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- 0- कचरे को 4 श्रेणियों में बांटकर देना अनिवार्यदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिले को देश का सबसे स्वच्छ और आदर्श जिला बनाने के उद्देश्य से एक बड़े महा-अभियान की शुरुआत की गई है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील में पारित कड़े आदेशों और विगत 5 मई 2026 को जारी गाइडलाइंस के परिपालन में जिले के ग्रामीण इलाकों में ’ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026’ को पूरी कड़ाई से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब जिले में खुले में कचरा फेंकने, डंप करने, उसे जलाने या दबाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों की चौबीसों घंटे सख्त निगरानी करने और पर्यावरणीय मानकों को बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर एक ’विशेष टास्क फोर्स’ (समिति) का भी गठन किया गया है, जो कचरा प्रबंधन से जुड़े हर मोर्चे पर पैनी नजर रखेगी।इस वृहद कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के कड़े निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के कुशल मार्गदर्शन में एक दिवसीय हाई-टेक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस कार्यशाला में जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन की समस्त 300 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों समेत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) व स्वच्छ भारत मिशन के 300 से अधिक मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों (बीपीएम, एरिया कोऑर्डिनेटर, पीआरपी, एफएल सीआरपी, कृषि, पशु व पोषण सखियों) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। रायपुर से ऑनलाइन जुड़े समर्थन संस्था के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री देवीकिसन निमजे ने कचरा संग्रहण से लेकर उसके वैज्ञानिक निपटान की अचूक तकनीकों की जानकारी दी।इससे पूर्व विकासखण्ड स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों को इस अधिनियम के तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिसमें तीनों जनपद पंचायत सीईओ ने सक्रिय भूमिका निभाई। नए नियमों के मुताबिक, जिले की तस्वीर बदलने के लिए 5 बड़े मोर्चों पर कड़ाई से काम किया जाएगा, जिसमें स्रोत से ही कचरे का पृथक्कीकरण, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कलेक्शन, वैज्ञानिक डिस्पोजल, पुराने डंपिंग यार्डों (लिगेसी वेस्ट) का खात्मा और स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाना शामिल है। आम नागरिकों के लिए अब अपने घरों से निकलने वाले कचरे को 4 श्रेणियों (गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट) में बांटकर देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों या जल स्रोतों पर कचरा फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, अब बिना स्थानीय निकाय की पूर्व अनुमति के 100 से अधिक व्यक्तियों का कोई भी आयोजन नहीं किया जा सकेगा, और बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले संस्थानों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) को ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण कराकर अपने गीले कचरे के निपटान के लिए स्वयं कंपोस्टिंग या बायोमीथनेशन प्लांट लगाने होंगे।
- 0- 62 हजार 683 से अधिक श्रमिकों को मिल रहा रोजगार0- 3923 निर्माण कार्यों से गांवों में बढ़ा रोजगार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को मिली नई गति0- मनरेगा के तहत 21 लाख 45 हजार 386 मानव दिवस सृजित, 2093 परिवारों को 100 दिवस रोजगार0- 600 दिव्यांग परिवारों को भी मिला रोजगारदुर्ग. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से दुर्ग जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों के जरिए जिले के 62 हजार 683 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 3923 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनसे एक ओर ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हो रही है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी नई दिशा मिल रही है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जॉब कार्डधारी श्रमिकों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं मैदानी अमले को श्रमिकों की मांग के अनुसार तत्काल कार्य उपलब्ध कराने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में किसी भी पात्र श्रमिक को रोजगार के लिए भटकना न पड़े और प्रत्येक ग्राम पंचायत में पर्याप्त संख्या में कार्य संचालित रहें। मजदूरी भुगतान को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए बैंक खाते एवं आधार सत्यापन की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण किया गया है। इससे मजदूरी राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।मनरेगा के अंतर्गत जिले में अब तक 21 लाख 45 हजार 386 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। साथ ही 2093 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है तथा 600 दिव्यांग परिवारों को भी रोजगार से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।जनपद पंचायतवार स्थिति पर नजर डालें तो जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 1048 कार्यों में 18 हजार 256 श्रमिक कार्यरत हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत 1687 कार्यों में 17 हजार 785 श्रमिक तथा जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत 1188 कार्यों में 28 हजार 644 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में अमृत सरोवर निर्माण, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक (डब्ल्यूएचटी), कच्ची सिंचाई नाली निर्माण तथा अन्य मजदूरी मूलक कार्य प्राथमिकता से संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है।जिले में मनरेगा के तहत कुल 33 करोड़ 91 लाख 90 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसमें जनपद पंचायत दुर्ग के श्रमिकों को 11 करोड़ 76 लाख 75 हजार रुपये, जनपद पंचायत धमधा के श्रमिकों को 10 करोड़ 58 लाख 57 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन के श्रमिकों को 9 करोड़ 15 लाख रुपये की राशि उनके बैंक खातों में जमा कराई गई है। इसके अतिरिक्त अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से 2 करोड़ 56 लाख 43 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भी भुगतान किया जा चुका है।गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी तकनीकी सहायकों को कार्यस्थलों पर नियमित निरीक्षण, सूचना बोर्ड स्थापना तथा निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। इससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिल रही है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले में बड़े पैमाने पर मजदूरी मूलक निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 183 निर्माण कार्यों के लिए 1480.18 लाख रुपये, जनपद पंचायत धमधा में 149 निर्माण कार्यों के लिए 1212.84 लाख रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन में 249 निर्माण कार्यों के लिए 1984.63 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार जिले में कुल 581 निर्माण कार्यों के लिए 4677.65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।उन्होंने बताया कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। जिले में संचालित निर्माण कार्यों से आने वाले वर्षों में किसानों, श्रमिकों और ग्रामीण समुदायों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास को नई मजबूती मिलेगी।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाओं के रिक्त पदों की पदपूर्ति हेतु आंगनबाड़ी केन्द्र प्रेमनगर, लक्ष्मी नगर सुपेला-01, गांधी चौक, सुंदर नगर कोहका, पुरेना-अ के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का परियोजना स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा स्क्रूटनी पश्चात परीक्षण कर पात्र/अपात्र की अनंतिम मूल्यांकन सूची तैयार की गई है। सूची का अवलोकन यूआरएल https://aww.e-bharti.in पोर्टल पर तथा कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 कार्यालय नगर पालिक निगम भिलाई तथा रिसाली के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है। दावा आपत्ति 12 जून 2026 तक ऑनलाइन https://aww.e-bharti.in पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किसी अन्य माध्यम स्पीड पोस्ट, ई-मेल, कोरियर या कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत दावा आपत्ति मान्य नही होगा।
- 0- 'पहले आओ पहले पाओ’ की तर्ज पर 04 जून से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभदुर्ग. जिले की देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान पुरैना से संलग्न अहाता समूह क्रमांक 25 पुरैना में संलग्न सी.एस. 2 (ग-कम्पोजिट अहाता) के पुनर्व्यवस्थापन हेतु ऑनलाईन निविदा आमंत्रित की गई है। आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026-27 की शेष अवधि के लिए यह आबंटन ’पहले आओ पहले पाओ’ नीति के अंतर्गत किया जा रहा है। इच्छुक और योग्य आवेदक इस व्यवस्था के तहत ऑनलाईन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। सहायक आयुक्त आबकारी से मिली जानकारी के अनुसार, इस अहाता अनुज्ञप्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन करने की प्रक्रिया 04 जून को पूर्वान्ह 10.30 बजे से शुरू होगी। इसके बाद आवेदकों की सुविधा के लिए यह प्रक्रिया 24 घंटे और सप्ताह के सभी सातों दिन अनवरत जारी रहेगी। इच्छुक आवेदक नियमों, शर्तों और ऑनलाईन आवेदन के लिए विभागीय वेबसाइट https://excise.cg.nic.in/eAhata/index.aspx पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- दुर्ग. आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा कृषकों को टिकाऊ खेती और बेहतर उत्पादन के लिए समसामयिक सलाह दी गई है। विभाग ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया पर निर्भरता कम करने और भूमि की सेहत सुधारने के लिए हरी खाद (ढैंचा, मूंग) के अधिक से अधिक उपयोग की अपील की है। उप संचालक कृषि के अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण उर्वरकों की कमी होने की स्थिति में हरी खाद एक बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प है। इसके लिए जून के प्रथम सप्ताह में लगभग 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से ढैंचा या इसे मूंग के साथ मिलाकर बुआई की जानी चाहिए। बुआई के लगभग 35 से 40 दिन बाद, जब पौधे 2-3 फीट ऊंचे हो जाएं और फूल आने की प्रारंभिक अवस्था हो, तब रोटावेटर या कल्टीवेटर की सहायता से फसल को पलटकर मिट्टी में मिला देना चाहिए और खेत में पानी चलाकर 7 से 10 दिनों तक सड़ने देना चाहिए।खेत में हरी खाद मिलाने से फसल की पैदावार में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। यह तकनीक मिट्टी के भीतर लाभकारी सूक्ष्मजीवों व केंचुओं की संख्या बढ़ाने, इसे भुरभुरी बनाने, हवा का संचार बढ़ाने और जलधारण क्षमता में सुधार करने में सहायक है। इसके उपयोग से प्रति एकड़ लगभग 20 से 25 किलोग्राम प्राकृतिक नाइट्रोजन उपलब्ध होती है, जो जैविक कार्बन को तेजी से बढ़ाती है। जिले में हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए जिला सहकारी समितियों में 52.16 क्विंटल ढैंचा एवं 16.96 क्विंटल मूंग बीज का भण्डारण किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित 220 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर 50 प्रतिशत अनुदान के चलते यह बीज किसानों को मात्र 110 रुपये प्रति किलोग्राम पर प्राप्त होगा। कृषि विभाग ने किसानों से हरी खाद को अपनाकर भूमि की उत्पादकता बढ़ाने की अपील की है।अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम कृषि कार्यालय या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
- 0- नैनो उर्वरकों के उपयोग से कम लागत में मिला बेहतर उत्पादनदुर्ग. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उन्नत कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के फलस्वरूप जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर हाई-टेक और टिकाऊ कृषि की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के ग्राम डुमरडीह निवासी प्रगतिशील किसान श्री गोपाल पटेल की यह सफलता आज जिले के अन्य अन्नदाताओं के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है। श्री पटेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाते हुए अपने खेतों में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का प्रयोग किया, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम मिले हैं।किसान गोपाल पटेल बताते हैं कि पहले वे पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करते थे, जिससे खेती की लागत बढ़ रही थी। इस बीच, राज्य सरकार के कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन से प्रेरित होकर उन्होंने नैनो उर्वरकों को अपनाया, जिससे पौधों में बेहतर बढ़वार हुई और फसल को संतुलित पोषक तत्व मिले। नैनो उर्वरकों की कम मात्रा लगने के कारण न केवल उनकी लागत में भारी कमी आई, बल्कि फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ, जिससे उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। श्री गोपाल पटेल अब इसे आधुनिक खेती की दिशा में सरकार का एक क्रांतिकारी कदम मानते हैं और उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग के सुझावों के अनुसार इसे अपनाने की अपील की है। शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जिले भर में संतुलित पोषण, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर समृद्ध हो सके।
- दुर्ग. जामगांव (र) स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में सुशासन शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों एवं हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। शिविर में हजारों की संख्या में ग्रामीणजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों में उत्साह देखने को मिला। शिविर में कुल 2,373 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल जी का भी आगमन हुआ। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों को संबोधित करते हुए सामग्रियों का वितरण किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियों का वितरण किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छताग्राही दीदियों को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मनरेगा के तहत ग्रामीणों को जॉब कार्ड वितरित किए गए तथा 100 दिवस का रोजगार पूर्ण कर चुके श्रमिकों को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित की गई। महिला स्व-सहायता समूहों को महिला कोष से ऋण वितरण किया गया तथा लखपति दीदियों का सम्मान किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिभाशाली एवं होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की गई तथा परिवहन विभाग द्वारा लर्निंग लाइसेंस का वितरण किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणजनों ने शिविर का लाभ उठाते हुए अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।सुशासन शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को आमजन तक सरल, सुगम एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना है। शिविर के सफल आयोजन से ग्रामीणों में संतोष एवं उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-03 क्षेत्र का निरीक्षण कर चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज, प्रस्तावित वेंडर जोन, सर्विस रोड एवं अवैध कब्जों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्माणाधीन कार्य समयावधि में पूर्ण कराने तथा प्रस्तावित विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने चंद्रा मौर्या अंडरब्रिज में चल रहे सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। अंडरब्रिज के समीप स्थित कॉम्प्लेक्स के पीछे विकसित किए जा रहे प्रस्तावित वेंडर जोन का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेंडर जोन बनने से स्थानीय फुटपाथ एवं ठेला व्यवसायियों को व्यवस्थित और सुरक्षित व्यापारिक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।इसके बाद आयुक्त ने चंद्रा मौर्या चौक से जोन 3 कार्यालय तक बन रही सर्विस रोड का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों गुणवत्ता युक्त सड़क निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी और आवागमन सुगम बनेगा। निरीक्षण के दौरान मजार से हुंडई शोरूम के पीछे कुछ लोगों द्वारा गैराज का कबाड़ एवं अन्य सामान शासकीय भूमि पर रखे जाने की जानकारी मिलने पर आयुक्त ने संबंधित व्यक्तियों को स्वयं सामान हटाने के निर्देश दिए। साथ ही निगम भूमि पर झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे लोगों को भी स्थल खाली करने की चेतावनी दी गई। चर्चा में सामने आया कि कुछ लोगों द्वारा बहुत लंबे समय से भिलाई शहर में ही निवास किया जा रहा है, आयुक्त ने ऐसे पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की सलाह दी।आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, उप अभियंता दीपक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे एवं रविन्द्र पाण्डेय उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। आगामी मानसून को देखते हुए नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक नाला सफाई अभियान शुरू कर दिया है। निगम के सभी 5 जोन क्षेत्रों में युद्धस्तर पर नालों की सफाई कराई जा रही है, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को जलभराव और उससे होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।निगम प्रशासन के अनुसार नालों में जमा जलकुंभी एवं कचरा को हटाने का कार्य लगातार जारी है। सफाई अभियान में निगम के अधिकारी, कर्मचारी एवं सफाई कर्मियों की संयुक्त टीम जुटी हुई है। बड़े एवं गहरे नालों की सफाई के लिए जेसीबी और चैन माउंटिंग मशीनों की सहायता ली जा रही है, जिससे नालों के मध्य भाग तक पहुंचकर प्रभावी सफाई की जा सके। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी जोन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बरसात शुरू होने से पहले नाला सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना निगम की प्राथमिकता है और किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।निगम प्रशासन का कहना है कि नालों की समय पर सफाई होने से वर्षा जल का प्रवाह बाधित नहीं होगा और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी। अभियान के तहत प्रमुख नालों के साथ-साथ आंतरिक कॉलोनियों के नालों की भी सफाई कराई जा रही है। निगम का लक्ष्य है कि मानसून से पूर्व सभी प्रमुख नालों की सफाई पूरी कर शहरवासियों को बेहतर जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई ने जोन-4 खुर्सीपार क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 49 स्थित हार्ट बाजार के पास एक पुराने जर्जर भवन को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया। निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई क्षेत्र में लंबे समय से संचालित हो रही अवैध एवं असामाजिक गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद की।जानकारी के अनुसार उक्त भवन काफी समय से जर्जर अवस्था में था और वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि भवन के भीतर शराबखोरी, गांजा सेवन और जुआ जैसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं, जिससे आसपास के रहवासियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी नागरिकों में चिंता बनी हुई थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम भिलाई के राजस्व विभाग, बेदखली विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने जेसीबी के माध्यम से पूरे जर्जर भवन को ध्वस्त कर दिया, जिससे असामाजिक गतिविधियों के इस कथित अड्डे का पूरी तरह सफाया हो गया।कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में अवैध कब्जों, जर्जर भवनों तथा असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि अपने क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों की मासिक बैठकों में अधिक मास का प्रभाव, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कर किया दीपदान भीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने मंगलवार, 2 जून को अधिक मास के उपलक्ष्य पर हनुमान चालीसा का पाठ कर दीपदान किया। इस अवसर पर सभी महिलाओं का स्वागत हल्दी-कुंकू से किया गया। वहीं महिलाओं ने मराठी भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियों से बैठक को भक्तिमय बना दिया। रोहिणीपुरम केंद्र की संयोजिका साधना बहिरट ने बताया कि अधिक मास के उपलक्ष्य पर केंद्र की मासिक बैठक सभासद संध्या खंगन के निवास पर हुई। यह मासिक बैठक संध्या खंगन, सोनाली कुलकर्णी और अनिता लांगे ने आहुत की थी। स्वागत सत्कार के बाद रविवार को दिवंगत सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर को सभी महिला सभासद होने उनके हिंदी - मराठी गीत गाकर सुरीली श्रद्धांजलि दी।बैठक में महिलाओं ने मऱाठी और हिंदी भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उसके बाद सभी ने फिल्मी गीतों पर आधारित अंताक्षरी का भी लुत्फ उठाया।संध्या खंगन ने जानकारी दी कि हिन्दू धर्म में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के दौरान दीपदान करने का अत्यंत आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। इस पवित्र माह में नियमित रूप से शाम के समय घी या तिल के तेल का दीपक जलाने और दान करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही दरिद्रता का नाश होता है। इसी के चलते आज की बैठक में सभी ने दीपदान किया।बैठक में छाया अंजनकर, जयश्री गायकवाड़, विशाखा पोगडे़, मीरा कुपटकर, प्राची गनौदवाले, मंगला पुराणकर, अलका कुलकर्णी, जयश्री भूरे, श्यामल जोशी, अचला मोहरीकर, अपर्णा वराडपांडे, रचना ठेंगड़ी, सोनाली कुलकर्णी, ऋतु बहिरट, अपर्णा जोशी, शीतल कांबलकर, वीणा वंडलकर, स्मिता बल्की, राजश्री वैद्य, अनुभा साडे़गांवकर, अर्चना कश्यप, श्रेया टल्लू सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।
- 0- मॉडर्न कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की जनरल बॉडी मीटिंग में कबड्डी का कायाकल्प करने को लेकर सामने आए कई अह्म सुझावरायपुर। मॉडर्न कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की तीन दिवसीय चौथी जनरल बॉडी मीटिंग आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुई। बैठक में महाराष्ट्र मंडल के सभासद और खेलकूद समिति के प्रभारी ओपी कटारिया को मॉडर्न कबड्डी फेडरेशन का एक्जीक्यूटिव कमेटी मेंबर चुना गया। बैठक में मंडल के नाट्य सभासद पवन ओगले विशेष रूप से शामिल हुए।जनरल बॉडी मीटिंग मॉडर्न कबड्डी एसोसिएशन आंध्र प्रदेश की ओर से आहुत की गई थी। फेडरेशन के अध्यक्ष आनंद साहू और फाउंडर व जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर के. रामा रेड्डी गारू ने बैठक का संचालन किया। डॉ. सीएच राजा राव वाइस प्रेसिडेंट और टेक्निकल डायरेक्टर ने मॉडर्न कबड्डी खेल के नियमों और ग्राउंड के बारे में तकनीकी जानकारी विभिन्न राज्यों के प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी कोच और निर्णायकों को दी।तीन दिवसीय बैठक में विभिन्न सेशन की चर्चा के दौरान मॉडर्न कबड्डी को "ग्लोबल कबड्डी" बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए विशेषज्ञों, फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कई अहम सुझाव भी दिए। सभी का यह भी मानना था कि ‘ग्लोबल कबड्डी’ के लिए खिलाड़ियों का चयन और प्रैक्टिस किसी व्यावसायिक कोच की देखरेख में पूरे अनुशासन और सख्त शारीरिक मशक्कत के साथ हो। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ समेत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा पांडिचेरी, केरला, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों ने प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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*शिविर में प्राप्त हुए 763 आवेदन*
रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आज नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा के हरिहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत जन समस्या निवारण शिविर लगाया गया। शिविर का मुख्य लक्ष्य नागरिकों की स्थानीय समस्याओं का एक ही छत के नीचे त्वरित और प्रभावी समाधान करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री इंद्रकुमार साहू मंच पर मौजूद थे।
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक श्री इंद्रकुमार साहू ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आम जनता को दी। दोनों जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों और मांगों का बिना देरी के, तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि सुशासन की मंशा जमीनी स्तर पर साकार हो सके।
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू ने प्रधानमंत्री आवास का नक्शा, खाद्य विभाग द्वारा 03 राशन कार्ड, समाज कल्याण विभाग द्वारा 03 ट्राईसाईकिल एवं 01 बैटरी चलित ट्राई साइकिल, श्रम विभाग द्वारा 08 श्रम कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 34 भू स्वामित्व पट्टा वितरित किया गया।
नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस एक दिवसीय समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 763 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में मूलभूत सुविधाओं, राजस्व, राशन कार्ड, पेंशन योजनाओं और स्थानीय विकास कार्यों से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं प्रमुख रहीं।
इस अवसर पर इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ओमकुमारी संजय साहू, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्री रवि सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री लवकेश कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। -
*मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जनसमस्याओं के समाधान का मंच, समय-सीमा में शिकायत निराकरण करने जवाबदेह होंगे अधिकारी*
*मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत ने किया कलेक्टर कॉल सेंटर का अवलोकन, व्यवस्थाओं की सराहना*
रायपुर/ कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली विषय पर जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के संचालन, शिकायतों के पंजीयन और उनके समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अब अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें फोन, वेबसाइट और व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे शासन तक अपनी बात पहुंचाने का मंच मिलेगा।
श्री भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द ही शुरू होने वाला है और इसके लिए प्रदेशभर में प्रशिक्षण का अंतिम चरण चल रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े जिलों में शिकायतों की संख्या अधिक होती है, इसलिए अधिकारियों को शिकायतों के बेहतर प्रबंधन और त्वरित निराकरण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का माध्यम भी है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से निराकरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिकायतों के विभिन्न प्रकारों को ध्यान में रखते हुए लगभग 1200 शिकायत श्रेणियां चिन्हित की गई हैं। विभागवार शिकायतों के आधार पर इनका वर्गीकरण किया गया है तथा करीब 8 हजार अधिकारियों की मैपिंग की गई है, ताकि प्राप्त शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंच सकें।
प्रशिक्षण के दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री अशोक चौबे एवं श्री अनुराग दीवान ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की पूरी कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने शिकायत पंजीयन, पोर्टल संचालन, शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया, समय-सीमा का पालन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षकों ने बताया कि शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 तक चार स्तरों की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नोडल विभाग सुशासन एवं अभिसरण विभाग होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सूचना के अधिकार, मांग संबंधी प्रकरण, विभागीय स्थापना से जुड़े अधिकांश मामले तथा केंद्र सरकार से संबंधित विषय इस व्यवस्था के अंतर्गत शामिल नहीं किए जाएंगे।
अधिकारियों को बताया गया कि आम नागरिक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर, वेबसाइट एवं व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के पंजीयन एवं मार्गदर्शन के लिए कॉल सेंटर 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगा। शिकायत दर्ज कराने के लिए आवेदक को अपना मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन इस दिशा में एक प्रभावी व्यवस्था साबित होगी।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने श्री राहुल भगत को रायपुर ज़िले में संचालित हो रहे कलेक्टर कॉल सेंटर का अवलोकन भी करवाया, श्री भगत ने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा जिला हेल्पलाइन नंबर "कॉल सेंटर" का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान हेतु मोबाइल नंबर 9977222564, 9977222574, 9977222584 एवं 9977222594 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। - -सुशासन तिहार: मौके पर ही दूर हो रही हैं जनता की तकलीफें- छेरकापुर में मंत्री टंकराम वर्मा ने दी 55 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगातरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित और मौके पर ही निराकरण के लिए 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को ग्राम छेरकापुर में एक विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरी शंकर अग्रवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।शिविर के दौरान राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने क्षेत्र के विकास को गति देते हुए 55 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। साथ ही, विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकास कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच सीधे पहुंचकर शासकीय योजनाओं का फीडबैक लेना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है। हमारा प्रयास है कि युवा, गरीब, बच्चे और किसान,समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़े।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने क्षेत्र के अधोसंरचना विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सेमरिया में सीसी रोड निर्माण के लिए 30 लाख रुपये और गोड़ा सरस्वती शिशु मंदिर के विकास हेतु 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी। इसके साथ ही, छेरकापुर उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, छेरकापुर में मुक्तिधाम निर्माण और सीसी रोड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की तकलीफों का जमीनी स्तर पर समाधान करना है। 'विष्णु के सुशासन और मोदी की गारंटी' के तहत राज्य सरकार समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाने का पूरा प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रहा है।कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और अभियानों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 'मोर गाँव मोर पानी अभियान 2.0' के तहत जल संचयन दीदियों और ग्राम पंचायतों के साझा प्रयासों से महज ढाई महीने के भीतर ढाई लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा जारी 'हम होंगे कामयाब 2.0' वेब पोर्टल की भी जानकारी दी, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से मिल रही हैं।इस समाधान शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया और बड़ी संख्या में हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ ही आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल बांटी गई।इसके अलावा, 'हम होंगे कामयाब' अभियान 2.0 के तहत युवाओं को जॉब सर्टिफिकेट सौंपे गए। खेल विभाग द्वारा स्थानीय खेल प्रतिभाओं को स्पोर्ट्स किट का वितरण किया गया और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। वहीं, राजस्व विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वामित्व कार्ड और डिजिटल किसान किताब का वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए है प्रतिबद्ध - रश्मि विजय शर्मारायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों से कवर्धा के दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में आज विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रश्मि विजय शर्मा द्वारा लोहारा निवासी दिव्यांग श्री धनीराम पटेल को पेट्रोल चलित स्कूटी प्रदान की गई। स्कूटी प्राप्त करते ही श्री धनीराम पटेल के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। उन्होंने इस सहयोग के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं श्रीमती रश्मि विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों और दुकानदारी के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अपने विधानसभा क्षेत्र के लोहारा क्षेत्र में जनसंपर्क दौरे पर थे। इसी दौरान उन्होंने दिव्यांग श्री धनीराम पटेल से वाहन रोककर आत्मीयता से चर्चा की और उनके कार्य-व्यवसाय के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान धनीराम ने बताया कि वह दुकानदारी का कार्य करते हैं, लेकिन बाजार से सामान लाने-ले जाने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनकी समस्या सुनकर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें पेट्रोल चलित स्कूटी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। उसी के परिणामस्वरूप आज विधायक कार्यालय में उन्हें स्कूटी प्रदान की गई।पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रश्मि विजय शर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सदैव समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। एक छोटी सी सहायता किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।स्कूटी मिलने से धनीराम पटेल को अपने व्यवसाय और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सुविधा होगी तथा वे आत्मविश्वास के साथ अपने कार्यों का संचालन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चंद्रवंशी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, श्रीमती सविता ठाकुर, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -नैनो डीएपी और नैनो यूरिया बने किसानों के भरोसेमंद कृषि साथीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और सुशासन के परिणामस्वरूप प्रदेश में खरीफ सीजन की तैयारियां सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही हैं। किसानों को समय पर आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए शासन ने व्यापक और प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। इससे किसानों को खेती की तैयारियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। बेहतर प्रबंधन और सरल प्रक्रियाओं के कारण किसान न केवल संतुष्ट हैं, बल्कि आगामी फसल को लेकर भी आशान्वित और उत्साहित हैं। कोरबा जिले के ग्राम झगरहा निवासी कृषक श्री रामरतन निकुंज, दादरखुर्द निवासी कृषक श्री लकेश्वर सिंह एवं श्रीमती अंजनी राठिया खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत सहकारी समिति सोनपुरी पहुंचे। यहां उन्होंने शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही कृषि आदान सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपनी आवश्यकता अनुसार खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री प्राप्त की। लगभग 5 से 7 एकड़ भूमि में खेती करने वाले ये किसान कृषि को अपनी आजीविका का प्रमुख आधार मानते हैं। धान उत्पादन के साथ-साथ वे मूंगफली एवं सब्जी की खेती कर फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रहे हैं।कृषकों ने बताया कि खरीफ सीजन प्रारंभ होने से पहले ही समिति में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है, जिससे उन्हें आवश्यक कृषि सामग्री के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ा। उन्होंने ढैंचा एवं मूंग बीज सहित आवश्यक उर्वरकों का उठाव किया और कहा कि समय पर कृषि आदान उपलब्ध होने से खेती की तैयारियां व्यवस्थित रूप से पूरी हो रही हैं। किसानों के अनुसार समिति में सामग्री वितरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं सुगम रही, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई। साथ ही हरित खाद एवं वैकल्पिक फसलों के प्रति किसानों का रुझान भी लगातार बढ़ रहा है।कृषकों ने शासन द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि समय पर खाद-बीज मिलने से खेती की योजना बनाना और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना आसान हुआ है। उन्होंने बताया कि उत्पादन बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए वे आधुनिक कृषि तकनीकों को भी अपना रहे हैं। उन्होंने बीते वर्षों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई तथा पोषक तत्वों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हुआ।
- -अखिल विश्व गायत्री परिवार और शहर जिला साहू संघ की अनूठी पहल-16 से 35 वर्ष के युवा ले सकेंगे भागरायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में, गायत्री परिवार रायपुर तथा शहर जिला साहू संघ रायपुर के संयुक्त सहयोग से युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनमें नेतृत्व क्षमता और आध्यात्मिक ज्ञान को जाग्रत करने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर में दो चरणों में एवं दो अलग-अलग स्थानों पर चार दिवसीय आवासीय शिविरों का आयोजन किया गया है। शिविर का प्रथम चरण 04 से 07 जून तक 4 दिवसीय सत्र गायत्री प्रज्ञा पीठ, कुशालपुर में एवं द्वितीय चरण 8 से 12 जून तक 5 दिवसीय सत्र मां कर्मा धाम, कृष्णा नगर, संतोषी नगर, रायपुर में संपन्न होगा। गायत्री परिवार रायपुर के जिला समन्वयक श्री लच्छूराम निषाद एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रभारी श्री आशीष राय ने संयुक्त रुप से बताया कि यह सत्र सफल जीवन, तनाव मुक्ति, करियर और राष्ट्र निर्माण पर युवओं की भूमिका पर केंद्रित रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण के संकल्प को पूरा करना है। 16 से 35 वर्ष के युवाओं के लिए आयोजित इस शिविर में शिविरार्थियों को स्वास्थ्य और अध्यात्म योग विषय में - ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से तनाव मुक्ति और एकाग्रता बढ़ाने के सूत्र, करियर और जीवन प्रबंधन विषय में - सफल एवं स्वस्थ जीवन के सूत्र, जीवन का सही लक्ष्य तय करना और करियर निर्माण, प्रकृति और पर्यावरण विषय में - औषधीय ज्ञान, जैविक कृषि, गौ संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक उपाय इत्यादि के बारे युवाओं को बताया जायेगा तथा सामाजिक सुधार के विषय में - व्यसन (नशे) से बचाव, चरित्र निर्माण और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक रहने के बारे बताया जायेगा। शिविर के माध्यम से युवाओं को अपनी समृद्ध संस्कृति से जोड़ा जाएगा, ताकि वे एक जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अपना सक्रिय योगदान दे सकें।गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने बताया कि इस ज्ञानवर्धक शिविर का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं और युवाओं का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) कर रहे हैं। शिविर में शामिल होने के लिए युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जो युवा शिविर में सम्मिलित होना चाहते है वे गायत्री प्रज्ञा पीठ कुशालपुर एव संतोषीनगर में भी संपर्क कर सकते हैं।
- -जल संरक्षण, मछली पालन और सिंचाई से किसानों की बढ़ रही आय, सरगुजा के किसान देवानंद बने सफलता की मिसालरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) बहुआयामी परिवर्तन का माध्यम बन रही है। योजना के तहत निर्मित ‘आजीविका डबरियां’ जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने, भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम अडची के किसान देवानंद इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति मनरेगा से निर्मित एक डबरी ने बदल दी है।जनपद पंचायत अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अडची निवासी किसान देवानंद ने वर्ष 2025-26 में अपने खेत में आजीविका डबरी निर्माण का प्रस्ताव रखा था। ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 2 लाख रुपये की लागत से 17×19 मीटर आकार की डबरी का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, वहीं देवानंद को खेती और अतिरिक्त आय के नए अवसर प्राप्त हुए।आज यह डबरी वर्षा जल से भरकर उनके खेत की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। डबरी के जल से वे अपनी फसलों और सब्जियों की समय पर सिंचाई कर रहे हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है। साथ ही उन्होंने डबरी में मछली पालन भी शुरू किया है। आगामी छह महीनों में पहली मछली फसल से उन्हें 15 से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार एक ही परिसंपत्ति से सिंचाई और मत्स्य पालन दोनों के माध्यम से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।देवानंद की डबरी केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी है। मात्र 2 लाख रुपये के शासकीय निवेश से निर्मित यह परिसंपत्ति आगामी दो दशकों तक उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करेगी। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण और मत्स्य पालन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।सरगुजा जिले में किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से डबरी निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में अब तक 487 आजीविका डबरियां स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से 422 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन डबरियों के माध्यम से वर्षा जल का संचयन हो रहा है, भू-जल स्तर में सुधार आ रहा है, खेतों में नमी बनी रह रही है तथा किसानों को सिंचाई और मत्स्य पालन जैसे अतिरिक्त आजीविका साधन उपलब्ध हो रहे हैं।मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां आज ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही हैं। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जल सुरक्षा और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
- -नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती हुई अधिक लाभकारी, किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपीलरायपुर / कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत में भी कमी ला रहे हैं। राज्य शासन और कृषि विभाग द्वारा प्रोत्साहित नैनो उर्वरकों का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर के प्रगतिशील किसान श्री पंकज राजवाड़े इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया है।श्री पंकज राजवाड़े पिछले दो वर्षों से अपनी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का नियमित उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन उन्नत तरल उर्वरकों के प्रयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, उत्पादन में सुधार आया है तथा खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। कम खर्च में बेहतर परिणाम मिलने से उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग विभिन्न प्रकार की फसलों और सब्जियों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है। आलू, टमाटर, बैंगन, लहसुन, प्याज सहित अन्य व्यावसायिक फसलों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। तरल स्वरूप में उपलब्ध होने के कारण इनका छिड़काव आसान है और पौधों को पोषक तत्व सीधे एवं प्रभावी रूप से प्राप्त होते हैं। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में सुधार होता है।श्री पंकज ने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की आवश्यकता कम मात्रा में पड़ती है, जिससे परिवहन और भंडारण की सुविधा बढ़ती है तथा किसानों का खर्च भी कम होता है। इसके साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है।अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उन्हें बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं और किसान भाई भी इसका लाभ लेकर अपनी खेती को अधिक उत्पादक एवं लाभकारी बना सकते हैं।कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। जगदीशपुर के किसान पंकज राजवाड़े की सफलता यह दर्शाती है कि नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
- -सहकारी समिति में बिना किसी परेशानी के मिला उर्वरक, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जताया आभाररायपुर /राज्य शासन की किसान हितैषी पहल और कृषि विभाग की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है।सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सखौली के किसान श्री कमलेश राजवाड़े ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समिति केंद्र में बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गया। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका परमिट तत्काल जारी किया गया तथा आवश्यक उर्वरक भी आसानी से प्राप्त हो गया।श्री कमलेश राजवाड़े ने बताया कि उनके पास लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे खरीफ सीजन में धान की खेती करते हैं। इसके अलावा वे वर्ष के अन्य समय में आलू, गोभी और टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन भी करते हैं। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुसार 2 बोरी यूरिया, 1 बोरी इफको (उर्वरक) तथा 1 बोरी राखड़ खाद प्राप्त हुआ है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से किसानों का समय बच रहा है तथा खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं।उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता से प्रसन्न किसान श्री कमलेश राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से खेती-किसानी के कार्यों में काफी सुविधा हुई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों के किसानों को मिल रहा है।
- -मोटर साइकिल, आइस बॉक्स और मछली जाल से बढ़ेगा कारोबार, आय में होगी वृद्धि’रायपुर ।सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले के मत्स्य पालकों एवं मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न आधुनिक उपकरण एवं सामग्री प्रदान की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम मालाकोट के श्री कमल सिंह नेताम एवं ग्राम जोबा के श्री नरेंद्र कश्यप को मोटर साइकिल और आइस बॉक्स प्रदान किए। इन संसाधनों के माध्यम से अब दोनों हितग्राही अपनी मछलियों को सुरक्षित तरीके से दूरस्थ बाजारों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनके व्यवसाय को नई गति मिलेगी। हितग्राहियों ने बताया कि पहले मछलियों के परिवहन और संरक्षण में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आइस बॉक्स उपलब्ध होने से अब मछलियों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी और उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। वहीं मोटर साइकिल मिलने से परिवहन आसान होने के साथ-साथ समय और लागत की भी बचत होगी।कार्यक्रम में ग्राम बड़ेकनेरा के श्री ललित बघेल एवं श्री रामलाल नेताम को मछली पकड़ने के लिए आधुनिक जाल वितरित किए गए। हितग्राहियों ने बताया कि नए जाल मिलने से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी तथा व्यवसाय को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मत्स्य पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में आय का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है और सरकार इस क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय और जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन से प्राप्त यह सहयोग उनके व्यवसाय के विस्तार और आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक संसाधनों की मदद से वे अपने मत्स्य व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकेंगे।
- -ड्रोन से लेकर जैविक खेती तक, कृषि के हर नवाचार को बढ़ावा दे रही है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय-नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती बनेगी अधिक लाभकारी और टिकाऊ : कम लागत, बेहतर उत्पादन और स्वस्थ मिट्टी का माध्यम है नैनो उर्वरक - मुख्यमंत्री-‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ कार्यक्रम में किसानों से किया आत्मीय संवाद-ड्रोन तकनीक, नैनो उर्वरक, जैविक खेती और फसल विविधीकरण से कृषि को मिल रही नई दिशारायपुर। आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ आत्मीय चर्चा करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा किसानों के प्रश्नों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और कम उम्र में ही खेती-किसानी तथा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला। इसी कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और उनके संघर्ष को निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज कृषि क्षेत्र में बड़े परिवर्तन आए हैं। मशीनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान गांवों में किसानों से सीधे संवाद के दौरान यह अनुभव हुआ है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास ही सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता है।कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है तथा महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से लागत कम होती है, उत्पादन क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम जैसी फसलों की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा बदलते समय के अनुरूप किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी, प्राकृतिक कृषि, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को अपनाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत सकारात्मक है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें। समय के साथ बदलती तकनीकों को अपनाकर सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।
- -प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और सीनियर रेजीडेंट के पदों पर होगी भर्तीरायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग (Directorate of Medical Education) द्वारा प्रदेश के पांच नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य शासन से प्राप्त सहमति के परिप्रेक्ष्य में, 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों—दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी (जशपुर), जांजगीर-चांपा और कबीरधाम—में प्राध्यापक (Professor), सह-प्राध्यापक (Associate Professor), सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) और सीनियर रेजीडेंट (Senior Resident) के कुल 149 रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं ।चिकित्सा शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि *15 जून 2026* निर्धारित की गई है । इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट `https://monitoringcell.cgdme.in/mpas पर जाकर केवल ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं । अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जाएगा ।विभिन्न विभागों में पदों का विवरणजारी विज्ञापन के अनुसार, चिकित्सा महाविद्यालयों के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों (जैसे- एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फोरेंसिक मेडिसिन और कम्युनिटी मेडिसिन आदि) के लिए संविदा पदों का वर्गीकरण किया गया है:।प्राध्यापक (Professor):35 पद, सह-प्राध्यापक (Associate Professor):40 पद, सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor):50 पद तथा सीनियर रेजीडेंट (Senior Resident): के 24 पदों के लिए विज्ञापन निकला गया है।चयन प्रक्रिया और पात्रता शर्तेंआवेदकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण अनुभव और शोध कार्य राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के प्रचलित मानदंडों और 'मेडिकल इंस्टीट्यूशन (फैकल्टी क्वालिफिकेशन) रेगुलेशंस, 2025' के अनुरूप होना अनिवार्य है । इसके अलावा, किसी भी राष्ट्रीय या राज्य चिकित्सा परिषद (National/State Medical Council) में जीवित पंजीकरण (Live Registration) होना आवश्यक है ।प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी (दस्तावेज सत्यापन) के बाद पात्र पाए गए शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए आमंत्रित किया जाएगा । यह साक्षात्कार चिकित्सा शिक्षा संचालक की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा इन-पर्सन (भौतिक रूप से) या ऑनलाइन माध्यम से लिया जाएगा । अंतिम चयन साक्षात्कार में प्राप्त अंकों की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा ।विस्तृत नियम, आयु सीमा, आरक्षण और आवश्यक दस्तावेजों के प्रारूप की जानकारी के लिए अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं ।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर लोकभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय (3 जून से 5 जून तक) मेडिटेशन (ध्यान) शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता, कार्यक्षमता तथा तनाव प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना है। हार्टफुलनेस संस्था, अमलेश्वर के सहयोग से आयोजित इस शिविर के प्रथम दिन ध्यान के महत्व और उसके व्यावहारिक लाभों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान से मानसिक शांति, सकारात्मक सोच, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति एकाग्रता में वृद्धि होती है, जिससे शासकीय कार्यों के निष्पादन में भी बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।शिविर के दौरान लोकभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक घंटे का विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सचिवालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रतिभागियों को ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया तथा दैनिक जीवन में ध्यान को अपनाने के तरीकों की जानकारी दी गई।हार्टफुलनेस संस्था के प्रशिक्षक विकास पाठक एवं श्री डी.एम. शर्मा ने प्रशिक्षण प्रदान करते हुए ध्यान को स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन की प्रभावी साधना बताया। उन्होंने कहा कि नियमित मेडिटेशन व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ कार्यस्थल पर उसकी उत्पादकता और सकारात्मकता को भी बढ़ाता है। तीन दिवसीय इस शिविर में आगामी दिनों में ध्यान, आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन एवं तनाव प्रबंधन से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।



























