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- -राहगीरों को छाछ पीकर मिली गर्मी से राहत, सभी ने आभार जताकर कहा- एक अच्छी पहलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने शनिवार, नौ मई को शंकर नगर एक्सप्रेस वे के पास राहगीरों को मठा वितरित किया। सुबह हजारों राहगीरों को मठा वितरित करने की व्यवस्था में लोगों ने भी भरपूर सहयोग प्रदान किया, और यातायात भी बाधित नहीं होने दिया। इस दौरान छाछ बांट रहीं महिलाओं के उत्साहवर्धन के लिए महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले विशेष रूप से उपस्थित रहीं।शंकर नगर केंद्र की संयोजिका आयुषी विट्ठालकर ने बताया कि सफेद ड्रेस कोड के साथ पहुंचीं महिलाओं ने हजारों राहगीरों को मठा पिलाया। केंद्र की ओर से बड़े पैमाने पर मठा की व्यवस्था की गई थी। मठा पीने के बाद राहगीरों ने शंकर नगर केंद्र की महिलाओं की काफी सराहना की। इस दौरान सुचारू यातायात के साथ- साथ सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। मठा के वेस्ट डिस्पोजल को बोरे में भरकर एकत्रित किया गया, ताकि सड़क पर गंदगी हो।आयुषी के अनुसार शंकर नगर केंद्र की यह पहल प्रति वर्षानुसार मई महीने में भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच राहगीरों को दो पल सुकून के देने के लिए की जाती है। केंद्र कीपूर्व संयोजिका मधुरा भागवत, संध्या खंगन, रचना ठेंगड़ी, सुरेखा पाटिल, पुष्पा जावलेकर, श्रद्धा विठालकर, मेधा कोतवालीवाले गोदावरी सहित अनेक महिलाएं इस मौके पर मठा वितरण में शामिल थीं।
- -वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद-समाधान शिविर में हितग्राही का बनवाया गया राशन कार्ड और जॉब कार्डरायपुर । राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है। FILE PHOPTO
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 12 मई मंगलवार को शाम 06 बजे भाजपा कोर कमेटी की बैठक आहूत की गई है एवं शाम 07:30 बजे भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी, वहीं 13 मई बुधवार को सुबह 10 बजे प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी।भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय का मार्गदर्शन होगा। भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने बताया कि बैठक में आगामी कार्य योजना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन होगा साथ ही भाजपा संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। आगामी कार्य योजना को लेकर कार्यक्रम भी तय किए जाएंगे।
- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर सुभेंदु अधिकारी को दी बधाईरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। श्री देव ने कहा कि सुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना पश्चिम बंगाल में 'सोनार बांग्ला' के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने अपने संदेश में विश्वास व्यक्त किया कि श्री अधिकारी के कुशल नेतृत्व में बंगाल विकास, सुशासन और शांति के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। श्री अधिकारी जमीन से जुड़े नेता हैं, जिन्होंने बंगाल की जनता के अधिकारों के लिए सतत संघर्ष किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को आत्मसात करते हुए, उनके नेतृत्व में बंगाल का गौरव पुनः स्थापित होगा। श्री देव ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक और प्रशासनिक संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
- बानाबेल समाधान शिविर में 169 आवेदन प्राप्त, 877 हितग्राहियों को मिला त्वरित लाभबिलासपुर, / सुशासन तिहार के अंतर्गत कोटा विकासखंड के ग्राम बानाबेल में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में जनसमस्याओं के निराकरण, योजनाओं के लाभ वितरण एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद का प्रभावी आयोजन किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद श्री तोखन साहू ने शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ गांव-गांव में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण और योजनाओं के लाभ के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।शिविर में कुल 169 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 152 मांग संबंधी और 17 शिकायत संबंधी प्रकरण शामिल रहे। इनमें मांग संबंधी 17 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा अन्य प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई।श्री तोखन साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनकल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हर पात्र हितग्राही तक इनका लाभ पहुंचे, सुशासन तिहार के तहत 40 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के पंच से लेकर मुख्यमंत्री तक और भृत्य से लेकर सचिव स्तर तक अधिकारी इस अभियान से जुड़े हैं, जो शासन की गंभीरता को दर्शाता है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीणों के छोटे-छोटे कार्यों का भी समयबद्ध निराकरण होना चाहिए। विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों जैसे सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता ही सुशासन की पहचान है। श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनता की आवश्यकताओं और कठिनाइयों को समझते हैं, इसलिए गरीबों के लिए खाद्यान्न सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। आगामी बरसात के मद्देनजर तीन माह का राशन अग्रिम रूप से उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शासन गरीब, किसान, महिला, युवा और बुजुर्ग सभी वर्गों की चिंता कर रहा है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आधी आबादी को सुविधाएं और सम्मान देना शासन का संकल्प है। इसी सोच के तहत घर-घर शौचालय, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और अन्य योजनाओं का लाभ दिया गया है।शिक्षा की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री श्री साहू ने कहा कि जिले के परीक्षा परिणामों में इस वर्ष गिरावट आई है, जिसे अगले वर्ष बेहतर बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान प्राप्त करे, इसके लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनभागीदारी आवश्यक है। स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड होना चाहिए। गांव-गांव में कैंप लगाकर कार्ड बनाए जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को 5 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी ऐसे कैंपों में शामिल होना चाहेंगे।प्रभारी सचिव एवं अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि सुशासन केवल शिविरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे 365 दिन शासकीय कार्यप्रणाली में परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में यदि कहीं कोई अंतराल है, तो उसे दूर करते हुए सभी पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि पानी प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।बानाबेल सुशासन शिविर के दौरान 877 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ दिया गया। इनमें महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी, बीपी एवं शुगर जांच, सिकल सेल जांच, स्वास्थ्य परीक्षण, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य सेवाएं शामिल रहीं। श्रम विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को 1.40 लाख रुपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए तथा एक दर्जन श्रमिकों का पंजीयन कर कार्ड वितरित किए गए। जिला सहकारी बैंक द्वारा 120 किसानों को 58 लाख रुपए की केसीसी ऋण सीमा स्वीकृत की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के 3 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत महिला समूहों को लगभग 1 करोड़ रुपए के ऋण एवं अनुदान स्वीकृति आदेश वितरित किए गए। 5 आदिवासी किसानों को अनुदान पर सिंचाई हेतु लपेटा पाइप प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4 बच्चों का अन्नप्राशन एवं 8 बच्चों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया।शिविर में सबसे अधिक 40 आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनीश सिंह, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सूरज भारद्वाज, जिला पंचायत सदस्य निरंजन पैकरा, सरपंच लखन पैकरा, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर समस्या समाधान, योजनाओं की जानकारी और त्वरित लाभ वितरण की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए सुशासन तिहार को जनहितकारी पहल बताया।
- -नेत्र रोग विभाग की टीम ने किया जटिल पलक सर्जरी, समय पर इलाज से बची आंखों की रोशनीबिलासपुर। जिले के बिल्हा क्षेत्र अंतर्गत बटोरी गांव में एक दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। इस हमले में दो वर्षीय बालक एवं दो वर्षीय बालिका के चेहरे और आंखों की पलकों पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद परिजन तत्काल बच्चों को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर लेकर पहुंचे, जहां नेत्र रोग विभाग की टीम ने तुरंत आपातकालीन उपचार प्रारंभ कर दोनों बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों के चेहरे, आंखों एवं पलकों के आसपास गहरे घाव होने के कारण यह मामला “कैटेगरी-3 डॉग बाइट” की श्रेणी में आया, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा अत्यधिक रहता है। अस्पताल पहुंचते ही घावों की गहन सफाई की गई तथा तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) शुरू की गई। साथ ही संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन (RIG) भी लगाया गया।आंखों की पलकों के गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण उसी दिन सिम्स के नेत्र रोग ऑपरेशन थिएटर में बच्चों की “अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी” की गई। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त ऊतकों की सूक्ष्मता से मरम्मत कर आंखों की संरचना और दृष्टि को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया। वर्तमान में दोनों बच्चे चिकित्सकों की निगरानी में हैं तथा उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।इस जटिल उपचार एवं सर्जरी में नेत्र रोग विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. संजय चौधरी,डॉ आरती, डॉ. अनिकेत निश्चेतना विभाग से डॉ यशा तिवारी और डॉ द्रोपती सहित अन्य चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स अस्पताल गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि डॉग बाइट जैसे मामलों में समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी जानवर के काटने या खरोंच लगने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें।सिम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह ने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन पूर्णतः रोके जाने योग्य बीमारी है। यदि समय रहते एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यक उपचार दिया जाए तो मरीज को सुरक्षित बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से घरेलू उपचार, झाड़-फूंक अथवा अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक उपचार अपनाने की अपील की।नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने बताया कि बच्चों की आंखों एवं पलकों पर गंभीर चोट थी, जिसके कारण तत्काल सर्जरी करना जरूरी था। विशेषज्ञ टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्जरी कर आंखों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया, जिससे बच्चों की दृष्टि बचाने में सफलता मिली।चिकित्सकों ने बताया कि रेबीज संक्रमित कुत्ते, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने, खरोंच अथवा लार के संपर्क से फैलने वाली अत्यंत खतरनाक वायरल बीमारी है। बीमारी बढ़ने पर मरीज में पानी से डर लगना, सांस लेने में कठिनाई, मानसिक भ्रम, आक्रामक व्यवहार और लकवा जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि किसी भी डॉग बाइट की घटना को हल्के में न लें तथा तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नगर निगम एवं प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने, नसबंदी एवं टीकाकरण कार्यक्रम को तेज करने तथा गांव एवं शहरी क्षेत्रों में रेबीज जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई।
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- पक्के घर का सपना हुआ साकार, हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है।इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई।लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे।सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। - -आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन करना हुआ आसानरायपुर,। दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं।विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही श्री हिड़मा मण्डावी एवं श्री महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य कर रहा हैं। इनके द्वारा उसे प्रतिवर्ष 30 से 40 हजार रूपये मछली विक्रय कर आमदनी होती हैं। जैसा कि हिड़मा ने बताया कि पूर्व में इनके पास जाल उपलब्ध नहीं थे। जिसके फलस्वरूप किराये से जाल लाकर मत्स्याखेट करना पड़ता था। परन्तु राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से सुशासन तिहार 2026 में इन्हें मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे मत्स्याखेट करने में कोई परेशानी नहीं होगी एवं किराये से जाल होने की स्थिति से बचकर वह बेहतर आय अर्जित करेगा।इसी प्रकार एक और अन्य हितग्राही श्री महादेव मरकाम पिता श्री हड़मा ग्राम भूसारास वि.ख. कटेकल्याण के मत्स्य कृषक को सुशासन तिहार 2026 में विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत मछली विक्रय हेतु आइस बॉक्स प्रदाय किया गया है। चूंकि इसके पहले कृषक महादेव को अपने तालाब से निकाली गई मछली को तुंरत आस-पास के स्थानीय बाजारों में ले जाना पड़ता था। और मछली स्टोरेज करने हेतु आईस बाक्स न होने से मछलियों के खराब होने की स्थिति आ जाती थी। लेकिन अब महादेव खुश है क्योंकि सुशासन शिविर में आईस बाक्स प्रदान किया गया। वह अपने तालाब की मछली को निकालकर विक्रय हेतु बाजार ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और मछली खराब होने की स्थिति से राहत मिलेगा।इसके अलावा ग्राम पंचायत हल्बारास वि.ख. कुआकोंडा में भी मत्स्य कृषक श्री परमेश्वर राना पिता श्री नवल राना एवं श्री सुनील कुमार भोयर पिता श्री सामनाथ भी मत्स्य सामग्रियों से लाभान्वित हुए। कृषक परमेश्वर राना द्वारा विगत 08 वर्षों से अपने स्वयं के भूमि में 0.50 हे. का तालाब निर्माण कर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार की आमदनी प्राप्त हो रही है। पूर्व में कृषक के पास मत्स्याखेट हेतु जाल उपलब्ध नही होने के कारण मछली पकड़ने में परेशानी हो रही थी। वर्तमान में कृषक को सरकार की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 में विभाग द्वारा मत्स्यासेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे कृषक को अब मछली पकड़ने में कोई परेशानी नही होगी। वही सुनिल कुमार के पास भी पूर्व में मछली विक्रय हेतु बाजार तक ले जाने का कोई साधन नहीं था जिससे मछली खराब होने की संभावना बनी रहती थी। परन्तु आईस बाक्स मिलने से जिससे कृषक को बाजार तक मछली ले जाने में दिक्कत नहीं होगा। इस प्रकार राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन शिविर ने श्री हिड़मा मण्डावी, श्री महादेव मरकाम, श्री परमेश्वर राना, श्री सुनील कुमार भोयर जैसे सैकड़ों हितग्राहियों की व्यवहारिक एवं आर्थिक दिक्कतों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूर दराज के ग्रामीणों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने समझने और इसके समाधान करने का यह अभिनव प्रयास सुशासन को सार्थक कर रहा हैं
- -एक मूकबधिर जोड़े सहित हिंदू एवं ईसाई समुदाय के नवदंपत्तियों ने साथ निभाने की ली जीवनभर की शपथ-प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिया आशीर्वादरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में शुक्रवार को सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन किया गया। जशपुर जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में कुल 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें हिंदू एवं ईसाई दोनों समुदायों के जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि बगीचा परियोजना क्षेत्र में एक दिव्यांग (मूकबधिर) जोड़े ने भी विवाह बंधन में बंधकर सभी के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की। समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की।परियोजना बगीचा में 13 हिंदू एवं 7 ईसाई समुदाय के कुल 20 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। परियोजना कांसाबेल में 9 हिंदू एवं 3 ईसाई समुदाय के कुल 12 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसी प्रकार परियोजना बागबहार में 6 हिंदू एवं 26 ईसाई समुदाय के कुल 32 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।कार्यक्रमों में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक समरसता, सादगी और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें 8 हजार रुपये विवाह आयोजन व्यय, 7 हजार रुपये की उपयोगी उपहार सामग्री तथा 35 हजार रुपये की राशि वधु के नाम चेक के रूप में प्रदान की जाती है। साथ ही नवदंपत्तियों को वैवाहिक प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस योजना से न केवल परिवारों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि समाज में सामूहिक विवाह की सकारात्मक परंपरा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
- -ट्राइसाइकिल से मिली जीवन लाल के सपनों को नई रफ़्तार-धमतरी के दिव्यांग जीवन लाल के लिए 'उम्मीद की किरण' बना जनसमस्या निवारण शिविर; अब आत्मनिर्भरता के साथ तय करेंगे अपनी राहरायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की 'सुशासन' की संकल्पना अब धरातल पर उन चेहरों पर मुस्कान बनकर लौट रही है, जो वर्षों से अभावों में जी रहे थे। धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला में आयोजित 'सुशासन तिहार' एक ऐसा ही मंच बना, जिसने दिव्यांग जीवन लाल साहू के संघर्षपूर्ण जीवन को नई गति और गरिमा प्रदान की है। सिवनीकला निवासी जीवन लाल साहू बचपन से ही दोनों पैरों की गंभीर दिव्यांगता का दंश झेल रहे हैं। दशकों तक उन्होंने वह दर्द सहा है, जहाँ चंद कदमों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घुटनों के बल रेंगना पड़ता था। शारीरिक अक्षमता के बावजूद जीवन लाल ने कभी खुद को बेबस नहीं माना। वे न केवल अपने परिवार की दो एकड़ कृषि भूमि की देखरेख में हाथ बंटाते हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।जीवन लाल के परिवार को शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं का निरंतर लाभ मिल रहा है। दिव्यांग पेंशन के रूप में 500 रुपए की आर्थिक सहायता और राशन कार्ड के जरिए हर महीने मिलने वाला 35 किलो चावल मिल रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से मौके पर ही ट्राइसाइकिल की उपलब्धता से अब कही आने जाने में समस्या नही होगी। जब जीवन लाल को ग्रामीणों से 'सुशासन तिहार' के बारे में पता चला, तो वे अपनी अर्जी लेकर समाज कल्याण विभाग के स्टॉल पर पहुँचे। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का आलम यह था कि उनके आवेदन पर बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही की गई और शिविर स्थल पर ही उन्हें निशुल्क ट्राइसाइकिल भेंट की गई। इस पर जीवन लाल ने कहा कि अब मुझे खेत जाने या गांव में कहीं भी आने-जाने के लिए दूसरों का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा। यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि मेरे लिए नए पैर हैं जो मुझे आत्मनिर्भर बनाएंगे।ट्राइसाइकिल पाकर भावुक हुए जीवन लाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की इस संवेदनशीलता ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया है।धमतरी के इस सुशासन तिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन द्वार तक पहुँचता है, तो अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का जीवन वाकई बदल जाता है। जीवन लाल की यह कहानी प्रदेश के हजारों दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा और सुशासन के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है।
- रायपुर / जैविक खेती मिट्टी के स्वास्थ्य को पुनर्जीवित कर, कम लागत में विषमुक्त (रसायन-मुक्त) और पौष्टिक फसल उत्पादन की शक्ति प्रदान करती है। यह टिकाऊ कृषि पद्धति केंचुआ खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण अपनाकर न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है, बल्कि कृषि लागत में कमी और बेहतर बाज़ार मूल्य के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि भी सुनिश्चित करती है। जैविक खेती के माध्यम से डोलनारायण जैसे किसान अपनी मेहनत, नवीन तकनीकों और प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करके न केवल अच्छी आय कमा रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए एक उदाहरण भी बन रहे हैं।खेती में अगर नवाचार और मेहनत का मेल हो, तो मिट्टी सोना उगलने लगती है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के एक प्रगतिशील किसान डोलनारायण पटेल ने इसे सच कर दिखाया है। उन्होंने पारंपरिक खेती के ढर्रे को छोड़कर जैविक पद्धति को अपनाया और आज वे पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन गए हैं।मिर्च ने बदली किस्मत डोलनारायण ने मात्र 75 डिसमिल जमीन पर जैविक मिर्च की खेती की। परिणाम चौंकाने वाले रहे। महज 15 दिनों की तुड़ाई में उन्होंने 75,000 रुपये की मिर्च बेची। एक ही पौधे से करीब 1.25 किलो तक मिर्च प्राप्त हुई। जैविक होने के कारण मिर्च की चमक और तीखापन जबरदस्त था, जिससे बाजार में उन्हें 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल का शानदार दाम मिला।डोलनारायण की सफलता का सबसे बड़ा रहस्य रासायनिक खादों का त्याग है। उन्होंने यूरिया-डीएपी की जगह गोबर खाद (करीब 3 ट्रॉली) का उपयोग किया। वैज्ञानिक तकनीक कृषि विभाग के मार्गदर्शन में स्प्रिंकलर और आधुनिक सिंचाई उपकरणों का प्रयोग कर लागत को न्यूनतम किया।आधुनिक संसाधनों से सशक्त खेती के माध्यम से डोलनारायण केवल खेती ही नहीं कर रहे, बल्कि उसे एक व्यवसाय की तरह देख रहे हैं। उनके पास कुल 17 एकड़ (6 एकड़ स्वयं की $ 11 एकड़ लीज पर) कृषि भूमि है। ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसे संसाधनों ने उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि आय के अतिरिक्त स्रोत भी प्रदान किए हैं।डोलनारायण पटेल, प्रगतिशील किसान ने कहा कि मिर्च की सफलता से उत्साहित होकर अब वे खरीफ सीजन में 4 एकड़ में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और खुशबूदार जवाफूल धान की जैविक खेती करने की तैयारी कर रहे हैं। मेहनत, नई सोच और आधुनिक तकनीक का संगम हो, तो कम जमीन पर भी खेती लाभ का सौदा बन सकती है। डोलनारायण की यह पहल क्षेत्र के युवाओं को संदेश दे रही है कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी सबसे मजबूत रास्ता है।
- रायपुर / प्रदेश में सिंचाई संरचनाओं की सुरक्षा और जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले में स्थित रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) के गेटों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 65 करोड़ 50 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।जारी स्वीकृति के अनुसार जलाशय में एपॉक्सी ग्राउटिंग, फ्लेक्सिबल शाफ्ट हाई प्रेशर वाटर जेट से चोक व्हीपीडी की सफाई सहित अन्य आवश्यक मरम्मत एवं संरक्षण कार्य कराए जाएंगे। यह कार्य जलाशय की संरचनात्मक मजबूती, संचालन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।राज्य शासन द्वारा महानदी परियोजना के मुख्य अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यों में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी मापदंडों तथा पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कार्य की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके।उल्लेखनीय है कि रविशंकर सागर जलाशय प्रदेश की बहुत पुरानी और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जिससे कृषि, जलापूर्ति और क्षेत्रीय विकास को व्यापक लाभ मिलता है। स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने से जलाशय की कार्यक्षमता और सुरक्षा में और अधिक मजबूती आएगी, जिससे किसानों एवं आमजन को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। जल संसाधन विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यों के क्रियान्वयन में सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रावधानों पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
- -रायपुर-बिलासपुर समेत कई शहरों के अधिकारी बदलेरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ इंजीनियरों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत राज्य के विभिन्न निकायों में पदस्थ कार्यपालन और सहायक अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राज्य शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार लाल महेंद्र प्रताप सिंह कार्यपालन अभियंता को नगर निगम रायपुर से नगर निगम बिलासपुर भेजा गया है। इसी प्रकार दिनेश नेताम कार्यपालन अभियंता को कवर्धा से स्थानांतरित कर संयुक्त संचालक कार्यालय दुर्ग में पदस्थ किया गया है।अभियंताओं की नई पदस्थापना में बृजेश श्रीवास्तव सहायक अभियंता को कोण्डागांव से बिलासपुर और ललित कुमार त्रिवेदी सहायक अभियंता को भी बिलासपुर में प्रभारी कार्यपालन अभियंता की कमान सौंपी गई है। दुर्ग क्षेत्र में भी बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत सी.बी. परगनिहा सहायक अभियंता को दुर्ग से धमतरी, हेमन्त कुमार साहू सहायक अभियंता को भिलाई-चरौदा से नगर निगम दुर्ग और चन्द्रशेखर सारथी सहायक अभियंता को रायगढ़ से नगर पालिका चांपा भेजा गया है। वहीं नवा रायपुर में पदस्थ गगन वासन अब नगर निगम जगदलपुर में सहायक अभियंता के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए नगर पालिक निगम रिसाली के कार्यपालन अभियंता सुनील दुबे को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास (क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग) के अधीक्षण अभियंता का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
- -छत्तीसगढ़ के पहले अत्याधुनिक बकरी ब्रीडिंग एवं रिसर्च सेंटर की तैयारीरायपुर /छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से धमतरी जिले का भटगांव एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। कलेक्टर की विशेष पहल पर यहाँ राज्य का पहला “रिसर्च कम इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन एडवांसमेंट ब्रीडिंग सेंटर” स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र न केवल पशुपालन के पारंपरिक स्वरूप को बदलेगा, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान और उद्यमिता का एक ग्लोबल मॉडल पेश करेगा।यह केंद्र पारंपरिक बकरी पालन की सीमाओं को तोड़कर इसे आधुनिक और लाभप्रद व्यवसाय में बदलेगा। केंद्र में कृत्रिम गर्भाधान, पैथोलॉजी जांच और त्वरित रोग निदान के लिए हाई-टेक प्रयोगशाला होगी। रिसर्च यूनिट के माध्यम से बकरी की उन्नत नस्लों का संरक्षण और प्रजनन किया जाएगा, जिससे पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता के पशु मिल सकें। पशुओं के लिए टिकाऊ आहार और विभिन्न प्रकार के हरे चारे के उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रदर्शन किया जाएगा। कलेक्टर धमतरी के विजन के अनुसार, यह केंद्र केवल एक ब्रीडिंग सेंटर नहीं बल्कि एक लर्निंग सेंटर भी होगा। युवाओं और किसानों के लिए हॉस्टल की सुविधा के साथ ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्रथम चरण में ही 10-12 स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। पशु सखियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। परियोजना की सफलता के लिए ओडिशा की प्रतिष्ठित फर्म माणिकस्तु (डंदपोजन) के विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उन्नत नस्लों की खरीद-बिक्री के लिए एक पारदर्शी मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। भविष्य में यहाँ राज्य की सबसे आधुनिक समर्पित पशुधन मंडी और पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की योजना है।
- -तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी-"अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर / छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकली एक प्रतिभा ने आज देश की सर्वाेच्च सेवाओं में अपनी जगह बनाकर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। रायगढ जिले के सम्बलपुरी ग्राम के एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के सुपुत्र अजय गुप्ता ने अपने अटूट संकल्प से भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।रायगढ़ के संबलपुरी गांव में तेंदूपत्ता और महुआ बीनने वाला अजय गुप्ता अब IFS अधिकारी बन गया है। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए अजय ने पूरे देश में 91वीं रैंक हासिल की। अब वही जंगल, जो कभी परिवार की रोजी-रोटी था, उसकी जिम्मेदारी बनने जा रहा है। अजय गुप्ता ने 12वीं कक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया और इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में प्रवेश मिला। एनआईटी में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही। अजय कहते हैं कि पहले सपने बहुत बड़े नहीं थे। लगता था कि हमारी दुनिया बस गांव तक सीमित है, लेकिन एनआईटी में एडमिशन लेने के बाद नजरिया बदल गया। पहली बार लगा कि मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूं। अजय कहते हैं कि जंगल उनके बचपन से ही जिंदगी का हिस्सा रहा है। जंगल ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि जीवन की दिशा भी दी। वह कहते हैं बचपन से मेरा जुड़ाव जंगल से रहा है। जंगल ने मुझे बहुत कुछ दिया है, बस्तर में काम करने के दौरान भी जंगल से रिश्ता और मजबूत हुआ।अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अजय बताते हैं। माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने बच्चों की शिक्षा को ही अपना लक्ष्य माना। छुट्टियों के दौरान अजय स्वयं जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में माता-पिता की मदद करते थे। अभावों के बीच भी उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी योग्यता का परिचय दिया था। अजय की इस लंबी उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने 'कैशलेस सपोर्ट' और आर्थिक संबल प्रदान किया। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति ने स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई के दौरान इस छात्रवृत्ति ने आर्थिक बोझ को कम किया। राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एक ऐसा युवा जिसने स्वयं जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित किया, आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। हमारी सरकार की 'लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति' और 'पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति' जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान की है। अजय की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर हमारे ग्रामीण अंचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं।वन मंत्री ने जताया गौरव, हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीकवन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। मंत्री जी ने कहा कि अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों वनाश्रित परिवारों की जीत है जो जंगलों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि हमारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे ही सशक्त भविष्य का निर्माण करना है।अजय गुप्ता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में IFS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत सच्ची हो और शासन का साथ मिले, तो वनांचल का कोई भी युवा देश के शीर्ष पद तक पहुँच सकता है।
- रायपुर, / हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो कोई भी बाधा सपनों को नहीं रोक सकती। बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम नागपुरा के रहने वाले अनिल कुमार की कहानी आज इसी बदलाव की गवाही दे रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से मिली एक मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल ने न केवल अनिल के रास्ते की दूरी कम की है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी है।अनिल कुमार 12वीं कक्षा के छात्र हैं और 70 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उनके मन में पढ़ने की तीव्र इच्छा है। लेकिन उनके घर से स्कूल की दूरी 12 किलोमीटर है। रोज़ लंबी दूरी तय करना, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और स्कूल पहुँचने के लिए दूसरों पर निर्भरता अनिल की पढ़ाई में बड़ी बाधा थी। अनिल के परिवार वाले भी उनकी सुरक्षा और पहुँच को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे।बानाबेल में आयोजित श्सुशासन तिहारश् समाधान शिविर अनिल के जीवन में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। अनिल ने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही आवेदन का निराकरण किया और अनिल को मोटरराइज़्ड ट्राइसिकल प्रदान की। ट्राइसिकल की चाबी मिलते ही अनिल के चेहरे पर जो चमक दिखी, वह आत्मनिर्भर होने के गर्व की थी। अब अनिल बिना किसी मानवीय सहारे के स्वयं वाहन चलाकर समय पर स्कूल पहुँच सकेंगे। पहले स्कूल पहुँचना ही सबसे बड़ी चुनौती थी, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब मेरी मुश्किलें आसान हो गई हैं। अनिल कुमार ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभारी हूँ, जिन्होंने मेरे सपनों को नई रफ़्तार दी है।
- -सुशासन तिहार: मंत्री टंकराम वर्मा ने झुमका में ग्रामीणों को बांटी खुशियां-ट्रैक्टर की चाबी और चेक पाकर खिले हितग्राहियों के चेहरेरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ सरसीवा तहसील के ग्राम पंचायत झुमका में 'सुशासन तिहार' के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा शामिल हुए।मंत्री श्री वर्मा ने शिविर में विभागीय स्टालों का अवलोकन कर आवेदन निराकरण की स्थिति जानी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हितग्राहियों को ट्रैक्टर की चाबी, अनुदान राशि के चेक, प्रमाण पत्र और अन्य सामग्री भेंट कर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए। इस शिविर में कुल 2310 आवेदन प्राप्त हुआ जिसमे से 272 का तत्काल निराकरण किया गया। एक कृषक हितग्राही को ट्रैक्टर खरीदी पर 2.50 लाख रुपये का अनुदान और कई किसानों को बोर खनन हेतु 43 हजार रुपये के चेक वितरित किये गए। इसी तरह नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन, गर्भवती महिलाओं को उपहार और आयुष्मान कार्ड का भी वितरण किया गया।ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार 'अंत्योदय' के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।"प्रधानमंत्री आवास योजना के हर पात्र हितग्राही को उनका हक मिलेगा, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिविर में प्राप्त एक-एक आवेदन का निराकरण समय-सीमा के भीतर हो।शिविर में प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न विभागों के माध्यम से बड़ी संख्या में लाभान्वित किया गया। शिविर में किसान पुस्तिका, बी-1 और विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसी तरह मत्स्य एवं खाद्य विभाग द्वारा मछुआरों को जाल और पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड सौंपे गए। दिव्यांग प्रमाण पत्र, पेंशन स्वीकृति और प्रधानमंत्री आवास के पूर्णता प्रमाण पत्र बांटने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा शिविर लगाकर ग्रामीणों का निःशुल्क परीक्षण किया गया। कार्यक्रम में बिलाईगढ़ विधायक कविता लहरे,जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पांडेय,और ग्राम पंचायत झुमका के सरपंच धनंजय साहू,कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू,सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए विभिन्न योजनाओं के लिए अपना पंजीयन कराया।
- पेंड्रा । गौरेला थाना क्षेत्र के पटपरिपारा में सात माह पूर्व हुए जघन्य हत्याकांड के मामले में न्यायालय ने त्वरित न्याय करते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।घटनाक्रम के अनुसार, 19 अक्टूबर 2025 की रात आरोपी भैयालाल बैगा का अपनी पत्नी रामकली बैगा के साथ घरेलू बातों को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी अपनी पत्नी द्वारा शराब पीने और घर का काम न करने की आदतों से नाराज था। इसी विवाद के दौरान आवेश में आकर आरोपी भैयालाल ने अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी (टंगिया) से प्राणघातक हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत प्रकरण न्यायालय में पेश किया था। अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए आरोपी भैयालाल बैगा को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के साथ 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न पटाने की स्थिति में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। उल्लेखनीय है कि अदालत ने महज 7 महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाकर त्वरित न्याय की मिसाल पेश की है।
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नारायणपुर । अबूझमाड़ के जंगल में सुरक्षा बलों के नक्शल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। जिले के तोके क्षेत्र में एलएलसी ने ऑपरेशन के दौरान छुपकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और आईईडी सामग्री बरामद की है। कार्रवाई के बाद सुरक्षा में तैनात जवानों ने इसे नेटवर्क के लिए बड़ा झटका बताया है। जानकारी के अनुसार पुलिस बेस कैंप तोके से अलग संयुक्त दल ने जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अभियान चलाया। इस दौरान जंगल में छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक सामग्री का बड़ा डंप मिला। बरामद सामग्री में .315 राइफल, 12 बोर राइफल, रॉकेट लॉन्चर और जिंदा कारतूस शामिल हैं।
इसके अलावा एलसीडी ने आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, ट्रिगर मैकेनिज्म, संचार उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री भी जब्त कर ली है। सुरक्षा एजेंसी के अनुसार यह सामग्री सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाती है और नुकसान के उद्देश्य से जंगल में छिपाकर रखा गया था।अधिकारियों का कहना है कि तोके का जंगल लंबे समय तक सुरक्षा कर्मियों के लिए खतरा के तौर पर माना जाता रहा है, लेकिन लगातार जारी सुरक्षा अभियानों के बीच बेहतर समन्वय से नक्शलियों का ढांचा खराब होता दिख रहा है। फॉरिस्ट और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से बेजुबान इलाके में बंधक ठिकानों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।सुरक्षा कमांडो ने क्षेत्र में ऑपरेशन और निगरानी के साथ खोजा है, ताकि एलसीडी की क्षति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। -
नारायणपुर :। छत्तीसगढ़ के दुर्गम और संवेदनशील अबूझमाड़ क्षेत्र में 38वीं वाहिनी आईटीबीपी ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 60 मीटर लंबा लकड़ी और बाँस से निर्मित पुल तैयार किया है। यह पुल ओरछा थाना से करीब 20 किलोमीटर दूर कुड़मेल गांव के पास बनाया गया है, जहां बरसात के दौरान नाले में तेज बहाव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। इस समस्या के कारण ग्रामीणों का महीनों तक बाहरी दुनिया से संपर्क खत्म हो जाता था तथा सुरक्षा बलों की परिचालन गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं। राशन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना बेहद कठिन हो जाता था। आगामी बरसात के मौसम की गंभीर प्रतिकूलताओं को ध्यान में रखते हुए त्वरित स्तर पर पक्का पुल बनना संभव प्रतीत नहीं हो रहा था। ऐसी परिस्थितियों में 38वीं वाहिनी आईटीबीपी ने अनूठी पहल लेकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करने का निर्णय लिया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने भी भरपूर सहयोग किया ।
38वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री रोशन सिंह असवाल के मार्गदर्शन तथा असिस्टेंट कमांडेंट श्री राम कुमार मौर्य के नेतृत्व में 15 जवानों की टीम ने कठिन परिस्थितियों में यह कार्य केवल 15 दिनों में पूरा किया।स्थानीय संसाधनों के माध्यम से निर्मित यह पुल न केवल पैदल आवागमन हेतु उपयोगी है, बल्कि चलती हुई मोटरसाइकिल के भार को सुरक्षित रूप से वहन करने में भी सक्षम है।इस पुल का उद्घाटन श्री रोशन सिंह असवाल, कमांडेंट, 38वीं वाहिनी एवं श्री रोबिसन गुरिया, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर द्वारा स्थानीय ग्रामीणों एवं बल के जवानों की उपस्थिति में दिनांक 07मई को किया गया।इस पुल के निर्माण से अब ग्रामीणों और सुरक्षा बलों को वर्षभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह पहल आईटीबीपी की कर्तव्यनिष्ठा, जनसेवा और स्थानीय सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। - बालोद। डोंडीलोहारा थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। डोंडीलोहारा थाना अंतर्गत खैरीडीह गांव के पास कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।मिली जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान तरुण कुमार यादव उम्र 20 वर्ष, निवासी सिर्राभाटा, राहुल श्वेता उम्र 20 वर्ष, निवासी सिर्राभाटा तथा नरेंद्र भूआर्य निवासी मुड़खुसरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर देवरी से डोंडीलोहारा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दूसरी ओर से दल्ली राजहरा से राजनांदगांव की तरफ जा रही कार से उनकी जबरदस्त टक्कर हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही डोंडीलोहारा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की जांच प्रारंभ कर दी है। फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।
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- जनसमस्या निवारण शिविर में त्वरित समाधान से खुश किसान, शासन-प्रशासन को दिया धन्यवाद
मोहला । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत नगर पंचायत अंबागढ़ चौकी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर आम नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है। शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर उन्हें शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में वार्ड क्रमांक 1 मेरेगांव निवासी किसान श्री सोहन लाल निषाद को राजस्व विभाग द्वारा किसान किताब कार्ड एवं बी-1 प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
श्री सोहन लाल निषाद ने बताया कि उन्होंने अपने भाइयों के साथ खाता विभाजन संबंधी आवेदन कुछ दिन पूर्व तहसील कार्यालय में प्रस्तुत किया था। सुशासन तिहार के अंतर्गत राजस्व विभाग ने उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्या का निराकरण किया और जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें प्रमाणित दस्तावेज सौंपे गए। किसान किताब कार्ड एवं भूमि संबंधी दस्तावेज प्राप्त होने पर सोहन लाल निषाद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें कृषि कार्यों एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि किसान किताब कार्ड के माध्यम से बैंक ऋण, कृषि योजनाओं एवं अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त हो सकेगा।
हितग्राही श्री सोहन लाल निषाद ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में आम लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। - -भंवतरा में मनरेगा के तहत नए तालाब का निर्माण जारी, खेती और भू-जल स्तर को मिलेगा लाभरायपुर। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भंवतरा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत “नवा तरिया” यानी नए तालाब का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रमिक प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है।जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नए तालाबों के निर्माण और पुराने जल स्रोतों के पुनरुद्धार का कार्य लगातार किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।भंवतरा में बन रहा यह नवा तरिया आने वाले बारिश के मौसम में जल संचय का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध हो सकेगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इससे खेती-किसानी को मजबूती मिलेगी और गांव की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।मनरेगा के तहत संचालित इस कार्य से ग्रामीण श्रमिकों के लिए मानव दिवस का सृजन हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगातार विकास कार्य होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं और लोगों का पलायन भी कम हुआ है।“नवा तरिया” केवल एक तालाब निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की नई सोच का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
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बिलासपुर /राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों नर्सिंग ऑफिसर-एनएचएम, नर्सिंग ऑफिसर-यूएएएम, डेंटल असिस्टेंट-एनयूएचएम, अटेंडेंट-एनआरसी, क्लास 4-यूएएएम, जूनियर सेक्रेटेरियल असिस्टेंट-पीडीए एवं ब्लॉक डाटा मैनेजर-एनएचएम की पात्र-अपात्र सूची जारी की गई है। सूची के संबंध में दावा आपत्ति निर्धारित प्रपत्र में 12 मई को शाम 5 बजे तक कार्यालय के आवक-जावक शाखा में जमा कर सकते हैं। अन्य किसी माध्यम से प्राप्त दावा-आपत्ति आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सूची एवं दावा-आपत्ति का प्रारूप जिला बिलासपुर की आधिकारिक वेबसाइट www.bilaspur.gov.in पर उपलब्ध कराया गया है।
- -अपनी व अपने परिवार की ज़रूरतों को स्वयं पूरा कर रहीं श्रीमती वर्मारायपुर / ग्राम पंचायत देवरी की श्रीमती माया वर्मा ने महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। 35 वर्षीय श्रीमती वर्मा पहले एक गृहिणी थीं, लेकिन अब वे मनरेगा के तहत “मेट” के रूप में कार्य कर रही हैं। इस कार्य से वे सशक्त हुई हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई हैं। काम के दौरान उन्हें गाँव के मजदूरों और अन्य मेट साथियों का भी भरपूर सहयोग मिलता है। मनरेगा से मिलने वाली आय से श्रीमती वर्मा अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए किताबें और जरूरी सामग्री खुद खरीद रही हैं। उन्हें विश्वास है कि एक दिन उनके बच्चे पढ़-लिखकर उनका नाम रौशन करेंगे। साथ ही वे घर की दैनिक जरूरतों को भी स्वयं पूरा कर रही हैं, जिससे उन्हें परिवार पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। श्रीमती वर्मा का कहना है कि इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने व अपने परिवार के भविष्य को बेहतर कर सकती हैं।


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