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- - 2 सितंबर को होगा दीक्षांत समारोह, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में होंगी शामिल-एम्स रायपुर की चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और जनस्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों से उपराष्ट्रपति को कराया अवगतरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तृतीय दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह 2 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने अपनी धर्मपत्नी उषा जिंदल के साथ नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उपराष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की सहमति प्रदान की।इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल जिंदल ने उपराष्ट्रपति को एम्स रायपुर द्वारा पिछले वर्षों में रोगी सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने संस्थान में रोबोटिक सर्जरी, किडनी प्रत्यारोपण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वास्थ्य अनुसंधान, जैव-चिकित्सकीय नवाचार तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों में हुई प्रगति से भी अवगत कराया।उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में एम्स रायपुर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आयुष्मान भारत तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में संस्थान के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।तृतीय दीक्षांत समारोह एम्स रायपुर की शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर, सुपर स्पेशियलिटी, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) तथा संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में उपाधियां प्रदान की जाएंगी। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगी। 2 सितंबर को आयोजित होने वाले इस दीक्षांत समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों, उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों तथा आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। समारोह एम्स रायपुर की स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में जारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय होगा।
- -प्री-2014 स्तर की तुलना में औसत वार्षिक रेल बजट आवंटन में 24 गुना वृद्धि, 36 परियोजनाओं पर चल रहा कामरायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे के बुनियादी ढांचे और रेल नेटवर्क के विस्तार को पिछले एक दशक में बड़ी गति मिली है। रेल मंत्रालय के अनुसार, राज्य में रेलवे से जुड़ी आधारभूत संरचना और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए वार्षिक बजट आवंटन प्री-2014 स्तर की तुलना में 24 गुना बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ को रेलवे परियोजनाओं के लिए ₹7,470 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जबकि वर्ष 2009-14 के दौरान औसत वार्षिक आवंटन केवल ₹311 करोड़ था।राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने छत्तीसगढ़ में चल रहे रेल विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे विस्तार का विशेष जोर यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ आदिवासी, पिछड़े और खनिज बहुल क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि पर है।नई रेल पटरियों के निर्माण में 17 गुना तेजीछत्तीसगढ़ में नई रेल लाइन के निर्माण और कमीशनिंग की गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2009-14 के दौरान जहां औसतन 6.4 किलोमीटर प्रति वर्ष नई रेल लाइन शुरू की जा रही थी, वहीं वर्ष 2014 से 2026 के बीच यह औसत बढ़कर 109.29 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गया। इस अवधि में कुल 1,311 किलोमीटर नई रेल पटरियों को कमीशन किया गया है।2,398 किलोमीटर की 36 परियोजनाएं सक्रिय1 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ में कुल 36 रेल परियोजनाएं सक्रिय हैं। इनमें 8 नई रेल लाइन और 28 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 2,398 किलोमीटर है और इनके लिए कुल ₹48,202 करोड़ की लागत स्वीकृत की गई है। इनमें से 1,151 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा कर कमीशन किया जा चुका है।पूरी हो चुकी प्रमुख रेल परियोजनाएंछत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को पूरा किया जा चुका है। इनमें प्रमुख रूप से -* दल्लीराजहरा–रावघाट नई रेल लाइन: 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹1,628 करोड़ खर्च किए गए। यह स्टील संयंत्रों को आवश्यक कच्चे माल के स्रोतों से जोड़ने में महत्वपूर्ण है।* चांपा–झारसुगुड़ा तीसरी लाइन: 152 किलोमीटर लंबी परियोजना पर ₹1,227 करोड़ खर्च किए गए। इससे भारी माल ढुलाई वाले रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ी है।* रायपुर–टिटलागढ़ दोहरीकरण: 203 किलोमीटर लंबी परियोजना ₹1,171 करोड़ की लागत से पूरी की गई।* खरसिया–कोरिछापार नई रेल लाइन: 43 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹851 करोड़ खर्च किए गए। इससे प्रमुख खनन क्षेत्रों को रेल कनेक्टिविटी मिली है।इन बड़ी परियोजनाओं पर चल रहा कामराज्य में कई महत्वपूर्ण नई रेल लाइन और दोहरीकरण परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें -* खरसिया–परमलकसा नई डबल लाइन: 278 किलोमीटर, लागत ₹7,854 करोड़।* गेवरा रोड–पेंड्रा रोड नई रेल लाइन: 135 किलोमीटर, लागत ₹3,724 करोड़।* रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन: 140 किलोमीटर, लागत ₹3,513 करोड़। यह परियोजना बस्तर क्षेत्र में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है।* खरसिया–धरमजयगढ़ नई रेल लाइन: 122 किलोमीटर, लागत ₹3,407 करोड़।आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी रेलछत्तीसगढ़ के ऐसे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए भी प्रयास तेज किए गए हैं, जहां अभी तक रेल कनेक्टिविटी नहीं है। हाल के वर्षों में 2,455 किलोमीटर लंबाई के 14 फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) स्वीकृत किए गए हैं।महत्वपूर्ण रेल मार्गों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार की जा चुकी है। इनमें -* अंबिकापुर–रामानुजगंज–गढ़वा रोड/बरवाडीह: 262 किलोमीटर* सरडेगा–पत्थलगांव–अंबिकापुर: 218 किलोमीटर* धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा: 292 किलोमीटरइसके अलावा आदिवासी और खनिज क्षेत्रों को जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों का फील्ड सर्वे भी जारी है। इनमें गढ़चिरौली–बीजापुर–बचेली (490 किमी), कोठागुडेम–किरंदुल (180 किमी) और धमतरी–बांसकोट–अमरावती–कोंडागांव (183 किमी) शामिल हैं।यात्री सुविधाओं में भी विस्तारबढ़ती यात्री मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ में 18 प्रमुख नई ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं। राज्य को आधुनिक और तेज रेल सेवाओं से जोड़ने के लिए वर्तमान में 2 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हैं। इनमें दुर्ग–विशाखापट्टनम और बिलासपुर–नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा उधना–ब्रह्मपुर अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी भी राज्य से होकर संचालित होती है। स्थानीय और क्षेत्रीय यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर–अंतागढ़ डेमू सहित कई मेमू और डेमू सेवाएं भी शुरू की गई हैं। रायपुर, राजिम और अभनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।वन मंजूरी और भूमि अधिग्रहण जैसी चुनौतियांरेल मंत्रालय के अनुसार, रेल परियोजनाओं को मंजूरी देने और उन्हें जमीन पर उतारने की प्रक्रिया में वन मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और भौगोलिक एवं भूगर्भीय परिस्थितियों जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय रेलवे परिचालन संबंधी बाधाओं को व्यवस्थित तरीके से दूर करने और छत्तीसगढ़ के लोगों को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय रेल बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव, 2000 सीटर ऑडिटोरियम निर्माण सहित वार्डों में मूलभूत सुविधा रोड, नाली,पाईप लाईन विस्तार, विद्युतीकरण के अलावा सामुदायिक भवन निर्माण व मुक्तिधाम उन्नयन के लिए करेगे भूमि पूजन
- रामकृष्ण नगर, कृष्णकुंज जज कालोनी के पास रविवार को आयोजित कार्यक्रम में महापौर ने नागरिकों से उपस्थित होने की अपील
राजनांदगांव । संस्कारधानी को विकासी की ओर अग्रसर करने मूलभूत सुविधा सहित अन्य विकास कार्य कराने शासन द्वारा 44 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गयी, जिसे धरातल में मूर्त रूप देने रविवार 9 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे कृष्णकुंज जज कालोनी के पास रामकृष्ण नगर में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव के विधायक डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन व विकास विभाग मंत्री श्री अरूण साव भूमिपूजन करेंगे। उक्त गरिमामय कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री संतोष पाण्डे, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के संबंध में महापौर श्री मधुसूदन यादव ने बताया कि शासन द्वारा नगर विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना अंतर्गत राशि 16 करोड़ रूपए से कृष्णकुंज के पास 2000 सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, 15वें वित्त आयोग अनटाईड ग्राण्ट अंतर्गत राशि 12 करोड़ लाख रूपए से विभिन्न वार्डों मेें रोड, नाली एवं विद्युतीकरण कार्य, अधोसंरचना मद अंतर्गत राशि 11.57 करोड़ रूपए से विभिन्न वार्डों मेें रोड, नाली, मुक्तिधाम उन्नयन एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य तथा मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत राशि 1 करोड़ रूपए से 4 वार्डों में रोड, नाली एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के अलावा 15वे वित्त आयोग टाईड ग्राण्ट के पेयजल प्रबंधन घटक अंतर्गत राशि 3 करोड़ रूपए से विभिन्न वार्डों मेें पाईप लाईन विस्तार कार्य कराए जाएंगे। महापौर श्री यादव ने नगर विकास के लिए उक्त गरिमामय आयोजन में रविवार 9 अगस्त को दोपहर 12 बजे कृष्णकुंज जज कालोनी के पास रामकृष्ण नगर में पार्षदों, नांमांकित पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार बंधुओं एवं विद्यार्थियों से उपस्थिति की अपील की गई है। - -ECINET पोर्टल और चार अर्हता तिथियों की दी गई विस्तृत जानकारीरायपुर । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला स्वीप नोडल अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन के मार्गदर्शन में शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर में जिले के सभी महाविद्यालयों के मतदाता साक्षरता क्लब (ELC) के नोडल अधिकारियों एवं कैंपस एंबेसडर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का संचालन डॉ. कामिनी बावनकर, सहायक स्वीप नोडल अधिकारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमिताभ बनर्जी एवं डॉ. रवि बंजारे विशेष रूप से उपस्थित रहे।प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को मतदाता साक्षरता क्लब के माध्यम से वर्षभर आयोजित की जाने वाली मतदाता जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें ECINET One Stop Digital Platform और मोबाइल एप की उपयोगिता तथा निर्वाचन संबंधी विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने हेतु निर्धारित चार अर्हता तिथियों - 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका, दायित्वों एवं निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।नोडल अधिकारियों एवं कैंपस एंबेसडर्स को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने महाविद्यालयों में मतदाता साक्षरता क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों तक निर्वाचन संबंधी सही एवं प्रामाणिक जानकारी पहुंचाएं। उन्हें कहा गया कि वे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, मतदान के प्रति जागरूक करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करें।
- -सभी मिलकर एक बेहतर गांव बनाएंगेः कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह-ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में जिले के सरपंचों का एक दिवसीय पंचायत सम्मेलन का आयोजनरायपुर / जिला पंचायत रायपुर द्वारा ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में जिले के सरपंचों का एक दिवसीय पंचायत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका विषय ”प्राकृतिक सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन में पंचायतों की संरक्षक के रूप में भूमिका“ थी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, विशिष्ट अतिथि के रूप में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन शामिल हुए।अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि पंच सरपंचों के लिए ऐसी कार्यशाला सराहनीय है। हमारा जो जीवन है हमारे गांव की प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है इसे संरक्षित करना और बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव में जो पानी के स्त्रोत हैं उसे अवश्य स्वच्छ रखें। इससे हमें स्वच्छ पेयजल मिलेगा साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यह पूंजी है। गांव में यह देखा जाता हे कि पेयजल लाने की जिम्मेदारी गांव की महिलाओं पर होती है और आसपास पानी नहीं होने पर उन्हें दूर जाना पड़ता है, तकलीफों का सामना करना पड़ता है इसलिए उनकी समस्या को देखते हुए अपने गांव के तालाबों को स्वच्छ रखें। उन्होंने आग्रह किया कि सभी तालाबोें को मछली पालन जैसे व्यवसायिक उपयोग के लिए न प्रयोग करें, कुछ तालाब पेयजल, निस्तारी के लिए भी रखें।श्रीमती शर्मा ने कहा कि ग्रामसभा और पंचायती राज अधिनियम में सरपंचों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। उन अधिकारों के बारे में जानें क्योंकि गांव में विकास करने के लिए संसाधन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग से पंचायतों में कचरे के रिसायकल के लिए एवं नल जल योजना के लिए विशेष प्रावधान किया गया हे इसका विशेष उपयोग करें। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि आज एक अच्छा अवसर था जब सरपंच अपने कामों का प्रस्तुतिकरण देते रहे और सारे वरिष्ठ अधिकारी उन्हें सुनते रहे। कलेक्टर ने कहा सभी सरपंच अच्छा काम कर रहे है, क्योंकि उनके द्वारा प्राकृतिक सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन के लिए कार्य किए जा रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि सरपंच अपने गांव को अपना घर समझकर कार्य करें तो उस गांव का समुचित विकास होगा। उन्होंने कहा वीबी जी राम जी के आने के बाद यह सभी ग्राम पंचायत के लिए सुनहरा अवसर है। इसके तहत जिले के 409 ग्राम पंचायत में विद्यालयों मे बालक-बालिका का मॉडल शौचालय बनाया जाएगा। साथ ही आवश्यकतानुसार किचन शेड भी बनाया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक स्त्रोतों की सुरक्षित रखते हुए हम सब मिलकर बेहतर गांव बनाएंगे।जिला पंचायत सीईओ श्री बिश्वरंजन ने कहा कि जिले के कुछ पंचायतों में प्राकृतिक स्त्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए अच्छा कार्य किया जा रहा है। कार्यशाला में सरपंचों ने बताया गया कि उनके द्वारा अवैध अतिक्रमण को हटाया गया और मुक्त कराई गई जमीन का सदुपयोग भी किया जा रहा है। श्री बिश्वरंजन ने कहा कि तालाबों को गहरीकरण या सीमेंटीकरण करने से उनका संरक्षण नहीं होता कई बार अत्यधिक गहरीकरण से तलहटी में छोटे पौधे का विकास नहीं हो पाता जो कि छोटी मछलियों का भोजन होते हैं अतः तालाबों के संरक्षण के लिए विशेष कार्य योजना बनानी चाहिए।कार्यक्रम में सरपंचों ने अपने क्षेत्र में किए गए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए किए गए कार्याें की जानकारी दी।
- -जनशिकायतों और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता से हो निराकरण : कलेक्टररायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिले के विभिन्न विभागों की समय-सीमा फॉलोअप बैठक लेकर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनशिकायतों और लंबित प्रकरणों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता से करते हुए प्रत्येक प्रकरण को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।बैठक में प्रोजेक्ट समन्वय के अंतर्गत अंतरविभागीय एनओसी (NOC) से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक एनओसी उपलब्ध कराने में त्वरित कार्रवाई करने तथा संबंधित एनओसी का समयबद्ध हैंडओवर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन एवं जनशिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।कलेक्टर ने पीएम किसान से जुड़े कार्यों में 100 प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने तथा स्वामित्व योजना और एग्रीस्टैक के कार्य में तेजी लाने के निर्देशकलेक्टर ने सभी गांवों में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का कार्य समय-सीमा में पूरा करने तथा जिले के किसानों की बकेटिंग एवं एग्रीस्टैक से संबंधित कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।बैठक में आरबीसी 6-4 के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया।कलेक्टर ने डीसीएस पेंडेंसी की भी समीक्षा की और लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक लंबित प्रकरण की जिम्मेदारी तय करते हुए उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।प्रोजेक्ट वंदन के तहत अगस्त एवं सितंबर माह में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के पेंशन एवं अन्य संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली जाएं, ताकि कर्मचारियों को पेंशन एवं अन्य सत्व के लिए परेशानी न हो।कलेक्टर ने पीजी पोर्टल एवं सेवा सेतु में प्राप्त आवेदनों का भी जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाना और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में राजस्व एवं पीएम आवास आरसीसी के प्रकरणों की भी अनुभागवार समीक्षा की गई तथा कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा तथा जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के रचयिता, विश्वविख्यात साहित्यकार एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, कला, संस्कृति और दर्शन के विश्वदूत थे। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया। उनकी साहित्यिक कृतियों में राष्ट्रप्रेम, मानवता, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव टैगोर की रचनाएं और विचार आज भी समाज को ज्ञान, संवेदना, स्वतंत्र चिंतन और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त कर उन्होंने विश्व पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया। श्री ओपी चौधरी ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन और उनका साहित्य देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन।
- -आधुनिक तकनीक से टमाटर की खेती से 10 लाख रुपये का शुद्ध लाभ-राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिली तकनीकी मददरायपुर । कभी खेती को केवल गुजर-बसर का साधन मानने वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक आज नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम पतरापाली की महिला किसान श्रीमती राजश्री मार्काे ने वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीक को अपनाकर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों और कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन लेकर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है। श्रीमती राजश्री मार्काे ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2024-25 में 1.20 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड टमाटर की खेती आधुनिक तकनीक से शुरू की। उन्होंने खेत में ड्रिप (टपक) सिंचाई प्रणाली और मल्चिंग शीट का उपयोग किया। इससे फसल को आवश्यकता के अनुसार पानी, पोषण और संरक्षण मिलता रहा तथा खेत में नमी लंबे समय तक बनी रही। आधुनिक तकनीक के बेहतर परिणाम श्रीमती राजश्री की मेहनत में साफ दिखाई दिए। उन्होंने एक सीजन में लगभग 100 से 120 टन उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर का उत्पादन प्राप्त किया। उपज को बाजार में बेचकर उन्होंने लगभग 8 से 10 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।यह उपलब्धि उनके लिए केवल आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि खेती के पारंपरिक तौर-तरीकों से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तकनीक अपनाने का परिणाम भी है। उनकी सफलता अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने से खेत में पानी का उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से हुआ। पौधों की जड़ों तक आवश्यकता के अनुसार पानी और घुलनशील उर्वरक पहुंचाए गए। इससे पानी की बचत के साथ-साथ पौधों को पोषक तत्वों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हुई। वहीं, मल्चिंग शीट के उपयोग से खेत में खरपतवार का अंकुरण काफी हद तक नियंत्रित रहा। इससे निराई-गुड़ाई और अतिरिक्त श्रम की आवश्यकता कम हुई तथा उत्पादन लागत में भी कमी आई। मल्चिंग के कारण खेत की नमी लंबे समय तक बनी रहने से फसल को अनुकूल वातावरण मिला और पौधों का विकास बेहतर हुआ।नई तकनीक अपनाने के बाद फसल से मिले बेहतर परिणामों ने श्रीमती राजश्री मार्काे का आत्मविश्वास बढ़ाया। अब वे स्वयं आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को अपनाने के साथ आसपास के किसानों को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके खेत को देखने और आधुनिक तकनीकों को समझने के लिए क्षेत्र के किसान भी पहुंच रहे हैं। श्रीमती राजश्री की सफलता यह संदेश देती है कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय हासिल की जा सकती है।श्रीमती राजश्री मार्काे की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई किसान अब ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और उन्नत उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- - लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में करें निराकरण, अवैध प्लाटिंग पर कड़ी कार्रवाईरायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अभनपुर राजस्व अनुविभाग के भू-अभिलेख एवं राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व रिकॉर्ड शत-प्रतिशत अद्यतन किए जाएं तथा राजस्व सेवाओं को लेकर आमजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (आरआई) एवं पटवारी उपस्थित थे।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। इसके साथ ही जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र तथा आरबीसी 6-4 से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को समय पर राजस्व सेवाओं का लाभ मिल सके।कलेक्टर ने खातों की 100 प्रतिशत बकेटिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खसरा नंबर की संबंधित किसान के नाम से सही मैपिंग की जाए, ताकि किसानों का रिकॉर्ड त्रुटिरहित एवं प्रामाणिक रहे। उन्होंने पटवारीवार बकेटिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में स्वामित्व योजना की भी पटवारीवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को शीघ्र पट्टा वितरण सुनिश्चित करने तथा योजना की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही डिजिटल सिग्नेचर, मोबाइल नंबर, जेंडर सहित सभी आवश्यक प्रविष्टियों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर जोर दिया।कलेक्टर ने अवैध प्लाटिंग के मामलों में तत्काल प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी नियंत्रण प्रशासन की प्राथमिकता है।बैठक में नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) तथा अन्य लंबित ऑनलाइन राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर ऑनलाइन रिकॉर्ड समय पर अद्यतन करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम अभनपुर श्री रवि सिंह सहित अभनपुर राजस्व अनुविभाग के राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
- -विधायक राजेश मूणत मुख्य अतिथि और महापौर मीनल छगन चौबे, नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, पीडब्ल्यूडी प्रभारी दीपक जायसवाल, जोन– 7 की अध्यक्ष श्वेता विश्वकर्मा, एमआईसी सदस्य भोलाराम साहू, पार्षद आनंद अग्रवाल होंगे विशेष अतिथिरायपुर। समता कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह में 20 लाख रुपये की विधायक निधि से नगर पालिक निगम की ओर से बनने वाले अतिरिक्त कमरों का शिलान्यास समारोह शनिवार, आठ अगस्त को दोपहर 11 बजे आयोजित किया गया है। समारोह के मुख्य अतिथि रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत और विशेष अतिथि महापौर मीनल छगन चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, जोन– सात की अध्यक्ष श्वेता विश्वकर्मा, पीडब्ल्यूडी प्रभारी दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य भोलाराम साहू, पार्षद आनंद अ्ग्रवाल, भाजपा के तात्यापारा के मंडल अध्यक्ष चैतन्य टावरी, भाजपा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के संयोजक ओंकार बैस और पार्षद मीना ठाकुर कार्यक्रम के विशेष अतिथि होंगे। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।पीडब्ल्यूडी प्रभारी दीपक जायसवाल ने बताया कि दिव्यांग बालिका विकास गृह में अतिरिक्त कमरों के शिलान्यास के अलावा भी समारोह में प्रधानमंत्री आवास योजना के लगभग 500 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। साथ ही उज्जवला योजना के 30 आवेदनकर्ताओं को इस मौके पर ससम्मान गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। जायसवाल के अनुसार इस मौके पर चिरहुलडीह वार्ड में दो स्थानों रामकुंड और कारी तालाब आमापारा सब्जी बाजार के पास पर 12 लाख रुपए की लागत से लगे हाईमास्ट का भी लोकार्पण अतिथिगण करेंगे। इस तरह मूणत अपने विधानसभा क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।कार्यक्रम में अतिथिगण बूढ़ापारा स्थित इनडोर स्टेडियम के 14 करोड़ रुपये के उन्नयन कार्यों के साथ ही नगर निगम की ओर से विकास और जनसुविधा शुरू करने वाले कार्यों की चर्चा भी की जाएगी।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बताया कि गुरुवार को दोपहर दिव्यांग बालिका विकास गृह में टीम दीपक जायसवाल के साथ टीम महाराष्ट्र मंडल की कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। इसमें मिनट- टू- मिनट कार्यक्रम अपडेट किए गए। भाजपा के पदाधिकारी व नगर निगम के अधिकारियों व मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, दिव्यांग बालिका विकास गृह प्रभारी मालती मिश्रा, सियान गुडी के प्रभारी प्रवीण क्षीरसागर, सचेतक रविंद्र ठेंगडी सहित अन्य पदाधिकारी व महाराष्ट्र मंडल के स्टाफ के सदस्य उपस्थित रहे।काले ने जानकारी दी कि साल 1995 में समता कॉलोनी में भीमसेव भवन के सामने मार्ग के अंतिम छोर पर निर्मित दिव्यांग बालिका विकास गृह का नवीनीकरण साल 2025 में किया गया। इससे यहां समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित सियान गुड़ी (वरिष्ठ नागरिकों के लिए सर्व सुविधायुक्त डे केयर सेंटर) का संचालन किया जा रहा है। काले ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग की ओर से 20 मूक- बधिर बालिकाएं भी पिछले कुछ महीनों से शिक्षा, आवास सहित समूचे देखभाल के लिए दिव्यांग बालिका विकास गृह को सौंपी गई हैं। वे भी यहीं दिव्यांग बालिका विकास गृह में अस्थि बाधित बालिकाओं के साथ निवास कर रहीं है। अब यहां विधायक राजेश मूणत की विधायक निधि से बनने वाले कमरों से मूक- बधिर बालिकाओं सहित दिव्यांग बच्चियों की सुविधाएं और बेहतर हो जाएंगी।अध्यक्ष काले ने अपनी कार्यकारिणी के साथ समीपस्थ रहवासियों से शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है। साथ ही विधायक मूणत का दिव्यांग बालिका विकास गृह में अतिरिक्त कमरे बनाने के लिए विधायक निधि से 20 लाख रुपये स्वीकृत करने के लिए आभार व्यक्त किया। आध्यात्मिक समिति की अध्यक्ष आस्था अभय काले के अनुसार समूचा आयोजन शनिवार को होने के कारण शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न होने के साथ ही सियान गुड़ी के वरिष्ठ नागरिकों के साथ महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य सस्वर हनुमान चालीसा पाठ करेंगे। इसमें उपस्थित आम श्रद्धालुओं का साथ मिलने की संभावना है।
- - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में किया गया ज्ञानवर्धक कार्यक्रमरायपुर। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हिंदी और इंग्लिश कन्वर्सेशन में काफी दिक्कत होती हैं। ऐसा नहीं कि उन्हें पता नहीं होता। उन्हें पता सब होता है, लेकिन आत्मविश्वास में कमी के कारण बच्चे बोलचाल की भाषा में अंग्रेजी में बात करने में हिचकते हैं। वहीं हिंदी में कई बार गलतियां कर जाते हैं। अंग्रेजी में बातचीत करने के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में शुक्रवार, 7 अगस्त को पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए हिंदी, इंग्लिश टॉक कार्यक्रम आयोजित किया गया।शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि हिंदी बातचीत और इंग्लिश कन्वर्सेशन में संचरना और व्याकरण में अंतर होता है, जैसे हिंदी में वाक्य की बनावट आमतौर पर एसओवी (सब्जेक्ट+ ऑब्जेक्ट+ वर्ब) होती है, यानी क्रिया (वर्ब) हमेशा वाक्य के अंत में आती है, जैसे ‘मैं खाना खा रहा हूँ’। वहीं इंग्लिश कन्वर्सेशन में वाक्य की बनावट एसओवी होती है, यानी क्रिया बीच में आती है, जैसे: आई एम इटिंग। वहीं आदर और अपनापन, अभिव्यक्ति और संस्कृति में अंतर होता है।अपर्णा के अनुसार शिक्षिका विनीता सुंदरानी, स्नेहा महाजन, मेघा ऋषि, वनीता बैरागडे़ ने प्राइमरी क्लासेस में और रचना तिवारी, सरिता पांडे वंदना बिसेन, सुमन छत्री, सुनिधि रोकड़े व निकिता यादव ने मिडिल के बच्चों में यह एक्टिविटी कराई। बच्चों को अलग-अलग ग्रुप में बांटकर आपस में बात कराई गई। अंग्रेजी बोलने में बच्चों के झिझक को दूर करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।
- -संत ज्ञानेश्वर सभागृह में करीब 12 घंटे चलने वाली प्रतियोगिता के लिए सभी 36 टीमें फाइनलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने तिलक जयंती के अवसर पर रविवार, नौ अगस्त को नगर स्तरीय अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन गया है। स्पर्धा के लिए राजधानी की सभी 36 टीमें फाइनल हो गई हैं। खेलकूद समिति और गायन कराओके समिति द्वारा संत ज्ञानेश्वर सभागृह में सुबह 8:30 बजे से प्रतियोगिता शुरू होगी। अंताक्षरी स्पर्धा का यह 11वां वर्ष है और इसे दिव्यांग बालिका विकास गृह के सहायतार्थ हर साल आयोजित किया जाता है।उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने बताया कि लगभग 12 घंटे तक चलने वाली मैराथन अंताक्षरी स्पर्धा में दर्शकों से भी फिल्मी गानों से संबंधित रोचक प्रश्न पूछे जाएंगे। सही जवाब देने वाले दर्शकों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। सभागृह के बाहर लॉबी में स्वादिष्ट व्यंजनों व नाश्ते के एक से एक स्टॉल दर्शकों के साथ टीमों के प्रतिभागियों व उनके परिजनों को लुभाएंगे। अंताक्षरी स्पर्धा की विजेता टीम को 6000 रुपये नगद के साथ चैंपियन ट्रॉफी, प्रतिभागियों को मेडल व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इसी तरह उप विजेता टीम को 3000 रुपये व तीसरे स्थान वाले ग्रुप को 2000 रुपये नगद के साथ ट्रॉफी, प्रतिभागियों को मेडल व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इसी तरह स्पर्धा में भाग लेने वाली सभी 36 टीमों के लिए बेस्ट अटैम्प्ट ग्रुप, बेस्ट थीम ड्रेन ग्रुप, बेस्ट सिंगर ग्रुप, बेस्ट डिसेंट ग्रुप, बेस्ट कोऑपरेट ग्रुप को एक-एक हजार रुपये का कैश प्राइज भी दिया जाएगा। सभी टीमों को ट्राफी, खिलाड़ियों को मेडल व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।कराओके गायन समिति की समन्वयक भारती पलसोदकर ने बताया कि मंडल अंताक्षरी स्पर्धा का फेसबुक लाइव प्रसारण होगा। प्रत्येक स्लॉट में गाने व सवालों के पांच राउंड होंगे और इसी बीच अंकों के आधार पर सरप्राइस बोनस सवालों के माध्यम से पीछे चल रही टीम को प्रतिद्वंद्वी टीमों से बराबरी करने या आगे निकलने का अवसर मिलेगा। इस तरह छह स्लॉट की स्पर्धा में 30 विभिन्न राउंड में प्रतिभागियों को कसौटी में परखा जाएगा। कोई भी राउंड किसी भी स्लॉट में कराए गए राउंड से मेल खोता हुआ नहीं होगा अर्थात सभी छह स्लॉट के सभी 30 राउंड अलग- अलग ही होंगे। इस तरह छह स्लॉट की स्पर्धा में छह विजेता टीमें फाइनल में पहुंचेंगी और सातवें फाइनल स्लॉट में परफार्मेंस के आधार पर विजेता, उप विजेता और तीसरे स्थान वाली टीम घोषित की जाएगी।अंताक्षरी स्पर्धा की प्रतिभागी टीमें:-झंकार बीट्स, पीएनबी तरंग, शाइनिंग स्टार, सरस, सरगम के सितारे, स्वर वारकरी, मल्हार, झंकार केशरियो, प्रज्ञा मैत्री, दीवाने मस्ताने, सुर धारा, जल तरंग, दिव्यांग बालिका ग्रुप, सदाबहार ग्रुप, सुर संगम, मधु फाउंडेशन, सप्त सुर, गूंजन, बेमिसाल सुर के शिकारी, निमया सेवाजतन फाउंडेशन, माँ ग्रुप, स्वरांजलि ग्रुप, सुर संतृप्ति- 1, गान चतुर्वेद, हम से है जमाना, सुर संतृप्ति- 2, श्रावणी, सुर संगवारी, मैत्री, लिसियन, डब्लू. सी, सा रे ग म, रिमझिम फुहार, तराना, निनाद, शिवाय।
- -प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए की प्रार्थनारायगढ़ । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 9 स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेश में जनकल्याण, सुख-शांति एवं सर्वसमृद्धि की कामना की। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि देवों के देव महादेव की कृपा सदैव छत्तीसगढ़वासियों पर बनी रहे और प्रदेश निरंतर विकास एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता रहे। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
- -रोजाना खपत की जानकारी से आधा हुआ बिजली बिल, ग्राम ओरमा के ग्रामीणों ने साझा किए अनुभव-स्मार्ट मीटर से बढ़ी पारदर्शिता, बिजली की बचत के साथ ऑनलाइन भुगतान भी हुआ आसानरायपुर । प्रदेश में स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं को पारदर्शी, सुविधाजनक और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बालोद जिले के ग्राम पंचायत ओरमा में स्मार्ट मीटर की स्थापना के बाद ग्रामीणों के बिजली उपयोग के तरीके में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब उपभोक्ता प्रतिदिन अपनी बिजली खपत की जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर रहे हैं, जिससे ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग बढ़ा है और मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच श्रीमती मंजूलता साहू ने बताया कि पहले बिजली की वास्तविक खपत का अनुमान लगाना कठिन होता था, लेकिन स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ ऐप ने इस समस्या का समाधान कर दिया है। अब वे प्रतिदिन अपने घर की बिजली खपत देख पाती हैं और उसी के अनुरूप विद्युत उपकरणों का उपयोग करती हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में अधिक उपयोग के कारण उनका बिजली बिल लगभग 1,200 रुपए आया था, लेकिन ऐप के माध्यम से नियमित निगरानी और ऊर्जा के नियंत्रित उपयोग से पिछले महीने उनका बिल घटकर लगभग 600 रुपए रह गया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद सभी उपभोक्ताओं को ‘मोर बिजली’ ऐप का उपयोग अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे बिजली की खपत, संभावित बिल और ऊर्जा बचत की जानकारी समय पर मिलती है।ग्राम ओरमा के किसान श्री नंदकुमार साहू ने बताया कि उनके घर और दुकान दोनों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से वे प्रतिदिन दोनों स्थानों की बिजली खपत अपने मोबाइल पर देख लेते हैं। इससे वे आवश्यकता के अनुसार बिजली का उपयोग नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में कूलर, पंखे और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली बिल बढ़ गया था, लेकिन पिछले महीने ऊर्जा के संतुलित उपयोग से बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब बिजली बिल जमा करने के लिए कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से घर बैठे ही आसानी से ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।ग्राम की निवासी कमलेश्वरी साहू और पेमिन साहू ने भी बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली की खपत पूरी तरह पारदर्शी हो गई है। ऐप पर प्रतिदिन खपत और संभावित बिल की जानकारी मिलने से वे बिजली का उपयोग अधिक जिम्मेदारी से कर रहे हैं। परिणामस्वरूप पिछले महीने उनकी बिजली खपत कम हुई और बिल में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
- -अंबिकापुर में जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन-450 पौधों के सामूहिक रोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशरायपुर। वृक्ष केवल प्रकृति की शोभा या धरोहर नहीं हैं, बल्कि यह समग्र मानव जीवन और इस पृथ्वी पर हर सांस लेते जीव का प्रत्यक्ष आधार हैं। पौधारोपण से हमें ताजे फल, सब्जियां, और नीम, तुलसी जैसे पौधों से जीवन रक्षक औषधियाँ मिलती हैं । हरियाली मानव मन के तनाव को दूर कर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारती है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने एयर लेयरिंग तकनीक से तैयार पीपल के पौधे का रोपण कर एक पेड़ माँ के नाम 3.0 अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक जनभागीदारी है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित हर्राटिकरा में शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के जनसंकल्प का सशक्त मंच बना।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने लोगों से अपने जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण अवसर को पौधारोपण से जोड़ने का आग्रह करते हुए विवाह समारोहों में मंडप (मड़वा) निर्माण के लिए वृक्षों की कटाई जैसी परंपराओं से बचने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रत्येक नागरिक यदि एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो हरित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना शीघ्र साकार होगा।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने वन विभाग द्वारा रेस्क्यू की गई ब्लैक काइट (काली चील) को उसके प्राकृतिक आवास में मुक्त कर वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन का संदेश भी दिया। यह पहल वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। वन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण अभियान में 450 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। इस अवसर पर गुलर, पीपल, शीशम, गुल्लू और बरगद सहित विभिन्न स्थानीय एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधे लगाए गए। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, एनसीसी के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम में ट्री एटीएम के माध्यम से पौधारोपण की अभिनव व्यवस्था भी आकर्षण का केंद्र रही। वहीं किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नीलगिरी के पौधों का वितरण कर कृषि वानिकी को बढ़ावा देने की पहल की गई। वन विभाग ने जानकारी दी कि सरगुजा वनमंडल में इस वर्ष विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अब तक 31 हजार 800 पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के प्रयासों को नई गति मिली है।राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर अंबिकापुर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, वनमंडलाधिकारी, उप वनमंडलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प को और अधिक सशक्त बनाया।
- -राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों के सम्मान और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को मजबूत बनाने की अपील-हथकरघा उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग का किया आग्रह, कहा- बुनकरों का सम्मान ही आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींवरायपुर । राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा हथकरघा से निर्मित वस्तुओं के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान से जुड़ा जन आंदोलन है।राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा निर्मित पारंपरिक गमछा धारण कर प्रदेश की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा को सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि यह गमछा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, श्रम, परंपरा और स्थानीय शिल्प कौशल का जीवंत प्रतीक है।श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी और हथकरघा उत्पादों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का उपयोग करते हैं, तब हम न केवल उनकी आजीविका को सशक्त बनाते हैं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक नागरिक का यह छोटा-सा प्रयास आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में बड़ा योगदान सिद्ध होगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बुनकर अपनी पारंपरिक कला, उत्कृष्ट शिल्पकौशल और रचनात्मकता के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करना हम सबका सामूहिक दायित्व है।श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नागरिकों से अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद के साथ वीडियो अथवा चित्र साझा करने और राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अभियान से जुड़ने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस जनभागीदारी से देश-दुनिया तक हमारे बुनकरों की अद्भुत कला, उनकी मेहनत और भारतीय हथकरघा की समृद्ध परंपरा को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी स्वदेशी अपनाने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएंगे तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
- -सौर ऊर्जा अपनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे परिवार, स्वच्छ ऊर्जा को मिल रहा बढ़ावारायपुर / प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना प्रदेश के आम नागरिकों के लिए आर्थिक राहत और स्वच्छ ऊर्जा का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे परिवार अपनी बिजली जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आने के साथ ही कई परिवारों को आर्थिक बचत का लाभ मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत विद्युत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। नागरिकों को योजना की प्रक्रिया, लाभ और सौर ऊर्जा के महत्व की जानकारी देकर अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।योजना के अंतर्गत घरों की छत पर स्थापित सोलर पैनल सूर्य के प्रकाश से बिजली का उत्पादन करते हैं। घरेलू आवश्यकता पूरी करने के बाद अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी आती है। इस प्रकार योजना एक ओर परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है।जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी श्री संदीप कुमार गुप्ता ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को अपने परिवार के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि पहले उनके घर का बिजली बिल अपेक्षाकृत अधिक आता था। योजना के तहत घर में सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली की नियमित खपत के बावजूद उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा के उपयोग से उन्हें हर महीने अच्छी बचत हो रही है, जिसका सकारात्मक असर परिवार के बजट पर पड़ा है।श्री गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इससे बिजली खर्च कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने और अपने घरों में सौर ऊर्जा को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक परिवारों के सौर ऊर्जा से जुड़ने से बिजली की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
- -सुशासन, नीति निर्माण और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रणाली को मिलेगा बढ़ावारायपुर / योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर (IIM Raipur) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य सुशासन, प्रभावी नीति निर्माण, संस्थागत क्षमता विकास, साक्ष्य-आधारित निर्णय, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में अकादमिक एवं व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करना है।योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग की ओर से सचिव श्री भुवनेश यादव एवं आईआईएम रायपुर की ओर से निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान, परामर्श, डेटा एनालिटिक्स, शोध एवं दस्तावेजीकरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।एमओयू के अंतर्गत शासकीय अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, मिड-कैरियर एग्जीक्यूटिव एवं कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जा सकेंगे। इकोनोमेट्रिक्स, रिसर्च मेथडोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पब्लिक पॉलिसी, नेतृत्व एवं प्रबंधकीय कौशल जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिए जाएंगे।दोनों संस्थान नीति अनुसंधान, प्रभाव आकलन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन, बेंचमार्किंग, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, रणनीतिक परामर्श और डेटा आधारित निर्णय सहयोग के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। छत्तीसगढ़ की विकास प्राथमिकताओं से जुड़े शोध, केस स्टडी, पॉलिसी ब्रीफ एवं शोध रिपोर्ट भी तैयार की जा सकेंगी।आईआईएम रायपुर के फैकल्टी एवं विद्यार्थियों द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित लाइव प्रोजेक्ट, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, गवर्नेंस इनोवेशन एवं एप्लाइड रिसर्च किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप, फील्ड इमर्शन, लाइव कंसल्टिंग, एक्शन रिसर्च एवं कैपस्टोन प्रोजेक्ट के माध्यम से शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।एमओयू के तहत संयुक्त कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, पॉलिसी डायलॉग, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन एवं राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। आईआईएम रायपुर के विशेषज्ञों, शासकीय अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों की प्रशिक्षण, शोध एवं परामर्श गतिविधियों में सहभागिता होगी। लागू नियमों के अधीन अकादमिक संसाधन, शोध प्रकाशन, डेटाबेस, गैर-गोपनीय डेटा एवं तकनीकी विशेषज्ञता भी साझा की जा सकेगी।यह समझौता छत्तीसगढ़ में नीति निर्माण एवं शासन व्यवस्था को अधिक डेटा-आधारित, शोधपरक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आईआईएम रायपुर की अकादमिक विशेषज्ञता और राज्य नीति आयोग एवं योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की नीतिगत समझ के समन्वय से राज्य की विकास प्राथमिकताओं पर अनुसंधान, नवाचार एवं प्रभावी नीति सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
- -कैम्पा मद के अन्तर्गत कार्यो की समीक्षारायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में कैम्पा (CAMPA) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आज आयोजित की गई। बैठक में वनों के संरक्षण, पर्यावरण विकास और वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कैम्पा मद के तहत वन क्षेत्रों में पुल-पुलियों, पहुंच मार्गों और आवश्यक भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया, ताकि इन सुदूर क्षेत्रों तक शासन की पहुंच और विकास का लाभ त्वरित गति से पहुंच सके। बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्ष 2026-27 के लिए 713 करोड़ 73 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदित कर अंतिम स्वीकृति हेतु केंद्र सरकार (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) को भेज दिया गया है, जिसमें से 436 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके अलावा बैठक में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। छत्तीसगढ़ में कैम्पा निधि से किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सिंचित व असिंचित वृक्षारोपण, क्षतिपूर्ति वनीकरण, बांस वनों की पुनर्स्थापना, वनों के घनत्व में वृद्धि के लिए सिल्वीकल्चरल कार्य, वन्यप्राणी प्रबंधन, चरागाह विकास, चेक डैम व तालाबों के माध्यम से भू-जल संरक्षण और कनेक्टिविटी सुधार के कार्य निरंतर जारी हैं।इस उच्च स्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद, कैंपा सीईओ श्रीमती शालिनी रैना सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -पूर्व में स्वीकृत टू-लेन सड़क को फोरलेन करने राज्य शासन ने मंजूर किए अतिरिक्त 21.81 करोड़-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का पत्र जारीरायपुर। राज्य शासन ने बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक पूर्व में स्वीकृत टू-लेन सड़क को फोरलेन करने 21 करोड़ 81 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। राज्य शासन ने वर्ष-2024 में सी.आर.आई.एफ. योजना के अंतर्गत टू-लेन नांदघाट-मुंगेली मार्ग के निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने इस सड़क को टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए थे। उनके निर्देश के अनुपालन में नांदघाट-मुंगेली मार्ग के टू-लेन से फोरलेन में उन्नयन के लिए राज्य शासन ने गुरुवार को 21 करोड़ 81 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। पूर्व में स्वीकृत 116 करोड़ और गुरुवार को स्वीकृत 21 करोड़ 81 लाख को मिलाकर अब कुल 137 करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से नांदघाट और मुंगेली के बीच 36.40 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। क्षेत्रवासी राज्य मार्ग नांदघाट-मुंगेली को फोरलेन करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे। राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने से क्षेत्र की एक बड़ी मांग पूरी हो रही है। इस मार्ग के फोरलेन हो जाने से मुंगेली, लोरमी, पंडरिया तथा पंडरिया होते हुए मध्यप्रदेश के लोगों का राजधानी रायपुर आवागमन तेज, सुगम एवं सुरक्षित हो जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा नवागढ़ के विधायक श्री दयालदास बघेल ने नांदघाट-मुंगेली सड़क के फोरलेन के रूप में मंजूरी पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी है।
- रायपुर । कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय एवं निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में संचालित स्नातक पाठ्यक्रम (एमबीबीएस/बीडीएस) में प्रवेश वर्ष 2026 के प्रथम चरण काउंसिलिंग हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये गये हैं।सूचना के अनुसार सभी आवेदकों को ऑनलाईन आवेदन करने से पूर्व क्रमांक RULE-503/30/2025/MED, छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 का, विशेषकर आरक्षण, काउंसिलिंग प्रक्रिया एवं बॉण्ड से संबंधित प्रावधानों का, पूर्णतः अध्ययन करने की सलाह दी गई है। यह नियमावली वेबसाइट www.cgdme.in एवंhttps://cgdme.admissions.nic.in/पर उपलब्ध है।ऑनलाईन आवेदन शुल्क अनारक्षित (UR) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी के आवेदकों के लिए 1000 रुपये, अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी के आवेदकों के लिए 500 रुपये तथा अप्रवासी भारतीय (NRI) श्रेणी के आवेदकों के लिए 10,000 रुपये निर्धारित की गई है, जो अप्रतिदेय (Non Refundable) होगी। पंजीयन राशि (सुरक्षा निधि) संबंधी विवरण के लिए सूचना के पेज क्रमांक 2 पर दी गई तालिका देखने को कहा गया है।ऑनलाईन आवेदन 09 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे से प्रारंभ होकर 16 अगस्त 2026 को रात्रि 11:59 बजे तक चलेगा। वहीं च्वाइस फिलिंग एवं लॉकिंग की प्रक्रिया भी 09 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त 2026 को रात्रि 11:59 बजे तक जारी रहेगी। आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा जारी इस सूचना में आवेदकों से अपील की गई है कि ऑनलाईन आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइट www.cgdme.in एवंhttps://cgdme.admissions.nic.in/का अवलोकन करें।
- -प्रदेश में 18 अगस्त को टेबल टॉप और 20 अगस्त को होगी मॉक एक्सरसाइजरायपुर / भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य में बाढ़ आपदा प्रबंधन एवं पूर्व तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के सभी जिलों के आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने और आवश्यक कार्यवाहियों के संचालन के लिए विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी जिलों में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसके ठीक बाद 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज का आयोजन होगा।राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान की जाने वाली सभी प्रक्रियाओं को भली-भांति समझें। उन्होंने कहा कि वास्तविक बाढ़ आपदा के समय त्वरित राहत व बचाव कार्य के लिए यह अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। बैठक के दौरान बाढ़ आपदा के समय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पशुपालन जैसे अंतर-विभागीय समन्वय से की जाने वाली कार्यवाहियों की विस्तार से समीक्षा की गई।इस उच्च स्तरीय बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा एवं SDRF के महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुलिस मुख्यालय), मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर डिवीजन), NDRF कमांडेंट, स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, विज्ञान केंद्र, दूरसंचार, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के साथ-साथ राज्य शासन के पंचायत, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- -वार्ड 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन, वार्ड 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए के शेड का लोकार्पण-रिंग रोड, नालंदा परिसर, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय सहित शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता-पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की घोषणा, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपणरायपुर / प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ रायगढ़ शहर में नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार के लिए भी लगातार योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता ऐसे विकास कार्यों को धरातल पर उतारना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले और रायगढ़ आने वाले वर्षों में आधुनिक, सुविधायुक्त एवं व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने वार्ड क्रमांक 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन एवं शासकीय स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं वार्ड क्रमांक 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सामुदायिक गतिविधियों, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। विकास का उद्देश्य केवल बड़े निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिनसे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में रायगढ़ शहर में 10 ऑक्सीजोन विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे शहर में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऑक्सीजोन के साथ सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य, व्यायाम एवं मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की बढ़ती जरूरतों और यातायात के दबाव को देखते हुए शहर की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 600 करोड़ रुपए की लागत से रिंग रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। रिंग रोड के निर्माण से शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य के अधोसंरचना विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जिले में नर्सिंग महाविद्यालय एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय खोलने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में प्रयास विद्यालय पहले से संचालित है और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिलेवासियों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने क्षेत्रवासियों के लिए पर्यावरण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सौगात की घोषणा की। उन्होंने उपभोक्ता फोरम के पास ऑक्सीजोन विकसित करने तथा ओपन जिम स्थापित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के नागरिकों को हरित वातावरण के साथ व्यायाम एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरित रायगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, श्री पावन अग्रवाल, श्री आशीष ताम्रकार सहित पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण( सीजीएसडीएमए) में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमति शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, मानसून अवधि की तैयारियों तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में बताया। राज्य में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली एवं भूस्खलन जैसी मौसमी आपदाओं की तैयारियों की समीक्षा की। राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की कार्यप्रणाली तथा समन्वय व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी दी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के मध्य त्वरित प्रतिक्रिया एवं समन्वय को और सुदृढ़ बनाने पर विचार किया गया। इसी तरह से पूर्व चेतावनी प्रणाली सचेत प्लेटफॉर्म एवं सेल ब्रॉडकास्ट आधारित अलर्ट प्रणाली की प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई। एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार श्री संजीव सही द्वारा राज्य में किये जा रहे आपदा प्रबंधन कार्यों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग पर प्रकाश डाला।मॉक एक्सरसाइज, क्षमता निर्माण, सामुदायिक जागरूकता तथा संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा हुई। इसी तरह से आगामी मानसून अवधि के दौरान संवेदनशील जिलों में बेहतर समन्वय एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने, पूर्व तैयारी को मजबूत करने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। - -मुख्यमंत्री महोदय के निर्देशानुसार विद्युत कंपनियों में रोजगार के खुलेंगे नए व्दार-राज्य बनने के बाद पहली बार निकली बिजली कंपनी में इतनी अधिक भर्तियां-उपभोक्ताओं तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए बढ़ेगा मेनपावररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ ने 1235 पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी कर दिया है। इसमें सहायक अभियंता से लेकर कनिष्ठ अभियंता और संयंत्र परिचारक से लेकर डाटा एंट्री आपरेटर , चिकित्सक,पैरामेडिकल स्टाफ , फायर ऑफिसर्स व स्टाफ , विधि विभाग , वित्त अधिकारी , सुरक्षा विभाग तक के पद शामिल हैं। ये भर्तियां तीनों कंपनियों यथा जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में की जाएंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने हेतु रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उनके निर्देशानुसार पॉवर कंपनियों में बड़ी संख्या में की जा रही भर्ती से जहां एक तरफ बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए मेनपावर भी उपलब्ध हो सकेगा। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है, जब इतनी अधिक संख्या में भर्तियां होंगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय की मंशा के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया को त्वरित गति से पूरा किया जाए। राज्य स्थापना के बाद प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या एवं बिजली खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य बनने के समय 18 लाख 91 हजार उपभोक्ता थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 67 लाख हो गई है। राज्य गठन के समय विद्युत की मांग 1334 मेगावाट थी, वह अब बढ़कर 7083 मेगावाट हो गई है। बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य शासन ने कोरबा पश्चिम में 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना करने का निर्णय लिया और इस हेतु कार्य भी प्रारम्भ हो गया है ।साथ ही पारेषण और वितरण प्रणाली में भी बड़ी संख्या उपकेंद्र व लाइनें स्थापित की जा रही है। विद्युत संयंत्र, उपकेंद्रों तथा लाइनों के उचित रखरखाव एवं उपभोक्ताओं तक निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा बड़ी संख्या में पॉवर कंपनियों में भर्ती करने का निर्णय किया गया है ।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) विभाग ने भर्ती विज्ञापन जारी कर दिया है। कुल 1235 पदों पर भर्ती होनी है, जिनमें से व्दितीय श्रेणी के पदों की संख्या 189 हैं। शेष पद तृतीय वर्ग के 711 एवं चतुर्थ वर्ग के 335 कर्मियों की भर्ती होगी। इनमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी में 547 पद, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी में 96 पद, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में 415 पद तथा तीनों कंपनी के कॉमन कैडर के लिए 177 पदों पर रिक्तियां निकाली गई हैं।पदों से संबंधित विस्तृत जानकारी विज्ञापन, पात्रता, नियम एवं शर्तें, परीक्षा हेतु आवेदन प्रक्रिया तथा परीक्षा संचालन संबंधी निर्देश पृथक रूप से जारी की जाएंगी, जो छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज की आधिकारिक वेबसाइट www.cspc.co.in (डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट सीएसपीसी डाट सीओ डाट आईएन) पर अपलोड किये जाएंगे। आवेदन तिथि एवं परीक्षा तिथि का विस्तृत विवरण अलग से जारी किया जाएगा। इसमें सबसे अधिक डाटा एंट्री आपरेटर के 400 पद, प्लांट अटेंडेंट के 300 पद, सहायक अभिंयता के 146, कनिष्ठ अभियंता के 122 पद हैं।


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