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- -कृषि अवशेष, गोबर और जैविक अपशिष्ट से तैयार होगी हरित ऊर्जा, किसानों की आय बढ़ाने और निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदमरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति 2026 को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, हरित औद्योगिकीकरण, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।छत्तीसगढ़ में कृषि एवं फसल अवशेष, पैडी स्ट्रॉ, पशु गोबर, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस अपशिष्ट, प्रेसमड, गन्ना अवशेष तथा नेपियर जैसी ऊर्जा फसलों से प्रतिवर्ष लगभग 1.65 लाख मेट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन की संभावना है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रतिवर्ष लगभग 2.16 लाख टन पेट्रोल एवं डीजल के समतुल्य ईंधन की आपूर्ति सीबीजी के माध्यम से की जा सकेगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसानों, गौपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह नीति नए अवसर लेकर आएगी। कृषि अवशेषों एवं जैविक अपशिष्टों के बेहतर उपयोग से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।सीबीजी संयंत्रों से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, भूमि की उर्वरता संरक्षित रहेगी और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा।यह नीति राज्य को हरित विकास और जलवायु अनुकूल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीबीजी के उपयोग से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा छत्तीसगढ़ नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में प्रभावी योगदान दे सकेगा।भारत सरकार द्वारा सतत एवं किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए संचालित SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) पहल के अनुरूप यह नीति तैयार की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों में छत्तीसगढ़ की यह पहल महत्वपूर्ण योगदान देगी।राज्य में विकसित हो रहे सिटी गैस वितरण नेटवर्क तथा गैस अधोसंरचना का लाभ भी इस नीति को मिलेगा। इससे सीबीजी उत्पादन, वितरण और उपयोग की मजबूत पारिस्थितिकी विकसित होगी तथा निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) द्वारा वर्ष 2024 से सीबीजी क्षेत्र में सक्रिय पहल की जा रही है। वर्तमान में रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा सहित आठ स्थानों पर बीपीसीएल एवं गेल इंडिया लिमिटेड के निवेश से सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं के लिए भूमि आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।राज्य में निजी क्षेत्र से भी सीबीजी उद्योग के प्रति उल्लेखनीय रुचि दिखाई गई है तथा लगभग 3,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नई नीति लागू होने के बाद इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा।मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस नीति के छह प्रमुख आधार स्तंभ हैं - आधारभूत अधोसंरचना सहायता, फीडस्टॉक आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, संयंत्र स्थापना एवं संचालन सहायता, जैव उर्वरक प्रबंधन एवं सहायक अधोसंरचना विकास, सीबीजी मांग सृजन एवं परिवहन क्षेत्र में एकीकरण तथा निवेश प्रोत्साहन एवं उद्योग विकास। नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) को राज्य की नोडल एजेंसी नामित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह नीति छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हरित उद्योग, जैविक कृषि और सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
- -माड़वी मुये की दोनों आँखों का हुआ ऑपरेशन, मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद-'मिशन दृष्टि' से 42 ग्रामीणों का मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन, मिला नई जिंदगी का उपहाररायपुर /कभी विकास की मुख्यधारा से कटे और नक्सल प्रभावित रहे सुकमा जिले के सुदूर अंचलों में शासन के सुशासन और संवेदनशीलता की एक नई सुबह हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गम जगरगुंडा तहसील के दूरस्थ अंदरूनी गाँवों के 42 मोतियाबिंद मरीजों का सफल और निःशुल्क ऑपरेशन कर उनके जीवन से अंधेरे को हमेशा के लिए मिटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने खुद कड़े रास्तों को पार कर घर-घर सर्वे किया, मरीजों की पहचान की और उन्हें पूरे सम्मान के साथ विशेष वाहनों से जिला चिकित्सालय पहुँचाया, जहाँ सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप और नेत्र सर्जन डॉ. खुशबू देवांगन की देखरेख में मिशन 'दृष्टि योजना' के तहत यह जीवन बदलने वाली सर्जरी पूरी हुई।इस मुहिम की सबसे खूबसूरत और भावुक कर देने वाली तस्वीर दूरस्थ पहुँचविहीन गाँव गेड़ापार के निवासी माड़वी मुये के रूप में सामने आई। पिछले तीन महीनों से आँखों की धुंधली होती रोशनी के कारण लाचारी का जीवन जी रहे माड़वी के दोनों आँखों का जिला अस्पताल में सफल ऑपरेशन हुआ, जिससे उनकी दुनिया एक बार फिर से रोशन हो उठी है। अपनी आँखों में नई चमक और चेहरे पर मुस्कान लिए माड़वी मुये ने भावुक होकर कहा, "मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन की वजह से मुझे नया जीवन मिला है, मैं सदा उनका आभारी रहूँगा।" अस्पताल से छुट्टी के वक्त मरीजों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें फल बांटे गए, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे और रविवार को उन्हें पूरे सम्मान के साथ सकुशल उनके घरों तक वापस छोड़ा गया।नक्सल गतिविधियों में आई भारी कमी के बाद, सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार सुकमा की बदलती और मुस्कुराती हुई तस्वीर को बयां करता है। अब गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए बड़े और महंगे शहरों की तरफ भटकना नहीं पड़ रहा है, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सीधे उनके दरवाजे तक पहुँच रही हैं। जिला प्रशासन के द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों को फल और अन्य सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। डिस्चार्ज हुए मरीजों और उनके परिजनों से प्रशासन ने अपील की है कि वे अपने आस-पड़ोस के अन्य जरूरतमंदों को भी इलाज के लिए प्रेरित करें, जिसके बाद प्रशासन की यह संवेदनशील पहल अब एक जन-जागरूकता आंदोलन का रूप ले चुकी है।
- -खाद्य विभाग ने दिखाई मुस्तैदी, 80 प्रतिशत मामलों का किया समाधान; कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ काम करने के कड़े निर्देशरायपुर। सीएम हेल्पलाइन 1076 यह सुनिश्चित करती है कि छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों की प्रत्येक शिकायत का त्वरित, पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ निराकरण किया जाए।आम जनता की समस्याओं के समयबद्ध समाधान और सुशासन को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए धमतरी जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की नियमित और कड़ाई से समीक्षा की जा रही है। वर्तमान स्थिति 23 जून के अनुसार, जिले में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 835 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से त्वरित कार्रवाई करते हुए 395 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण कर लिया गया है। शेष 440 शिकायतें वर्तमान में विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार धमतरी जिले में शासकीय योजनाओं से जुड़े प्रमुख विभागों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सर्वाधिक 183 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 65 का निपटारा किया जा चुका है।ऊर्जा विभाग में 141 शिकायतों में से 67 मामलों का समाधान किया गया है। इसी तरह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त 128 शिकायतों में से 63 का निराकरण कर लिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 50 शिकायतों में से 40 का त्वरित निराकरण कर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इसके साथ ही कृषि विकास, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा खनिज संसाधन विभाग द्वारा भी लंबित मामलों को सुलझाने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में 324 शिकायतें ऐसी हैं जिनका निराकरण पूरा हो चुका है और आवेदकों से अंतिम फीडबैक लेना शेष है, जबकि 71 शिकायतों को पूर्ण रूप से क्लोज (निराकृत) कर दिया गया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर धमतरी श्री अबिनाश मिश्रा ने सभी जिला विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम है। सभी अधिकारी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता सूची में रखें और शिकायतकर्ताओं से सतत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।जिला प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि आमजन की हर समस्या का समाधान पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर किया जाए। प्रशासन की इस सक्रियता से न केवल नागरिकों को बेहतर और त्वरित प्रशासनिक सेवाएं मिल रही हैं, बल्कि राज्य सरकार की 'सुशासन' की अवधारणा को भी जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।
- -2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा-नवा रायपुर में 2036 पौधों का रोपण: ओलंपिक मेजबानी के समर्थन में अनूठी पहल-अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया रुद्राक्ष का पौधारोपण-छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के ग्राम पलोद में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होकर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए खेल और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के दो महत्वपूर्ण आधार बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा प्रस्तुत किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प और आकांक्षा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में 2036 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है ताकि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजन ने दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल क्षेत्र में विशेष बजट प्रावधान कर रही है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा वन विभाग के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय, बीएसएफ के आईजी श्री संजय पंत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होगा। अभियान के तहत शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा प्रत्येक पात्र परिवारों को पहुंचाया जाएगा। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में प्रारंभ किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में इस संबंध में अधिकारियों से की जा रही व्यापक तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल है। जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा सभी पात्र परिवारों को दिया जाएगा। योजना के फायदें से कोई वंचित न रहें इसके लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ के तहत अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- -दांपत्य विवादों में सुधार के निर्देश, भरण-पोषण राशि निर्धारित, कृषि विभाग के प्रभारी एसएडीओ के निलंबन की अनुशंसारायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर एवं बलरामपुर जिलों से संबंधित 32 प्रकरणों की संयुक्त जनसुनवाई आयोजित की गई। यह आयोग की प्रदेश स्तर पर 402वीं तथा जिला स्तर पर 11वीं जनसुनवाई थी। सुनवाई के दौरान 15 मामलों का निराकरण करते हुए संबंधित विभागों एवं पक्षकारों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए । जनसुनवाई में एक दांपत्य विवाद के मामले में आयोग ने पति-पत्नी के संबंधों में सुधार लाने के उद्देश्य से अनावेदक चिकित्सक को नियमित रूप से सखी वन स्टॉप सेंटर में उपस्थित होने के निर्देश दिए। साथ ही पति को अपनी पत्नी को प्रतिमाह 20 हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने तथा पारिवारिक सामंजस्य बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा गया। इस प्रकरण की आगामी एक वर्ष तक सखी वन स्टॉप सेंटर, अंबिकापुर द्वारा नियमित निगरानी की जाएगी।पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े एक मामले में आयोग ने दोनों पक्षों को तहसील कार्यालय बतौली में खाता पृथक्करण हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी। वहीं पारिवारिक विवाद के एक अन्य प्रकरण में पक्षकारों को आपसी सहमति से समझौता करने अथवा न्यायालय की शरण लेने की सलाह देते हुए मामले का निराकरण किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों में वह हस्तक्षेप नहीं करेगा और संबंधित पक्ष विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वतंत्र हैं।लंबे समय से लापता एक महिला से संबंधित मामले में आयोग ने संरक्षण अधिकारी के माध्यम से बलरामपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं निजी शिक्षण संस्था से एक महिला कर्मचारी की एकतरफा सेवा समाप्ति की शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी, अंबिकापुर को जांच कर संबंधित महिला को एक वर्ष के वेतन के समतुल्य राहत दिलाने तथा दो माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।बीमा दावा लंबित रहने के एक मामले में आयोग ने संबंधित बैंक एवं बीमा कंपनी को एक माह के भीतर प्रकरण का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संरक्षण अधिकारी को इसकी निगरानी करने को कहा गया। सुनवाई के दौरान कृषि विभाग से जुड़े एक गंभीर मामले में महिला कर्मचारियों ने प्रभारी एसएडीओ श्री विनायक पाण्डेय पर कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार, अभद्र आचरण और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने उनके तत्काल निलंबन की अनुशंसा की है। साथ ही उपसंचालक कृषि, अंबिकापुर को विभागीय जांच कर दो वेतनवृद्धियां रोकने संबंधी कार्रवाई करने तथा दो माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।इस अवसर पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराना आयोग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का संवेदनशीलता, निष्पक्षता और तत्परता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
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- साय सरकार की पहल से श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा बेहतर भविष्य, सरकार उठाएगी पढ़ाई का पूरा खर्च
- निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और अध्ययन सामग्री की सुविधारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को राज्य के चयनित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाएगी। विशेष बात यह है कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस, छात्रावास, भोजन, गणवेश, लेखन सामग्री तथा अन्य आवश्यक खर्चों का पूरा वहन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया जाएगा। इससे श्रमिक परिवारों को बच्चों की शिक्षा के आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा।प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए, इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर और श्रमिक वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना भी इसी दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है, जिससे श्रमिकों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है।योजना का लाभ लेने के लिए पात्र एवं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को श्रम विभाग के पोर्टल www.shramevjayate.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया 22 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की सुविधा श्रम विभाग के पोर्टल, निकटतम श्रम कार्यालय, लोक सेवा केंद्र तथा श्रमेव जयते एप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिससे अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाएगी तथा शिक्षा के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगी। - -20 जून से नवीनीकरण और 1 अगस्त से नए आवेदन होंगे स्वीकार, जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि वितरण का लक्ष्यरायपुर । अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षा सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों पर लागू होगी।विभाग ने बताया है कि छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया 20 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि नवीन आवेदन 1 अगस्त 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। विभाग द्वारा आवेदन प्राप्त होने के बाद उनके परीक्षण, सत्यापन और स्वीकृति की समस्त कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी, ताकि छात्रवृत्ति राशि का वितरण एवं भुगतान जनवरी 2027 तक सुनिश्चित किया जा सके।छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये तय की गई है। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के समय सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र तथा पूर्व वर्ष की परीक्षा के अंकसूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रवृत्ति की राशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार सीडेड बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसके लिए आवेदन करते समय सक्रिय और आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।छात्रवृत्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) प्राप्त करना भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा नई संस्थाओं के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंच सके। राज्य शासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त कर अपनी उच्च शिक्षा को सुगमता से आगे बढ़ा सकें।
- रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास और जनविश्वास की विजय बताते हुए कहा है कि सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज उसके सकारात्मक परिणाम पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का वातावरण था, वहां आज विकास, सुशासन और नई संभावनाओं का युग प्रारंभ हो चुका है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य नागरिक निरंतर भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। लोगों को अपनी सुरक्षा, आजीविका और सम्मान की चिंता रहती थी। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना अत्यंत कठिन था। सड़क निर्माण से लेकर संचार सुविधाओं के विस्तार तक हर प्रयास का हिंसक विरोध किया जाता था। कई बार निर्माण सामग्री को जला दिया जाता था, ठेकेदारों को धमकाकर भगा दिया जाता था और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की जाती थी।प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। बैंकिंग सेवाओं, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों का विस्तार है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल बम, बंदूक और गोली के सहारे नहीं लड़ी गई। सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ जनसामान्य की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गरीबों को अधिकार दिलाने और लोकतंत्र के प्रति विश्वास मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आमजन का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया में बढ़ा है।प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवाओं की ऊर्जा खेल और प्रतिभा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि अब वहां के युवा हिंसा के रास्ते को नहीं, बल्कि अवसर, शिक्षा, खेल और विकास के मार्ग को अपना रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।
- -मुख्यमंत्री ने बलिदान दिवस पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित कीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, श्री राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- रायपुर ।प्रखर राष्ट्रवादी नेता एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आज लोक भवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और को सुदृढ़ करने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
- रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की अनुशंसा पर कलेक्टर श्री गोपाल वर्मां द्वारा कवर्धा विधानसभा के अलग-अलग ग्रामों में निर्माण कार्यां के लिए 01 करोड़ 64 लाख 69 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। निर्माण कार्य के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी कवर्धा, जनपद पंचायत कवर्धा, सहसपुर लोहारा, बोड़ला और विद्युत विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की अनुशंसा से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के पेयजल व्यवस्था एवं विद्युत पंप कार्य, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सारंगपुरकला, ग्राम सारंगपुरकला राशि 0.70 लाख रुपए, बोर (नलकूप) खनन कार्य, वार्ड क्रमांक 13, ग्राम बोटेसुर, ग्राम पंचायत भेण्ड्रा-राशि 0.60 लाख रुपए, सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, ग्राम पवनतरा राशि 2.00 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, ग्राम सुरजपुरा (जं.) राशि 5.00 लाख रुपए, मंच निर्माण कार्य, ग्राम सरईपतेरा, ग्राम पंचायत सोनझरी राशि 1.50 लाख रुपए, सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, शीतला मंदिर के पास, ग्राम एवं ग्राम पंचायत बामी राशि 1.00 लाख रुपए, विद्युत पोल विस्तार कार्य, ग्राम गंडईखुर्द राशि 3.00 लाख रुपए, विद्युत पोल विस्तार कार्य (11 के.व्ही. तार स्कूल मैदान से स्थानांतरित), ग्राम राम्हेपुरखुर्द राशि 2.70 लाख रुपए, सी.सी. रोड निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 05, गुरुदास के घर से ओमप्रकाश के घर तक, ग्राम बोड़ला राशि 3.00 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन मरम्मत कार्य, ग्राम खारा राशि 1.69 लाख रुपए रंगमंच निर्माण कार्य, ग्राम मिनमिनिया मैदान राशि 4.00 लाख रुपए, सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, सतनाम भवन के पास, ग्राम तिलई भाठ, ग्राम पंचायत रघ्घूपारा राशि 1.50 लाख रुपए, गौठान निर्माण कार्य, माँ बंजारी मंदिर के पास, ग्राम दुर्जनपुर राशि 2.00 लाख रुपए, मुरुम सड़क निर्माण कार्य, ग्राम खैरबनाखुर्द राशि 3.00 लाख रुपए, गौठान निर्माण कार्य, गौ अभ्यारण्य के पास, ग्राम सरेखा राशि 5.00 लाख रुपए, मंच निर्माण कार्य, ग्राम एवं ग्राम पंचायत मिनमिनिया मैदान राशि 4.00 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन मरम्मत कार्य, ग्राम एवं ग्राम पंचायत बैहरसरी राशि 1.00 लाख रुपए, सी.सी. रोड सह नाली निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 15, बांधाटोला रोड, नगर पंचायत सहसपुर लोहारा राशि 4.00 लाख रुपए। सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 14, कबीर कुटी के पास, शीतला मंदिर चौक, नगर पंचायत सहसपुर लोहारा राशि 6.50 लाख रुपये, रंगमंच निर्माण कार्य शाामिल है।इसी तरह वार्ड क्रमांक 03, नगर पालिका परिषद कवर्धा राशि 2.00 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, गुरु गोविंद सिंह वार्ड क्रमांक 26, गुरूनाला के पास, कवर्धा राशि 5.00 लाख रुपए, सी.सी. रोड निर्माण कार्य, नरेश बौद्ध के घर से आनंद कुर्रे के घर तक, वार्ड क्रमांक 17, साधना नगर, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 22, ठाकुरपारा, कवर्धा राशि 5.00 लाख रुपए, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, महामाया वार्ड क्रमांक 06, कवर्धा राशि 4.00 लाख रुपए, नाली निर्माण कार्य, राधाकृष्ण वार्ड क्रमांक 20, हैदर किराना स्टोर्स से अरुण जाधव के घर तक, कवर्धा, राशि 4.50 लाख रुपए, सी.सी. रोड निर्माण कार्य, कैलाश नगर वार्ड क्रमांक 03, मानसरोवर के पास, समीर भदर महाराज के घर से ओमकार चंद्रवंशी के घर तक, कवर्धा राशि 2.50 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, माँ काली वार्ड क्रमांक 24, दर्रीपारा, श्रीराम जिम के बाजू में, कवर्धा राशि 5.00 लाख रुपए, नाली निर्माण कार्य, मठपारा वार्ड क्रमांक 10, सियाराम यादव के घर से सकरी नदी तक, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, नाली निर्माण कार्य, मठपारा वार्ड क्रमांक 10, विरेन्द्र जायसवाल के घर से चंद्रवंशी के घर तक, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, मुक्तिधाम शेड निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 14, 15 एवं 16 हेतु, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, मंच निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।माँ विंध्यवासिनी वार्ड क्रमांक 27, रेवाबंद तालाब के पास, कवर्धा राशि 10.00 लाख रुपए, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 18, संत रविदास मंदिर भवन के पास, कवर्धा राशि 20.00 लाख रुपए, रंगमंच आहाता निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 22, ठाकुरपारा, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, चौक निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 26, घोटिया रोड, कवर्धा राशि 1.50 लाख रुपए, सामुदायिक भवन सह महिला प्रसाधन एवं चेंजिंग रूम निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 09, छिरपानी कॉलोनी मैदान, कवर्धा राशि 6.00 लाख रुपए, मुरुम सड़क निर्माण कार्य, अटल उद्यान से कलीम खान की निजी भूमि तक, मिनीमाता वार्ड क्रमांक 17, कवर्धा राशि 0.50 लाख रुपए, चौक निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 09-10, कवर्धा राशि 15.00 लाख रुपए, आहाता निर्माण कार्य, मिनीमाता वार्ड क्रमांक 17, कुम्भकार सामाजिक भवन के पास, कवर्धा राशि 4.50 लाख रुपए, कांक्रीटीकरण कार्य, जुठेल साहू के घर से प्रकाश कौशिक के घर तक, वार्ड क्रमांक 25, ठाकुर देव वार्ड, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, कक्ष निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 11 एवं 12, शिव मंदिर के समीप, ग्राम बरपेलाटोला राशि 2.00 लाख रुपए, शेड निर्माण कार्य, शासकीय प्राथमिक शाला सैगोना, ग्राम सैगोना, ग्राम पंचायत मजगांव राशि 1.00 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 01, ग्राम जिंदा राशि 1.50 लाख रुपए, सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, कबीर कुटी के पास, ग्राम मानपुर, ग्राम पंचायत सेमो राशि 1.50 लाख रुपए, मुरुम सड़क निर्माण कार्य, मेन रोड से मानक के खेत तक, ग्राम सोहागपुर, ग्राम पंचायत महराटोला राशि 3.00 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई, खनिज माफियाओं में हड़कंपरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सूरजपुर जिले में एक ही सप्ताह के भीतर अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त 8 वाहनों को जप्त कर बड़ी कार्रवाई की गई है।खनिज विभाग और जिला स्तरीय टास्कफोर्स द्वारा संयुक्त रूप से संचालित सघन जांच अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बिना वैध अभिवहन पास के खनिज परिवहन करते पाए गए वाहनों को पकड़ा गया। कार्रवाई के तहत रेत से भरे टीपर सहित ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों को जप्त कर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं।20 जून को प्रतापपुर तहसील के खडगवाँ क्षेत्र और बिश्रामपुर इलाके में जांच के दौरान तीन वाहनों को अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। इसके बाद 22 जून को खडगवाँ तथा रूनियाडीह क्षेत्र में पांच अन्य वाहनों पर कार्रवाई की गई। इस प्रकार कुल 8 वाहनों को जप्त कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।जब्त वाहनों को सूरजपुर, बिश्रामपुर और खडगवाँ थानों में सुरक्षार्थ रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। राज्य सरकार की यह मुहिम प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, राजस्व की सुरक्षा और खनिज संसाधनों के वैधानिक उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो रही है। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबार पर अंकुश लगने के साथ ही कानून व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
- 0- महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मांस- मटन विक्रय करने पर तत्काल जप्ती कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्रवाई की जाएगीरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में कबीर जयन्ती दिनांक 29 जून 2026 सोमवार को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से कबीर जयन्ती दिनांक 29 जून 2026 सोमवार को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।कबीर जयन्ती दिनांक 29 जून 2026 सोमवार को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस -मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों में मांस -मटन विक्रय की दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे।रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवस कबीर जयंती दिनांक 29 जून 2026 पर मांस-मटन विक्रय करने पर उसकी तत्काल जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति/संस्था के विरूद्ध यथोचित कार्रवाई की जाएगी।--
- 0- मजबूत घरों के साथ मजबूत होगा महिलाओं का आत्मविश्वासदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में ग्राम बठेना, जनपद पंचायत पाटन में एक प्रेरणादायक पहल की जा रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), दुर्ग द्वारा संचालित 30 दिवसीय रूरल मेसन (राजमिस्त्री) प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के द्वार खोल रहा है।ग्राम बठेना में आयोजित इस प्रशिक्षण में 35 महिलाएं भाग ले रही हैं। यह प्रशिक्षण केवल भवन निर्माण की तकनीक सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह भी दिखा रहा है। जो महिलाएं कभी निर्माण कार्य को पुरुषों का क्षेत्र मानती थीं, वे आज राजमिस्त्री बनने का प्रशिक्षण लेकर अपने सपनों को नई उड़ान दे रही हैं।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नींव निर्माण, दीवार निर्माण की वैज्ञानिक तकनीक, छत ढलाई, प्लास्टर, फ्लोरिंग, फिनिशिंग तथा निर्माण सामग्री के सही अनुपात और उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। आधुनिक निर्माण तकनीकों के साथ सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल बेहतर निर्माण कार्य सुनिश्चित होगा, बल्कि सामग्री की अनावश्यक बर्बादी को भी रोका जा सकेगा।इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर सुश्री अनिता चारभे प्रतिभागियों को तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं। प्रशिक्षणार्थियों को निःशुल्क ड्रेस, टूल किट एवं भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण एवं टिकाऊ आवास निर्माण सुनिश्चित करने में प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य भी कर रहे हैं। कौशल विकास के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। एक ओर जहां प्रशिक्षित महिला राजमिस्त्री प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घरों को अधिक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने में योगदान देंगी, वहीं दूसरी ओर उनके आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी में भी वृद्धि होगी। आज ये महिलाएं केवल राजमिस्त्री का प्रशिक्षण नहीं ले रहीं, बल्कि अपने भविष्य की मजबूत नींव भी रख रही हैं।
- दुर्ग. खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने और कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। इस संबंध में रुआबांधा, जिला-दुर्ग के बीज प्रबंधक श्री एस. के. बेहरा से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए धान की 29,500 क्विंटल की मांग के विरुद्ध वर्तमान में 29,235 क्विंटल बीज उपलब्ध है, और इसी सप्ताह के अंत तक लगभग 950 क्विंटल अतिरिक्त बीज प्राप्त होने से यह उपलब्धता लगभग 102 प्रतिशत संभावित है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के अनुरूप अब तक 27,418 क्विंटल धान का बीज किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है तथा शेष बीजों का भंडारण एवं प्रक्रिया केंद्र रुआबांधा से नगद वितरण कार्य सुचारू रूप से जारी है।इस बार समितियों में विशेष रूप से पिछले 10 वर्षों के भीतर प्रसारित धान की उन्नत किस्मों का भंडारण कराया जा रहा है, जिनमें 120-125 दिनों की अवधि वाली सूखा रोधी व कीट प्रतिरोधी किस्म ’विक्रम टी.सी.आर’ (उपज 60-70 क्विंटल/हेक्टेयर), 155-160 दिनों की लंबी अवधि वाली व बाजार में अच्छे दाम दिलाने वाली एमटीयू-1318 (उपज 40-45 क्विंटल/हेक्टेयर), और राज्य की प्रसिद्ध खुशबूदार व अर्ध-बौने पौधों वाली किस्म ’छ.ग. देवभोग’ (उपज 40-45 क्विंटल/हेक्टेयर) शामिल हैं। घटते भूजल स्तर को देखते हुए कम पानी की आवश्यकता वाली दो प्रमुख किस्मों एमटीयू-1156 (तरंगिनी) और एमटीयू-1153 (चंद्रा) के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जो 110 से 120 दिनों में पककर 60-70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज देती हैं, जिसमें चंद्रा किस्म में पानी में गिरने पर भी दो सप्ताह की सुसुप्तावस्था के कारण जल अंकुरण न होने का विशेष गुण है। उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई ने यह स्पष्ट किया है कि कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर या पूर्व से ही खरीफ में दलहन, तिलहन, रागी, मक्का, कोदो-कुटकी और कपास जैसी फसलें लेने वाले कृषकों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता राशि देने का प्रावधान है, जिसके तहत जिले में अरहर बीजों का वितरण व हरी खाद के अंतर्गतल 'सन' के बीजों के उत्पादन हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है और वर्तमान में बीज निगम में किसी भी बीज का कोई अभाव नहीं है।
- दुर्ग. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं कृषि विभाग के सहयोग से ग्राम पेंड्रावन, जनपद पंचायत धमधा की महिलाओं ने जैविक खेती को अपनाकर आत्मनिर्भरता और सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है। मातृछाया उत्पादक महिला समूह की सदस्याएं आज न केवल स्वयं प्राकृतिक खेती कर रही हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी जैविक कृषि के लिए प्रेरित कर रही हैं।समूह की महिलाओं ने बताया कि बिहान से जुड़ने से पहले वे धान, गेहूं, चना एवं सब्जियों की खेती में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करती थीं। बढ़ती लागत और घटते लाभ के कारण खेती लाभकारी नहीं रह गई थी। इसके साथ ही खेतों की मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हो रही थी। ऐसे समय में बिहान और कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान गोष्ठियों, कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं तकनीकी मार्गदर्शन ने उनकी खेती की दिशा बदल दी।प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद समूह की महिलाओं ने घनजीवामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र एवं अग्नियास्त्र जैसे जैविक उत्पादों का निर्माण प्रारंभ किया। इनका उपयोग अपने खेतों में करने से उत्पादन लागत में कमी आई तथा मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। महिलाओं ने जैविक खेती के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए गांव के अन्य किसानों को भी प्राकृतिक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया।मातृछाया उत्पादक महिला समूह द्वारा तैयार जैविक उत्पादों एवं खेती के मॉडल को विकासखंड और जिला स्तरीय प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जाता है, जहां उन्हें सराहना और पहचान मिल रही है। समूह की सदस्याएं नियमित रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर नई कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर रही हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि बिहान और कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें एक नई पहचान मिली है। आज वे आत्मविश्वास के साथ सफल महिला किसान के रूप में अपनी भूमिका निभा रही हैं और ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, बिहान मिशन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के संचालन में आधुनिक आंगनबाड़ी का शुभारंभ, 25 बच्चों ने लिया प्रवेश, ज्यादातर बीपीएल परिवारों केरायपुर। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चा जब स्कूल जाता है, तो उसे पढ़ाते समय जिस ए फार एप्पल की तस्वीर दिखाई जाती है, वह ब्लैक एंड वाइट होती है। वहीं प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा ए फार एप्पल को उसके वास्तविक रंग से पहचानना सीखता है। बच्चों के मन में बनने वाली इस दूरी को खत्म करने के लिए टाटीबंध स्थित हाइटेक प्ले स्कूल का शुभारंभ किया गया है। यह पूरी तरह से समाजसेवा है, इसलिए इसके संचालन का दायित्व महाराष्ट्र मंडल को सौंपा गया। उक्ताशय के विचार रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत ने टाटीबंध में हाईटेक आंगनबाड़ी (प्ले स्कूल) के शुभारंभ व प्रवेशोत्सव के दौरान कहीं।विधायक मूणत ने कहा कि कोई बच्चा अगर गरीब के घऱ या झुग्गी झोपड़ी में पैदा हुआ है, तो उसमें उसका कोई दोष नहीं है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उसे भी उस स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जो एक बड़े या संपन्न घर में पैदा होने वाले बच्चे को मिलती है, ताकि बड़े होने के साथ उसके मन में गरीब- अमीर जैसी भावना पैदा ही न हो। हाइटेक आंगनबाडी में गरीब परिवार के बच्चों को प्रवेश में पूरी प्राथमिकता दी जाएगी। यहां आकर पढ़ने और खेलकूद करने वाले 50 फीसदी से अधिक बच्चे बीपीएल परिवार के होंगे। उन्होंने वहां उपस्थित लोगों से कहा कि अगर आप में से कोई यहां नि:स्वार्थ सेवा देना चाहता है, तो महाराष्ट्र मंडल से संपर्क करें। उनका साक्षात्कार लिया जाएगा। फिर वह यहां अपनी निःशुल्क सेवा दे सकता है।अध्यक्षीय संबोधन में अजय मधुकर काले ने विधायक मूणत को धन्यवाद देते हुए कहा कि हाइटेक आंगनबाड़ी संचालन के लिए उन्होंने जो विश्वास महाराष्ट्र मंडल पर जताया है, हम उस पर खरा उतरकर दिखाएंगे। इससे पहले भी महाराष्ट्र मंडल ने लगभग 45 से 50 साल पहले जो प्रकल्प शुरू किए थे, वे आज भी पूरे समर्पण भाव से सक्रिय हैं। इसी तरह हम विधायक मूणत को भरोसा दिलाते हैं कि उनकी ओर से सौंपे गए हाइटेक आंगनवाड़ी केंद्र को भी हम गरीब परिवार की जरूरतों के हिसाब से ही संचालित करेंगे।शहीद भगत सिंग वार्ड-21 की पार्षद गायत्री सुनील चंद्राकर ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि प्रदेश का पहला हाइटेक आंगनबाड़ी महाराष्ट्र मंडल की ओर से जिम्मेदारी लेने का बाद शुरू हो रहा है। हम वार्डवासी इस आंगनबाड़ी को सुचारू से चलाने में अपना हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष गीता दलाल ने किया। हाइटेक आंगनबाड़ी केंद्र की प्रभारी डॉ. शुचिता देशमुख ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के सभासद, अभिभावक गण और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- 0- पात्र संस्थानों से नियमों के पालन और कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की अपीलबिलासपुर. स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में बिलासपुर जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में अब तक 106 बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) का पंजीयन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक किया जा चुका है। यह पहल ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ एवं सतत विकास के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिलेवासियों एवं संस्थानों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। 106 बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीयन जिले की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता तथा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सभी पात्र संस्थानों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बिलासपुर के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन स्वच्छ और सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिले में 106 बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीयन पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी पात्र संस्थानों से अपने परिसरों में कचरा पृथक्करण एवं प्रसंस्करण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया।जिला प्रशासन द्वारा शासकीय एवं निजी संस्थानों, अस्पतालों, शैक्षणिक परिसरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, आवासीय परिसरों सहित अन्य पात्र संस्थाओं को बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में पंजीयन कराने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है। नियमों के अनुसार 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक निर्मित क्षेत्र वाले संस्थान, प्रतिदिन 40 हजार लीटर या उससे अधिक जल उपयोग करने वाले परिसर अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले संस्थान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं। ऐसे संस्थानों के लिए पंजीयन अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने शेष पात्र संस्थानों से शीघ्र पंजीयन कराने तथा स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, जैविक अपशिष्ट के प्रसंस्करण और पर्यावरणीय मानकों के पालन की अपील की है।
- 0- छत्तीसगढ़ सरकार की तीर्थ दर्शन पहल से श्रद्धालुओं का सपना हो रहा साकारबालोद. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के उद्देश्य से संचालित तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत आज बालोद जिले के 16 यात्रियों को सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के लिए रवाना किया गया। संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आज सुबह जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने सभी विशिष्ट नागरिकों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठजनों की आस्था और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें देश के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है।यह योजना केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि लोगों की वर्षों पुरानी धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम बन रही है। जिले के 16 यात्रियों में पद्मश्री, राष्ट्रपति पुरस्कृत, कलाकार, लोकतंत्र सेनानी परिवार, साहित्यकार, गायक, उद्घोषक, संगीतकार एवं अन्य विशिष्टजन शामिल है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रों, नोडल अधिकारी एके जांगड़े, सहायक नोडल अधिकारी श्री जितेन्द्र सोनी आदि उपस्थित थे। इस दौरान सोमनाथ धाम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक और अन्य कारणों से कई लोगों के लिए देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता, लेकिन इस योजना के माध्यम से उन्हें सोमनाथ जैसे ऐतिहासिक और पवित्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन का अवसर मिल रहा है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह यात्रा उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक होगी। यात्रा के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि यात्रा में वे अपने साथ तांदुला नदी का पवित्र जल और मिट्टी भी अपने साथ लेकर जा रहे हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री साहू ने विशिष्ट जनों को रायपुर रेलवे स्टेशन हेतु बस से रवाना किया।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज ग्राम कन्नेवाड़ा के श्री मदन लाल एवं कर्रेगांव की श्रीमती लक्ष्मी बाई ने आबादी भूमि का पट्टा दिलाने, ग्राम जाबुड़वाही श्रीमती शारदा बाई ने अपनी कृषि भूमि को ’भूंइया साफ्टवेयर’ में अपडेट कराने, श्री रामचरण ने भूमि का सीमांकन कराने, ग्राम किल्लेपार के श्री चुम्मन साहू ने दिव्यांग पेंशन एवं ग्राम भीमकन्हार के श्री भुनेश्वर ने वृद्धा पेंशन दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने तथा उनके डेटाबेस को संधारित एवं अद्यतन करने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिकों के पूर्व पंजीयन में अंकित जानकारी को आधार कार्ड के विवरण के अनुरूप संशोधित किया जाएगा। जिला श्रम अधिकारी ने बताया कि मण्डलों में पंजीकृत ऐसे श्रमिक, जिनके पंजीयन दस्तावेजों में अंकित जानकारी आधार कार्ड से भिन्न है, वे अपने नजदीकी च्वाईस सेंटर में जाकर आधार कार्ड के अनुरूप जानकारी में संशोधन हेतु आवेदन कर सकते हैं।
- 0- 21 बसों में कमियां पाए जाने पर 15500 रुपये ई-चालान कार्रवाई की गईबालोद. जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जिले में संचालित स्कूल बस, वाहनों की जाँच एवं वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसके अंतर्गत 21 बसों पर कमियां पाए जाने पर नियमानुसार 15 हजार 500 रूपये की ई-चालान की कार्रवाई की गई। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि 21 जून को जिले के यातायात पुलिस एवं जिला चिकित्सा अधिकारी के द्वारा स्कूल, काॅलेज बसों की जांच एवं वाहन चालकों के नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कार्यवाही की गई। उक्त जांच शिविर में स्कूल, कॉलेज प्रबंधन द्वारा 48 बसों को जांच हेतु उपलब्ध कराया गया। जाँच कार्यवाही के दौरान सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली एवं परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार अनुसार बसों के लिए निर्धारित मापदंड अनुरूप वाहन की तकनीकी जांच के साथ-साथ परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदुषण प्रमाण पत्र, टैक्स भुगतान, स्पीडगर्वनर, सीसीटीव्ही कैमरा, जीपीएस एवं अन्य सुरक्षा मापदण्ड प्राथमिक उपचार पेटी एवं अधिनशामक यंत्र आदि जाँच की गई।उन्होंने बताया कि उक्त बसों में से 21 बसों पर कमियां पाए जाने पर नियमानुसार 15 हजार 500 रूपये की ई-चालान कार्यवाही की गई है। इसके साथ ही 03 बसों में फिटनेस वैधता समाप्त होनेे पर जप्ती की कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि जिन संचालकों के द्वारा उक्त जांच शिविर में बसों को जांच हेतु उपस्थित नही कराया गया है। ऐसे स्कूल, कॉलेज के संचालक को नोटिस जारी कर 02 दिवस के अंतर्गत बसो की जांच हेतु उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही उक्त संचालक द्वारा बसों को जाँच हेतु उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित वाहन संचालकों के विरूद्ध जिला परिवहन कार्यालय बालोद द्वारा नियमानुसार कार्यवाही हेतु नोटिस की जा रही है। उल्लेखनीय है कि शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 43 चालक, परिचालकों के नेत्र एवं स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है। जिसमें से 08 वाहन चालक को नेत्र से संबंधित सामान्य परेशानी परिलक्षित होने पर संबंधित को चश्मा लगाने हेतु निर्देश जारी किया गया है। इस दौरान जिला परिवहन अधिकारी श्री योगेश कुमार भंडारी, उड़नदस्त अधिकारी श्री शशिकांत बंजारे, श्री रवि ठाकुर, श्री रमाकांत ठाकुर, श्री जयप्रकाश साहू, श्री तुकेश साहू, नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मीनारायण वर्मा, नेत्र सहायक अधिकारी श्री चन्द्रप्रकाश मिरी, श्री मुकेश कुमार साहू एवं यातायात विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- बालोद. संयुक्त जिला कार्यालय परिसर बालोद में आज शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला झलमला के छात्र-छात्राओं ने 291 सीड बाल दान किए। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला झलमला प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चों ने मिट्टी, खाद और विभिन्न फलदार व छायादार पौधों के बीजों को मिलाकर इन सीड बॉल्स का निर्माण किया है। उन्होंने बताया कि आज सभी बच्चे बड़े उत्साह के साथ संयुक्त जिला कार्यालय परिसर पहुँचकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष को सीड बाॅल सौंपा। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने बच्चों के इस अनूठे प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन अंकुर का मुख्य उद्देश्य जन-भागीदारी से पर्यावरण को समृद्ध करना है। झलमला स्कूल के नन्हंे बच्चों ने सीड बॉल तैयार कर न केवल पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित किया है। उल्लेखनीय है कि सीड बॉल्स को आगामी वर्षा ऋतु के दौरान खुले मैदानों और वन क्षेत्रों में फेंका जाएगा, जहाँ ये बारिश का पानी पाकर प्राकृतिक रूप से पौधों का रूप ले लेंगी। इससे कम लागत और बिना खुदाई के बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण संभव हो सकेगा।
- 0- रेत के अवैध भण्डारण पर की गई कार्रवाईबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग के द्वारा 21 जून 2026 को डौण्डीलोहारा विकासखण्ड का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान 02 स्थानों पर 06 हाईवा एवं 07 हाईवा द्वारा खनिज रेत का अवैध भण्डारण पाया गया। जिसमें दोनों अवैध भण्डारकर्ताओं द्वारा भण्डारित खनिज को जप्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि मौका पंचनामा अनुसार उक्त रेत भण्डारण, भण्डारकर्ताओं द्वारा धमतरी व कांकेर के रेत खदानों से परिवहन एवं भण्डारण किया गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।



























