवाओं के लिए जा सकते हैं। यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौरव गर्ग ने गाजियाबाद में आधार सेवा केंद्र के शुभारंभ पर कहा, "यूआईडीएआई ने देशभर के 122 शहरों में 166 आधार सेवा केंद्र संचालित करने की योजना बनाई है। इनमें से अब तक 58 केंद्रों की स्थापना पूरी हो चुकी है और उन्होंने काम करना शुरू कर दिया है।" उन्होंने कहा, "यह सभी केंद्र वातानुकूलित है और इन्हें बैठने की पर्याप्त क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है तथा इन्हें दिव्यांगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।" एक आधिकारिक बयान के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और सड़क परिवहन, राजमार्ग और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वी के सिंह ने रविवार को गाजियाबाद में संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में स्थित इस पांचवें आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन किया।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को संयुक्त राष्ट्र समर्थित कोवैक्स वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत कोविड-19 रोधी टीके कोविशील्ड की 50 लाख खुराक नेपाल, ताजिकिस्तान और मोजाम्बिक को निर्यात करने की अनुमति दी है। इन तीन देशों के अलावा एसआईआई कोवैक्स पहल के तहत बांग्लादेश को कोविशील्ड टीके का भी निर्यात करेगा। एसआईआई 23 नवंबर से कोवैक्स कार्यक्रम के तहत कोविड टीके का निर्यात शुरू करेगा और नेपाल को 24 नवंबर को कोविशील्ड की पहली खेप मिलेगी। इससे पहले सरकार ने अक्टूबर में एसआईआई को ‘वैक्सीन मैत्री' कार्यक्रम के तहत नेपाल, म्यांमा और बांग्लादेश में प्रत्येक को कोविशील्ड की 10 लाख खुराक निर्यात करने की अनुमति दी थी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को हाल में एक पत्र में सूचित किया कि कंपनी ने कोविशील्ड की 24,89,15,000 खुराकों का स्टॉक तैयार किया है और यह स्टॉक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
- नई दिल्ली। सरकार ने उन लोगों को कोविड-19 टीकाकरण के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये रणनीतियां तैयार की हैं, जिन्हें अभी पहली खुराक लेनी है और जिनकी दूसरी खुराक बाकी है। इसके तहत टीकाकरण पूरा करा चुके लोगों के लिये साप्ताहिक या मासिक लकी ड्रॉ कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्यस्थल पर टीकाकरण का आयोजन और पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके कर्मचारियों को बैज प्रदान करने जैसी अन्य पहलों की भी योजना बनाई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जल्द ही इन पहलों को शुरू करने का सुझाव दिया जा सकता है। ऐसे लोगों को 'राजदूत' के रूप में नियुक्त कर सरकार की 'हर घर दस्तक' पहल को बढ़ावा दिया जा सकता है। ये लोग टीके की दोनों खुराक लेने और टीकाकरण कार्यक्रम को पूरा करने के महत्व के बारे में अच्छी सलाह दे सकते हैं। ''कार्यस्थल पर टीकाकरण उन लोगों को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा सकता है, जिन्होंने अभी टीके की खुराक नहीं ली है। निजी और सरकारी कार्यालयों तथा अन्य कार्यस्थलों पर कर्मचारियों को टीकाकरण संदेश वाले बैज दिए जा सकते हैं। इनमें 'मैं टीकाकरण पूरा करा चुका हूं', 'क्या आप भी पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके हैं', जैसे बैज शामिल हैं।''इसके अलावा, टीकाकरण पूरा करा चुके लोगों के लिये साप्ताहिक या मासिक लकी ड्रॉ कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। लकी ड्रॉ के विजेताओं को रसोई का सामान, राशन सामग्री, यात्रा पास, नकद पुरस्कार जैसी चीजें दी जा सकती हैं, ताकि अन्य लोगों को टीकाकरण केंद्र जाने के लिये प्रोत्साहित किया जा सके।'' अधिकारियों के अनुसार, भारत में लगभग 82 प्रतिशत पात्र आबादी को टीके की पहली खुराक मिल चुकी है, जबकि लगभग 43 प्रतिशत का टीकाकरण पूरा हो चुका है। वहीं, 12 करोड़ से अधिक लोगों की दूसरी खुराक बाकी है।
- लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गृह मंत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय पुलिस प्रौद्योगिकी मिशन गठित करने का आह्वान किया ताकि भविष्य की प्रौद्योगिकियों को जमीनी स्तर की पुलिस आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जा सके। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, लखनऊ में आयोजित 56वें पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पुलिस संबंधित सभी घटनाओं के विश्लेषण तथा सीखने की इस प्रक्रिया को संस्थागत रूप देने पर बल दिया। उन्होंने सम्मेलन को हाइब्रिड प्रारूप (ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से) में करवाने की प्रशंसा की और कहा कि इससे विभिन्न स्तर के अधिकारियों के बीच सूचनाओं का प्रवाह सुगम हुआ है। इसके मुताबिक, सामान्य लोगों के जीवन में प्रौद्योगिकी के महत्व को रेखांकित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 टीकाकरण के ऑनलाइन मंच 'को-विन' और भुगतान प्रणाली 'यूपीआई' का उदाहरण दिया। उन्होंने कोविड महामारी के बाद पुलिस के व्यवहार में जनता के प्रति आए सकारात्मक बदलाव की भी प्रशंसा की। बयान के मुताबिक, मोदी ने देशभर के पुलिस बल के लाभ के लिए अंतर-संचालनीय प्रौद्योगिकियों के विकास पर बल दिया। उन्होंने जनता के लाभ के लिए ड्रोन प्रौद्योगिकी के सकारात्मक उपयोग और 2014 में शुरू की गई स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा की समीक्षा पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस अवधारणा में लगातार बदलाव के लिए रोडमैप विकसित करने और पुलिस बलों में इसे संस्थागत करने का सुझाव दिया। पुलिस की रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री ने उच्च प्रौद्योगिकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को जोड़ने का आह्वान किया ताकि तकनीकी समाधान तलाश किए जा सकें। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। पहली बार प्रधानमंत्री के निर्देश पर विभिन्न राज्यों के आईपीएस अधिकारियों ने समसामयिक सुरक्षा मुद्दों पर अपने लेख प्रस्तुत किए, जिससे इस सम्मेलन का महत्व और बढ़ गया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 62 महानिदेशक व महानिरीक्षक तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल तथा केंद्रीय पुलिस संगठन के महानिदेशक शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, विभिन्न स्तर के 400 से अधिक अधिकारियों ने देश भर में मौजूद खुफिया ब्यूरो कार्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इसमें भाग लिया। बयान के मुताबिक, सम्मेलन के दौरान कारागार सुधार, आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, साइबर अपराध, मादक पदार्थ तस्करी, एनजीओ को विदेशों से मिलने वाली आर्थिक सहायता और सीमावर्ती गांवों का विकास इत्यादि जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के मुख्य पहलुओं पर चर्चा के लिए पुलिस महानिदेशकों के अनेक कोर समूह गठित किए गए।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने हाथ से बनाए जाने वाले फाइबर (एमएमएफ), धागा, कपड़े और परिधान पर एक समान 12 प्रतिशत की जीएसटी दर अधिसूचित कर दी है। इस तरह एमएमएफ कपड़ा मूल्य श्रृंखला में विपरीत कर संरचना को ठीक कर दिया गया है। वर्तमान में एमएमएफ पर 18, एमएमएफ धागा पर 12 और एमएमएफ कपड़े पर 5 प्रतिशत जीएसटी दर है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की गत 17 सितंबर को हुई पिछली बैठक में फैसला किया गया था कि कपड़ा क्षेत्र की शुल्क विसंगतियों को एक जनवरी, 2022 से ठीक कर दिया जाएगा। इस निर्णय को प्रभावी करते हुए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) ने 18 नवंबर को एमएमएफ, एमएमएफ धागा और एमएमएफ कपड़ा के लिए जीएसटी की 12 फीसदी की एकसमान दर अधिसूचित कर दी।
- मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिले में रविवार को चैनपुर पुलिस थाना परिसर में हुए विस्फोट में एक पुलिसकर्मी और चार चौकीदार घायल हो गए जिनमें से एक की स्थिति नाजुक है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि यह घटना तब हुई जब थाना परिसर में जमा कचरे को हटा कर सफाई की जा रही थी। सिन्हा ने बताया कि कचरे मे फेंके गए बोतल में पेट्रोल भरा हुआ था और चूक से उसमें विस्फोट हो गया जिससे मौके पर काम कर रहे पुलिसकर्मी घायल हो गये। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों का मेदिनीराय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में इलाज किया जा रहा है ।-file photo
- नयी दिल्ली। मार्च 2020 में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण रेलवे द्वारा रियायतों को निलंबित किए जाने के बाद से लगभग चार करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को अपनी यात्रा के लिए पूरा किराया चुकाना पड़ा है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत मांगी गई जानकारी में यह बात सामने आई है। मध्य प्रदेश निवासी चंद्रशेखर गौड़ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में रेलवे ने कहा है कि 22 मार्च 2020 से सितंबर 2021 के बीच 3,78,50,668 वरिष्ठ नागरिकों ने ट्रेनों में यात्रा की। इस अवधि के दौरान कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के मद्देनजर कई महीनों तक ट्रेन सेवाएं निलंबित रहीं। मार्च 2020 से स्थगित की गईं रियायतें आज तक निलंबित हैं। वरिष्ठ नागरिकों के मामले में, महिलाएं 50 प्रतिशत रियायत के लिए पात्र हैं, जबकि पुरुष 40 प्रतिशत छूट प्राप्त कर सकते हैं। इस श्रेणी में महिलाओं के लिए न्यूनतम आयु सीमा 58 और पुरुषों के लिए 60 वर्ष है। अगले सप्ताह कोलकाता की यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे वरिष्ठ नागरिक तापस भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमें जो रियायत दी जाती थी वह काफी महत्वपूर्ण थी और उन लोगों के लिए बहुत बड़ी मदद की तरह है जो इसे वहन नहीं कर सकते। कई घरों में वरिष्ठ नागरिकों को एक अतिरिक्त सदस्य के रूप में माना जाता है, उनकी अपनी कोई आय नहीं होती है। इन रियायतों से उन्हें कहीं आने-जाने में मदद मिलती है। नियमित ट्रेन सेवाएं संचालित किए जाने के साथ वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायतें बहाल की जानी चाहिए। अधिकतर बुजुर्ग पूरा किराया नहीं दे सकते।'' पिछले दो दशकों में रेलवे द्वारा दी जाने वाली रियायतों पर काफी चर्चा हुई है, जिसमें कई समितियों ने उन्हें वापस लेने की सिफारिश भी की। इसका नतीजा यह हुआ कि जुलाई 2016 में रेलवे ने टिकट बुक करते समय बुजुर्गों को मिलने वाली रियायत को वैकल्पिक बना दिया। जुलाई 2017 में, रेलवे ने बुजुर्गों के लिए ‘रियायत छोड़ने' के विकल्प की योजना भी शुरू की। पिछले महीने एक पत्र में, मदुरै के सांसद एस. वेंकटेशन ने रेल मंत्री से रेल यात्रा के लिए यात्रियों को दी जाने वाली रियायतों को बहाल करने की अपील करते हुए कहा कि यह उस देश में बुजुर्गों के लिए आवश्यक है जहां 20 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ नागरिक यात्रियों की ओर से ‘गिव इट अप' (रियायत छोड़ने की) योजना को मिली प्रतिक्रिया बहुत उत्साहजनक नहीं थी। रिपोर्ट में कहा गया कि कुल 4.41 करोड़ वरिष्ठ नागरिक यात्रियों में से 7.53 लाख (1.7 प्रतिशत) यात्रियों ने 50 प्रतिशत रियायत छोड़ने का विकल्प चुना और 10.9 लाख (2.47 प्रतिशत) यात्रियों ने 100 प्रतिशत रियायत छोड़ दी। रेलवे ने पिछले दस दिनों में अपनी ऐसी कुछ सेवाओं को बहाल कर दिया है, जिसे उसने कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर निलंबित कर दिया था। इसमें रेलगाड़ियों से ‘‘विशेष'' टैग को हटाना भी शामिल है। इससे टिकटों की कीमतों में कमी आई है। ट्रेनों में गर्म पका हुआ भोजन परोसने की सेवा को भी फिर से शुरू किया गया है। हालांकि, रियायतें बहाल करने और बेडरोल उपलब्ध कराने का निर्णय अभी भी लंबित है।
- वडोदरा। गुजरात के वडोदरा में महिसागर नदी में नहाने के दौरान रविवार को एक महिला, उसके 10 साल के बेटे और 12 साल के भतीजे की डूबने से मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक घटना जिले के पादरा तालुका के कराखड़ी गांव के पास हुई। मृतकों की पहचान ज्योति व्यास (40), उसके बेटे अभय (10) और भतीजे मितेश (12) के रूप में की गयी है। वाडु पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ ज्योति व्यास ने दोनों बच्चों के साथ पास के एक मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद स्नान करने के लिए नदी में प्रवेश किया और कुछ देर में ही डूब गए। स्थानीय लोगों ने ज्योति और उसके बेटे के शव को बाहर निकाल लिया, लेकिन मितेश के शव को खोजने और निकालने के लिए एक बचाव दल को बुलाया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मितेश के शव को बाहर निकाला गया।-file photo
- केंद्रपाड़ा।ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में रविवार को नहर में डूबने से दो तथा तीन साल की आयु की दो बहनों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना केंद्रपाड़ा सदर थाना इलाके में जानरा-बारीमुला गांव में हुई।पुलिस ने कहा कि बच्चियों ने घर के पीछे नहर में तैरती कागज की नावों को निकालने के लिए उसमें छलांग लगा दी। उन्हें बचाने के लिए उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। घर में बच्चियां नहीं मिलीं, तो परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश की, लेकिन उनके शव नहर में बहते हुए पाए गए। पुलिस ने कहा कि ग्रामीणों ने शवों को बाहर निकाल लिया।-file photo



























