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- नयी दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपनी 29 और 30 जुलाई को होने वाली बैठक में केंद्रीय पेंशन वितरण प्रणाली की स्थापना के प्रस्ताव पर विचार के बाद इसे मंजूरी देगा। इस प्रणाली की स्थापना से देशभर में 73 पेंशनभोगियों के खातों में पेंशन को एक बार में एक साथ स्थानांतरित किया जा सकेगा। अभी ईपीएफओ के 138 क्षेत्रीय कार्यालय अपने क्षेत्र के लाभार्थियों के खातों में पेंशन डालते हैं। ऐसे में पेंशनभोगियों को पेंशन अलग-अलग दिन और समय पर मिलती है।सूत्र ने कहा कि ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की 29 और 30 जुलाई को होने वाली बैठक में केंद्रीय पेंशन वितरण प्रणाली के गठन का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस प्रणाली की स्थापना के बाद पेंशन का वितरण 138 क्षेत्रीय कार्यालय के डेटाबेस के आधार पर किया जाएगा। इससे 73 लाख पेंशनभोगियों को एक साथ पेंशन दी जा सकेगी। सभी क्षेत्रीय कार्यालय अपने क्षेत्र के पेंशनभोगियों की जरूरतों को अलग-अलग देखते हैं। इससे पेंशनभोगियों को अलग-अलग दिन पेंशन का भुगतान हो पाता है।सीबीटी की 20 नवंबर, 2021 को हुई 229वीं बैठक में न्यासियों ने सी-डीएसी द्वारा केंद्रीकृत आईटी आधारित प्रणाली के विकास के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। श्रम मंत्रालय ने बैठक के बाद बयान में कहा था कि इसके बाद क्षेत्रीय कार्यालयों के ब्योरे को चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय डेटाबेस में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे सेवाओं का परिचालन और आपूर्ति सुगम हो सकेगी।
- नागपुर। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पांच साल बाद देश में सभी वाहनों में हरित ईंधन के इस्तेमाल होने का भरोसा जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले सालों में वाहनों में पेट्रोल की उपयोगिता पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। गडकरी ने महाराष्ट्र के अकोला में एक बयान में यह बात कही। केंद्रीय मंत्री को अकोला में ही डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ द्वारा डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था। यहां भाषण के दौरान उन्होंने हरित हाइड्रोजन, एथेऩॉल और अन्य हरित ईंधन के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि पांच साल बाद देश से पेट्रोल खत्म हो जाएगा। आपकी कारें और स्कूटर पूरी तरह हरित हाइड्रोजन, एथेनॉल, सीएनजी या एलएनजी पर आधारित होंगे।" गडकरी ने कृषि शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों से अगले पांच वर्षों में कृषि वृद्धि दर को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के लिए काम करने की भी अपील की।
- नयी दिल्ली। टाटा मोटर्स ने कच्चे माल की बढ़ती लागत के प्रभाव को आंशिक रूप से कम करने के लिए अपने यात्री वाहनों की कीमतों में तत्काल प्रभाव से वृद्धि की है। भारत की प्रमुख ऑटो कंपनी ने शनिवार को एक बयान में कहा कि 0.55 प्रतिशत की भारित औसत वृद्धि शनिवार से सभी श्रेणियों में होगी। यह बढ़ोतरी संस्करणों और मॉडलों के आधार पर अलग-अलग है। बयान में कहा गया कि कंपनी ने बढ़ी हुई उत्पादन लागत के एक महत्वपूर्ण हिस्से को अवशोषित करने के लिए व्यापक उपाय किए हैं। कंपनी ने कहा कि उत्पादन लागत में हुई कुल वृद्धि के प्रभाव की भरपाई के लिए कीमतों में न्यूनतम बढ़ोतरी की जा रही है। टाटा मोटर्स पहले ही इस महीने से अपने 'वाणिज्यिक वाहनों' की कीमतों में 1.5 से 2.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुका है।
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चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति क्रमिक रूप से नरम पड़ सकती है: आरबीआई
नयी दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भरोसा जताया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति क्रमिक रूप से नरम पड़ेगी। उन्होंने शनिवार को कहा कि केद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए मौद्रिक उपाए जारी रखेगा, ताकि मजबूत और स्थाई वृद्धि हासिल की जा सके। दास ने कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि मुद्रास्फीति देश के आर्थिक संस्थानों में जनता के विश्वास का एक मापक है। गवर्नर ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, इस समय आपूर्ति का परिदृश्य अनुकूल दिखाई दे रहा है और कई उच्च आवृत्ति संकेतक 2022-23 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सुधार के लचीलेपन की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में हमारा वर्तमान आकलन है कि 2022-23 की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम हो सकती है।'' उन्होंने कहा कि वृहद आर्थिक और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए मूल्य स्थिरता महत्वपूर्ण है, और इसलिए केंद्रीय बैंक व्यापक आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने और बढ़ावा देने के उपाय करेगा। दास ने कहा, ‘‘हालांकि, हमारे नियंत्रण से परे कारक अल्पावधि में मुद्रास्फीति को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन मध्यम अवधि में इसकी चाल मौद्रिक नीति द्वारा निर्धारित होगी। इसलिए, मौद्रिक नीति को मुद्रास्फीति को स्थिर करने के लिए समय पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अर्थव्यवस्था को मजबूत स्थिति में और सतत वृद्धि की राह पर कायम रखा जा सके।'' उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ अपनी नीतियों की समीक्षा जारी रखेंगे।'' दास ने उल्लेख किया कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अपनी अप्रैल और जून की बैठकों में 2022-23 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 6.7 प्रतिशत कर दिया। -
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को नयी दिल्ली स्थित रामगढ़िया सहकारी बैंक पर बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए प्रति जमाकर्ता 50,000 रुपये की निकासी सीमा तय करने समेत कई प्रतिबंध लगाए। आरबीआई ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत निर्देश जारी करते हुए एक बयान में कहा कि सहकारी बैंक पर शुक्रवार को कारोबार बंद होने के बाद प्रतिबंध लागू किया गया है और यह अगले छह महीने तक लागू रहेगा। बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्व मंजूरी के बिना कोई ऋण प्रदान या नवीनीकृत नहीं कर सकता। न ही कोई निवेश कर सकता है और न ही नई जमा राशि स्वीकार कर सकता है। आरबीआई ने कहा, "विशेष रूप से सभी बचत बैंक, चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते में कुल जमा राशि में से 50,000 रुपये से अधिक निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।" केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक पाबंदियों के साथ संबंधित कामकाज जारी रखेगा।
- ग्वालियर (मप्र)। केन्द्रीय नागर विमानन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि आने वाले आठ वर्ष में देश में इस्पात उत्पादन को दोगुना कर 24 करोड़ टन पहुंचाने का लक्ष्य है। सिंधिया ने इस्पात मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालने के एक दिन बाद यह बात कही। ग्वालियर आए सिंधिया ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो जिम्मेदारी मुझे दी है, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा, ‘‘अभी 24 घंटे पहले ही मैंने इस्पात मंत्रालय संभाला है। इस देश के आर्थिक वृद्धि में इस्पात का महत्वपूर्ण योगदान है। अभी देश में 12 करोड़ टन टन सालाना इस्पात को उत्पादन होता है और हमने अगले आठ साल में इसे बढ़ाकर 24 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा है।'' सिंधिया ने कहा, ‘‘...मुझे इस लक्ष्य को हासिल करने का पूरा भरोसा है।'' उन्होंने कहा कि अभी देश में मध्यम व लघु उद्योगों द्वारा करीब 50 से 52 फीसदी इस्पात का उत्पादन किया जाता है। सिंधिया ने कहा, ‘‘मेरी पूरी कोशिश होगी कि बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ लघु एवं मध्यम उद्योग साथ मिलकर इस्पात उत्पादन की क्षमता बढ़ाने में योगदान दें।
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नयी दिल्ली। यूरोप, भारत और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों में मजबूत मांग से वैश्विक स्तर पर 2021 में पीवी इन्वर्टर (सौर इन्वर्टर) की बिक्री में सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शोध कंपनी 'वुड मैकेंजी' ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में कहा कि इस वृद्धि के साथ 2020 की तुलना में 2021 में वैश्विक शीर्ष 10 सौर फोटोवोल्टिक (एसपीवी) इन्वर्टर विक्रेताओं की बाजार हिस्सेदारी दो प्रतिशत बढ़कर 82 प्रतिशत पर पहुंच गई। रिपोर्ट में कहा गया है, " ग्लोबल पीवी इन्वर्टर बिक्री 2020 की तुलना में 2021 में 22 प्रतिशत बढ़कर 2,25,386 मेगावाट एसी (मेगा-वाट, अल्टरनेटिंग करंट) हो गयी। मुख्य रूप से यूरोप, भारत और लातिन अमेरिकी देशों में मजबूत मांग से बिक्री बढ़ी है। इन देशों में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिये उठाये जा रहे कदमों के साथ सौर इन्वर्टर की मांग बढ़ी है।
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नई दिल्ली| केन्द्र सरकार ने अग्रणी खाद्य तेल संगठनों को खाद्य तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्यों एम. आर. पी. में तत्काल 15 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का निर्देश दिया है। निर्देशों में सलाह दी गई है कि यह मूल्य विनिर्माताओं और रिफाइनरों से लेकर वितरकों तक घटाये जाने चाहिए, जिससे यह कटौती किसी भी तरीके से कम न हो सके। खाद्य और जन वितरण विभाग ने इस महीने की छह तारीख को खाद्य तेलों पर दाम घटाने के निर्देश दिये थे।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि मूल्य कटौती का फायदा तत्काल उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाना चाहिए। मंत्रालय ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में उतार का रूख है
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नयी दिल्ली। केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में राज्यों को पूंजीगत कार्यों पर खर्च के लिए 80,000 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के बजट भाषण में पूंजी निवेश योजना के तहत राज्यों को विशेष सहायता की घोषणा की थी। इसके तहत 50 साल के लिये ब्याज-मुक्त कर्ज के रूप में कुल एक लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता राज्यों को दी जाएगी। यह सहायता पूंजी निवेश वाली परियोजनाओं के लिये है। वित्त मंत्रालय ने योजना लागू करने के लिये जारी दिशानिर्देश में कहा कि 80,000 करोड़ रुपये राज्यों के पूंजी कार्यों के लिये रखे गये हैं। निवेश के लिये यह लाभ लेने को लेकर राज्यों को परियोजना का नाम, पूंजीगत व्यय, कार्य पूरा होने की अवधि और आर्थिक रूप से उसके उपयुक्त होने के बारे में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को जानकारी देनी होगी। व्यय विभाग ने छह अप्रैल को सभी राज्य सरकारों को भेजे पत्र में कहा, ‘‘...राज्यों से आग्रह है कि वे कोष की मंजूरी और उसे प्राप्त करने के लिये 2022-23 में किये जाने वाले प्रस्तावित पूंजीगत कार्यों के बारे में व्यय विभाग को जानकारी दें।'' इसमें कहा गया है कि पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। पूंजी निवेश के लिये राज्यों को विशेष सहायता योजना में 5,000 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त कर्ज भी शामिल है। यह राज्यों को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण या विनिवेश तथा संपत्ति को बाजार पर चढ़ाने के लिये प्रोत्साहित करने को उपलब्ध कराया जाएगा। इस सहायता के तहत राज्यों को अपने सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण या प्रबंधन नियंत्रण सौंपने के साथ रणनीतिक बिक्री के अलावा राज्य सरकारी कंपनियों को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराने के लिये भी प्रोत्साहित किया जाएगा। व्यय विभाग ने कहा कि किसी एक राज्य विशेष के लिये ऐसे प्रोत्साहन की सीमा 1,000 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा आवंटन अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण और ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क को पूरा करने, शहर नियोजन योजना समेत अन्य के लिये भी किया जाएगा। कुल एक लाख करोड़ रुपये की योजना में 4,000 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, 2,000 करोड़ रुपये डिजिटलीकरण प्रोत्साहन, 6,000 करोड़ रुपये शहरी सुधारों तथा 3,000 करोड़ रुपये ऑप्टिकल फाइबर केबल से संबंधित पूंजीगत परियोजनाओं के लिये है। - मुंबई। इटली की बाइक विनिर्माता कंपनी मोटो मोरिनी ने गुरुवार को भारतीय बाजार में कई मॉडलों उतारने की योजना की घोषणा की। इन मॉडल में टूरर, एडवेंचर टूरर, रेट्रो स्ट्रीट और एक स्क्रैम्बलर बाइक शामिल हैं। कंपनी ने पिछले महीने हैदराबाद की कंपनी आदिश्वर ऑटो राइड के साथ साझेदारी की घोषणा की थी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस साझेदारी के तहत आदिश्वर ऑटो देश में मोटो मोरिनी की प्रीमियम श्रृंखला की मोटरसाइकिलों का विनिर्माण एवं वितरण करेगी। आदिश्वर ऑटो राइड इंडिया में प्रबंध निदेशक विकास झाबख ने कहा, ‘‘यूरोपीय बाजार में ब्रांड को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हम भारत में भी उसी राह पर चलते हुए ब्रांड को मजबूत कर रहे हैं।''
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पणजी (गोवा). टीवीएस मोटर कंपनी प्रीमियम खंड में उतर गई है। कंपनी ने बुधवार को इस खंड में अपनी 225 सीसी की बाइक रोनिन पेश की। इसकी शोरूम कीमत 1.49 लाख रुपये है। यह बाइक तीन ट्रिम में उपलब्ध है। इनके दाम क्रमश: 1.49 लाख, 1.56 लाख और 1.69 लाख रुपये हैं। टीवीएस मोटर कंपनी के प्रबंध निदेशक सुदर्शन वेणु ने कहा कि रोनिन को बाजार में उतारना टीवीएस मोटर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
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नयी दिल्ली. ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया सालाना बिक्री कार्यक्रम ‘प्राइम डे' 23-24 जुलाई को आयोजित करेगी। इसमें नये उपयोगकर्ता पिछले साल के आयोजन की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक सदस्यता शुल्क का भुगतान करने के बाद इसका उपयोग कर सकेंगे। कंपनी ने पिछले साल दिवाली के आसपास ‘प्राइम मेंबरशिप' शुल्क को 999 रुपये से बढ़ाकर 1,499 रुपये प्रति वर्ष कर दिया। अमेजन इंडिया के निदेशक अक्षय शाही ने कहा, ‘‘ डिलिवरी, खरीदारी के साथ अन्य लाभ को लेकर निवेश की मात्रा के आधार पर हमें लगता है कि इस समय कार्यक्रम के लिये मूल्य उचित है...।'' मासिक ‘प्राइम मेंबरशिप' बढ़कर 179 रुपये हो गई है, जो पहले 129 रुपये थी।‘प्राइम मेंबरशिप' सदस्यता से उपयोगकर्ताओं को डिलिवरी शुल्क पर छूट मिलती है। साथ ही अमेजन के मनोरंजन मंच प्राइम वीडियो और अमेजन म्यूजिक तक पहुंच होती है।
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नयी दिल्ली. सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के नियमों में कुछ प्रक्रियागत बदलाव किए हैं। इसमें ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट' का गलत तरीके से उपयोग पर ब्याज लगाना और वित्त वर्ष 2021-22 के लिये सालाना रिटर्न भरने को लेकर कारोबार की सीमा बढ़ाना शामिल हैं। जीएसटी परिषद ने पिछले सप्ताह बैठक में इन बदलावों पर विचार-विमर्श किया था।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जो संशोधन अधिसूचित किए हैं, उनके अनुसार कंपनियों को आईएमपीएस (तत्काल भुगतान सेवा) और यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) जैसी भुगतान प्रणाली के जरिये जीएसटीएन पोर्टल पर कर भुगतान करने की अनुमति दी गई है। नए नियमों के मुताबिक, 31 मार्च, 2022 को समाप्त वित्त वर्ष में जिन इकाइयों का सालाना कारोबार दो करोड़ रुपये तक है उन्हें 2021-22 के लिए वार्षिक रिटर्न भरने से छूट दी गई है। संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गलत तरीके से ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट' (आईटीसी) का लाभ लेने पर ब्याज तभी लगेगा जब प्राप्त राशि का उपयोग किया गया है। वित्त विधेयक में गलत तरीके से आईटीसी लेने और उसके उपयोग पर ब्याज वसूलने का प्रावधान किया गया था।
प्रावधान पांच जुलाई से अमल में आएगा और पूर्व तिथि एक जुलाई, 2017 यानी जीएसटी लागू होने के दिन यह क्रियान्वित होगा। डेलॉयट इंडिया के भागीदार महेश जय सिंह (अप्रत्यक्ष कर मामलों के प्रमुख) ने कहा कि अधिसूचना के तहत धारा 50 (3) में पिछली तिथि से संशोधन किया गया। इसके जरिये स्पष्ट किया गया है कि गलत तरीके से आईटीसी लेने पर ब्याज तभी लगेगा, जब प्राप्त राशि का उपयोग हुआ हो। केपीएमजी इंडिया के भागीदार (अप्रत्यक्ष कर प्रमुख) अभिषेक जैन ने कहा कि इन बदलावों से छोटे कारोबारियों को अनुपालन में मदद मिलेगी। इसके अलावा दो करोड़ रुपये से कम के कारोबार वाले करदाताओं का बोझ भी कम होगा। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स में वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि जो अन्य महत्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं उनमें वित्त वर्ष 2017-18 के ऑर्डर जारी करने के लिए जीएसटी अधिनियम की धारा 73 (कर का निर्धारण) के तहत दी गई समयसीमा में विस्तार भी शामिल है। अब यह समयसीमा 30 सिंतबर, 2023 है। हालांकि किसी अन्य वित्त वर्ष के लिए समयसीमा नहीं बढ़ाई गई है। इन बदलावों को जीएसटी परिषद ने 28-29 जून को हुई बैठक में मंजूरी दी थी। -
नयी दिल्ली. रिलायंस रिटेल वेंचर्स लि. की अनुषंगी इकाई रिलायंस रिटेल लि. ने प्रतिष्ठित अमेरिकी फैशन ब्रांड गैप के साथ दीर्घकालीन समझौता किया है। इसके साथ कंपनी भारत में अब अमेरिकी फैशन ब्रांड गैप के उत्पाद बेचेगी। दोनों कंपनियों ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘रिलायंस रिटेल ने अमेरिकी फैशन ब्रांड गैप के साथ दीर्घकालीन भागीदारी की है। इस समझौते के साथ वह भारत में गैप ब्रांड का आधिकारिक खुदरा विक्रेता बन गयी है।'' इससे पहले, गैप इंक का अवरिंद फैशंस लि. के साथ फ्रेंचाइजी समझौता था। कोविड महामारी के बाद उत्पन्न हालात के साथ यह समझौता सितंबर, 2020 में समाप्त हो गया। रिलायंस रिटेल अपनी दुकानों, मल्टी-ब्रांड स्टोर और डिजिटल ई-कॉमर्स मंचों के माध्यम से भारतीय उपभोक्ताओं को गैप ब्रांड के फैशन सामान उपलब्ध कराएगी। गैप पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए कपड़े, व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पाद समेत अन्य चीजें बनाती है। यह अमेरिकी परिधान कंपनी 1969 में सैन फ्रांसिस्को में बनी थी और इसे दुनिया भर में अपने डेनिम आधारित फैशन के लिये जाना जाता है। रिलायंस रिटेल लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (फैशन और लाइफस्टाइल) अखिलेश प्रसाद ने कहा, “...हमें विश्वास है कि रिलायंस और गैप अपने उपभोक्ताओं के लिए उद्योग के अग्रणी फैशन उत्पादों और खुदरा अनुभवों को साथ लाने के लिहाज से एक दूसरे के पूरक हैं।'' गैप इंक में ‘इंटरनेशनल, ग्लोबल लाइसेंसिंग और होलसेल' के प्रबंध निदेशक एड्रियन गेरनांड ने कहा, ‘‘हम प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गैप व्यवसाय को बढ़ाने के लिये तत्पर हैं। भारत में रिलायंस रिटेल जैसे क्षेत्रीय विशेषज्ञों के साथ साझेदारी से हमें अपने ग्राहकों तक अपना ब्रांड पहुंचाने में मदद मिलेगी। - नयी दिल्ली। घरेलू रसोई गैस के दाम में बुधवार को 50 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की कीमतें ऊंचाई पर पहुंचने के बीच यह मई से एलपीजी कीमतों में तीसरी वृद्धि है।सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 1,053 रुपये हो गई है। यह पहले 1,003 रुपये थी।देश के अधिकांश शहरों में अब सरकार की तरफ से गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं दी जा रही है। लिहाजा अब लोगों को बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर ही खरीदना पड़ रहा है। सरकार सिर्फ उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन पाने वाले लाभार्थियों को ही एलपीजी सब्सिडी दे रही है।एलपीजी के दाम मई, 2022 से अबतक तीसरी बार और इस साल चौथी बार बढ़ाए गए हैं। सात मई को प्रति सिलेंडर 50 रुपये की वृद्धि की गयी थी। इससे पहले 22 मार्च को भी प्रति सिलेंडर कीमतों में इतनी ही वृद्धि की गयी थी। 19 मई को रसोई गैस सिलेंडर के दाम 3.50 रुपये बढ़ाए गए थे।जून, 2021 से अबतक रसोई गैस सिलेंडर के दाम 244 रुपये तक बढ़ चुके हैं। इसमें से 153.50 रुपये की बढ़ोतरी मार्च, 2022 से की गई है।हालांकि, पेट्रोल और डीजल के दाम में पिछले तीन महीने से बदलाव नहीं हुआ है। इससे पहले, 22 मार्च से शुरू करते हुए 16 दिन के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल दस रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।इस बढ़ोतरी के बाद मुंबई में एलपीजी का 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर 1,052.50 रुपये का हो गया है। वहीं चेन्नई में इसकी कीमत 1,079 रुपये और कोलकाता में 1,068.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है।पेट्रोलियम कंपनियों ने होटल एवं रेस्तरांओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाणिज्यिक गैस सिलेंडर के दाम घटाए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यि गैस सिलेंडर का दाम 2,021 रुपये से घटाकर 2,012.50 रुपये कर दिया गया है।
- नयी दिल्ली। विमानन कंपनी ‘स्पाइसजेट’ ने बताया कि मौसम संबंधी रडार के काम ना करने की वजह से उसका एक मालवाहक विमान मंगलवार को कोलकाता लौट आया। चीन के चोंग्किंग शहर जा रहे विमान के पायलट को उड़ान भरने के बाद पता चला कि उसका मौसम संबंधी रडार काम नहीं कर रहा है।‘स्पाइसजेट’ के विमान में तकनीकी खराबी का पिछले 18 दिन में सामने आया यह आठवां मामला है।‘स्पाइसजेट’ के प्रवक्ता ने बुधवार को ‘ कहा, ‘‘ पांच जुलाई 2022 को ‘स्पाइसजेट बोइंग 737’ मालवाहक विमान को कोलकाता से चोंग्किंग जाना था। विमान के उड़ान भरने के बाद मौसम संबंधी रडार, मौसम की जानकारी नहीं दे रहा था। इसके बाद, पीआईसी (पायलट-इन-कमांड) ने कोलकाता लौटने का फैसला किया। विमान कोलकाता में सुरक्षित उतर गया है।’’इससे पहले, पांच जुलाई मंगलवार को ‘स्पाइसजेट’ के दिल्ली से दुबई जा रहे एक विमान को ईंधन संकेतक में खराबी के कारण कराची की ओर मोड़ दिया गया था। वहीं, उसके कांडला से मुंबई जा रहे विमान को उड़ान के दौरान ‘विंडशील्ड’ में दरार आने के बाद महाराष्ट्र की राजधानी में प्राथमिकता के आधार पर उतारा गया था।वहीं, दो जुलाई को ‘स्पाइसजेट’ का जबलपुर जा रहा विमान करीब 5,000 फुट की ऊंचाई पर कैबिन में धुआं देखने के बाद दिल्ली लौट आया था।इसी प्रकार 24 और 25 जून को अलग-अलग विमानों में ‘फ्यूज़लेज़ डोर वॉर्निंग’ प्रणाली सक्रिय हो जाने की वजह से, विमानों को वापस लौटना पड़ा था।गत 19 जून को पटना से दिल्ली के लिए उड़ान भरते ही विमानन कंपनी के एक विमान के इंजन में आग लग गई थी और उसे आपात स्थिति में उतारना पड़ा था। इंजन में खराबी पक्षी के टकराने से आई थी। वहीं, 19 जून को ही एक अन्य घटना में दिल्ली से जबलपुर जा रहे एक विमान को कैबिन में दबाव की समस्या के कारण दिल्ली लौटना पड़ा था।गौरतलब है कि ‘स्पाइसजेट’ पिछले तीन साल से घाटे में चल रही है। ‘स्पाइसजेट’ को 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में क्रमश: 316 करोड़, 934 करोड़ और 998 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
- नयी दिल्ली/कराची। स्पाइसजेट के लिए मंगलवार को एक और कठिन दिन रहा क्योंकि एयरलाइन की दिल्ली-दुबई उड़ान को ईंधन संकेतक में खराबी के कारण कराची की ओर मोड़ दिया गया तथा इसकी कांडला-मुंबई उड़ान को बीच हवा में विंडशील्ड में दरार आने के बाद महाराष्ट्र की राजधानी में प्राथमिकता के आधार पर उतारा गया। हालांकि कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंसे यात्रियों के लिए मुंबई से दूसरा विमान भेजा गया था और यह करीब 11 घंटे के इंतजार के बाद दुबई के लिए रवाना हुआ। मंगलवार को हुईं इन दो घटनाओं के साथ ही पिछले 17 दिनों में स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी खराबी की घटनाओं की कुल संख्या सात हो गई है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों के मुताबिक, विमानन नियामक सभी सात घटनाओं की जांच कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, दुबई जा रहे विमान में 138 यात्री सवार थे, जबकि कांडला-मुंबई उड़ान से संबंधित 78-सीट वाले क्यू-400 विमान में यात्रियों की संख्या का तत्काल पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार सुबह दिल्ली से दुबई जा रहा बोइंग 737 मैक्स विमान जब हवा में था तब विमान के बाएं टैंक में ईंधन की मात्रा में असामान्य कमी दिखने लगी जिसके कारण विमान को कराची की ओर मोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि जब कराची हवाई अड्डे पर जांच की गई, तो बाएं टैंक से कोई रिसाव नहीं पाया गया।पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (पीसीसीए) के एक अधिकारी ने कहा कि स्पाइसजेट की दिल्ली से दुबई जा रही उड़ान के पायलट ने पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में उड़ान भरने के दौरान नियंत्रण टॉवर से संपर्क किया और बताया कि विमान में कुछ तकनीकी खामी आ गई है। उन्होंने कहा कि पायलट ने आपात स्थिति में विमान उतारने का अनुरोध किया जिसकी मानवीय आधार पर अनुमति दे दी गई। अधिकारी ने कहा कि इसके बाद पाकिस्तान इंटरनेशन एयरलाइंस के इंजीनियरों ने स्पाइसजेट के चालक दल के सदस्यों के साथ तकनीकी खामी का पता लगाने और इसे ठीक करने के लिए काम किया। उन्होंने कहा, ‘‘जाहिर तौर पर विमान की लाइट इंडिकेटर मशीनरी में समस्या थी, लेकिन इसे तुरंत ठीक नहीं किया जा सका, इसलिए यात्रियों को दुबई ले जाने के लिए एक अन्य विमान की व्यवस्था की गई।'' कराची हवाई अड्डे के एक अन्य सूत्र ने कहा कि विमान में 138 यात्री सवार थे जिन्हें भोजन और जलपान उपलब्ध कराया गया। स्पाइसजेट का दूसरा विमान मुंबई से भेजा गया और यात्रियों को दुबई ले जाने के लिए यह कराची हवाई अड्डे पर शाम 6.15 बजे (भारतीय समयानुसार) उतरा और 138 यात्रियों को लेकर राथ करीब पौने 10 बजे दुबई के लिए रवाना हुआ। दूसरी घटना में, स्पाइसजेट के क्यू 400 विमान के विंडशील्ड में बीच हवा में तब दरार आ गई जब यह 23,000 फुट की ऊंचाई पर था जिसके बाद इसे मुंबई हवाई अड्डे पर प्राथमिकता के आधार पर उतारा गया। डीजीसीए के अधिकारियों ने कहा कि गुजरात के कांडला से आ रहे इस विमान के कैबिन में हालांकि किसी तरह के दबाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। कांडला-मुंबई उड़ान से संबंधित घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पाइसजेट ने कहा, "पांच जुलाई, 2022 को, स्पाइसजेट क्यू 400 विमान एसजी 3324 (कांडला- मुंबई) उड़ान पर था। जब यह 23,000 फुट की ऊंचाई पर था तो इसकी पी 2 साइड के विंडशील्ड के बाहरी शीशे में दरार आ गई। दबाव सामान्य देखा गया। विमान मुंबई में सुरक्षित उतर गया।" वहीं, दिल्ली-दुबई उड़ान से संबंधित घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पाइसजेट ने कहा, ‘‘पांच जुलाई, 2022 को स्पाइसजेट बी737 विमान की उड़ान एसजी-11 (दिल्ली-दुबई) को संकेतक लाइट में खराबी के कारण कराची की ओर मोड़ दिया गया। विमान कराची में सुरक्षित उतरा और यात्रियों को भी सुरक्षित उतार लिया गया।'' इसने कहा, ‘‘कोई आपात स्थिति घोषित नहीं की गई और विमान सामान्य तरीके से उतरा। विमान में किसी भी अन्य खराबी की कोई सूचना नहीं मिली।'' एअरलाइन ने दिन में पूर्व में कहा था कि यात्रियों को जलपान दिया गया है।गत 19 जून से अब तक स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी खामी की सात घटनाएं हो चुकी हैं। 19 जून को पटना से 185 यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए उड़ान भरने के बाद ही विमानन कंपनी के विमान के इंजन में आग लग गई थी और उसे आपात स्थिति में उतरना पड़ा था। इंजन में खराबी पक्षी के टकराने से आई थी। वहीं, 19 जून को ही एक अन्य घटना में दिल्ली से जबलपुर जा रहे विमान को कैबिन में दबाव की समस्या की वजह से वापस दिल्ली लौटना पड़ा था। इसी प्रकार 24 और 25 जून को अलग-अलग विमानों में ‘फ्यूजलेज डोर वार्निंग' प्रणाली सक्रिय होने की वजह से, विमानों को बीच में यात्रा छोड़कर वापस आना पड़ा। वहीं, दो जुलाई को जबलपुर जा रही उड़ान तब वापस दिल्ली लौट आई जब करीब पांच हजार फुट की ऊंचाई पर चालक दल के सदस्यों ने कैबिन में धुआं देखा। उल्लेखनीय है कि स्पाइसजेट पिछले तीन साल से घाटे में चल रही है। सस्ती सेवा मुहैया कराने वाली विमानन कंपनी स्पाइसजेट को 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में क्रमश: 316 करोड़, 934 करोड़ और 998 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। काोविड- महामारी से विमानन क्षेत्र उबर रहा है और उड्डयन परामर्श फर्म सीएपीए ने 29 जून को कहा कि भारतीय विमानन कंपनियों का घाटा वर्ष 2021-22 के तीन अरब डॉलर से घटकर वर्ष 2022-23 में 1.4 से 1.7 अरब डॉलर के बीच रह सकता है। गौरतलब है कि मार्च 2021 में संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह से लखनऊ आ रहे इंडिगो के एक विमान ने भी कराची में तब आपातकालीन लैंडिंग की थी जब एक यात्री ने सीने में दर्द की शिकायत की। हालांकि इस यात्री को बचाया नहीं जा सका था।
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नयी दिल्ली. यात्रा प्रौद्योगिकी कंपनी अमेडियस टाटा के स्वामित्व वाली एयर इंडिया को यात्री सेवा प्रणाली मुहैया कराएगी। गौरतलब है कि एयर इंडिया परिचालन दक्षता के साथ ही ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि एयर इंडिया, अमेडियस अल्टेया पीएसएस (यात्री सेवा प्रणाली) को पूरी तरह लागू कर रही है। इसमें राजस्व प्रबंधन, राजस्व लेखांकन, खुदरा बिक्री, वेबसाइट, मोबाइल और फ्रीक्वेंट फ्लायर कार्यक्रम प्रबंधन से संबंधित घटक शामिल हैं। इस संबंध में एयर इंडिया ने सोमवार को अमेडियस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एयर इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी निपुण अग्रवाल ने कहा कि एयरलाइन ग्राहक अनुभव को बदलने के लिए कई अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी समाधान को अपना रही है और अमेडियस के साथ समझौता इसी पहल का हिस्सा है। एयर इंडिया के पास 117 विमानों का बेड़ा है। घाटे में चल रही एयरलाइन का टाटा ने जनवरी में अधिग्रहण किया था। -
नयी दिल्ली. टाटा समूह की कंपनी टाइटन ने कहा है कि चालू वित्त (2022-23) तथा मध्यम अवधि में उसके आभूषण कारोबार के लिए परिदृश्य सकारात्मक है। कंपनी ने सोमवार को कहा कि शादी-विवाह के बाजार में उसके विविध प्रयासों, सोना बदलने की योजना को मिली गति और नेटवर्क विस्तार के बूते वृद्धि के शानदार अवसर के चलते उसके आभूषण कारोबार की वृद्धि ‘शानदार' रहने की उम्मीद है। टाइटन वैश्विक बाजारों में अपने ब्रांड तनिष्क को उतार रही है और पश्चिम एशिया तथा उत्तर अमेरिका में इसके स्टोर खोलने वाली है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में अमेरिकी बाजार में भी तनिष्क का नया स्टोर खोलने की योजना है। आभूषण खंड में टाइटन के ब्रांड हैं तनिष्क, मिया बाय तनिष्क और जोया।
कंपनी ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2022-23 में और मध्यम अवधि में आभूषण खंड के लिए शानदार अवसर हैं।'' दो साल तक लॉकडाउन के बाद, शादी के मौसम और अक्षय तृतीया जैसे पर्व को देखते हुए व्यवधान मुक्त तिमाही रहने की उम्मीद है और आने वाले वर्ष के लिए परिदृश्य सकारात्मक है। टाइटन ने कहा कि दुबई और अल बरशा में खोले गए तनिष्क के स्टोर काफी सफल रहे हैं। उसने कहा, ‘‘संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी देशों में विस्तार जारी रहेगा। 2022-23 में अमेरिका में तनिष्क का पहला स्टोर खोला जाएगा।'' टाइटन के प्रबंध निदेशक सी के वेंकटरमन ने कहा, ‘‘तनिष्क की मौजूदगी पश्चिम एशिया और उत्तर अमेरिका में कई स्थानों पर होगी। -
नयी दिल्ली. राजस्व सचिव तरुण बजाज ने सोमवार को कहा कि जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन के बारे में राज्यों के वित्त मंत्रियों की समिति एक महीने के भीतर अपनी सिफारिश देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने माल एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) के गठन के बारे में विभिन्न राज्यों द्वारा जो चिंताएं जताई गई हैं उनका समाधान निकालने के लिए मंत्री समूह बनाने का निर्णय पिछले हफ्ते लिया था। यहां उद्योग मंडल एसोचैम के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बजाज ने कहा, मंत्री समूह की सिफारिशें महीने भर में मिलने की उम्मीद है और अगले छह माह में न्यायाधिकरण के मोर्चे पर काफी प्रगति देखने को मिलेगी।'' जीएसटी परिषद सचिवालय जल्द ही नियम और शर्तों और मंत्री समूह के सदस्यों के नाम की जानकारी देगा।
मंत्री समूह राज्यों की चिंताओं को मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश के आलोक में देखेगा जिसमें कहा गया था कि जीएसटीएटी में तकनीकी सदस्यों की संख्या न्यायिक सदस्यों से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमाशुल्क बोर्ड के चेयरमैन विवेक जौहरी ने कहा कि जीएसटी के तहत रिफंड के लंबित रहने की समस्या कम हुई है। -
नयी दिल्ली. पैक किए गए और लेबल वाले खाद्य पदार्थों पर पांच प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने से खाद्यान्न व्यापारियों को नुकसान होगा, अनुपालन का बोझ बढ़ेगा और रोजमर्रा के इस्तेमाल का जरूरी सामान महंगा होगा। व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सोमवार को यह बात की। कैट ने यह भी कहा कि संगठन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों से मिलकर इस फैसले पर फिर से विचार करने को कहेगा। जीएसटी परिषद ने पिछले दिनों अपनी बैठक में डिब्बा या पैकेट बंद और लेबल युक्त (फ्रोजन को छोड़कर) मछली, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज तथा मुरमुरे पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया था। कर दर में बदलाव 18 जुलाई से प्रभाव में आएंगे। कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पैक किए अथवा लेबल लगाए गए सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों एवं कुछ अन्य वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाने की सिफारिश पर देश के खाद्यान्न व्यापारियों में बेहद रोष एवं आक्रोश है। व्यापारी संगठन ने इस कदम को छोटे विनिर्माताओं एवं व्यापारियों के हितों के खिलाफ करार दिया गया, और कहा कि इस फैसले से ब्रांडेड सामान को फायदा पहुंचेगा। खंडेलवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर देश के सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों को ज्ञापन देकर इस फैसले को वापिस लेने की मांग की जाएगी। इस मौके पर मौजूद दिल्ली खाद्यान्न व्यापार संघ के अध्यक्ष नरेश गुप्ता और दाल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप जिंदल ने बताया कि इस संबंध में देशभर के अनाज व्यापार संगठनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और सभी संगठन इस निर्णय से बेहद नाराज हैं। -
नयी दिल्ली. उद्योग संगठन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) ने सोमवार को कहा कि निर्माण उद्योग में स्टेनलेस स्टील के नवोन्मेषी इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए उसने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के साथ करार किया है। आईएसएसडीए ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन के जरिए दोनों संस्थानों का उद्देश्य नवोन्मेषी वास्तुकला प्रौद्योगिकी और सामग्रियों को बढ़ावा देना है जिससे वास्तुकला डिजाइन का क्षेत्र आधुनिक हो सके। इसमें बताया गया, ‘‘दोनों संस्थान आर्किटेक्चर के विद्यार्थियों को स्टेनलेस स्टील पर ऑनलाइन और ऑफलाइन पाठ्यक्रमों समेत कई गतिविधियां करवाएंगे, छात्रों और शिक्षकों को उद्योग दौरों पर ले जाया जाएगा और स्टेनलेस स्टील की विनिर्माण प्रक्रिया का अनुभव दिलाया जाएगा।
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मुंबई. सोने के बदले कर्ज देने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) मुथूट फाइनेंस को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से देशभर में 150 और शाखाएं खोलने की अनुमति मिली है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसकी देश के दक्षिणी और उत्तरी भागों में ये शाखाएं खोलने की योजना है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक जॉर्ज एलेक्जेंडर मुथूट ने बयान में कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे पुनरुद्धार के साथ स्वर्ण ऋण की मांग बनी हुई है। शाखा विस्तार को लेकर रिजर्व बैंक की मंजूरी से वित्त वर्ष 2022-23 में स्वर्ण ऋण में 12-15 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद मजबूत हुई है।'' कंपनी की शाखाओं का मौजूदा नेटवर्क 4,617 है। कंपनी की इन शाखाओं को अगले दो महीनों में खोलने की योजना है। कंपनी इस विस्तार के लिये 600 लोगों को नियुक्त करेगी। - नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान उसका बिजली उत्पादन 21.7 प्रतिशत बढ़कर 104.4 अरब यूनिट (बीयू) हो गया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि एनटीपीसी समूह की कंपनियों ने 2022 की अप्रैल-जून तिमाही में 104.4 बीयू का उत्पादन दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के उत्पादन 85.8 बीयू से 21.7 प्रतिशत अधिक है। जून 2022 में बिजली उत्पादन 34.8 बीयू रहा, जो जून 2021 के 26.9 बीयू की तुलना में 29.3 प्रतिशत अधिक है। ये आंकड़े कंपनी के बेहतर प्रदर्शन और चालू वर्ष में बिजली की मांग में वृद्धि को दर्शाते हैं।उड़ीसा में एनटीपीसी तालचेर कनिहा (3000 मेगावाट) अप्रैल से जून 2022 के बीच 94.2 प्रतिशत संयंत्र लोड फैक्टर (क्षमता उपयोग) के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाला ताप बिजली संयंत्र था। एनटीपीसी के कोयला संयंत्रों का कुल लोड फैक्टर अप्रैल से जून 2022 के बीच 80 प्रतिशत था। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि में 69 प्रतिशत था।
- मुंबई। आपूर्ति श्रृंखला क्षेत्र के प्रौद्योगिकी मंच यूनिकॉमर्स ने सोमवार को कहा कि वह देश में तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स के बीच चालू वित्त वर्ष में अपने नेटवर्क में 800 वेयरहाउस जोड़ने की योजना बना रहा है। कंपनी कई नई श्रेणियां और बिजनेस मॉडल लाने पर भी विचार कर रही है। कंपनी इस समय 7,200 से अधिक वोयरहाउस को प्रबंधन समाधान मुहैया कराती है। यूनिकॉमर्स ने एक बयान में कहा, ‘‘मार्च 2023 तक 8,000 से अधिक नए वेयरहाउस यूनिकॉमर्स के वेयरहाउस प्रबंधन मंच का लाभ उठाएंगे, जबकि 7200 से अधिक वेयरहाउस पहले ही जुड़े हुए हैं।

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