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नई दिल्ली। प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने बुधवार को कहा कि वह अपना एंड्रायड ऐप कोरमो जॉब्स भारत ला रही है। इससे नौकरी चाहने वालों को देशभर में खाली पदों को तलाशने और आवेदन करने में मदद मिलेगी। कंपनी ने पिछले साल गूगल पे के तहत रोजगार तलाश करने वालों को जोडऩे के लिये जॉब्स पेश किया था। इसमें घरों तक सामान और सेवाएं पहुंचाने वाली कंपनियों, खुदरा और होटल जैसे उद्योगों में अवसरों को रखा जाता था। अब इस पेशकश को नये रूप में 'कोरमो जॉब्स' के रूप में लाया जाएगा। गूगल के क्षेत्रीय प्रबंधक और परिचालन प्रमुख (कोरमो जॉब्स) बिके रसेल ने कहा कि जॉब्स को २०१८ में मूल रूप से बांग्लादेश में पेश किया गया था और उसके बाद इंडोनेशिया में कोरमो जॉब्स ब्रांड के तहत पेश किया गया। पिछले साल गूगल ने, गूगल पे ऐप पर जॉब्स एज ए स्पॉट ब्रांड के अंतर्गत इसी प्रकार की पेशकश की थी।
उन्होने एक ब्लॉगस्पॉट में लिखा है कि जोमैटो और डुनजो जैसी कंपनियां इस सेवा का उपयोग कर जरूरी कुशलता, अनुभव और स्थान विशेष की जरूरत के अनुसार उम्मीदवार तलाशने में सफल रहीं। मंच पर २० लाख से अधिक सत्यापित रोजगार की जानकारी दी गयी थी। रसेल ने कहा, इससे उत्साहित और महामारी के बाद रोजगार उपलब्ध कराने में मदद के इरादे से हम भारत में कोरमो जॉब्स एंड्रॉयड ऐप ला रहे हैं। इससे नौकरी तलाश करने वालों को मदद मिलेगी और वे भारत में अपनी पसंद की नौकरियां तलाश कर सकेंगे और आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा, कंपनी नई विशेषताएं और रोजगार जोडऩे के लिये इसमें निवेश जारी रखेगी ताकि जरूरतमंद लोगों को इस सुविधा का पूरा लाभ हो सके। -
नई दिल्ली। आनलाइन यात्रा सेवायें उपलब्ध कराने वाले कंपनी यात्रा डॉट कॉम ने बुधवार को कहा कि उसने अपने साथ जुड़े होटल भागीदारों को उनकी जरूरतों के मुताबिक विभिन्न उत्पाद उपलब्ध कराने के लिये अमेजन बिजनेस के साथ गठबंधन किया है। यात्रा डॉट कॉम ने एक वक्तव्य में कहा है कि उसके आतिथ्य भागीदार अपनी विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिये और सुरक्षित और सक्षम तरीके से उत्पादों की खरीदारी करने के वासते अमेजन बिजनेस मार्किटप्लेस का लाभ उठा सकते हैं। इसमें उन्हें एक ही मंच पर विभिन्न श्रेणियों में अलग अलग किस्म के उत्पाद उपलब्ध होंगे। वक्तव्य में कहा गया है कि उसके होटल भागीदारों को देशभर के 3.5 लाख विक्रेताओं के उत्पाद अमेजन बिजनेस प्लेटफार्म पर उपलब्ध होंगे।
यात्रा डॉट कॉम के सह- संस्थापक और सीईओ ध्रुव श्रिृंगी ने कहा, हम अपने आतिथ्य क्षेत्र के भागीदारों के लिये उनकी दैनिक और मासिक उत्पाद जरूरतों को पूरा करने के लिये अमेजन बिजनेस के साथ गठबंधन की घोषणा करते हुये प्रसन्न हैं। यह यात्रा के अलावा हमारे कारोबार में विविधता लाने की दिशा में एक और कदम है। अमेजन बिजनेस के निदेशक पीटर जार्ज ने कहा अमजन बिजनेस मार्केटप्लेस अपने बिजनेस ग्राहकों की सुविधा के लिये 15 करोड़ उत्पादों की पेशकश करता है। उन्हें सुविधा के मुताबिक खोज करने और बचत के अवसर देता है। ग्राहकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिये जीएसटी बिल तथा थोक खरीद पर छूट भी उपलब्ध कराता है। यात्रा डॉट कॉम भारत में 1,08,000 और दुनियाभर में 15 लाख से अधिक होटलों में बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराता है। - नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम और बिजली उत्पादन करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड कर्नाटक में अपने एनटीपीसी कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन के परिचालन के लिए कोयले की आपूर्ति करने में परिवहन लागत को घटाकर लगभग 200-500 रुपये प्रति मीट्रिक टन करने में समर्थ होगी। इससे बिजली उत्पादन की लागत घटेगी और पारगमन के समय में भी 8-15 घंटे की कमी आएगी।एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, दक्षिण पश्चिम रेलवे में नवनिर्मित 670 मीटर लंबा पुल एनटीपीसी कुडगी के लिए काफी फायदेमंद है क्योंकि यह बिजली उत्पादन की लागत को कम करने में मदद करेगा। साथ ही इससे रेलवे को उपलब्ध बुनियादी ढांचे के जरिये कहीं अधिक माल की ढुलाई करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा, दोहरी लाइनों की उपलब्धता के कारण महाराष्ट्र के शोलापुर से कर्नाटक के गडग तक की यात्रा का समय कम हो जाएगा जिससे यात्रियों को समय की बचत होगी।एनटीपीसी ने महाराष्ट्र के हॉटगी से कर्नाटक के कुडगी तक (134 किलोमीटर) की मौजूदा रेलवे ट्रैक पर लाइनों के दोहरीकरण में मदद की है। साथ ही कंपनी ने भीमा नदी पर दो पुलों के निर्माण में भी सहायता प्रदान की है। वर्तमान में, इस मार्ग पर एक पुल 50 वर्षों से अधिक पुराना है और इसलिए उस मार्ग से भारी लोड वाले सामानों की ढुलाई नहीं की जाती है। यही कारण है कि अधिकांश यातायात को गुंटाकल से बेल्लारी- गडग मार्ग पर मोड़ दिया जाता है। एनटीपीसी अब दक्षिण पश्चिम रेलवे से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है और मंजूरी मिलते ही वह अपना परिचालन शुरू कर देगी।
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नयी दिल्ली। राज्यों को राजस्व क्षतिपूर्ति देने और इस क्षतिपूर्ति के लिए राजस्व में कमी को पूरा करने के लिए बाजार से कर्ज उठाने की वैधता पर महान्यायवादी की राय पर विचार को लेकर जीएसटी परिषद की 27 अगस्त को बैठक हो सकती है। सूत्रों ने कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 41वी बैठक का एकमात्र एजेंडा राज्यों की क्षतिपूर्ति का होगा। बैठक वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये होगी। इसके अलावा परिषद की पूर्ण बैठक 19 सितंबर को होगी। इसका एजेंडा अभी तय होना है।
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नई दिल्ली। दी फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स ट्रावनकोर लिमिटेड(एफएसीटी)के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक किशोर रूंगटा ने भारतीय उर्वरक संघ,दक्षिणी क्षेत्र (एफएआई एसआर)के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला है।
भारतीय उर्वरक संघ (एफएआई)एक विशिष्ट निकाय है जो उर्वरक निर्माताओं,वितरकों,आयातकों, उपकरण निर्माताओं,अनुसंधान संस्थानों और आदान आपूर्तिकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय उर्वरक संघ,दक्षिणी क्षेत्र (एफएआई एसआर)के क्षेत्र में केरल,तमिलनाडु,कर्नाटक,आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के हितधारक आते हैं।
एफएआई का उद्देश्य उर्वरकों के उत्पादन,विपणन और उपयोग से संबंधित सभी लोगों को एक साथ लाना है। इसका क्षेत्रीय कार्यालय मुख्य रूप से इस क्षेत्र में काम कर रहे उर्वरक निर्माताओं,राज्य सरकारों और अन्य स्थानीय प्राधिकरणों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है और उनके साथ निरंतर संपर्क बनाकर रखता है।
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा भुगतान को नियंत्रित करने के लिए एक अखिल भारतीय संगठन आरंभ करने की रूपरेखा जारी की है।
इसके अनुसार 500 करोड़ रुपये की शुद्ध लागत वाली कंपनियां इस तरह की खुदरा भुगतान प्रणाली का गठन करने और उसके प्रबंधन तथा संचालन की पात्र होंगी। इसके अंतर्गत ए.टी.एम., पी.ओ.एस., आधार से जुड़ी भुगतान और प्रेषण सेवाओं को शामिल किया जाएगा।
इस संगठन को धोखाधड़ी और जालसाजी से निपटने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम की निगरानी भी करनी होगी।
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नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप ईट्रियो ने देश का पहला प्रमाणित रेट्रोफिटेड इलेक्ट्रिक हल्का वाणिज्यिक वाहन (ईएलसीवी) पेश किया है। ईट्रियो ने बयान में कहा कि ईएलसीवी कंपनी की अपनी तरह की पहली पहल है। कंपनी ने कहा कि उसके हैदराबाद स्थित विनिर्माण कारखाने में सालाना आधार पर 5,000 ऐसे वाहनों को रेट्रोफिट किया जा सकता है। ईट्रियो के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक एमवी ने कहा, हम ईट्रियो ईएलसीवी पेश कर गौरान्वित महसूस कर रहे हैं। हमारी इस वैज्ञानिक रेट्रोफिटमेंट प्रक्रिया से चालकों को परिचालन खर्च में 60 प्रतिशत की बचत होगी। इससे हम डीजल के धुआं छोडऩे वाले वाहनों को हरित उत्पादक वाहन में बदल सकेंगे।
- नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से स्टार्टअप कंपनियों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इस सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के तहत कार्यरत नेशनल रिसर्च डिवेलपमेंट कारपोरेशन (एनआरडीसी) ने सीएसआईआर-नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटरी (एनएएल) के साथ हाथ मिलाया है।इस नई साझेदारी के तहत दोनों संस्थान मिलकर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के उभरते क्षेत्रों से जुड़ी स्टार्टअप कंपनियों को प्रोत्साहित करने का काम करेंगे। इस पहल के अंतर्गत एयरोस्पेस क्षेत्र से संबंधित इनोवेशन/इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यह जानकारी एनआरडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ एच. पुरुषोत्तम द्वारा दी गई है।इस संबंध में सीएसआईआर-एनएएल और एनआरडीसी के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर मुख्यालय में इस समझौते का आदान-प्रदान करते समय डीएसआईआर के सचिव एवं सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ शेखर सी. मांडे, डीएसआईआर के संयुक्त सचिव डॉ आर. वैधीश्वरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।इस पहल के तहत एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्टार्टअप कंपनियों को इन्क्यूबेशन के साथ-साथ उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकसित करने तथा उसे वैधता दिलाने के लिए जरूरी सलाह और समर्थन मिल सकेगा। एनआरडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ पुरुषोत्तम ने कहा है कि दोनों संस्थानों के बीच इस साझेदारी के बाद सीएसआईआर की अन्य घटक प्रयोगशालाओं में भी इनोवेशन/इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के रास्ते खुल सकते हैं।----
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मुंबई। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को अखिल भारतीय स्तर पर खुदरा भुगतान प्रणालियों के संचालन के लिये छत्र-इकाई स्थापित/ परिचालित करने के नियम जारी किए और काम शुरू करने की इच्छुक कंपनियों से 26 फरवरी 2021 तक आवेदन आमंत्रित किये हैं। छत्र इकाई अपने नाम के तहत खुदारा बाजार में विभिन्न प्रणालियों की स्थापना, प्रबंध और परिचालन कर सकेगी। रिजर्व बैंक की रूपरेखा के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार की खुदरा भुगतान प्रणाली का संचालन करने के लिये आवेदन करने वाली कंपनी की नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिये। ऐसी कंपनी को खुदरा भुगतान के क्षेत्र में एटीएम, खुदरा बिक्री केन्द्रों, आधार आधारित भुगतान और प्राप्ति सेवाओं सहित समूचे खुदरा क्षेत्र की नई भुगतान व्यवस्था का संचालन और व्यवस्था देखनी होगी। कंपनी इस प्रकार के भुगतान केन्दों की स्थापना करने से लेकर उनकी देखरेख और परिचालन के लिये जवाबदेह होगी। रिजर्व बैंक की इस संबंध में जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, रिजर्व बैंक इस प्रकार की व्यापक इकाई स्थापित करने वालों से आवेदन आमंत्रित करता है। ये आवेदन 26 फरवरी 2021 को सामान्य कामकाज का समय समाप्त होने से पहले उपलब्ध कराये गये फार्म- ए में भरकर सौंप दिये जाने चाहिये। रिजर्व बैंक ने कहा है कि इस प्रकार की वृहद इकाई को बैंकों और गैर- बैंकों के लिये क्लयरिंग और निपटान प्रणाली का परिचालन करने की भी अनुमति होगी। इसमें उसे निपटान, रिण, तरलता और परिचालन संबंधी जोखिमों की पहचान और उन्हें व्यवस्थित भी करना होगा। इसके साथ ही पूरी प्रणाली की ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को बनाये रखना होगा। रिजर्व बैंक ने कहा है कि ऐसी कंपनी को खुदरा भुगतान प्रणाली से जुड़े देश के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले घटनाक्रमों पर भी नजर रखनी होगी ताकि घरेलू प्रणाली में इनसे पड़ने वाले झटकों, धोखाधड़ी और दूसरी प्रतिक्रियाओं से बचा जा सके और अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव को रोका जा सके। केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि इस प्रकार की वृहद कंपनी के लिये आवेदन करने के वास्ते उसके प्रवर्तक और प्रवर्तक समूह सभी का स्वामित्व एवं नियंत्रण भारतीय नागरिक के हाथ में होना चाहिये।
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मुंबई। टाटा मोटर्स ने अपनी प्रमुख इलेक्ट्रिक एसयूवी नेक्सॉन ईवी की 1000वीं इकाई मंगलवार को पेश की। इस मॉडल को छह माह पहले जनवरी में बाजार में उतारा गया था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि नेक्सॉन ईवी को उसके पुणे स्थित संयंत्र में बनाया जा रहा है। कंपनी के यात्री वाहन कारोबार के अध्यक्ष शैलेष चंद्र ने कहा, इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर स्वीकार्यता बढ़ रही है। हमें देश के सभी इलाकों में लोगों की रुचि दिखायी दे रही है। कोविड-19 जैसे संकटपूर्ण हालातों के बावजूद छोटी सी अवधि में 1,000वीं नेक्सॉन ईवी का बाजार में आना ई-वाहनों को लेकर ग्राहकों के बढ़ते रूझान को दिखाता है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ई-वाहन श्रेणी में नेक्सॉन की बाजार हिस्सेदारी 62 प्रतिशत रही। -
मुंबई। सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अश्विनी कुमार शुक्ला को अपना मुख्य जोखिम अधिकारी नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन अगस्त से प्रभावी है। बैंक ने एक विज्ञप्ति में सोमवार को यह जानकारी दी। विज्ञप्ति के मुताबिक शुक्ला इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक में जोखिम प्रबंधन विभाग के महाप्रबंधक रह चुके हैं। पिछले साल वित्त मंत्रालय ने अपने सुधार कार्यक्रमों के तहत सरकारी बैंकों को बाजार से मुख्य जोखिम अधिकारी नियुक्त करने की अनुमति दे दी थी। इस तरह की नियुक्ति करने वाला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पहला सरकारी बैंक है। -
एनबीएफसी, एचएफसी को मिलेगी अधिक नकदी
नई दिल्ली। संकट से जूझ रही गैर बैंकिग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार ने सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा उनके वाणिज्यिक पत्रों और बांड को खरीदने की आंशिक ऋण गारंटी योजना (पीसीजीएस) के नियमों में ढील दी है। सरकार ने योजना की अवधि को भी तीन माह बढ़ा दिया है। योजना के तहत हुई प्रगति को देखते हुये सरकार ने कुछ कदम उठाये हैं। जहां तक इन वित्त संस्थानों के एए और एए- रेटिंग वाले बांड और वाणिज्यिक पत्रों को लेने की बात है, इनके लिये तय सीमा को करीब करीब हासिल कर लिया गया है जबकि कम रेटिंग वाले वाणिज्यिक पत्र में खरीदार नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि सरकार ने अब पीसीजीएस 2.0 मे सुधार करने का फैसला किया है।
वित्त मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने के लिये तीन माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। छह माह की समाप्ति यानी 19 नवंबर 2020 को वितरित की गई वास्तविक राशि के आधार पर पोर्टफोलियो को वास्तविक रूप दिया जायेगा, उसके बाद ही गारंटी प्रभाव में आयेगी। इसमें कहा गया है कि पोर्टफोलियो के स्तर पर योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा योजना के तहत खरीदे गये एए और एए- निवेश वाले पोर्टफोलियो बांड और वाणिज्यिक पत्र कुल पोर्टफोलियो का 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिये। इससे पहले यह सीमा 25 प्रतिशत तय की गई थी। बयान में कहा गया है कि ऐसी उम्मीद है कि इस सुधार से बैंकों को पीसीजीएस 2.0 के तहत बांड और रिण पत्राों को खरीदने में कुछ लचीलालापन मिलेगा। सरकार के 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत 20 मई को पीसीजीएस 2.0 योजना की घोषणा की गई थी। इसमें एनबीएफसी और एचएफसी, सूक्ष्म वित्त संस्थानों द्वारा जारी एए और इससे कम रेटिंग वाले बांड एवं रिण पत्रों को सार्वजनिक क्षत्र के बैंकों द्वारा खरीदने पर गारंटी का प्रावधान है।
पीसीजीएस 2.0 के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने कुल मिलकर 21,262 करोड़ रुपये के 28 संस्थानों द्वारा जारी एए और एए- रेटिंग वाले बांड एवं रिण पत्रों और 62 संस्थनां द्वारा जारी किये गये एए- से कम रेटिंग वाले बांड और रिण पत्रों को खरीदने को मंजूरी दी है। सरकारी घोषणा में पीसीजीएस 2.0 के तहत 45,000 करोड़ रुपये के बांड और वाणिज्यिक पत्रों को खरीदने का प्रावधान किया गया था। इसमें एए और एए- वाले बांड के लिये 25 प्रतिशत पोर्टफोलियो की अनुमति थी जो कि 11,250 करोड़ रपये तक था। इसके अलावा सरकार ने अलग से विशेष तरलता योजना की भी घोषणा की थी। इसमें तीन माह तक की शेष अवधि के लिये जिसे तीन माह और आगे बढ़ाया जा सकता है, उसमें 30,000 करोड़ रुपये तक के बांड और गैर परिवर्तनीय डिबेंचर खरीदने का प्रावधान किया गया। -
नई दिल्ली। रेलवे देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के औद्योगिक क्षेत्रों को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए करीब 4,000 किलोमीटर के प्रतिबद्ध मालढुलाई गलियारों (डीएफसी) का निर्माण करेगा। इसमें देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को दक्षिण भारत के साथ ओड़िशा और आंध्र प्रदेश के प्रमुख बंदरगाहों के जरिये जोड़ा जाएगा। इन गलियारों पर एक दस्तावेज से यह जानकारी मिली है। प्रस्तावित डीएफसी रेलवे की अगली बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का हिस्सा हैं इनमें खड़गपुर (प. बंगाल) से विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को जोड़ने वाला 1,115 किलोमीटर का पूर्वी तटीय गलियारा, भुसावल-नागपुर-खड़गपुर-दानकुनी (कोलकाता के पास) मार्ग को जोड़ने वाला 1,673 किलोमीटर का पूर्व-पश्चिम गलियारा और 195 किलोमीटर का राजखर्सवान-कालीपहाड़ी-अंडल (प. बंगाल) को जोड़ने वाला गलियारा शामिल हैं। तीसरा 975 किलोमीटर का उत्तर दक्षिण उप गलियारा है। यह विजयवाड़ा-नागपुर-इटारसी (मध्य प्रदेश) मार्ग को जोड़ेगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि़ (डीएफसीसीआईएल) जल्द इन गलियारों के सर्वे का काम शुरू करेगी। वह इस प्रक्रिया को एक साल में पूरा करेगी। ये गलियारे ओड़िशा के पारादीप, धामरा, गोपालपुर बंदरगाहों तथा आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, गंगावरम, काकीनाडा, कृष्णापत्तनम और मछलीपत्तनम बंदरगाहों को संपर्क उपलब्ध कराएंगे। इनसे माल की ढुलाई तेज हो सकेगी और रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ सकेगी।
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कोयंबटूर। तिरुपुर की वाहन कंपनी सी. के. मोटर्स ने सोमवार को अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक साइकिल पेश किए। कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इन वाहनों में पेटेंट लिथियम आयन बैटरी लगी है। साथ ही चलाने में सहूलियत का ध्यान रखा गया है। कंपनी के चेयरमैन सह निदेशक चंद्रशेखर ने कहा कि हमारी साइकिल एक बार चार्ज करने पर 50 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। जबकि कंपनी की मोपेड अधिकतम 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से एक बार चार्ज करने पर 60 किलोमीटर तक जा सकती है। इसी तरह कंपनी का स्कूटर 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से एक बार चार्ज करने पर 85 किलोमीटर तक, 65 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से 116 किलोमीटर प्रति चार्ज के मॉडल में उपलब्ध है। कंपनी इन ई-वाहनों का अनुभव देने के लिए तिरुपुर में 21 अगस्त को दो स्टोर भी खोलने जा रही है। - मुंबई। फेडरल बैंक अगले एक साल में क्रेडिट कार्ड खंड में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है। बैंक इस समय एसबीआई काड्र्स के साथ मिलकर कार्ड की पेशकश कर रहा है।फेडरल बैंक की कंट्री हेड (जमाएं, कार्ड और व्यक्तिगत ऋण) निलोफर मुलानफिरोज ने बताया कि बैंक अब अपने मौजूदा एक करोड़ ग्राहकों को कार्ड बेचने पर खासतौर से ध्यान देगा। सभी प्रमुख बैंक ग्राहकों को अपने क्रेडिट कार्ड की पेशकश करते हैं, लेकिन मौजूदा समय में जारी महामारी के कारण बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां छूट गई हैं या वेतन में कटौती हुई है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत ऋण जैसे असुरक्षित उत्पादों की परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।मुलानफिरोज ने कहा, हम अगले 9-12 महीनों में अलग से एक क्रेडिट कार्ड पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि तब तक भारत में हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल बैंक केवल अपने ग्राहकों पर भरोसा करेगा और सावधानी के साथ कार्ड के लिए अपने ग्राहकों को चुनेगा। उन्होंने कहा कि बैंक मुख्य रूप से 35 साल से कम उम्र के ग्राहकों को लक्षित करेगा और इस वर्ग को दो-तिहाई से अधिक कार्ड बेचे जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि ज्यादातर कार्ड बैंक की मौजूदा शाखाओं से उसके ग्राहकों को बेचे जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रवासी भारतीयों के लिए खासतौर से आकर्षक पेशकश की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बैंक एक महीने में घोषणा करेगा कि यह कार्ड किस नेटवर्क - वीजा, मास्टरकार्ड या रूपे - पर काम करेगा।
- - छत्तीसगढ़ को विद्युत के मामले में अग्रणी बनाये रखना प्राथमिकता - श्री गौतमरायपुर। स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं डायरेक्टर हर्ष गौतम ने आज पदभार ग्रहण किया।विद्युत विषयक कार्यों के करीब 37 वर्ष के दीर्घ अनुभवी श्री गौतम अब तक पॉवर डिस्टीब्यूशन कंपनी में कार्यपालक निदेशक (एनर्जी इंफोटेक सेंटर) पद पर सेवारत थे। नव पदभार ग्रहण करने के उपरांत उन्हें पॉवर कम्पनीज प्रबंधन सहित अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों, श्रमिक संघ-संगठनों के पदाधिकारियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी।पदभार ग्रहण करने के उपरांत एम.डी. श्री गौतम ने राज्य शासन के प्रति अपनी नियुक्ति के लिये आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने जिस आशा-विश्वास के साथ उन्हें प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है उसे बनाये हुये पॉवर कंपनीज के दायित्वों का निवर्हन निष्ठापूर्वक करेंगे। छत्तीसगढ़ शासन की रीति-नीति के अनुरूप विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के हित में जारी योजनाओं का सफल क्रियान्यवन करने को उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि टीमवर्क के साथ करते हुए छत्तीसगढ़ को विद्युत के मामले में अग्रणी बनाये रखना लक्ष्य होगा।नवनियुक्त एम.डी. श्री गौतम का जीवन परिचयपॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के नवनियुक्त एमडी हर्ष गौतम का जन्म 10 जून 1959 को बसना में हुआ। अपनी माता शैलबाला शर्मा एवं पिता स्व. सत्यव्रत शर्मा से मिले सुसंस्कारों से वे सतत जीवनयात्रा में आगे बढ़ते रहे हैं। बी.ई. (इलेक्ट्रीकल) की उपाधि गर्वनमेन्ट इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर से प्राप्त करने के उपरांत वर्ष उन्होंने 1983 में बसना में सहायक अभियंता के पद से सेवायात्रा आरंभ की और पॉवर कंपनी में कार्यपालक निदेशक के शीर्ष पद पर पदस्थ हुए। आपकी कार्यदक्षता एवं तकनीकी योग्यता का मूल्यांकन करते हुये छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आपको प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्ति दी गई। अपनी सेवायात्रा में आपने छत्तीसगढ़ की विद्युत अधोसरंचना को उन्नत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। तकनीकी कार्यों के साथ-साथ आपको लेखन में विशेष अभिरूचि है।
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पोरबंदर। समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) ने समुद्री खाद्य उत्पादों का प्रसंस्करण और निर्यात करने वालों के लिए यहां एक गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला शुरू की है, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय नियामक जरूरतों के अनुसार सुनिश्चित की जा सके। एमपीईडीए ने एक बयान में कहा कि प्रयोगशाला में उन्नत परीक्षण उपकरण हैं, जो एंटीबायोटिक अवशेषों, भारी धातुओं, जैसे कैडमियन, सीसा, पारा और आर्सेनिक आदि का पता लगा सकते हैं। प्राधिकरण ने बताया कि प्रयोगशाला ने राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) और निर्यात जांच परिषद (ईआईसी) की मान्यता हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एमपीईडीए के अध्यक्ष के एस श्रीनिवास ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया। गुजरात के समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात में एंटीबायोटिक अवशेषों के मामले अपेक्षाकृत कम आए हैं, लेकिन भारी धातुओं, मुख्य रूप से कैडमियम की उपस्थिति के कारण विदेशों में कई खेप को खारिज किया जा चुका है।
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चेन्नई। हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लेलैंड कोविड-19 महामारी की वजह से अपने कारोबारी और परिचालन मॉडल की नए सिरे से समीक्षा कर रही है। कंपनी के चेयरमैन धीरज जी हिंदुजा ने यह जानकारी दी। हिंदुजा ने कहा कि इस दिशा में, कंपनी ने सतत वृद्धि के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के बीच वाणिज्यिक वाहनों के लिए दीर्घावधिक परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। शेयरधारकों को संबोधित करते हुए हिंदुजा ने कहा कि सरकार वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र को उबारने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि वहीं इस अवसर का लाभ उठाकर पिछले कुछ माह से कंपनी बिना किसी धारणा के अपने कारोबारी और परिचालन मॉडल की समीक्षा कर रही है। हिंदुजा ने कहा, लघु और दीर्घावधि की संभावनाओं का आकलन करने के बाद कंपनी ने कई कदम उठाए हैं। इनका मकसद सतत वृद्धि हासिल करते हुए आर्थिक चक्र के प्रतिकूल असर को कम करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति अशोक लेलैंड जैसे मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) के लिए वैश्विक स्तर पर अपने को स्थापित करने का अवसर है। हम वैश्विक स्तर पर कंपनी की विनिर्माण क्षमता दिखा सकते हैं।
- नई दिल्ली। गोल्ड इटीएफ में जुलाई के दौरान नौ सौ 21 करोड़ रुपये की आमद दिखाई दी। यह पिछले महीने के मुकाबले 86 प्रतिशत अधिक थी। सोने की बढ़ती कीमतों के कारण नये निवेशक बड़ी संख्या में इसकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं।भारतीय म्यूचअल फंड एशोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष के पहले सात महीनों में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानि ईटीएफ श्रेणी में चार हजार चार सौ 52 करोड रुपये का निवेश हुआ।आंकड़ों के अनुसार गोल्ड ईटीएफ में जून में चार सौ 94 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जो कि जुलाई में बढ़कर नौ सौ 21 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह जुलाई के अंत तक गोल्ड ईटीएफ के अंतर्गत परिसंपत्तियां 19 प्रतिशत बढ़कर 12 हजार नौ सौ 41 करोड़ रुपये हो गई, जबकि जून के अंत में वे दस हजार आठ सौ 57 करोड़ रुपये पर थी।
- नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय के अधीन केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम, एनटीपीसी लिमिटेड देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी है। इस कंपनी ने दूर दराज स्थित सीमेंट संयंत्रों को सस्ती दर पर भारी मात्रा में फ्लाई ऐश भिजवाने के लिए उत्तर प्रदेश में स्थित रिहंद परियोजना पर बुनियादी ढांचा विकसित किया है। यह विकास विद्युत संयंत्रों से फ्लाई ऐश के 100 प्रतिशत उपयोग के लिए एनटीपीसी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 3450 मीट्रिक टन (एमटी) फ्लाई ऐश ले कर 59 बीओएक्सएन प्रकार के रेलवे वैगनों की पहली रैक को एनटीपीसी के रिहंद सुपर थर्मल पावर स्टेशन से कार्यकारी निदेशक (एनटीपीसी रिहंद) बालाजी अयंगर, ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर एनटीपीसी रिहंद के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। यह फ्लाई ऐश 458 किलोमीटर दूर स्थित एसीसी सीमेंट विनिर्माण संयंत्र, टिकरिया, उत्तर प्रदेश के लिए भेजा गया है।पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ललित त्रिवेदी और एसीसी के आपूर्ति श्रृंखला के प्रमुख सुरेश राठी, इस कार्यक्रम में अपनी टीम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। पहली किश्त के हस्तांतरण के लिए एनटीपीसी रिहंद के अधिकारियों ने तिरपाल से ढ़के बीओएक्सएन वैगनों में फ्लाई ऐश की आपूर्ति शुरू करने के लिए प्रमुख सीमेंट उत्पादों के साथ पूर्व मध्य रेलवे से संपर्क किया था। यह नवाचार विद्युत संयंत्रों से फ्लाई ऐश की दूर दराज स्थित सीमेंट उत्पादन इकाइयों को कुशलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से ढ़ुलाई करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।यह प्रयास एक दूरस्थ स्थान से उपभोग केंद्र तक फ्लाई ऐश की ढुलाई के लिए एक नए युग की शुरुआत का सूचक है। इससे भारतीय रेलवे के लिए अतिरिक्त सामग्री लोडिंग स्थलों की उपलब्धता के साथ फ्लाई ऐश के उपयोग के उन्नयन में सीमेंट संयंत्रों को समर्थ बनाएगा और इससे सीमेंट संयंत्रों को पर्यावरण के अनुकूल सस्ती दरों पर फ्लाई ऐश की पहुंच में बढ़ोतरी होगी। वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान विभिन्न उत्पादक उद्देश्यों के लिए लगभग 44.33 मिलियन टन फ्लाई ऐश का उपयोग किया गया था, जो उत्पादित ऐश का 73.31 प्रतिशत था।इसके अलावा, कंपनी फ्लाई ऐश आधारित जियो-पॉलीमर सड़क, सीमेंट कंक्रीट में फाइन एग्रीगेट (रेत) के स्थान पर बॉटम ऐश का उपयोग करने जैसे फ्लाई ऐश प्रबंधन के नए रास्ते तलाश रही है। इसके अलावा, एनटीपीसी की निर्यात उद्देश्यों के लिए फ्लाई ऐश क्लासिफायर यूनिट स्थापित करने की भी योजना है।अपनी 62.9 गीगावॉट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनटीपीसी समूह के 70 विद्युत स्टेशन हैं, जिसमें 24 कोयला, 7 संयुक्त चक्र गैस / तरल ईंधन, 1 हाइड्रो, 13 नवीकरण के साथ 25 सहायक और संयुक्त उपक्रम विद्युत स्टेशन शामिल हैं। इस समूह की 20 गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 5 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं।
- -श्री आलोक गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (सी सी -ओ एस) ने फहराया तिरंगारायपुर। एनटीपीसी लिमिटेड के नवा रायपुर, सेक्टर 24 स्थित पश्चिमी क्षेत्रीय मुख्यालय-2 में 74 वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया गया। इस दौरान कोविड 19 महामारी को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेसिंग और अन्य प्रोटोकाल का पालन किया गया। श्री आलोक गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (सी सी -ओ एस) ने इस मौके पर तिरंगा फहराया और सीआईएसएफ की सलामी ली।श्री गुप्ता ने अपने संबोधन में इस चुनौतीपूर्ण समय में पावर मेजर के योगदान विशेषकर क्षेत्रीय पॉवर स्टेशन के योगदान का उल्लेख किया। इस अवसर पर श्री टी. सुरा रेड्डी, महाप्रबंधक (व्यवसाय उत्कृष्टता), श्री एम एस रमेश, महाप्रबंधक (मानव संसाधन), श्री एस. के. घोष, महाप्रबंधक (ओ एस) और अन्य उपस्थित थे।

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नई दिल्ली। देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा ने अपनी लोकप्रिय सवारी थार-2020 को भारत में पेश कर दिया है। नई महिंद्रा थार पिछली पीढ़ी के मॉडल की तुलना में साइज में काफी बड़ी है। इसे कंपनी ने लैडर फ्रेम चेसिस पर तैयार किया है। गौरतलब है कि महिंद्र थार को 2010 में सबसे पहले भारत में लॉन्च किया गया था। अब पहली बार कंपनी ने इसके डिजाइन को अपडेट किया है।
2020 महिंद्रा थार को कंपनी ने दो इंजन विकल्प 2.0-लीटर mStallion TGDi पेट्रोल इंजन और 2.2-लीटर mHawk डीजल इंजन के साथ उतारा है। इसके साथ ही इस कार में 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और एक 6-स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन का विकल्प दिया गया है। भारत में थार कई छत विकल्पों हार्ड टॉप, सॉफ्ट टॉप और पहली बार कन्वर्टिबल टॉप में भी उपलब्ध होगी।
कंपनी के अनुसार इंटीरियर की बात करें तो इसमें सात इंच की ड्रिजिल रेसिस्टेंट इंफोटेनमेंट स्क्रीन दी गई है जो एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करती है। इसके अलावा कार की पिछली सीटें अब सामने की ओर दी गई हैं, जबकि स्पीकर कार के टॉप पर लगाए गए हैं। यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि कार की अपहोल्सट्री पूरी तरह से वाशेबल है। इसके एक्स्टीरियर का डिजाइन पहले से मेल खाता हुआ दिया गया है। हालांकि अगर आप इसे फ्रंट से देखेंगे तो इसमें कुछ बदलाव जरूर किए गए हैं। थार में 18-इंच के टायर और लंबे व्हीलबेस का भी प्रयोग किया गया है। नई महिंद्रा थार छह रंग विकल्पों रेड रेज, मिस्टिक कॉपर, नापोली ब्लैक, एक्वामरीन, गैलेक्सी ग्रे और रॉकऑन बेज में उपलब्ध होगी। इसके साथ ही इस कार को दो वैरिएंट एएक्स और एलएक्स के साथ कंपनी 2 अक्टूबर 2020 को भारतीय बाजार में ब्रिकी के लिए लॉन्च करेगी। -
नई दिल्ली। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में तीन अरब 60 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ पांच सौ 38 अरब 20 करोड़ डॉलर हो गया है।
विदेशी मुद्रा परिसम्पत्तियों में भी एक अरब 50 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई और यह चार सौ बानवे अरब तीस करोड़ डॉलर हो गयी। विदेशी मुद्रा परिसम्मपत्तियां देश के कुल मुद्रा भण्डार में शामिल हैं।
सोने का भंडार दो अरब 20 करोड़ डॉलर बढ़कर 39 अरब 80 करोड़ डॉलर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ भारत के विशेष आहरण अधिकार में 60 लाख डॉलर की बढोतरी हुई और यह एक अरब 50 करोड़ डॉलर हो गया है।
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नई दिल्ली। स्वाधीनता दिवस की 74वी वर्षगांठ पर भारतीय स्टेट बैंक के नई दिल्ली मंडल ने 74 कस्टमर सर्विस प्वाइंट (सीएसपी आउटलेट) की शुरूआत की है। इन सेवा केंद्रों या बैंक मित्र के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति (अंत्योदय) तक बैंक की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। एसबीआई, नई दिल्ली मंडल के मुख्य महाप्रबंधक विजय रंजन ने बताया कि आज उत्तराखंड में 21, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 तथा दिल्ली-हरियाणा-एनसीआर में 33 नए ग्राहक सेवा केंद्र खोले गए। इनकी कुल संख्या 74 है। इन सीएसपी आऊटलेट का वर्चुअल ई-उद्घाटन किया गया। इन केन्द्रों पर नकदी की जमा एवं निकासी के साथ साथ नए खाते खोलने, पासबुक प्रिंटिंग, देश में कहीं भी धन राशि भेजने तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना तथा अटल पेंशन योजना के तहत इनरोलमेंट या खाता खोलने की सुविधा भी मिलेगी।
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मुंबई। शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों को 1 सितंबर से निवेशकों की शिकायतों को 60 दिन के अंदर निपटारा करना होगा। इस अवधि के अंदर निपटारा नहीं करने पर कंपनी को रोजाना 1000 रुपए पेनल्टी के तौर पर चुकाना होगा। बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों के हित में ध्यान रखकर यह नया निर्देश जारी किया है। सेबी ने अपने नए आदेश में कहा कि कंपनियों से निवेशकों की शिकायतों को आमतौर पर 30 दिन के अंदर निपटारा करने की उम्मीद की जाती है। अगर कंपनी इस अवधि के दौरान शिकायत का निपटरा नहीं कर पाती है तो वह सेबी के वेब आधारित केंद्रीयकृत शिकायत निपटान प्रणाली स्कोर्स के पास चली जाती है। सर्कुलर में कहा गया है, सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा 60 दिनों से अधिक समय से लंबित निवेशक शिकायतों के निवारण नहीं करने पर शेयर बाजार प्रति दिन 1,000 का जुर्माना लगा सकता है। अगर सूचीबद्ध कंपनी जुर्माना का भुगतान करने या शिकायत को 15 दिनों के भीतर हल करने में सफल नहीं होती है तो शेयर बाजार 10 दिनों तक की अवधि बढ़ाने के लिए रिमाइंडर भेज सकता है। इसके बाद भी अगर कंपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) जमा करने में विफल रहती है तो डिपॉजिटरी प्रमोटरों के डीमैट खाते को तुरंत फ्रीज कर देगी।



















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