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- -ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 तक-नीट यूजी (NEET UG) के जरिए मिलेगा प्रवेश, श्रम विभाग ने पात्र छात्रों से की आवेदन की अपीलरायपुर । छत्तीसगढ़ के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा (MBBS/ BDS) के क्षेत्र में करियर बनाने का एक बड़ा और सुनहरा अवसर सामने आया है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देशभर के अपने 20 प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए 700 सीटें आरक्षित की हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई थी , जिसे बढ़ाकर 21 जून 2026 तक निर्धारित की गई है।श्रमायुक्त कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन आरक्षित सीटों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन नीट यूजी (NEET) परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 निर्धारित की गई है। जो भी विद्यार्थी इस पात्रता के दायरे में आते हैं, वे बिना देरी किए कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइट ESIC Official Website पर जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष आरक्षण नीति का मुख्य उद्देश्य संगठित क्षेत्र के श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर देना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर या सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी बिना किसी वित्तीय बाधा के डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर सकेंगे। कुल आरक्षित सीटें 700 (देशभर के 20 ESIC मेडिकल कॉलेजों में), चयन का आधार नीट यूजी (NEET UG) मेरिट के आधार पर, आवेदन की अंतिम तिथि 21 जून 2026 है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम की आधिकारिक वेबसाइटesic.nic.in का अवलोकन किया जा सकता है। किसी भी प्रकार की शंका या विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थी और अभिभावक टोल फ्री नंबर 1800-11-2526 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी ESIC शाखा या राज्य स्तरीय क्षेत्रीय कार्यालय से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है। श्रमायुक्त कार्यालय ने प्रदेश के सभी श्रमिक साथियों से विशेष अपील की है कि वे समय रहते इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी अपने योग्य व इच्छुक बच्चों तक पहुंचाएं और अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक आवेदन करवाकर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। इस अवसर पर वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।
- - गंगालूर जैसे रिमोट एरिया में कुपोषण मुक्त अभियान की बड़ी सफलता-महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य अमले और आंगनबाड़ी टीम के समन्वित प्रयासों से कुपोषण को मात देकर सामान्य श्रेणी में लौटा ढाई वर्षीय अरुणरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़” के संकल्प को बीजापुर जिले में लगातार जमीन पर उतारा जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से अब दूरस्थ अंचलों में भी बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी का प्रेरणादायी उदाहरण है बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र कोटिया पारा का ढाई वर्षीय बालक अरुण हेमला, जिसने सतत देखभाल, सही पोषण और सामुदायिक सहयोग से कुपोषण को मात देकर सामान्य श्रेणी में वापसी की है।यह कहानी केवल एक बच्चे के स्वस्थ होने की नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं, विभागीय प्रतिबद्धता और सामुदायिक सहभागिता की जीवंत मिसाल है। अरुण हेमला, पिता मंगू हेमला एवं माता शर्मीला हेमला का जन्म 21 दिसंबर 2023 को हुआ था। जन्म के समय उसका वजन 2.500 किलोग्राम था। बार-बार बीमार पड़ने तथा घर में पर्याप्त भोजन नहीं कर पाने के कारण उसका वजन लगातार कम बना रहा। अप्रैल 2025 में स्थिति गंभीर होने पर उसे पोषण पुनर्वास केंद्र बीजापुर में भर्ती कराया गया, जहां भर्ती के समय उसका वजन मात्र 8.600 किलोग्राम था, जो उसकी उम्र के अनुसार अत्यंत कम माना गया।पोषण पुनर्वास केंद्र से डिस्चार्ज होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने अरुण के स्वास्थ्य सुधार को मिशन की तरह लिया। पर्यवेक्षक श्रीमती उषा वर्मा के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती मुमीता सोरी, सहायिका श्रीमती सोनिया माज्जी, मितानिन श्रीमती देवली वाचम एवं ए.एन.एम. श्रीमती शोभा किरण मिंज ने लगातार समन्वित प्रयास किए। टीम ने घर-घर जाकर न केवल बच्चे की निगरानी की, बल्कि परिवार को पोषण, स्वच्छता और संतुलित आहार के प्रति जागरूक भी किया।निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि अरुण घर पर अकेले भोजन नहीं करता था, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र में अन्य बच्चों के साथ बैठकर पूरा भोजन कर लेता था। इसके बाद माता-पिता को नियमित रूप से बच्चे को आंगनबाड़ी केंद्र भेजने के लिए प्रेरित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा हर सप्ताह बच्चे का वजन लिया गया तथा परिवार को भोजन की थाली में अनाज, दाल, सब्जी और फल जैसे चार रंगों को शामिल करने की जानकारी दी गई। केंद्र में प्रतिदिन गर्म पका भोजन एवं रेडी-टू-ईट पोषण आहार उपलब्ध कराया गया। साथ ही मितानिन द्वारा दस्त एवं निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए गए।लगातार 13 महीनों तक चले इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया और मई 2026 में अरुण का वजन बढ़कर 10.600 किलोग्राम पहुंच गया। अब वह अपनी उम्र के अनुसार सामान्य श्रेणी में शामिल हो चुका है। उसके चेहरे पर लौटी मुस्कान और आंखों की चमक इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर सही देखभाल से कुपोषण जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।अरुण की मां शर्मीला हेमला बताती हैं कि पहले उन्हें अपने बेटे की हालत देखकर हमेशा डर लगा रहता था, लेकिन आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार घर पहुंचकर समझाइश दी और बच्चे की देखभाल में सहयोग किया। अब अरुण स्वयं भोजन मांगकर खाता है और पहले से कहीं अधिक सक्रिय एवं स्वस्थ है। पर्यवेक्षक श्रीमती उषा वर्मा ने कहा कि अरुण की सफलता यह साबित करती है कि यदि आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य विभाग और मितानिन मिलकर कार्य करें तथा परिवार का सहयोग मिले, तो हर बच्चे को कुपोषण से बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित पोषण अभियान और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिले में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।बीजापुर जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की यह सफलता दर्शाती है कि शासन की योजनाएं जब संवेदनशीलता और समर्पण के साथ धरातल पर लागू होती हैं, तब दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है। अरुण हेमला की कहानी आज अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा बन रही है कि सतत निगरानी, संतुलित पोषण और सामुदायिक सहभागिता से स्वस्थ बचपन का सपना साकार किया जा सकता है।
- -दूरस्थ वनांचल में पहुंची विकास की रोशनी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर सुधरा सोलर पम्प, ग्रामीणों के चेहरों पर लौटी मुस्कानरायपुर। शासन की संवेदनशील पहल और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सूरजपुर जिले के अत्यंत दूरस्थ वनांचल ग्राम बेलामी, पंचायत घुईडीह, विकासखंड ओड़गी में देखने को मिला, जहां लंबे समय से प्रभावित सोलर पम्प का सुधार कार्य मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश पर त्वरित रूप से पूरा कराया गया।वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए पेयजल और दैनिक उपयोग के पानी की समस्या किसी चुनौती से कम नहीं थी। ऐसे में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल क्रेडा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर सोलर पम्प का सुधार कार्य पूर्ण किया, जिससे गांव में फिर से पानी की सुविधा सुचारु हो गई।सोलर पम्प के चालू होते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। गांव के लोगों ने इसे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि संवेदनशील जनप्रतिनिधित्व और ग्रामीण हितों के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया। क्रेडा विभाग के जिला प्रभारी श्री सुजीत श्रीवास्तव की उपस्थिति में सुधार कार्य सम्पन्न हुआ। इस दौरान श्री विजय प्रजापति सहित अन्य मोहल्लेवासियों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए उनका लगातार सक्रिय रहना ग्रामीणों में विश्वास और नई उम्मीद जगा रहा है।
- अम्बिकापुर। आबकारी आयुक्त श्री पी.एस. एल्मा एवं कलेक्टर श्री अजित वसंत के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी श्री एल.के. गायकवाड के मार्गदर्शन में अवैध मदिरा निर्माण एवं विक्रय के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती शीला बड़ा तथा आबकारी उप निरीक्षक श्री अनिल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में 27 मई 2026 को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। आबकारी वृत्त अम्बिकापुर अंतर्गत ठनगन पारा, अम्बिकापुर निवासी श्रीमती पार्वती देवी, पति स्वर्गीय छन्नुराम, उम्र 50 वर्ष, जाति चेरवा के कब्जे से कुल 31 लीटर महुआ शराब एवं लगभग 500 किलो महुआ लाहान जप्त किया गया। प्रकरण में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(ख)(च), 34(2) एवं 59(क) के तहत गैर जमानती अपराध पाए जाने पर आरोपी के विरुद्ध प्रकरण कायम कर गिरफ्तार किया गया तथा न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। उक्त कार्रवाई में आबकारी मुख्य आरक्षक अयोध्या प्रसाद, गंभीर साय, चन्द्रिका प्रसाद पटेल, आरक्षक सौरभ जायसवाल एवं महिला नगर सैनिक गीता सिंह का विशेष योगदान रहा।
- -धान की फर्जी खरीदी मामले में समिति प्रबंधक व ऑपरेटर पर एफआईआर की तैयारी-कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों में जांच तेजकवर्धा । कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था की सघन जांच लगातार जारी है। इसी क्रम में खाद्य विभाग द्वारा धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 1200 क्विंटल धान, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपए है, का कागजों में अवैध खरीदी किया जाना पाया गया है। मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि शासन की खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान समिति प्रबंधक ललित सेंगर एवं ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर की उपस्थिति में धान के बोरे का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान एक बोरे का वजन मात्र 24.800 किलोग्राम पाया गया, जबकि निर्धारित मानक के अनुसार वजन अधिक होना चाहिए था। इससे धान खरीदी, तौल एवं भंडारण प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।जांच टीम द्वारा रिकॉर्ड एवं भौतिक भंडारण का मिलान करने पर दस्तावेजों और वास्तविक उपलब्धता में अंतर पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन तैयार किया है। मामले में समिति प्रबंधक ललित सेंगर तथा ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। जांच दल में खाद्य अधिकारी चन्द्रशेखर देवांगन, सहायक खाद्य अधिकारी दलेश्वर साहू, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी, अनामिका ठाकुर, निधि वर्मा, सहकारिता निरीक्षक प्रवेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन द्वारा जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी जांच अभियान जारी रखने की बात कही गई है।
- 0- तिल्दा एसडीएम ने ग्रामीणों को सौंपे अधिकार अभिलेख, कलेक्टर के निर्देश पर हो रहा वितरणरायपुर। तिल्दा विकासखंड के ग्राम केवराडीह, ग्राम पंचायत मांठ, ग्राम पंचायत सिर्री तहसील खरोरा में स्वामित्व योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को संपत्ति का पट्टा वितरित किया गया। तिल्दा एसडीएम श्री आशुतोष देवांगन ने ग्रामीणों को अधिकार अभिलेख प्रदान किए। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को चरणबद्ध तरीके से पट्टा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना से ग्रामीणों को उनकी आवासीय भूमि का मालिकाना हक मिल रहा है।प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में घरों के मालिकों को 'अधिकार अभिलेख' प्रदान करना है। इसके तहत ड्रोन तकनीक से गांव की आबादी भूमि का सर्वे कर संपत्ति कार्ड तैयार किए जाते हैं। इस योजना से ग्रामीणों को संपत्ति पर कानूनी अधिकार मिलता है, जिससे वे बैंक से ऋण ले सकते हैं और संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आती है। यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर तहसीलदार श्री शेखर मडई सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- 0- ब्राम्ही की जैविक खेती से आत्मनिर्भर बनी श्रीमती गीता वर्मा0- रासायनिक खाद को त्यागकर किया वर्मी खाद का उपयोगरायपुर. प्रोजेक्ट औषधि के तहत ब्राम्ही औषधि की खेती कर श्रीमती गीता वर्मा ने आत्मनिर्भरता एवं महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत की है। खास बात यह है कि उन्होंने इस खेती में रासायनिक खाद का उपयोग न कर वर्मी खाद के जरिए औषधि का उत्पादन किया है। श्रीमती वर्मा आरंग विकासखण्ड के ग्राम चटौद के वैभव महिला स्व-सहायता समूह की एक सक्रीय सदस्य हैं। उनके द्वारा जुलाई माह में ब्राम्ही खेती का कार्य प्रारंभ किया गया, जिसकी जुताई, बुवाई एवं कटाई में उन्हें लगभग 20 हजार रुपए की लागत आई, जबकि प्रथम कटाई में ही उन्हें 25 हजार रुपए की आय प्राप्त हुई। श्रीमती वर्मा की यह पहल क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। वे कम लागत एवं जैविक पद्धति से औषधीय ब्राम्ही की खेती कर बेहतर लाभ प्राप्त कर रही हैं।उल्लेखनीय है कि जिले में प्रोजेक्ट औषधि के अंतर्गत औषधीय पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत जिले में कुल 153.86 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है, जिसमें से वर्तमान में 42.21 एकड़ क्षेत्र में औषधीय पौधरोपण पूर्ण किया जा चुका है। यह कार्य स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से बच एवं ब्राम्ही जैसे औषधीय पौधों का रोपण किया गया है।
- रायपुर. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, किसान श्री तिरिथ तारक के जीवन में बदलाव का कारण बनी है। योजना के तहत बने आजीविका डबरी से अब श्री तारक अपने खेत में वर्षा जल संरक्षण और मछली पालन कर सकेंगे।श्री तारक विकासखंड अभनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जवईबांधा के एक किसान हैं एवं उनके पास लगभग 1 एकड़ खेत है। गांव में बोर की सुविधा न होने पर वे साल में केवल एक ही फसल की खेती कर पाते थे। हर वर्ष बारिश का पानी खेतों से बहकर निकल जाता था, जिसे रोकने की उनकी इच्छा तो थी, लेकिन पानी रोकने के लिए उनके पास कोई उपाय नहीं था। इसी दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच एवं रोजगार सहायक ने उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत आजीविका डबरी निर्माण योजना की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि डबरी निर्माण से भू-जल स्तर बढ़ेगा, खेतों में नमी बनी रहेगी तथा बारिश के बाद सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी। साथ ही मछली पालन एवं सिंघाड़ा खेती से अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकेगी।जनवरी 2026 को कार्य का ले-आउट प्रदान किया गया। 22 मीटर लंबाई एवं 18 मीटर चौड़ाई की डबरी निर्माण हेतु मस्टर रोल जारी कर 27 श्रमिकों के साथ कार्य प्रारंभ किया गया। यह कार्य मार्च 2026 को पूर्ण हो गया।अब वर्षा ऋतु में बारिश का पानी डबरी में एकत्रित होगा, जिससे श्री तारक मछली पालन के साथ-साथ रवि फसल की सिंचाई भी कर सकेंगे। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी तथा आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी।
- 0- शैलेन्द्री धीवर कर रहीं हर महीने 25 से 30 हजार की आय अर्जितरायपुर. कुछ करने का जज़्बा हो और शासन की योजना का साथ मिल जाए तो कोई मुश्किल नहीं रोक सकती। इसी कथन का सच कर दिखाया है श्रीमती शैलेन्द्री धीवन ने। श्रीमती धीवर बिहान योजना के स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है।श्रीमती धीवर ने सीमित संसाधनों के साथ सिलाई का कार्य शुरू किया। प्रारंभ में उन्हें छोटे ऑर्डर मिलते थे लेकिन धीरे-धीरे लोग उनके काम को पसंद करने लगे। इसके पश्चात् उन्होंने गन्ना जूस का व्यवसाय प्रारंभ किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई। अपनी बढ़ती आय को देखते हुए उन्होंने कपड़ों का एक छोटा व्यवसाय शुरू किया। शुरूआत मे कभी ग्राहकों की कमी तो कभी पूजीं की दिक्कत जैसी समस्याएं उनके सामने आई, लेकित मेहनत और अच्छी सेवा से उनकी दुकान चल पड़ी और आज उन्होंने सफल व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। आज शैलेन्द्री हर महीने 25 से 30 हजार की आय अर्जित कर रही हैं, और अन्य महिलाओं के लिए प्ररणास्त्रोत भी बनी हैं।
- 0- पं. शुक्ला को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानितरायपुर। विकासखंड तिल्दा निवासी पण्डित श्री राम कृष्ण शुक्ला जी द्वारा संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों को ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया गया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेडक्रॉस सभा कक्ष में पण्डित श्री राम कृष्ण शुक्ला को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।उनके पूर्वजों द्वारा संरक्षित एवं सुरक्षित रखी गई लगभग 80 वर्ष पुरानी हस्तलिखित भागवत कथा तथा भजन गीतों की दुर्लभ पांडुलिपिया प्राप्त हुई। दोनों पांडुलिपियां ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि प्राचीन पांडुलिपियों का संरक्षण हमारी समृद्ध विरासत को बचाने जैसा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम मिशन के अंतर्गत जिले में सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- स्वयं के व्यवसाय से सालाना अर्जित कर रहीं 1 लाख 80 हजार रूपए तक की आयरायपुर. बिहान योजना की सहायता से व्यवसाय शुरू कर आज श्रीमती इन्द्राणी मेश्राम सालाना 1 लाख 80 हजार तक की आय अर्जित कर रही हैं जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनीं हैं बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई हैं। श्रीमती मेश्राम पूर्व में गृहणी थीं एवं घर के काम-काज में अपना समय बिताती थीं। एक दिन बिहान की सीआरपी दीदीयां सर्वे करते हुए उनके घर आईं और समूह से जुड़ने के लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले भी वे समूह से जुड़ी थीं लेकिन बिहान के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। इसके पश्चात् वे बिहान से जुड़ी जिसमें 10 सदस्य थे।बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें पता चला कि वे सीआईएफ लेकर अपनी आजीविका का कार्य शुरू कर सकती हैं इसके बाद उन्होंने एमसीपी राशि 60 हजार रूपए प्राप्त कर फैंसी स्टोर्स की शुरूआत की, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई। साथ ही उन्होंने बैंक से 1 लाख रूपए ऋण लेकर किराना स्टोर्स, आटा चक्की एवं रोल सेंटर की स्थापना की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से काफी सुदृढ़ हो गई। इस कार्य से वे आत्मनिर्भर बनी हैं व अपने पति के कार्यों में सहयोग भी कर रही हैं।श्रीमती मेश्राम ने कहा कि अब मैं लखपति दीदी बन गई हूँ और मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब मैं आपने परिवार व समाज में सम्मानपूर्वक रहती हूँ, जिसके लिए मैं बिहान योजना का हृदय से धन्यवाद करती हूँ।
- फाइल फोटो0- शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज बैरन बाजार में होगा आयोजन, 6 कंपनियां देंगी नौकरीरायपुर। विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा अस्थिबाधित दिव्यांगजनों के लिए 5 जून 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार, रायपुर में होगा। उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि यंग इंडिया के तत्वावधान में होने वाले इस रोजगार मेले में 6 कंपनियां शामिल होंगी। क्रेडालिस केपिटल प्रा. लिमिटेड, आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जी.पी.एस., रामा उद्योग प्रा. लिमिटेड, बारबर्रिक ट्रान्सफार्मर्स, अविनाश डेव्लपर्स प्रा. लिमिटेड एवं स्काई ऑटोमोबाईल मारुति नेक्सा, रायपुर द्वारा योग्यता के अनुसार अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को रोजगार दिया जाएगा।चयनित युवाओं को योग्यता और पद के अनुसार 11,000 रुपये से 30,000 रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा। सभी का कार्यक्षेत्र जिला रायपुर रहेगा।छत्तीसगढ़ के ऐसे अस्थिबाधित दिव्यांगजन जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है और जो बिना व्हीलचेयर के चलने फिरने में सक्षम हैं, वे इस मेले में शामिल हो सकते हैं।आवेदकों को 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बी.ई., आई.टी.आई., डीसीए, पीजीडीसीए आदि की अंकसूची, तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति और एक फोटोकॉपी तथा 2 पासपोर्ट साइज फोटो लेकर आना होगा।आवेदकों को आने जाने का कोई खर्च नहीं दिया जाएगा। खाने पीने और ठहरने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में फोन नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।
- 0- आरंग एसडीएम ने ग्रामीणों को सौंपे अधिकार अभिलेख, कलेक्टर के निर्देश पर हो रहा वितरण0- ग्राम कोसरंगी में बीते दिनों मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सौंपा था पट्टारायपुर. रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और अधिकार का माध्यम बन रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार ग्राम खमतराई, करमा, दरबा, छतौना एवं कोसरंगी में स्वामित्व योजना के तहत कुल 805 हितग्राहियों को आबादी पट्टा वितरित किया गया। ग्राम खमतराई में 147, करमा में 50, दरबा में 130, छतौना में 178 तथा कोसरंगी में 300 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किए गए। एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने ग्रामीणों को पट्टा सौंपा।उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान स्वयं ग्रामीणों को पट्टे वितरित कर उन्हें वैधानिक अधिकार प्रदान किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते अब बड़ी संख्या में ग्रामीणों को उनकी जमीन का आधिकारिक दस्तावेज मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण है और लोगों को भविष्य की सुरक्षा का भरोसा मिला है।प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में घरों के मालिकों को 'अधिकार अभिलेख' प्रदान करना है। इसके तहत ड्रोन तकनीक से गांव की आबादी भूमि का सर्वे कर संपत्ति कार्ड तैयार किए जाते हैं। इस योजना से ग्रामीणों को संपत्ति पर कानूनी अधिकार मिलता है, जिससे वे बैंक से ऋण ले सकते हैं और संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आती है। यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे, श्री विनोद साहू, नयाब तहसीलदार सुश्री नीलम ठाकुर सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे ।
- 0- मुख्यमंत्री श्री साय की घोषणा का हुआ पालनरायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा।जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी।राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
- 0- एनएच-49 पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक एम्बुलेंसबिलासपुर. राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर द्वारा अत्याधुनिक आपातकालीन चिकित्सा एम्बुलेंस सेवाओं का शुभारंभ किया गया है। इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग- 49 पर बिलासपुर से रायगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों की आपातकालीन सहायता के लिए पाराघाट टोल प्लाजा और केसला टोल प्लाजा पर तैनात किया गया है।परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक श्री मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले प्रत्येक यात्री की जान और उनकी सुरक्षा एनएचएआई की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा मुख्य उद्देश्य राजमार्गों पर किसी भी आपात स्थिति में राहगीरों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अगली बार जब आप राजमार्गों पर किसी लंबे सफर पर निकलें, तो अपनी गाड़ी की तकनीकी जांच करने के साथ-साथ अपने मोबाइल की स्पीड डायल लिस्ट में 1033 नंबर को जरूर सेव कर लें। क्योंकि जब हाइवे पर मुश्किलें रास्ता रोकती हैं, तो यही चार अंक संजीवनी बनकर आपकी मदद करते हैं।राष्ट्रीय राजमार्गों में सफ़र का साथी डायल 1033टोल-फ्री डायल 1033 हाइवे पर 24x7 आपका सबसे भरोसेमंद साथी है। हाईवे पर अगर गाड़ी का टायर पंचर हो जाए या इंजन फेल हो जाए। अगर हाइवे पर कोई पेड़ गिर गया हो, मवेशी आ गए हों या कोई भारी मलबा पड़ा हो। यात्रा के दौरान अगर अचानक किसी सह-यात्री की तबीयत बिगड़ जाए। टोल प्लाजा या फास्टैग संबंधी कोई समस्या हो या हाइवे पर असुरक्षा महसूस हो रही हो, तो 1033 डायल करें।कैसे काम करता है डायल 1033जैसे ही कोई राहगीर 1033 नंबर पर फोन करता है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का कॉल सेंटर तुरंत हरकत में आ जाता है। फोन करने वाले व्यक्ति से हादसे की सही जगह (लोकेशन) पूछी जाती है और कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस या पेट्रोलिंग गाड़ी मदद के लिए मौके पर पहुँच जाती है। इसके जरिए राहगीर को तुरंत हर जरूरी मदद दी जाती है। अगर कोई घायल हो, तो उसे बिना देर किए पास के अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया जाता है। वहीं, अगर कोई दूसरी समस्या हो, तो क्रेन या पेट्रोलिंग गाड़ियों की मदद से उसे तुरंत दूर किया जाता है।
- 0- पीएम जनमन सड़क की ड्रिलिंग कर जांच, आश्रम की बदहाली पर भड़के प्रमुख सचिव0- बैगा परिवारों से सीधे संवाद कर लिया योजनाओं का फीडबैक, 30 मई तक सर्वे पूर्ण करने के निर्देश0- “पीवीटीजी परिवारों तक हर योजना पहुंचे”- कोटा दौरे में प्रमुख सचिव वोरा ने दिए सख्त निर्देशबिलासपुर. आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि वोरा ने बुधवार को कोटा विकासखंड के बैगा बहुल ग्राम शिवतराई और नेवसा का दौरा कर केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जनजातीय गौरव उत्सव, पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, पीवीटीजी डिजिटल सर्वे तथा सुशासन तिहार के क्रियान्वयन की मैदानी समीक्षा की।प्रमुख सचिव ने अचानकमार क्षेत्र के नेवसा के दूरस्थ बैगापारा तक पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शिवतराई में स्वयं सर्वे सेतु ऐप के माध्यम से तिहारू बैगा के परिवार का डिजिटल सर्वे कर जानकारी दर्ज की। उन्होंने परिवार की आजीविका, आवास, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की पहुंच के संबंध में विस्तार से चर्चा की।नेवसा गांव में पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित सड़क की गुणवत्ता जांच के लिए प्रमुख सचिव ने तकनीकी टीम के साथ सड़क की ड्रिलिंग कराई। सड़क की मोटाई और निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए।शिवतराई-अचानकमार मुख्य मार्ग से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर दूर बैगा पारा तक बनी इस सड़क से आदिवासी ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में अब उन्हें पहले जैसी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। दौरे के दौरान मोबाइल मेडिकल यूनिट भी गांव पहुंची थी। प्रमुख सचिव ने बैगा समुदाय के लोगों से वाहन की उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने इसे काफी लाभकारी बताया। इस पर उन्होंने मेडिकल यूनिट को नियमित रूप से गांवों में भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपचार कराने पहुंचे मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली।आश्रम की बदहाल व्यवस्था पर जताई नाराजगीप्रमुख सचिव श्री वोरा ने नेवसा स्थित आदिवासी बालक आश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आश्रम परिसर, शौचालय और रखरखाव की स्थिति बेहद खराब मिली, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सहायक आयुक्त को हॉस्टल वार्डन रवि पाठक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में सभी आश्रम एवं छात्रावासों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और आवश्यक मरम्मत कार्य समय रहते पूर्ण कर लिए जाएं ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।जनपद पंचायत में समीक्षा बैठक, 30 मई तक सर्वे पूरा करने के निर्देशप्रमुख सचिव सोनमणि वोरा ने जनपद पंचायत कोटा सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीवीटीजी डिजिटल सर्वे की प्रगति की जानकारी लेते हुए 30 मई तक शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष सर्वे कार्य पंचायत सचिव एवं अधीक्षकों द्वारा तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री पीवीटीजी समुदायों के विकास को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं। पीएम जनमन, धरती आबा और अन्य योजनाओं के माध्यम से विशेष जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रमुख सचिव ने पीवीटीजी परिवारों के लिए कौशल विकास एवं स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। बैठक में सहायक आयुक्त संजय चंदेल, एसडीएम प्रवेश पैकरा, जनपद सीईओ युवराज सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर. वनवासी कल्याण कुंज आश्रम के ग्रीष्मकालीन शिक्षण वर्ग शिविर में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आई छात्राओं के जीवन में एक नई रोशनी का संचार हुआ। भारत स्काउट एंड गाइड की जिला संगठन आयुक्त (गाइड) डॉ. पूनम सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से छात्राओं को जागरूकता और आत्मविश्वास के पंख दिए।शिविर में डॉ. पूनम सिंह ने ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन’ जैसे संवेदनशील किंतु अति-आवश्यक विषय पर वर्जनाओं की दीवारें तोड़ते हुए खुलकर संवाद किया। उन्होंने न केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता के वैज्ञानिक पक्ष को सरलता से समझाया, बल्कि छात्राओं को इस प्राकृतिक प्रक्रिया के प्रति गर्व और सहजता का भाव भी जगाया। साथ ही स्काउटिंग गतिविधियों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड का प्रशिक्षण अनुशासन, सेवाभाव और नेतृत्व का जीवंत पाठशाला है।रेंजर लीडर निशा साहू एवं गाइड कैप्टन कौशल्या साहू ने छात्राओं को राज्यपाल अवार्ड, राष्ट्रपति अवार्ड, क्लैपिंग, आपदा प्रबंधन तथा एडवेंचर हाईक जैसी रोमांचक व गौरवपूर्ण गतिविधियों से परिचित कराया। इन गतिविधियों के माध्यम से जीवन कौशल, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना का संचार कैसे होता है, इसे उन्होंने जीवंत उदाहरणों से स्पष्ट किया। छात्राओं ने जिज्ञासा भरे अनेक प्रश्न पूछे और सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।वहां उपस्थित सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कहा कि हम इन स्काउटिंग गतिविधियों से अवश्य जुड़ेंगे और राष्ट्रहित हेतु सेवा कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।इस प्रेरणादायी सत्र के लिए जिला संगठन आयुक्त डॉ. पूनम सिंह को श्रीमती आरती दांडेकर द्वारा सादर आमंत्रित किया गया था। डॉ. सिंह ने उपस्थित समस्त छात्राओं को सैनिटरी पैड का वितरण कर उसके सुरक्षित प्रयोग, निर्धारित समय पर बदलाव एवं निस्तारण की वैज्ञानिक विधि विस्तार से समझाई। सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध करवाने में आर्यन एवं महेंद्र सूर्यवंशी का प्रमुख सहयोग रहा।अपने संबोधन में डॉ. पूनम सिंह ने एक मार्मिक आह्वान किया, “ज्ञान दीपक के समान है: इसे अपने तक सीमित न रखें। जो अमूल्य जानकारी आज आपने अर्जित की है, उसकी मशाल अपने घर, परिवार, सखियों और विद्यालय की अनुजाओं तक अवश्य पहुंचाएं। आज भी समाज में इस विषय पर मौन पसरा है। यदि हम जागरूक हैं, तो यह हमारा दायित्व है कि हम औरों को भी जागरूक करें।”कार्यक्रम का समापन अत्यंत भावपूर्ण क्षण में हुआ जब सभी छात्राओं ने सामूहिक रूप से ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन’ की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं स्वच्छता का पालन करेंगी और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की संवाहक बनेंगी।यह शिविर केवल जानकारी का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि आत्म-सम्मान, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सशक्त संस्कार-यज्ञ था, जिसकी लौ अब ये बालिकाएं अपने-अपने क्षेत्रों में प्रज्ज्वलित करेंगी।--
- 0- महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की मासिक बैठक में गीत- संगीत, गेम्स, मस्ती के साथ भावी कार्यक्रमों पर चर्चारायपुर। महाराष्ट्र मंडल की रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने मई महीने की मासिक बैठक में गेम्स, गीत, संगीत के साथ जमकर मस्ती की। बैठक का इंद्रप्रस्थ कालोनी फेस-2 स्थित रीना बाबर के रास डांस स्टूडियो में हुई। अब जब बैठक डांस स्टूडियो में हो और महिलाएं डांस न करें, ऐसा कैसे हो सकता है? महिला सभासदों ने बैठक की शुरुआत राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ के साथ की।रीना बाबर, अनुभा साडे़गांवकर और राजश्री वैद्य की ओर से आहूत की गई बैठक में हनुमान चालीसा पाठ के साथ महिलाओं ने गेम खेला। इसमें टेबल पर चूड़ियां बिखेर दी गई। अब कांटा- चम्मच की मदद से चूड़ियों को उठाकर गिलास में डालना था। निर्धारित एक मिनट में सबसे ज्यादा चूड़ियां में ऋतु बहिरट ने डालीं और वे विजेता रहीं। उप विजेता अनिता लांगे तो तीसरे स्थान पर विशाखा पोगडे रहीं। इसके पश्चात हर महीने की मीटिंग किसके यहां होगी, यह निश्चित किया गया। फिर सभी ने गानों पर मजेदार डांस किए। महाराष्ट्र मंडल के मेस से मंगाए गए स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद उठाते हुए महिलाओं ने बैठक का समापन किया।इस अवसर पर अलका कुलकर्णी, अपर्णा जोशी, अपर्णा वराडपांडे, संध्या खंगन, अचला मोहरीकर, मीरा कुपटकर, मंगला पुराणकर, जयश्री गायकवाड़, शीतल कंबलकर, प्राची जोशी, सोनाली कुलकर्णी, मीना विभूते, स्मिता बल्की, वीणा वंडलकर, अक्षदा बहिरट, प्राची गनौदवाले, साधना बहिरट, रचना ठेंगड़ी सहित अनेक सभासद उपस्थित रहीं।
- 0- आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र की ओर से की गई इस पहल से सैकड़ों लोगों को गर्मी से मिली राहतरायपुर. महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र ने बुधवार को एकादशी के अवसर पर माधव राव सप्रे शाला के सामने हनुमान मंदिर परिसर में मठा वितरण किया। इससे पहले महिलाओं ने आपस में ही सम्मानजनक धनराशि जुटाई और स्टेनलेस स्टील के कई ड्रमों में स्वयं ही स्वादिष्ट मीठा बनाया। आपस में जुटाई धनराशि में से मठा बनाने के बाद शेष राशि को महाराष्ट्र मंडल की अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत दान कर दिया गया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि सबसे पहले अंजनि पुत्र हनुमान जी को मठा का भोग लगाया गया। फिर मंदिर में दीपदान करने के बाद मठा वितरण का कार्यक्रम शुरू हुआ।सुबह से ही इस कार्यक्रम को लेकर आध्यात्मिक समिति के सदस्यों और बूढ़ापारा महिला केंद्र की सभासदों में खासा उत्साह था। महिलाओं ने हर छोटे- बड़े वाहनों के करीब जाकर हर आयु वर्ग के लोगों को मठा दिया। सैकड़ों राहगीरों ने भी वितरण टेबल के करीब जाकर मठा प्राप्त किया।इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के प्रमुख समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन, प्रणिता नलगुंडवार, अंजलि नलगुंडवार, वंदना जोशी, डाॅ. सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, सुरेखा गोलविलकर, आस्था काले, प्रीति रावत, श्रीमती राउत, श्रीमती चौधरी सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहे। सुबह नौ बजे से शुरू हुआ यह प्रेरक अभियान घंटों जारी रहा। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि लोगों ने न केवल मठा के स्वाद की खुलकर प्रशंसा की, बल्कि लोगों ने पूछा कि कौन सी संस्था की ओर से और किस अवसर पर आप लोग छाछ बांट रहे हो।
- 0- मछुआरों ने नई मत्स्योद्योग सहकारी संस्था पंजीयन की मांग की0- नेशनल हाईवे निर्माण में नाली व्यवस्था बदलने की शिकायत0- जनदर्शन में प्राप्त हुए 96 आवेदनदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन भी उपस्थित थीं। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 96 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में प्राप्त विभिन्न आवेदनों पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली और उक्त आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में ग्राम मोरिदवासियों ने नहर पर बने पुल का पुर्ननिर्माण कराने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि ग्राम मोरिद वार्ड क्रमांक 39 के क्वार्टर पारा क्षेत्र में नहर पर बने पुल की ऊंचाई सड़क सीमेंटीकरण होने की वजह से पुल के बराबर रोड हो गया है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और पानी निकासी बाधित होने से सड़क पर जलभराव की समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों ने आवेदन सौंपकर पुल के पुनर्निर्माण की मांग की, ताकि दुर्घटनाओं और जनहानि से बचा जा सके। इस पर कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम सांतरा के मछुआरों ने अलग से मत्स्योद्योग सहकारी संस्था पंजीयन की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की पुरानी संस्था तालाब लीज लेने के बाद स्वयं मत्स्य पालन नहीं कर अन्य लोगों को सौंप देती है, जिससे स्थानीय मछुआरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। मछुआरों ने बताया कि सांतरा, मंटग और मानिकचौरी क्षेत्र के डेम व तालाबों में वर्षों से वे मत्स्य पालन का कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से नई सहकारी संस्था का पंजीयन कर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने उप संचालक मत्स्य विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।वार्ड 59 हेरिटेज कॉलेज क्षेत्र के रहवासियों ने नेशनल हाईवे निर्माण कार्य में नाली व्यवस्था बदलने की शिकायत की। कातुलबोर्ड से कादम्बरी नगर-धमधा रोड तक बन रही नई नाली का पानी कादम्बरी नगर नाले में जोड़ा जा रहा है, जहां पहले से कई वार्डों का पानी पहुंचता है। इससे बारिश में ज्वाहर नगर, शक्ति नगर, आशा नगर, कादम्बरी नगर और शांति नगर में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। रहवासियों ने मांग की है कि हेरिटेज कॉलेज के पास से चौहान टाउन की ओर जाने वाली पुरानी नाली को पुनः जोड़ा जाए, ताकि पानी का बहाव दो हिस्सों में बंट सके और जलभराव की समस्या कम हो। इस पर कलेक्टर ने एसडीओ दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- 0- हेल्प डेस्क नंबर पर पालक कर सकते है शिकायतदुर्ग. जिले में संचालित अशासकीय (निजी) विद्यालयों द्वारा पालकों को पुस्तकें, गणवेश और अन्य सामग्रियां किसी एक ही निर्धारित फर्म से खरीदने के लिए बाध्य किए जाने तथा अप्रत्याशित दामों के कारण पालकों पर बढ़ रहे वित्तीय बोझ की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा पालकों को राहत देने के उद्देश्य से बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। जिसके तहत इन शिकायतों के त्वरित निवारण और निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी से संबंधित मामलों की जांच के लिए जिला व विकासखण्ड स्तर पर विशेष जांच समितियों का गठन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर श्री अभिजित सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द कुमार मिश्रा और वाणिज्यिक कर विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती रिंकी अखिलेश सोनी को शामिल किया गया है।वहीं दुर्ग, धमधा और पाटन विकासखण्डों के लिए भी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम), विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जीएसटी इंस्पेक्टरों के तीन पृथक जांच दलों का गठन किया गया है। यह जांच समितियां अशासकीय विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी से संबंधित शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए ’छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020’ के अनुरूप कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगी। इस विषय से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मान्यता कक्ष प्रभारी श्री विपिन गनवीर का हेल्प डेस्क सह व्हाट्सएप नंबर 9109277888 जारी किया गया है, जहां पालक अपनी शिकायत व दस्तावेज जमा कर पावती प्राप्त कर सकते हैं।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत जामगांव आर में पूर्व निर्धारित जन समस्या निवारण शिविर की तिथि में आंशिक संशोधन किया है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 01 जून 2026 (दिन सोमवार) को त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के तहत रिक्त पदों के लिए मतदान का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस चुनावी कार्यक्रम और व्यस्तता को देखते हुए आम जनता की सुविधा के लिए पूर्व प्रस्तावित शिविर की तिथि को परिवर्तित किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब जामगांव (आर) में जन समस्या निवारण शिविर बुधवार, 03 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस एक स्थान के अतिरिक्त जिले में पूर्व में जारी शेड्यूल के अनुसार अन्य सभी शिविरों के स्थान एवं तिथियां पूरी तरह से यथावत रहेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे संशोधित तिथि के अनुरूप सभी आवश्यक मैदानी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करें जिससे नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सुचारू लाभ मिल सके।
- 0- चयनित अभ्यर्थियों को 28 मई को रायपुर में उपस्थिति के निर्देशदुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती वर्ष 2025-26 के विभिन्न पदों हेतु चयन परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के कुल 1163 युवाओं ने सफलता प्राप्त की है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भर्ती परीक्षा के परिणाम भारतीय थल सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं और इन्हें सेना भर्ती कार्यालय नवा रायपुर के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया गया है।चयनित सभी अभ्यर्थियों को आगामी दिशा-निर्देशों एवं प्रारंभिक प्रक्रियाओं के लिए 28 मई 2026 को पूर्वान्ह 07.00 बजे सेना भर्ती कार्यालय रायपुर में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, जो कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास नवा रायपुर में स्थित है। दुर्ग जिले से चयनित हुए समस्त अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने चयन संबंधी जानकारी तत्काल जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग को प्रदान करें तथा निर्धारित समय पर नवा रायपुर स्थित कार्यालय में अपनी अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करें। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 अथवा 0771-2965214 पर सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
- 0- सुशासन शिविर में मिली बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिलदुर्ग. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन संकल्प को धरातल पर चरितार्थ करने के उद्देश्य से पूरे जिले में ’सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासनिक सुगमता और लोक-कल्याण को समर्पित इस अभियान के तहत विगत 22 मई को दुर्ग जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बेलौदी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर कई जरूरतमंदों के लिए संबल और खुशियों का माध्यम बना, जहां जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए एक दिव्यांग हितग्राही को बड़ी राहत पहुंचाई गई। ग्राम नागपुरा निवासी दिव्यांग श्री संतोष कुमार ठाकुर (पिता श्री दशरू राम ठाकुर) लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थे और अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए पूर्ण रूप से परिजनों अथवा आस-पास के लोगों पर निर्भर थे। जब उन्होंने शिविर में अपनी इस व्यावहारिक कठिनाई को अधिकारियों के समक्ष रखा, तो जिला प्रशासन द्वारा तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण कर उनके लिए बैटरी चालित ट्राईसाइकिल स्वीकृत की गई।शिविर के दौरान मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर के कर-कमलों से संतोष कुमार ठाकुर को यह आधुनिक बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। विधायक श्री चंद्राकर ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन तिहार का मूल लक्ष्य ही यही है कि कोई भी पात्र हितग्राही व्यवस्था की कमियों के कारण शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के उपरांत भावुक स्वर में संतोष कुमार ठाकुर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस त्वरित सहायता से अब वे बिना किसी मानवीय सहारे के गरिमापूर्ण ढंग से आवागमन कर सकेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि ’सुशासन तिहार’ जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक और वास्तविक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है।



























