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- -‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ मुहिम को मिलेगी नई रफ्तार-‘मुनगा ट्रैकर ऐप’ से होगी पौधों के रोपण और सत्यापन की डिजिटल निगरानी-’बच्चों, महिलाओं और धात्री माताओं में कुपोषण दूर करने में कारगर साबित होगा सहजनरायपुर ।धमतरी में कुपोषण मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की शुरुआत हुई है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संचालित ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ मुहिम को अब एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिसके तहत धमतरी जिले में आयोजित होने वाले सभी विभागीय कार्यक्रमों में अतिथियों के स्वागत के लिए पारंपरिक पुष्पगुच्छ के स्थान पर मुनगा यानी सहजन का पौधा भेंट किए जाने का निर्णय लिया गया है। स्वागत की इस औपचारिकता को बदलकर पौधा भेंट करने की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण को बढ़ावा देगी, बल्कि स्वस्थ समाज और पोषणयुक्त परिवारों के निर्माण की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगी।इस अभियान को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए जिला स्तर पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुनगा पौधों के रोपण, उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि, भौतिक सत्यापन और उनके पोषण संबंधी महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। अभियान में पूरी पारदर्शिता और सटीक डेटाबेस तैयार करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान सभी पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित कार्यकर्ताओं के माध्यम से रोपित किए गए प्रत्येक मुनगा पौधे की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से ‘मुनगा ट्रैकर ऐप’ पर कराएं और दर्ज की गई जानकारी का समय-समय पर सत्यापन सुनिश्चित करें। इस डिजिटल मॉनिटरिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पौधरोपण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक घर तक मुनगा की उपलब्धता और उसका नियमित उपयोग फलीभूत हो सके।मुनगा (सहजन) को यूं ही सुपरफूड नहीं कहा जाता, बल्कि इसकी पत्तियां, भाजी और फलियां पोषक तत्वों का खजाना होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुनगा की हरी पत्तियों में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन और प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसकी फलियों का उपयोग सब्जी, दाल और कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है, जो शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को आसानी से पूरा करते हैं। विशेष रूप से बढ़ते बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के आहार में विविधता लाने और उनके पोषण स्तर को ऊपर उठाने में यह बेहद कारगर साबित हो सकता है। हालांकि, कुपोषण से पूरी तरह बचाव के लिए मुनगा के साथ-साथ दालों, अनाजों, मौसमी फल-सब्जियों और दूध जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों का संतुलित सेवन भी आवश्यक है।जब विभागीय कार्यक्रमों में अतिथियों को मुनगा का पौधा भेंट किया जाएगा, तो वह पौधा लोगों के घरों और आंगनों तक पहुंचेगा, जिससे जिले में पोषण वाटिकाएं विकसित करने की संस्कृति को बल मिलेगा। पौधे की नियमित देखभाल और उसके उपयोग के प्रति प्रेरित होने से यह अभियान केवल एक सरकारी योजना न रहकर सही मायनों में जनभागीदारी का एक सफल उदाहरण बन रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से धमतरी से यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि घर-घर मुनगा का पौधा लगाना दरअसल परिवार-परिवार को पोषणयुक्त बनाने की दिशा में एक बेहद सार्थक और दूरदर्शी कदम है।
- -राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन से मिली प्रेरणा, कम लागत में बेहतर मुनाफा अर्जित कर बनीं आत्मनिर्भररायपुर । कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के ग्राम छिनारी की महिला कृषक श्रीमती तुलसा महावीर ने प्राकृतिक खेती अपनाकर कृषि के क्षेत्र में सफलता की नई मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण से उन्होंने रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाया। इससे न केवल खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आई, बल्कि उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ।श्रीमती तुलसा पहले अपनी खेती में रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का उपयोग करती थीं। उनकी खेती की लागत लगभग 40 हजार रुपये तक पहुंच जाती थी, लेकिन मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा था। साथ ही मिट्टी की गुणवत्ता को लेकर भी उन्हें चिंता होने लगी थी। इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के बारे में जानकारी मिली। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि अमले के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से उन्होंने प्राकृतिक खेती की तकनीकों को समझा और अपने खेत में धीरे-धीरे इन्हें अपनाना शुरू किया।श्रीमती तुलसा ने अपने खेत में बीज उपचार के लिए बीजामृत, फसल प्रबंधन के लिए जीवामृत एवं घनजीवामृत, आच्छादन तथा प्राकृतिक कीट प्रबंधन जैसी तकनीकों का उपयोग किया। इन तकनीकों को अपनाने के लिए उन्होंने खेत और गांव में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल किया। इससे खेती में बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम करने और उत्पादन लागत घटाने में सहायता मिली। प्राकृतिक खेती अपनाने का सकारात्मक परिणाम उनकी खेती में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पहले जहां खेती की लागत लगभग 40 हजार रुपये थी, वहीं प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद यह घटकर 19,500 रुपये रह गई। इस प्रकार उन्हें 20,500 रुपये यानी लगभग 51.25 प्रतिशत की लागत बचत हुई।कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 0.405 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से 37 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता दर्ज की गई। इससे 01 लाख 14 हजार 700 रुपये की सकल आय तथा 95,200 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। कम लागत में बेहतर आर्थिक लाभ मिलने से श्रीमती तुलसा महावीर का प्राकृतिक खेती के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ।आज श्रीमती तुलसा स्वयं प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ आसपास के किसानों और महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि प्राकृतिक खेती केवल खेती करने की एक पद्धति नहीं, बल्कि कम लागत, आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन देने पर राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन और कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
- राजनांदगांव । हाथकरघा विभाग द्वारा संचालित बुनकर आवास सह वर्कशेड योजना बुनकरों को सुरक्षित आवास एवं कार्यस्थल की सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक साबित हो रही है। योजना अंतर्गत आवासविहीन बुनकरों तथा कच्चे एवं छोटे मकानों में रहने वाले बुनकरों को आवास सह वर्कशेड निर्माण के लिए प्रति हितग्राही 2 लाख 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। राजनांदगांव शहर के गौरी नगर वार्ड क्रमांक 13 निवासी श्रीमती लोकेश्वरी साहू श्री सांई बुनकर समिति की सदस्य हैं। उन्हें हाथकरघा विभाग की बुनकर आवास सह वर्कशेड योजना अंतर्गत आवास निर्माण के लिए 2 लाख 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। आवास निर्माण के पहले उनका परिवार कच्चे मकान में निवास करता था। जहां काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्हें आर्थिक सहायता मिलने पर पक्के मकान का निर्माण कराया और बुनाई कार्य के लिए मशीन भी स्थापित की। उन्हें अब आवास के साथ बुनाई कार्य के लिए बेहतर सुविधा मिल रही है। मशीन स्थापित होने से उनका उत्पादन भी सुचारू रूप से हो रहा है। योजना से मिली सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ बुनकरी कार्य को आगे बढ़ाने में सहयोग दिया है। श्रीमती लोकेश्वरी साहू ने बुनकर आवास सह वर्कशेड योजना के तहत पक्का आवास बनाने के लिए मिली आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता से पक्का मकान और बुनाई कार्य के लिए मशीन की सुविधा मिली है, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है।
- - अधीक्षण अभियंता ने किया विभिन्न सड़क निर्माण एवं संधारण कार्यों का निरीक्षण- निर्माण कार्यों में निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देशराजनांदगांव । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत जिले में संचालित सड़क निर्माण एवं संधारण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधीक्षण अभियंता श्री पी मोहन राव सोनी द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता की जांच की गई। अधीक्षण अभियंता ने निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।इसी प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों के डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि के तहत किए जा रहे संधारण कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने संधारण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित अवधि में आवश्यक मरम्मत एवं संधारण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सीसी सड़क एवं नाली निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मार्ग में काली मिट्टी क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण संबंधी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने तथा सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
- दुर्ग. जिला पंचायत दुर्ग के अंतर्गत संचालित विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत जनपद पंचायत स्तर हेतु सहायक प्रोगामर के 02 पद एवं लेखापाल के 02 पद हेतु विज्ञापन दिनांक 14 अक्टूबर 2026 के द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से एवं जिला दुर्ग के वेबसाईट www.durg.gov.in के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। विज्ञापन हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन स्पीड पोस्ट एवं रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से कार्यालय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग में प्राप्त किया जाना है। पात्र-अपात्र की सूची स्कूटनी उपरांत विहित समयावधि में जारी की जाएगी।उसके उपरांत निर्धारित समयावधि में दावा आपत्ति हेतु प्रेस विज्ञप्ति पुनः जारी किया जाएगा। संपूर्ण भर्ती प्रकिया शासन के दिशा-निर्देश के आधार पर की जा रही है। इस विज्ञापन के भर्ती के संबंध में अपील है कि व्यर्थ प्रलोभन में न आयें। कोई भी आर्थिक लेन-देन न करें। इस संबंध में होने वाले किसी भी क्षति या धोखाधड़ी के संबंध में संपूर्ण जवाबदेही संबंधित की होगी एवं उक्त के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत आवेदक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग (छ.ग.) कार्यालय, जिला पंचायत दुर्ग में या जिला पंचायत दुर्ग के मेल आई-डी [email protected] पर की जा सकती है।
- दुर्ग. हर परिवार का सपना होता है कि उसका अपना पक्का घर हो, जहां परिवार सुरक्षित रह सके और बच्चे बेहतर भविष्य के सपने संजो सकें। श्रीमती प्रेमा मिश्रा के परिवार के लिए भी अपने पक्के घर का सपना लंबे समय से एक उम्मीद बना हुआ था। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से उनका यह सपना साकार हुआ है। आज पक्का आवास उनके परिवार के लिए केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत बन गया है।श्रीमती प्रेमा मिश्रा अपने पति श्री आकाश मिश्रा, एक बच्चे और माता-पिता के साथ रहती हैं। वे आठवीं कक्षा तक शिक्षित हैं और गृहिणी हैं, जबकि उनके पति प्लंबर का कार्य कर परिवार की आजीविका चलाते हैं। सीमित आय में परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए पक्का घर बनाना उनके लिए आसान नहीं था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) उनके परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई और वर्षों से संजोया अपना घर होने का सपना पूरा हुआ।आज उनका परिवार अपने पक्के घर में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन व्यतीत कर रहा है। अब परिवार बेहतर जीवनशैली, बच्चे की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के सपने संजो रहा है।शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रेमा मिश्रा के परिवार को अन्य योजनाओं के माध्यम से भी मिल रहा है। परिवार को महतारी वंदन योजना एवं आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। इन योजनाओं से परिवार को आर्थिक सहयोग और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। प्रेमा मिश्रा एवं उनका परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मिले पक्के आवास के लिए शासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त की।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा दुर्ग जिला के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज दुर्ग प्रवास के दौरान नगर पालिक निगम दुर्ग के अंतर्गत उरला में निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट और पीएमई-बस डिपो का अवलोकन किया। उन्होंने एसटीपी प्लांट के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। साथ ही निर्माण कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिये। इसी प्रकार नवम्बर माह से दुर्ग-भिलाई नगर में प्रारंभ होने जा रहे ई-बस सेवा अंतर्गत बस डिपो का अवलोकन किया और आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने डिपो अंतर्गत चार्जर पाइंट लगाने के कार्य शीघ्र पूर्ण करने और स्थल में आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिये। इस अवसर पर अतिरिक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पुलक भट्टाचार्य, नगर निगम दुर्ग की आयुक्त सुश्री लीना कोसम और एसडीएम दुर्ग शहर श्री प्रफुल्ल गुप्ता एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- जिले में विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा0- नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों पर जोर0- प्रभारी सचिव की अध्यक्षता में नारकोटिक्स नियंत्रण एवं विभागीय समीक्षा बैठक आयोजितदुर्ग. प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में नारकोटिक्स नियंत्रण एवं विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ जिले में संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को पारदर्शिता, समयबद्धता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग बढ़ाने के साथ मानवीय संवेदनाओं एवं जनहित को सर्वाेपरि रखने पर जोर दिया।नारकोटिक्स नियंत्रण की समीक्षा के दौरान एनडीपीएस के मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती और सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, तस्करी के नेटवर्क की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष एनडीपीएस के तहत 107 कार्रवाई की गई थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 157 हो गई है। इसी प्रकार गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 262 से बढ़कर 330 हो गई है। मादक पदार्थों की जब्ती का मूल्य भी पिछले वर्ष के 1.40 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर इस वर्ष 10.88 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के कुछ मोहल्लों और कुम्हारी के संवेदनशील इलाकों में अवैध नशा कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों और अन्य जनभागीदारी आधारित गतिविधियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, पुनर्वास और समय पर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।आवास एवं राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देशजिले के प्रभारी सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और बीबीजीआरवाई के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा तथा अन्य राजस्व प्रकरणों, विशेषकर एक वर्ष से लंबित मामलों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिला पंचायत द्वारा स्वच्छ भारत मिशन एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कोलिहापुरी में प्लास्टिक कचरे को प्रसंस्कृत कर लम्प्स तैयार किए जा रहे हैं। इस कार्य से स्थानीय स्वच्छता दीदियों और छह समूहों की महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।जिले की चार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों के माध्यम से अब तक 16,355 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया है। इसमें से 12,287 किलोग्राम कचरे का प्रसंस्करण कर बिक्री की गई, जिससे 2,20,976 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ है। प्रभारी सचिव ने जिला पंचायत और नगरीय निकायों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्टडी टूर और क्रॉस लर्निंग विजिट आयोजित करने के निर्देश दिए।स्कूलों में बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोरवन विभाग की समीक्षा के दौरान स्वामी आत्मानंद मॉडल कॉलेज, बोरी में पौधरोपण तथा तांदुला पार्क में नगर वन एवं हर्बल गार्डन की स्थापना जैसे नवाचारों की जानकारी दी गई। प्रभारी सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी को पीएमश्री सहित अन्य उत्कृष्ट विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, कचरा पेटी और उद्यान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पात्र गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।\सड़क निर्माण और अधोसंरचना परियोजनाओं की समीक्षालोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आईआईटी पहुंच मार्ग के लिए फोरलेन सड़क निर्माण तथा बालोद से बेमेतरा (दुर्ग-धमधा मार्ग) पर फोरलेन सड़क निर्माण की योजना स्वीकृत की गई है। प्रस्तावित कार्यों में पुराने पुलों के स्थान पर नए फोरलेन पुल और आवश्यकतानुसार फ्लाईओवर का निर्माण भी शामिल है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बिजली के खंभों और पाइपलाइन जैसी सेवाओं की शिफ्टिंग प्राथमिकता से करने की बात कही गई।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने आयुष्मान वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही कुष्ठ रोग, सिकल सेल और टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जारी जांच एवं उपचार कार्यों की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव श्री बोरा ने नगर निगम आयुक्तों को रैन बसेरों की सुविधाएं बेहतर बनाने तथा शहरी प्रधानमंत्री आवास क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए पार्क और बेहतर जल निकासी व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री सी.पी. अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, अतिरिक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पुलक भट्टाचार्य, नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह, नगर पालिक निगम दुर्ग की आयुक्त सुश्री लीना कोसम, नगर पालिक निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री आशीष कर्मा, एसडीएम दुर्ग ग्रामीण श्री सोनाल डेविड, एसडीएम दुर्ग शहर श्री प्रफुल्ल कुमार गुप्ता सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- प्रमुख सचिव श्री बोरा ने पीएम श्री सेजेस में किया उद्घाटनदुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा दुर्ग जिला के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज पीएम श्री सेजेस कुम्हारी में रोबोटिक्स एवं विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। साथ ही रोबोटिक्स लैब का अवलोकन किया और प्रायोगिक प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन विभाग के अतिरिक्त संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री जगदीश सिंह धीर, विद्यालय की प्राचार्य डॉ. विजया श्रीवास्तव, आईडीबीआई बैंक के जोनल मैनेजर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।विद्यालय में रोबोटिक्स लैब की स्थापना विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, विज्ञान एवं नवाचार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस लैब के माध्यम से विद्यार्थी रोबोटिक्स एवं तकनीकी अवधारणाओं को प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से समझ सकेंगे। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, समस्या समाधान तथा तकनीकी कौशल विकसित करने में सहायता मिलेगी।इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अपने उद्बोधन में विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं विकास की सराहना की। उन्होंने विद्यालय में रोबोटिक्स लैब की स्थापना को एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करना भी आवश्यक है। उन्होंने रोबोटिक्स लैब के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रयोगशालाएँ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं तकनीकी दक्षता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी प्रयोग करके सीखने की प्रक्रिया से जुड़ते हैं तथा भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार कर सकते हैं।विद्यालय की प्राचार्य डॉ. विजया श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा उन्हें आधुनिक तकनीक एवं नवाचार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ विद्यालय के शैक्षणिक विकास एवं विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।कार्यक्रम पश्चात् प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं अन्य अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किये। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
- रायपुर. समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य के विद्यालयीन शिक्षकों के लिए“क्षेत्र-विशिष्ट शिक्षक क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक सेमिनार हाल, कृषि महाविद्यालय, रायपुर में किया गया। यह कार्यक्रम पंडित सुंदर लाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की घटक इकाई, के तत्वावधान में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित हुआ। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया।कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा–स्कूली शिक्षा 2023 के अनुरूप विद्यालयों में कौशल आधारित, व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षताओं का विकास करना था।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान किए गए। 12 से 16 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित प्रशिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, संरक्षित खेती, सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, बीज उत्पादन, कीट एवं रोग प्रबंधन, मृदा परीक्षण, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, पुष्प उत्पादन तथा कटाई उपरांत प्रबंधन पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किया।समापन अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कौशल आधारित शिक्षा के महत्व एवं वर्तमान समय में इसकी बढ़ती आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक दक्षता, आत्मनिर्भरता तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में भी महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान, तकनीकी कौशल एवं अनुभवों का प्रभावी उपयोग अपने विद्यालयों में करें तथा विद्यार्थियों को कृषि की नवीनतम तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों से परिचित कराएं। उन्होंने कृषि शिक्षा को नवाचार, उद्यमिता एवं स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ने पर विशेष बलदिया। उन्होंने कहाकि गुणवत्तापूर्ण कौशल शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण युवाओंको आत्मनिर्भर बनाकर कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी के योगदान, सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग की सराहना की। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव का उपयोग शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने में करेंगे।समापन अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे द्वारा प्रतिभागियों के साथ विचार एवं अनुभव साझा किया गया। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का उपयोग शिक्षक अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक, कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने में करेंगे। यह पहल विद्यालयीन शिक्षा को कृषि, व्यावसायिक कौशल एवं उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. रामा मोहन सावु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार खनिज विभाग की कार्रवाई, अवैध परिवहन करने वालों पर होगी नियमानुसार कार्रवाईबालोद. जिले में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार खनिज विभाग का अमला क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर नजर रख रहा है। इसी कड़ी में खनिज विभाग की टीम ने गुंडरदेही विकासखंड के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर दो हाईवा वाहनों को जब्त किया है।खनिज विभाग की टीम ने आज 16 अक्टूबर को तड़के ग्राम बघमरा, देवरी (ख) और खुटेरी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर हाईवा वाहन क्रमांक सीजी 08 एयू 5509 एवं सीजी 04 पीएन 7011 को जब्त किया गया। जब्त दोनों वाहनों को अर्जुन्दा आरक्षी केंद्र की अभिरक्षा में रखा गया है।खनिज विभाग द्वारा प्रकरण में नियमानुसार खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों का अवैध दोहन और परिवहन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज संपदा का संरक्षण और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।--
- बालोद. देशभर के स्कूली छात्र-छात्राओं को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के माध्यम से एवं केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के सहयोग से ’नेशनल पेंटिंग काम्पिटीशन ऑन एनर्जी कंसर्वेशन-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। क्रेडा विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय ’एनर्जी कसंर्वेशन फाॅर एनर्जी सिक्यूरिटी’ रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में कक्षा 05वीं से 07वीं तक के छात्र-छात्राएं ’ग्रुप-ए’ और कक्षा 08वीं से 10वीं तक के छात्र-छात्राएं ’ग्रुप-बी’ के अंतर्गत सम्मिलित हो सकते हैं। स्कूलों के माध्यम से चयनित प्रत्येक ग्रुप के प्रथम-दो चित्रकला फोटोग्राफ्स को स्कूल के नाम सहित विवरण आगामी 31 अक्टूबर से पूर्व संबंधित नोडल अधिकारी के पास जमा किए जा सकते हैं। जिसके लिए पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड 400/200 केवी सबस्टेशन कुम्हारी के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री आर.पी. साहू (मोबाइल नंबर 9685092217) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से संबंधित विस्तृत जानकारी वेबसाइट www.paintings.beeindia.gov.in से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा अन्य किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी के लिए जिला ऊर्जा संरक्षण प्रभारी व क्रेडा बालोद के उप अभियंता श्री खुबलाल साहू के मोबाइल नंबर 9340862683 पर संपर्क कर सकते हैं।उल्लेखनीय है कि स्कूल स्तर से चयनित प्रथम 02 विजेताओं में से प्रत्येक ग्रुप ए एवं बी से 50-50 विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय चयन समिति द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तर पर यह ऑन-द-स्पॉट प्रतियोगिता 14 नवंबर से 21 नवंबर तक (02 घंटे की अवधि में) आयोजित होगी। जिसमें प्रथम पुरस्कार 50,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30,000 रुपये, तृतीय पुरस्कार 20,000 रुपये तथा 10 प्रतिभागियों को 7,500 रुपए (प्रत्येक को) का प्रशंसा पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।राज्य स्तर पर प्रत्येक राज्य से चयनित प्रथम 03 विजेता 11 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम विजेता को एक लाख रुपए, लैपटॉप व गोल्ड मेडल, द्वितीय विजेता को 50 हजार रुपए, लैपटॉप व सिल्वर मेडल एवं तृतीय विजेता को 30 हजार रुपए, लैपटॉप व ब्रॉन्ज मेडल तथा 10 प्रशंसा पुरस्कार के रूप में 15,000 रुपए, नगद व टैबलेट से पुरस्कृत किया जाएगा।
- 0- विद्यार्थियों को बाल अधिकार, पॉक्सो एक्ट एवं बाल विवाह रोकथाम कानूनों की दी गई जानकारीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी के आदेशानुसार एवं मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्राम कांदुल में विशेष जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को विभागीय जनकल्याणकारी योजनाओं, विधिक अधिकारों तथा सुरक्षा तंत्र के प्रति सजग व सशक्त बनाना रहा।बाल संरक्षण कानूनों एवं विधिक प्रावधानों पर हुआ विस्तृत मार्गदर्शनशिविर के दौरान उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने छात्राओं को ‘मिशन वात्सल्य’ एवं एकीकृत बाल संरक्षण सेवाओं की रूपरेखा समझाई। इसके साथ ही बच्चों के संरक्षण से जुड़े प्रमुख विधिक प्रावधानों जैसे बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट) तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के महत्वपूर्ण बिंदुओं से विस्तार से अवगत कराया गया।आपातकालीन हेल्पलाइन एवं सहायता सेवाओं की दी जानकारीछात्राओं को किसी भी विषम परिस्थिति, शोषण अथवा असुरक्षा से निपटने हेतु आपातकालीन टोल-फ्री नंबर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा महिला हेल्पलाइन 181 के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। इसके साथ ही संकटग्रस्त महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही छत के नीचे विधिक, चिकित्सकीय व परामर्श सहायता उपलब्ध कराने वाले ’सखी वन स्टॉप सेंटर’ की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की है कि वे अपने परिवेश में बाल विवाह, बाल श्रम अथवा बच्चों से संबंधित किसी भी शोषण की घटना दिखने पर तत्काल हेल्पलाइन पर सूचना देकर जिम्मेदार नागरिक का दायित्व निभाएं।कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई से संस्थागत संरक्षण अधिकारी श्री देवेन्द्र देशमुख, सामाजिक कार्यकर्ता श्री अनिल सिन्हा, जिला परियोजना समन्वयक श्री वेद प्रकाश साहू, चाइल्ड लाइन केस वर्कर श्री कैलाश निषाद, जिला मिशन समन्वयक (मिशन शक्ति) व जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती दिनेश्वरी सिन्हा, जेंडर विशेषज्ञ श्री राकेश सिन्हा, सहित शिक्षकगण तथा छात्राएं उपस्थित रहीं।
- 0- 900 से अधिक श्रद्धालुओं को बाल अधिकार, बाल विवाह रोकथाम और महिला सुरक्षा के प्रति किया गया सजगबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गंगा मैया मंदिर प्रांगण झलमला में 13 से 16 अक्टूबर तक चार दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री गजानंद साहू के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं श्रद्धालुओं को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक व सजग बनाना रहा।बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण पर हुआ सघन प्रचार-प्रसारचार दिवसीय इस अभियान के दौरान मंदिर परिसर में पहुंचे 900 से अधिक श्रद्धालुओं व आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। विभागीय दल द्वारा बच्चों के बुनियादी अधिकारों, बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम, बाल श्रम उन्मूलन, पॉक्सो एक्ट तथा बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के दुव्र्यवहार से बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिलाओं व बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जनमानस को अवगत कराया गया।चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 के प्रभावी उपयोग की दी सीखअभियान के दौरान ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत बच्चों की देखरेख व संरक्षण तंत्र की जानकारी देते हुए आपातकालीन चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिलाओं की सहायता हेतु संचालित महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में बताया गया। श्रद्धालुओं को प्रेरित किया गया कि यदि समाज में कहीं भी बाल विवाह, बाल शोषण या महिलाओं के प्रति असुरक्षा की स्थिति दिखे, तो तत्काल इन हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देकर अपनी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।पोस्टर एवं पाम्पलेट्स के माध्यम से दिया गया जागरूकता का संदेशमंदिर प्रांगण में जागरूकता बैनर व पोस्टरों के माध्यम से सुरक्षित वातावरण निर्माण और बच्चों के सर्वांगीण विकास का संदेश प्रसारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में महिलाओं और बेटियों को समान अवसर एवं सुरक्षित परिवेश प्रदान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।इस चार दिवसीय अभियान के सफल क्रियान्वयन में महिला एवं बाल विकास विभाग के आउटरीच वर्कर श्रीमती गुणवती सिरसाम, श्रीमती बसंती कतलाम एवं श्री अखिलेश कुमार की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने निरंतर उपस्थित रहकर श्रद्धालुओं के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया।
- 0- 18 वर्ष पूर्ण कर चुके कॉलेज छात्र-छात्राओं से भरवाए गए फॉर्म-6बालोद. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में लोकतंत्र को मजबूत बनाने एवं युवा शक्ति को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से आज शासकीय नेमीचंद जैन महाविद्यालय दल्लीराजहरा एवं शासकीय महाविद्यालय मंगचुवा में विशेष मतदाता पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया गया।महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भरा फॉर्म-6आयोजित शिविर के विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु निर्धारित फॉर्म-6 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। शिविर स्थल पर ही पात्र छात्र-छात्राओं से भौतिक रूप से फॉर्म-6 संकलित किए गए।युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्रशिविर में उपस्थित प्राध्यापकों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा मतदाता लोकतंत्र की रीढ़ हैं। 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना और मतदान करना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का पहला लोकतांत्रिक कर्तव्य है। युवाओं को अपने मताधिकार का महत्व समझना चाहिए ताकि वे देश और समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।
- 0- विधानसभा क्षेत्र डौंडीलोहारा के सुपरवाइजरों की समीक्षा बैठक में फॉर्म-6 के कार्यों की हुई समीक्षाबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची को अद्यतन करने तथा पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल ड्राइव) के तहत कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 60 डौंडीलोहारा के अंतर्गत अनुभाग डौंडीलोहारा के समस्त सुपरवाइजरों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), डौंडीलोहारा ने विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मतदाता सूची में पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की प्रगति की जानकारी ली तथा कार्य में तेजी लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी करें तथा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए जागरूक करें। साथ ही, फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार शांति समिति की बैठक आयोजित0- मूर्ति विसर्जन से लेकर यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं तक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोरबालोद. आगामी नवरात्रि एवं दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पर्व के दौरान शांति, सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रकांत गवर्ना, अपर कलेक्टर श्री हरिवंश सिंह मिरी, अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री नूतन कंवर, सीएसपी श्री विकास पाटले, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) श्री विनय कुमार, तहसीलदार सुश्री संध्या नामदेव, थाना प्रभारी श्री शिशुपाल सिन्हा, एसआई यातायात श्रीमती राधा बोरकर एवं अन्य विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा दुर्गा पूजा एवं दशहरा उत्सव समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष जोरबैठक में सभी पूजा पंडालों और धार्मिक स्थलों पर भक्तिमय वातावरण बनाए रखने तथा नशाखोरी और अव्यवस्था पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। मूर्ति विसर्जन एवं जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न होने देने पर विशेष जोर दिया गया। उत्सव समितियों को विसर्जन के दौरान स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।विद्युत विभाग को सदर रोड सहित प्रमुख मार्गों पर लटकते बिजली के तारों को व्यवस्थित करने तथा आवश्यकतानुसार ऊंचा करने के निर्देश दिए गए, ताकि जुलूस और विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। वहीं, नगर पालिका को विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और बड़ी मूर्तियों के विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चैबंदमूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगर सेना को आवश्यकतानुसार सुरक्षा बल और कुशल तैराकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। रावण दहन एवं विसर्जन कार्यक्रमों के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस और चिकित्सा दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए लाउडस्पीकर और डीजे का उपयोग शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए।शांति और सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपीलबैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी उत्सव समितियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से आपसी सहयोग, शांति एवं सौहार्द के साथ नवरात्रि और दशहरा पर्व मनाने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान आमजन की सुरक्षा, सुविधा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे, ताकि जिले में त्योहार सौहार्द्रपूर्वक, शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सकें।--
- 0- सेवा संकल्प अभियान से तीन दिव्यांग जनों के जीवन में लौटी खुशियां, छात्र मयंक अब फिर जा सकेगा स्कूल, निर्मला साहू को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा0- कृत्रिम पैरों ने लौटाया आत्मविश्वास, स्वाभिमान और अपनों के सपनों को पूरा करने का हौसलाबालोद. कभी बैसाखी के सहारे जिंदगी गुजारने की मजबूरी, कभी पढ़ाई छूट जाने का दर्द, तो कभी दूसरों पर निर्भर रहने की बेबसी। इन मुश्किलों के बीच जब उम्मीद का सहारा मिला, तो आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। किसी ने 30 साल बाद अपने पैरों पर चलने का सुख महसूस किया, तो किसी के चेहरे पर फिर से स्कूल जाने और अपने सपनों को पूरा करने की मुस्कान लौट आई। यह बदलाव केवल कृत्रिम पैर मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है।केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में मानवीय संवेदना की ऐसी ही प्रेरक मिसाल सामने आई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा जरूरतमंद दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की संवेदनशील पहल की जा रही है, ताकि वे अपनी शारीरिक कठिनाइयों को पीछे छोड़कर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।इसी कड़ी में आज संयुक्त जिला कार्यालय में जिले के तीन दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर प्रदान किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन तथा वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख और श्री अभिषेक शुक्ला ने दिव्यांगजनों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने उनके अनुभवों को जाना और कृत्रिम पैर मिलने के बाद जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी ली। अतिथियों ने सभी को शॉल भेंटकर उनके सुखद, स्वस्थ और आत्मनिर्भर भविष्य की कामना की।30 साल बाद जागेश्वर ने अपने पैरों पर बढ़ाए कदम, चेहरे पर लौटी खुशीडौण्डी विकासखंड के ग्राम धुर्वाटोला निवासी श्री जागेश्वर के जीवन में पिछले 30 वर्षों से एक ऐसी मजबूरी थी, जिसने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को कठिन बना दिया था। लगभग तीन दशक पहले जहरीले सांप के काटने के कारण पैर में संक्रमण फैल गया और चिकित्सकों को उनका एक पैर काटना पड़ा। इसके बाद से बैसाखी ही उनके जीवन का सहारा बन गई थी।बिना किसी सहारे के चलना उनके लिए एक सपना बनकर रह गया था। लेकिन सेवा संकल्प अभियान के तहत कृत्रिम पैर मिलने से उनके जीवन में नई उम्मीद जाग उठी। कृत्रिम पैर लगाने के बाद चलने का अभ्यास करते हुए जब उन्होंने अपने कदम आगे बढ़ाए, तो वर्षों की बेबसी के बीच आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई देने लगी।जागेश्वर के लिए यह केवल कृत्रिम पैर नहीं, बल्कि 30 वर्षों से अधूरे रह गए आत्मविश्वास को फिर से पाने का अवसर है। अब उन्हें उम्मीद है कि वे पहले से अधिक सहजता के साथ अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे और दूसरों पर निर्भरता भी कम होगी।हादसे ने छीना पैर, लेकिन अब नहीं छीन पाएगा मयंक के सपनेग्राम पलारी निवासी कक्षा नवमीं के छात्र मयंक साहू के लिए सड़क दुर्घटना ने जिंदगी की राह मुश्किल कर दी थी। कुछ माह पहले हुए गंभीर हादसे में उसका एक पैर कट गया। इस घटना ने न केवल उसकी शारीरिक क्षमता को प्रभावित किया, बल्कि पढ़ाई और स्कूल जाने की राह में भी बाधा खड़ी कर दी।स्कूल जाने और दोस्तों के साथ पढ़ने-लिखने की उम्र में मयंक को घर पर रहने की मजबूरी का सामना करना पड़ा। पढ़ाई छूटने की चिंता भी उसे लगातार परेशान करती थी। लेकिन अब कृत्रिम पैर मिलने से उसके मन में नई उम्मीद जगी है।मयंक के चेहरे पर लौटी मुस्कान उसके मजबूत हौसले की कहानी बयां करती है। उसे विश्वास है कि अब वह फिर से स्कूल जा सकेगा, अपनी पढ़ाई पूरी करेगा और माता-पिता के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। कृत्रिम पैर ने उसके लिए केवल चलने का रास्ता ही नहीं खोला, बल्कि शिक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगाई है।ग्राम पिनकापार निवासी श्रीमती निर्मला साहू भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनकी जिंदगी गंभीर बीमारी के कारण बदल गई थी। पैरों में गंभीर बीमारी और संक्रमण बढ़ने के कारण उनका एक पैर काटना पड़ा। इसके बाद चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कृत्रिम पैर मिलने और चलने का अभ्यास करने के बाद अब उनके जीवन में भी नई उम्मीद जगी है। वे अपने दैनिक घरेलू कार्यों को अधिक आसानी से करने और आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।निर्मला साहू के लिए यह पहल उस आत्मविश्वास की वापसी है, जो बीमारी और शारीरिक परेशानी के बीच कहीं खो गया थी। अब वे नए उत्साह के साथ अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।शासन की पहल से दिव्यांगजनों को मिला आत्मसम्मान के साथ जीने का संबलसेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कृत्रिम पैर प्राप्त करने वाले तीनों दिव्यांगजनों ने केंद्र एवं राज्य शासन की इस संवेदनशील पहल के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके लिए कृत्रिम पैर केवल एक शारीरिक सहारा नहीं, बल्कि अपने काम स्वयं करने, परिवार का संबल बनने और समाज में सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।सेवा संकल्प अभियान की यह पहल बताती है कि संवेदनशील शासन की पहचान केवल योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि उन योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने से होती है। जब किसी जरूरतमंद को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है, तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार में उम्मीद और खुशियों का संचार होता है।जागेश्वर के लिए 30 साल बाद अपने पैरों पर चलने की उम्मीद, मयंक के लिए दोबारा स्कूल जाने का सपना और निर्मला साहू के लिए अपने दैनिक कार्य स्वयं करने का विश्वास इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिला सहयोग किसी की जिंदगी की दिशा बदल सकता है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दिव्यांगजनों ने कहा कि शासन की इस पहल ने उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उनके लिए यह सहायता केवल कृत्रिम अंग नहीं, बल्कि नई उम्मीद, नया हौसला और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अवसर है।
- 0- यह परियोजना नवीन स्थल पर स्थानांतरित की गई है0- लगभग 80 से 90 प्रतिशत कूड़े का पुनःउपयोग किया जाता है0- शेष बचा कूड़ा जो प्रसंस्करण योग्य नहीं है उसका संग्रहण सेनेटरी लैंडफिल में वैज्ञानिक पद्धति से किया जाता हैरायपुर. रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 750 टन ठोस अपशिष्ट (Municipal Solid Waste) उत्पन्न होता है। उक्त अपशिष्ट का प्रसंस्करण नगर निगम द्वारा संचालित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र में वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है, सयंत्र में पप्रतिदिन 20 टन कम्पोस्ट तैयार किया जा रहा है जिसे फर्टिलाइजर कंपनी द्वारा क्रय किया जाता है तथा 200 टन आरडीएफ उत्पन्न हो रहा है जिसे सीमेंट प्लांट में ईधन के रूप में उपयोग हेतु भेजा जाता है। इस प्रकार लगभग 80 से 90 प्रतिशत कूड़े का पुनः उपयोग किया जाता है तथा शेष बचा कूड़ा जो प्रसंस्करण योग्य नहीं है उसका संग्रहण सेनेटरी लैंडफिल में वैज्ञानिक पद्धति से किया जाता है।शहर से निकलने वाले गीले कचरे के उपयोग हेतु नगर निगम रायपुर, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) एवं भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित किया जा चुका है। जिसके अनुसार BPCL द्वारा CBG प्लांट का निर्माण तथा संचालन संधारण किया जावेगा इस हेतु पूर्व में ग्राम रावाभांटा में भूमि चिन्हांकित की गई थी, कालांतर नवा रायपुर अटल नगर में ग्राम कुर्रु मे भूमि आवंटन किया गया है। यह परियोजना निरस्त नहीं हुई है, बल्कि नवीन स्थल पर स्थानांतरित की गई है।वर्तमान में नवा रायपुर अटल नगर में ग्राम कुर्रु मे स्थल पर बॉउंड्री वाल का कार्य प्रगतिरत है तथा मुख्य सयंत्र के संचालन संधारण हेतु एजेंसी का चयन कर कार्य आदेश जारी कर दिया गया है, सयंत्र के ड्राइंग एवं डिजाइन का कार्य प्रगति पर है उक्त सयंत्र में रायपुर, नया रायपुर एवं आस पास के ग्रामीण क्षेत्रो से उत्पन्न होने वाले 100 से 150 टन जैविक कूड़ा जिसमे गीला कचरा, गोबर और कृषि अपशिष्ट शामिल है जिसका उपयोग कर कम्प्रेस्ड बायो गैस का निर्माण किया जावेगा साथ ही साथ प्रक्रिया पूर्ण होने पर LFM प्राप्त होगा जिसे खेतो में खाद के रूप में उपयोग किया जावेगा ।
- 0- रायपुर नगर निगम जोन क्रमांक 5 क्षेत्र अंतर्गत डंगनिया में महिला स्वसहायता समूहों की पहल0- महिलाओं ने दीपावली में उपयोग के लिए गोबर से तैयार किए दीये0- नागरिकों के लिए 2 रुपए प्रति नग की दर पर विकय हेतु उपलब्धरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 5 अंतर्गत गोबर खरीदी केन्द्र डंगनिया में महिला स्वसहायता समूहो की महिलाओं ने दीपावली पर्व में उपयोग हेतु गोबर से निर्मित दीये बड़ी संख्या में तैयार किये है, जो गोबर खरीदी केन्द्र डंगनिया में 2 रूपए प्रति नग की दर पर नागरिको हेतु विक्रय के लिये उपलब्ध है। कोई भी नागरिक दीपावली में अपने घर, दुकान को रौशन करने नगर निगम के गोबर खरीदी केन्द्र डंगनिया में गोबर से निर्मित दीयो को निर्धारित दर पर विक्रय करने हेतु संपर्क कर सकता है।
- 0- कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने ली शांति समिति की बैठक0- दुर्गा विसर्जन रूट तय करने आयोजन समितियों के साथ 17 अक्टूबर को शाम 4 बजे रिवर व्यू में होगी बैठकबिलासपुर. नवरात्रि, दशहरा एवं दुर्गा विसर्जन के दौरान शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने जिला कार्यालय में शांति समिति की बैठक ली। उन्होंने बिलासपुर की सौहार्दपूर्ण परंपरा के अनुरूप आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि त्योहारों का आयोजन शहर की गरिमा और सुंदर परंपराओं के अनुरूप किया जाएगा।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि पर्वों की खुशियों के साथ आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। रावण दहन के लिए सुरक्षित स्थल का चयन किया जाए। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करें कि पुतले के ऊपर अथवा आसपास बिजली के तार न हों। आयोजन स्थल पर भीड़ के सुरक्षित आवागमन और अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए। दुर्गा विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई। शहर के संकरे मार्गों और नागरिकों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए विसर्जन रूट को अंतिम स्वरूप देने के लिए 17 अक्टूबर को शाम 4 बजे रिवर व्यू में आयोजन समितियों के साथ पुलिस और प्रशासन की बैठक होगी। इसमें विसर्जन मार्ग एवं आवश्यक व्यवस्थाओं पर समन्वय किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं के साथ आम राहगीरों को भी असुविधा न हो।एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि सभी आयोजन समितियों को डीजे एवं साउंड सिस्टम के संबंध में लागू नियमों और निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आयोजन समितियों और नागरिकों से व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बैठक में दीपावली से पहले पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों को दुकानों में सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और अग्नि सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर और एसएसपी ने कहा कि शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में शांति समिति के सदस्यों और आयोजन समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी के सहयोग से त्योहारों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और उल्लासपूर्ण बनाया जा सकता है। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल सहित शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।--
- 0- विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी, अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी कोबिलासपुर. भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी किया है। इसके अनुसार एकीकृत मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 12 नवंबर 2026 को किया जाएगा। मतदाता सूची के संबंध में दावा-आपत्ति 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दर्ज कराई जा सकेंगी। जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा 15 अक्टूबर को की गई है। मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण एवं पुनर्गठन की तिथि 2 नवंबर निर्धारित है। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा।निर्धारित अवधि में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा।
- 0-अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में होगी परीक्षा, 551 पात्र अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारीबिलासपुर. बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट बिलासपुर, चकरभाठा के लिए विज्ञापित सहायक ग्रेड-3 के संविदा पद की कौशल परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 को अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में आयोजित की जाएगी।कौशल परीक्षा के लिए पात्र 551 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र उनके पते पर भेज दिए गए हैं। प्रवेश पत्र जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी अपलोड किए गए हैं। अभ्यर्थी वेबसाइट से प्रवेश पत्र प्राप्त कर उसमें दिए गए निर्देशों के अनुसार निर्धारित तिथि एवं स्थल पर कौशल परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
- बिलासपुर. कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार एंव उप संचालक महोदय के मार्गदर्शन में खनिज अमला बिलासपुर द्वारा दिनांक 12/10/2026 से 15/10/2026 को रतनपुर,कोटा,खोलिपारा,तुरकाडीह, सेंदरी,कोनी,कच्छार, लमेर, निरतु, सकरी, लालखदान, मस्तूरी, लावर का औचक निरिक्षण किया गया। निरिक्षण के दौरान ग्राम खोलिपारा अंतर्गत खनिज रेत का अवैध उतखनन परिवहन 02 ट्रैक्टर, ग्राम लमेर से खनिज रेत का अवैध उतखनन परिवहन करते 01 ट्रैक्टर, लालखदान क्षेत्र से खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते 02 हाइवा, ग्राम सैदा के पास खनिज चुना पत्थर डस्ट का अवैध परिवहन करते 01 हाइवा , लावर क्षेत्र से खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते 03 हाइवा व खनिज रेत का परिवहन करते 01 हाइवा वाहन पाया गया।अवैध परिवहन करते पाए गए कुल 10 वाहनों को खनिज नियमों के तहत जप्त कर पुलिस थाना कोनी, कोटा व खनिज जाँच चौकी लावर की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिजो के अवैध उतखनन/परिवहन / भण्डारण पर पुलिस विभाग /राजस्व विभाग / खनिज विभाग द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है।
- 0- 12 पुल और 6 सड़कों के काम जल्द होंगे शुरू, चयनित एजेंसियों को शीघ्र कार्यादेश जारी करने के निर्देश0- बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच होगी आसान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय0- दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मजबूत अधोसंरचना की महत्वपूर्ण भूमिका0- नई सड़कों और पुलों से विभिन्न क्षेत्रों के बीच बारहमासी संपर्क होगा मजबूत : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव0- रायपुर के फुण्डहर चौक पर 29.80 करोड़ रुपए से बनेगा ओव्हरपास, रायपुरा चौक फ्लाईओवर की सर्विस रोड का भी होगा चौड़ीकरण0- इन्द्रावती और हान्दावाड़ा नदी सहित विभिन्न नदी-नालों पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुलबिलासपुर. छत्तीसगढ़ में मजबूत और सुगम सड़क नेटवर्क के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़कों और पुलों के 18 महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों के लिए कुल 243 करोड़ 81 लाख 11 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी प्रदान की है। इनमें 12 पुल और 6 सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्य शामिल हैं। निविदाओं की स्वीकृति के बाद अब चयनित निर्माण एजेंसियों को शीघ्र कार्यादेश जारी कर इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाई देने के साथ प्रदेश के हर क्षेत्र को प्रगति की मुख्यधारा से जोड़ना है। सड़कें और पुल केवल आवागमन के साधन नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि और सामाजिक बदलाव के मजबूत आधार हैं। लगभग 244 करोड़ रुपए के इन कार्यों के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खुलेंगे। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ ही लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच अधिक आसान होगी। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में मजबूत कनेक्टिविटी विकास की गति को और तेज करेगी।बरसात की समाप्ति के बाद शुरू हुए वर्किंग सीजन का अधिकतम उपयोग करते हुए लोक निर्माण विभाग नए निर्माण कार्यों की निविदाओं को तेजी से स्वीकृति दे रहा है। पिछले महीने ही सड़कों और पुलों के 24 कार्यों के लिए 672 करोड़ रुपए से अधिक की निविदाओं को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद अब करीब 244 करोड़ रुपए के 18 नए कार्यों की निविदाओं को स्वीकृति मिलने से प्रदेश में सड़क और पुल अधोसंरचना के विस्तार को और गति मिलेगी।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इन 18 महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी देने के बाद अब इन्हें शीघ्र शुरू कर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने पर विशेष जोर रहेगा। उन्होंने संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को चयनित निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों को तत्परता से कार्यादेश जारी कर काम शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।श्री साव ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नदी-नालों पर नए उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण से स्थानीय लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और विभिन्न क्षेत्रों के बीच बारहमासी संपर्क मजबूत होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की सड़कें मजबूत हों, पुल सुरक्षित हों और नागरिकों का सफर सुगम एवं सुविधाजनक बने।निविदा समिति ने 243.81 करोड़ रुपए के कार्यों को दी मंजूरीलोक निर्माण विभाग की निविदा समिति की 12 अक्टूबर को आयोजित बैठक में इन 18 कार्यों की निविदाओं को मंजूरी प्रदान की गई। विभाग ने सभी संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत कार्यों को किसी अन्य एजेंसी को सबलेट नहीं किया जा सकेगा और कार्य संपादन के लिए पॉवर ऑफ अटॉर्नी मान्य नहीं होगी। कार्यपालन अभियंताओं को अनुबंधित समयावधि में कार्य पूर्ण कराने तथा प्रशासकीय स्वीकृति एवं उपलब्ध आबंटन की सीमा में अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य संपादित कराने के निर्देश दिए गए हैं।जांजगीर-चांपा और सूरजपुर में सड़कों का होगा सुदृढ़ीकरणस्वीकृत सड़क कार्यों में जांजगीर-चांपा जिले के देवरी-तनौद-भुईगांव-शुक्लाभाठा-ससहा मार्ग के 17.40 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण शामिल है। इसके लिए 31 करोड़ 7 लाख 83 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। सूरजपुर जिले में रिंग रोड के 16.85 किलोमीटर हिस्से के सुदृढ़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 16 करोड़ 8 लाख 59 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी मिली है।रायपुर जिले में समोदा-बनरसी-तुलसी मार्ग के 8.20 किलोमीटर हिस्से में पुल-पुलियों सहित चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 40 लाख 32 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। बेमेतरा जिले में 9.20 किलोमीटर लंबे बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग के पुल-पुलियों सहित निर्माण के लिए 10 करोड़ 77 लाख 97 हजार रुपए तथा मुख्य जिला मार्ग मदराली-कटई-बेलटुकरी में पुल-पुलियों सहित 10.80 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 11 करोड़ 38 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।रायपुर में फुण्डहर चौक पर बनेगा ओव्हरपास, रायपुरा में सर्विस रोड होगी चौड़ीराजधानी रायपुर में यातायात को अधिक सुगम बनाने के लिए भी दो महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई है। वीआईपी रोड के फुण्डहर चौक पर ओव्हरपास निर्माण के लिए 29 करोड़ 80 लाख 12 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है। वहीं रिंग रोड नंबर-1 (एनएच-30) पर रायपुरा चौक फ्लाईओवर के दोनों ओर 3.66 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड के चौड़ीकरण के लिए 14 करोड़ 96 लाख 96 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है। इन कार्यों से राजधानी के महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।इन्द्रावती नदी पर 36.06 करोड़ रुपए से बनेगा उच्च स्तरीय पुलबस्तर अंचल में संपर्क सुविधाओं के विस्तार के लिए भी कई महत्वपूर्ण पुलों की निविदाओं को स्वीकृति मिली है। बीजापुर जिले में कुटरू से गुटमांगी मार्ग पर इन्द्रावती नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 36 करोड़ 5 लाख 75 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।बस्तर जिले में चंदेला-धर्माबेड़ा से अमलीधारा मार्ग पर भंवरडीह नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 12 करोड़ 74 लाख 95 हजार रुपए तथा बारसूर-लोहंडीगुड़ा-जगदलपुर मार्ग पर मांढेर नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 10 करोड़ 98 लाख 39 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से स्वीकृत छिन्दनार-कौरगांव मार्ग पर हान्दावाड़ा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 5 करोड़ 73 लाख एक हजार रुपए की निविदा को भी मंजूरी दी गई है। इन पुलों के निर्माण से वनांचल के अनेक गांवों की बारहमासी कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों का आवागमन अधिक सुगम होगा।राजनांदगांव, कोंडागांव, केसीजी और कांकेर में भी बनेंगे नए पुलराजनांदगांव जिले में महाराजपुर से बरटोला मार्ग पर सूखा नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है। कोंडागांव जिले में माकड़ी-हीरापुर मार्ग पर कलीबेड़ा नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 7 करोड़ 35 लाख 45 हजार रुपए तथा परेदा-कोंगुड मार्ग पर परौदा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 8 करोड़ 84 लाख 65 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के खैरागढ़-अकरजन मार्ग पर मोती नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 77 लाख 12 हजार रुपए की निविदा मंजूर हुई है। कांकेर जिले में राजनांदगांव-बैलाडीला मार्ग पर निब्रा (मेढकी) नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 5 करोड़ 96 लाख 55 हजार रुपए तथा भानुप्रतापपुर-पखांजूर मार्ग पर पासंगी नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 5 करोड़ 50 लाख 30 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है।सरगुजा जिले में दाहीडांड से सोनवरसा मार्ग पर मछली नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 93 लाख 17 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क और पुल जैसी बुनियादी अधोसंरचनाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में भी मजबूत कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है। नई सड़कें और पुल बनने से लोगों का सफर आसान होने के साथ कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने, बच्चों को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने, मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने और युवाओं के लिए रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर भी बढ़ेंगे।


























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