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- रायपुर। वैश्विक ऊर्जा संकट, बढ़ती ईंधन खपत तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने राजकीय दौरों के दौरान पायलट वाहन, फॉलो वाहन तथा अन्य विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। इसी भावना के अनुरूप उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में केवल अपरिहार्य वाहनों को ही शामिल करने तथा अनावश्यक वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य स्थिति बहाल होने तक वे किसी भी प्रकार की पायलट, फॉलो गाड़ी अथवा विशेष प्रोटोकॉल का उपयोग नहीं करेंगे। श्री अग्रवाल ने कहा कि यह समय जिम्मेदारी, संयम और जनभावनाओं के साथ खड़े रहने का है। राष्ट्रहित में प्रत्येक नागरिक की इसमें सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, कारपूलिंग तथा संसाधनों के संयमित उपयोग को अपनाएं, इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में देशवासियों को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा को आत्मसात करते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि शासन और जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक संदेश दे सकें।
- -’दूरस्थ वनांचल क्षेत्र तक पहुंच रहा शासन-प्रशासन’-’दिव्यांगजनों को मिली ट्रायसाइकिल और पेंशन स्वीकृति’रायपुर । सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम अब दूरस्थ वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता न केवल लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है, बल्कि उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सम्मान भी लौटा रही है। विशेषकर दिव्यांगजनों और जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए राहत का माध्यम बनते जा रहे हैं। शिविरों में तत्काल आवेदन पर दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल तथा पात्र हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति मिलने से उनके हौसलों को नई मजबूती मिल रही है। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत सुदूर ग्राम झलमला में आयोजित सुशासन शिविर में 05 दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल एवं 04 हितग्राहियों को नवीन पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ट्रायसाइकिल प्राप्त करने वाले हितग्राहियों में श्रीमती समरीन बाई मरकाम, श्री गणेश मरकाम, श्री फागुराम, श्रीमती रमली बाई एवं श्री अमृत लाल शामिल हैं। वहीं श्रीमती चंद्रकला यादव, प्रभु, कामभो एवं अमर लाल को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इन दिव्यांगजनों को पहले आवागमन के लिए बैसाखियों का सहारा लेना पड़ता था। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वे परिवार पर निर्भर थे, जिससे उनके आत्मसम्मान पर भी प्रभाव पड़ता था। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र होने के कारण आवाजाही में भी उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।सुशासन तिहार शिविर में हितग्राहियों ने ट्रायसाइकिल और पेंशन के लिए आवेदन दिया था। प्रशासन ने इन आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से शिविर स्थल पर ही ट्रायसाइकिल और पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए। ट्रायसाइकिल मिलने से अब दिव्यांगजन आसानी से आ-जा सकेंगे और अपने जरूरी काम स्वयं कर पाएंगे। वहीं पेंशन स्वीकृत होने से हितग्राहियों को आर्थिक सहारा मिलेगा, जिससे उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ है और उन्हें नई उम्मीद मिली।
- -’ग्राम पंचायत चोढा में सुशासन शिविर का किया गया आयोजन’रायपुर ।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत कोरबा जिले के ग्राम पंचायत चोढा में कल बहुउद्देशीय शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक कटघोरा श्री प्रेमचन्द्र पटेल द्वारा किया गया। विशेष अतिथि के रूप में अध्यक्ष जनपद पंचायत पाली श्रीमती पूर्णिमा शोभा सिंह जगत तथा जनपद सदस्य श्रीमती अंजली कौशल श्रीवास और श्रीमती गंगोत्री चन्द्रपाल मरार उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत चोढा की सरपंच श्रीमती सुनीता करपे ने की। इसके साथ ही मुरली, बोईदा, अण्डीकछार, रामपुर, उतरदा और नेवसा पंचायतों के सरपंच भी कार्यक्रम में शामिल हुए।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा शाकाम्भरी योजना के अंतर्गत हितग्राही किताब घासीराम को डीजल पंप उपलब्ध कराया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सात हितग्राहियों को राशन कार्ड वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग ने छह हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति आदेश और एक हितग्राही को श्रवण यंत्र प्रदान किया। राजस्व विभाग द्वारा छह हितग्राहियों को डिजिटल किसान किताब और चार हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र की पर्ची प्रदान की गई।शिविर में कुल 576 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 153 का त्वरित निराकरण किया गया। क्लस्टर में सम्मिलित ग्राम पंचायतों में चोढा, मुरली, बोईदा, अण्डीकछार, रामपुर, सिरली, कसियाडीह, उतरदा और नेवसा शामिल रहे। मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों से आम नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की सेवाएं और जानकारी आसानी से प्राप्त होती है। जो नागरिक जिला या जनपद स्तर तक नहीं जा पाते, उन्हें शिविरों के माध्यम से योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि शिविर अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित हुए और विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
- -’प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत’-’वर्षों का इंतजार खत्म, विमला बाई को मिला पक्का मकान’रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘सुशासन तिहार 2026‘ प्रदेश में जनकल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। शासन की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहकर गांव-गांव पहुंचते हुए जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके द्वार तक पहुंचाया जा रहा है।इसी क्रम में जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम चुइया निवासी विमला बाई के जीवन में भी सुशासन तिहार नई खुशियां लेकर आया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का आवास मिलने से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है। लंबे समय तक कच्चे मकान में जीवन यापन करने वाले इस परिवार को अब सुरक्षित और सुविधायुक्त आशियाना मिल गया है। पक्के घर ने न केवल उनके परिवार को सुरक्षा और सम्मान दिया है, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सुकून भी बढ़ाया है।श्रीमती विमला बाई, पति श्री प्यारेलाल, एक साधारण गृहिणी हैं। उनका परिवार लंबे समय से आर्थिक अभावों के बीच कच्चे मकान में रह रहा था। बरसात के दिनों में घर की छत से पानी टपकता था, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वहीं गर्मी के मौसम में भी कच्चा मकान असुविधा का कारण बनता था। मौसम की मार और सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेहतर जीवन का सपना संजोए रखा।उन्होंने बताया कि उनके दो लड़के हैं और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह सपना साकार हुआ। लगभग दो से तीन माह पूर्व ही उनका आवास बनकर तैयार हो चुका है। शासन से मिली सहायता राशि एवं स्वयं की बचत से उन्होंने अपने नए घर का निर्माण कराया है। अब परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और सभी सुरक्षित एवं संतोषपूर्ण वातावरण में जीवन यापन कर रहे हैं। आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, चुइया में श्रीमती विमला बाई को आवास की चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दी गईं। विमला बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जैसे गरीब परिवारों को नया जीवन दिया है।
- -सन्ना क्षेत्र के ग्रामीणों ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति और त्वरित सुधार कार्य की सराहना कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शासन की सेवाओं के प्रति लोगों की संतुष्टि को भी सामने ला रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों में जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं, वहीं बेहतर कार्य करने वाले विभागों के प्रति आभार और बधाई संदेश भी प्राप्त हो रहे हैं।इसी क्रम में बगीचा विकासखंड के तहसील सन्ना अंतर्गत ग्राम कामारिमा निवासी नान राम ने सुशासन शिविर में विद्युत विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई संदेश प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने आवेदन में उल्लेख किया कि कामारिमा, खैरापाठ, डुमरपानी सहित आसपास के गांवों में नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो रही है।नान राम ने बताया कि बिजली से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना देने पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचकर विद्युत लाइन, तार और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उन्हें लगा कि विद्युत विभाग की तत्परता और समर्पण के लिए धन्यवाद देना चाहिए।जशपुर विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री विनोद कुमार पंडित ने बताया कि जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। कहीं भी खराबी की सूचना मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी मौसम की परवाह किए बिना तत्काल सुधार कार्य में जुट जाते हैं।उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान और रात्रि के समय भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारु विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में जुटे रहते हैं सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त इस बधाई संदेश ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है।
- -’स्थिति सामान्य होने तक पायलट एवं फॉलो वाहन का उपयोग नहीं करेंगे श्री चौधरी’रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करते हुए स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा संबंधी अति आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर पायलट वाहन, फॉलो गाड़ी और अन्य प्रोटोकॉल वाहनों का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील पर उन्होंने यह निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही इन वाहनों का उपयोग किया जाएगा। वित्त मंत्री के इस निर्णय को सादगी, अनुशासन और सार्वजनिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय शासन में मितव्ययिता और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है।श्री चौधरी का यह कदम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों द्वारा सादगीपूर्ण आचरण और राष्ट्रीय हित को सर्वाेपरि रखने की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि देशहित में किए गए ऐसे छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़ा संदेश देते हैं और नागरिकों में भी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
- -सौर पैनल मॉडल के माध्यम से ग्रामीणों को दी गई विस्तृत जानकारी-“हर घर सोलर, हर घर बचत” के संदेश के साथ अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के निर्देशरायपुर ।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत रायगढ़ जिले के विकासखंड तमनार के ग्राम कुंजेमुरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विद्युत विभाग द्वारा लगाया गया प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का स्टॉल लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। स्टॉल में सौर पैनल के मॉडल और प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीणों को रूफटॉप सोलर संयंत्र से होने वाले लाभों की जानकारी दी गई।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर ने विद्युत विभाग के स्टॉल का अवलोकन कर योजना की प्रगति और लाभार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इसका लाभ उठा सकें और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिले।विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके तहत घरों की छतों पर सौर संयंत्र स्थापित कर नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।योजना के तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसके लिए केंद्र सरकार से 30 हजार रुपये और राज्य सरकार से 15 हजार रुपये, कुल 45 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है, जिस पर केंद्र से 60 हजार रुपये और राज्य से 30 हजार रुपये, कुल 90 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है।इसी प्रकार 3 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इस पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार से 30 हजार रुपये, कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध है।योजना के लिए उपभोक्ता स्वयं प्रधानमंत्री सूर्य घर के ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, मोर बिजली ऐप तथा बिजली कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।शिविर में बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने योजना में रुचि दिखाई और सोलर पैनल स्थापना, सब्सिडी तथा आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्राप्त की। विद्युत विभाग द्वारा मौके पर ही लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
- -भारत सरकार एवं राज्य सरकारों के शीर्ष अधिकारियों की वर्चुअल बैठक हुईरायपुर ।पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत माननीय उच्चतम न्यायालय के नवीन निर्देशों के परिपालन में भारत सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों एवं राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की आज वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को लागू करने के लिए विस्तार से विचार विमर्श किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकासशील भी आज यहां मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर से जुडे़। मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए राज्य शासन द्वारा की जा ही गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। सभी जिलों के कलेक्टरों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर सक्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। सभी जिलों में कलेक्टरों को निगरानी में एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन होगा। जिला कलेक्टरों को कचरा डम्पिंग साइट्स का वर्चुअल और भौतिक निरीक्षण करना होगा और इसकी प्रगति रिपोर्ट राज्य शासन के विभागों के नामित सचिवों को भेजी होगी। नये नियमों के तहत छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकायों में रहने वाले नागरिकों के लिए अब कचरे का पृथकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नागरिकों को अपने घरों का कचरा अलग-अलग डस्टबिन में रखना होगा। गीला कचरा-रसोई घर का जैविक कचरा, सूखा कचरा-रीसाइकिल होने योग्य सामग्री। इसी तरह से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन, आवासन एवं शहरी कार्य, पेयजल एवं सेनीटेशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारियों ने विभागीय जानकारी साझा की। इसी तरह से वीडियो कॉन्फ्रंेस में देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं संबंधित विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- -महुआ शिविर में 16 किसानों को मिले किसान क्रेडिट कार्ड, 7 कृषकों को वितरित किए गए मृदा स्वास्थ्य कार्ड-आर्थिक सशक्तिकरण और वैज्ञानिक खेती की दिशा में मिला नया संबलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” जशपुर जिले के किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। जनपद पंचायत बगीचा अंतर्गत ग्राम महुआ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया, जिससे ग्रामीण अंचल के कृषकों में उत्साह देखा गया। शिविर में 16 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरित किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक एवं अन्य कृषि आदानों की खरीद के लिए समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे खेती की लागत प्रबंधन में सुविधा होगी और साहूकारों पर निर्भरता कम होगी।किसानों ने बताया कि अब उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानों को अपनी भूमि की उर्वरा क्षमता, मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों तथा आवश्यक उर्वरकों की सही जानकारी प्राप्त होगी। इससे किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर सकेंगे और आवश्यकता अनुसार उर्वरकों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने में सफल होंगे।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि मृदा परीक्षण आधारित खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है और फसल की गुणवत्ता एवं उपज दोनों में वृद्धि होती है। शिविर में उपस्थित किसानों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है, जिससे किसानों को समय पर सहायता मिल रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
- -634 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 209 हेक्टेयर में हुई वैकल्पिक फसलों की बुवाई-कम पानी, कम लागत और बेहतर मुनाफे की दिशा में बढ़ते कदमरायपुर। सरगुजा जिले में किसान अब पारंपरिक ग्रीष्मकालीन धान की खेती से आगे बढ़ते हुए वैकल्पिक और लाभकारी फसलों को अपना रहे हैं। जल संरक्षण, कम लागत और अधिक आय की संभावनाओं को देखते हुए किसान उड़द, मूंग, मूंगफली, रागी और मक्का जैसी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। यह परिवर्तन न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि गिरते भू-जल स्तर को बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2026 में ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए 634 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग के मार्गदर्शन और जागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 209 हेक्टेयर क्षेत्र में वैकल्पिक फसलों की बुवाई की जा चुकी है। वहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में धान की खेती की जा रही है।उदयपुर विकासखंड के ग्राम तोलंगा के किसान बनवारी ने इस वर्ष अधिक पानी वाली धान की खेती के स्थान पर उड़द की फसल लगाई है। उनका कहना है कि दलहन फसलों में सिंचाई की आवश्यकता कम होती है, लागत भी कम आती है और बाजार में बेहतर कीमत मिलने से अधिक लाभ होता है। साथ ही, फसल परिवर्तन से मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है।इसी तरह ग्राम परसा के किसान घासी राम ने मक्का की खेती को अपनाया है। उनका कहना है कि मक्का कम पानी में अच्छी उपज देने वाली फसल है और इसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है, जिससे कम लागत में बेहतर मुनाफा प्राप्त होता है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार एक ही फसल लेने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ता है। फसल चक्र में बदलाव से मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है, रासायनिक दवाओं पर निर्भरता घटती है और भूमि की उत्पादकता लंबे समय तक बनी रहती है।धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों की तुलना में मक्का, रागी और दलहन फसलों को कम सिंचाई की आवश्यकता होती है। इससे भू-जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की सिंचाई लागत भी घटती है।फसल विविधीकरण किसानों को आर्थिक रूप से भी सुरक्षित बनाता है। यदि किसी एक फसल के बाजार भाव में गिरावट आती है, तो अन्य फसलें आय का सहारा बनती हैं। इससे खेती का जोखिम कम होता है और किसानों की आमदनी अधिक स्थिर रहती है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि बदलते मौसम और जल संकट के दौर में वैकल्पिक फसलों को अपनाना समय की आवश्यकता है। इससे खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य के लिए सुरक्षित बनाया जा सकता है।
- -युवा ने बदली तस्वीर: मछलीपालन से लाखों की ओर बढ़ते कदमधमतरी । कहते हैं कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। जिले के ग्राम केकराखोली निवासी युवा किसान पुरुषोत्तम राम मरकाम ने अपनी मेहनत, लगन और नवाचार के बल पर इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। कम उम्र में ही उन्होंने मछलीपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर न केवल आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने हैं।पुरुषोत्तम बताते हैं कि वे पिछले तीन वर्षों से मछलीपालन से जुड़े हुए हैं। शुरुआती दौर में उन्होंने पारंपरिक तरीके से कार्य शुरू किया, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिलने से वे निराश हुए बिना नई तकनीकों और आधुनिक पद्धतियों की ओर आगे बढ़े। उन्होंने बड़ौदा आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त किया, जहां उन्हें वैज्ञानिक तरीके से मछलीपालन, जल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों की जानकारी मिली। इस प्रशिक्षण ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित मछलीपालन को अपनाकर सफलता की नई कहानी लिखनी शुरू कर दी।शासन की महत्वाकांक्षी मत्स्य संपदा योजना का लाभ मिलने से उनके कार्य को नई गति मिली। योजना के तहत उन्हें लगभग 17 लाख रुपये की सामग्री प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में वे पंगेसियस और रूपचंदा जैसी उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन कर रहे हैं। अपनी 80 डिसमिल निजी भूमि पर उन्होंने लगभग 8 लाख रुपये की लागत से आधुनिक टैंक का निर्माण कराया है, जहां वैज्ञानिक पद्धति से मछलियों का पालन किया जा रहा है।पुरुषोत्तम की मेहनत का परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। हाल ही में उन्होंने अपने टैंक से 2 क्विंटल मछली निकालकर लगभग 40 हजार रुपये की आय अर्जित की है। वर्तमान में उनके टैंक में लगभग 10 टन मछली तैयार है, जिसे वे आगामी दिनों में बाजार में बेचने की तैयारी कर रहे हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी मिलने की उम्मीद है।उनकी इस पहल का सकारात्मक प्रभाव केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। पुरुषोत्तम आज अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों के 8 से 10 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। उनके इस कार्य में उनके माता-पिता, पत्नी और बहन का विशेष सहयोग है। पूरा परिवार मिलकर इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है। यही कारण है कि उनका यह प्रयास आज एक सफल पारिवारिक उद्यम का रूप ले चुका है।भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए पुरुषोत्तम बताते हैं कि उनका सपना मछली दाना (फीड) निर्माण इकाई स्थापित करने का है। उनका मानना है कि यदि स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण फीड उपलब्ध होगा, तो क्षेत्र के अन्य मछली पालकों को भी लाभ मिलेगा और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने केकराखोली भ्रमण के दौरान पुरुषोत्तम राम मरकाम के मछलीपालन कार्य का अवलोकन करते हुए कहा कि,पुरुषोत्तम राम मरकाम जैसे युवा जिले के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, नवाचार और शासन की योजनाओं का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भरता की उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की है। ऐसे प्रयास न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जिला प्रशासन युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”पुरुषोत्तम राम मरकाम की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि युवाओं को सही दिशा, तकनीकी प्रशिक्षण और शासन की योजनाओं का सहयोग मिले, तो वे गांव में रहकर भी आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और प्रोत्साहन से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला।आज पुरुषोत्तम की कहानी केवल एक युवा किसान की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में उभरती नई संभावनाओं की प्रेरणादायक तस्वीर है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि मेहनत, प्रशिक्षण और नवाचार के माध्यम से गांव का युवा भी स्वरोजगार अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकता है, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है
- बलौदाबाजार। एकीकृत बाल विकास परियोजना सोनाखान अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र बरबसपुर, सुखरी एवं रंगोरा-2 में आंगनबाड़ी सहायिका के 1-1 रिक्त पद पर भर्ती की जाएगी। आंनलाईन आवेदन करने के अंतिम तिथि 1 जून 2026 तक निर्धारित की गई है।आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आठवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यह पद केवल महिलाओं के लिए है।ऑनलाईन आवेदन करने के लिएhttps://aww.e-bharti.in/में जाकर कर सकते है अधिक जानकारी के लिए कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना सोनाखान में संपर्क कर सकते है।
- -’जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित’-’बैटरी चालित ट्रायसाइकिल, स्मार्ट केन एवं श्रवण यंत्र पाकर खिले हितग्राहियों के चेहरे’रायपुर। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में समाज कल्याण विभाग द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय, बिलासपुर में सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। SALSA की बैठक उपरांत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश श्री सिराजुद्दीन कुरैशी एवं अन्य माननीय न्यायाधीशगणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के दौरान 02 अस्थि बाधित दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्रायसाइकिल, 02 दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को स्मार्ट केन तथा 02 श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को श्रवण यंत्र वितरित किए गए। सहायक उपकरण प्राप्त कर हितग्राहियों ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे उनके दैनिक जीवन को सरल और आत्मनिर्भर बनाने वाला महत्वपूर्ण सहयोग बताया। इस अवसर पर दिव्यांगजनों के कल्याण एवं पुनर्वास हेतु संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शासन निरंतर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।
- -’31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे’रायपुर । बच्चों की असाधारण प्रतिभा और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रतिवर्ष भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है।महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष नामांकन प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार के लिए वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसी श्रेणियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी।विभाग ने बताया कि इच्छुक बच्चे, अभिभावक, संस्थाएं अथवा अन्य व्यक्ति योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं। स्व-नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध है। सभी आवेदन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टलhttps://awards.gov.in/विजिट किया जा सकता है। राज्य शासन ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है, ताकि उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
- -’प्रभारी सचिव ने किया विभागीय स्टालों का निरीक्षण, दिव्यांगजनों को वितरित की गई व्हीलचेयर’रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप नारायणपुर जिला में सुशासन तिहार के अंतर्गत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम गोहड़ा, ग्राम पंचायत मालिंगनार, जनपद पंचायत नारायणपुर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम में प्रभारी सचिव जितेन्द्र कुमार शुक्ल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन कर संचालित योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध सेवा प्रदाय तथा आमजन की समस्याओं के संवेदनशील निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मौके पर ही अनेक आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कीं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया गया।इस दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के रूप में व्हीलचेयर वितरित की गई। व्हीलचेयर प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने खुशी जाहिर करते हुए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -लोक सेवा आयोग ने जारी किया अंतिम चयन परिणाम-वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा – युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसररायपुर / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।
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-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन संरक्षण की अपील से प्रेरित होकर लिया फैसला
अब डॉ रमन सिंह केवल अत्यावश्यक वाहनों का करेंगे उपयोग, प्रदेश की जनता से भी संयम और सहयोग की अपीलरायपुर ।छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशवासियों से की गई अपील का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। डॉ रमन सिंह ने अपने प्रोटोकॉल काफिले से 4 वाहनों का उपयोग कम करने का फैसला लिया है।डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रहित में संसाधनों के संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक कर्तव्य की भावना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, तब परिवार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा संसाधनों के संरक्षण का संदेश हम सभी भारतवासियों के लिए अनुकरणीय है और ऐसे समय में प्रत्येक जनप्रतिनिधि और नागरिक का दायित्व बनता है कि वह संयम, सादगी और जिम्मेदारी का परिचय दे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देशवासियों को राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी है और उसी भावना के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है।इसके साथ ही, डॉ रमन सिंह ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे वर्तमान परिस्थितियों को गंभीरता से समझें तथा आवश्यकता अनुसार संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें और जहाँ तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए राष्ट्रहित में सहयोग की भावना के साथ आगे आएं। - 0- कृषि विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक का शुभांरभरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज यहां अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना” की 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक की शुरूआत हुई। इस तीन दिवसीय बैठक का उद्घाटन मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उप महानिदेशक (NRM) डॉ. ए. के. नायक द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, (आईसीएआर) बरोंडा रायपुर के निदेशक डाॅ. पी. के. राय तथा डाॅ. राकेश कुमार सहायक महानिदेशक आईसीएआर नई दिल्ली मौजूद थे। यह परियोजना देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में फसलों में खरपतवार नियंत्रण पर अनुसंधान तथा नवीनतम तकनीकों के विकास एवं उनके किसानों के बीच प्रसार हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के माध्यम से चलाई जा रही है।बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. ए. के. नायक ने वैज्ञानिकों से खरपतवारों के रसायनिक नियंत्रण के बजाय समन्वित खरपतवार नियंत्रण को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खरपतवारनाशकों के हानिकाकरक प्रभावी को देखते हुए उन पर आधारित अनुसंधान को हतोत्साहित किया जाए। डाॅ. नायक ने प्राकृतिक एवं जैविक कृषि अपनाने पर जोर देते हुए विभिन्न लाभकारी सूक्ष्मजीवों, केंचुओं तथा कीट पतंगो पर खरपतवारनाशकों के दुष्प्रभाव का अध्ययन करने की सलाह दी। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने कहा कि रासायनिक खरपतवारनाशी यद्यपि खेतों में खरपतवारों के नियंत्रण करने में समर्थ है लेकिन ये पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए हानिकारक है अतः इनका नियंत्रित और प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। खरपतवार नाशकों का अंधाधुंध उपयोग मानवों और जीव-जंतुओं के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि खरपतवारों के प्रबंधन के लिए केवल रसायनों पर निर्भर न रहकर यांत्रिक एवं बायोलाॅजिकल नियंत्रण विधियों को प्राथमिकता देनी चाहिए। समारोह को डाॅ. पी. के. राय तथा डाॅ. राकेश कुमार ने भी संबोधित किया।खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर के प्रभारी डाॅ. विजय कुमार चैधरी, प्रमुख वैज्ञानिक ने अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना के तहत देशभर के सभी 17 केन्द्रों में संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर परियोजना के वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26 के साथ ही अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डाॅ. एस.एस. कोल्हे को खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु लाइफटाइम अचिवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना को खरपतवार प्रबंधन हेतु आईसीएआर बेस्ट सेंटर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान एवं बैठक के आयोजन सचिव डाॅ. वी.के. त्रिपाठी ने रायपुर केन्द्र में इस परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यो एवं गतिविधियों की जानकारी दी। परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डाॅ. श्रीकांत चितले ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि इस समीक्षा बैठक में भारत भर के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में संचालित 17 प्रमुख केंद्रों, तथा 7 स्वयंसेवी केंद्रों में खरपतवार अनुसंधान में कार्यरत वैज्ञानिकों के अलावा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAUs) ICAR संस्थानों तथा हर्बीसाइड उद्योगों के लगभग 100 वैज्ञानिक शामिल हुए हैं। समीक्षा बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 में किए गए अनुसंधान कार्यों एवं विस्तार गतिविधियों की प्रमुख उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी तथा आगामी दो वर्षों के लिए तकनीकी कार्यक्रम पर गहन विचार विमर्श करते हुए इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि खरपतवार नियंत्रण न करने या समय पर न किए जाने से फसल उत्पादन में लगभग 40 से 60 प्रतिशत तक कमी आती है। धान की सीधी बोनी में यह कमी कभी कभी 90 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
- 0- विधानसभा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री ने किया अनिल गढ़ेवाल का सम्मान !0- इंदौर वासियों के मन को छू गया गेड़ी नृत्य का प्रदर्शन !बिलासपुर. संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 25 वा मालवा महोत्सव जो की इंदौर जिला में संपन्न हुआ इसमें बिलासपुर छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय संस्था गेड़ी लोक नृत्य दल को प्रदर्शन हेतु आमंत्रण प्राप्त हुआ था गेड़ी लोक नृत्य दल अनिल कुमार गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में प्रदर्शन दिनांक 6 एवं 7 तथा 8 मई को इंदौर के विराट मंच में प्रदर्शित किया गया ! गेड़ी लोक नृत्य का प्रदर्शन पारंपरिक वेशभूषा तथा पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं पारंपरिक गीत शैली के आधार पर प्रदर्शित किया गया जिसकी सराहना इंदौर वासियों ने खुले मन से किये ! अनिल गढ़ेवाल के द्वारा गाया हुआ गीत काट ले हरिहर बाँसे जो भला गीत में इंदौर वासी झूम उठे वहीं बिना ताल टूटे एक ही जगह पर घूम-घूम कर मोहन डोंगरे ने मांदल वादन किया तो पूरा दशहरा मैदान तालिया की गड़गड़ाहट से गूंज उठा !मुख्य मांदल वादक संजय रात्रे ने पारंपरिक मांदल वादन कर दर्शकों को चकित कर दिया वहीं महेश नवरंग के बांसुरी के स्वर लहरियों में इंदौर वासी झूम उठे तथा सौखी लाल सूर्यवंशी के द्वारा गीत एवं नृत्य को हारमोनियम में स्वर दिया गया सह वादक के रूप में रामनाथ उत्तम ने अपनी भूमिका निभाई ! दर्शन गण आश्चर्यचकित तब हुवे जब मुख्य गेड़ी नर्तक चेतन कुर्रे तथा लक्ष्मी नारायण माण्डले के गेड़ी में खड़े रहने के बावजूद शुभम भार्गव ने उनके कंधों पर खड़े होकर गेड़ी को हवा में लहराया तो दशहरा मैदान तालियो की गड़गड़ाहट से गूंज उठा वही फूलचंद ओगरे ने एक गेड़ी उठाकर डांस किया तो दर्शनगण आश्चर्य चकित हो गए सह गेड़ी नर्तक के रूप में मनोज माण्डले ,खेलन दास ओगरे ,अजय चेलकर, योगेश ओगरे ,संजय ओगरे ने अपनी भूमिका निभाई ! गेदी नृत्य प्रदर्शन के उपरांत केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी एवं मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने अनिल गढ़ेवाल का मंच पर सम्मानित किये!कौड़ियों एवं चीनी मिट्टी की माला पटसन वस्त्र ,मयूर पंख धारण करके सभी कलाकारों ने अद्भुत गेड़ी नृत्य का प्रदर्शन किया गेड़ी लोक नृत्य का नृत्य संचालन एवं गीत संयोजन अनिल कुमार गढ़ेवाल के द्वारा तैयार किया गया है !
- 0- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद स्वीकृति आदेश जारीबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने जांजगीर-नैला नगर पालिका में 4 निर्माण कार्यों के लिए 43 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने जांजगीर-नैला नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-4 में सिंधी धर्मशाला के पीछे सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 15 लाख 18 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग ने वार्ड क्रमांक-14 में सारथी मोहल्ला में तथा वार्ड क्रमांक-15 में सिटी क्लब जांजगीर में बहादुर गुरूजी स्मृति सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए क्रमशः 10 लाख 38 हजार रुपए और 10 लाख 34 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। विभाग द्वारा वार्ड क्रमांक-2 में रहसबेड़ा के पास छतदार चबूतरा के निर्माण के लिए भी 7 लाख 10 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।--
- बिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक मंथन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में 150 करोड़ रूपए राशि की वित्तीय वर्ष 2026-27 की नवीन वार्षिक कार्य-योजना का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। बैठक में विधायक सर्वश्री श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप लहरिया, श्री अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एसडीएम श्रीमती आकांक्षा त्रिपाठी सहित शासी परिषद के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में जिले के विकास के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा कर अनुमोदन दिया गया। जिसमें प्रमुख रूप से जिले में पेयजल से संबंधित कार्याें के लिए 5 करोड़ 60 लाख रूपए, स्वास्थ्य सेवा को प्रभावी बनाने के लिए 16 करोड़, शिक्षा के लिए 31 करोड़ 64 लाख रूपए जिसमें महाविद्यालयों में शेड निर्माण, शिक्षा सेंटर के लिए शेड निर्माण, स्कूलों में आवश्यकतानुसार कक्ष एवं शेड निर्माण सहित अन्य कार्य शामिल है। महिला एवं बाल कल्याण के लिए 6 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए 11 करोड़, वृद्ध एवं दिव्यांगजन कल्याण के लिए 10 करोड़ 35 लाख रूपए, कौशल विकास के लिए 8 करोड़ सहित अन्य कार्याें का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बैठक में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक सियान सदन, पुलिस विभाग को दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को तत्काल अस्पताल पहंुचाने के लिए तीन एम्बुलेंस, शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र गोल बाजार और नेहरू चौक से कोर्ट परिसर तक अंडरग्राउण्ड बिजली व्यवस्था, मल्हार मंदिर परिसर में शेड निर्माण, पुलिस ग्राउण्ड के मुख्य मंच का कायाकल्प, मंगला, तिफरा, उस्लापुर और बहतराई में मुक्तिधाम, सभी विकासखण्डों के चुनिंदा ग्राम पंचायतों में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए हाइड्रा वाहन आदि विकास कार्याें के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बीएलसी घटक अंतर्गत अप्रारंभ एवं अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के उद्देश्य से स्व सहायता समूहों की महिलाओं सहायता करने के लिए बैठक में योजना अंतर्गत हितग्राहियों के लंबित आवासों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई तथा स्व सहायता समूहों की महिलाओं को घर-घर संपर्क कर हितग्राहियों को निर्माण कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण कराने हेतु प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। निगम के नोडल अधिकारी अनिल सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, सामाजिक विशेषज्ञ किरण चतुर्वेदी, सिविल विशेषज्ञ आदित्य ठाकुर और एम.आई.एस अभिषेक बजाज एवं समस्त पी आई यू की टाइम को आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए योजना के लाभ, किस्त भुगतान प्रक्रिया एवं निर्माण पूर्णता के महत्व की जानकारी दी।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि स्व सहायता समूह की महिलाएं क्षेत्रवार सर्वे कर अप्रारंभ आवासों वाले हितग्राहियों से संपर्क करेंगी, उनकी समस्याओं को समझेंगी तथा निगम प्रशासन के सहयोग से समाधान सुनिश्चित करेंगी। इस पहल से योजना के लंबित प्रकरणों में तेजी आएगी तथा पात्र हितग्राहियों को शीघ्र पक्के आवास का लाभ प्राप्त होगा।निगम आयुक्त महोदय ने स्व सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की सहभागिता से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और अधिक से अधिक परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर के पद के लिए कुल 33 जिलों से 1एक 37 लाख 323 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय द्वारा दस्तावेज एवं शारीरिक माप परीक्षण के बाद कुल 63 हजार 342 अभ्यर्थी अर्हता प्राप्त हुए हैं। शारीरिक माप परीक्षण के बाद अर्हता प्राप्त अभ्यर्थियों की प्रारंभिक लिखित परीक्षा 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक 33 जिले में केन्द्र बनाए गए हैं।सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर के पद के प्रारंभिक लिखित परीक्षा के लिए जिला सरगुजा (अंबिकापुर), कोरिया (बैकुण्ठपुर), बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, दंतेवाड़ा, बस्तर (जगदलपुर), जांजगीर-चांपा, जशपुर, कवर्धा, उत्तर बस्तर कांकेर को केन्द्र बनाए गए हैं। इसी प्रकार कोरबा, महासमुन्द, रायपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर- रामानुजगंज, सूरजपुर, गरियाबंद, नारायणपुर, कोण्डागांव, बीजापुर, सुकमा, बेमेतरा, बालोद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर के पद के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा 12 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयेाजित की जाएगी। परीक्षा हेतु आयोग द्वारा प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि के 15 दिवस पूर्व जारी किया जाएगा। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाईट www.psc.cg.gov.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग कार्यालय द्वारा किसी भी अभ्यर्थी को पृथक से प्रवेश पत्र जारी किए जाने संबंधी कोई सूचना या SMS नहीं भेजा जायेगा।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा गठित औषधि विभाग की टीम के द्वारा दवाओं के गलत उपयोग को रोकने हेतु स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों (नशीली दवाओं), नशामुक्त भारत अभियान एवं एंटी माइकोबियल रेजिस्टेंस के संबंध में जनजागरुकता कार्यकम शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद एवं शासकीय नेमीचंद जैन महाविद्यालय, दल्लीराजहरा में आयोजित किया गया।खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नोडल अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दवाओं के सुरक्षित उपयोग, एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस एवं नशीली दवाओं के दुरुपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेशव्यापी 15 दिवसीय विशेष अभियान ’सही दवा, शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार जिले में विधिवत आरंभ किया गया। यह अभियान 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों तथा औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।--
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0- स्व. बीआर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई में आयोजन
बालोद. खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्व. बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई, बिलासपुर में आवासीय (बालक एवं बालिका) हॉकी, एथलेटिक्स तथा तीरंदाजी अकादमी में प्रवेश हेतु चयन ट्रायल का आयोजन 18 एवं 19 मई को आयोजित की गई है। प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेस स्व. बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई, बिलासपुर में हॉकी में 80 सीट, एथलेटिक्स में 30 एवं तीरंदाजी में 30 सीट स्वीकृत है, आकादमी में वीड-आऊट किया जाना प्रस्तावित है, ऐसी स्थिति में अकादमी में खिलाड़ियों का सीट रिक्त होगा। उन्होंने बताया कि अकादमी में हॉकी का चयन ट्रायल बालक वर्ग हेतु 18 मई एवं बालिका वर्ग हेतु 19 मई को निर्धारित है।इसी तरह तीरदांजी एवं एथलेटिक्स का चयन ट्रायल बालक एवं बालिका वर्ग हेतु 18 एवं 19 मई को किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि अकादमी संचालन नियमानुसार 13 से 17 वर्ष के खिलाड़ियों को अकादमी में प्रवेश दिए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में जूनियर एवं सीनियर स्तर के खिलाड़ी अकादमी में उपलब्ध है, जबकि सब जूनियर स्तर के लिए चयन ट्रायल का आयोजन किया जाना है। सबजूनियर स्तर के खिलाड़ियों की न्यूनतम आयु सीमा में शिथिलता प्रदान करते हुए 12 से 16 वर्ष के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल के आयोजन की स्वीकृति का लेख किया गया है। प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि चयन ट्रायल दो दिवसीय होगा, जिसमें खिलाड़ियों को आवागमन हेतु कोई राशि प्रदाय नहीं किया जाएगा और न ही कोई आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चयन ट्रायल में खिलाड़ियों को केवल दोपहर में एक समय भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके साथ ही उक्त संबंध में अधिक जानकारी संयुक्त जिला कार्यालय स्थित कक्ष क्रमांक 67 कार्यालय खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण बालोद में कार्यालयीन समय में संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।
















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