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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि असम के रास्ते भारत में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे 13 विदेशी नागरिकों को पकड़कर वापस उनके देश भेज दिया गया। हालांकि, हिमंत ने इन लोगों के मूल देश या उनकी जातीयता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “हम सभी अवैध प्रवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, उनके अपने वतन में रहने के अधिकार को और उन्हें वापस भेजे जाने के अधिकार को। उनके अधिकारों का सम्मान करते हुए हमने 13 प्रवासियों को सीमा के दूसरी ओर वापस भेज दिया।” असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मनकाचर जिले बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं। श्रीभूमि के सुतारकंडी में एक एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है।
पूर्वोत्तर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुल तीन एकीकृत जांच चौकियां हैं, जिनमें से अन्य दो मेघालय के डाउकी और त्रिपुरा के अखौरा में स्थित हैं। इस क्षेत्र में एक और आईसीपी असम के दर्रांगा में भारत-भूटान सीमा के पास स्थित है।
असम पुलिस ने पहले कहा था कि राज्य पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पिछले साल पड़ोसी देश बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद कानून के अनुसार गैर-भारतीयों के बांग्लादेश से देश में प्रवेश करने के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हालांकि, उसने कहा था कि सभी भारतीय पासपोर्ट धारकों को राज्य के सभी प्रवेश बिंदुओं के रास्ते संकटग्रस्त बांग्लादेश से लौटने की अनुमति दी जाएगी। -
बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक व्यक्ति ने कार खरीदने के बहाने ‘टेस्ट ड्राइव' ली और विक्रेता को चकमा देकर वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि खुर्जा नगर निवासी पुनीत ने शिकायत दर्ज कराई है कि एक व्यक्ति खरीदार बनकर आया और रविवार को उसकी कार लेकर भाग गया। पुनीत ने अपनी मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। अधिकारी ने बताया कि इस मामले को सुलझाने के लिए खुर्जा नगर थाने की तीन टीमें गठित की गई हैं। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पुनीत को बगल वाली सीट पर बिठाकर कार की ‘टेस्ट ड्राइव' ली और इसके बाद उसने पुनीत से कार का बोनट खोलने को कहा और जैसे ही वह नीचे उतरा, आरोपी कार लेकर रफूचक्कर हो गया।
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नयी दिल्ली/ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को कहा कि सशस्त्र बलों ने पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत को गौरवान्वित किया। दिल्ली छावनी में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में अपने संबोधन में राधाकृष्णन ने कहा कि सैन्य बलों ने सैन्य कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए दुनिया के सामने देश के संकल्प और दृढ़ता का प्रदर्शन किया। उन्होंने अभियान के दौरान एनसीसी के “प्रशंसनीय योगदान” की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान एनसीसी ने सराहनीय योगदान दिया, जब लगभग 72,000 एनसीसी कैडेट नागरिक सुरक्षा उपायों के लिए स्वेच्छा से सेवाएं देकर ‘एनसीसी योद्धा' बन गए।” अधिकारियों के अनुसार, इन कैडेट ने आपातकालीन अभ्यास, रक्तदान शिविरों और नागरिक सुरक्षा से संबंधित अन्य गतिविधियों में सहायता की। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में सात मई, 2025 की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर' चलाया गया, जिसमें कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया। पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। उपराष्ट्रपति ने कहा, “पिछले साल, हमारी सशस्त्र सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' को सफलतापूर्वक अंजाम देकर दुनिया में भारत के दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित किया।” उन्होंने कहा, “‘ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सशस्त्र बलों की राष्ट्र के सम्मान, संप्रभुता और उसके नागरिकों की रक्षा करने की अटूट प्रतिबद्धता का एक शक्तिशाली प्रतीक था।” उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सोमवार को एनसीसी के गणतंत्र दिवस शिविर का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया, जिसका समापन 28 जनवरी को प्रधानमंत्री की रैली के साथ होगा। देश भर से कुल 2,406 एनसीसी कैडेट, जिनमें 898 लड़कियां शामिल हैं, लगभग एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में भाग ले रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कैडेटों को “केवल गणतंत्र दिवस शिविर में भाग लेने वाला नहीं, बल्कि एक नए भारत का राजदूत” बताया, जो 2047 तक एक ‘आत्मनिर्भर' और मजबूत भारत, एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे। उपराष्ट्रपति ने कहा, “आप में से प्रत्येक में मुझे एक विकसित भारत की मजबूत नींव दिखाई देती है, एक विकसित, समावेशी और आत्मविश्वासी देश की नींव दिखाई देती है।” उन्होंने कहा, “आज के तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में, भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो साहसी होने के साथ-साथ सहृदय भी हों, तकनीकी रूप से कुशल होने के साथ-साथ अच्छे मूल्यों में दृढ़ हों, चुनौतियों का सामना दृढ़ता से करें और अवसरों का आत्मविश्वास के साथ फायदा उठाएं।” उन्होंने एनसीसी कैडेटों से कहा कि राष्ट्र की सेवा करने की उनकी एकता और अनुशासन की भावना नागरिकों के बीच बहुत आशा और आत्मविश्वास जगाती है। अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने एनसीसी की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपने “अथक अभियानों और पहलों” के माध्यम से एनसीसी एक बार फिर युवा विकास और राष्ट्र की प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर को भारत के युवाओं में विश्वास और एक मजबूत एवं एकजुट राष्ट्र के निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का एक सशक्त प्रतीक बताया। एनसीसी के आदर्श वाक्य 'एकता और अनुशासन' पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संगठन आत्मविश्वास से भरे और मूल्यों से प्रेरित युवाओं को आकार देना जारी रखता है, जो विकसित भारत की परिकल्पना की रीढ़ हैं। उपराष्ट्रपति ने एनसीसी प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण का स्वागत किया, जिसमें साइबर और ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत और रिमोट पायलट प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल युवाओं को उभरती तकनीकी और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगी। इससे पहले, शिविर में पहुंचने पर उपराष्ट्रपति को एनसीसी कैडेटों द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया था। उपराष्ट्रपति ने ‘एनसीसी हॉल ऑफ फेम' का भी दौरा किया। इस अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। -
विजयवाड़ा/ मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखुल ने सोमवार को इंद्रकीलाद्री के कनक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की। सरकारी अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
मंदिर प्रबंधन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल ने सोमवार की सुबह कनक दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की।" मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों ने गोखुल को 'पूर्णकुंभ स्वागतम' के साथ मंदिर में प्रवेश कराया, जो एक पारंपरिक औपचारिक स्वागत समारोह है। दर्शन के बाद, देवस्थानम के वैदिक विद्वानों ने राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को आशीर्वाद दिया। बाद में, अधिकारियों ने उन्हें देवी का चित्र और प्रसाद भेंट किया। - नयी दिल्ली. ‘इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी' (आईपीएस) ने भारत में मानसिक स्वास्थ्य उपचार अंतराल के लगातार बहुत अधिक बने रहने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि मनोरोग से पीड़ित लगभग 80-85 प्रतिशत लोगों को समय पर या उचित देखभाल नहीं मिल पाती है। इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के 77वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (एएनसीआईपीएस 2026) के पूर्व एक कार्यक्रम के दौरान यह तथ्य उजागर किया। यह सम्मेलन 28 से 31 जनवरी तक दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि उपचार में प्रगति और बढ़ती जागरूकता के बावजूद, मानसिक बीमारी से पीड़ित अधिकांश लोग औपचारिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से बाहर रह जाते हैं। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएमएचएस) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में उपचार अंतराल सबसे व्यापक अंतरालों में से एक है, जहां सामान्य मानसिक विकारों से पीड़ित 85 प्रतिशत से अधिक लोग उपचार नहीं करवा रहे हैं या उपचार प्राप्त नहीं कर रहे हैं। वैश्विक संदर्भ में, मानसिक बीमारी से पीड़ित 70 प्रतिशत से अधिक लोगों को प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों से देखभाल नहीं मिल पाती है, और कम आय वाले कई देशों में जरूरतमंद लोगों में से 10 प्रतिशत से भी कम लोग वास्तव में आवश्यक उपचार प्राप्त कर पाते हैं। भारत, अपनी विशाल जनसंख्या और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सीमित अवसंरचना के कारण इस चुनौती के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बना हुआ है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईपीएस की अध्यक्ष डॉ. सविता मल्होत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक रोग की यदि शीघ्र पहचान और उचित प्रबंधन हो तो इसका आसानी से उपचार हो सकता है।। उन्होंने कहा, ‘‘मानसिक स्वास्थ्य विकार का आसानी से उपचार हो सकता है फिर भी भारत में अधिकांश मरीज चुपचाप पीड़ा सहते रहते हैं। 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को समय पर मनोरोग संबंधी देखभाल न मिलना, लांछन, जागरूकता की कमी और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के अपर्याप्त एकीकरण को दर्शाता है।'' इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त करने में लंबी देरी के पीछे कई परस्पर जुड़े कारणों को रेखांकित किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष और मानव व्यवहार एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान(इहबास) के पूर्व निदेशक डॉ. निमेष जी. देसाई ने उपचार में देरी या उसके अभाव के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब मनोरोग संबंधी देखभाल में देरी होती है तो बीमारी अक्सर अधिक गंभीर और दीर्घकालिक हो जाती है, जिससे अधिक परेशानी, पारिवारिक संकट, उत्पादकता में कमी और आत्मविश्वास खोना और आत्महत्या का खतरा काफी बढ़ जाता है। देसाई ने कहा, ‘‘मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही गंभीरता और तत्परता से संबोधित किया जाना चाहिए। सामुदायिक सेवाओं को मजबूत करना, प्राथमिक देखभाल डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना और रेफरल प्रणालियों में सुधार करना इस अस्वीकार्य उपचार अंतर को पाटने के लिए आवश्यक कदम हैं।
- नागपुर/नागपुर में माता-पिता द्वारा अपने 12 वर्षीय बेटे को दो माह तक घर के भीतर जंजीरों से बांधे रखने का मामला सामने आया है, हालांकि पुलिस ने उसे मुक्त करा लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले माता-पिता ने दावा किया कि लड़के में व्यवहार संबंधी समस्याएं थीं और वे उसे नियंत्रित करने का कोई तरीका नहीं जानते थे, इस कारण उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर ‘चाइल्ड हेल्पलाइन' नंबर शिकायत मिलने के बाद लड़के को मुक्त कराया गया। उन्होंने कहा, ‘‘लड़के के हाथ-पैर जंजीरों और रस्सियों से बंधे हुए थे। वह एक प्लास्टिक की बाल्टी पर खड़ा था और हिल-डुल भी नहीं पा रहा था।'' पुलिस के मुताबिक, माता-पिता सुबह करीब नौ बजे काम पर जाने से पहले लड़के को बांध देते थे और लौटने तक उसे घर में बंद रखते थे। अधिकारी ने बताया, ‘‘उसके हाथों और पैरों पर लगी चोटें दो से तीन महीने पुरानी प्रतीत हो रही थीं, जिससे स्पष्ट है कि बच्चे ने लगातार शारीरिक प्रताड़ना झेली है।'' उन्होंने बताया कि लड़का बेहद कमजोर, डरा हुआ और मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था। माता-पिता ने पुलिस को बताया कि वह छोटी-मोटी चोरियां करता था, खासकर मोबाइल फोन की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘माता-पिता ने दावा किया कि वे बेबस थे और उसके व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, यह बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।'' उन्होंने बताया कि अजनी थाना को पहले भी बच्चे के व्यवहार के संबंध में जानकारी मिली थी, लेकिन माता-पिता ने किसी भी बाल कल्याण प्राधिकरण से मदद नहीं ली और उसकी पढ़ाई भी बंद करवा दी। लड़के के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार की शिकायत मिलने के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई ने पुलिस के साथ मिलकर उसे मुक्त कराया और एक बाल गृह में भर्ती कराया, जहां लड़के को उपचार और परामर्श मुहैया कराया जा रहा है। अजनी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन राजकुमार ने कहा, ‘‘शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले को किशोर न्याय अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति को भेजा जा रहा है।'
- मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक चांदी कारोबारी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग व्यापारी का शव घर में खून से लथपथ मिला और उनकी कनपटी पर गोली मारी गई थी। घर की सारी अलमारी खुली हुई थी और सामान अस्त-व्यस्त था। इस बात की आशंका है कि यह वारदात लूट के इरादे से की गई। पुलिस अधीक्षक (नगर) राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चांदी कारोबारी सतीश चंद्र गर्ग (62) अपने मकान के निचले तल में अकेले रहते थे, जबकि उनके तीनों पुत्र अन्य शहरों में रहकर नौकरी करते हैं। उनके तीन मंजिला मकान की ऊपरी दोनों मंजिलों में किराएदार रहते हैं। सुबह जीने का दरवाजा न खुलने पर उन्होंने ही पुलिस व परिजनों को सूचित किया। एसपी ने बताया कि फॉरेंसिक व श्वान दस्ते की टीमों ने मुआयना कर साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आसपास के सीसीटीवी की जांच कर अभियुक्तों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
- मुजफ्फरनगर . मुजफ्फरनगर जिले के नई मंडी थाना क्षेत्र के जानसठ मार्ग पर रविवार शाम एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर में मोटरसाइकिल पर सवार युवक, उसकी पत्नी और बेटी की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (नगर) सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि आज शाम जानसठ रोड पर नई मंडी पुलिस थाने के अंतर्गत, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में मोटरसाइकिल सवार सोनू (30) उसकी पत्नी राधिका (27) और 10 वर्षीय बेटी रिया की मौत हो गई और छह वर्षीय बेटा कला गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रजापत ने यहां पत्रकारों को बताया कि यह घटना तब हुई जब पीड़ित मोटरसाइकिल से अपने गांव जादोदा लौट रहे थे। पुलिस अधीक्षक(नगर) ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और घायल को देखने के लिए अस्पताल गए।
- मोहाली/ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार के प्रमुख नशामुक्ति अभियान ‘युद्ध नशियां विरुद्ध' ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 20,000 लोग नशे की गिरफ्त से मुक्त हो चुके हैं। मंत्री ने मोहाली में आयोजित 'युद्ध नशियां विरुद्ध' प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के कई नशामुक्ति केंद्रों में अब मादक द्रव्यों के सेवन संबंधित नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं। यह भगवंत मान सरकार द्वारा अपनाई गई व्यापक रणनीति की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के सकारात्मक परिणामों से उत्साहित होकर राज्य सरकार जल्द ही अभियान का दूसरा चरण शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य राज्य से नशे की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में सतत निगरानी, समुदाय की भागीदारी और नशामुक्त व्यक्तियों के दीर्घकालिक पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त होकर मुख्यधारा में लौटे युवाओं को आदर्श के रूप में पेश किया जाएगा। इससे समाज, विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ व उद्देश्यपूर्ण जीवन अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सामूहिक मिशन और एक जन अभियान है, जिसका उद्देश्य पंजाब के युवाओं की सुरक्षा और राज्य के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करना है। पंजाब सरकार ने पिछले साल इस अभियान की शुरुआत तीन-स्तरीय रणनीति(कानून प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम) के साथ की थी, ताकि राज्य को नशे की समस्या से मुक्त किया जा सके।
- कोटा (राजस्थान) .बूंदी जिले के कोटा-लालसोत राजमार्ग पर रविवार को कपास से लदा एक ट्रक पैदल यात्रा कर रहे तीर्थयात्रियों पर पलट गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने राजमार्ग पर प्रदर्शन किया और पलटे हुए ट्रक से सड़क पर बिखरी कपास में आग लगा दी, जिससे इलाके में यातायात बाधित हो गया। मृतकों की पहचान किशन लाल केवट (23), कलूलाल (34) और राजाराम के रूप में हुई है। ये सभी बूंदी जिले के निवासी थे। एक अधिकारी ने बताया कि आठ घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। बिरला ने चिकित्सकों को घायलों की प्रभावी देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से बात की।कोटा के पुलिस महानिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद गोयल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘रविवार दोपहर को कोटा-लालसोत राजमार्ग पर हुई दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए।'' पुलिस के अनुसार, तीर्थयात्रियों का यह समूह सवाई माधोपुर जिले में स्थित चौथ का बरवाड़ा मंदिर जा रहा था, तभी कोटा-लालसोत राजमार्ग पर पापड़ी ओवरब्रिज के पास यह घटना घटी। लखेरी थाना प्रभारी सुभाष शर्मा ने बताया कि कपास से लदा ट्रक कथित तौर पर असंतुलित होकर पलट गया और तीर्थयात्री उसकी चपेट में आ गए।
- जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में कलाकार प्रशांत पांडे ने सड़कों और हवाई अड्डों, रेस्तरां तथा अन्य सार्वजनिक धूम्रपान वाले स्थलों से सिगरेट के बट्स एकत्रित कर उन्हें मूर्ति की शक्ल दी है। प्रशांत की इन कृतियों की प्रदर्शनी ‘बायोग्राफी' मुंबई गैलरी वीकेंड 2026 के दौरान गैलरी मास्कारा में लगेगी। इस प्रदर्शनी में 70 से अधिक कृतियां शामिल हैं, जो पूरी तरह से फेंके गए सिगरेट बट्स से बनाई गई हैं। प्रत्येक मूर्ति में लगभग 5,000 सिगरेट बट्स का उपयोग किया गया है। करीब 3.5 लाख से अधिक बट्स इस कलाकृति के निर्माण में लगाए गए हैं। यह सामग्री कई वर्षों में जयपुर की सड़कों और हवाई अड्डों, रेस्तरां तथा अन्य सार्वजनिक धूम्रपान स्थलों से एकत्र की गई। पांडे ने कहा, “मैं 2010 से सिगरेट बट्स के साथ काम कर रहा हूं। हम जो चीजें फेंक देते हैं, वे अक्सर हमारे बारे में उन चीजों से अधिक बताती हैं जिन्हें हम संभाल कर रखते हैं।” पांडे ने बताया कि वे सिगरेट बट्स की ओर इसलिए आकर्षित हुए क्योंकि वे हर जगह मौजूद होते हुए भी अदृश्य से लगते हैं। उन्होंने कहा, “वे हर जगह देखी जाती हैं, फिर भी शायद ही कभी देखे जाते हैं। यही उन्हें शक्तिशाली बनाता है।” पांडे अयोध्या के राम मंदिर परिसर में राम दरबार की मूर्तियों के शिल्प निष्पादन पर काम करने वाली टीम का हिस्सा थे। इस प्रदर्शनी का पूर्वावलोकन मुंबई गैलरी वीकेंड के दौरान आठ से 11 जनवरी तक होगा। यह गैलरी मास्कारा में 12 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रदर्शित होगी।
- सूरत. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने रविवार को कहा कि 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के बाद भारत का लक्ष्य 2036 में गुजरात में ओलंपिक खेल लाना है जिसमें कम से कम 100 पदक जीतने का लक्ष्य हो। सूरत में डॉ हेडगेवार सेवा स्मृति सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘रन फॉर गर्ल चाइल्ड' मैराथन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में राष्ट्रमंडल खेलों को लाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल 2030 के बाद हमारा लक्ष्य 2036 में यहां ओलंपिक की मेजबानी करना है। ''पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने आठ पदक जीते थे, इस प्रदर्शन का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि 2036 के लिए लक्ष्य कम से कम 100 पदक होना चाहिए जिसमें गुजरात का योगदान 10 पदक का हो। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला एथलीट इनमें से कम से कम दो पदक जीतेंगी।शाह ने बारबाडोस में 2024 टी20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में सफलता के लिए भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की भी तारीफ की। महिलाओं के खेलों के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले माता-पिता अक्सर चाहते थे कि उनके बेटे विराट कोहली जैसे बनें, लेकिन अब कई लोग चाहते हैं कि उनकी बेटियां स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर जैसी क्रिकेटर बनें।
- नयी दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए रात्रि आश्रय सुविधा का संचालन शुरू किया है। इस पहल का मकसद ऐसे मरीजों और उनके तीमारदारों को सुरक्षित, आरामदायक और सम्मानजनक आश्रय सुविधा प्रदान करना है, जो बाह्य रोगी विभाग की सेवाओं के लिए रात से ही एम्स के बाहर कतारें लगाना शुरू कर देते हैं। एम्स-दिल्ली के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि भीड़भाड़ और रातभर लगने वाली कतारों की चुनौती से निपटने के लिए तैयार की गई आश्रय सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि मरीजों को कठिन परिस्थितियों में फुटपाथ या अस्पताल परिसर में इंतजार करने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने बताया कि रात में आने वाले मरीजों को पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बस के जरिये आश्रय सुविधा तक पहुंचाया जाता है। डॉ. श्रीनिवास ने बताया कि आश्रय सुविधा पर पहुंचने के बाद प्रत्येक मरीज को उनके आने के क्रम के अनुसार टोकन नंबर जारी किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि अगले दिन ओपीडी पंजीकरण के दौरान उसी क्रम का पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि आश्रय सुविधा में मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए मुफ्त खाने, साफ कंबल और शौचालय की व्यवस्था की गई है। डॉ. श्रीनिवास के अनुसार, अगली सुबह मरीजों को इलेक्ट्रिक बस के जरिये उनके संबंधित ओपीडी में वापस ले जाया जाता है, जिससे उन्हें रातभर लंबी कतारों में लगने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है और वे सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से पंजीकरण करा पाते हैं। उन्होंने बताया कि आश्रय सुविधा में लगभग 250 लोगों के रात गुजारने की व्यवस्था है और वर्तमान में इतने ही लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान में आने वाले मरीजों के बीच इस तरह की सहायता सेवाओं की मजबूत मांग को दर्शाता है।
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नई दिल्ली। अयोध्या में श्रीराम मंदिर की पुख्ता सुरक्षा के लिए चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है। श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि राम मंदिर की सुरक्षा पूरी तरह से अभेद्य होगी। उन्होंने बताया कि चारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। मंदिर की निगरानी और सुरक्षा के लिए इसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मंदिर के चारों ओर चार निगरानी टावर भी बनाए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 80 से 90 करोड़ रुपये है। इसके निर्माण का जिम्मा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को दिया गया है।
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नई दिल्ली। असम में आज सुबह 4 बजकर 17 मिनट पर 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केन्द्र राज्य के मोरी गांव जिले में 50 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप के झटके आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए। अब तक जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। भूटान, नेपाल और बंगलादेश जैसे पड़ोसी देशों में भी झटके महसूस हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि भूकंप का केंद्र मध्य असम में 26.37 उत्तरी अक्षांश और 92.29 पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
इन इलाकों में महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके कामरूप महानगर, नगांव, पूर्वी कार्बी आंगलोंग, पश्चिमी कार्बी आंगलोंग, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण शालमारा-मानकाचर और ग्वालपाड़ा जिलों में भी महसूस किए गए। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर दर्रांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर में भी झटके महसूस किए गए।
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नई दिल्ली। भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सबसे बड़ा धान उत्पादक देश बनने का गौरव हासिल किया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिव राज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश में धान उत्पादन 15 करोड़ एक लाख अस्सी हजार टन हो गया है, जबकि चीन में यह 14 करोड़ 52 लाख 80 हजार टन रहा। श्री चौहान ने कहा कि भारत अब विदेशी बाजारों में भी चावल की आपूर्ति कर रहा है।
कृषि मंत्री ने कल दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से विकसित 25 फसलों की 184 उन्नत किस्में प्रदर्शित कीं। श्री चौहान ने कहा कि अधिक उपज वाली फसलों के विकास में देश को बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ये नई प्रजातियां जल्दी जल्दी से किसानों तक पहुंचे। कृषि मंत्री ने कहा कि इनसे किसानों को अधिक उपज और बेहतर गुणवत्ता की फसल प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता के बीज सभी किसानों को उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। उन्होंने देश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों से दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देने को कहा।केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिक उपज वाली और जलवायु अनुकूल बीजों की मदद से देश कृषि क्रांति के दौर में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की समन्वित परियोजनाओं, राज्य और केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयों तथा निजी बीज़ कंपनियों के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई है। - -राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा 33.26 करोड़ रु. के लाभांश का चेक केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को भेंट-वर्ष 1969 से अब तक 7205 फसल किस्मों को मंजूरी, वहीं मोदी सरकार के 11 साल में 3236 नई उच्च उत्पादक किस्में- कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान-किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी छलांग, भारत बनेगा विश्व का ‘फूड बास्केट’- श्री शिवराज सिंह चौहान-आईसीएआर और कृषि विश्वविद्यालयों के शोध से बीज क्रांति, विशेष गुणों वाली उच्च उत्पादक किस्में सूखा‑लवणीयता जैसी चुनौतियों से निपटने में कारगर- श्री शिवराज सिंह चौहान-देश ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़कर 150.18 मिलियन टन उत्पादन के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया- केंद्रीय कृषि मंत्रीनई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स स्थित ए.पी. शिंदे ऑडिटोरियम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 फील्ड फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसमें वैज्ञानिकों, वरिष्ठ अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने सहभागिता की।इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत ने उच्च उत्पादक बीजों के विकास में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। वर्ष 1969 में शुरू हुई गजट अधिसूचना प्रक्रिया के बाद अब तक कुल 7205 फसल प्रजातियों को अधिसूचित किया जा चुका है जिनमें धान, गेहूं, ज्वार, मक्का, दलहन, तिलहन, रेशेदार और अन्य फसलें शामिल हैं, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11–12 वर्षों में नई किस्मों के विकास की गति और तेज हुई है, अकेले इस अवधि में 3236 उच्च उत्पादक प्रजातियों को मंजूरी मिली है, जबकि 1969 से 2014 तक 3969 प्रजातियों को अधिसूचित किया गया था। अब अधिसूचित 184 उन्नत किस्मों का लोकार्पण किया गया है, जो देश के किसानों को अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और जलवायु सहनशीलता जैसे लाभ देंगी।
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नई दिल्ली। भारत में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारियों के तहत, राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन 6 जनवरी, 2026 को जयपुर में किया जाएगा। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां यह पता लगाया जाएगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार शासन सुधार, आर्थिक विकास, नवाचार और समावेशी विकास को गति प्रदान कर सकती है।
इस सम्मेलन में भारत सरकार और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता भाग लेंगे, जिनमें भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी एवं वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार के सूचना एवं संचार मंत्री कर्नल राजवर्धन राठौर सहित अन्य शामिल हैं।राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में राज्य के एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एआई को तेजी से अपनाने में के उद्देश्य से महत्वपूर्ण घोषणाएं और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।सम्मेलन के एजेंडे में सार्वजनिक सेवा वितरण और शासन के लिए एआई, नैतिक और उत्तर दायित्वपूर्ण एआई, एआई और रोजगार एवं कौशल का भविष्य, तथा राजस्थान के एआई स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के उद्भव पर उच्च स्तरीय सत्र शामिल होंगे। चर्चाओं में डिजिटल ट्विन्स और एआई-आधारित अवसंरचना नियोजन जैसे उन्नत अनुप्रयोगों और इस बात से संबंधित रणनीतिक प्रश्नों पर भी विचार किया जाएगा कि क्या एआई भारत को आउटसोर्सिंग-आधारित मॉडल से विश्व स्तरीय बौद्धिक संपदा सृजन की ओर छलांग लगाने में सक्षम बना सकता है।इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञ वैश्विक एआई, राष्ट्रीय एआई और क्षेत्रीय एआई रणनीतियों पर अपने विचार साझा करेंगे, जिसमें आईआईटी जोधपुर द्वारा लाया गया एक समर्पित अकादमिक और अनुसंधान दृष्टिकोण शामिल होगा, जो स्थानीय स्तर पर आधारित लेकिन वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक एआई समाधानों को आकार देने में संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डालेगा।राजस्थान डिजीफेस्ट × टीआईई ग्लोबल समिट 2026 के साथ आयोजित यह सम्मेलन, डिजिटल नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों के केंद्र के रूप में राजस्थान की बढ़ती महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है। क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आयोजित है, जो क्षेत्रीय नवाचार, व्यावहारिक कार्यान्वयन और असल दुनिया पर प्रभाव के माध्यम से वैश्विक एआई नेतृत्व को मजबूत करने के भारत के दृष्टिकोण को बल देता है। -
नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महीने के अंत में असम का दौरा कर सकते हैं। हालांकि, दोनों नेताओं के प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि राज्य सरकार ने जनवरी माह में दोनों केंद्रीय नेताओं को असम आने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 17 और 18 जनवरी को असम आने के लिए आमंत्रित किया है। इसी तरह, गृह मंत्री अमित शाह को 29 जनवरी को राज्य आने का निमंत्रण दिया गया है। केंद्र से अंतिम मंजूरी मिलने पर दोनों दौरे इसी महीने होने की संभावना है।”मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पूर्वोत्तर क्षेत्र में राजनीतिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं को आकार देने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। प्रस्तावित दौरों के दौरान प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं और शासन से जुड़ी पहलों पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिसंबर को असम का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने डिब्रूगढ़ जिले में 10,601 करोड़ रुपए की लागत वाले ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया उर्वरक संयंत्र की आधारशिला रखी थी। यह परियोजना उर्वरक उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और असम सहित आसपास के राज्यों में कृषि सहायता को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 दिसंबर को असम का दौरा किया था। उन्होंने गुवाहाटी में ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर का उद्घाटन किया, जिसे पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा सभागार माना जाता है। यह कला, संस्कृति और सार्वजनिक आयोजनों के लिए क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी में प्रस्तावित दौरों से जुड़ी विस्तृत जानकारी कार्यक्रमों को आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद साझा की जाएगी। - नई दिल्ली। वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को लेकर दुनिया दो खेमे में बंटी हुई नजर आ रही है। एक तरफ कई देश ऐसे हैं, जो अमेरिका की ओर से की गई कार्रवाई की घोर आलोचना कर रहे हैं, तो वहीं एक पक्ष ऐसा है, जो इसका समर्थन कर रहा है। आइए जानते हैं कि दुनिया के कौन-कौन से देश अमेरिका के साथ खड़े हैं और कौन से देश उसके खिलाफ।रूस, चीन, ईरान, क्यूबा, ब्राजील, मेक्सिको, कोलंबिया, चिली, बेलारूस, उरुग्वे, स्लोवाकिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, श्रीलंका, उत्तर कोरिया, घाना और सिंगापुर जैसे देशों ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है। इन देशों ने अमेरिका की कार्रवाई को अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। आपको बता दें कि दूसरे देशों के अलावा अमेरिका में भी ट्रंप सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना हो रही है।इसके अलावा अर्जेंटीना, इजरायल, पेरू, अल साल्वाडोर, इक्वाडोर, अल्बानिया, फ्रांस और ब्रिटेन ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है।अगर भारत की बात करें तो विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में एक बयान जारी कर दोनों देशों से इस मामले को शांति से हल करने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “वेनेजुएला में हाल की घटनाएं गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम सभी संबंधित लोगों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए शांति से मुद्दों को सुलझाएं, ताकि इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहे। काराकास में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों के संपर्क में है और हर मुमकिन मदद देता रहेगा।”इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, “मैंने वेनेजुएला में हो रहे डेवलपमेंट पर शुरुआती बदलावों से ही नजर रखी है। इटली ने अपने मुख्य अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर मादुरो की खुद से कही गई चुनावी जीत को कभी मान्यता नहीं दी, सरकार के दमनकारी कार्यों की निंदा की और हमेशा वेनेजुएला के लोगों की लोकतांत्रिक बदलाव की उम्मीद का समर्थन किया है।”उन्होंने आगे कहा, “इटली की पुरानी स्थिति के हिसाब से सरकार का मानना है कि तानाशाही शासन को खत्म करने के लिए बाहरी सैन्य कार्रवाई सही रास्ता नहीं है, लेकिन सरकार अपनी सुरक्षा पर हाइब्रिड हमलों के खिलाफ बचाव के तौर पर दखल को सही मानती है, जैसा कि उन सरकारी संस्थाओं के मामले में होता है जो नशीली दवाओं की तस्करी को बढ़ावा देती हैं और उसका समर्थन करती हैं। हम वेनेजुएला में इटालियन समुदाय की स्थिति पर खास ध्यान दे रहे हैं, जिनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने दोनों पक्षों से बातचीत कर समस्या हल करने की अपील करते हुए कहा, “ऑस्ट्रेलियाई सरकार वेनेजुएला में हो रहे डेवलपमेंट पर नजर रख रही है। हम सभी पार्टियों से अपील करते हैं कि वे इलाके में स्थिरता बनाए रखने और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी का साथ दें। ऑस्ट्रेलिया को लंबे समय से वेनेजुएला के हालात को लेकर चिंता है, जिसमें लोकतांत्रिक सिद्धांतों, मानवाधिकारों और बुनियादी आजादी का सम्मान करने की जरूरत भी शामिल है।”उन्होंने आगे कहा कि हम अंतर्राष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक बदलाव का समर्थन करते रहेंगे, जो वेनेजुएला के लोगों की इच्छा को दिखाता है। वेनेजुएला में जिन ऑस्ट्रेलियाई लोगों को मदद चाहिए, वे दुनिया में कहीं से भी +61262613305 पर या ऑस्ट्रेलिया के अंदर से 1300555135 पर 24/7 इमरजेंसी कॉन्सुलर असिस्टेंस टीम से संपर्क कर सकते हैं।
- पणजी ।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को गोवा में भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के पोत ‘समुद्र प्रताप' का जलावतरण करेंगे। यह प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्मित दो पोतों में से एक है। यह पोत तेल रिसाव का पता लगाने के लिए उन्नत प्रणालियों से लैस है, जिससे विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के भीतर और उसके बाहर व्यापक प्रदूषण-रोधी अभियान चलाने में मदद मिलेगी। भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, ‘‘यह उच्च सटीकता वाले अभियानों के संचालन, चिपचिपे तेल से प्रदूषकों को पुन: प्राप्त करने एवं दूषित पदार्थों का विश्लेषण कर सकता है और दूषित पानी से तेल को अलग करने में सक्षम है।'' आईसीजी ने बताया कि रक्षा मंत्री सिंह दक्षिण गोवा के वास्को स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में पोत ‘समुद्र प्रताप' का जलावतरण करेंगे। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। आईसीजी के अनुसार, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस जहाज में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। 114.5 मीटर लंबा और 4,200 टन वजनी यह पोत 22 नॉट (समुद्री मील प्रति घंटा) से अधिक की गति और 6,000 समुद्री मील की परिचालन क्षमता से लैस है जिससे आईसीजी की प्रदूषण-रोधी प्रतिक्रिया, अग्निशमन तथा समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आईसीजी के मुताबिक, यह जहाज अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें 30 मिलीमीटर सीआरएन-91 गन, दो 12.7 मिलीमीटर स्थिरीकृत रिमोट-नियंत्रित गन (एकीकृत अग्निशमन प्रणाली के साथ), स्वदेशी एकीकृत ब्रिज सिस्टम, एकीकृत मंच प्रबंधन प्रणाली, स्वचालित ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली और उच्च क्षमता वाला बाहरी अग्निशमन तंत्र शामिल है। यह पोत आईसीजी के कोच्चि बेस पर तैनात रहेगा।
- चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने रविवार को फसल उत्सव ‘पोंगल' के अवसर पर चावल श्रेणी के राशन कार्ड धारकों और श्रीलंकाई तमिलों के पुनर्वास शिविरों में रहने वाले सभी परिवारों को 3,000 रुपये का नकद उपहार देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पोंगल से पहले, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को एक उपहार का पैकेट वितरित किया जाएगा, जिसमें एक किलो चावल, एक किलो चीनी और एक गन्ना, 3000 रुपये नकद (प्रत्येक परिवार को जिसके पास चावल कार्ड है), एक धोती और एक साड़ी शामिल होगी। कुछ दिन पहले राज्य सरकार ने कहा था कि पोंगल से पहले उपहार वितरण से 2.22 करोड़ से अधिक चावल कार्ड धारकों और श्रीलंकाई तमिलों के पुनर्वास शिविरों में रहने वाले लोगों को लाभ होगा।
- तिरुपति। चंद्र ग्रहण के कारण भगवान वेंकटेश्वर का तिरुमला मंदिर तीन मार्च को सुबह नौ बजे से शाम साढ़े सात बजे तक श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। मंदिर प्रशासन ने रविवार को यह जानकारी दी। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘ग्रहण के बाद 'शुद्धि' अनुष्ठान पूरे होने के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया जायेगा और श्रद्धालु रात साढ़े आठ बजे फिर से दर्शन कर पायेंगे।'' इसमें कहा गया है, ‘‘मंदिर 10 घंटे से ज़्यादा समय तक बंद रहेगा और शुद्धिकरण अनुष्ठान पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।'' चंद्र ग्रहण लगभग साढ़े तीन घंटे तक रहने की उम्मीद है, जो अपराह्न 3.20 बजे से शाम 6.47 बजे तक रहेगा। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने श्रद्धालुओं से चंद्र ग्रहण के मद्देनजर की गई व्यवस्थाओं में सहयोग करने का अनुरोध किया है।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘डीप टेक' स्टार्टअप के लिए वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) से वित्तीय सहायता हासिल करने के मानदंडों में ढील देने की रविवार को घोषणा की। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने डीएसआईआर के 42वें स्थापना दिवस समारोह में विभाग के औद्योगिक अनुसंधान और विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम (आईआरडीपीपी) के तहत एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता हासिल करने के लिए ‘डीप-टेक' स्टार्टअप पर लागू तीन साल के व्यवहार्यता मानदंड को समाप्त करने का एलान किया। डीएसआईआर अपने आईआरडीपीपी के तहत स्टार्टअप को एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता तभी प्रदान करता है, जब वे कम से कम तीन वर्षों की अवधि के लिए टिकाऊ और व्यवहार्य साबित हों। सिंह ने इस कदम को स्टार्टअप को गति देने और उनका अस्तित्व बनाए रखने की दिशा में अहम बताया।उन्होंने कहा, “तीन साल तक अस्तित्व में होने की आवश्यकता को हटाना डीप-टेक स्टार्टअप को तेजी से आगे बढ़ने में मदद के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है, यहां तक कि उनके पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने से पहले ही।” हालांकि, सिंह ने कहा कि स्टार्टअप को तकनीकी क्षमता से जुड़े उचित मूल्यांकन मानकों को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से परियोजनाओं के साथ-साथ होनहार नवोन्मेषकों और उद्यमियों को शुरुआती प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
- गंगासागर (पश्चिम बंगाल) ।गंगासागर मेला इस साल 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के साथ अब तक के सबसे बड़े आयोजन का गवाह बन सकता है। यह जानकारी मुख्य पुजारी स्वामी ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने रविवार को दी। दास ने मंदिर परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस साल कुंभ मेला नहीं होने के कारण, गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित कपिल मुनि मंदिर में आने वाले सनातनी हिंदू श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। दास ने मंदिर में चुनिंदा पत्रकारों से कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि इस साल 1.5 करोड़ से अधिक लोग तीर्थयात्रा के लिए आएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय सरकार को मंदिर के सामने तटरेखा कटाव के खतरे को लेकर कदम उठाने चाहिए, क्योंकि ज्वार के दौरान पानी से मंदिर की दूरी केवल लगभग 500 मीटर रह जाती है। दास ने कहा, ‘‘मंदिर को बचाने के लिए केंद्रीय सरकार को तट कटाव के मुद्दे का गंभीरता से समाधान करना चाहिए।'' उन्होंने बताया कि सदियों में दो मंदिर पहले ही बढ़ते समुद्र की लहरों के कारण समुंदर में चले गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कपिल मुनि मंदिर इसी स्थान पर बनी तीसरी इमारत है। दास ने कटाव रोकने के उपाय करने के लिए ममता बनर्जी सरकार की प्रशंसा की और कहा कि मंदिर प्रशासन इस मुद्दे पर सहयोग करेगा और मिलकर काम करेगा। दास ने कहा कि प्रस्तावित मुरिगंगा नदी पर बन रहा पुल तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बहुत लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि यह पुल सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ता है और जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री सोमवार को करेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत अच्छी परियोजना है।''दास ने आगे कहा, ‘‘भगवान राम ने रामेश्वरम को लंका से जोड़ने के लिए रामसेतु बनाया था; दीदी (ममता बनर्जी) इस पुल का निर्माण गंगासागर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कर रही हैं।'' पुजारी ने बताया कि इस साल मकर संक्रांति के लिए पवित्र स्नान का समय 14 जनवरी रात 9:19 बजे से 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक है। उन्होंने कहा, ‘‘तीर्थयात्री 15 जनवरी के पूरे दिन पवित्र स्नान कर सकते हैं, क्योंकि शुभ समय का प्रभाव अपराह्न 1:19 बजे के बाद भी आठ घंटे तक रहेगा।'' गंगासागर, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सागर द्वीप पर स्थित है, जहां गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में मिलती है।





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