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- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन एवं पूजन कर देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
- -छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व एवं जीवन देता है राष्ट्र प्रेम की सीख- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा-छत्रपति शिवाजी चौक में स्थापित की गई भव्य प्रतिमारायपुर / छत्रपति शिवाजी की 396 वें जन्म जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। यह प्रतिमा कवर्धा शहर में छत्रपति शिवाजी चौक पर स्थापित की गई है। प्रतिमा के पार्श्व में किले की दीवार और आजू बाजू में तोपों की प्रतिकृति बनाई गई है। जो पूरे प्रतिमा को भव्यता प्रदान कर रही है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा यह कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन है जब अदम्य वीरता और साहस के प्रतीक छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा उनके जन्म जयंती के अवसर पर यहां स्थापित की जा रही है। छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व हमारे समाज और युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक और प्रेरणादायी रहा है कि कैसे उन्होंने मुगल आतंक को चुनौती दी और अपनी वीरता से एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी, जो आगे चलकर विदेशी ताकतों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का प्रतीक बना। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ी को प्रेरणास्त्रोत के रूप में राष्ट्र प्रेम की सीख देगा।प्रदेश में लाल आतंक के खात्मे पर उन्होंने कहा कि हम सशस्त्र नक्सलिज्म को खत्म करने का कार्य कर रहे हैं। आज हम बस्तर से लाल आतंक के समूल नाश करने में निर्णायक स्थिति में पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया था जिसे पूर्ण करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।कवर्धा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 146 करोड़ की लागत से भव्य भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुंवा को भी शामिल किया गया है, यहां के सरोवर और मेला स्थल को भी संवारा जाएगा। इसी प्रकार बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं नदी तट को संवारने का काम किया जाएगा। यहां कांवड़िया सदन का निर्माण भी होने जा रहा है।विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने देश को एकजुट कर भारत को भारत बनाने में अपने प्राण न्यौछावर किया। उनका व्यक्तित्व आज इतने वर्षों बाद भी उतना ही प्रेरणादायी व अनुकरणीय है। उन्होंने पूरे समाज और पूरे देश को एक किया है। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना शहर को न केवल भव्यता दे रहा है बल्कि युवाओं को हमारे अमर बलिदानी के योगदान की हमेशा याद दिलाएगा।नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी का समूचा व्यक्तित्व और पूरा जीवन वीरता, शौर्य और साहस का प्रतीक है, उनकी स्मृति में छत्रपति शिवाजी के नाम से बने इस चौक में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का भी प्रतिमा निर्माण करवाने हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, श्री नितेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य श्री भगतराम पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशीराम धुर्वे, श्री भुनेश्वर चंद्राकर, श्री उमंग पाण्डेय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चंद्रवंशी, श्री मनहरण कौशिक, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, अध्यक्ष श्री सतीष चंद्रवंशी, श्रीमती विजय लक्षमी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, समस्त पार्षदगण, शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -13.6 किमी की 3 नई सड़कें बनने से गांवों का शहर से संपर्क होगा मजबूत-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किया जा रहा हर गांव का विकास– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-उप मुख्यमंत्री ने बैहरसरी में 25 लाख रुपए की सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणारायपुर, / कवर्धा क्षेत्र में गांवों को शहर से जोड़ने के लिए 12 करोड़ 63 लाख 55 हजार रुपये की लागत से कुल 13.6 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा और उन्हें शहर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने गुरुवार को तीन सड़कों के निर्माण, मजबूती और उन्नयन कार्य का भूमिपूजन किया।भूमिपूजन किए गए कार्यों में मेन रोड से बैहरसरी तक 6.05 करोड़ रुपए लागत की 8.80 किलोमीटर लंबी सड़क, मदनपुर से बटुराकछार तक 2.69 करोड़ रुपए लागत की 1.40 किलोमीटर लंबी सड़क एवं खड़ौदा से मदनपुर तक 3.87 करोड़ रुपए लागत की 3.40 किमी लंबी सड़क शामिल है। इन सड़कों के बनने से क्षेत्र के कई गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और लोगों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हो जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बैहरसरी में 25 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा भी की।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर गांव का विकास किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें अच्छी सड़कों के माध्यम से शहरों से जोड़ा जा रहा है। सड़क बनने से लोगों का आना-जाना आसान होगा और किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों तथा आम लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। अच्छी सड़क होने से किसान अपनी फसल आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, खर्च कम होगा और समय की बचत होगी। साथ ही बच्चों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी। इससे पूरे क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विकसित भारत जी राम जी योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पहले के 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो संबंधित परिवार को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी रखा गया है। उन्होंने कहा कि गांव के विकास की प्राथमिकताएं अब ग्राम पंचायत स्वयं तय करेगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य किए जा सकेंगे। इस योजना के माध्यम से जल संरक्षण, तालाब निर्माण, नाली-सड़क जैसी मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, भूमि सुधार, पौधारोपण तथा अन्य विकास कार्य मनरेगा के तहत व्यापक रूप से कराए जा सकेंगे। इससे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नई सरकार बनने के बाद गांव में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, जिससे पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवास प्लस 2024 सर्वे के माध्यम से ऐसे परिवारों की पहचान की गई है जो वास्तव में आवास के पात्र हैं। सर्वे सूची को ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाएगा और ग्राम सभा के प्रस्ताव के बाद सभी पात्र हितग्राहियों को क्रमवार आवास प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे और सभी को सम्मानजनक एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
- -महतारी सदन से गांव की महिलाएं होंगी संगठित और आत्मनिर्भर - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर / ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और संगठित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम बम्हनी में 29.20 लाख रुपये की लागत से निर्मित महतारी सदन का लोकार्पण किया। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेन्द्र साहू, जिला लोधी समाज अध्यक्ष श्री संतोष कौशिक, श्री सुरेश सिंगौर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है और इसके लिए गांव स्तर तक ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। महतारी सदन बनने से क्लस्टर स्तर पर महिलाओं की बैठक, प्रशिक्षण, सामाजिक कार्यक्रम और विभिन्न गतिविधियों के लिए एक स्थायी एवं सुरक्षित स्थान उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह भवन ग्रामीण महिलाओं के लिए केवल बैठक स्थल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामूहिक विकास का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महतारी सदन में दुकानों का भी निर्माण किया गया है, जिससे भवन के संचालन और रखरखाव का खर्च स्वयं पूरा किया जा सकेगा। इससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि कबीरधाम जिला को महतारी सदन योजना के अंतर्गत 19 महतारी सदनों की महत्वपूर्ण सौगात मिली है, जिनका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इससे पहले जिले में 5 महतारी सदनों का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया जा चुका है। इन भवनों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर संसाधन, प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और सामाजिक मंच उपलब्ध होंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र का संचालन भी किया जाएगा। इसके माध्यम से महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि, वृद्धा पेंशन तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ गांव में ही आसानी से मिल सकेगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में विकास की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। रायपुर -बिलासपुर मार्ग को फोरलेन बनाने और कवर्धा प्रवेश मार्ग को बेहतर बनाने के लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे आने वाले समय में आवागमन और भी सुगम होगा।
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बालोद/भारतीय अग्निवीर थल सेना भर्ती हेतु आॅनलाईन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 01 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। जिसके अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, टेक्नीकल, क्लर्क-स्टोर कीपर टेक्नीकल एवं ट्रेडमेन के पदों पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि भर्ती रैली में सम्मिलित होने अभ्यर्थी की अनिवार्य योग्यता 8वीं, 10वीं एवं 12वीं तथा अभ्यर्थी का जन्म 01 अक्टूबर 1999 से 01 अपै्रल 2005 के मध्य होना चाहिए। आवेदकों का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन वेबसाईट https://joinindianarmy.nic.in में करना अनिवार्य है। ऑनलाईन कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) 01 जून 2026 से 10 जून 2026 तक होने की संभावना हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212, 0771-2965214 या जिला रोजगार कार्यालय बालोद के दूरभाष क्रमांक 07749-299509 में संपर्क कर सकते हैं।
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• जिन्दल स्टील ने '2026 सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक' में दुनिया भर की 129 स्टील कंपनियों में से चुनी गई 11 कंपनियों में बनाई जगह
• कंपनी का CSA स्कोर 30 से बढ़कर 72 (+42 अंक) हुआ; ESG स्कोर भी 37 से सुधरकर 74 पर पहुंचा• जानकारी साझा करने यानी डिस्क्लोजर में भी 96% की रेटिंग हासिल, 'ट्रांसपेरेंसी एवं रिपोर्टिंग' में 100/100 अंक प्राप्त कियेरायपुर/ जिन्दल स्टील लिमिटेड ने अपने कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (CSA) स्कोर में 42 अंकों की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का स्कोर 100 में से 30 से बढ़कर अब 72 हो गया है। साल 2025 के शानदार प्रदर्शन के आधार पर जिन्दल स्टील को स्टील इंडस्ट्री के लिए '2026 सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक' में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।दुनिया भर में जांची गई 9200 से अधिक कंपनियों में से केवल 848 (59 उद्योगों से) को ही इस सूची में जगह मिली है। स्टील सेक्टर में 129 कंपनियों का आकलन किया गया था, जिनमें से केवल 11 चुनी गईं। यह सुधार बेहतर गवर्नेंस, पारदर्शी सूचना प्रणाली, सामाजिक प्रदर्शन और जलवायु परिवर्तन की दिशा में किये गए ठोस प्रयासों को दर्शाता है।जिन्दल स्टील ने सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा करने की अपनी दर को बढ़ाकर 96% कर लिया है। 'ट्रांसपेरेंसी और रिपोर्टिंग' के मामले में कंपनी ने 100 में से 100 अंक हासिल किये, जबकि इस उद्योग का औसत स्कोर केवल 46 है।वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने जैव विविधता (Biodiversity) और जलवायु जोखिमों को अपने बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनाया। स्टील जैसे कठिन सेक्टर में होने के बावजूद, कंपनी ने 'पर्यावरण नीति' में 99/100 और 'क्लाइमेट गवर्नेंस' में 100/100 अंक प्राप्त किए। जिन्दल स्टील 2047 तक 'नेट-जीरो' (शून्य कार्बन उत्सर्जन) और 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 30% की कमी लाने के लिए प्रतिबद्ध है।नवीन अहलावत (प्रेसिडेंट और हेड - सस्टेनेबिलिटी एवं डिकार्बोनाइजेशन, जिन्दल स्टील लिमिटेड) ने कहा:"यह मान्यता हमारी टीम की कड़ी मेहनत का नतीजा है। हमने अपनी रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने और सस्टेनेबिलिटी को बिजनेस का मुख्य हिस्सा बनाने पर ध्यान दिया है। हम पारदर्शी तरीके से कम कार्बन उत्सर्जन वाला और सुरक्षित स्टील बिजनेस बनाना जारी रखेंगे।जिन्दल स्टील के बारे मेंजिन्दल स्टील लिमिटेड भारत की प्रमुख स्टील उत्पादक कंपनियों में से एक है, जो अपनी कुशलता और उत्कृष्टता के लिए जानी जाती है। 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, कंपनी के पास अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में आधुनिक कारखाने हैं। जिन्दल स्टील का नेटवर्क भारत के साथ-साथ अफ्रीका तक फैला हुआ है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को मजबूती प्रदान कर रहा है। -
बालोद/छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं भू-राजस्व संहिता अधिनियम 1959 में संशोधन उपरांत अविवादित नामांतरण एवं बंटवारों का निराकरण का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया गया है। जिसके तहत बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विकासखंड बालोद में 18 फरवरी एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड में 19 फरवरी को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में भुईंया पोर्टल, सीजी रेवेन्यू पोर्टल के संचालन एवं भू- राजस्व संहिता अधिनियम 1959 के तहत कंडिका 5 में उल्लेखित संहिता की धारा 128 (2) एवं 130 तथा अविवादित मामलों के संबंध में धारा 110, 178, 178 (क) एवं 178 (ख) के अंतर्गत तहसीलदार की शक्तियों छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 के अधीन गठित पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार के भीतर होगी। उक्त कंडिका के माध्यम से अविवादित नामांतरण एवं बटवारा संबंधि अन्य राजस्व कार्यों हेतु ग्राम पंचायतों को उनके क्षेत्राधिकार के भीतर अधिकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त नागरिक पंजीयन पोर्टल के पंजीयन की प्रक्रिया एवं आवेदन प्रस्तुत करने की प्रकिया तथा आम नागरिकों को पोर्टल में हो रहे कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सचिवों के लॉगिन आईडी की उक्त प्रक्रिया के कियान्वयन संबंधी विस्तृत जानकारी पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण के माध्यम के प्रदाय किया गया। राजस्व के संबंध में राजस्व विभाग से तहसीलदार गुण्डरदेही श्री कोमल सिंह धु्रव एवं तहसीलदार बालोद आशुतोष शर्मा ने राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी द्वारा ऑनलाईन पोर्टल के संबंध में सचिवों को विशेष रूप से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में संबधित जनपद पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री झुमुक सिंह राजपूत, गुण्डरदेही जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती निखत सुल्ताना, श्री लोकेश सिन्हा, जिला समन्वयक एवं श्री विमल सोनकर, सहायक जिला समन्वयक वरिष्ठ करारोपन अधिकरी चम्पेश्वर यदु, सुरेन्द्र कुमार चन्द्राकर अधिकारीगण उपस्थित थे। प्रशिक्षण में सभी सचिवों को जल्द से जल्द पंचायत में अविवादित नामांतरण एवं बंटवारे का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
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बालोद/जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पी.एम. आशा) योजना अंतर्गत प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत किसानों का पंजीयन समितियों के माध्यम से ई समयुक्ति पोर्टल में किया जा रहा है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि योजनान्तर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में क्रमशः अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में क्रमशः चना, मसूर एवं सरसों फसलों की बुआई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर साथ लेकर अपना पंजीयन कराएं। उक्त योजनान्तर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले के लिए चिन्हांकित एजेंसी नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा पंजीकृत कृषकों की फसलों का उपार्जन किया जाएगा।
इस योजनान्तर्गत भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें खरीफ फसल अरहर 8000 रूपए, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए. मूंगफली 7263 रूपए. सोयाबीन 5328 रूपए एवं रबी फसल चना 5875 रूपए, मसूर 7000 रूपए, एवं सरसों 6500 रूपए, न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल तय किया गया है। शासन द्वारा जिले में उपार्जन एवं भण्डारण के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में विकासखण्ड बालोद अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति सांकरा-ज, निपानी, लाटाबोड़, पीपरछेड़ी विकासखण्ड गुरूर अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति फागुनदाह, गुरूर, सनौद, बासीन विकासखण्ड डौण्डी अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डी, चिखलाकसा विकासखण्ड डौण्डीलोहारा अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डीलोहारा, सुरेगांव, देवरी, नांहदा विकासखण्ड गुण्डरदेही अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति गुण्डरदेही, अर्जुदा, भांठागांव-बी, कसौंदा को निर्धारित किया गया है। कृषकों से फसल उपार्जन का कार्य सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) तक किया जाएगा। योजनान्तर्गत शासन द्वारा पंजीकृत कृषकों से खरीफ फसल अरहर 3 क्विंटल, मूंग 3 क्विंटल, उड़द 3 क्विंटल, मूंगफली 7 क्विंटल, सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़, एवं रबी फसल चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल, सरसों 5 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।
कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 महुआ गांव में 130 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 07 एवं 09 बीरगांव में 168 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र मौदहापारा, फोकटपारा एवं शास्त्री नगर में 145 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र तोड़वा में 104 बच्चों की स्क्रीनिंग, अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 01 एवं 02 मोहंदी में 135 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र वीरभद्र नगर एवं हामिद नगर में 147 बच्चों की स्क्रीनिंग व पूरे जिले में आज कुल 829 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। -
“प्रोजेक्ट ग्रीन पालना“
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में अभनपुर में 03 एवं एमसीएच कालीबाड़ी में 08 कुल 11 महिला प्रसुताओं को 55 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखूता है। -
15वें वित्त की राशि में 24.70 लाख का घोटाला...!
बिलासपुर/ जिले की ग्राम पंचायत ढेका में 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों की राशि में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच दल की प्रस्तुत रिपोर्ट में आवेदक तथा संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य व्यक्तियों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए जाने का उल्लेख किया गया है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया 24,70,530 रुपये (चौबीस लाख सत्तर हजार पांच सौ तीस रुपये) की शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है।मामले में ग्राम पंचायत ढेका के पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य, तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक, तत्कालीन सचिव (घूमा/हरदीकला) भानू विश्वकर्मा तथा ग्राम पंचायत ढेका के कोटवार कमल कश्यप को जिम्मेदार पाया गया है। जिला पंचायत बिलासपुर के आदेश के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा द्वारा 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 3 (5), 344, 316 एवं 318 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - महासमुंद / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आइ. नागेश्वर राव के निर्देश में ग्राम पंचायत सिरपुर को धूम्रपान मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के उद्देश्य से सिरपुर में ग्राम स्तरीय समन्वय समिति का गठन व बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन सरपंच की अध्यक्षता में की गई। जिसमें सरपंच, सचिव, उपसरपंच, पंच, शिक्षा विभाग के संकुल समन्वयक, शिक्षकगण, मितानिन, आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण व छात्र-छात्राएं मौजूद थे। बैठक का आयोजन डीपीएम श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन व जिला नोडल अधिकारी एन टी सी पी डॉं. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से किया गया।बैठक के दौरान पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से धूम्रपान के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया गया व नशा मुक्ति केंद्र व कोटपा अधिनियम के समस्त धाराओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही ग्राम पंचायत को धूम्रपान मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व उससे संबंधित आईईसी वितरित की गई। विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों को शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त करने के मापदंडों को विस्तार से समझाया गया व tofei की प्रक्रिया पूर्ण की गई। तत्पश्चात मितानिनों द्वारा दीवार लेखन का कार्य पूर्ण किया गया व विद्यार्थियों के साथ रैली का आयोजन कर शपथ ग्रहण किया गया।
- महासमुंद / महासमुंद (ग्रामीण) एकीकृत बाल विकास परियोजना अंतर्गत ग्राम पंचायत खुर्सीपहार के ग्राम खुर्सीपहार एवं ग्राम पंचायत किशनपुर के ग्राम किशनपुर में आंगनबाड़ी सहायिका के एक-एक पद रिक्त होने पर ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है।एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी पिथौरा ने बताया कि इस पद के लिए इच्छुक एवं पात्र महिला अभ्यर्थी 03 मार्च 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सभी योग्य आवेदिकाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है।
- -प्रदेश में ऊर्जा विस्तार की व्यापक रूपरेखा और आगामी कार्ययोजना पर साझा की जानकारी-- प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगतिरायपुर / ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने आज नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों के साथ ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है।डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।राज्य शासन द्वारा पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।ऊर्जा सचिव डॉ. यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम द्वारा लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर तथा 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसमें कई प्रमुख संस्थाएं भागीदार हैं।डॉ. यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।वितरण क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।क्रेडा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की। इस दौरान सीएसपीडीसीएल के एमडी श्री भीम सिंह कंवर, सीएसपीजीसीएल के एमडी एस के कटियार, सीएसपीटीसीएल के एमडी श्री राजेश कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।
- -छत्तीसगढ के हजारों युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी में अवसररायपुर, /स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जा रहा है। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी । भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी।छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डी.एड. अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।
- -छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री-छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा से आलोकित हुआ रायपुर:‘जाणता राजा’ का मंचन शुरूरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक श्री योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ श्री कौशिक नाईक एवं श्री वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के श्री अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण रायपुर से इम्पैनल्ड संस्थाओं के माध्यम से 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थियों हेतु निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।जिला कौशल विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी अनुसार प्राधिकरण से संबद्ध संस्था श्री सत्य साईं हेल्थ एवं एजुकेशन ट्रस्ट रायपुर द्वारा हेल्थकेयर सेक्टर में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित है। इसी प्रकार द लॉन्ड्री बैग रायपुर द्वारा लॉन्ड्री ऑपरेशन सेक्टर में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान अभ्यर्थियों को भोजन, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं संबंधित संस्थाओं द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।इच्छुक अभ्यर्थी सादे कागज पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसमें आवेदक का नाम, पिता का नाम, पूर्ण पता, मोबाइल नंबर तथा इच्छित कोर्स का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। आवेदन कार्यालय, जिला कौशल विकास प्राधिकरण प्रथम तल जिला पंचायत दुर्ग में प्रस्तुत किया जा सकता हैं।इक्छुक आवेदक मोबाइल नंबर 9691466469 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी आवेदन प्रेषित कर सकते हैं
- बालोद,। जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एसबीआई सैलरी पैकेज के तहत दिए जाने वाले लाभ की जानकारी देने हेतु जिला न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता कक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में एसबीआई, मुख्य शाखा बालोद के मुख्य प्रबंधक श्री गौरव भटनागर, क्षेत्रीय कार्यालय कांकेर के मुख्य प्रबंधक श्री शैलेश पाटिल, मुख्य शाखा बालोद के क्षेत्र अधिकारी श्री विशाल रहंगदाले तथा क्षेत्रीय कार्यालय कांकेर के क्षेत्र अधिकारी श्री रूचिर कश्यप द्वारा एसबीआई सैलरी पैकेज की जानकारी देते हुये बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को आर्थिक लाभ प्रदान करने के उददेश्य से 22 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार और एसबीआई के मध्य एम.ओ.यू. में हस्ताक्षर किया गया, जो 04 जनवरी 2026 से प्रभावशील हो गया है। उक्त एम.ओ.यू. के तहत छत्तीसगढ़ राज्य सरकार अंतर्गत सेवारत् वे स्थायी कर्मचारी एवं अधिकारी पात्र है, जिनका सैलरी एकाउंट एसबीआई में संचालित है। एस.बी.आई के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के अंतर्गत सेवारत् पात्र स्थायी अधिकारी एवं कर्मचारी को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर के तहत 01 करोड़, हवाई दुर्घटना बीमा कचर के तहत 1 करोड़ 60 लाख, स्थायी पूर्ण विकलांगता पर 01 करोड़, स्थायी आंशिक विकलांगता पर अधिकतम 01 करोड़, समूह जीवन बीमा के तहत 10 लाख रूपये निःशुल्क प्रदान किया जायेगा। इन सभी सुविधाओं के लिये अधिकारियों-कर्मचारियों को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा। इसके अलावा रूपे कार्ड के माध्यम से अतिरिक्त बीमा राशि भी निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। हेल्थ इंश्योरेंस में टॉप-अप रियायती दरों पर उपलब्ध रहेगा। एसबीआई रिश्ते खाते की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। योनो डिजिटल बैंकिंग एप तथा योनो यूपीआई के बारे में भी जानकारी दी गई।इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद श्री श्याल लाल नवरत्न, प्रथम जिला न्यायाधीश श्री किरण कुमार जांगडे, द्वितीय जिला न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, जिला न्यायाधीश पाक्सो श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, जिला न्यायाधीश एफटीसी श्री ताजुद्दीन आसिफ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद श्री संजय सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद भारती कुलदीप, प्रशासनिक अधिकारी श्री उदेराम नेताम, लेखापाल श्री सुजीत कुमार साहू सहित जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ सहित 10 राज्यों में राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 का कार्यक्रम घोषितरायपुर.। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बुधवार को अप्रैल-2026 में सेवानिवृत्त होने वाले राज्यसभा सदस्यों की रिक्त सीटों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी गई है। इसके माध्यम से देश के 10 राज्यों में कुल 37 राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन किया जाएगा।छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की कुल 5 सीटों में से 2 सदस्यों, श्री कवि तेजपाल सिंह तुलसी और सुश्री फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को पूर्ण हो रहा है। इन दोनों सीटों के रिक्त होने के कारण निर्वाचन की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यसभा के द्विवार्षिक निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा की गई है।आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा सदस्यों के निर्वाचन के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी की जाएगी। नाम-निर्देशन पत्र 5 मार्च तक दाखिल किये जा सकेंगे। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। अभ्यर्थी 9 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 16 मार्च को प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक मतदान होगा तथा उसी दिन सायं 5 बजे से मतगणना प्रारंभ की जाएगी।संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) तक पूर्ण कर ली जाएगी।राज्यसभा निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी अपना नाम-निर्देशन पत्र 26 फरवरी से 5 मार्च तक पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक (सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर) छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में निर्धारित स्थान पर रिटर्निंग ऑफिसर (संचालक, छत्तीसगढ़ विधानसभा) के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। राज्यसभा द्विवार्षिक निर्वाचन में राज्य के कुल 90 विधानसभा सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 54, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 35 तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक सदस्य शामिल हैं। सभी विधायक मतपत्र के माध्यम से मतपेटी में अपना मत प्रदान करेंगे। मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रदान किए गए बैंगनी रंग के स्केच पेन का उपयोग किया जाएगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा।स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाएगी। निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपादित की जाएगी। अप्रैल 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों का राज्यवार विवरण अनुलग्नक ‘A’ में पृथक रूप से संलग्न है।
- रायपुर । लगभग एक दशक के लंबे अंतराल के बाद मंत्रालय संघ को राज्य शासन द्वारा पुनः मान्यता प्रदान की गई है, जिसे मंत्रालयीन कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस मान्यता से कर्मचारियों की समस्याओं, सुझावों एवं सेवा संबंधी विषयों को अब शासन स्तर पर संस्थागत रूप से प्रस्तुत करने का मार्ग प्रशस्त होगा तथा शासन और कर्मचारियों के बीच संवाद प्रक्रिया और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ हो सकेगी।संघ के पदाधिकारियों ने इस निर्णय के लिए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मान्यता कर्मचारियों के हितों की रक्षा एवं उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि संघ सदैव नियमों के अनुरूप, सकारात्मक एवं रचनात्मक संवाद के माध्यम से कर्मचारियों के हितों के संरक्षण तथा प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्य करता रहेगा।संघ द्वारा अपने सभी सदस्यों से संगठन की एकजुटता बनाए रखने तथा सेवा हित एवं प्रशासनिक गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की गई है। पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस मान्यता से कर्मचारियों और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
- -विश्वविद्यालय प्रशासन ने आई.सी.ए.आर.और राज्य शासन से वित्तीय सहायता का किया है अनुरोधरायपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों,विषय वस्तु विशेषज्ञों एवं अन्य कर्मचारियों की समस्ययों के निराकरण हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के आधिकारियों एवं कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों के संबंध में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ शासन से निरंतर पत्राचार कर इन विसंगतियों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।ज्ञातव्य हो कि कृषि विज्ञान केन्द्र, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् से शत-प्रतिशत वित्त पोषित परियोजना है जिसके तहत कृषि विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों का वेतन एवं अन्य भत्ते भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रदान किये जाते हंै। आई.सी.ए.आर., नई दिल्ली द्वारा दिनांक 20 अगस्त 2024 को जारी नये दिशा-निर्देशांे के अनुसार कृषि विज्ञान केन्द्रों में पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन भत्तों मे विशेषकर एन.पी.एस. अंशदान एवं अन्य भत्तों में कटौती की गई है। पूर्व में उपरोक्त सभी भत्तों के लिए आई.सी.ए.आर. से अनुदान प्राप्त हो रहा था।उल्लेखनीय है कि सम्पूर्ण पूरे भारत वर्ष में 731 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित है सभी जगहों पर कृषि विज्ञान केन्द्र केन्द के अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतनभत्तों में आई.सी.एस.आर. के पत्र दिनांक 20 अगस्त 2024 के नये दिशा-निर्देश के उपरांत वेतन भत्तों से संबंधित कटौती होने की वजह से पूर्ण वेतन भुगतान करने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। नये दिशा निर्देशो के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों के मूल वेतन, मंहगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा का भुगतान किया जा रहा है और पेंशन अनुदान एवं अन्य भत्तो का भुगतान नहीं किया जा रहा है।इस संबंध मे कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा जारी स्थगन आदेश के परिपालन में विश्वविद्यालय द्वारा याचिकाकर्ताओं को पूर्ववत् वेतन भत्तों का भुगतान किया जा रहा है जिसके लिए विगत वित्तीय वर्ष 2024-25 में विश्वविद्यालय ने अपने रिसिप्ट एकाउंट में से रू. 1.6 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किया है।चूंकि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के स्वयं के आय के स्त्रोत नही है अतः विश्वविद्यालय द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के कर्मचारियों को पूर्ववत् वेतन भत्तों का भुगतान करने हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य शासन से रू. 3.50 करोड़ की राशि प्रदान करने अनुरोध किया गया है ताकि समय पर पूर्ववत् वेतन भत्तों का भुगतान किया जा सके। वेतन मे अंतर राशि के संबंध में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं छत्तीसगढ़ शासन से निरंतर पत्राचार किया जा रहा है। यदि भविष्य में आई.सी.ए.आर. द्वारा पूर्ववत् सम्पूर्ण वेतन भुगतान हेतु राशि उपलब्ध कराई जाती है या राज्य शासन से अंतर की राशि प्राप्त होती है, तो विश्वविद्यालय द्वारा भी कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों/कर्मचारियों को पूर्ववत् वेतन एवं भत्तों का भुगतान किया जाएगा। पूर्व में विश्वविद्यालय द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हित में आई.सी.ए.आर. से बढ़ी हुई राशि प्राप्त होने की प्रत्याशा में उच्च वेतनमान का भी लाभ दिया गया है परन्तु उक्त राशि आज तक अप्राप्त है। आई.सी.ए.आर. से आवश्यक राशि उपलब्ध न हो पाने तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा बढ़े हुए वेतन का लाभ लिये जाने के कारण वेतन भुगतान संबंधी गतिरोध उत्पन्न हो रहा है।कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन भत्तों में अंतर की राशि का भुगतान आई.सी.ए.आर नई दिल्ली अथवा छत्तीसगढ़ शासन से राशि प्राप्त होने पर ही दिया जा सकता है।वर्तमान में कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यरत आधिकारियों/कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ शासन के अन्य कर्मचारियों की भांति 62 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृित्त दी जा रही है। विश्वविद्यालय में केवल शिक्षक संवर्ग के लिए ही सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष है, अन्य गैर शिक्षकीय पदों हेतु सेवा निवृत्ति आयु 62 वर्ष है। कृषि विज्ञान केन्दों में कार्यरत समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी गैर शिक्षकीय संवर्ग के अतंरर्गत आते है अतः यह कहना उचित नहीं है कि कृषि विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियो एवं कर्मचारियों को जल्द सेवानिवृत्त किया जा रहा है।विश्वविद्यालय परिसर में कन्या छात्रावास भी स्थित है। वर्तमान में विद्यार्थियों की परीक्षाएं चल रही है। हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन से विद्यार्थियों के अध्ययन में व्यवधान उत्पन्न होने के कारण हड़ताली कर्मचारियों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करने से प्रतिबंधित किया गया है।
- -हितग्राही को मिला प्रधानमंत्री मत्स्य पालन योजना का लाभ, प्रति महिना करीब 17 टन हो रहा उत्पादनरायपुर /कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह धरसींवा विकासखण्ड के दौरे पर निकले। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के हितग्राहियों द्वारा किए जा रहे मत्स्य पालन का निरीक्षण किया। वहां के हितग्राहियों ने बताया कि वहां के 05 नर्सरी एवं 04 तालाबों में मत्स्य पालन किया जा रहा है। नर्सरी में जो फिश सीड विकसित होते हैं उसे दुबारा तालाब में डाल दिया जाता है। इस प्रकार प्रति महीने करीब 17 टन का उत्पादन होता है। कलेक्टर ने हितग्राहियों से चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना को अच्छी तरह से क्रियान्वयन करें, जल संरक्षण पर अधिक ध्यान देवें जिसके लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे, तहसीलदार श्री राकेश देवांगन, जनपद सीईओ धरसींवा श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -युवाओं को मिला उद्यमिता का मार्गदर्शनबिलासपुर / स्थानीय देवकीनंदन दीक्षित ऑडिटोरियम में आज दो दिवसीय स्वरोजगार प्रोत्साहन मेला का शुभारंभ हुआ। विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। मेले का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बिलासपुर के द्वारा किया गया है। मेले का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार मूलक योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा संबंधित विभागों एवं भागीदारों के साथ चर्चा-परिचर्चा कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना रहा।मुख्य अतिथि की आसंदी से विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने अपने संबोधन में शासन की विभिन्न योजनाओं, वित्तीय प्रबंधन, मार्केटिंग रणनीति, लाइसेंस प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक पहलुओं की जानकारी देते हुए युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार ही आत्मनिर्भरता की कुंजी है और शासन युवाओं को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक सी.आर. टेकाम ने स्वागत उद्बोधन में शासन द्वारा संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं को स्वयं का रोजगार स्थापित करने हेतु प्रेरित किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के प्रतिनिधि हरीश केडिया ने उद्योग-व्यवसाय स्थापना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और नवोदित उद्यमियों को व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इसी क्रम में बीएनआई के कार्यपालक संचालक डॉ. किरणपाल चावला ने उद्योग व्यवसाय स्थापना में बीएनआई द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए नेटवर्किंग और व्यवसाय विस्तार के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम बिलासपुर के आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, एमएसएमई विभाग के श्री अरविंद तिवारी एवं श्री शरद सक्सेना तथा जिला उद्योग संघ बिलासपुर के महासचिव भी उपस्थित रहे। मेले के प्रथम दिवस में बड़ी संख्या में युवाओं एवं संभावित उद्यमियों ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। आयोजन के माध्यम से युवाओं में स्वरोजगार के प्रति जागरूकता और उत्साह का संचार हुआ।
- रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सहयोग केन्द्र में कार्यकर्ताओं के आवेदनों का लगातार निराकरण हो रहा है। गुरुवार को सहयोग केन्द्र में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यकर्ताओं के कई आवेदनों का तत्काल निराकरण किया एवं अन्य आवेदनों को संबंधित विभागों में शीघ्र निराकरण करने के लिए भेजा। सहयोग केन्द्र में आज अलग-अलग जिलों से लगभग 50 से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान सहयोग केन्द्र में प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय एवं प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज मौजूद थे।
- -मंत्री केदार कश्यप कहा : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज आंदोलित अभ्यर्थियों को गुमराह करने की ओछी राजनीति कर रहे हैंरायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने सहायक शिक्षक भर्ती-2023 के मसले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर जमकर निशाना साधा है। श्री कश्यप ने कहा है कि बुधवार को आधी रात को राजधानी के सेंट्रल जेल पहुँचकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष घड़ियाली आँसू बहाकर इस मुद्दे पर आंदोलित अभ्यर्थियों को गुमराह करने की ओछी राजनीति कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में बी.एड. वालों को प्रवेश देकर डी.एड. डिप्लोमाधारकों के भविष्य को संकट में डाला और इस अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कई अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज की गई, जिससे उनके सरकारी नौकरी पाने के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैज को यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस शासनकाल में शिक्षाकर्मियों, और विशेषकर डीएड अभ्यर्थियों का मुद्दा जब आंदोलन के रूप में सड़कों पर सामने आया तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सम्वाद का रास्ता चुनकर समस्या का समाधान करने के बजाय प्रशासन की आड़ में टकराव और बल प्रयोग कर लाठीचार्ज किया था। सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के संबंध में वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए श्री कश्यप ने कहा है कि राज्य सरकार शासकीय शालाओं में शिक्षा की गुणवत्ता और योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नए अभ्यर्थियों के हितों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। न्यायालय के निर्देशानुसार, सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के पाँचवें चरण में 2621 बी.एड. योग्यताधारी शिक्षकों के स्थान पर डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया गया था। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए कुल 2615 पदों के लिए अवसर प्रदान किया गया, जिसमें से 1319 अभ्यर्थी पात्र पाए गए और उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि शिक्षक सीधी भर्ती 2023 के अंतर्गत पाँचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के स्थापन पर डी.एड. अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया गया था। शासन के निर्देशानुसार पाँचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में 2621 अभ्यर्थियों के स्थान पर 2615 अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया था। उक्त भर्ती में 1319 अभ्यर्थी पात्र हुए, जिन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। अब उक्त भर्ती के रिक्त रह गए 1302 पदों के लिए मेरिट के निचले क्रम के अभ्यर्थियों द्वारा छठवें चरण की सूची जारी करने की मांग की जा रही है। श्री कश्यप ने कहा कि पाँचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में सामान्य श्रेणी का कटऑफ रैंक 6666, अनुसूचित जाति का कटऑफ रैंक 10990, अनुसूचित जनजाति का कटऑफ रैंक 72852 एवं अन्य पिछडा वर्ग का कटऑफ रैंक-9193 आ चुका है। छठवें चरण की सूची जारी करने की मांग करने वाले अभ्यर्थी अपने श्रेणियों में उक्त कटऑफ रैंक से निचले क्रम पर है। यदि छठवें चरण की सूची जारी की जाती है तो सभी श्रेणियों में कटऑफ रैक और भी निचले स्तर पर आ निम्नानुसार आ सकता है : सामान्य श्रेणी - 10324, अनुसूचित जाति - 12697, अनुसूचित जनजाति - 78002 एवं अन्य पिछडा वर्ग - 11499। अब अत्यधिक निचले रैंक के अभ्यर्थियों की नियुक्ति से शासकीय शालाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य और शैक्षणिक स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की प्रबल आशंका है।प्रदेश के वन मंत्री श्री कश्यप ने नई भर्ती और भविष्य की योजना पर प्रकाश डालते हुए रेखांकित किया कि सीधी भर्ती 2023 की परीक्षा आयोजित हुए 2 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। इस अवधि में प्रदेश के हजारों नए योग्य और अर्हताधारी अभ्यर्थी नई भर्ती परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हमारी सरकार का मुख्य ध्येय शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना है। वर्तमान में विभाग द्वारा 4708 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसमें 2000 पद विशेष रूप से सहायक शिक्षकों के हैं। हम नए और अधिक योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।








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