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- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि चलन में मौजूद कुल मुद्रा में 500 रुपये मूल्य के नोट की हिस्सेदारी मार्च, 2024 तक बढ़कर 86.5 प्रतिशत हो गई जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 77.1 प्रतिशत थी। केंद्रीय बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में इस उछाल के लिए पिछले साल मई में 2,000 रुपये मूल्य के नोट को वापस लेने की घोषणा को मुख्य वजह बताया गया है। इस फैसले की वजह से 2,000 रुपये मूल्य के नोट की हिस्सेदारी एक साल पहले की समान अवधि के 10.8 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 0.2 प्रतिशत रह गई। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट में साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च, 2024 तक मात्रा के हिसाब से 500 रुपये के सर्वाधिक 5.16 लाख नोट मौजूद थे, जबकि 10 रुपये के नोट 2.49 लाख संख्या के साथ दूसरे स्थान पर रहे। रिपोर्ट कहती है कि वित्त वर्ष 2023-24 में चलन में मौजूद बैंक नोटों के मूल्य और मात्रा में क्रमशः 3.9 प्रतिशत और 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह वृद्धि क्रमशः 7.8 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत रही थी। मूल्य के लिहाज से चलन में मौजूद बैंक नोटों की संख्या में बढ़ोतरी हाल के वर्षों में सबसे कम है।यह रिपोर्ट 2,000 रुपये के नोट वापस लेने के बारे में कहती है कि 2016 में नोटबंदी के बाद शुरू किए गए इस मूल्यवर्ग के लगभग 89 प्रतिशत नोट चार साल से अधिक समय से चलन में थे लिहाजा उन्हें बदलने की जरूरत थी। इसके अलावा उन नोट का लेनदेन में आमतौर पर इस्तेमाल नहीं होता था। वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस वापसी का नकली नोटों की पहचान पर भी असर पड़ा है। इस दौरान 2,000 रुपये के 26,000 से अधिक नकली नोट पकड़े गए जबकि एक साल पहले 9,806 नकली नोट चिह्नित किए गए थे। हालांकि, 500 रुपये के पकड़े गए नकली नोटों की संख्या एक साल पहले के 91,110 से घटकर 85,711 रह गई।पायलट आधार पर पेश की गई केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) यानी ई-रुपया का कुल बकाया मूल्य 234.12 करोड़ रुपये आंका गया है जबकि मार्च, 2023 में यह 16.39 करोड़ रुपये था। वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, जनता के पास मौजूद 2,000 रुपये के कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोटों में से 97.7 प्रतिशत 31 मार्च तक वापस कर दिए गए थे। वित्त वर्ष 2023-24 में आरबीआई ने मुद्रण पर 5,101 करोड़ रुपये खर्च किए जबकि एक साल पहले की समान अवधि में 4,682 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। रिजर्व बैंक ने लोगों के बीच मुद्रा के उपयोग को लेकर एक सर्वेक्षण भी किया। इसमें 22,000 से अधिक उत्तरदाताओं ने संकेत दिए कि डिजिटल भुगतान के तरीके लोकप्रिय होने के बावजूद नकदी अब भी ‘प्रचलित' है।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि वह देश के बाहर रुपया खाता खोलने की अनुमति देगा। यह कदम घरेलू मुद्रा के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्रा बनाने की रणनीतिक योजना का हिस्सा है। केंद्रीय बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि उभरते वृहद आर्थिक परिवेश के साथ फेमा (विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून) परिचालन ढांचे के जुड़ाव पर जोर होगा। इसके साथ विभिन्न दिशानिर्देशों को युक्तिसंगत बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। आरबीआई ने कहा कि उसने 2024-25 के लिए रणनीतिक कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है। साथ ही बाह्य यानी विदेशों से वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) ढांचे को उदार बनाने तथा ईसीबी और व्यापार क्रेडिट रिपोर्टिंग और अनुमोदन (स्पेक्ट्रा) परियोजना के लिए सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के चरण 1 को शुरू करने की संकल्पना रखी है। रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई घरेलू मुद्रा को वैश्विक स्तर पर मुख्य मुद्राओं में शामिल करने के लिए 2024-25 एजेंडा के हिस्से के रूप में भारत के बाहर रह रहे निवासी व्यक्तियों (पीआरओआई) को देश के बाहर रुपया खाता खोलने की अनुमति देगा। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘ विशेष खातों (विशेष अनिवासी रुपया-एसएनआरआर) और विशेष रुपया वोस्ट्रो खाते (एसआरवीए) के जरिये भारतीय बैंकों के पीआरओआई को रुपये में उधार देना और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और पोर्टफोलियो निवेश को सक्षम बनाना मकसद है।'' उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) को तर्कसंगत बनाना और फेमा के तहत आईएफएससी (अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र) नियमों की समीक्षा भी चालू वित्त वर्ष के एजेंडा का हिस्सा है। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय मुद्राओं में द्विपक्षीय व्यापार के निपटान को सक्षम करने के लिए भारतीय रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने की दिशा में नियमों को तर्कसंगत बनाया गया है।
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नयी दिल्ली. भारती एयरटेल के संस्थापक सुनील मित्तल ने कहा है कि एयरटेल समेत तमाम भारतीय कंपनियों का मूल्यांकन ऊंचे स्तर पर पहुंचना ‘एक बेहद मजबूत नेता' की अगुवाई में संचालित स्थिर एवं ठोस अर्थव्यवस्था का परिणाम है। मित्तल ने समाचारपत्र ‘इकनॉमिक टाइम्स' में बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में एक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का सरकार के स्तर पर किसी भी कंपनी का पक्ष नहीं लेने का संदेश भारती एयरटेल के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था। इससे एयरटेल को रिलायंस जियो से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आगे बढ़ने में मदद मिली। मित्तल ने कहा कि सितंबर, 2018 में एक मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार नियमों के अनुरूप काम करेगी, किसी का पक्ष नहीं लेगी और वही करेगी जो देश के लिए अच्छा है। मित्तल ने कहा कि इस तरह की निश्चितता के साथ भारती एयरटेल जैसी कंपनियां बाजार में कड़ी टक्कर दे सकती हैं। इसके साथ ही भारती समूह के प्रमुख ने कहा कि मोदी सरकार के समय केवल कुछ लोगों को ही तरजीह दिए जाने के बयान ‘बिल्कुल गलत' हैं। मित्तल ने कहा, ‘‘इस देश में पैसा आ रहा है, बहुत सारी पूंजी आ रही है, शेयर बाजार में उछाल आ रहा है। ये बड़े पैमाने पर मूल्यांकन एक बेहद मजबूत नेता के मातहत एक स्थिर, ठोस, कार्यात्मक अर्थव्यवस्था का परिणाम है।'' मुकेश अंबानी की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो ने वर्ष 2016 में मुफ़्त वॉयस और डेटा सेवाओं के साथ दूरसंचार बाजार में हलचल मचा दी थी। उस समय एयरटेल को लगा था कि दूरसंचार नियामक ट्राई के कुछ फ़ैसले उस पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। उस पृष्ठभूमि में मित्तल ने सितंबर, 2018 में प्रधानमंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा था। प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बैठक का जिक्र करते हुए मित्तल ने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि मैं बाजार में लड़ूंगा लेकिन सरकार से नहीं लड़ सकता। इसपर उन्होंने मुझसे कहा कि सरकार किसी भी पक्ष की ओर नहीं झुकेगी। देश के लिए जो भी अच्छा होगा, वह किया जाएगा। आप बाजार में लड़ें। इस पर मेरी कोई राय नहीं है। लेकिन आप इस बात को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं कि सरकार किसी का पक्ष नहीं लेगी।'' मित्तल ने प्रधानमंत्री मोदी के इन शब्दों को याद करते हुए कहा, ‘‘मेरे लिए उनका यह कहना पर्याप्त था। मैंने उठकर उनका धन्यवाद किया... यह (एयरटेल के लिए) एक महत्वपूर्ण मोड़ था।'' इसके साथ ही मित्तल ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के साथ उस बैठक से एक अविश्वसनीय ऊर्जा और प्रेरणा भी मिली। उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी आपको प्रेरणा की जरूरत होती है।... मुझे किसी से इसकी जरूरत थी। एक बेहद ही मजबूत संदेश था कि बाजार में लड़ो। खुद तमाम बाधाओं के खिलाफ लड़ चुका एक व्यक्ति मुझे कह रहा था कि आप अपना काम करें और आश्वस्त रहें कि सरकार केवल वही काम करेगी जो देश के लिए अच्छा है।'' उन्होंने कहा कि इस बैठक के बाद उन्होंने दूरसंचार नियमों को एक बड़े परिप्रेक्ष्य में देखना शुरू कर दिया। मित्तल ने कहा, ‘‘शायद कम शुल्क ही बेहतर थे... कम शुल्क डेटा सेवाओं को लोकतांत्रिक बनाने के लिए बेहतर थे। आप चीजों को एक अलग संदर्भ में देखने लगते हैं क्योंकि आपको यकीन दिलाया जाता है कि यहां कोई एजेंडा नहीं है।'' जियो के दूरसंचार क्षेत्र में आने से भारत में इंटरनेट परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया। सस्ती डेटा शुल्कों ने स्मार्टफोन की बड़े पैमाने पर पहुंच को बढ़ावा दिया और डिजिटल भुगतान का प्रसार भी तेजी से हुआ है।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि रेटिंग एजेंसी एसएंडपी का भारत के रेटिंग परिदृश्य में सकारात्मक संशोधन करना आने वाले वर्षों के लिए मजबूत वृद्धि और आशाजनक दृष्टिकोण को दर्शाता है। सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा कि भारत नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की राह पर अग्रसर है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत के आर्थिक परिदृश्य को ‘स्थिर' से बढ़ाकर ‘सकारात्मक' कर दिया। यह पहली बार है जब एसएंडपी ने भारत की रेटिंग को लेकर सकारात्मक परिदृश्य दिया है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग को ‘बीबीबी-' के सबसे निचले निवेश स्तर पर बरकरार रखा है।
सीतारमण ने इस बारे में कहा, ‘‘एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का भारत के लिए अपने दृष्टिकोण को ‘स्थिर' से ‘सकारात्मक' में संशोधित करना एक स्वागत-योग्य घटनाक्रम है। यह भारत के ठोस वृद्धि प्रदर्शन और आने वाले वर्षों के लिए एक आशाजनक आर्थिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।'' उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अबतक किए गए व्यापक आर्थिक सुधारों के साथ पूंजीगत व्यय, राजकोषीय अनुशासन और निर्णायक एवं दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ऐसा संभव हो पाया है। -
नयी दिल्ली. एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग ने भारत के साख (रेटिंग) परिदृश्य को ‘स्थिर' से बढ़ाकर ‘सकारात्मक' कर दिया है। साथ ही मजबूत वृद्धि और सरकारी व्यय की बेहतर गुणवत्ता के आधार पर रेटिंग को ‘बीबीबी-' पर बरकरार रखा गया है। एसएंडपी ने कहा कि यदि भारत सतर्क राजकोषीय और मौद्रिक नीति अपनाता है जिससे सरकार के बढ़े हुए कर्ज तथा ब्याज के बोझ में कमी आती है और आर्थिक जुझारू क्षमता बढ़ती है तो वह अगले दो साल में भारत की साख को बढ़ा सकती है। एसएंडपी ने कहा, ‘‘ सकारात्मक परिदृश्य हमारे इस दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है कि निरंतर नीतिगत स्थिरता, गहन आर्थिक सुधार तथा उच्च बुनियादी ढांचा निवेश दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं को बनाए रखेंगे।'' एसएंडपी ने भारत के लिए परिदृश्य को ‘स्थिर' से संशोधित कर ‘सकारात्मक' कर दिया है। साथ ही ‘बीबीबी-' दीर्घकालिक और 'ए-3' अल्पकालिक विदेशी तथा स्थानीय मुद्रा सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग की पुष्टि की है। ‘बीबीबी-' सबसे निचली निवेश श्रेणी रेटिंग है। एजेंसी ने पिछली बार 2010 में रेटिंग परिदृश्य को ‘नकारात्मक' से बढ़ाकर ‘स्थिर' किया था। अमेरिका की एजेंसी ने कहा कि यदि भारत का राजकोषीय घाटा सार्थक रूप से कम होता है और परिणामस्वरूप सामान्य सरकारी ऋण संरचनात्मक आधार पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के सात प्रतिशत से नीचे आ जाता है, तो वह रेटिंग बढ़ा सकती है। सभी तीन प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसियों एसएंडपी, फिच और मूडीज ने भारत को सबसे निम्न निवेश ग्रेड रेटिंग दी है। हालांकि, फिच और मूडीज ने अपनी रेटिंग पर अब भी ‘स्थिर' परिदृश्य कायम रखा है।
निवेशक इन रेटिंग को देश की साख के मापदंड के तौर पर देखते हैं और इसका उधार लेने की लागत पर प्रभाव पड़ता है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय शीत भंडारण विकास केंद्र (एनसीसीडी) ‘कोल्ड-चेन' से जुड़े कलपुर्जों के लिए तकनीकी मानकों और न्यूनतम दिशानिर्देशों में संशोधन कर रहा है। ये संशोधित मानक देशभर में शीत भंडारण सुविधाएं स्थापित करने वाले सभी केंद्रीय और राज्य सरकार के निकायों के लिए एक रूपरेखा की तरह काम करेंगे। एनसीसीडी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष फोतेदार ने बुधवार को यह जानकारी दी। वह एनसीसीडी द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा कर रहे थे। यह कृषि मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है। दिशानिर्देशों के अलावा, एनसीसीडी, कोल्ड चेन कलपुर्जों से संबंधित आंकड़ों को डिजिटल करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित कर रहा है। इससे क्षमता उपयोग में वृद्धि, ईंधन लागत में कमी और कार्बन उत्सर्जन को कमी आने की उम्मीद है। फोतेदार ने उद्योग मंडल फिक्की के सम्मेलन में कहा कि यह एप्लिकेशन नीति निर्माण और विश्लेषण के लिए प्रासंगिक लॉजिस्टिक आंकड़े भी एकत्रित करेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के संयुक्त सचिव सुरेन्द्र अहिरवार ने कहा कि भारत में कोल्ड चेन क्षेत्र, जो लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, में आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण वृद्धि और नवाचार देखने को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सार्वजनिक व्यय में वृद्धि के अनुरूप बुनियादी ढांचे के विकास में निजी क्षेत्र द्वारा निवेश में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक व्यय में निवेश बढ़ा है और बुनियादी ढांचे का विकास सालाना 10 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रहा है और इस बार हमारे पास बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 11 लाख करोड़ रुपये की भारी पूंजीगत व्यय राशि आवंटित है... हमें उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे के विकास, कुशल उपकरणों की खरीद और कोल्ड चेन क्षेत्र के लिए परिवहन वाहनों को अपनाने में भी निजी निवेश में वृद्धि होगी।''
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नयी दिल्ली.। एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि बीमाकर्ता स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है। ऐसा अवसर उपलब्ध होने पर अधिग्रहण का विकल्प तलाश सकते हैं। ऐसी उम्मीदें हैं कि बीमा अधिनियम में संशोधन करके समग्र लाइसेंस की अनुमति दी जा सकती है। बीमा अधिनियम 1938 और भारतीय बीमा नियामक विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के नियमों के अनुसार किसी बीमाकर्ता को एक इकाई के तहत जीवन, सामान्य या स्वास्थ्य बीमा करने के लिए समग्र लाइसेंस की अनुमति नहीं है। मोहंती ने वित्त वर्ष 2023-24 के वित्तीय आंकड़े साझा करते हुए कहा कि एलआईसी अग्नि और इंजीनियरिंग जैसे सामान्य बीमा में विशेषज्ञ नहीं है, लेकिन यह स्वास्थ्य बीमा कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ इस पर आंतरिक तौर पर काम जारी है... हम स्वास्थ्य बीमा के लिए अधिग्रहण का विकल्प तलाश सकते हैं। '' एक संसदीय समिति ने फरवरी में देश में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए एक इकाई के तहत जीवन, सामान्य या स्वास्थ्य बीमा करने के लिए बीमाकर्ता के लिए एक समग्र लाइसेंस शुरू करने का सुझाव दिया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जयंत सिन्हा के नेतृत्व वाली समिति ने सरकार को बीमा कंपनियों के लिए समग्र लाइसेंसिंग का प्रावधान शुरू करने और कानून में संबंधित संशोधन जल्द से जल्द करने का सुझाव दिया था।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की एनएमडीसी ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से अयस्क के ‘लम्प' (ढेला) की कीमतों में 250 रुपये प्रति टन और ‘फाइन' (चूरा) की कीमतों में 350 रुपये प्रति टन की बढ़ोतरी की है। एनएमडीसी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसने ‘लम्प' अयस्क की कीमत को संशोधित कर 6,450 रुपये प्रति टन और ‘फाइन' की कीमत 5,610 रुपये प्रति टन कर दी है। ‘लम्प' अयस्क या उच्च श्रेणी के लौह अयस्क में 65.5 प्रतिशत एफई (लौह) होता है, जबकि ‘फाइन' अयस्क 64 प्रतिशत और उससे कम एफई के साथ निम्न श्रेणी का अयस्क होता है। कंपनी के अनुसार, कीमतें 28 मई से प्रभावी हैं। इसमें रॉयल्टी तथा जिला खनिज निधि (डीएमएफ), राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (डीएमईटी) में योगदान शामिल है। इसमें उपकर, वन परमिट शुल्क और अन्य कर शामिल नहीं हैं। यह घोषणा कंपनी के अपने तिमाही परिणाम की घोषणा के एक दिन बाद आई है। बढ़े हुए खर्चों के कारण जनवरी-मार्च तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,415.62 करोड़ रुपये रहा। मूल्य संशोधन आखिरी बार 29 अप्रैल को किया गया था, जब एनएमडीसी ने ‘लम्प' की दर 6,200 रुपये प्रति टन और ‘फाइन' की दर 5,260 रुपये प्रति टन तय की थी। हैदराबाद स्थित एनएमडीसी भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क खनन कंपनी है जो देश में इस्पात बनाने वाले कच्चे माल की करीब 20 प्रतिशत मांग को पूरा करती है। -
नई दिल्ली। दुनिया का सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाने वाली भारत की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रूस की कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) के साथ एक साल के लिए करार किया है। भारतीय कंपनी इस करार के तहत वित्त वर्ष 25 में कम से कम 3 मिलियन बैरल रूसी तेल का आयात करेगी। पेमेंट रूस की करेंसी रूबल (roubles) में किया जाएगा। यह जानकारी रॉयटर्स ने 4 सूत्रों के हवाले से दी।
संभावना जताई जा रही है कि तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक+ (OPEC+) की तरफ से जून 2024 से आगे भी तेल सप्लाई में कटौती जारी रहेगी। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज को Rosneft के साथ टर्म डील की वजह से रियायती कीमत पर तेल सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।बता दें कि पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) और रूस सहित अन्य सहयोगियों वाले देशों को मिलाकर OPEC+ ग्रुप बनाया गया है। OPEC+ 2 जून 2024 को एक ऑनलाइन बैठक में उत्पादन में कटौती पर करेगा।भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातकभारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल खऱीद पर बैन लगा दिया था। इसके बाद से भारत समुद्री रूसी कच्चे तेल (seaborne Russian crude) का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। भारत ने रूसी कच्चे तेल के लिए रुपये, दिरहम (dirhams) और चीन की करेंसी युआन (yuan) में भी भुगतान किया है। जब रोसवेल्ट से रिलायंस के साथ करार के बारे में पूछा गया तो उसने जवाब में कहा कि भारत रूसी तेल कंपनी का रणनीतिक भागीदार (strategic partner) है। वह भागीदारों के साथ गोपनीय समझौतों पर टिप्पणी नहीं करती है।रोसवेल्ट ने कहा, ‘भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग में उत्पादन, तेल शोधन (oil refining ) और ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के व्यापार के क्षेत्र में परियोजनाएं शामिल हैं।’रोसनेफ्ट ने यह भी कहा कि बेचे गए कच्चे तेल का मूल्य निर्धारित करने के लिए कमर्शियल अप्रोच सभी कंपनियों के लिए बराबर है, चाहे वे प्राइवेट हों या सरकारी। रिलायंस ने रॉयटर्स की तरफ से टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।क्या है रिलायंस-रोसनेफ्ट के बीच सौदासौदे की शर्तों के तहत रिलायंस यूराल क्रूड (Urals crude) के करीब दस लाख बैरल के दो कार्गो खरीदेगा, जिसमें हर महीने 3 डॉलर की छूट पर चार और कार्गो खरीदने का विकल्प होगा। रिलायंस-रोसवेल्ट के बीच की यह डील 1 अप्रैल 2024 से यानी भारतीय वित्तीय वर्ष की शुरुआत में प्रभावी हुई। सूत्रों ने कहा कि बैरल मध्य पूर्व दुबई बेंचमार्क (Middle East Dubai benchmark) के बराबर है।सूत्रों ने कहा कि रिलायंस हर महीने एक से दो कार्गो लो-सल्फर क्रूड ऑयल की खरीद करेगी। इसमें मुख्य रूप से रूस के कोज़मिनो (Kozmino) के प्रशांत बंदरगाह से निर्यात किया जाने वाला ईएसपीओ ब्लेंड (ESPO Blend) होगा। यह दुबई से आने वाले तेल के मुकाबले 1 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर होगा।सूत्रों ने कहा कि रिलायंस भारत के एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank ) और रूस के गज़प्रॉमबैंक (Gazprombank) के माध्यम से रूस के रूबल का उपयोग करके तेल के लिए पेमेंट करने पर सहमत हो गया है। पेमेंट सिस्टम पर अधिक जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो पाई है। - नयी दिल्ली।अमेरिका और ब्रिटेन समेत विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के कुछ सदस्य देशों ने 2022-23 के लिए कृषि कच्चे माल पर भारत की 48 अरब डॉलर की सब्सिडी पर सवाल उठाए हैं। वहीं भारत का कहना है कि मुद्रास्फीति और उर्वरकों की बढ़ती लागत के कारण सब्सिडी बढ़ी है। एक अधिकारी ने यह बात कही है। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के इन सदस्यों ने 23-24 मई को कृषि समिति की बैठक के दौरान इस मुद्दे को उठाया था। अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत ने कहा है कि कच्चे माल की सब्सिडी मुख्य रूप से बिजली, सिंचाई और उर्वरक के लिए है। इसका बढ़ने का कारण मुद्रास्फीति और उर्वरकों की बढ़ती लागत है। इस बारे में जानकारी डब्ल्यूटीओ को विधिवत दी गई थी।'' विश्व व्यापार संगठन 166 सदस्यीय एक वैश्विक व्यापार निकाय है। यह सदस्य देशों के बीच व्यापार को लेकर विवादों पर भी निर्णय देता है। भारत ने इन आंकड़ों को अप्रैल में डब्ल्यूटीओ को दिया था। डब्ल्यूटीओ के विशेष और अलग-अलग व्यवहार के नियमों के तहत विकासशील सदस्य देशों को कम आय वाले या गरीब किसानों को ये सब्सिडी देने की अनुमति है। अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत की कच्चे माल पर 2022-2023 के लिए सब्सिडी के बारे में नई अधिसूचना के बाद कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका ने सवाल उठाये हैं।''
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का शुद्ध लाभ मार्च, 2024 को समाप्त चौथी तिमाही में दो प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 13,763 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से वेतन वृद्धि के प्रावधान के कारण कंपनी का लाभ मामूली बढ़ा है।बीमा कंपनी को इससे पूर्व वित्त वर्ष 2022-23 की इसी तिमाही में 13,428 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। एलआईसी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसकी कुल आय बीते वित्त वर्ष 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में बढ़कर 2,50,923 करोड़ रुपये रही जो इससे पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 2,00,185 करोड़ रुपये थी। कंपनी की पहले साल की प्रीमियम आय भी मार्च, 2024 को समाप्त तिमाही में सुधरकर 13,810 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 12,811 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में एलआईसी का शुद्ध लाभ 40,676 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 36,397 करोड़ रुपये था। इस दौरान कुल प्रीमियम आय मार्च, 2024 को समाप्त तिमाही में 4,75,070 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 4,74,005 करोड़ रुपये थी। एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि निदेशक मंडल ने 2023-24 के लिए छह रुपये प्रति शेयर के लाभांश की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। इससे पहले, कंपनी ने 2023-24 में चार रुपये का अंतरिम लाभांश दिया था।मोहंती ने कहा कि अंतरिम और अंतिम लाभांश को मिलाकर यह 10 रुपये प्रति शेयर बनता है।वित्तीय आंकड़ों पर मोहंती ने कहा, ‘‘...हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है। अब हम सभी श्रेणियों में अपनी बाजार हिस्सेदारी को अधिकतम करने के पर ध्यान दे रहे हैं। साथ ही, हमारा ध्यान विभिन्न मापदंडों पर है, जो सभी संबंधित पक्षों के लिए बेहतर मूल्य बनाते हैं।'' एलआईसी की प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां 31 मार्च, 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में 16.48 प्रतिशत बढ़कर 51,21,887 करोड़ रुपये रहीं। एक साल पहले यह 43,97,205 करोड़ रुपये थीं।
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नयी दिल्ली .लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण विदेशी बाजार में मजबूत रुख को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सोना 220 रुपये उछलकर 72,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में शुक्रवार को सोना 72,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी की कीमत भी 1,050 रुपये की तेजी के साथ 92,850 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 91,800 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा, दिल्ली के बाजारों हाजिर सोना (24 कैरेट) की कीमत 220 रुपये की तेजी के साथ 72,820 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गयी।'' अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (जिंस बाजार) में हाजिर सोना 2,344 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से नौ डॉलर अधिक है। गांधी ने कहा कि नरम अमेरिकी डॉलर के समर्थन से सोने ने सकारात्मक रुख के साथ कारोबार फिर से शुरू किया और इजरायल द्वारा राफा में हवाई हमले के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से, सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की मांग बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, चांदी भी बढ़कर 30.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। -
नयी दिल्ली. फिच रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सरकार को रिकॉर्ड लाभांश देने की घोषणा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.6 प्रतिशत के बराबर है लेकिन इस उच्च प्रतिशत के बरकरार रह पाने की संभावना बहुत कम है। आरबीआई के निदेशक मंडल ने पिछले सप्ताह वित्त वर्ष 2023-24 में अर्जित मुनाफे में से सरकार को रिकॉर्ड 2.1 लाख करोड़ रुपये का लाभांश हस्तांतरित करने का निर्णय लिया था। यह अंतरिम बजट में निर्धारित 1.02 लाख करोड़ रुपये के अनुमान के दोगुने से भी अधिक है। फिच ने बयान में कहा कि आरबीआई को पिछले वित्त वर्ष में अधिक लाभ होने के पीछे विदेशी परिसंपत्तियों पर उच्च ब्याज राजस्व की भूमिका नजर आती है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने अभी तक इस बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘आरबीआई ने जीडीपी के 0.6 प्रतिशत के बराबर राशि सरकार को रिकॉर्ड-उच्च लाभांश के रूप में देने की घोषणा की। यह वित्त वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट में अपेक्षित जीडीपी के 0.3 प्रतिशत से अधिक है। इससे अधिकारियों को अल्पावधि के घाटे में कटौती के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।'' फिच ने कहा कि रिजर्व बैंक से सरकार को लाभांश हस्तांतरण विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जिनमें केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट और भारत की विनिमय दर पर मौजूद संपत्तियों का आकार और प्रदर्शन शामिल हैं। इसके साथ ही यह बैलेंस शीट में बफर रखने से संबंधित आरबीआई की राय से भी प्रभावित हो सकता है। फिच ने कहा, ‘‘हस्तांतरण की संभावित अस्थिरता का मतलब है कि उनके मध्यम अवधि के मार्ग के बारे में खासी अनिश्चितता है। हम यह अनुमान नहीं लगा पाते हैं कि जीडीपी के हिस्से के रूप में लाभांश इतने उच्चस्तर पर कायम रहेगा।'' हालांकि, इस अप्रत्याशित लाभांश हस्तांतरण से चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.1 प्रतिशत पर रखने के लक्ष्य करे हासिल किया जा सकेगा और इसका उपयोग मौजूदा लक्ष्य से परे घाटे को कम करने के लिए किया जा सकता है। चार जून को चुनाव परिणाम जारी होने के बाद नई सरकार का बजट जुलाई में पेश होने की संभावना है। उससे यह तय होगा कि इस लाभांश का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा। फिच ने कहा कि निरंतर घाटे में कमी, खासकर अगर टिकाऊ राजस्व बढ़ाने वाले सुधारों पर आधारित हो, तो मध्यम अवधि में भारत की सॉवरेन रेटिंग के बुनियादी सिद्धांतों के लिए सकारात्मक होगा।
- नयी दिल्ली.सरकार इस साल 1,00,000 टन का बफर स्टॉक बनाने के लिए प्याज के विकिरण प्रसंस्करण को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की योजना बना रही है। इस कदम का मकसद राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले प्याज की कमी और मूल्यवृद्धि को रोकना है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। सरकार के अनुमानों के अनुसार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम पैदावार के कारण दुनिया के सबसे बड़े प्याज निर्यातक के उत्पादन में 2023-24 में 16 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। प्याज का उत्पादन दो करोड़ 54.7 लाख टन रहने की उम्मीद है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में सचिव निधि खरे ने कहा कि जमाखोरी को हतोत्साहित करने और अक्सर आपूर्ति में व्यवधान से उत्पन्न होने वाली कीमतों में अस्थिरता को रोकने के लिए सरकार प्याज के ‘स्वजीवन' (शेल्फ लाइफ) को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर विकिरण प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की योजना बना रही है। खरे ने बताया, ‘‘हम उपभोग क्षेत्रों के आसपास 50 विकिरण केंद्रों की पहचान कर रहे हैं। अगर हम सफल होते हैं, तो इस साल एक लाख टन तक विकिरण-प्रसंस्कृत प्याज का भंडारण कर पाएंगे।'' मंत्रालय ने सरकारी एजेंसियों नैफेड और एनसीसीएफ से, जो इस साल बफर स्टॉक बनाने के लिए 5,00,000 टन प्याज खरीद रहे हैं, सोनीपत, ठाणे, नासिक और मुंबई जैसे प्रमुख खपत केंद्रों के आसपास विकिरण सुविधाओं की खोज करने को कहा है। पिछले साल महाराष्ट्र के उत्पादक क्षेत्र के पास 1,200 टन के छोटे पैमाने पर विकिरण प्रसंस्करण की कोशिश की गई थी। खरे ने कहा कि बफर स्टॉक के तेजी से परिवहन की सुविधा के लिए मंत्रालय प्रमुख रेल केंद्रों पर नियंत्रित वातावरण भंडारण सुविधाएं स्थापित करने पर भी विचार कर रहा है।
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नई दिल्ली। टाटा समूह की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होने वाली है। इसके अलावा, कंपनी एम्प्लॉइज को उनके परफॉर्मेंस के आधार पर बोनस भी देगी। इस बात की घोषणा एयर इंडिया ने गुरुवार को की।
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया सीनियर कमांडर, फर्स्ट ऑफिसर्स की सैलरी में हर महीने 5 हजार रुपये से लेकर 15000 रुपये तक का इजाफा करेगा। बता दें कि जनवरी 2022 में टाटा समूह (Tata Group) द्वारा अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया के कर्मचारियों का यह पहला अप्रैजल है।एयर इंडिया के सीएचआरओ रवींद्र कुमार जीपी ने गुरुवार को कहा कि सैलरी में वृद्धि 1 अप्रैल, 2024 से लागू मानी जाएगी। इसके साथ ही एयरलाइन ने कंपनी और पर्सनल परफॉरमेंस के आधार पर वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) के लिए परफॉरमेंस बोनस भी देगी।उन्होंने बताया कि एयर इंडिया अगले पांच साल में खुद को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया में है, जिसे देखते हुए कर्मचारियों के हितों को देखते हुए प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन वृद्धि दे रही है। एयर इंडिया में लगभग 18,000 कर्मचारी हैं।विमानन कंपनी एयर इंडिया ने ग्राउंड स्टाफ, केबिन क्रू और पायलटों के अलावा जो कर्मचारी 31 दिसंबर, 2023 से पहले कंपनी में शामिल हुए हैं उन सभी के लिए वार्षिक मूल्यांकन शुरू कर दिया है।टाटा समूह (Tata Group) की विमानन कंपनी एयर इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने 13 मई को बताया था कि विस्तारा के करीब 7 हजार कर्मचारियों का एकीकरण अगले महीने से शुरू हो जाएगा। साथ ही एयर इंडिया में इसके मर्जर को दिसंबर 2024 तक पूरा करने का भी लक्ष्य रखा है।इससे पता चलता है कि टाटा समूह ने अपनी दो पूर्ण सेवाओं वाली विमानन कंपनियों की विलय की प्रक्रिया तेज कर दी है और इससे पहले विस्तारा के मुख्य कार्य अधिकारी विनोद कन्नन ने भी इस साल जनवरी में कहा था कि उन्हें साल 2025 के मध्य तक एयर इंडिया के साथ परिचालन विलय की उम्मीद है। -
नयी दिल्ली. शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच निवेशकों की संपत्ति बृहस्पतिवार को 4.28 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 1,196.98 अंक यानी 1.61 प्रतिशत उछलकर 75,418.04 अंक के अपने अबतक के सबसे ऊंचे मुकाम पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान यह 1,278.85 अंक यानी 1.72 प्रतिशत बढ़कर 75,499.91 के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर भी गया। इस रिकॉर्ड तेजी ने बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4,28,602.18 करोड़ रुपये बढ़ा दिया। इसके साथ ही इन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण सम्मिलित रूप से बढ़कर 4,20,22,635.90 करोड़ रुपये यानी 5.05 लाख करोड़ डॉलर हो गया जो इसका नया उच्चस्तर है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पांच लाख करोड़ डॉलर के पार पहुंचने के साथ ही भारत इस मुकाम तक पहुंचने वाला पांचवां देश बन गया है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण मंगलवार को कारोबार के दौरान पहली बार पांच लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंचा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण भी बृहस्पतिवार को पांच लाख करोड़ डॉलर से आगे निकल गया।
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नयी दिल्ली। एमजी मोटर इंडिया ने चरणबद्ध तरीके से विद्युतीकरण मंच वर्टेलो को 3,000 ईवी की आपूर्ति करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस संबंध में दोनों ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमजी मोटर इंडिया ने एक बयान में कहा कि साझेदारी के तहत लोगों को टिकाऊ परिवहन समाधान प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। देश में एक मजबूत ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे की स्थापना की दिशा में भी काम करेंगे। एमजी मोटर इंडिया के मुख्य वृद्धि अधिकारी गौरव गुप्ता ने कहा, ‘एमजी इंडिया और वर्टेलो के बीच यह साझेदारी भारत के कार्बन मुक्त के साथ ही हरित तथा टिकाऊ भविष्य के लिए एक साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है.'' वर्टेलो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप गंभीर ने कहा, करीब 3,000 इलेक्ट्रिक कार की खरीद के लिए एमजी मोटर इंडिया के साथ यह साझेदारी दोनों संगठनों के लिए बेड़े के विद्युतीकरण में तेजी लाने और शुद्ध शून्य उत्सर्जन हासिल करने के एक सामान्य लक्ष्य के साथ नए सफर की शुरुआत का प्रतीक है।
- नयी दिल्ली। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। वैश्विक स्तर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोना 1,050 रुपये की गिरावट के साथ 73,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे में आक्रामक रुख दिखने के बाद सोने में तेज गिरावट आई। ब्योरे से संकेत मिलता है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारी ब्याज दरों में कटौती करने की जल्दी में नहीं हैं। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 74,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।इसके साथ, चांदी की कीमत भी 2,500 रुपये औंधे मुंह लुढ़कते हुए 92,600 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 95,100 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘विदेशी बाजारों से मंदी के संकेत लेते हुए दिल्ली के बाजारों में सोने की हाजिर कीमतें (24 कैरेट) 1,050 रुपये की गिरावट के साथ 73,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही हैं।'' अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (जिंस बाजार) में हाजिर सोना 2,375 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 42 डॉलर कम है। चांदी की कीमत भी गिरावट के साथ 30.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत 31.75 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी।
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मुंबई. स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स 267 अंक से अधिक के लाभ में रहा। वहीं निफ्टी में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही। वैश्विक स्तर पर मिले-जुले रुख के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी आई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 267.75 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,221.06 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 354.48 अंक तक उछल गया था। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 68.75 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,597.80 अंक पर बंद हुआ। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर मिले-जुले रुख के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होने से पहले भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। निवेशक कंपनियों की चौथी तिमाही के परिणाम और चुनाव को लेकर अनिश्चितता कम होने से आशान्वित हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मानसून के जल्दी आने की उम्मीद से दैनिक उपभोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) को लेकर रुचि बढ़ी है। हालांकि, बाजार का प्रदर्शन अल्पकाल में हल्का रह सकता है क्योंकि उसे चुनाव के परिणाम का इंतजार है। एफआईआई बाजार से दूरी बनाये हुए हैं।'' सेंसेक्स के शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, आईटीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ नुकसान में रहने वाले शेयरों में भारतीय स्टेट बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील तथा टाटा मोटर्स शामिल हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘‘निफ्टी कारोबार के दौरान सीमित दायरे में सकारात्मक रहा। यह लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त में रहा। यह 25 अप्रैल के बाद पहला मौका है जब निफ्टी में लगातार इतने दिन की तेजी रही है।'' छोटी कंपनियों के शेयरों का सूचकांक बीएसई स्मॉलकैप 0.18 प्रतिशत चढ़ा जबकि मझोली कंपनियों का सूचकांक 0.05 प्रतिशत नुकसान में रहा एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट मंगलवार को बढ़त में रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82.18 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 1,874.54 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स में मंगलवार को 52.63 की गिरावट रही थी, जबकि एनएसई निफ्टी 27.05 अंक बढ़त में रहा था। -
नयी दिल्ली. देश में मई की शुरुआत में प्याज के निर्यात से प्रतिबंध हटने के बाद 45,000 टन से अधिक प्याज का निर्यात किया गया है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। दुनिया के सबसे बड़े सब्जी निर्यातक ने गत दिसंबर में प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था और फिर सुस्त उत्पादन के कारण कीमतों में वृद्धि के बाद मार्च में इसे बढ़ा दिया था। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने कहा, ‘‘ प्रतिबंध हटने के बाद से 45,000 टन से अधिक प्याज का निर्यात किया गया है। अधिकतर निर्यात पश्चिम एशिया और बांग्लादेश को किया गया।'' सरकार ने चुनाव के दौरान प्याज की कीमतें कम रखने के लिए चार मई को प्रतिबंध हटा दिया था। हालांकि, प्रति टन पर 550 अमेरिकी डॉलर का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) लगाया गया था। खरे ने कहा कि इस साल अच्छे मानसून के पूर्वानुमान से जून से प्याज सहित खरीफ (ग्रीष्मकालीन) फसलों की बेहतर बुवाई सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसियों ने चालू वर्ष के लिए लक्षित 5,00,000 टन का भंडार (बफर स्टॉक) रखने के लिए हालिया रबी (सर्दियों) की फसल से प्याज की खरीद शुरू कर दी है। कृषि मंत्रालय के प्राथमिक अनुमान के अनुसार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में कम उत्पादन के कारण फसल वर्ष 2023-24 में देश का प्याज उत्पादन सालाना आधार पर 16 प्रतिशत घटकर 2.54 करोड़ टन रहने की उम्मीद है।
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्र सरकार को अधिशेष के रूप में दो लाख दस हजार 874 करोड़ रुपये हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। बुधवार को मुंबई में आयोजित रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की 608वीं बैठक के दौरान इसे मंजूरी दी गई।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में बोर्ड ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आकस्मिक जोखिम बफर – सीआरबी को 6 दशमलव पांच शून्य प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया। बोर्ड ने मौजूदा व्यापक आर्थिक स्थितियों और वित्तीय संकट के कारण वित्त वर्ष 2018-19 से 2021-22 के दौरान विकास और समग्र आर्थिक गतिविधि का समर्थन करने के लिए सीआरबी को रिज़र्व बैंक की बैलेंस शीट के आकार के 5 दशमलव पांच शून्य प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय लिया था। 2022-23 में अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ इसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया।बैठक में डिप्टी गवर्नर डॉ. माइकल देबब्रत पात्रा, श्री एम. राजेश्वर राव, श्री टी. रबी शंकर, श्री स्वामीनाथन जे. और केंद्रीय बोर्ड के अन्य निदेशक भी उपस्थित थे। बैठक में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव श्री अजय सेठ और वित्तीय सेवा विभाग के सचिव डॉ. विवेक जोशी भी शामिल हुए। बोर्ड ने वर्ष 2023-24 के लिए रिज़र्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय विवरण पर चर्चा और अनुमोदन करने के अलावा वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य की भी समीक्षा की। - नयी दिल्ली। विदेशी बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 50 रुपये की गिरावट के साथ 74,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 74,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।हालांकि, चांदी की कीमत 600 रुपये की तेजी के साथ 95,100 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में यह 94,500 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (जिंस बाजार) में हाजिर सोना 2,417 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से तीन डॉलर कम है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘बुधवार को सोने में और गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के हाल के बयानों का मूल्यांकन किया, जिसमें ब्याज दरों में कटौती के समय को कम करके आंका गया था।'' उन्होंने कहा, ‘‘कारोबारी अब बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के ब्योरे पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि इनसे अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति की दिशा के बारे में संकेत मिल सकता है।'' हालांकि, चांदी की कीमत बढ़त के साथ 31.75 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत 31.60 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी। इस बीच, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के वायदा कारोबार में सोना 171 रुपये की गिरावट के साथ 73,850 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। सबसे ज्यादा कारोबार वाला जून अनुबंध शाम साढ़े चार बजे 73,742 रुपये प्रति 10 ग्राम के दिन के निम्नतम स्तर को छू गया। इसके अलावा, जुलाई डिलिवरी वाला चांदी का अनुबंध भी 256 रुपये की गिरावट के साथ 94,469 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था
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नई दिल्ली। बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती 23 मई को पूरे देश में मनाई जाएगी। इस दिन देश के कई राज्यों के सभी बैंक बंद रहेंगे। चाहें वह सरकारी बैंकों में सबसे बड़ा SBI हो या प्राइवेट बैंकों में सबसे बड़ा HDFC Bank। इस बीच, अगर आपको किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन करना है तो आपको एक दिन और इंतजार करना पड़ेगा। 24 मई को बैंक खुलेंगे और 25 मई को दो वजहों से कई जगहों पर बैंक फिर बंद हो जाएंगे। हालांकि, आप चाहें तो ऑनलाइन बैंकिंग का फायदा पूरा उठा सकते हैं। UPI, नेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं का बिना किसी रुकावट के यूज कर सकते हैं। इसके अलावा अगर कैश की जरूरत भी है तो कोई परेशान होने वाली बात नहीं है, ATM आपके घर के करीब ही कहीं होगा।
RBI की तरफ से जारी हॉलिडे लिस्ट यानी छुट्टियों की सूची में बताया गया है कि देश के कुछ राज्यों के बैंकों की शाखाएं बुद्ध पूर्णिमा के दिन यानी 23 मई को बंद रहेंगी। इसमें मिजोरम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू, श्रीनगर, उत्तर प्रदेश, बंगाल, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और झारखंड के सभी बैंक शामिल हैं।लोक सभा चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। छठें चरण का मतदान 25 मई को है। इसी दिन नजरुल जयंती भी है। ऐसे में त्रिपुरा और ओडिशा के सभी बैंक बंद रहेंगे। गौरतलब है कि 25 मई को चौथा शनिवार भी है यानी महीने का दूसरा सेकंस सटर्डे। -
नई दिल्ली। देश में मई की शुरुआत में प्याज के निर्यात से प्रतिबंध हटने के बाद 45,000 टन से अधिक प्याज का निर्यात किया गया है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। दुनिया के सबसे बड़े सब्जी निर्यातक ने गत दिसंबर में प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था और फिर सुस्त उत्पादन के कारण कीमतों में वृद्धि के बाद मार्च में इसे बढ़ा दिया था।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की सचिव निधि खरे ने कहा, ‘‘ प्रतिबंध हटने के बाद से 45,000 टन से अधिक प्याज का निर्यात किया गया है। अधिकतर निर्यात पश्चिम एशिया और बांग्लादेश को किया गया।’’सरकार ने चुनाव के दौरान प्याज की कीमतें कम रखने के लिए चार मई को प्रतिबंध हटा दिया था। हालांकि, प्रति टन पर 550 अमेरिकी डॉलर का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) लगाया गया था। खरे ने कहा कि इस साल अच्छे मानसून के पूर्वानुमान से जून से प्याज सहित खरीफ (ग्रीष्मकालीन) फसलों की बेहतर बुवाई सुनिश्चित होगी।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसियों ने चालू वर्ष के लिए लक्षित 5,00,000 टन का भंडार (बफर स्टॉक) रखने के लिए हालिया रबी (सर्दियों) की फसल से प्याज की खरीद शुरू कर दी है।कृषि मंत्रालय के प्राथमिक अनुमान के अनुसार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में कम उत्पादन के कारण फसल वर्ष 2023-24 में देश का प्याज उत्पादन सालाना आधार पर 16 प्रतिशत घटकर 2.54 करोड़ टन रहने की उम्मीद है। -
नई दिल्ली। पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2023-24 की (जनवरी-मार्च) चौथी तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है। 31 मार्च को समाप्त चौथी तिमाही में वन 97 कम्युनिकेशंस का घाटा बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में फिनटेक कंपनी को 167.5 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
वन 97 कम्युनिकेशंस ने बुधवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 2.8 फीसदी घटकर 2,267.1 करोड़ रुपये हो गई। इससे पिछले वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में यह 2,464.6 करोड़ रुपये थी। इस दौरान परिचालन से समेकित राजस्व साल-दर-साल 2.9 फीसदी गिरकर 2,334.5 करोड़ रुपये से 2,267.1 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी का क्रमिक रूप से राजस्व 2,850.5 करोड़ रुपये से 20.5 फीसदी गिर गया।इसके अलावा फिनटेक कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस का पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में घाटा कम होकर 1,422.4 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह 1,776.5 करोड़ रुपये था। पेटीएम का वार्षिक राजस्व करीब 25 फीसदी बढ़कर 9,978 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 7,990.3 करोड़ रुपये रहा था। पेटीएम ने पीपीबीएल पर आरबीआई के प्रतिबंध से 300-500 करोड़ रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया था।उल्लेखनीय है कि वन 97 कम्युनिकेशंस के पास पेटीएम ब्रांड का स्वामित्व है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने 15 मार्च, 2024 से व्यापारियों सहित उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) को किसी भी ग्राहक खाते, वॉलेट और फास्टैग में जमा, क्रेडिट लेन-देन या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया है।

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