वित्त मंत्री चौधरी ने 10.78 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रायगढ़ को बड़ी सौगात
’किरोड़ीमल महाविद्यालय में बनेंगी 12 नई कक्षाएं और 9 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब एवं सेमिनार हॉल की भी मिलेगी सुविधा’
रायपुर/ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर रायगढ़ जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने सोमवार को शासकीय किरोड़ीमल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रायगढ़ में 10 करोड़ 78 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रस्तावित नवीन भवन एवं प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण और उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने का आधार है। उन्होंने कहा कि किरोड़ीमल महाविद्यालय में लंबे समय से भवन एवं शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब इस महत्वपूर्ण मांग के पूरा होने से महाविद्यालय में अध्ययन-अध्यापन के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि स्वीकृत निर्माण कार्यों के अंतर्गत महाविद्यालय के पुराने भवन का विस्तार करने के साथ ही नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसमें कुल 12 नई कक्षाएं, 9 प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, सेमिनार हॉल और स्टाफ रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्थायी सांस्कृतिक मंच और डोम का भी निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ शोध, प्रायोगिक अध्ययन, तकनीकी शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के बेहतर अवसर मिलेंगे। महाविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
’एक वर्ष में निर्माण पूरा करने के निर्देश, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता’
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने निर्माण एजेंसी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शासन ने बड़ी राशि स्वीकृत की है। इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पूरे किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द नई सुविधाओं का लाभ मिल सके।
’युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 4 लाख रुपये तक की सहायता’
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना, अनुशासन बनाए रखना और निरंतर परिश्रम करना आवश्यक है। विद्यार्थी जीवन के अगले चार-पांच वर्ष भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए युवाओं को इस समय का सदुपयोग करते हुए अपनी क्षमताओं को विकसित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार की युवा योजना के अंतर्गत यूपीएससी की तैयारी करने वाले चयनित 200 विद्यार्थियों को कोचिंग शुल्क के साथ दिल्ली में आवास और भोजन के लिए लगभग 3.50 लाख से 4 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।
इसी प्रकार पीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग और व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए शिखर, उड़ान और मंजिल जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने और अपने करियर के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
’40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर’
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में केलो नदी के किनारे लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर विकसित किया जा रहा है। यह परिसर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन एवं मार्गदर्शन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
उन्होंने बताया कि नालंदा परिसर में आधुनिक पुस्तकालय, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर मार्गदर्शन, उद्यमिता, स्वरोजगार तथा विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को मार्गदर्शन एवं सहायता की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय अध्ययन सुविधाएं प्राप्त होंगी।
’रायगढ़ में उच्च शिक्षा के नए संस्थानों का हो रहा विस्तार’
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ को उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में उद्यानिकी महाविद्यालय, प्रयास विद्यालय, कला एवं संगीत महाविद्यालय, फिजियोथेरेपी कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय और बीपीएड कॉलेज जैसी शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विधि महाविद्यालय के लिए भी 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य रायगढ़ के विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और करियर निर्माण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
’कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से हासिल किया जा सकता है हर लक्ष्य’
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए अपने जीवन के संघर्षों और अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि सामान्य ग्रामीण परिवार से निकलकर भी कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर जीवन में बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया। साथ ही महाविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों से सामूहिक प्रयासों के माध्यम से किरोड़ीमल महाविद्यालय को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ महाविद्यालयों में स्थापित करने की दिशा में कार्य करने को कहा। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय में वार्षिक उत्सव के आयोजन के लिए 50 हजार रुपये तक की सहायता देने की घोषणा भी की।
’पुराने और नए भवन में इस प्रकार विकसित होंगी सुविधाएं’
प्रस्तावित निर्माण कार्य के अंतर्गत महाविद्यालय के पुराने भवन के ऊपर 6 नई कक्षाओं और 3 प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा। वहीं नवीन भवन को भूतल एवं प्रथम तल के रूप में विकसित किया जाएगा। नवीन भवन के भूतल पर एक स्टाफ रूम, दो कक्षाएं, एक पुस्तकालय और चार प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। प्रथम तल पर चार कक्षाएं, एक कंप्यूटर प्रयोगशाला, एक सेमिनार हॉल और दो अन्य प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा।
इस प्रकार संपूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण होने पर महाविद्यालय में कुल 12 नई कक्षाएं और 9 प्रयोगशालाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, सेमिनार हॉल एवं स्टाफ रूम जैसी सुविधाओं के विस्तार से महाविद्यालय की शैक्षणिक अधोसंरचना और सुदृढ़ होगी।
’प्रायोगिक, तकनीकी और डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा’
नई प्रयोगशालाओं के निर्माण से विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को प्रायोगिक अध्ययन के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे। कंप्यूटर प्रयोगशाला के माध्यम से तकनीकी एवं डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। वहीं सेमिनार हॉल में शैक्षणिक संगोष्ठियों, व्याख्यानों, कार्यशालाओं और अन्य अकादमिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकेगा।
पुस्तकालय के विस्तार से विद्यार्थियों को अध्ययन एवं संदर्भ सामग्री की बेहतर सुविधा मिलेगी। स्थायी सांस्कृतिक मंच एवं डोम के निर्माण से महाविद्यालय में सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों के आयोजन के लिए भी सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होगी।
’करमा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति से दिखी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति’
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को प्रदर्शित करते हुए करमा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को स्मृति चिह्न भेंट किया।
इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री पंकज कंकरवाल, श्री मुकेश जैन, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।








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