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लुम्बिनी (नेपाल) .प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने नेपाली समकक्ष शेर बहादुर देउबा के साथ लुम्बिनी बौद्ध विहार क्षेत्र में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर एंड हेरिटेज (भारत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र) के निर्माण कार्य के लिए आधारशिला रखी। निर्माण का कार्य पूरा हो जाने के बाद यह विश्व स्तरीय सुविधाओं वाला केंद्र बन जाएगा और यहां विश्व भर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक पहलुओं का आनंद ले सकेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा, ‘‘हमारे सांस्कृतिक संबंधों को आगे ले जाते हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने भारत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र का शिलान्यास किया।'' उन्होंने कहा कि इस केंद्र का निर्माण अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) की पहल पर हो रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लुम्बिनी के बौद्ध विहार क्षेत्र में भारत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र भारत और नेपाल के बीच अध्ययन व सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री देउबा के साथ इसका शिलान्यास कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।'' एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘‘सबसे अहम है कि यह केंद्र भारत और नेपाल के बीच बौद्ध धर्म के साझा संबंध को और सुदृढ़ करेगा। यह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और आदर्शों को और लोकप्रिय बनाएगा।'' यह बौद्ध केंद्र अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यह नेपाल में पहला शून्य कार्बन उत्सर्जन भवन होगा। इस केंद्र में प्रार्थना कक्ष, ध्यान केंद्र, पुस्तकालय, प्रदर्शनी हॉल, कैफेटेरिया, कार्यालय और अन्य सुविधाएं भी होंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, इस केंद्र का निर्माण भारत स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) कर रहा है। इसके लिए आईबीसी को लुम्बिनी विकास ट्रस्ट द्वारा एक भूखंड आवंटित किया गया है। इस संदर्भ में आईबीसी और लुम्बिनी विकास ट्रस्ट के बीच मार्च 2022 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे। शिलान्यास समारोह के बाद दोनों देश के प्रधानमंत्रियों ने केंद्र के एक मॉडल का भी अनावरण किया। शिलान्यास के लिए पूजा अर्चना तीन प्रमुख बौद्ध परंपराओं थेरवाद, महायान और वज्रयान से संबद्ध भिक्षुओं ने की। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री द्वारा इस केंद्र का शिलान्यास करने का बहुत महत्व है क्योंकि विश्व में बौद्ध धर्म का एक बड़ा केंद्र होने के बावजूद भारत का लुम्बिनी में कोई केंद्र या उसकी कोई परियोजना नहीं थी। नेपाल सरकार के 1978 के लुम्बिनी मास्टर प्लान के तहत लुम्बिनी बौद्ध क्षेत्र को बौद्ध मठों और परियोजनाओं के केंद्र के रूप में अस्तित्व में आया। पिछले तीन दशकों से कई देशों को इस क्षेत्र में भूखंड आवंटित किए गए लेकिन भारत रह गया था। मूल मास्टर प्लान के तहत सिर्फ दो ही भूखंड बच गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने नेपाल की सरकार के साथ इस मद्दे को जोरशोर से उठाया। लगातार लगे रहने के बाद नवंबर 2021 में सकारात्मक परिणाम सामने आए जब लुम्बिनी विकास ट्रस्ट ने आईबीसी को (80 मीटर गुणा 80 मीटर) का भूखंड आवंटित किया। इसके बाद आईबीसी और लुम्बिनी विकास ट्रस्ट के बीच 2022 में एक समझौता हुआ और फिर आईबीसी को यह भूमि पट्टे पर सौंपने की औपचारिकता पूरी हुई। कुल मिलाकर यह केंद्र भारत के बौद्ध विरासत और प्रौद्योगिकीय प्रगति का उत्कृष्ट नमूना होगा। -
सुराबाया (इंडोनेशिया). इंडोनेशिया के मुख्य द्वीप जावा में सोमवार को एक पर्यटन बस बिलबोर्ड (इश्तेहार के लिए लगी होर्डिंग) से टकराने के बाद पलट गई, जिससे बस में सवार 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 19 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। पूर्वी जावा यातायात पुलिस के प्रमुख लतीफ उस्मान ने बताया कि बस में पूर्वी जावा प्रांत की राजधानी सुराबाया के इंडोनेशियाई पर्यटक सवार थे और वे मध्य जावा के मशहूर पहाड़ी रिजार्ट डियेंग प्लेटू से लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह सूर्योदय के तुरंत बाद बस मोजोकार्टो टोल के पास बिलबोर्ड से टकरा गई। टेलीविजन समाचारों द्वारा जारी वीडियो फुटेज में पुलिस और चिकित्सा कर्मी पीड़ितों को बस से निकालते दिख रहे हैं। उस्मान ने बताया कि पुलिस हादसे की वजहों की जांच कर रही है, लेकिन लगता है कि हादसे के पहले बस चालक को झपकी आ गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने चालक से अबतक पूछताछ नहीं की है क्योंकि वह भी गंभीर रूप से घायल है। उस्मान ने बताया कि 19 घायलों का मोजोकार्टो के चार अस्पतालों में इलाज चल रहा है और उनमें से अधिकतर की हड्डी टूटी है।
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लुम्बिनी (नेपाल)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी में नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के साथ सोमवार को बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी में नए क्षेत्रों को तलाशने तथा मौजूदा सहयोग को मजबूत बनाने के सभी आयामों पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच बैठक के बाद सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने, शिक्षा क्षेत्र में सहयोग एवं पनबिजली क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर छह समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लुम्बिनी में प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से द्विपक्षीय वार्ता की। यह हमारी बहुआयामी साझेदारी में जारी सहयोग को मजबूत करने तथा नए क्षेत्रों की तलाश करने का अवसर है।’’ नेपाल के प्रधानमंत्री देउबा के निमंत्रण पर मोदी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को लुम्बिनी पहुंचे। उन्होंने यहां माया देवी मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद देउबा से मुलाकात की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच शिष्टमंडल स्तर की चर्चा हुई।विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक के बाद कुछ समझौते/सहमति पत्र पर हस्तक्षर किये गए। इसमें भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के बीच डॉ. आम्बेडकर बौद्ध अध्ययन पीठ की स्थापना के लिये सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए।आईसीसीआर और सीएएनएस त्रिभुवन विश्वविद्यालय के बीच भारतीय अध्ययन पर आईसीसीआर पीठ की स्थापना के लिये सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए।भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और काठमांडू विश्वविद्यालय के बीच भी भारतीय अध्ययन पर आईसीसीआर पीठ की स्थापना के लिये सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए।इसके साथ ही, नेपाल के काठमांडू विश्वविद्यालय तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के बीच भी एक समहति पत्र पर हस्ताक्षर किये गए। दोनों संस्थानों के बीच स्नातकोत्तर स्तर पर कार्यक्रम के लिये संयुक्त डिग्री के लिये समझौता पत्र (एलओए) पर हस्ताक्षर किये गए।वहीं, एसजेएनवी लिमिटेड और नेपाल विद्युत प्राधिकार के बीच अरूण4 परियोजना के विकास एवं उसे लागू करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।अपनी यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि नेपाल की उनकी यात्रा का उद्देश्य ‘‘समय की कसौटी पर खरे’’ उतरे दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करना है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष जलविद्युत, विकास और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने को लेकर बनी समझ को आगे बढ़ाएंगे।प्रधानमंत्री मोदी ने यहां माया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और कहा कि वह आज खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भगवान बुद्ध सभी का कल्याण करेंगे और संसार को शांतिपूर्ण व समृद्ध बनाएंगे।नेपाल के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर दोनों प्रधानमंत्रियों ने गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी में माया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की।’’भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अपनी एक दिवसीय यात्रा के पहले पड़ाव पर प्रधानमंत्री मोदी ने माया देवी मंदिर का दौरा किया। मोदी के साथ देउबा और उनकी पत्नी डॉक्टर आरजू राणा देउबा भी थीं।प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देवबा के साथ लुंबिनी मठ क्षेत्र में भारत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र के निर्माण के लिए शिलान्यास भी किया। इस केंद्र का निर्माण अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संघ (आईबीसी), नई दिल्ली द्वारा लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट (एलडीटी) के एक भूखंड पर किया जायेगा। इसका आवंटन आईबीसी और एलडीटी के बीच मार्च, 2022 में हस्ताक्षरित एक समझौते के तहत आईबीसी को किया गया था। यह 2014 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल की पांचवीं यात्रा है। प्रधानमंत्री और उनका दल उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से भारतीय वायु सेना के एक विशेष हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचा। -
कोलंबो. श्रीलंका के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधियों के साथ देश के मौजूदा आर्थिक संकट को लेकर चर्चा की। वहीं, गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका को भारत ने 4,00,000 मिट्रिक टन से अधिक डीजल वाली 12वीं खेप की आपूर्ति की। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर कहा, '' 12वीं खेप और 4,00,000 मिट्रिक टन ईंधन की आपूर्ति। भारत द्वारा रियायती ऋण योजना के तहत कोलंबो को डीजल की ताजा खेप की आपूर्ति की गई।
गौरतलब है कि श्रीलंका 1948 में आजादी के बाद से अपने सबसे बुरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने रविवार को कहा कि उन्होंने देश में मौजूदा आर्थिक संकट पर विश्व बैंक और एडीबी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की और इस दौरान दवाई, भोजन और उर्वरक आपूर्ति के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। सरकारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान वित्तीय सहायता के लिए एक 'फोरेन कन्सोर्टियम' (विदेशी संघ) गठित करने के संबंध में भी विदेशी प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। वार्ता के सकारात्मक रहने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए तत्कालिक चुनौती आगामी सप्ताह के वास्ते ईंधन आवश्यकताओं के भुगतान के लिए जरूरी धन जुटाना है। उन्होंने कहा कि बैंकों में डॉलर की कमी के कारण सरकार अब आवश्यक धन जुटाने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है। इससे पहले दिन में, राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने रविवार को विधायिका के सभी सदस्यों से अपील की कि वे एकजुट हों और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल काम करें, खासतौर पर तब जब आर्थिक संकट की वजह से देश अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है।'' गोटबाया राजपक्षे ने यह टिप्पणी ‘वेसाक पोया दिवस' के मौके पर की। राष्ट्रपति ने कहा, हमें मौजूदा स्थिति के प्रति सचेत रहना चाहिए और उन कार्यक्रम को लेकर एकजुट होना चाहिए जो सभी के संकल्पों पर खरा उतर सके।'' उल्लेखनीय है कि वेसाक पोया दिवस भगवान बुद्ध के जन्म, निर्वाण और महापरिनिर्वाण के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। कहा जाता है कि भगवान बुद्ध के जीवन की तीनों घटनाएं एक ही तारीख पर हुई थी। राष्ट्रपति ने कहा, .. मुश्किल समय में लचीलापन आवश्यक है। इस मौके पर जब देश सबसे खराब स्थिति में है, सभी जन प्रतिनिधियों को तुरंत सभी लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। वास्तविक उद्देश्य मूल लक्ष्य से डिगे बिना इच्छित लक्ष्य तक पहुंचने का होना चाहिए।'' प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने भी इस मौके पर जारी संदेश में लोगों की जिंदगी को पटरी पर लाने की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि यह भगवान बुद्ध के समक्ष की गई प्रतिबद्धता है। उधर, रानिल विक्रमसिंघे ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है। राष्ट्रपति पर देश को आर्थिक संकट से उबारने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है और प्रदर्शनकारी नौ अप्रैल से कोलंबो के ‘गाले फेस ग्रीन' में डटे हुए हैं।
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लॉस एंजिलिस. पॉप गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स ने गर्भावस्था के शुरुआती दौर में अपना बच्चा खो दिया है। उन्होंने अपने साथी सैम असगरी के साथ इंस्टाग्राम पर शनिवार को जारी एक संयुक्त पोस्ट में यह जानकारी साझा की। ब्रिटनी ने अप्रैल में घोषणा की थी कि वह और असगरी माता-पिता बनने वाले हैं। दोनों ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “हमें बेहद दुख के साथ यह जानकारी देनी पड़ रही है कि हमने गर्भावस्था के शुरुआती दौर में अपना बच्चा खो दिया है। यह किसी भी माता-पिता के लिए एक बेहद कष्टदायी समय है।” ब्रिटनी और असगरी ने कहा, “हमें शायद इस घोषणा के लिए गर्भधारण का कुछ और समय गुजर जाने का इंतजार करना चाहिए था, लेकिन हम यह खुशखबरी साझा करने को लेकर बेहद उत्साहित थे। एक-दूसरे के लिए हमारा प्यार ही हमारी ताकत है।” दोनों ने आगे लिखा, “हम अपने खूबसूरत परिवार को बढ़ाने की कोशिशें जारी रखेंगे।”
40 वर्षीय ब्रिटनी ने कहा कि वह पेशे से पर्सनल ट्रेनर असगरी (28) के साथ अपना परिवार बढ़ाने के लिए बेताब थीं। ब्रिटनी और असगरी 2016 में म्यूजिक एल्बम ‘स्लम्बर पार्टी' की शूटिंग के दौरान मिले थे। ब्रिटनी के अपने पूर्व पति केविन फेडरलाइन के साथ दो बेटे हैं। -
दुबई. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में शनिवार को शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान को राष्ट्रपति नियुक्त किया गया। यूएई में शासकों ने घोषणा की कि उन्होंने सर्वसम्मति से शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान को राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘डब्ल्यूएएम' ने कहा कि देश के सात शेखों की अबू धाबी के अल मुशरिफ पैलेस में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि यूएई के राष्ट्रपति एवं अबू धाबी के शासक शेख खलीफा बिन जायद अल नाह्यान का शुक्रवार को निधन हो गया था। वह 73 वर्ष के थे। सत्ता परिवर्तन केवल तीसरी बार हुआ है, जब सात शेखों ने एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद से एक नये राष्ट्रपति का चयन किया है। शेख खलीफा ने अपने पिता मरहूम शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यान की जगह ली थी। शेख जायद बिन सुल्तान अल नाह्यान 1971 में अमीरात के अस्तित्व में आने के बाद से लेकर दो नवंबर 2004 को अपने निधन तक यूएई के पहले राष्ट्रपति रहे। दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने ट्विटर पर कहा, ‘‘हम उन्हें बधाई देते हैं और हम तथा हमारे लोग उनके प्रति निष्ठा रखने का संकल्प लेते हैं।'' संयुक्त अरब अमीरात में शेख खलीफा बिन जायद अल नाह्यान के निधन के कारण तीन दिन का शोक घोषित किया गया है। इस दौरान देश भर में कारोबार और अन्य गतिविधियां बंद रहेंगी। अमीरात के एक वरिष्ठ राजनयिक अनवर गर्गश ने कहा, ‘‘यूएई में सत्ता का सुचारू ढंग से हस्तांतरण संस्थागत कार्य की गंभीरता और शासन तंत्र के उन्नत स्तर और उसकी स्थिरता को दर्शाता है। -
नई दिल्ली। अमरीका में कल रात न्यूयॉर्क के बफैलो शहर में एक किराने स्टोर में हुई गोलीबारी में 10 लोगों की मृत्यु हो गई और कई घायल हो गए। खबरों के अनुसार बंदूकधारी सेना की बख्तरबंद वर्दी पहने हुए था और उसने राइफल से गोलीबारी की। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। संघीय जांच ब्यूरो-एफबीआई इस गोली कांड की घृणा अपराध और नस्ल प्रेरित हिंसक उग्रवाद- दोनों कोणों से जांच कर रहा है। जांचकर्ताओं ने उससे पूछताछ की है।
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न्यूयॉर्क. 'द राइट स्टफ', 'द प्लेयर' और 'ट्रेमर्स' जैसी फिल्मों में कठिन किरदारों को कोमलता से निभाने वाले अनुभवी अभिनेता फ्रेड वार्ड का निधन हो गया है। वह 79 वर्ष के थे।फ्रेड के प्रचारक रॉन हॉफमैन ने शुक्रवार को उनके निधन की जानकारी दी।
परिवार की इच्छा के अनुसार मृत्यु का कोई कारण या स्थान नहीं बताया गया।
वार्ड ने गोल्डन ग्लोब जीता था। रॉबर्ट ऑल्टमैन के ''शॉर्ट कट्स'' में अपने प्रदर्शन के लिए वेनिस फिल्म फेस्टिवल का पुरस्कार जीता था। इसके अलावा ''रेमो विलियम्स: द एडवेंचर बिगिन्स'' में रेमो का चरित्र निभाया था। ''शॉर्ट कट्स'' और एलन रूडोल्फ की ''इक्विनॉक्स'' में वार्ड के साथ सह-अभिनय करने वाले अभिनेता मैथ्यू मोडिन ने ट्वीट किया ''मेरे दोस्त फ्रेड वार्ड के निधन के बारे में जानने के बाद से सदमे में हूं।'' अभिनेता केट मुलग्रे ने ट्वीट किया ''मैं फ्रेड वार्ड के खोने का शोक मनाता हूं, जो रेमो विलियम्स पर एक साथ काम करते समय मेरे लिए बहुत दयालु थे। सभ्य और विनम्र और पूरी तरह से पेशेवर थे , उनके चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रही ।
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कोलंबो. श्रीलंका में रानिल विक्रमसिंघे ने शनिवार को अपने मंत्रिमंडल में चार मंत्रियों को शामिल किया। मंत्रिमंडल में जी एल पीरिस को विदेश मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल ‘डेली मिरर' की खबर के अनुसार दिनेश गुणवर्धने को लोक प्रशासन मंत्री, पीरिस को विदेश मंत्री, प्रसन्ना रणतुंगा को शहरी विकास एवं आवास मंत्री और कंचना विजेसेकारा को बिजली एवं ऊर्जा मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। पीरिस महिंदा राजपक्षे के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार में भी विदेश मंत्री थे।
खबर के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने कहा कि विक्रमसिंघे के मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 20 तक रहने की उम्मीद है। इस बीच श्रीलंका में सत्तारूढ़ श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) ने नये प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को समर्थन देने का फैसला किया है ताकि उन्हें सदन में बहुमत साबित करने में मदद मिल सके। विक्रमसिंघे के पास संसद में केवल एक सीट है।
ज्यादातर विपक्षी दलों ने कहा है कि वे विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में पद नहीं लेंगे, लेकिन आर्थिक संकट से निपटने के लिए उनके कदमों का समर्थन करेंगे। यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के 73 वर्षीय नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को श्रीलंका की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को स्थिरता प्रदान करने के लिए बृहस्पतिवार को देश के 26वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गयी थी। कुछ दिन पहले ही महिंदा राजपक्षे को देश के बिगड़ते आर्थिक हालात के मद्देनजर हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। विक्रमसिंघे ने मुख्य विपक्षी दल समगी जन बालावेगाया (एसजेबी) के नेता से दलगत राजनीति को छोड़कर ज्वलंत मुद्दों को हल करने और देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के वास्ते एक गैर-पक्षपातपूर्ण सरकार बनाने में उनका साथ देने का आग्रह किया है। विक्रमसिंघे ने एसजेबी के नेता साजिथ प्रेमदासा को एक पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने ज्वलंत मुद्दों का तुरन्त समाधान करने और विदेशी सहायता प्राप्त करके देश को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से स्थिर करने के लिए प्रेमदासा का समर्थन मांगा। गौरतलब है कि श्रीलंका 1948 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से सबसे बुरे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है।
- - बीजिंग. चीन के दक्षिण-पश्चिम चोंगकिंग शहर में बृहस्पतिवार को ‘तिब्बत एयरलाइन्स' के एक विमान के रनवे से उतरने के कारण उसमें आग लग गई, जिससे कई लोग घायल हो गए। सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ' ने बताया कि तिब्बत जा रहे विमान में 113 यात्री और चालक दल के नौ सदस्य सवार थे। विमान से सभी लोगों को निकाल लिया गया है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि हादसे में कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं। सरकारी ‘चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क' (सीजीटीएन) की खबर के अनुसार, हताहत हुए लोगों की सटीक संख्या अभी पता नहीं चल पाई है। हांगकांग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की खबर के अनुसार, ‘चाइना सेंट्रल टेलीविजन' (सीसीटीवी) द्वारा जारी किए गए वीडियो में चोंगकिंग जियांगबेई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तिब्बत एयरलाइन्स के विमान के आगे के हिस्से से आग की लपटें और काला धुआं निकलता दिखाई दे रहा है। लोग अफरा-तफरी में पिछले दरवाजे से विमान से निकलते नजर आ रहे हैं। सीसीटीवी ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और रनवे फिलहाल बंद है। विमान तिब्बत के न्यिंगची के लिए रवाना होने वाला था और तभी उसमें आग लग गई। घटना की जांच की जा रही है।हालिया हफ्तों में चीन में दुर्घटनाग्रस्त हुआ यह दूसरा विमान है। बोइंग 737 विमान 12 मार्च को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार सभी 132 लोग मारे गए थे।
- पायलट की तबीयत अचानक खराब होने के बाद एक यात्री ने विमान को सुरक्षित उतारावेस्ट पाम बीच (अमेरिका). अमेरिका में फ्लोरिडा के अटलांटिक तट से दूर एक छोटे विमान में पायलट की तबीयत अचानक खराब होने के बाद एक यात्री ने ‘कॉकपिट रेडियो' के जरिए मदद की गुहार लगाई और हवाई नियंत्रकों के निर्देशों का पालन करते हुए विमान को सुरक्षित उतारा। यात्री ने मंगलवार को बताया, ‘‘ स्थिति काफी गंभीर थी। पायलट को तबीयत खराब होने की वजह से कुछ समझ नहीं आ रहा था। मुझे विमान उड़ाने का कोई अनुभव नहीं था।'' ‘कॉकपिट रेडियो' के जरिए मदद की गुहार लगाने के बाद फोर्ट पियर्स में एक हवाई यातायात नियंत्रक ने जवाब दिया और यात्री से पूछा कि क्या वह सिंगल-इंजन सेसना 280 के बारे में कुछ भी जानते हैं। यात्री ने कहा, ‘‘ मुझे कोई अंदाजा नहीं था। मुझे मेरे सामने फ्लोरिडा का तट नजर आ रहा था और मुझे कुछ नहीं पता था।'' इसके बाद, नियंत्रक ने बेहद शांत रहते हुए उनसे बात की और उन्हें विमान के पंखों को संतुलित रखने और तट की ओर बढ़ने को कहा। इसके कुछ मिनट बाद ही नियंत्रकों ने विमान के स्थान का पता लगा लिया और उन्हें पता चला कि विमान बोका रैटोन के ऊपर उत्तर की ओर बढ़ रहा है। यात्री की आवाज धीमी होने पर नियंत्रक ने उनसे उनका फोन नंबर मांगा, ताकि पाम बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नियंत्रकों के साथ वह आराम से बात कर पाएं। हवाई यातायात नियंत्रक रॉबर्ट मॉर्गन ने इसके बाद व्यवस्था अपने हाथ में ली और विमान को सुरक्षित तरीके से उतरवाया। यात्री के विमान को सुरक्षित ‘टरमैक' पर उतारने पर एक अन्य नियंत्रक ने कहा, ‘‘ नए पायलट को बधाई।''मॉर्गन ने कहा कि ऐसा लगता है कि वह यात्री सही समय पर, सही जगह पर था।‘फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन' के प्रवक्ता रिक ब्रेटेनफेल्ड ने पुष्टि की है कि विमान में केवल पायलट और एक यात्री ही सवार था। एजेंसी मामले की जांच कर रही है। पायलट की हालत अब कैसी है, इस संबंध में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी गई है और अधिकारियों ने उसकी पहचान भी उजागर नहीं की है।file photo
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कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने आज एक बार फिर देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। श्री विक्रमसिंघे श्रीलंका के पांच बार प्रधानमंत्री रह चुके है। कोलंबो में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्ष ने यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता विक्रमसिंघे को शपथ दिलाई। शांतिपूर्ण सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर समर्थकों के हिंसक हमलों के बाद राष्ट्रपति के भाई महिंदा राजपक्ष ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।73 वर्षीय विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री बनाने को देश में संकट समाप्त करने और अंतर्राष्ट्रीय विश्वास बहाल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ सहायता पैकेज पर बातचीत भी कर रही है।बुधवार को प्रदर्शनकारियों पर हमले के बाद अधिकारियों ने राजधानी की सड़कों पर बख्तरबंद वाहनों और सैनिकों को तैनात किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान नौ लोगों की जान चली गई और 200 से अधिक घायल हुए थे।प्रदर्शनकारी संकट के लिए जिम्मेदार राष्ट्रपति औऱ प्रधानमंत्री दोनों से त्याग पत्र की मांग कर रहे थे। इस बीच, राष्ट्रपति गोटबया राजपक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर 17 मई को चर्चा होगी।
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काठमांडू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले हफ्ते होने वाली नेपाल की यात्रा के दौरान नेपाल की सरकार लुंबिनी में अपने सबसे बड़े ‘कन्वेंशन सेंटर' (सम्मेलन केंद्र) का उद्घाटन करेगी, जिसकी क्षमता पांच हजार से अधिक लोगों की है। यह जानकारी अधिकारियों ने यहां दी। प्रधानमंत्री मोदी 16 मई को भगवान बुद्ध की जयंती- बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर गौतम बुद्ध के जन्मस्थान लुंबिनी जाने के लिए नेपाल की यात्रा करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा का अपने भारतीय समकक्ष की उपस्थिति में विश्व धरोहर स्थल लुंबिनी में ‘कन्वेंशन सेंटर' सह ध्यान केंद्र का उद्घाटन करने का कार्यक्रम है। देउबा के निमंत्रण पर मोदी हिमालयी राष्ट्र की यात्रा करेंगे। 2019 में फिर से प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद यह मोदी की पहली नेपाल यात्रा होगी। देउबा जुलाई 2021 में पांचवीं बार नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा पर पिछले महीने दिल्ली आए थे। यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति प्रदान करना था। इस दौरान देउबा ने मोदी के साथ सीमा से जुड़े मसले सहित कई प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की थी।
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बॉन (जर्मनी)। संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में आगाह किया कि मानव जनित जलवायु परिवर्तन के कारण सूखे की आवृत्ति और अवधि में वृद्धि होती रहेगी जबकि दुनिया भर में अरबों लोग पहले से ही पानी की कमी से प्रभावित हैं। मरुस्थलीकरण संबंधी संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी अभी आइवरी कोस्ट के आबिदजान में विभिन्न पक्षों के एक सम्मेलन की मेजबानी कर रही है। एजेंसी का अनुमान है कि दुनिया की कुल आबादी का लगभग एक तिहाई हिस्सा (2.3 अरब लोग) पहले से ही पानी की कमी का सामना कर रहे हैं और इस संख्या के 2050 तक दोगुनी हो जाने की आशंका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि कोई भी क्षेत्र सूखा से नहीं बचा है लेकिन अफ्रीका सबसे प्रभावित महाद्वीप है और अमेरिकी महाद्वीप, भारत तथा ऑस्ट्रेलिया में भी भविष्य में स्थिति चिंताजनक हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार पिछली शताब्दी में अफ्रीका महाद्वीप में 134 बार सूखा पड़ा जिसमें से आधे से अधिक सूखे पूर्वी अफ्रीका में दर्ज किए गए। एजेंसी के प्रमुख वैज्ञानिक बैरोन ऑर ने ‘एपी' से कहा कि सूखे से संबंधित आपदाओं से निपटने के लिए दुनिया को अधिक सक्रिय होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अफ्रीका को संकट से उबारने के लिए प्रत्यक्ष निवेश की जरूरत है ताकि उसे सूखे से निजात मिल सके। उन्होंने कहा कि 1998 से 2017 के बीच भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सूखे के कारण पांच प्रतिशत की कमी देखी गयी, वहीं सूखे के कारण 2002 से 2010 के बीच ऑस्ट्रेलिया की कृषि उत्पादकता में 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
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लंदन | फाइजर या मॉडर्ना कोविड-19 रोधी टीके की चौथी खुराक सुरक्षित है और तीसरी खुराक के मुकाबले एंटीबॉडी के स्तर को कहीं अधिक बढ़ाती है। ब्रिटेन में हुए एक राष्ट्रव्यापी अध्ययन के हालिया नतीजों में यह बात सामने आई। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ब्रिटेन में बीमारी के लिहाज से बेहद संवेदनशील लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की चौधी खुराक ‘स्प्रिंग बूस्टर' के तौर पर दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अध्ययन के आंकड़े उपलब्ध होने से पहले प्रतिरक्षा के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए यह एक एहतियाती रणनीति रही है। ‘द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल' में प्रकाशित नतीजे बताते हैं कि कोविड-19 के लिए चौथी खुराक एमआरएनए बूस्टर टीके उन लोगों में अच्छे नतीजे दिखाते हैं जिन्हें फाइजर टीका तीसरी खुराक के रूप में दिया गया था। शोधकर्ताओं के अनुसार, ये एंटीबॉडी और कोशिकीय प्रतिरक्षा, दोनों को आधाररेखा और उससे ऊपर के स्तर तक तथा तीसरी बूस्टर खुराक के बाद देखे गए अधिकतम स्तर से आगे लेकर जाते हैं। एनआईएचआर साउथैम्पटन क्लीनिकल रिसर्च फेसिलिटी के निदेशक और परीक्षण प्रमुख प्रोफेसर साउल फाउस्ट ने कहा, “यह नतीजे मौजूदा स्प्रिंग खुराक प्राप्त कर रहे अत्यधिक संवेदनशील लोगों को होने वाले फायदे रेखांकित करते हैं और ब्रिटेन में शरद ऋतु में किसी भी संभावित टीकाकरण कार्यक्रम के लिये भरोसा देते हैं, अगर टीकाकरण और प्रतिरक्षीकरण पर संयुक्त समिति उस समय इसकी आवश्यकता समझती है।” अध्ययन में जून 2021 में फाइजर या एस्ट्राजेनेका की शुरुआती खुराक लेने के बाद 166 ऐसे लोगों को चुना गया जिन्होंने तीसरी खुराक के तौर पर फाइजर का टीका लिया था। इन लोगों को बिना किसी निर्धारित क्रम के चौथी खुराक के तौर पर फाइजर की पूर्ण खुराक या मॉडर्ना की आधी खुराक लगवाने के लिये चुना गया। तीसरी खुराक के करीब सात महीने बाद चौथी खुराक दी गई।
शोधकर्ताओं ने कहा कि टीकाकरण स्थल पर दर्द और थकान सबसे आम दुष्प्रभाव थे, लेकिन टीके से संबंधित कोई गंभीर प्रतिकूल घटना नहीं थी और चौथी खुराक सुरक्षित और सुगमता पूर्वक लग गई थी। कोविड -19 टीकाकरण कार्यक्रम के लिये एनआईएचआर के क्लीनिकल प्रमुख प्रो. एंड्र्यू उस्तीयानोव्स्की ने कहा, “हम जानते थे कि वर्ष की शुरुआत में सबसे संवेदनशील (बीमारी के लिहाज से) लोगों को चौथी खुराक देना महत्वपूर्ण था। - कोलंबो। संकट में घिरे श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने बुधवार को कहा कि वह इसी हफ्ते नये प्रधानमंत्री एवं मंत्रिमंडल की नियुक्ति करेंगे जो संवैधानिक सुधार पेश करेगा। देश में गंभीर आर्थिक संकट के चलते सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। संकट के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले महिंदा राजपक्षे अपने करीबियों पर हमले के मद्देनजर एक नौसेना अड्डे पर सुरक्षा घेरे में हैं। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में गोटबाया ने यह भी कहा कि नये प्रधानमंत्री एवं सरकार को नियुक्त करने के बाद संविधान में 19वें संशोधन की सामग्री तैयार करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन पेश किया जाएगा जो संसद को और शक्तियां प्रदान करेगा। गोटबाया ने कहा, ‘‘मैं युवा मंत्रिमंडल नियुक्त करूंगा जिसमें राजपक्षे परिवार का कोई सदस्य नहीं होगा।'' उन्होंने देश को अराजक स्थिति में पहुंचने से रोकने के लिए राजनीतिक दलों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। अपने संबोधन से कुछ मिनट पहले गोटबाया ने पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के साथ बातचीत की। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘नयी सरकार के प्रधानमंत्री को नया कार्यक्रम पेश करने एवं देश को आगे ले जाने का मौका दिया जाएगा।'' राष्ट्रपति के बड़े भाई और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफा देने के बाद पिछले दो दिनों से देश में कोई सरकार नहीं है। उनके इस्तीफे के बाद अंतरिम सरकार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। संवैधानिक रूप से राष्ट्रपति बिना मंत्रिमंडल के ही देश को चलाने के लिए अधिकार प्राप्त हैं। इस सप्ताह के प्रारंभ में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए गोटबाया ने कहा कि नौ मई को जो कुछ हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने कहा, ‘‘हत्याओं, हमले, धौंसपट्टी, संपत्ति को नष्ट करना और उसके बाद के जघन्य कृत्यों को बिल्कुल ही सही नहीं ठहराया जा सकता। '' उन्होंने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक को जांच करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका पुलिस एवं सैन्यबल को हिंसा फैलाने वालों के विरूद्ध कड़ाई से कानून लागू करने का आदेश दिया गया है। रक्षा मंत्रालय के सचिव कमल गुणरत्ने ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को त्रिंकोमाली स्थित नौसेना अड्डे पर ले जाया गया है जहां वह सुरक्षा घेरे में हैं। राजधानी में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैनिकों और सैन्य वाहनों को सड़कों पर तैनात कर दिया गया। कोलंबो और उपनगरों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना के विशेष बलों को भी तैनात किया गया है। श्रीलंका अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इससे निपटने में सरकार की विफलता को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बीच महिंदा को सुरक्षा मुहैया करायी गई है। विपक्षी दल भी उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) नेता महिंदा 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति थे और उस दौरान उन्होंने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ क्रूर सैन्य अभियान चलाया था।
- सिएटल (अमेरिका)। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने मंगलवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और उनमें संक्रमण के हल्के लक्षण हैं। बिल गेट्स ने ट्विटर पर यह जानकारी दी और कहा कि वह पूरी तरह से स्वस्थ होने तक पृथक-वास में रहेंगे। गेट्स ने लिखा, ‘‘मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने कोविड-19 रोधी टीके की ‘बूस्टर' खुराक भी ले ली है और बेहतर चिकित्सकीय सेवा का लाभ उठा सकता हूं।'' सिएटल स्थित ‘बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन' दुनिया का सबसे प्रभावशाली निजी फाउंडेशन है, जिसके पास लगभग 65 अरब डॉलर की निधि है। मेलिंडा गेट्स, बिल की पूर्व पत्नी हैं। बिल गेट्स वैश्विक महामारी से निपटने के उपायों, खासकर गरीब देशों तक टीकों और दवाओं की पहुंच के मुखर समर्थक रहे हैं। गेट्स फाउंडेशन ने अक्टूबर में कहा था कि वह दवा कम्पनी ‘मर्क' की एंटीवायरल कोविड-19 गोली की जेनेरिक दवाओं को कम आय वाले देशों तक पहुंचाने के लिए 12 करोड़ डॉलर खर्च करेंगे।
- कोलंबो |श्रीलंका में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के बीच रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को थल सेना, वायुसेना और नौसेना कर्मियों को सार्वजनिक संपत्ति को लूटने या आम लोगों को चोट पहुंचाने वाले किसी भी दंगाई को गोली मारने का आदेश दिया। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वारा लोगों से ''हिंसा और बदले की भावना वाले कृत्य'' रोकने की अपील के बाद मंत्रालय का यह आदेश सामने आया है। श्रीलंका के रक्षा सचिव जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुनारत्न ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और हिंसा नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने चेताया कि अगर सार्वजनिक संपत्ति की लूटपाट और नुकसान पहुंचाना जारी रहा, तो रक्षा मंत्रालय कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने को मजबूर होगा। रक्षा सचिव ने कहा, ''मैं सभी युवाओं से हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील करता हूं। सार्वजनिक और निजी संपत्ति में आगजनी नहीं करें। आप अपना संघर्ष लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्वक तरीके से करें।'' श्रीलंका में तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा, देश में घोर आर्थिक संकट पर उन्हें हटाने की मांग कर रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद सोमवार को हिंसा भड़क गई थी, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई। वहीं, कोलंबो और अन्य शहरों में हुई हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। देश में आर्थिक संकट के बीच सोमवार को महिंदा राजपक्षे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस घटनाक्रम से कुछ घंटे पहले महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद राजधानी कोलंबो में सेना के जवानों को तैनात किया गया था और राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू लगा दिया गया था। 'डेली मिरर' अखबार ने रक्षा प्रवक्ता के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा, रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं को सार्वजनिक संपत्ति लूटने या आम लोगों को चोट पहुंचाने वाले दंगाइयों को गोली मारने का आदेश दिया है।
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कोलंबो | श्रीलंका में घोर आर्थिक संकट के बीच सोमवार को प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम से कुछ घंटे पहले महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद राजधानी कोलंबो में सेना के जवानों को तैनात किया गया। इस हमले में कम से कम 174 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू लगा दिया है।देश में सरकार समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़प में राजपक्षे बंधुओं की सत्तारूढ़ पार्टी के एक सांसद और दो अन्य लोगों की मौत हो गई। महिंदा राजपक्षे (76) ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को अपना इस्तीफा पत्र भेजा।
महिंदा ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।''
प्रधानमंत्री महिंदा ने अपने त्याग पत्र में कहा कि वह सर्वदलीय अंतरिम सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा, ‘‘मैं (आपको) सूचित करना चाहता हूं कि मैंने तत्काल प्रभाव से प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। यह छह मई को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में आपके अनुरोध के अनुरूप है, जिसमें आपने कहा था कि आप एक सर्वदलीय अंतरिम सरकार बनाना चाहते हैं।'' उन्होंने कहा कि वह जनता के लिए ‘‘कोई भी बलिदान'' देने को तैयार हैं।
प्रधानमंत्री के इस्तीफे के साथ ही कैबिनेट भी भंग कर दी गई। महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के नेतृत्व वाली सरकार पर देश में जारी घोर आर्थिक संकट से निपटने के लिए अंतरिम प्रशासन बनाने का दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन किये जा रहे थे। एक पुलिस प्रवक्ता के हवाले से स्थानीय मीडिया ने अपनी खबर में कहा कि अगले नोटिस तक तत्काल प्रभाव से पूरे श्रीलंका में कर्फ्यू लगा दिया गया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने में सहायता के लिए सैन्य दल को विरोध स्थल पर तैनात किया गया है।
रक्षा सचिव ने देश में शांति बनाए रखने के लिए जनता से समर्थन दिये जाने आग्रह किया है, जबकि जन सुरक्षा के लिए पुलिस की सहायता के लिए तीन सशस्त्र बलों को बुलाया गया है। सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी अगले आदेश तक रद्द कर दी गई है। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के समर्थकों द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हमला किए जाने के बाद पूरे देश में हिंसा भड़क गई है। लोगों ने राजधानी से लौट रहे राजपक्षे समर्थकों पर गुस्सा उतारा। उन्होंने उनके वाहनों को रोक लिया और कई शहरों में उन पर हमला किया। पुलिस ने बताया कि पोलोन्नारुआ जिले से श्रीलंका पोदुजना पेरामुना (एसएलपीपी) के सांसद अमरकीर्ति अतुकोराला (57) को सरकार विरोधी समूह ने पश्चिमी शहर नित्तम्बुआ में घेर लिया था। पुलिस ने बताया कि सांसद की कार से गोली चली थी और जब आक्रोशित भीड़ ने उन्हें कार से उतारा तो उन्होंने भागकर एक इमारत में शरण ली। पुलिस ने बताया कि बाद में सांसद और उनका निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) मृत पाये गये। आक्रोशित भीड़ ने पूर्व मंत्री जॉनसन फर्नांडो के कुरुनेगाला और कोलंबों स्थित कार्यालयों पर हमला किया है। उनके बार में भी आग लगाये जाने की खबर है। पूर्व मंत्री नीमल लांजा के आवास पर भी हमला किया गया है जबकि महापौर समन लाल फर्नांडो के आवास में आग लगा दी गई। सत्तारूढ़ पार्टी के मजदूर नेता महिंदा कहानदागमागे के कोलंबो स्थित आवास पर भी हमला हुआ है।
वर्ष 1948 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद श्रीलंका अब तक के सबसे गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। यह संकट मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा की कमी के कारण पैदा हुआ जिसका अर्थ है कि देश मुख्य खाद्य पदार्थों और ईंधन के आयात के लिए भुगतान नहीं कर पा रहा है। नौ अप्रैल से पूरे श्रीलंका में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं, क्योंकि सरकार के पास आयात के लिए धनराशि खत्म हो गई है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे पहले राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को जनता से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक संकट के आर्थिक समाधान की जरूरत है जिसके लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मैं आम जनता से संयम बरतने और यह याद रखने की अपील करता हूं कि हिंसा से केवल हिंसा फैलेगी। आर्थिक संकट में हमें आर्थिक समाधान की जरूरत है जिसे यह प्रशासन हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।'' महिंदा राजपक्षे ने लोगों से संयम बरतने का भी आग्रह किया। -
हवाना. क्यूबा की राजधानी हवाना में एक आलीशान होटल में हुए भीषण विस्फोट में मरने वालों की संख्या रविवार शाम बढ़कर 31 हो गई। श्वान दस्ता अब भी लापता लोगों की तलाश में जुटा है। हवाना के 96 कमरों वाले पांच सितारा ‘होटल साराटोगा' में गत शुक्रवार को विस्फोट हुआ था। 19वीं सदी का यह होटल ओल्ड हवाना में स्थित है। विस्फोट के समय वहां मरम्मत का काम चल रहा था। होटल को मंगलवार को खोले जाने की योजना थी। होटल के आसपास की कई इमारतें भी विस्फोट में क्षतिग्रस्त हुई हैं।
गृह मंत्रालय ने बताया कि मृतकों में चार नाबालिग, एक गर्भवती महिला और एक स्पेन का नागरिक शामिल है। हादसे में 54 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 24 अस्पताल में भर्ती हैं। शनिवार शाम तक 19 परिवारों ने अपने प्रियजनों के लापता होने के बारे में सूचना दी थी, लेकिन अधिकारियों ने रविवार को इनमें से किसी का पता चलने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। यह होटल ‘ग्रुपो डी टूरिज्मो गेविओटा एसए' का है। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा रहा है, ऐसा माना जा रहा है कि विस्फोट गैस रिसाव के कारण हुआ। - काठमांडू. नेपाल के 52 वर्षीय एक शेरपा ने 26वीं बार माउंट एवरेसट पर चढ़ाई करने का अनूठा रिकॉर्ड बनाया है। उसने दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी सर्वाधिक बार फतह करने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है। पर्वतारोहण अभियान से जुड़े लोगों ने रविवार को यह जानकारी दी। सेवन समिट ट्रेक्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक डी शेरपा ने कहा कि रीता और उनके 11 शेरपा सहयोगियों के समूह ने 8,848.86 मीटर की ऊंचाई वाली चोटी पर स्थानीय समयानुसार शाम करीब सात बजे फतह हासिल की। मई से शुरू होने वाले पर्वतारोहण से पहले पर्वतारोहियों की मदद करने के लिए शेरपाओं ने ट्रेकिंग मार्ग के साथ रस्सियों को ठीक करने के लिए भी अभियान चलाया। इस साल नेपाल के पर्यटन विभाग ने एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के लिए 316 लोगों को परमिट जारी किया है। रीता ने पहली बार 13 मई, 1994 को एवरेस्ट फतह की थी। एवरेस्ट के अलावा, रीता गॉडविन-ऑस्टेन (के2), ल्होत्से, मानसलु और चो ओयू पर्वत चोटियों पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुके हैं।
- काठमांडू। नेपाल के सरकारी बिजली प्राधिकरण ने शनिवार को भारतीय कंपनियों से बारिश के मौसम में देश की जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पन्न 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की बिक्री के लिए प्रस्ताव मांगा है।नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के प्रबंध निदेशक कुलमन गीसिंग ने कहा कि उपभोक्ता कंपनियां, विनियमित कंपनियां, वितरण कंपनियां, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) और भारत सरकार द्वारा जारी वैध व्यापार लाइसेंस रखने वाले व्यापारी इस बोली में भाग लेने के लिए पात्र हैं।गीसिंग ने संवाददाताओं से कहा कि एनईए प्रतिस्पर्धा के जरिए सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को 364 मेगावाट में से 200 मेगावाट बिजली का निर्यात करना चाहती है। उन्होंने कहा, “शेष बिजली इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईएक्स) के जरिये बेची जाएगी। चयनित पात्र कंपनियों को निविदा प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक जुलाई से बिजली मुहैया कराई जाएगी।'
- हवाना. क्यूबा की राजधानी हवाना के मध्य में एक आलीशान होटल में प्राकृतिक गैस के रिसाव के कारण हुए शक्तिशाली विस्फोट में एक बच्चे सहित कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। हवाना के गवर्नर रेनाल्डो गार्सिया जापाटा ने कम्युनिस्ट पार्टी के समाचार पत्र ‘ग्रैनमा' को बताया कि विस्फोट के समय 96 कमरों वाले साराटोगा होटल में कोई पर्यटक नहीं था, क्योंकि वहां मरम्मत का काम चल रहा था। घटनास्थल का दौरा करने वाले राष्ट्रपति मिगुएल डिआज-कैनेल ने ट्वीट किया, ‘‘यह कोई बम विस्फोट या हमला नहीं है। यह एक दुखद हादसा है।'' स्वास्थ्य मंत्रालय में अस्पताल सेवाओं के प्रमुख डॉ. जूलियो गुएरा इजक्विएर्डो ने संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार को हुए इस हादसे में कम से कम 74 लोग घायल हुए हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के एक ट्वीट के अनुसार, घायलों में 14 बच्चे शामिल हैं। डिआज-कैनेल ने बताया कि विस्फोट से प्रभावित होटल के पास की इमारतों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। क्यूबा के सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक, विस्फोट एक ट्रक के कारण हुआ, जो होटल को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति कर रहा था। हालांकि, चैनल ने यह नहीं बताया कि गैस कैसे प्रज्वलित हुई। हादसे से जुड़े वीडियो में अग्निशमन कर्मियों को एक सफेद टैंकर ट्रक पर पानी का छिड़काव करते और उसे घटनास्थल से हटाते देखा जा सकता है। वीडियो में यह भी नजर आ रहा है कि विस्फोट से होटल के चारों तरफ धुएं का गुबार फैल गया। इसमें घबराए-सहमे लोग सड़क पर भागते दिखाई दे रहे हैं। यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है, जब क्यूबा कोरोना वायरस महामारी से तबाह हो चुके अपने पर्यटन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। क्यूबा के स्वास्थ्य मंत्री जोस एंजेल पोर्टल ने द एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि ओल्ड हवाना स्थित 19वीं सदी के इस होटल के मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है। दमकल विभाग के लेफ्टिनेंट कर्नल नोएल सिल्वा ने कहा, ‘‘हम अब भी मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं।'' होटल के बगल में स्थित 300 छात्रों वाले एक स्कूल को खाली करा लिया गया। गार्सिया ने कहा कि हादसे में पांच छात्रों को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है। होटल को पहली बार 2005 में क्यूबा सरकार के ओल्ड हवाना के पुनरुद्धार कार्यक्रम के तहत पुनर्निर्मित किया गया था। इसका स्वामित्व क्यूबा की सेना की पर्यटन व्यवसाय शाखा ‘ग्रुपो डी टूरिज्मो गेविओटा एसए' के पास है। कंपनी ने कहा कि वह विस्फोट के कारणों की जांच कर रही है। साराटोगा होटल का इस्तेमाल अक्सर अति विशिष्ट लोगों और राजनीतिक हस्तियों द्वारा किया जाता रहा है, जिसमें अमेरिकी सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हैं। 2013 में क्यूबा की यात्रा के दौरान गायिका बेयोंसे और जे-जेड वहां रुके थे। फोटोग्राफर माइकल फिगुएरोआ के अनुसार, वह होटल के पास से गुजर रहे थे, तभी विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘विस्फोट ने मुझे जमीन पर गिरा दिया और मेरे सिर में अब भी दर्द हो रहा है... सब कुछ बहुत त्वरित था।'' दोपहर में होटल में काम कर रहे लोगों के चिंतित रिश्तेदार उनकी तलाश के लिए एक अस्पताल पहुंचे। होटल के पास रहने वाली यजीरा डे ला कैरिडैड ने कहा, ‘‘विस्फोट से पूरी इमारत हिल गई।
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लंदन. प्रमुख प्रवासी भारतीय (एनआरआई) उद्योगपति लॉर्ड स्वराज पॉल की पत्नी अरुणा पॉल का मंगलवार रात यहां स्थित उनके घर पर निधन हो गया। वह 86 वर्ष की थीं। परिवार के एक करीबी सदस्य ने उनकी मौत की खबर की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘वह जिंदादिल इंसान थीं और हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं।'' अरुणा पॉल के परिवार में उनके पति और तीन बच्चे-दो बेटे आकाश तथा अंबर और बेटी अंजलि हैं। लॉर्ड पॉल ब्रिटेन स्थित ‘कैपरो ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज' के संस्थापक हैं, जिसका काम अमेरिका, भारत, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तक फैला है।
- वाशिंगटन। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि भारत ने बीते कुछ वर्षों में बालश्रम की समस्या से निपटने के लिए काफी सराहनीय कदम उठाए हैं और उन्हें विश्वास है कि 2047 तक देश का हरेक बच्चा सुरक्षित और शिक्षित होगा।भारत 2047 में स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा।सत्यार्थी ने कहा कि भारत में बाल श्रम को समाप्त करने के लिए सामाजिक एवं राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है, और इसके लिए सरकार को समाज और निजी क्षेत्र के समर्थन की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत में हरेक बच्चे को स्वतंत्रता, सुरक्षा, शिक्षा और सभी तरह के अवसर दिए जाने चाहिए। मुझे यकीन है कि यह (2047 से पहले) होगा। सत्यार्थी, शांति कार्यक्रमों में भाग लेने और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के सदस्यों, थिंक टैंक के सदस्यों और सांसदों से मिलने अमेरिका आये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ एक तरह से, जब मैं समाज के अंतिम व्यक्ति के बारे में बात करता हूं तो मेरा दृष्टिकोण महात्मा गांधी से प्रेरित है। मुझे उम्मीद है कि भारत इसे पूरा करने में सक्षम होगा और 2047 तक का इंतजार नहीं करेगा। यह उससे पहले होना चाहिए।’’उन्होंने कहा कि जिस दिन उत्तर प्रदेश या बिहार या दक्षिण में एक सुदूर गांव के सबसे निचले सामाजिक एवं आर्थिक तबके की लड़की स्कूल जाने के लिए स्वतंत्र होगी और उसे अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा, तब भारत सही मायने में पूर्ण रूप से स्वतंत्रता होगा।सत्यार्थी से पूछा गया था कि भारत के लिए उनका दृष्टिकोण उस समय के लिए क्या है, जब वह 2047 में अपनी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा।भारत इस वर्ष अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसे भारतीय मूल के लोग और विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा दुनिया भर में ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ के रूप में मनाया जा रहा है।सत्यार्थी ने कहा कि जहां तक बालश्रम की समस्या से निपटने की बात है भारत ने बीते वर्षों की तुलना में काफी सराहनीय कदम उठाए हैं।उन्होंने कहा, ‘‘ जैसे कि वे कानून.... जो 14 वर्ष की आयु तक सभी प्रकार के बालश्रम को प्रतिबंधित करता है और खतरनाक कामों के लिए 18 वर्ष की आयु तक बालश्रम को प्रतिबंधित करता है। यकीनन कानून को लागू करना हमेशा एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, लेकिन हमारे पास एक कारगर कानून है।’’ सत्यार्थी ने यह भी कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी केवल स्वास्थ्य या आर्थिक संकट नहीं है, बल्कि इससे पूरा समाज और सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं।







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