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- नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष से अपील की कि वह आरोप-प्रत्यारोप में पड़ने के बजाय संसद में इस मुद्दे पर 'विस्तृत' चर्चा होने दें ताकि समस्या का 'स्थायी समाधान' निकाला जा सके। नड्डा ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार एक ''जिम्मेदार और संवेदनशील सरकार'' है और वह इस मुद्दे को लेकर बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रश्न पत्र लीक के मुद्दे पर संसद में 'विस्तृत' चर्चा के लिए तैयार है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्र जब चाहे उनसे बातचीत करने के लिए तैयार है। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन देती है, तो वह अपनी अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर देंगे। उनकी मांगों में परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक या बदले की कार्रवाई न करने की मांग भी है। इस बारे में नड्डा ने कहा, '' हम उनके खुले पत्र का जवाब देंगे।'' भाजपा नेता यह टिप्पणी गांधी की उस संवाददाता सम्मेलन के बाद आई, जिसमें उन्होंने सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें जवाबदेह ठहराना, और छात्रों के साथ जो हुआ उसके लिए प्रधानमंत्री द्वारा उनसे माफी मांगने की तीन ऐसी मांगे हैं जिन पर कोई समझौता नहीं हो सकता। नड्डा ने गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने देश में प्रश्नपत्र लीक के लगभग 150 मामलों का जिक्र तो किया, लेकिन उन प्रश्नपत्र लीक के मामलों का जिक्र नहीं किया जो उनकी पार्टी और सहयोगियों की सरकार वाले राज्यों में हुए थे। उन्होंने कहा,''यह जांच का विषय है और सरकार इस मामले के हर पहलू पर अपना जवाब जनता के सामने रखेगी।''नड्डा ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल और पंजाब में विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के लीक होने की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए गांधी से सवाल किया, '' आप इतने चुनिंदा क्यों हैं? आपने कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) की सरकारों वाले राज्यों में हुए प्रश्नपत्र लीक के बारे में बात क्यों नहीं की?'' उन्होंने कहा, ''इससे स्पष्ट होता है कि आपकी मंशा छात्रों का हित नहीं है। आपकी दिलचस्पी राजनीतिक फायदा उठाने और छात्रों की मांगों पर राजनीति करने में है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।'' नड्डा ने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे देश में प्रश्नपत्र लीक की समस्या का 'स्थायी समाधान' तलाशने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा,''हमारा मानना है कि हमें आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर इस मामले पर चर्चा करनी चाहिए। ऐसी चर्चा के लिए सबसे अच्छा मंच संसद है और हम इसके लिए तैयार हैं।'' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ''हमें इस बात को सुनिश्चित करने के लिए विस्तार से चर्चा करनी चाहिए कि हमारे छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा इस बात को लेकर बहुत चिंतित है, क्योंकि बच्चे देश का भविष्य हैं।'' उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।नड्डा ने कहा, ''यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर विस्तार से चर्चा की ज़रूरत है। विपक्ष को अपने लक्ष्य या रुख़ को बार-बार नहीं बदलना चाहिए। हमें आरोप-प्रत्यारोप में नहीं पड़ना चाहिए। हमें इस समस्या को हल करने के बारे में सोचना चाहिए और एक ठोस नीति बनानी चाहिए।'' केंद्रीय मंत्री ने सरकार और कॉक्रोच जनता पार्टी (कॉजपा)के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में प्रगति के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''हमारी बातचीत बहुत सौहार्द्रपूर्ण माहौल में हुई। हमने उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी। जब हमने कहा तो उन्होंने (अपनी मांगें) लिखित रूप में दीं। हमने भी उन्हें जवाब दिया है।'' उन्होंने कहा, ''और मैंने उनसे कह दिया है कि जब भी वे चाहें, हम (आगे की) बातचीत के लिए तैयार हैं।''नड्डा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ कल रात मेदांता अस्पताल में वांगचुक से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा, ''हमने वांगचुक से यह भी अपील की कि वह अपना अनशन समाप्त करें और युवाओं को सही दिशा दिखाएं। सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत करने के लिए तैयार है और हमेशा उन पर ध्यान देगी। उन्होंने कहा, 'ठीक है, मैं जवाब दूंगा'।'' वांगचुक द्वारा सरकार को लिखे पत्र पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''हम जवाब देंगे''।नड्डा से जब पूछा गया कि क्या शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार में कोई चर्चा हो रही है, तो उन्होंने कहा, ''नहीं, ऐसा नहीं होता है। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। यह संसद में होगा। वे अपनी बात रखेंगे और सरकार जवाब देगी।''
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गुवाहाटी. असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आने से बुधवार को 21 और लोगों की मौत हो गई तथा लगभग 5.65 लाख लोग इससे प्रभावित हुए। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की मंगलवार मध्यरात्रि को जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विश्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग, नागांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों में बाढ़ से 5,64,600 से अधिक लोग प्रभावित हुए। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान शिवसागर जिले में चार महिलाओं और दो बच्चों समेत 13 लोगों की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा चराइदेव में दो बच्चों समेत पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक महिला की जान चली गई। इन मौतों के साथ ही इस वर्ष राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने असम के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है और अगले चार दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार, 'येलो अलर्ट' का अर्थ सतर्क रहने और स्थिति से संबंधित अद्यतन जानकारी पर नजर बनाए रखना है। शिवसागर बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 3.6 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद जोरहाट में लगभग 88,000 और चराइदेव में 72,500 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में बाढ़ की स्थिति सोमवार रात की तुलना में और खराब हुई है। सोमवार रात तक 15 जिलों में लगभग 3.63 लाख लोग प्रभावित थे। रिपोर्ट के अनुसार, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पुलिस और अन्य नागरिक एजेंसियों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर के विभिन्न इलाकों से 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। बैठक के दौरान पवार की बेटी और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।
पवार और सुले संसद के जारी मानसून सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली में हैं। -
ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे जिले में साड़ी नहीं लाने को लेकर हुए घरेलू विवाद के बाद प्रेशर कुकर के ढक्कन से अपने पति की कथित तौर पर पिटाई करने और गला दबाकर उसकी हत्या करने के आरोप में 30 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली आरोपी सुनीता देवी हरेराम सिंह को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने शुरुआत में मौत को दुर्घटना बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।
अधिकारी ने बताया कि पीड़ित हरेराम किशुनजी सिंह (35) 19 जुलाई को बदलापुर पूर्व स्थित अपने घर पर थे, तभी साड़ी नहीं लाने को लेकर दंपति के बीच विवाद हो गया। उन्होंने बताया कि गुस्से में आकर आरोपी महिला ने प्रेशर कुकर के ढक्कन से पति पर हमला किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पत्नी के बयान के आधार पर शुरुआत में दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन सरकारी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट ने मामले को पूरी तरह से जांच का विषय बना दिया। बदलापुर पूर्व थाने के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन पाटिल ने कहा, ''मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि गला दबाने के कारण दम घुटने से हुई थी। इसके बाद मृतक के परिजनों और मकान मालिक से पूछताछ में पत्नी पर संदेह हुआ।'' उन्होंने बताया कि स्थानीय अदालत ने मंगलवार को आरोपी सुनीतादेवी को 29 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। -
नयी दिल्ली. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को संसद में कहा कि सरकार नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सदन में चर्चा के लिए ''सौ प्रतिशत'' तैयार है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बहाने बनाकर चर्चा से बचना चाहती है। राज्यसभा में कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद जब दोपहर दो बजे फिर शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का नाम पुकारा। रीजीजू ने कहा कि विपक्ष ने सदन में एक मांग रखी है तथा वह सरकार की तरफ से उस पर अपनी बात रखना चाहते हैं। रीजीजू ने जैसे ही अपनी बात शुरू की, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और शोरगुल शुरू कर दिया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह जब विपक्ष की मांग पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो विपक्षी सांसदों द्वारा हंगामा करने का स्पष्ट मतलब है कि वह चर्चा नहीं चाहते। केंद्रीय मंत्री ने कहा, '' मैं आपके (आसन के) माध्यम से सरकार का पक्ष रखना चाहता हूं कि मानसून सत्र की शुरुआत से ही सरकार ने कहा है कि जो भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं उन पर और नीट प्रश्न पत्र लीक के विषय पर हम चर्चा के लिए तैयार हैं। हम अब भी तैयार हैं।'' उन्होंने सदन को जानकारी दी कि सरकार ने कांग्रेस और अन्य पार्टी के नेताओं को भी इस बारे में बताया था। रीजीजू ने दावा किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहता है और इसीलिए वह बहाने बनाकर सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, ''हमारी सरकार युवाओं के भविष्य के लिए, छात्रों के भविष्य के लिए नीट परीक्षा से जुड़े विषय पर चर्चा के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। सरकार ने एक एक करके जो भी कदम उठाये हैं, उन्हें देश के सामने रखना हमारा दायित्व है।'' रीजीजू ने कहा कि उन्होंने कई दलों के सदस्यों से बात की है और वे सभी चर्चा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले तो चर्चा की मांग करती है और फिर नारेबाजी करके सदन को बाधित करती है, जो ठीक नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मांग है और सरकार भी राजी है। उन्होंने कहा कि सभापति जिस नियम के तहत एवं जितने समय के लिए चर्चा कराने का निर्देश देते हैं उसके तहत सरकार चर्चा के लिए सौ प्रतिशत तैयार है। तीन बार के स्थगन के बाद जब बैठक फिर शुरू हुई तो रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस चर्चा नहीं चाहती है इसीलिए वह नयी-नयी शर्तें लगा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक अलग मुद्दा लाकर और एक शर्त लगाकर चर्चा से बचना चाहती है।
रीजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कह चुके हैं कि वह नीट मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं किंतु कांग्रेस पार्टी अब अलग से एक मुद्दा लेकर आयी है, जो ठीक नहीं है। इसके उपरांत खरगे ने आसन की अनुमति से अपनी बात रखते हुए कहा कि उपसभापति हरिवंश ने अपनी एक पुरानी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए सदन को बताया कि कार्य स्थगन संबंधी नियम 267 के तहत दुर्लभतम मामलों में चर्चा की जाती है। खरगे ने कहा कि ऐसे में जबकि प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग मर रहे हैं तो फिर दुर्लभतम क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि इसलिए इस विषय पर नियम 267 के तहत सदन में चर्चा करायी जानी चाहिए। खरगे से पहले द्रमुक नेता तिरुचि शिवा ने भी यही मांग की थी।
इससे पहले, रीजीजू ने लोकसभा में कहा कि वह नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। लोकसभा की कार्यवाही सुबह स्थगित होने के बाद दोबारा 12 बजे शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार की ओर से वक्तव्य देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का नाम पुकारा। इसी बीच कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग भी की। रीजीजू ने कहा, ''सरकार नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। हमने पहले दिन से यह बात कही है। लेकिन चर्चा नियम के तहत होती है। चर्चा कब होनी है, कितनी लंबी होनी है और किस नियम के तहत होनी है, इसका निर्णय अध्यक्ष (बिरला) सभी दलों के नेताओं से बात कर लेंगे।'' उन्होंने कहा, ''इस देश के युवाओं के भविष्य के लिए हम सब मिलकर सार्थक चर्चा करें, सरकार यही चाहती है।'' -
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में भारतीय छात्रों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक अपने नाम किए। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित छात्रों की इस उपलब्धि ने वैश्विक स्तर पर विज्ञान और गणित के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में सभी पांच स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी भारतीय टीम ने सभी चार स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन का दर्जा प्राप्त किया। अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते। वहीं, अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड में भारत के खाते में दो स्वर्ण और चार रजत पदक आए। चारों ओलंपियाड को मिलाकर भारत ने कुल 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक हासिल किए।
परमाणु ऊर्जा विभाग पिछले लगभग चार दशकों से राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के माध्यम से देश के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान, मार्गदर्शन और उन्नत प्रशिक्षण का कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम का संचालन टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के अंतर्गत होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई) राष्ट्रीय नोडल केंद्र के रूप में करता है।परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने छात्रों की उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव बताते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के समर्पण तथा वर्षों में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्टता का उत्सव है।एचबीसीएसई के निदेशक प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने कहा कि विभाग के निरंतर सहयोग और वैज्ञानिक प्रतिभाओं को विकसित करने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता ने इस सफलता को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन देशभर में विज्ञान और गणित के प्रति उत्कृष्टता की संस्कृति को मजबूत करता है।डीएई ने टीआईएफआर और एचबीसीएसई के माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और विषय विशेषज्ञों का एक सशक्त राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया है। इसी सहयोगात्मक व्यवस्था के कारण कई पीढ़ियों के ओलंपियाड विजेता आज देश और विदेश में उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।परमाणु ऊर्जा विभाग ने सभी पदक विजेताओं, टीम लीडरों, मेंटरों, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि वैज्ञानिक शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन में निरंतर निवेश भारत को वैश्विक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग ने भविष्य में भी युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में अश्लील कंटेंट दिखाने और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) एक्ट सहित अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म की भारत में सार्वजनिक पहुंच (पब्लिक एक्सेस) बंद कर दी है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में दी।लोकसभा में लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह कार्रवाई उन इंटरमीडियरी और ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ की गई, जिन्होंने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 67 और 67ए, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294 तथा इंडीसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वुमेन (प्रोहिबिशन) एक्ट, 1986 की धारा 4 का उल्लंघन किया।अश्विनी वैष्णव ने कहा, “सरकार ने पिछले दो वर्षों में अश्लील कंटेंट प्रदर्शित करने और आईटी एक्ट की धारा 67 व 67ए, बीएनएस की धारा 294 तथा इंडीसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वुमेन (प्रोहिबिशन) एक्ट, 1986 की धारा 4 का उल्लंघन करने पर 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म की भारत में सार्वजनिक पहुंच बंद कर दी है।”उन्होंने बताया कि सरकार शिकायत मिलने पर कार्रवाई करती है और आईटी एक्ट की धारा 79(3)(बी) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इंटरमीडियरी को गैरकानूनी कंटेंट हटाने या उस तक पहुंच रोकने के निर्देश देती है।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि सरकार की डिजिटल पॉलिसी का उद्देश्य सभी यूजर्स, विशेषकर बच्चों के लिए खुला, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 मिलकर ऐसा कानूनी ढांचा प्रदान करते हैं, जो डिजिटल वेलबीइंग, यूजर सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन भागीदारी को बढ़ावा देता है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आईटी रूल्स के तहत इंटरमीडियरी के लिए ड्यू डिलिजेंस का पालन करना अनिवार्य है। साथ ही उन्हें अपने यूजर्स को यह स्पष्ट रूप से बताना होता है कि वे ऐसा कोई कंटेंट होस्ट, डिस्प्ले, अपलोड, मॉडिफाई, पब्लिश, ट्रांसमिट, अपडेट या शेयर न करें, जो बच्चों के लिए हानिकारक हो या देश में लागू किसी भी कानून का उल्लंघन करता हो। - नई दिल्ली। अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने मंगलवार को राहत सामग्री भेजी। इसमें खाने-पीने का सामान और परिवारों के रहने के लिए टेंट शामिल हैं। यह सामग्री अफगानिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी को सौंपी गई। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “नूरिस्तान में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत ने राहत सामग्री, जिसमें खाद्य सामग्री और परिवारों के लिए टेंट शामिल हैं, अफगानिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजी है, ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। इस मुश्किल समय में भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा है।”स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत के परून शहर में आई बाढ़ से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने तालिबान प्रशासन के बयान का हवाला देते हुए बताया कि परून और आसपास के इलाकों में आई बाढ़ के बाद अब भी 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। तालिबान की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अपने बयान में कहा कि तेज बाढ़ ने परून और नूरिस्तान के कई अन्य इलाकों को प्रभावित किया है। इससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।प्राधिकरण के सूचना और प्रकाशन विभाग के प्रमुख और प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हमद ने बताया कि हालात का जायजा लेने, लापता लोगों की तलाश करने और नुकसान का आकलन करने के लिए विशेषज्ञ टीमों को तुरंत प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। बाढ़ की वजह से कई घर, खेती की जमीन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं या पूरी तरह बह गईं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हमद ने कहा कि बचाव और राहत अभियान जारी है, इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।100 से ज्यादा लोगों के अब भी लापता होने के कारण अधिकारियों को आशंका है कि जैसे-जैसे बचाव दल खोज अभियान आगे बढ़ाएंगे, मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। टीमें उन लोगों की तलाश कर रही हैं जो बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हो सकते हैं। यह बाढ़ नूरिस्तान के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश के बाद आई। पहाड़ी इलाका होने और सड़कों की सीमित सुविधा के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। अफगानिस्तान उन देशों में शामिल है जो मौसम से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं के लिए बेहद संवेदनशील हैं। यहां अक्सर भूस्खलन, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएं होती रहती हैं।
- नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार (अमेरिकी समयानुसार) रात लगातार 11वीं बार ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए।CENTCOM के X पोस्ट के अनुसार, हमलों में ईरान के सैन्य संचालन केंद्रों, समुद्री क्षमताओं, विमान हैंगर, ड्रोन भंडारण केंद्रों और सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचे को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।अमेरिकी सेना का दावा है कि पिछले तीन महीनों में ईरान ने इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने वाले 30 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए, जिससे नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ।CENTCOM ने यह भी कहा कि तनाव के बावजूद हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है। मई की शुरुआत से अब तक अमेरिकी बलों ने लगभग 900 व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया है, जिनके जरिए करीब 45 करोड़ बैरल कच्चे तेल का परिवहन हुआ।वहीं, ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है।ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, संचार ढांचे और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा जॉर्डन में भी अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए। ईरानी सेना के अनुसार, कैंप अरिफजान, अहमद अल-जाबेर एयर बेस और शेख ईसा एयर बेस सहित कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। ईरान ने इन कार्रवाइयों को हालिया अमेरिकी हमलों का जवाब बताया है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एंडी बर्नहम को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर बधाई देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हैं। लेबर पार्टी के नवनिर्वाचित नेता एंडी बर्नहम ने सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर एंडी बर्नहम को हार्दिक बधाई।'' उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हैं तथा दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा तथा लोगों के बीच संबंधों सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक सहयोग है। मोदी ने उम्मीद जताई कि इस महीने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता लागू होने के साथ ही भारत-ब्रिटेन की द्विपक्षीय साझेदारी और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने कहा, ''मैं भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा हमारे साझा 'विजन 2035' को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।''
- नयी दिल्ली. घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या जून में लगभग 12 प्रतिशत घटकर 1.35 करोड़ रही, जबकि मई में एयरलाइन कंपनियों ने 1.53 करोड़ यात्रियों को सेवाएं दी थीं। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। बीते वर्ष इसी महीने में 1.36 करोड़ यात्रियों की संख्या की तुलना में पिछले महीने यह गिरावट मामूली रही। आम तौर पर, जून, जुलाई और अगस्त का समय एयरलाइंस के लिए यात्रियों की संख्या के लिहाज से नरम होता है।नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आंकड़ों के अनुसार, जून में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 66.3 प्रतिशत हो गयी जो मई में 64.9 प्रतिशत थी। इसी दौरान एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी घटकर 23.9 प्रतिशत रह गयी जो इससे पिछले महीने 25.6 प्रतिशत थी। अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गयी जो मई में 5.8 प्रतिशत थी।स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी घटकर पिछले महीने 1.9 प्रतिशत रही जो मई में 2.5 प्रतिशत थी।डीजीसीए ने जून के लिए यातायात आंकड़ों पर अपनी रिपोर्ट में कहा, ''घरेलू एयरलाइन कंपनियों से जनवरी-जून, 2026 के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 864.04 लाख थी, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 851.74 लाख थी। इस तरह सालाना आधार पर 1.44 प्रतिशत की वृद्धि और मासिक आधार पर 1.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।'' पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ने की वजह से एयरलाइन कंपनियों ने अपने नेटवर्क में भी कुछ समय के लिए कटौती की थी। इंडिगो का जून में समय पर उड़ान संचालन 89.4 प्रतिशत रहा। इसके बाद एयर इंडिया ग्रुप (85.9 प्रतिशत), अकासा एयर (82.7 प्रतिशत), अलायंस एयर (74.7 प्रतिशत) और स्पाइसजेट (33.5 प्रतिशत) का स्थान रहा। समय पर उड़ान संचालन (ओटीपी) की गणना 10 प्रमुख हवाई अड्डों... बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, कोचीन, गुवाहाटी और लखनऊ... के लिए की जाती है। पिछले महीने,अनुसूचित घरेलू एयरलाइंस के लिए कुल उड़ान रद्द होने की दर 0.63 प्रतिशत रही। जून में उड़ानें रद्द होने से प्रभावित 43,968 यात्रियों के मुआवजे और सुविधाओं के लिए घरेलू एयरलाइंस ने 61.98 लाख रुपये खर्च किए। आंकड़ों के अनुसार, उड़ान में देरी से प्रभावित 1,10,273 यात्रियों की सुविधाओं पर एयरलाइंस ने कुल 2.85 करोड़ रुपये खर्च किए। विमानन कंपनियों ने जून में 1,847 यात्रियों को बोर्डिंग से मना कर दिया। एयरलाइंस ने इस मामले में मुआवजे और सुविधाओं के लिए 64.84 लाख रुपये खर्च किए।
- नयी दिल्ली. सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह व्यापार समझौते को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत कर रही है। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भारत और अमेरिका ने 2 फरवरी 2026 को व्यापार समझौते की घोषणा की थी और इसके लिए 7 फरवरी को संयुक्त बयान जारी किया गया था। सात फरवरी को अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय निर्यात पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क हटा दिया गया था। यह शुल्क अमेरिका ने भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने का हवाला देते हुए लगाया था।इसके बाद, 20 फरवरी को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के एक फैसले में ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ (शुल्क) को अमान्य कर दिया गया, जिसके बाद पारस्परिक शुल्क लागू नहीं रहे। हालांकि, अमेरिका सरकार ने अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की धारा 122 के तहत 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों के कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने के लिए शासकीय आदेश जारी किए हैं। प्रसाद ने कहा, ''(भारत) सरकार सभी घटनाक्रमों का अध्ययन कर रही और अमेरिका सरकार के साथ बातचीत कर रही है।''
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भुवनेश्वर. ओडिशा पुलिस ने पुरी रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से होटल बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाली कम से कम आठ फर्जी होटल वेबसाइट को बंद करा दिया है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। साइबर सुरक्षा अभियान चला रही अपराध शाखा ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने और होटल की बुकिंग केवल विश्वसनीय एवं अधिकृत माध्यमों से ही करने की अपील की है। अपराध शाखा ने बयान में कहा, ''20 जुलाई को आठ फर्जी होटल वेबसाइट को बंद करा दिया गया। हम सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि वे सतर्क रहें, साइबर सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करें, होटल बुकिंग केवल वास्तविक स्रोतों से ही करें और सुरक्षित तथा साइबर जागरूक रथ यात्रा-2026 सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करें।'' बयान के अनुसार, अभियान के तहत एक विशेष टीम तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, होटल मालिकों, स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों को त्योहार के दौरान उभर रहे साइबर खतरों के प्रति जागरूक कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीम पुरी के प्रमुख होटल का दौरा कर उनके प्रबंधन को रथ यात्रा के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाले फर्जी होटल बुकिंग धोखाधड़ी के बारे में जागरूक कर रही है। साथ ही होटल की वेबसाइट का भी आकलन किया जा रहा है और उनमें मौजूद संभावित कमजोरियों को दूर करने के लिए परामर्श जारी किया जा रहा है। पुरी में 16 जुलाई से शुरू हुई रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। यह उत्सव 27 जुलाई को 'नीलाद्रि बीजे' अनुष्ठान के साथ संपन्न होगा, जिसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा गुंडिचा मंदिर से वापस जगन्नाथ मंदिर लौटेंगे।
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अमरावती. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार सूखा प्रभावित रायलसीमा क्षेत्र में जल संरक्षण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने, जल भंडारण क्षमता बढ़ाने, सिंचाई अवसंरचना के आधुनिकीकरण और सिंचित क्षेत्र के विस्तार के लिए 20,884 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 1,472 करोड़ लीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित होने, 4.37 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था स्थिर होने तथा लगभग 9.80 लाख एकड़ अतिरिक्त भूमि को सिंचाई का लाभ मिलने की उम्मीद है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार नायडू ने कहा, ''सरकार रायलसीमा में 20,884 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक सिंचाई परियोजनाएं लागू कर रही है। इनका उद्देश्य लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करना, मौजूदा अवसंरचना का आधुनिकीकरण करना, जलाशयों को सुदृढ़ बनाना, जल उपयोग दक्षता बढ़ाना और क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।'' विज्ञप्ति में कहा गया कि सरकार वैधानिक रूप से स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ-साथ मौजूदा सिंचाई तंत्र को मजबूत करने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दे रही है। हंद्री-नीवा सुजला श्रवंती (एचएनएसएस) परियोजना इस कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा है। इस परियोजना पर पिछले एक वर्ष में लगभग 3,880 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि नहरों को मजबूत करने के लिए 3,145 करोड़ रुपये अतिरिक्त निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने बताया कि गैलेरु-नगरी सुजला श्रावंती (बीएनएसएस) परियोजना के तहत भी कार्य तेजी से जारी है। इस परियोजना का उद्देश्य कड़पा, अन्नामैया और चित्तूर जिलों में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। विज्ञप्ति में कहा गया कि सरकार भूजल पुनर्भरण के लिए पारंपरिक जल स्रोतों के पुन:विकास पर भी काम कर रही है। इसके तहत 1,011 सिंचाई तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया है, जिनमें से 530 तालाबों का कार्य पूरा किया जा चुका है।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को दावा किया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि हर जन आंदोलन से राजनीतिक नेता निकलते हैं। झारखंड के गोड्डा से सांसद ने कहा कि हालांकि, यह आंदोलन अब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना नेता मानता है और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनकी ओर देखता है। दुबे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ''हर आंदोलन ने राजनीतिक नेता दिए हैं। जेपी आंदोलन से लालू प्रसाद यादव जैसे नेता निकले। अरविंद केजरीवाल भी अन्ना हजारे के आंदोलन से ही सामने आए थे।'' उन्होंने कहा, ''अभिजीत दीपके भी भविष्य में चुनाव लड़ सकते हैं। नेपाल में भी, 'जेन जेड' आंदोलन से जुड़े लोग आखिरकार किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो गए। इसी तरह, अभिजीत दीपके भी किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होंगे। मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि वह भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।" नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को हजारों लोग 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'चलो संसद' मार्च में शामिल हुए। दीपके के नेतृत्व में, कॉजपा ने 20 जून को जंतर-मंतर पर देश की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। अठाईस जून को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के बाद इस प्रदर्शन को और गति मिली। दुबे ने दावा किया कि दीपके के आसपास नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक थे।
उन्होंने आरोप लगाया, "अभिजीत दीपके के आसपास नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक हैं और वे लोग हैं, जिन्होंने सीएए का विरोध किया था, जिसमें ओखला में लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उनका एजेंडा साफ है।" दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राजग संसदीय दल की बैठक के दौरान युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा, ''यह आंदोलन अब भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना नेता मानता है। अगर युवाओं का किसी पर भरोसा है, तो वह प्रधानमंत्री मोदी हैं।'' भाजपा सांसद ने कहा, ''इस आंदोलन से जुड़े युवाओं ने बार-बार एक ही बात कही है - प्रधानमंत्री तक यह बात पहुंचाई जाए कि इन मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने भी आज अपने भाषण में इस बारे में बात की।''
जब दुबे से आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा मोदी को "देश का सबसे बड़ा देश-विरोधी" कहे जाने के बारे में पूछा गया, तो दुबे ने कहा कि इसपर कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ''अगर सड़क पर चलता हुआ कोई व्यक्ति कोई टिप्पणी करता है, तो क्या प्रधानमंत्री उसका जवाब देंगे? क्या प्रधानमंत्री को ऐसे हर बयान पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए?'' भाजपा सांसद ने केजरीवाल पर पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या को हल करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''अरविंद केजरीवाल क्या अच्छा काम कर रहे हैं? आप पंजाब की हालत जानते हैं। उन्होंने पंजाब के लिए क्या किया है? अगर पंजाब मादक पदार्थों का केंद्र बन गया है, अगर युवा मर रहे हैं और पूरा राज्य परेशान है, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?'' उन्होंने कहा, "लोकपाल आंदोलन अन्ना हजारे की वजह से हुआ था, लेकिन जब केजरीवाल मुख्यमंत्री थे, तो क्या वह कभी अन्ना हजारे से मिलने गए? क्या लोकपाल लागू हुआ? क्या दिल्ली में लोकपाल नियुक्त किया गया? आप किस तरह के लोगों की बात कर रहे हैं?'' लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस बयान पर कि प्रधानमंत्री को कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के लिए उनसे माफी मांगनी चाहिए, दुबे ने कहा कि इसके बजाय कांग्रेस को अपने शासनकाल की कई घटनाओं के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''इंदिरा गांधी और उनके परिवार को 1975 में लगाए गए आपातकाल के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए। जिस तरह से अन्ना हजारे आंदोलन को दबाया गया और युवा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया, उसके लिए माफ़ी मांगी जानी चाहिए।'' -
बचाव अभियान जारी
गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले में एक दिन पहले निर्माणाधीन सुरंग ढहने से 10 मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नामची के जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि खोज एवं बचाव अभियान जारी है।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि झोलुंगे के समरडुंग में एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन) तीस्ता चरण-छह जल विद्युत परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग भूस्खलन के कारण ढह गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को एडीआईटी-तीन सुरंग के अचानक ढह गई और घटना के वक्त परियोजना अधिकारी और श्रमिकों समेत कुल 25 लोग एडीआईटी-तीन सुरंग के अंदर फंसे हुए थे। तमांग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे बात की और बचाव अभियान के बारे में जानकारी ली।
नामची पुलिस ने एक बयान में कहा, ''मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे तक 10 शव बरामद किए गए हैं। मृतकों में से छह की पहचान हो गई है, जबकि तीन अज्ञात शवों को जिला अस्पताल सिंगतम और सर थुटोब नामग्याल मेमोरियल (एसटीएनएम) अस्पताल ले जाया गया।'' बयान में कहा गया है कि जिन सात मृतकों की पहचान हुई है उनमें से चार पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से थे, एक-एक व्यक्ति असम, पंजाब और उत्तराखंड के देहरादून से था तथा एक व्यक्ति नामची का रहने वाला था। तमांग ने एक बयान में कहा, ''हादसे में अपनी जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में पूरे राज्य की संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ है और हम इस मुश्किल घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जारी बचाव अभियान की करीबी निगरानी कर रहे हैं।
तमांग ने बताया कि नामची जिला प्रशासन, सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए), सिक्किम पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और पाकयोंग व सिलीगुड़ी से आए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम के साथ अन्य एजेंसियां सुरंग के अंदर फंसे शेष श्रमिकों के शव निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''नामची जिले के समरडुंग, झोलुंगे में एनएचपीसी तीस्ता चरण-छह जल विद्युत परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग में हुई दुखद घटना के बाद माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुझसे (फोन पर) बात की और मौजूदा हालात तथा जारी बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली।'' उन्होंने यह भी कहा, ''प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति उनकी चिंता और संवेदना भरे शब्दों के साथ-साथ भारत सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन इस कठिन घड़ी में सिक्किम के लोगों के लिए एक बड़ा संबल बना है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को हर संभव मदद करने, बचाव कार्यों में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के उच्चतम मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार दोपहर भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया और गैस रिसाव की आशंका के बीच लगभग 27 मजदूर अंदर फंस गए थे। उन्होंने बताया कि सुरंग के अंदर गैस होने के कारण बचाव अभियान जटिल हो गया है और फंसे श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश के दौरान कई बचावकर्मियों को चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए। अधिकारियों के अनुसार, माना जा रहा है कि गैस का रिसाव भूमिगत परतों या भूस्खलन प्रभावित चट्टानी संरचनाओं से प्राकृतिक रूप से हो रहा है। - नयी दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत पनामा के साथ 'करीबी संबंध' बनाने का इच्छुक है, क्योंकि यह देश भारत जैसे साझेदार के लिए रणनीतिक स्थिति के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता और संभावनाएं भी प्रदान करता है। हैदराबाद हाउस में पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज़-आचा वास्केज के साथ हुई बैठक में अपनी शुरुआती बातचीत के दौरान जयशंकर ने यह भी कहा कि ''हमारी दोनों सरकारें और हमारे दोनों नेता हमारी साझेदारी को और प्रगाढ़ और व्यापक बनाने के लिए बहुत उत्सुक हैं।'' वास्केज 19 से 23 जुलाई तक भारत की यात्रा पर हैं। इस दौरान वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।जयशंकर ने कहा, ''मेरा मानना है कि आपकी यह यात्रा हमारे दोनों देशों के संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में बढ़ी गति को और आगे बढ़ाएगी। मुझे आज होने वाली बातचीत का बेसब्री से इंतज़ार है और मुझे पूरा भरोसा है कि इससे हमारी साझेदारी का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी।'' विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पनामा के विदेश मंत्री की यात्रा ''सभी क्षेत्रों में हमारे संबंधों को और मजबूत करेगी''। विदेश मंत्री के मुताबिक पनामा, भारत के लिए वैश्विक व्यापार मार्ग पर एक 'नैसर्गिक सेतु' और व्यापक लातिन अमेरिकी क्षेत्र के लिए एक प्रवेश द्वार का काम करता है।
- पुणे. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक पुरस्कार के लिए चुना गया है। तिलक स्मारक ट्रस्ट ने सोमवार को यह घोषणा की। ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक अगस्त को पुणे में आयोजित समारोह में डोभाल को यह पुरस्कार प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। पुरस्कार समारोह पुणे के गुलटेकड़ी क्षेत्र स्थित महाराष्ट्रीय मंडल मैदान में आयोजित किया जाएगा।डोभाल (81) ने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशन में राजनयिक दायित्व भी निभाए हैं। वह भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। डोभाल भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। इसके अलावा, डोकलाम गतिरोध को समाप्त कराने में कूटनीतिक प्रयासों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। लोकमान्य तिलक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में की गई थी। यह पुरस्कार सबसे पहले समाजवादी नेता एस. एम. जोशी को प्रदान किया गया था। यह पुरस्कार हर साल एक अगस्त को स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति और विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। विगत वर्षों में यह पुरस्कार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा वरिष्ठ नेता शरद पवार सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रदान किया जा चुका है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र को उत्पादक एवं सार्थक बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि सदन में चर्चा तर्क और तथ्यों के आधार पर होगी तो हंगामे या ऊंची आवाज में बोलने की कोई जरूरत नहीं होगी। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले संसद भवन परिसर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि मौसमी मानसून का सकारात्मक प्रभाव दिखना शुरू हो गया है और संसद का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''जब दोनों उत्पादक होते हैं तो वे देश और सभी जीवों के कल्याण में योगदान देते हैं। इसी उम्मीद के साथ हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय रहे और संसद का मानसून सत्र भी उतना ही उत्पादक हो।'' मॉनसून सत्र में विपक्ष नीट प्रश्नपत्र लीक, अयोध्या में राम मंदिर के चंदे में कथित चोरी और ई-20 पेट्रोल जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में है, ऐसे में सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। मोदी ने कहा कि सत्र शुरू होने के साथ ही देश ने गति पकड़ ली है और संसद की भावना इस गति में नई ऊर्जा भर सकती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सकारात्मक सोच जरूरी है। उन्होंने सदन में सार्थक चर्चा और देश को आगे ले जाने के लिए सामूहिक संकल्प लेने पर जोर दिया।प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी संसद में हर दल के कई अनुभवी सांसद हैं, जिनका ज्ञान और अनुभव संसद तथा देश के लिए जरूरी है। इसलिए संसद चलनी चाहिए, सार्थक चर्चा होनी चाहिए और देश को आगे ले जाने के लिए सामूहिक संकल्प लिए जाने चाहिए। यह समय की मांग और युवाओं की आकांक्षा है।'' उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना से भरी आवाजों को संसद में उचित मंच मिले, ताकि युवाओं की आवाज उठाई जा सके और देश को दिशा दी जा सके। मोदी ने कहा, ''मेरा मानना है कि जहां तथ्य होते हैं, वहां हंगामे की जरूरत नहीं होती। यदि आपके तर्क और तथ्य मजबूत हैं तो आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं है। मजबूत तर्क और तथ्य शांत लेकिन प्रभावी तरीके से आवाज को अपनी बात रखने में सक्षम बनाते हैं। हर आवाज को सुने जाने का अवसर मिलना चाहिए। यही संसद की भूमिका है। मैं सभी सांसदों से आग्रह करता हूं कि वे सदन की कार्यवाही में पूरे मनोयोग से भाग लें।'' प्रधानमंत्री ने भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट बनाने वाले युवा नवप्रवर्तकों की सराहना करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष भी किया और कहा कि वह ''56 साल के युवा'' की बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल मानसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा था और दो दिन पहले एक भारतीय युवा स्टार्टअप ने असाधारण उपलब्धि हासिल की है।मोदी ने कहा कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक बड़ा संदेश है कि भारत के युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह असीमित हैं और इससे बड़ी प्रेरणा देश के लिए कुछ नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री का इशारा स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा शनिवार को देश के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' के सफल प्रक्षेपण की ओर था। कंपनी ने कई प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पेलोड को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया, जिसके साथ भारत अमेरिका और चीन के बाद निजी ऑर्बिटल प्रक्षेपण क्षमता रखने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया। मोदी ने कहा कि दुनिया में ऐसे कुछ ही देश हैं जहां निजी कंपनियों ने इस तरह की क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा नवप्रवर्तकों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की आकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और यह वास्तव में उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ''मुझे बताया गया है कि स्काईरूट स्टार्टअप में काम करने वाली टीम की औसत आयु केवल 28 वर्ष है। इन्हीं युवा दिमागों ने यह संभव बनाया है। मैं 56 साल के युवा व्यक्ति की बात नहीं कर रहा हूं। मैं एक ऐसे स्टार्टअप की बात कर रहा हूं जिसकी टीम की औसत आयु केवल 28 साल है और जिसने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत का झंडा गाड़ दिया है।'' लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस साल 19 जून को 56 वर्ष के हुए हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवा बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां देश में आत्मविश्वास पैदा करती हैं और दुनिया में भारत की एक सम्मानित एवं भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थिति को और मजबूत करती हैं। उन्होंने कहा कि यह उस ''सुधार एक्सप्रेस'' का परिणाम है जिस पर देश सवार हुआ है और जिसने युवाओं को ऐसे साहसिक कदम उठाने तथा सफलता हासिल करने में सक्षम बनाया है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि ऊर्जा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर भारत जैसे देशों के लिए यह एक बड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायन जैसे क्षेत्रों में बाधाएं आईं, लेकिन इसके बावजूद भारत 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा। उन्होंने कहा, ''यह भारत की ताकत और उत्साह एवं ऊर्जा के साथ नई ऊंचाइयां हासिल करने के संकल्प को दर्शाता है।''प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल में राजस्थान में एक बड़ी तेल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई और कुछ सप्ताह पहले देश के तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हरित हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू की गई, और यह सुविधा दुनिया के बहुत कम देशों में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा अपने नागरिकों को समर्पित यह हाइड्रोजन ट्रेन सबसे शक्तिशाली इंजन और सबसे लंबी दूरी तक बिना रुके चलने की क्षमता वाली ट्रेन है। मोदी ने कहा, ''यह भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और श्रमिकों के समर्पण का परिणाम है, जो राष्ट्र के लिए एक मिशन के साथ काम कर रहे हैं।''.
- वर्धा. महाराष्ट्र के वर्धा जिले में मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के एक ट्रक और कार की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह दुर्घटना तड़के करीब तीन बजे विरुल गांव के पास हुई, जिसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। हादसे के कारण इस व्यस्त एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित हो गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एथेनॉल ले जा रहा एक कंटेनर ट्रक एक्सप्रेसवे पर 'इंटरचेंज आईसी-80' के पास पलट गया। हालांकि दूसरी लेन चालू थी तभी सड़क पर रुकी एक कार को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहनों में आग लग गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में कार में सवार चार यात्रियों और ट्रक चालक सहित उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई। बचाव और यातायात बहाली कार्यों के वास्ते राजमार्ग सुरक्षा के लिए गश्त दल, वर्धा पुलिस, दमकल विभाग और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंचीं। अधिकारी ने बताया कि चूंकि पलटे कंटेनर में अत्यधिक ज्वलनशील एथेनॉल था, इसलिए इसे सुरक्षित रूप से हटाने से पहले खाली करना आवश्यक था। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर यह अभियान अत्यंत सावधानी के साथ चलाया जा रहा है।\मुंबई-नागपुर मार्ग पर यातायात को विपरीत लेन से निकाला गया, जिससे प्रभावित हिस्से में भारी जाम लग गया। पुलिस ने नागपुर से मुंबई की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अगले कुछ घंटों के लिए वर्धा तक समृद्धि एक्सप्रेसवे का उपयोग करने से बचने की सलाह दी और नागपुर-अमरावती राजमार्ग का उपयोग करने के लिए कहा है। राजमार्ग पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 2025 में 185 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2024 के 137 के आंकड़े से 35 प्रतिशत अधिक है। विदर्भ के सबसे बड़े शहर नागपुर को मुंबई से जोड़ने वाले इस 701 किलोमीटर लंबे छह लेन के राजमार्ग को दिसंबर 2022 से कई चरणों में यातायात के लिए खोला गया था। अधिकारियों ने पहले कहा था कि निगरानी में सुधार और सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए वर्तमान में एक अत्याधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू की जा रही है।
- इंदौर (मध्यप्रदेश). घास के ढेर में सुई खोजने वाली कहावत तो आपने सुनी होगी, लेकिन देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में नगर निगम के कर्मचारियों ने कचरे के कई टन वजनी ढेर में दबे चांदी के एक कलश को खोजकर इसे हकीकत में बदल दिया है। अधिकारियों ने बताया कि राजेंद्र नगर क्षेत्र के एक परिवार की बुजुर्ग महिला ने 18 जुलाई को अपने घर के कचरे के साथ अनजाने में वह थैली भी नगर निगम के अपशिष्ट संग्रहण वाहन में डाल दी जिसमें चांदी का करीब दो किलोग्राम वजनी कलश रखा था। उन्होंने बताया कि थैली बंद थी और कचरे की दूसरी थैलियों के बीच रखी थी, इसलिए नगर निगम के किसी भी कर्मचारी को महिला की गलती का अंदाजा नहीं हुआ। अधिकारियों के मुताबिक महिला के घर में जब कलश नहीं मिला, तो उसके परिवार के होश उड़ गए क्योंकि यह पुश्तैनी धरोहर के रूप में सहेजकर रखा गया था और इसे पूजा-पाठ में इस्तेमाल किया जाता था। घबराए परिवार ने नगर निगम अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन तब तक कलश लंबी यात्रा तय कर चुका था।अधिकारियों ने बताया कि चांदी के कलश को दूसरे कचरे के साथ पहले एक अपशिष्ट स्थानांतरण स्टेशन ले जाया गया और वहां से इसे शहर के ट्रेंचिंग ग्राउंड के केंद्रीकृत कचरा प्रसंस्करण केंद्र पहुंचा दिया गया। मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (सीएसआई) विजय यादव ने सोमवार को बताया, "शुरुआत में हमें लगा कि इस कलश को ढूंढना लगभग नामुमकिन है क्योंकि प्रसंस्करण केंद्र में हर रोज पूरे शहर का सैकड़ों टन कचरा पहुंचता है। यह सचमुच घास में सुई खोजने जैसा काम था।" यादव ने बताया कि प्रसंस्करण केंद्र में कचरे की छंटाई करने वाले कर्मचारियों को चांदी के कलश के बारे में सूचना दी गई। इस केंद्र में प्लास्टिक, धातु, तार, थर्माकोल, जूते-चप्पल और अन्य वस्तुएं अलग-अलग की जाती हैं और बाद में उनका प्रसंस्करण किया जाता है। उन्होंने बताया, ''प्रसंस्करण केंद्र के कर्मचारियों ने कलश को धातु के कबाड़ के कई टन वजनी ढेर में रख दिया था क्योंकि किसी भी व्यक्ति को अंदाजा नहीं था कि यह चांदी का है।'' सीएसआई ने बताया कि महिला के परिवार ने नगर निगम अधिकारियों को कलश की तस्वीर उपलब्ध कराई जिसके बाद कर्मचारियों ने इसकी खोजबीन शुरू की। उन्होंने बताया, ''हमें दो दिन की खोजबीन के बाद ऐसा कलश मिला जिसकी बनावट इस तस्वीर से मेल खा रही थी। कलश पर संबंधित परिवार का नाम भी उकेरा हुआ था। परिवार को जब कलश मिलने की सूचना दी गई, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।'' यादव ने हालांकि कहा कि अगर नगर निगम को कलश गुम होने की सूचना देर से मिलती, तो इस बर्तन का बचना मुश्किल था।उन्होंने बताया कि प्रसंस्करण केंद्र में छंटाई के बाद धातु के कबाड़ को मशीनों से दबा दिया जाता है जिसके बाद किसी एक बर्तन की पहचान करना असंभव हो जाता। चांदी के कलश को कचरा जमा करने वाली गाड़ी में गलती से डालने वाली बुजुर्ग महिला फिलहाल अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर शहर से बाहर हैं और उनका कलश अमानत के तौर पर क्षेत्रीय पार्षद प्रशांत बड़वे के पास रखा है। महिला ने अपना नाम जाहिर न किए जाने की शर्त पर कहा, "हमारे पुश्तैनी कलश का मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसे खोजने के लिए नगर निगम कर्मचारियों की जितनी तारीफ की जाए, कम है।" पार्षद बड़वे ने बताया कि चांदी के कलश का वजन करीब दो किलोग्राम है और वर्तमान दरों के मुताबिक इसकी कीमत चार से पांच लाख रुपये के बीच आंकी जा रही है। चांदी का कलश खोज निकालने वाले नगर निगम कर्मचारियों की ईमानदारी और मेहनत की सराहना करते हुए क्षेत्रीय नागरिकों ने उनका सम्मान किया।
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नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को 271वें सत्र के उद्घाटन पर सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए रचनात्मक और उद्देश्यपूर्ण चर्चा की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बहस और निर्णय के लिए उपलब्ध समय का सदुपयोग करना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है। साथ ही सदन की गरिमा, अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की भी अपील की।
सभापति ने अपने उद्घाटन संबोधन में सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्यसभा में सार्थक विचार-विमर्श की गौरवशाली परंपरा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 271वां सत्र भी इस परंपरा को आगे बढ़ाएगा। सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि इस सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बहस और निर्णय के लिए उपलब्ध समय का प्रभावी उपयोग करें और कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग दें।सभापति ने बताया कि इस सत्र से सचिवालय ने सदस्यों की सीटों पर उपलब्ध मल्टीमीडिया उपकरणों के जरिए नौ भाषाओं में लाइव एआई-आधारित समवर्ती अनुवाद की सुविधा शुरू की है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का दायरा चरणबद्ध तरीके से सभी 22 अनुसूचित भाषाओं तक बढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने सदस्यों से इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा कि इस सत्र की कार्यसूची में कई महत्वपूर्ण विधायी और विचार-विमर्श संबंधी विषय शामिल हैं। ऐसे में सभी सदस्यों को कार्यसूची के समयबद्ध निपटान पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि हर व्यवधान से राष्ट्र और जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा में देरी होती है।सभापति ने कहा कि मतभेद संसदीय लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें सदन की गरिमा और मर्यादा के अनुरूप व्यक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन की कार्यवाही में व्यवधान की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और सभी सदस्यों को इस प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा बनाए रखने में योगदान देना चाहिए।अपने संबोधन के अंत में सीपी राधाकृष्णन ने सभी सदस्यों को सफल, रचनात्मक और उद्देश्यपूर्ण सत्र की शुभकामनाएं दीं। -
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि पूरा सत्र सार्थक और उत्पादक रहेगा। उन्होंने कहा कि जैसे सक्रिय मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, वैसे ही उत्पादक मानसून सत्र भी राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से संसद के सुचारू संचालन और रचनात्मक चर्चा में सहयोग की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे मानसून हो या मानसून सत्र, जब दोनों सक्रिय होते हैं तो उनका लाभ पूरे देश को मिलता है। उन्होंने कहा कि सभी की प्रार्थना होनी चाहिए कि मानसून भी सक्रिय रहे और संसद का मानसून सत्र भी उत्पादक साबित हो, ताकि देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक निर्णय लिए जा सकें। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष क्षेत्र में कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन्होंने प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित किया है। उन्होंने भारतीय युवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार के बल पर देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिक की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंच और निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट की हालिया उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के नवप्रवर्तकों ने यह साबित किया है कि भारत के युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह असीमित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार के सुधारों और नीतिगत बदलावों का ही परिणाम है कि देश के युवा बड़े जोखिम उठाकर नई सफलताएं हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुकूल वातावरण मिलने से नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिली है, जिसका लाभ देश को मिल रहा है।
पीएम मोदी ने राजस्थान में नई तेल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र और दुनिया की सबसे लंबी एवं सबसे शक्तिशाली हरित हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देश के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों की आपूर्ति पर दबाव के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जो देश की क्षमता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से संसद के सुचारू संचालन में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की अपेक्षा है कि संसद में सार्थक चर्चा हो और राष्ट्रहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां ठोस तथ्य और तर्क होते हैं, वहां व्यवधानों की कोई जगह नहीं होती और शांतिपूर्ण वातावरण में भी प्रभावी तरीके से अपनी बात रखी जा सकती है। -
नई दिल्ली । ब्रिटिश नौसैनिक एजेंसी ‘यूके यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ (यूकेएमटीओ) ने होर्मुज से गुजर रहे जहाज पर हमले की जानकारी दी है। एजेंसी के मुताबिक, जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था। आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एजेंसी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक जहाज में आग लग गई। हालांकि, जहाज पर सवार सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। ब्रिटिश नौसैनिक एजेंसी ने बताया, “चालक दल ने सुरक्षित रूप से जहाज छोड़ दिया और उन्हें एक टग बोट (खींचने वाले जहाज) ने सुरक्षित बचा लिया। यह हमला ओमान के कुमजार से 8 समुद्री मील (लगभग 15 किलोमीटर) उत्तर-पश्चिम में हुआ।” संस्था ने अपने बयान में कहा, “आग अभी तक बुझाई नहीं जा सकी है और जहाज फिलहाल समुद्र में बह रहा है।” यूकेएमटीओ ने सभी जहाजों को सतर्कता के साथ यात्रा करने की सलाह दी है और कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी जांच अधिकारियों को दी जाए।
होर्मुज में हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आरोप लगाया कि ईरान होर्मुज का इस्तेमाल जंग में दबाव बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने दुनिया के अन्य देशों से इस रूट की सुरक्षा में अधिक योगदान देने की अपील की। फिलीपींस रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में रूबियो ने कहा, “अमेरिका होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा। हालांकि, यह जिम्मेदारी केवल अमेरिका की नहीं होनी चाहिए।”इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि जॉर्डन में उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सफल हमला किया। इसकी जानकारी कथित तौर पर उसे कुछ स्थानीय सूत्रों ने दी है। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर अमेरिकी सेना के 20 हैंगर नष्ट कर दिए गए और इस हमले में अच्छी खासी तादाद में अमेरिकी सैनिक मारे गए। आईआरजीसी के अनुसार, उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों ने अकाबा एयरपोर्ट पर खड़े अमेरिकी सी-17 ट्रांसपोर्ट विमान और पी-8 निगरानी विमान को भी निशाना बनाया, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। -
नई दिल्ली। भारत ने डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी दे दी है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की इस वैक्सीन को बाजार में उतारने की अनुमति दी है।यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए स्वीकृत की गई है। इसकी खास बात यह है कि इसे लगवाने से पहले यह जांच कराने की जरूरत नहीं होगी कि व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ है या नहीं। यानी पहले डेंगू हो चुका हो या नहीं, दोनों ही स्थिति में पात्र लोग यह वैक्सीन लगवा सकते हैं।
कंपनी के अनुसार, QDENGA को वर्ष 2022 से अब तक 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में इसकी 3.2 करोड़ (32 मिलियन) से अधिक खुराकें वितरित की जा चुकी हैं।टाकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स प्रमुख महेंद्र नायक ने कहा कि भारत में इस वैक्सीन को मिली मंजूरी देश में डेंगू की रोकथाम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत उन देशों में शामिल है जहां डेंगू का बोझ सबसे अधिक है और यहां वायरस के सभी चार प्रकार (Serotypes) पाए जाते हैं।कंपनी ने बताया कि वैक्सीन को मंजूरी 19 वैश्विक क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों के आधार पर दी गई है। इन परीक्षणों के फेज-1, फेज-2 और फेज-3 में 28,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा भारत में हुए फेज-3 DEN-302 क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों को भी मंजूरी प्रक्रिया में शामिल किया गया।टाकेडा के मुताबिक, सात वर्षों के फॉलो-अप अध्ययन में पाया गया कि यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रकारों से होने वाले संक्रमण और डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करती है।यह वैक्सीन 0.5 मिलीलीटर की दो खुराकों में दी जाएगी। दोनों डोज तीन महीने के अंतराल पर लगाई जाएंगी।टाकेडा के दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत क्लस्टर के मेडिकल अफेयर्स प्रमुख गोह चू बेंग ने कहा कि यह वैक्सीन डेंगू के सभी चार प्रकारों से सुरक्षा देने के लिए विकसित की गई है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के साथ-साथ मच्छर नियंत्रण, निगरानी, जनजागरूकता और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय भी डेंगू की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।



























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