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नयी दिल्ली. सरकार ने कंपनियों के बही-खातों से संबंधित नियमों में संशोधन किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमों में संशोधन से संबंधित प्राधिकरण के लिए कंपनियों के खातों की जांच का दायरा बढ़ेगा। इससे पहले इसी महीने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनी (खाता) चौथा संशोधन नियम, 2022 अधिसूचित किया था। कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय कंपनी कानून का क्रियान्वयन करता है। ये बदलाव बही-खातों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखने के तरीके से संबंधित हैं।
अब कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे गए बही-खाते और अन्य संबद्ध दस्तावेजों तक भारत में हर समय पहुंच सुनिश्चित हो। इसके अलावा दैनिक आधार पर भारत में स्थित सर्वर में इन बही-खातों के ‘बैक-अप' के रूप में रखना भी अनिवार्य होगा। पहले यह जरूरत सिर्फ निश्चित अवधि के लिये थी।
सिरिल अमरचंद मंगलदास में भागीदार मेघा भार्गव ने कहा कि इन संशोधनों से कंपनियों के लिए अनुपालन बढ़ेगा और साथ ही भारतीय अधिकारियों की कंपनियों के बही-खातों तक अधिक पहुंच सुनिश्चित होगी। -
नयी दिल्ली. दूरसंचार विभाग (डीओटी) को 5जी स्पेक्ट्रम के अग्रिम भुगतान के रूप में नीलामी में सफल दूरसंचार कंपनियों से 17,876 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान मिला है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि भारती एयरटेल, रिलायंस जियो, अडाणी डेटा नेटवर्क्स और वोडाफोन-आइडिया से प्राप्त हुई है। सभी दूरसंचार कंपनियों ने 20 वर्ष की किस्तों में भुगतान करने का विकल्प चुना है। वहीं भारती एयरटेल ने चार वार्षिक किस्तों के बराबर 8,312.4 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया है। रिलायंस जियो ने 7,864.78 करोड़ रुपये, वोडाफोन आइडिया ने 1,679.98 करोड़ रुपये और अडाणी डेटा नेटवर्क्स ने 18.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘विभाग को कुल 17,876 करोड़ रुपये का भुगतान मिला है। केवल भारती एयरटेल ने एक बार में चार वार्षिक किस्तों के बराबर का भुगतान किया है।'' देश की अबतक की सबसे बड़ी दूरसंचार स्पेक्ट्रम की नीलामी में रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुई थीं। इसमें उद्योगपति मुकेश अंबानी की जियो ने 87,946.93 करोड़ रुपये की बोली के साथ बेचे गयी सभी स्पेक्ट्रम का लगभग आधा हिस्सा हासिल किया है। भारत के सबसे धनी व्यक्ति गौतम अडाणी के समूह ने 400 मेगाहर्ट्ज के लिए 211.86 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। इसका इस्तेमाल हालांकि, सार्वजनिक टेलीफोन सेवाओं के लिए नहीं किया जाता है। वहीं, दूरसंचार क्षेत्र के दिग्गज सुनील भारती मित्तल की भारती एयरटेल ने 43,039.63 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाई है, जबकि वोडाफोन-आइडिया ने 18,786.25 करोड़ रुपये में स्पेक्ट्रम खरीदा है। -
नयी दिल्ली. भारत का गेहूं उत्पादन 2021-22 के फसल वर्ष में लगभग तीन प्रतिशत घटकर 10 करोड़ 68.4 लाख टन रहने का अनुमान है। वहीं कुल खाद्यान्न उत्पादन के 31 करोड़ 57.2 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। ‘लू' के कारण गेहूं के उत्पादन में गिरावट का अनुमान है, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब और हरियाणा जैसे उत्तरी राज्यों में अनाज खराब हो गया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने फसल वर्ष 2021-22 के लिए चौथा अग्रिम अनुमान जारी करते हुए बुधवार को कहा कि चावल, मक्का, चना, दलहन, रैपसीड एवं सरसों, तिलहन और गन्ने का भी रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है। फसल वर्ष 2021-22 जुलाई, 2021 से जून, 2022 तक था।
मंत्रालय के अनुसार, जून, 2022 में समाप्त फसल वर्ष में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 31 करोड़ 57.2 लाख टन होने का अनुमान है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इतनी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन सरकार की किसान हितैषी नीतियों के साथ-साथ कृषकों और वैज्ञानिकों की अथक मेहनत का नतीजा है। फसल वर्ष 2020-21 में देश का खाद्यान्न उत्पादन जिसमें (गेहूं, चावल, दालें और मोटे अनाज) रिकॉर्ड 31 करोड़ 7.4 लाख टन रहा था। आंकड़ों के अनुसार, फसल वर्ष 2021-22 में गेहूं का उत्पादन कम यानी 10 करोड़ 68.4 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 10 करोड़ 95.9 लाख टन था। हालांकि, समीक्षाधीन फसल वर्ष में चावल का उत्पादन रिकॉर्ड 13 करोड़ 2.9 लाख टन होने का अनुमान है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 12 करोड़ 43.7 लाख टन रहा था। मंत्रालय ने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन पांच करोड़ 13.2 लाख टन से घटकर पांच करोड़ नौ लाख टन रहने की संभावना है। दलहन उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 के दो करोड़ 54.6 लाख टन की तुलना में रिकॉर्ड दो करोड़ 76.9 लाख टन होने का अनुमान है। गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन का उत्पादन पिछले वर्ष के तीन करोड़ 59.4 लाख टन के मुकाबले फसल वर्ष 2021-22 में रिकॉर्ड तीन करोड़ 76.9 लाख टन होने का अनुमान है। फसल वर्ष 2021-22 के लिए तोरी/सरसों का उत्पादन रिकॉर्ड एक करोड़ 77.4 लाख टन होने का अनुमान है।
आंकड़ों के अनुसार, गन्ने का उत्पादन पिछले वर्ष के 40 करोड़ 53.9 लाख टन की तुलना में रिकॉर्ड 43 करोड़ 18 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि कपास का उत्पादन तीन करोड़ 52.4 लाख गांठ से घटकर 3.12 करोड़ गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) रहने की उम्मीद है। फसल वर्ष 2021-22 में जूट/मेस्टा का उत्पादन एक करोड़ 3.1 लाख गांठ (180 किलोग्राम प्रत्येक) होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 93.5 लाख गांठ ही का हुआ था। एक फसल वर्ष में, सरकार फसल वृद्धि और कटाई अवधि के विभिन्न चरणों में अंतिम अनुमान से पहले चार अनुमान जारी करती है। -
नयी दिल्ली. कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि निकट भविष्य में 107 कोयला खानों की नीलामी की जाएगी। इन खदानों की नीलामी से घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ेगा। कोयला मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष के लिए 90 करोड़ टन के उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इसमें से 70 करोड़ टन का उत्पादन कोल इंडिया द्वारा किया जाएगा। जोशी ने बुधवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि पिछले चार माह में कोल इंडिया ने 20.7 करोड़ टन कोयला उत्पादन किया है, जो एक नया रिकॉर्ड है। इस साल घरेलू कोयला उत्पादन 22 प्रतिशत बढ़ा है जबकि कोयला आधारित बिजली उत्पादन में 16.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अगले आठ साल में देश की कोयले की जरूरत बढ़कर 1.5 अरब टन हो जाएगी।
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नयी दिल्ली. बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने घरेलू खुदरा मियादी जमा पर छह प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश करते हुए एक नयी जमा योजना शुरू की है। बीओबी ने मंगलवार को विज्ञप्ति में कहा कि ‘बड़ौदा तिरंगा जमा योजना' भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पेश की गई है। यह ऊंची ब्याज दरों की पेशकश करने वाली एक विशेष सावधि जमा योजना है। यह योजना 31 दिसंबर, 2022 तक उपलब्ध होगी। इस योजना में 444 और 555 दिनों की दो परिपक्वता अवधि हैं, जिनमें क्रमश: 5.75 प्रतिशत और छह प्रतिशत सालाना का ब्याज दिया जाएगा। बैंक ने कहा कि यह योजना मंगलवार (16 अगस्त) को शुरू हो गई है और यह दो करोड़ रुपये से कम की खुदरा जमा पर लागू है। योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जमा पर अतिरिक्त ब्याज मिलेगा। - नयी दिल्ली। दूरसंचार परिचालक भारती एयरटेल ने हाल ही में पूरी हुई 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में हासिल किए गए स्पेक्ट्रम के लिए दूरसंचार विभाग (डॉट) को 8,312.4 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी। एयरटेल ने यह राशि चार साल की किस्त के अग्रिम भुगतान के रूप में दी।एयरटेल ने कहा कि उसका मानना है कि इस अग्रिम भुगतान के साथ ही चार साल के लिए एजीआर (समायोजित सकल राजस्व) से संबंधित भुगतान करने से कंपनी भविष्य में 5जी लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।दिग्गज दूरसंचार कारोबारी सुनील भारती मित्तल की भारती एयरटेल ने 5जी स्पेक्ट्रम के लिए 43,039.63 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाई।भारती एयरटेल के प्रबंध निदेशक और सीईओ गोपाल विट्टल ने बयान में कहा, 'चार साल का यह अग्रिम भुगतान हमें अपने परिचालन मुक्त नकदी प्रवाह को देखते हुए 5जी लागू करने के प्रयास को ठोस तरीके से आगे बढ़ाने की अनुमति देता है। एयरटेल राइट निर्गम से अभी 15,740.5 करोड़ रुपये तक जुटा सकती है।'उन्होंने कहा कि आदर्श स्पेक्ट्रम बैंक, बेहतरीन तकनीक और पर्याप्त नकदी प्रवाह के साथ हम देश में विश्वस्तरीय 5जी अनुभव लाने के लिए उत्साहित हैं।कंपनी के पास 3,848.88 करोड़ रुपये अग्रिम और शेष राशि 19 वार्षिक किश्तों में चुकाने का विकल्प था।
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नयी दिल्ली। एयर इंडिया ने मंगलवार को कहा कि उसने प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी मेटा के कारोबार संचार मंच वर्कप्लेस को चुना है। एयर इंडिया ने बताया कि कंपनी में सभी स्तर पर आसान और प्रभावी संवाद के लिए यह कदम उठाया गया है। एयरलाइन ने बयान में कहा कि वर्कप्लेस से एयर इंडिया के कर्मचारियों को विमानन कंपनी के संचालन और भविष्य की योजनाओं पर नियमित और तत्काल अपडेट पाने, साथियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और अपने विचारों को साझा करने के लिए एक मंच तक पहुंचने में मदद करेगा। बयान में कहा गया कि वर्कप्लेस को चुनने का निर्णय पूरी तरह से एयरलाइन के सरकारी स्वामित्व वाली इकाई से निजी एयरलाइन बनने के लिए परिवर्तन के अनुरूप है। एयर इंडिया ने कहा कि उसने अपने 11,000 से अधिक कर्मचारियों से जुड़ने के लिए वर्कप्लेस को चुना है।
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मुंबई। दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने मंगलवार को वरिष्ठ नागरिकों को सेवा के रूप में सहयोग प्रदान करने वाली स्टार्टअप गुडफेलोज में निवेश की घोषणा की है। हालांकि, निवेश की राशि का खुलासा नहीं किया गया है। टाटा समूह से सेवानिवृत्त होने के बाद टाटा लगातार स्टार्टअप कंपनियों का समर्थन करते रहे हैं। वह अब तक 50 से अधिक कंपनियों में निवेश कर चुके हैं। इस नवीनतम कंपनी की स्थापना शांतनु नायडू ने की है।
कॉर्नेल विश्वविद्यालय से शिक्षित 30 वर्षीय नायडू, टाटा के कार्यालय में एक महाप्रबंधक हैं और 2018 से उनके साथ जुड़े हैं। टाटा ने विवाह नहीं किया है। 84 वर्षीय टाटा ने कहा, ‘‘आप तब तक यह समझ सकते कि अकेले रहना कैसा होता है जब तक कि आप खुद अकेले रहते हैं और साथ चाहते हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छे स्वभाव वाला साथी प्राप्त करना भी एक चुनौती है।
नायडू ने टाटा को एक बॉस, एक संरक्षक और एक मित्र के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में 1.5 करोड़ बुजुर्ग हैं, जो अकेले हैं। स्टार्टअप वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के साथी के रूप में ‘काम' करने के लिए युवा स्नातकों को काम पर रखता है। आम तौर पर, एक साथी सप्ताह में तीन बार ग्राहक से मिलने जाता है, और चार घंटों तक रहता है। एक महीने की मुफ्त सेवा के बाद कंपनी एक महीने का 5,000 रुपये का मासिक शुल्क लेती है। कंपनी आर्थिक राजधानी में बीटा चरण में पिछले छह महीनों से 20 बुजुर्गों के साथ काम कर रही है और आगे पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में सेवाएं देने की योजना बना रही है। नायडू ने बताया कि उन्होंने मनोवैज्ञानिकों की मदद से एक वरिष्ठ नागरिक के साथी के रूप में काम करने के लिए सही उम्मीदवार का चयन करने को एक मॉडल विकसित किया है। नायडू ने टाटा को सहज निवेशक बताया है, जो किसी कंपनी का समर्थन करने से पहले एक व्यापक समुदाय या समाज के लिए एक व्यावसायिक विचार की प्रासंगिकता को देखता है। -
आणंद। गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने अपने गोल्ड, ताजा और शक्ति दूध ब्रांड की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। जीसीएमएमएफ अमूल ब्रांड के तहत अपने डेयरी उत्पादों का विपणन करती है। जीसीएमएमएफ ने बयान में कहा कि नई कीमतें आज से प्रभावी हो गई हैं। आणंद-मुख्यालय वाले महासंघ ने कहा, ‘‘जीसीएमएमएफ ने गुजरात के अहमदाबाद और सौराष्ट्र क्षेत्रों, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल, मुंबई और अन्य बाजारों में दूध की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने का फैसला किया है।'' बयान में कहा गया है कि अहमदाबाद और सौराष्ट्र के बाजारों में अब 500 मिलीलीटर अमूल गोल्ड की कीमत 31 रुपये, अमूल ताजा की कीमत 25 रुपये और अमूल शक्ति की कीमत 28 रुपये होगी।
- मुंबई,। भारत में कंपनियां 2023 में 10 प्रतिशत वेतन बढ़ा सकती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां श्रम बाजार में सख्त स्थितियों से जूझ रही हैं।वैश्विक सलाहकार, ब्रोकिंग और समाधान सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनी विलिस टावर्स वाटसन की वेतन बजट योजना रिपोर्ट में पाया गया कि भारत में कंपनियां 2022-23 के दौरान 10 प्रतिशत वेतन बढ़ाने के लिए बजटीय व्यवस्था कर रही हैं। पिछले साल में वास्तविक वेतन वृद्धि 9.5 प्रतिशत थी।रिपोर्ट के अनुसार भारत में आधे से अधिक (58 प्रतिशत) नियोक्ताओं ने पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष के लिए अधिक वेतन वृद्धि का बजट रखा है। इनमें से एक चौथाई (24.4 प्रतिशत) ने बजट में कोई बदलाव नहीं किया।रिपोर्ट में कहा गया कि 2021-22 की तुलना में केवल 5.4 प्रतिशत ने बजट कम किया है।रिपोर्ट के मुताबिक एशिया प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र में सबसे अधिक वेतन वृद्धि भारत में होगी। अगले साल चीन में छह फीसदी, हांगकांग और सिंगापुर में चार फीसदी वेतन बढ़ेगा। रिपोर्ट अप्रैल और मई 2022 में 168 देशों में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। भारत में 590 कंपनियों से बात की गई।
- नयी दिल्ली। जर्मनी की वाहन विनिर्माता कंपनी फॉक्सवैगन समूह ने भारत में स्कोडा ब्रांड के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का परीक्षण शुरू कर दिया है। कंपनी ने यह कदम भारतीय बाजार में उतारे जा सकने वाले बिजली चालित वाहनों के आकलन के क्रम में उठाया है। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के प्रबंध निदेशक पीयूष अरोड़ा ने बताया कि कंपनी ‘इंटरनल कम्बशन इंजन’(पेट्रोल और डीजल इंजन) वाहनों पर भी ध्यान देगी क्योंकि कंपनी को ऐसा लगता है कि बड़े पैमाने पर ईवी को लाना देश में परिवेश और अवसंरचना विकास पर निर्भर करेगा। उन्होंने ‘ कहा, ‘‘भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग है इसलिए हम पॉर्श टायकन और ऑडी-ई-ट्रॉन पहले ही उतार चुके हैं। भारतीय बाजार में इन वाहनों को बढ़िया प्रतिक्रिया मिल रही है।’’अरोड़ा ने कहा, ‘‘इसके साथ ही हम स्कोडा और फॉक्सवैगन के लिए भी आकलन कर रहे हैं कि बिजली चालित वाहन श्रेणी के तहत भारतीय बाजार में हमें कौन से उत्पाद लाने चाहिए। हमने स्कोडा ब्रांड के लिए कुछ परीक्षण वाहन चलाए हैं और हम देखेंगे कि भारत में इन वाहनों को लाने का सही समय कौन सा है।’’उन्होंने बताया, ‘‘हम पता लगा रहे हैं कि फॉक्सवैगन और स्कोडा की कौन सी कारें यहां लाई जा सकती हैं। हम कुछ कारों का परीक्षण कर रहे हैं, जिसमें कुछ मॉडल को चुना जाएगा। इसका अगला चरण इनमें से एक कार को स्थानीय स्तर पर एसेंबल करना होगा।’’
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--नई दिल्ली। एनटीपीसी लिमिटेड देशभक्ति के उत्साह और जोश के साथ 'हर घर तिरंगा' अभियान मना रहा है। 'हर घर तिरंगा' अभियान 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत आता है और इसे कर्मचारियों, सहयोगियों और आसपास रहने वाले लोगों को घर पर तिरंगा लाने तथा भारत की आजादी के 75वें वर्ष का सम्मान करने हेतु इसे फहराने को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है।एनटीपीसी अपने परियोजनाओं के स्थलों पर आस पड़ोस के स्थानीय समुदायों को तिरंगे वितरित कर रहा है, ताकि वे इसके साथ भारत की आज़ादी के 75वें वर्ष का और "हर घर तिरंगा" अभियान का जश्न मना सकें।एनटीपीसी के कर्मचारी "आजादी का अमृत महोत्सव" के उपलक्ष्य में अपने-अपने घरों में झंडा फहरा रहे हैं। कर्मचारियों ने "हर घर तिरंगा" की भावना को मनाने और भारतीय ध्वज के साथ अपनी तस्वीरों को प्रदर्शित करने के लिए www.harghartiranga.com पर पंजीकरण कराया है। इस पहल के पीछे का विचार लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना को जगाना और उन्हें भारत की स्वतंत्रता के लिए देश के स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों को याद दिलाना है तथा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है। -
नयी दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय एक नए कानून के जरिये विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के पुनर्गठन का प्रयास कर रहा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रालय विशेष आर्थिक क्षेत्र को फिर खड़ा करने के लिए कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रोत्साहनों मसलन आयात शुल्क को स्थगित करना और निर्यात करों से छूट का प्रस्ताव कर रहा है।इस साल के आम बजट में सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्रों का संचालन करने वाले मौजूदा कानून को एक नए कानून के साथ बदलने का प्रस्ताव रखा था ताकि राज्यों को ‘उद्यम और सेवा केंद्रों के विकास’ (देश) में भागीदार बनाया जा सके।अधिकारी ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय ने नए विधेयक पर वित्त समेत विभिन्न मंत्रालयों से राय मांगी है।
विभिन्न मंत्रालयों के विचार मिलने के बाद मंत्रालय इसपर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी लेगा और फिर संसद में नया विधेयक लाया जाएगा।इन प्रस्तावों में एसईजेड की किसी इकाई द्वारा घरेलू खरीद पर एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) की शून्य रेटिंग का प्रोत्साहन शामिल है। इसके अलावा इन क्षेत्रों के डेवलपर के लिए अप्रत्यक्ष लाभ कर को जारी रखने का भी प्रस्ताव है।विनिर्माण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए राज्य भी इन क्षेत्रों के लिए समर्थन उपाय कर सकते हैं।मौजूदा एसईजेड कानून 2006 में बना था। इसका मकसद देश में निर्यात केंद्र बनाना और विनिर्माण को प्रोत्साहन देना था। - नई दिल्ली। शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला का निधन हो गया है। उन्होंने रविवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक, कुछ सप्ताह पहले ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे। उनका निधन किन कारणों से हुआ है, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। झुनझुनवाला 62 साल के थे। जानकारी के मुताबिक, आज सुबह 6:45 मिनट पर उनका निधन हो गया। झुनझुनवाला के परिवार में उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला, बेटी निश्था व दो बेटे आर्यमन और आर्यवीर हैं।झुनझुनवाला के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, वह अद्भुत व्यक्ति थे। जीवन से भरपूर, हाजिर जवाबी और व्यावहारिक थे। उन्होंने कहा, झुनझुनवाला अपने पीछे आर्थिक दुनिया में अमिट योगदान छोड़ गए हैं। वह भारत की प्रगति को लेकर बहुत जुनूनी थे।कई तरह के व्यापारों में निवेश करने वाले राकेश झुनझुनवाला ने हाल ही में अकासा एयरलाइंस पर भी निवेश किया था। इसमें 40 प्रतिशत हिस्सेदारी झुनझुनवाला के पास थी। यह निवेश ऐसे समय में किया गया था, जब ज्यादातर विमानन कंपनियां घाटे में चल रहीं हैं। अकासा एयरलांइस ने अपनी उड़ानों के लिए अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी 72 बोइंस 737 मैक्स विमानों की खरीद की थी।राकेश झुनझुनवाला शेयर बाजार के सबसे बड़े निवेशकों में से एक थे। वह जब कॉलेज में थे तभी से उन्होंने शेयर बाजार में हाथ आजमाना शुरू कर दिया था। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में दाखिला लिया। यहां से स्नातक होने के बाद ही उन्होंने शेयर मार्केट में हाथ आजमाना शुरू कर दिया था। झुनझुनवाला ने 1985 में 5,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की थी। सितंबर, 2018 तक यह निवेश बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये हो गया था। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में झुनझुनवाला की नेटवर्थ 43.39 हजार करोड़ रुपये है।
- मुंबई । विदेशी शेयर बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे टूटकर 79.71 पर आ गया।अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79.67 पर खुला, फिर और गिरावट के साथ 79.71 पर आ गया। इस तरह रुपया पिछले बंद भाव के मुकाबले 9 पैसे टूटकर कारोबार कर रहा था।पिछले सत्र में, गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 37 पैसे की गिरावट के साथ 79.62 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था।इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.11 प्रतिशत गिरकर 105.20 पर आ गया।वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 0.48 प्रतिशत गिरकर 99.12 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 2,298.08 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
- मुंबई. रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसकी प्रमुख आईआईजेएस (इंडिया इंटरनेशनल ज्वैलरी शो) प्रदर्शनी से आने वाले 4-6 महीनों में 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। आईआईजेएस इस साल 4-8 अगस्त तक आयोजित किया गया था।जीजेईपीसी के अध्यक्ष कॉलिन शाह ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि चार अगस्त से आयोजित पांच दिन की प्रदर्शनी से अगले 4-6 महीनों में 50,000 करोड़ रुपये का व्यवसाय सृजित होगा। इसने न केवल अपने प्रतिभागियों को खुश किया है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि उत्सव और शादी के मौसम में खुदरा स्तर पर आभूषणों की बिक्री बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सोने पर हाल ही में शुल्क वृद्धि के बावजूद पीली धातु के प्रति बाजार की धारणा मजबूत बनी रही और आईआईजेएस प्रीमियर में हुई अभूतपूर्व खरीदारी को देखते हुए इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह एक बंपर दिवाली होने वाली है। इस शो में 1,790 प्रतिभागियों ने अन्य वस्तुओं के अलावा सोने और सोने के सीजेड (क्यूबिक जिरकोनिया) जड़े हुए आभूषण, हीरे, रत्न और अन्य जड़े हुए आभूषण, खुदरा कीमती पत्थर, चांदी के आभूषण, कलाकृतियां और उपहार देने वाली वस्तुओं, प्रयोगशालाओं और शिक्षा और मशीनरी को प्रदर्शित किया। जीजेईपीसी के संयोजक शैलेश संगानी ने कहा कि प्रदर्शनी में लगभग 50,000 लोग आए। इनमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, हांगकांग, पश्चिम एशिया, यूरोप, बांग्लादेश, नेपाल, रूस, थाइलैंड और मिस्र सहित 60 से अधिक देशों के 1,500 लोग शामिल थे।
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नयी दिल्ली। टाटा समूह की खुदरा कारोबार कंपनी ट्रेंट लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही में 114.93 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध मुनाफा कमाया है। एक साल पहले की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी को 138.29 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज हुआ था। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 1,803.15 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले महामारी से प्रभावित जून तिमाही में 491.99 करोड़ रुपये रही थी। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ट्रेंट का कुल खर्च 1,734.,28 करोड़ रुपये था, जबकि पिछले वित्तवर्ष की इसी तिमाही में यह 674.88 रुपये था। ट्रेंट अपने प्रमुख ब्रांड वेस्टसाइड के तहत खुदरा कारोबार का संचालन करती है। इसके अलावा, यह स्टार मार्केट ब्रांड के तहत हाइपरमार्केट और सुपरमार्केट स्टोर श्रृंखला का भी संचालन करती है।
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नयी दिल्ली। वैश्विक बाजारों में गिरावट के रुख के अनुरूप दिल्ली सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोना 347 रुपये टूटकर 52,709 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में पीली धातु का भाव 53,056 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 455 रुपये के नुकसान से 59,103 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना नुकसान के साथ 1,787 डॉलर प्रति औंस पर था। चांदी 20.45 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘अमेरिका में मुद्रास्फीति नीचे आने तथा मंदी की चिंताओं के नरम पड़ने सोने में हानि दर्ज हुई।''
- नयी दिल्ली। घरेलू हवाई किराए पर लगाई गई सीमा लगभग 27 महीने के अंतरान के बाद 31 अगस्त से हटा दी जाएंगी। केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार यह जानकारी दी। उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया, ‘‘हवाई किराए की सीमा को हटाने का फैसला दैनिक मांग और विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों के सावधानीपूर्वक विश्लेषण के बाद लिया गया है। स्थिरता आने लगी है और हमें भरोसा है कि यह क्षेत्र निकट भविष्य में घरेलू यातायात में वृद्धि के लिए तैयार है।'' उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एक आदेश में कहा कि घरेलू परिचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के बाद किराए की सीमा को 31 अगस्त 2022 से खत्म करने का फैसला किया गया। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद एटीएफ की कीमते पिछले कुछ हफ्तों के दौरान नीचे आई हैं। दिल्ली में एटीएफ की कीमत एक अगस्त को 1.21 लाख रुपये प्रति किलोलीटर थी, जो पिछले महीने की तुलना में करीब 14 फीसदी कम है। कोविड-19 महामारी के कारण दो महीने के लॉकडाउन के बाद 25 मई, 2020 को विमान सेवाएं फिर शुरू होने पर मंत्रालय ने उड़ान की अवधि के आधार पर घरेलू हवाई किराए पर निचली और ऊपरी सीमा लगा दी थी। इसके तहत एयरलाइंस किसी यात्री से 40 मिनट से कम की घरेलू उड़ानों के लिए 2,900 रुपये (जीएसटी को छोड़कर) से कम और 8,800 रुपये (जीएसटी को छोड़कर) से अधिक किराया नहीं ले सकती हैं।
- नयी दिल्ली। सैमसंग भारत में सितंबर से अपने प्रीमियम गैलेक्सी जेड फोल्ड 4 स्मार्टफोन की बिक्री शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी के सूत्रों ने यह जानकारी दी। गैलेक्सी जेड फोल्ड 4 स्मार्टफोन देश में कंपनी का सबसे महंगा हैंडसेट होगा। इस स्मार्टफोन की वैश्विक पेशकश की कीमत 1,799 डॉलर (1.42 लाख रुपये) थी। हालांकि, भारतीय उपभोक्ताओं को रुपये की कीमत में गिरावट और उच्च करों के कारण अधिक भुगतान करना होगा। सैमसंग गैलेक्सी फोल्ड 3 को भारत में 1.49 लाख रुपये से 1.57 लाख रुपये की कीमत सीमा में पेश किया गया था। सूत्रों ने बताया कि फोल्ड 4 सितंबर की शुरुआत से भारत में उपलब्ध होगा।
- संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल अभूतपूर्व दर से बढ़ा है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत में सात फीसदी से अधिक आबादी के पास डिजिटल करेंसी है। संयुक्त राष्ट्र की व्यापार एवं विकास संस्था यूएनसीटीएडी ने कहा कि 2021 में क्रिप्टोकरेंसी रखने वाली आबादी की हिस्सेदारी के लिहाज से 20 शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में से 15 विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएं थीं। इस सूची में 12.7 फीसदी के साथ यूक्रेन शीर्ष पर है। इसके बाद रूस (11.9 फीसदी), वेनेजुएला (10.3 फीसदी), सिंगापुर (9.4 फीसदी), केन्या (8.5 फीसदी) और अमेरिका (8.3 है) हैं। भारत में 2021 में कुल आबादी में से 7.3 फीसदी लोगों के पास क्रिप्टोकरेंसी थी और इस सूची में उसका स्थान सातवां है।यूएनसीटीएडी ने कहा, ‘‘कोविड-19 के दौरान विकसित देशों समेत दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग बेहद तेजी से बढ़ा है।’’ इसमें आगे कहा गया, ‘‘यदि क्रिप्टोकरेंसी भुगतान का व्यापक माध्यम बन जाती है और अनाधिकारिक रूप से घरेलू मुद्रा का स्थान ले लेती है तो इससे देशों की मौद्रिक संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है।’’
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सरकारी ऑनलाइन खरीद पोर्टल जीईएम पर अमूल और इफको समेत 300 से अधिक सहकारी समितियों को खरीदार के रूप में शामिल करने की मंगलवार को घोषणा की। शाह ने ऑनलाइन माध्यम से जीईएम पर सहकारी समितियों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके साथ ही उन्होंने इन सहकारी समितियों से अपने कारोबार के विस्तार के लिए आपूर्तिकर्ताओं के रूप में भी जीईएम पर पंजीकरण कराने को कहा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गत एक जून को जीईएम का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सहकारी संस्थाओं को जीईएम पोर्टल से खरीद की अनुमति दी थी। इससे पहले सहकारी समितियों को इस मंच पर 'खरीदार' के रूप में पंजीकृत होने की अनुमति नहीं थी। देश में 8.5 लाख से अधिक सहकारी समितियां हैं जिनसे लगभग 29 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं।सहकारिता मंत्रालय ने 589 सहकारी समितियों को जीईएम पोर्टल पर मौजूदगी के लिए योग्य पात्र के रूप में चुना है। इनमें से 300 समितियों को जीईएम पर शामिल कर लिया गया। जीईएम से जुड़ने वाली प्रमुख सहकारी समितियों में इफको, कृभको, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड), अमूल और सारस्वत सहकारी बैंक शामिल हैं। जीईएम पर पहले दिन 25 करोड़ रुपये के ऑर्डर दिए जाने की उम्मीद है। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री ने कहा, "अब सहकारिता समितियों के लिए जीईएम से खरीदारी के दरवाजे खुल गए हैं।" उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सक्रिय 45 सहकारी समितियों समेत 300 से अधिक सहकारी समितियों को जीईएम से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को खरीदार के रूप में पंजीकृत होने के पात्रता मानदंडों में आगे जाकर छूट दी जाएगी। इस मौके पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस पहल से सहकारी समितियों के लिए व्यापार आसान हो जाएगा और इससे काफी बचत होगी। उन्होंने कहा कि सहकारिताओं के पोर्टल से जुड़ने से जीईएम पर व्यापार का मूल्य काफी बढ़ जाएगा। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने इस कदम को सहकारी समितियों के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इससे उन्हें बड़ी मदद मिलेगी। जीईएम पर सहकारी समितियों की मौजूदगी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। पहले चरण में 100 करोड़ रुपये के कारोबार वाली सभी पात्र सहकारी समितियां जीईएम पर ऑर्डर देना शुरू कर सकेंगी। एनसीयूआई ने इन सहकारी समितियों की एक सूची तैयार की है और जेम पर इनकी मौजूदगी प्रक्रिया शुरू करने के लिए जीईएम को इसकी जानकारी दे दी है। सहकारिता मंत्रालय के बयान के अनुसार, अब तक लगभग 61,851 सरकारी खरीदारों और लगभग 48.75 लाख विक्रेता और सेवा प्रदाताओं ने जीईएम पर पंजीकरण कराया है। उन्होंने 10,000 से अधिक उत्पादों और 288 सेवा श्रेणियों में 45 लाख से अधिक उत्पादों को इस पोर्टल पर सूचीबद्ध किया है।
- देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी ने अगस्त डिस्काउंट का अनाउंसमेंट कर दिया है। कंपनी एरेना डीलरशिप पर मिलने वाले कई मॉडल पर धमाकेदार डिस्काउंट दे रही है। कंपनी अपने ग्राहकों को 50 हजार रुपए के साथ 5 हजार रुपए का एडिशन कॉर्पोरेट डिस्काउंट दे रही है। ग्राहकों को मिलने वाले ऑफर में कैश डिस्काउंट और एक्सचेंज बोनस शामिल है। ये डिस्काउंट मारुति 800, ईको पेट्रोल, एस-प्रेसो, सेलेरियो, वैगनआर, स्विफ्ट और डिजायर पर दे रही है। इस बात का ध्यान रखें कि ये ऑफर डीलर्स के हिसाब बदल सकता है। वहीं, स्टॉक के रहने पर ही मिलेगा। इस महीने मारुति की कौन सी गाड़ी खरीदने पर कितना फायदा मिलेगा, चलिए जानते हैं।मारुति ऑल्टो 800: कंपनी अपनी इस स्मॉल हैचबैक के AC पेट्रोल वैरिएंट पर 8000 रुपए का कैश डिस्काउंट और 10 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस दे रही है। इस तरह इस को खरीदने पर 18 हजार रुपए का फायदा मिलेगा।मारुति ईको: कंपनी कमर्शियली यूज होने वाली इस कार के पेट्रोल वैरिएंट पर 10 हजार रुपए का कैश डिस्काउंट और 10 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस दे रही है। यानी इस कार को खरीदने पर 20 हजार रुपए का फायदा मिल जाएगा। इस महीने इस हैचबैक का पेट्रोल MT वैरिएंट MT Vxi, Zxi, Zxi+ खरीदने पर 50 हजार रुपए का फायदा मिलेगा। इसमें 35 हजार रुपए का कैश डिस्काउंट और 15 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस शामिल है।मारुति सेलेरियो MT: एस-प्रेसो की तरह इस महीने इस सेलेरियो का पेट्रोल MT वैरिएंट MT Vxi, Zxi, Zxi+ खरीदने पर 50 हजार रुपए का फायदा मिलेगा। इसमें 35 हजार रुपए का कैश डिस्काउंट और 15 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस शामिल है।मारुति एस-प्रेसो AMT: इस महीने इस हैचबैक का पेट्रोल AMT वैरिएंट खरीदने पर 15 हजार रुपए का फायदा मिलेगा। इसमें 14 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस ही शामिल है।मारुति सेलेरियो AMT: इस महीने इस हैचबैक का पेट्रोल AMT वैरिएंट खरीदने पर 15 हजार रुपए का फायदा मिलेगा। इसमें 14 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस ही शामिल है।मारुति वैगनआर: मारुति अपनी इस पॉपुलर हैचबैक के पेट्रोल और CNG दोनों वैरिएंट पर 25 हजार रुपए का डिस्काउंट दे रही है। इसमें 10 हजार रुपए का कैश डिस्काउंट और 15 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस शामिल है।मारुति स्विफ्ट: इस कार पर कंपनी 40 हजार रुपए तक का डिस्काउंट दे रही है। स्विफ्ट के MT वैरिएंट पर 10 हजार का कैश और AMT पर 20 हजार का कैश डिस्काउंट मिलेगा। इसके साथ दोनों वैरिएंट पर 20 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस भी दिया जाएगा।मारुति डिजायर: कंपनी अपनी इस सेडान पर 15 हजार रुपए तक के फायदे दे रही है। इस कार पर 5000 रुपए का कैश डिस्काउंट और 10 हजार रुपए का एक्सचेंज बोनस शामिल है।
- मुंबई।कोविड-19 महामारी-पूर्व के स्तर की तुलना में बैंकों का छोटे कारोबारियों को ऋण वितरण दोगुना हो गया है। बैंक हालांकि सतर्क बने हुए हैं और मौजूदा ग्राहकों को ऋण देने पर जोर दे रहे हैं। ऋण से जुड़े आंकड़ों को एकत्र और विश्लेषण करने वाली कंपनी ट्रांसयूनियन सिबिल की रिपोर्ट के अनुसार सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) से ऋण की मांग वित्त वर्ष 2021-22 में महामारी-पूर्व स्तर के मुकाबले 1.6 गुना थी। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च, 2022 तक कुल सक्रिय एमएसएमई उधारकर्ताओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में छह प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 70 लाख रही। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘कुल एमएसएमई कर्जदारों की वृद्धि में कमी आई है क्योंकि ऋणदाता मौजूदा ग्राहकों को ऋण देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'' छोटे व्यवसायों को ऋण देना दरअसल एक नीतिगत उद्देश्य है।रिपोर्ट के अनुसार, एमएसएमई को ऋण का वितरण महामारी पूर्व-स्तर की तुलना में दोगुना हो गया है, जो दर्शाता है कि ऋणदाता बढ़ती कर्ज मांग का समर्थन करने की स्थिति में हैं। वहीं, बैंकों की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) 31 मार्च, 2022 तक 12.8 प्रतिशत पर थीं।
- मुंबई। वैश्विक मंदी की आशंका और मुद्रास्फीतिक दबाव के बीच जुलाई में नौकरियों के अवसरों में महज एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इस दौरान डिजिटलीकरण और उपभोक्ता धारणा में बदलाव होने से कई क्षेत्रों में सुधार देखा गया। मॉन्स्टर रोजगार सूचकांक (एमईआई) की तरफ से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि जुलाई में बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई), रसायन/ प्लास्टिक/ रबर, पेंट, उर्वरक/ कीटनाशक और कार्यालय उपकरण उद्योगों में नई भर्तियों की मंशा बरकरार रही। वहीं बढ़ते डिजिटलीकरण और 5जी सेवाएं शुरू होने की उम्मीद में दूरसंचार उद्योग में भर्तियों को लेकर तेजी का रुख देखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खुदरा क्षेत्र में भी नौकरियों की स्थिति सुधरी है। मॉन्स्टर इंडिया नौकरियों के बारे में ऑनलाइन डाली गई सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर यह मासिक रोजगार सूचकांक जारी करती है। रिपोर्ट कहती है कि भर्तियों के मामले में दूसरी श्रेणी के शहर महानगरों को पीछे छोड़ चुके हैं। अहमदाबाद और कोयंबटूर इस मामले में अन्य शहरों से आगे रहे। पुणे में बीएफएसआई क्षेत्र की 66 प्रतिशत कंपनियों ने भर्तियां करने की मंशा जताई। इस तरह वित्त-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के तेजी से उभरते केंद्र के रूप में पुणे ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पिछले महीने शीर्ष प्रबंधन स्तर के पदों पर भर्ती में 18 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। मौजूदा आर्थिक अनिश्चितता के दौर में कंपनियों को आगे बढ़ाने के लिए शीर्ष प्रबंधकों की मांग बढ़ती हुई दिख रही है। मॉन्स्टर डॉट कॉम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शेखर गरीसा ने कहा, ‘‘लंबी अनिश्चितता के बाद भारतीय नौकरी बाजार ने नौकरियों की मांग के संदर्भ में खुद को स्थिर कर लिया है। वैश्विक मंदी की आशंका के बीच जुलाई में माह-दर-माह आधार पर भले ही सिर्फ एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई लेकिन मौजूदा हालात में यह भी अच्छी खबर है।'' उन्होंने कहा कि उपभोक्ता खपत बढ़ने से खुदरा एवं विनिर्माण क्षेत्रों का प्रदर्शन काफी अच्छा है। त्योहारी सीजन के मद्देनजर होने वाली भर्तियां तेज हैं और इसके आगे और बढ़ने की उम्मीद है।










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