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- -तिलोत्तमा-विदरसा ने व्यक्तिगत फाइनल में बनाई जगहनई दिल्ली। भारत की तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। तीनों ने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 1763 पॉइंट्स बनाए। चीन ने 1773 पॉइंट्स के साथ टीम गोल्ड, जबकि कजाकिस्तान ने 1754 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज जीता।भारतीय तिकड़ी पूरे क्वालिफिकेशन में मेडल की दौड़ में बनी रही। नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग पोजीशन में उनके स्कोर ने एक मजबूत टीम टोटल बनाया। तिलोत्तमा और आशी शुरुआती स्टेज में लीडिंग शूटर्स में से थीं, जबकि विदरसा ने नीलिंग में मुश्किल शुरुआत के बाद काफी रिकवरी की। तिलोत्तमा खास तौर पर कंसिस्टेंट थीं। नीलिंग और प्रोन स्टेज के बाद वह टॉप तीन में पहुंच गईं। आखिरकार उन्होंने इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन में 590 पॉइंट्स के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और आठ-शूटर फाइनल में जगह बनाई।विदरसा ने भी आखिर में अहम बढ़त हासिल की। नीलिंग के दौरान स्टैंडिंग में नीचे गिरने के बाद उन्होंने प्रोन और स्टैंडिंग में मजबूती से वापसी की और 588 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर क्वालिफिकेशन पूरा किया। वह फाइनल में तिलोत्तमा के साथ शामिल हुईं। इस बीच, आशी एक मुश्किल स्टैंडिंग सीरीज़ के बाद इंडिविजुअल फाइनल में जगह नहीं बना पाईं। वह 585 पॉइंट्स के साथ 15वें स्थान पर रहीं, लेकिन टीम स्टैंडिंग में भारत के सिल्वर मेडल जीतने में उनका योगदान अहम रहा।क्वालिफिकेशन फॉर्मेट में शूटर्स को नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में 20-20 शॉट पूरे करने थे। तीनों एथलीट्स के कुल स्कोर से टीम मेडल पोजीशन तय हुई, जबकि टॉप आठ इंडिविजुअल परफॉर्मर फाइनल में पहुंचे। हर देश से ज्यादा से ज्यादा दो शूटर ही क्वालिफाई कर सकते थे। चीन की हान जियायू ने इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन में 594 पॉइंट्स के साथ टॉप किया, जबकि तिलोत्तमा के 590 पॉइंट्स ने उन्हें तीसरा स्थान दिलाया। विदरसा का 588 स्कोर छठे स्थान के लिए काफी था। टीम सिल्वर पहले ही पक्का हो चुका है। अब ध्यान इंडिविजुअल फाइनल पर है। तिलोत्तमा और विदरसा का ध्यान एक और पदक पर होगा।
- नई दिल्ली। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को तीसरा गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। बेहद रोमांचक और करीबी रहे इस मुकाबले में भारत ने आखिरी समय तक अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी थी। ईरान भी वापसी के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। मैच के आखिरी मिनट में ईरान को मुकाबले में बने रहने के लिए पॉइंट्स की जरूरत थी। भारत के डिफेंस ने आयनाज पर एक जरूरी टैकल करके मुकाबला आसानी से जीत लिया। 37-34 से मैच जीतकर भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।पूरे टूर्नामेंट में भारत की तरफ से शानदार प्रदर्शन करने वाली संजू देवी ने एक बार फिर अहम भूमिका निभाई। भारतीय महिला कबड्डी टीम में पूजा, राज रानी, सोनाली विष्णु शिंगटे, पुष्पा, भावना देवी, रितु, संजू देवी, रितु नेगी, मनीषा कुमारी, पिंकी रॉय, ज्योति और निकिता शामिल थीं। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का भी शनिवार को ही फाइनल मुकाबला होने वाला है। भारतीय पुरुष टीम भी ईरान से ही भिड़ेगी। भारतीय टीम भी गत चैंपियन है और ईरान के खिलाफ अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी।भारतीय दल के लिए शनिवार का दिन अच्छा रहा है। सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में 2:11:37 के नेशनल रिकॉर्ड टाइम के साथ सिल्वर मेडल जीता। बरवाल ने एशियन गेम्स मैराथन में पदक के लिए भारत का 44 साल का इंतजार समाप्त किया। भारत ने महिलाओं के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद की मदद से सिल्वर मेडल भी जीता। स्क्वैश में, जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने हांगकांग के टैंग मिंग होंग और ली का यी के खिलाफ मिक्स्ड डबल्स सेमीफाइनल हारने के बाद ब्रॉन्ज मेडल जीता।
- नई दिल्ली। भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में रजत पदक जीता। उनके इस पदक के साथ एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन में भारत का 44 साल का पदक इंतजार समाप्त हो गया। नेशनल रिकॉर्ड धारक बरवाल ने नागोया में आयोजित 42.195 किलोमीटर की मैराथन में कड़े मुकाबले के बीच लगातार पदक की दौड़ में बने रहते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उनका रजत पदक 1982 के एशियन गेम्स के बाद इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। साथ ही, यह विदेशी धरती पर एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन में किसी भारतीय एथलीट का पहला पदक भी है।मैराथन सुबह 4 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू हुई, जिसमें बरवाल और साथी भारतीय धावक कार्तिक करकेरा सहित 19 प्रतिभागी शामिल थे। बरवाल शुरुआती स्टेज में लीडिंग ग्रुप में मजबूती से बने रहे, फिर जैसे-जैसे रेस आगे बढ़ी, उन्होंने सबसे आगे अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। आधे रास्ते तक, बरवाल पहले ही दूसरे स्थान पर थे। इसके बाद, जब रेस आगे बढ़ने लगी, तो वह मेडल की दौड़ में बने रहे और 35 किलोमीटर के निशान पर 1:49:29 की रिपोर्टेड टाइमिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहे।रेस के लगभग सात किलोमीटर बाकी रहने पर बरवाल जापान के इचिताका यामाशिता का पीछा कर रहे थे। जापानी धावक ने एक बड़ा गैप बना लिया, लेकिन बरवाल ने आखिरी स्टेज तक अपनी जगह बनाए रखी और सिल्वर मेडल की दौड़ में बने रहे। बरवाल की इस कामयाबी से भारत के ऐतिहासिक एशियन गेम्स मैराथन मेडल की गिनती में चौथा मेडल जुड़ गया है। छोटा सिंह ने पहले 1951 एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था, जबकि सूरत सिंह माथुर ने उसी एडिशन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। होसुर कुक्कप्पा सीतारण ने 1982 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। बरवाल का सिल्वर मेडल अब 44 सालों में कॉन्टिनेंटल इवेंट में भारत का पहला मैराथन मेडल बन गया है। रेस में दूसरे भारतीय कार्तिक करकेरा 2:22:41 में मैराथन पूरी करके 17वें स्थान पर रहे।
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नागोया. भारतीय रोवर सतनाम सिंह और सलमान खान ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष युगल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर रही लेकिन आखिरी 500 मीटर में वह तीसरे स्थान पर खिसक गई। दोनों ने 'नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स' पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय लिया। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही।
सतनाम ने इससे पहले हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स स्पर्धा में भी कांस्य पदक जीता था। इससे पहले भारत रोइंग में एक और पदक से मामूली अंतर से चूक गया। बलराज पंवार पुरुष सिंगल स्कल्स के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने छह मिनट 54.80 सेकंड का समय लिया। पंवार 500, 1,000 और 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बने हुए थे लेकिन अंतिम 500 मीटर में वह फिसलकर चौथे स्थान पर पहुंच गए। चीन के देंग झीवेई ने छह मिनट 38.98 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। पंवार स्वर्ण पदक विजेता से 15.82 सेकंड पीछे रहे. -
नागोया/वरिंदर सिंह, नाओचा सिंह लैटोनजाम, ओइनाम अरुण सिंह और हर्षवर्धन सिंह शक्तावत की भारतीय टीम ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों के कैनो स्प्रिंट स्पर्धा में पुरुषों की कयाक फोर 500 मीटर रेस के फाइनल (ए) के लिए क्वालीफाई किया। भारतीय टीम 1:29.447 के समय के साथ चीन और किर्गिस्तान के पीछे तीसरे स्थान पर रही।
महिला कैनो सिंगल 200 मीटर में मेघा प्रदीप ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वह छह रोअर्स में 49.675 के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। इस वर्ग में शीर्ष तीन ने फाइनल के लिए जगह बनाई।
सोनिया देवी फाइरेम्बम और पार्वती गीता की जोड़ी महिला कयाक डबल 500 मीटर की हीट 1 में 2:03.538 के समय के साथ छठे स्थान पर रही और सेमीफाइनल में प्रतिस्पर्धा करेगी। इसी तरह, पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर में प्रसन्ना कुमार सत्यप्रकाश चेम्पाडियिल और प्रोहित बरई की भारतीय जोड़ी ने हीट 2 में 1:41.141 का समय दर्ज करते हुए पांचवें स्थान पर रहकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला कैनो डबल 500 मीटर में मेघा और नेहा देवी लीचोनबाम की भारतीय जोड़ी ने हीट 2 में 2:08.713 के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
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नागोया. भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार के साथ कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। यह 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के रजत पदक के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में भारत का पहला पदक है। मीराबाई ने बाद में कहा, ''एशियाई खेलों में पदक जीतना सपना सच होने जैसा है। मैं पिछले 12 वर्षों से, 2014 के एशियाई खेलों से ही इस पदक के लिए कोशिश कर रही थी। इस पदक के साथ मेरा जीवन पूर्ण हो गया है। अब मैं बहुत हल्का महसूस कर रही हूं। ये मेरे सपनों के एशियाई खेल हैं।'' उत्तर कोरिया की दो बार की विश्व चैंपियन री सोंग गम ने उम्मीदों पर खरे उतरते हुए कुल 215 किलोग्राम (94 और 121 किलोग्राम) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों में खिताबी हैट्रिक पूरी की। उन्होंने कुल वजन में विश्व रिकॉर्ड बनाया। इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रिविजयाना ने 191 किलोग्राम (88 और 103 किलोग्राम) भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
मीराबाई ने अभी तक ओलंपिक से लेकर विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते थे लेकिन वह एशियाई खेलों में यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई थी। मीराबाई ने ओलंपिक में रजत पदक, विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण सहित तीन पदक तथा राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के अलावा एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता है। मीराबाई ने 2014 में अपने पहले एशियाई खेलों में नौवां स्थान हासिल किया था। वह पीठ की चोट के कारण 2018 के एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी जबकि पिछले एशियाई खेलों में वह चौथे स्थान पर रही थी। अपनी मां के उपहार में दिए गए ओलंपिक रिंग की तरह के सोने के झुमके पहने और बालों में तिरंगे का रिबन लगाए मीराबाई पदक जीतने के दृढ़ लक्ष्य के साथ मंच पर पहुंची। मीराबाई ने स्नैच में 83 किलोग्राम के साथ शुरुआत की और फिर अपने अगले दो प्रयासों में 85 किलोग्राम और 87 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता के पहले चरण में तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का भार उठाकर एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीता। रजत पदक पक्का होने के बाद उन्होंने अपना आखिरी प्रयास नहीं लिया। उन्होंने कहा, ''जब से मैंने भारोत्तोलन में कदम रखा तब से मेरा सपना एशियाई खेलों में पदक जीतना रहा है। एशियाई खेलों से पहले या उसके दौरान कुछ न कुछ होता रहा, लेकिन इस बार मैंने अपना सपना पूरा कर लिया।'' मीराबाई यह पदक जीतने के लिए इतनी प्रतिबद्ध थी कि पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के अगले दिन बाद ही वह अभ्यास में लग गई थी। अब उनका लक्ष्य 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों में पदक जीतना होगा। उन्होंने कहा, ''मैंने अभी तक लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए अपनी रणनीति तय नहीं की है। क्वालिफिकेशन प्रक्रिया दिसंबर में शुरू होगी। मैं कुछ समय तक इस पदक का जश्न मनाऊंगी और फिर फैसला करूंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीराबाई को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनके 'दृढ़ संकल्प और निरंतर अच्छा प्रदर्शन' करने से देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। मोदी ने कहा, ''मीराबाई चानू के लिए एक विशेष रजत पदक। भारोत्तोलन में महिला 49 किलोग्राम वर्ग में पदक जीतने पर उन्हें हार्दिक बधाई। उनका दृढ़ संकल्प और निरंतरता पूरे देश को प्रेरित करती है। भारत को उन पर गर्व है। उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं।'' राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किग्रा वर्ग में निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए आठवां स्थान हासिल किया। तेइस वर्षीय ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 108 किग्रा वजन उठाया। उनका कुल स्कोर 195 किग्रा रहा जो जुलाई में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक दिलाने वाले उनके 199 किग्रा के प्रदर्शन से चार किग्रा कम था।
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नागोया. दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में क्वालीफाइंग राउंड में तीसरा स्थान हासिल करने के बाद महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली भाकर ने 579 का स्कोर बनाकर तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि ईशा सिंह 572 के स्कोर के साथ 15वें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। सुरुचि सिंह 568 के स्कोर के साथ 26वें स्थान पर रहीं। भारत महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में वियतनाम से पदक से चूक गया। दोनों टीमों के समान 1719 अंक रहे लेकिन भारत ने 10 अंक पर कम शॉट लगाए थे जिससे उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। भारत ने अभी तक निशानेबाजी में पांच पदक जीते हैं जिनमें चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल है।
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नागोया. भारत एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बृहस्पतिवार से अपने अभियान की शुरुआत करेगा जिसमें शॉट पुट के स्टार खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर स्वर्ण पदक की ऐतिहासिक हैट्रिक बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह पिछली बार जीते गए पदक के रंग को बेहतर करने का लक्ष्य रखेंगे। एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में भारत अच्छा प्रदर्शन करता रहा है और उम्मीद है कि इस बार भी वह पदक बटोरने में किसी तरह की कोताही नहीं बरतेगा। उसे हालांकि भाला फेंक के सुपर स्टार नीरज चोपड़ा की कमी खलेगी जो चोट के कारण बाहर हो गए हैं। भारत की 75 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम का लक्ष्य 25 से 30 पदक जीतना है। पिछली बार चीन के हांगझोऊ में टीम ने 29 पदक जीते थे, जिनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। ट्रिपल जम्पर आशा इलांगो बृहस्पतिवार को भारतीय अभियान की शुरुआत करेंगी। उनके बाद सीमा 10,000 मीटर दौड़ में उतरेंगी।
बृहस्पतिवार को ही होने वाली अन्य पदक स्पर्धा चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में भारत पदक का प्रबल दावेदार है। स्प्रिंटर अनिमेष कुजुर और गुरिंदरवीर सिंह भी अपनी 100 मीटर हीट दौड़ में भाग लेंगे। अगर तूर स्वर्ण पदक जीतते हैं तो उनका नाम इतिहास की किताबों में दर्ज हो जाएगा क्योंकि वह एक ही स्पर्धा में लगातार तीन एशियाई खेलों में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले पहले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट बन जाएंगे। महान थ्रोअर प्रद्युमन सिंह बराड़ ने 1954 और 1958 के एशियाई खेलों में शॉट पुट में दो स्वर्ण पदक जीते थे और अगर तूर जीत जाते हैं तो वह उनसे आगे निकल जाएंगे। हालांकि, बराड़ के नाम तीन स्वर्ण पदक हैं, जिनमें 1954 के खेलों में डिस्कस थ्रो में जीता गया एक और स्वर्ण पदक शामिल है। किसी भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट द्वारा सबसे अधिक स्वर्ण और कुल पदक जीतने का रिकॉर्ड दिग्गज पीटी उषा के नाम है। उनके नाम पर चार स्वर्ण (सभी 1986 सियोल में) और सात रजत पदक दर्ज हैं। श्रीशंकर ने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था और यह 27 वर्षीय खिलाड़ी इस बार स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगा। इस सत्र में उन्होंने जिन सात प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उन सभी में उन्होंने आठ मीटर से अधिक की छलांग लगाई है। उन्होंने इस सत्र में 8.38 मीटर की छलांग लगाई है जो एशियाई खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ है। उन्हें चीन के युआन चेनलोंग और उज्बेकिस्तान के अनवर अनारोव से कड़ी चुनौती मिल सकती है। भारत ने डेविड सोलोमन को भी मैदान में उतारा है, जिन्हें चोटिल शाहनवाज खान की जगह अंतिम समय में टीम में शामिल किया गया है। गुलवीर तीन स्पर्धाओं 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10,000 मीटर में भाग लेंगे और वह कम से कम दो पदक जीतने की कोशिश करेंगे। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में 10,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था तथा 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड उनके नाम है। गुलवीर का 5000 मीटर दौड़ में मुकाबला इथियोपिया में जन्मे बहरीन के बिरहानु बलेव से होगा, जो मौजूदा चैंपियन हैं। गुलवीर को 10,000 मीटर दौड़ में भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि जापान के शीर्ष धावक मेबुकी सुजुकी भी मुकाबले में हैं। अविनाश साबले पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी, क्योंकि इस सत्र में एक ही प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बावजूद वह पिछले एशियाई खेलों में जीता हुआ 3000 मीटर स्टीपलचेज़ का स्वर्ण पदक बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। पिछले साल एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की सर्जरी के बाद उन्हें चोट के चलते लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा था। उन्हें आखिरी समय में 5000 मीटर दौड़ में भी शामिल किया गया है, जिसमें उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली लंबी कूद खिलाड़ी एंसी सोजन ने इस सत्र में एशियाई खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं।
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में चोपड़ा की अनुपस्थिति के बावजूद भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह पदक के दावेदार हैं। स्वर्ण पदक जीतने के प्रबल दावेदार श्रीलंका के रुमेश पथिरागे हैं, जिन्होंने इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से अधिक की दूरी तय की है और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 92.62 मीटर रहा है। पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी दौड़ में हैं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक डेकाथलॉन खिलाड़ी तेजस्विन शंकर को जापान के युमा मारुयामा के खिलाफ कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना होगा, जो 10 स्पर्धाओं में 8321 अंकों के साथ एशियाई सत्र के चार्ट में शीर्ष पर हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे भी पदक के दावेदार हैं हालांकि वह भी मामूली चोट से जूझ रहे हैं। उन्हें कई खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना पड़ेगा जिनमें कतर के कई ओलंपिक और विश्व पदक विजेता मुताज़ ईसा बरशिम भी शामिल हैं। ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रवेल और 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी ने पिछले एशियाई खेलों में क्रमशः कांस्य और रजत पदक जीते थे, लेकिन हाल ही में दोनों को मामूली चोटों से जूझना पड़ा था। विशाल टीके (400 मीटर), पारुल चौधरी (3000 मीटर स्टीपलचेज़), हरिता भद्रा (200 मीटर) और पूजा सिंह (ऊंची कूद) पदक जीतने के अन्य दावेदार हैं।
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निशिन (जापान) . गत चैंपियन भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की महिला टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में लगातार दूसरी बार जगह बनाकर पदक पक्का किया। भारत ने निशानेबाजी में पहले ही दो रजत पदक जीतने के अलावा मिश्रित मार्शल आर्ट में एक कांस्य पदक पक्का कर लिया है। महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 114 रन से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया। शेफाली वर्मा ने 49 गेंद में नाबाद 100 रन की पारी खेलकर टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला शतक जड़ा जिससे भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर बनाया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर आउट हो गई। बांग्लादेश के खिलाफ रन के लिहाज से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। भारत की तरफ से दीप्ति शर्मा ने सात जबकि नंदनी शर्मा ने 25 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाए। श्री चरणी ने भी सात रन देकर दो विकेट हासिल किए। भारत अब मंगलवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में श्रीलंका से भिड़ेगा। पिछले एशियाई खेलों में भी फाइनल इन्हीं दोनों टीम के बीच हुआ था। दोनों टीम पिछले रविवार को महिला टी20 एशिया कप के फाइनल में भी आमने-सामने थीं जिसमें भारत ने 72 रन से जीत दर्ज की थी। श्रीलंका ने रविवार को पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को आठ विकेट से हराया। पाकिस्तान अब मंगलवार को कांस्य पदक के लिए बांग्लादेश से भिड़ेगा। बांग्लादेश की ओर से सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर ने 23 गेंद पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से सर्वाधिक 27 रन बनाए। उनके अलावा सुल्ताना खातून (नाबाद 12) और शर्मिन अख्तर (10) ही दोहरे अंक में पहुंच पाईं। इससे पहले शेफाली ने अपने नाबाद शतक के दौरान नौ छक्के और तीन चौके लगाए। अपना 118वां मैच खेल रही शेफाली का यह सबसे छोटे प्रारूप में पहला शतक है। शेफाली टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक जड़ने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय महिला बल्लेबाज हैं।
दाएं हाथ की इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज को दूसरे छोर पर अनुभवी स्मृति मंधाना (37) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (40) का अच्छा साथ मिला। दोनों भारतीय सलामी बल्लेबाजों शेफाली और स्मृति ने शुरूआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए पहले विकेट के लिए 72 रन जोड़े। शेफाली और स्मृति ने बांग्लादेशी गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किए और रन गति बनाए रखी। बांग्लादेशी गेंदबाजों के पास उनके आक्रामक तेवर का कोई जवाब नहीं था। हालांकि पावरप्ले की अंतिम गेंद पर यह साझेदारी टूट गई। नाहिदा अख्तर की गेंद पर स्मृति ने स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में शोभना मोस्तरी को कैच थमा दिया। तीसरे नंबर पर उतरीं गुनालन कमालिनी बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर 10 गेंद में सिर्फ तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। दूसरे छोर पर शेफाली ने आक्रामक रुख जारी रखा। उन्होंने नौ छक्के और तीन चौके लगाकर सहजता से गेंद को सीमा रेखा के पार भेजा लेकिन शतक पूरा करने के लिए उन्हें भारत की पारी के अंतिम ओवर तक इंतजार करना पड़ा। कप्तान हरमनप्रीत ने बीच के ओवरों में शेफाली का अच्छा साथ देते हुए 33 गेंद में 40 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 55 गेंद में 94 रन की साझेदारी की। भारत 200 से अधिक रन बनाने की स्थिति में दिख रहा था लेकिन पारी के अंतिम चरण में विकेट गिरने से उसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। 18वें ओवर में हरमनप्रीत को बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने राबिया खान की गेंद पर स्टंप किया जिसके बाद ऋचा घोष भी दो रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गईं। -
नागोया. इलावेनिल वलारिवान के शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपने पदकों का खाता निशानेबाजी में दो रजत के साथ खोला जबकि 'मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स' में अप्रत्याशित रूप से पदक पक्का किया और लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीतने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया। दिन के कुछ अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शनों में पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीम की शुरुआती मुकाबले में बड़ी जीत के साथ-साथ बैडमिंटन और टेबल टेनिस की टीम स्पर्धाओं में शानदार शुरुआत शामिल रही। हालांकि 27 वर्षीय वलारिवान दिन की स्टार रहीं। अपने पिछले दो एशियाई खेलों में पदक से चूकने वाली वलारिवान ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया। 2025 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता वलारिवान ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में 252.4 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। वह स्वर्ण पदक जीतने वाली जापान की हिनाता ताइची से महज 0.6 अंक पीछे रहीं। ताइची ने 253.0 अंक के साथ एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले वलारिवान ने सोनम उत्तम मस्कर और एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहीं विदर्सा विनोद के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी दूसरा स्थान हासिल किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनके शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर राइफल महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर इलावेनिल वलारिवान को बधाई। यह दिन का उनका दूसरा पदक था, जिससे यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है। उनके आगामी प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। '' उन्होंने कहा, ''कड़ी मेहनत और 'टीमवर्क' शानदार नतीजे देते हैं। एशियाई खेल 2026 की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली सोनम उत्तम मस्कर, इलावेनिल वलारिवान और विदर्सा के विनोद पर गर्व है। '' वलारिवन का शानदार प्रदर्शन 36 वर्षीय सुचिका तारियाल के महिला 60 किग्रा वर्ग के 'मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स' (एमएमए) सेमीफाइनल में पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद आया। इस खेल विधा को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। तारियाल ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। तारियाल ने जूडो में भी हाथ आजमाया है और भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं। उन्होंने 12 साल की उम्र में सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ के सदमे से निपटने के लिए इस मार्शल आर्ट को सीखना शुरू किया था। वहीं निशिन शहर में गत चैंपियन भारत ने महिला टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में लगातार दूसरी बार जगह बनाकर पदक पक्का किया। टीम ने बांग्लादेश को 114 रन से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया। शेफाली वर्मा ने 49 गेंद में नाबाद 100 रन की पारी खेलकर टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला शतक जड़ा जिससे भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर बनाया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर आउट हो गई। बांग्लादेश के खिलाफ रन के लिहाज से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। भारत अब मंगलवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में श्रीलंका से भिड़ेगा। पिछले एशियाई खेलों में भी फाइनल इन्हीं दोनों टीम के बीच हुआ था। वहीं काकामिगाहारा मेंभारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम ने पूल के शुरूआती मैच में बड़ी जीत दर्ज की।
दीपिका ने शानदार खेल का नमूना पेश करते हुए आठ गोल दागे जिससे भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूल बी में अपने पहले मैच में कमजोर उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त दी जबकि पुरुष टीम ने दिलप्रीत सिंह के चार गोल की मदद से इंडोनेशिया को 13-1 से शिकस्त दी। टेबल टेनिस में भारतीय महिला टीम ने ग्रुप एफ के अपने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए सिंगापुर को 3-2 से हराया जबकि पुरुष टीम को ग्रुप एफ के अपने दूसरे मुकाबले में ईरान के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले भारत की पुरुष और महिला टीम ने अपने अभियान की शुरुआत अपने-अपने ग्रुप एफ मुकाबलों में इंडोनेशिया पर 3-0 की समान जीत के साथ की। अब भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीम का सामना सोमवार को पाकिस्तान से होगा। भारत ने बैडमिंटन की महिला टीम स्पर्धा में निचली रैंकिंग पर काबिज कजाखस्तान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली जहां उसके सामने मेजबान जापान की कड़ी चुनौती होगी जिसमें पीवी सिंधू, उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने एक भी गेम गंवाए बिना अपने मुकाबले जीते। वहीं भारत की क्विम्सी डिसूजा को टेकबॉल में दोहरा झटका लगा जब वह महिला एकल में कांस्य पदक से चूक गईं और कुछ ही मिनटों बाद मोहम्मद अनस बेग के साथ मिश्रित युगल में तीसरे स्थान के मुकाबले में भी हार गईं। क्विम्सी ने महिला एकल के कांस्य पदक के मैच में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में वह स्थानीय खिलाड़ी युइना सकामोटो से 0-2 (11-12 11-12) से हार गईं। इसके बाद मिश्रित युगल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया न्गिह ट्रिन्ह से 0-2 (9-12 6-12) से हार का सामना करना पड़ा। भारत को एक और निराशा मिली जब एमएमए फाइटर वरुण सान्याल को प्रतिस्पर्धा किए बिना ही एशियाई खेलों से हटने के लिए बाध्य होना पड़ा क्योंकि वह क्रूज जहाज पर 'सौना बाथ' सत्र के दौरान अत्यधिक थकान और 'डिहाइड्रेशन' (शरीर में पानी की कमी) के कारण बेहोश हो गए। तैराक ऋषभ दास ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में 54.77 सेकेंड का समय निकालकर छठा स्थान हासिल किया। ऋषभ स्वर्ण पदक विजेता चीन के शू जियायु से 2.79 सेकेंड पीछे रहे। शू ने 51.98 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। सूरज सिंह मयांगलांबम पुरुषों के चांगक्वान वुशु फाइनल में 11वें स्थान पर रहे। सूरज ने ऐची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में 21 प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए कुल 9.683 अंक हासिल किए।
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लंदन. अलीगढ़ से क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में खेलने वाले एकमात्र क्रिकेटर रिंकू सिंह को उम्मीद है कि वह अपने शहर की पहचान दुनिया भर में बढ़ा सकेंगे और इसके लिए उन्होंने बृहस्पतिवार को लंदन में ब्रिटेन की एक 'स्पोर्ट्स मार्केटिंग' एजेंसी के साथ करार किया। 'ईएमडब्ल्यू ग्लोबल' ने टी20 विश्व कप विजेता बल्लेबाज रिंकू को अपना पहला क्रिकेट खिलाड़ी बनाया है। इसके साथ ही रिंकू ऐसे वैश्विक करार पर हस्ताक्षर करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के इस स्टार ने एजेंसी के मुंबई मुख्यालय के उद्घाटन समारोह में नेट्स पर बल्लेबाजी भी की। रिंकू ने कहा, ''मैं अलीगढ़ का पहला खिलाड़ी हूं जो आईपीएल और भारतीय टीम के लिए खेला है। यह मेरे लिए गर्व की बात है। '' उन्होंने कहा, ''अब जब मैं ईएमडब्ल्यू ग्लोबल के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रख रहा हूं, तो उम्मीद है कि इससे न केवल मुझे, बल्कि उस जगह को भी फायदा होगा, जहां से मैं आता हूं। '' रिंकू ने बताया कि वह ईएमडब्ल्यू के साथ इसलिए जुड़े क्योंकि यह एजेंसी लियोनेल मेसी और नेमार जूनियर जैसे बड़े फुटबॉल सितारों के साथ काम कर चुकी है। साथ ही, यह खिलाड़ियों की असली पहचान बनाए रखने पर जोर देती है। उन्होंने कहा, ''मैं अपनी संघर्ष की कहानी को वैश्विक मंच तक ले जाना चाहता था। मेरी कहानी एक साधारण परिवार से निकलकर आगे बढ़ने की है।
- नयी दिल्ली. भारत को अक्टूबर में बाकू में होने वाले पहले फीफा अंडर-15 विश्व कप और महोत्सव अजरबैजान 2026 के 'ग्रुप के' में बहरीन, कैमरून, ग्रेनाडा, लाओस और सेनेगल के साथ रखा गया है। भारतीय अंडर-15 पुरुष टीम बाकू में क्वालीफिकेशन चरण के दौरान तीन दिन में पांच मुकाबले खेलेगी। भारत 24 अक्टूबर को लाओस के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके अगले दिन 25 अक्टूबर को भारत दो मुकाबले खेलेगा। पहले उसका सामना कैमरून से होगा और फिर ग्रेनाडा के खिलाफ मैच होगा। फिर 26 अक्टूबर को एक और 'डबल-हेडर' के साथ क्वालीफिकेशन चरण पूरा करेगा जिसमें पहले वह बहरीन से भिड़ेगा और इसके बाद सेनेगल के खिलाफ खेलेगा।कोच बिबियानो फर्नांडिस के मार्गदर्शन में भारतीय टीम फिलहाल बेंगलुरु स्थित खेल उत्कृष्टता केंद्र में ट्रेनिंग कर रही है। अजरबैजान रवाना होने से पहले टीम घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबले भी खेलेगी। इसके बाद 14 खिलाड़ियों की टीम अजरबैजान की यात्रा करेगी। इस टूर्नामेंट में सभी फीफा सदस्य संघों को भाग लेने की अनुमति है। कुल 191 राष्ट्रीय टीम को 32 ग्रुप में बांटा गया है। प्रतियोगिता के छह दिन में 20 मैदानों पर कुल 943 मैच खेले जाएंगे। फीफा अंडर-15 विश्व कप और महोत्सव के मुकाबले आठ खिलाड़ियों वाली टीम के प्रारूप में खेले जाएंगे। मैच में 20-20 मिनट के दो हाफ होंगे जिनके बीच पांच मिनट का ब्रेक होगा। मैदान का आकार 68 मीटर गुणा 50 मीटर होगा। पूरे मैच के दौरान खिलाड़ियों को बदलने की अनुमति होगी।
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नयी दिल्ली. पिछले तीन सत्र विदेश में कराने के बाद आईपीएल 2027 सत्र के लिये खिलाड़ियों की नीलामी भारत में होगी । आईपीएल चेयरमैन अरूण धूमल ने यह जानकारी दी । पिछले तीन सत्र में नीलामी दुबई, जेद्दा और अबुधाबी में हुई है । धूमल ने कहा ,हर साल हम कोशिश करते हैं कि यह भारत में हो लेकिन शादियों के समय के कारण हमें जगह नहीं मिलती । इस बार हम भारत में ही करायेंगे क्योंकि यह छोटी नीलामी होगी और हमें वेन्यू मिल जायेगा। बीसीसीआई की 18 सितंबर को होने वाली एजीएम के दौरान धूमल का आईपीएल चेयरमैन फिर चुना जाना तय है ।
नीलामी कहां होगी, यह बीसीसीआई के पसंदीदा शहरों में उपलब्धता पर निर्भर करेगा ।
संचालन परिषद की हाल ही में हुई बैठक में 'इंपैक्ट खिलाड़ी ' के विवादित नियम पर भी चर्चा की गई । बीसीसीआई ने टीमों से ताजा फीडबैक मांगा था हालांकि यह नियम 2027 तक लागू रहने वाला है । भारत के वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, स्टार हरफनमौला हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने इस नियम पर ऐतराज जताया है । आईपीएल 2026 से पहले अधिकांश कप्तानों ने इसे लेकर बीसीसीआई से ऐतराज जताया है जिससे नियम को खत्म करने की मांग सामने आई है । धूमल ने कहा कि बीसीसीआई इसकी समीक्षा के लिये तैयार है । उन्होंने कहा ,'' इस मसले पर बातचीत हो रही है । हम सभी पक्षों से फीडबैक लेंगे जिसके बाद ही फैसला लिया जायेगा ।'' इस नियम के तहत टीमें मैच में किसी भी समय एक स्थानापन्न खिलाड़ी ला सकती हैं । एजीएम में धूमल के अलावा खैरूल मजूमदार भी आईपीएल संचालन परिषद में फिर चुने जायेंगे । -
दुबई। क्रिकेट में भारत ने महिला एशिया कप 2026 जीत लिया है। फाइनल में उसने श्रीलंका को 72 रन से हराकर 8वीं बार एशिया कप अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारत ने 2024 के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का बदला भी ले लिया।
एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और T20 प्रारूपों में एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका पर भारत की यह छठी जीत है, जिसमें 2004 का संस्करण भी शामिल है। जिसमें भारत ने दो टीमों के टूर्नामेंट में श्रीलंका को 5-0 से हराया था।
सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की रिकॉर्ड 129 रनों की साझेदारी की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 183 रन बनाए। इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका को 19 ओवर और 4 गेंदों में 111 रन पर समेट दिया, जिसमें श्री चरणी ने चार विकेट और दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लिए। शेफाली वर्मा को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला टी20 एशिया कप चैम्पियनशिप 2026 जीतने पर भारतीय टीम के सभी सदस्यों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरी प्रतियोगिता के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने सभी मैच जीते और देश का नाम रोशन किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ये खिलाड़ी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि टीम सफलता और उत्कृष्टता के कई और प्रेरणादायक अध्याय लिखेगी।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि पूरे टूर्नामेंट में टीम के अपराजित अभियान, असाधारण टीम वर्क और अटूट दृढ़ संकल्प ने देश को अपार गौरव दिलाया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, निरंतरता और अद्भुत जज्बा साफ तौर पर दिखाई दिया। महिला टीम को बधाई देते हुए श्री मोदी ने कामना की कि यह जीत देश भर के लाखों युवाओं को और अधिक खेलने और चमकने के लिए प्रेरित करे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला टी20 एशिया कप 2026 की चैंपियन बनने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर श्री बिरला ने टूर्नामेंट में अपराजित रहने और आठवीं बार एशिया कप जीतने के लिए टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्रिकेटरों ने टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का शानदार प्रदर्शन किया और यह जीत भारत की बेटियों की ताकत, मेहनत और सपनों की जीत है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। -
-विश्व कप का टिकट पक्का
मोकी (चीन) . सानिका चंद्रकांत माने के गोल की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार एएचएफ जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम करते हुए जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। गत चैंपियन भारत के लिए सानिका ने 17वें मिनट में निर्णायक गोल किया।
खिताबी मुकाबले की शुरुआत में दोनों टीमें गेंद पर पकड़ बनाने के लिए संघर्ष करते दिखी। चीन ने अधिक समय तक गेंद अपने कब्जे में रखते हुए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और शुरुआती दबाव को अच्छी तरह झेला। पहले क्वार्टर के आगे बढ़ने के साथ भारत की रक्षापंक्ति और मजबूत होती गई। मेजबान टीम भारतीय सर्किल में कोई स्पष्ट मौका बनाने में नाकाम रही। दूसरे क्वार्टर के शुरू होने के दो मिनट बाद भारत ने अपने पहले बड़े मौके को गोल में बदल दिया। सानिका ने शानदार सूझबूझ दिखाते हुए चीन की डिफेंडर के पीछे जगह बनाई और गोल से करीब पांच मीटर की दूरी पर पहुंच गईं। उन्होंने चीन की सर्किल में आए लंबे स्लैप-पुश पर अपनी स्टिक लगाकर खूबसूरत डिफ्लेक्शन किया, जिससे गेंद गोलकीपर शू मेंगजियाओ को छकाते हुए नेट में चली गई। चीन के पास बराबरी करने का एकमात्र मौका पेनल्टी कॉर्नर से मिला।चीन का सीधा शॉट निर्धारित ऊंचाई से ऊपर गोल में पहुंचा और नियमों के तहत उसे अमान्य करार दिया गया। इससे भारतीय खेमे ने राहत की सांस ली, जबकि घरेलू दर्शकों को निराशा हाथ लगी। हाफ टाइम से दो मिनट पहले भारत बढ़त को दोगुना करने का मौका गंवा दिया। कप्तान खैदेम शिलेमैमा चानू ने गोल पर शानदार शॉट लगाया, लेकिन चीन की गोलकीपर ने तेजी से गेंद को बाहर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में चीन ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और सात मिनट बाद बराबरी के करीब पहुंच गया। बेसलाइन से चीन के खिलाड़ी ने बेहतरीन मूव बनाते हुए गोल के सामने खतरनाक कट-बैक दिया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने खतरे को भांपते हुए समय रहते गेंद को नियंत्रित कर लिया। अंतिम क्वार्टर पूरी तरह भारतीय रक्षा के धैर्य और दृढ़ता की परीक्षा बन गया। गत चैंपियन टीम ने अपने सर्किल के आसपास अनुशासित और मजबूत रक्षात्मक ढांचा बनाए रखा और चीन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। चीन ने आखिरी मिनटों में बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी संरचना नहीं टूटने दी और संयम के साथ 1-0 की बढ़त बचाकर यादगार जीत दर्ज की। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया। एलीट पूल में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ शीर्ष पर रहने के बाद भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 से करारी शिकस्त दी और फिर फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब बरकरार रखा। इस शानदार उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की। -
साल्टिलो (मेक्सिको) . भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा इस साल सत्र के अंत में होने वाले विश्व कप फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले देश के एकमात्र तीरंदाज हैं और उनका लक्ष्य रविवार को यहां इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पहला पदक जीतने का होगा। एक दिन की यह प्रतियोगिता सीधे नॉकआउट प्रारूप में होगी और क्वार्टर फाइनल से शुरू होगी। इसका मतलब है कि किसी तीरंदाज के लिए दो जीत पदक पक्का करने के लिए काफी होंगी। धीरज अपना अभियान तुर्की के बर्किम तुमेर के खिलाफ शुरू करेंगे। धीरज ने अंताल्या में विश्व कप का तीसरा चरण जीतकर आठ सदस्यों के बीच होने वाले फाइनल में जगह बनाई। पुरुष और महिला वर्गों में रिकर्व तथा कंपाउंड दोनों वर्गों को मिलाकर कोई अन्य भारतीय तीरंदाज इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका। ड्रॉ की बात करें तो 25 वर्षीय सेना के जवान धीरज के लिए यह अपेक्षाकृत अनुकूल है। उनका पहला मुकाबला तुमेर से होगा जिन्हें उन्होंने जुलाई में मैड्रिड में हुए अपने पिछले विश्व कप में प्री-क्वार्टर फाइनल में हराया था। हालांकि इसके बाद वह क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए थे। अगर वह शुरुआती चुनौती पार कर लेते हैं तो विजयवाड़ा के इस तीरंदाज का सेमीफाइनल में अमेरिकी दिग्गज ब्रैडी एलिसन से सामना होने की संभावना है। कई बार के विश्व चैंपियन और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता एलिसन मेक्सिको में अपने पुरुष रिकर्व खिताब का बचाव करने उतरेंगे। उन्होंने 2025 में नानजिंग में अपना छठा विश्व कप फाइनल खिताब जीता था। धीरज हालांकि पहले ही साबित कर चुके हैं कि वह इस अमेरिकी दिग्गज को हरा सकते हैं। उन्होंने 2023 में अंताल्या में विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में एलिसन को हराया था। इस जीत से उन्हें विश्व कप में अपना पहला पदक (कांस्य) हासिल करने में मदद मिली थी। इसके बाद धीरज ने अपने विश्व कप पदकों की संख्या में दो और कांस्य तथा एक स्वर्ण पदक जोड़ा है।
साल्टिलो का फाइनल अगले सप्ताह जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले धीरज के लिए महत्वपूर्ण अंतिम प्रतियोगिता भी होगी। विश्व कप के बाद भारतीय तीरंदाज सीधे आइची-नागोया के लिए रवाना होंगे। हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में धीरज ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था और अब उनकी नजरें अपना पहला व्यक्तिगत एशियाई खेल पदक जीतने पर होगी। भारतीय तीरंदाज इससे पहले दो बार विश्व कप फाइनल में हिस्सा ले चुका है, लेकिन अभी तक पदक नहीं जीत पाया है। विश्व कप फाइनल में पदक जीतने वाले आखिरी भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज जयंत तालुकदार थे जिन्होंने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था। डोला बनर्जी विश्व कप फाइनल के इतिहास में सबसे सफल भारतीय तीरंदाज हैं। उन्होंने 2007 में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से किसी भारतीय ने स्वर्ण नहीं जीता है, लेकिन दीपिका कुमारी विश्व कप फाइनल में सबसे अधिक पदक जीतने वाली भारतीय हैं, उन्होंने आठ बार के अपने प्रदर्शन में पांच रजत और एक कांस्य पदक जीता है। साल्टिलो में चार व्यक्तिगत विजेताओं को 'ह्यूनदई आर्चरी वर्ल्ड कप चैंपियंस' का खिताब दिया जाएगा और प्रत्येक को 36,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। उपविजेता को 18,000 अमेरिकी डॉलर जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को प्रत्येक वर्ग में क्रमशः 9,800 और 1,800 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। -
नई दिल्ली। कजाकिस्तान की एलेना रायबाकिना ने अमेरिका की कोको गॉफ को रोमांचक मुकाबले में हराकर यूएस ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में जगह बना ली है। आर्थर ऐश स्टेडियम में एक सेट से पिछड़ने के बाद रायबाकिना ने शानदार वापसी करते हुए गॉफ को 3-6, 6-4, 6-4 से मात दी। यह पहली बार है जब रायबाकिना यूएस ओपन के फाइनल में पहुंची हैं। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी एरिना सबालेंका से होगा।
गॉफ ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत की और शुरुआत से ही रायबाकिना पर दबाव बनाए रखा। अमेरिकी खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया। एक सेट गंवाने के बाद रायबाकिना के लिए मुकाबला मुश्किल नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखते हुए अपने खेल का स्तर बढ़ाया।दूसरा सेट काफी करीबी रहा, लेकिन रायबाकिना को वह अहम ब्रेक मिला जिसकी उन्हें जरूरत थी। उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए सेट 6-4 से अपने नाम किया और मुकाबले को निर्णायक तीसरे सेट में पहुंचा दिया। इस दौरान रायबाकिना ने अपनी सर्विस और रिटर्न दोनों में बेहतर नियंत्रण दिखाया।तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। रायबाकिना जीत के करीब पहुंचीं तो गॉफ ने वापसी की कोशिश करते हुए उनका सर्विस ब्रेक कर दिया। हालांकि, रायबाकिना ने तुरंत जवाब दिया और दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबला 6-4 से अपने नाम कर लिया।मैच के बाद रायबाकिना ने गॉफ की सर्विस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैच में एक ब्रेक मिलने के बाद भी दबाव बना रहता है। रायबाकिना के मुताबिक, गॉफ की पहली सर्व भले ही कभी-कभी प्रभावी न हो, लेकिन उनकी दूसरी सर्व इतनी मजबूत होती है कि रैली को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि तीसरे सेट में वह गॉफ की सर्विस पर कुछ अच्छे रिटर्न खेलने में सफल रहीं और गॉफ की एक गलती का भी उन्हें फायदा मिला।यूएस ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में अब रायबाकिना का सामना दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी एरिना सबालेंका से होगा। रायबाकिना पहली बार यूएस ओपन के फाइनल में पहुंची हैं और उनके पास न्यूयॉर्क में अपना पहला खिताब जीतने का मौका है। दूसरी ओर, सबालेंका लगातार चौथी बार यूएस ओपन के फाइनल में पहुंची हैं। सबालेंका ने 2024 और 2025 में लगातार दो यूएस ओपन खिताब जीते थे। अब वह लगातार तीसरी बार यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करने से सिर्फ एक जीत दूर हैं। ऐसे में रायबाकिना और सबालेंका के बीच होने वाला फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।रायबाकिना के लिए 2026 का सत्र पहले ही शानदार रहा है। साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने वाली रायबाकिना के पास अब न्यूयॉर्क में भी ट्रॉफी अपने नाम करने का मौका है। यूएस ओपन का खिताब जीतकर वह अपने शानदार सत्र को और खास बनाना चाहेंगी। ( -
मुंबई. भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर बृहस्पतिवार को यहां कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। यहां एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं। रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, '' अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।'' वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।
उनसे यह भी पूछा गया कि क्या भारत के खिताब जीतने पर प्रशंसकों के साथ जश्न मनाने के लिए खुली बस में परेड आयोजित की जाएगी, ठीक उसी तरह जैसे 2024 में रोहित के नेतृत्व वाली टीम ने वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप जीतने के बाद मुंबई में विजय परेड निकाली थी। रोहित ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि अब बस परेड संभव होगी।''भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। रोहित ने वनडे में भारत के लिए अपने आखिरी मैच में शतक बनाया था। -
मोकी (चीन). भारत ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को यहां पाकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त देकर महिला जूनियर एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत ने शुरू से लेकर आखिर तक दबदबा बनाए रखा और आक्रामक खेल का नजारा पेश करते हुए टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीत में से एक दर्ज की। भारत ने जहां 19 गोल किए, 18 पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक हासिल किया, वहीं पाकिस्तान एक भी गोल, पेनल्टी कॉर्नर या पेनल्टी स्ट्रोक हासिल नहीं कर पाया। भारत शनिवार को सेमीफाइनल में कोरिया और मलेशिया के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेगा।
भारत ने पहले क्वार्टर में पांच, दूसरे क्वार्टर में भी पांच, तीसरे क्वार्टर में तीन और अंतिम क्वार्टर में छह गोल करके बड़ी जीत दर्ज करके शान से सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत को शुरुआती पांच मिनट के भीतर दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि वह इनका फायदा नहीं उठा पाया। भारत ने छठे मिनट में गोल दाग दिया था, लेकिन रेफरल के बाद गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। भारत ने अपना दबाव बनाए रखा और एक मिनट बाद ही उसे एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार पूजा साहू ने कोई गलती नहीं की और भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। भारत ने नौवें मिनट में रोशनी ऐंद के मैदानी गोल से अपनी बढ़त को तुरंत दोगुना कर दिया।इस क्वार्टर में भारत को मिले चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर तनुश्री काडू ने 11वें मिनट में डिफ्लेक्शन के जरिए गोल करके स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने सर्कल के अंदर फाउल किया, जिससे भारत को 13वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिसे सुखवीर कौर ने गोल में बदला। सानिका माने ने इसके तुरंत बाद मैदानी गोल दागकर पहले क्वार्टर के बाद स्कोर 5-0 कर दिया।मधु सिदार ने 16वें मिनट में मैदानी गोल किया, जिसके दो मिनट बाद गीता यादव ने एक और गोल करके भारत की बढ़त को 7-0 तक पहुंचा दिया। सानिका ने 23वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इसके बाद तनुजा टोप्पो ने 25वें मिनट में मैच का अपना पहला गोल दागा। भारत ने लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। पूजा मलिक ने 27वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर हाफ टाइम से पहले स्कोर 10-0 कर दिया। तीसरे क्वार्टर के शुरू में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर पूर्णिमा यादव ने डिफ्लेक्शन से गोल करके स्कोर 11-0 कर दिया। मधु ने 39वें मिनट में और सुप्रिया ने 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। कृष्णा शर्मा ने 48वें मिनट में मैदानी गोल किया। यह उनका टूर्नामेंट में पहला गोल था। इसके एक मिनट बाद पूजा ने अपना दूसरा गोल किया और फिर 51वें मिनट में एक और गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की। भारत को 54वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे सुप्रिया ने गोल में बदला। इसके बाद बिनिमा धन ने 55वें मिनट में मैदानी गोल किया जबकि रोशनी ने 60वें मिनट में अपना दूसरा गोल करके स्कोर 19-0 कर दिया। -
नयी दिल्ली. भारत के उभरते हुए भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में महान एथलीट नीरज चोपड़ा के नक्शेकदम पर चलना चाहते हैं। नीरज चोट के कारण आगामी एशियाई खेलों से हट चुके हैं।
उत्तर प्रदेश के डभिया गांव के रहने वाले 25 वर्षीय रोहित का इस साल ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था जहां उन्होंने केवल 81.56 मीटर का थ्रो किया था। हालांकि 22 अगस्त को भुवनेश्वर में आयोजित विश्व एथलेटिक्स महाद्वीपीय टूर सिल्वर मीट में उन्होंने 87.68 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। रोहित को भरोसा है कि वह आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में अपने इस प्रदर्शन को और बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ''मैं कोई दबाव नहीं ले रहा हूं, हालांकि मुझे पता है कि लोगों को मुझसे काफी उम्मीदें हैं। नीरज का यहां नहीं होना अच्छी बात नहीं है, लेकिन हमें इसे स्वीकार करना होगा। नीरज का पदक शत प्रतिशत पक्का माना जा रहा था, लेकिन मैं उनकी जगह भरने की कोशिश करूंगा। मुझे पता है कि मैं उनकी जगह नहीं ले सकता, लेकिन मैं पोडियम पर पहुंचने की कोशिश करूंगा। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने की कोशिश करूंगा ताकि पदक जीतने वालों में शामिल हो सकूं। '' रोहित ने कहा, ''नीरज का स्थान अलग है। उन्होंने देश के लिए इतिहास बनाया है। दुनिया में उन्होंने हर तरह के पदक जीते हैं। दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां उन्होंने पदक नहीं जीता हो। मैं भी उनकी उपलब्धियों जैसा प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा, ताकि देश को मुझ पर गर्व हो। '' रोहित ने कहा कि अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए उन्हें डायमंड लीग जैसी शीर्ष स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ''मुझे डायमंड लीग जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलना है। अगर मैं ऐसा कर पाया तो इससे मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा। मेरे पास वह क्षमता है और मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच उस स्तर पर ऐसा थ्रो करना चाहता हूं। यह मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव होगा। '' उन्होंने कहा, ''इसलिए मेरा लक्ष्य अगले साल सभी बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना है, ताकि नीरज के स्तर तक पहुंच सकूं और भारत को गौरवान्वित कर सकूं। '' रोहित ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों के बाद उन्होंने अपनी तकनीक में कोई खास बदलाव नहीं किया, बल्कि अपनी लय और मानसिकता पर काम किया। उन्होंने कहा, ''यह बदलाव करने की बात नहीं है, बल्कि पूरी तरह मानसिकता की बात है। राष्ट्रमंडल खेलों में मेरा 'रन-अप' सही नहीं था और मैं समझ नहीं पाया कि ऐसा क्यों हुआ। मेरी लय पूरी तरह बिगड़ गई थी और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो नहीं कर सका। इसके बाद हमने सिर्फ लय और केवल थ्रो पर ध्यान केंद्रित करने पर पर काम किया। मुझे यह याद रखना है कि रोहित को सिर्फ रोहित बनना है। '' उन्होंने कहा, ''किसी ने मुझसे कहा कि दूसरों को मत देखो, सिर्फ अपने थ्रो पर ध्यान दो और फिर तुम पोडियम पर जगह बना सकते हो। '' रोहित किसी खास दूरी को लक्ष्य नहीं बना रहे हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य एशियाई खेलों में पोडियम पर पहुंचकर पदक जीतना है। श्रीलंका के भाला फेंक एथलीट रूमेश पथिरागे (2026 डायमंड लीग और 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक) और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम से मिलने वाली चुनौती के बारे में पूछे जाने पर रोहित ने कहा, ''वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और मैं भी अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने की कोशिश करूंगा। बाकी फिर देखा जाएगा। '' उन्होंने कहा, ''जब मैंने 87.68 मीटर का थ्रो किया था, तब मैंने अपना शत प्रतिशत प्रयास नहीं किया था। इसलिए भाला दो-तीन मीटर आगे-पीछे जा सकता है, यह संभव है। उन्होंने अपना नाम बनाया है, यह अच्छी बात है। हर किसी को अपना नाम बनाना होता है और हर किसी का समय आता है। -
अहमदाबाद . मौजूदा पैरालम्पिक चैम्पियन हरविंदर सिंह और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज शीतल देवी की अगुवाई में भारत ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरिज के तीसरे चरण का अंत आखिरी दिन बुधवार को दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक के साथ किया । मौजूदा विश्व चैम्पियन शीतल ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण जीता जबकि पैरालम्पिक में दो पदक जीत चुके हरविंदर ने भावना के साथ पैरा रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में पीला तमगा हासिल किया । रिकर्व मिश्रित टीम फाइनल में हरविंदर और भावना ने चीन के लियांग कियूरोंग और शिया लेइ को 6 . 0 से हराया । भावना ने रिकर्व महिला प्लेआफ में राजश्री राठौड़ को 6 . 0 से हराकर कांस्य पदक जीता ।
शीतल ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल में कजाखस्तान की ऐजादा सेडान को शूटआफ में मात दी । शीतल ने इससे पहले तोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिश्रित टीम में भी कांस्य पदक जीता था । उन्होंने ईराक की सारा अल हामिद और अब्बास कादिम को 157 . 145 से हराया ।
भारत ने पैरा कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग में भी कांस्य जीता जब सरिता ने चीन की वांग हुइटिंग को 141 . 140 से मात दी । तोमन ने कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन ईराक के अब्बास कादिम को 143 . 138 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया । - नयी दिल्ली. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत के घरेलू क्रिकेट के लिए कैंपा, एसबीआई लाइफ और चैटजीपीटी को एसोसिएट पार्टनर बनाते हुए बताया कि तीनों कंपनियों के साथ दो सत्रों के लिए हुए इन करारों की संयुक्त कीमत 130 करोड़ रुपये से अधिक है। यह रकम पिछले चक्र की तुलना में करीब 44 प्रतिशत अधिक है।इन साझेदारियों के साथ बीसीसीआई ने अपने वाणिज्यिक पोर्टफोलियो का और विस्तार किया है। पेय पदार्थ, बीमा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक से जुड़े प्रमुख ब्रांड अब भारतीय क्रिकेट से जुड़ेंगे। इससे इन कंपनियों को क्रिकेट प्रशंसकों के साथ जुड़ने और अपने ब्रांड की पहुंच बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे। बीसीसीआई ने कहा कि ये साझेदारियां इस बात को दर्शाती हैं कि भारतीय क्रिकेट कारोबार के लिए एक प्रभावी मंच है, जहां कंपनियां अपनी दृश्यता बढ़ाने के साथ बड़े और जुनूनी प्रशंसक वर्ग तक पहुंच बना सकती हैं। यह साझेदारी भारत की आगामी घरेलू श्रृंखला में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबलों से शुरू होगी और मार्च 2028 तक चलेगी। इस दौरान भारत में होने वाले सभी घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले इसके दायरे में होंगे। बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, "कैंपा, एसबीआई लाइफ और चैटजीपीटी के साथ साझेदारी भारतीय क्रिकेट के मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र की बड़ी पुष्टि है।" उन्होंने कहा, "इन साझेदारियों के संयुक्त मूल्य में हुई बड़ी वृद्धि विशेष रूप से उत्साहजनक है। यह दर्शाती है कि प्रमुख ब्रांड बीसीसीआई से जुड़ने से मिलने वाली पहुंच, प्रशंसकों की भागीदारी और व्यावसायिक संभावनाओं पर कितना भरोसा करते हैं।" बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, "घरेलू सत्र की साझेदारियों के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि इस संपत्ति की मजबूती और बीसीसीआई तथा टीम इंडिया पर ब्रांडों के भरोसे को दर्शाती है।''
- श्रीनगर. पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों के चयन में क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता लेकिन उन्होंने माना कि इस प्रक्रिया में किस्मत भी भूमिका निभा सकती है। धवन से यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है क्योंकि उन्हें अधिक मौके नहीं मिलते तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''नहीं, निश्चित रूप से कोई भेदभाव नहीं होता।'' उन्होंने कहा, ''अगर आप अच्छा खेलते हैं तो दुनिया में कोई भी आपको बाहर नहीं रख सकता। आपका खेल ही आपकी पहचान बनता है। कभी-कभी किस्मत भी भूमिका निभाती है। यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है। चाहे दिल्ली का लड़का हो या मुंबई का, आपको ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे जहां कोई खिलाड़ी मौके का हकदार था लेकिन उसे मौका नहीं मिला और उसकी जगह किसी और को चुन लिया गया। यह खेल का ही एक हिस्सा है।'' यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 'प्रो स्टार क्रिकेट लीग' दूसरे सत्र की शुरुआत की घोषणा करने के लिए बुलाई गई थी। यह टूर्नामेंट अगले साल मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होगा। इसकी शुरुआत श्रीनगर से होगी और फाइनल देहरादून में होगा। धवन को जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर परवेज रसूल के साथ लीग का 'आइकॉनिक खिलाड़ी' घोषित किया गया।भारत के लिए और आईपीएल में खेल चुके रसूल और तेज गेंदबाज उमरान मलिक का जिक्र करते हुए धवन ने कहा कि इन खिलाड़ियों को एक शानदार मंच मिला। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि खिलाड़ी उस स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करें।
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शेनजेन. भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को यहां रोमांचक फाइनल में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को हराकर चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी।
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नई दिल्ली। पहली आईसीसी विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी अगले साल 14-28 फरवरी के बीच खेली जाएगी, जिसकी मेजबानी अब भारत को मिल गई है। इसके पीछे की वजह श्रीलंका को मेजबानी से हटाया जाना है, क्योंकि वहां के क्रिकेट बोर्ड में सरकारी दखल के बाद प्रशासनिक सुधारों की प्रक्रिया जारी है।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने एक बयान में कहा कि 6 टीमों वाला यह टूर्नामेंट अब दो वेन्यू पर खेला जाएगा, जिनमें क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (मुंबई) और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (वडोदरा) शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम इस प्रतियोगिता के लिए नहीं चुना गया, जहां भारत ने विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब अपने नाम किया था। आईसीसी ने कहा, “यह टूर्नामेंट पहले श्रीलंका में होना था, लेकिन अब यह भारत में होगा, क्योंकि श्रीलंका क्रिकेट जुलाई में आईसीसी के सालाना सम्मेलन में तय किए गए जरूरी सुधार कर रहा है।”श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) का कामकाज अभी एक अंतरिम ‘ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी’ (बदलाव समिति) की देखरेख में जारी है। इस कमेटी को श्रीलंकाई सरकार ने संवैधानिक और प्रशासनिक बदलाव करने के लिए बनाया है। चूंकि, आईसीसी राजनीतिक दखल को सख्ती से मना करता है और सरकार की ओर से नियुक्त संस्थाओं को मान्यता नहीं देता, इसलिए इस कमेटी के बनने के बाद से एसएलसी के प्रतिनिधियों को आईसीसी बोर्ड की बैठकों में शामिल होने से रोक दिया गया है।आईसीसी ने यह भी बताया कि भारत को मेजबान के तौर पर चुनने से पहले एक मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया था। इस फैसले को बुधवार को आईसीसी बोर्ड ने मंजूरी दी। उन्होंने कहा, “आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 महिला क्रिकेट के लिए एक रोमांचक नया अध्याय है। टूर्नामेंट के पहले संस्करण के तौर पर, यह दुनिया की बेहतरीन टीमों को एक जबरदस्त और हाई-क्वालिटी प्रतियोगिता में एक साथ लाएगा। साथ ही, यह टीमों को रैंकिंग में ऊपर चढ़ने और ग्लोबल स्टेज पर जगह बनाने के लिए और ज्यादा प्रेरित करेगा।”आईसीसी चेयरमैन ने कहा, “अब हर साल आईसीसी का कोई न कोई बड़ा महिला टूर्नामेंट होने से, हमारे पास विमेंस क्रिकेट, इसकी खिलाड़ियों और दुनिया भर में इसके फैंस के लिए बेहतर गति बनाने, ज्यादा निरंतरता लाने और एक मजबूत लय बनाने का एक बड़ा मौका है।”विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी 2027 के लिए क्वालीफाई करने वाली 6 टीमों में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी। इनमें से टॉप-2 टीमें 28 फरवरी को होने वाले फाइनल में पहुंचेंगी। ये छह टीमें 6 जुलाई की क्वालिफिकेशन कट-ऑफ तारीख पर आईसीसी विमेंस टी20 टीम रैंकिंग में अपनी पोजीशन के आधार पर चुनी गई हैं। विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी के लिए मुकाबलों का पूरा शेड्यूल बाद में जारी किया जाएगा।











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