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बिलासपुर/आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के तहत वर्ष 2026-27 में निजी विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए होने वाली लिखित परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। यह परीक्षा 26 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली थी, जिसके माध्यम से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के ग्रामीण प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया जाना था।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर ने बताया कि प्रवेश की प्रक्रिया में विलंब होने के कारण इस लिखित परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों और उनके पालकों को सूचित किया जाता है कि वे इस आयोजित लिखित परीक्षा के संबंध में आवेदन जमा न करें। आबंटित संस्थाओं में प्रवेश को लेकर शासन से जैसे ही नए निर्देश प्राप्त होंगे, उसकी सूचना पृथक से जारी की जाएगी। -
*ग्रामीणों को मौके पर मिला योजनाओं का लाभ*
*गोढ़ी समाधान शिविर में 189 आवेदनों का निराकरण*बिलासपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण, शासन की जलकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन 1 मई से किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जिले के बिल्हा ब्लॉक के गोढ़ी में आयोजित समाधान शिविर बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में कुल 596 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 189 आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार द्वारा लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में महतारी वंदन, जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन सुचारू रूप से किया जा रहा है। अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों तक योजना का लाभ मिले इसके लिए समाधान शिविरों का 1 मई से सफल आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ लेने की भी अपील की। क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि चिलचिलाती धूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित सभी मंत्री, विधायक, अधिकारीगण शिविर में शामिल होकर लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गरीब और किसानों के दर्द को समझते हैं। शिविर में जनपद अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक, बिल्हा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेंडरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्रीमती आकांक्षा त्रिपाठी, सीईओ श्री कुमार लहरे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।*मौके पर ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ-*बिल्हा ब्लॉक के ग्राम गोढ़ी में आयोजित शिविर में मौके पर ही ग्रामीणों को कई योजनाओं का लाभ दिया गया। 34 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 39 को पेंशन स्वीकृति हेतु पात्र, 115 को श्रम कार्ड, 65 को मनरेगा जॉब कार्ड, 45 को लर्निंग ड्राईविंग लाईसेंस, 8 को आधार कार्ड, 6 को उज्जवला गैस कनेक्शन का वितरण किया गया। इसी प्रकार 370 किसानों को मिट्टी परीक्षण कार्ड, 137 लोगों ने बीपी शुगर जांच एवं 152 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। -
*आतंकियों को मार गिराकर यात्रियों को सुरक्षित निकाला*
बिलासपुर/ बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट बिलासपुर में शुक्रवार को एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार आयोजित यह अभ्यास वर्ष में एक बार किया जाता है, जिसका उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना है।मॉक ड्रिल के दौरान एयरक्राफ्ट हाईजैक होने की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर द्वारा तत्काल एयरोड्रोम कमिटी चेयरमैन एवं जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीएसओ, कासो, एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर, भाषा विज्ञानी एवं स्थानीय थाना पुलिस सहित एयरोड्रोम कमिटी के सभी सदस्य एंटी हाईजैक कंट्रोल रूम में एकत्रित हुए और रणनीति तैयार की गई।ड्रिल के अनुसार विमान में कुल 30 यात्री सवार थे। दो हाईजैकर्स द्वारा अपनी मांगें एयरोड्रोम कमिटी के समक्ष रखी गईं। इसी दौरान एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हाईजैकर को मार गिराया, जबकि दूसरे हाईजैकर को दबोच लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हुए एक यात्री को एयरपोर्ट स्थित एमआई रूम में प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। पूरी मॉक ड्रिल जिला दंडाधिकारी श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस अभ्यास के माध्यम से आतंकवादियों द्वारा विमान अपहरण जैसी वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ड्रिल से आपात परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनती है। -
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के आला अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल
शिविर में 721 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद/सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम फागुनदाह सहित शिविर में आसपास के ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में उपस्थित पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू एवं श्रीमती चंद्रिका सहित जनपद सदस्य श्री हेमंत साहू, श्रीमती मीना साहू, श्रीमती प्रमिला रामटेके सहित अन्य अतिथियों द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बाॅक्स का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख पत्र का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र एवं केसीसी कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। शिविर में आज बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। ग्राम फागुनदाह में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1038 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 721 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू ने शिविर में उपस्थित लोगों को सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के सभी वर्गों के लोगों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन एवं प्रशासन के प्रतिनिधि आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं। जिससे कि जमीनी स्तर पर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। इसके अलावा इस दौरान आम जनता के मांगों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने सुशासन तिहार के आयोजन को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार की बहुत ही सराहनीय एवं कारगर कदम बताया। श्री साहू ने कहा कि आम नागरिकगण बहुत ही आशा एवं विश्वास लेकर सुशासन तिहार में पहुँचते हैं। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य शासन एवं आम जनता के आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरते हुए सुशासन तिहार के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू ने भविष्य में आने वाली भयावह जल संकट के संबंध में प्रकाश डाला। उन्होंने इस मौके पर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान के अंतर्गत शिविर में उपस्थित लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा उसके एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के अलावा जल संरक्षण अभियान के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू ने सुशासन तिहार 2026 के आयोजन को राज्य सरकार का अत्यंत जनहितैषी कदम बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं मंत्रीगण तथा आला जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी इस भीषण गर्मी में भी आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। जो कि बहुत ही काबिले-तारीफ है। जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा उसी मंशा के अनुरूप आम जनता के बीच पहुँचकर वास्तविक मांगों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने इस भीषण गर्मी के दौरान भी शासन और प्रशासन के प्रतिनिधियों की आम जनता के बीच उपस्थिति भूरी-भूरी सराहना की। श्री साहू ने सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिला पंचायत सदस्य श्री तेजराम साहू ने सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए इसे छत्तीसगढ़ सरकार के अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार के मंशानुरूप शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित कर आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने को कहा। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुशासन तिहार 2026 के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भूरी-भूरी सराहना की। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि फागुनदाह में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में फागुन्दाह, पेण्डरवानी, पेरापार, अकलवारा, परसुली, खुंदनी, सरबदा, दर्रा, उसरवारा, बागतराई, चंदनबिरही, चिटौद, आनंदपुर, मिर्रीटोला, कुम्हारखान, कनेरी, कुलिया, खर्रा, ठेकवाडीह और दुपेचरा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 517 आवेदन, तहसील गुरूर को 82, महिला एवं बाल विकास विभाग को 24, विद्युत विभाग को 20 एवं कृषि विभाग को 12 आवेदन सहित कुल 1038 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 721 आवेदनों का निराकरण किया गया।क्रमांक/239/ठाकुर - -निष्क्रिय एवं राशि लेकर काम नहीं करने वाले वेंडर होंगे ब्लैक लिस्टेड-विद्युत संभागवार लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति लाने के निर्देश-कलेक्टर ने की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षाबलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शुक्रवार को सीएसपीडीसीएल एवं बैंक के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने जिले के लिये इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य एवं पिछले वर्ष के शेष इंस्टालेशन को शामिल कर विद्युत संभागवार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने बैंको में लंबित आवेदन, निरस्तिकरण तथा राशि भुगतान में विलम्ब की स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए बैंको को स्पष्ट निर्देश दिये कि ऋण के लिये आवेदन आने एवं स्वीकृत होने के बाद राशि का भुगतान हितग्राही के खाते में किया जाए। अनावश्यक विलम्ब या बेवजह फॉर्म रिजेक्ट होने पर सम्बंधित बैंक अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी। सभी बैंक ग्राम पंचायतवार रिजेक्टेड फॉर्म की सूची उपलब्ध कराएं।उन्होंने कहा कि वेंडर द्वारा हितग्राही का आवेदन बैंक को लोन के लिये अग्रेषित करने के बाद यदि हितग्राही 15 दिन मेंबैंक नहीं आते तो ऐसे हितग्राही की सूची बिजली विभाग को उपलब्ध कराएं। इसी तरह हर 15 दिन की सूची उपलब्ध कराए ताकि हितग्राही को समय पर सूचित किया जा सके। उन्होंने बैंक ऋण के लिये सोलर पैनल स्थापना की बैंक द्वारा मौका सत्यापन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब से बचने के लिये क्रेडा द्वारा किये गये जियो टैग फोटो का उपयोग करने कहा।कलेक्टर ने सोलर पैनल स्थापना में तेजी लाने के लिये जिले के सक्रिय वेंडर की सूची विकासखंडवार तैयार करने और उस सूची को जनपद सीईओ और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को उपलब्ध कराने कहा।उन्होंने निष्क्रिय और राशि भुगतान के बाद भी पैनल लगाने का काम नहीं करने वाले वेंडर पर कड़ी कार्यवाही करते हुए उनका नाम ब्लैक लिस्ट में डालने के निर्देश दिये।कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि योजना में प्रगति लाने और लक्ष्य हासिल करने अगले 10 माह में सोलर पैनल स्थापना का लक्ष्य निर्धारित करें।तीनो डिवीजन में हर माह 2 हजार पैनल इंस्टालेशन करए। हर 15 दिन में डिवीजन में प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने योजना की वृहद प्रचार -प्रसार के लिये ग्राम पंचायत, नगरीय निकयों में रणनीति तैयार करने कहा। बैंक सखी एवं समूह की महिलाओ का सहयोग लेने के भी निर्देश दिये।बताया गया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अब तक जिले में 4140 लोगों ने सोलर पैनल लगवाया है। योजना के तहत इस वर्ष 15100 सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य निर्धारित है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाने पर कुल खर्च 1 लाख 80 हजार आता है। इसमें 1 लाख 8 हजार सरकार की ओर सब्सिडी मिलती है। केवल 72 हजार हितग्राही का होता है वह भी 3 साल में रिकवर हो जाता है। बैंक से ऋण की भी सुविधा है। सोलर पैनल के लिये ऑनलाइन आवेदन के साथ ही बैंक ऋण का भी विकल्प होता है।बैंक से आसानी से फाइनेंस हो जाता हैं। इस तरह से यह योजना बहुत ही फायदे वाला है। लोगों को इसका भरपूर लाभ लेना चाहिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता श्री अनंत सहित, तीनों संभाग के कार्यपालन अभियंता, बैंक के अधिकारी, जनपद सीईओ उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को भाटापारा बस स्टैंड के फल दुकानों का निरीक्षण के दौरान 280 किलोग्राम खराब आम को नष्ट कराया गया।टीम द्वारा हनुमान फल भण्डार नया बस स्टैण्ड भाटापारा व महेश फ़्रूट कम्पनी भाटापारा की जांच की गई।महेश फ़्रूट कम्पनी में लगभग 280 किलोग्राम खराब आमों को नष्ट कराने हेतु निगम गाड़ी को दिया गया।सभी फल दुकानों को खराब फल विक्रय नहीं करने व खराब फल को अलग कर नष्टीकरण हेतु निगम की गाड़ी को ही देने के निर्देश दिये गये। इसीतरह आशीर्वाद बेकरी बिलासपुर रोड, सिमगा का निरीक्षण किया गया,जहां विक्रय हेतु बिना उत्पाद तिथि वाले आईस कैन्डी का भंडारण पाया गया। विधिवत जांच हेतु नमूना लिया गया तथा फर्म द्वारा बिना वैध खाद्य लाइसेंस के व्यवसाय करने का प्रकरण बनाया गया।
- बलौदाबाजार / सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत शनिवार 30 मई को विकासखंड पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत दतरेंगी में समाधान शिविर आयोजित की जाएगी जिसमें 15 ग्राम पंचायत के लोग शामिल होंगे।शिविर प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक आयोजित होग़ा। शिविर में ग्राम पंचायत अमेठी, टेमरी, सेमरिया, खैरी,धौराभाठा ,मुड़ियाडीह, धमनी,ओड़ान, दतान ख,सलौनी,कानाकोट, बांसबिनौरी,सीतापार,दतरेंगी एवं लरिया के ग्रामीण शामिल होंगे। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को शिविर क़ी बेहतर तैयारी करने और विभागीय जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिये हैं। इस दौरान विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
- बलौदाबाजार /एकीकृत बाल विकास परियोजना कसडोल अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र सेमरा में आंगनबाड़ी सहायिका के एक रिक्त पद पर भर्ती की जाएगी। आंनलाईन आवेदन करने के अंतिम तिथि 15 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यह पद केवल महिलाओं के लिए है। ऑनलाईन आवेदन करने के लिए https://aww.e-bharti.in/ में जाकर कर सकते है।अधिक जानकारी के लिए कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना कसडोल में संपर्क कर सकते है।
- बलौदाबाजार /मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत कक्षा 6 वी में प्रवेश हेतु वर्तमान में आबंटित संस्था को इम्पैनलमेंट करने एवं प्रवेश की प्रकिया में विलंब होने के कारण 26जुलाई 2026को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा स्थगित किया गया है। आबंटित संस्था में प्रवेश हेतु शासन से निर्देश प्राप्त होते ही पृथक से सूचना जारी किया जाएगा।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा तथा जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा लगातार गश्त एवं कार्यवाही की जा रही है।इसी कड़ी में शुक्रवार को 4 हजार रुपए का महुआ शराब और एक मोटर सायकिल जब्त किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को वृत्त कसडोल में आबकारी विभाग द्वारा आरोपी लकेश्वर यादव पिता गोविंद उम्र 35 वर्ष ग्राम तेंदुभाठा, चौकी गिरौदपुरी के कब्जे से 20 बल्क लीटर हाथभट्ठी कच्ची महुआ शराब जब्त किया गया। महुआ शराब का बाजार मूल्य 4,000 होना पाया गया एवं 1 (एक) दो पहिया वाहन मोटर सायकल सीडी डिलक्स सीजी 022 पी 5583 जब्त किया गया। मोटर सायकल का बाजार मूल्य 30,000 होना पाया गया। आरोपी लकेश्वर यादव पिता गोविंद उम्र 35 वर्ष ग्राम तेंदुभाठा, चौकी गिरौदपुरी के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (2), 59 (क) का प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी, जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक, विनोद बांधे, आबकारी आरक्षक अभिषेक कुमार राठौर, हेमंत कुमार वर्मा, कोमल निषाद, प्रकाश कुमार, नगर सैनिक राजकुमारी पैकरा, दुर्गा ध्रुव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- -ग्रामवासियों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मौके पर ही किया समस्याओं का समाधान-ग्राम जेवड़नखुर्द और मिनमीनिया में आयोजित हुआ जन समस्या निवारण शिविर-दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, हितग्राहियों को आवास की चाबी सहित अनेक योजनाओं से लाभान्वित कियारायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम जेवड़नखुर्द तथा बोड़ला विकासखंड के ग्राम मिनमीनिया में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों के बीच पहुंचे एवं आमजनों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच सादगी और आत्मीयता के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार में शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों की मांग पर त्वरित रूप से ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी भी सौंपी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत अनेक हितग्राहियों को लाभान्वित किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि बरपेलाटोला से सिंघनपुरी तक 2.5 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, मुख्य सड़क पोड़ी से उसलापुर नहर होते हुए बोधईकुंडा तक 4.5 करोड़ रुपए की सड़क, चरडोंगरी - कोठार मार्ग से सारंगपुरखुर्द नहर पार तक 2.6 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा सूरजपुर से मोहगांव तक 3.58 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लंबे समय तक आंदोलन चलाया गया था और सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक के पहले ही प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना को शामिल किया गया और पहली कैबिनेट में ही 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि ग्राम मिनमीनिया में 21 गांवों और ग्राम जेवड़नखुर्द में 15 गांवों के लिए शिविर आयोजित किया गया है और सभी गांवों में आवास की भी स्वीकृति की जा चुकी है।उन्होंने बताया कि नए हितग्राहियों को भी जोड़ने के लिए नया सर्वे भी कराया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है। दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। इसके साथ ही भोरमदेव फीडर, दियाबार जलाशय, नेवारी और कोठार जलाशय में करोड़ों रुपए की लागत से नहर विस्तार और उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना एजेंसी, अधिकारियों और हम सभी की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों से उन्होंने स्वयं निगरानी रखने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तत्काल देने की अपील की। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई।इस दौरान पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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दुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 48 में आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पहुंचे और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं, आवश्यकताओं को लेकर वार्ड का भ्रमण किये। वार्ड की जनता से संवाद कर उनके सुझावों को गंभीरता से सुनकर शीघ्र निराकरण करने संबंधित अधिकारीयों को निर्देश दिए। इस दौरान वार्ड पार्षद श्रीमती लोकेश्वरी ठाकुर एवं स्थानीय नागरिकों के साथ वार्ड का विस्तृत निरीक्षण कर क्षेत्र में चल रहे एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिये।
वार्ड भ्रमण के दौरान सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति हेतु पाइपलाइन विस्तार, पॉवर पंप स्थापना, नाली निर्माण, साफ-सफाई तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित विषयों पर नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं मांगें रखीं। मौके पर उपस्थित संबंधित विभाग के इंजीनियरों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने कहा गया।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, सड़कों के मरम्मत और बारिश पूर्व सभी नालियों की सफाई कार्य में तेजी लाने तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही नागरिक सुविधाओं के विस्तार हेतु आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देशित किया गया।वार्डवासियों से संवाद करते हुए शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। नागरिकों ने क्षेत्र में विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।मंत्री श्री यादव ने कहा की मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन, विकास और जनसेवा की भावना के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना तथा प्रत्येक वार्ड एवं गांव में विकास कार्यों को गति देना है। इसी संकल्प के साथ लगातार जनसंपर्क कर नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। - सेवा भवन में प्रबंध निदेशकों ने किया सम्मानितरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी़ से कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनीष कुमार गुप्ता सहित कुल 8 अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। पॉवर कंपनीज़ के मुख्यालय सेवा भवन में आयोजित समारोह में प्रबंध निदेशक (जनरेशन) श्री एस. के. कटियार, प्रबंध निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री राजेश कुमार शुक्ला तथा प्रबंध निदेशक (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीम सिंह कंवर ने सेवानिवृत्त ईडी श्री गुप्ता को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्रबंध निदेशकगणों ने कहा कि श्री गुप्ता के समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली एवं अनुभवों से पॉवर कंपनी के विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिली हैं। सेवानिवृत ईडी श्री गुप्ता ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए अपने सेवायात्रा में मिले सहयोग के लिए प्रबंधन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इसी तरह एक अन्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के लोड डिस्पेच सेंटर में आयोजित समारोह में रायपुर से वरिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री योगेश्वर प्रसाद साहू, राजनांदगांव से वरिष्ठ पर्यवेक्षक श्री प्रमोद कुमर उइके, भिलाई से वरिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री यशवंत कुमार स्वर्णकार, लाइन सहायक श्रेणी एक श्री रामकिशुन साहू (कोरबा), लाइन सहायक श्रेणी-एक श्री एल.गोपी राव, लाइन सहायक श्रेणी-दो श्री रूपराम साहू, फार्मासिस्ट श्री संजय कुमार डुमरे को सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी गई। जनरेशन कंपनी द्वारा भी सेवानिवृत्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें प्रबंध निदेशक (उत्पादन) कार्यालय में ईडी श्री मनीष कुमार गुप्ता को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री के एस मनोठिया, श्री एम एस कंवर, श्री एस के ठाकुर, श्री आर पी नामदेव, श्री एम एस चौहान, श्री वी के दीक्षित, श्री सी एल नेताम, श्री संजय शुक्ला, श्री एम आर बागड़े, श्री संदीप मोदी, श्री ए एम परियल, मुख्य अभियंता श्री सुभाष शर्मा, श्री रोहित धारीवाल, श्री रजनीश जांगड़ेे, श्री डी के चावड़ा, श्रीमती नंदिनी भट्टाचार्य, श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री आई.ए. अंसारी, श्रीमती चंद्रकला गिदवानी, श्री अब्राहिम वर्गीस, श्री प्रसन्ना गोसावी, श्रीमती रश्मि वर्मा, सीएमओ श्री एच एल पंचारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल एवं प्रकाशन अधिकारी श्रीमती अनामिका मंडावी द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता श्री पंकज चौधरी ने किया।
- - DPDP अधिनियम-2023 के तहत 'प्राइवेसी बाय डिजाइन' अपनाएगा छत्तीसगढ़रायपुर ।छत्तीसगढ़ में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं में विश्वसनीयता और डेटा गवर्नेंस को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एवं भारत सरकार के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न शासकीय विभागों को 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023' के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी अनुपालन को लेकर कड़े व स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।कार्यशाला को संबोधित करते हुए CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मयंक अग्रवाल ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है।"DPDP अधिनियम केवल एक विधिक या कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि यह शासन व्यवस्था में 'Privacy by Design' (डिजाइन में ही गोपनीयता) एवं 'Citizen-Centric Data Governance' (नागरिक-केंद्रित डेटा गवर्नेंस) की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण परिवर्तन है।श्री अग्रवाल ने राज्य की तकनीकी प्रगति साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 'सेवा सेतु' प्लेटफॉर्म का डिजिलॉकर, उमंग और माय स्कीम (My Scheme) जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ सफलतापूर्वक एकीकरण (Integration) किया जा चुका है। इसके जरिए नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्र और सरकारी सेवाएँ डिजिटल रूप से आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आगामी चरण में सभी विभागों को "Digital-by-Default" दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि अधिक से अधिक सेवाओं को राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) से जोड़ा जा सके। नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD), नई दिल्ली के संचालक श्री सुनील जैन ने कार्यशाला में विभागीय दायित्वों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि DPDP अधिनियम, 2023 सभी सरकारी संस्थाओं के लिए डेटा प्रबंधन की नई और सख्त जवाबदेहियों को परिभाषित करता है। इस अधिनियम के कड़ाई से अनुपालन से न केवल विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी, बल्कि राज्य की साइबर सुरक्षा प्रणाली को भी अभूतपूर्व बल मिलेगा।राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री पी. रामाराव ने डिजिटल युग में डेटा की सुरक्षा को लेकर विभागों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारियां आजकल साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने पर होती हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने सभी विभागों को डेटा न्यूनतमकरण (Data Minimization), लॉग मॉनिटरिंग तथा नियमित अंतराल पर सुरक्षा समीक्षा (Security Audit) अपनाने की महती सलाह दी। कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। NeGD के श्री नितीश कालरा ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, डेटा फिड्यूशियरी (Data Fiduciary) की भूमिका, सहमति प्रबंधन (Consent Management) और नागरिक शिकायत निवारण तंत्र पर प्रस्तुति दी। चिप्स के श्री आशीष जायसवाल और NeGD के श्री विशाल विरमानी ने डिजिलॉकर के साथ विभागों के एकीकरण, सुरक्षित दस्तावेज़ साझाकरण और डिजिटल प्रमाण-पत्रों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। सुश्री कीर्ति गुप्ता एवं श्री महेश कुमार ने उमंग और माय स्कीम प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक नागरिक सेवाओं की पहुँच बढ़ाने की रणनीतियों को साझा किया।कार्यशाला के समापन पर CHiPS के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुपम आशीष टोप्पो ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि इस कार्यशाला से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर सभी विभागों के लिए 30, 60 और 90 दिनों की एक चरणबद्ध विभागीय कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाएगी। इस योजना के माध्यम से राज्य में DPDP अधिनियम का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति दी जाएगी।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में CHiPS सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के 180 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में डेटा संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के एकीकरण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।
- -श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता ने की विभागीय काम-काज समीक्षारायपुर /श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इस दिशा में विभाागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय श्री एस.एल. जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान सचिव श्री गुप्ता ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिले। इस दिशा में विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रारंभ होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र से सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 से 200 कर दी गई है। इस योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों केा प्रदेश के निजि स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। श्रमायुक्त ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।बैठक में सचिव सह श्रमायुक्त श्री गुप्ता ने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। उन्होंने कारखाने की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा, मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल योजनाओं की समीक्षा, इसके अलावा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर जिलेवार की गई निराकरण की समीक्षा की गई।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संगठित श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिए कल्याणकारी योजनाओं के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य संनिर्माण में लगे निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार के कल्याण हेतु छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों द्वारा श्रमिकों का पंजीयन किया जाकर उनके कल्याण हेतु योजनाओं का संचालन कर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
- -जगनी बाई को मिला निःशुल्क उपचार का लाभरायपुर // आयुष्मान भारत योजना समाज के गरीब, जरूरतमंद एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। नारायणपुर जिले की निवासी जगनी बाई लाभान्वित हुई हैं, जिन्हें बढ़ती उम्र के कारण लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।जगनी बाई ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी। कमजोरी, शरीर में दर्द तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल जाकर इलाज कराने की आवश्यकता पड़ती थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेहतर उपचार कराना संभव नहीं हो पा रहा था। कई बार इलाज के खर्च की चिंता के कारण समय पर अस्पताल जाना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया, जिसके बाद उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त हुई। कार्ड बनने के बाद जगनी बाई को अस्पताल में भर्ती होने, आवश्यक जांच कराने, डॉक्टरों से परामर्श लेने तथा दवाइयों सहित उपचार की सुविधा बिना किसी आर्थिक बोझ के मिली।उन्होंने बताया कि पहले इलाज के खर्च को लेकर परिवार के सदस्य हमेशा चिंतित रहते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के कारण उन्हें बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में बेहतर उपचार मिलने से उनके स्वास्थ्य में सुधार आया है और परिवार के लोगों को भी मानसिक राहत मिली है। जगनी बाई ने सरकार की इस जनहितैषी योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी सहायता साबित हो रही है।ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई वरिष्ठ नागरिक आर्थिक अभाव के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते थे, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती थीं। आयुष्मान भारत योजना ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अब गरीब परिवार भी बेहतर अस्पतालों में इलाज करा पा रहे हैं।70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को योजना के माध्यम से विशेष रूप से लाभ मिल रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। शासन की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। शासन द्वारा लगातार लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। जगनी बाई की तरह अनेक हितग्राही इस योजना का लाभ लेकर स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और विश्वास भी दे रही है।
- रायपुर । दंतेवाडा जिले में 15 मई से 15 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरसपाल रोड स्थित पुरनतरई गांव से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां एक नन्हे बालक आनंद कश्यप ने अपने छोटे से प्रयास से बड़ा संदेश दिया है। गांव में स्थित एक छोटी सी दुकान के बाहर कार्डबोर्ड के डिब्बे से बनाया गया एक अनोखा कूड़ेदान लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। उस पर बड़े सरल शब्दों में लिखा था, “कचरा यहां डिब्बा में डालें।” देखने में साधारण लगने वाला यह कूड़ेदान स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है।
जब दुकान संचालक से इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह कूड़ेदान उनके बेटे आनंद कश्यप ने स्वयं बनाया है। आनंद की इस सोच और प्रयास ने सभी को प्रभावित किया। सीमित संसाधनों में तैयार किया गया यह छोटा सा प्रयास यह दर्शाता है कि यदि इरादे मजबूत हों तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आनंद कश्यप की यह पहल लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की प्रेरणा दे रही है। यह कहानी हमें यह संदेश देती है कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आनंद जैसे नन्हे सिपाही ही स्वच्छ और सुंदर भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं।
- -मुख्य सचिव श्री विकासशील ने की समीक्षारायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी। इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे।सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र , पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।इस सघन संतृप्तिकरण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित इस बैठक मेंबैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचाा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में कटघोरा- डोंगरगढ़ रेल लाइन सहित प्रदेश में चल रही अन्य रेल परियोजनाओं की प्रगति और बोर्ड के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी पहलुओं और समयसीमा पर चर्चा की। बैठक में सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग एवं रेल परियोजनाएं श्री रजत कुमार, विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय एवं आयुक्त जनसंपर्क तथा संचालक खनिज विकास निगम श्री रजत बंसल सहित वित्त विभाग एवं रेलवे कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपनी पर्वतारोहण उपलब्धियों तथा आगामी अभियानों की जानकारी राज्यपाल को दी।सुश्री अंकिता गुप्ता वर्तमान में कबीरधाम (कवर्धा) पुलिस लाइन में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में लद्दाख स्थित यूटी कांगड़ी पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक पहुंचकर छत्तीसगढ़ की पहली महिला पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया था। इसके अलावा उन्होंने यूरोपीय महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।भेंट के दौरान सुश्री अंकिता ने राज्यपाल को बताया कि उनकी अगली योजना अफ्रीका महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट किलिमंजारो पर आरोहण करने की है। उन्होंने अपने अब तक के पर्वतारोहण अभियानों, अनुभवों और भविष्य की तैयारियों से भी राज्यपाल को अवगत कराया।राज्यपाल रमेन डेका ने अंकिता गुप्ता के साहस, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा प्रतिभाओं की ऐसी सफलताएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अंकिता को उनके आगामी अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
- रायपुर । प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील प्रशासनिक पहल के तहत आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के चेहरे पर संतोष और खुशी दिखाई दे रही है।इसी कड़ी में जिला दंतेवाडा के ग्राम हितामेटा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में ग्राम कोरकोटी के दो दिव्यांग बच्चों के परिवारजनों द्वारा सहायता हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन द्वारा अस्थि बाधित दिव्यांग बच्ची जुलगो मुचाकी, पिता श्री बुटलू मुचाकी तथा अस्थि बाधित दिव्यांग बालक नारसू पोयाम, पिता श्री आयतू राम पोयाम को एक-एक नग व्हीलचेयर प्रदान की गई।व्हीलचेयर मिलने से दोनों बच्चों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब बच्चों को दैनिक गतिविधियों, स्कूल आने-जाने तथा अन्य आवश्यक कार्यों में सुविधा मिल सकेगी। परिवारजनों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे लंबे समय से व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हो गया। इस पहल ने न केवल दिव्यांग बच्चों के जीवन को आसान बनाया है, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बन रहा है।
- -समय पर आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों का हुआ सम्मानरायपुर ।प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को समय पर पक्के एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेशभर में अभियान स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत मदगुरी में आवास जन चौपाल आयोजित कर हितग्राहियों को समय-सीमा में आवास पूर्ण करने हेतु प्रेरित किया गया।आवास जन चौपाल में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने हितग्राहियों से संवाद करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधा उपलब्ध हो। उन्होंने हितग्राहियों से निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने का आग्रह करते हुए सभी को समय पर आवास निर्माण पूर्ण करने का संकल्प दिलाया।कार्यक्रम के दौरान समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना बताते हुए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अन्य हितग्राहियों को भी शीघ्र आवास निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया। जन चौपाल के पश्चात जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तोमर ने ग्राम पंचायत मदगुरी में निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा हितग्राहियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -’देवस्थलों और पूर्वजों की आस्था स्थलों के संरक्षण पर हुई विस्तृत चर्चा’-’पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान की महासभा आयोजित’रायपुर। मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।महासभा में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुडि़यों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है।उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -’पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले एवं डॉ. रामचंद्र गोडबोले द्वारा बस्तर में किए गए सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की सराहना’- ’बस्तर में सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसेवा पहुंचाने पर सरकार का फोकस: मुख्यमंत्री’रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात कर उनके द्वारा बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि “बस्तर और बस्तरवासियों से हमें गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर, उसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय आत्मीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश, विशेष रूप से बस्तर, जनजातीय समाज और बस्तरवासियों के सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने गोडबोले दंपति का सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनत्व, विश्वास और मानवीय संवेदना पहुंचाना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति ने जनजातीय समाज तक पहुंचकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया, कुपोषण, टीबी, मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलायी तथा शिक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय समाज के बीच बने रहना और सेवा करते रहना असाधारण समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति केवल चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के आत्मीय सहयोगी के रूप में कार्य करते रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी गोडबोले दंपति ने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और मानवता को सर्वाेपरि रखते हुए जनजातीय समाज के बीच लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि जब भय और असुरक्षा का वातावरण था, तब भी इनका बस्तर और उसके लोगों के प्रति विश्वास और प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि इस प्रदेश, इसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े रहने से सिद्ध होता है और गोडबोले दंपति ने इसे अपने जीवन से प्रमाणित किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि गोडबोले दंपति को बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि वे केवल यहां कार्य नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में पूरी तरह रच-बस गए हैं तथा उसे आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में संवाद स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का मजबूत रिश्ता बनाया है। यही कारण है कि आज वे स्वयं कहते हैं कि अब बस्तर छोड़ने का उनका मन नहीं है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम से उनका स्वयं का जुड़ाव रहा है और वे जानते हैं कि आश्रम के संस्कार सेवा, समर्पण और समाज के प्रति आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और आत्मीय सहयोग पहुंचाने के विचार से जुड़े हैं तथा यह कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार करता है।मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति से संवाद करते हुए बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सूक्ष्म स्तर के प्रयासों और कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ लोगों तक शासन, सेवाएं और अवसर भी पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जनसेवा से जोड़ते हुए व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार सुरक्षा कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, जनसेवा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित कर रही है और वहां विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, सुरक्षा और विश्वास का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन और सतत प्रयासों का परिणाम है।चर्चा के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेरणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कैलाश गुफा, वहां संचालित संस्कृत विद्यालय, आश्रम तथा सरगुजा अंचल की यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने जुड़ाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि गोडबोले दंपति ने केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, जनजातीय जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को भी आत्मसात किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि गोडबोले दंपति की समर्पण और सेवा की भावना पूरे छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई चेतना को मजबूत करेगा।
- -165 जनसमस्याओं का स्थल पर ही निराकरणरायपुरl छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को आम जनता के दरवाजे तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं पर सीधा प्रहार करने के लिए शुरू हुआ 'सुशासन तिहार 2026' अब धरातल पर एक बड़ा विश्वास बन चुका है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम पंचायत कचना में आयोजित क्लस्टर स्तरीय समाधान शिविर में उम्मीदों और समाधान का एक अनोखा संगम देखने को मिला। शिविर में 165 मामलों का मौके पर ही निपटारा (161 मांग और 4 शिकायतें) कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई lइस महा-शिविर में कचना सहित आस-पास की कुल 17 ग्राम पंचायतों (सिलीडीह, सिलतरा, नवागांव (क), जी जामगांव, अंवरी, गणेशपुर, मडेली, भैंसबोड़, जरवायडीह, कोलियारी, जोरातराई (अ), थूहा, नवागांव (थू), सिर्वे, कुम्हारी और भेण्डसर) के ग्रामीणों का ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने शासन की इस मुहिम को पूरी तरह सफल बना दिया।शिविर की भव्यता और जनता के विश्वास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ कुल 819 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 812 आवेदन विभिन्न विकास कार्यों व मांगों से जुड़े थे, तो वहीं 7 आवेदन शिकायतों के रूप में दर्ज किए गए। प्रशासन ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए 165 मामलों का मौके पर ही निपटारा (161 मांग और 4 शिकायतें) कर ग्रामीणों को तत्काल राहत की सौगात दी। शेष आवेदनों के लिए समय-सीमा तय कर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।ग्रामीणों का हौसला बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सीधे सुनने के लिए क्षेत्र के कई दिग्गज जनप्रतिनिधि इस शिविर का हिस्सा बने। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष, सभापति और जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष ने विशेष रूप से शिरकत की। इसके साथ ही बडी संख्या में सरपंच, सचिव और पंचगण मौजूद रहे।इस शिविर की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब सामने आई जब पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार की सामग्रियां और प्रमाण पत्र सौंपे गए। कई सालों से अटके काम जब चंद मिनटों में पूरे हुए, तो ग्रामीणों के चेहरे खुशी से दमक उठे। राजस्व विभाग ने जमीन और घर का सपना पूरा करते हुए ग्रामीणों को 'आबादी पट्टा' (भू-स्वामित्व) सौंपा। मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा की छांव देते हुए 'संगठित श्रमिक कार्ड' प्रदान किए गए। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों की आंखों को रोशनी देने के लिए 'निःशुल्क चश्मा' और मुफ्त इलाज की गारंटी वाला 'आयुष्मान कार्ड' दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नौनिहालों के लिए 'पोषण आहार' और बेटियों के सशक्त भविष्य के लिए 'नोनी सुरक्षा योजना' के प्रमाण पत्र बांटे गए। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगों और बुजुर्गों के कदम मजबूत करने के लिए 'बैशाखी' और 'पोषण किट' का वितरण किया ।कचना का यह क्लस्टर शिविर सुशासन की उस सच्ची परिभाषा को बयां कर गया, जहां सरकार खुद चलकर जनता के द्वार तक पहुंचती है। इस 'सुशासन तिहार' ने ग्रामीणों के चेहरों पर जो मुस्कान बिखेरी है, उसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।







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