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- -आपसी सहमति से सुलझेंगे लंबित मामले-सुप्रीम कोर्ट की विशेष पहलः समाधान समारोह के जरिए घर बैठे आभासी (Virtual) माध्यम से भी जुड़ सकेंगे पक्षकाररायपुर / आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने तथा आपसी सहमति से विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने के लिए भारत के सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत से होगी, जिसका समापन अगस्त माह में विशेष लोक अदालत के वृहद आयोजनों के साथ होगा।नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ 09 मई 2026 को किया जाएगा। विशेष लोक अदालत (सुप्रीम कोर्ट परिसर) 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 का किया जाएगा। पूर्व सुलह वार्ता (Pre-Litigation) इसकी प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारंभ हो चुकी है। इस बार की लोक अदालत की विशेषता यह है कि पक्षकार भैतिक (शारीरिक) उपस्थिति के साथ-साथ आभासी (Virtual) माध्यम से भी जुड़ सकते हैं। प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी आपसी सुलह कराने में सहयोग करेंगे। अपने लंबित मामलों को इस विशेष लोक अदालत में शामिल करने के लिए पक्षकारों को सर्वाेच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म भरना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तक भर सकेंगे।यहाँ करें संपर्क (सहायता केंद्र)किसी भी प्रकार की जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए पक्षकार निम्नलिखित केंद्रों और नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं1. सर्वाेच्च न्यायालय (वन स्टॉप सेंटर/वार रूम) में संपर्क नंबर 011-2311565652, 011-23116464 ईमेल[email protected] पता कक्ष क्रमांक 806 एवं 808, बी ब्लॉक, अतिरिक्त भवन परिसर, सुप्रीम कोर्ट में संपर्क किया जा सकता है।2. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर का पता जिला न्यायालय परिसर, रायपुर 0771-2425944, 91-8301508992 में नंबर संपर्क किया जा सकता है।विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी अधिवक्ताओं, वादीगणों और संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस समाधान समारोह में सक्रिय रूप से भाग लें। यह लंबित मामलों को बिना किसी कटुता के, आपसी समझौते के माध्यम से समाप्त करने का एक सुनहरा अवसर है।
- -गोंडेरास और नीलावाया में ऐतिहासिक सुशासन चौपालरायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत अब विकास की किरण केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे सुदूर वनांचलों तक पहुँच रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ के सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। बुधवार को कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए, खुद मोटरसाइकिल चलाकर 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को पार किया और पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास व नीलावाया पहुँचे।जिला प्रशासन सुशासन तिहार के माध्यम से 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा रहा है। कलेक्टर और एसपी का यह दौरा साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ दूरी मिटाता है, तो जनता के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास और बदलाव की नई उम्मीद जागती है।गोंडेरास गांव में कलेक्टर और एसपी ने किसी आलीशान मंच के बजाय इमली के पेड़ के नीचे बिछी खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों द्वारा सोलर प्लेट्स के खराब होने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गाँव में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को ही सौंपी गई है। शिविर में 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र और 11 पीएम-किसान प्रकरणों का निराकरण, 2 किसान किताब, 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए।ग्राम नीलावाया पहुँचकर अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली 15 किमी की अतिरिक्त दूरी को खत्म करने के लिए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए सचिव को कड़े निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल बनाकर सौंपे गए।कलेक्टर श्री अमित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि शासन का लक्ष्य नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गाँव) योजना के जरिए हर घर को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के सैचुरेशन (पूर्णता) से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाना कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने का एक बड़ा कदम है। यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर हमारे गाँव तक मोटरसाइकिल से पहुँचा है। अब हमें भरोसा है कि हमारी समस्याएँ अनसुनी नहीं रहेंगी। गांव के सरपंच श्री जोगा वंजामी ने अधिकारियों के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर उनके गांव तक पहुंचा है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का वह हिस्सा, जिसे कभी 'अबूझ' (अनजान) कहा जाता था, अब डिजिटल संकेतों से जुड़कर अपनी नई पहचान लिख रहा है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम ताहकाडोंड में मोबाइल टावर की स्थापना ने सदियों के संचार सन्नाटे को तोड़ दिया है। अब यहाँ के ग्रामीण अपनों से बात करने के लिए पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर नहीं चढ़ते, बल्कि घर बैठे दुनिया से जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में संचार क्रांति का यह अध्याय वास्तव में सराहनीय है। 'नो सिग्नल' से सीधे 'कनेक्टिविटी' तक का यह सफर केवल तकनीक का नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का है।पहाड़ियों की चढ़ाई से मिली मुक्तिग्राम पंचायत मेटानार के आश्रित ग्राम ताहकाडोंड और उसके आसपास के क्षेत्र लंबे समय से 'नो नेटवर्क ज़ोन' में थे। ग्रामीणों के लिए एक फोन कॉल करना किसी चुनौती से कम नहीं था; उन्हें सिग्नल खोजने के लिए ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता था या कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक आना पड़ता था। टावर की स्थापना के साथ ही अब ताहकाडोंड, कदेर और ब्रेहबेड़ा जैसे गांवों के लगभग 400 ग्रामीण सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं।कनेक्टिविटी का यह विस्तार केवल बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन रक्षक भी सिद्ध हो रहा है।अब आपात स्थिति में ग्रामीण तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल कर सकते हैं। त्वरित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होने और समय पर इलाज मिलने से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी और गंभीर बीमारियों के प्रबंधन में मदद मिलेगी।इंटरनेट के माध्यम से ग्रामीण अब ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन घर बैठे कर पा रहे हैं। यह डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम का संकेत है। पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस के साथ शासन की योजनाओं की जानकारी अब सीधे हितग्राहियों तक पहुँच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो रही है और कार्यों में तेजी आई है।अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टावर की स्थापना शासन की सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल संचार सुविधा है, बल्कि विकास का एक सशक्त माध्यम है।ताहकाडोंड के ग्रामीणों ने इस पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे एक नए युग की शुरुआत बताया है। मोबाइल नेटवर्क आने से न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों के बाजार और युवाओं के लिए सूचना के नए द्वार भी खुलेंगे। शासन का यह प्रयास सिद्ध करता है कि भौगोलिक बाधाएं अब विकास के आड़े नहीं आएंगी।
- -प्रदेश के कुल चने का 50% अकेले खरीदारायपुर ।छत्तीसगढ़ में 'विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' को धरातल पर उतारने में धमतरी जिला एक मॉडल बनकर उभरा है। सहकारी क्षेत्र को मजबूती देने वाली केंद्र और राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत धमतरी ने न केवल भंडारण बुनियादी ढांचे में विस्तार किया है, बल्कि चना खरीदी के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है।4 पैक्स समितियों में बनेंगे 2500 मीट्रिक टन के महा-गोदामयोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु NCCF रायपुर द्वारा जिले की चार प्रमुख प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) को 'गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर' जारी कर दिए गए हैं। अंवरी, कोसमर्रा, पोटियाडीह (अमदी) और कोलियारी समितियों में अत्याधुनिक भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक गोदाम की क्षमता 2500 मीट्रिक टन होगी, जिसे विशेष रूप से चने के वैज्ञानिक भंडारण के लिए तैयार किया जा रहा है।चना खरीदी में धमतरी का दबदबा: लक्ष्य के पार पहुँचने की तैयारीधमतरी जिले ने कृषि क्षमता और प्रशासनिक मुस्तैदी का लोहा मनवाते हुए अब तक 97 हजार क्विंटल चने की खरीदी पूरी कर ली है। प्रारंभिक लक्ष्य 1 लाख क्विंटल रखा गया है,जिसमेवर्तमान स्थिति लक्ष्य के करीब होने के बावजूद खरीदी निरंतर जारी है। पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में हुई कुल चना खरीदी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले धमतरी जिले से दर्ज किया गया है।प्रशासनिक सक्रियता और आगामी रणनीतियोजना को गति देने के लिए एग्रीमेंट और एमओयू की प्रक्रिया तेजी से पूर्ण कर ली गई है। जमीनी स्तर पर तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु NCCF मुख्यालय, नई दिल्ली के साथ आरसीएस (RCS) अधिकारियों और पैक्स प्रबंधकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक की तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि धमतरी जिले ने चना खरीदी और भंडारण व्यवस्था में जो उत्कृष्टता दिखाई है, वह किसानों की मेहनत और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। इससे खाद्यान्न की बर्बादी में रोक लगेगी और किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा।क्या है 'विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना'?भारत सरकार द्वारा 31 मई 2023 को शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में ही PACS के माध्यम से भंडारण, प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करना है। इससे न केवल परिवहन लागत में कमी आएगी, बल्कि भंडारण के अभाव में होने वाली अनाज की बर्बादी पर भी लगाम लगेगी।धमतरी की यह सफलता आज प्रदेश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।
- -कलेक्टर ने सम्बंधित विभाग से कहा एक माह के भीतर पूर्ण करें कार्य, ग्रामीणों को पेयजल से मिलेगी राहत-जिले के सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदमअम्बिकापुर / जिले के सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन क्षेत्रों में कुल 113 हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।विगत दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले में पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि शासन की योजनाओं खासकर बुनियादी जरूरतों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना यह सर्वोच्च प्राथमिकता है।इसी क्रम में सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष श्री अजीत वसंत ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को एक माह के भीतर सभी 113 हैंडपंप एवं बोरवेल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने बताया कि स्थलीय सर्वे पहले ही कर लिया गया है जिले के लुण्ड्रा में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में 04 इस तरह इन विकासखण्डों में डीएमएफ मद से 113 हैंडपंप एवं बोरवेल खनन की जाएगी। 24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, सहित अन्य सदस्यों की सहमति से यह कार्य की स्वीकृति दी गई है।कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया है कि हैंडपंप खनन, बोरवेल खनन कर दीर्घकालिक समाधान के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से एक माह में पूर्ण किए जाएं, ताकि सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्थायी पेयजल सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री श्री साय के इस संवेदनशील पहल से जिले के दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या से सैकड़ो गांवों के हजारों निवासियों को निश्चित ही राहत मिलेगी।
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- जन समस्या निवारण शिविर में समाधान, रैनु राम को मिला भूमि स्वामित्व का अधिकार
मोहला । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी प्रशासन का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। इसी कड़ी में विकासखंड मानपुर के अंतर्गत ग्राम साल्हेभट्टी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम सेण्डेवाही के आदिवासी किसान श्री रैनु राम, जो वर्षों से अपनी भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज़ के अभाव में कई प्रकार की परेशानियों का सामना कर रहे थे, उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत उन्हें भूमि का पट्टा पत्रक प्रदान किया गया। पट्टा मिलने के बाद श्री रैनु राम के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब उन्हें अपनी जमीन का कानूनी अधिकार मिल गया है, जिससे वे न केवल निश्चिंत होकर खेती कर सकेंगे बल्कि भविष्य में शासकीय योजनाओं का भी पूरा लाभ उठा पाएंगे।
उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा सुशासन तिहार हमारे जैसे ग्रामीण और आदिवासी किसानों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं हैं। पहले हमें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब अधिकारी स्वयं गांव में आकर हमारी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इससे हमें समय, श्रम और धन—तीनों की बचत हो रही है। सुशासन तिहार 2026 वास्तव में शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है, जो आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल ने प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया है, और यह विश्वास ही एक सशक्त एवं विकसित समाज की नींव है। -
- जनसमस्या निवारण शिविर में मिली त्वरित सुविधा
- ग्रामीणों को मिल रहा योजनाओं का सीधा लाभ
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर नागरिकों के लिए शासन की सेवाओं को सरल एवं सुलभ बनाने का प्रभावी माध्यम बन रहा हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित शिविरों के माध्यम से लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के अचानकपुर भाटापारा निवासी श्री लीलाधर देवांगन का ग्राम सुंदरा में आयोजित शिविर में नि:शुल्क लर्निंग लायसेंस बना है। श्री लीलाधर देवांगन ने बताया कि वे लंबे समय से लर्निंग लायसेंस बनवाना चाहते थे, लेकिन कार्यालयों में जाने और प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में यह कार्य नहीं हो पा रहा था। सुशासन तिहार के तहत ग्राम सुंदरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें परिवहन विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी मिली। शिविर में ही आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर सरल प्रक्रिया के माध्यम से उनका नि:शुल्क लर्निंग लायसेंस बनाया गया। उन्होंने बताया कि अब लर्निंग लायसेंस मिलने से वे नियमानुसार वाहन चलाने के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे उन्हें दैनिक कार्यों एवं आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए लोगों को जिला मुख्यालय या विभागीय कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं हैं, अब गांव स्तर पर ही समाधान मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है।
श्री लीलाधर देवांगन ने शासन एवं जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में जनसामान्य के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। - -मौके पर ही निराकृत हुई ग्रामीणों की समस्याएंरायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी पहल 'सुशासन तिहार 2026' के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम उलखर और बरमकेला विकासखंड के ग्राम बड़े नावापारा में शिविरों का आयोजन किया गया, जहां 1400 से अधिक ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। उलखर शिविर में जहां 638 आवेदन प्राप्त हुए, वहीं बड़े नावापारा में 836 ग्रामीणों ने अपनी मांगों और शिकायतों के निराकरण हेतु पंजीयन कराया।कलेक्टर ने दोनों ही शिविरों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन कर यह जानने का प्रयास किया कि ग्रामीणों को किन क्षेत्रों में सबसे अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शिविर के दौरान स्वास्थ्य और आयुर्वेद विभाग ने नि:शुल्क जांच शिविर लगाया, वहीं मत्स्य विभाग द्वारा जाल वितरण और समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग प्रमाण पत्र व पेंशन जैसी सुविधाएं तत्काल प्रदान की गईं। राजस्व विभाग ने किसान पुस्तिका और बी-1 के वितरण में तत्परता दिखाई, तो खाद्य विभाग ने पात्र हितग्राहियों को नए राशन कार्ड सौंपे। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृति और पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने से कई परिवारों के अपने घर का सपना साकार हुआ।प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ यह शिविर सामाजिक सरोकारों का भी गवाह बना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें उपहार दिए गए और छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए, जिन्होंने ग्रामीणों का मन मोह लिया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजगता दिखाते हुए कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने जल बचाने की सामूहिक शपथ ली। इस सफल आयोजन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने एकजुट होकर कार्य किया, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच सका।
- -वैज्ञानिक उपलब्धि से मिला किसानों को आर्थिक संबलरायपुर /बस्तर की पहचान अब धीरे-धीरे बदल रही है। पारंपरिक खेती वाले इस क्षेत्र में अब बागवानी के नए प्रयोग सफल होने लगे हैं। महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित क्रांतिकारी डेब्रिधुर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र जगदलपुर के वैज्ञानिकों की 09 वर्षों की सतत मेहनत ने इतिहास रच दिया है। पहली बार बस्तर में लीची के पौधों में सफल फलन हुआ है, जिसे कृषि क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस सफलता की शुरुआत वर्ष 2016-17 में हुई थी, जब तत्कालीन वैज्ञानिक डॉ. गणेश प्रसाद नाग ने अनुसंधान केंद्र अंबिकापुर से लीची की उन्नत किस्मों को लाकर जगदलपुर स्थित महाविद्यालय प्रक्षेत्र में रोपण कराया। उस समय बस्तर की जलवायु में लीची की खेती को लेकर कोई ठोस उदाहरण मौजूद नहीं था, बावजूद इसके वैज्ञानिकों ने इसे चुनौती के रूप में लिया और शोध कार्य शुरू किया।उद्यानिकी महाविद्यालय प्रक्षेत्र में इंद्रा लीची-2, अंबिका लीची-1, चाइना, शाही और रोज सेंटेड जैसी पांच प्रमुख किस्मों के करीब 40 पौधे लगाए गए। शुरुआती वर्षों में इन पौधों की वृद्धि, जलवायु के प्रति अनुकूलन क्षमता और उत्पादन पर लगातार अध्ययन किया गया। लंबे इंतजार और वैज्ञानिक प्रबंधन के बाद अब इन पौधों में फल लगना शुरू हो गया है। फल विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रामकुमार देवांगन ने पौध प्रावर्धन, पुष्पन, फल सेट सुधार, ट्रेनिंग, प्रूनिंग और फ्रूट क्रैकिंग जैसी समस्याओं पर गहन शोध किया। वहीं डॉ. भागवत कुमार भगत ने लीची के मूल्य संवर्धन जैसे जूस, जैली और अन्य उत्पाद पर काम कर इसे बाजार से जोड़ने की दिशा में पहल की है।उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि रतन सक्सेना ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में लीची की सफल फलन केवल एक शोध सफलता नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि वैज्ञानिक अनुसंधान, धैर्य और नवाचार के माध्यम से बस्तर जैसे पारंपरिक कृषि क्षेत्र में भी उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि लीची जैसी नगदी फसल का सफल उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और क्षेत्र में बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी। कुलपति ने यह भी उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल नई फसल तकनीकों का विकास करना ही नहीं, बल्कि उन्हें किसानों तक पहुंचाकर उनके आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करना है।प्रो. सक्सेना ने वैज्ञानिकों के 09 वर्षों के सतत प्रयास, अनुसंधान क्षमता और समर्पण की प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र लीची उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाएगा। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर कृषि, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला परिवर्तनकारी कदम बताया। वहीं उद्यानिकी महाविद्यालय जगदलपुर के वर्तमान अधिष्ठाता डॉ. नाग ने बताया कि जिन उन्नत किस्मों को विकसित करने में सफलता मिली है, उनके पौधे अब किसानों को उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, ताकि वे इस नई फसल को आसानी से अपना सकें।साल 2016-17 में इस परियोजना की शुरुआत एक प्रयोग के तौर पर की गई थी। अनुसंधान केंद्र, अंबिकापुर से लाई गई पांच उन्नत किस्मों इंद्रा लीची-2, अंबिका लीची-1, चाइना, शाही और रोज सेंटेड को केडीसीएचआरएस जगदलपुर के प्रक्षेत्र में रोपित किया गया। शुरुआती वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती बस्तर की जलवायु के अनुसार पौधों को अनुकूल बनाना था। वैज्ञानिकों ने सिंचाई, पोषण प्रबंधन और रोग नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया। लगभग 09 वर्षों के धैर्यपूर्ण प्रयासों के बाद पौधों में सफल फलन हुआ, जो इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में भी लीची की खेती संभव है।लीची की सफल खेती बस्तर के किसानों के लिए नई आर्थिक संभावनाएं खोल रही है। अब तक सीमित फसलों पर निर्भर रहने वाले किसान इस नगदी फसल को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। बाजार में लीची की अच्छी मांग और कीमत मिलती है, जिससे किसानों को सीधे लाभ की संभावना है, साथ ही बागवानी आधारित खेती से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जिससे क्षेत्र के लोगों की आर्थिक समृद्धि को बल मिलेगा। महाविद्यालय प्रक्षेत्र अब एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां किसान प्रशिक्षण लेकर आधुनिक तकनीकों को सीख सकेंगे।उद्यानिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिकों ने केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर लीची के मूल्य संवर्धन पर भी काम शुरू किया है। जूस, जैली, स्क्वैश जैसे उत्पादों के विकास पर शोध किया जा रहा है, जिससे किसानों को कच्चा फल बेचने के बजाय अधिक मुनाफा मिल सके। इसके साथ ही ग्राफ्टिंग, फ्रूट सेट सुधार और फ्रूट क्रैकिंग रोकने जैसी तकनीकों पर भी काम जारी है। भविष्य में यह पहल बस्तर को लीची उत्पादन और प्रसंस्करण का एक प्रमुख केंद्र बना सकती है।
- रायपुर । जिले में सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित ‘‘सुशासन तिहार‘‘ आज किसानों के लिए खुशहाली का नया पैगाम लेकर आया है। ग्राम हल्बारास में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान उस वक्त एक सुखद दृश्य देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में किसानों की समस्याओं का न केवल त्वरित निराकरण किया गया, बल्कि उन्हें शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से सीधे लाभान्वित भी किया गया। इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का वितरण और नवीनीकरण रही, जिसने खेती-किसानी को एक नई दिशा देने का मार्ग प्रशस्त किया है।शिविर के दौरान ग्राम हल्बारास के प्रगतिशील किसान श्री हिराधर भागरथी के चेहरे पर उस समय आत्मसंतुष्टि की मुस्कान तैर गई, जब उन्हें अपना किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त हुआ। अपनी भावनाओं को साझा करते हुए श्री भागरथी ने शासन और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया और बताया कि उनके पास 7 एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि है, लेकिन अब तक संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा थी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्ड के माध्यम से अब उन्हें बैंक से सुलभ ऋण प्राप्त होगा, जिससे वे खाद, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि उपकरणों की व्यवस्था समय पर कर सकेंगे। श्री भागरथी का कहना है कि अब वे पारंपरिक धान की खेती के दायरे से बाहर निकलकर अन्य नकदी फसलों की ओर कदम बढ़ाएंगे, जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में भी सक्षम होंगे।इसी कड़ी में, किसान क्रेडिट कार्ड के नवीनीकरण के लिए पहुंचे श्री नवल सिंह राणा के अनुभव इस योजना की जमीनी सफलता को प्रमाणित करते हैं। श्री राणा ने बताया कि केसीसी किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इसने उन्हें साहूकारों के चंगुल और अत्यधिक ब्याज के बोझ से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने साझा किया कि इस कार्ड के माध्यम से उन्होंने न केवल खेती बल्कि पशुपालन जैसे सहायक व्यवसायों के लिए भी ऋण प्राप्त किया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। उनका मानना है कि समय पर वित्तीय सहायता मिलने से किसान अपनी आवश्यकताओं को सम्मान के साथ पूरा कर पाते हैं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हैं।सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और सरलता के साथ पहुँचे। हल्बारास में आयोजित यह शिविर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ जनता के द्वार पर पहुँचता है, तो न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि विकास की प्रक्रिया में आम नागरिक की भागीदारी भी सुनिश्चित होती है। आज दंतेवाड़ा के किसान केसीसी की शक्ति से लैस होकर आधुनिक और लाभप्रद खेती के एक नए युग की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
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- शिविर में आवेदन करते ही तत्काल मिली किसान किताब
- अब आसानी से मिलेंगी कृषि सुविधाएं
राजनांदगांव । शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों के लिए राहत और समाधान का माध्यम बन रहा है। डोंगरगढ़ विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र ग्राम पीपरखारकला निवासी किसान श्री लेखूराम के लिए यह आयोजन मददगार साबित हुआ। जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन करने पर समस्या का तत्काल समाधान हो गया, जिससे वे बेहद खुश हैं। कलस्टर ग्राम पंचायत बुढ़ानछापर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में किसान श्री लेखूराम अपनी किसान किताब बनवाने की समस्या लेकर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि किसान किताब नहीं होने के कारण उन्हें खेती-किसानी से जुड़ी अनेक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। सुशासन तिहार शिविर में उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर राजस्व विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही किसान किताब उपलब्ध करा दी गई। किसान किताब हाथ में मिलते ही श्री लेखूराम के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं था कि उनकी समस्या का इतनी जल्दी समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें किसान किताब बनवाने के लिए उन्हें बड़े कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे उनका समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी की बचत हुई है।
किसान श्री लेखूराम ने बताया कि अब किसान किताब मिलने से उन्हें सहकारी समिति से खाद-बीज आसानी से मिल सकेगा। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), कृषि ऋण एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि किसान किताब खेती-किसानी के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसके अभाव में किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में जनसामान्य की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। गांव स्तर पर शिविर आयोजित होने से ग्रामीणों को विभागीय कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है। किसान श्री लेखूराम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने अन्य ग्रामीणों से भी शासन की योजनाओं का लाभ लेने और शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कराने कहा। - ’इनोवेशन महाकुंभ 1.0 में मिला सम्मान, सल्फी की गुणवत्ता और उपयोगिता बढ़ाने पर कर रहे काम’रायपुर/ बस्तर की पहचान मानी जाने वाली पारंपरिक पेय “सल्फी” को नई वैज्ञानिक सोच और आधुनिक प्रयोगों के माध्यम से स्वास्थ्यवर्धक पेय के रूप में स्थापित करने की दिशा में युवा नवाचारक हर्षवर्धन बाजपेयी महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” में उनके इस प्रयोग को विशेष सराहना मिली और उन्हें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा “न्यू इनोवेशन अवार्ड” में तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया है।हर्षवर्धन “बस्तर इंडिजीनियस नेक्टर एग्रीकल्चर्स” के माध्यम से सल्फी पेय की सेल्फ लाइफ बढ़ाने पर कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य सल्फी के प्राकृतिक स्वाद और पोषक गुणों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है, ताकि यह केवल पारंपरिक पेय तक सीमित न रहकर स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक ड्रिंक के रूप में भी पहचान बना सके।उन्होंने बताया कि सल्फी का रस पेड़ से निकालने के कुछ समय बाद ही प्राकृतिक रूप से किण्वित होने लगता है, जिससे यह हल्का मादक पेय बन जाता है। यही कारण है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण रहा है। हर्षवर्धन ने अपने प्रयोगों के माध्यम से इस फरमेंटेशन प्रक्रिया की अवधि को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है, जिससे सल्फी की मूल गुणवत्ता और स्वाद को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सके।’बस्तर की संस्कृति से जुड़ी है सल्फी’सल्फी बस्तर की आदिवासी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इसे स्थानीय लोग “बस्तर बीयर” के नाम से भी जानते हैं। यह कैरियोटा यूरेन्स नामक ताड़ प्रजाति के पेड़ से निकलने वाला मीठा रस है। ताजा सल्फी का स्वाद नारियल पानी की तरह मीठा और ताजगी भरा होता है, लेकिन कुछ घंटों बाद इसमें प्राकृतिक खमीर बनने लगता है, जिससे यह हल्का नशीला हो जाता है। ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में सल्फी का सामाजिक और सांस्कृतिक तौर पर विशेष महत्व है। विवाह, पारंपरिक उत्सव और सामाजिक आयोजनों में इसे प्रमुखता से परोसा जाता है। कई ग्रामीण परिवारों की आजीविका भी सल्फी पर निर्भर है। स्थानीय लोग इसे पेट संबंधी समस्याओं के लिए लाभकारी भी मानते हैं।’जीआई टैग दिलाने का सपना’हर्षवर्धन का सपना है कि बस्तर की इस पारंपरिक पेय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिले। वे चाहते हैं कि सल्फी को स्वास्थ्यवर्धक प्राकृतिक पेय के रूप में प्रचारित किया जाए और भविष्य में इसे बस्तर के लिए जीआई टैग भी प्राप्त हो। उनका मानना है कि यदि सल्फी की गुणवत्ता और उपयोगिता को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जाए, तो यह बस्तर के आदिवासी उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।
- सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाज प्रमुख को सौंपा टेंट एवं बर्तन सामग्री, ग्राम आमगांव में बढ़ेगा रोजगाररायपुर/सुशासन तिहार के अंतर्गत खैरागढ़ वनमण्डल द्वारा रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के राज्य कैम्पा (क्षतिपूर्ति वर्गीकरण) मद से आस्थामूलक कार्यों के लिए ग्राम आमगांव के समाज प्रमुख श्री विष्णु ठाकरे को टेंट एवं बर्तन सामग्री प्रदाय की गई।बीते दिनों यह सामग्री मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से सौंपे जाने पर कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर सामाजिक एवं पारंपरिक आयोजनों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।समाज प्रमुख श्री विष्णु ठाकरे ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे गांव में सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा होगी और आय के नए साधन भी विकसित होंगे। इस पहल को ग्रामीणों ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सार्थक कदम बताया, जिससे स्थानीय समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
- नया भारत अब आतंकवाद को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त करने वाला नहीं है - मुख्यमंत्रीरायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ पर भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि नए भारत की अटूट इच्छाशक्ति, निर्भीक संकल्प और निर्णायक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आज से एक वर्ष पूर्व पहलगाम में सीमा पार से आतंकियों द्वारा किए गए घिनौने हमले ने पूरे राष्ट्र को झकझोर दिया था, लेकिन भारत ने उस चुनौती का ऐसा जवाब दिया, जिसने इतिहास में शौर्य और संकल्प का स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत अब आतंकवाद को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त करने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अब भारत चुपचाप सहने वाला राष्ट्र नहीं रहा, बल्कि मातृभूमि की ओर उठने वाली हर बुरी नजर का निर्णायक और प्रभावशाली जवाब देने में सक्षम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, बेजोड़ रणनीति और राष्ट्र के प्रति असीम समर्पण को अमर कर दिया। जिस सटीकता, दृढ़ता और प्रभावशाली क्षमता के साथ आतंक के सरपरस्तों और उनके आकाओं को जवाब दिया गया, उसने वैश्विक मंच पर भारत की सैन्य शक्ति और मजबूत नेतृत्व की नई पहचान स्थापित की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे धरातल पर सिद्ध भी किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं की संयुक्त शक्ति, अत्याधुनिक युद्ध तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक और प्रभावी प्रतिकार भी करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने “ऑपरेशन सिंदूर” की प्रथम वर्षगांठ पर राष्ट्र के उन सभी वीर सपूतों को कोटिशः नमन किया, जिनके शौर्य और पराक्रम ने हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊँचा किया है। उन्होंने पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सेना का पराक्रम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
- - शशि वरवंडकर निर्देशित नाटक का मंचन 15 को महाराष्ट्र मंडल रायपुर, 16 को राउरकेला में मंचनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल का सुपरहिट नाटक ‘मै अनिकेत हूं’ अब मई महीने तहलका मचाने के लिए तैयार है। लगातार दो दिनों में दो राज्यों छत्तीसगढ़ और ओडिशा के दो शहरों रायपुर और राउरकेला में यह हिंदी नाटक अपने दो मंचन के साथ रंगप्रेमियों को प्रभावित करेगा। इससे पहले महाराष्ट्र मंडल और एम्स रायपुर, बालाघाट (मध्य प्रदेश), धमतरी और कोरबा में ‘मैं अनिकेत हूं’ अपने मंचन के साथ धूम मचा चुका है।वरिष्ठ रंगसाधक रंजन मोड़क ने बताया कि नाटक ‘मैं अनिकेत हूं की प्रस्तुति महाराष्ट्र मंडल रायपुर के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर 15 मई को शाम साढ़े छह बजे होगा। संस्कार भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के तीन दिवसीय अशोक चंद्राकर स्मृति रंग संस्कार महोत्सव 2026 में उद्घाटन पर यह नाटक मंचित किया जाएगा। रायपुर में अक्टूबर माह में इस नाटक के दो सुपरहिट मंचन के बाद महीनों से इसकी एक और प्रस्तुति का आग्रह रंगप्रेमी दर्शकों किया जा रहा था।निर्देशक शशि वरवंडकर ने बताया कि रायपुर में नाटक 'मैं अनिकेत हूं' की प्रस्तुति के तुरंत बाद पूरी टीम विभिन्न साधनों से राउरकेला के लिए रवाना होगी। वहां रोटरी क्लब राउरकेला रॉयल और रोटरी क्लब राउरकेला क्वींस के संयुक्त तत्वावधान में सिविक सेंटर, अंबागन में नाटक की प्रस्तुति 16 मई को शाम सात बजे होगी।रायपुर में संस्कार भारती छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष हेमंत माउलीकर के अनुसार हमारी टीम तीन दिवसीय नाट्य समारोह की तैयारियां करने के साथ प्रचार- प्रसार में व्यस्त है। समारोह का उद्घाटन नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के मंचन से होगा, तो जाहिर है, इस नाट्य समारोह के साथ इस नाटक का भी प्रचार हो रहा है। इधर रोटरी क्लब ऑफ राउरकेला रॉयल के चेयरमैन अजय अग्रवाल, अध्यक्ष राकेश अग्रवाल और रोटरी क्लब ऑफ राउरकेला क्वींस की अध्यक्ष गरिश्मा परमार के अनुसार नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का प्रचार- प्रसार राउरकेला में जारी है।इस बार भी एक बदलावइधर महाराष्ट्र मंडल में नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की रिहर्सल शुरू हो गई है। कोरबा में नाटक की प्रस्तुति के दौरान एक फेरबदल डॉ. प्रीता लाल की जगह सुमीता रायजादा को डॉ. सुधा कुमारी गुप्ता का अह्म किरदार देकर किया गया था। इस बार आनंद चौधरी का फनी रोल कर रहे समीर टल्लू की अनुपलब्धता के कारण यह किरदार नाटक में वार्ताकार की भूमिका निभा रहे विनोद राखुंडे को सौंपा गया है। ऐसे में वार्ताकार की भूमिका डॉ. शुचिता देशमुख करेंगी। बताते चलें कि पिछले साल चार अक्टूबर को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में पहली बार मंचित किए गए हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ का आज तक दो राज्यों छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के चार शहरों में पांच मंचन किया जा चुका है।नाटक के कलाकार:-'मैं अनिकेत हूं' में अनिकेत की केंद्रीय भूमिका नाटक के निर्देशक शशि वरवंडकर ने स्वयं साकार करेंगे। इसी तरह चेतन गोविंद दंडवते, दिलीप लांबे, प्रकाश खांडेकर, रंजन मोड़क, डाॅ. अनुराधा दुबे, डॉ. प्रीता लाल, डॉ. अभया जोगलेकर, डॉ. शुचिता देशपांडे, रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलोसकर, विनोद राखुंडे, पंकज सराफ अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। नेपथ्य में अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश गुरुव होंगे।
- मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 'छत्तीसगढ़ संवाद' को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा प्रतिवाद कर कहा: यह बघेल की हताशा का प्रतीकरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 'छत्तीसगढ़ संवाद' को लेकर दिए गए निराधार बयान पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए इसे उनकी हताशा का प्रतीक बताया है। श्री पाण्डेय ने कहा कि लगातार हार की छटपटाहट में बघेल संवैधानिक संस्थाओं के साथ-साथ अब सरकारी विभागों पर झूठे आरोप मढ़कर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बघेल यह बात अच्छी तरह समझ लें कि कांग्रेस शासन का 'इमरजेंसी मॉडल' जनता भूली नहीं है।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने बघेल को उनके कार्यकाल का ‘आईना’ दिखाते हुए कहा कि बघेल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ ने 'अघोषित आपातकाल' देखा है। कांग्रेस की पिछली सरकार में पत्रकारों, एक्टिविस्टों और सोशल मीडिया पर स्वतंत्र राय रखने वाले सामान्य नागरिकों तक पर राजद्रोह के मुकदमे दर्ज किए गए थे। आज बघेल किस मुँह से संवाद और पारदर्शिता की बात कर रहे हैं? श्री पाण्डेय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि पिछले 5 वर्षों में 'छत्तीसगढ़ संवाद' को किस तरह कांग्रेस का टूलकिट बनाकर रखा गया था। करोड़ों रुपए का सरकारी पैसा केवल एक चेहरे की ब्राण्डिंग और दिल्ली के आकाओं को खुश करने में फूँका गया। आज जब सरकारी तंत्र निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है, तो बघेल के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? श्री पाण्डेय ने कहा कि एआई और तकनीक का नाम लेकर बघेल दरअसल अपनी उन विफलताओं को छिपाना चाहते हैं जो जनता के बीच उजागर हो चुकी हैं। कांग्रेस की भूपेश-सरकार ने केवल 'लूट और झूठ' का उत्पादन किया, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शिता और विकास के संवाद में विश्वास रखती है।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने बघेल द्वारा ‘दीवारों के भी कान होते हैं’ की मिसाल देने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद इसीलिए बघेल सरकार के कार्यकाल के कोयला घोटाले, शराब घोटाले और महादेव ऐप के कारनामे दीवारों से निकलकर आज जेल की सलाखों तक पहुँच रहे हैं। षड्यंत्र भाजपा नहीं करती, षड्यंत्र तो कांग्रेस की पिछली सरकार ने प्रदेश के युवाओं और किसानों के खिलाफ किया था, जिसका हिसाब प्रदेश की जनता निरंतर कर रही है। श्री पाण्डेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अनर्गल प्रलाप करने के बजाय अपने कार्यकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा सरकार तकनीक और संचार का उपयोग लोक कल्याण के लिए कर रही है, न कि कांग्रेस की तरह दुष्प्रचार के लिए।
- लगभग 6 ठेलों, गुमटियों, 10 डमी पुतलों, 12 बोर्डो को हटायारायपुर/रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप और यातायात सीएसपी श्री अजय कुमार के निर्देशानुसार एएसपी यातायात श्री विवेक शुक्ला,नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेंन्द्र प्रताप सिँह, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह जोन 5 सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके, उप अभियंता नगर निवेश श्री टिकेन्द्र चंद्राकर सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता और नगर निवेश विभाग जोन 5 की टीम द्वारा संयुक्त रूप से राजधानी शहर नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत जोन क्रमांक 5 क्षेत्र अंतर्गत लाखेनगर मार्ग से सुन्दर नगर मार्ग तक के मध्य टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत मुख्य मार्ग क्षेत्र में राजधानी शहर के प्रमुख मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त करने व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी दुकानदारों को एक बार पुनः स्पष्ट हिदायत कड़ाई के साथ दी गयी कि वे किसी भी हालत में सड़क पर कब्जा ना करें, अन्यथा की स्थिति में सड़क पर रखे उनके सभी सामानों की यातायात जाम की समस्या दूर करने जनहित में सख्तीपूर्वक तत्काल जब्ती कर ली जाएगी, इस स्थिति के निर्मित होने पर सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए टीम प्रहरी के जनहितकारी अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन क्रमांक 5 अंतर्गत लाखेनगर मार्ग से सुन्दर नगर मार्ग तक के मध्य लगभग 6 ठेलों, गुमटियों, लगभग 10 डमी पुतलों, लगभग 12 बोर्डो को प्रमुख मार्ग क्षेत्र को कब्जामुक्त करने कड़ाई से व्यवस्था सुधारने हटाने की कड़ी नियमानुकूल कार्रवाई जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से आमजनों और राहगीरों को सुगम आवागमन उपलब्ध करवाने की दृष्टि से की गयी ।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे अतिक्रमणरोधी अभियान से राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गो का यातायात निरन्तर सुगम और सुव्यवस्थित बन रहा है और इससे आमजनों और राहगीरों को यातायात जाम की समस्या से मुक्ति और निरन्तर त्वरित राहत प्राप्त हो रही है।
- रायपुर/गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर को जयन्ती पर राजधानी शहर रायपुर के टैगोर चौक स्थित मूर्ति के समक्ष उन्हें सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया।पुष्पांजलि आयोजन में रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर को जयन्ती पर सादर नमन किया.राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर कोउनकी जयन्ती पर समस्त राजधानीवासियों की ओर से सादर नमन करते हुए आदरांजलि अर्पित की. नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 6 के सहयोग से रखे गए पुष्पांजलि कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, जोन 10 जोन अध्यक्ष श्री सचिन बी. मेघानी, पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा,नगर निगम रायपुर के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी, सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री राजेश जैन,श्री बबला होतवानी, सुश्री मोना मजूमदार, नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में राजधानी शहर रायपुर के गणमान्यजनों , सामाजिक कार्यकर्त्ताओं , महिलाओं, नवयुवकों , बच्चों , आमजनों ने गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर का जयन्ती पर टैगोर नगर चौक स्थित मूर्ति स्थल पर सादर नमन किया.
- कलेक्टर-एसएसपी ने भी लिया शिविर का जायजाशासकीय योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वितबिलासपुर/जिले के गांव-गांव और शहर में सुशासन तिहार का सिलसिला जारी है। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं की जानकारी के साथ ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में आज बिल्हा ब्लॉक के उच्चभट्ठी में आयोजित सुशासन शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी शामिल हुए। उन्होंने लोगों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ लेने की भी अपील की। इस अवसर पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एसडीएम श्री मनीष साहू, सीईओ जनपद श्री कुमार लहरे सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के जरिए लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सुशासन तिहार का उद्देश्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण करें। शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और लोगों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन तिहार के तहत सरकार लोगों के गांव, घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रही है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में आपकी उपस्थिति अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति आप लोगों की जागरूकता का परिचायक है।शिविर में आज कुल 196 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 161 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष 35 आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा निर्धारित की गई है। शिविर में खाद्य विभाग द्वारा 9 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण, 4 हितग्राहियों को उज्जवला गैस कनेक्शन प्रदान किए गए। उच्चभट्ठी के प्रफुल्ल कुमार, कमल बाई मंडला, नरोत्तम कुमार सूर्यवंशी और पिंकी कोशले को जॉब कार्ड का वितरण किया गया। आवास पूर्ण करने पर 9 हितग्राहियों आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री नोनी सशिक्तकरण सहायता योजना अंतर्गत ग्राम उच्चभट्ठी की कुमारी पूजा और नंदनी को 20-20 हजार चेक दिया गया। उच्चभट्ठी के ही श्रीमती राम प्यारी सूर्यवंशी एवं श्री किशन कन्हैया सूर्यवंशी को श्रमिक पंजीयन कार्ड का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयुष खरे, तनिषा, सृद्धि एवं अयांश का अन्नप्राशन कार्यक्रम किया गया।विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने शिविर में बड़ी संख्या में बीपी, शुगर की जांच कराई। स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा दवाईयों का वितरण किया गया।
- *राजधानी में दो दिनों तक लेंगे मैराथन बैठक*बिलासपुर/उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव राजधानी रायपुर में दो दिनों तक मैराथन बैठक कर लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे 7 मई को नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में राष्ट्रीय राजमार्गों तथा सेतु निर्माण के कार्यों के साथ विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों की समीक्षा करेंगे। श्री साव अगले दिन 8 मई को पांचों संभागों में सड़कों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
- *- शुद्ध पेयजल समस्या से निजात के लिए क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग पर विशेष जोर**- सांसद की अध्यक्षता मे दिशा समिति की बैठक संपन्न*दुर्ग/ लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद श्री बघेल ने निर्देशित किया कि जिले में राज्य और केन्द्र शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएं। सांसद श्री बघेल ने क्षेत्र के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक पौधारोपण करने पर जोर देते हुए “एक पेड़ मां के नाम” और “एक सोखता संतान के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल संवर्धन को भी बढ़ावा मिल सके।सांसद ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों में पौधारोपण को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही नगरीय निकायों में बिल्डिंग परमिशन देते समय रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने नगरीय निकायों के आयुक्तों को स्वयं क्षेत्र में जाकर कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। साथ ही ग्राम पंचायतों में भी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। मनरेगा के तहत प्रत्येक गांव में काम शुरू करने तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल देते हुए अधिकारियों ने बताया कि निकुम, जेवरा-सिरसाखुर्द-भटगांव, चंदखुरी-कोलिहापुरी-पीसेगांव, अंजोरा-ढाबा, मोतीमपुर, ओदरागहन-सुरपा एवं कौही-रानीतराई समूह जलप्रदाय योजनाओं पर कार्य जारी है। सांसद ने लोगों को शुद्ध पेयजल जैसी समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए प्रमुखता से क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग करने को कहा।सांसद बघेल ने कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए समय पर खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत बारिश से पहले पशुओं का टीकाकरण गांव-गांव में शिविर लगाकर प्राथमिकता से करने को कहा। इसके अलावा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करने तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जर्जर सड़कों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खराब सड़कों का निरीक्षण कर शीघ्र सुधार कार्य सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, सांसद आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण 1.0 एवं 2.0, अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन 2.0, जल जीवन मिशन, पशुपालन, स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, समग्र शिक्षा, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों की जानकारी दी।बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री बजरंग दुबे ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 28 फरवरी 2026 तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। वहीं मार्च 2026 से मई 2026 तक 65 प्रतिशत मानव दिवस उपलब्ध कराए गए हैं। सांसद श्री बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष अवधि में कार्यों में और तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। उन्होंने प्रत्येक गांव में मनरेगा के तहत कार्य प्रारंभ करने और जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।जिले में 1550 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है, जिनमें से 1171 आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु स्वयं के भवन में संचालित है। पीएम केयर्स चिल्ड्रन योजना अंतर्गत जिले में 17 बच्चे चिन्हांकित है जिन्हें योजना के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। स्पान्सरशिप योजना अंतर्गत बच्चों को शिक्षा प्रदाय किए जाने प्रतिमाह चार हजार रूपए दिए जा रहे हैं। इस योजना के तहत जिले में 62 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।इस दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सांसद द्वारा दिए गए निर्देशों का परिपालन सुनिश्चित कर जिले में योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन किये जाने आश्वस्त किया। वहीं इस दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के दौरान आयुक्त नगर निगम दुर्ग श्री सुमित अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम रिसाली श्रीमती मोनिका वर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, जनपद पंचायत सदस्यगण, समिति के सदस्य सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
- 0- गंभीर बीमारी के इलाज और बच्चों की पढ़ाई के लिए मांगी मदद0- जनदर्शन में प्राप्त हुए 104 आवेदनदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुँचे ग्रामीणों और नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का परीक्षण कर शासन के नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जनदर्शन में आज प्रधानमंत्री आवास योजना, अवैध कब्जा हटाने, पेयजल की समस्या, गंभीर बीमारियों के लिए आर्थिक सहायता और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में 104 आवेदन प्राप्त हुए।जनदर्शन में आवास की समस्या को लेकर भी अनेक आवेदन प्राप्त हुए। ग्राम पंचायत खपरी की एक महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकान की मांग की। आवेदिका ने बताया कि वह एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर है, जिससे बरसात के दिनों में जान-माल का खतरा बना रहता है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह स्वयं मकान बनवाने में असमर्थ है। कलेक्टर ने जनपद पंचायत के अधिकारियों को पात्रता की जांच कर प्राथमिकता के आधार पर आवास स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।इसी कड़ी में, भिलाई की एक बुजुर्ग महिला ने अपने बीमार पुत्र के इलाज और परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं, जिसके कारण वह काम करने में असमर्थ है। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण घर का खर्च और बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करना कठिन हो गया है। कलेक्टर ने इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में पेयजल आपूर्ति और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुईं। ग्राम अमलीडीह से पहुँचे ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत गाँव में विशाल पानी टंकी का निर्माण हो गया है, लेकिन ग्रामीणों को नल से नियमित जल प्राप्त नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति शुरू करने की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने पीएचई के कार्यपालन अभियंता को तत्काल स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अवैध कब्जे के मामलों में, स्मृति नगर क्षेत्र की एक महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवंटित अपने मकान पर परिजनों द्वारा ही ताला लगाकर अवैध रूप से कब्जा करने की शिकायत की। इसके अतिरिक्त, ग्राम बघेरा और शीतला नगर बोरसी के निवासियों ने भी सार्वजनिक रास्तों और निजी भूमि पर अवैध कब्जे व बिना अनुमति 5जी टावर लगाए जाने का विरोध किया। कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को इन मामलों में जाँच कर अवैध निर्माण और कब्जों को तत्काल हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही, नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के अंतर्गत एक अन्य आवेदन में मोहल्ले की सफाई और नालियों के संधारण की मांग की गई। नागरिकों ने बताया कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से गंदगी फैल रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जनदर्शन में प्राप्त अन्य आवेदनों में पेंशन, राशन कार्ड और भूमि संबंधी विवादों का भी उल्लेख रहा, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लेने और निराकरण करने के निर्देश दिए।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के परिपालन में, नगरीय निकाय उपचुनाव 2026 की तैयारियों के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारी व प्रतिनिधिगण सम्मिलित हुए। इस दौरान राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि नगर निगम भिलाई एवं रिसाली के उपचुनाव हेतु फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 को कर दिया गया है। यह मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग की नामावली के आधार पर 01 अप्रैल 2026 की स्थिति में पुनरीक्षित की गई है। इसके अलावा उपस्थित राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों को आगामी निर्वाचन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
- 0- किसानों को उन्नत तकनीकों और योजनाओं की दी जाएगी जानकारी, वैज्ञानिक करेंगे गांव-गांव संवाददुर्ग. जिले में 05 से 20 मई 25 तक ‘‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’’ खरीफ 2026 प्रारंभ होने के पूर्व कृषि कार्यो की तैयारी आधुनिक तकनीकों, किसानों के लिए उपयोगी विभिन्न विभागीय योजनाओं फसलवार अनुशंसित मात्रा अनुसार संतुलित उर्वरक के प्रति जागरूक करने तथा किसानों के द्वारा फीडबैक के आधार कृषि अनुसंधान हेतु आवश्यक दिशा निर्धारण के उद्देश्यांे से अभियान चलाया जाएगा।जिले में इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को शामिल कर 02 टीमें प्रति विकासखण्ड हेतु बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम एक दिन में एक ग्राम में जाएगी एवं जिले में कुल 72 ग्रामों में शिविर आयोजित कर किसानों से सीधा संवाद करेंगी। साथ ही किसानों से खेती संबंधी समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान बनायेगी। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन विभाग के अधिकारी विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों के साथ साझा करेंगे, जिससे किसान शासन की योजनाओं का आसानी पूर्वक लाभ ले सकें।विकासखण्ड पाटन हेतु रथ की रवानगी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं सासंद दुर्ग श्री विजय बघेल विकासखण्ड दुर्ग हेतु रथ को तथा विकासखण्ड धमधा हेतु रथ की रवानगी अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर आई.सी.ए.आर./कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकगण, कृषि/उद्यानिकी/मत्स्य पालन/पशुपालन विभाग के अधिकारीगण तथा कृषकगण उपस्थित रहें। जिले के किसानों से अपील की यह है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेकर उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करें तथा शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लें और वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर अपनी कृषि संबंधी समस्याओं का निराकरण पायें।
- दुर्ग. सुशासन तिहार-2026 के तहत चीचा जनसमस्या निवारण शिविर में जिले के नोडल अधिकारी डॉ.दिव्या श्रीवास्तव एवं श्री देवानंद बंजारे सहायक मिडिया प्रभारी के साथ दुर्ग जिले से मेडिकल टीम के सभी सदस्य उपस्थित रहे। विकासखण्ड धमधा से बी. एम. ओ. डॉ. रचना अग्रवाल, डॉ. महेंद्र शर्मा, बी.ई.टी.ओ. श्री जी.एस.उद्दे, बी.पी.एम.श्रीमती रिचा मेश्राम ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दिये। साथ ही सिकलिंग जाँच,आभा आई. डी.बनवाने, आयुष्मान कार्ड, एन.सी.डी. की जाँच एवं एच.पी.व्ही. वैक्सीन लगवाने की अपील किये। दिव्यांग शिविर में हितग्राहियों की जाँच एवं प्रमाण पत्र दिये गये। शिविर में 55 आभा आई. डी., 05 आयुष्मान कार्ड, 42 एन.सी.डी., 15 सिकलिंग जाँच और 02 विकलांग प्रमाण पत्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

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