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- कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश
-बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश - स्वयं मौका मुआयना करें, मानसून में भी सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें-वर्षा ऋतु के बाद निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में लाएं तेजी, समयबद्ध रूप से पूर्ण हों सड़क निर्माण के कार्य - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। - -वनांचल में 15.40 किमी सड़कों का होगा निर्माण, विकास को मिलेगी नई रफ्तार-मुड़घुसरी-ठाकुरटोला, ठाकुरटोला-बांटीपथरा और सिंघारी-पांडातराई मार्ग होंगे बेहतर-बैगा बाहुल्य क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक सुगम पहुंच की मिलेगी सुविधारायपुर / वनांचल के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड को बड़ी सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम मुड़घुसरी में 1.48 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले तीन सड़क मार्गों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 15.40 किमी लंबाई के इन सड़क मार्गों के निर्माण से बैगा बाहुल्य क्षेत्र के ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार सहित अन्य जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर होगी। भूमिपूजन के अंतर्गत मुड़घुसरी से ठाकुरटोला मार्ग का 3.30 किलोमीटर, ठाकुरटोला से बांटीपथरा मार्ग का 4.00 किमी तथा सिंघारी से पांडातराई मार्ग का 8.40 किमी लंबाई में निर्माण किया जाएगा। इन मार्गों के बेहतर होने से वनांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा मजबूत होने के साथ ही क्षेत्र में विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का विकास शासन की प्राथमिकता है। सड़क सहित मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं का मार्ग भी खोलती है। सड़क मार्गों के नवीनीकरण से वनांचल के ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। बेहतर सड़क सुविधा से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से गांव में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा आवश्यक विकास कार्यों के संबंध में जानकारी ली और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति भी जानी। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने कहा। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में ग्रामीणों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। शासन द्वारा विकास कार्यों और योजनाओं के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- राजनांदगांव । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के तत्वाधान, मुख्य संरक्षक एवं मुख्य न्याधिपति छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव श्री विजय कुमार होता के निर्देशन में 12 सितम्बर 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के न्यायाधीश, राजनांदगांव जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीश, अधिवक्ता संघ, राजनांदगांव के अध्यक्ष, लीड बैंक राजनांदगांव, बैंक अधिकारी, नगरपालिका अधिकारी, बीएसएनएल अधिकारी, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी एवं पैरालीगल वालेन्टियर्स उपस्थित हुए। सर्वोच्च न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक के न्यायालयों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें राजनांदगांव, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी एवं जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले में न्यायालय में लंबित, राजस्व न्यायालय एवं प्री-लिटिगेशन के 304034 प्रकरणों को निराकरण के लिए चिन्हित किया गया है।प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव श्री विजय कुमार होता के नेतृत्व में लोक अदालत के आयोजन की सभी तैयारी पूर्ण कर ली गयी थी। नेशनल लोक अदालत आयोजित करने के लिए कुल 48 खंडपीठों का गठन किया गया। नेशनल लोक अदालत में 307495 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। निराकृत किए गए मामलों में कुल 304034 मामले प्री-लिटिगेशन चरण के थे और 3461 मामले ऐसे थे जो विभिन्न न्यायालयों में लंबित थे, निपटान राशि लगभग 33,930,278,740 रूपए रहा। नेशनल लोक अदालत में आपराधिक राजीनामा योग्य मामले, मोटर वाहन दुर्घटना दावा से संबंधित मामले, धारा-138 एनआई एक्ट से संबंधित मामले अर्थात चेक से संबंधित मामले, वैवाहिक विवाद के मामले, श्रम विवाद के मामले, बैंक ऋण वसूली वाद, रूपए वसूली वाद, नगर निगम से संबंधित कर वसूली मामले, विद्युत बिल एवं टेलीफोन बिल के मामले, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले, राजस्व न्यायालय के मामले एवं अन्य राजीनामा योग्य वाद सहित अन्य मामलों की सुनवाई की गई।नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में निराकृत हुए प्रकरणों की सफल कहानी01. राजीनामा होने से साथ-साथ रहने हुए राजीराष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा निर्धारित नेशनल लोक अदालत 12 सितम्बर 2026 के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा जिला राजनांदगांव में आयोजित की गई। नेशनल लोक अदालत के आयोजन अवसर पर न्यायालय - न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय राजनांदगांव श्री उत्तरा कुमार कश्यप के न्यायालय में लंबित विविध दांडिक प्रकरण क्रमांक-114/2026, पक्षकार श्रीमती सेवती बाई व अन्य विरूद्ध बेनलाल वर्मा, आवेदिका एवं अनावेदक का विवाह 11 सितम्बर 2011 को संपन्न हुआ था। उनके दाम्पत्य जीवन से पुत्र तेजकुमार वर्मा जन्म 1 जून 2015 को हुआ है। विवाह के कुछ दिन बाद अनावेदक, आवेदिका क्रमांक-1 से शराब पीकर शारीरिक एवं मानसिक रूप से दहेज देने के लिए प्रताडि़त करके अमानवीय रूप से मारपीट करने लगा और 12 मई 2026 को आवेदकगण को मारपीट कर घर से निकाल दिया। जिसके कारण पृथक रहने के पश्चात आवेदिका ने स्वयं के लिए भरण-पोषण राशि दिलाए जाने बाबत प्रकरण पेश की। उभयपक्ष के मध्य राजीनामा की कार्यवाही की गई, जो सफल रही। उभयपक्ष के मध्य आपसी राजीनामा हो चुका है। प्रकरण नेशनल लोक अदालत में समाप्त किया गया।02-राजीनामा होने से साथ-साथ रहना कबूल किया।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा निर्धारित नेशनल लोक अदालत 12 सितम्बर 2026 के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा जिला राजनांदगांव में आयोजित की गई। नेशनल लोक अदालत के आयोजन अवसर पर न्यायालय माननीय-न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय राजनांदगांव श्री उत्तरा कुमार कश्यप के न्यायालय में लंबित व्यवहार वाद प्रकरण क्रमांक-130ए/2025, पक्षकार बैनू कुमार देवांगन विरूद्ध श्रीमती दिव्या उर्फ गायत्री, आवेदिका एवं अनावेदक का विवाह 20 अप्रैल 2021 को संपन्न हुआ। उनके दाम्पत्य जीवन से पुत्र भावेश देवांगन का जन्म हुआ है। प्रतिवादी हमेशा वादी और उसके परिवार वालों को छोटी-छोटी बातों पर वाद-विवाद कर मायके जाने की धमकी देती थी और अधिकतर समय मायके में निवास करती थी। 2 जून 2026 को प्रतिवादी अवयस्क पुत्र भावेश को लेकर बिना कारण बताए मायके चली गई और वादी के साथ उसके घर आने से इंकार कर दी। प्रतिवादी बिना किसी उचित एवं पर्याप्त कारण के उसे दाम्पत्य सुखों से वंचित कर रखी है। वादी, प्रतिवादी के साथ दाम्पत्य जीवन निवर्हन करना चाहता है। उभयपक्ष के मध्य राजीनामा की कार्यवाही की गई, जो सफल रही। राजीनामा होने से साथ-साथ निवास कर रहे हैं। उभयपक्ष के मध्य आपसी राजीनामा हो चुका है, अत: प्रकरण नेशनल लोक अदालत में समाप्त किया गया।03- नेशनल लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर लड़ाई-झगड़ा हुआ पटाक्षेपराष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा निर्धारित नेशनल लोक अदालत 12 सितम्बर 2026 के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा तालुक विधिक सेवा समिति छुईखदान में आयोजित की गई नेशनल लोक अदालत के आयोजन अवसर पर न्यायाधीश छुईखदान श्वेता पटेल के न्यायालय में सीआईएस क्रमांक-279/2020, पक्षकार छत्तीसगढ़ शासन विरूद्ध मनोज साहू, उक्त प्रकरण में प्रार्थी के नाबालिग लड़के शशिकांत साहू का साईकल से गिरने को लेकर आरोपी मनोज साहू के साथ विवाद हो गया था। उभयपक्ष को समझाईश दी गई, जिस पर वे राजीनामा के लिए सहमत हुए। न्यायालय कक्ष में उभयपक्ष ने एक-दूसरे से गले लगाया, राजीखुशी अपने-अपने घर चल गए।04- नेशनल लोक अदालत में स्थायी निषेधाज्ञा का प्रकरण समाप्तमामला खंडपीठ क्रमांक 02 पीठासीन अधिकारी, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजनांदगांव श्री विजय कुमार होता के न्यायालय का है। प्रकरण में वादीगण ने प्रतिवादीगण के विरूद्ध संविदा के विनिर्दिष्ट परिपालन, आधिपत्य एवं स्थायी निषेधाज्ञा जारी किए जाने का वाद प्रस्तुत किया था। 12 सितम्बर 2026 को लोक अदालत में उभयपक्षों की ओर आदेश-23 नियम 3 व्य.प्र.सं. का समझौता आवेदन पत्र प्रस्तुत कर डिकी दिए जाने का अनुरोध किया था। प्रकरण में राजीनामा हो जाने के आधार पर मामले का शमन हो गया और वादीगण और प्रतिवादी क्रमांक-1, भूमि बेचने के लिए किए गए सौदा के समय एग्रीमेंट की राशि 10 लाख रूपए को उसमें ब्याज जोड़ते हुए 10,60,000 रूपए अदा करने की शर्त पर राजीनामा हो गया है। राजीनामा होने से प्रकरण नेशनल लोक अदालत में समाप्त किया गया।
- -जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात-मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से कराया परिचित-सिरपुर सहित प्रदेश की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार कर रही निरंतर प्रयास-एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान भारत और जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ते संवाद सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ यह संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की मजबूत नींव है। युवाओं तथा विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से यह संबंध आने वाली पीढ़ियों में और अधिक मजबूत होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया और जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप दिखाई देती है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है।उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को जानें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का एक स्थायी संबंध स्थापित करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी जापान यात्रा से जुड़े अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिस प्रकार सहेजकर रखा है, वह प्रेरणादायी है।उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और जापान के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीक विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। भारत और जापान के शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों, शोध और नवाचार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा सकता है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम दो देशों के बीच केवल संस्थागत संबंध ही नहीं बनाते, बल्कि युवाओं के बीच मित्रता और आपसी समझ का मजबूत आधार भी तैयार करते हैं।जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि रायपुर में उन्हें अत्यंत आत्मीय अनुभव हुआ। यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज एवं आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और उसके सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्होंने मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को पुस्तकों और कक्षाओं से आगे बढ़कर यहां के समाज, संस्कृति और जीवनशैली के माध्यम से समझने का अवसर दिया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के अनुभव सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सहजता, आत्मीयता और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यहां से छत्तीसगढ़ की सुखद स्मृतियां लेकर जाएं और भविष्य में पुनः प्रदेश आएं।छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप की गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली।विशेष रूप से ऐसे स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया, जो तकनीक के माध्यम से आम लोगों की दैनिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, अनुसंधान और नवाचार आधारित सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई।उल्लेखनीय है कि भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत एहिमे यूनिवर्सिटी का 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ आया है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने प्रवास के दौरान एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों का भ्रमण किया और शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।प्रतिनिधिमंडल के भ्रमण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को समझना भी शामिल है। इसी क्रम में छात्र प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर का भ्रमण करेगा। यहां विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध विरासत, स्थापत्य, कला और सांस्कृतिक इतिहास को करीब से जानेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को छत्तीसगढ़ प्रवास के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की यात्राएं दो देशों की नई पीढ़ी को एक-दूसरे की संस्कृति, उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और जापान के युवाओं के बीच यह संवाद भविष्य में मित्रता, ज्ञान, नवाचार और साझी प्रगति के नए अध्याय लिखेगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर श्री दिलीप सिंह सिसोदिया, डॉ. समीर बाजपेयी, आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर सी.के. मोहन, उद्योग विभाग के अतिरिक्त संचालक श्री संजय गजघाटे, उपसंचालक श्री अमय त्रिपाठी, चिप्स के ज्वाइंट सीईओ श्री अनुपम आशीष टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- - इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपयेरायपुर /छत्तीसगढ के बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड स्थित तारापुर गांव की महिलाओं ने अपनी लगन और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। 'मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व सहायता समूह' की ग्रामीण महिलाओं ने इस गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) प्रतिमाएं बनाकर महज कुछ हफ्तों में 1.80 लाख रुपये की बंपर कमाई की है।शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से बिना किसी हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किए 52 मनमोहक गणेश प्रतिमाएं तैयार की थीं। बाजार में आते ही इन पर्यावरण-हितैषी मूर्तियों की भारी मांग देखने को मिली और पूरा स्टॉक हाथों-हाथ बिक गया।समूह की सदस्य शांति नागवंशी ने खुशी जताते हुए कहती हैं कि अपनी मेहनत से गढ़ी मूर्तियों की पूजा होते देखना और स्वयं की कमाई हासिल करना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा में करेंगे।सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुई तारापुर की इन महिलाओं की यह पहल न केवल पूरे जिले में सराही जा रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दे रही है l
- -17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान- 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 2371 आंगनबाड़ी केन्द्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’-कलेक्टर ने जिलेवासियों से खिलौना दान कर बच्चों की खुशियों में सहभागी बनने की अपीलरायपुर / बलरामपुर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ’सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी और सामाजिक सरोकार से जोड़ने की दिशा में बलरामपुर जिले में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में ’आंगन मिलन सेवा‘ (आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ सम्मान) कार्यक्रम 25 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप इस पहल के तहत जिले के सभी ’2371 आंगनबाड़ी केन्द्रों’ में आने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए जनसहयोग से खिलौने उपलब्ध कराए जाएंगे।‘आंगन मिलन सेवा’ का उद्देश्य आंगनबाड़ी केन्द्रों को बच्चों के लिए और अधिक आनंदमय, आकर्षक तथा सीखने के अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। इस पहल में जिले के नागरिकों की सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया है। ’खिलौना दान इस आयोजन का सबसे आत्मीय और संवेदनशील पक्ष होगा’, जिसके माध्यम से जिलेवासी आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ सेवा, स्नेह और अपनत्व का भाव साझा कर सकेंगे।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से अपील की है कि उनके घरों में ऐसे ’सुरक्षित, स्वच्छ एवं उपयोगी खिलौने’, जिनका अब उपयोग नहीं हो रहा है, वे उन्हें आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को भेंट कर सकते हैं। इसके साथ ही इच्छुक नागरिक अपनी स्वेच्छा से नए खिलौने खरीदकर भी बच्चों को दान कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए किया गया छोटा-सा प्रयास भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। जिले के नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और व्यवसायिक प्रतिष्ठान 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच अपने निकटतम आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचकर इस जनभागीदारी अभियान में शामिल हो सकते हैं।कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की ’पहली पाठशाला’ हैं। यहीं से बच्चों में सीखने, समझने, संवाद करने और सामाजिक व्यवहार की प्रारंभिक नींव तैयार होती है। ऐसे में इन केन्द्रों को बच्चों के लिए अधिक जीवंत और सीखने योग्य बनाने में समाज की सहभागिता निर्णायक भूमिका निभा सकती है।उन्होंने जिलेवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि आपका छोटा-सा सहयोग किसी बच्चे के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकता है और उसकी सीखने की यात्रा को और समृद्ध कर सकता है। बच्चों के लिए किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करने में योगदान देता है।बच्चों के लिए खिलौने केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे उनके ’रचनात्मक, बौद्धिक और सामाजिक विकास’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल-खेल में बच्चे नई चीजों को समझते हैं, अपनी कल्पनाशक्ति को विकसित करते हैं और भाषा तथा सामाजिक व्यवहार से जुड़े कौशल सीखते हैं।जनसहयोग से प्राप्त खिलौनों का उपयोग आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने में किया जाएगा, जहां वे ’खेलते हुए सीख सकें, अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त कर सकें और सीखने की प्रक्रिया का आनंद उठा सकें।’ इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की रुचि और सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा।‘आंगन मिलन सेवा’ केवल खिलौना दान तक सीमित पहल नहीं है, बल्कि यह समाज में ’संवेदनशीलता, सहयोग और अपनत्व की भावना को मजबूत करने का अवसर’ भी है। एक ओर जहां बच्चों को उनके विकास के लिए उपयोगी संसाधन मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर समाज के विभिन्न वर्गों को बच्चों के साथ सीधे जुड़कर सेवा का अवसर मिलेगा।जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ में सक्रिय सहभागिता निभाएं। अपने घर में अनुपयोगी लेकिन सुरक्षित और उपयोगी खिलौने किसी आंगनबाड़ी केन्द्र में दान करें या अपनी इच्छा के अनुसार नए खिलौने उपलब्ध कराएं।यह जनभागीदारी पहल 2371 आंगनबाड़ी केन्द्रों के नन्हे-मुन्नों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के साथ-साथ सेवा, स्नेह और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी नई मजबूती देगी। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में यह संदेश भी जाएगा कि बच्चों के बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है।
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-सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर ने किया अभिभूत
-छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन के लिए आयोजित किया विशेष हेरिटेज टूर-लक्ष्मण मंदिर, आनंद प्रभु कुटी विहार, स्वास्तिक विहार, तीवरदेव महाविहार सहित प्रमुख पुरातात्विक स्थलों का किया भ्रमण- वैश्विक अकादमिक एवं पर्यटन संवाद में सिरपुर को नई पहचान दिलाने की पहलरायपुर / छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने जापान के मत्सुयामा स्थित एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष हेरिटेज टूर का आयोजन किया। अकादमिक एवं शोध सहयोग के उद्देश्य से 12 से 14 सितंबर 2026 तक एनआईटी रायपुर द्वारा होस्ट किए गए जापानी डेलीगेशन ने 14 सितंबर को प्राचीन ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण कर छत्तीसगढ़ की उस विरासत को करीब से जाना, जिसमें बौद्ध, हिंदू और जैन संस्कृति का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।मुख्य हॉस्पिटैलिटी एवं आयोजन सहयोगी के रूप में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए सिरपुर में विशेष हेरिटेज टूर की व्यवस्था की। डेलीगेशन को सिरपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य कला, पुरातात्विक महत्व और धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने के लिए विशेषज्ञ स्थानीय गाइड की सेवाएं ली गईं। साथ ही जापानी मेहमानों की खान-पान संबंधी पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष हॉस्पिटैलिटी एवं भोजन की व्यवस्था भी की गई।महानदी के तट पर बसा सिरपुर प्राचीन काल में श्रीपुर के नाम से जाना जाता था और दक्षिण कोसल की राजधानी के रूप में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा। वर्तमान सिरपुर में हुए पुरातात्विक उत्खननों से बौद्ध विहारों, हिंदू मंदिरों, जैन अवशेषों तथा अन्य प्राचीन संरचनाओं का विस्तृत संसार सामने आया है। यहां बौद्ध, हिंदू और जैन परंपराओं से जुड़े अनेक पुरातात्विक अवशेष मौजूद हैं।जापानी प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक नगरी के प्रमुख विरासत स्थलों का भ्रमण करते हुए यहां की स्थापत्य परंपरा और प्राचीन सांस्कृतिक जीवन को समझा। उनके लिए यह भ्रमण केवल पर्यटन नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच अकादमिक, सांस्कृतिक और विरासत संवाद का एक जीवंत अनुभव रहा।डेलीगेशन के भ्रमण का प्रमुख आकर्षण लक्ष्मण मंदिर रहा। लगभग सातवीं शताब्दी से संबद्ध यह मंदिर भारत के उत्कृष्ट प्राचीन ईंट निर्मित मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर की वास्तुकला, अलंकरण और ईंटों पर की गई बारीक कारीगरी सिरपुर की स्थापत्य कला को प्रदर्शित करती है। मंदिर परिसर में पुरातात्विक महत्व की अनेक प्रतिमाएं और अवशेष भी संरक्षित हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मंदिर की संरचना, गर्भगृह, अंतराल और मंडप सहित इसकी स्थापत्य विशेषताओं को देखा तथा स्थानीय गाइड से मंदिर के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों की जानकारी प्राप्त की।इसके बाद डेलीगेशन ने आनंद प्रभु कुटी विहार का भ्रमण किया। यह सिरपुर के प्रमुख बौद्ध पुरातात्विक स्थलों में शामिल है। विहार की संरचना में केंद्रीय प्रांगण के चारों ओर कक्षों की व्यवस्था तथा सुंदर नक्काशीदार स्थापत्य तत्व दिखाई देते हैं। यहां बुद्ध की प्रतिमा और पद्मपाणि अवलोकितेश्वर से संबंधित कलात्मक अवशेष इसकी बौद्ध विरासत को विशेष बनाते हैं। उपलब्ध पुरातात्विक विवरणों के अनुसार यहां 14 कक्षों वाला मठीय परिसर रहा है।जापानी विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने यहां प्राचीन बौद्ध शिक्षा, मठीय जीवन और स्थापत्य परंपरा के बारे में जानकारी ली। यह स्थल उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि जापान की अपनी सांस्कृतिक परंपरा में भी बौद्ध दर्शन और कला का गहरा प्रभाव रहा है।डेलीगेशन ने स्वास्तिक विहार का भी अवलोकन किया। अपने विशिष्ट स्वास्तिकाकार विन्यास के कारण यह विहार सिरपुर की पुरातात्विक विरासत में विशेष पहचान रखता है। उत्खनन से यहां बुद्ध एवं पद्मपाणि से संबंधित प्रतिमाएं और अन्य बौद्धकालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने विहार की संरचना और प्राचीन वास्तु योजना को समझा तथा यह जाना कि सदियों पूर्व सिरपुर किस प्रकार धार्मिक एवं बौद्धिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा होगा।हेरिटेज टूर का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव तीवरदेव महाविहार रहा। सिरपुर के प्रमुख बौद्ध स्मारकों में शामिल इस परिसर की कला में बौद्ध एवं हिंदू परंपराओं का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। यहां बुद्ध प्रतिमाओं के साथ गंगा-यमुना, गजलक्ष्मी, पौराणिक एवं अन्य अलंकरणात्मक शिल्प दिखाई देते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस स्थल को भारतीय सांस्कृतिक समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया और यहां की कलात्मक विशेषताओं को करीब से देखा। यह अनुभव विशेष रूप से अकादमिक एवं शोध पृष्ठभूमि से आए सदस्यों के लिए ज्ञानवर्धक रहा।सिरपुर में अब तक हुए उत्खननों से अनेक बौद्ध विहारों, शिव एवं विष्णु मंदिरों तथा जैन परंपरा से जुड़े अवशेषों का पता चला है। यहां 12 बौद्ध विहार, एक जैन विहार, बुद्ध एवं महावीर की प्रतिमाओं के साथ अनेक शिव और विष्णु मंदिरों के अवशेष सामने आए हैं। इसी समृद्ध पुरातात्विक परिदृश्य को जापानी डेलीगेशन ने स्थल पर पहुंचकर अनुभव किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्राचीन ईंट निर्माण, मूर्तिकला, विहारों की योजना और मंदिर स्थापत्य को विशेष रुचि के साथ देखा तथा कई स्थलों की जानकारी और दस्तावेजीकरण में भी रुचि दिखाई।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हेरिटेज टूर को केवल स्मारक भ्रमण तक सीमित न रखते हुए अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य से जोड़ने का भी प्रयास किया। जापानी प्रतिनिधिमंडल के खान-पान की पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष भोजन व्यवस्था की गई तथा स्थानीय गाइडों ने सरल एवं रोचक तरीके से सिरपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी। इस दौरान जापानी विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने सिरपुर की प्राचीनता, स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विविधता में विशेष रुचि दिखाई। उनके लिए यह अनुभव भारत की विरासत को अकादमिक अध्ययन और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर बना।एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के सिरपुर भ्रमण के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा की गई व्यवस्थाओं और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बोर्ड की ओर से किए गए समन्वय और आतिथ्य ने जापान से आए प्रतिनिधिमंडल के लिए इस सांस्कृतिक यात्रा को सहज, यादगार और ज्ञानवर्धक बनाया।उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए इस तरह के हेरिटेज टूर केवल पर्यटन अनुभव नहीं, बल्कि विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक और अकादमिक संवाद को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से प्रतिनिधिमंडल को सिरपुर की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने और अनुभव करने का अवसर मिला।एहिमे यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल का सिरपुर भ्रमण छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत को अंतरराष्ट्रीय अकादमिक, सांस्कृतिक और पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का यह प्रयास राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को केवल घरेलू पर्यटन स्थलों के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक यात्रियों, शोधार्थियों और सांस्कृतिक अध्येताओं के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।सिरपुर जैसे विरासत स्थलों में इतिहास, धर्म, कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक सह-अस्तित्व की ऐसी कहानी समाहित है, जो भारत की प्राचीन ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपरा को विश्व के सामने प्रस्तुत करने की व्यापक संभावनाएं रखती है। जापान के विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों का यह भ्रमण इसी वैश्विक सांस्कृतिक संवाद की एक सार्थक कड़ी बना, जिसने छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत और जापान की अकादमिक दुनिया के बीच एक नया सेतु तैयार किया। - रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से भारत रत्न महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैय्या की जयन्ती अभियंता दिवस दिनांक 15 सितम्बर 2026 मंगलवार को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में पीडब्ल्यूडी चौक सिविल लाइन के किनारे स्थित उनके मूर्ति स्थल के समक्ष उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी को पीडब्ल्यूडी चौक सिविल लाइन के किनारे स्थित भारत रत्न महान अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैय्या के मूर्ति स्थल, उसके समक्ष और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलो की पंखुडिया आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्थायें प्रशासनिक तौर पर करवाने हेतु निर्देशित किया गया है।
- रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त सफाई से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा के मार्गनिर्देशन स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में जोन 9 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत विज्ञान केन्द्र सड्डू मार्ग में अभियान चलाकर सफाई करवाई और कचरा उठवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम करते हुए जोन के स्तर पर सफाई से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया.
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-टी सहदेव
भिलाई नगर। जेके फाउंडेशन के तत्वावधान में शनिवार को होटल अमित पार्क में तीज महोत्सव एवं तीज क्वीन 2026 का रंगारंग आयोजन हुआ। फाउंडेशन की अध्यक्ष टी जयारेड्डी के नेतृत्व में आयोजित समारोह में परंपरा, संस्कृति, सौंदर्य और नारी शक्ति का मनोहारी संगम देखने को मिला। समारोह के अतिविशिष्ट अतिथि विधायक रिकेश सेन, पंडवानी लोकगायिका एवं पद्मश्री उषा बारले तथा कृष्ण जन्मभूमि की राष्ट्रीय प्रचारक डॉ. नेहा गुप्ता का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया गया। तीज क्वीन प्रतियोगिता की निर्णायक मंडली में मुस्कान आहूजा, किरण रात्रे, शीबा हारवे और डॉ. दीपा मघानी शामिल रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में टी जया, रुचि जैन, डॉ. हर्षिता तिवारी, बिंदू सोनी, अर्चना वर्मा, नईशा और अंजू कुशवाहा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका उपाध्याय ने किया।*तीन श्रेणियों में हुई तीज क्वीन प्रतियोगिता*महोत्सव का मुख्य आकर्षण तीज क्वीन 2026 प्रतियोगिता रही, जिसे तीन श्रेणियों में आयोजित किया गया। मुख्य कैटेगरी में पूजा यादव ने तीज क्वीन का खिताब अपने नाम किया। सृजना फर्स्ट रनरअप और नंदिनी भुजेल सेकंड रनरअप रहीं। गोल्ड कैटेगरी में भारती साहू विजेता बनीं, जबकि पी जया फर्स्ट रनरअप तथा शशिकला गजेंद्र और सुनीता मुरकुटे सेकंड रनरअप रहीं। क्लासिक कैटेगरी में सपना सोनार और उमा महेश्वरी को विजेता घोषित किया गया। मंजू कुर्रे फर्स्ट रनरअप तथा ज्योति शांडिल्य और टी वीणा सेकंड रनरअप रहीं। वहीं सरोज निर्मलकर को तीज ग्लैमर, अनीता माधव को तीज स्टार और माधुरी नायक को तीज दीवा के खिताब से नवाजा गया।*शिव-पार्वती से लेकर राधा-कृष्ण तक दिखे विविध रूप*प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, दुर्गा, काली और महागौरी जैसे देवी-देवताओं के रूप में भारतीय संस्कृति की विविधता जीवंत कर दी। महोत्सव में बी पूर्वी ने जहां भरतनाट्यम के माध्यम से शिव की स्तुति प्रस्तुत कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा वहीं हिंदी और तेलुगु गीतों पर थिरकती महिलाओं ने समारोह में उमंग और उत्साह भर दिया। दर्शक दीर्घा में मौजूद महिलाएं भी खुद को नृत्य से रोक नहीं सकीं और आयोजन में सहभागी बन गईं। इस अवसर पर टी जयारेड्डी ने कहा कि तीज महोत्सव महज एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि नारी शक्ति, भारतीय संस्कृति और महिला प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का मंच है। आयोजन में शारदा, रेखा राव, आशा रानी, प्रतिमा, वंदना, विभा शर्मा, ईशा, गुनाराव, जया, रोहिणी, संगीता, पूजा, मनसा, पी लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, हर्षा, नीता, निर्मला,पार्वती और गीता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। - दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के दिशा-निर्देश व प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में विगत 11 सितम्बर 2026 को आरोपी अशोक कुमार घोरानी थाना रानीतराई पाटन के कब्जे से 09 लीटर कच्ची महुआ शराब एवं आरोपी मुकेश कुमार जोशी ग्राम ओटेबंध तहसील धमधा के कब्जे से 40 नग पाव देशी मदिरा मसाला शोले एवं 12 सितम्बर को आरोपी कान्हा चंद्राकर ग्राम पचपेड़ी, जिला दुर्ग के कब्जे से 48 नग पाव विदेशी मदिरा व्हिस्की रॉयल गोवा (गोवा राज्य में विक्रय हेतु अधिकृत) तथा आरोपी संजय सिंह ठाकुर ग्राम सिरसाकला जिला दुर्ग के कब्जे से 50 नग पाव विदेशी मदिरा व्हिस्की रॉयल गोवा (गोवा राज्य में विक्रय हेतु अधिकृत) कुल 33.84 लीटर शराब जप्त कर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) (क), 34(2) एवं 36 का उल्लघंन किये जाने पर 04 आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जाकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। उक्त प्रकरणों की विवेचना आबकारी उप निरीक्षक श्री अरविन्द कुमार साहू, श्री हरीश कुमार पटेल, श्री भोजराम रत्नाकर, श्रीमती कीर्ति ठाकुर द्वारा की जा रही है।
- दुर्ग। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन एवं राजनीतिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा संभाग स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां की जा रही हैं, इसी क्रम में 17 सितंबर को शाम सवा लाख दिए जलाये जायेंगे जिसके तैयारी को लेकर आज जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, कलेक्टर, एसपी सहित जिला प्रशासन के साथ कार्यक्रम स्थल पुलिस लाइन का निरिक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।केबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की 25 वर्षों की राजनीतिक एवं जनसेवा यात्रा सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रथम की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक, विकास से विरासत तक प्रधानमंत्री जी ने हर कदम देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया है।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सेवा यात्रा केवल 25 वर्षों का पड़ाव नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास, परिश्रम और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाली यात्रा है। हर योजना, हर प्रयास और हर कदम देशहित एवं जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है।श्री यादव ने कहा कि सेवा का सफर संकल्प की नई उड़ान’ के भाव के साथ 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री जी की सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा एवं जनकल्याण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं भारतीय जनता पार्टी संगठन के समन्वय से संभाग स्तरीय विभिन्न सेवा गतिविधियां, जनकल्याणकारी कार्यक्रम एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाया जाएगा।मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज विकसित भारत के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। 25 वर्षों की सेवा यात्रा हमें आने वाले वर्षों में और अधिक समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है।
- -सरयू प्रसाद स्टेडियम में शाम 4 बजे आयोजित होगा कार्यक्रम, मितानिनों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देशबालोद / सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन 17 सितंबर को किया जाएगा। कार्यक्रम सरयू प्रसाद स्टेडियम, गंजपारा, बालोद में शाम 4 बजे से प्रस्तावित है।कलेक्टर श्रीमति दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी मितानिनों की सहभागिता सुनिश्चित की गई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बालोद द्वारा खंड चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर अपने अधीनस्थ मितानिनों को निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होने के लिए निर्देशित करने तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में आवश्यक सहयोग प्रदान करने कहा गया है।‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासकीय योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिले में अभियान की गतिविधियों में स्वास्थ्य, जनकल्याण और जनभागीदारी से जुड़े मैदानी अमले की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। मितानिनों की भागीदारी से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
- -राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे शुभारंभ, दस दिनों तक देश-प्रदेश के ख्यात कलाकार देंगे प्रस्तुतियां-पहली शाम गणेश वंदना, पद्मश्री डॉ. उषा बारले की पंडवानी और पद्मश्री अनुज शर्मा की लोककला एवं संगीत से सजेगा मंचरायपुर । महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और रायगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित 41वां अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान, रायगढ़ में भव्य रूप से आयोजित होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका 14 सितंबर को शाम 7.15 बजे रामलीला मैदान पहुंचकर समारोह का शुभारंभ करेंगे। दस दिवसीय समारोह में देश-प्रदेश के ख्यात कलाकार शास्त्रीय नृत्य, गायन, वादन, लोककला एवं साहित्य की विविध विधाओं की प्रस्तुतियों से रायगढ़ को कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर करेंगे।समारोह की पहली शाम श्री वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों की गणेश वंदना से होगी। इसके बाद पद्मश्री डॉ. उषा बारले की पंडवानी और पद्मश्री अनुज शर्मा की लोककला एवं संगीत की प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण होगी। आगामी दस दिनों में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी, कथकली सहित विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों के साथ पंडवानी, लोकनृत्य, लोकसंगीत, भजन और वादन की प्रस्तुतियां होंगी। समारोह में देश-प्रदेश के अनेक प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।*दिनवार कार्यक्रम: हर शाम कला के अलग रंग**14 सितंबर:* श्री वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों की गणेश वंदना, पद्मश्री डॉ. उषा बारले की पंडवानी तथा पद्मश्री अनुज शर्मा की लोककला एवं संगीत की प्रस्तुति।*15 सितंबर:* अनुष्का सुल्तानिया का कथक, स्टार्क सोसाइटी बाड़मेर का राजस्थानी फोक, टी. लक्ष्मी रेड्डी का कुचिपुड़ी, निशित गंगानी का तबला वादन, तरुणा साहू एवं ग्रुप की पंडवानी तथा माधवरस बैंड का भजन गायन।*16 सितंबर:* डॉ. दीपिका सरकार का भरतनाट्यम, सुश्री विभूति शर्मा का कथक, भूपेंद्र साहू का छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, मौमाला नायक तथा यास्मीन सिंह एवं ग्रुप का कथक, पायल साहू एवं ग्रुप की लोककला।*17 सितंबर:* शिव शक्ति कला संस्थान का कथक, जाह्नवी बेहरा का ओडिसी, शिवरंजनी हरीश का भरतनाट्यम, श्रीमती मधुमिता रॉय मिश्रा का कथक, कलापर्णा नृत्य समूह का भरतनाट्यम तथा ‘बादल-बस्तर’ समूह की गीत एवं नृत्य प्रस्तुति।*18 सितंबर:* श्वेता नायक एवं ग्रुप का कुचिपुड़ी, डॉ. मंजू इलंगबम का मणिपुरी, डॉ. खुशबू पंचाल का कथक, पद्मश्री डॉ. भारती बंधु के कबीर भजन तथा अनुराग शर्मा का लोक संगीत।*19 सितंबर:* रीला होता एवं गौरीशंकर दाश की ओडिसी प्रस्तुति के बाद रात्रि 9 बजे अखिल भारतीय काव्य संध्या होगी।*20 सितंबर:* बी. साहू का गोटीपुआ, खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की नृत्य प्रस्तुति, पद्मश्री रामलाल बरेठ के निर्देशन में भूपेंद्र बरेठ एवं समूह का कथक तथा इंडियन आइडल फेम अमित साना का गायन।*21 सितंबर:* आर्या नंदे का ओडिसी, संस्कार कला संघ की नृत्य नाटिका, नृत्यांजलि का बनारस घराने का कथक, सोनू गुप्ता एवं ग्रुप का लोक संगीत, वासंती वैष्णव एवं ग्रुप का कथक, रुद्रशंकर मिश्रा का बनारस घराने का कथक तथा ‘त्रिवेणी संगम’ द्वारा संतूर-पखावज-तबला वादन।*22 सितंबर:* दीक्षा रथ का ओडिसी, लहरगंगा पुरानिक साहू, गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर का कथकली, प्रो. डॉ. लवली शर्मा का सितार वादन, का लोक संगीत तथा राकेश शर्मा का सूफी गायन।*23 सितंबर:* भव्य समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पद्मश्री कविता कृष्णमूर्ति की विशेष संगीत संध्या तथा आयुष नामदेव के ‘सियाधेश म्यूजिक बैंड’ की प्रस्तुति समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी।
- -22 सितंबर को समस्त दस्तावेजों के साथ एसडीएम के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश-कॉलोनाइजर लाइसेंस से लेकर ईडब्ल्यूएस भूमि हस्तांतरण और निम्न आय वर्ग के भूखंडों के विक्रय की होगी जांचरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन के साथ आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में कॉलोनाइजरों द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए निर्धारित भूमि एवं भू-खंडों को आरक्षित रखने तथा उनके नियमानुसार विक्रय से जुड़े प्रावधानों की व्यापक जांच की जा रही है। जांच के क्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रायगढ़ द्वारा ग्राम खैरपुर, पण्डरीपानी पूर्व, बड़े अतरमुड़ा एवं जोरापाली स्थित पांच कॉलोनी प्रकरणों से संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी संबंधितों को 22 सितंबर 2026 को प्रातः 11 बजे आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी के साथ एसडीएम कार्यालय, रायगढ़ में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय द्वारा 1 सितंबर 2026 को जारी निर्देशों के परिपालन में शुरू हुई जांच के तहत कॉलोनाइजरों द्वारा ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित भूमि, निम्न आय वर्ग के लिए सुरक्षित भू-खंडों तथा कॉलोनी विकास से संबंधित विभिन्न वैधानिक प्रावधानों के पालन की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है।ग्राम खैरपुर में खसरा नंबर 606/1/1 सहित अन्य खसरों की कुल 7.259 हेक्टेयर भूमि पर किए गए कॉलोनी विकास के संबंध में श्री कमल अग्रवाल, रायगढ़ इस्पात एवं पॉवर प्रा.लि., देलारी रायगढ़ को नोटिस जारी किया गया है।ग्राम पण्डरीपानी पूर्व में खसरा नंबर 15000/1/1 एवं 15000/2/1 की कुल 2.848 हेक्टेयर भूमि पर कॉलोनी विकास के संबंध में श्रीमती कुन्तिमा पटेल, श्री शिरिष कुमार डनसेना, श्री राजेश पटेल, श्री गौतम प्रसाद पटेल, श्री राहुल रोहड़ा, श्री प्रमोद कुमार अग्रवाल एवं श्री दीपक सिंघल को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।ग्राम बड़े अतरमुड़ा में खसरा नंबर 156/1/1 की 19,240 वर्गमीटर भूमि पर कॉलोनी विकास के संबंध में श्रीमती शांति देवी देवांगन एवं श्री मनीष देवांगन को नोटिस जारी किया गया है। इसी ग्राम में खसरा नंबर 15000/2/1 की 84,038 वर्गमीटर भूमि पर कॉलोनी विकास के संबंध में श्री ओमप्रकाश एवं श्री शुभम शुक्ल को भी आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।वहीं ग्राम जोरापाली में खसरा नंबर 15000/1 की 2.238 हेक्टेयर भूमि पर कॉलोनी विकास के संबंध में श्री राहुल रोहड़ा एवं श्री नीरज अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है।*ईडब्ल्यूएस भूमि से जुड़े प्रावधानों की होगी विस्तृत जांच*जांच के दौरान संबंधित कॉलोनाइजरों से कॉलोनाइजर लाइसेंस, भूमि व्यपवर्तन आदेश, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृत ले-आउट तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी विकास अनुज्ञा सहित आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं।एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए निर्धारित 15 प्रतिशत भूमि सक्षम प्राधिकारी को हस्तांतरित किए जाने संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। वहीं, एक एकड़ से कम क्षेत्रफल वाली कॉलोनियों के मामले में भूमि के मूल्य के समतुल्य राशि सक्षम प्राधिकारी एवं ग्राम पंचायत द्वारा संधारित संबंधित खाते में जमा किए जाने की रसीद प्रस्तुत करनी होगी।इसके अलावा निम्न आय वर्ग के व्यक्तियों के लिए सुरक्षित न्यूनतम 10 प्रतिशत भू-खंडों के विक्रय की स्थिति, बंधक भू-खंडों को बंधनमुक्त किए जाने संबंधी सक्षम अधिकारी के आदेश, कॉलोनी के आंतरिक विकास पर व्यय होने वाली संभावित राशि के 2 प्रतिशत पर्यवेक्षण शुल्क को ग्राम पंचायत निधि में जमा किए जाने की रसीद तथा बाह्य विकास के लिए निर्धारित 100 रुपये प्रति वर्गमीटर की राशि पंचायत कोष में जमा किए जाने संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।कॉलोनी विकास कार्य पूर्ण होने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी एवं ग्राम पंचायत को भेजी गई जानकारी की प्रति भी संबंधित कॉलोनाइजरों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।*दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर होगी वैधानिक कार्रवाई*प्रशासन ने नोटिस के माध्यम से स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित व्यक्ति निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। निर्धारित समय पर जानकारी अथवा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इसकी जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजरों की होगी।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Business Forum में साझा की वैश्विक आर्थिक विकास की तस्वीररायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि BRICS देशों की आर्थिक ताकत में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और इसकी विकास गति वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में करीब दो गुनी रही है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS देशों की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को दर्शाता है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Business Forum में BRICS देशों की आर्थिक प्रगति के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि जिस अवधि में दुनिया की GDP करीब ढाई गुना बढ़ी, उसी अवधि में BRICS देशों की संयुक्त GDP लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है।उन्होंने कहा कि BRICS देशों की यह आर्थिक प्रगति वैश्विक विकास के बदलते स्वरूप का महत्वपूर्ण संकेत है। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं, विशाल बाजार, युवा आबादी और बढ़ते व्यापारिक अवसरों के कारण BRICS वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में एक मजबूत और प्रभावशाली समूह के रूप में उभर रहा है।श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत भी वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की मजबूत आर्थिक नींव, सुधारों, निवेश के अनुकूल वातावरण और नवाचार आधारित विकास से देश की वैश्विक भूमिका लगातार सशक्त हो रही है।उन्होंने कहा कि BRICS की बढ़ती आर्थिक शक्ति भारत सहित सदस्य देशों के लिए नए व्यापार, निवेश और सहयोग के अवसरों का मार्ग प्रशस्त करती है। यह वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूती देने के साथ ही समावेशी और संतुलित वैश्विक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
- -उप मुख्यमंत्री ने भोरमदेव शक्कर कारखाना में 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण का किया शुभारंभ-शक्कर कारखाना कवर्धा को सर्वाेच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 हेतु राष्ट्रीय स्तर का मिला एफिशिएंसी अवार्ड-उप मुख्यमंत्री ने किसानों की सुविधा के लिए शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा कीरायपुर। देश में लगातार दो वर्षों तक सर्वाधिक रिकवरी का गौरव हासिल करने वाले भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने किसानों को एक और बड़ी सौगात दी है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 28 हजार शेयरधारी गन्ना किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर 50 किलो शक्कर वितरण का शुभारंभ किया। यह लगातार तीसरा वर्ष है, जब किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा को नेशनल को ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन,नई दिल्ली के द्वारा सर्वाेच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में एफिशिएंसी अवार्ड प्राप्त होने पर क्षेत्र वासियों, शेयर धारक किसानों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किसानों की सुविधा के लिए भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना परिसर में डोम निर्माण की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह कारखाना किसानों का अपना कारखाना है और इसकी मजबूती किसानों की सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में लगातार तीसरे वर्ष किसानों को रियायती दर पर शक्कर वितरण की शुरुआत की गई है। इस वर्ष 4 हजार 686 नए किसानों को शेयरधारी बनाया गया है। इस प्रकार अब लगभग 28 हजार शेयरधारी किसानों को 30 रुपए प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को यह लाभ सहकारिता की भावना और कारखाने से उनके जुड़ाव का महत्वपूर्ण परिणाम है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कारखाने में 2 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई थी। इस वर्ष इसे बढ़ाकर 4 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कारखाने से अनुबंध करें और गन्ना उपलब्ध कराएं, ताकि कारखाना निरंतर सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से ही कारखाना आगे बढ़ेगा और इसका लाभ भी किसानों तक पहुंचेगा। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री संतोष पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और किसान उपस्थित रहे । उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 में पूरे देश में सर्वाधिक रिकवरी प्राप्त करने वाले कारखाने के रूप में गौरव हासिल किया है। इसके लिए कारखाने को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर रिकवरी केवल कारखाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का परिणाम है। किसानों द्वारा उत्पादित गुणवत्तापूर्ण गन्ने और उनके परिश्रम से ही कारखाना उच्च स्तर पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत, कारखाना प्रबंधन की कार्यक्षमता और सहकारिता की भावना मिलकर भोरमदेव शक्कर कारखाना को नई पहचान दे रही है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें होने वाला लाभ सभी सदस्यों के बीच साझा होता है। यही कारण है कि सहकारिता किसानों के लिए उपयोगी और लाभकारी व्यवस्था है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कारखाने से जुड़कर शेयरधारी बनें और गन्ना अनुबंध के माध्यम से इसकी गतिविधियों को और मजबूत करें। उन्होंने किसानों को समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। तीजा पर्व और गणेश चतुर्थी की तैयारियों के बीच किसानों को शक्कर का वितरण किया जाना खुशी की बात है। त्योहारों में प्रसाद और पकवानों के लिए मिठास की आवश्यकता होती है, ऐसे समय में किसानों को रियायती दर पर शक्कर मिलने से त्योहार की खुशियों में और मिठास बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से किसानों के हित में शक्कर वितरण की व्यवस्था फिर शुरू हुई है। कवर्धा के किसानों की मेहनत और परिश्रम ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। बेहतर गन्ना उत्पादन और शक्कर की अच्छी रिकवरी किसानों की मेहनत का परिणाम है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गन्ना उत्पादक किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और गन्ने का उत्पादन और बढ़े। किसानों के हित में बोनस बढ़ाने के लिए भी सरकार आवश्यक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से तैयार शक्कर आज त्योहार के अवसर पर उनके घरों तक पहुंच रही है और इससे खुशियों में मिठास बढ़ेगी।
- -एनडीपीएस एक्ट सम्बंधित राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा हुए शामिल-प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशील बनाने कवर्धा में कार्यशाला का हुआ आयोजन-उप मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानितरायपुर। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज कबीरधाम जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अजय यादव, पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए।कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज श्री अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें।कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
- -14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में सजेगा कला और संस्कृति का भव्य मंचरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका 14 सितम्बर को रायगढ़ में 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का शुभारंभ करेंगे। 14 से 23 सितम्बर तक 10 दिनों तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन रायगढ़ के रामलीला मैदान में होगी। चक्रधर समारोह रायगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक परंपरा का प्रमुख उत्सव है। समारोह में देश-प्रदेश के ख्यात कलाकार अपनी कला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह में शास्त्रीय नृत्य, संगीत, लोककला सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल श्री रमेन डेका 14 सितम्बर को जिला जांजगीर-चाम्पा से बाय रोड प्रस्थान कर शाम 4.30 बजे जिंदल स्टील गेस्ट हाऊस, पतरापाली रायगढ़ पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 7.15 बजे रामलीला मैदान पहुंचकर चक्रधर समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्यपाल श्री डेका जिंदल स्टील गेस्ट हाऊस, पतरापाली़ में रात्रि विश्राम करेंगे। वे 15 सितम्बर को पूर्वान्ह 11.30 बजे जिंदल स्टील गेस्ट हाऊस, जिला जांजगीर-चाम्पा के लिए प्रस्थान करेंगे।
- -BRICS की अध्यक्षता भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण : मुख्यमंत्री-ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूती देगा भारत का नेतृत्वरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर एक विश्वसनीय और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है। वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता और 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव का अवसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज न केवल अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है, बल्कि विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी वैश्विक मंचों पर सशक्त स्वर दे रहा है।उन्होंने कहा कि “Building Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” की थीम के साथ भारत की BRICS अध्यक्षता वैश्विक सहयोग, नवाचार और सतत विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारत का दृष्टिकोण सदैव दुनिया को साथ लेकर चलने और साझा प्रगति के नए मार्ग तैयार करने का रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक मंचों पर सदैव स्पष्ट और दृढ़ रुख रखा है। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और तकनीक के माध्यम से जनसामान्य के जीवन में बदलाव का भारत का मॉडल आज दुनिया के लिए प्रेरणा बन रहा है। BRICS जैसे मंच इन अनुभवों और विकास की संभावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका देश और राज्यों के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी लेकर आ रही है। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारत का नेतृत्व वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने और साझा समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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*कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मरीन ड्राइव में कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, तैयारियों के दिए निर्देश*
रायपुर/ सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को रायपुर 25 लाख दीयों की रोशनी से जगमगाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बीती रात मरीन ड्राइव पहुंचकर निरीक्षण किया।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कार्यक्रम स्थल पर की जाने वाली सभी तैयारियां समयबद्ध और सुचारु रूप से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने लोगों की सुविधा, सुरक्षा और कार्यक्रम के बेहतर संचालन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।17 सितंबर की शाम रायपुर एक साथ लाखों दीपों से रोशन होगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से इस खास आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है। आप भी 17 सितंबर की शाम 7 बजे दीप लेकर आएं और सशक्त रायपुर, सशक्त छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत के लिए एक दीप जरूर प्रज्वलित करें।निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, पुलिस डीसीपी (जोन मध्य) श्री तारकेश्वर पटेल, डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा, अपर संचालक जनसंपर्क श्री उमेश मिश्रा,अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, संयुक्त संचालक जनसंपर्क श्री पवन गुप्ता, एडिशनल डीसीपी श्री विवेक शुक्ला, एसडीएम रायपुर श्री नंदकुमार चौबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। -
रायपुर। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जल ही जीवन है के दिये जा रहे स्लोगन के बीच ही प्रदेश के जल संसाधन विभाग में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 60 प्रतिशत पद अरसे से रिक्त पड़ा हुआ है जिसके चलते जहां मैदानी अमला के अभाव में नहरों के रखरखाव प्रभावित होने के साथ - साथ पानी की बर्बादी नहीं थम पा रहा वहीं कार्यालयीन कार्य भी गुणवत्ता पूर्ण नहीं हो पा रहा । रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , मुख्य सचिव विकास शील व मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को मेल से ज्ञापन भेज रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग की है ।
ज्ञापन में जानकारी दी गयी है कि तृतीय श्रेणी के स्वीकृत 4679 पदों में से 2750 व चतुर्थ श्रेणी के स्वीकृत 803 पदों में से 553 पद रिक्त पड़ा हुआ है । उप अभियंता ( सिविल ) के स्वीकृत 1303 पदों में से 840 , अमीन के 691 पद में से 464 , सिंचाई निरीक्षक के 20 में से 05 , बांध निरीक्षक के 16 में से 12 , भू गर्भ सहायक/ भौमिक सहायक / भूजलविद सहायक के स्वीकृत सभी 19 व भू रसायन सहायक के स्वीकृत सभी 04 पद , चैनमेन के स्वीकृत सभी 12 पद व मुख्य मान चित्रकार के स्वीकृत सभी 06 पद रिक्त पड़ा हुआ है । इसी तरह प्रोसेस सर्वर के 22 में से 20 , उप अभियंता ( वि. / यां. ) के 173 में से 65 , मानचित्रकार ( सिविल ) के 81 में से 25 , मानचित्र कार ( वि./ यां. ) के 12 में से 07 , सहायक मानचित्र कार ( सिविल ) के 96 में से 33 व विद्युत / यांत्रिकी के 15 में से 13 , अनुरेखक ( सिविल ) के 134 में से 117 व विद्युत/ यांत्रिकी विभाग के 10 में से 08 , वरिष्ठ अधीक्षक के 09 में से 07 , मंडल स्तर अधीक्षक के 17 में से 10 , निज सहायक ग्रेड -1 के 08 में से 04 व ग्रेड -2 के 11 में से 03 , शीघ्र लेखक ग्रेड -3 के 19 में से 03 , सहायक ग्रेड -1 के 70 में से 29 / ग्रेड- 2 के 557 में से 142 / ग्रेड - 3 के 784 में से 481 , डाटा एंट्री ऑपरेटर के 366 में से 290 , स्टेनों टाइपिस्ट के 87 में से 59 , अनुसंधान सहायक के 25 में से 22 , प्रयोगशाला तकनीशियन के 25 में से 22 , प्रयोगशाला सहायक के 10 में से 03 , असिस्टेंट प्रोग्रामर के 05 में से 03 , वायरलेस आपरेटर के 0 2 में से 01 , संभागीय लेखापाल के 59 में से 26 , वाहन चालक के 38 में से 20 , दफ्तरी के 77 में से 56 , भृत्य के 641 में से 421 , चौकीदार के 21 में से 20 , फर्राश / स्पीपर के 20 में से 16 तथा प्रयोगशाला परिचारक के स्वीकृत सभी 08 , जमादार के स्वीकृत 01 पद व प्रयोगशाला अनुचर के स्वीकृत 01 पद रिक्त पड़ा हुआ है । ज्ञापन में आगे बतलाया गया है कि कुछ रिक्त पदों पर आऊटसोर्सिंग व संविदा नियुक्ति के माध्यम से काम चलाया जा रहा है वहीं सेवा समाप्ति के साथ - साथ कुछ पदों को समाप्त किया जा रहा है । फील्ड व कार्यालय में गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु अविलंब रिक्त पदों पर नियुक्ति का आग्रह किया गया है । - -मस्तूरी के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी का मामला, जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया नोटिसबिलासपुर / मस्तूरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी में बीमार छात्रा से कुर्सी साफ करवाने का मामला सामने आया है। बताया गया कि छात्रा पहले से बुखार से पीड़ित थी और स्कूल में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे उल्टी हो गई। आरोप है कि छात्रा को चिकित्सकीय सहायता दिलाने के बजाय उससे ही गंदी हुई कुर्सी साफ करवाई गई। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामले को कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शाला की प्रधान पाठक श्रीमती भारती खांडे को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्ट एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- -जनभागीदारी से सूरजपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम-न्योता भोजन के साथ बच्चों ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सारायपुर। बैगलेस डे (Bagless Day) पर विद्यालयों में बच्चों को बस्ते के बोझ से मुक्त रखकर स्वच्छता, रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से आनंदमय शिक्षा दी जाती है। बैगलेस डे के अंतर्गत बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के अतिरिक्त खेल, चित्र, चर्चा, स्वतंत्रता जागरूकता एवं मौलिक विचारधारा की स्थापना में शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों में नेतृत्व क्षमता, निर्देशन, सहयोग एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होगी। कलेक्टर सूरजपुर श्रीमती रेना जमील और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में शनिवार को जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में बैगलेस डे के अवसर पर विभिन्न रचनात्मक और व्यावहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जनप्रतिनिधियों, पालकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान, खेलकूद और कलात्मक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।बैगलेस डे के तहत विद्यालय परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। बच्चों ने गाजर घास उन्मूलन, परिसर व शौचालयों की साफ-सफाई, पाउच-पन्नी का सुरक्षित निस्तारण और पेयजल स्रोतों की स्वच्छता का कार्य किया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया, जिससे वे स्वच्छ और सुंदर विद्यालय के महत्व को समझ सकें।द्यार्थियों के बौद्धिक और सृजनात्मक विकास के लिए कई दिलचस्प गतिविधियां आयोजित की गईं। कल्पनात्मक निबंध पेड़ बोल सकते तो क्या कहते विषय पर बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता के आधार पर सुंदर निबंध लिखे। पेपर क्राफ्ट और कला के माध्यम से कागज को मोड़ने और काटने की तकनीक से बच्चों ने नाव, हवाई जहाज, तितली और मेंढक जैसी आकर्षक आकृतियां बनाईं। बेस्ट आउट ऑफ़ वेस्ट के द्वारा विद्यार्थियों ने कागज से ग्रीटिंग कार्ड और कबाड़ से जुगाड़ यानी अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी कलात्मक वस्तुएं तैयार कीं।इस विशेष दिन पर विद्यालयों में समुदाय आधारित न्योता भोजन का भी आयोजन किया गया। माध्यमिक शाला कन्या रामानुजनगर में स्थानीय व्यवसायी श्री श्रवण कुमार गुप्ता ने अपने जन्मदिन के अवसर पर संकुल समन्वयक श्री जयप्रकाश बरेठा के साथ मिलकर बच्चों को न्योता भोजन कराया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। वहीं, भैयाथान विकासखंड के प्राथमिक शाला शिवप्रसाद नगर में समुदाय के सहयोग से बच्चों को कॉपियां वितरित की गईं और विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।बैगलेस डे के तहत विद्यालयों में आयोजित सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग एडी शिक्षा, एडीपीओ समग्र, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी, संकुल प्राचार्य और संकुल समन्वयकों द्वारा की गई। अधिकारियों ने स्कूलों का दौरा कर गतिविधियों का अवलोकन किया और बच्चों व शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
- -मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन BOCW शुरूरायपुर / भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ('National Conference on BOCW') का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के निर्माण श्रमिकों के सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती शोभा करंदलाजे, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और छत्तीसगढ़ के श्रम सचिव श्री हिम शिखर गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा मंडल सचिव श्री गिरीश रामटेके ने किया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों ने श्रमिक हित में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। साथ ही निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भविष्य की रणनीतियों पर रणनीति तैयार की जा रही है। यह आयोजन देश के निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।













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