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- 0- स्वयं के व्यवसाय से सालाना अर्जित कर रहीं 1 लाख 80 हजार रूपए तक की आयरायपुर. बिहान योजना की सहायता से व्यवसाय शुरू कर आज श्रीमती इन्द्राणी मेश्राम सालाना 1 लाख 80 हजार तक की आय अर्जित कर रही हैं जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनीं हैं बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन गई हैं। श्रीमती मेश्राम पूर्व में गृहणी थीं एवं घर के काम-काज में अपना समय बिताती थीं। एक दिन बिहान की सीआरपी दीदीयां सर्वे करते हुए उनके घर आईं और समूह से जुड़ने के लाभ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले भी वे समूह से जुड़ी थीं लेकिन बिहान के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। इसके पश्चात् वे बिहान से जुड़ी जिसमें 10 सदस्य थे।बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें पता चला कि वे सीआईएफ लेकर अपनी आजीविका का कार्य शुरू कर सकती हैं इसके बाद उन्होंने एमसीपी राशि 60 हजार रूपए प्राप्त कर फैंसी स्टोर्स की शुरूआत की, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई। साथ ही उन्होंने बैंक से 1 लाख रूपए ऋण लेकर किराना स्टोर्स, आटा चक्की एवं रोल सेंटर की स्थापना की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से काफी सुदृढ़ हो गई। इस कार्य से वे आत्मनिर्भर बनी हैं व अपने पति के कार्यों में सहयोग भी कर रही हैं।श्रीमती मेश्राम ने कहा कि अब मैं लखपति दीदी बन गई हूँ और मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। अब मैं आपने परिवार व समाज में सम्मानपूर्वक रहती हूँ, जिसके लिए मैं बिहान योजना का हृदय से धन्यवाद करती हूँ।
- फाइल फोटो0- शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज बैरन बाजार में होगा आयोजन, 6 कंपनियां देंगी नौकरीरायपुर। विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा अस्थिबाधित दिव्यांगजनों के लिए 5 जून 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार, रायपुर में होगा। उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि यंग इंडिया के तत्वावधान में होने वाले इस रोजगार मेले में 6 कंपनियां शामिल होंगी। क्रेडालिस केपिटल प्रा. लिमिटेड, आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जी.पी.एस., रामा उद्योग प्रा. लिमिटेड, बारबर्रिक ट्रान्सफार्मर्स, अविनाश डेव्लपर्स प्रा. लिमिटेड एवं स्काई ऑटोमोबाईल मारुति नेक्सा, रायपुर द्वारा योग्यता के अनुसार अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को रोजगार दिया जाएगा।चयनित युवाओं को योग्यता और पद के अनुसार 11,000 रुपये से 30,000 रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा। सभी का कार्यक्षेत्र जिला रायपुर रहेगा।छत्तीसगढ़ के ऐसे अस्थिबाधित दिव्यांगजन जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है और जो बिना व्हीलचेयर के चलने फिरने में सक्षम हैं, वे इस मेले में शामिल हो सकते हैं।आवेदकों को 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बी.ई., आई.टी.आई., डीसीए, पीजीडीसीए आदि की अंकसूची, तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की मूल प्रति और एक फोटोकॉपी तथा 2 पासपोर्ट साइज फोटो लेकर आना होगा।आवेदकों को आने जाने का कोई खर्च नहीं दिया जाएगा। खाने पीने और ठहरने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में फोन नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।
- 0- आरंग एसडीएम ने ग्रामीणों को सौंपे अधिकार अभिलेख, कलेक्टर के निर्देश पर हो रहा वितरण0- ग्राम कोसरंगी में बीते दिनों मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सौंपा था पट्टारायपुर. रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत और अधिकार का माध्यम बन रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार ग्राम खमतराई, करमा, दरबा, छतौना एवं कोसरंगी में स्वामित्व योजना के तहत कुल 805 हितग्राहियों को आबादी पट्टा वितरित किया गया। ग्राम खमतराई में 147, करमा में 50, दरबा में 130, छतौना में 178 तथा कोसरंगी में 300 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किए गए। एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने ग्रामीणों को पट्टा सौंपा।उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल के दौरान स्वयं ग्रामीणों को पट्टे वितरित कर उन्हें वैधानिक अधिकार प्रदान किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते अब बड़ी संख्या में ग्रामीणों को उनकी जमीन का आधिकारिक दस्तावेज मिल रहा है। इससे ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण है और लोगों को भविष्य की सुरक्षा का भरोसा मिला है।प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में घरों के मालिकों को 'अधिकार अभिलेख' प्रदान करना है। इसके तहत ड्रोन तकनीक से गांव की आबादी भूमि का सर्वे कर संपत्ति कार्ड तैयार किए जाते हैं। इस योजना से ग्रामीणों को संपत्ति पर कानूनी अधिकार मिलता है, जिससे वे बैंक से ऋण ले सकते हैं और संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आती है। यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में तहसीलदार श्रीमती ज्योति मसियारे, श्री विनोद साहू, नयाब तहसीलदार सुश्री नीलम ठाकुर सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे ।
- 0- मुख्यमंत्री श्री साय की घोषणा का हुआ पालनरायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा।जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी।राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
- 0- एनएच-49 पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक एम्बुलेंसबिलासपुर. राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर द्वारा अत्याधुनिक आपातकालीन चिकित्सा एम्बुलेंस सेवाओं का शुभारंभ किया गया है। इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग- 49 पर बिलासपुर से रायगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों की आपातकालीन सहायता के लिए पाराघाट टोल प्लाजा और केसला टोल प्लाजा पर तैनात किया गया है।परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक श्री मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले प्रत्येक यात्री की जान और उनकी सुरक्षा एनएचएआई की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा मुख्य उद्देश्य राजमार्गों पर किसी भी आपात स्थिति में राहगीरों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अगली बार जब आप राजमार्गों पर किसी लंबे सफर पर निकलें, तो अपनी गाड़ी की तकनीकी जांच करने के साथ-साथ अपने मोबाइल की स्पीड डायल लिस्ट में 1033 नंबर को जरूर सेव कर लें। क्योंकि जब हाइवे पर मुश्किलें रास्ता रोकती हैं, तो यही चार अंक संजीवनी बनकर आपकी मदद करते हैं।राष्ट्रीय राजमार्गों में सफ़र का साथी डायल 1033टोल-फ्री डायल 1033 हाइवे पर 24x7 आपका सबसे भरोसेमंद साथी है। हाईवे पर अगर गाड़ी का टायर पंचर हो जाए या इंजन फेल हो जाए। अगर हाइवे पर कोई पेड़ गिर गया हो, मवेशी आ गए हों या कोई भारी मलबा पड़ा हो। यात्रा के दौरान अगर अचानक किसी सह-यात्री की तबीयत बिगड़ जाए। टोल प्लाजा या फास्टैग संबंधी कोई समस्या हो या हाइवे पर असुरक्षा महसूस हो रही हो, तो 1033 डायल करें।कैसे काम करता है डायल 1033जैसे ही कोई राहगीर 1033 नंबर पर फोन करता है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का कॉल सेंटर तुरंत हरकत में आ जाता है। फोन करने वाले व्यक्ति से हादसे की सही जगह (लोकेशन) पूछी जाती है और कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस या पेट्रोलिंग गाड़ी मदद के लिए मौके पर पहुँच जाती है। इसके जरिए राहगीर को तुरंत हर जरूरी मदद दी जाती है। अगर कोई घायल हो, तो उसे बिना देर किए पास के अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया जाता है। वहीं, अगर कोई दूसरी समस्या हो, तो क्रेन या पेट्रोलिंग गाड़ियों की मदद से उसे तुरंत दूर किया जाता है।
- 0- पीएम जनमन सड़क की ड्रिलिंग कर जांच, आश्रम की बदहाली पर भड़के प्रमुख सचिव0- बैगा परिवारों से सीधे संवाद कर लिया योजनाओं का फीडबैक, 30 मई तक सर्वे पूर्ण करने के निर्देश0- “पीवीटीजी परिवारों तक हर योजना पहुंचे”- कोटा दौरे में प्रमुख सचिव वोरा ने दिए सख्त निर्देशबिलासपुर. आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि वोरा ने बुधवार को कोटा विकासखंड के बैगा बहुल ग्राम शिवतराई और नेवसा का दौरा कर केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जनजातीय गौरव उत्सव, पीएम जनमन, धरती आबा अभियान, पीवीटीजी डिजिटल सर्वे तथा सुशासन तिहार के क्रियान्वयन की मैदानी समीक्षा की।प्रमुख सचिव ने अचानकमार क्षेत्र के नेवसा के दूरस्थ बैगापारा तक पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शिवतराई में स्वयं सर्वे सेतु ऐप के माध्यम से तिहारू बैगा के परिवार का डिजिटल सर्वे कर जानकारी दर्ज की। उन्होंने परिवार की आजीविका, आवास, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की पहुंच के संबंध में विस्तार से चर्चा की।नेवसा गांव में पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित सड़क की गुणवत्ता जांच के लिए प्रमुख सचिव ने तकनीकी टीम के साथ सड़क की ड्रिलिंग कराई। सड़क की मोटाई और निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए।शिवतराई-अचानकमार मुख्य मार्ग से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर दूर बैगा पारा तक बनी इस सड़क से आदिवासी ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में अब उन्हें पहले जैसी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। दौरे के दौरान मोबाइल मेडिकल यूनिट भी गांव पहुंची थी। प्रमुख सचिव ने बैगा समुदाय के लोगों से वाहन की उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने इसे काफी लाभकारी बताया। इस पर उन्होंने मेडिकल यूनिट को नियमित रूप से गांवों में भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपचार कराने पहुंचे मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली।आश्रम की बदहाल व्यवस्था पर जताई नाराजगीप्रमुख सचिव श्री वोरा ने नेवसा स्थित आदिवासी बालक आश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आश्रम परिसर, शौचालय और रखरखाव की स्थिति बेहद खराब मिली, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सहायक आयुक्त को हॉस्टल वार्डन रवि पाठक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में सभी आश्रम एवं छात्रावासों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और आवश्यक मरम्मत कार्य समय रहते पूर्ण कर लिए जाएं ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।जनपद पंचायत में समीक्षा बैठक, 30 मई तक सर्वे पूरा करने के निर्देशप्रमुख सचिव सोनमणि वोरा ने जनपद पंचायत कोटा सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीवीटीजी डिजिटल सर्वे की प्रगति की जानकारी लेते हुए 30 मई तक शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष सर्वे कार्य पंचायत सचिव एवं अधीक्षकों द्वारा तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री पीवीटीजी समुदायों के विकास को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं। पीएम जनमन, धरती आबा और अन्य योजनाओं के माध्यम से विशेष जनजातीय परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रमुख सचिव ने पीवीटीजी परिवारों के लिए कौशल विकास एवं स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। बैठक में सहायक आयुक्त संजय चंदेल, एसडीएम प्रवेश पैकरा, जनपद सीईओ युवराज सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर. वनवासी कल्याण कुंज आश्रम के ग्रीष्मकालीन शिक्षण वर्ग शिविर में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आई छात्राओं के जीवन में एक नई रोशनी का संचार हुआ। भारत स्काउट एंड गाइड की जिला संगठन आयुक्त (गाइड) डॉ. पूनम सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से छात्राओं को जागरूकता और आत्मविश्वास के पंख दिए।शिविर में डॉ. पूनम सिंह ने ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन’ जैसे संवेदनशील किंतु अति-आवश्यक विषय पर वर्जनाओं की दीवारें तोड़ते हुए खुलकर संवाद किया। उन्होंने न केवल स्वास्थ्य और स्वच्छता के वैज्ञानिक पक्ष को सरलता से समझाया, बल्कि छात्राओं को इस प्राकृतिक प्रक्रिया के प्रति गर्व और सहजता का भाव भी जगाया। साथ ही स्काउटिंग गतिविधियों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड का प्रशिक्षण अनुशासन, सेवाभाव और नेतृत्व का जीवंत पाठशाला है।रेंजर लीडर निशा साहू एवं गाइड कैप्टन कौशल्या साहू ने छात्राओं को राज्यपाल अवार्ड, राष्ट्रपति अवार्ड, क्लैपिंग, आपदा प्रबंधन तथा एडवेंचर हाईक जैसी रोमांचक व गौरवपूर्ण गतिविधियों से परिचित कराया। इन गतिविधियों के माध्यम से जीवन कौशल, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना का संचार कैसे होता है, इसे उन्होंने जीवंत उदाहरणों से स्पष्ट किया। छात्राओं ने जिज्ञासा भरे अनेक प्रश्न पूछे और सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताया।वहां उपस्थित सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कहा कि हम इन स्काउटिंग गतिविधियों से अवश्य जुड़ेंगे और राष्ट्रहित हेतु सेवा कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।इस प्रेरणादायी सत्र के लिए जिला संगठन आयुक्त डॉ. पूनम सिंह को श्रीमती आरती दांडेकर द्वारा सादर आमंत्रित किया गया था। डॉ. सिंह ने उपस्थित समस्त छात्राओं को सैनिटरी पैड का वितरण कर उसके सुरक्षित प्रयोग, निर्धारित समय पर बदलाव एवं निस्तारण की वैज्ञानिक विधि विस्तार से समझाई। सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध करवाने में आर्यन एवं महेंद्र सूर्यवंशी का प्रमुख सहयोग रहा।अपने संबोधन में डॉ. पूनम सिंह ने एक मार्मिक आह्वान किया, “ज्ञान दीपक के समान है: इसे अपने तक सीमित न रखें। जो अमूल्य जानकारी आज आपने अर्जित की है, उसकी मशाल अपने घर, परिवार, सखियों और विद्यालय की अनुजाओं तक अवश्य पहुंचाएं। आज भी समाज में इस विषय पर मौन पसरा है। यदि हम जागरूक हैं, तो यह हमारा दायित्व है कि हम औरों को भी जागरूक करें।”कार्यक्रम का समापन अत्यंत भावपूर्ण क्षण में हुआ जब सभी छात्राओं ने सामूहिक रूप से ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन’ की शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं स्वच्छता का पालन करेंगी और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने की संवाहक बनेंगी।यह शिविर केवल जानकारी का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि आत्म-सम्मान, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सशक्त संस्कार-यज्ञ था, जिसकी लौ अब ये बालिकाएं अपने-अपने क्षेत्रों में प्रज्ज्वलित करेंगी।--
- 0- महाराष्ट्र मंडल के रोहिणीपुरम केंद्र की मासिक बैठक में गीत- संगीत, गेम्स, मस्ती के साथ भावी कार्यक्रमों पर चर्चारायपुर। महाराष्ट्र मंडल की रोहिणीपुरम केंद्र की महिलाओं ने मई महीने की मासिक बैठक में गेम्स, गीत, संगीत के साथ जमकर मस्ती की। बैठक का इंद्रप्रस्थ कालोनी फेस-2 स्थित रीना बाबर के रास डांस स्टूडियो में हुई। अब जब बैठक डांस स्टूडियो में हो और महिलाएं डांस न करें, ऐसा कैसे हो सकता है? महिला सभासदों ने बैठक की शुरुआत राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा पाठ के साथ की।रीना बाबर, अनुभा साडे़गांवकर और राजश्री वैद्य की ओर से आहूत की गई बैठक में हनुमान चालीसा पाठ के साथ महिलाओं ने गेम खेला। इसमें टेबल पर चूड़ियां बिखेर दी गई। अब कांटा- चम्मच की मदद से चूड़ियों को उठाकर गिलास में डालना था। निर्धारित एक मिनट में सबसे ज्यादा चूड़ियां में ऋतु बहिरट ने डालीं और वे विजेता रहीं। उप विजेता अनिता लांगे तो तीसरे स्थान पर विशाखा पोगडे रहीं। इसके पश्चात हर महीने की मीटिंग किसके यहां होगी, यह निश्चित किया गया। फिर सभी ने गानों पर मजेदार डांस किए। महाराष्ट्र मंडल के मेस से मंगाए गए स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद उठाते हुए महिलाओं ने बैठक का समापन किया।इस अवसर पर अलका कुलकर्णी, अपर्णा जोशी, अपर्णा वराडपांडे, संध्या खंगन, अचला मोहरीकर, मीरा कुपटकर, मंगला पुराणकर, जयश्री गायकवाड़, शीतल कंबलकर, प्राची जोशी, सोनाली कुलकर्णी, मीना विभूते, स्मिता बल्की, वीणा वंडलकर, अक्षदा बहिरट, प्राची गनौदवाले, साधना बहिरट, रचना ठेंगड़ी सहित अनेक सभासद उपस्थित रहीं।
- 0- आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र की ओर से की गई इस पहल से सैकड़ों लोगों को गर्मी से मिली राहतरायपुर. महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र ने बुधवार को एकादशी के अवसर पर माधव राव सप्रे शाला के सामने हनुमान मंदिर परिसर में मठा वितरण किया। इससे पहले महिलाओं ने आपस में ही सम्मानजनक धनराशि जुटाई और स्टेनलेस स्टील के कई ड्रमों में स्वयं ही स्वादिष्ट मीठा बनाया। आपस में जुटाई धनराशि में से मठा बनाने के बाद शेष राशि को महाराष्ट्र मंडल की अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत दान कर दिया गया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि सबसे पहले अंजनि पुत्र हनुमान जी को मठा का भोग लगाया गया। फिर मंदिर में दीपदान करने के बाद मठा वितरण का कार्यक्रम शुरू हुआ।सुबह से ही इस कार्यक्रम को लेकर आध्यात्मिक समिति के सदस्यों और बूढ़ापारा महिला केंद्र की सभासदों में खासा उत्साह था। महिलाओं ने हर छोटे- बड़े वाहनों के करीब जाकर हर आयु वर्ग के लोगों को मठा दिया। सैकड़ों राहगीरों ने भी वितरण टेबल के करीब जाकर मठा प्राप्त किया।इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के प्रमुख समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, आध्यात्मिक समिति की संध्या खंगन, प्रणिता नलगुंडवार, अंजलि नलगुंडवार, वंदना जोशी, डाॅ. सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, सुरेखा गोलविलकर, आस्था काले, प्रीति रावत, श्रीमती राउत, श्रीमती चौधरी सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहे। सुबह नौ बजे से शुरू हुआ यह प्रेरक अभियान घंटों जारी रहा। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि लोगों ने न केवल मठा के स्वाद की खुलकर प्रशंसा की, बल्कि लोगों ने पूछा कि कौन सी संस्था की ओर से और किस अवसर पर आप लोग छाछ बांट रहे हो।
- 0- मछुआरों ने नई मत्स्योद्योग सहकारी संस्था पंजीयन की मांग की0- नेशनल हाईवे निर्माण में नाली व्यवस्था बदलने की शिकायत0- जनदर्शन में प्राप्त हुए 96 आवेदनदुर्ग. जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन भी उपस्थित थीं। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 96 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में प्राप्त विभिन्न आवेदनों पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली और उक्त आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में ग्राम मोरिदवासियों ने नहर पर बने पुल का पुर्ननिर्माण कराने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि ग्राम मोरिद वार्ड क्रमांक 39 के क्वार्टर पारा क्षेत्र में नहर पर बने पुल की ऊंचाई सड़क सीमेंटीकरण होने की वजह से पुल के बराबर रोड हो गया है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और पानी निकासी बाधित होने से सड़क पर जलभराव की समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों ने आवेदन सौंपकर पुल के पुनर्निर्माण की मांग की, ताकि दुर्घटनाओं और जनहानि से बचा जा सके। इस पर कलेक्टर ने सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम सांतरा के मछुआरों ने अलग से मत्स्योद्योग सहकारी संस्था पंजीयन की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की पुरानी संस्था तालाब लीज लेने के बाद स्वयं मत्स्य पालन नहीं कर अन्य लोगों को सौंप देती है, जिससे स्थानीय मछुआरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। मछुआरों ने बताया कि सांतरा, मंटग और मानिकचौरी क्षेत्र के डेम व तालाबों में वर्षों से वे मत्स्य पालन का कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से नई सहकारी संस्था का पंजीयन कर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने उप संचालक मत्स्य विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।वार्ड 59 हेरिटेज कॉलेज क्षेत्र के रहवासियों ने नेशनल हाईवे निर्माण कार्य में नाली व्यवस्था बदलने की शिकायत की। कातुलबोर्ड से कादम्बरी नगर-धमधा रोड तक बन रही नई नाली का पानी कादम्बरी नगर नाले में जोड़ा जा रहा है, जहां पहले से कई वार्डों का पानी पहुंचता है। इससे बारिश में ज्वाहर नगर, शक्ति नगर, आशा नगर, कादम्बरी नगर और शांति नगर में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है। रहवासियों ने मांग की है कि हेरिटेज कॉलेज के पास से चौहान टाउन की ओर जाने वाली पुरानी नाली को पुनः जोड़ा जाए, ताकि पानी का बहाव दो हिस्सों में बंट सके और जलभराव की समस्या कम हो। इस पर कलेक्टर ने एसडीओ दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
- 0- हेल्प डेस्क नंबर पर पालक कर सकते है शिकायतदुर्ग. जिले में संचालित अशासकीय (निजी) विद्यालयों द्वारा पालकों को पुस्तकें, गणवेश और अन्य सामग्रियां किसी एक ही निर्धारित फर्म से खरीदने के लिए बाध्य किए जाने तथा अप्रत्याशित दामों के कारण पालकों पर बढ़ रहे वित्तीय बोझ की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा पालकों को राहत देने के उद्देश्य से बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। जिसके तहत इन शिकायतों के त्वरित निवारण और निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी से संबंधित मामलों की जांच के लिए जिला व विकासखण्ड स्तर पर विशेष जांच समितियों का गठन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर श्री अभिजित सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द कुमार मिश्रा और वाणिज्यिक कर विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती रिंकी अखिलेश सोनी को शामिल किया गया है।वहीं दुर्ग, धमधा और पाटन विकासखण्डों के लिए भी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम), विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जीएसटी इंस्पेक्टरों के तीन पृथक जांच दलों का गठन किया गया है। यह जांच समितियां अशासकीय विद्यालयों में फीस बढ़ोतरी से संबंधित शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए ’छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन विधेयक 2020’ के अनुरूप कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगी। इस विषय से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मान्यता कक्ष प्रभारी श्री विपिन गनवीर का हेल्प डेस्क सह व्हाट्सएप नंबर 9109277888 जारी किया गया है, जहां पालक अपनी शिकायत व दस्तावेज जमा कर पावती प्राप्त कर सकते हैं।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत जनपद पंचायत पाटन के ग्राम पंचायत जामगांव आर में पूर्व निर्धारित जन समस्या निवारण शिविर की तिथि में आंशिक संशोधन किया है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 01 जून 2026 (दिन सोमवार) को त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के तहत रिक्त पदों के लिए मतदान का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस चुनावी कार्यक्रम और व्यस्तता को देखते हुए आम जनता की सुविधा के लिए पूर्व प्रस्तावित शिविर की तिथि को परिवर्तित किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब जामगांव (आर) में जन समस्या निवारण शिविर बुधवार, 03 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस एक स्थान के अतिरिक्त जिले में पूर्व में जारी शेड्यूल के अनुसार अन्य सभी शिविरों के स्थान एवं तिथियां पूरी तरह से यथावत रहेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे संशोधित तिथि के अनुरूप सभी आवश्यक मैदानी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करें जिससे नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सुचारू लाभ मिल सके।
- 0- चयनित अभ्यर्थियों को 28 मई को रायपुर में उपस्थिति के निर्देशदुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती वर्ष 2025-26 के विभिन्न पदों हेतु चयन परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य के कुल 1163 युवाओं ने सफलता प्राप्त की है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भर्ती परीक्षा के परिणाम भारतीय थल सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं और इन्हें सेना भर्ती कार्यालय नवा रायपुर के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा किया गया है।चयनित सभी अभ्यर्थियों को आगामी दिशा-निर्देशों एवं प्रारंभिक प्रक्रियाओं के लिए 28 मई 2026 को पूर्वान्ह 07.00 बजे सेना भर्ती कार्यालय रायपुर में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, जो कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास नवा रायपुर में स्थित है। दुर्ग जिले से चयनित हुए समस्त अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने चयन संबंधी जानकारी तत्काल जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग को प्रदान करें तथा निर्धारित समय पर नवा रायपुर स्थित कार्यालय में अपनी अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करें। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए उम्मीदवार सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 अथवा 0771-2965214 पर सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
- 0- सुशासन शिविर में मिली बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिलदुर्ग. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन संकल्प को धरातल पर चरितार्थ करने के उद्देश्य से पूरे जिले में ’सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासनिक सुगमता और लोक-कल्याण को समर्पित इस अभियान के तहत विगत 22 मई को दुर्ग जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बेलौदी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर कई जरूरतमंदों के लिए संबल और खुशियों का माध्यम बना, जहां जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए एक दिव्यांग हितग्राही को बड़ी राहत पहुंचाई गई। ग्राम नागपुरा निवासी दिव्यांग श्री संतोष कुमार ठाकुर (पिता श्री दशरू राम ठाकुर) लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थे और अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए पूर्ण रूप से परिजनों अथवा आस-पास के लोगों पर निर्भर थे। जब उन्होंने शिविर में अपनी इस व्यावहारिक कठिनाई को अधिकारियों के समक्ष रखा, तो जिला प्रशासन द्वारा तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण कर उनके लिए बैटरी चालित ट्राईसाइकिल स्वीकृत की गई।शिविर के दौरान मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर के कर-कमलों से संतोष कुमार ठाकुर को यह आधुनिक बैटरी ऑपरेटेड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। विधायक श्री चंद्राकर ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन तिहार का मूल लक्ष्य ही यही है कि कोई भी पात्र हितग्राही व्यवस्था की कमियों के कारण शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के उपरांत भावुक स्वर में संतोष कुमार ठाकुर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस त्वरित सहायता से अब वे बिना किसी मानवीय सहारे के गरिमापूर्ण ढंग से आवागमन कर सकेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि ’सुशासन तिहार’ जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक और वास्तविक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रहा है।
- दुर्ग. महिलाओं को उचित अवसर, मार्गदर्शन एवं सहयोग मिले, तो वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। आज गांव में महिलाएं सशक्तिकरण की मिशाल बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकासखंड पाटन, ग्राम पंचायत चंगोरी की निवासी श्रीमति यामिनी वर्मा दीदी जागृति स्व-सहायता समूह की एक सक्रिय सदस्य बन चुकी है।उनके समूह में कुल 11 सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद यामिनी के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया और उन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। समूह से जुड़ने से पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई होती थी। समूह से जुड़ने के बाद प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के माध्यम से उन्हें नई जानकारी प्राप्त हुई। समूह से प्राप्त आरएफ एवं सीआईएफ राशि से उन्होंने पशुपालन एवं नर्सरी व्यवसाय प्रारंभ किया।पशुपालन विभाग के माध्यम से उन्हें दो गाय प्राप्त हुए, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 70 हजार रुपये हैं। विभाग द्वारा पशु देखभाल, टीकाकरण, चारा प्रबंधन एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने प्रशिक्षण भी दिया गया। वर्तमान में वे दूध, दही, छाछ एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की बिक्री कर प्रतिमाह लगभग 5 से 6 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही स्व-सहायता समूह के सहयोग से नर्सरी व्यवसाय भी प्रारंभ की। वे फलदार, फूलदार एवं सजावटी पौधों का उत्पादन कर आसपास के गांवों में बिक्री कर रही है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। पशुपालन एवं नर्सरी व्यवसाय से उनकी कुल मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बच्चों की पढ़ाई बेहतर हुई तथा घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति सहज हो गई। अब यामिनी वर्मा दीदी गाँव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
- दुर्ग. प्रदेश के गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री तथा दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा और प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल आज संध्या लोकांगन परिसर वैशाली नगर भिलाई में आयोजित श्रद्धांजली सभा में शामिल हुए। मंत्री द्वय ने स्वर्गीय दिनेश सेन के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजली दिये। ज्ञात हो कि वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय दिनेश सेन जी का निधन 17 मई 2026 को हो गया। उनकी पावन स्मृति में विधायक श्री सेन द्वारा श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। मंत्री द्वय ने इस शोक की घड़ी में विधायक श्री रिकेश सेन और उनके शोकाकुल परिजनों से मूलाकात कर ढांढस बंधाया। इस अवसर पर विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा एवं अन्य जनप्रतिनिधि व नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज संध्या लोकांगन परिसर वैशाली नगर भिलाई में आयोजित श्रद्धांजली सभा में शामिल हुए। उन्हांेने स्वर्गीय दिनेश सेन जी के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजली दी। ज्ञात हो कि वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय दिनेश सेन जी का निधन 17 मई 2026 को हो गया। उनकी पावन स्मृति में विधायक श्री सेन द्वारा श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस शोक की घड़ी में विधायक श्री रिकेश सेन और उनके शोकाकुल परिजनों से मूलाकात कर ढांढस बंधाया। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- 0- ग्राम बघमरा में 29 मई को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर अपरिहार्य कारणों से स्थगितबालोद. जिला प्रशासन द्वारा 28 मई को शासकीय अवकाश होने के कारण गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह में 28 मई को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की तिथि में आंशिक संशोधन करते हुए शुक्रवार 29 मई को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार 29 मई को बालोद विकासखण्ड के ग्राम बघमरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है।
- 0- बालोद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कराने कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा कीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक लोगोें को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराना शासन के विशेष प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशानुरूप स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए आम नागरिकों को सुगम एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कराएं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा बालोद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित कराने हेतु आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की।बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे कार्यों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के मानवीय, भौतिक एवं अन्य जरूरी संसाधनों तथा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु की जा रही कार्यवाही आदि की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आम नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जेएल उइके, मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय डाॅ. आरके श्रीमाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिक्त पदों के संबंध में जानकारी लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी पूर्ति हेतु शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से विशेषज्ञों एवं चिकित्सा अधिकारियों के अलावा अन्य शेष पदों पर भर्ती हेतु शीघ्र प्रक्रिया प्रारंभ करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव, मानसिक स्वास्थ्य, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, टीबी मुक्त भारत अभियान तथा कुष्ठ मुक्त अभियान के कार्यों के अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर आदि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को शासन के निर्देशानुसार निर्धारित समयावधि में कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।--
- 0- 31 मई तक जल संरचनाओं का निर्माण कर जेएसजेबी पोर्टल में अनिवार्य रूप से एंट्री कराने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जल संचय, जन भागीदारी अभियान 2.0 के कार्यों की प्रगति के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर पूर्ण, प्रगतिरत एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जेएसजेबी पोर्टल में जल संचय, जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत पूर्ण कार्यों के एंट्री के संबंध में विभागवार जानकारी ली गई। श्री चंद्रवंशी ने सभी विभाग प्रमुखों को 31 मई तक अधिक से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण कर जेएसजेबी पोर्टल में उनका शत प्रतिशत एंट्री करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पंचायत एवं कृषि विभाग के उप संचालकों के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बारी-बारी से विभागवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगतिरत एवं पूर्ण जल संरचनाओं के निर्माण के संबंध में जानकारी ली।
- बालोद. विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि अस्थिबाधित दिव्यांगजनों के लिए रोजगार हेतु रोजगार मेला का आयोजन 05 जून 2026 को सुबह 11 बजे से 03 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज बैरन बाजार रायपुर में किया जा रहा है। उहोंने बताया कि यंग इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस रोजगार मेला में क्रेडालिस केपिटल प्राइवेट लिमिटेड, आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जी.पी.एस., रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, बारबर्रिक ट्रान्सफार्मर्रस, अविनाश डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं स्काई ऑटोमोबाईल (मारूति नेक्सा) रायपुर द्वारा योग्यतानुसार अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाएगा।चयनित आवेदकों को उनके योग्यता एवं पद के अनुसार लगभग 11 हजार रूपये से 30 हजार रूपये तक मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा तथा उनका कार्यक्षेत्र जिला रायपुर रहेगा। उहोंने बताया कि राज्य के समस्त इच्छुक अस्थिबाधित दिव्यांगजन, जो बिना व्हीलचेयर के चलने फिरने में सक्षम है तथा जिनकी आयुसीमा 18 वर्ष से 40 वर्ष तक है, वे इस रोजगार मेला में शामिल हो सकते है। दिव्यांगजन अपने सभी प्रमाण-पत्रों 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बी.ई., आई.टी.आई., डीसीए, पीजीडीसीए आदि उत्तीर्ण की अंकसूची, तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड आदि के मूल एवं फोटोकॉपी की एक प्रति एवं दो पासपोर्ट साइज के फोटो के साथ कैम्प में उपस्थित हो सकते है। उन्होंने बताया कि आवेदकों को रोजगार मेला में आने जाने हेतु कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा। खाने-पीने एवं ठहरने की व्यवस्था स्वयं आवेदक को करनी होगी। इसके साथ ही उक्त संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय पर दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
- -नारी शक्ति महिला समूह को हर शिविर में हो रही है अच्छी आमदनीरायपुर / ‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित होने वाले शिविर केवल जनसमस्याओं के निराकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं बन रहे हैं, बल्कि ये ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त मंच भी साबित हो रहे हैं। बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और अनूठे खानपान को एक नई पहचान दिलाने में ‘नारी शक्ति महिला समूह, बस्तर’ बेहद सराहनीय भूमिका निभा रहा है।बस्तर जिले के विकासखंड बस्तर के अंतर्गत आयोजित इन सुशासन तिहार शिविरों में पहुंचने वाले ग्रामीणों, अधिकारियों और कर्मचारियों को यह नारी शक्ति महिला समूह, बस्तर के लजीज पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर दे रहा है। समूह द्वारा बेहद रियायती दरों पर स्वल्पाहार के साथ-साथ स्थानीय व्यंजन जैसे-मड़िया पेज, आमट, तिखुर शरबत और उड़द दाल बोबो उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं। विकासखंड मुख्यालय बस्तर के नारी शक्ति महिला समूह की अध्यक्ष रेवती नेताम ने बताया कि सुशासन तिहार के शिविरों में बस्तर के व्यंजनों की लगातार वृहत रूप से बिक्री हो रही है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा हर शिविर में हमारे समूह द्वारा 7 से 8 हजार रुपये से अधिक का व्यापार किया जा रहा है, जिससे समूह से जुड़ी महिलाओं की व्यक्तिगत आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।नारी शक्ति महिला समूह की सचिव पारो बघेल ने साझा किया कि बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ग्रामीण तो ले ही रहे हैं, साथ ही शिविर में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी भी इसे बड़े चाव से खा रहे हैं। लोग इन व्यंजनों के अनूठे स्वाद की जमकर सराहना कर रहे हैं, जिससे हमारी स्थानीय खानपान संस्कृति को सीधा बढ़ावा मिल रहा है।समूह की सदस्य भागबत्ती भद्रे एवं अन्य महिलाओं का कहना है कि सुशासन तिहार ने उन्हें अपने हुनर और पारंपरिक पाक-कला प्रदर्शन करने का एक बेहतरीन मंच दिया है। इससे न केवल उन्हें आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि बस्तर की समृद्ध खाद्य संस्कृति को भी एक नई पहचान मिल रही है। शिविर में आने वाले ग्रामीणों और स्थानीय मैदानी अमले का भी यही मानना है कि प्रशासन के इस तरह के जमीनी प्रयास स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को सहेजने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
- -लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन पुलों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कीरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सेतु परिक्षेत्र के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रदेशभर में निर्माणाधीन पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में नागरिकों की सुविधा, बारहमासी संपर्क, तेज और सुव्यवस्थित यातायात के लिए पुलों, रेलवे ओवरब्रिजेस और फ्लाईओवर्स के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके प्रस्ताव और कार्ययोजना तैयार करते समय यातायात के दबाव, दोनों ओर की सड़कों, तथा आसपास स्थित वर्तमान पुलों व फ्लाईओवर्स के साथ ही भविष्य की जरुरतों का भी ध्यान रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता भी एस.के. कोरी भी बैठक में मौजूद थे। सभी सेतु संभागों के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अभियंता भी बैठक में उपस्थित थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में स्वीकृत कार्यों के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया मिशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर वन व्यपवर्तन, भू-अर्जन और इलेक्ट्रिक पोल शिफ्टिंग के लंबित मामलों से यथासमय शासन को अवगत कराने को कहा, जिससे इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद तकनीकी स्वीकृति, भू-अर्जन और निविदा की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से तेजी से पूर्ण कर कार्यारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए अर्जित भूमि का तत्काल नामांतरण भी कराने को कहा।विभागीय सचिव ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 10 जून तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने 31 जुलाई तक इन सभी कार्यो के प्राक्कलन भी भेजने को कहा। उन्होंने अप्रारंभ कार्यों की निविदा प्रक्रिया आगामी एक-दो महीने में पूर्ण कर बरसात के तुरंत बाद कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का परीक्षण कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही 30 अप्रैल तक किए कार्यों का भुगतान तत्काल करने को कहा। श्री बंसल ने सेतु परिक्षेत्र के सभी कार्यपालन अभियंताओं और एसडीओ को अपने क्षेत्र में चल रहे सभी कार्यों और उनके कार्यस्थलों की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर ठेकेदारों से सख्ती से काम कराने और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने काम में ढिलाई, लापरवाही और लेट-लतीफी करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्च-2026 तक पूर्ण हुए कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र और फाइनल बिल समीक्षा के लिए शासन को भेजने के भी निर्देश दिए।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 12.29 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पणरायपुर / प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने नारायणपुर प्रवास के दौरान जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने एजी सिनेमा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में 12 करोड़ 29 लाख रूपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नगर पालिका नारायणपुर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार नारायणपुर जिले को विकसित, खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले के युवाओं ने शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विशेष रूप से मलखंभ जैसे कठिन खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं की उन्होंने सराहना की। यह कार्यक्रम नारायणपुर जिले के विकास, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नेशनल स्कूल ड्रामा, नई दिल्ली की प्रस्तुति “चंदा के चकोर” की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जिले की प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिला रही हैं।उन्होंने जिले में आयोजित पांच दिवसीय करियर गाइडेंस कार्यक्रम को युवाओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे।श्री साव ने बताया कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद नारायणपुर जिले के विकास कार्यों के लिए 307 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में 32 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में नारायणपुर को नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नारायणपुर को एक विकसित और आधुनिक नगर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नगरीय निकाय क्षेत्र में 120 करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 23 करोड़ रूपए की लागत से लाइब्रेरी भवन का भूमिपूजन किया गया है।कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा पांच किसानों को किसान समृद्धि योजना अंतर्गत बोर खनन एवं पंप स्थापना के लिए 1.99 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई। उद्यानिकी विभाग द्वारा दो किसानों को बागवानी विकास हेतु 3.85 लाख रूपए के चेक प्रदान किए गए। मत्स्य पालन विभाग द्वारा तीन हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल वितरित किए गए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा विभाग के स्टॉल में स्वयं विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
- -टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को मिलेगा अधिक लाभ – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-AI, GPS और QR आधारित आधुनिक व्यवस्था से राशन वितरण होगा अधिक पारदर्शी और जवाबदेह-गरीब कल्याण को नई मजबूती देगा SARTHAK-PDS फेज-2, राज्यों को मिलेगा आर्थिक सहयोगरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के माध्यम से एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग देकर वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों हितग्राहियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को नई मजबूती मिलेगी तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को और बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा, सुविधा और सुशासन को और मजबूत करने का निर्णय है। उन्होंने गरीब कल्याण को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।



























