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- खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्देश, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाईबिलासपुर/ राज्य शासन ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नकली पनीर एवं अन्य गैर-दूध उत्पादों, जो पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों की नकल कर बाजार में बेचे जाते हैं, के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से संपूर्ण छत्तीसगढ़ में प्रतिबंध लगा दिया है।आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18 एवं धारा 30 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार ऐसे सभी उत्पाद, जो वास्तविक दुग्ध उत्पादों के नाम या स्वरूप का अनुकरण कर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं, अब राज्य में प्रतिबंधित रहेंगे।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग बिलासपुर ने जिले के सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं, जिनमें निर्माता फर्म, डेयरी इकाइयाँ, होटल, रेस्टोरेंट, थोक एवं फुटकर विक्रेता शामिल हैं, को निर्देशित किया है कि वे ऐसे प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय तत्काल बंद करना सुनिश्चित करें। साथ ही, जिन निर्माता फर्मों के लाइसेंस में ऐसे उत्पाद अंकित हैं, उन्हें आवश्यक संशोधन कराते हुए नियमानुसार अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग द्वारा शीघ्र ही राज्यभर में विशेष सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। जांच के दौरान प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं से शासन के निर्देशों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं हितों की रक्षा में सहयोग करने की अपील की है।
- दीपक बैज के बयान पर केदार कश्यप का तीखा पलटवारराष्ट्रपति भवन में बस्तर के आदिवासियों के सम्मान का उपहास करना पूरे जनजातीय समाज का अपमान – कश्यपबस्तर पंडुम और राष्ट्रपति भवन में आदिवासी प्रतिनिधियों की भेंट पर कांग्रेस की राजनीति दुर्भाग्यपूर्णरायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बस्तर पंडुम और राष्ट्रपति भवन में बस्तर के आदिवासी प्रतिनिधियों की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से हुई भेंट को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक हताशा नहीं, बल्कि बस्तर के जनजातीय समाज, उसकी संस्कृति, परंपराओं और अस्मिता का खुला अपमान है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम किसी सरकार या राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आदिवासी गौरव का महापर्व है। जिस आयोजन ने बस्तर के लोक कलाकारों, मांझी-चालकी व्यवस्था और जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया, उसी पर सवाल उठाना बताता है कि कांग्रेस आदिवासी समाज के सम्मान को भी राजनीतिक चश्मे से देख रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रपति भवन में बस्तर के आदिवासी प्रतिनिधियों की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी से हुई ऐतिहासिक भेंट का भी उपहास उड़ाने का प्रयास किया है। आज़ादी के दशकों बाद पहली बार बस्तर के पारंपरिक वेशभूषा में सजे जनजातीय प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया, उनसे आत्मीय संवाद हुआ और उनकी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिली। यह हर बस्तरवासी और पूरे जनजातीय समाज के लिए गर्व का विषय है। ऐसे ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का मज़ाक उड़ाना केवल राजनीतिक अपरिपक्वता नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि जिस आदिवासी समाज को कांग्रेस ने दशकों तक केवल वोट बैंक समझकर देखा, आज जब उसी समाज को सम्मान, पहचान और राष्ट्रीय मंच मिल रहा है तो कांग्रेस को आखिर इतनी पीड़ा क्यों हो रही है? देशभर में बस्तर की संस्कृति की चर्चा हो रही है, लेकिन कांग्रेस इस गौरवपूर्ण अवसर में भी राजनीति खोज रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि अपने लंबे शासनकाल में उसने बस्तर की संस्कृति, लोक कलाकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए कौन-सा ऐतिहासिक कार्य किया था। कांग्रेस के शासन में बस्तर की पहचान विकास और संस्कृति से नहीं, बल्कि नक्सली हिंसा, भय और पिछड़ेपन से जुड़ गई थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर शांति, विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव की नई पहचान बना रहा है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम पर सवाल उठाकर और राष्ट्रपति भवन में आदिवासी प्रतिनिधियों के सम्मान का उपहास कर कांग्रेस ने केवल सरकार का नहीं, बल्कि उन हजारों आदिवासी कलाकारों, मांझी-चालकी व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों और पूरे बस्तर के स्वाभिमान का अपमान किया है, जिन्होंने इस गौरवपूर्ण अवसर को संभव बनाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बस्तर की सकारात्मक तस्वीर से परेशानी हो रही है क्योंकि उसकी राजनीति हमेशा भय, भ्रम और पिछड़ेपन पर टिकी रही है। लेकिन अब बस्तर बदल चुका है। आज का बस्तर अपनी संस्कृति पर गर्व करता है, विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और पूरे देश में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस परिवर्तन को कांग्रेस चाहे जितना नकारने या उसका उपहास करने का प्रयास करे, बस्तर की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
- 0- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कीबिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा बेमेतरा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज बेमेतरा जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जिले के समग्र विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में अधिकारियों से कहा कि वे सेवा, शिद्दत और संकल्प के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा बेमेतरा को विकास के हर क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जिला बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि बेमेतरा भौगोलिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से अनुकूल जिला है, जहां बेहतर कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयाल दास बघेल, विधायक श्री दीपेश साहू और ईश्वर साहू तथा कलेक्टर श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाईं भी बैठक में शामिल हुईं।उन्होंने कहा कि एक सफल अधिकारी वही होता है जो पूर्व नियोजित कार्ययोजना के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करता है। सभी अधिकारी जनसेवक की भावना से कार्य करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें, स्वयं का नियमित मूल्यांकन करें तथा अपनी कमियों को दूर कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।जल संचय, कृषि एवं स्वास्थ्य पर विशेष जोरउप मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने, मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने तथा जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल संचयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत निर्मित योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर उनके सुचारु संचालन पर भी बल दिया। उन्होंने बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूर्ण करने के निर्देशश्री साव ने जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, आदिवासी विकास प्राधिकरण सहित अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।जल संरक्षण, पर्यावरण एवं स्वच्छता पर विशेष फोकसउप मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के बीच जल संकट और प्रदूषण बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इसलिए जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।उन्होंने वर्षा जल संग्रहण, पुराने तालाबों एवं नहरों के जीर्णोद्धार, जल संरक्षण अभियान, व्यापक वृक्षारोपण, पार्कों के विकास तथा प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई पर विशेष जोर दिया।गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने कहाश्री साव ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। खेल बच्चों में अनुशासन, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता विकसित करते हैं, तथा बच्चों को नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखते हैं। उन्होंने सभी बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।हर पात्र हितग्राही तक पहुंचे योजनाओं का लाभउप मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना होगा।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं कृषि सहित सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने, कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।समन्वय से विकास को मिलेगी गतिश्री साव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि बेमेतरा कृषि एवं उद्योग दोनों क्षेत्रों में अपार संभावनाओं वाला जिला है। यदि सभी अधिकारी पूरी निष्ठा और समर्पण से कार्य करें तो जिला विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है।विकास कार्यों में गंभीरता लाने के निर्देश – श्री दयाल दास बघेलखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी स्वीकृत विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिए।बैठक में बेमेतरा जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी और पुलिस अधीक्षक उत्रिलोक बंसल सहित सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
- 0- महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया धमतरी सखी सेंटर का औचक निरीक्षण0- साइबर सुरक्षा व कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित करने के दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने शुक्रवार को धमतरी स्थित 'सखी वन स्टॉप सेंटर' का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में पीड़ित महिलाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा वहां के समस्त पंजियों (रजिस्ट्रों) एवं पत्रावलियों की बारीकी से जांच की। अध्यक्ष डॉ. साहू ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सखी वन स्टॉप सेंटर का संचालन पूर्ण निष्ठा के साथ 24×7 (सातों दिन, 24 घंटे) सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी समय सहायता के लिए पहुंचने वाली पीड़ित महिला (आवेदिका) को किसी प्रकार की असुविधा या विलंब का सामना न करना पड़े।निरीक्षण के दौरान उन्होंने सखी सेंटर की योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रमुख स्थानों पर सूचनात्मक डिस्प्ले व होर्डिंग्स लगाने,बढ़ते साइबर अपराधों से महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस विभाग के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) को आमंत्रित कर विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन करने तथा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने हेतु जिले के माननीय न्यायाधीशों एवं शासकीय अधिवक्ताओं को आमंत्रित कर लीगल अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित करने के निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने केंद्र में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, उनके कार्य-विभाजन और केंद्र में आने वाले प्रकरणों के त्वरित निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक सुरक्षित संबल है। यहां आने वाली हर पीड़िता को समय पर न्याय, परामर्श और आश्रय मिलना हमारी पहली प्राथमिकता है। इस दौरान राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव, आयोग के अधिकारी-कर्मचारी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- शासन की पहल से 50 हितग्राहियों को निःशुल्क कुक्कुट इकाइयों का वितरण, आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदमरायपुर। सुकमा जिले में ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार और पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इंदुरकर के नेतृत्व में सुकमा विकासखंड के कई गांवों में 50 हितग्राहियों को निःशुल्क कुक्कुट इकाइयों का वितरण किया गया।इस योजना के तहत गीदम नाला, नींबूपदर, मुलागुडा, भेलवापाल और झापरा गांव के हितग्राहियों को प्रत्येक कुक्कुट इकाई में 45 चूजे और 10 किलोग्राम दाना उपलब्ध कराया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को कुक्कुट पालन से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।कुक्कुट इकाइयों का वितरण महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों की उपस्थिति में पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से किया गया। कार्यक्रम में पशु चिकित्सालय सुकमा के डॉ. टेकेश्वर, श्री भुवाल नेताम तथा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम ने सक्रिय सहयोग दिया।पशुधन विकास विभाग की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कुक्कुट पालन से मिलने वाली अतिरिक्त आय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। यह पहल दिखाती है कि शासन की योजनाएं जब गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं, तो वे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ आजीविका के नए अवसर भी पैदा करती हैं।
- रायपुर। सीएम हेल्पलाइन सीजी 1076 में दर्ज शिकायत के माध्यम से लगातार 7 वर्षों से आधार कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे युवा मुकुंद धीमर को आखिरकार आधार कार्ड प्राप्त हो गया। जिला प्रशासन द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण हैदराबाद कार्यालय से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ। आधार कार्ड नहीं होने के कारण मुकुंद धीमर बैंक में अपना खाता नहीं खुलवा पा रहे थे। साथ ही राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ पाने के कारण उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने सीएम हेल्पलाइन सीजी 1076 में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण हैदराबाद कार्यालय से संपर्क और समन्वय स्थापित किया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात मुकुंद धीमर को आधार कार्ड उपलब्ध कराया गया। आधार कार्ड प्राप्त होने के बाद अब मुकुंद धीमर बैंक खाता खुलवा सकेंगे, राशन कार्ड में अपना नाम जुड़वा सकेंगे तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। मुकुंद धीमर ने अपनी वर्षों पुरानी समस्या के समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
- 0- दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से हर वर्ष मिल रही 10 हजार रुपये की सहायतारायपुर। कवर्धा जिले के ग्राम चीमरा निवासी श्री घुरउ डहरिया वर्षों से मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्वयं की कृषि भूमि नहीं होने के कारण उनका परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। सीमित आय में परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत श्री घुरउ डहरिया को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। यह राशि उनके परिवार के लिए कठिन समय में एक मजबूत सहारा साबित हुई है। श्री घुरउ डहरिया बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन वाले किसानों को ही मिलता है। लेकिन इस योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह भ्रम दूर हो गया। अब उन्हें विश्वास है कि शासन समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति की चिंता कर रहा है। वे कहते हैं कि हमारे पास अपनी जमीन नहीं है, इसलिए लगता था कि हमें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन हर साल मिलने वाली सहायता राशि से घर के जरूरी खर्च पूरे करने में काफी राहत मिलती है। इससे यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि सरकार हम जैसे भूमिहीन मजदूर परिवारों के साथ खड़ी है।श्री घुरउ डहरिया योजना से प्राप्त राशि का उपयोग परिवार की दैनिक आवश्यकताओं, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। इससे उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उनकी पत्नी श्रीमती शामबाई डहरिया को भी विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा अधिक सुदृढ़ हुई है। श्री घुरउ डहरिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भूमिहीन मजदूर परिवारों के सम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य का आधार है।
- 0- आधुनिक राइस ट्रांसप्लांटर से 16 एकड़ में समय पर रोपाई, लागत घटी और बढ़ी उत्पादन की उम्मीद0- शासन की अनुदान योजना से मिली 4 लाख रुपये की सब्सिडी, आसपास के किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोतरायपुर। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि यंत्रों का बढ़ता उपयोग किसानों के लिए खेती-किसानी को अधिक सरल, किफायती और लाभकारी बना रहा है। इसी दिशा में बस्तर जिले के तेलीमारेंगा गांव के प्रगतिशील किसान महादेव मौर्य ने इस खरीफ सीजन में आधुनिक राइस ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) का उपयोग कर उन्नत खेती की नई मिसाल पेश की है। मशीन आधारित रोपाई से उन्होंने न केवल खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी लाई है, बल्कि श्रमिकों पर निर्भरता घटाते हुए समय की भी बड़ी बचत की है। महादेव मौर्य के पास 8 एकड़ पैतृक कृषि भूमि है। इसके अतिरिक्त उन्होंने 8 एकड़ भूमि लीज पर लेकर इस वर्ष कुल 16 एकड़ में धान की खेती की है। खरीफ सीजन में श्रमिकों की कमी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती है, लेकिन राइस ट्रांसप्लांटर के उपयोग से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई। जहां पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई के लिए दर्जनों मजदूरों और कई दिनों का समय लगता था, वहीं मशीन की सहायता से केवल दो से तीन लोगों की मदद से कम समय में रोपाई का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।महादेव मौर्य बताते हैं कि पारंपरिक तरीके से हाथों से धान की रोपाई कराने पर प्रति एकड़ लगभग 7 से 8 हजार रुपये तक का खर्च आता था, जबकि राइस ट्रांसप्लांटर के उपयोग से यह लागत घटकर 2 से 2.5 हजार रुपये प्रति एकड़ रह गई है। इससे खेती की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आई है और खेती अधिक लाभकारी बन रही है।महादेव मौर्य ने बताया कि राइस ट्रांसप्लांटर मशीन की कुल कीमत लगभग 9 लाख रुपये थी। शासन की अनुदान योजना के तहत उन्हें 4 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे यह आधुनिक कृषि यंत्र उन्हें मात्र 5 लाख रुपये में उपलब्ध हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार की इस सहायता से आधुनिक तकनीक अपनाना किसानों के लिए कहीं अधिक आसान हुआ है।महादेव मौर्य का कहना है कि मशीन से धान की रोपाई करने पर पौधों के बीच समान दूरी बनी रहती है, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है और अधिक उत्पादन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। उनके इस सफल प्रयोग को देखकर आसपास के किसान भी आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति उत्साहित हो रहे हैं और भविष्य में इस तकनीक को अपनाने की इच्छा जता रहे हैं।
- 0- मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण लेकर बनी असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, अब खुद उठा रही पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारीरायपुर। कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति की राह रोक नहीं सकतीं, यदि उसके पास आगे बढ़ने का संकल्प और सही मार्गदर्शन हो। बस्तर जिले की बेटी शीतल बघेल ने अपने संघर्ष, मेहनत और हुनर के बल पर यह साबित कर दिखाया है। पिता स्वर्गीय फूलचंद बघेल के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद शीतल के सामने बेरोजगारी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और भविष्य की अनिश्चितता जैसी चुनौतियां थीं। ऐसे कठिन समय में एक शिक्षक के मार्गदर्शन ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी और उन्हें जिला प्रशासन की पहल जिला परियोजना आजीविका कॉलेज, आड़ावाल तक पहुंचाया।आजीविका कॉलेज में काउंसलिंग के दौरान शीतल की बिजली और तकनीकी कार्यों में रुचि को पहचानते हुए उन्हें असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। औजारों और विद्युत कार्यों की बारीकियों को सीखते हुए उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों और कठिन परिस्थितियों को अपनी सफलता की राह में बाधा नहीं बनने दिया। निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने राज्य स्तरीय कौशल परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद शीतल को जगदलपुर स्थित मगध इलेक्ट्रिकल में असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन के रूप में रोजगार मिला। वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग 9 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग कर रही हैं, बल्कि अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च भी स्वयं वहन कर रही हैं। शीतल ने यह सिद्ध कर दिया है कि अवसर और कौशल मिलने पर बेटियां आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज दोनों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।शीतल कहती हैं कि आजीविका कॉलेज के प्रशिक्षण ने उनके भीतर आत्मविश्वास का नया संचार किया। आज वे आत्मनिर्भर हैं, रोजगार प्राप्त कर चुकी हैं और अपनी शिक्षा भी जारी रखे हुए हैं। वे इस नई पहचान और उज्ज्वल भविष्य के लिए जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
- 0- छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम का पूरा ऋण समय पर चुकाया, बने समाज के लिए प्रेरणारायपुर । छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम की स्वरोजगार योजना ने एक दिव्यांग युवक के जीवन को नई दिशा दी है। दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी श्री चितुराम नाग ने अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। श्री चितुराम नाग ने वर्ष 2017 में अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के 0- लिए छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम से 3.60 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया था। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने रोजगार को मजबूत करने में किया और लगातार मेहनत करते हुए अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आर्थिक कठिनाइयों और शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने पूरे ऋण का समय सीमा के भीतर भुगतान कर दिया। अब उनका ऋण खाता पूरी तरह बंद हो चुका है। यह उपलब्धि उनके आत्मविश्वास, वित्तीय अनुशासन और स्वावलंबन का प्रमाण है। श्री चितुराम नाग की इस सफलता पर छत्तीसगढ़ वित्त एवं विकास निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उनकी कहानी आज उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से और अधिक सक्षम बनाने के लिए निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मूक-बधिर और अन्य दिव्यांग हितग्राहियों को विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे अपनी आजीविका स्वयं चला सकें। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को ऐसा कौशल उपलब्ध कराना है, जिससे वे प्रतिदिन 300 से 500 रुपये तक की नियमित आय अर्जित कर सकें और सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। श्री चितुराम नाग की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर शासकीय योजनाओं का लाभ मिले और व्यक्ति मेहनत के साथ आगे बढ़े, तो आत्मनिर्भरता का सपना जरूर साकार होता है। उनकी उपलब्धि समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण और दिव्यांग सशक्तिकरण की सशक्त कहानी है।
- दुर्ग। सेवा सेतु केंद्र नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में वैशाली नगर निवासी शुभम वर्मा को सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से डिजिटल जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ। शुभम वर्मा ने बताया कि उनके पास पहले से मैनुअल जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध था, लेकिन दस्तावेज के फटने, खराब होने अथवा खो जाने की आशंका को देखते हुए उन्होंने सेवा सेतु के माध्यम से डिजिटल जाति प्रमाण पत्र बनवाया। डिजिटल प्रमाण पत्र कंप्यूटर जनित एवं सक्षम अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणित होने के साथ ही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है।उन्होंने बताया कि सेवा सेतु केंद्र में निर्धारित आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर आवेदन किया गया था। आवेदन के बाद एक माह के भीतर जाति प्रमाण पत्र जारी हो गया। सेवा सेतु केंद्र, जोन-2 भिलाई से उनके पिता ने प्रमाण पत्र प्राप्त किया। शुभम वर्मा सेवा सेतु की इस सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से प्रमाण पत्र प्राप्त होने से समय की बचत हुई है और भविष्य में दस्तावेज के सुरक्षित रखरखाव में सुविधा भी मिलेगी। शुभम वर्मा ने कहा कि सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आम नागरिकों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं तथा शासकीय सेवाएं अधिक सरल और सुलभ बनी हैं। उन्होंने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम बन रही है। मासिक सहायता राशि के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।सक्ती जिले की गनेशी साहू योजना की 29वीं किस्त प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। वे इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य, पोषण एवं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे परिवार पर आर्थिक भार कम हुआ है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।जांजगीर-चांपा की सरिता साहू ने योजना की सहायता राशि से बचत कर सिलाई कार्य प्रारंभ किया। वर्तमान में वे कपड़े सिलकर परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं तथा अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।योजना के माध्यम से महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा एवं छोटे व्यवसायों में निवेश कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में निरंतर सुदृढ़ता आ रही है। अब तक योजना के अंतर्गत 29 किश्तों में 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए जा चुके हैं। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रही है।
- बिलासपुर. कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग बिलासपुर के उप संचालक कृषि श्री पी. डी. हथेश्वर के सेवानिवृत्ति अवसर पर आज हरि अमृत, मोपका, सीपत रोड, बिलासपुर में एक गरिमामय सेवानिवृत्त सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि परिवार, बिलासपुर द्वारा किया गया, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी एवं शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्री हथेश्वर के दीर्घ एवं उत्कृष्ट शासकीय सेवाकाल को सम्मानपूर्वक स्मरण किया तथा उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।समारोह में जिले के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बिलासपुर श्री संदीप अग्रवाल तथा संभागीय संयुक्त संचालक कृषि, बिलासपुर श्री आर. के. राठौर की गरिमामय उपस्थिति रही। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में श्री हथेश्वर के सरल, सौम्य एवं अनुशासित व्यक्तित्व, उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, किसानों के प्रति संवेदनशील कार्यशैली तथा कृषि विकास के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री हथेश्वर ने सदैव टीम भावना के साथ कार्य करते हुए विभाग को नई दिशा प्रदान की तथा अपने सहयोगियों का मार्गदर्शन कर विभागीय कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।इस अवसर पर प्रभारी उप संचालक कृषि, बिलासपुर श्री शशांक शिंदे ने अपने उद्बोधन में कहा कि "श्री पी. डी. हथेश्वर की कार्यशैली, अनुशासन, कार्य के प्रति समर्पण तथा नेतृत्व क्षमता से हमने बहुत कुछ सीखा है। उनका मार्गदर्शन सदैव विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।" उन्होंने कहा कि श्री हथेश्वर ने अपने सेवाकाल में सदैव विभागीय हित, किसानों के कल्याण एवं टीम भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।कार्यक्रम के दौरान श्री पी. डी. हथेश्वर का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके साथ बिताए गए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका विनम्र व्यवहार, सकारात्मक सोच एवं कार्य के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।अपने उद्बोधन में श्री पी. डी. हथेश्वर ने सभी अतिथियों, वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों एवं कर्मचारियों द्वारा दिए गए सम्मान और स्नेह के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग उनके लिए केवल एक कार्यालय नहीं बल्कि एक परिवार रहा है। उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में प्राप्त सहयोग के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों से किसानों के हित में पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आग्रह किया।कार्यक्रम का संचालन गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। अंत में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO), बिल्हा श्री रघुराज गौतम ने उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समारोह के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग एवं सहभागिता से यह सम्मान समारोह अत्यंत सफल एवं अविस्मरणीय बन सका।
- 0- चार एकड़ में सन बीज की खेती से लगभग चार लाख रुपये आय का अनुमान, कृषक उन्नति योजना से भी मिलेगा प्रोत्साहनरायगढ़। जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम केराटीकरा के किसान श्री सुखदेव सिदार ने पारंपरिक धान की खेती के साथ लाभकारी वैकल्पिक फसलों को अपनाकर फसल विविधीकरण की नई मिसाल पेश की है। इस वर्ष उन्होंने धान का रकबा कम करते हुए चार एकड़ में सन बीज की खेती शुरू की है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में किए गए इस नवाचार से उन्हें बेहतर आय की उम्मीद है।करीब 40 से 50 एकड़ में खेती करने वाले श्री सिदार को कृषि विभाग के माध्यम से बीज निगम रायगढ़ से सन का आधार बीज उपलब्ध कराया गया। चार एकड़ में बोई गई इस फसल से लगभग 30 क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। तैयार बीज की खरीदी बीज निगम रायगढ़ द्वारा की जाएगी। 15 हजार रुपये प्रति क्विंटल की संभावित दर के अनुसार उन्हें लगभग चार लाख रुपये की आय होने की संभावना है।श्री सिदार आधुनिक खेती के साथ अपनी पारंपरिक कृषि विरासत को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष तीन से चार एकड़ में क्षेत्र की प्रसिद्ध सुगंधित जवाफूल धान की खेती भी की है। खेती के साथ वे डेयरी व्यवसाय से भी जुड़े हैं। उनके पास चार से पांच अच्छी नस्ल की गाय हैं, जिनसे प्राप्त गोबर से वे जैविक खाद तैयार कर अपनी खेती में उपयोग करते हैं। इससे खेती की लागत कम होने के साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है। इसके अलावा उन्होंने वन विभाग के सहयोग से लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में सागौन का पौधारोपण भी किया है।कृषक उन्नति योजना से मिल रहा फसल विविधीकरण को बढ़ावामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पात्रता के अनुसार श्री सुखदेव सिदार को भी योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।रायगढ़ जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग उन्नत बीज, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध करा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने के साथ खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में मदद मिल रही है।
- 0- 1,441 घरों में स्थापित हुए रूफटॉप सोलर संयंत्र, बिजली बिल में बड़ी राहत0- बिजली उपभोक्ता से ऊर्जादाता बने विनोद कुमार राय, अतिरिक्त बिजली ग्रिड को कर रहे उपलब्धरायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त पहल से संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से जिले के हजारों परिवार बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर न केवल घरेलू बिजली की आवश्यकता पूरी कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर ऊर्जादाता भी बन रहे हैं।योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्युत विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को योजना की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने तथा समयबद्ध ढंग से सोलर संयंत्र स्थापित कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।लक्ष्य से अधिक आवेदन, तेजी से बढ़ रहा सौर ऊर्जा का दायरा24 जुलाई 2026 तक की प्रगति के अनुसार जिले में वर्ष 2025-26 के लिए 2,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। योजना के प्रति लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लक्ष्य के विरुद्ध 3,303 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 3,185 आवेदनों में वेंडरों का चयन किया जा चुका है तथा 1,441 घरों में सफलतापूर्वक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।अंबिकापुर शहरी क्षेत्र में 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,021 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1,985 हितग्राहियों के लिए वेंडर चयनित किए गए तथा 1,136 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं अंबिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में 1,000 के लक्ष्य के मुकाबले 1,282 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 1,200 वेंडरों का चयन किया गया तथा 305 घरों में संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।बिजली उपभोक्ता से ऊर्जादाता बने विनोद कुमार रायअंबिकापुर के राजेंद्र प्रसाद वार्ड, दर्रीपारा निवासी श्री विनोद कुमार राय प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के सफल हितग्राहियों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल कई बार 4 से 5 हजार रुपये तक पहुंच जाता था, जिससे परिवार के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने विद्युत विभाग के मार्गदर्शन में आवेदन कर अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया।1.08 लाख रुपये की सब्सिडी से आसान हुआ सोलर संयंत्र लगानाश्री राय ने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना पर लगभग 2 लाख रुपये की लागत आई। योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलने से सोलर संयंत्र लगाना काफी आसान हो गया।उन्होंने बताया कि सब्सिडी की राशि बैंक ऋण में जमा कर दी गई, जिससे अब लगभग 90 हजार रुपये का ऋण शेष है। इसकी अदायगी 10 वर्षों में मात्र 818 रुपये की मासिक किस्त के माध्यम से की जा रही है, जो पहले आने वाले बिजली बिल की तुलना में काफी कम है।अतिरिक्त बिजली से मिल रहा आर्थिक लाभश्री राय ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद उनके घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। कई बार संयंत्र से उत्पादित बिजली घरेलू खपत से अधिक होने पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिससे उनका बिजली बिल माइनस में भी दर्ज होता है। उन्होंने कहा कि पहले वे बिजली विभाग से बिजली खरीदते थे, जबकि अब वे स्वयं बिजली उत्पादन कर विभाग को भी बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिल रहा है।स्मार्ट मीटर और 'मोर बिजली' ऐप से हो रही ऊर्जा की निगरानीश्री राय ने बताया कि घर में लगाए गए स्मार्ट मीटर और 'मोर बिजली' ऐप की सहायता से प्रतिदिन बिजली की खपत पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। इससे परिवार आवश्यकता के अनुसार विद्युत उपकरणों का उपयोग करता है और अनावश्यक बिजली खपत से बचकर ऊर्जा संरक्षण में भी सहयोग दे रहा है।लोगों से योजना का लाभ लेने की अपीलश्री विनोद कुमार राय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। 50 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी मिलने से अब सोलर संयंत्र स्थापित करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। उन्होंने सभी पात्र परिवारों से इस योजना का लाभ उठाने और अपने घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर बिजली खर्च में बचत के साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
- 0- सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने ली समीक्षा बैठक0- शेष 187 योजनाओं के लिए ग्रामवार समय सीमा निर्धारित करने के निर्देशरायपुर। जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत शेष बचे कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराने के उद्देश्य से आज कलेक्टर सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने की। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत शेष बचे ग्रामों के सभी कार्य 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किए जाएं। इसके लिए ग्रामवार समय सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत रायपुर जिले में कुल 521 योजनाएं स्वीकृत हुई थीं। इनमें से अब तक 334 नल जल योजनाएं पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं।शेष बची 187 योजनाओं को दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण किए जाने हेतु विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। सीईओ श्री विश्वरंजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाते हुए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि हर घर तक नल से जल की सुविधा समय पर पहुंच सके। बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर. जनसंपर्क संचालनालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 श्री गुलजारी लाल तम्बोली की आज सेवानिवृत्ति (अर्द्धवार्षिकी) पर उन्हें भावभीनी विदाई देकर उनके सुखद स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की गई।श्री तम्बोली ने अविभाजित मध्यप्रदेश के समय सन् 1990 में मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (एमपीआरएसटी) में अपनी सेवा की शुरूआत की थी। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद सन् 2008 में जनसंपर्क विभाग में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ होकर 18 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दीं। उनकी सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में जनसंपर्क संचालनालय के अपर सचालक श्री उमेश मिश्रा ने श्री तम्बोली की सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। उन्होंने श्री तम्बोली को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वस्थ, सुदीर्घ और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। अपर संचालक श्री आलोक देव ने उनके साथ कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि श्री तम्बोली की सरलता, मिलनसारिता और दायित्वों के प्रति समर्पण अनुकरणीय है।श्री तम्बोली ने विदाई समारोह में विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त मार्गदर्शन और सहकर्मियों से मिले सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि सभी लोगों के सहयोग से ही वह अपने दायित्वों के निर्वहन में सफल रहे हैं। विदाई समारोह में जनसंपर्क संचालनालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
- 0- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से श्रीमती मोनिका एक्का के घर का बिजली बिल हुआ शून्य0- जगमगा उठा भविष्य, योजना से मिला ऐसा लाभ कि लगवा लिए 3 किलोवाट के दो सोलर पैनलकोरबा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नए युग का सूत्रपात कर रहा है। इसी संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि देश के लाखों परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक बचत और आत्मनिर्भरता से जोड़ने वाला जनआंदोलन बन चुकी है। यह योजना घर-घर सौर ऊर्जा पहुंचाकर बिजली बिल का बोझ कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और हरित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में हितग्राहियों को रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर बिजली के खर्च में बचत कर सकें। योजना के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश में न केवल हरित ऊर्जा का विस्तार हो रहा है, बल्कि नागरिकों के जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण और सतत विकास की नई संभावनाएं भी साकार हो रही हैं।कोरबा शहर के पोड़ीबहार क्षेत्र की निवासी श्रीमती मोनिका एक्का ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर अपने घर में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया है। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सितंबर 2025 में अपने निवास पर सोलर पैनल लगवाया। सोलर संयंत्र शुरू होने के बाद उनके घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया। योजना से हुए प्रत्यक्ष लाभ और बचत को देखते हुए उन्होंने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता का विस्तार करते हुए कुल 3 किलोवाट क्षमता के दो सोलर पैनल स्थापित करा लिए है। इसके परिणामस्वरूप अब उन्हें बिजली की खपत अथवा बिजली बिल के भुगतान से जुड़ी किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।श्रीमती एक्का ने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी प्राप्त हुआ, जिससे संयंत्र स्थापित करने में आर्थिक बोझ महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत हुई, बल्कि उनका परिवार पारंपरिक बिजली पर निर्भर रहने के बजाय स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में अग्रसर हुआ है। अब वे केवल बिजली उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन में भी सहभागी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि सूर्यघर योजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, कार्बन उत्सर्जन में कमी आ रही है तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता का लक्ष्य साकार हो रहा है।श्रीमती एक्का ने जिले के नागरिकों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- बालोद. मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु जिले के इच्छुक हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला परियोजना लाईलवीहुड काॅलेज के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत जिले के इच्छुक हितग्राहियों के लिए फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, सिक्यूरिटी गार्ड, सोलर पैनल इंस्टालर (सूर्य मित्र) एवं मोबाईल फोन हार्डवेयर रिपेयरिंग संकाय के अंतर्गत निःशुल्क प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। उन्होेंने बताया कि इच्छुक हितग्राही जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज पाकुरभाट में कार्यालयीन समय में समस्त शैक्षणिक योग्यता, आधार कार्ड, जाति, निवासी प्रमाण पत्र की छायाप्रति एवं 02 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होकर आवेदन जमा कर सकते हैं।
- बालोद. कृषि उपज मंडी समिति के सचिव ने बताया कि कृषि उपज मंडी समिति बालोद क्षेत्र अंतर्गत गुंडरदेही विकासखंड के विभिन्न 06 स्थानों में सामुदायिक भवन, सी.सी. रोड एवं शेड निर्माण किए जाने हेतु मैन्युअल निविदा 23 मई 2026 को जारी की गई थी। जिसके अंतर्गत 02 निविदाकारों का आवेदन अपात्र किया गया था। जिसमें से 01 निविदाकार के आवेदन में संलग्न अभिलेख नोटरी से सत्यापित नहीं होने के कारण तथा 01 निविदाकार द्वारा वैध बैंक साल्वेंसी प्रस्तुत नही करने के कारण उक्त आवेदनों को अपात्र किया गया है।
- बालोद. भारत सरकार, गृह मंत्रालय, जनगणना कार्य निदेशालय के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्त पुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका के आंकड़ों के संकलन एवं संचन का कार्य जिले में चार्ज स्तर पर 01 अगस्त 2026 से 30 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि इस कार्य के सुचारू संचालन और समन्वय के संबंध में संयुक्त जिला कार्यालय के ऑडिटोरियम कक्ष में 04 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से बैठक आयोजित की गई है। बैठक में संबंधितों को निर्धारित समय पर आवश्यक जानकारियों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
- बालोद. भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा माय भारत संयुक्त तत्वावधान में 02 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ’नशामुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ किया जाएगा। जिसके अंतर्गत जिले के युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश के लगभग 10 हजार स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें 01 करोड़ से अधिक युवाओं की सहभागिता का लक्ष्य है। यह अभियान प्रत्येक रविवार को आगामी 100 सप्ताह तक चलेगा। इसी क्रम में जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले के समस्त विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल अकादमियों, एनएसएस, एनसीसी वालिंयटियर, युवा, कस्बों, नशा मुक्ति केन्द्रों एवं युवा संगठनों में 02 अगस्त 2026 को ’नशामुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के शुभारंभ अवसर पर युवाओं को ’नशामुक्ति संकल्प’ दिलाया जाएगा।
- बालोद. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य सलाहकार श्रीमती अभिलाषा आनंद द्वारा विकासखंड डौंडी की ग्राम पंचायत कामता का भ्रमण कर एसडब्ल्यूएम रूल 2026 के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था, स्त्रोत स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता संबंधी जनजागरुकता गतिविधियों तथा ग्राम में निर्मित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन संरचनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने स्वच्छता दीदियों द्वारा किए जा रहे नियमित कचरा संग्रहण एवं ग्रामवासियों के सहयोग से संचालित स्वच्छता गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। राज्य सलाहकार ने ग्राम पंचायत में ग्रे. वॉटर प्रबंधन के लिए निर्मित मैजिक पिट, सोख्ता गड्ढों एवं अन्य जल निकासी संरचनाओं का निरीक्षण करते हुए इनके प्रभाव का मूल्यांकन किया। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रयासों से अपशिष्ट जल का बेहतर प्रबंधन होने के साथ-साथ भूजल पुनर्भरण, जलभराव में कमी तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।निरीक्षण के दौरान ग्राम में संचालित बायोगैस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं सुरक्षित प्रबंधन की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। साथ ही ग्रामवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। श्रीमती अभिलाषा आनंद द्वारा ग्राम औराटोला एवं पथराटोला का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि एसडब्ल्यूएम रूल-2026 का उद्देश्य केवल कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन करना ही नहीं, बल्कि स्वच्छ स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रामों का निर्माण करना है। इसके लिए ग्रामीणों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायत कामता में किए जा रहे नवाचारों एवं स्वच्छता के प्रति ग्रामीणों की जागरूकता की सराहना करते हुए इसे अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।
- 0- तेज हवा और बारिश से खराब हुआ था सोलर सिस्टम, क्रेडा की टीम ने तुरंत पहुंचकर किया दुरुस्त0- ग्रामीण छत्तर सिंह कुमेटी ने हेल्पलाइन की त्वरित सेवा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभारबालोद. छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकताओं में शामिल सीएम हेल्पलाइन 1076, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल में स्थित ग्राम देवपाण्डुम में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से पेयजल की गंभीर समस्या का समाधान महज 48 घंटे के भीतर कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि 25 परिवारों वाले इस छोटे से वनांचल गांव में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित जल प्रदाय योजना स्थापित है, जिससे हर घर नल से जल की आपूर्ति की जाती है। लेकिन हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण गांव का सोलर सिस्टम खराब हो गया था, जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया।ग्राम देव पाण्डुम के निवासी श्री छत्तर सिंह कुमेटी ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर सीएम हेल्पलाइन 1076 के बारे में देखा था। जब गांव में पेयजल की समस्या आई, तो उन्होंने बिना देर किए 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों में क्रेडा विभाग के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। इसके बाद लगातार बारिश के बावजूद अगले ही दिन तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम देवपाण्डुम पहुंची। टीम ने सोलर सिस्टम की खामियों को पहचानकर उसे दुरुस्त किया और पेयजल सप्लाई को पहले की तरह सुचारू रूप से शुरू कर दिया। समस्या का समाधान होने पर श्री छत्तर सिंह और पूरे गांव ने खुशी व्यक्त की है। छत्तर सिंह ने कहा, हमें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी और वनांचल क्षेत्र में हमारी बात सुनी जाएगी। शिकायत दर्ज कराने के महज 48 घंटे के भीतर हमारे गांव में पानी की सप्लाई फिर से शुरू हो गई। ग्राम देवपाण्डुम के निवासियों ने जल जीवन मिशन के तहत निर्बाध जल आपूर्ति और सीएम हेल्पलाइन 1076 के त्वरित एवं प्रभावी संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- 0- गुरूर विकासखण्ड के स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की0- उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित करने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज विकासखण्ड मुख्यालय गुरूर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए गुरूर विकासखण्ड के विभिन्न प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर प्रगति एवं उत्कृष्ट कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खण्ड चिकित्सा अधिकारी को बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को 15 अगस्त को जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जेएल उइके, जिला अस्पताल बालोद के मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आरके श्रीमाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड में टीबी मुक्त अभियान के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को गुरूर विकासखण्ड को टीबी मुक्त बनाने के पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने संदेहस्पाद व्यक्तियों का सैम्पल कलेक्शन आदि कार्यों की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में अधिकारी-कर्मचारियों के कुल स्वीकृत पद के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उन्होंने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रवार संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य केन्द्रों में जून 2026 की स्थिति में अब तक कराए गए कुल प्रसव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती माताओं को अन्य अस्पतालोें में रेफर किए जाने पर उसका कारण भी पूछा। उन्होंने बिना वाजिब कारणों से अन्य अस्पतालोें में बिल्कुल भी रेफर नही करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने उपस्वास्थ्य केन्द्र बड़भूम, सोंहपुर, खुदनी आदि स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की बेहतर स्थिति पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इन स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने उपस्वास्थ्य केन्द्र बड़भूम में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के रूप में एक मात्र अधिकारी पदस्थ होने पर उनके सहयोगी स्टाफ की पदस्थापना करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव में अपेक्षित प्रगति नही लाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड में 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर सेे बचाव हेतु टीकाकरण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी बालिकाओं को शत प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के बचाव हेतु टीका लगाने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होेंने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को गुरूर विकासखण्ड के सभी प्राचार्यों को पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अलावा आम नागरिकों का मानसिक स्वास्थ्य, मुँह एवं ब्रेस्ट कैंसर की जांच के अलावा उच्च रक्तचाप, डायबिटिज आदि बीमारियों की जांच के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को इसका नियमित रूप से जांच करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने वर्षा ऋतु के मद्देनजर मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को समझाईश देते हुए कहा कि आप लोगों का कार्य आम जनता के जीवन से सीधे जुड़े होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आदर्श पेशा है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे समय मुस्तैद रहकर अपने जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासन के मंशानुरूप जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाना मेरे भी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए उन्होंने नियमित रूप से सभी विकासखण्डों में जाकर स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करने की बात कही। जिससे कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मैं हर समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग करने के लिए खड़ी हूँं। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर गुरूर विकासखण्ड के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी को पौधे भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया गया।



























