- Home
- खेल
-
नयी दिल्ली. भारतीय फुटबॉल टीम को बृहस्पतिवार को कुआलालंपुर स्थित एएफसी मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के ग्रुप ई में मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम के साथ रखा गया। मुख्य टूर्नामेंट अगले साल उज्बेकिस्तान में आयोजित होगा जबकि ग्रुप ई के क्वालीफायर 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को गुआम, 17 नवंबर को फलस्तीन और 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया से मुकाबला होगा। क्वालीफायर के ड्रॉ में 35 टीम को पांच-पांच टीम के सात ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की विजेता टीम एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए क्वालीफाई करेगी जिसका आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में होगा। भारत ने 2026 में सऊदी अरब में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया था जहां वह ग्रुप चरण में बाहर हो गया था। अब भारत लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप में जगह बनाने और इतिहास में 11वीं बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा। सातों ग्रुप की विजेता टीमें एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 में जगह बनाएंगी जहां वे 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप कतर के लिए स्वत: क्वालीफाई करने वाली एएफसी की नौ टीम से जुड़ेंगी। इन टीम में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर ड्रॉ:
ग्रुप ए: इंडोनेशिया, म्यांमार (मेजबान), अफगानिस्तान, फिलिपींस, कंबोडिया
ग्रुप बी: थाईलैंड (मेजबान), इराक, हांगकांग, चीनी ताइपे
ग्रुप सी: यूएई (मेजबान), बांग्लादेश, सीरिया, भूटान, मकाऊ
ग्रुप डी: ईरान, लाओस (मेजबान), जोर्डन, पाकिस्तान, श्रीलंका
ग्रुप ई: भारत, मलेशिया (मेजबान), फलस्तीन, सिंगापुर, गुआम
ग्रुप एफ: यमन, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज गणराज्य (मेजबान), मंगोलिया, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह -
मुंबई. 'ट्रांसजेंडर' खिलाड़ी अनाया बांगड़ सामुदायिक स्तर पर खेलने की अनुमति मिलने के बाद ऑस्ट्रेलिया में अपनी क्रिकेट यात्रा फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं और भले ही उन्हें अभी तक कोई टीम नहीं मिली है लेकिन उन्हें विश्वास है कि इससे उनके लिए अगले साल महिला बिग बैश लीग में खेलने के द्वार खुल जाएंगे। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की 'बेटी' अनाया ने इस साल मार्च में लिंग परिवर्तन की सर्जरी कराने से पहले मुंबई के लिए आयु वर्ग के पुरुषों का क्रिकेट खेला था। अनाया ने यहां पत्रकारों से कहा, ''आज का दिन मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कई वर्षों तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैं आखिरकार उस खेल में वापसी के रास्ते के बारे में बात कर सकती हूं जो मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।'' इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ''मैं मार्च 2027 से ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट में वापसी करने की तैयारी कर रही हूं, जिसका उद्देश्य एलीट क्रिकेट खेलना है। मैं यह दावा नहीं कर रही हूं कि मुझे किसी टीम में जगह मिल गई है। मैं बस इतना कह रही हूं कि मुझे टीम में जगह बनाने का मौका मिला है और मैं इसके लिए कड़ी मेहनत करूंगी।'' अनाया ने इससे पहले बीसीसीआई से महिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देने की अपील की थी, लेकिन भारतीय बोर्ड से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। आईसीसी ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया था। अनाया ने कहा कि हाल ही में हुई उनकी जांच से पता चलता है कि अगले साल मार्च में होने वाले एक और परीक्षण में भी उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर समान बना रह सकता है, जिससे उनके लिए महिला क्रिकेट में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा, ''अगर वह परीक्षण मेरे अनुकूल रहा तो मैं शीर्ष स्तर की क्रिकेट में खेलने की पात्रता हासिल कर लूंगी।
- मुंबई । भारत के मयंक चक्रवर्ती और प्रतीति बोरदोलोई ने बुधवार को यहां एशियाई जूनियर क्लासिकल शतरंज चैंपियनशिप में क्रमशः ओपन और लड़कियों के वर्ग का खिताब जीता। शीर्ष वरीयता प्राप्त मयंक ने नौ राउंड की ओपन चैंपियनशिप में 7.5 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रूस के आर्टेम पिंगिन ने सात अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि भारत के दक्ष गोयल ने 6.5 अंक बनाकर कांस्य पदक जीता। प्रतीति ने नौ राउंड में 7.5 अंक हासिल करके लड़कियों के वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दोहरी सफलता दिलाई। कजाकिस्तान की मारिया खोल्यावको उनसे आधा अंक पीछे रहकर रजत पदक जीतने में सफल रहीं, जबकि निवेदिता वी सी ने 6.5 अंक लेकर कांस्य पदक जीता। ओपन चैंपियन मयंक ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एक और ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया। कांस्य पदक विजेता दक्ष गोयल फिडे मास्टर बने। उन्होंने इंटरनेशनल मास्टर नॉर्म भी हासिल किया। महिला चैंपियन प्रतीति ने महिला इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने महिला ग्रैंडमास्टर नॉर्म भी हासिल किया।
- दुबई । बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं। इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं। स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल 'बॉक्सिंग डे' टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था। बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं। श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे। बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।
-
नयी दिल्ली. भारत के युवा लेग स्पिनर जीशान अंसारी ने कहा कि आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए दिग्गज स्पिनरों मुथैया मुरलीधरन और डेनियल वेटोरी से मिले सबक से उन्हें अपने खेल को निखारने में मदद मिली। ईशान किशन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों के साथ भारत की अंडर-19 विश्व कप 2016 टीम का हिस्सा रहे जीशान के करियर में तब नया मोड़ आया जब आईपीएल 2025 के लिए सनराइजर्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। अंसारी ने कहा, ''जब मैं सनराइजर्स में था, तब मुझे मुथैया मुरलीधरन और डेनियल वेटोरी से काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने मुझे गेंदबाजी के बारे में कई ऐसी बातें बताईं जो मुझे पता नहीं थीं। उनसे मैंने जो कुछ भी सीखा है, उससे मुझे बहुत मदद मिली है। अगर मैं उनसे मिली सीख पर अमल करता रहूंगा तो मेरा खेल बेहतर होता जाएगा।'' इस 26 वर्षीय खिलाड़ी को यूपी टी20 लीग के दौरान पूर्व भारतीय स्पिनर पीयूष चावला के मार्गदर्शन से भी फायदा मिल रहा है। अंसारी ने कहा, ''मैंने यूपी टी20 में पीयूष चावला से दो बार बात की है। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं और मुझे कुछ सलाह भी दी। मैं उनसे जितना हो सके सीख रहा हूं। वह मेरी बहुत मदद कर रहे हैं।
- -छह टीमें लेंगी हिस्सा, राज्य के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच-प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव और प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी लीग – अरुण साव-उप मुख्यमंत्री ने लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का किया अनावरणरायपुर। छत्तीसगढ़ में हॉकी की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी है। राज्य के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने वाली यह लीग देश के किसी भी राज्य में आयोजित होने वाली पहली राज्य-स्तरीय हॉकी लीग होगी, जिसे हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर पूरी तरह प्रोफेशनल और व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की संभावित तिथियों 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक लीग के मुकाबले खेले जाएंगे।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मंगलवार को राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने लॉन्चिंग कार्यक्रम में लीग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की युवा हॉकी प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना और उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने तथा उनसे सीखने का अवसर देना है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी लीग के लॉन्चिंग कार्यक्रम में मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है और राज्य में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगी और प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। ये टीमें प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और खेल प्रतिभा को एक मंच पर लेकर आएंगी।लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग के माध्यम से भारतीयता की भावना को दर्शाया गया है, जबकि आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेशवासियों की निरंतर प्रगति और आगे बढ़ने की भावना का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन "चलव रे संगी, हॉकी खेलबो" रखी गई है। छत्तीसगढ़ी बोली में यह टैगलाइन अपनत्व और आमंत्रण का भाव लिए हुए है, जिसका अर्थ है—"चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।"लीग का आधिकारिक शुभंकर "बघवा" नामक बाघ है। यह छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक है। बघवा साहस, शक्ति और निडरता का संदेश देता है तथा खिलाड़ियों की जुझारू भावना और मैदान पर अपना दबदबा कायम करने की आकांक्षा को प्रदर्शित करता है।प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। इन मुकाबलों के आधार पर अंक तालिका में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल के बाद विजेता टीम का फैसला फाइनल मुकाबले में होगा। मैचों के दौरान सभी अंपायर और तकनीकी अधिकारी हॉकी इंडिया द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, जिससे प्रतियोगिता में तकनीकी गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।छत्तीसगढ़ हॉकी लीग केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगी। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे दर्शकों को रोमांचक हॉकी मुकाबलों के साथ मनोरंजन का भी अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।
-
नयी दिल्ली. थॉम गिकेल और डेलफिन डेलर्यू की मिश्रित युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल खिलाड़ी एलेक्स लानियर ने रविवार को यहां विश्व चैंपियन बनकर फ्रांस के लिए इतिहास रच दिया। मिश्रित युगल और पुरूष एकल में यह फ्रांस के लिए पहला स्वर्ण पदक है। विश्व की पांचवें नंबर की फ्रांस की जोड़ी गिकेल और डेलर्यू ने विश्व चैंपियनशिप के मिश्रित युगल फाइनल में चीन की दुनिया की नंबर एक जोड़ी फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर खिताब अपने नाम किया। एक घंटे 18 मिनट चले मुकाबले में मिली यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। इसके कुछ ही देर बाद लानियर ने एकतरफा फाइनल में जापान के कोडाई नाराओका को 21-11, 21-11 से करारी शिकस्त दी। डेलफिन ने कहा, "यह हमारे लिए बेहद शानदार पल है। यह हमारा लक्ष्य था, लेकिन इसे हासिल करना एक अलग ही अनुभव है। आज पदक मंच पर शीर्ष स्थान हासिल करके हमें बहुत गर्व और खुशी महसूस हो रही है।" पिछली विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली गिकेल और डेलर्यू की जोड़ी ने फाइनल में शानदार रणनीतिक खेल दिखाया। खासकर नेट पर दोनों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चीन की हुआंग डोंग पिंग के प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर दिया। गिकेल ने कहा, "हम हर मुकाबला जीतने के इरादे से उतरे थे, लेकिन हमें पता था कि यह सफर बहुत कठिन है। इसलिए हमारा पूरा ध्यान पहले मैच पर और फिर अगले मुकाबले पर रहा। हमने एक-एक मुकाबले पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि पूरे टूर्नामेंट में हमारा लक्ष्य जीतना था और हमने वही किया।" विश्व चैंपियनशिप से पहले भी फ्रांसीसी जोड़ी शानदार फॉर्म में थी। इस साल दोनों ने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता का स्थान हासिल किया था और इंडोनेशिया तथा चीन सुपर-1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। साल 2009 में महिला एकल में कांस्य पदक जीतकर पाई होंगयान ने फ्रांस को विश्व चैंपियनशिप का पहला पदक दिलाया था। उसके 17 साल बाद फ्रांस ने एक ही सप्ताहांत में मिश्रित युगल में एक जोड़ी और पुरुष एकल में एक खिलाड़ी के रूप में दो विश्व चैंपियन हासिल किए। पिछले साल पेरिस में थॉम गिकेल और डेलफिन डेलर्यू की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता था।
-
कोलंबो. भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन रविवार को बाएं हाथ पर चोट लगने के बाद 'रिटायर्ड हर्ट' होकर मैदान से बाहर चले गए। दिन के तीसरे सत्र में श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा ने पंत को शॉर्ट गेंद डाली और भारतीय खिलाड़ी ने गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले के बजाय सीधे उनके बाएं हाथ पर जा लगी। चोट लगने के बाद पंत दर्द से कराहते दिखाई दिए। भारतीय टीम के फिजियोथेरेपिस्ट ने मैदान पर आकर उनका उपचार किया। पंत के हाथ पर पहले 'आइस पैक' लगाया गया और फिर पट्टी बांधी गई। लेकिन दर्द ज्यादा होने के कारण पट्टी भी जल्द हटा दी गई। पंत ने 15 गेंदों पर नाबाद तीन रन बनाए और पारी के 58वें ओवर में फिजियोथेरेपिस्ट के साथ मैदान से बाहर चले गए। इसके बाद रविंद्र जडेजा बल्लेबाजी के लिए आए और देवदत्त पडिक्कल के साथ पारी को आगे बढ़ाया।
- -एथलेटिक्स दल में 73 खिलाड़ीनयी दिल्ली. खेल मंत्रालय ने अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए शनिवार को 492 खिलाड़ियों वाले दल को मंजूरी दे दी जिसमें एथलेटिक्स के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक 73 है। इस दल में 265 पुरुष और 227 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। हालांकि, मंत्रालय ने 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाड के लिए अभी तक दल के साथ जाने वाले सहयोगी स्टाफ की सूची जारी नहीं की है। एक विश्वस्त सूत्र ने पीटीआई से कहा, ''सहयोगी स्टाफ की सूची एक सप्ताह के भीतर या उससे भी पहले जारी कर दी जाएगी। सभी टीम के लिए फिजियो और मेडिकल स्टाफ जैसे खेल विज्ञान विशेषज्ञों की संतुलित मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए सूची में फिर से बदलाव किया जा रहा है। '' सूत्र ने कहा, ''खिलाड़ियों की सूची कमोबेश वही है जिसकी सिफारिश आईओए (भारतीय ओलंपिक संघ) ने की थी। कुछ खिलाड़ियों के नाम को डोपिंग उल्लंघन के कारण हटा दिया गया है, जैसा कि पहले से दर्ज हो चुका है। हालांकि, कुछ और खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है जिसके लिए हम एशियाई ओलंपिक परिषद की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। '' एथलेटिक्स टीम में 35 पुरुष और 38 महिलाएं हैं। इसमें दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा, लंबी कूद खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर, लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह, डेकाथलॉन खिलाड़ी तेजस्विन शंकर और 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी समेत कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। निशानेबाजी टीम की अगुवाई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पिस्टल निशानेबाज मनु भाकर कर रही हैं। उनके अलावा शानदार फॉर्म में चल रहीं युवा निशानेबाज सु्रुचि सिंह (पिस्टल), एलावेनिल वलारिवन (राइफल) और ईशा सिंह (पिस्टल) भी टीम में हैं। 30 सदस्यीय इस टीम में 15 पुरुष और 15 महिला निशानेबाज हैं। भारोत्तोलन टीम में मीराबाई चानू (49 किग्रा) और ज्ञानेश्वरी देवी (53 किग्रा) प्रमुख नाम हैं। हाल के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर सुर्खियों में आईं ज्ञानेश्वरी टीम का हिस्सा हैं। कुछ चयनित खिलाड़ियों के डोपिंग उल्लंघन के कारण भारोत्तोलन टीम को घटाकर पांच सदस्यीय करना पड़ा है। राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) इस टीम के एकमात्र पुरुष सदस्य हैं।बीस सदस्यीय बैडमिंटन टीम में पी वी सिंधू, आयुष शेट्टी और लक्ष्य सेन जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं। शनिवार को यहां विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक जीतने वाली गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली की महिला युगल जोड़ी के अलावा सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल को भी टीम में जगह मिली है। मुक्केबाजी टीम में 11 खिलाड़ी हैं जिनमें हाल में हुए राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), नरेन्द्र बेरवाल (+90 किग्रा) और जादूमणि सिंह (55 किग्रा) शामिल हैं। ई-स्पोर्ट प्रतियोगिता के लिए 15 खिलाड़ियों के नाम मंजूर किए गए हैं जबकि 22 नौकाचालक भी आइची-नागोया में होने वाले इन खेलों के लिए यात्रा करेंगे। रग्बी प्रतियोगिता में भारत केवल महिला टीम उतारेगा जिसमें 13 खिलाड़ी हैं। वॉलीबॉल स्पर्धा में देश की ओर से केवल 12 सदस्यीय पुरुष टीम हिस्सा लेगी। सेपकटकरॉ (दक्षिण पूर्व एशियाई खेल जो वॉलीबॉल, फुटबॉल और जिम्नास्टिक का मिश्रण है) के लिए 21 खिलाड़ियों को मंजूरी दी गई है। सूची में क्रिकेट की पुरुष और महिला टीम के लिए 30 खिलाड़ी हैं। पूरी क्षमता वाली कबड्डी टीम (12 पुरुष और 12 महिला) पिछले चरण में जीते गए दोनों स्वर्ण पदकों का बचाव करने के लिए मैदान में उतरेंगी। सात सदस्यीय टेनिस टीम में सुमित नागल एकमात्र पुरुष एकल खिलाड़ी हैं।इन खेलों में भारत की ओर से 16 पहलवान चुनौती पेश करेंगे। इनमें विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अंतिम पंघाल (53 किग्रा) और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत (57 किग्रा) भी शामिल हैं।
-
कोलंबो. लगातार खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और 'बाहरी शोर' से बेपरवाह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए ट्रॉफियां जीतने पर है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ करना उनके कार्यकाल में एक सकारात्मक पहलू रहा है। रविवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से एक दिन पहले गंभीर से जब उनकी आलोचनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं सिर्फ इसी में विश्वास करता हूं और इसी की परवाह करता हूं। यही मेरे और बाकी लोगों के बीच अंतर है। मुझे विचारों या 'लाइक्स' की चिंता नहीं है।'' चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ अपनी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और सही फैसले लेने पर रहता है। उन्होंने कहा, "काश मैं आपको मुख्य कोच और चयन समिति के अध्यक्ष के बीच हुई बातचीत के बारे में बता पाता। यह बातचीत सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि क्रिकेट में हम आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और खेल की बेहतरी के लिए कौन से सही फैसले किए जाने चाहिए। इसलिए फिलहाल हमारी चर्चा पूरी तरह क्रिकेट और भविष्य में खेल को लेकर हमारी सोच तक सीमित है।" गंभीर ने यह स्वीकार किया कि खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के मुद्दे पर टीम प्रबंधन के शीर्ष स्तर पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा, "इस श्रृंखला में भी हम कई खिलाड़ियों की सेवाओं से वंचित रहे हैं। इस मामले पर कुछ चर्चा हुई है। यह सिर्फ बीसीसीआई की बात नहीं है, बल्कि समग्र रूप से हमारी कोशिश यही है कि हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट खेलें। इससे टीम में निरंतरता बनी रहेगी और हम अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को नियमित रूप से सही दिशा में आगे बढ़ा सकेंगे।" भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश हैं। हालांकि, गंभीर ने रैंकिंग को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने संतोषजनक टेस्ट क्रिकेट खेला है। मुझे लगता है कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि प्रेस बॉक्स और कमेंट्री बॉक्स में बैठे लोग भी जानते हैं कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। इस दौरान उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। लेकिन हमें यह पता है कि हमें किन क्षेत्रों में सही दिशा में आगे बढ़ना है।" दूसरे टेस्ट के लिए भारत अपने सफल टीम संयोजन को बरकरार रखेगा या नहीं, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने हालांकि दबाव में चल रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ''हम ऐसी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकाई उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके।'' गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें कम ओवर दिए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि यह कप्तान शुभमन गिल का अधिकार है। उन्होंने कहा, "कुलदीप एक अच्छे गेंदबाज हैं और कभी-कभी यह कप्तान पर भी निर्भर करता है।" गंभीर ने कहा कि जब टीम पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरती है तो किसी एक गेंदबाज को अपेक्षाकृत कम गेंदबाजी मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि गेंदबाज अपना काम नहीं कर रहा था, बल्कि परिस्थितियों के हिसाब से किस गेंदबाज का सबसे प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, यह फैसला कप्तान और टीम प्रबंधन का होता है। उन्होंने कुलदीप का समर्थन करते हुए कहा, "लंबे समय से हम देख रहे हैं कि कुलदीप सही दिशा में काम कर रहे हैं। हम जानते हैं कि अनुकूल परिस्थितियों में वह कितने सफल और प्रभावी साबित हो सकते हैं।" भारत के इस पूर्व सालमी बल्लेबाज ने संकेत दिया कि दूसरे टेस्ट में भी भारत पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों की रणनीति पर कायम रह सकता है। गंभीर ने कहा, "अगर विकेट बेहद सपाट है तो गेंदबाजों को कड़ी मेहनत करनी होगी, शायद उससे भी ज्यादा, क्योंकि जैसा मैंने कहा, आपको 20 विकेट लेने होंगे। अगर विकेट सपाट है तो हमारे पास आखिरकार एक ही समाधान है—पांच विशेषज्ञ गेंदबाज।" उन्होंने बताया कि पांच विशेषज्ञ गेंदबाज होने से कप्तान के लिए मैच के दौरान गेंदबाजों का बेहतर तरीके से रोटेशन करना आसान हो जाता है। गंभीर ने कहा, ''जब आपके पास पांच विशेषज्ञ गेंदबाज होते हैं तो आप उनका बेहतर तरीके से इस्तेमाल और रोटेशन कर सकते हैं। हमने पिछले टेस्ट में भी यही देखा। भले ही कुलदीप ने ज्यादा गेंदबाजी नहीं की, लेकिन हमारे पास पांच ऐसे विशेषज्ञ गेंदबाज थे, जो किसी भी समय विकेट दिला सकते थे।'' गंभीर ने पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायकों मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भी जमकर सराहना की। पडिक्क्ल ने मैच में 211 रन बनाए, जबकि सुथार ने गेंद से 10 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। गंभीर ने कहा, "क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। हमें अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मौके देने चाहिए। फैसला एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए।''
-
लुसाने. भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा। यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था। दरअसल चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने तब पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था। लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। चोपड़ा ने हालांकि दूसरे स्थान पर रहकर डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को मजबूती प्रदान की। वह साल के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में सातवें स्थान से आगे बढ़कर शीर्ष पांच में पहुंच गए हैं। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 78.13 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे, जबकि तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के जैकब वाडलेज ने 77.32 मीटर के साथ सातवां स्थान हासिल किया। चोपड़ा ने बाद में कहा कि शीर्ष स्थान के लिए उनके और पथिरागे के बीच कड़ी टक्कर थी।
उन्होंने कहा, ''मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि यह केवल नौ सेंटीमीटर का अंतर था। यह बहुत कम अंतर था, लेकिन मैं 88 मीटर के थ्रो से खुश हूं। सच कहूं तो, मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मेरा थ्रो 88 मीटर तक गया। मैं बहुत सहज महसूस कर रहा था। मैंने बहुत मेहनत की और बाद में अपनी तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया।'' चोपड़ा ने कहा, ''प्रत्येक प्रतियोगिता के बाद मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर रहा हूं। लुसाने और ज्यूरिख में मौजूद दर्शक एथलेटिक्स को समझते हैं और वास्तव में आपका समर्थन करते हैं, इसलिए यहां प्रतिस्पर्धा करना हमेशा अच्छा लगता है।'' चोपड़ा की चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की संभावना बढ़ गई है। इस प्रतियोगिता में रैंकिंग में शीर्ष छह पर रहने वाले खिलाड़ी भाग लेंगे। पथिरागे और पीटर्स पहले ही इसके के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। अभी एक और डायमंड लीग प्रतियोगिता 27 अगस्त को ज्यूरिख में होनी है। चोपड़ा ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता था जबकि 2023, 2024 और 2025 में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। दक्षिण एशिया के दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबला उम्मीदों पर खरा उतरा, जब चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का भाला फेंककर पथिरागे को पीछे छोड़ते हुए कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया। श्रीलंकाई खिलाड़ी ने हालांकि तुरंत ही तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का भाला फेंककर फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर दिया। यह लगातार तीसरा अवसर था जब 23 वर्षीय पथिरागे ने इस साल दो बार के ओलंपिक पदक विजेता चोपड़ा को हराया। इससे पहले उन्होंने दोहा डायमंड लीग और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सुपरस्टार को पीछे छोड़ा था। पथिरागे ने इन दोनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी, जबकि चोपड़ा क्रमशः चौथे और दूसरे स्थान पर रहे थे। चोपड़ा ने 83.54 मीटर के थ्रो से शुरुआत की और फिर 88.05 मीटर का शानदार थ्रो किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 83.72 मीटर का थ्रो किया। चौथे प्रयास में उन्हें 'नो मार्क' मिला। उन्होंने पांचवा प्रयास नहीं लिया जबकि अपने छठे और अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर की दूरी तय की। -
ब्रातिस्लावा (स्लोवाकिया). मानसी लाथेर ने यहां चल रही अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता जबकि तन्वी मगदुम और कोमल ने कांस्य पदक हासिल किए। मानसी को 68 किलोग्राम वर्ग के स्वर्ण पदक मुकाबले में चीन की चेनलिंग सोंग के हाथों 1-2 से करीबी हार का सामना करना पड़ा। तन्वी ने 57 किलोग्राम वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में कनाडा की एग्निया क्राकोव्स्का को 10-4 से हराया, जबकि कोमल ने 59 किलोग्राम वर्ग में हंगरी की एडा बालाज़ पर 5-2 की शानदार जीत दर्ज कर कांस्य पदक जीता।
-
नई दिल्ली। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तारीखों में बदलाव करने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से बातचीत कर रहा है।तय कार्यक्रम के अनुसार, सीरीज के तीनों टी20 मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में क्रमशः 13, 15 और 17 सितंबर को खेले जाने हैं। हालांकि, एसीबी इन मैचों को क्रमशः 11, 13 और 14 सितंबर को कराने पर विचार कर रहा है। यह कदम स्टेडियम में दर्शकों की संख्या और टीवी पर मैच देखने वालों की संख्या बढ़ाने के मकसद से उठाया जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है।
अफगानिस्तान पुरुषों की द्विपक्षीय टी20 इंटरनेशनल सीरीज में भारत की मेजबानी करेगा। हालांकि, इस बार मैच का स्थान भारत की राजधानी दिल्ली है। आईटीडब्ल्यू यूनिवर्स के सह-संस्थापक भैरव शांत ने बताया, “एसीबी ने यह प्रस्ताव रखा है और बीसीसीआई के साथ बातचीत कर रहा है। हमें सोमवार तक औपचारिक मंजूरी मिल जानी चाहिए। तीन मैचों में से एक मैच 14 तारीख को होने की पूरी संभावना है। बाकी शेड्यूल डीडीसीए, बीसीसीआई और एसीबी के बीच प्लानिंग और संचालन पर निर्भर करेगा। जब अंतिम संशोधित शेड्यूल आ जाएगा, तो हम आधिकारिक तौर पर जानकारी देंगे, क्योंकि बातचीत अभी भी चल रही है।”दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें प्रस्तावित बदलावों के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी, वहीं बीसीसीआई ने पुष्टि की कि शेड्यूल में बदलाव के बारे में कोई भी अंतिम निर्णय एसीबी को ही लेना है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, “यह फैसला अफगानिस्तान का है, हमारा नहीं। वे मैचों की मेजबानी कर रहे हैं क्योंकि उनके देश में अभी अंतरराष्ट्रीय मैच कराने के लिए कोई मैदान नहीं है। इसीलिए वे इस सीरीज की मेजबानी करने के लिए भारत आए हैं।” -
नई दिल्ली। एफआईएच मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के अपने आखिरी लीग मैच में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से मात देकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस शानदार जीत पर खुशी जताते हुए कहा है कि टीम ने दशकों से चले आ रहे भारत के दबदबे को बनाए रखा।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अगले राउंड में अपनी जगह बना ली है। वहीं, हार के साथ पाकिस्तान का विश्व कप में सफर समाप्त हो गया है। पिछले दशक में भारत का अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर दबदबा रहा है और 2016 से सीनियर और जूनियर स्तर पर खेले गए सभी मुकाबलों में भारत ने उन्हें हराया है।भारत की शानदार जीत पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने टीम को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के मैच में पाकिस्तान को हराने पर टीम इंडिया को बधाई। खेल पर शानदार पकड़ और बेहतरीन खेल कौशल के साथ, आपने दशकों से चले आ रहे भारत के दबदबे को बनाए रखा है। मेरी तरफ से आगामी मैचों के लिए शुभकामनाएं।”बुधवार को एमस्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने 2-2 गोल किए। हरमनप्रीत ने 5वें और 21वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर से गोल किए, जबकि अभिषेक ने 11वें और 24वें मिनट में फील्ड गोल किए। पाकिस्तान के लिए हनान शाहिद ने दो और सुफियान खान ने एक गोल करके अंतर कम किया। हार्दिक सिंह ने भारत के लिए पांचवां गोल किया। भारत ने संयम के साथ मैच के आखिरी पल खेले और 5-3 से जीत हासिल की। इस नतीजे से भारत पूल-डी में दूसरे स्थान पर रहा और सेमीफाइनल में जगह बनाने की दौड़ में मजबूती से बना रहा, जबकि इंग्लैंड पूल विनर के तौर पर आगे बढ़ा और पाकिस्तान तथा वेल्स क्लासिफिकेशन चरण में पहुंच गए। -
मुंबई. भारतीय अंडर-11 बालिका टीम ने बुधवार को सिंगापुर में आयोजित आसियान शतरंज चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। टीम में आंध्र प्रदेश की वरेण्या लक्ष्मी वाका और अलिगिरी अमृथा हेमल के अलावा मुंबई की माया सिद्धार्थ नरूला शामिल थीं। भारतीय टीम ने कुल 14.5 अंक हासिल किए। इस चैंपियनशिप में 27 देशों के 700 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जिससे यह क्षेत्र की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिताओं में शामिल हो गई। वियतनाम ने 19.5 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि सिंगापुर ने 14.5 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। भारत और सिंगापुर के अंक बराबर थे, लेकिन टूर्नामेंट के टाई-ब्रेक नियमों के आधार पर भारतीय टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
-
नयी दिल्ली. भारत बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला जीतने में सफल रहा, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह का मानना है कि एफआईएच विश्व कप के अहम दौर में पहुंचने से पहले टीम को डिफेंस की कमजोरियों को सुधारना होगा। भारत ने इस जीत के साथ पाकिस्तान के खिलाफ पिछले एक दशक से चले आ रहे अपने जीत के सिलसिले को जारी रखा। हालांकि हरमनप्रीत ने जीत के बावजूद शीर्ष टीम के खिलाफ होने वाले अगले दौर के मुकाबलों से पहले टीम की कुछ कमजोरियों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने मैच के बाद कहा, ''कुछ मौके गंवाना सामान्य है, लेकिन हम डिफेंस में कोई गलती नहीं कर सकते। '' भारतीय कप्तान विशेष रूप से इस बात से चिंतित दिखे कि टीम ने गेंद पर कब्जा बनाए रखने में गलतियां कीं। उन्होंने कहा, ''अगर आप 25 मीटर के पास गेंद हासिल करते हैं तो हमें इस पर कब्जा बनाए रखना चाहिए। हम कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर रहे हैं, जिन्हें टाला जा सकता है। पिछले दो मैच में हमने तीसरे क्वार्टर में धीमी शुरुआत से बचने की बात की थी, लेकिन आज भी हमने वही गलती की। अगले मैच के लिए यह हमारे लिए अच्छी सीख है। '' हरमनप्रीत ने खुद आगे बढ़कर टीम की अगुवाई की और पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किए।
हालांकि कप्तान ने टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलू भी देखे। उन्होंने खास तौर पर आक्रमण, गेंद पर नियंत्रण और पासिंग की तारीफ की। उन्होंने कहा, ''अगर आप हमारे सर्कल में प्रवेश, गेंद पर कब्जा, बनाए गए मौकों और पासिंग को देखें तो प्रदर्शन अच्छा था। मैं टीम के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। '' मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन भी दबाव भरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से संतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी पूरे मैच में टीम की रणनीति पर कायम रहे। फुल्टोन ने कहा, ''यह बड़ा मुकाबला था और बड़ा मौका भी। हर कोई अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहा था। मुझे खुशी है कि हम अपनी योजना पर कायम रहे। टीम के प्रदर्शन से मैं खुश हूं। '' दो गोल करने वाले अभिषेक ने कहा कि पाकिस्तान की वापसी के बावजूद भारतीय टीम में किसी तरह की घबराहट नहीं थी। उन्होंने कहा, ''कोई घबराहट नहीं थी। हम अपनी योजना के अनुसार खेले और सफल रहे। हमें पता था कि हम किसी भी समय ढिलाई नहीं बरत सकते। '' पाकिस्तान के सूफियान खान ने भी माना कि उनकी टीम की गलतियां भारत के खिलाफ भारी पड़ीं। उन्होंने कहा, ''हमने कई गलतियां कीं और हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। भारत बहुत अच्छी टीम है। उम्मीद है कि हम इससे सीखेंगे और अगले महीने एशियाई खेलों में ज्यादा मजबूत होकर वापसी करेंगे। -
नयी दिल्ली/ अनुभवी कोच परवीर सिंह ने सीमा पूनिया को 2006 राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक दिलाने से लेकर 2022 एशियाई खेलों में अपने शिष्य तेजिंदरपाल सिंह तूर और अन्नू रानी के स्वर्ण पदक तक पिछले 25 वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स में हुई तरक्की को करीब से देखा है। प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चुने गए सिंह एशियाई क्षेत्र में कोच प्रशिक्षक भी हैं और कोचिंग में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर चुके हैं। वह फिलहाल विश्व एथलेटिक्स लेवल-3 लेक्चरर हैं और फिलीपींस, इंडोनेशिया, थाईलैंड तथा भूटान सहित कई देशों के कोच को प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने 2021 में पटियाला स्थित पंजाबी विश्वविद्यालय के खेल कोचिंग विभाग से पीएचडी की उपाधि हासिल की। वह वर्तमान में एनआईएस पटियाला में भारतीय एथलेटिक्स के उप मुख्य कोच हैं।
सिंह ने कहा, ''मैं 2001 से भारतीय एथलेटिक्स टीम से जुड़ा हूं और देश के कुछ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया है। सही मायने में मेरा द्रोणाचार्य पुरस्कार इतने वर्षों तक मेरे शिष्यों की प्रतिबद्धता का नतीजा है। सीमा पूनिया, हरवंत कौर, कृष्णा पूनिया और हाल में तेजिंदर तूर, अन्नू रानी के अलावा कई अन्य खिलाड़ियों ने इसमें योगदान दिया है। '' उन्होंने कहा, ''भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने मुझे भारतीय एथलेटिक्स के विकास में योगदान देने का मंच दिया। मुझे खुशी है कि मेरे काम को पहचान मिली। मैं सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं क्योंकि यह सामूहिक प्रयास है। यह सिर्फ मेरा प्रयास नहीं है। '' सिंह के मार्गदर्शन में चक्का फेंक खिलाड़ी सीमा पूनिया ने 2006 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर अपने चार राष्ट्रमंडल खेल पदकों में से पहला पदक हासिल किया था। दिल्ली में 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में हरवंत कौर ने रजत पदक जीता था और उस समय वह सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही थीं।
कृष्णा पूनिया भी 2010 राष्ट्रमंडल खेलों से कुछ वर्ष पहले सिंह के साथ प्रशिक्षण ले चुकी थीं। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं की चक्का फेंक स्पर्धा में भारत के पहले, दूसरे और तीसने स्थान के क्लीन स्वीप में स्वर्ण पदक जीता था। बाद में सिंह को चक्का फेंक से हटाकर गोला फेंक और भाला फेंक का कोच बनाया गया। उनके मार्गदर्शन में तेजिंदरपाल सिंह तूर और अन्नू रानी ने 2022 एशियाई खेलों में क्रमश: गोला फेंक और भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीते। सिंह ने कहा, ''हांगझोउ में तेजिंदर तूर और अन्नू का गोला फेंक और भाला फेंक में एक-एक स्वर्ण जीतना बहुत संतोषजनक पल था। यह कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और समर्पण का नतीजा है। '' सिंह 2022 से 2025 तक तेजिंदर तूर के साथ रहे। अन्नू भी 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने के समय सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही थीं। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने सिंह को 2025 का सर्वश्रेष्ठ कोच चुना था। वह फिलहाल एनआईएस पटियाला में भाला फेंक खिलाड़ियों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनमें रोहित यादव भी शामिल हैं जिन्होंने जून में 87.05 मीटर के प्रयास के साथ इस सत्र का देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। -
एम्सटेलवीन (नीदरलैंड). भारतीय टीम ने बुधवार को यहां अपने पूल के अंतिम मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5-3 से हराकर एफआईएच विश्व कप के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह (चौथे और 21वें मिनट) और अभिषेक (11वें और 24वें मिनट) ने दो दो गोल जबकि हार्दिक सिंह ने 35वें मिनट में एक गोल किया। पाकिस्तान के लिए हन्नान शाहिद (22वें और 46वें मिनट) ने दो गोल और सूफयान खान ने 24वें मिनट में एक गोल किया।
-
मुंबई. किसी भी तरह की आलोचना पर गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन रविचंद्रन अश्विन ने संजय मांजरेकर की उनकी गेंदबाजी को लेकर की गई कड़ी टिप्पणियों को सकारात्मक रूप से लिया और उनसे सीख लेकर अपने खेल में सुधार किया। क्रिकेट पर अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए मशहूर पूर्व भारतीय बल्लेबाज मांजरेकर ने अपने एक कॉलम में अश्विन के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने यह आलोचना तब की थी जब अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया में 2011-12 में खेली गई श्रृंखला के तीन टेस्ट मैचों में बेहद खराब औसत (62 रन प्रति विकेट) से सिर्फ नौ विकेट लिए थे। भारत वह श्रृंखला 0-4 से हार गया था। अश्विन ने 'जियो हॉटस्टार' से कहा, ''ऑस्ट्रेलिया के मेरे पहले दौरे के बाद संजय मांजरेकर ने एक लंबा कॉलम लिखा। जब मैं स्वदेश लौट रहा था तो मैंने पूरा कॉलम पढ़ा और उसे पढ़कर मुझे बहुत गुस्सा आया। मुझे सच में बुरा लगा। गुस्सा तो बस स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी, लेकिन मुझे बहुत बुरा लगा। लेकिन उसके बाद मैं फ्लाइट में सो गया और उस बात को भुला दिया। तब मैं संजय से ज्यादा बात नहीं करता था।'' लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि मांजरेकर के विश्लेषण को सही भावना से लेना चाहिए और वह अपनी गेंदबाजी और फिटनेस पर काम कर सकते हैं। अश्विन ने कहा, ''घर लौटने के बाद मैंने अगले चार साल तक बहुत मेहनत की। मैं कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं था। मैंने बहुत मेहनत की। संजय ने 2015 में एक और लेख लिखा जिसमें कहा गया कि मैं अब बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं और वह चाहते हैं कि मैं इसी तरह प्रदर्शन करता रहूं।'' उन्होंने कहा, ''फिर मैंने उनका नंबर मांगा और उन्हें मैसेज किया कि 'मुझे उस समय बुरा लगा था, लेकिन आपके कॉलम ने मेरे लिए गुरु का काम किया।' उसने मेरी जिंदगी बदल दी, क्योंकि उनकी बातों में दम था। इसलिए अगर कभी मेरी आलोचना होती है, तो मैं बस यही सोचता हूं कि क्या मुझे उससे कुछ सीखने को मिल सकता है। अगर मुझे लगता है कि उससे कुछ सीखा जा सकता है, तो मैं उसे आत्मसात कर लेता हूं।
-
-वर्ष 2025 के लिए किसी भी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं
नयी दिल्ली. खेल मंत्रालय ने मंगलवार को वर्ष 2025 के लिए किसी भी खिलाड़ी को प्रतिष्ठित ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया जबकि 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना। इन पुरस्कारों के लिए छह महीने पहले सिफारिश की गई थी जिनका खेल मंत्रालय ने मूल्यांकन किया और किसी भी खिलाड़ी को खेल रत्न पुरस्कार नहीं देने का फैसला लिया। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने हॉकी स्टार हार्दिक सिंह को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार के लिए नामित किया था लेकिन आखिर में वह दौड़ से बाहर हो गए। इससे पहले, 2014 में भी खेल रत्न पुरस्कार नहीं दिया गया था। विश्व कप विजेता शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, डेकाथलॉन और ऊंची कूद के एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद उन 17 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें मंगलवार को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया। अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित खिलाड़ियों में ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती, गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ीदार त्रीसा जॉली, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मुक्केबाज नरेंद्र और युवा बधिर राइफल निशानेबाज धनुष श्रीकांत भी शामिल हैं। एशियाई खेल 1962 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे फुटबॉलर आई अरुमैनायगम को आजीवन उपलब्धि के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया गया है। इस वर्ष चयन समिति ने अर्जुन पुरस्कार के लिए 24 नामों की सिफारिश की थी, लेकिन मंत्रालय ने केवल 17 नामों को ही मंजूरी दी। पुरस्कारों की घोषणा करने में बहुत देरी हुई। खेल मंत्रालय ने योग के खिलाड़ियों को ही सम्मानित करने के उद्देश्य से पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई। शतरंज खिलाड़ी 19 वर्षीय देशमुख विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। विदित गुजराती 2024 शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। एशियाई खेल 2023 में डेकाथलॉन में ऐतिहासिक रजत पदक और पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल करने वाले तेजस्विन शंकर ने घुटने की समस्या से जूझने के बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में एक कांस्य पदक जीता। वह उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने पुरस्कारों की घोषणा में देरी की आलोचना करते हुए इसे खिलाड़ियों के प्रति अनादरपूर्ण बताया। वर्ष 2024 में रिकॉर्ड 32 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिनमें से 17 पैरा-स्पोर्ट्स से थे। इस बार पैरा-स्पोर्ट्स से केवल दो नाम ही अंतिम सूची में शामिल हो पाए। पैरा विश्व चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पैरा क्लब की थ्रोअर एकता भ्याण और पैरा विश्व कप 2024 के स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज रुद्रंश खंडेलवाल को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। हालांकि, इस सूची में किसी भी क्रिकेटर का नाम नहीं है। मोहम्मद शमी को 2023 में अर्जुन पुरस्कार दिए जाने के बाद कोई भी क्रिकेटर इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया है। मंत्रालय ने तीन द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित किए हैं।
देश का सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न में एक पदक, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है, जबकि अर्जुन पुरस्कार विजेता को 15 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। पिछले साल खेल रत्न पुरस्कार चार खिलाड़ियों को दिया गया था। इनमें विश्व चैंपियन शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश, पुरुष हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह, पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार और निशानेबाज मनु भाकर शामिल थे। ये पुरस्कार परंपरागत रूप से हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में प्रदान किए जाते हैं, जो भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती भी है। लेकिन अब इसकी कोई तिथि निश्चित नहीं है। इस वर्ष पुरस्कार चयनसमिति में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम एम सोमैया भी शामिल थे। अर्जुन पुरस्कार: तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स), प्रियंका गोस्वामी (एथलेटिक्स), नरेंद्र (मुक्केबाजी), विदित गुजराती (शतरंज), दिव्या देशमुख (शतरंज), धनुष श्रीकांत (बधिर शूटिंग), राजकुमार पाल (हॉकी), सुरजीत (कबड्डी), रुद्रांश खंडेलवाल (पैरा-शूटिंग), एकता भ्याण (पैरा-एथलेटिक्स), अरविंद सिंह (रोइंग), अखिल श्योराण (शूटिंग), त्रीसा जॉली (बैडमिंटन), गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन), लालरेम्सियामी (हॉकी), मुहम्मद अजमल (एथलेटिक्स), पूजा (कबड्डी)। अर्जुन पुरस्कार (जीवनपर्यंत): श्री आई अरुमैनायगम (फुटबॉल)
द्रोणाचार्य पुरस्कार: परवीर सिंह, छोटे लाल यादव, नेहा चव्हाण
द्रोणाचार्य पुरस्कार (जीवनपर्यंत): धर्मेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार।
- -
एम्सटेलवीन . ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को ड्रॉ पर रोकने के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय महिला हॉकी टीम अब मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करके पूल में शीर्ष दो में रहने का दावा ठोकने के इरादे से उतरेगी । पूल डी में इस समय दक्षिण अफ्रीका पर 4-0 से मिली जीत के बाद इंग्लैंड शीर्ष पर है जबकि चीन और भारत दूसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे स्थान पर है ।पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी और विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत के लिये 18वीं रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका की चुनौती कठिन नहीं है लेकिन कोच शोर्ड मारिन की टीम का लक्ष्य अब बड़े अंतर से जीत दर्ज करने का होगा । विश्व कप के बदले प्रारूप में इस बार हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर का पूल चरण खेलेंगी जिसमें आठ टीमें होंगी । इस चरण में चार चार टीमों के दो पूल होंगे लेकिन टीमें तीन नहीं बल्कि दो दो मैच खेलेंगी । यानी अगर भारत और चीन दोनों अगले दौर में जाते हैं तो उनका एक दूसरे से सामना नहीं होगा और पहले पूल चरण के एक एक अंक आगे जायेंगे और भारत की संभावनाओं के लिये चीन के खिलाफ ड्रॉ काफी महत्वपूर्ण था । कोच मारिन ने कहा ,'' यह मैच सबसे अहम था और इसे ड्रॅा कराने के बाद अब हमें अपने बाकी मैचों में अपने खेल पर फोकस रखने की सहूलियत मिल गई है । हमें दूसरी टीमों के समीकरणों के बारे में नहीं सोचना है लेकिन आत्ममुग्धता से बचते हुए आगे के मैचों में भी यह लय कायम रखनी है ।
विश्व कप क्वालीफायर में प्लेयर आफ द टूर्नामेंट रही नवनीत कौर ने उस लय को कायम रखा है जो भारत के लिये अच्छा संकेत हैं । वहीं स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने पहले मैच में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करने के अलावा उसे हासिल भी किया । सुनेलिटा टोप्पो, इशिका, शिल्पी डबास समेत विश्व कप में पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों ने भी बड़ी टीम से खेलने का दबाव लिये बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया जो अच्छा संकेत है । कोच मारिन ने हालांकि कहा कि भारत को गेंद हासिल करने और अपने पास रखने पर काम करना होगा ।
पहले क्वार्टर में गेंद पर पूरी तरह से कब्जा करने वाली भारतीय टीम हाफटाइम तक 2-1 से बढत बनाने के बाद ढीली पड़ गई और तीसरे क्वार्टर में रक्षात्मक हॉकी खेलती नजर आई जिसका फायदा उठाकर चीन ने बराबरी का गोल दाग दिया । मारिन ने कहा ,'' हमने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया और फील्ड गोल भी दागा लेकिन तीसरे क्वार्टर के खेल से मैं खुश नहीं हूं । हमें गेंद को हासिल करने और उस पर कब्जा बनाये रखने पर काम करना होगा । पहले मैच के ड्रॉ के बाद टीम ने राहत महसूस की होगी और आगे प्रदर्शन मैच दर मैच बेहतर होता जायेगा ।'' विश्व कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में पहले विश्व कप में रहा है जब अजिंदर कौर की कप्तानी में वह चौथे स्थान पर रही थी । तोक्यो ओलंपिक 2020 में मारिन के कोच रहते ही भारतीय महिला टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था और अब विश्व कप में भी उस प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीदें बढ गई है । -
मुंबई. भारत ने एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में शानदार शुरुआत करते हुए सोमवार को यहां ओपन और बालिका ब्लिट्ज वर्ग में क्रमश: विग्नेश वर्मुला और सारण्या देवी के खिताब के साथ दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वर्मुला ने टूर्नामेंट में 23वीं वरीयता के साथ शुरुआत की थी लेकिन पूरी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। वह शर्नार्थी वीरेश और नंदीश वी एस के साथ समान अंक पर रहे लेकिन बेहतर टाईब्रेक स्कोर के आधार पर खिताब अपने नाम किया। अक्षय बोरगांवकर और माधवेंद्र प्रताप शर्मा क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
नौवीं वरीयता प्राप्त सारण्या ने अपनी सटीक रणनीतिक चालों से प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए बालिका वर्ग का खिताब जीता। प्रिशिता गुप्ता और शनमति श्री क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। शीर्ष वरीयता प्राप्त तुर्कमेनिस्तान की शोहरादोवा लाला चौथे स्थान पर रहीं। ओपन चैंपियनशिप में कजाखस्तान के अखिलबे इमांगली छठे स्थान के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले विदेशी खिलाड़ी रहे जबकि तुर्कमेनिस्तान के शागेल्दी कुर्बानदुर्दियेव नौवें स्थान पर रहे। भारत के अंतरराष्ट्रीय मास्टर मयंक चक्रवर्ती ने 13वां स्थान हासिल किया। - पोर्टलैंड (अमेरिका). भारत की मध्यम एवं लंबी दूरी की धाविका अंकिता ध्यानी ने अमेरिका में आयोजित 'स्टम्पटाउन ट्वाइलाइट' प्रतियोगिता में महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चौबीस वर्षीय अंकिता ने शनिवार को विश्व एथलेटिक्स 'कॉन्टिनेंटल टूर' चैलेंजर स्तर (कैटेगरी-डी) की इस प्रतियोगिता में चार मिनट 06.75 सेकंड का समय निकाला। उन्होंने अपने पिछले व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में पांच सेकंड से अधिक का सुधार किया। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ समय चार मिनट 12.28 सेकंड था। अंकिता का यह प्रदर्शन इस सत्र में 1500 मीटर में किसी भारतीय का सबसे तेज समय है।यह एशिया में इस सत्र का तीसरा सबसे तेज समय है। भारतीय धाविकाओं में यह अब तक का चौथा सबसे तेज प्रदर्शन भी है। इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड केएम दीक्षा के नाम है, जिन्होंने चार मिनट 04.78 सेकंड का समय दर्ज किया है। इक्वाडोर की कारमेन एल्डर कैसालिटिन ने चार मिनट 06.40 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि अमेरिका की एलेनोर फुल्टन 4:09.36 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। अंकिता ने 2023 एशियाई चैंपियनशिप में 5000 मीटर में कांस्य पदक और 2024 एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में 3000 मीटर में रजत पदक जीता था। वह 2022 एशियाई खेलों और 2024 पेरिस ओलंपिक में भी 5000 मीटर दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
-
एम्सटेलवीन. भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को यहां एफआईएच विश्व कप में पूल डी के अपने पहले मैच में पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता और दूसरी रैंकिंग पर काबिज चीन से 2-2 से ड्रॉ खेला। कोच शोर्ड मारिन की टीम के लिए नवनीत कौर ने आठवें मिनट में मैदानी गोल दागा और स्कोर 1-0 कर दिया।
चीन ने हालांकि पहले क्वार्टर के अंतिम सेकेंड में झांग यिंग के पेनल्टी स्ट्रोक पर किए गोल से स्कोर 1-1 से बराबरी पर ला दिया। नौवीं रैंकिंग पर काबिज भारतीय टीम के लिए दूसरा गोल 25वें मिनट में दीपका ने पेनल्टी कॉर्नर पर दागा और टीम को 2-1 से आगे कर दिया। पर चीन में तीसरे क्वार्टर में दबदबा बनाते हुए स्कोर 2-2 कर दिया जब मा निंग ने टीम के पहले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। -
नई दिल्ली। श्रीलंका ने दुबई में होने वाले आगामी एशिया कप के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। मौजूदा चैंपियन श्रीलंका की नजरें इस बार भी खिताब बचाने पर होंगी।चमारी अटापट्टू टीम की कप्तान बनी रहेंगी, जबकि हर्षिता माधवी उपकप्तान की भूमिका निभाएंगी।दाएं हाथ की तेज गेंदबाज मिथाली अयोध्या की टीम में वापसी हुई है। 2026 महिला टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम में जगह मिली है। अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाली अयोध्या ने विश्व कप में चार विकेट लिए थे और वह श्रीलंका की दूसरी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रही थीं।
लेग स्पिनर और ऑलराउंडर देवमी विहंगा को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। वह इससे पहले श्रीलंका के लिए 12 वनडे मैच खेल चुकी हैं।गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए चेथना विमुक्ति की भी टीम में वापसी हुई है।बल्लेबाजी में अटापट्टू और हर्षिता के साथ हसिनी परेरा, विश्मी गुणरत्ने और निलाक्षिका सिल्वा अहम भूमिका निभाएंगी।17 वर्षीय संजना कविंदी को भी टीम में जगह मिली है। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। वहीं, इमेशा दुलानी ने भी टीम में अपना स्थान बरकरार रखा है। पाकिस्तान के खिलाफ उसी सीरीज में वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में शतक लगाने वाली श्रीलंका की केवल दूसरी महिला बल्लेबाज बनी थीं।श्रीलंका को ग्रुप बी में बांग्लादेश, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ रखा गया है। मौजूदा चैंपियन श्रीलंका अपने अभियान की शुरुआत 29 अगस्त को यूएई के खिलाफ करेगी।एशिया कप के लिए श्रीलंका की टीम:चमारी अटापट्टू (कप्तान), मिथाली अयोध्या, कविशा दिलहारी, इमेशा दुलानी, विश्मी गुणरत्ने, काव्या कविंदी, संजना कविंदी, सुगंधिका कुमारी, कौशिनी नुथ्यांगना, हसिनी परेरा, चामुडी प्रबोधा, हर्षिता माधवी, निलाक्षिका सिल्वा, देवमी विहंगा और चेथना विमुक्ति।























