राष्ट्रीय मंच पर फिर चमका बालोद का नाम
0- बस्तर में आयोजित ’राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि कार्यशाला’ में अतिथियों को भाया ’दूध गंगा’ की रसमाधुरी और मिल्क केक का स्वाद
बालोद. जिले के स्थानीय सहकारी उद्यम के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण सामने आया है। जगदलपुर में 8 एवं 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित भव्य ’राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि कार्यशाला’ में बालोद की प्रतिष्ठित गंगा मैय्या उत्पादक एवं प्रसंस्करण सहकारी समिति मर्यादित (पंजीयन क्रमांक 87) को न केवल अपना स्टॉल लगाने का अवसर मिला, बल्कि देश भर से आए मुख्य अतिथियों के भोजन में इसके दुग्ध ब्रांड ’दूध गंगा’ द्वारा निर्मित प्रसिद्ध व्यंजनों को शामिल किया गया।
यह उपलब्धि दूध गंगा बालोद परिवार के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। जो मिठाइयाँ और दुग्ध उत्पाद अब तक केवल जिले में ही बिकते थे और स्थानीय लोगों द्वारा पसंद किए जाते थे, इस राष्ट्रीय कार्यशाला के माध्यम से आज उन्हें देश के विभिन्न राज्यों से आए गणमान्य अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों तक पहुँचने का मौका मिला।
कार्यशाला के विशेष भोज और स्टॉल पर दूध गंगा के प्रसिद्ध उत्पाद जैसे रसमाधुरी, खीरकदम, कुल्हड़ दही, मिल्क केक, मिल्क बर्फी, खजूर रोल, कुल्हड़ मलाई, लस्सी, रसगुल्ला, राजभोग, श्रीखण्ड और घी को विशेष रूप से प्रदर्शित व परोसा गया। कार्यशाला में शामिल देशभर के मुख्य अतिथियों ने जब इन पारंपरिक, शुद्ध और उच्च गुणवत्ता से भरपूर मिठाइयों का स्वाद चखा, तो वे इसके मुरीद हो गए और उन्होंने उत्पादों की जमकर सराहना की।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस विशिष्ट पहचान ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर सहकारिता के माध्यम से तैयार किए गए उत्पाद भी अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के दम पर देश भर में अपनी अमिट छाप छोड़ सकते हैं।
इस ऐतिहासिक सफलता पर संस्था के प्राधिकृत अधिकारी श्री गणेश जोशी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारे सभी दुग्ध उत्पादक किसानों, समिति के कर्मचारियों और सदस्यों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है। हमारी रसमाधुरी, खीरकदम, मिल्क केक और कुल्हड़ दही को राष्ट्रीय मंच पर इतनी सराहना मिलना पूरे बालोद जिले के लिए गौरव की बात है। यह सफलता हमें भविष्य में सहकारिता के क्षेत्र में और बेहतर काम करने की नई ऊर्जा प्रदान करेगी।








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