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- रायपुर । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले ने खरीफ 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले वर्ष की तुलना में जिले में फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या के साथ-साथ बीमित क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से गैर-ऋणी किसानों की भागीदारी में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।खरीफ 2025 में जिले से 11,338 गैर-ऋणी किसान आवेदन प्राप्त हुए थे। खरीफ 2026 में यह संख्या बढ़कर 21,186 किसान आवेदन हो गई है। इस प्रकार गैर-ऋणी किसानों की संख्या में 186 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि किसानों में फसल बीमा योजना के प्रति बढ़ते विश्वास और जागरूकता को दर्शाती है।इसी प्रकार गैर-ऋणी किसानों के बीमित क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खरीफ 2025 में जहां 2,972 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा हुआ था, वहीं खरीफ 2026 में यह बढ़कर 5,399 हेक्टेयर हो गया है। इस प्रकार बीमित क्षेत्रफल में लगभग 181 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। फसल बीमा योजना में ऋणी किसानों की भागीदारी भी बढ़ी है। खरीफ 2025 में 3,12,493 ऋणी किसान आवेदन प्राप्त हुए थे, जो खरीफ 2026 में बढ़कर 3,15,857 किसान आवेदन हो गए। इसी प्रकार ऋणी किसानों का बीमित क्षेत्रफल 71,874 हेक्टेयर से बढ़कर 72,270 हेक्टेयर हो गया है। ऋणी किसानों की एंट्री अभी जारी है जिसमें बढ़ोत्तरी संभावित है।जिले में फसल बीमा योजना के प्रति किसानों में बढ़ती जागरूकता से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। फसल बीमा में किसानों की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि किसान अब अपनी फसल को प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम से सुरक्षित रखने के लिए फसल बीमा को महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में अपना रहे हैं। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल को हुए नुकसान के कारण किसानों को होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिले में किसानों की बढ़ती भागीदारी से कृषि क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और जोखिम-प्रतिरोधी बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
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रायपुर/श्रृंगार में अध्यात्म का दर्शन अगर किसी ने कराया है तो वह श्री रामचरित मानस के रचियता बाबा तुलसी दास जी ही हैं उक्त बातें डॉ विजय दुबे प्रख्यात लेखक एवं रामचरित मानस के टीकाकार ने सरयू पारीण ब्राह्मण सभा के द्वारा आयोजित तुलसी जयंती पर कही।
सरयूपारीण ब्राह्मण सभा द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी समाज भवन के तुलसी कक्ष में स्थापित बाबा तुलसी दास जी की जयंती पर आज पूजा अर्चना कर व्याख्यान का आयोजन किया गया था, जिसमें अंचल के प्रसिद्ध रामायण के टीकाकार एवं अनेक धार्मिक पुस्तकों के लेखक डॉ विजय दुबे, पंखिड़ा ओ पंखिड़ा फेम गीतकार राजेश हनुमान मिश्रा, सरयू पारीण समाज राज्य अलंकरण से सम्मानित डॉ दादू भाई त्रिपाठी प्रमुख वक्ता के तौर पर उपस्थित थे।
डॉ दादूभाई ने कहा कि तुलसी दास जी का जीवन को देखें तो भगवान कृष्ण के जीवन से बहुत कुछ मेल खाता है।पूरे जीवन भर संघर्ष किया उन्होंने।उनकी रचित राम चरित मानस में आपके पूरे जीवन चक्र को बताया गया है।आत्मसात करें। श्री राजेश हनुमान मिश्रा पंखिड़ा फेम संगीत मय छंदएवं दोहों के माध्यम से व्याख्या की, उन्होंने बताया कि उन्होंने बाबा तुलसी की हस्त लिखित रामायण की मूल प्रति का पाठ किया है,जो उनकी ससुराल राजापुर में सुरक्षित है।
डॉ सुरेश शुक्ला अध्यक्ष सरयूपरिण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ ने स्वागत भाषण में बताया कि सरयू पारीण ब्राह्मण समाज के कुलपुरुष बाबा तुलसी दास ने राम चरित मानस के माध्यम से भगवान राम को घर घर तक पहुंचाया है, भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में। पूर्व अध्यक्ष प्रो जी पी कुरारिया ने कहा कि रामिचरित मानस हमको जीने का रास्ता दिखाती है, समस्या का समाधान बताती है। वी एन मिश्राएवं ,राजेश त्रिपाठी, त्रिपाठी ने संचालन किया। इस अवसर पर सर्व श्री राम मूरत तिवारी, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा सहसचिव राजेश त्रिपाठी डी एस परोहा मित्रेश दुबे, सुरेन्द्र तिवारी,श्री लक्षमण प्रसाद मिश्रा,यूवा मंडल प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ध्रुवनाथ तिवारी जी,डा नागेन्द्र शुक्ला यदुवंश मणि त्रिपाठी जी,ब्रिसनेन्द्र मिश्रा,मदन मोहन उपाध्याय,परवेश उपाध्याय गंगेश द्विवेदी,पंडित श्रीराम शर्मा,प्रदीप पाठक, गोमती पाठक,के एस शुक्ला, सन्दीप दुबे अवधेश मिश्रा सत्यनारायण शर्मा, शिवकुमार मिश्रा अंकुश शुक्ला शिवम् त्रिपाठी चंद्र शेखर द्विवेदी नागेन्द्र तिवारी संजीव गौतम, प्रवीण चौबे सुभाष तिवारी अरुण मिश्रा भागवत तिवारी डा अरुणा ओझा, कुसुम त्रिपाठी, बृजेश त्रिपाठी, अपर्णा तिवारी, शशि मिश्रा सीमा मिश्रा आदि उपस्थित थे। - -आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला: छत्तीसगढ़ में 2.63 करोड़ नागरिकों के बने ABHA, 12 हजार स्वास्थ्य संस्थान जुड़ेरायपुर ।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में आयोजित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव कार्यशाला में राज्य की डिजिटल हेल्थ प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की गई।कार्यशाला में बताया गया कि ABDM का सबसे नागरिक-केंद्रित हिस्सा ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) है, जिसके ज़रिए नागरिक अपनी जांच रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और अन्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और अपनी सहमति से डॉक्टरों के साथ साझा कर सकते हैं। राज्य में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के ABHA बनाए जा चुके हैं।स्वास्थ्य पेशेवरों के पंजीकरण के लिए बनी हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) से राज्य में 34 हजार से अधिक स्वास्थ्य पेशेवर जुड़ चुके हैं, जबकि हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) के माध्यम से अस्पताल, क्लिनिक, लैब और ब्लड बैंक जैसे 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान नेटवर्क से जुड़ गए हैं।कार्यशाला में कहा गया कि ABDM-सक्षम HMIS के प्रभावी उपयोग से मरीज़ों का पूरा रिकॉर्ड — पंजीयन से लेकर उपचार और डिस्चार्ज तक — डिजिटल रूप में दर्ज होगा। इससे मेडिकल रिकॉर्ड की जांच आसान होगी, क्लेम प्रोसेसिंग में लगने वाला समय घटेगा और ऑडिट-वेरिफिकेशन अधिक व्यवस्थित होगा।छत्तीसगढ़ के बड़े भौगोलिक क्षेत्र और दुर्गम इलाकों को देखते हुए कार्यशाला में इस बात पर बल दिया गया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव, गरीब और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ABDM को केवल एक IT प्रोजेक्ट के रूप में नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र को बेहतर बनाने के माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए। नागरिकों की स्वास्थ्य जानकारी की सुरक्षा, गोपनीयता और सहमति-आधारित उपयोग को प्राथमिकता बताया गया।कार्यशाला में सात प्रमुख लक्ष्य तय किए गए — शेष स्वास्थ्य संस्थानों को HFR से जोड़ना, अधिक डॉक्टरों-नर्सों को HPR से जोड़ना, ABHA के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, HMIS का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना, रिकॉर्ड की गुणवत्ता बढ़ाना, सरकारी-निजी संस्थानों में समन्वय मजबूत करना, और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाना।समापन में कहा गया कि लक्ष्य एक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था बनाना है, जो हर नागरिक के लिए सरल, तेज़, पारदर्शी और उसके पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जुड़ी हो।इस मौक़े पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है कि हम समय के अनुसार चलें और नई तकनीकों को अपनाएं। क्योंकि जब तक हम स्वयं जानकार नहीं होंगे, तब तक बेहतर मॉनिटरिंग संभव नहीं हो पाएगी। हमारा विभाग सतत रूप से इस दिशा में काम कर रहा है और अधिकारी-कर्मचारी लगातार मेहनत कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि सारे इलाज आभा के ज़रिए लिंक हो जाए, इसके लिए निजी अस्पतालों से भी डाटा शेयर होना बहुत ज़रूरी है । डिजिटल सिस्टम इस्तेमाल करने से हमारी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी ।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के नए कार्ड में अब आभा आईडी को शामिल कर दिया गया है, जिससे मरीज़ों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और सुलभ बनेगा। अटल आरोग्य लैब की रिपोर्ट अब मरीज़ के मोबाइल पर सीधे भेजी जा रही है, ताकि उन्हें त्वरित जानकारी मिले। यह हमारी प्राथमिकता है और हमें यह करना ही है। उन्होंने कहा कि एक जनवरी से सभी कार्यों को ऑनलाइन करने के लक्ष्य को लेकर कार्य चल रहा है और इसके लिए हम मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। हम काफ़ी हद तक इसमें सफल भी हो रहे हैं, और यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, एनएचए भारत सरकार के संचालक श्री विक्रम पगारिया, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक श्री संजीव झा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- -योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश-सियान गुड़ी एवं वृद्धाश्रमों में बेहतर सुविधाओं और नियमित मॉनिटरिंग पर जोररायपुर। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज मंत्रालय में समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें।बैठक में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के वितरण, सियान गुड़ी एवं वृद्धाश्रमों में उपलब्ध सुविधाओं तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने सहायक उपकरणों के वितरण में तेजी लाने तथा सियान गुड़ी एवं वृद्धाश्रमों में भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सुशासन सरकार समाज के प्रत्येक जरूरतमंद, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक को सम्मानपूर्ण जीवन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक श्री रणवीर शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -ई-केवायसी प्रक्रिया के तहत किसी भी श्रमिक का आवेदन लंबित न रहे, दिए निर्देशरायपुर / श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवायसी प्रक्रिया के तहत किसी भी श्रमिक का आवेदन लंबित न रहे और सभी पात्र श्रमिकों को शासन की योजनाओं का समय पर लाभ मिले।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। राज्य में संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों के हितों के संरक्षण के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें।श्रम मंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा चार नए श्रम संहिताएं बनाई गई हैं। सभी श्रम अधिकारी इन कानूनों का अध्ययन कर लें। उन्होंने कहा कि नए जिलों के श्रम कार्यालयों में जल्द ही सेटअप अनुसार अधोसंरचना का विस्तार किया जाएगा।बैठक में उन्होंने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत हैं या नहीं, यह सुनिश्चित करने तथा कारखानों की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना, ई-रिक्शा सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना और बस्तर मुन्ने पोर्टल (नियद नेल्ला नार 2.0) शामिल हैं।सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।सचिव श्री गुप्ता ने बताया कि 24 अगस्त मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में राजधानी रायपुर में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर चालू शैक्षणिक सत्र से इस योजना में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है। इसके तहत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिसका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय श्री एस.एल. जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।
- -सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचनारायपुर। प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस दिन सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थाओं के साथ-साथ कोषालय एवं बैंकों में अवकाश रहेगा।नेगोशिएबल इंस्टूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन ने 28 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी कोषालय एवं बैंकों के लिए भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
- -नवा रायपुर में ई-बसों के संचालन, कार्यालय भवन निर्माण सहित सड़क परियोजनाओं के प्रस्तावों पर हुआ विचार-विमर्शरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवा रायपुर अटल विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एनआरडीए के अंतर्गत कंप्लायंट बैटरी ऑपरेटेड मोटर एसी-ई बसों के डिजाइन, प्रोक्योरमेंट, सप्लाई, परिचालन एवं संधारण के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर निविदा आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना के विभिन्न तकनीकी एवं क्रियान्वयन संबंधी पहलुओं की समीक्षा की गई।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय सहित अन्य कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने परियोजना की आवश्यकताओं एवं निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की।लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला रायगढ़ के अंतर्गत रायगढ़-पूंजीपथरा-घरघोड़ा फोरलेन मार्ग के निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। लगभग 37 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग के निर्माण से संबंधित तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए प्रभावित भूमि के अर्जन, भूमि व्यपवर्तन तथा निर्माण कार्य की तैयारियों की जानकारी दी गई।बैठक में जिला जांजगीर-चांपा के अंतर्गत लगभग 6.70 किलोमीटर लंबाई वाले अकलतरा बायपास मार्ग के निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। परियोजना से संबंधित तकनीकी एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की गई।बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित लोक निर्माण, वित्त एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति, व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देशरायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के 2 सितंबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों के संबंध में राज्य स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपराष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, चिकित्सा, स्वागत एवं कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।उल्लेखनीय है कि उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 2 सितंबर को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के प्रवास के दौरान सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल एवं मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक तथा वापसी के दौरान एंट्री एवं एग्जिट प्लान सहित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट पर स्वागत व्यवस्था, रिसेप्शन लाइन, एम्स में रिसेप्शन एवं अन्य प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्थाओं के लिए रायपुर कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने एयरपोर्ट एवं कार्यक्रम स्थल पर पुलिस की समुचित तैनाती तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।मुख्य सचिव ने उपराष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए गृह विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही ठहरने की व्यवस्था, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं तथा आकस्मिक चिकित्सा सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा।बैठक में कार्यक्रम की बैठक व्यवस्था भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल एवं प्राप्त डायस प्लान के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के प्रारंभ में वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान सहित निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।मुख्य सचिव ने एम्स प्रबंधन एवं अधिकारियों को भी दीक्षांत समारोह के आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, रायपुर कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल, सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव श्रीमती अंशिका पांडेय, कलेक्टर रायपुर, आईजी रायपुर, एम्स रायपुर के चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -समाज कल्याण विभाग की त्वरित एवं संवेदनशील पहल से जरूरतमंद को समय पर मिली सहायताएमसीबी/ हुए विभाग ने आवेदन प्राप्त होते ही तत्काल संज्ञान लिया और प्रकरण के त्वरित निराकरण की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी। विभाग की तत्परता से आवेदक को उसी दिन आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सकी।आवेदन प्राप्त होने के बाद सहायक संचालक, समाज कल्याण विभाग ने संबंधित अधिकारियों एवं विभागीय अमले को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में विभागीय कर्मचारियों ने बिना विलंब आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मोहम्मद नजीर खान को उनकी आवश्यकता के अनुरूप वॉकर उपलब्ध कराते हुए तत्काल वितरण सुनिश्चित किया। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से आवेदक को सहायक उपकरण के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।वॉकर मिलने पर मोहम्मद नजीर खान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि आवेदन करने के तुरंत बाद उनकी आवश्यकता को समझते हुए जिस तरह से कार्रवाई की गई और उसी दिन वॉकर उपलब्ध कराया गया, उससे उन्हें काफी राहत मिली है।समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले में जरूरतमंद, दिव्यांग एवं पात्र नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभागीय स्तर पर प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर देखते हुए पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना ही नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ सहज, पारदर्शी, संवेदनशील एवं त्वरित तरीके से पहुंचाना है। मोहम्मद नजीर खान को आवेदन के तुरंत बाद वॉकर उपलब्ध कराया जाना इसी संवेदनशील कार्यप्रणाली का उदाहरण है। विभाग द्वारा भविष्य में भी जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं और आवश्यकताओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास जारी रहेगा।
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दुर्ग/ जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, विक्रय एवं परिवहन पर प्रभावी रोकथाम हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग दुर्ग ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में तथा प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गश्त के दौरान 144 पाव देशी मदिरा और एक दोपहिया वाहन जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को गश्त के दौरान थाना मोहन नगर अंतर्गत एन.एच. 53 टोल प्लाजा जाने वाले मार्ग पर आरोपी लक्की देवार (निवासी ग्राम करहीडीह) के कब्जे से 40 पाव देशी मदिरा मसाला शोले तथा परिवहन में प्रयुक्त होंडा सी.बी. शाइन डीएक्स वाहन (क्रमांक सीजी-04-केपी-0299) जब्त किया गया। इसी क्रम में 14 अगस्त 2026 को गश्त के दौरान आरोपी संजना पारधी (निवासी ग्राम सांकरा पारधी डेरा, थाना अमलेश्वर) के कब्जे से 54 पाव देशी मदिरा मसाला एवं आरोपी सुधीर नायक (निवासी 32 बंगला के पास, भिलाई) के कब्जे से 50 पाव देशी मदिरा मसाला शोले जब्त की गई। विभाग द्वारा कुल 25.920 बल्क लीटर देशी मदिरा तथा दोपहिया वाहन जब्त किया गया है, जिसकी कुल बाजार कीमत ₹34,400 आंकी गई है। छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) का उल्लंघन पाए जाने पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध गैर-जमानती प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। उक्त मामलों की विवेचना सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री पंकज कुजूर, अरविन्द साहू एवं आबकारी उप निरीक्षक अनामिका टोप्पो द्वारा की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में आबकारी आरक्षक संदीप तिर्की, ऋषिकेश मण्डावी, पुष्पा हिडको, गौरव सिंह, अनुरंजन टोप्पो, सौरभ नेताम, कोमल प्रिया तिर्की, कुलदीप यादव, जय कुमार भैना, कविता तथा ड्राइवर दीपक राजू, नोहर एवं दुर्गेश का विशेष योगदान रहा। -
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों ने दी बाढ़ एवं आपदा के समय में राहत एवं बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी
बालोद/राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों के द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आज राज्य के सभी जिलों के बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन के कार्य से जुड़े अधिकारियों को बाढ़ एवं आपदा के दौरान राहत एवं बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। आज आयोजित वर्चुअल प्रशिक्षण के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शमी आबिदी के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल में शामिल अधिकारीगण उपस्थित थे। इस मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों के द्वारा सभी जिलों को बाढ़ एवं आपदा के कार्य से जुड़े अधिकारियों को राहत एवं बचाव के कार्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान संयुक्त जिला कार्यालय बालोद के एनआईसी कक्ष में अपर कलेक्टर एवं राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा प्रभारी अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा, अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर, एडिशनल एसपी श्री चंद्रकांत गवर्ना, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
तांदुला जलाशय में सुबह 10 बजे से आयोजित होगा माॅक ड्रिल
बालोद/ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जिला बालोद के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार 20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे ग्राम सिवनी (आदमाबाद) स्थित तांदुला जलाशय में बाढ़ आपदा के संबंध में मॉक ड्रिल आयोजन किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा प्रभारी अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा ने बताया कि यह मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने तथा आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि यह केवल एक पूर्वाभ्यास (प्रशिक्षण प्रक्रिया) है, इसलिए अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की घबराहट से बचें और पूरी तरह शांति बनाए रखें। साथ ही, किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें और दूसरों को भी सही जानकारी दें। इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल को सफल बनाने में जिला प्रशासन ने समस्त नागरिकों से पूर्ण सहयोग करने का अनुरोध किया है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विभागीय सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 18 एवं 20 अगस्त को सुबह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से टेबल टाॅप एवं माॅक एक्सरसाईज का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। - -समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ली संयुक्त बैठकरायपुर / दिव्यांगजनों, उभयलिंगी समुदाय तथा अन्य अंतर्विभागीय विषयों से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को महानदी भवन, मंत्रालय, अटल नगर में समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।बैठक में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत 186 व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों की जांच सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य मेडिकल बोर्ड अथवा संभागीय मेडिकल बोर्ड के माध्यम से कराए जाने पर चर्चा हुई। संबंधित व्यक्तियों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर परीक्षण कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने तथा निर्धारित समयान्तराल में दिव्यांगता की भौतिक जांच के लिए उपस्थित होने वाले व्यक्तियों के प्रकरणों की समीक्षा किए जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।अधिकारियों ने बताया कि फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों की जांच के लिए राज्य मेडिकल एवं संभागीय मेडिकल बोर्ड में परीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।बैठक में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने, मेडिकल बोर्ड में विषय- विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल बोर्ड एवं दिव्यांगता परीक्षण शिविर आयोजित करने पर चर्चा की गई। पात्र दिव्यांगजनों को समयबद्ध रूप से प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अस्थायी एवं स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की स्थिति में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने पर भी सहमति बनी।बैठक में उभयलिंगी समुदाय के व्यक्तियों के लिए राज्य की सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी (SRS) संबंधी सहायता तथा समय-सीमा में पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान करने पर चर्चा हुई। SRS के लिए सहायता अनुदान संबंधी दिशा-निर्देशों में आवश्यक सर्जरी को शामिल किए जाने तथा निर्धारित दरों में वर्तमान बाजार दर के अनुरूप संशोधन की कार्यवाही पर विचार किया गया।राज्य के शासकीय अस्पतालों में उभयलिंगी व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पृथक ट्रांसजेंडर क्लीनिक/वार्ड की व्यवस्था किए जाने पर भी चर्चा हुई।बैठक में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों की समीक्षा की गई। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुरूप राज्य में संचालित नशामुक्ति केंद्रों के पंजीयन तथा मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण से संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशामुक्ति केंद्रों में उपचाररत व्यक्तियों को दी जा रही दवाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा केंद्रों के विस्तार एवं बेहतर संचालन पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, भिक्षुक, उभयलिंगी एवं नशा पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं संस्थागत संरक्षण के लिए संचालित शासकीय एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं में निवासरत हितग्राहियों के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक श्री संजीव झा, समाज कल्याण विभाग के संचालक श्री रणवीर शर्मा सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -स्वतंत्रता दिवस पर 'जय गढ़िया बाबा दल' ने बिखेरा छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का जादू-सरईटोला के कलाकारों ने दिल्ली के सेंट्रल हॉल में जमाया रंग; मांदरी नृत्य से गुंजायमान हुआ राष्ट्रीय मंचरायपुर ।छत्तीसगढ़ की सोंधी माटी की महक और उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति की गूंज इस स्वतंत्रता दिवस पर देश की राजधानी के सबसे गरिमामयी मंच तक जा पहुंची। अवसर था 15 अगस्त का और गवाह बना राष्ट्रपति भवन का प्रतिष्ठित सेंट्रल हॉल, जहां धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के सुदूर गांव सरईटोला (गुडरापार) के कलाकारों ने अपनी मांदरी नृत्य की ऊर्जावान प्रस्तुति से समां बांध दिया। ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल’ के इस प्रदर्शन ने न केवल राष्ट्रपति भवन में मौजूद गणमान्य अतिथियों का दिल जीता, बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ की लोककला का परचम राष्ट्रीय पटल पर लहरा दिया।पारंपरिक वेशभूषा, रंग-बिरंगे आभूषणों और गुट्टा मांदर की थाप के साथ जब सरईटोला के कलाकारों ने मंच संभाला, तो पूरा वातावरण छत्तीसगढ़ी लोक-आत्मा के रंगों में सराबोर हो गया। फसल कटाई के उल्लास, सामाजिक सरोकारों और पीढ़ियों से संजोई जनजातीय जीवन शैली को दर्शाती इस प्रस्तुति ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह नृत्य केवल एक कलात्मक प्रस्तुति नहीं, बल्कि लोक-स्मृतियों और सामुदायिक पहचान का जीवंत प्रदर्शन बन गया।दल के सचिव श्री रूपराय नेताम ने इस ऐतिहासिक पल को साझा करते हुए बताया कि दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (नागपुर) द्वारा दल की मौलिकता और कला-साधना को परखते हुए स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष कार्यक्रम के लिए चयन किया गया था। राष्ट्रीय मंच पर राज्य की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख कलाकारों में श्री रतन लाल निषाद एवं श्री सुरेंद्र सोरी,श्री हेमंत सोरी,कु. सुलोचना सोरी एवं कु. मधु नेताम शामिल रहे।कलाकारों की इस अप्रतिम सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री मिश्रा ने पूरे दल और समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि धमतरी की पहचान सिर्फ उसकी प्राकृतिक सुंदरता और कृषि समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की जनजातीय परंपराएं और लोकसंगीत हमारी वास्तविक धरोहर हैं। सरईटोला के कलाकारों ने राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देकर जिले को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि हमारी युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोककला को आगे बढ़ाने की सशक्त प्रेरणा देगी।ग्रामीण अंचल की पगडंडियों से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान के मंच तक पहुंची यह सांस्कृतिक यात्रा इस बात की साक्षी है कि लोककला की मौलिकता आज भी अमर है। मांदर की यह राष्ट्रीय गूंज यह संदेश दे गई कि जब गांव की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलता है, तो वह केवल कलाकारों का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का मस्तक गर्व से ऊंचा कर देती है।
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अंबिकापुर. सरगुजा जिले में पति-पत्नी की हत्या कर शव को बोरियों में भरकर रख दिया गया। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि परसापारा गांव में हुई इस भयावह घटना का पता उस समय चला, जब दंपति के छोटे बेटे मोहन ने सोमवार को खून से सनी बोरियां देखीं और पुलिस को सूचना दी। छोटा बेटा परिवार से अलग रहता था। उन्होंने बताया कि हीराधर यादव (55) और उनकी पत्नी गुलाबी यादव (52) के शवों को बोरी में भरकर घर के अंदर एक कमरे में बंद कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मृतकों के सिर पर कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार के गहरे घाव थे।
- -*राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में जिले के खिलाड़ियों ने जीते 16 पदक, 7 स्वर्ण के साथ टीम चैंपियनशिप पर जमाया कब्जा*-*खुशी धालेंद्र बनीं छत्तीसगढ़ जूनियर बेस्ट लिफ्टर, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित*रायपुर । छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बीच मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश के खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। धमतरी में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के द फिटनेस पाठशाला जिम, अंबागढ़ चौकी से जुड़े 14 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक हासिल किए। इनमें 7 स्वर्ण, 8 रजत और 1 कांस्य पदक शामिल हैं। पदकों के शानदार प्रदर्शन के आधार पर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की टीम ने टीम चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया। यह उपलब्धि जिले में विकसित हो रही खेल संस्कृति और ग्रामीण एवं छोटे शहरों से निकलकर राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना रहे खिलाड़ियों की प्रतिभा का प्रमाण है।प्रतियोगिता में जिले के खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में दमदार प्रदर्शन किया। खुशी धालेंद्र ने दो स्वर्ण पदक जीतने के साथ छत्तीसगढ़ जूनियर बेस्ट लिफ्टर का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने जिले की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाई। पंकज नेताम ने स्वर्ण पदक हासिल किया। रवि कुमार ने एक स्वर्ण, चिन्मय ने दो स्वर्ण तथा साहिल निराला ने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर जिले की पदक तालिका को मजबूत किया।वहीं गजेंद्र, रेश्मी, रीत, डेजी, करण, सजल शिवहरे, बिलाल और निखिल पटवा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किए।जिले की युवा खिलाड़ी आनिया खान का स्कूल गेम्स वेटलिफ्टिंग में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। यह उपलब्धि जिले में खेल प्रतिभाओं के लगातार उभरने और विभिन्न खेल विधाओं में युवाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाती है। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। जिले के खिलाड़ियों की उपलब्धि से आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ी हैं।राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद सभी खिलाड़ी एवं कोच से कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मुलाकात की। खिलाड़ियों ने कलेक्टर को प्रतियोगिता में हासिल किए गए 16 पदकों और टीम चैंपियनशिप की उपलब्धि की जानकारी दी। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी खिलाड़ियों और कोच को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उपहार भी प्रदान किए और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए प्रोत्साहित किया।मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों और कोच ने जिले में पावरलिफ्टिंग सहित अन्य खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाओं और संसाधनों से संबंधित चर्चा भी कलेक्टर से की। कलेक्टर ने खिलाड़ियों एवं खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। जिला प्रशासन से मिले इस प्रोत्साहन से खिलाड़ियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। खिलाड़ियों एवं कोच ने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन से मिलने वाला प्रोत्साहन उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।
- -शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना विकास को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देशरायपुर । छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों के जरिए 'सुशासन से समृद्धि' की एक नई मिसाल पेश कर रहा है। जिले के दूरदराज इलाकों में सड़क, बिजली, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं, जिससे नागरिकों का जीवन बदल रहा है।सुकमा जिले को शांति, सुरक्षा और समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दे रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री राजेश सिंह राणा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन की प्रमुख योजनाओं और सुशासन तिहार के आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री अमित कुमार भी बैठक में उपस्थित रहे।प्रभारी सचिव श्री राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने सभी विभागों को टीम भावना के साथ मिशन मोड में काम करने और कार्यों में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।बैठक में कुपोषण को दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। मलेरिया और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गर्भवती महिलाओं की होम डिलीवरी कम करने के लिए पहले से प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूरा करने, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के निर्देश दिए गए। सभी शिक्षकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। युवाओं को रोजगारमूलक प्रशिक्षण से जोड़ने और स्थानीय संसाधनों से रोजगार के नए अवसर विकसित करने के निर्देश दिए गए। रेशम पालन को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन यूनिट की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण रोजगार और मानव दिवस बढ़ाने तथा पीएम सूर्यघर योजना में भी तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।प्रभारी सचिव ने हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराने तथा राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। सभी शासकीय फाइलों को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करने और प्रत्येक विभाग को अपनी प्राथमिकताएं तय कर परिणाम आधारित कार्य करने को कहा गया।श्री राणा ने कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा, आजीविका तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुकमा का विकास विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देगा। शासन की कल्याणकारी योजनाओं और नक्सल पुनर्वास नीति को विकास कार्यों से जोड़कर जिले में स्थायी शांति, विश्वास और आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार किया जा रहा है।कलेक्टर सुकमा ने प्रभारी सचिव को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय से विकास कार्यों को गति देंगे। प्रशासन के इस मिशन मोड प्रयास से सुकमा में शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और जिले की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में नई गति मिलेगी।
- -वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी से RBI महाप्रबंधक ने की मुलाकातरायपुर । वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी से आज रायपुर स्थित उनके निवास पर भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर कार्यालय के महाप्रबंधक श्री मनीष पराशर ने शिष्टाचार भेंट की। प्रभारी अधिकारी का कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात हुई इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के विस्तार, मुद्रा प्रबंधन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक से संबंधित विभिन्न विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई।बैठक के दौरान वर्तमान में नागपुर से होने वाले करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन को नवा रायपुर में स्थापित करने की दिशा में की जा रही महत्वपूर्ण पहल पर भी चर्चा हुई। नवा रायपुर में करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन की व्यवस्था विकसित होने से राज्य में मुद्रा प्रबंधन और बैंकिंग सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने में मदद मिलेगी।श्री पराशर ने वित्त मंत्री को राज्य में बैंकिंग सेवाओं तथा मुद्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर कार्यालय में हाल ही में प्रारंभ की गई सॉइल्ड नोट्स के स्थानीय प्रसंस्करण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। इस सुविधा से प्रचलन से वापस प्राप्त अनुपयोगी एवं खराब हो चुके नोटों का प्रसंस्करण अब स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।मुलाकात के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक की प्रस्तावित नवीन आवासीय परियोजना तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इन पहलों की जानकारी प्राप्त करते हुए राज्य शासन की बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी अपेक्षाओं को साझा किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक एवं राज्य शासन के बीच निरंतर सहयोग और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर श्री प्रदीप गोंधुले, श्री अमरेन्द्र गुप्ता एवं श्री अमितेश सिंह उपस्थित रहे।
- -*कोंटा की 14 महिला स्व-सहायता समूहों को मिला 39.50 लाख रूपए का बैंक लिंकेज ऋण*रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की 'बिहान' योजना महिलाओं के जीवन में बड़ा आर्थिक बदलाव लाई है। स्व-सहायता समूहों के जरिए ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आजीविका के नए साधन दिए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है। दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत कोंटा की 14 महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 39.50 लाख रुपये का बैंक लिंकेज ऋण प्रदान किया गया है। यह ऋण महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर है। ऋण की राशि मिलने से महिला समूहों की दीदियों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है। महिलाएं इस राशि का उपयोग कृषि, पशुपालन, सिलाई और स्थानीय छोटे व्यवसायों को बढ़ाने में करेंगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि आजीविका के साधन मजबूत होने से वे अपने बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतों और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए अधिक मजबूती से योगदान दे सकेंगी। ‘बिहान’ के माध्यम से महिलाएं बचत, समूह संचालन और बैंकिंग गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं। ऋण वितरण के दौरान प्रशासन और बैंक अधिकारियों ने महिलाओं से संवाद कर ऋण राशि का उपयोग आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में करने की समझाइश दी। उन्हें समय पर ऋण की किश्त जमा करने, नियमित बचत करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की जानकारी भी दी गई। इससे महिलाओं की बैंकिंग व्यवस्था में विश्वसनीयता और आर्थिक आत्मविश्वास दोनों मजबूत होंगे।सुकमा जैसे वनांचल जिले में ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को समूह से जोड़कर उन्हें बचत, बैंक लिंकेज, स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रहा है। अब महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी मेहनत और समूह की ताकत से आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।इस पहल में जनपद पंचायत कोंटा के विकास विस्तार अधिकारी श्री गोपाल नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक कोंटा के शाखा प्रबंधक श्री रामाकृष्णा, प्रभारी बीपीएम श्री अरविंद कुमार, संकुल समन्वयक श्रीमती रुकमणी कर्मा और श्रीमती आरती बघेल उपस्थित रहीं।सुकमा जिले की इन महिलाओं की सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी योजना, बैंकिंग सहयोग और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार के साथ पूरे गांव की आर्थिक तस्वीर बदल सकती हैं। ‘बिहान’ की यह पहल वनांचल की महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे रही है।
- -स्व-सहायता समूह की दीदियों ने प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार कीं इको-फ्रेंडली राखियां-जगदलपुर कलेक्टोरेट में लगी प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र ‘वोकल फॉर लोकल’ को मिला बढ़ावारायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बस्तर की ग्रामीण महिलाओं के हुनर, स्वावलंबन और स्थानीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। जगदलपुर कलेक्टोरेट परिसर में विकासखंड जगदलपुर, बकावंड और बस्तर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हस्तनिर्मित एवं पर्यावरण-अनुकूल राखियों की विशेष प्रदर्शनी-सह- बिक्री लगाई गई। प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार इन राखियों ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि बस्तर की ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को भी नई पहचान दी। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सहायक कलेक्टर ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार राखियों और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए स्वयं राखियां खरीदकर उनका उत्साहवर्धन किया।प्रदर्शनी में ग्रामीण महिलाओं ने धान, चावल, लालभाजी एवं खीरे के बीज, मयूर पंख, बांस, प्राकृतिक धागों और कौड़ियों जैसी स्थानीय एवं प्राकृतिक सामग्रियों से आकर्षक राखियां तैयार की थीं। इन राखियों में बस्तर की लोककला, प्रकृति और पारंपरिक संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई दी। कलेक्टोरेट पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी और आम नागरिक भी इन राखियों को खरीदने के लिए उत्साहित नजर आए। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हुई।ग्रामीण महिलाओं को राखी निर्माण में दक्ष बनाने के लिए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, आड़ावाल द्वारा 21 से 26 जुलाई तक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इसमें जिले के सातों जनपदों से आई 30 महिला प्रतिभागियों ने राखी निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को डिजाइन चयन, रंग संयोजन, गुणवत्ता, पैकेजिंग तथा प्राकृतिक सामग्रियों के उपयोग से आकर्षक राखियां तैयार करने की तकनीक सिखाई गई। प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों की अन्य महिलाओं को भी जोड़ते हुए बड़े पैमाने पर राखियों का निर्माण किया। कलेक्टोरेट परिसर में लगी यह प्रदर्शनी केवल राखियों की बिक्री तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनी। बिचौलियों से मुक्त सीधी बिक्री के कारण महिलाओं को अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिला। इससे उनकी आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित हुए।हस्तनिर्मित राखियों की यह प्रदर्शनी पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को एक साथ मजबूती प्रदान कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों से तैयार इन राखियों के माध्यम से बस्तर की ग्रामीण महिलाओं ने यह संदेश दिया कि स्थानीय हुनर और संसाधनों को बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई जा सकती है।
- -*प्रभारी सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने लाइवलीहुड कॉलेज में कौशल प्रशिक्षण का किया शुभारंभ*-*पुनर्वासित युवाओं को मोबाइल फोन वितरित किए, जमीन पर बैठकर उनके साथ किया भोजन*रायपुर। निर्वासित युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर विकास की नई राह प्रदान करना किसी भी प्रगतिशील समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न कारणों से समाज के हाशिए पर चले गए युवाओं को पुनः सशक्त बनाने के लिए एक व्यापक और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। सुकमा जिले में पुनर्वासित युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने मंगलवार को जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न विकास और पुनर्वास योजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर भी मौजूद रहे। प्रभारी सचिव श्री राणा ने लाइवलीहुड कॉलेज पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दो माह के इस प्रशिक्षण में 20 युवाओं को कोसा से रेशम निकालने, उन्नत हथकरघा से साड़ी बुनने और आधुनिक सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे अपने हुनर का उपयोग कर सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकें और आत्मनिर्भर बनें। प्रभारी सचिव ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर युवाओं से सीधे संवाद किया और उनके अनुभवों तथा जरूरतों की जानकारी ली। डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए 20 पुनर्वासित युवाओं को मोबाइल फोन वितरित किए गए। मोबाइल मिलने से युवाओं को ऑनलाइन जानकारी, प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।श्री राणा ने पुनर्वासित युवाओं के साथ आत्मीयता और सहजता से संवाद किया। इस दौरान युवाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए भोजन को उन्होंने उनके साथ जमीन पर बैठकर ग्रहण किया। उनके इस आत्मीय व्यवहार से युवाओं में उत्साह और विश्वास बढ़ा। उन्होंने युवाओं को मेहनत और कौशल के साथ आगे बढ़कर अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।प्रवास के दौरान श्री राणा ने प्रसिद्ध तुंगल डैम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्टर श्री अमित कुमार को तुंगल डैम को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। तुंगल डैम में भ्रमण के लिए पहुंचे स्कूली बच्चों से प्रभारी सचिव ने आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और उन्हें मेहनत के साथ पढ़ाई कर अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। सुकमा जिले में पुनर्वास, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और पर्यटन विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा प्रशासन का यह प्रयास युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार कर रहा है। शासन की योजनाओं का यह जमीनी क्रियान्वयन सुकमा में शांति के साथ विकास और विश्वास की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।
- -बिहान समूह की महिलाओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को भेंट किया विष्णुभोग चावल और धान से बनी राखी-स्थानीय उत्पादों से रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने की पहल को केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सराहारायपुर ।गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की बिहान महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें जिले की पहचान विष्णुभोग चावल तथा विष्णुभोग धान से तैयार की गई विशेष राखी भेंट की।स्थानीय संसाधनों से तैयार इन उत्पादों को देखकर श्री साहू ने बिहान समूह की महिलाओं की रचनात्मकता, मेहनत और आत्मनिर्भरता की भावना की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों को नए रूप में प्रस्तुत कर आजीविका के अवसर तैयार करने की पहल को प्रेरणादायी बताया।बिहान समूह की महिलाओं द्वारा विष्णुभोग धान से तैयार की गई विशेष राखी स्थानीय संस्कृति, रचनात्मकता और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम है। पारंपरिक पर्व रक्षाबंधन को जिले के स्थानीय कृषि उत्पाद से जोड़ते हुए तैयार की गई यह राखी न केवल एक हस्तनिर्मित उत्पाद है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है।विष्णुभोग धान जिले की विशिष्ट पहचान से जुड़ा उत्पाद है। महिलाओं ने इसी स्थानीय पहचान को अपनी रचनात्मकता से जोड़कर एक ऐसा उत्पाद तैयार किया है, जो स्थानीय संस्कृति और आजीविका दोनों को एक साथ बढ़ावा देता है।बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।विष्णुभोग चावल और उससे जुड़े स्थानीय उत्पादों को आकर्षक स्वरूप देकर बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महिला समूहों की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की क्षमता रखती है। ऐसी गतिविधियां महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विष्णुभोग धान से तैयार विशेष राखी यह संदेश देती है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक पहचान को रचनात्मकता से जोड़कर आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। बिहान समूह की महिलाओं की यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
- -स्वस्थ डिम्ब समूह योजना से हितग्राहियों को मिला 1.40 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ-10 हजार स्वस्थ तसर डिम्ब समूह वितरित, वैज्ञानिक तकनीक से उत्पादन बढ़ाने पर जोररायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तसर (कोसा) पालन को बढ़ावा देने के लिए भैरमगढ़ के कोसा बीज केंद्र में ग्रामीणों और हितग्राहियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस पहल के तहत अर्जुन और साजा के 5,000 पौधे तैयार किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए साधन बनेंगे।बीजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तसर पालन को बढ़ावा देने और हितग्राहियों की आय बढ़ाने के लिए शासन की स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत मिन्कापल्ली, कोत्तापल्ली, गुदमा और भैरमगढ़ क्षेत्र के रेशम हितग्राहियों को 10 हजार स्वस्थ तसर डिम्ब समूह वितरित किए गए हैं। इस पहल से ग्रामीण परिवारों को तसर पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय और रोजगार का अवसर मिलेगा। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को लगभग 1.40 लाख रुपये की शासकीय सब्सिडी का लाभ मिला है। स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह मिलने से हितग्राही बेहतर तरीके से तसर पालन कर सकेंगे। इससे कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण कोसा उत्पादन प्राप्त करने की संभावना बढ़ेगी।स्वस्थ डिम्ब समूह एसएमटीसी, चेन्नूर (तेलंगाना) से प्राप्त कर हितग्राहियों को उपलब्ध कराए गए हैं। रेशम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ हितग्राहियों को तसर पालन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। उन्हें डिम्ब समूहों की देखभाल, कीट प्रबंधन, पौधों की सुरक्षा और तसर पालन के विभिन्न चरणों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।विभाग द्वारा हितग्राहियों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, ताकि स्वस्थ डिम्ब समूहों का बेहतर पालन कर अधिक से अधिक कोसा उत्पादन किया जा सके। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की अतिरिक्त आय में वृद्धि होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार का साधन भी मिलेगा।स्वस्थ डिम्ब समूह वितरण योजना बीजापुर के ग्रामीण हितग्राहियों को पारंपरिक तसर पालन को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर दे रही है। गुणवत्तापूर्ण डिम्ब समूह, शासकीय सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से तसर उत्पादकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।यह पहल न केवल जिले में तसर उत्पादन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी तैयार करेगी।
- -*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से प्रभावित परिवारों को मिल रहा सम्मानजनक जीवन का संबल*रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और छत्तीसगढ़ नक्सलवाद, आत्मसमर्पण, पीड़ित, राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की अनुशंसा पर बीजापुर जिले के नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्य श्री राजेश कुमार आलम को शासकीय सेवा में अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है।कलेक्टर एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, जिला बीजापुर के निर्देशानुसार श्री राजेश कुमार आलम को नियमित चतुर्थ श्रेणी (अर्दली) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। उन्हें जिला कार्यालय, बीजापुर में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है।यह नियुक्ति नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। शासकीय सेवा मिलने से श्री आलम और उनके परिवार को स्थायी आजीविका का सहारा मिलेगा तथा वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। राज्य सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता देने के साथ उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ऐसे प्रयासों से प्रभावित परिवारों में शासन के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है और शांति, पुनर्वास तथा विकास की राह को नई मजबूती मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ राहत, पुनर्वास, रोजगार और विकास को प्राथमिकता दे रही है। बीजापुर में दी गई यह अनुकम्पा नियुक्ति इसी संवेदनशील और जनकल्याणकारी सोच का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
- -’45 गांवों के 50 हितग्राहियों को लगभग 1 लाख फिंगरलिंग मछली बीज का वितरण’-जल संरक्षण संरचनाएं अब बन रहीं आय और रोजगार का माध्यम’रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शासन की योजनाओं का प्रभावी अभिसरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले में वीबी-जी राम जी योजना के तहत निर्मित आजीविका डबरी एवं नवा तरिया को मत्स्य पालन से जोड़कर ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा रहे हैं। जिले के अम्बिकापुर विकासखंड में 28 ग्राम पंचायतों की 35 आजीविका डबरियों और 2 नवा तरिया में लगभग 1 लाख फिंगरलिंग मछली बीज का संचयन किया गया है।मत्स्य विभाग द्वारा शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, दरिमा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया। इस पहल के तहत 45 गांवों से जुड़े 50 हितग्राहियों को मछली बीज प्रदान किया गया, जिसे उनके गांवों में निर्मित आजीविका डबरी एवं नवा तरिया में संचयित किया जाएगा।आजीविका डबरी एवं नवा तरिया का निर्माण केवल जल संरक्षण और ग्रामीण परिसंपत्ति निर्माण तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाया जा रहा है। मत्स्य पालन शुरू होने से उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्रामीणों को अपने गांव में ही आर्थिक गतिविधि का अवसर मिलेगा।मत्स्य बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान से हितग्राहियों पर शुरुआती लागत का भार कम हुआ है। इसके साथ ही मत्स्य विभाग द्वारा मछली बीज संचयन, मछलियों की देखभाल, पोषण, प्रबंधन एवं उत्पादन से संबंधित आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, ताकि जल संरचनाओं से बेहतर मत्स्य उत्पादन प्राप्त किया जा सके।जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को विभिन्न विभागों की गतिविधियों से जोड़कर उनके प्रभाव को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वीबी-जी राम जी योजना के तहत निर्मित जल संरचनाओं में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने से एक ही परिसंपत्ति का उपयोग जल संरक्षण के साथ-साथ आय संवर्धन के लिए भी किया जा रहा है।इन संरचनाओं में मत्स्य पालन से उत्पादन बढ़ने पर आने वाले समय में ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।लगभग 1 लाख फिंगरलिंग मछली बीज के संचयन से अम्बिकापुर विकासखंड की आजीविका डबरियों एवं नवा तरिया में मत्स्य पालन गतिविधियों को व्यापक आधार मिला है। यह पहल दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित जल संरचनाओं का योजनाबद्ध उपयोग कर जल संरक्षण, रोजगार, मत्स्य उत्पादन और आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।जिला प्रशासन के प्रयासों से आजीविका डबरी एवं नवा तरिया अब ग्रामीण विकास की ऐसी परिसंपत्तियों के रूप में विकसित हो रही हैं, जो जल संसाधन संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूत आधार प्रदान करेंगी।












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