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- नई दिल्ली। भारतीय रेल ने कहा है कोई भी व्यक्ति ट्रेन टिकटों की अग्रिम बुकिंग कर सकता है क्योंकि भारतीय रेल ने 14 अप्रैल के बाद यात्रा के लिये आरक्षण को कभी स्थगित नहीं किया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया कि आईआरसीटीसी रियायतें फिलहाल सिर्फ रोगियों, छात्रों और दिव्यांग जनों को ही मिल सकेंगी।भारतीय रेल द्वारा 19 मार्च को जारी एक आदेश में सभी रियायतें अगले परामर्श तक के लिये ऊपर उल्लेखित श्रेणियों को छोड़ कर स्थगित कर दी गई थी। इसे अभी निरस्त किया जाना बाकी है। यह आदेश कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान रेल यात्रा के लिये हतोत्साहित करने के लिये जारी किया गया था। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हम समय आने पर आदेश को वापस ले लेंगे। फिलहाल, वायरस के प्रसार को देखते हुए हम लोगों को अगले दो-तीन महीने यात्रा नहीं करने का संदेश देना चाहते हैं। वे इंतजार कर सकते है। और अपनी टिकटें बुक कर सकते हैं, कोई जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। यदि वे जल्दबाजी करेंगे तो उन्हें रियायत नहीं मिलेगी। हमने कभी नहीं कहा कि हम रियायतें स्थायी रूप से वापस ले रहे हैं।भारतीय रेल ने स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल के बाद यात्रा के लिये आरक्षण कभी स्थगित नहीं किया गया था। इसने यह भी कहा कि टिकटें आरक्षित करने के लिये अग्रिम आरक्षण अवधि 120 दिनों की है। उल्लेखनीय है कि रेलवे ने प्रधानमंत्री द्वारा 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा किये जाने के बाद 14 अप्रैल तक सभी यात्री सेवाएं स्थगित कर दी थी। एक स्वास्थ्य परामर्श का जिक्र करते हुए रेलवे ने एक शुरूआती आदेश में कहा था कि कई श्रेणियों में रियायतें हटाई जा रही हैं, इनमें वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं क्योंकि इस महामारी के चलते उनकी मृत्यु दर सभी श्रेणियों में सर्वाधिक है।
- नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा कोविड-19 से मुकाबला करने वाले मेडिकल, पैरामेडिकल और अन्य कर्मियों को जानलेवा वायरस से सुरक्षित रखने के लिए जैविक सूट तैयार किया गया है।डीआरडीओ के विभिन्न प्रयोगशालाओं के वैज्ञानिकों ने अपने इसके लिए अपने तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल किया है- कि कैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) को विकसित करने के लिए टेक्सटाइल, कोटिंग और नैनोटेक्नोलॉजी की दक्षता का उपयोग किया जाए, जिसमें कोटिंग के साथ विशिष्ट प्रकार के कपड़े शामिल हों।इस सूट को उद्योग की मदद से तैयार किया गया है और यह टेक्सटाइल मापदंडों के साथ-साथ कृत्रिम रक्त से सुरक्षा के लिए कठोर परीक्षण के अधीन है। इसमें कृत्रिम रक्त से सुरक्षा का मानदंड, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बॉडी सूट के लिए निर्धारित मानदंडों से कहीं ज्यादा है। डीआरडीओ द्वारा यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है कि इन सूटों का उत्पादन बड़ी संख्या में किया जाए और यह कोविड-19 का मुकाबला करने वाले फ्रंटलाइन मेडिकल, पैरामेडिकल और अन्य कर्मियों के लिए सुरक्षा की मजबूत प्रणाली के रूप में काम करे।यह उद्योग बड़ी मात्रा में सूट उत्पादन के लिए तैयार है। मेसर्स कुसुमगढ़ इंडस्ट्रीज कच्चे माल और कोटिंग सामग्री का उत्पादन कर रही है, और पूरे सूट का निर्माण दूसरे विक्रेता की मदद से किया जा रहा है। वर्तमान समय में उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 7 हजार सूट है। परिधान प्रौद्योगिकी में अनुभव रखने वाले एक अन्य विक्रेता को भी साथ लाया जा रहा है और उत्पादन क्षमता को प्रति दिन 15 हजार सूट तक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।सीम सीलिंग टेप नहीं मिलने के कारण, डीआरडीओ के उद्योग साझेदारों और अन्य उद्योगों द्वारा देश में जैविक सूट का उत्पादन बाधित हो रहा है।डीआरडीओ द्वारा पनडुब्बी अनुप्रयोगों में इस्तेमाल की जाने वाली सीलेंट के आधार पर सीम सीलिंग टेप के विकल्प के रूप में एक विशेष सीलेंट तैयार किया गया है। वर्तमान समय में, एक उद्योग साझेदार द्वारा सीम सीलिंग के लिए इस ग्लू का उपयोग करके तैयार किए गए जैविक सूट को दक्षिण भारत वस्त्र अनुसंधान संघ, कोयंबटूर में परीक्षण में पास कर दिया गया है। यह कपड़ा उद्योग के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। डीआरडीओ, उद्योग के माध्यम से सूट निर्माताओं द्वारा सीम सीलिंग गतिविधि का समर्थन करने के लिए इस ग्लू का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर सकता है।डीआरडीओ ने केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (सीबीआरएन) एजेंटों के खिलाफ सुरक्षा के लिए कई उत्पादों और तकनीकों को विकसित किया है। रक्षा अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (डीआरडीई) ग्वालियर, डीआरडीओ की एक प्रयोगशाला, ने केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (सीबीआरएन) पारगम्य सूट एमके वी को विकसित किया है। 53 हजार सूटों की आपूर्ति सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को की जा चुकी है।पहले उत्तरदाताओं के रूप में रेडियोलॉजिकल आपात स्थितियों में हिस्सा लेने वालों के लिए, दुबारा इस्तेमाल में आने वाले सूट को न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (आईएनएमएएस), दिल्ली द्वारा विकसित किया गया है। एरियल डिलिवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (एआरडीडीई), आगरा द्वारा सुरक्षात्मक तकनीकी वस्त्रों के समान कपड़ों के द्वारा विभिन्न प्रकार के पैराशूटों को विकसित किया गया है।----
- पणजी। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पहली बार गोवा में गुड फ्राइडे और ईस्टर पर गिरजाघरों पर प्रार्थना सभा लोगों की अनुपस्थिति में की जाएगी।गुड फ्राइडे इस साल 10 अप्रैल और ईस्टर 12 अप्रैल को होगा। कोरोना वायरस के मद्देनजर गोवा के सभी गिरजाघरों में प्रार्थनाएं ऑनलाइन माध्यमों से जारी है। गोवा गिरजाघर की सामाजिक शाखा के निदेशक फादर मावरिक फर्नांडीस ने कहा, इस साल, ईसाई धर्म के इतिहास में पहली बार गुड फ्राइडे और ईस्टर गिरजाघर में जाए बिना मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्धारित समय पर ही होगा लेकिन लोगों की मौजूदगी के बगैर। उन्होंने कहा, पादारी अपने गिरजाघरों में प्रार्थनाएं करेंगे, जिसे सोशल मीडिया पर स्ट्रीम किया जाएगा।
- नई दिल्ली। . भारत में ला नीना परिस्थितियों के कारण इस बार मानसून के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मौसम पूर्वानुमान लगाने वाली निजी इकाई वेदर कंपनी ने अपने पूर्वानुमान में यह जानकारी दी।आईबीएम के उपक्रम इस मौसम कंपनी ने कहा कि मानसून 31 मई को केरल में दस्तक दे सकता है। अगर अनुमान सच होता है, तो भारत में इस वर्ष भी मानसून सामान्य से अधिक रहेगा, ऐसा लगातार दूसरे वर्ष होगा।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारत में फंसे विदेशी नागरिकों को वापस भेजने की व्यवस्था करने के लिए लॉकडाउन में छूट दे दी है। इसके अलावा पंद्रह फरवरी के बाद भारत आए विदेशी नागरिक, जिनकी पृथकता की अवधि पूरी चुकी है और कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाए गए हैं, उन्हें भी वापस अपने देश जाने के लिये लॉकडाउन में छूट दी गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।सरकार ने गुरुवार को कहा कि केवल उन्हीं विदेशी नागरिकों को वापस जाने की अनुमति है, जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि महामारी प्रबंधन अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों के तहत यह फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार गृह मंत्रालय ने भारत में फंसे विदेशी नागरिकों को वापस भेजने की व्यवस्था करने और पंद्रह फरवरी के बाद भारत आए विदेशी नागरिक, जिनकी पृथकता की अवधि पूरी चुकी है और कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाए गए हैं, उन्हें भी वापस अपने देश जाने के लिये लॉकडाउन में छूट दी है। गृह मंत्रालय ने कहा कि पता चला है कि लॉकडाउन के कारण कई विदेशी नागरिक देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार कुछ दूसरे देशों ने अपने नागरिकों को वापस ले जाने के लिये संपर्क किया है, जिनकी गृह मंत्रालय अलग अलग समीक्षा करेगा। मंत्रालय ने कहा कि संबंधित देश की सरकार नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ विचार विमर्श करके चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था करेगी। प्रस्थान से पहले, विदेशी नागरिकों की मानक स्वास्थ्य नियमों के अनुसार कोविड-19 लक्षणों की जांच की जाएगी। अगर कोविड-19 के लक्षण वाला कोई व्यक्ति मिलता है तो उसका मानक स्वास्थ्य नियमों के तहत इलाज किया जाएगा।
- भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सेल का अध्यक्ष नियुक्त किया। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस का यह पद महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा के पास था।श्री पटवारी इंदौर जिले की राऊ विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक होने के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।
- नई दिल्ली। सरकार ने कोविड-19 के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिये निजी क्षेत्र के साथ मिलकर आरोग्य सेतु नामक ऐप विकसित किया है। यह ऐप प्रत्येक भारतीय के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए डिजिटल इंडिया से जुड़ा है।इस ऐप का उपयोग कर लोग कोरोना संक्रमण की आशंका का आकलन कर सकते हैं। ब्लूटूथ और यांत्रिक बुद्धिमत्ता से चलने वाला यह ऐप अन्य लोगों के साथ संपर्क के आधार पर ऐसे संक्रमण का अनुमान लगायेगा। इस ऐप से सरकार को कोविड-19 संक्रमण के प्रसार से होने वाले जोखिम का आकलन करने के लिये समय रहते आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी।इस ऐप में निजता का ध्यान रखा गया है और इसमें संग्रहित व्यक्तिगत सूचना कूटबद्ध कर दी जाती है। 11 भाषाओं में उपलब्ध यह ऐप पूरे देश में उपयोग के लिये तैयार है। यह ऐप देश की युवा प्रतिभा का एक अनूठा उदाहरण है। यह ऐप राष्ट्र की युवा प्रतिभा के एकजुट होने और संसाधनों की पूलिंग और वैश्विक संकट का जवाब देने के प्रयासों का एक अनूठा उदाहरण है। यह एक ही समय में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, डिजिटल प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाएं देने और युवा भारत की क्षमता और देश के रोग मुक्त और स्वस्थ भविष्य के बीच एक सम्पर्क है।
- नई दिल्ली। फिल्मकारों को हमेशा से जम्मू- कश्मीर के ट्यूलिप के गार्डन लुभाते आए हैं। फिल्मकार यश चोपड़ा की फिल्मों में अक्सर ट्यूलिप के ये खूबसूरत गार्डन नजर आ जाते हैं। इन दिनों जम्मू-कश्मीर में एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में रंगबिरंगी बहार आई हुई है, लेकिन कोरोना वायरस ने इन फूलों का रंग को फीका कर दिया है। पर्यटक उन्हें देखने के लिए वहां पहुंच नहीं पा रहे हैं।श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित यह गार्डन 27 मार्च से खुलने वाला था। इस बार करीब 12 लाख ट्यूलिप के खूबसूरत रंग यहां देखने को मिलते। लेकिन कोविड -19 की वजह से सारे कार्यक्रम फीके पड़ गए हैं। बगीचे के बंद होने से पहले से ही आर्थिक मार झेल रहे जम्मू-कश्मीर पर्यटन क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है। एक अनुमान के मुताबिक़ ट्यूलिप बाग और इसके सभी संबद्ध क्षेत्रों में 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें पर्यटन से जुड़े हाउसबोट मालिक, होटल व्यवसायी और शामिल हैं।ट्यूलिप बगीचे के रख-रखाव और ट्यूलिप बल्बों को लाने उगाने के लिए लगभग 80 लाख रुपये खर्च हुए हैं। 30 दिनों के लिए बगीचे को खुला रखने की योजना जो थी। उम्मीद की जा रही थी कि इस साल स्थानीय और पर्यटकों सहित कम से कम तीन लाख लोग बगीचे को देखने आएंगे। इससे विभाग को करोड़ों रुपये मिलने की उम्मीद थी। पिछले साल इसे देखने के लिए करीब 2.5 पर्यटक आए थे इस साल उम्मीद थी कि यह आंकड़ा 3 लाख से पार हो जाएगा।
- नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कल (3 अप्रैल ) राष्ट्रपति भवन से उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के साथ कोविड-19 प्रकोप से उत्पन्न संकट को नियंत्रित एवं प्रबंधित करने के लिए केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को बढ़ावा देने हेतु राज्यपालों, लेफ्टिनेंट गवर्नरों एवं सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस आयोजित करेंगे।राज्यपालों/लेफ्टिनेंट गवर्नरों एवं राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ यह इस प्रकार का दूसरा वीडियो कांफ्रेंस होगा। 27 मार्च, को आयोजित पहले वीडियो कांफ्रेंस में 14 राज्यपालों एवं दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर ने अपने क्षेत्रों के अनुभव को साझा किया था। शेष राज्यपाल/लेफ्टिनेंट गवर्नर एवं प्रशासक कल अपने अनुभव साझा करेंगे।कांफ्रेंस के एजेंडा में राज्यों में कोविड-19 की स्थिति, निर्बल वर्गों पर फोकस के साथ रेड क्रास की भूमिका, एवं नोवेल कोरोना वायरस के प्रकोप को नियंत्रित करने में केंद्रीय एवं राज्य सरकारों के प्रयासों में सहायता देने में सिविल सोसाइटी/ स्वयंसेवी संगठनों/निजी क्षेत्र की भूमिका शामिल होगी।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह 9 बजे देशवासियों के साथ एक वीडियो संदेश साझा करेंगे।यह जानकारी खुद उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट पर दी है।लोगों की जिज्ञासा इस बात को लेकर है कि इस वीडियों संदेश में वे क्या कहने वाले हैं।पिछले महीने प्रधानमंत्री दो बार देशवासियों को संबोधित कर चुके हैं। एक बार उन्होंने कोरोना वायरस के बचाव के लिए जनता कफ्र्यू का पालन करने की अपील की थी और दूसरी बार उन्होंने 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था।----
- रायपुर। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में देश के जाने-माने कवि डॉ. कुमार विश्वास ने पीएम राहत कोष में 5 लाख रुपए का योगदान दिया है।इस बारे में उन्होंने सोशल मीडिया फेसबुक और ट्वीटर पर जानकारी देते हुए प्रसिद्ध कवि रामावतार त्यागी की कविता की दो लाइनों का जिक्र करते हुए लिखा-तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित,चाहता हूं देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं ! (रामावतार त्यागी)उन्होंने आगे लिखा- जो भी मिला है इसी मिट्टी से मिला है और जो भी मैं हूं वो भी आखिर एक दिन इसी मिट्टी में मिलना है ! यह पांच लाख रूपए की छोटी सी प्रणाम राशि मेरी सांसों का आभार है उन योद्धाओं को जो इस वक्त अस्पतालों, सड़कों और कार्यालयों से युद्धरत हैं, इंसानियत के आजतक के सबसे बड़े दुश्मन के खिलाफ ! पहले दिन से कह रहा हूं, और फिर दोहरा रहा हूं.. ये कोरोना आया कहीं से भी हो, पर हार कर भारत से जाना चाहिए ! दोस्तो, आप केवल घर पर रहकर ही इस आक्रामक दुश्मन को हरा सकते हंै ! यह भी आप सब की महान देश सेवा ही होगी ! इस भीषण चुनौती के समय में अपनी सरकार, अपने चिकित्सकों, स्वास्थ्य-कर्मियों, सफ़ाईकर्मियों, सप्लाई-कर्मियों, संचार-कर्मियों के दिन-रात के अनथक श्रम पर भरोसा रखिए ! उन्हें आभार और प्रणाम करिए ! कृपया घर में ही रहिए !
- नई दिल्ली। एक याचिका की सुनवाई के दौरान माननीय उच्चतम न्यायालय ने फर्जी खबरों के चलते बढ़ी परेशानियां और इस क्रम में प्रवासी कामगारों के व्यापक स्तर पर पलायन को गंभीरता से लिया है। न्यायालय ने माना कि इससे लोगों को बेवजह मुसीबतों का सामना करना पड़ा है।न्यायालय की टिप्पणियों के क्रम में केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) सचिव अजय कुमार भल्ला ने सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को पत्र लिखकर फर्जी खबरों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है। इसमें कहा गया कि भारत सरकार लोगों को तथ्यों और असत्यापित खबरों की पुष्टि की खबरों की सुविधा देने के लिए एक वेब पोर्टल तैयार कर रही है। राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों से इससे संबंधित समस्याओं के लिए अपने स्तर पर ऐसा ही एक तंत्र विकसित करने का अनुरोध भी किया गया है।उच्चतम न्यायालय ने एनडीएमए/ एमएचए के निर्देशों के क्रम में खाना, दवाएं आदि बुनियादी सुविधाओं के प्रावधान सुनिश्चित करने और प्रवासी कामगारों के लिए बने आश्रय स्थलों में अन्य कल्याणकारी गतिविधियां उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने देश में कोविड 19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को दिशा-निर्देश/ परामर्श/ आदेश जारी किए हैं।
- नई दिल्ली। नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) ने एक्सरसाइज एनसीसी योगदान के तहत करोना वायरस (कोडिट-19) से निबटने के राष्ट्रव्यापी अभियान में नागरिक प्रशासन को मदद की पेशकश की है। एनसीसी ने इसके लिए स्वैच्छिक सेवा देने के इच्छुक अपने कैडेटों के लिए अस्थायी रोजगार के दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि महामारी से निपटने के कार्यो में शामिल विभिन्न एजेंसियों की ओर से चलाए जा रहे राहत प्रयासों और काम काज के तरीकों को और मजबूत बनाया जा सके।योगदान के तहत एनसीसी कैडेटों के लिए निर्धारित कार्यों में , हेल्पलाइन / कॉल सेंटर का प्रबंधन; राहत सामग्री / दवाओं / खाद्य / आवश्यक वस्तुओं का वितरण; सामुदायिक सहायता; डेटा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के लिए कतार में खड़े होने की व्यवस्था करना तथा यातायात प्रबंधन शामिल है। दिशानिर्देशों के अनुसार, कैडेटों को कानून और व्यवस्था की स्थिति से निपटने, सक्रिय सैन्य ड्यूटियों तथा कोरोना के हॉट स्पाट बन चुके स्थानों पर तैनात नहीं किया जा सकता है।दिशा निर्देशों के अनुसार अस्थायी रोजगार की व्यवस्था के तहत केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ मंडल कैडट ही नियुक्त किए जा सकते हैं। उन्हें स्थायी प्रशिक्षक स्टाफ या एक एसोसिएट एनसीसी अधिकारी की देखरेख में आठ से 20 छोटे समूहों में नियोजित किया जाना चाहिए।स्वैच्छिक सेवा देने के इच्छुक ऐसे कैडेटों की नियुक्ति के लिए, राज्य सरकारों / जिला प्रशासन को राज्य एनसीसी निदेशालयों के माध्यम से अपनी आवश्यकताऐं प्रेषित करनी होंगी। इसका विवरण एनसीसी निदेशालय / समूह मुख्यालय / इकाई स्तर पर राज्य सरकार / स्थानीय नागरिक प्राधिकरण के साथ समन्वित किया जाएगा। कैडेटों को ड्यूटी पर तैनात करने से पहले , जमीनी हालात और निर्धारित आवश्यकताओं को सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीसी देश का सबसे बड़ा वर्दीवाला युवा संगठन है जो विभिन्न तरत की सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास की गतिविधियां संचालित करता है। एनसीसी के कैडेट अपने संगठन की स्थापना के समय से ही बाढ़ और चक्रवात आदि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राष्ट्र सेव में योगदान देते रहे हैं।----
- नई दिल्ली। एक याचिका की सुनवाई के दौरान माननीय उच्चतम न्यायालय ने फर्जी खबरों के चलते बढ़ी परेशानियां और इस क्रम में प्रवासी कामगारों के व्यापक स्तर पर पलायन को गंभीरता से लिया है। न्यायालय ने माना कि इससे लोगों को बेवजह मुसीबतों का सामना करना पड़ा है।न्यायालय की टिप्पणियों के क्रम में केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) सचिव अजय कुमार भल्ला ने सभी राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को पत्र लिखकर फर्जी खबरों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है। इसमें कहा गया कि भारत सरकार लोगों को तथ्यों और असत्यापित खबरों की पुष्टि की खबरों की सुविधा देने के लिए एक वेब पोर्टल तैयार कर रही है। राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों से इससे संबंधित समस्याओं के लिए अपने स्तर पर ऐसा ही एक तंत्र विकसित करने का अनुरोध भी किया गया है।उच्चतम न्यायालय ने एनडीएमए/ एमएचए के निर्देशों के क्रम में खाना, दवाएं आदि बुनियादी सुविधाओं के प्रावधान सुनिश्चित करने और प्रवासी कामगारों के लिए बने आश्रय स्थलों में अन्य कल्याणकारी गतिविधियां उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने देश में कोविड 19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को दिशा-निर्देश/ परामर्श/ आदेश जारी किए हैं।---
- नई दिल्ली। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जहां दुनिया का सबसे स्वच्छ पेट्रोल और डीजल इस्तेमाल किया जाता है। देश की तेल कंपनियों ने बुधवार से बिना मूल्य वृद्धि और सेवाओं में किसी तरह की रुकावट के बिना ही यूरो- छह मानक पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति शुरू कर दी है।इस उच्च श्रेणी के ईंधन की आपूर्ति शुरू होने से देश में विशेषकर महानगरों में वाहनों के प्रदूषण को कम करने में काफी मदद मिलेगी। देश में अब भारत स्टेज- चार ग्रेड के ईंधन के स्थान पर सीधे भारत स्टेज- छह ग्रेड का ईंधन उपलब्ध होगा। यह यूरो छह ग्रेड के ईंधन के समान है। इससे दाम में एक रुपये लीटर की वृद्धि होनी चाहिये थी लेकिन तेल कंपनियों ने बिना मूल्य बढ़ाये यह स्वच्छ ईंधन देना शुरू किया है। मूल्य वृद्धि को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 17 साल के निचले स्तर तक पहुंचे हैं उसमें समायोजित किया जायेगा।पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा, आज हम शत प्रतिशत बीएस- छह पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति कर रहे हैं। देश में अपने सभी 68 हजार 700 पेट्रोल पंपों पर आज से स्वच्छ ईंधन की बिक्री की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के कारण ईंधन के खुदरा मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल के खुदरा मूलय में कोई बदलाव नहीं किया है। पहले उन्होंने सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में की गई तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि को समायोजित किया और अब कंपनियां बीएस- छह ईंधन की बढ़ी कीमत को समायोजित कर रही हैं।देश में पेट्रोल, डीजल के दाम में आखिरी बार 16 मार्च को बदलाव किया गया। दिल्ली में तब से एक लीटर पेट्रोल का दाम 69.59 रुपये और डीजल का दाम 62.29 रुपये प्रति लीटर है। श्री सिंह ने कहा कि बीएस- चार से सीधे बीएस- छह मानक में जाने का काम मात्र तीन साल में कर लिया गया। दुनिया की किसी भी बड़ी अर्थव्यव्यवस्था में ऐसा नहीं देखा गया। भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के अधिकारियों ने भी कहा कि कंपनी ने बीएस- छह मानक के ईंधन की आपूर्ति शूरू कर दी है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम के सुराणा ने कहा कि कंपनी की रिफाइनरियों ने जनवरी में ही नये ग्रेड के ईंधन का उत्पादन शुरू कर दिया था। उसके बाद से कंपनी के पेट्रोल पंपों पर नया ईंधन बिकना शुरू हो गया है। श्री सिंह ने कहा कि ईंधन में सल्फर की मात्रा कम होने से हवा में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) उत्सर्जन कम होगा। इससे डीजल के पुराने वाहनों से भी प्रदूषण कम फैलेगा।--
- मंडला (मप्र)। मंडला जिले के विश्व विख्यात कान्हा बाघ अभयारण्य के वन क्षेत्र में बुधवार को एक बाघ का शव मिला है।कान्हा अभयारण्य के क्षेत्र संचालक एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि गश्ती दल को देवतलाई वन क्षेत्र के प्रकोष्ठ क्रमांक 127 में एक अवयस्क बाघ का शव मिला है। यह बाघ करीब एक साल का था। उन्होंने कहा कि इस बाघ के शव का सूक्ष्म परीक्षण करने पर पाया गया कि उसको आंशिक रूप से किसी अन्य बाघ द्वारा खाया जा चुका था और उसके गर्दन पर दांतों के निशान भी थे। कृष्णमूर्ति ने बताया कि गश्ती दल द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि बीते चार दिनों से घटनास्थल क्षेत्र में एक बाघ—बाघिन के जोड़े को विचरण करते हुए देखा जा रहा था। संभवत: इस अवयस्क बाघ को आपसी लड़ाई में बड़े नर बाघ ने मार दिया। उन्होंने कहा कि अन्य साक्ष्यों के लिए घटनास्थल एवं उसके आसपास के क्षेत्र की सघनता से खोज की जा रही है।---
- नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड -सीबीएसई ने पहली से 12 तक की कक्षाओं की परीक्षा के संबंध में नए दिशा निर्देश जारी किए हैं।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड -सीबीएसई ने बुधवार, एक अप्रैल को एक विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें क्लास एक से 8 और क्लास 9 तथा 11 के अलावा क्लास 10 और क्लास 12 के स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग जानकारी दी है।बोर्ड की विज्ञप्ति के अनुसार क्लास एक से 8 के लिए - देश के सभी सीबीएसई स्कूलों को सलाह दी गई है कि अगर उन्होंने क्लास 1 से 8 तक सभी विषयों की परीक्षा का संचालन पूरा नहीं किया है, तो स्टूडेंट्स को बिना परीक्षा ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दें। बोर्ड ने बताया कि एनसीईआरटी के साथ सलाह करने के बाद ये सलाह जारी की गई है।इसी प्रकार बोर्ड ने क्लास 9 व 11 के लिए कहा है कि कई स्कूलों ने क्लास 9 व 11 की वार्षिक परीक्षाएं पूरी कर ली हैं। लेकिन कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां कुछ परीक्षाएं बची हैं। ऐसे सभी स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे 9वीं और 11वीं दोनों के स्टूडेंट्स को स्कूल में अब तक हुए असेसमेंट्स, प्रोजेक्ट वर्क, पीरियॉडिक टेस्ट, टर्म एग्जाम्स, आदि के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट करे। अगर कोई स्टूडेंट इन आधारों पर क्वालिफाई नहीं करता है, तो स्कूल उसे इस खाली समय का सदुपयोग करने के लिए कह सकता है। फिर स्कूल आधारित परीक्षा (ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड पर) लेकर उसे प्रमोशन दे सकता है।विज्ञप्ति में क्लास 10 और 12 के लिए बोर्ड ने कहा है कि इस संबंध में पहले ही सूचना जारी की जा चुकी है, और जो 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 19 से 31 मार्च तक होनी थीं, उन्हें स्थगित किया जा चुका है। बोर्ड ने विज्ञप्ति में कहा है कि ये परीक्षाएं फिर कब होंगी, इस संबंध में अभी के हालात में फैसला ले पाना मुश्किल है। इसलिए हालात की समीक्षा के बाद बची परीक्षाओं के संचालन के लिए नया शेड्यूल जारी किया जाएगा। हालांकि स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए 10 दिन का समय जरूर दिया जाएगा।Please see this link http://cbse.nic.in/newsite/attach/PRESS%20RELEASE%2001.04.20.pdf…----
- नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि रेलवे ने बीस हजार बोगियों को विशेष निगरानी केन्द्रों के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने कहा कि पांच हजार बोगियों में 80 हजार बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है।श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार 24 तरह के चिकित्सा उपकरणों पर विशेष नजऱ रख रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी निर्माता या आयातकर्ता पिछले 12 महीनों के दौरान दवा के न्यूनतम खुदरा मूल्य में दस प्रतिशत से अधिक की वृद्धि नहीं कर सकता। श्री अग्रवाल ने कहा कि दवाओं और उपकरणों को सस्ती दर पर उपलब्ध बनाये रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने राज्यों से राहत शिविरों के लिए काउंसलर की व्यवस्था करने को कहा है।
- नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस के संकट की वजह से मुश्किल का सामना कर रहे ग्रामीण भारत के लोगों को राहत देने के लिए मनरेगा मजदूरों को 21 दिनों की मजदूरी का अग्रिम भुगतान किया जाए।श्रीमती गांधी ने आगे लिखा- ग्रामीण भारत के आठ करोड़ कामगारों को तत्काल राहत देने की जरूरत है। सोनिया गांधी ने कहा, फसलों की कटाई के इस मौसम में भी लाखों कृषि कामगार बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में बहुत सारे मजदूर वैकल्पिक रोजगार के लिए मनरेगा के तहत आ सकते है। लेकिन लॉकडाउन की स्थिति में उन लोगों से काम लेना ठीक नहीं होगा। उनके काम करने से सोशल डिस्टेसिंग का उल्लंघन होगा।उन्होंने आगे लिखा- ग्रामीण भारत में गरीबों को राहत देने की तत्काल जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार मनरेगा के तहत पंजीकृत और सक्रिय कामगारों को 21 दिनों की मजदूरी का अग्रिम भुगतान करने पर विचार कर सकती है।
सोनिया गांधी ने आग्रह किया कि मनरेगा के तहत काम शुरू होने के बाद मजदूरी के इस अग्रिम भुगतान को समायोजित किया जा सकता है। ग्रामीण भारत के करीब आठ करोड़ कामगारों को मदद देने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।--- - नई दिल्ली। रेल तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय रेल के अधिकारियों को अपनी सर्वश्रेष्ठ मानवीय क्षमताओं एवं संसाधनों के अनुसार भोजन एवं अन्य सहायता के साथ जरुरतमंद लोगों के पास पहुंचने का निर्देश दिया है।आईआरसीटीसी एवं आरपीएफ जैसे रेलवे के संगठन पहले ही जरुरतमंद लोगों के लिए नि:शुल्क भोजन के वितरण से जुड़ चुके हैं। मंत्री ने कहा कि रेलवे को अपने प्रयासों का दायरा बढ़ाना चाहिए और जिला अधिकारियों तथा एनजीओ आदि के परामर्श से रेलवे स्टेशनों से दूर के क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। बैठक में रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगडी, रेलवे बोर्ड के सदस्य, जीएम एवं देश भर से पीएसयू के प्रमुखों ने भाग लिया जो वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़़े हुए थे।अभी तक कोरोना से लडऩे में असाधारण कार्य करने एवं आइसोलेशन कोचों के रूप में यात्री कोचों को बदलने जैसे नवोन्मेषी समाधानों को अपनाने के लिए रेलवे की सराहना करते हुए पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि सभी जोन इन कोचों को पूर्ण रूप से तैयार करने की चुनौती को पूरी करेंगे और इन्हें जल्द से जल्द इससे लैस कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 5000 कोचों की पहली खेप के रूपांतरण पर कार्य पहले ही चरणबद्ध तरीके से आरंभ हो चुका है।रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री की राष्ट्र को अपील के बाद पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सूचित किया कि भारतीय रेल एवं रेल पीएसयू के कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन न लेने और उसे पीएम केयर फंड में देने का फैसला किया है। रेल के कई पीएसयू भी राष्ट्रीय प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए फंड में योगदान देने की योजना बना रहे हैं।महत्वपूर्ण वस्तुओं की आपूर्ति के लिए विशेष पार्सल रेलगाड़ी चलाने की समीक्षा करते हुए, मंत्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को और अधिक रूटों पर इन सेवाओं को उपलब्ध कराने को कहा जिससे कि दवाओं, अनिवार्य उपकरणों, खाद्य वस्तुओं की त्वरित समय में देश भर में आपूर्ति हो सके। ई-कॉमर्स कंपनियों और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं जिनकी कम मात्रा में आवश्यकता होती है, के आपूर्तिकर्ताओं को पार्सल रेलगाडिय़ों से लाभ पहुंचेगा। विशेष पार्सल रेलगाडिय़ां पहले ही 8 रूटों पर चल रही हैं और विभिन्न जोनों में 20 और की योजना है।----
- नई दिल्ली। वैसे तो पूरा देश लॉकडाउन है, पर भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत आने वाली महारत्न सीपीएसई, पावरग्रिड और सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटीलिटी (सीटीयू) ऑफ इंडिया 24&7 लगातार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। एक जिम्मेदार कॉरपोरेट सिटिजन के रूप में पावरग्रिड ने कोरोनावायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई में सहयोग करने के लिए आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत (पीएम-केयर्स) कोष में 130 करोड़ रुपये का योगदान देने का फैसला किया है।महामारी से निपटने में सहयोग के लिए इसने अगले वित्त वर्ष में 70 करोड़ रुपये का एक और योगदान करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस तरह से पावरग्रिड का कुल योगदान 200 करोड़ रुपये का होगा, जो उस 925 करोड़ रुपये की धनराशि का हिस्सा होगा, जिसे विद्युत और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाले सभी सीपीएसई द्वारा देने की घोषणा की गई है। पावरग्रिड के कर्मचारी भी इसके लिए अपने वेतन का एक हिस्सा दे रहे हैं। पावरग्रिड ने ऐसे मुश्किल समय में जरूरतमंदों की मदद के लिए मलिन बस्तियों में खाने के पैकेट का वितरण भी किया है। देश के सभी पावरग्रिड सब-स्टेशनों में ट्रांसमिशन/निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों और संविदा कर्मियों को भी मास्क, साबुन, सैनिटाइजर, पैकेट में खाने के सामान, किराने के सामान और चिकित्सकीय मदद मुहैया कराई जा रही है।कोविड-19 के प्रकोप के कारण तैयारियों के एक हिस्से के रूप में, बिना किसी रुकावट के बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए देश के सभी सब-स्टेशनों को संचालित करने के लिए एक बैकअप प्लान तैयार किया गया है।---
- नई दिल्ली। 14 अप्रैल 2020 तक लॉकडाउन का ऐलान किया गया है और लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में कंपनियों ने एलपीजी के दाम घटाकर उन्हें राहत दी है। देशभर में रसोई गैस के दाम औसतन 63 रुपये तक कम हो गए हैं।इन्डेन की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में 14.2 किलो वाले बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत अब 744 रुपये हो गई है, जो पहले 805.50 रुपये के भाव पर मिल रहा था। इंडियन ऑइल ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में औसतन 63 रुपये की कटौती की है। यह लगातार दूसरी बार है जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के घटते दामों के बीच एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं।इससे पहले मार्च में सिलेंडर के भाव में औसतन 54 रुपये की कटौती की गई थी। हालांकि फरवरी में इसके दाम करीब 145 रुपये बढ़ा दिए गए थे।इस निर्णय से मुंबई में गैस की कीमत अब घटकर 774.5, कोलकाता में 714.5 और चेन्नई में 761.5 रुपए हो गई है।
- नई दिल्ली। एक अप्रैल, 2020 से नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो गई। इससे साथ ही कई नियम बदल गए। 10 ऐसे नियमों में बदलाव हुए हैं, जो हर किसी की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हुए हैं। ये आम लोगों पर भी सीधे प्रभाव डालेंगे। इनमें बैंकों के विलय से लेकर जीएसटी रिटर्न के नियमों में होने वाला बदलाव शामिल है।1 अप्रैल से देश के 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाए जाएंगे। यह देश के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा विलय होगा। अगर आपका खाता इन बैंकों में है तो आपको कुछ बदलावों की सूचना अपने बिलों/ किस्तों को काटने वाले बैंकों को देनी होगी। 1 अप्रैल 2020 से आयकर के नए सिस्टम को लागू कर दिया जाएगा। नए सिस्टम में खास बात होगी कि बिना कोई बचत किए भी करदाता छूट प्राप्त कर सकेगा। हालांकि, ये पूरी तरह से वैकल्पिक व्यवस्था होगी। लोन छोटे और मझोले कारोबारियों को 1 अप्रैल, 2020 से नए मानकों पर कर्ज मिलेगा। कारोबारियों को परिवर्तनशील ब्याज दरों पर दिएजाने वाले सभी नए लोन को 1 अप्रैल से रेपो जैसे बाहरी मानकों से जोड़ा जाएगा। इससे ब्याज दर में कमी आएगी।विदेश जाना महंगा1 अप्रैल से सरकार विदेश यात्रा के कुल पैकेज पर स्रोत पर एकत्रित कर (टीसीएस)लगाएगी। वित्त वर्ष 2020-21 की शुरुआत से विदेश यात्रा पर पांच फीसदी टैक्स चुकाना पड़ सकता है।नया जीएसटी रिटर्न फॉर्मजीएसटी परिषद की 31वीं बैठक में एक अप्रैल से नया जीएसटी रिटर्न फॉर्म लाने पर फैसला हुआ था। नया फॉर्म काफी सरल होगा और रिटर्न भरने में आसानी होगी।नए वाहन नियमएक अप्रैल से देश में सिर्फ बीएस-6 मानक वाले वाहन ही बिकेंगे। हालांकि, कोरोना संकट के चलते सुप्रीम कोर्ट ने बीएस-4 वाहनों का रजिस्ट्रेशन अप्रैल में सशर्त 10 दिन करने की अनुमति दी है।दवाइयों से जुड़ा नियमसरकार ने सभी मेडिकल डिवाइस को 1 अप्रैल, 2020 से ड्रग्स घोषित करने का फैसला किया है। नए वित्त वर्ष से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक की धारा 3 के तहत इंसानों और जानवरों पर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को औषधि की श्रेणी में रखा जाएगा।बीएस-6 पेट्रोल-डीजल1 अप्रैल, 2020 से देशभर में बीएस-6 ग्रेड के पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इंडियन ऑयल ने इसकी शुरुआत कई शहरों से कर दी है। हालांकि, कीमत पर इसका असर हो सकता है।ज्यादा मिलेगी पेंशनसरकार ने एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (ईपीएस) नियम में बदलाव किया है। इसके तहत जो 26 सितंबर, 2008 से पहले रिटायर हुए करीब 6 लाख लोगों को 1 अप्रैल, 2020 से ज्यादा पेंशन मिलेगी।मोबाइल डाटा महंगादूरसंचार कंपनियों ने 1 अप्रैल से मोबाइल डाटा के लिए शुल्क बढ़ाकर न्यूनतम 35 रुपए/जीबी की दर तय करने की मांग की है। यह मौजूदा दर से करीब 7-8 गुना है। अगर सरकार मंजूरी देती है तो इंटरनेट का इस्तेमाल महंगा होगा।
- नई दिल्ली। मौसम विभाग ने इस साल गर्मी के मौसम में देश के उत्तर पश्चिमी मैदानी इलाकों में ग्रीष्म लहर का प्रकोप पिछले सालों की तुलना में अधिक होने की आशंका व्यक्त करते हुये कहा है कि आगामी अप्रैल से जून के दौरान सामान्य तापमान में औसतन 0.5 से 1.0 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है।विभाग द्वारा अगले तीन महीने के लिये जारी मौसम संबंधी दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के मैदानी इलाकों में अप्रैल, मई और जून के महीने में सामान्य से अधिक गर्मी हो सकती है।विभाग ने दीर्घकालिक पूर्वानुमान रिपोर्ट में गर्मी के संभावित रुख को देखते हुये इस साल मानसून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, बिहार, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में शुष्क दिनों (ड्राई डे) की संख्या में इजाफा होने का भी अनुमान जताया है।वहीं विभाग ने इस साल गर्मी के मौसम में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसका सीधा असर दिन के समय अत्यधिक गर्मी रहने के रूप देखने को मिल सकता है। विभाग की क्षेत्रीय पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल गर्मी का असर मैदानी क्षेत्रों के अलावा पहाड़ी इलाकों में भी तुलनात्मक रूप से अधिक रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों के अलावा पश्चिमी राजस्थान में तीन महीने के दौरान औसत अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस से भी अधिक जा सकता है। विभाग ने पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी और दक्षिणी कर्नाटक, गोवा, रायलसीमा और केरल तक इस अवधि में अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने का अनुमान व्यक्त किया है।देश के बाकी इलाकों में गर्मी के दौरान औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। विभाग ने ग्रीष्म लहर की आशंका वाले इलाकों में उत्तर के मैदानी राज्यों के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना के भी कुछ इलाकों को शामिल किया है। उल्लेखनीय है कि मौसम संबंधी मानकों के मुताबिक 40 डिग्री सेल्सियस से कम सामान्य तापमान वाले इलाकों में किसी दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक होने पर उस इलाके में ग्रीष्म लहर की स्थिति मानी जाती है। वहीं 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक सामान्य तापमान वाले इलाकों में ग्रीष्म लहर की स्थिति के लिये अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से छह डिग्री सेल्सियस अधिक होना जरूरी है।---
- नई दिल्ली। देश में सहकारी आंदोलन के सर्वोच्च निकाय के रूप में अपनी भूमिका को निभाते हुए, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ़ इंडिया (एनसीयूआई) ने कोरोना वायरस से लडऩे में सरकार के प्रयासों में हर संभव मदद करने की पेशकश की है । एनसीयूआई ने सरकार के समक्ष आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए अपने 48 से अधिक कमरों की क्षमता वाले हॉस्टल को देने की पेशकश की है।एनसीयूआई के अध्यक्ष डॉ. चंद्र पाल सिंह यादव ने देश भर के सह-संचालकों के साथ एक वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग भी की।देश में कोरोना वायरस से लडऩे में केंद्र की मदद करने के लिए सहकारी समितियों के इस शीर्ष निकाय ने भी अपने कर्मचारियों के एक दिन के वेतन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में देने की की घोषणा की।भारतीय सहकारी के साथ एक टेलीफोनिक संवाद में, एनसीयूआई सीई एन सत्यनारायण ने कहा, एनसीयूआई ने कोरोना वायरस महामारी से लडऩे के लिए पीएम राष्ट्रीय राहत कोष में एक दिन के वेतन का योगदान देने का फैसला किया है ।एनसीयूआई के इस पेशकश की भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली शासी परिषद सदस्य एवं रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा तथा छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता ने प्रशंसा की है।-----



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