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- -केंद्रीय मंत्री ने योजना की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नवाचारों और सुधारों को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया-कुल 187.5 करोड़ मानव दिवस सृजित हुए हैं, जिससे 4.6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला है-वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा लगभग 97% फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) समय पर तैयार किए जा रहे हैं-योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को 74,770.02 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है-पिछले पांच वर्षों से इस योजना में महिलाओं की भागीदारी लगातार 50% से अधिक रही है-99% वेतन भुगतान, आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से वितरित किया जाता है-योजना के तहत बनाई गई सभी संपत्तियों को जियोटैग किया गया है, अब तक 6.18 करोड़ से अधिक संपत्तियों को जियोटैग किया जा चुका है-अक्टूबर 2024 के महीने में एनएमएमएस ऐप के प्रयोग के ज़रिए करीब 96% उपस्थिति दर्ज की गई है-कुल 740 जिलों में से 593 (80%) जिलों में लोकपाल तैनात किए गए हैंनई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के प्रदर्शन और कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में ग्रामीण विकास सचिव और मंडल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।केंद्रीय मंत्री ने योजना की उपलब्धियों की सराहना करते हुए, योजना की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए नवाचारों और सुधारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने आगे निर्देश दिया, कि एमजीएनआरईजीएस के तहत पारदर्शिता और जवाबदेही तंत्र को मजबूत किया जाएगा। सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने, लाभार्थियों के पास जॉब कार्ड सुनिश्चित करने और कार्यस्थलों पर मशीनरी के उपयोग पर रोक लगाने के लिए उपाय किए जाएंगे।एमजीएनआरईजीएस के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। कुल 187.5 करोड़ मानव दिवस सृजित हुए हैं, जिससे 4.6 करोड़ ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला है। 56 लाख से अधिक संपत्तियां बनाई गई हैं, जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में योजना की भूमिका को दर्शाती है। कुल व्यय का करीब 44% और 55% कृषि और संबद्ध गतिविधियों और व्यक्तिगत लाभार्थी कार्यों पर खर्च किया गया है, जो क्रमशः ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पर ध्यान केंद्रित करने और कमजोर परिवारों के लिए आजीविका के अवसरों में वृद्धि का संकेत देता है। वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा करीब 97% फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) समय पर तैयार किए जा रहे हैं। योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को 74,770.02 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। चालू वित्त वर्ष में जिन राज्यों को केंद्र से सबसे ज्यादा फंड जारी किया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा शामिल हैं। खासकर, इस योजना में महिलाओं की भागीदारी पिछले पांच वर्षों से लगातार 50% से अधिक रही है, जो योजना के तहत महिला सशक्तिकरण की समावेशिता और वृद्धि को उजागर करती है।प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) और कृषि-संबंधित गतिविधियों में लक्षित हस्तक्षेपों से जल-तनाव वाले ब्लॉकों में पर्याप्त कमी आई है। वित्त वर्ष 2017-18 से वित्त वर्ष 2023-24 तक, ऐसे ब्लॉकों की संख्या 2,264 से घटकर 1,456 हो गई है तथा 18 राज्यों के 199 जिलों में 1,519 ब्लॉकों को जल-तनावग्रस्त सूची से हटा दिया गया है। यह जल की कमी से, जल सुरक्षा की ओर परिवर्तन में एमजीएनआरईजीएस की सफलता को दर्शाता है।इस योजना में कई आईटी पहल शुरू की गई हैं। 99% वेतन भुगतान, आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से वितरित किया जाता है। योजना के तहत बनाई गई सभी संपत्तियां जियोटैग की गई हैं। अब तक 6.18 करोड़ से अधिक संपत्तियों को जियोटैग किया जा चुका है। राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप का उपयोग दिन में दो बार जियो-टैग की गई तस्वीरों के साथ महात्मा गांधी नरेगा कार्यस्थलों (व्यक्तिगत लाभार्थी कार्यों को छोड़कर) में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए किया जा रहा है। अक्टूबर 2024 के महीने में एनएमएमएस ऐप के माध्यम से करीब 96% उपस्थिति दर्ज की गई है। ग्राम पंचायत (जीपी) स्तर पर महात्मा गांधी एनआरईजीएस गतिविधियों की समग्र और वैज्ञानिक योजना के लिए एनआरएससी-इसरो द्वारा विकसित जीआईएस-आधारित योजना पोर्टल, युक्तधारा पर क्षेत्रीय प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं।अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में सामाजिक लेखापरीक्षा का संचालन किया जाना चाहिए। मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में स्वतंत्र सामाजिक लेखा परीक्षा निदेशकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। जिन 11 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में स्वतंत्र निदेशक नहीं हैं, उन्हें जल्द से जल्द उनकी नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। ये राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हैं, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर, मिजोरम, उत्तराखंड और तेलंगाना।कुल 740 जिलों में से 593 (80%) जिलों में लोकपाल तैनात किए गए हैं। शेष 147 जिलों में लोकपाल की तैनाती समयबद्ध तरीके से की जानी चाहिए। योजना के तहत मौजूदा निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाना चाहिए। आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप एरिया ऑफिसर एप के ज़रिए निगरानी सुनिश्चित की जाये, और अनुपालन न करने की स्थिति में सख्त कार्यवाही के साथ नोटिस भी जारी किए जा सकते हैं। केन्द्र के अधिकारियों द्वारा नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण क्षेत्र भ्रमण भी सुनिश्चित किया जायेगा। मिशन अमृत सरोवर के तहत 68,000 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए हैं। अमृत सरोवरों के रूप में जल निकायों के निर्माण और कायाकल्प के लिए शुरू किया गया ये मिशन जारी रखा जाएगा।
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नई दिल्ली। तमिलनाडु के महाबलीपुरम में समुद्र ने खतरनाक रूप ले लिया है। चक्रवात फेंगल के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटीय इलाकों में हाई टाइड का नजारा देखने को मिल रहा है.। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह चक्रवात कल दोपहर तक महाबलीपुरम और उसके आसपास के क्षेत्रों में दस्तक दे सकता है।
दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव शुक्रवार दोपहर को चक्रवाती तूफान में बदल गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। IMD ने बताया, 'दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब आज, 29 नवंबर को भारतीय समयानुसार 14:30 बजे उसी क्षेत्र में चक्रवाती तूफान फेंगल में तब्दील हो गया। ' 'फेंगल' (Fengal) नाम के चक्रवाती तूफान के 30 नवंबर की दोपहर को तमिलनाडु- पुडुचेरी तट के निकट पहुंचने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 90 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। इस बीच समुद्र में हलचल बढ़ गई है।तमिलनाडु के महाबलीपुरम में समुद्र ने खतरनाक रूप ले लिया है।. चक्रवात फेंगल के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटीय इलाकों में हाई टाइड का नजारा देखने को मिल रहा है। IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह चक्रवात कल दोपहर तक महाबलीपुरम और उसके आसपास के क्षेत्रों में दस्तक दे सकता है।.महाबलीपुरम के तटों से ली गई ड्रोन तस्वीरों ने समुद्र के विकराल रूप को दिखाया है.। समुद्र की लहरें सामान्य से काफी ऊंची उठ रही हैं.। ऊंची लहरों और हाई टाइड के चलते लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।।चक्रवात के कारण समुद्र में उथल-पुथल मची हुई है। मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए हैं.भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि चक्रवात फेंगल (Cyclone Fengal) शनिवार दोपहर तक कराईकल और महाबलीपुरम के बीच पुडुचेरी के पास तट से टकरा सकता है। इसकी गति 70-80 किमी प्रति घंटा हो सकती है, जबकि तेज हवाएं 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं. इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और शनिवार दोपहर तक कराईकल और महाबलीपुरम के बीच लैंडफॉल करने की संभावना है।यह चक्रवात फेंगल उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और धीरे-धीरे चक्रवाती तूफान में बदल रहा है। हालांकि, तट से टकराने के दौरान यह कमजोर होकर गहरे दबाव वाले क्षेत्र में परिवर्तित हो सकता है।.शनिवार को उत्तरी तमिलनाडु और रायलसीमा, दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है.। रविवार को आंतरिक तमिलनाडु में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। सप्ताहांत में तमिलनाडु और लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। -
नयी दिल्ली. पैन 2.0 परियोजना के तहत क्यूआर कोड आधारित उन्नत प्रणाली लागू होने से नकली कार्ड की पहचान आसान हो जाएगी और करदाता एक से अधिक पैन कार्ड नहीं रख पाएंगे। हालांकि, नई व्यवस्था शुरू होने पर भी मौजूदा पैन कार्ड वैध बने रहेंगे और करदाताओं को नए कार्ड के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ कार्ड से संबंधित जानकारियों में कोई बदलाव होने पर ही पैन 2.0 कार्ड के लिए आवेदन करना होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को पैन 2.0 परियोजना से संबंधित इन बिंदुओं को स्पष्ट किया। उसने ‘बार-बार पूछे जाने वाले सवालों' (एफएक्यू) का ब्योरा देकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक दिन पहले ही क्यूआर कोड सुविधा से लैस नए तरह के पैन कार्ड जारी करने के लिए 1,435 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। अगले साल से लागू होने वाली यह परियोजना ‘स्थायी खाता संख्या' (पैन) जारी करने की मौजूदा प्रणाली को उन्नत बनाने के मकसद से लाई गई है। पैन 2.0 परियोजना का उद्देश्य सरकारी एजेंसियों की सभी डिजिटल प्रणालियों के लिए एक ‘समान व्यवसाय पहचानकर्ता' तैयार करना है। पैन आयकर विभाग की तरफ से जारी होने वाली 10 अंक की एक विशिष्ट संख्या है। इसमें अंकों के साथ अंग्रेजी अक्षरों को भी कूटबद्ध रूप से शामिल किया जाता है। यह संख्या भारतीय करदाताओं को विशिष्ट रूप से जारी की जाती है। सीबीडीटी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, इस परियोजना का उद्देश्य पैन एवं टैन जारी करने और उनके प्रबंधन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाना है। यह परियोजना कई डिजिटल मंचों के एकीकरण और पैन/टैन धारकों के लिए कुशल सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करती है। इस परियोजना में कर कटौती एवं संग्रह खाता संख्या (टैन) को भी समाहित किया जाएगा। इस समय करीब 78 करोड़ पैन और 73.28 लाख टैन खाता मौजूद हैं। आयकर विभाग की शीर्ष संस्था सीबीडीटी ने कहा कि पैन से संबंधित सेवाएं तीन अलग मंच- ई फाइलिंग पोर्टल, यूटीआईआईटीएसएल पोर्टल और प्रोटीन ई-गवर्नेंस पोर्टल पर मौजूद हैं। लेकिन पैन 2.0 के लागू होने पर ये सभी सेवाएं एक एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। एकीकृत मंच की मदद से पैन कार्ड संबंधी आवेदन, उसमें सुधार और आधार को पैन से जोड़ने के अनुरोध के अलावा कार्ड का ऑनलाइन सत्यापन भी किया जा सकेगा। सीबीडीटी ने कहा है कि मौजूदा पैन कार्डधारकों को नए कार्ड के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें उसी स्थिति में आवेदन करना होगा, जब उन्हें अपने ब्योरे को अद्यतन या संशोधित करना हो। नई व्यवस्था के तहत जारी होने वाले कार्ड क्यूआर कोड से लैस होंगे जिससे कार्ड पर दर्ज सूचनाओं का सत्यापन डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। इससे नकली आवेदनों पर लगाम लगाई जा सकेगी और कोई व्यक्ति एक से अधिक कार्ड नहीं रख पाएगा। हालांकि, सीबीडीटी ने यह स्पष्ट किया है कि पैन पर क्यूआर कोड की सुविधा कोई नई बात नहीं है और यह 2017-18 से ही पैन कार्ड पर मौजूद है। लेकिन पैन 2.0 परियोजना में क्यूआर कोड डाइनैमिक सुविधा से लैस होगा जिससे पैन डेटाबेस में मौजूद नवीनतम डेटा भी देखे जा सकेंगे। इनमें फोटो, हस्ताक्षर, नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि की जानकारी शामिल है। सीबीडीटी ने कहा, ‘‘बिना क्यूआर कोड वाले पुराने पैन कार्ड रखने वाले करदाताओं के पास क्यूआर कोड से युक्त नए कार्ड के लिए आवेदन करने का विकल्प होगा।'' इसके साथ ही एफएक्यू में स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था शुरू होने के बाद भी व्यक्तियों और व्यवसायों के पास मौजूद पैन वैध रहेगा और उन्हें उसे बदलने की कोई जरूरत नहीं होगी। हालांकि, भौतिक पैन कार्ड पाने के लिए आवेदक को 50 रुपये का निर्धारित शुल्क अदा करना होगा। वहीं देश के बाहर आपूर्ति के लिए अलग से डाक शुल्क भी देना होगा। पैन में दर्ज व्यक्तिगत आंकड़ों की सुरक्षा के लिए इन आंकड़ों का उपयोग करने वाली सभी संस्थाओं के लिए ‘पैन डेटा वॉल्ट सिस्टम' अनिवार्य होगा। साथ ही पैन 2.0 के तहत शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय राज्य सहकारी बैंकों के महासंघ को प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को अधिक व्यवहार्य, पारदर्शी और आधुनिक बनाने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। शाह ने राष्ट्रीय राज्य सहकारी बैंक महासंघ लिमिटेड (नेफ्सकॉब) के हीरक जयंती समारोह में कई स्थानों पर राज्य और जिला-स्तरीय सहकारी संस्थाओं में सहकारिता की भावना के कमजोर होने पर चिंता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह चिंता का विषय है। हमें सहकार की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।'' उन्होंने कहा कि सच्चे सहकार का मतलब सामूहिक समृद्धि और समान लाभ साझा करना है।शाह ने कहा, ‘‘नेफ्सकॉब का काम सिर्फ बैठकें आयोजित करना और आरबीआई तथा सरकार के साथ समस्याओं का समाधान करना नहीं है। इसका काम पैक्स को व्यवहार्य, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।'' सहकारी बैंकिंग सुधारों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने पैक्स को मजबूत करने की वकालत की, जिनकी कुल संख्या 1.05 लाख है। हालांकि, इनमें से केवल 65,000 ही सक्रिय हैं। उन्होंने नैफस्कॉब से तकनीकी उन्नयन करने, युवाओं को जोड़ने और कम लागत वाली जमाराशियों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में जिला सहकारी बैंकों की संख्या को मौजूदा 300 से 50 प्रतिशत तक बढ़ाना है। मंत्री ने नैफस्कॉब से पैक्स को नई प्रौद्योगिकियों के अनुकूल बनाने में मदद करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक और गुजरात राज्य सहकारी बैंक जैसे सफल मॉडल का अध्ययन करना चाहिए
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भुवनेश्वर. प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी शुक्रवार को भुवनेश्वर में बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट एक रोड शो करने बाद एक सभा को संबोधित भी कर सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सामल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 29 नवंबर को शाम करीब सवा चार बजे भुवनेश्वर पहुंचेंगे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद वह हवाई अड्डे के निकट एक सभा को संबोधित कर सकते हैं। सामल ने बताया कि प्रधानमंत्री हवाई अड्डा के पास से राजभवन चौराहे तक रोड शो करेंगे।
प्रधानमंत्री पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर ओडिशा आ रहे हैं। यह कार्यक्रम 29, 30 नवंबर और एक दिसंबर को भुवनेश्वर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल भी शामिल होंगे। सामल ने बताया कि शहर में अपने प्रवास के दौरान मोदी भुवनेश्वर में स्थित पार्टी कार्यालय में पार्टी सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों की बैठक में भाग लेंगे। - बरेली, बरेली जिले के फरीदपुर कस्बे में महज 20 दिन की एक बच्ची को उसकी मां कथित रूप से घास में लिटाकर चली गयी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। फरीदपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष शिवम ने बताया कि सोमवार सुबह फरीदपुर बस्ती के लोगों ने लाइन पार मठिया नई बस्ती में ताज पेट्रोल पंप के पास मैदान में बच्ची को देखा तो पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने परिजनों की तलाश कर बच्ची को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया लेकिन ठंड में कई घंटे जमीन में पड़े रहने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। सीओ ने बताया कि पिता ने उसे नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। उनके अनुसार बच्ची की मां का कोई पता नहीं चला है, परिजन उसे तलाश कर रहे हैं। बच्ची के पिता जानकी प्रसाद ने बताया कि उसकी पत्नी कृष्णा देवी ने पांच नवंबर को बच्ची को जन्म दिया था। जानकी प्रसाद का कहना है कि रविवार रात वह किसी वक्त बच्ची को लेकर घर से चली गई और अब उसका पता नहीं चल पा रहा है।
- नयी दिल्ली. केंद्र ने असम को भारत से अलग करने के उद्देश्य से काम करने तथा जबरन वसूली और हिंसा के लिए अन्य उग्रवादी समूहों के साथ संबंध बनाए रखने के कारण ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम' (उल्फा) पर सोमवार को प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ा दिया। उल्फा को पहली बार 1990 में प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया था और तब से प्रतिबंध को समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि उल्फा अपने सभी गुटों, शाखाओं और संगठनों के साथ ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा हैं। इसमें कहा गया है कि उल्फा ने असम को भारत से अलग करने के अपने उद्देश्य की घोषणा की है, अपने संगठन के लिए लगातार धन की उगाही कर रहा है तथा जबरन वसूली और हिंसा के लिए अन्य उग्रवादी समूहों के साथ संबंध बनाए हुए है। अधिसूचना के मुताबिक, उल्फा के पास अवैध हथियार और गोला-बारूद है तथा उसके खिलाफ 27 नवंबर, 2019 से 1 जुलाई, 2024 की अवधि के दौरान असम में विस्फोट या विस्फोटक लगाने के कई मामलों सहित 16 आपराधिक मामले हैं।
- नयी दिल्ली. सरकार ने सोमवार को 2,481 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ देश के एक करोड़ किसानों के बीच प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले का उद्देश्य टिकाऊ खेती के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया, ‘‘मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करने और रसायन मुक्त भोजन के साथ लोगों के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने की जरूरत है... प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन एक पथ-प्रदर्शक निर्णय है।'' उन्होंने कहा कि 2,481 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय वाले इस मिशन में देश भर के एक करोड़ किसान शामिल होंगे। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019-20 और वर्ष 2022-23 में सफल प्रयोगों के बाद प्राकृतिक खेती को मिशन मोड पर बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल, देश भर में लगभग 10 लाख हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती हो रही है।
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अंकारा. दक्षिणी तुर्किये के अंताल्या हवाई अड्डे पर उतरने के बाद एक रूसी विमान के इंजन में आग लग गई। विमान में 95 लोग सवार थे। तुर्किये के परिवहन मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रूसी विमानन कंपनी ‘अजीमुथ एयरलाइंस' द्वारा संचालित ‘सुखोई सुपरजेट 100' श्रेणी के विमान ने रविवार को रूस के सोची से उड़ान भरी थी और विमान में 89 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। बयान के अनुसार, स्थानीय समयानुसार रात नौ बजकर 34 मिनट पर विमान के अंताल्या हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पायलट ने इंजन में आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद हवाई अड्डे के बचाव एवं अग्निशमन दल ने तुरंत आग को बुझाने का काम किया। बयान में कहा गया कि घटना में किसी को हताहत नहीं हुआ है।
आग लगने का कारण तत्काल पता नहीं चल पाया है। विमानन समाचार वेबसाइट ‘एयरपोर्ट हैबर' द्वारा पोस्ट किए गए इस घटना के वीडियो में विमान के बाईं ओर से आग की लपटें निकलती दिख रही हैं, जबकि आपातकालीन दल के कर्मचारी आग को बुझा रहे हैं। वीडियों में यात्रियों को आपातकालीन द्वार से विमान से बाहर निकलते देखा जा सकता है जिनमें से कुछ अपने सामान के साथ विमान से बाहर निकलते नजर आ रहे हैं। परिवहन मंत्रालय ने कहा कि विमान को रनवे से हटाने के प्रयास जारी हैं। हवाई अड्डे पर विमानों के आगमन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्रस्थान सैना द्वारा संचालित रनवे से हो रहा है। -
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पूर्वी मेदिनीपुर जिले के एक गांव के रहने वाले 21 वर्षीय सरफराज 300 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर चिलचिलाती धूप में करीब 400 ईंटें ढोते थे। दिन में मजदूरी करने वाला यह प्रतिभाशाली युवक रात को मेडिकल की किताबों के पन्ने पलटता था। सरफराज की मां चाहती थीं कि उनका बेटा डॉक्टर बने और इस सपने को सच करने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया। अंततः सरफराज ने अपने सपने को हकीकत में बदल लिया है। उन्होंने कोलकाता के नील रतन सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपनी कक्षाएं शुरू कर दी हैं। सरफराज ने अब निर्माण स्थलों की जगह मेडिकल कक्षाओं को अपनी कर्मशाला बना लिया है, जहां वह गर्व से डॉक्टर वाला सफेद कोट और स्टेथोस्कोप पहनते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी मां का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं, इसलिए मैंने उनके सपने को जीने का फैसला किया। यह नीट में मेरा तीसरा प्रयास था। अगर मैं इस बार सफल नहीं होता, तो मुझे हार माननी पड़ती। मैं ऐसे परिवार से आता हूं, जहां यह एक सपने के सच होने जैसा है।'' नीट-2024 में सरफराज ने अपनी मां के सपने को हकीकत में बदल दिया है। सीमित साधनों वाले परिवार में जन्मे सरफराज का बचपन आर्थिक संघर्ष करते हुए गुजरा। सरफराज तीन भाई-बहन हैं। शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद सरफराज राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल होने की इच्छा रखते थे। हालांकि उन्होंने शुरुआती चरण पास कर लिया, लेकिन एक दुर्घटना ने अंतिम चरण के लिए अर्हता प्राप्त करने की उनकी उम्मीदों को धराशायी कर दिया। कोविड-19 महामारी उनके लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई क्योंकि सरकार से मिली आर्थिक सहायता के बाद सरफराज ने एक स्मार्टफोन खरीदा और भारत की प्रतिस्पर्धी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट' की तैयारी शुरू की। सरफराज ने कहा, ‘‘मैं अपने मजदूर पिता के साथ सुबह से दोपहर तक मजदूर के रूप में काम करता था। फिर मैं घर वापस जाता और लगातार सात घंटे पढ़ाई करता। पिछले तीन सालों से यही मेरी दिनचर्या थी।'' सरफराज का लक्ष्य सिर्फ डॉक्टर बनने तक ही सीमित नहीं है। वह अपने गांव लौटकर गरीबों की सेवा करने का सपना देखते हैं। सरफराज ने कहा, ‘‘जब मैं डॉक्टर बन जाऊंगा, तो मैं वापस आकर गरीबों के बीच काम करना चाहता हूं। उन्होंने मेरी यात्रा में मेरा साथ दिया है। अब, अपने गांव को कुछ वापस देने की बारी मेरी है।
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नयी दिल्ली. ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू, रवि दहिया और योगेश्वर दत्त के साथ 10,000 से अधिक ‘माई भारत' युवा स्वयंसेवकों ने सोमवार को यहां 75वें संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान पदयात्रा' में भाग लिया। खेल मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में लगभग छह किलोमीटर लंबी पदयात्रा का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ और युवाओं को भारत की लोकतांत्रिक विरासत को लेकर जागरूक करने का था। पदयात्रा का आगाज मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से हुआ। यह कर्तव्य पथ से होते हुए इंडिया गेट के पास समाप्त हुई । इस दौरान युवाओं को संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूल सिद्धांतों से रूबरू कराया गया।। इसमें पद यात्रा में किरेन रीजीजू, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। मांडविया ने इस मौके पर ‘माई भारत' के 10,000 से अधिक युवा स्वयंसेवकों की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई की पदयात्रा के दौरान युवाओं ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी है और उसके प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नये भारत के युवा ‘विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस कार्यक्रम में ‘एक पेड़ मां के नाम' पहल भी शामिल थी जहां मांडविया और उनके सहयोगियों ने पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक पेड़ लगाया। पदयात्रा को प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के साथ भी जोड़ा गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने मार्ग में स्वच्छता अभियान में भाग लिया। इस पहल से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 125 से अधिक कालेजों और एनवाईकेएस, एनएसएस, एनसीसी, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स सहित विभिन्न संगठनों के युवा भी बड़ी संख्या में जुड़े।
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नयी दिल्ली. राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को उच्च सदन के लिए उपाध्यक्ष पैनल का पुनर्गठन किया और इसमें महिलाओं को समान हिस्सेदारी दी गयी है। पुनर्गठित पैनल में आठ सदस्य हैं जिनमें चार महिलाएं हैं। इसमें अधिकतर सदस्य सत्ताधारी दल से हैं। सदन की कार्यवाही के दौरान धनखड़ ने कहा कि उन्होंने उपाध्यक्षों के पैनल का पुनर्गठन किया गया है।
राज्यसभा सदस्यों में से नए उपाध्यक्षों में एस फांगनोन कोन्याक, पीटी उषा, किरण चौधरी, ममता मोहंता, घनश्याम तिवाड़ी, सस्मित पात्रा, अजय माकन और भुनेश्वर कालिता शामिल हैं। सभापति और उपसभापति के उपस्थित नहीं होने पर उच्च सदन की कार्यवाही का संचालन उपाध्यक्ष पैनल के सदस्य करते हैं। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले, सोमवार को सभी राजनीतिक दलों से स्वस्थ चर्चा का आह्वान किया और साथ ही यह कहते हुए विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा कि अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मुट्ठी भर लोग ‘हुड़दंगबाजी' से संसद को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। सत्र की बैठक आरंभ होने के पहले संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संसद का यह सत्र अनेक प्रकार से विशेष है और सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे संविधान की यात्रा का 75वें साल में प्रवेश अपने आप में लोकतंत्र के लिए एक बहुत ही उज्जवल अवसर है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे संविधान की महत्वपूर्ण इकाई हैं - संसद और हमारे सांसद। संसद में स्वस्थ चर्चा हो, ज्यादा से ज्यादा लोग चर्चा में अपना योगदान दें।'' मोदी ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए... मुट्ठी भर लोग... हुड़दंगबाजी से संसद को नियंत्रित करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनका अपना मकसद तो सफल नहीं होता, लेकिन देश की जनता उनके सारे व्यवहार देखती है और जब समय आता है तो उन्हें सजा भी देती है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वह बार-बार विपक्ष के साथियों से आग्रह करते रहे हैं और कुछ विपक्षी साथी भी चाहते हैं कि सदन में सुचारू रूप से काम हो। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जिनको जनता ने लगातार नकारा है, वे अपने साथियों की बात को भी नकार देते हैं और उनकी एवं लोकतंत्र की भावनाओं का अनादर करते हैं।'' मोदी ने कहा कि आज विश्व भारत की तरफ बहुत आशा भरी नजर से देख रहा है, इसलिए संसद के समय का उपयोग वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़े हुए सम्मान को बल प्रदान करने में भी किया जाना चाहिए। संसद का यह शीतकालीन सत्र 26 दिनों तक प्रस्तावित है और इस दौरान 19 बैठकें होंगी। हालांकि, संविधान दिवस समारोह के मद्देनजर 26 नवंबर को संसद की बैठक नहीं होगी। संविधान दिवस पर मुख्य कार्यक्रम संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित किया गया है। संसद के दोनों सदनों के सदस्य इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। संसद के इसी केंद्रीय कक्ष में 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकार किया गया था।
- रांची. । झारखंड में नवनिर्वाचित विधायकों में 89 प्रतिशत करोड़पति हैं और कांग्रेस के रामेश्वर उरांव सबसे अमीर विधायक हैं, जिनकी कुल संपत्ति 42.20 करोड़ रुपये है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट से मिली। ‘द झारखंड इलेक्शन वॉच' और ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स' (एडीआर) ने 81 विजयी उम्मीदवारों में से 80 के हलफनामों का विश्लेषण किया और पाया कि 2024 में 71 नवनिर्वाचित विधायक 'करोड़पति' हैं, जो 2019 में निर्वाचित ऐसे विधायकों की संख्या से 20 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल पहले निर्वाचित हुए 81 विधायकों में से 56 करोड़पति थे और 2014 में इनकी संख्या 41 थी। इस साल 71 करोड़पति विधायकों में से 28 झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के, 20 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के, 14 कांग्रेस के, चार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के, दो भाकपा (माले) लिबरेशन के और एक-एक लोजपा (रामविलास), जद (यू) और आजसू पार्टी के हैं। झामुमो ने 34 विधानसभा सीट जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस ने 16, राजद ने चार और भाकपा (माले) लिबरेशन ने दो सीट जीतीं। दूसरी ओर, भाजपा ने 21 विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की और उसके सहयोगी लोजपा (रामविलास), जद (यू) और आजसू पार्टी ने एक-एक सीट हासिल की। वर्ष 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रत्येक विजेता उम्मीदवार की औसत संपत्ति 6.90 करोड़ रुपये है और 2019 के चुनाव में यह 3.87 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि जीतने वाले उम्मीदवारों में कांग्रेस के लोहरदगा विधायक रामेश्वर उरांव 42.20 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ सबसे अमीर हैं। पांकी निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले भाजपा के कुशवाहा शशि भूषण मेहता 32.15 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ दूसरे सबसे अमीर विजयी उम्मीदवार हैं, जबकि गोड्डा सीट जीतने वाले राजद के संजय प्रसाद यादव 29.59 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ सूची में तीसरे स्थान पर हैं। डुमरी सीट से विजयी हुए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के जयराम कुमार महतो के पास सबसे कम करीब 2.55 लाख रुपये की संपत्ति है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 14 विजयी उम्मीदवारों ने एक करोड़ रुपये और उससे अधिक की देनदारियों की घोषणा की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 42 विधायक फिर से निर्वाचित हुए हैं और पिछले पांच वर्षों में उनकी औसत संपत्ति वृद्धि 2.71 करोड़ रुपये है। विजयी उम्मीदवारों में से 28 ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा 8 और 12 पास के बीच घोषित की है, जबकि 50 ने स्नातक और उससे अधिक की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है और एक विजेता डिप्लोमा धारक हैं। एक अन्य ने खुद को केवल साक्षर घोषित किया है। राज्य विधानसभा में विजयी महिला उम्मीदवारों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो गई है।
- लेह/जम्मू. उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचिंद्र कुमार ने सोमवार को लद्दाख के हनले गांव में सेना द्वारा स्थापित सामुदायिक रेडियो स्टेशन का उद्घाटन किया। उत्तरी कमान ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में उत्तरी कमान के सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एम.वी. सुचिंद्र कुमार तथा फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के साथ लद्दाख के हनले में सामुदायिक रेडियो स्टेशन का उद्घाटन करते हुये तस्वीर साझा की। हनले एक ऐतिहासिक गांव है जिनमें भोक, धाडो, पुंगुक, खुल्डो, नगा और एक तिब्बती शरणार्थी बस्ती शामिल है। पोस्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दूरदराज के क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो स्टेशन संचालित करती है। इन स्टेशनों का प्रबंधन स्थानीय आरजे द्वारा किया जाता है, जो निवासियों को उनके स्थानीय हितों के आधार पर मनोरंजन और क्षेत्रीय सामग्री प्रदान करते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सबसे दूर और सबसे ठंडे क्षेत्र में, स्थानीय लोग ध्रुव कमान द्वारा स्थापित सामुदायिक रेडियो स्टेशन को सुनेंगे।'' सेना ने पहले ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में कई सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित किए हैं। इनमें लद्दाख में द्रास, कारू, लेह, बारामूला और जम्मू-कश्मीर में पीर पंजाल क्षेत्र शामिल हैं।
- -केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 13 राज्यों में 227 नये जेंडर रिसॉर्स सेंटरों का शुभारंभ किया-केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्रियों के साथ नई चेतना- 3 ज्वाइंट एडवाइज़री का भी विमोचन किया-महिला को पूरी तरह से सशक्त करना है तो महिला का सशक्तिकरण, सामाजिक सशक्तिरण राजनीतिक सशक्तिकरण और शैक्षिक सशक्तिरण करना ही होगा- श्री शिवराज सिंह चौहान-इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए हम इसकी एक बार समीक्षा करेंगे कि हर गांव व शहर में किस तरह से इसे पहुंचायें - श्री चौहान-नई चेतना अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर की पहल के माध्यम से लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और लक्षित कार्रवाई को बढ़ावा देना है - श्री चौहान-हम सभी को मिल कर काम करना होगा क्योंकि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे - श्री चौहाननई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ एक महीने तक चलने वाले राष्ट्रीय अभियान, ‘नई चेतना-पहल बदलाव की’ के तीसरे संस्करण का शुभारंभ किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी व सचिव शैलेष कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) द्वारा आयोजित यह अभियान 23 दिसंबर 2024 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलेगा। डीएवाई-एनआरएलएम के देशभर में फैले स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) नेटवर्क के नेतृत्व में यह पहल जन आंदोलन की भावना का प्रतीक है। नई चेतना अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर की पहल के माध्यम से लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और लक्षित कार्रवाई को बढ़ावा देना है।केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्रियों के साथ नई चेतना- 3 ज्वाइंट एडवाइज़री का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में 13 राज्यों में 227 नये जेंडर रिसॉर्स सेंटरों का शुभारंभ भी किया।श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते मैंने कई महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाओं को शुरू किया था। उन योजनाओं से बहनों की जिऩ्दगी में सबसे बडा़ बदलाव आया कि उनका घर में भी मान सम्मान बढ़ा। महिला को पूरी तरह से सशक्त करना है तो महिला का सशक्तिकरण, सामाजिक सशक्तिरण राजनीतिक सशक्तिकरण और शैक्षिक सशक्तिरण करना ही होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का काम एक अभियान के रूप में चल रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री मोदी का हदृय से अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि नई चेतना जैसे कार्यक्रमों को समाज में ले जाना होगा क्योंकि हिंसा तो आज भी होती है और ये केवल गांव में ही नहीं हैं निर्भया जैसी घटनायें शहर में होती हैं। आज भी कितनी बेटियों को निर्भया बनना पड़ता है। रूबिका पहाड़ी और अंकिता सेन जैसी बेटियां टुकड़े-टुकड़े कर फेंक दी जाती हैं। मुख्यमंत्री रहते देखा कि 90 प्रतिशत दुष्कर्म के मामले परिचितों द्वारा किये जाते हैं। समाज में व्यापक जनजागरण करना पड़ेगा। एक महीना नई चेतना नहीं बल्कि हर दिन चेतना होनी चाहिए। महिला स्वयं सहायता समूहों ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई क्रांति की है। महिलायें सही में एक साथ आई हैं एक ताकत बनी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हर गांव में इस अभियान को ले जाना पड़ेगा। इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए हम इसकी एक बार समीक्षा करेंगे कि हर गांव व शहर में किस तरह से इसे पहुंचायें। मुझे शहरों में इसकी आवश्यकता ज्यादा महसूस होती है।श्री चौहान ने कहा कि भारत में नारियों को सम्मान देने की परंपरा दम तोड़ती नज़र आ रही है। एक बार फिर नई चेतना की ज़रूरत है। अब नहीं सहेंगे आगे हमें बढ़ना पड़ेगा, अब कोई बहाना नहीं चलेगा जैसी चीजों को साथ जोड़ कर हम तेज़ी से आगे बढ़ेंगे और फिर से वे दिन लेकर आयेंगे जब किसी भी बहन और बेटी के साथ हिंसा न हो। दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनायें न हों। फांसी की सजा होते ही मानवाधिकार की बात होने लगती है। मानवाधिकार मनुष्यों के लिए होते हैं दरिंदों और राक्षसों के लिए नहीं। जो महिलायें आगे बढ़ रही हैं वो और महिला विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह और हम सभी को मिल कर काम करना होगा क्योंकि एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। नई चेतना और नये उत्साह के साथ हिंसा को समाप्त करने तक चलाते रहेंगे।श्री कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधी आबादी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय बहुत सारे कार्य कर रहा है। आवास योजना के अर्न्तगत 75 प्रतिशत आवास महिलाओं को देने का कार्य किया गया। महिलाओं की समानता को लेकर हिंदुस्तान में बहुत तेजी से बदलाव आ रहा है।डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि हमारे देश की प्रगति हर महिला की गरिमा, सुरक्षा और स्वतंत्रता पर निर्भर करती है, खासकर हमारे ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं की। लिंग आधारित हिंसा एक वैश्विक मुद्दा है जिसकी कोई सीमा नहीं है, यह शारीरिक और भावनात्मक शोषण से लेकर ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर बदमाशी तक कई रूप ले सकता है। डर, सामाजिक कलंक, जागरूकता की कमी और अपर्याप्त सहायता प्रणालियों के कारण लिंग आधारित हिंसा के कई मामले अनदेखे रह जाते हैं इसलिए महिलाओं को सशक्त बनाना सिर्फ़ एक नीति नहीं है, यह हमारा नैतिक कर्तव्य और सामाजिक आवश्यकता है।श्री शैलेष कुमार ने कहा कि यह आन्दोलन आप सभी के संकल्प और समर्पण के बिना संभव नहीं होगा। आपकी भागीदारी और समर्थन से ही एक सशक्त आन्दोलन बन सकता है। लिंग आधारित हिंसा और असमानताओं की वर्तमान स्थिति से अवगत हैं। वास्तव में महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और उनकी राजनीतिक भागीदारी में प्रगति हुई है अभी भी महिलायें भेदभाव, सामाजिक मान्यताओं, उच्च स्तर की हिंसा और असमान घरेलू काम के बोझ जैसी चुनौतिओं का सामना कर रही हैं। ग्रामीण भारत में 49 प्रतिशत महिलाओं का अपनी आय पर कोई नियन्त्रण नहीं जबकि 32 प्रतिशत की मान्यता है कि उनके अवसर लिंग असमानता के कारण सीमित हैं।यह अभियान "संपूर्ण सरकार" दृष्टिकोण की भावना में एक सहयोगात्मक प्रयास है और इसमें 9 मंत्रालय/विभाग भाग ले रहे हैं। जो इस प्रकार हैं- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, गृह मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और न्याय विभाग।नई चेतना 3.0 के उद्देश्यों में लिंग आधारित हिंसा के सभी रूपों के बारे में जागरूकता बढ़ाना, हिंसा के खिलाफ समुदायों को आवाज उठाने और कार्रवाई की मांग करने के लिए प्रोत्साहित करना, समय पर सहायता के लिए समर्थन प्रणालियों तक पहुँच प्रदान करना और स्थानीय संस्थाओं को निर्णायक रूप से कार्य करने के लिए सशक्त बनाना शामिल है। अभियान का नारा, “एक साथ, एक आवाज़, हिंसा के खिलाफ़,” अभिसरण प्रयासों के माध्यम से सामूहिक कार्रवाई के आह्वान को दर्शाता है।
- -राष्ट्रपति के नेतृत्व में संसद के केन्द्रीय कक्ष में इस कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन होगा-संविधान का संस्कृत और मैथिली भाषाओं में विमोचन किया जाएगा-26 नवंबर को पूरे देश में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया जाएगा-नागरिकों को परस्पर संवाद गतिविधियों के माध्यम से संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए एक समर्पित वेबसाइट, 'constitution75.com' बनाई गई हैनई दिल्ली। भारत सरकार ने देश के संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले ऐतिहासिक समारोह की शुरुआत की घोषणा की है। यह निर्णय हमारे लोकतंत्र की उल्लेखनीय यात्रा और हमारे संस्थापक सिद्धांतों तथा संवैधानिक मूल्यों की स्थायी विरासत को दर्शाता है, जो संविधान दिवस 26 नवंबर, 2024 से शुरू होगा। यह समारोह " हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान " अभियान के तहत आयोजित किए जा रहा हैं और इसका उद्देश्य संविधान में निहित मूल मूल्यों को दोहराते हुए संविधान के निर्माताओं के योगदान का सम्मान करना है।26 नवंबर, 1949 को भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया जो 26 जनवरी, 1950 से प्रभावी है। इस संविधान ने भारतीय इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की। यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन दुनिया के सबसे लंबे लिखित संविधान को अपनाया गया था, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की आधारशिला है। अपनी स्थापना के बाद से, संविधान पिछले 75 वर्षों से राष्ट्र की प्रगति को आकार देने वाले मार्गदर्शक ढांचे के रूप में कार्य कर रहा है।समारोह के मुख्य अंश:विशेष वेबसाइट ( constitution75.com ): संविधान की विरासत से नागरिकों को परस्पर संवाद गतिविधियों और संसाधनों के माध्यम से जोड़ने के लिए एक समर्पित वेबसाइट constitution75.com बनाई गई है। वेबसाइट पर निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं:प्रस्तावना पढ़ें और वीडियो रिकॉर्ड करें: नागरिक अपनी पसंद की भाषा में संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए वीडियो रिकॉर्ड करके अभियान में भाग ले सकते हैं। वीडियो को अभियान की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है और भागीदारी का प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।संविधान को विभिन्न भाषाओं में पढ़ें : संविधान का पूर्ण पाठ विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, यह सभी नागरिकों के लिए सुलभ हैं।इतिहास को जाने: संविधान निर्माण के बारे में जानें, संविधान सभा की चर्चाएं पढ़ें, संविधान निर्माण में शामिल विभिन्न समितियों की रिपोर्टें पढ़ें और आधुनिक भारत को आकार देने वाले मूल्यों और सिद्धांतों के बारे में जानकारी प्राप्त करें।संवादात्मक फीचर : "अपना संविधान जानें" एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सक्षम इंटरैक्टिव सुविधा है , जहां कोई भी संविधान के बारे में प्रश्न पूछ सकता है और भारत के संविधान से संबंधित विस्तृत उत्तर प्राप्त कर सकता है।26 नवंबर, 2024 को प्रस्तावना का सामूहिक वाचन26 नवंबर, 2024 को स्कूलों से लेकर दफ्तरों तक, शहरों से लेकर गांवों तक पूरे देश में लाखों लोग एक साथ संविधान की प्रस्तावना पढ़ेंगे।वेबसाइट ( constitution75.com ) पर अपनी सेल्फी और वीडियो अपलोड करके उन्हें गर्व के साथ सोशल मीडिया पर साझा करें।26 नवंबर, 2024 को संसद के केन्द्रीय कक्ष में उद्घाटन कार्यक्रम :राष्ट्रपति के नेतृत्व में, उपराष्ट्रपति , प्रधानमंत्री , लोकसभा अध्यक्ष और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में संसद के केन्द्रीय कक्ष में एक भव्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा ।कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:भारतीय संविधान की महिमा, इसके निर्माण और ऐतिहासिक यात्रा को समर्पित लघु फिल्म की प्रस्तुति।भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया जाएगा।“भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक” और “भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा” शीर्षक पुस्तकों का विमोचन।भारतीय संविधान की कला को समर्पित पुस्तिका का विमोचन।भारतीय संविधान का संस्कृत भाषा में विमोचन।भारतीय संविधान का मैथिली भाषा में विमोचन।राष्ट्रपति के नेतृत्व में प्रस्तावना का औपचारिक वाचन किया जाएगा।भारत सरकार ने नागरिकों से इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने, अपने संविधान पर सामूहिक गर्व दिखाने तथा हमारे राष्ट्र को परिभाषित करने वाले लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाने का आह्वान किया है।इस समारोह में ऐसे भाग लें!संविधान की प्रस्तावना पढ़ने, अपना वीडियो रिकॉर्ड करने तथा अपलोड करने और भागीदारी का प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए constitution75.com पर जाएं ।वेबसाइट की संवादात्मक फीचर का लाभ उठाएं, विभिन्न भाषाओं में संविधान का अन्वेषण करें, तथा उस विकास यात्रा के बारे में अधिक जानें जिसने भारत को उसका मार्गदर्शक ढांचा प्रदान किया है।26 नवंबर, 2024 को राष्ट्रव्यापी अभियान में शामिल हों, देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी और निजी कार्यालयों, पंचायतों और अन्य स्थानों पर संविधान की प्रस्तावना पढ़ने में हिस्सा लें। दूसरों को प्रेरित करने के लिए अपनी भागीदारी के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करें।
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नयी दिल्ली. केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे नेत्र बैंकों और ऊतक या कॉर्निया प्रत्यारोपण करने वाले अस्पतालों को निर्देश दें कि वे ऐसी प्रक्रियाओं को अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) द्वारा बनायी गयी राष्ट्रीय रजिस्ट्री के साथ दर्ज करें। अस्पतालों और नेत्र बैंकों को ऊतक व कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा कर रहे रोगियों की संख्या, दान और प्रत्यारोपण की संख्या, तथा संग्रहित और उपयोग किए गए ऊतक व कॉर्निया की संख्या के बारे में आंकड़े साझा करने होंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस तरह यकृत और गुर्दा जैसे अंगों के प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची को केंद्रीकृत मंच पर देखा जा सकता है, उसी तरह कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा कर रहे मरीजों की सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी। एनओटीटीओ के निदेशक डॉ. अनिल कुमार द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे गए पत्र में कहा गया है, ‘‘प्रत्येक राज्य के उपयुक्त प्राधिकारी को सभी पंजीकृत केंद्रों से ऊतक/कॉर्निया दान और प्रत्यारोपण के आंकड़े एकत्र करने चाहिए और उसे हर महीने एनओटीटीओ को उपलब्ध कराना चाहिए।'' इसमें कहा गया है कि 14 मई को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कॉर्निया दान, पुनः प्राप्ति और वितरण के लिए एक केंद्रीकृत रजिस्ट्री प्रणाली की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया था। मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (टीएचओटीए) के अनुसार, केंद्र सरकार को अंग एवं ऊतक दाताओं एवं प्राप्तकर्ताओं के लिए एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री के आंकड़े दर्ज रखना अनिवार्य है। पत्र में यह भी कहा गया कि कई गैर-निष्पादित नेत्र बैंक हैं, जिन्हें पंजीकरण प्रदान किया गया है। टीएचओटीए नियम, 2014 के अनुसार, प्रत्येक नेत्र बैंक द्वारा पांच वर्षों में न्यूनतम 500 कॉर्निया एकत्र किए जाने चाहिए। इसमें कहा गया, ‘‘राज्य के उपयुक्त प्राधिकारी से अनुरोध है कि वे पंजीकृत नेत्र बैंकों द्वारा प्रतिवर्ष नेत्र/कॉर्निया संग्रह के आंकड़ों की जांच करें तथा कम प्रदर्शन के मामले में, प्राधिकारी नेत्र बैंक को अपनी नेत्रदान गतिविधियों को बढ़ाने के लिए चेतावनी नोटिस जारी करने पर विचार कर सकते हैं, अन्यथा कम प्रदर्शन के मामले में अगले कार्यकाल के लिए संभवत: उनके नवीनीकरण पर विचार न किया जा सके।
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बालासोर. ओडिशा के बालासोर जिले के लक्ष्मणनाथ इलाके में एक ट्रक के डिवाइडर से टकराने से उसमें आग लग गई, जिससे उसका चालक जिंदा जल गया। पुलिस ने बताया कि जलेश्वर पुलिस थाने के कर्मी और अग्निशमन कर्मी मौके पर पहुंचे और एक घंटे के बाद आग पर काबू पाने में कामयाब रहे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसे में ट्रक चालक की जलकर मौत हो गई। उसकी शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग-60 पर लक्ष्मणनाथ टोल प्लाजा के पास सड़क के डिवाइडर से टकराने के बाद ट्रक में अचानक आग लग गई। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद राजमार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।
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बड़वानी (मध्यप्रदेश). मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में एक पति ने पत्नी से झगड़े के बाद अपनी तीन साल की बेटी और पांच साल के बेटे पर कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि बरला थाना क्षेत्र के चिचामाली फलिया गांव के अंतर्गत हुई इस घटना में आरोपी ने पत्नी को घायल कर दिया और खुद को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। बरला थाना प्रभारी सौरभ बाथम ने बताया कि आरोपी संजय सिंह पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव जिले के गनवरिया गांव का निवासी है। उन्होंने बताया कि सिंह की पत्नी भारती उससे झगड़ा होने के बाद एक सप्ताह पहले चिचामाली फलिया में अपने मायके आ गई थी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी शनिवार को उनके घर पहुंचा और फिर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। उसने अपनी पत्नी और दो बच्चों पर कुल्हाड़ी से हमले किये और खुद को भी घायल कर लिया। उन्होंने बताया कि इस हमले में दोनों बच्चों की मौत हो गई, जबकि आरोपी का सेंधवा सामुदायिक केंद्र में इलाज जारी है। वहीं, उसकी पत्नी की हालत गंभीर है और उसे इलाज के लिए महाराष्ट्र स्थानांतरित कर दिया गया है।
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भुवनेश्वर. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों से पुरी स्थित 12वीं सदी के मंदिर के संपूर्ण रत्न भंडार की मरम्मत, रखरखाव और संरक्षण कार्य तुरंत शुरू करने का अनुरोध किया है। एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद पधी ने शनिवार को कहा कि मंदिर प्रशासन रत्न भंडार की मरम्मत और रखरखाव में एएसआई को अपना पूरा सहयोग देगा। पधी ने कहा, ‘‘हमें एएसआई द्वारा किए गए रत्न भंडार के जीपीआर-जीपीएस सर्वेक्षण की रिपोर्ट मिल गई है।'' उन्होंने कहा कि एसजेटीए हमेशा से मंदिर की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहा है।
इससे पहले, एएसआई ने हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) की सहायता से 12वीं सदी के मंदिर के रत्न भंडार का जीपीआर-जीपीएस सर्वेक्षण किया था। पधी ने कहा कि एएसआई ने सर्वेक्षण पर 45 पन्नों की रिपोर्ट दी है।
उन्होंने कहा, रत्न भंडार के फर्श और दीवार को नुकसान पहुंचने का संकेत मिला है। हालांकि, तकनीकी रिपोर्ट का हमारी टीम द्वारा और अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।'' अधिकारियों ने कहा कि रत्न भंडार को मूल्यवान सामान की सूची तैयार करने और इसकी संरचना की मरम्मत के लिए 46 साल बाद इस साल जुलाई में फिर से खोला गया था। - नयी दिल्ली. भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा बैठक के लिए वार्ता का अगला दौर अगले साल फरवरी में होगा। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। इस महीने यहां चौथे दौर की वार्ता संपन्न हुई।वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि एआईटीआईजीए (आसियान भारत वस्तु व्यापार समझौता) की समीक्षा आसियान क्षेत्र के साथ व्यापार को स्थायी तरीके से बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगी। इसमें कहा गया, ''एआईटीआईजीए संयुक्त समिति की अगली बैठक फरवरी 2025 में जकार्ता, इंडोनेशिया में होनी है।'' एआईटीआईजीए संयुक्त समिति के तहत बाजार पहुंच, उत्पत्ति के नियम, मानक और तकनीकी विनियमन, सीमा शुल्क प्रक्रिया, आर्थिक और तकनीकी सहयोग, व्यापार उपाय तथा कानूनी और संस्थागत प्रावधानों से संबंधित पहलुओं पर बातचीत करने के लिए आठ उप समितियां हैं। एक समूह के रूप में आसियान भारत के प्रमुख व्यापार भागीदारों में से एक है, जिसकी भारत के वैश्विक व्यापार में लगभग 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
- नई दिल्ली.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि साहित्य मानवता को सशक्त और समाज को बेहतर बनाता है। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के क्षेत्रीय साहित्य में अखिल भारतीय चेतना हमेशा मौजूद रही है। मुर्मू ने कहा, ‘‘यह चेतना रामायण और महाभारत के समय से लेकर हमारे स्वतंत्रता संग्राम तक की हमारी पूरी यात्रा में दिखाई देती है और आज के साहित्य में भी देखी जा सकती है।'' राष्ट्रपति ने कहा कि यह देखा गया है कि जो लेखक लोगों के सुख-दुख से जुड़े रहते हैं, उनका काम पाठकों को पसंद आता है। उन्होंने कहा कि समाज उन लेखकों को नकार देता है जो समाज के अनुभवों को कच्चा माल मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लेखकों का काम छोटे साहित्यिक प्रतिष्ठान तक ही सीमित रहता है। साहित्यिक महोत्सव ‘साहित्य आजतक' में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘जहां बौद्धिक आडंबर और पूर्वाग्रह है, वहां साहित्य नहीं है। लोगों के दुख-दर्द को साझा करना साहित्य की पहली शर्त है। दूसरे शब्दों में साहित्य को मानवता के प्रवाह से जुड़ना चाहिए।'' राष्ट्रपति ने कहा कि साहित्य मानवता को सशक्त और समाज को बेहतर बनाता है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘साहित्य मानवता के शाश्वत मूल्यों को बदलती परिस्थितियों के अनुसार ढालता है। साहित्य समाज को नया जीवन देता है। महात्मा गांधी के विचारों को कई संतों और कवियों ने प्रभावित किया। साहित्य के ऐसे प्रभाव का सम्मान किया जाना चाहिए।'' मुर्मू ने सभी से मौलिक लेखन और अनुवाद के माध्यम से बाल साहित्य को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया क्योंकि इससे देश और समाज को समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी। राष्ट्रपति ने ‘आजतक साहित्य जागृति सम्मान' भी प्रदान किए। राष्ट्रपति ने ‘आजतक साहित्य जागृति उदीयमान लेखिका सम्मान' सिनीवाली शर्मा को, ‘आजतक साहित्य जागृति भारतीय भाषा प्रतिभा सम्मान 'भरत खेनी को ,‘आजतक साहित्य जागृति लोकप्रिय लेखक सम्मान' यतीन्द्र मिश्र को ,‘आजतक साहित्य जागृति भारतीय भाषा सम्मान' प्रदीप दास को ,‘आजतक साहित्य जागृति सर्वश्रेष्ठ रचना सम्मान' शिवमूर्ति को और ‘आजतक साहित्य जागृति सर्वश्रेष्ठ रचना सम्मान'ऊषा प्रियम्वदा को प्रदान किया। उन्होंने प्रसिद्ध कवि और गीतकार गुलजार को 'आजतक साहित्य जागृति लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड' मिलने पर विशेष रूप से बधाई दी और साहित्य और कला की दुनिया के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पुरस्कार विजेताओं का पुरस्कार-विजेता कार्य अतीत से लेकर वर्तमान तक भारत की विविधता को दर्शाता है।
- नयी दिल्ली. पूर्व नौकरशाह उपमन्यु चटर्जी को उनके लिखे उपन्यास 'लौरेंजो सर्चेज फार दी मीनिंग आफ लाइफ' के लिए शनिवार को 2024 का ‘जेसीबी प्राइज फॉर लिटरेचर' प्रदान किया गया। जेसीबी पुरस्कार के तहत विजेता लेखक को 25 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं। जेसीबी पुरस्कार की जूरी में लेखक जेरी पिंटो (अध्यक्ष), फिल्म निर्माता शौनक सेन, कला समीक्षक दीप्ति शशिधरन, अनुवादक त्रिदीप सुहृद और कलाकार एक्वी थामी शामिल थे। पटना में 1959 में पैदा हुए उपमन्यु चटर्जी ने अपने जीवन के 30 से अधिक साल भारतीय प्रशासनिक सेवा में गुजारे और 2016 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृति ली तथा अपना पूरा समय लेखन को दे दिया। चटर्जी के उपन्यास 'लौरेंजो सर्चेज फार दी मीनिंग आफ लाइफ' की कहानी 1977 में इटली के एक्विलीना में रहने वाले 19 साल के लौरेंजो सेनेसी पर केंद्रित है। एक दिन वैस्पा स्कूटर चलाते हुए उसकी टक्कर एक तेज गति से आती फिएट कार से हो जाती है और इस दुर्घटना में उसका हाथ टूट जाता है। हाथ टूटने के कारण लौरेंजो को कई महीने बिस्तर पर रहना पड़ता है और इसी दौरान उसका दिमाग कुछ असामान्य सवाल खड़े करना शुरू करता है: वह कहां से आया है? वह कहां जा रहा है? कैसे पता लगाए कि उसे कहां जाना है? ठीक होने पर लौरेंजो पादुआ के बाहरी इलाके में पहाड़ियों पर स्थित एक बेनेडिक्टिन मठ प्रागीला ऐबी में जाता है। वहां दस साल बिताने के बाद मठ से उसे बहुत दूर बांग्लादेश में खुलना के एक गांव में आश्रम में भेज दिया जाता है। यहां वह पाता है कि ईश्वर की सेवा में जीवन बिताना ही बहुत है लेकिन जल्द ही महसूस होता है कि इतना ही काफी नहीं है। उपमन्यु चटर्जी का नया उपन्यास भारत के सबसे बेहतरीन और सबसे निरंतर मौलिक लेखकों में से एक की साहित्यिक यात्रा में एक नए चरण को दर्शाता है जेसीबी पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए अंतिम सूची में जगह हासिल करने वाले पांच उपन्यासों में शाक्यजीत भट्टाचार्य की ' दी वन लैग्ड', सहारू नुसैबा कन्नानारी की 'क्रानिकल आफ एन आवर एंड ए हाफ', शरण कुमार लिम्बाले की 'सनातन', उपमन्यु चटर्जी की 'लौरेंजो सर्चेज फार दी मीनिंग आफ लाइफ' तथा संध्या मैरी की 'मारिया, जस्ट मारिया' शामिल थीं। जेसीबी प्राइज फॉर लिटरेचर की साहित्य निदेशक मीता कपूर ने कहा कि पुरस्कार दर्शाता है कि भारत में समकालीन कथा साहित्य किस तरह से एक अलग किस्म की रचनाधर्मिता और सम्मोहक आवाज़ें पेश करता है। हर किताब कहानी कहने की कला में अज्ञात क्षेत्रों में आगे बढ़ने का एक साहसिक कदम है। हर साल, साहित्य के लिए जेसीबी पुरस्कार किसी भारतीय लेखक की उत्कृष्ट कृति को प्रदान किया जाता है और पुरस्कार के तहत 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। यदि विजेता प्रविष्टि अनूदित है, तो अनुवादक को 10 लाख रुपये का अतिरिक्त नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, शॉर्टलिस्ट में जगह बनाने वाले पांच लेखकों में से प्रत्येक को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। यदि शार्ट लिस्ट में शामिल कृति अनुवाद है, तो अनुवादक को 50,000 रुपये मिलते हैं।पुरस्कार समारोह का आयोजन दिल्ली से सटे बल्लभगढ़ में जेसीबी मुख्यालय में किया गया।
- सुलतानपुर. उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को एक जेसीबी ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार मां-बेटे की घटनास्थल पर मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान ऊषा देवी (40) और सौरभ (17) के रूप में हुई, जो मोटरसाइकिल से सुलतानपुर दीवानी अदालत आए थे। पुलिस ने बताया कि मृतक अंबेडकरनगर जिले के महरुआ थाना के बलईपुर गांव के रहने वाले थे।पुलिस के मुताबिक, दीवानी अदालत से लौटते वक्त टांडा-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बौरा माधवपुर गांव के पास सामने से आ रही जेसीबी ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि जेसीबी की टक्कर लगने से महिला सड़क किनारे एक गड्ढे में जा गिरी और सौरभ जेसीबी के नीचे आ गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।जयसिंहपुर थाना प्रभारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और घटना की सूचना घर वालों को दे दी गई।


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