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- दिनभर की मेहनत-मशक्कत के बाद अगर नींद नहीं आती या फिर पूरे प्रयास करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती तो इसके पीछे कहीं न कहीं वास्तु दोष भी जिम्मेदार हो सकता है। परिवार में सुख शांति बनी रहे और उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते रहें, इसके लिए वास्तु में बताए गए कुछ आसान से उपाय आजमा सकते हैं।आइए जानते हैं इन उपायों के बारे मेंअमावस्या के दिन घर की सफ़ाई का नियम बनाएं। प्रत्येक पूर्णिमा पर घर की दहलीज़ पर हल्दी से स्वस्तिक बनाएं। घर में वर्ष में दो बार पूजा या हवन कराएं। रात में सोते समय अपने कुल देवता को प्रणाम करें। मन में अगर किसी बात को लेकर बेचैनी है तो अपने सिरहाने के नीचे भगवान को अर्पित किया हुआ फूल रखकर सोएं। दुर्गा सप्तसती का पाठ करें। रोजाना सोने से पहले हनुमान चालीसा या फिर सुंदरकांड का पाठ करें। अगर नींद नहीं आती है तो तकिए के नीचे लोहे की कोई वस्तु रखकर सोएं। सोते समय अपने बिस्तर को अच्छे से साफ करें। सोने के कमरे में जूते-चप्पल नहीं होने चाहिए। तेल को कभी भी अपने सिराहने पर नहीं रखना चाहिए। तेल नकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करते हैं। इसलिए इन्हें बेडरूम में न रखें। अपने ईष्टदेव का स्मरण करते हुए नियमित रूप से दीपक जलाएं। भूलकर भी इनके आसपास दवाई न रखें। रात को सोते वक्त अपने सिर के पास लाल रूमाल रखें। रात में भयानक सपने आते हैं तो सिर के नीचे पीले चावल रखकर सोएं। सोने से पहले आप अपने पैरों को धोना न भूलें। आप रात में भोजन करते हैं तो उसके बाद घर के किचन में कभी भी जूठे बर्तन न छोड़ें। घर में कभी भी टूटा हुआ शीशा न रखें। चेहरा देखने वाला दर्पण कभी भी दरवाजे के ठीक सामने नहीं होना चाहिए। रोज़ाना शाम को घर में कर्पूर जलाने से धन में वृद्धि होती है। तिजोरी में कभी परफ्यूम न रखें।
- फरदीन खान आजकल अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में बने हुए हैं, सोशल मीडिया पर छाई तस्वीरें जिसमें फरदीन खान काफी मोटे नजर आ रहे थे जिसके बाद लोगों ने उनकी फिटनेस को लेकर काफी मजाक उड़ाया। लेकिन अब उन्होंने अपना वजन कम कर अपनी फिटनेस के बारे में लोगों को बता दिया है। अभिनेता फरदीन खाने ने 6 महीने में लगभग अपना 18 किलो वजन कम कर लिया है। जिसके बाद लोग उनकी फिटनेस और तेजी से वजन कम करने के लिए तारीफें कर रहे हैं। लोग ये जानना चाह रहे हैं कि 6 महीने में फरदीन खान ने अपना 18 किलो वजन कैसे कम किया और खुद को कैसे इतना फिट बनाया।तेजी से वजन घटाने को लेकर फरदीन खान ने अपनी वेट लॉस जर्नी के बारे में भी लोगों को बताया। फरदीन खान ने बताया कि उन्होंने अपने वजन कम को कम करने के लिए काफी मेहनत की है जिसके बाद अब वो 30 साल का खुद को महसूस करने लगे हैं। फरदीन खान ने कहा कि अभी तो बस मैं मानसिक रूप से खुद को 30 साल का ही महसूस कर रहा हूं लेकिन अभी और खुद को यंग महसूस करना चाहता हूं। साल 2016 में फरदीन खाने के वजन और मोटापे को लेकर लोगों ने इन्हें काफी ट्रोल किया था जिस पर फरदीन खान ने कहा कि उस दौरान मैं पीछे हट गया था लेकिन इस बार मैंने पीछे कदम नहीं रखा। वजन कम करने को लेकर फरदीन खान जितना अच्छा महसूस कर रहे हैं, उतना ही उनके फैन्स ये जानना चाहते हैं कि उन्होंने अपना वजन तेजी से कैसे कम किया।कैसी रही फरदीन खान की वेट लॉस जर्नीफरदीन खान ने लोगों को बताया कि कैसे उन्होंने अपना वजन 6 महीने में 18 किलो तक घटा लिया है। फरदीन खान बताते हैं कि उन्होंने इसकी शुरुआत एक डाइट प्लान और एक्सरसाइज के साथ की। जिसकी मदद से मैं अपना वजन तेजी से घटाने में सफल रहा, लेकिन फरदीन खान कहते हैं कि अभी वेट लॉस की जर्नी 35 प्रतिशत रह गई है जिसे पूरा करना जरूरी है। फरदीन खान ने कहा कि अभी तो 18 किलो वजन कम करने के बाद मैं खुद को 30 की उम्र का महसूस कर रहा हूं लेकिन अभी मैं खुद को 25 साल का यंग देखना चाहता हूं।फरदीन खान खुद को फिट करने के बाद अब जल्द ही बॉलीवुड में भी वापसी करेंगे जिसका खुलासा डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने किया। मुकेश छाबड़ा ने एक इंटरव्यू में बताया कि फरदीन खान को लेकर चर्चा कर रहे हैं और फरदीन खान काफी शानदार भी नजर आ रहे हैं।फरदीन खान कहते हैं कि मैंने अपने पोषण और आहार में कई तरह के बदलाव के साथ अपनी जीवनशैली में भी बदलाव किए। फरदीन खान ने बताया कि अब वो अपने लक्ष्य के काफी पास हैं और मैं अपने बच्चों के साथ भी दौडऩे में मदद करता हूं। वहीं, उन्होंने अपनी बेटी का जिक्र करते हुए बताया कि वो अपनी बेटी को भी फिटनेस के क्षेत्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं।फरदीन को लंबे समय से बॉलीवुड के पर्दे पर नहीं देखा गया है। उन्हें आखिरी बार 2010 में रिलीज हुई फिल्म 'दूल्हा मिल गया' में देखा गया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। अब खबर आ रही है कि वह अनीस बज्मी की फिल्म 'नो एंट्री' के सीक्वल से बॉलीवुड में वापसी कर सकते हैं। 'नो एंट्री' के निर्देशक अनीस ने बताया कि फिल्म की पटकथा लिखी जा चुकी है। इसे पूरा करने में उन्हें एक साल का समय लगा। उन्होंने बताया कि यह स्क्रिप्ट अभी तक की उनकी सबसे शानदार स्क्रिप्ट है। अनीस ने आगे बताया, "फिल्म का टाइटल 'नो एंट्री में एंट्री' होगा। मैं केवल फिल्म के प्रोड्यूसर बोनी कपूर के निर्देश का इंतजार कर रहा हूं।"
- कभी न कभी हमारी जिंदगी में प्यार जरूर दस्तक देता है। भले ही हम कितना भी मना करते रहें या कितना भी दूर क्यों न भागते रहें। लेकिन प्यार कभी न कभी हमें हो ही जाता है। कब और कहां हमें किससे प्यार हो जाए, कब कौन हमारी लाइफ पार्टनर बन जाए। इस पर हमारा बस नहीं चलता है। हां, इतना जरूर है कि हम अपने पार्टनर को ढूंढते समय कई बातों का ध्यान देते हैं। ठीक ऐसे ही अगर आपके प्यार की नई शुरुआत हुई है, तो आपको कुछ बातों का खास ध्यान देना चाहिए ताकि आपके प्यार की डोर हमेशा ही मजबूत रहे। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।एक-दूसरे को थोड़ा समय देंजब भी हमारे प्यार की शुरुआत होती है, तो हम काफी ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। हम सब कुछ भूलकर सिर्फ और सिर्फ अपने पार्टनर के साथ ही रहते हैं। लेकिन हमें प्यार की शुरुआत के समय ऐसा करना चाहिए कि एक-दूसरे को समझने का थोड़ा समय देना चाहिए। भले ही आप उनसे प्यार कर चुके हैं, उन्हें अपना दिल दे चुके हैं, लेकिन ये आपके प्यार की शुरुआत है। इसलिए आपको एक-दूसरे को थोड़ा समय और देना चाहिए, ताकि आप एक-दूसरे को और अच्छे से जान सकें और एक-दूसरे की बातों को भी समझ सकें।सभी बातें साझा करेंअब जब आपके प्यार की शुरुआत हो चुकी है, तो भी आपको अपने पार्टनर को समझना चाहिए। इस बात की कोशिश करनी चाहिए कि उनके साथ सभी बातें साझा करें। उदाहरण के लिए अगर आप किसी मुश्किल या परेशानी से जूझ रहे हैं, तो आपको ये बात अपने पार्टनर को बतानी चाहिए। ऐसा करने से हो सकता है कि वो आपकी इसमें मदद कर सके। इसलिए प्यार की शुरुआत के समय हमें कोशिश करनी चाहिए कि सभी बातों को एक-दूसरे को बताना चाहिए, न कि छुपाना चाहिए।झूठ न बोलेंकहते हैं कि चाहे रिश्ता कोई भी हो, लेकिन अगर उसमें झूठ आ जाए तो फिर वो रिश्ता बिगड़ जाता है। ठीक ऐसे ही प्यार के रिश्ते में भी झूठ के लिए कोई जगह नहीं होती, क्योंकि इससे आपके प्यार की शुरुआत कब खराब हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। आपको अपने पार्टनर से कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए। आप अगर उनसे हमेशा सच बोलेंगे तो आपके रिश्ते की मिठास और बढ़ती जाएगी। आपसे कोई गलती भी हुई है तब भी आपको सच ही बोलना चाहिए, इससे आपको मदद ही मिलेगी।एक-दूसरे के कामों में हाथ बटाएंकई लोगों को जब प्यार मिल जाता है, तो उसके बाद वो सबकुछ भूल जाते हैं। लेकिन हमें हमेशा ये बात ध्यान देनी चाहिए कि जब भी हमारे प्यार की शुरुआत हो, तो हमें एक-दूसरे का हमेशा हाथ बटाना चाहिए। जैसे- अगर आपके पार्टनर आपको कहीं साथ चलने के लिए कहें, तो आपको साथ जाना चाहिए। घर पर कुछ काम करने को कहें, तो भी आपको उनके साथ वो काम करना चाहिए। कुल मिलाकर जो भी काम हो उसमें कपल को एक-दूसरे का हाथ जरूर बटाना चाहिए। इससे प्यार बढ़ता है।
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अभिनेत्री कैटरीना कैफ जानी मानी अभिनेत्रियों में से एक है जिन्होंने बहुत ही कम समय में लोगों के दिल में अपने लिए जगह बना ली है। कैटरीना कैफ ने बीते सालों की बेहतरीन फिल्मों में काम किया है जिसके कारण वो हमेशा खबरों में बनी रहती हैं। ऐसे ही कैटरीना की फिटनेस को लेकर अक्सर लोगों में चर्चा चलती रहती है। कैट खुद को फिट रखने के लिए हमेशा मेहनत करती रहती है और अलग-अलग तरीकों को अपनाने की कोशिश करती रहती हैं। कैटरीना ने इस बार भी अपनी फिटनेस के लिए तैयार किए लंच को अपने फैन्स के लिए सोशल मीडिया पर साझा किया है।
क्या है कैटरीना का 'लंच प्लान'अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने लंच के आइडिया को शेयर किया है जिसको देखकर लोग काफी हैरान हैं और ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस तरह कैटरीना खुद को कैसे फिट रखती हैं। कैटरीना ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए पोस्ट में लिखा है कि आज का खाना बैगन का भर्ता, दाल चीला, पालक दाल और शिमला आलू है।अक्सर ज्यादातर लोगों को ये लगता है कि सेलिब्रिटीज और स्टार हमेशा से ही अपनी डाइट में बहुत महंगी और अलग चीजों को शामिल करते हैं जिसकी मदद वो खुद को फिट रख सकते हैं। जबकि ऐसा नहीं है, कैटरीना कैफ ने भी अपनी दोपहर की थाली को सामने लाकर लोगों का ये भ्रम दूर किया है। कैटरीना कैफ के इस पोस्ट ये दिखाई देता है कि वो भी आम लोगों की तरह अपनी डाइट या थाली में सामान्य चीजों या सब्जियों को शामिल करती हैं और उसकी मदद से खुद को फिट रखती हैं। ये सच है कि आप रोजाना खाई जाने वाली सब्जियों, दालों और कुछ घर पर बनाएं डिश से खुद को फिट और कम वजन के साथ रख सकते हैं। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा मेहनत या फिर बहुत महंगी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने की जरूरत नहीं है।कैसे है ये थाली फायदेमंद1. बैगन का भर्ताकैटरीना की थाली में मौजूद बैगन का भर्ता कैसे आपके लिए फायदेमंद है, ये सवाल आप सभी के मन में उठ रहा होगा। तो हम आपको बता दें कि बैगन का भर्ता आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, ये उन लोगों के लिए और भी अच्छा माना जाता है जो अपने वजन को कम करने की कोशिश करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंगन में काफी कम मात्रा में कैलोरी होती है जो आपके वजन को कम करने में मदद करती है।2. दाल चीलादाल चीला भी आपकी सेहत के लिए काफी अच्छा होता है, क्योंकि दाल में भारी मात्रा में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं जिसकी मदद से आप आसानी से खुद को फिट रख सकते हैं। वजन कम करने वाले लोगों के लिए दाल एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।3. शिमला मिर्चशिमला मिर्च आपके स्वास्थ्य के लिए काफी बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि इसमें भारी मात्रा में विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर और पोटैशियम मौजूद होता है। जो आपके पूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है। इसके अलावा शिमला मिर्च आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखने का काम करती है। इसके साथ ही आप इससे अपने वजन को कम कर सकते हैं। - सदियों से इस दुनिया में प्रेम चला आ रहा है। हर लड़का चाहता है कि उसे कोई ऐसी साथी मिले, जो उसके लिए बिल्कुल सही हो। लेकिन लड़के हमेशा एक बात को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं कि आखिर लड़कियों को किस तरह के लड़के पसंद आते हैं? आखिर लड़कों की किस तरह की पर्सनेलिटी होनी चाहिए? लड़कों में वो क्या बात होनी चाहिए, जो लड़कियों को पसंद आए? आखिर ऐसी क्या चीज है, जिसे करते ही लड़कियां उन पर फिदा हो जाए? इस तरह के कई सवाल लड़कों के मन में उछल कूद करते रहते हैं, और अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल हैं। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि लड़कियों को आखिर लड़कों की क्या बातें पसंद आती हैं, जिसके कारण वो उन पर फिदा हो जाती हैं।शांत रहने वाले लड़कों परअगर आप ये सोचते हैं कि आखिर लड़कियां किन लड़कों पर फिदा होती है, तो आपको बता दें कि इसमें वो लड़के शामिल हैं जो शांत रहते हैं। लड़कियों को ऐसे लड़के काफी अच्छे लगते हैं, जो काफी शांत रहते हैं, किसी चीज को लेकर ज्यादा सोचते नहीं हैं, शांति से हर मसले को हल करते हैं आदि। लड़कियां ऐसे लड़कों पर जल्दी फिदा होती हैं जिनका शांत स्वभाव होता है। अगर आप शांत नहीं हैं, तो फिर आपको शांत रहना चाहिए और वैसे भी शांत रहने वाले लोग काफी सही होते हैं।परफ्यूम लगाने वाले लड़कों परहम खुद को साफ रखने के लिए रोजाना नहाते हैं, अच्छे कपड़े पहनते हैं, अच्छे जूते पहनते हैं और यहां तक कि अच्छा और महंगा परफ्यूम भी लगाते हैं। इंटरनेशलन जर्नल ऑफ कॉस्मेटिक साइंस में प्रकाशित एक अध्ययन बताता है कि लड़कियों को खुशबू वाले परफ्यूम लगाने वाले लड़के पसंद आते हैं। इस अध्ययन में कुछ लड़कों को बिना खुशबू वाला और कुछ लड़कों को खुशबू वाला परफ्यूम लगाया गया, जिसके बाद लड़कियों ने खुशबू वाले लड़कों को ज्यादा पसंद किया।सच बोलने वाले लड़कों परहम बचपन से एक चीज सीखते आते हैं कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए। हमारे बड़े-बुजुर्ग भी यही कहते हैं कि चाहे कुछ भी हो, लेकिन हमें हमेशा सच ही बोलना चाहिए। वहीं, लड़कियों को भी ऐसे लड़के ज्यादा पसंद आते हैं, जो हमेशा सच बोलते हैं, उनसे कभी झूठ नहीं बोलते हैं, उनसे कोई बात नहीं छुपाते हैं आदि। लड़कियां चाहती हैं कि वो जिन्हें भी चुने वो हमेशा उनसे सच बोलें। इसलिए बाकी लड़कों की तुलना में लड़कियां सच बोलने वाले लड़कों पर जल्दी फिदा होती हैं।उम्र में बड़े लड़कों परलड़कियां अपने से ज्यादा उम्र के लड़कों की तरफ ज्यादा आकर्षित होती हैं। लड़कियां जब अपने लिए कोई लड़का चुनती हैं, तो वो खासकर इस बात का ज्यादा ध्यान देती हैं कि लड़का उनसे बड़ा हो। इसके पीछे दो वजह मानी जाती हैं। पहली ये कि लड़कियां बड़े लड़कों पर इसलिए फिदा होती हैं, क्योंकि उन्हें अपने से बड़ों लड़कों पर भरोसा होता है। वहीं, दूसरा इसलिए कि लड़कियां मानती हैं कि जो लड़के उम्र में उनसे बड़े होते हैं, वो केवल उम्र में ही नहीं बल्कि अनुभव में भी उनसे ज्यादा बड़े होते हैं। इसलिए लड़कियों को अक्सर अपने से ज्यादा उम्र के लड़के पसंद आते हैं।
- स्वस्थ और फिट रहने के लिए रोजाना नहाना बहुत जरूरी है। रोजाना स्नान करने से शरीर में फुर्ती आती है और सफाई भी बनी रहती है। रोजाना स्नान करने से कई तरहों की बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सकता है। हालांकि स्नान करते समय कई लोग कुछ गलतियां भी कर देते हैं, जिस वजह से सेहत को नुकसान भी हो सकता है। कुछ गलतियों के बारे में बताएंगे जो नहाते समय नहीं करनी चाहिए।00 नहाने का साबुन ऐसा होना चाहिए जो हल्का हो और जिसमें तेल और क्लींजर के गुण मौजूद हों। गलत साबुन का इस्तेमाल करने से आपको स्किन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।00 नहाने वाले तौलिए को समय- समय पर धोते रहना चाहिए। तौलिए को रोजाना धूप में सुखाएं और सप्ताह में कम से एक बार जरूर धोएं। गीले तौलिए का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।00 बॅाडी स्क्रबिंग के लिए लूफा का इस्तेमाल सबसे अच्छा होता है। सप्ताह में एक बार अपना लूफा जरूर साफ करें। आपको हर तीन हफ्ते में अपना लूफा बदल लेना चाहिए।00 नहाने के दौरान या नहाने के बाद बाथरूम फैन को कुछ देर के लिए चला लें। ऐसा करने से बाथरूम की नमी कम हो जाएगी। अगर आप बाथरूम फैन को बंद रखेंगे तो धीरे- धीरे बाथरूम की दिवारों को नुकसान पहुंचने लगेगा।
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जीवन में सुख-दुख आते-जाते हैं। हम हमेशा एक बात पर ध्यान देते हैं कि अपने पार्नटर को कैसे खुश किया जाए, क्योंकि अपने पार्टनर को खुश करना काफी कठिन जो माना जाता है। कई बार जाने-अनजाने ऐसी बातें हो जाती हैं या फिर कई ऐसी गलती हो जाती है जिससे बना बनाया रिश्ता भी बिगड़ जाता है। इसलिए हमें हमेशा ही कोशिश करनी चाहिए कि हमें अपने पार्टनर को खुश रखना चाहिए, जिसके कई तरीके हम आपको बताने जा रहे हैं।
आइए जानें पार्टनर को खुश रखने के कुछ टिप्स
आप अपने पार्टनर को खुश करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको उन्हें समझना होगा। वो क्या चाहते हैं, उनका मन क्या चीज करने का है-क्या नहीं करने का है, वो कहां घूमना पसंद करते हैं, वो क्या खाना पसंद करते हैं, उन्हें कौन सी चीजें अच्छी नहीं लगती हैं, कौन सी चीजें उन्हें ज्यादा पसंद है आदि। आपको उनकी बॉडी लैग्वेंज पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इससे आप अपने पार्नटर को काफी हद तक समझ पाएंगे। इस तरीके से आप उन्हें खुश रख सकते हैं।दूसरा तरीका आप ये अजमा सकते हैं कि आप अपने पार्टनर की तारीफ कर सकते हैं। आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि उनकी तारीफ करते रहें। उदाहरण के लिए अगर आपके पार्टनर को पेंटिंग बनाने का शौक है, और वो कभी कोई पेंटिंग बनाते हैं तो आपको उनके इस काम की तारीफ करनी चाहिए। आपके पार्टनर ने कोई नई ड्रेस पहनी हो, अपने दोस्तों के साथ बैठे हैं, किसी शादी-पार्टी के लिए तैयार हुए हैं आदि। अलग-अलग मौकों पर आपको अपने पार्टनर की तारीफ करते रहना चाहिए।अपने पार्टनर की हर छोटी-बड़ी चीज का ध्यान रखना चाहिए। जैसे- उनका जन्मदिन कब आता है, वो किसको लेकर कितनी चिंतित रहती हैं आदि। आप उन्हें समय-समय पर कहीं बाहर नई-नई जगहों पर घूमाने या फिर कैंडल लाइट डिनर कराने बाहर ले जा सकते हैं। इससे उन्हें अच्छा लग सकता है। इसके अलावा आप उन्हें नए कपड़े दिलाने शॉपिंग पर बाहर लेकर जा सकते हैं यानी आपको कुल मिलाकर उनकी हर एक चीज का ध्यान रखना चाहिए। इससे भी आप अपने पार्टनर को खुश रख सकते हैं। - जब आप जिससे प्यार करते हैं और उन्हें चुंबन देते हैं, तो यह न सिर्फ आपके साथी को अच्छा महसूस करवाता है, बल्कि आपके रिश्ते को भी मजबूत बनाता है। ऐसा पता चला है कि चुंबन के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपको सिरदर्द है, तो ऐसे में आपके साथी द्वारा किया गया चुंबन आपको इससे राहत प्रदान करने में मदद कर सकता है। इसी तरह चुंबन के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जिनके बारे में आपको यहां बताने जा रहे हैं। चुंबन के कई फायदे हैं, पर यह किसी बीमारी का उपचार नहीं है। तो खुश रहें और पार्टनर के साथ अच्छे समय का आनंद लें। क्या आप इसके बारे में जानने को लेकर उत्सुक हैं? जानिए चुम्बन के फायदे...आपकी धमनियां स्वस्थ हो सकती हैंएक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग अधिक बार चुंबन करते थे, उनमें कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम था। जब आप चुंबन करते हैं, तो आपके शरीर में अधिक ऑक्सीटोसिन का उत्पादन शुरू होता है। यह हार्मोन तनाव और चिंता को दूर करने में मदद करता है, जो उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर में योगदान कर सकता है। साथ ही चुंबन ब्लड प्रशर को कम करने में भी मदद कर सकता हैं।एलर्जी की प्रतिक्रिया कम तीव्र हो सकती हैचुंबन तनाव कम कर देता है और सकारात्मक भावनाओं को पैदा करता है, जो एलर्जी कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, आपको इसका भी ध्यान रखना चाहिए कि यदि आपके साथी ने कुछ ऐसा खाया है जिससे आपको एलर्जी है, तो यह एलर्जी का कारण बन सकता है।चेहरा जवां दिख सकता हैचुंबन के समय, आपके चेहरे की कई मांसपेशियां इसमें शामिल होती हैं। तो चुंबन एक वास्तविक व्यायाम की तरह आपके चेहरे को टोन करने में भी मदद कर सकता है। चुंबन के दौरान आप प्रति मिनट, 26 कैलोरी तक बर्न क सकती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, चुंबन से आपकी त्वचा में रक्त प्रवाह तेजी से होता है। यह कोलेजन और इलास्टिन के उत्पादन को उत्तेजित कर सकता है, जो चेहरे को अधिक युवा बनाने में मदद कर सकता है।सिरदर्द या ऐंठन को कम कर सकता हैसिरदर्द है या पीरियड्स की ऐंठन से गुजर रही हैं, तो यह एक अच्छा विचार है कि दर्द से राहत पाने के लिए चुंबन ट्राय करें। विशेषज्ञ बताते हैं कि चुंबन डाईलेट्स रक्त वाहिकाओं और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है, तो यह दर्द को कम करने में भी मदद कर सकता है।दांतों में कैविटी की संभावना कम हो सकती हैचुंबन लार के उत्पादन को बढ़ाता है, जो हानिकारक बैक्टीरिया से दांतों की रक्षा करता है और कैविटी से बचाव कर सकता है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी दावा है कि लार में मौजूद मिनरल दांतों की क्षति (द्गठ्ठड्डद्वद्गद्य स्रड्डद्वड्डद्दद्ग) की मरम्मत में भी मदद कर सकता है। हालांकि, आपकी और आपके पार्टनर की मौखिक स्वच्छता महत्वपूर्ण है, क्योंकि आपके मुंह में कई ऐसे बैक्टीरिया होते हैं, जो चुंबन के दौरान स्थानांतरित हो सकते हैं।वजन कम हो सकता हैचुंबन आपके शरीर में डोपामाइन के अधिक उत्पादन को प्रोत्साहित करता है। यदि आपके शरीर में इस हार्मोन की पर्याप्त मात्रा नहीं है, तो आपको कई फूड्स की क्रेविंग हो सकती है। जिसका आमतौर पर मतलब है कि आप कुछ अस्वास्थ्यकर और उच्च कैलोरी वाले फूड्स की ओर जा सकती हैं। और खाने के बाद भी, आप पूरी तरह से संतुष्ट महसूस नहीं कर पातीं। डोपामाइन का उच्च स्तर आपकी भूख को नियंत्रित कर सकता है और वजन में वृद्धि को रोकने में मदद कर सकता है।
- घरों की दीवारों की रंग का भी जीवन में खास महत्व है। वास्तु के अनुसार भवन या ऑफिस में इस प्रकार के रंग या पेंट करें जिससे कि वह हमारा भवन परस्पर प्रेम और उन्नति के अनुकूल हो। जानिए क्या होना चाहिए रंगों का संयोजन। आजकल लोग घरों में डिजाइनर टाइल्स लगवाने लगें हैं। पूरे घर में या मुख्य द्वार पर पूर्ण रूप से टायल लगाना घर की सांसों को बंद करना होता है। ऐसा कहा जाता है कि दीवारें भी सांस लेती हैं और जिस घर में दीवारें सांस नहीं लेती हैं वहां व्यक्तियों की स्वास्थ्य हानि निश्चित है। यदि हम दीवार पर प्लास्टिक पेंटिंग या टाइल्स लगवाते हैं तो दीवारें बंद हो जाती हैं।वास्तुशास्त्रियों के अनुसार जानें कुछ टिप्स...ड्राइंग रूमघर का बैठक कक्ष अर्थात ड्राइंग रूम हमारे घर का दर्पण है। घर में आने वाले व्यक्ति सबसे पहले इसी कक्ष में आते हैं। इसलिए इस कक्ष के दीवारों का रंग आकर्षक होना चाहिए। वैसे तो दिशाओं के अनुसार रंग-रोगन की व्यवस्था अलग है। किंतु सामान्य रूप से आंखों को सुंदर लगने वाले रंग सफेद, क्रीम कलर, हल्का गुलाबी हल्का नीला कलर ड्राइंग रूम के लिए अच्छे होते हैं। छत पर भी उन्हें रंगो के समायोजन करते हुए पेंटिंग करानी चाहिए।बैडरूमबैडरूम अर्थात शयन कक्ष ऐसा स्थान है जहां हम दिन भर की थकान मिटाते हैं। कम से कम 6 से 8 घंटे तक हमारा वहां निवास रहता है। बैडरूम में मन को प्रसन्न करने वाले रंग का चयन करना चाहिए। गुलाबी, हल्का लाल, हरा, हल्का हरा, सफेद और हल्का नीला रंग बेडरूम के लिए शुभ होता है, किंतु यदि आपके जीवनसाथी या आपके स्वभाव में क्रोध की भावना है तो लाल रंग का त्याग कर दें। बेडरूम में कभी भी पानी का चित्र एवं शीशा रखना भी अच्छा नहीं होता।रसोई घररसोई में सदैव हल्के रंगों का प्रयोग करें। रसोई का दीवारों का रंग सफेद अच्छा माना गया है। क्रीम कलर, पिंक और हल्का लाल रंग की पेंटिंग करा सकते हैं। लेकिन एक बात ध्यान रखें की रसोई की स्लैप पर हरा या लाल पत्थर ना लगाएं। हरा या लाल पत्थर लगाने से गृहिणी या भोजन बनाने वाला व्यक्ति बार-बार पैरों में दर्द एवं बेचैनी का अनुभव कर सकता है। रसोई घर में हमेशा सफेद पत्थर ही लगवाएं।बच्चों का कमराबच्चों के कमरे में हमेशा हल्के रंग रखने चाहिए क्योंकि प्राय:अध्ययन कक्ष या बच्चों का कमरा उत्तर पूर्व में होता है। इस दिशा में मन को सुकून देने वाला रंग हल्का हरा, हल्का नीला, सफेद या क्रीम कलर बहुत शुभ रहता है।अतिथि कक्षअतिथि कक्ष में मन को प्रसन्न लगने वाला र खुशी देने वाला रंग कराना चाहिए। अधिकतर यह कमरा उत्तर-पश्चिमी दिशा में बनाया जाता है। इसलिए इस दिशा में हरा रंग, हल्का हरा रंग क्रीम कलर बहुत शुभ रहते हैं।बाहरी दीवारघर में प्रवेश करने से पहले हमारे घर का मुख्य द्वार आकर्षक होना चाहिए। मुख्य द्वार पर भड़कीले एवं चटकीले रंग नहीं कराने चाहिए। सामान्यता हल्के रंग जो अच्छे लगे और मन को प्रसन्न रखें वही प्रयुक्त करने चाहिए। सफेद रंग, हल्का हरा, पीला ,पर्पल आदि रंगों से घर का बाहरी आवरण सजाना चाहिए ।
- वैलेंटाइन डे के साथ प्यार को लेकर चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। प्रेम को लेकर कई लोग का तो ये भी मानना है कि विज्ञान में इसके लिए कोई जगह नहीं हैं या यूं कहें तो प्रेम विज्ञान के लिए बना ही नहीं है। लेकिन इन सब के बावजूद भी वैज्ञानिकों ने अपने शोध में प्रेम विषय को अनछुआ नहीं रखा है। तो आइए जानते हैं विज्ञान प्यार को पहली नजर में किस नजरिए से देखता है।इस विश्लेषण में उन्होंने समय के साथ होने वाले बदालव को भी शामिल किया है। वैज्ञानिकों की मानें तो प्रेम की शुरुआत में प्रेरित करने के लिए तीन रसायनों की भूमिका अहम होती है। नोराड्रेनालाइन, डोपामाइन और फेनाइलइथाइलामाइन ये तीन ऐसे रसायन हैं, जो हमारे दिमाग में प्रेम के प्रति भावों को सक्रिय करने में मदद करते हैं। नोराड्रेनालाइन रसायन का काम शुरुआत करने यानी शुरुआती भावों को उकसाने में भूमिका निभाते हैं। इसके वजह से एड्रेनालाइन बनने लगता है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इस दौरान हथेली पर पसीना आने जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं। इसके बाद दूसरा रसायन डोपामाइन के पैदा होने से व्यक्ति अच्छा महसूस करने लगता है। तीसरे रसायन फेनाइलइथाइलामाइन के रिलीज होने पर व्यक्ति को अजीब सा महसूस होने लगता है। वैज्ञानिको ने प्रेम में होने की स्थिति को तीन चरणों में बांटा है। पहला है आसक्ति, जिसे अंग्रेजी में लस्ट कहते हैं, जो पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में ओस्ट्रोजन के स्तरों से संचालित होते हैं। दूसरा है आकर्षण यह बिलकुल उसी तरह के भाव पैदा करती है, जब किसी नशा करने वाला व्यक्ति तो शराब या ड्रग्स की तलब लगती है। अंतिम चरण में इंसान को लगाव हो जाता है। जब व्यक्ति प्रेम करने वाले से नजदीकी से जुड़ता है और उसके साथ मिलकर लंबी योजनाएं बनाने लगता है, तो उस समय यह अंतिम चरण काम करने लगता है। आसक्ति के स्थिति में शरीर टेस्टोस्टेरोन या ओस्ट्रेजन का बढ़ना पृथ्वी के दूसरे स्तनपायी जीवों की तरह ही होता है।किसी इंसान के अंदर जब बहुत अधिक खुशी के भाव पैदा होते हैं, तो दिमाग में कई कैमिकल्स पैदा होते हैं। इन कैमिकल्स में खुशियों का अहसास कराने वाला डोपामाइन, लड़ो या बच निकलो वाला भाव पैदा करने वाला एड्रेनालाइन और चौकन्ना होने का भाव पैदा करने वालारोरेपाइनफ्रराइन इंसान में लत की तरह का प्रेम का भाव पैदा करते हैं। एड्रेनालाइन की वजह से हथेलियों में पसीना, दिल की धड़कन बढ़ना और शर्म से गाल लाल होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।बहुत कम लोग जानते हैं हम खास तरह की गंध निकालते हैं। हारमोने की तरह फेरोमोन्स भी रसायन ही होते हैं, जो हमारे शरीर के बाहर पसीने और शरीर के द्रव्यों में रहते हैं। वैज्ञानिक तौर पर पाया गया है कि ये अवचेतन के स्तर पर शुरुआती आकर्षण की वजह बनते हैं। इसके अलावा एक जैसे दिखना, समान मूल्य और विश्वास भी आकर्षण का कारण होते हैं।
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आज चॉकलेट डे पर विशेष
चॉकलेट डे आज है। इस खास दिन के अवसर पर चॉकलेट गिफ्ट करने का चलन है। अपनी पसंदीदा चॉकलेट के बाहर नहीं मिलने पर इसे आप घर पर भी बना सकते हैं और गिफ्ट कर सकते हैं, आपको बता दें कि इसको बनाने का तरीका बहुत ही आसान है।
गिफ्ट करने के लिए बाहर से चॉकलेट नहीं मिल रही है तो इसे आसानी से घर भी बनाया जा सकता है. चॉकलेट को घर पर बनाने की विधि आसान है. बिना समय गंवाए आपको बताते हैं कि चार इंग्रीडिएंट से चॉकलेट ट्रफल्स कैसे बनाया जा सकता है और इसके लिए कौन-कौनसी चीजों की जरूरत होती है।
सामाग्री
ट्रफल के लिए एक कैन गाढ़ा दूध
1/4 कप कोको पाउडर
1 बड़ा चम्मच बटर
100 ग्राम डार्क चॉकलेट
डेकोरेशन के लिए चॉकलेट स्प्रिंकल्स कोको पाउडर और कोकोनट शैविंगज
विधि---
चॉकलेट बनाने की विधि में डार्क चॉकलेट को पिघलाने के लिए डबल बाउल मेल्टिंग टेक्निक का इस्तेमाल करें और इसे पिघालकर एक तरफ रख दें। अगले स्टेप में एक पैन में गाढ़ा दूध और बटर डालें। पैन को धीमी आंच पर रखें और बटर के पिघलने तक इसे जारी रखें. इस मिश्रण में कोको पाउडर को पिघली हुई चॉकलेट के साथ मिलाएं. कम से कम 15 मिनट के लिए सभी सामग्रियों को एक साथ लगातार फेंटते रहें।
अगले स्टेप में बटर से एक प्लेट ग्रेसी करके 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें. ऐसा होने तक ट्रफल मिश्रण को ठंडा होने दें. एक बार जब रूप टेम्परेचर तक पहुंच जाए तब मिश्रण की बॉल बनाकर अपनी पसंद की डेकोरेशन के लिए तैयार कर सकते हैं। चॉकलेट ट्रफल बनाने का यह सबसे आसान तरीका है. चॉकलेट को ज्यादा टेस्टी बनाने के लिए आपको जो फ्लेवर पसंद है, एक लेयर उसकी एड कर सकते हैं. आप इसे और ज्यादा चॉकलेटी बनाना चाहते हैं तो इस पर थोड़ा कोको पाउडर छिड़क दें। यदि आप नारियल के साथ चॉकलेट कॉम्बिनेशन को पसंद करते हैं तो बॉल्स को कोकोनट शैविंगज में रोल करें और अपने पसंद के चॉकलेट का आनंद लें. इस तरह से आप चॉकलेट बनाकर तैयार सकते हैं और इसे गिफ्ट कर सकते हैं। - सीने में जलन एक आम समस्या है, जो लगभग हर किसी को होती ही है। दरअसल, यह समस्या आमतौर पर तब होती है जब लोग ज्यादा मसालेदार और तला हुआ भोजन करते हैं। इसके अलावा पेट में एसिड बनने की स्थिति में भी कई बार सीने में जलन की समस्या हो जाती है। खासकर खाना खाने के बाद या रात के समय सीने में जलन जैसा दर्द होता है। कभी-कभी ऐसा होता है कि लेटने या झुकने पर दर्द और भी ज्यादा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से इंसान न कुछ काम कर पाता है और न ही चैन से कहीं बैठ या सो ही पाता है।फायदेमंद है अदरकअदरक को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। सीने में जलन की समस्या में भी यह काफी कारगर नुस्खा है। जब भी खाना खाने के बाद आपके सीने में जलन हो, तो अदरक को चबाकर खाएं या उसकी चाय बनाकर भी पी सकते हैं। इससे काफी राहत मिलेगी।ठंडा दूध दिलाता है राहतदूध को तो वैसे शरीर के लिए फायदेमंद माना ही जाता है, यह सीने में जलन दूर करने के लिए भी कारगर उपायों में से एक है। इसके लिए आप एक गिलास ठंडे दूध का सेवन करें या उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर भी पी सकते हैं। इससे सीने में जलन की समस्या में काफी आराम मिलेगा।आंवला भी दे सकता है राहतआंवले का सेवन आपको कई तरह की बीमारियों से बचा सकता है। यह सीने में जलन दूर करने के प्रभावी उपायों में से एक है। इसके लिए आप कच्चा आंवला भी खा सकते हैं या सबसे बेहतर होगा कि आप आधा चम्मच आंवले के चूर्ण को एक गिलास पानी के साथ ले लें। यह आपके सीने की जलन को तुरंत शांत कर सकता है।केला भी है फायदेमंदकेला एक बहुत ही गुणकारी फल है, जो सीने में जलन को शांत करने में सहायता करता है। इसलिए जब भी आपको सीने में जलन की समस्या हो तो तुरंत केले का सेवन करें। इससे आपके सीने की जलन शांत होगी और आप राहत महसूस करेंगे।
- हाई ब्लड प्रेशर से परेशान हैं तो 30 मिनट की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। यह वॉक से भी ज्यादा असरदार है। यह दावा कनाडा की एक यूनिवर्सिटी ने किया है। वैज्ञानिकों का कहना है, स्ट्रेचिंग और वॉक का हाई ब्लड प्रेशर पर कितना असर पड़ता है, यह रिसर्च के जरिए जानने की कोशिश की गई है।वैज्ञानिकों के मुताबिक, रिसर्च के दौरान हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे 40 मरीजों के दो ग्रुप बनाए गए। एक ग्रुप को वॉक और दूसरे को स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने को कहा गया। रिसर्च में सामने आया कि ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में वॉक से ज्यादा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज असरदार रही।फिजिकल एक्टिविटी एंड हेल्थ जर्नल में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, जब इंसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करता है तो मसल्स से लेकर धमनियों तक असर होता है। यह मांसपेशियों की अकड़न को दूर करती है। इनमें ब्लड का फ्लो बेहतर होता है।रिसर्च में दावा किया गया है कि अगर आप चर्बी को घटाना चाहते हैं तो वॉक बेहतर विकल्प है। रिसर्च के दौरान सामने आया कि जिन लोगों ने वॉक की उनका वजन स्ट्रेचिंग करने के मुकाबले अधिक घटा। वैज्ञानिकों का कहना है, खुद को रिलैक्स करने के लिए सोफे की बजाय जमीन पर बैठें और टीवी देखते हुए भी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं।ब्लड प्रेशर के डर को ऐसे समझेंमेडिकल न्यूट्रशीनिस्ट डॉ बिस्वरूप राय चौधरी का कहना हैं कि ब्लड प्रेशर बीमारी नहीं, यह शरीर में होने वाले नकारात्मक बदलाव का एक लक्षण है। इसे काबू करने के दो फॉर्मूले हैं। पहला, अपनी रोज के खाने में 50 फीसदी फल और कच्ची सब्जियां खाएं। दूसरा, नमक और तेल से दूर रहें। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि एक पेशेंट जैसे ही डॉक्टर को देखता है उसका बीपी बढ़ना शुरू हो जाता है। जैसे वह हॉस्पिटल से बाहर आता है, बीपी सामान्य होना शुरू हो जाता है। मेडिकल भाषा में इसे ‘व्हाइट कोट सिंड्रोम’ कहते हैं। दवा लेने वाले 80 फीसदी मरीजों में यह सिंड्रोम देखा गया है। ऐसे मरीजों को दवा की इतनी जरूरत नहीं होती। इस तरह बीपी केवल कुछ समय के लिए अचानक बढ़ता है।
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नीम अनमोल है। आप जब भी आप अपने बाल संवारते हैं और एक साथ कई बाल आपके हाथ में आ जाते हैं तो आपका दुखी होना स्वाभाविक है। अपने झड़ते बालों को देखकर भी के मन में यह खयाल आता है कि काश कोई ऐसा तरीका होता, जिसके जरिए हम अपने बालों का झडऩा रोक पाते।
-कई लोग दुखी होकर केमिकल प्रॉडक्ट्स की तरफ मुड़ जाते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि शायद वहां उनकी समस्या का कोई समाधान उन्हें मिल जाएगा। लेकिन अफसोस ज्यादातर केसेज में रिजल्ट सिर्फ परेशानी बढ़ानेवाला होता है। इसलिए आज हम आपके लिए यहां एक ऐसा देसी नुस्खा लेकर आए हैं, जिसे सुंदर और घने बालों के लिए हमारी पुरानी पीढिय़ां उपयोग किया करती थीं।
सिर्फ 10 से 15 पत्तियां चाहिए
-जब भी नीम की पत्तियों से बाल धोने की बात आती है जो ज्यादातर लोगों को लगता है कि पता नहीं इतनी ढेर सारी पत्तियां हम कहां से लेकर आएंगे। लेकिन आप बिल्कुल परेशान ना हों। बालों को धोने का पानी तैयार करने के लिए आपको नीम की सिर्फ 10 से 15 पत्तियां चाहिए।
-समस्या यह है कि हमारे यहां लोगों को नुस्खा तो पता होता है। लेकिन उसी नुस्खे से कम मेहनत के साथ अधिक लाभ कैसे पाया जाए इस बारे में ज्यादातर लोग जानते नहीं हैं।
इस तरह तैयार करें पानी
-नीम की 10 से 15 पत्तियां लेकर पहले उन्हें धो लें। इसके बाद एक बर्तन में एक बड़ा गिलास पानी लेकर गर्म होने के लिए रख दें। जब पानी गर्म हो जाए तो उसमें नीम की पत्तियां डाल दें और धीमी गैस पर इस पानी को पकने दें।
-आप पानी को तब तक पकाएं जब तक यह आधा ना हो जाए। पानी जब आधा रह जाए तो गैस बंद कर दें और पानी को ठंडा होने दें। इस पानी को छानने के बाद आप शैंपू के दौरान इस आधा-पौना गिलास पानी का उपयोग करें। ध्यान रखें कि इस थोड़े-से पानी को आपको बाल्टीभर पानी में नहीं मिलाना है।
यह है नीम का पानी उपयोग करने की सही विधि
-नीम की पत्तियों से बाल धोने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप शैंपू के दौरान जितने भी पानी का उपयोग करें, वह पूरा का पूरा नीम की पत्तियों का पानी होना चाहिए।
-बल्कि पूरी तरह शैंपू करने के बाद आपको नीम की पत्तियों का एक मग पानी अपने बालों पर उपयोग करना होता है। ताकि नीम के गुणों आपके सिर की त्वचा और बालों को पोषण दे सकें। इसके बाद आपको अन्य पानी या शैंपू का उपयोग नहीं करना होता है।
फेंके नहीं पत्तियों को
-नीम के पानी को छानने के बाद बची हुई पत्तियों को फेंके नहीं। बल्कि इन्हें मैश करके यानी मसलकर अपने चेहरे पर लगा लें। इन पत्तियों में बहुत गुण होते हैं। ये आपके चेहरे पर दाने, घमौरी और वाइट तथा ब्लैकहेड्स जैसी समस्याओं को होने से रोकती हैं। आप चाहें तो इन पत्तियों का उपयोग अपने फेस पैक को तैयार करने में भी करत सकते हैं। इन्हें बेसन या चंदन पाउडर में मिक्स करके फेस पैक बना लें।
इतनी बार करें उपयोग
-नीम बालों को या सिर की त्वचा को बिल्कुल नुकसान नहीं करता है। इसलिए आप अपनी सुविधा के अनुसार इसका उपयोग कर सकते हैं। हालांकि सुंदर और घने बालों के लिए सप्ताह में कम से कम 2 बार इस पानी से बाल जरूर धोएं।
-नीम में औषधीय गुणों के अतिरिक्त ऐंटिफंगल, ऐंटिबैक्टीरियल और ऐंटिवायरल गुण होते हैं। यह बालों की जड़ों में डैंड्रफ, फंगस और अधिक तेल आने की समस्या को रोकता है। यह बालों में पिग्मेंटेनश को भी रोकता है। उनकी चमक को बनाए रखता है और उनके प्राकृतिक रंग को बरकरार रखने में सहायता करता है।
जरूर बरतें ये सावधानी
-नीम के पानी का उपयोग करते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह पानी आपकी आंखों में ना जाए। हालांकि यह आंखों के लिए खतरनाक नहीं होता है लेकिन आंखों में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए बेहतर है कि आप इस पानी का उपयोग करते समय थोड़ी-सी सतर्कता रखें। - एक उम्र के बाद अधिकांश लोगों को घुटने की समस्या हो जाती है। कई बार गलत आदतों की वजह से कम उम्र में ही ऐसी समस्या उत्पन्न होने लगती है। ऐसे में सीढिय़ों से उतरने या चढऩे में घुटने चटकने लगते हैं। कुछ लोग इसे बुढ़ापे की समस्या मान रहे हैं, जो गलत है। अपनी कुछ आदतें सुधार कर आप इस समस्या से बच सकते हैं।घुटने का रोग गलत फुटवियर, खानपान, चाल और अधिक वेट के कारण कभी भी किसी भी उम्र में हो सकती हैं। इतना ही नहीं विटामिन और मिनिरल्स की कमी इन बीमारियों को और बढ़ावा देती है। इतना ही नहीं बहुत ज्यादा दौडऩा भी इसके लिए जिम्मेदार होने लगा है।हाई हील्स बंद कर दें पहनानाहाई हील्स घुटने को खराब करने का बहुत बड़ा कारण है। फैशन और खुद को स्टाइलिश बनाने के लिए अगर आप हील्स ज्यादा पहनती हैं तो जान ले ये आपके घुटने के दर्द के लिए न्योता है। हाई हील के कारण कमर पर चर्बी बढ़ती और इससे घुटनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। इतना ही नहीं कई बार हील्स के कारण सही चाल नहीं बनती और इसका असर घुटनों पर होता है।ट्रेडमील पर ज्यादा दौडऩाअगर आप जिम प्रेमी हैं और ट्रेडमील पर आपको बहुत दौडऩे का शौक है तो संभल जाएं। ज्यादा दौडऩा वह भी ट्रेडमील पर सही नहीं होता, क्योंकि जब पैर मशीन पर फैला कर दौड़ा जाता है तो इससे घुटनों पर असर ज्यादा होता है, क्योंकि इससे घुटने की त्रिकोण वाली हड्डी पर दबाव पड़ता है। इतना ही नहीं इससे घुटने के कार्टिलेज घिसने लगते हैं।गलत पॉश्चरगलत तरीके से केवल चलना या गलत फुटवियर को पहनना ही घुटने को खराब करता बल्कि आपके गलत तरीके से खड़े रहा, उठना-बैठना भी इसके लिए जिम्मेदार है। पैर पर पैर चढ़ा कर बैठना इसका बड़ा कारण होता है। इतना ही नहीं अगर आप भारी वेट उठाते हैं तो ये आदत बदल दें। क्योंकि इससे घुटने तेजी से खराब हो सकते हैं।एक्सरसाइज की धुन, मोटापाकई बार किसी को एक्सरसाइज की धुन सवार होती है। ऐसा कर के वह अपने घुटने को खराब करने का काम कर रहे होते हैं। दरअसल ज्यादा एक्सरसाइज में पैरों को मूवमेंट ज्यादा होने लगता है। इससे घुटनों के आस-पास की मसल्स पर बुरा असर पड़ता है और वो क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। इसके अलावा अगर आपका वेट ज्यादा है तो इसका सीधा असर आपके घुटने पर ही पडऩे वाला है। इससे जोड़ों में दर्द या मांसपेशियों में दर्द होने लगता है।
- घनी और मोटी आइब्रोज हमारे चेहरे पर चार चांद लगा देते हैं। कई लोगों के मुंह से आपने सुना भी होगा कि मोटी आइब्रोज से शेप अच्छी आती है। आइब्रोज के शेप अच्छा होने से हमारा चेहरा काफी खिला-खिला सा लगता है। अगर आप भी अपने आइब्रोज के बाल घने करना चाहती हैं, तो नारियल तेल का इस्तेमाल करें।नारियल तेल ना सिर्फ आपके सिर के बालों की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि आपकी आइब्रोज के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। नारियल तेल में कई ऐसे एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो आपकी स्किन और बालों के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा इसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण और पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन और बालों के लिए फायदेमंद हैआइब्रोज बालों के टूटने से करता है बचावक्या आपके आइब्रोज के बाल टूटते हैं? अगर हां, तो अपने आइब्रोज पर नारियल तेल का इस्तेमाल करें। इसके इस्तेमाल से आपके आइब्रोज के बाल टूटेंगे नहीं। कई स्किन एक्सपर्ट का मानना है कि नारियल तेल से आइब्रोज पर मसाज करने से आपके आइब्रोज के बाल टूटते नहीं हैं।आइब्रोज होती हैं घनीनारियल तेल आइब्रोज को मॉइश्चराइज करता है। यह आंखों के लिए भी काफी अच्छा साबित हो सकता है। आंखों के आसपास नारियल तेल लगाना सुरक्षित माना जाता है। क्योंकि यह बाजार के अन्य सीरम और क्रीम की तुलना में अधिक सुरक्षित होता है। नारियल तेल में किसी तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। अगर आप अपने आइब्रोज को घना करना चाहते हैं, तो चेहरा धोने के बाद नारियल तेल का इस्तेमाल अपने आइब्रोज पर जरूर करें। इसके साथ ही मेकअप हटाने के बाद भी नारियल तेल से आइब्रोज पर हल्के हाथों से मसाज करें। इससे आपके आइब्रोज घने होंगे। आइब्रोज के आसपास नारियल तेल लगाने से डार्क सर्कल और झुर्रियां होने की संभावना काफी कम होती है।थ्रेडिंग के बाद नारियल तेल के इस्तेमाल से जलन होता है कमथ्रेडिंग कराते समय अगर आपको कट लग जाता है, तो नारियल तेल आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। थ्रेडिंग कराने से पहले अपनी स्किन को अच्छे से साफ करें। इसके साथ ही थ्रेडिंग कराने से पहले कभी भी क्रीम या मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल ना करें। इससे आपकी स्किन पर थ्रेड कट लगने का खतरा रहता है। थ्रेडिंग करते समय आपकी स्किन ड्राई होनी चाहिए। इससे धागा आइब्रोज से फिसलता नहीं है। लेकिन अगर आपको थ्रेड की वजह से कहीं कट लगा है, तो उस स्थान पर तुरंत नारियल का तेल लगाएं। इससे आपका काफी ज्यादा फायदा होगा। कट लगने के बाद स्किन को नारियल तेल से मॉइस्चराइज करने से आपकी स्किन में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। यह एक जीवाणुरोधी गुणों से भरपूर तेल है।नारियल तेल के इस्तेमाल से स्किन लंबे समय तक रहती है मॉइश्चराइजनारियल तेल हमारे लिए नैचुरल मॉइस्चराइजर की तरह कार्य करता है। सर्दियों में नारियल तेल के इस्तेमाल से हमारी स्किन ड्राई नहीं होती है। आइब्रो के चारों ओर रुसी या स्किन निकलने की परेशानी से छुटकारा दिलाने में नारियल तेल आपकी मदद कर सकता है। नारियल तेल भौंंहो पर लगाने से आइब्रोज की कई समस्याओं से राहत मिलती है।
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लहसुन में मौजूद गुणकारी तत्व हमें कई बीमारियों से बचा सकते हैं। इसे इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका है दाल-सब्जी या हरे साग में लहसुन का छौंक लगाना। खाने में स्वाद को बढ़ाने के लिए लहसुन का प्रयोग तो काफी समय से किया जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि लहसुन में ऐसे गुणकारी तत्व होते हैं, जो आपको कई बीमारियों से बचा सकते हैं। यूं तो हर मसाले में अपने आप में ही कई आयुर्वेदिक औषधीय खूबियां होती हैं, लेकिन लहसुन में ऐसे एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो आपको एक नहीं बल्कि कई बीमारियों से बचा सकते हैं।
पोषण का खजाना है लहसुन
लहसुन कम कैलोरी और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर एक बेहद ही अच्छा खाद्य पदार्थ है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के डाटा के अनुसार लहसुन की एक गांठ में रोज के खाने लायक लगभग 2फीसदी मैग्नीज, 2फीसदी विटामिन बी-6, 1फीसदी विटामिन सी, 1फीसदी सेलेनियम और 0.06 ग्राम फाइबर के साथ-साथ कैल्शियम, कॉपर, पोटेशियम, फॉस्फोरस, आयरन और विटामिन बी-1 जैसे सेहतमंद तत्व मौजूद होते हैं।
कई तरीकों से किया जा सकता है लहसुन का सेवन
आयुर्वेद में लहसुन को कच्चा खाने की सलाह दी गई है। पर इसका तीखा स्वाद और गंध आपके लिए मुश्किल हो सकता है। इसलिए दादी-नानी ने जो सबसे आसान उपाय सुझाया वह है दाल, सब्जी या हरे साग में लहसुन का छौंक लगाना। इससे न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ जाता है, बल्कि उसके पोषक तत्वों में भी बढ़ोतरी हो जाती है।
असल में लहसुन को चाहें कच्चा खाया जाए, उबाल कर, भूनकर खाया जाए, ये हर तरह से लाजवाब होता है। खास बात यह कि खाली पेट लहसुन का सेवन भी आपके लिए लाभदायक हो सकता है। इसके फायदों को देखते हुए डॉक्टर भी किसी न किसी रूप में हमें लहसुन को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। चलिए हम आपको इस गुणकारी लहसुन के फायदे बताते हैं-
सर्दियों के मौसम में जरूरी है सब्जियों में लहसुन का छौंक
1. कोल्ड से दे सकता है आराम
लहसुन हमें सर्दियों में होने वाले कोल्ड और फ्लू से आराम दिलाता है। दरअसल लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हमारे इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में बहुत मदद करते हैं। एक स्टडी के मुताबिक लहसुन कोल्ड के लक्षणों को 70प्रतिशत तक कम कर सकता है। यहां तक कि यह हमें कई और बीमारियों से भी दूर रहने में हमारी मदद करता है।
2. हार्ट अटैक के खतरे को करता है कम
कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड प्रेशर के बढऩे से हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार लहसुन हमारे ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है। इसी वजह से लहसुन खाने वाले लोगों को हार्ट अटैक आने के कम चांस होते हैं।
3. डाइजेशन को सुधारता है
सर्दियों में डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स भी बढ़ जाती हैं। इसकी वजह है अधिक आहार और कम सक्रियता। पर लहसुन पाचन संबंधी समस्?याओं से आपको राहत दिला सकता है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित एक जर्नल के मुताबिक लहसुन खाने से हमारे इंटेस्टाइन में मौजूद बैड बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं। साथ ही इसकी एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज हमारे इंटेस्टाइन और पेट में इन्फ्लेमेशन को भी कम करती हैं।
4. त्वचा के लिए भी है लाभदायक
लहसुन के अंदर एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं, जो हमारी त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। यह एक्ने और एक्ने माक्र्स जैसी समस्या से भी हमें बचाता है।
5. शरीर को रखता है गर्म
लहसुन सर्दियों में और भी ज्यादा फायदेमंद होता है। आयुर्वेद के मुताबिक इसकी तासीर गर्म होने की वजह से यह सर्दियों में हमारे शरीर को गर्म रहने में मदद करता है। दाल और सब्जियों में लहसुन मिलाकर या फिर सुबह-सुबह एक कली कच्चे लहसुन की खाने से सर्दियों में हमारा शरीर गर्म महसूस करता है और हम सर्दी-जुकाम से भी बचे रहते हैं। -
अक्सर लोगों को कार या बस में सफर के दौरान में जी मचलाने और उल्टी की शिकायत होती है। कई बार आपको सफर के दौरान न सिर्फ कुछ घंटों बल्कि तीन-चार दिनों तक चक्कर, घबराहट, जी मचलने या उल्टी जैसी समस्याएं होती हैं जिसे मोशन सिकनेस कहते हैं। अगर आप भी सफर करने से सिर्फ इसलिए डरते हैं, क्योंकि यात्रा के दौरान आपको उल्टी आती है. तो अब आपको इसके लिए घबराने की जरूरत बिल्कुल नहीं है. क्योंकि हम आपको बता रहे हैं। सफर में उल्टी की समस्या से निजात पाने के लिए ये उपाय अपनाएं। इससे आपको उल्टी नहीं आएगी। आइए जानते हैं उपायों के बारे में----
सफर में क्यों आती है उलटी?
सफर में उल्टी आने को मोशन सिकनेस कहते हैं। ध्यान रखें मोशन सिकनेस कोई बीमारी नहीं है बल्कि ये एक ऐसी स्थिति है जब हमारे दिमाग को भीतरी कान, आंख और त्वचा से अलग-अलग सिग्नल मिलते हैं। इसमें सेंट्रल नर्वस सिस्टम कन्फ्यूज हो जाता है, लेकिन अगर आप थोड़ी सावधानी के साथ चलें तो मोशन सिकनेस से निजात पाना बेहद आसान है।
इन पीछे की सीट से करें परहेज
अगर आपको सफर के दौरान उल्टी की समस्या होती है तो आप किसी भी बड़े वाहन की पीछे की सीट पर बैठने से परहेज करें। पीछे की सीट पर गति का एहसास अधिक होता है। इसी तरह आप कार में फ्रंट सीट पर ही बैठें।
किताब न पढ़ें
सफर के दौरान उल्टी की समस्या रहने पर किताब बिल्कुल न पढ़ें। इससे आपके दिमाग को गलत संदेश मिलता है।
ताजी हवा
अगर आपको ज्यादा दिक्कत हो रही हो तो गाड़ी की खिड़की का शीशा खोल लें और बाहर की ओर मुंह करके बैठें। ताजी हवा मिलने से आप अच्छा महसूस करेंगे।
खाली पेट न करें सफर
लोगों में ये मिथ्य है कि खाली पेट सफर करने पर उल्टी नहीं होगी लेकिन, ये बिल्कुल गलत है। अक्सर जो लोग बिना कुछ खाए सफर पर निकल जाते हैं उन्हें मोशन सिकनेस अधिक होता है. लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि आप बहुत हेवी डाइट लें। घर से हल्की और हेल्दी डाइट लेकर ही निकलें।
सफर के दौरान क्या करें -----
सफर के दौरान उल्टी की समस्या रहने पर घर से निकलने से पहले कुछ आसान सी तैयारियां कर लें। ये आसान उपाय आपको इस समस्या से निजात दिलाएंगे।
उपाय -1
जब भी आप किसी सफर पर निकलें तो अपने साथ एक पका हुआ नींबू जरूर रख लें. जब भी आपका मन मतली सा लगे तो तुरंत इस नींबू को छीलकर सूंघे. इससे आपका मन फ्रेश होगा साथ ही ऐसा करने से उल्टी भी नहीं आएगी.
उपाय - 2
लौंग को भूनकर पीस लें और किसी डिब्बी में भरकर रख लें. जब भी सफर पर जा रहे हैं तो इसे साथ ले जाएं. उल्टी जैसा मन हो तो इसे सिर्फ एक चुटकी मात्रा में चीनी या काले नमक के साथ लें और चूसते रहें।
उपाय- 3
तुलसी के पत्ते चबाने से उल्टी नहीं आएगी. इसके अलावा एक बॉटल में नींबू और पुदीने का रस काला नमक डालकर रखें और सफर के दौरान इसे थोड़ा-थोड़ा पीते रहें.
उपाय- 4
नींबू को काटकर, इस पर काली मिर्च और काला नमक छिड़क कर चाटें. इससे आपका मन ठीक रहेगा और उल्टी नहीं आएगी।
उपाय- 5
अगर आप बस में सफर कर रहे हैं तो वहां बैठने से पहले एक पेपर बिछा लें फिर बैठें. इससे आपको उल्टी नहीं आएगी।
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पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ, गरीब बच्चियों को पढ़ाती भी हैं डॉ. शिप्रा
आप अक्सर अस्पतालों में हंगामे की खबरें सुनते हैं। इस विवाद का कारण अमूमन लंबा-चौड़ा बिल होता है। डॉक्टरों की मोटी फीस के कारण ही कई बार गरीब और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों के लोग अच्छे डॉक्टरों से इलाज नहीं करा पाते। इन सब के बीच समाज में कुछ ऐसे डॉक्टरों भी हैं, जो लोगों की मदद और इलाज को लेकर हमेशा तत्पर रहते हैं। ये डॉक्टर न केवल निस्वार्थ भाव से मरीजों का इलाज करते हैं, बल्कि मुफ्त में दवाएं भी बांटते हैं। ऐसी ही एक महिला डॉक्टर हैं यूपी के वाराणसी में रहने वालीं डॉ. शिप्रा धर श्रीवास्तव।
वह पिछले कई सालों से ये काम कर रही हैं। उनके नर्सिंग होम में अगर किसी दंपती के घर बेटी जन्म लेती है तो वो पूरे अस्पताल में मिठाईयां बंटवाती है और खुशियां मनाती हैं। डॉ. शिप्रा के इस काम में उनके पति डॉ. एम के श्रीवास्तव भी बखूबी साथ देते हैं।
डॉ. शिप्रा धर श्रीवास्तव ने वाराणसी से ही एमबीबीएस और एमएस किया है। जब उन्होंने प्रैक्टिस शुरू की तो उनके पास कई ऐसे मामले आए जिनमें लोग बेटियों के जन्म को लेकर उतने उत्साहित नजर नहीं आए। इसके उलट बेटे के जन्म पर लोग स्टॉफ को न केवल पैसे देते, बल्कि पूरे अस्पताल में मिठाइयां बंटवाते थे। यह देख डॉ. शिप्रा को बुरा लगता। बेटियों के जन्म पर लोगों की इस सोच को बदलने के लिए उन्होंने खुद फीस नहीं लेने और स्टॉफ को मिठाई बंटवाने का फैसला किया। भ्रूण हत्या जैसी कुरीति ने भी डॉ. शिप्रा पर गहरा असर डाला। उन्होंने गर्भ में ही बेटियों को मार देने और उनके जन्म के बाद उनकी जान ले लेने की लोगों की सोच में बदलाव के लिए यह प्रयास शुरू किया। डॉ. शिप्रा बताती हैं कि लोगों में बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच अब भी है। जब परिजनों को पता चलता है कि बेटी ने जन्म लिया है तो वह मायूस हो जाते हैं। गरीबी के कारण कई लोग तो रोने भी लगते हैं। इसी सोच को बदलने की वह कोशिश कर रही हैं, ताकि अबोध शिशु को लोग खुशी से अपनाएं। वह बेटी के जन्म पर फीस नहीं लेती हैं। बेड चार्ज भी नहीं लिया जाता, यदि ऑपरेशन करना पड़े तो वह भी मुफ्त करती हैं।
पीएम मोदी भी कर चुके हैं तारीफ, गरीब बच्चियों को पढ़ाती भी हैं डॉ. शिप्रा
डॉ. शिप्रा के बारे में तीन साल पहले जब प्रधानमंत्री मोदी को जानकारी हुई तो वह काफी प्रभावित हुए। जब वह वाराणसी दौरे पर गए तो एक जनसभा के दौरान मंच से देश के सभी डॉक्टरों से आह्वान किया था कि वे हर महीने की 9 तारीख को जन्म लेने वाली बच्चियों के परिजनों से कोई फीस न लें। इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम को बल मिलेगा। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. शिप्रा को सम्मानित किया और देशभर के डॉक्टरों के लिए उन्हें मिसाल बताया। डॉ. शिप्रा ने गरीब लड़कियों की शिक्षा का भी बीड़ा उठाया है। वह नर्सिंग होम में ही लड़कियों को पढ़ाती हैं। घरों में काम करने वाली कई बच्चियां उनके पास पढऩे आती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ दिलाने में भी मदद करती हैं।
अनाज बैंक भी चलाती हैं
बच्चों और परिवारों को कुपोषण से बचाने के लिए डॉ. शिप्रा अनाज बैंक भी संचालित करती हैं। इसकी मदद से वह गरीब विधवा महिलाओं और असहाय 38 परिवारों को हर माह की पहली तारीख को अनाज मुहैया कराती हैं। अनाज बैंक से गरीब महिलाओं को हर महीने 10 किलो गेहूं और 5 किलो चावल दिया जाता है। डॉ. शिप्रा का मानना है कि सनातन काल से बेटियों को लक्ष्मी का दर्जा दिया गया है। देश विज्ञान, तकनीक की राह पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में अगर बेटी के जन्म पर खुशी नहीं मनाई जा सके तो ऐसा विकास किस काम का। डॉ. शिप्रा का मानना है कि यदि उनका यह छोटा सा प्रयास बेटियों के प्रति समाज की सोच को बदल सके तो वह खुद को सफल समझेंगी। - मुंबई। बिग बॉस 13 स्टार शहनाज गिल ने बिना एक्सरसाइज किए घटाया 12 किलो वजन। जानिए अदाकारा ने कैसे इस मुश्किल काम को किया।बिग बॉस 13 स्टार और पंजाबी सिंगर शहनाज गिल इन दिनों हर ओर छाई हुईं हैं। अदाकारा ने बिग बॉस 13 के बाद अपने लुक्स और वजन पर काफी काम किया है। जिसके बाद उनकी वेट लॉस जर्नी कई लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर रही है। शहनाज गिल उस वक्त चर्चा में आ गईं जब उन्होंने अपना वजन 67 किलो से घटाकर 55 किलो कर लिया। बिग बॉस 13 में मस्तमौला और बिंदास सी दिखने वाली अदाकारा शहनाज गिल ने इस शो के खत्म होने के बाद अपने आप पर काफी काम किया और इस दौरान एक्ट्रेस ने करीब 12 किलो वजन घटाया है। हालांकि ऐसा करना उनके लिए इतना आसान भी नहीं था।शहनाज गिल काफी फूडी हैं। ऐसे में डाइटिंग का विकल्प तो उनके लिए नाकाफी ही था। मगर फिर अदाकारा ने आखिर कैसे इसे नामुमकिन से मुमकिन किया। आइए जानते हैं।नहीं की कोई एक्सरसाइजदिलचस्प बात ये है कि शहनाज गिल ने अपना 12 किलो वजन बिना किसी हैवी एक्सरसाइज के ही घटाया है। इस दौरान एक्ट्रेस ने बिना किसी जिम को ज्वाइन किए और ज्यादा एक्सरसाइजेस नहीं की थी। एक्ट्रेस ने कहा, देखो लॉकडाउन चल रहा था, और ज्यादा कुछ करने के लिए था नहीं। तो मैने सोचा क्यों नहीं वजन ही घटाया जाए।अदाकारा ने इंटरव्यू में बताया था, बिग बॉस 13 शो में कुछ लोगों ने मेरे वजन का मजाक बनाया था। मैंने सोचा कि चलो लोगों को दिखाते हैं कि मैं भी पतली हो सकती हूं। ये बहुत मुश्किल भी नहीं है अगर आप चाहो तो। शहनाज गिल काफी फूडी थी तो ये काम उनके लिए काफी मुश्किल था। शहनाज गिल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि करीब 6 महीने तक उन्होंने अपनी डाइट कंट्रोल की। उन्होंने इन दौरान न सिर्फ नॉन-वेज, चॉकलेट्स और आइसक्रीम जैसी चीजें अपनी डाइट से हटाईं बल्कि खाने की आदतों पर भी काफी ध्यान दिया। उन्होंने अपने खाने को बिल्कुल आधा कर दिया। एक्ट्रेस ने बताया था कि वो इस दौरान मन मारके खाती थीं। 2 रोटी की भूख होती थी तो महज 1 रोटी ही खाती थीं। जो भी खाती थी, हेल्दी रहता था। इसका नतीजा ये रहा कि उनका वजन 12 किलो कम हो गया।-----
- ऋतिक रोशन बॉलीवुड के पहले ऐसे एक्टर माने जाते हैं जो एक्टिंग के साथ साथ उन सभी गुणों से लैस हैं जिन्हें जनता वाकई एक हीरो में देखना चाहती है। डायरेक्टर और मशहूर एक्टर राकेश रोशन के बेटे ऋतिक रोशन एक्टिंग के साथ साथ हैंडसम, फिटनेस, डांस और अच्छी बॉडी के मामले में भी नंबर वन स्टार हैं। हाल ही में उन्होंने अपना 46वां जन्मदिन मनाया है।ऋतिक नब्बे दशक के समय के ऐसे पहले एक्टर हैं जिनके पास परफेक्ट सिक्स पैक एब्स, बाईसेप्स, फिलेक्सीबिलिटी और जबरदस्त स्टेमिना था और वह आज भी बरकरार है। उनकी फिटनेस की वजह से कई बार अनजाने शहर में उन्हें हॉलीवुड एक्टर भी समझ लिया जाता है। वह न सिर्फ अपनी डाइट बल्कि अपने वर्कआउट प्लॉन को लेकर भी बहुत स्ट्रिक्ट रहते हैं।क्या है उनकी इस फिटनेस का राजअगर ऋतिक की फिल्म कृष 2 की बात करें तो इसके लिए वह सप्ताह में 4 दिन अपनी बाईसेप्स के लिए एक्सरसाइज करते थे। इसके अलावा एक्सरसाइज के वक्त उनका फोकस हमेशा अपनी ताकत, स्टेमिना और फिलेक्सीबिलिटी को बढ़ाने के लिए रहता है। उनके वार्म-अप में एक स्टूल के साथ कई तरह के उपकरण होते हैं। उनका नियमित फिटनेस शासन कार्डियो और सर्किट प्रशिक्षण का एक सही मिश्रण है।बाइसेप्स और ट्राइसेप्स के लिए वह रोजाना 8-5 रिप्स के साथ कंसेंट्रेटेड कल्र्स, स्ट्रेट आर्म डंबल पुलओवर, केबल लेइंग ट्राइसेप्स एक्सटेंशन, स्ट्रेट आर्म पुलडाउन में से 2-5 सेट करते हैं। कंधों के लिए वह 8-5 प्रतिनिधि के साथ फ्रंट राइज़, साइड लेटरल राइज़, रिवर्स फ्लाई, मिलिट्री प्रेस में से प्रत्येक में 2-5 सेट करते हैं। छाती और पीठ के लिए 2-5 सेट डम्बल बेंच प्रेस और हैंड केबल पुल, डिक्लाइन डंबल फ्लाई और बेंट ओवर बारबेल और इंक्लाइन डंबल फ्लाई और लेटिंग टी-बार रो को 8-15 के सेट में करते हैं। जबकि अगर पैरों की बात करें तो वह 8-5 प्रतिनिधि के साथ 2-5 सेट एक्सटेंशन्स लाइंग, लेग कर्ल, लेग प्रेस और वेटेड स्क्वाट करते हैं।जरूरी है कोर फिटनेसऋतिक कहते हैं किफिटनेस में केवल बॉडी ब्लिडिंग, अच्छे एब्स, अच्छे चेस्ट ही नहीं आते। फिटनेस का मतलब होता है आपकी कोर फिटनेस। फिटनेस का रिश्ता कभी भी आपके लुक से संबंधित नहीं होता। फिटनेस मतलब है कि आप कितने फिट और हेल्दी हो। और मुस्तफा ने मुझे इस तरह से फिट रहने के लिए काफी ट्रेन किया। मैं निजी तौर पर खुद मानता हूं कि मुस्तफा देश के बहुत ही चुनिंदा फिटनेस ट्रेनर्स में से एक है जो आपको फिट रखने में काफी मदद और सहयोग करता है।ऋतिक की डाइटऋतिक मानते हैं कि उनके लिये फिट रहना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। अपनी इस फिट बॉडी और एब्स के लिए ऋतिक रोजाना पोषण युक्त आहार का सेवन भी करते हैं और वो इस नियम का सख्ती से पालन करते हैं। ऋतिक अपने ट्रेनर क्रिस गेथिन के बताए मुताबिक ही डाइट लेते हैं। ऋतिक डाइटिंग पर होने के बावजूद कार्बोहाइड्रेट की मात्रा खाने में जरूर शामिल करते हैं। इसमें वे 100 ग्राम मीट, ब्रोकली, स्प्राउट्स, पालक, चावल और पास्ता खाते हैं। ऋतिक खाने के शौकीन हैं। जब वो डाइट पर नहीं होते तो शुगर फ्री पैन केक्स खाते हैं जो प्रोटीन पाउडर के बने होते हैं। वो प्रोटीन पाउडर और दही के साथ केले से बने पकवान भी खाते हैं। इसके साथ ऋतिक सप्लीमेंट भी लेते हैं। ब्रेकफास्ट में ऋतिक चार अंडे, दो ब्राउन ब्रेड, प्रोटीन शेक, नट्स, दूध के साथ कॉर्न फ्लैक्स और फल लेते हैं। लंच में दो रोटी, हरी सब्जियां, चिकन ब्रेस्ट, सलाद, फिश स्नैक्स, प्रोटीन शेक, अंडे का सफेद हिस्सा टोस्ट के साथ लेते हैं। डिनर की बात करें तो ऋतिक ब्राउन ब्रेड के साथ अंडे, 1/2 चिकन या स्टिर फ्राई फिश, सब्जियां और सलाद खाते हैं।फिटनेस मंत्र- स्टे फिटयूथ को फिटनेस टिप्स देने के दौरान ऋतिक कहते हैं कि अगर आप फिट नहीं है तो आप कभी खुश नहीं रह सकते। खुशी को महसूस करने और सेलीब्रेट करने के लिए भी हेल्दी व फिट रहना जरूरी है। अगर आप सोचो तो आप नोटिस करेंगे कि आपने जो भी सेलीब्रेशन किया है और जो भी सक्सेस पाई है उसके पिछे आपकी फिटनेस और हेल्थ ही है। सो फिट रहना बहुत जरूरी है चाहे वो कई भी हो।
- डाइट में बदलाव से बढ़ती उम्र में कम होगा बीमारियों का खतरालंबे समय तक सेहतमंद बने रहने के लिए जरूरी है कि अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखा जाए। खासतौर पर 50 की उम्र के बाद अपनी डाइट में कुछ बदलाव जरूर करें। आपका आहार आपकी सेहत को प्रभावित करता है। आप जैसी डाइट अपनी युवावस्था में लेते हैं, वह आपको लंबे समय तक सेहतमंद बनाए रखने में मददगार होती है। यही वजह है कि उम्र बढऩे के बाद भी लोग स्वस्थ रहते हैं। कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें और कुछ चीजों का सेवन बिल्कुल छोड़ दें। इससे आप लंबे समय तक खुद को स्वस्थ रख पाएंगे।उम्र बढऩे के साथ महिला हो या पुरुष उनमें कई बदलाव आते हैं। खासतौर पर 50 की उम्र के बाद कई शारीरिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। उम्र बढऩे के साथ हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में इस उम्र में सेहत के लिहाज से अपने आहार में कुछ बदलाव जरूर करने चाहिए।फल, हरी सब्जियां हैं जरूरीअपनी डाइट में फल, हरी पत्तेदार सब्जियां पालक, पत्तागोभी आदि शामिल करनी चाहिए। स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है कि इनका नियमित सेवन किया जाए। उम्र बढऩे के साथ शरीर में जिन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, इनके जरिये उनकी पूर्ति होती है। इनमें पाए जाने वाले मैग्नीशियम, पोटेशियम, एंटीऑक्सीडेंट, और विटामिन सी आदि पोषक तत्वों की वजह से आंखों की रोशनी बढ़ती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।चाय कॉफी को कहें नबढ़ती उम्र में चाय, कॉफी और एल्कोहल आदि लेने से बचना चाहिए। वहीं ज्यादा नमक वाली चीजें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ाती हैं। इसलिए उन चीजों को खाने से बचना चाहिए जिनमें नमक की मात्रा ज्यादा हो। तले भुने और तेज मसालों के खाने से भी बचना चाहिए।मोटे अनाज करें शामिलवहीं बढ़ती उम्र वाले लोगों को अपनी डाइट में मोटे अनाजों को जरूर शामिल करना चाहिए। ये शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। मोटे अनाजों में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। इससे दिल की बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है. इसलिए अपने आहार में बाजरा, दलिया, ब्राउन राइस को भी शामिल करें।गाजर, ब्रोकली है जरूरीउम्र बढऩे के साथ आंखों की रोशनी कम होने लगती है। इसलिए डाइट में ऐसी चीजें होनी चाहिए जिनसे आंखों की रोशनी बढ़े। वहीं बढ़ती उम्र के साथ दिल से संबंधित बीमारियां भी होने का खतरा रहता है। इसलिए अपने आहार में गाजर, आंवला, ब्रोकली, पालक आदि चीजें जरूर शामिल करें।
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प्यार में इंसान जितना आजाद होता है, उतना ही रिश्ते में हर एक कदम पर सोच- सोचकर चलना पड़ता है। कई बार आप किसी चीज को यदि बार-बार करते हैं तो आपके पार्टनर पर उसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। जो कि आने वाले समय में आपके रिश्ते को कमजोर बनाता है। इसलिए अपने पार्टनर की इच्छाओं का सम्मान करें, अपने रिश्ते को नकारात्मक भाव से दूर रखें।
जानिए कि किन चीजों को रिश्ते में लाने से प्यार एक समय पर बोझ लगने लगता है।
बात-बात पर रूठना
प्यार में रूठना-मनाना तो चलता रहता है लेकिन कोई बात-बात पर बुरा मानने लग जाए तब तो रिश्ते को निभाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। क्योंकि फिर पूरा समय प्यार पर केंद्रित न होकर रूठने-मनाने में बीत जाता है। शुरू में तो हमसफर मना भी लेता है लेकिन समय के साथ फिर वह चिढऩे लगता है इसलिए छोटी- मोटी बातों के लिए रूठने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर दें और खुशी-खुशी रहें।
अपने अनुसार ढालने का प्रयास
प्यार का अर्थ है, जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करो और सामने वाले के लिए खुद को भी बदलने का प्रयास न करो। यदि बार-बार आप सामने वाले को कमियां बताने लगते हैं तो वो परेशान होने लगता है। वो खुद को बहुत हीनभावना की दृष्टि से देखने लगता है और फिर वो उस तरह से प्यार भी नहीं कर पाता है और आप दोनों ही एकदूसरे के साथ खुश नहीं रह पाते हैं इसलिए सामने वाले को खुशी-खुशी स्वीकार लो।
शक
आपका पार्टनर आपके प्रति निष्ठावान है तो भूलकर भी उस पर शक न करें क्योंकि एक बार यदि आपके मन में शक का कीड़ा पनप गया तो ये आपके लिए हमेशा की समस्या खड़ी करेगा और ये बात आपके पार्टनर को पता चल गई कि आप उन पर शक करने लगे हैं तब तो और भी बड़ी समस्या इसलिए दोनों ही एक दूसरे पर विश्वास रखते हुए इस रिश्ते को आगे लेकर चलें।
इनसिक्योरिटी
आपके पार्टनर से यदि आपको प्यार है तो इनसिक्योरिटी को आपको जगह नहीं देना चाहिए। आपको अपने पार्टनर को समझना चाहिए। आपको कोई हक नहीं कि जब आपके पार्टनर उनके दोस्तों और कजिन्स से मिलते हैं तो आप इनसिक्योर होने लगें। यदि यही व्यवहार आपका पार्टनर भी आपके साथ करता तो आपको कैसा लगता, बस एक बार आप इस विषय में जरूर सोचें। आपके जीवन में और भी सारे लोग हैं, जिनके साथ आप अपनी खुशी- गम साझा कर सकते हैं। -
आजकल घरों में माता-पिता दोनों नौकरी करते हैं, ऐसे में बच्चों को समय देना उनके लिए बहुत मुश्किल होता है। दफ्तर से घर में ही माता-पिता इतने उलझे हुए रहते हैं कि वे चाहकर भी बच्चों के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं। ऐसे में कई बार बच्चे उनसे दूर होने लगते हैं, उनसे शिकायतें रखते हैं। पिता एकबार बच्चों को समय नहीं दे पाए तो फिर भी बच्चों को चल जाता है लेकिन मां यदि समय नहीं दे पाएं, तब तो बच्चों की मनोस्थिति पर सीधा प्रभाव पड़ता है। बच्चे अपने ही अपने में रहने लगते हैं। अगली स्लाइड्स से जानिए किस तरह नौकरी करते हुए भी बच्चों के लिए समय निकाला जा सकता है। आप ऑफिस जाने से पहले बच्चों को अपना समय दें। आप बच्चों के साथ वॉक पर जाएं, उनके साथ कसरत कर लें या फिर जब आप अपना कमरा सुधारते हैं, उस वक्त उनकी भी सहायता लें। ऐसा करने से वे आपके साथ समय व्यतीत करेंगे। सेहत तो अच्छी रहेगी ही साथ ही आप उनको काम भी सिखा सकेंगे और ये सब चीजें एक दिन के लिए नहीं बल्कि रोज का नियम बना दें। इससे बच्चा आपके करीब रहेगा। भले ही कोई भी व्यक्ति काम करके लौटने पर कितना ही क्यों न थक जाए लेकिन जब वो अपने बच्चों की मुस्कराहट देखता है तो सारी थकान गायब हो जाती है। ऐसे में आप कोशिश करें कि रात में प्रतिदिन बच्चों को कहानी सुनाकर, प्यार करते हुए सुला दें। ऐसा करके आप आपकी पूरे दिनभर की कमी को पूरा कर देंगे। साथ ही कहानी के माध्यम से आप उन्हें कई सारे नैतिक मूल्य भी सिखानें में कामयाब हो जाएंगे। घर में जब भी आप पौधों में पानी डालती हैं तो बच्चों को भी शामिल करें। उन्हें पौधों के माध्यम से भावनाओं के बारे मेंं बताएं। नया पौधा लाएं, उन्हें प्लांट करना सिखाएंं। ऐसा करने से बच्चों का विकास सही दिशा में होगा और आप उन्हें अपना समय भी दे पाएंगे और धीरे- धीरे गार्डनिंग तो वे कर ही रहे हैं। ऐसे में बच्चों की आपसे कोई शिकायत नहीं रहेगी न ही आपको कोई आत्मग्लानि होगी। जब आपका छुट्टी वाला दिन हो तो आप कोई डेकोरेटिव आईटम बनाएं, उन्हें पेंट करना सिखाएं। फिर जब बच्चे ये करना सीख जाएं तो कलरिंग करने के लिए दे दें। ताकि जब आप ऑफिस जाएं तो आपको दिमाग में रखकर ही वे ये काम करें। जब बच्चे काम को बहुत अच्छे ढंग से करें तो उसके लिए उन्हें शाबाशी या ईनाम देना न भूलें इस तरह बच्चे को आपकी कमी भी नहीं खलेगी और रचनात्मकता भी बढ़ेगी। -
वैसे तो दुनियाभर के देशों में तलाक की परंपराएं और कानून हैं और बड़ी संख्या में तलाक के मामले भी सामने आते हैं। शादीशुदा जिंदगी की डगर अगर बहुत ज्यादा मुश्किल हो गई हो, तो लोग तलाक लेकर एक नई राह की तलाश करते हैं। तलाक लेने के लिए लगभग हर देश में कानून भी बना है। लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां तलाक का कोई प्रावधान ही मौजूद नहीं है।
दुनिया में फिलीपींस इकलौता देश है, जहां तलाक की कोई व्यवस्था नहीं है। दरअसल, फिलीपींस कैथोलिक देशों के एक समूह का हिस्सा है। कैथोलिक चर्च के प्रभाव के वजह से ही इस देश में तलाक का कोई प्रावधान नहीं है। साल 2015 में जब पोप फ्रांसिस फिलीपींस गए थे, तो वहां के धर्मगुरुओं से अपील की थी कि तलाक चाहने वाले कैथोलिक लोगों के प्रति सहानुभूति नजरिया रखना चाहिए। लेकिन फिलीपींस में तलाकशुदा कैथोलिक होना अपमानजनक माना जाता है। फिलीपींस के ईसाई धर्मगुरुओं ने पोप फ्रांसिस की बात को एकदम अनसुना कर दिया। दरअसल, उन्हें अब इस बात का गर्व है कि अब दुनिया में एकमात्र फिलीपींस ऐसा देश है, जहां पर तलाक नहीं लिया जा सकता है। फिलीपींस में तलाक को वैध बनाने वाला बिल पहले से है। लेकिन राष्ट्रपति बेनिनो एक्विनो के समर्थन के बिना कानून बनाना मुश्किल है।
पहले था कानून, लेकिन बाद में खत्म हो गया
करीब चार सदी तक फिलीपींस पर स्पेन का शासन रहा। इस दौरान वहां की अधिकांश जनता ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। समाज में कैथोलिक रूढि़वादी नियमों ने अपनी जड़ें जमा ली थीं। लेकिन साल 1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध हुआ और फिलीपींस पर अमेरिका का शासन हुआ, तो तलाक के लिए एक कानून बनाया गया। साल 1917 में कानून के मुताबिक लोगों को तलाक की अनुमति तो दी गई, लेकिन एक शर्त थी। ये शर्त थी कि अगर पति-पत्नी में से कोई एडल्टरी करते पाया जाएगा, तो तलाक लिया जा सकता है।


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