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नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर विदेशी धरती पर कमाल कर दिया। टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेला गया ऐतिहासिक टेस्ट मैच 270 रन से अपने नाम किया। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस उपलब्धि पर देश की बेटियों की सराहना की है।
लंदन में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड का खेमा 170 रन पर सिमट गया। भारत के पास 115 रन की बढ़त थी। अगली पारी 341/7 के स्कोर पर घोषित करने के साथ मेहमान टीम ने इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन का टारगेट दिया, जिसके जवाब में मेजबान टीम दूसरी पारी में सिर्फ 186 रन पर सिमट गई।केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “लॉर्ड्स में रचा इतिहास। हमारी महिला क्रिकेट टीम को इस मशहूर मैदान पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बनने पर बधाई। इंग्लैंड पर 270 रनों की शानदार जीत इस उपलब्धि को और भी खास बनाती है। इस मौके पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि यह शानदार जीत क्रिकेटरों की पीढ़ियों को प्रेरित करेगी और भारत में महिला क्रिकेट के विकास को और मजबूत करेगी।बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, “क्रिकेट के घर (लॉर्ड्स) में टेस्ट मैच जीतना किसी भी क्रिकेटर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। युवा भारतीय टीम के लिए, यह एक अहम पल है जो देश में महिला क्रिकेट की शानदार प्रगति और विश्व स्तर पर टीम के जज्बे, कौशल और चरित्र को दर्शाता है। यह जीत भारतीय क्रिकेट में एक और शानदार अध्याय जोड़ती है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम की बढ़ती अहमियत को मजबूत करती है। यह उन अनगिनत युवा लड़कियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है जो उच्चतम स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती हैं।”बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, “यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे बेहतरीन पलों में से एक है। लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतना बेहद खास है और यह उस साहस, अनुशासन और विश्वास को दर्शाता है जो इस टीम ने पूरे मुकाबले के दौरान दिखाया है। उन्होंने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया, जबरदस्त जज्बा दिखाया और पूरे देश को गौरवान्वित किया। मैं आईसीसी चेयरमैन जय शाह के बेहतरीन नेतृत्व की सराहना करना चाहता हूं, जिनकी महिला क्रिकेट के विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने ऐसी उपलब्धियों की नींव रखने में मदद की है। मैं बीसीसीआई की तरफ से हरमनप्रीत कौर, खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को इस अविस्मरणीय उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं।”बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “यह ऐतिहासिक जीत महिला क्रिकेट में बरसों के लगातार निवेश और भरोसे का नतीजा है। बीसीसीआई हमारी महिला क्रिकेटरों की सफलता के लिए सही माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है, जिसके लिए मजबूत घरेलू ढांचे, बेहतर मौकों और ज्यादा पेशेवर सहयोग पर ध्यान दिया गया है। मैं हमारे पूर्व सचिव और मौजूदा आईसीसी चेयरमैन जय शाह के दूरदर्शी नेतृत्व की भी सराहना करना चाहूंगा। उनकी अहम पहलों- जैसे कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाली महिला क्रिकेटरों के लिए समान वेतन, घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए बढ़ी हुई मैच फीस और विमेंस प्रीमियर लीग की शुरुआत ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है। लॉर्ड्स में आज मिली कामयाबी उन्हीं कोशिशों और सबसे बढ़कर, हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के असाधारण समर्पण और कड़ी मेहनत का नतीजा है।” - नयी दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए ऐतिहासिक एकमात्र टेस्ट में भारत की 270 रन की शानदार जीत का सबसे बड़ा कारण परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता को बताया। भारत ने सोमवार को लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट को यादगार बनाते हुए मेजबान इंग्लैंड को चारों दिन हर विभाग में पछाड़कर बड़ी जीत दर्ज की। बल्लेबाजी में शतक लगाने वाली यास्तिका भाटिया की अगुवाई में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों का बेहतर सामना किया, जबकि क्रांति गौड़ की अगुवाई वाली तेज गेंदबाजी इकाई ने मेजबान टीम की तुलना में पिच से ज्यादा मदद हासिल की।यास्तिका और क्रांति दोनों ने लॉर्ड्स 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराया। मिताली ने कहा, ''यह ऐतिहासिक जीत है और लॉर्ड्स में भारत का पहला टेस्ट था। यह देखकर अच्छा लगा कि टीम इस प्रारूप में इतना अच्छा प्रदर्शन कर रही है, जिसमें दुनिया भर की महिला क्रिकेटर अक्सर खेलने का मौका नहीं पातीं।'' पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि हरमनप्रीत कौर की टीम ने हालिया टी20 विश्व कप में नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना पाने की निराशा को पीछे छोड़ते हुए शानदार वापसी की। उन्होंने कहा, ''टी20 से खुद को अलग करके लंबे प्रारूप में उतरना किसी भी क्रिकेटर के लिए चुनौती होती है, लेकिन लड़कियों ने शानदार तरीके से खुद को तैयार किया। घरेलू टीम को उसके मैदान पर हराना अलग ही एहसास देता है। मुझे यकीन है कि टीम टी20 विश्व कप की निराशा से काफी हद तक आगे बढ़ चुकी है।'' मिताली ने कहा, ''खेल की यही खूबसूरती है। निराशा के बाद भी आपको अगले दिन के लिए तैयार होना पड़ता है और लड़कियों ने यही किया। उन्हें छोटा ब्रेक मिला, उन्होंने इस मुकाबले की तैयारी की और अब उसका परिणाम सबके सामने है।''मिताली ने क्रांति और यास्तिका के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर दो भारतीय महिला खिलाड़ियों के नाम दर्ज होना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ''मैं वास्तव में बहुत खुश हूं कि दो भारतीय महिला क्रिकेटरों के नाम ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हुए। यह भी एक ऐतिहासिक क्षण है।'' उन्होंने क्रांति की तारीफ करते हुए कहा, "क्रांति अभी भारतीय टीम में नई हैं। पिछले साल उन्होंने टीम में जगह बनाई और 50 ओवर के प्रारूप में भी काफी प्रभावशाली रही हैं। उनकी सबसे अच्छी बात यह है कि वह बड़े मंच से प्रभावित नहीं होतीं।'' मिताली ने यास्तिका भाटिया की वापसी की सराहना करते हुए कहा, ''यास्तिका बेहद मजबूत खिलाड़ी हैं। पिछले घरेलू विश्व कप से पहले वह चोटिल हो गई थीं। किसी खिलाड़ी के लिए घरेलू विश्व कप से बाहर रहना बेहद दुखद होता है। फिर भारत ने विश्व कप जीता, ऐसे में आप समझ सकते हैं कि उस समय वह कैसा महसूस कर रही होंगी।'' लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट पुरुषों के पहले टेस्ट के 142 साल बाद खेला गया। इससे पहले भारतीय कोच अमोल मजूमदार ने भी इस बात पर हैरानी जताई थी कि इतने प्रतिष्ठित मैदान पर महिला टेस्ट आयोजित होने में इतना समय लग गया। मिताली ने इस पर कहा, ''मुझे भी हैरानी होती है कि हमने इंग्लैंड में टेस्ट खेले हैं, लेकिन लॉर्ड्स में कभी नहीं खेल पाए। इसका जवाब मैं नहीं दे सकती कि इसमें इतना समय क्यों लगा। लेकिन मेरा मानना है कि हर चीज का एक सही समय होता है।''
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लंदन। ऑफ स्पिनर स्नेह राणा के चार विकेट की बदौलत भारत ने सोमवार को यहां प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए पहले महिला क्रिकेट टेस्ट मैच के चौथे और अंतिम दिन इंग्लैंड को 270 रन से हरा दिया। भारत को एकमात्र टेस्ट के अंतिम दिन जीत के लिए चार विकेट की दरकार थी और स्नेह (42 रन पर चार विकेट) की अगुआई में मेहमान टीम ने इंग्लैंड को 62.5 ओवर में 186 रन पर समेटकर मुकाबला अपने नाम किया। सयाली सतघरे (24 रन पर दो विकेट), दीप्ति शर्मा (36 रन पर दो विकेट) और क्रांति गौड़ (54 रन पर दो विकेट) ने भी दो-दो विकेट हासिल किए। विकेटकीपर बल्लेबाज ऐमी जोन्स 80 गेंद में 54 रन बनाकर इंग्लैंड की ओर से शीर्ष स्कोरर रही जबकि अंतिम बल्लेबाज के दौरान पर आउट होने वाली सोफी एकलेस्टोन ने 50 रन की पारी खेली। इंग्लैंड ने अंतिम दिन की शुरुआत छह विकेट पर 130 रन से आगे खेलते हुए की और 90 मिनट से अधिक बल्लेबाजी की लेकिन आखिरकार भारतीय गेंदबाजों के सामने घुटने टेक दिए। भारत ने मेजबान टीम के सामने 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। ऐमी अंतिम दिन आउट होने वाली पहली बल्लेबाज रहीं। उन्हें स्नेह ने मिडविकेट पर शेफाली वर्मा के हाथों कैच कराया। क्रांति की गेंद पर दो जीवनदान पाने वाली एकलेस्टोन ने इजी वोंग (33 गेंद में एक रन) के साथ मिलकर भारत के जीत के इंतजार को बढ़ाया लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सकीं। दीप्ति ने वोंग और लॉरेन बेल (00) को बोल्ड करके भारत को जीत की दहलीज पर पहुंचाया।
स्नेह ने इसके बाद एकलेस्टोन को बोल्ड करके भारत की जीत सुनिश्चित की जिसके बाद मैदान पर और भारतीय ड्रेसिंग रूम में जश्न शुरू हो गया। भारत पिछले टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में नाकाम रहा था जबकि इंग्लैंड को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था। लॉर्ड्स में पुरुषों का पहला टेस्ट मैच होने के 142 साल बाद महिला टेस्ट मैच हो रहा था इसलिए इस ऐतिहासिक मैच में दोनों टीम के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा था। भारत की जीत की नींव स्मृति मंधाना और तीसरे दिन यादगार शतक जड़ने वाली यस्तिका भाटिया ने रखी। क्रांति गौड़ ने पहली पारी में पांच विकेट लेकर भारत को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई और लॉर्ड्स के 'ऑनर बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराया। भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड की बल्लेबाजों की तुलना में पिच से बेहतर सामंजस्य बैठाया। पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी जबकि तीसरे दिन कुछ गेंद नीची भी रह रहीं थीं। तेज गेंदबाजों क्रांति और सतघरे ने विपक्षी गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन किया और पिच की ढलान का सही इस्तेमाल करते हुए काफी मूवमेंट हासिल किया। ऑफ स्पिनर स्नेह भी तेज गेंदबाजों द्वारा बनाए गए दबाव को बनाए रखने में कामयाब रहीं। इस बड़ी जीत के साथ भारत ने सबसे लंबे प्रारूप में इंग्लैंड के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड भी बरकरार रखा। दोनों टीम के बीच खेले गए 16 टेस्ट मैच में से भारत ने चार मैच जीते जबकि इंग्लैंड ने एक जीत हासिल की। अन्य 11 मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड के हाथों भारत को एकमात्र हार 1995 में मिली थी।
दिन का खेल शुरू होने से पहले भारतीय टीम को महान सचिन तेंदुलकर से प्रेरणादायक बातें सुनने को मिलीं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के चेयरमैन जय शाह भी तेंदुलकर के साथ स्टैंड से मैच देख रहे थे और बाद में उन्होंने खिलाड़ियों से हाथ मिलाया। यह इंग्लैंड की अनुभवी खिलाड़ियों टैमी ब्यूमोंट और पूर्व कप्तान हीथर नाइट का विदाई मैच भी था। -
अटलांटा. मौजूदा विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले छह खिलाड़ियों में से पांच खिलाड़ी अब भी मैदान में बने हुए हैं जिससे 'गोल्डन बूट' हासिल करने की दौड़ रोचक बन गई है। अर्जेंटीना के सुपरस्टार लियोनेल मेस्सी और फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे ने आठ-आठ गोल किए हैं और वह 'गोल्डन बूट' हासिल करने की दौड़ में सबसे आगे हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच विश्व कप करियर में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाने के लिए भी रोचक जंग चल रही है। मेस्सी ने अभी तक सभी विश्व कप में कुल मिलाकर 21 गोल किए हैं जबकि एमबाप्पे के नाम पर 20 गोल दर्ज हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में इन दोनों के बाद नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड का नंबर आता है जिन्होंने सात गोल किए हैं लेकिन उनकी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। इसके अलावा इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम और हैरी केन भी दौड़ में हैं। इन दोनों ने छह-छह गोल किए हैं। फ्रांस के औस्मान डेम्बेले पांच गोल करके ज्यादा पीछे नहीं हैं। स्पेन के मिकेल ओयार्ज़ाबल ने चार गोल किए हैं। अगर स्पेन सेमीफाइनल में फ्रांस को हरा देता है तो वह चुनौती पेश कर सकते हैं।
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साउथम्प्टन. भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि उनकी टीम ब्रिटेन की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में नाकाम रही जिसके कारण उसे आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इससे उन्हें भविष्य में बेहतर कप्तान बनने में मदद मिलेगी। भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तान नियुक्त किए गए अय्यर की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को आयरलैंड से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर वह पहले मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 0-4 से हार गई। अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें मैच में हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ''अपेक्षाओं से निपटना वास्तव में मुश्किल नहीं है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। प्रत्येक व्यक्ति भारतीय टीम की कप्तानी करने और शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी संभालने का सपना देखता है। निश्चित रूप से मुझे दबाव पसंद है।'' उन्होंने कहा, ''इसलिए दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना, इन मैच से सीखना निश्चित रूप से मुझे आगे चलकर बेहतर बनाएगा। मेरी अभी की सोच यही है। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा हूं कि लोग इस श्रृंखला के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि अच्छा और बुरा इस खेल का अभिन्न अंग है।'' अय्यर ने कहा कि टीम के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यही आगे सफलता की कुंजी होगी। उन्होंने कहा, ''भविष्य में मुझे इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक रहना होगा कि मैं विशेषकर विदेश की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने में कैसे मदद कर सकता हूं।'' उन्होंने कहा, ''हम जानते हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया (अगला टी20 विश्व कप) खेलना है। उससे पहले हमें कई अन्य स्थानों पर खेलना है। हमारा लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके। भविष्य के लिए हमारी यही योजना है।'' भारत को शनिवार को पांचवें और अंतिम टी20 मैच में 56 रन से हार का सामना करना पड़ा और अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम इस दौरे के दौरान परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी से ढल नहीं पाई। उन्होंने कहा, ''हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हम जितनी जल्दी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा सकते थे, वैसा करने में नाकाम रहे। यह पहली चुनौती थी। दूसरी चुनौती उनका हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन करना रहा। इसलिए मुझे लगता है कि इन सब कारण से हमें हार मिली।'' लगातार छह मैचों में हार के कारण भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपनी नंबर एक रैंकिंग गंवा दी।
अय्यर ने कहा, ''यह वास्तव में निराशाजनक है। लेकिन मुझे लगता है कि कप्तान के तौर पर यह मेरे लिए और पहली बार यहां खेल रहे खिलाड़ियों के लिए भी बेहतरीन सीख है। आपको इंग्लैंड में जीत दर्ज करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी और एकाग्रता बनाए रखनी होगी।'' शीर्ष रैंकिंग गंवाने पर अय्यर ने कहा, ''यह सबके लिए मायने रखता है। अगर आप नंबर एक हैं, तो मुझे लगता है कि आपने टीम के लिए और व्यक्तिगत रूप से भी कुछ बहुत अच्छा किया है। विश्व कप अभी दो साल दूर है। अभी जो कुछ भी हो रहा है, वह सब विश्व कप की तैयारी है। इसलिए जितनी जल्दी और जितनी तेजी से हम सीखेंगे, उतना ही टीम और खिलाड़ियों के लिए अच्छा होगा।'' भारतीय कप्तान ने इसके साथ ही कहा कि टीम को अपने क्षेत्ररक्षण में काफी सुधार करने की जरूरत है। -
लंदन। चेक गणराज्य की 21 वर्षीय लिंडा नोस्कोवा ने विम्बलडन में अपनी पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी जीतकर देश की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया। चेक गणराज्य के खिलाड़ियों के बीच हुए फाइनल में नोस्कोवा ने दूसरे सेट में पांच मैच प्वाइंट गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए कैरोलिना मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया। नोस्कोवा विम्बलडन के महिला एकल खिताब पर कब्जा जमाने वाली पिछले चार वर्षों में अपने देश की तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले मार्केता वोंद्रौशोवा ने 2023 और बारबोरा क्रेजसिकोवा ने 2024 में यह उपलब्धि हासिल की थी। नोस्कोवा ने फाइनल में शुरुआत से दबदबा बनाते हुए पहला सेट आसानी से अपने नाम। दूसरे सेट में वह जीत के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन मुचोवा ने हार नहीं मानी और पांच मैच प्वाइंट बचाते हुए मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। नोस्कोवा ने तीसरे सेट में धैर्य बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
दिलचस्प बात यह है कि मुचोवा और नोस्कोवा ने 2024 पेरिस ओलंपिक में जोड़ी बनाकर महिला युगल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। जहां यह जोड़ी सेमीफाइनल तक पहुंची थी। पुरुष एकल फाइनल में रविवार को विश्व के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगे। उनका मुकाबला फ्रेंच ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। - मेलबर्न। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान शुक्रवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और क्रिकेट की दुनिया के महानतम कप्तानों में से एक स्टीव वॉ से मुलाकात की और उन्हें एक बेहद पुरानी तस्वीर उपहार स्वरूप भेंट की। प्रधानमंत्री मोदी ने स्टीव वॉ को 20 साल पुरानी तस्वीर भेंट की। ये तस्वीर उस समय की है, जब स्टीव वॉ गुजरात दौरे पर थे और उस समय नरेंद्र मोदी इस राज्य के मुख्यमंत्री थे। पीएम मोदी ने 20 साल पुरानी इस यादगार तस्वीर को फ्रेम कराकर स्टीव वॉ को भेंट की। मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी उपस्थित थे। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान स्टीव वॉ के नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा भी की।61 साल के स्टीव वॉ ऑस्ट्रेलिया के सफलतम कप्तानों में से एक हैं। उनके दौर में ऑस्ट्रेलियाई टीम अजेय हुआ करती थी। 1985 से 2004 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टीव वॉ ने 168 टेस्ट और 325 वनडे मैच खेले। टेस्ट में 32 शतक और 50 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 10,927 और वनडे में 3 शतक और 45 अर्धशतक की मदद से 7,569 रन बनाए।स्टीव वॉ ने 1999 से 2004 तक ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम के कप्तान के रूप में काम किया। उन्होंने 1997 से 2002 तक वन डे इंटरनेशनल टीम की भी कप्तानी की।वॉ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 57 में 41 टेस्ट जीते और महज 9 टेस्ट गंवाए, जबकि 7 टेस्ट ड्रॉ रहा। वॉ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड 16 टेस्ट लगातार जीते थे। टेस्ट क्रिकेट में वॉ के बतौर कप्तान जीत का रिकॉर्ड क्रिकेट इतिहास में सर्वश्रेष्ठ है। वहीं, उनकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 106 वनडे में 67 मैच जीते थे और 35 मैच गंवाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने वॉ की कप्तानी में 1999 वनडे विश्व कप और एशेज सीरीज जीती थी।आपको बता दें, प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम दिन आज शुक्रवार को प्रसिद्ध मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) पहुंचे थे, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के युवा खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलेबरेशन रोडमैप का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान युवा खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों ने उनसे ऑटोग्राफ लिया और सामूहिक तस्वीर भी खिंचवाई। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया की पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी मौजूद रहे और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की।पीएम मोदी ने इसकी फोटो सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर भी साझा की उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री अल्बानीज़ के साथ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड जाना बहुत अच्छा रहा। खेल के प्रति जुनून भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों को लगातार करीब ला रहा है।”
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नई दिल्ली। फ्रांस ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोरक्को को 2-0 से हराया। इस हार के साथ ही मोरक्को का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। फ्रांस अब लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है।
फ्रांस की ओर से कप्तान किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेल ने एक-एक गोल किया। मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक रुख अपनाया और मोरक्को के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। पांचवें मिनट में मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने दायोट उपामेकानो के हेडर को शानदार बचाव के साथ गोल में जाने से रोक दिया।पहले हाफ में नोसैर मजराउई ने बॉक्स के अंदर एम्बाप्पे के खिलाफ फाउल किया, जिसके बाद फ्रांस को पेनल्टी मिली। हालांकि, एम्बाप्पे इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और बुनू ने शानदार सेव किया। इसके बाद भी फ्रांस ने कई हमले किए, लेकिन मोरक्को का डिफेंस मजबूती से डटा रहा। पहले 45 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं।दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपने आक्रमण की रफ्तार बढ़ा दी। 60वें मिनट में एम्बाप्पे ने शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में उनका आठवां गोल रहा। इसके छह मिनट बाद एम्बाप्पे के सटीक पास पर उस्मान डेम्बेल ने गोल दागकर फ्रांस की बढ़त 2-0 कर दी।दो गोल की बढ़त मिलने के बाद फ्रांस ने पूरे मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीसरी बार फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया। टीम 2018 में विश्व चैंपियन बनी थी, जबकि 2022 में फाइनल तक पहुंची थी। अब फ्रांस 15 जुलाई को पहला सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगा। -
अक्षर ने यह उपलब्धि साथियों, कोच और परिवार को समर्पित की
ब्रिस्टल. भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी अक्षर पटेल ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह भारत के लिए 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने साथियों, कोचों और परिवार को दिया। अक्षर ने 2015 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से लेकर भारत के सबसे भरोसेमंद सीमित ओवरों के खिलाड़ियों में शामिल होने तक के अपने सफर को याद किया और कहा कि पिछले एक दशक में उन्होंने बहुत कुछ सीखा है। इंग्लैंड दौरे के दौरान दूसरे टी20 मुकाबले में 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे करने वाले अक्षर बृहस्पतिवार को श्रृंखला के चौथे मैच में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेंगे। अक्षर ने 'बीसीसीआई डॉट टीवी' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ''जब मैंने पहली बार टी20 खेला था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं 100 मैच खेलूंगा। इंग्लैंड का यह दौरा मेरे लिए बहुत खास होगा क्योंकि दूसरे टी20 में मैंने अपने 100 विकेट पूरे किए और चौथे टी20 में मेरा 100वां मैच है। इसलिए यह मेरे लिए बहुत खास दिन है और मैं इस पल का सच में आनंद ले रहा हूं। '' उन्होंने कहा, ''यह सच में बहुत अच्छा लगता है। असल में, जब एक खिलाड़ी के तौर पर आप कोई उपलब्धि हासिल करते हैं तो मुझे लगता है कि यह सिर्फ मेरे बारे में नहीं है, मैं इसे अकेले हासिल नहीं कर रहा हूं। आप जानते हैं कि मेरे साथ मेरे साथी खिलाड़ी, मेरे कोच, मेरा परिवार भी शामिल हैं। इसलिए मुझे लगता है कि मेरे इस सफर में सभी ने भूमिका निभाई है। '' अक्षर ने कहा, ''जब आप शुरुआत करते हैं, जब आप पदार्पण करते हैं, तो वह अहसास बिल्कुल अलग होता है। तब आपको पता नहीं होता कि आप कितना कुछ हासिल करेंगे, लेकिन अब मैं अपना 100वां मैच खेलने जा रहा हूं और उस अहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अगर आप भारत के लिए एक भी मैच खेलते हैं, तो वह आपके लिए बहुत बड़ी बात होती है क्योंकि यह एक खिलाड़ी का सपना होता है। '' उन्होंने अपने करियर को उतार-चढ़ाव से भरा लेकिन सीख देने वाला सफर बताया।
अक्षर ने कहा, ''जब आप इतने लंबे समय तक खेलते हैं, तो वह सफर जाहिर है 'रोलर-कोस्टर' जैसा होता है, कभी उतार तो कभी चढ़ाव। शुरुआत के पांच-छह साल में मैंने सिर्फ 15 या 16 मैच खेले और फिर 2021 से अब तक, मुझे लगता है कि मैं लगातार खेल रहा हूं। '' उन्होंने कहा, ''हमारे पास पिछले दो टी20 विश्व कप हैं। हमने पहली बार 2024 में और दूसरी बार 2026 में जीत हासिल की, इसलिए जब आप अपना 100वां मैच खेलते हैं तो यह पूरी यात्रा और उससे जुड़ी सारी यादें एक साथ सामने आ जाती हैं। यही सबसे खास पल हैं। '' अक्षर के लिए व्यक्तिगत उपलब्धियां ज्यादा मायने नहीं रखते, और ये उपलब्धियां बस उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा हैं। उन्होंने कहा, ''उपलब्धियां मेरे लिए उतने मायने नहीं रखतीं, लेकिन हां, कभी-कभी अच्छा लगता है कि आप 100 टी20 विकेट ले रहे हैं। यह एक उपलब्धि है। हमने वर्षों तक जो कड़ी मेहनत की है और उसके बाद जब भी चीजें अच्छी या बुरी हुईं, हमने गलतियों से सीखा और इस बात पर ध्यान दिया कि हम कैसे बेहतर हो सकते हैं। मुझे लगता है कि हमने अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दिया और हर दिन बेहतर होते गए। -
नयी दिल्ली. पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को बुधवार को उनके 54वें जन्मदिन पर एक शानदार तोहफा मिला जब एडिनबर्ग में हुई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की सालाना बैठक में लिए गए फैसले के बाद वह आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले नवीनतम भारतीय क्रिकेटर बन गए। गांगुली के शामिल होने के साथ ही आईसीसी हॉल ऑफ फेम में भारतीय क्रिकेटरों की संख्या 12 हो गई।
इस सम्मान के लिए आईसीसी का आभार जताते हुए गांगुली ने अंतरराष्ट्रीय संस्था के चेयरमैन जय शाह को धन्यवाद दिया और इस पहचान को 'बहुत बड़ा सम्मान' बताया। बाएं हाथ के बल्लेबाज गांगुली ने दुनिया भर से मिली शुभकामनाओं के बीच अपना जन्मदिन मनाया।
गांगुली ने 'एक्स' पर लिखा, ''मुझे हॉल ऑफ फेम में शामिल करने के लिए आईसीसी और चेयरमैन जय शाह का धन्यवाद... यह बहुत बड़ा सम्मान है... हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले 10 भारतीयों में से एक बनना... कुछ महान नामों का हिस्सा बनना अद्भुत है।'' गांगुली ने नवंबर 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल अन्य भारतीय बिशन सिंह बेदी, सुनील गावस्कर, कपिल देव, अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीनू मांकड़, डायना इडुलजी, वीरेंद्र सहवाग, नीतू डेविड और महेंद्र सिंह धोनी हैं। भारतीय क्रिकेट में गांगुली का सबसे बड़ा योगदान 2000 से 2005 के बीच कप्तान के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान रहा जब उन्होंने मैच फिक्सिंग संकट के बाद टीम को फिर से खड़ा किया। गांगुली ने 113 टेस्ट मैच खेले और 7,212 रन बनाए। साथ ही उन्होंने 311 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 11,363 रन बनाए। खेल से संन्यास लेने के बाद गांगुली क्रिकेट प्रशासन में आ गए और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष बने। उन्होंने 23 अक्टूबर 2019 को पद संभाला और 18 अक्टूबर 2022 तक भारतीय क्रिकेट की कमान संभाली। वह अभी बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। -
पुणे. भारत के शीर्ष वरीय ग्रैंडमास्टर अभिजीत गुप्ता ने बुधवार को यहां पुणे अंतरराष्ट्रीय ग्रैंडमास्टर राउंड रोबिन शतरंज टूर्नामेंट में 7.5 अंक के साथ खिताब जीता। अंतरराष्ट्रीय मास्टर अश्वथ एस सात अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहे और इसी के साथ उन्होंने अपना तीसरा और आखिरी ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल कर भारत का 98वां ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव प्राप्त किया। ग्रैंडमास्टर कुशाग्र मोहन ने 6.5 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया जबकि पुणे के फिडे मास्टर अद्विक अग्रवाल ने पांच अंक के साथ अपना दूसरा अंतरराष्ट्रीय मास्टर नॉर्म हासिल किया। नौवें और आखिरी दौर में अभिजीत ने श्रीलंका के अंतरराष्ट्रीय मास्टर एलएमएसटी डिसिल्वा को हराकर खिताब अपने नाम किया।
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अर्लिंग्टन. विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपना आखिरी मैच खेलने के बाद पुर्तगाल के सुपरस्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो जब मैदान से बाहर जा रहे थे तो दर्शकों ने तालियां बजाई जिसका उन्होंने हाथ हिला कर आभार भी व्यक्त किया लेकिन उनके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। अपना छठा और आखिरी विश्व कप खेल रहे 41 वर्षीय सुपरस्टार रोनाल्डो का विश्व कप जीतने का सपना सोमवार को राउंड ऑफ 16 के मैच में पड़ोसी प्रतिद्वंद्वी स्पेन से 1-0 की हार के साथ टूट गया। उन्हें मैच के पहले हाफ में गोल करने का एकमात्र मौका मिला था लेकिन सर्वाधिक लंबे समय तक गोल नहीं खाने का रिकॉर्ड बनाने वाले गोलकीपर उनाई साइमन ने शानदार छलांग लगाकर उनके प्रयास को नाकाम कर दिया। रोनाल्डो लगातार छह विश्व कप में गोल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा गोल (146) और सर्वाधिक मैच खेलने वाले (233) खिलाड़ी रोनाल्डो का फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर करियर यहीं पर समाप्त हो गया। अपने करियर में कई खिताब जीतने वाले रोनाल्डो इस तरह से कभी विश्व कप विजेता नहीं बन पाए। उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी थी कि यह उनका अंतिम विश्व कप होगा। रोनाल्डो ने राउंड ऑफ 16 के मैच से एक दिन पहले पत्रकारों से लगभग 25 मिनट तक बात की और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह उनका आखिरी मैच नहीं होगा और वह अपने आखिरी विश्व कप का भरपूर आनंद लेना चाहते हैं। रोनाल्डो के रहते हुए पुर्तगाल का विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में सेमीफाइनल में पहुंचना था जो उनका पहला विश्व कप भी था। फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर रोनाल्डो का आखिरी मैच 33 साल की उम्र में विश्व कप में हैट्रिक लगाने के आठ साल बाद आया। उन्होंने ब्राजील में 2014 में खेले गए इस विश्व कप के ग्रुप चरण में स्पेन के खिलाफ 3-3 से ड्रॉ रहे मैच में हैट्रिक बनाई थी। इस मैच को विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ मैचों में से एक माना जाता है, हालांकि तब दोनों ही टीमें नॉकआउट चरण तक नहीं पहुंच पाईं थी। रोनाल्डो ने विश्व कप में 11 गोल किए और वह विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नौवें स्थान पर हैं।
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न्यूयॉर्क. विश्व कप के प्रसारक फॉक्स ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ खेले गए मैच को लगभग दो करोड़ 64 लाख लोगों ने देखा जिससे यह देश में सबसे अधिक देखे जाने वाला मैच बन गया है। अमेरिका ने बुधवार की रात को खेले गए राउंड ऑफ 32 के इस मैच में बोस्निया को 2-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई थी। फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, पूर्वी मानक समय (ईएसटी) के अनुसार रात 9.45 बजे से 10 बजे के बीच इसके दर्शकों की संख्या तीन करोड़ 48 लाख से अधिक थी। मिसौरी के कैनसस सिटी, बोस्टन, सेंट लुइस, सैन फ्रांसिस्को और टेक्सास के ऑस्टिन में इसे सबसे ज्यादा देखा गया।
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ईस्ट रदरफोर्ड. पांच बार के चैम्पियन ब्राजील पर 2 . 1 से मिली जीत में दोनों गोल करने वाले एर्लिंग हालैंड का मन नॉर्वे की गलियों में घूम रहा है जहां हजारों की तादाद में फुटबॉलप्रेमी साथ में 'वाइकिंग रो' जश्न मना रहे हैं। हालैंड ने इस असाधारण जीत के बाद कहा ,'' नॉर्वे की सड़कों को देखो । मैने पहले ऐसा कभी नहीं देखा । काश मैं ओस्लो में होता और उन लोगों के साथ जश्न मना रहा होता ।'' लेकिन नॉर्वे फुटबॉल टीम के लिये अच्छा है कि वह अमेरिका में हैं और फीफा विश्व कप में दनादन गोल करके 55 लाख के करीब आबादी वाले अपने देश को जश्न मनाने के मौके लगातार दे रहे हैं । हालैंड के इस विश्व कप में अब अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी और फ्रांस के किलियान एमबाप्पे के समान सात गोल हो गए हैं । ओस्लो में टाउन हॉल के बाहर चौक पर करीब 50000 प्रशंसक मौजूद थे जिन्होंने गले में नॉर्वे फुटबॉल का स्कार्फ पहन रखा था । नॉर्वे के युवराज हाकॉन रॉयल पैलेस के बाहर प्रशंसकों से मिले और मैच के बाद 'वाइकिंग रो' में भी हिस्सा लिया । अब दुनिया भर में लोकप्रिय हुए 'वाइकिंग रो' में सभी प्रशंसक जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी 'वाइकिंग लॉन्गबोट' (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से 'रो!' चिल्लाते हैं। नॉर्वे टीम के घरेलू मैदान उलेवाल स्टेडियम में आतिशबाजी की गई जहां हजारों की संख्या में दर्शक मैच देखने के लिये मौजूद थे । कोच स्टेल सोलबाकेन ने कहा ,'' पूरा देश साथ में नाव चला रहा है । ओस्लो समेत सभी शहरों में जश्न मनाया जा रहा है । 'रोइंग' इसका सूचक है कि हम सभी साथ साथ हैं ।''
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जकार्ता. चंद्रिका पुजारी और जॉयश्री देवी की दमदार जीत से भारत ने रविवार को अंडर-19 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। शुरूआती दौर में विश्व मुक्केबाजी फ्यूचर्स कप की स्वर्ण पदक विजेता चंद्रिका ने मंगोलिया की लखाम त्सेंडबाटार को लड़कियों के 51 किलोग्राम वर्ग में एकतरफा मुकाबले में 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। विश्व मुक्केबाजी फ्यूचर्स कप की रजत पदक विजेता जॉयश्री ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कियों के 54 किलोग्राम वर्ग में चीनी ताइपे की चेन निंग होंग के खिलाफ दूसरे दौर में रेफरी द्वारा मुकाबला रोकने (आरएससी) से जीत दर्ज की। सोमवार को भारत के अंडर-23 पुरुष वर्ग के चार मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे।
एशियाई चैंपियन विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा) अपने अभियान की शुरुआत उज्बेकिस्तान के अमीरबेक इस्माइलोव के खिलाफ करेंगे। इसके बाद गंगा (55 किग्रा) का मुकाबला मंगोलिया के अमगलानबातार बुलगनखू से होगा। सागर जाखड़ (60 किग्रा) जापान के कोइची नाकायामा से भिड़ेंगे जबकि दिन के अंतिम मुकाबले में हितेश (70 किग्रा) का सामना चीनी ताइपे के जुन-झांगलिन से होगा। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने अंडर-19 और अंडर-23 दोनों वर्गों में मजबूत टीम उतारी है। दोनों आयु वर्गों में भारत के 20-20 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। यह चैंपियनशिप भारत के उभरते हुए मुक्केबाजों के लिए एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी प्रतिभा और क्षमता को परखने का महत्वपूर्ण मंच है। - मियामी गार्डन्स। लियोनेल मेस्सी का गोल करने का सिलसिला जारी है और वह इतनी सहजता से गोल करते हैं कि यह आसान सा लगता है । इसके साथ ही अर्जेंटीना की लगातार दूसरा विश्व कप जीतने की उम्मीदें भी कायम है हालांकि केप वर्दे ने एकबारगी उसके लिये खतरे की घंटी बजा दी थी । विश्व कप में अपने प्रदर्शन से फुटबॉलप्रेमियों का दिल जीतने वाले केप वर्दे को अतिरिक्त समय में 3 . 2 से हराकर अर्जेंटीना ने अंतिम 16 में जगह बनाई। मेस्सी ने केप वर्दे के खिलाफ 29वें मिनट में विश्व कप के अपने कैरियर का 20वां गोल किया । वह विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में 20 गोल के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं जबकि फ्रांस के काइलियान एमबाप्पे उनसे दो गोल पीछे हैं। बाद में मीडिया कॉन्फ्रेंस में मेस्सी की तस्वीर देखी गई, जिसमें उनके सिर पर एक बड़ा सा निशान था । केप वर्दे के एक खिलाड़ी से टक्कर के दौरान उन्हें घुटने से चोट लगी थी। उन्होंने स्पेनिश में कहा ,''इसमें दर्द हो रहा है लेकिन मैं ठीक हूं ।''इस साल टूर्नामेंट में मेस्सी ने सातवां गोल दागा और 'गोल्डन बूट' की दौड़ में एमबाप्पे उनसे एक गोल पीछे हैं । पिछले आठ विश्व कप मैचों में मेस्सी 12 गोल कर चुके हैं । मेस्सी का विश्व कप में लगातार गोल करने का सिलसिला 2022 में मिली खिताबी जीत से चला आ रहा है । उन्होंने मैच के बाद कहा ,'' हमने अच्छा प्रदर्शन किया और जहां गलतियां हुई हैं, उन्हें सुधारना होगा ।'' मेस्सी के साथ अर्जेंटीना और इंटर मियामी के लिये खेलने वाले रौद्रिगो डि पॉल ने कहा ,'' मेरे लिये उसकी दोस्ती सबसे अहम चीज है और मैं खुशकिस्मत हूं कि इन पलों में उसके साथ मैदान पर हूं ।' मेस्सी ने मार्तिनेज के पास पर केप वर्दे के स्टार गोलकीपर वोजिन्हा को छकाते हुए यह गोल दागा ।मेस्सी और एमबाप्पे के अलावा नॉर्वे के एर्लिग हालैंड और इंग्लैंड के हैरी केन भी पांच पांच गोल करके विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने के गोल्डन बूट पुरस्कार की दौड़ में हैं । फ्रांस के उस्मान डेम्बेले, स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल , ब्राजील के विनिशियस जूनियर और सेनेगल के इस्माइला सार ने चार चार गोल किये हैं । सार दौड़ से बाहर हैं क्योंकि सेनेगल बाहर हो चुकी है । नॉर्वे, इंग्लैंड और फ्रांस अंतिम 16 में हैं । केप वर्दे को हराकर अर्जेंटीना भी वहां पहुंच चुका है । मेस्सी ने कभी गोल्डन बूट नहीं जीता । विश्व कप 2022 में सात गोल करके वह एमबाप्पे से एक गोल पीछे रह गए थे जबकि 2014 में चार गोल करके संयुक्त तीसरे स्थान पर थे । अगर टूर्नामेंट के बाद शीर्ष पर टाई रहता है तो फीफा पहले टाइब्रेकर के रूप में यह देखेगा कि कितने गोल में मदद की है और दूसरा टाइब्रेकर यह होगा कि मैदान पर किसने कम समय बिताया है । एमबाप्पे गोल में सहायता के मामले में मेस्सी से 2 . 0 से आगे हैं ।
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बेंगलुरु. भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने बृहस्पतिवार को माना कि विश्व कप और एशियाई खेलों के बीच केवल 20 दिन का अंतराल चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी टीम शारीरिक चुनौतियों पर काबू पाने में सक्षम है। एशियाई खेल (19 सितंबर से शुरू होंगे) के लिए जापान जाने से पहले एफआईएच महिला विश्व कप 14 से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम के वावरे में खेला जाएगा। मारिन ने कहा, ''जैसा 2018 में हुआ था (जकार्ता एशियाई खेलों में, जिसमें भारत ने रजत पदक जीता था), वैसा ही (एफआईएच) विश्व कप इस बार एशियाई खेलों में हमारी मदद कर सकता है।'' मारिन की कोचिंग में ही भारत ने तोक्यो 2020 ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था।
बेंगलुरु खेल पत्रकार संघ द्वारा विश्व खेल पत्रकार दिवस के मौके पर आयोजित एक पैनल चर्चा में कोच मारिन ने कहा, ''हमें अच्छी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग पर ध्यान देना होगा। लेकिन हमारे लिए बहुत सारे मैच खेलना भी जरूरी है। इससे लड़कियों को रणनीति को बेहतर ढंग से समझने और विरोधी टीम की रणनीति के हिसाब से खुद को ढालने में मदद मिलेगी। '' भारत के पूर्व कप्तान और 1980 मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले एमएम सोमैया ने कहा कि महाद्वीपीय चैंपियनशिप से पहले होने वाला विश्व कप तैयारी के लिए एक बेहतरीन मौका होगा। उन्होंने कहा, ''पुरुषों में हमारी विश्व रैंकिंग आठवीं और महिलाओं में नौवीं है। इसलिए, ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना जरूरी है। '' 'भारतीय हॉकी: बड़ा साल, बड़ी उम्मीदें' विषय पर बोलते हुए सोमैया ने कहा, ''कप का प्रारूप भी बदल गया है और इसमें तीन चरण हैं जिसका मतलब है कि हमें हर मैच पर ध्यान देना होगा। '' -
दुबई. भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज इशान किशन ने बुधवार को जारी आईसीसी की पुरुषों की टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में अपने साथी खिलाड़ी अभिषेक शर्मा को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। किशन (876 रैंकिंग अंक) के शीर्ष पर पहुंचने में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विश्व कप में बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उन्हें कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था। अभिषेक (869) लगभग 12 महीने तक शीर्ष पर रहे। किशन और अभिषेक से पहले भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 848 अंक के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
नवीनतम सूची में भारत के नए उपकप्तान तिलक वर्मा (747) छठे स्थान पर बने हुए हैं जबकि पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव एक स्थान नीचे आठवें स्थान पर खिसक गए हैं। गेंदबाजों में भारत के वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह एक-एक स्थान के नुकसान से क्रमशः तीसरे और छठे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान के राशिद खान शीर्ष पर बने हुए हैं। पुरुषों की टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में ट्रेविस हेड शीर्ष पर पहुंच गए हैं जबकि जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए। भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल एक स्थान के फायदे से छठे पायदान पर हैं जबकि यशस्वी जायसवाल एक स्थान नीचे खिसककर नौवें स्थान पर हैं। शीर्ष 10 से बाहर बल्लेबाजों में ऋषभ पंत 13वें स्थान के साथ सबसे अच्छी रैंकिंग वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। गेंदबाजों में बुमराह भारत के शीर्ष खिलाड़ी हैं। - 0- सार्थक स्कूल के छात्र सत्यांशु स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 में बिखेरेंगे जलवा0- कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और समाज कल्याण विभाग ने दी बधाई, कहा- प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहींरायपुर। धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित विशेष विद्यालय ‘सार्थक स्कूल’ के विशेष छात्र सत्यांशु दीप का चयन स्पेशल ओलंपिक्स भारत (Special Olympics Bharat) की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में हो गया है। सत्यांशु आगामी 12 से 16 जुलाई 2026 तक स्वीडन में आयोजित होने वाली स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया ट्रॉफी 2026 (Special Olympics Gothia Trophy 2026) अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।सत्यांशु दीप की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल धमतरी जिले, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव का विषय है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल कौशल का यह उत्कृष्ट उदाहरण यह साबित करता है कि यदि उचित प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का परचम लहरा सकते हैं।विद्यालय परिवार के अनुसार, सत्यांशु ने यह मुकाम अपने कड़े व नियमित अभ्यास, अनुशासन, समर्पण और मैदान पर बेहतरीन खेल प्रदर्शन के दम पर हासिल किया है। उनकी यह शानदार सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए उत्साहित करेगी।समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित और अनुदानित इन विशेष विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, जीवनोपयोगी कौशल और व्यक्तित्व विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सत्यांशु का यह चयन विभाग की इन कोशिशों की सार्थकता को प्रमाणित करता है। इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता सत्यांशु की कड़ी मेहनत, लगन और खेल के प्रति उनके अटूट समर्पण का परिणाम है। मैं सत्यांशु दीप, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, विद्यालय परिवार और समाज कल्याण विभाग को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि वे स्वीडन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम विश्व स्तर पर गौरवान्वित करेंगे।कलेक्टर ने आगे कहा कि सत्यांशु की सफलता यह गहरा संदेश देती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि धमतरी जिले में समावेशी शिक्षा, खेल संस्कृति और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है।इस ऐतिहासिक अवसर पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने सत्यांशु के उज्ज्वल भविष्य और आगामी मैचों में शानदार प्रदर्शन की कामना की है। इसके साथ ही उन्होंने सत्यांशु के माता-पिता को भी विशेष रूप से बधाई दी है, जिनके निरंतर सहयोग, अटूट विश्वास और संबल ने सत्यांशु को इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूरे धमतरी जिले को विश्वास है कि स्वीडन की धरती पर सत्यांशु दीप अपने खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का मान और बढ़ाएंगे।
- नई दिल्ली। टीम इंडिया ने ग्लोबल स्किल्स चैलेंज ऑस्ट्रेलिया 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते हैं। 23 से 29 जून 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, चीन, अमेरिका, जापान, फ्रांस, कोरिया और अन्य 16 वर्ल्डस्किल्स सदस्य देशों के लगभग 600 प्रतियोगियों, विशेषज्ञों, अनुवादकों और अधिकारियों ने भाग लिया। टीम इंडिया का यह प्रदर्शन इस वर्ष के अंत में शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत की मजबूत तैयारियों का संकेत माना जा रहा है।भारतीय खिलाड़ियों में कर्नाटक के पवन भद्रावती सुरेश ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, बिहार के मौसम कुमार गिरि ने क्लाउड कंप्यूटिंग और दिल्ली की विष्णुप्रिया सुनील ने हेल्थ एंड सोशल केयर में स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के हर्ष रमेश पवार ने 3डी डिजिटल गेम आर्ट में रजत पदक हासिल किया, जबकि हरियाणा की मुस्कान ने पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग (चित्रकला एवं साज-सज्जा) में कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय प्रतिभागियों ने अन्य कई श्रेणियों में भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का परिचय दिया।केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतियोगियों ने न केवल पदक जीते, बल्कि वैश्विक मानकों और प्रतियोगिता प्रणाली का महत्वपूर्ण अनुभव भी हासिल किया, जिससे शंघाई में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत की तैयारी और मजबूत हुई।भारतीय दल ने 15 प्रतियोगियों और 15 विशेषज्ञों सहित 30 सदस्यीय टीम के साथ 15 कौशल श्रेणियों में भाग लिया। इनमें 3डी डिजिटल गेम आर्ट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्यूटी थेरेपी, ब्रिकलेइंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, फ्लोरिस्ट्री, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी, हेयरड्रेसिंग, हेल्थ एंड सोशल केयर, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग, रेस्टोरेंट सर्विस, वॉल एंड फ्लोर टाइलिंग और वेब टेक्नोलॉजीज शामिल थीं। वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के प्रारूप पर आधारित ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में प्रतिभागियों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता सूचना प्रणाली के माध्यम से किया गया। इससे भारतीय प्रतियोगियों को प्रतियोगिता के दबाव, अंतरराष्ट्रीय उपकरणों और वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव मिला, जो आगामी वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में भारत की भागीदारी स्किल इंडिया मिशन के व्यापक विजन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल से लैस करना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। प्रशिक्षण अवसंरचना, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, उद्योग साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के माध्यम से भारत लगातार अपने कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा है।
- मुंबई. महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सोमवार को कहा कि अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका होगी कि वह अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप में भारत के लिए पारी का आगाज करेंगे। रोहित और विराट कोहली (उपलब्ध होने पर) दोनों भारत के लिए सिर्फ एक प्रारूप में खेलते हैं, वे 14-19 जुलाई तक इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करेंगे। गावस्कर ने कहा कि रोहित जानते हैं कि अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए उनकी स्थिति क्या है। सोनी स्पोर्ट्स द्वारा आयोजित एक बातचीत में गावस्कर ने कहा,''रोहित शर्मा के बारे में कब बात नहीं हुई है? रोहित शर्मा के बारे में हमेशा से बहुत बात होती रही है। '' उन्होंने कहा, ''वह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है। मुझे लगता है कि जाहिर तौर पर अहम लोगों और रोहित शर्मा के बीच साफ तौर पर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ है।वह अच्छी तरह जानते हैं कि उनकी स्थिति क्या है और विश्व कप तक के अगले डेढ़ साल में उन्हें बस लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है। '' गावस्कर ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी प्रतिभा और काबिलियत के कारण कोई दबाव महसूस करते हैं। इंग्लैंड (दौरा) उनके लिए यह दिखाने का बहुत अच्छा मौका है कि डेढ़ साल बाद भी वह भारत के लिए पारी का आगाज करते रहेंगे।'' गावस्कर ने कहा कि किसी भी भारतीय खिलाड़ी का आकलन कभी खत्म नहीं होता और सीनियर बल्लेबाजों को पता होता है कि उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा। उन्होंने कहा, ''जब आप पदार्पण करने वाले युवा खिलाड़ी होते हैं, तो आप पर नजर रखी जाती है कि आप अंतरराष्ट्रीय (क्रिकेट के) दबाव को कैसे संभालते हैं, क्या आपमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का मिजाज और काबिलियत है।''उन्होंने कहा, ''भारतीय क्रिकेट में ऐसा होता है कि शुरुआत से ही खिलाड़ियों पर लगातार नजर रखी जाती है और यह दबाव लगभग कभी खत्म नहीं होता। इसलिए इन खिलाड़ियों के लिए यह निगरानी या आलोचना कोई नयी बात नहीं होगी। '' उन्होंने कहा, ''वे जानते हैं कि दबाव को कैसे संभालना है और उन्हें पता है कि एकमात्र तरीका है रन बनाते रहना, जो कैच मिलें उन्हें पकड़ना, रन-आउट करना और साथ ही कप्तान को सलाह देने के लिए तैयार रहना क्योंकि वे खुद कप्तान रह चुके हैं और उनके पास अनुभव है। '' गावस्कर ने कहा कि रोहित और कोहली के मामले में, उनकी शारीरिक क्षमताओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, जिसे वे दोनों आसानी से संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा, ''जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है और आप 35 साल के पार जाते हैं, तो आपके स्वभाव के बजाय आपकी शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उनके पास जो अनुभव है, उससे वे इसे आसानी से संभाल लेंगे। '' इस बीच गावस्कर ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के समय पर हैरानी जताई।
- नयी दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड में चल रहे टी20 विश्व कप में शीर्ष एशियाई टीम के तौर पर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है जबकि पुरुष टीम को सीधे क्वालीफाई करने के लिए इस साल के आखिर में विश्व रैंकिंग में महाद्वीप की शीर्ष टीम बनना होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को क्वालीफिकेशन मानदंडों की घोषणा की । क्रिकेट ओलंपिक में सौ साल बाद लौट रहा है और पुरूष तथा महिला वर्गों में छह छह टीमें भाग लेंगी । आईसीसी ने कहा, ''ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड), भारत और दक्षिण अफ्रीका ने चल रहे आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में क्रमश: ओशियाना, यूरोप, एशिया और अफ्रीका से शीर्ष रैंकिंग वाली टीम के तौर पर छह टीम वाली महिला स्पर्धा के लिए क्वालीफाई किया है। '' आईसीसी ने कहा, ''मौजूदा वनडे विश्व चैंपियन भारत का भले ही टी20 विश्वड कप का सफर उम्मीद से जल्दी खत्म हो गया लेकिन उसने एशिया का कोटा हासिल किया। '' भारतीय टीम रविवार को अपने आखिरी ग्रुप मैच में ऑस्ट्रेलिया से हारने के बाद सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई थी। आईसीसी ने कहा, '' यह टीम किसी एक आईओसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (एनओसी) के बजाय कई कैरेबियाई देशों का प्रतिनिधित्व करती है इसलिए यह सीधे ओलंपिक खेलों में हिस्सा नहीं ले सकती। '' वहीं पुरुषों के लिए अलग-अलग महाद्वीपों से चार कोटा स्थान रैंकिंग से तय होंगे ।आईसीसी ने कहा ,'' आईसीसी पुरूष टी20 टीम रैंकिंग में महाद्वीपों के आधार पर सबसे ऊंची रैंकिंग वाली राष्ट्रीय ओलंपिक समिति को ये चार कोटा स्थान आवंटित किये जायेंगे ।'' कट आफ की तारीख 31 दिसंबर 2026 रखी गई है ।मेजबान अमेरिका को पुरुष और महिला वर्ग में एक कोटा मिलेगा क्योंकि क्वालीफिकेशन अवधि के दौरान उसने रैंकिंग में 15 या उससे बेहतर स्थान पर रहने के आईसीसी के मानदंडों को पूरा किया है । 'फाइनल ओलंपिक ग्लोबल क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट' महिला और पुरूष वर्ग में अलग से आयोजित किया जायेगा जिसकी तारीखें बाद में तय होंगी । रैंकिंग के आधार पर क्वालीफाई नहीं कर सकी लेकिन पात्रता रखने वाली अगली आठ शीर्ष रैंकिंग वाली टीमें महिला और पुरूष वर्ग में एक स्थान के लिये मुकाबला करेंगी । अगर वेस्टइंडीज उन आठ टीमों में शामिल होती है जिन्होंने अभी तक क्वालीफाई नहीं किया है, तो आईसीसी एक 'वेस्टइंडीज नेशंस रीजनल टूर्नामेंट' आयोजित करेगा। इससे यह तय होगा कि फाइनल क्वालीफायर में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कौन सी एनओसी करेगी । फाइनल क्वालीफायर में महाद्वीपीय प्रतिनिधित्च की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी ।आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि क्वालीफिकेशन प्रक्रिया की घोषणा एक अहम पड़ाव है क्योंकि यह खेल एक सदी बाद ओलंपिक में वापसी कर रहा है और यह क्रिकेट खेलने वाले देशों के लिए दुनिया के सामने खेल को दिखाने का एक शानदार मौका होगा। शाह ने कहा, ''ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की वापसी हमारे खेल के लिए एक ऐतिहासिक पल है और दुनिया के सामने क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का एक जबरदस्त मौका है। इस क्वालीफिकेशन प्रक्रिया की पुष्टि लॉस एंजिलिस 2028 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दुनिया भर के सदस्यों को ओलंपिक मंच तक पहुंचने का एक साफ और रोमांचक रास्ता मिलता है। '' उन्होंने कहा, ''ओलंपिक खेल बहु स्पर्धा खेलों का शिखर हैं और लॉस एंजिलिस 2028 में क्रिकेट को शामिल करने से हर क्षेत्र के खिलाड़ियों और प्रशंसकों को प्रेरणा मिलेगी। यह एक ऐतिहासिक पल है और हमारे सदस्यों के लिए एक बड़ा मौका है क्योंकि हम खेल को आगे बढ़ा रहे हैं और इसे दुनिया भर में नए दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं। ''
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अर्लिंगटन. लियोनेल मेस्सी ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया जबकि जियोवानी लो सेल्लो मौजूदा विश्व कप में इस स्टार स्ट्राइकर के अलावा गोल करने वाले अर्जेंटीना के पहले खिलाड़ी बने जिससे मौजूदा चैंपियन ने जॉर्डन को 3-1 से हराकर ग्रुप चरण में तीनों मैच जीतकर क्लीन स्वीप किया। विश्व कप में अपने पहले मैच में खेल रहे लो सेल्सो ने 19वें मिनट में फ्री किक पर गोल करके अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई। मेस्सी ने स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में दूसरे हाफ में मैदान पर उतरने के बाद एक गोल दागा। इस तरह से मेस्सी लगातार सात विश्व कप मैचों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस स्टार स्ट्राइकर ने अपना 19वां गोल करके विश्व कप में सर्वाधिक गोल के अपने रिकार्ड को भी आगे बढ़ाया। मेस्सी ने 80वें मिनट में पेनल्टी बॉक्स के ठीक बाहर फाउल होने के बाद फ्री किक पर गोल किया।
इस टूर्नामेंट में छह गोल के साथ शीर्ष पर चल रहे मेस्सी अर्जेंटीना के उन नौ खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्हें शुरुआती लाइनअप में नहीं रखा गया था क्योंकि उसकी टीम ग्रुप जे में पहले ही पहला स्थान सुनिश्चित कर चुकी थी। मेस्सी ने अपने 39वें जन्मदिन के तीन दिन बाद 60वें मिनट में मैदान पर प्रवेश किया और फिर गोल करने में ज्यादा देर नहीं लगाई। उन्होंने सोमवार को इसी स्टेडियम में विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड तोड़ा था। मेस्सी ने अल्जीरिया और ऑस्ट्रिया के खिलाफ जीत में अर्जेंटीना के सभी पांच गोल किए थे, जिसमें विश्व कप में उनकी पहली हैट्रिक और फिर सोमवार को रिकॉर्ड बनाने वाले मैच में दो गोल शामिल थे। उन्होंने लगातार सात विश्व कप मैचों में गोल किए हैं। इससे पहले 39 वर्षीय मेस्सी फ्रांस के स्ट्राइकर जस्ट फॉन्टेन और ब्राजील के महान खिलाड़ी जैरज़िन्हो के साथ विश्व कप के लगातार छह मैचों में गोल करने वाले केवल तीन खिलाड़ियों में से एक थे। पहले हाफ में, लोटारो मार्टिनेज ने 31वें मिनट में पेनल्टी किक पर गोल करके अर्जेंटीना को 2-0 की बढ़त दिला दी। जॉर्डन की तरफ से एकमात्र गोल मूसा अल्तमारी ने 55वें मिनट में किया। अर्जेंटीना ने अपने पिछले नौ विश्व कप मैचों में सात जीत और दो ड्रॉ हासिल किए हैं। वह शुक्रवार को वह राउंड ऑफ 32 में केप वर्दे के खिलाफ खेलेगा, जो नॉकआउट राउंड में जगह बनाने वाला सबसे छोटा देश है। यह मैच मियामी में खेला जाएगा, जो मेस्सी की मेजर लीग सॉकर टीम का घरेलू मैदान है। -
डबलिन. पैरा बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत ने अंतरराष्ट्री स्तर पर अपना शानदार प्रदर्शन बरकरार रखते हुए ब्रिटिश एंड आयरिश इंटरनेशनल में पुरूषों के एकल एसएल3 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता । भगत ने फाइनल में हमवतन नितेश कुमार को 23 . 21, 21 . 14 से हराया । उन्होंने मिश्रित युगल एसएल3. एसएल5 में मनीषा रामदास के साथ कांस्य पदक हासिल किया ।
तोक्यो पैरालम्पिक चैम्पियन कृष्णा नागर ने मिश्रित युगल एसएच 6 में नित्या श्री के साथ रजत पदक जीता । वहीं पुरूष युगल और एकल में कांस्य पदक हासिल किया . -
पणजी. भारत ने पांचवीं एशिया कप ब्रिज चैम्पियनशिप में तीन रजत और एक कांस्य पदक जीते जबकि हांगकांग, चीन, इंडोनेशिया और आस्ट्रेलिया ने चार टीम वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया । भारत को टीम वर्गों में रजत और कांस्य पदक मिला जबकि युगल वर्ग में दो रजत पदक मिले । हांगकांग ए, इंडोनेशिया, चीन ए और आस्ट्रेलिया ने पुरूष , महिला, मिश्रित और सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीते । भारत के लिये युगल में सवलीन थडानी और साधना गुप्ता ने जबकि सीनियर वर्ग में सुबीर मजूमदार और सुजीत कुमार भट्टाचार्य ने रजत पदक जीते । भारत की सीनियर बी टीम को भी रजत पदक मिला ।













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